📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
2. सूक्ष्मजीव : मित्र एवं शत्रु
भाग 1: समाधान (अभ्यास एवं पाठगत प्रश्न)
पाठगत प्रश्न
प्रश्न 1. गर्म (गुनगुने) दूध में थोड़ा सा दही मिलाने पर दही कैसे जम जाता है?
उत्तर—जब गर्म (गुनगुने) दूध में थोड़ा सा दही मिलाया जाता है तो दही के सूक्ष्मजीव जिनमें लैक्टोबैसिलस नामक जीवाणु प्रमुख हैं, दूध में जनन कर उसे दही में परिवर्तित कर देते हैं।
प्रश्न 2. शिशु एवं बच्चों को टीका क्यों लगाया जाता है?
उत्तर—शिशु एवं बच्चों को रोगों से सुरक्षा के लिए टीके लगाए जाते हैं। टीके के माध्यम से रोगकारक सूक्ष्मजीव हमारे शरीर में प्रवेश करवाते हैं जिससे हमारा शरीर उनसे लड़ने के लिए प्रतिरक्षी उत्पन्न करता है। शरीर को यह भी स्मरण रहता है कि वह सूक्ष्मजीव अगर हमारे शरीर में पुनः प्रवेश करता है तो उससे किस प्रकार लड़ा जाए। यह प्रतिरक्षी हमारे शरीर में सदा के लिए बनी रहती है तथा रोगकारक सूक्ष्मजीव से हमारी सुरक्षा होती है। पोलियो, हैजा, क्षय, चेचक, हैपेटाइटिस जैसी अनेक बीमारियों को वैक्सीन (टीके) द्वारा रोका जा सकता है।
प्रश्न 3. आप संचरणीय रोगों का फैलना किस प्रकार रोकते हैं?
उत्तर—हम छींकते एवं खाँसते समय अपने नाक एवं मुँह पर रूमाल रखकर संचरणीय रोगों का फैलना रोकते हैं। संक्रमित व्यक्ति से पर्याप्त दूरी बनाये रखकर भी संचरणीय रोगों का फैलना रोका जा सकता है।
प्रश्न 4. भोजन विष कैसे बन सकता है?
उत्तर—भोजन में उत्पन्न होने वाले सूक्ष्मजीव कभी-कभी

चित्र: ड्रिप तंत्र (Drip Irrigation) का चित्र जिसमें एक कुएं से मोटर द्वारा पाइपों के माध्यम से पौधों की जड़ों तक पानी पहुँचाया जा रहा है
विषाक्त पदार्थ उत्पन्न करते हैं। यह भोजन को विषाक्त बना देते हैं। ऐसे भोजन के सेवन से व्यक्ति भयंकर रूप से रोगी हो सकता है तथा कभी-कभी उसकी मृत्यु भी हो सकती है।
प्रश्न 5. पाश्चुरीकरण (Pasteurisation) क्या है?
उत्तर- किसी द्रव पदार्थ, विशेषकर दूध, को एक निश्चित तापमान पर ( पर 15-30 सेकंड तक) उबालकर एकाएक ठण्डा करना ताकि उसमें सूक्ष्मजीवों की वृद्धि रुक जाये, पाश्चुरीकरण कहलाता है।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
उत्तर- (क) सूक्ष्मदर्शी, (ख) वायुमंडलीय नाइट्रोजन, (ग) यीस्ट, (घ) जीवाणु।
प्रश्न 2. सही शब्द के आगे का निशान लगाइए-
(i) सोडियम बाइकार्बोनेट, (ii) स्ट्रेप्टोमाइसिन, (iii) अल्कोहल, (iv) यीस्ट।
(i) चींटी, (ii) घरेलू मक्खी, (iii) ड्रेगन मक्खी, (iv) मकड़ी।
(i) नाइट्रोजन स्थिरीकरण, (ii) मोल्डिंग, (iii) किण्वन, (iv) संक्रमण।
उत्तर- (क) (ii) अल्कोहल।
(ब) अलेक्जेंडर फ्लेमिंग
(द) डार्विन
2. मादा एडीस मच्छर वाहक है—
3. खाद्य पदार्थों के परिरक्षण के लिए उपयोगी पदार्थ है—
4. निम्न में नाइट्रोजन का स्रोत नहीं है—
(ब) न्यूक्लिक अम्ल
(द) विटामिन
5. गेहूँ की रस्ट नामक रोग का कारक है—
(ब) विषाणु
(द) कवक
6. नींबू का कैंकर रोग किसके कारण होता है?
(ब) जीवाणु द्वारा
(द) प्रोटोजोआ द्वारा
7. पाश्चरीकरण के लिए दूध को सेकंड तक किस ताप पर गर्म किया जाता है?
(ब)
(द)
8. गाय में खुरपका और मुँहपका रोग होता है—
(ब) कवक द्वारा
(द) वायरस द्वारा
9. सबसे पहले कौन-सा प्रतिजैविक खोजा गया था?
(ब) स्ट्रेप्टोमाइसिन
(द) ऐम्पिसीलीन
10. किण्वन की खोज किसने की?
(ब) लुई पाश्चर
(द) रॉबर्ट हुक
11. पोलियो का रोगकारक है—
(ब) कवक
(द) वायरस
12. ब्रेड बनाने के दौरान कौन-सी गैस उत्पन्न होती है?
(ब) कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर-तालिका- 1.
(अ) 2.
(ब) 3.
(द) 4.
(स) 5.
(द) 6.
(ब) 7.
(स) 8.
(द) 9.
(अ) 10.
(ब) 11.
(द) 12.
(ब)।
रिक्त स्थानों की पूर्ति-
1. सूक्ष्मजीव वायु, जल, मिट्टी, पौधों एवं जन्तुओं के शरीर में पाये जाते हैं।
2. प्रोटोजोआ अतिसार तथा मलेरिया जैसे रोग उत्पन्न करते हैं।
3. क्षय रोग संचरणीय रोग है।
4. उबालने से अनेक सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं।
5. टाइफाइड जीवाणु के द्वारा होता है।
6. लैक्टोबैसिलस नामक जीवाणु दूध को दही में परिवर्तित कर देता है।
7. जुकाम, इन्फ्लुएंजा एवं अधिकतर खाँसी विषाणु (वायरस) द्वारा होते हैं।
8. पोलियो-ड्रॉप बच्चों को दिया जाने वाला वास्तव में एक टीका (वैक्सीन) है।
उत्तर- 1. सूक्ष्मजीव 2. प्रोटोजोआ 3. संचरणीय 4. सूक्ष्मजीव 5. जीवाणु 6. लैक्टोबैसिलस 7. विषाणु (वायरस) 8. टीका (वैक्सीन)।
सत्य/असत्य-
निम्नलिखित कथनों पर सत्य (T) अथवा असत्य (F) अंकित कीजिए-
(1) जीवाणु केवल परपोषी में ही गुणन करते हैं। (F)
(2) दही में अनेक सूक्ष्मजीव पाये जाते हैं। (T)
(3) किण्वन की खोज लुई पाश्चर ने की थी। (T)
(4) अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने चेचक के टीके की खोज की थी। (F)
(5) हमारे वायुमण्डल में 78% ऑक्सीजन गैस है। (F)
(6) प्रोटोजोआ अतिसार तथा मलेरिया जैसे रोग उत्पन्न करते हैं। (T)
उत्तर- (1) F (2) T (3) T (4) F (5) F (6) T
'कॉलम-A' में दिए गए शब्दों का मिलान 'कॉलम-B' से कीजिए-
प्रश्न 1. | कॉलम-A | कॉलम-B |
(i) | नमक | (a) जैम |
(ii) | चीनी | (b) मांस एवं मछली |
(iii) | तेल | (c) दूध |
(iv) | पाश्चरीकरण | (d) अचार |
प्रश्न 2. | कॉलम-A | कॉलम-B |
(i) | मलेरिया | (a) कवक |
(ii) | पोलियो | (b) जीवाणु |
(iii) | हैजा | (c) वायरस |
(iv) | गेहूँ की रस्ट | (d) प्रोटोजोआ |
प्रश्न 3. | कॉलम-A | कॉलम-B |
(i) | राबर्ट कोच | (a) पेनिसिलिन |
(ii) | एडवर्ड जेनर | (b) किण्वन |
(iii) | लुई पाश्चर | (c) बेसीलस एन्थ्रेसिस |
(iv) | अलेक्जेंडर फ्लेमिंग | (d) चेचक |
उत्तर-
(i) | (ii) | (iii) | (iv) | |
1. | (b) | (a) | (d) | (c) |
2. | (d) | (c) | (b) | (a) |
3. | (c) | (d) | (b) | (a) |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. सर्दी-जुकाम एवं फ्लू में प्रतिजैविक प्रभावशाली क्यों नहीं होते हैं?
उत्तर- क्योंकि सर्दी-जुकाम व फ्लू रोग के कारक वायरस (विषाणु) हैं जिन पर प्रतिजैविक औषधियों का प्रभाव नहीं होता है।
प्रश्न 2. चीनी के एल्कोहॉल में परिवर्तित होने की क्रिया को क्या कहते हैं?
उत्तर- किण्वन क्रिया।
प्रश्न 3. एन्थ्रेक्स रोग का कारक क्या है?
उत्तर- एन्थ्रेक्स रोग बेसीलस एन्थ्रेसिस नामक जीवाणु से फैलता है।
प्रश्न 4. प्रोटोजोआ वर्ग के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर- (i) अमीबा (ii) पैरामीशियम।
प्रश्न 5. शैवाल के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर- (i) क्लेमाइडोमोनास (ii) स्पाइरोगाइरा।
प्रश्न 6. संचरणीय रोग से क्या आशय है?
उत्तर- सूक्ष्मजीवों द्वारा होने वाले ऐसे रोग जो एक संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में वायु, जल, भोजन अथवा कायिक संपर्क द्वारा फैलते हैं, संचरणीय रोग कहलाते हैं।
प्रश्न 7. डेंगू रोग के वायरस के वाहक का नाम लिखिए।
उत्तर- मादा एडीस मच्छर।
प्रश्न 8. कवक एवं जीवाणु से उत्पादित की जाने वाली सामान्य उपयोग की प्रतिजैविकों के नाम लिखिए।
466 —
उत्तर—(1) स्ट्रेप्टोमाइसिन (2) टेट्रासाइक्लिन (3) एरिथ्रोमाइसिन।
प्रश्न 9. किन्हीं दो सामान्य परिरक्षक के नाम लिखिए।
उत्तर— (i) सोडियम बेंजोएट (ii) सोडियम मेटाबाइसल्फाइट।
प्रश्न 10. मांस व मछली के परिरक्षण में किस रसायन का उपयोग करते हैं?
उत्तर— नमक का।
प्रश्न 11. पाश्चुरीकरण क्रिया की खोज किस वैज्ञानिक द्वारा की गई थी?
उत्तर— लुई पाश्चर नामक वैज्ञानिक द्वारा।
प्रश्न 12. पोलियो-ड्रॉप क्या है?
उत्तर— पोलियो-ड्रॉप बच्चों को दिया जाने वाला एक टीका (वैक्सीन) है।
प्रश्न 13. प्रोटोजोआ जनित दो रोगों के नाम बताइए।
उत्तर— (i) अतिसार (ii) मलेरिया।
प्रश्न 14. विषाणु (वायरस) जनित कुछ सामान्य रोगों के नाम बताइए।
उत्तर— जुकाम, इन्फ्लुएंजा (फ्लू) एवं खाँसी विषाणु जनित सामान्य रोग हैं।
प्रश्न 15. सर्वप्रथम खोजी गई प्रतिजैविक (एंटीबायोटिक) का नाम बताइए।
उत्तर— पेनिसिलिन।
प्रश्न 16. मलेरिया रोग के वाहक का नाम बताइए।
उत्तर— मादा एनॉफलीज मच्छर मलेरिया रोग के परजीवी का वाहक है।
प्रश्न 17. किन्हीं चार रोगों के नाम बताइए जिन्हें वैक्सीन (टीके) द्वारा रोका जा सकता है।
उत्तर— (i) हैजा (ii) क्षय (iii) चेचक (iv) हैपेटाइटिस।
प्रश्न 18. किस रोग के विरुद्ध विश्वव्यापी अभियान चलाया गया जिसके परिणामस्वरूप विश्व के अधिकांश भागों से उसका उन्मूलन हो गया।
उत्तर— चेचक रोग के विरुद्ध।
प्रश्न 19. जीवाणु जनित दो रोगों के नाम बताइए।
उत्तर— (i) टायफाइड (ii) क्षयरोग (TB)।
प्रश्न 20. रोगाणु अथवा रोगजनक किसे कहते हैं?
उत्तर— रोग उत्पन्न करने वाले सूक्ष्मजीवों को रोगाणु अथवा रोगजनक कहते हैं।
प्रश्न 21. विषाणु (वायरस) द्वारा जनित किन्हीं दो विशिष्ट रोगों के नाम बताइए।
उत्तर— (i) पोलियो (ii) खसरा।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-(I-Type)
प्रश्न 1. मादा एडीस मच्छर किस रोग का वाहक है? किन्हीं चार संचरणीय रोगों के नाम लिखिए।
उत्तर— मादा एडीस मच्छर डेंगू के वायरस का वाहक है।
चार संचरणीय रोग— (i) हैजा (ii) चिकनपॉक्स (iii) क्षय रोग (iv) सामान्य सर्दी-जुकाम।
प्रश्न 2. सूक्ष्मजीव किन्हें कहते हैं? समझाइए।
उत्तर— सूक्ष्मजीव—ये जीव अत्यन्त छोटे होते हैं तथा इन्हें बिना यंत्र की सहायता से देखना असम्भव है। इनमें से कुछ जैसे कि ब्रेड पर उगने वाले कवक को आवर्धक लेंस की सहायता से देखा जा सकता है जबकि अन्य बिना सूक्ष्मदर्शी की सहायता के दिखाई नहीं देते। यही कारण है कि इन्हें सूक्ष्मजीव कहते हैं।
प्रश्न 3. विषाणु (Virus) क्या है? समझाइए।
उत्तर— विषाणु—विषाणु (वायरस) अति सूक्ष्मजीव हैं किन्तु ये अन्य सूक्ष्मजीवों से भिन्न हैं। ये केवल परपोषी में ही गुणन करते हैं अर्थात् ये जीवाणु, पौधे अथवा जन्तु कोशिका में गुणन करते हैं। कुछ सामान्य रोग जैसे जुकाम, इन्फ्लुएंजा (फ्लू) एवं खाँसी आदि विषाणु द्वारा होते हैं। कुछ विशेष रोग पोलियो एवं खसरा आदि के कारक भी विषाणु हैं।
प्रश्न 4. सूक्ष्मजीवों का वाणिज्यिक उपयोग क्या है? समझाइए।
उत्तर— सूक्ष्मजीवों का वाणिज्यिक उपयोग—बड़े स्तर पर अल्कोहल, शराब एवं एसीटिक एसिड के उत्पादन में सूक्ष्मजीवों का उपयोग किया जाता है। जौ, गेहूँ, चावल एवं फलों के रस में उपस्थित प्राकृतिक शर्करा में यीस्ट द्वारा अल्कोहल एवं शराब का उत्पादन किया जाता है। यह क्रिया किण्वन अथवा फर्मेंटेशन कहलाती है।
प्रश्न 5. पशुओं के लिए प्रतिजैविक किस प्रकार उपयोगी हैं?
उत्तर— पशुओं के लिए भी प्रतिजैविक विभिन्न बीमारियों को रोकने में सहायता करते हैं। पशु आहार एवं कुक्कुट आहार में प्रतिजैविक मिलाते हैं जो पशुओं में सूक्ष्मजीवों के संचरण को रोकते हैं। प्रतिजैविक पशुओं में प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित करते हैं, जो वैक्सीन (टीके) के माध्यम से उत्पादित होती है।
प्रश्न 6. बेकिंग उद्योग में यीस्ट के उपयोग का क्या आधार है?
उत्तर— यीस्ट तीव्रता से जनन करके श्वसन के दौरान उत्पादित करते हैं। गैस के बुलबुले खमीर वाले मैदे का आयतन बढ़ा देते हैं। यह बेकिंग उद्योग में यीस्ट के उपयोग का आधार है जिसमें ब्रेड, पेस्ट्री एवं केक बनाए जाते हैं।
प्रश्न 7. प्रथम प्रतिजैविक (एंटीबायोटिक) की खोज किस प्रकार हुई?
उत्तर— सन् 1929 में अलेक्जेंडर फ्लेमिंग जीवाणु रोगों से बचाव हेतु एक संवर्धन पर प्रयोग कर रहे थे। अचानक उन्होंने संवर्धन तश्तरी पर हरे रंग की फफूँद के छोटे बीजाणु देखे। उन्होंने पाया कि यह फफूँद जीवाणु की वृद्धि को रोकते हैं। यह तथ्य पाया कि बहुत सारे जीवाणु।
फफूँद द्वारा मारे गए। इस प्रकार फफूँद (कवक) से प्रथम प्रतिजैविक 'पेनिसिलिन' प्राप्त की गई।
प्रश्न 8. 'जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकारक' किसे कहते हैं?
उत्तर- कुछ जीवाणु एवं नीले-हरे शैवाल वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर सकते हैं। इस प्रकार मृदा में नाइट्रोजन का संवर्धन होता है तथा उसकी उर्वरता में वृद्धि होती है। इसलिए इन जीवाणुओं एवं नीले-हरे शैवालों को जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकारक कहते हैं।
प्रश्न 9. हम मलेरिया एवं डेंगू का नियंत्रण किस प्रकार कर सकते हैं?
उत्तर- मलेरिया एवं डेंगू के रोगवाहक मच्छर होते हैं। सभी मच्छर जल में उत्पन्न होते हैं। हमें पानी को कहीं भी रुका नहीं रहने देना चाहिए। कूलर, टायरों एवं फूलदानों इत्यादि में कहीं भी जल को एकत्र नहीं होने देना चाहिए। अतः हम अपने आस-पास के स्थानों को स्वच्छ एवं शुष्क रखकर मच्छरों को पैदा होने से रोककर मलेरिया एवं डेंगू पर नियंत्रण कर सकते हैं।
प्रश्न 10. खाद्य परिरक्षण (Food Preservation) के मूल चरण (basic steps) कौन-कौन से हैं?
उत्तर- खाद्य परिरक्षण के दो मूल चरण हैं-
(1) खाद्य पदार्थों को खराब करने वाले सूक्ष्मजीवों तथा एन्जाइमों को नष्ट कर देना, या
(2) ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न करना जो खाद्य पदार्थों को खराब करने वाले सूक्ष्मजीवों तथा एन्जाइमों की वृद्धि एवं क्रियाशीलता के लिए अनुपयुक्त हों।
प्रश्न 11. नमक द्वारा खाद्य परिरक्षण को समझाइए।
उत्तर- खाद्य परिरक्षण के लिए सामान्य नमक का भी उपयोग किया जाता है। मांस एवं मछली के परिरक्षण के लिए नमक का उपयोग काफी लम्बे अरसे से किया जा रहा है। जीवाणु की वृद्धि रोकने के लिए मांस तथा मछली को सूखे नमक से ढक देते हैं। नमक का उपयोग आम, आंवला एवं इमली के परिरक्षण में भी किया जाता है।
प्रश्न 12. अमीबा का साफ एवं स्वच्छ चित्र बनाइए।
उत्तर-
अमीबा
प्रश्न 13. यदि नाइट्रोजनी यौगिकों को नाइट्रोजन गैस में परिवर्तित करने वाले विशिष्ट जीवाणु नष्ट हो जायें तो क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर- कुछ विशिष्ट जीवाणु नाइट्रोजनी यौगिकों को नाइट्रोजन गैस में परिवर्तित कर देते हैं जो वायुमण्डल में चली जाती है। परिणामतः वायुमण्डल में नाइट्रोजन की मात्रा लगभग स्थिर रहती है। यदि ये जीवाणु नष्ट हो जायें तो वायुमण्डल में नाइट्रोजन की मात्रा निरन्तर कम होती चली जाएगी।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-(II-Type)
प्रश्न 1. फल, सब्जियों को लम्बे समय तक खुला रखने पर वे खराब क्यों हो जाती हैं? कारण समझाइए। इनको खराब होने से बचाने के लिए कोई दो उपाय लिखिए।
उत्तर- फल, सब्जियों को लम्बे समय तक खुला रखने पर उनमें सूक्ष्मजीव उत्पन्न हो जाते हैं। ये सूक्ष्मजीव इन्हें संदूषित कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप फल, सब्जियाँ आदि खराब हो जाती हैं।
इन्हें खराब होने से बचाने के दो उपाय- (1) कुछ फल, सब्जियों का परिरक्षण नमक द्वारा किया जा सकता है। (2) तेल एवं सिरके द्वारा भी फल एवं सब्जियों को परिरक्षित किया जा सकता है।
प्रश्न 2. सूक्ष्मजीव कहाँ-कहाँ पाये जाते हैं? लिखिए।
उत्तर- सूक्ष्मजीव बर्फीली शीत से ऊष्ण स्रोतों तक हर परिस्थिति में जीवित रह सकते हैं अतः प्रायः ये सभी स्थानों में पाये जाते हैं। मरुस्थल तथा दलदली क्षेत्रों में भी ये पाये गये हैं। ये मनुष्य सहित सभी जन्तुओं के शरीर के भीतर भी पाये जाते हैं। कुछ सूक्ष्मजीव दूसरे जीवों पर आश्रित होते हैं जबकि कुछ अन्य स्वतंत्र रूप से भी पाये जाते हैं। ये एककोशिक या बहुकोशिक दोनों प्रकार के होते हैं।
प्रश्न 3. पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सूक्ष्मजीव कैसे सहयोग करते हैं?
उत्तर- पर्यावरण को स्वच्छ रखने में कुछ सूक्ष्मजीवों का योगदान महत्त्वपूर्ण है। ये सूक्ष्मजीव हमारे द्वारा उत्पादित अवशिष्ट का विघटन करके उन्हें भूमि में समाहित कर देते हैं। कार्बनिक अवशिष्ट (सब्जियों के छिलके, जन्तु अवशेष) का अपघटन जीवाणुओं द्वारा किया जाता है। ये जीवाणु प्राकृतिक अपमार्जक होते हैं जो वातावरण को शुद्ध बनाने में सहयोग करते हैं।
प्रश्न 4. कीटों एवं जन्तुओं द्वारा रोगकारक सूक्ष्मजीवों का संचरण किस प्रकार होता है?
उत्तर- रोगकारक सूक्ष्मजीवों का संचरण- कुछ कीट एवं जन्तु ऐसे होते हैं जो रोगकारक सूक्ष्मजीवों के वाहक हैं। जैसे घरेलू मक्खी कूड़े एवं जन्तु अपशिष्ट पर बैठती है। रोगाणु उसके शरीर पर चिपक जाते हैं। जब मक्खी बिना ढंके भोजन पर बैठती है तो रोगाणु का स्थानान्तरण सम्भव है। जो भी व्यक्ति ऐसा दूषित भोजन करेगा, उसके बीमार पड़ने की सम्भावना रहती है। मादा एनाफलीज मच्छर इसका अन्य उदाहरण है। मच्छर प्लाज्मोडियम (मलेरिया परजीवी) का वाहक है। मादा एडीस मच्छर डेंगू के वायरस का वाहक है।

चित्र: अमीबा का चित्र
468 —
प्रश्न 5. खाद्य विषाक्तन (Food Poisoning) से क्या आशय है? समझाइए।
उत्तर- सूक्ष्मजीवों द्वारा संदूषित भोजन का सेवन करने से खाद्य विषाक्तन हो जाता है। हमारे भोजन में उत्पन्न होने वाले सूक्ष्मजीव कभी-कभी विषैले पदार्थ उत्पन्न करते हैं। यह भोजन को विषाक्त बना देते हैं जिसके सेवन करने से व्यक्ति भयंकर रूप से रोगी हो सकता है तथा इस कारण उसकी मृत्यु भी हो सकती है। अतः हमेशा स्वच्छ एवं ताजा भोजन ही उपयोग में लाना चाहिए।
प्रश्न 6. खाद्य परिरक्षक से क्या आशय है? खाद्य परिरक्षण के रासायनिक उपाय बताइए।
उत्तर- खाद्य परिरक्षक (Food Preservative)-कुछ पदार्थ ऐसे होते हैं जो खाद्य पदार्थों में सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकने में सहायक होते हैं, इन्हें खाद्य परिरक्षक कहते हैं।
खाद्य परिरक्षण के रासायनिक उपाय-नमक अथवा खाद्य अम्ल का प्रयोग अचार बनाने में करते हैं जिससे सूक्ष्मजीवों की वृद्धि नहीं होती है। सोडियम बेंजोएट तथा सोडियम मेटाबाइसल्फाइट सामान्य परिरक्षक हैं। जैम एवं स्क्वैश बनाने में इन रसायनों का उपयोग उन्हें संदूषित होने से बचाता है।
प्रश्न 7. चीनी द्वारा खाद्य पदार्थों का परिरक्षण किस प्रकार करते हैं?
उत्तर- चीनी द्वारा परिरक्षण-चीनी का गाढ़ा घोल (या चाशनी) जीवाणुओं की वृद्धि को रोकता है क्योंकि ऐसे सान्द्र घोल में जीवाणुओं की वृद्धि के लिए आवश्यक नमी की मात्रा बहुत कम होती है। इसलिए जब परिरक्षण के लिए खाद्य पदार्थों में चीनी की उचित मात्रा डाली जाती है तो यह चीनी परासरण की प्रक्रिया द्वारा उनमें से पानी (या नमी) को खींच निकालती है। इससे खाद्य पदार्थों में नमी बहुत ही कम हो जाती है और इससे खराब करने वाले जीवाणुओं की वृद्धि रुक जाती है।
प्रश्न 8. नाइट्रोजन स्थिरीकरण की परिभाषा दीजिए। यह क्रिया कौनसे सूक्ष्मजीव करते हैं?
उत्तर- वायुमण्डल की नाइट्रोजन गैस को नाइट्रोजन के यौगिकों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कहते हैं। जीवाणुओं तथा शैवाल जैसे जीवों द्वारा किए गए वायुमण्डलीय नाइट्रोजन के स्थिरीकरण को 'जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण' कहते हैं। जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले जीवाणुओं का नाम राइजोबियम जीवाणु है तथा वे फलीदार पौधों की जड़ों की गांठों में पाए जाते हैं। जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले शैवाल, नील-हरित शैवाल होते हैं। ये शैवाल धान के खेतों में पाए जाते हैं।
प्रश्न 9. सूक्ष्मजीवों द्वारा पौधों में होने वाले कुछ सामान्य रोगों को सारणीबद्ध कीजिए।
उत्तर- सूक्ष्मजीवों द्वारा पौधों में होने वाले कुछ सामान्य रोग
पादप रोग | सूक्ष्मजीव | संचरण का तरीका |
नींबू कैंकर | जीवाणु | वायु |
गेहूँ की रस्ट | कवक | वायु एवं बीज |
भिंडी की पीत | वायरस | कीट |
प्रश्न 10. संदूषित भोजन की पहचान किस प्रकार की जा सकती है?
उत्तर- संदूषित भोजन से दुर्गंध आने लगती है, इसका स्वाद भी खराब हो जाता है तथा रंग-रूप में भी परिवर्तन आ सकता है।
प्रश्न 11. विषाणु (वायरस) का चित्र बनाइए।
उत्तर-
चित्र : विषाणु
प्रश्न 12. मित्रवत सूक्ष्मजीव क्या होते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर- ऐसे सूक्ष्मजीव जो मानव एवं पर्यावरण के लिए लाभदायक एवं उपयोगी होते हैं, मित्रवत सूक्ष्मजीव कहलाते हैं। उदाहरण के लिए इनका उपयोग दही, ब्रेड एवं केक बनाने में किया जाता है। पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए भी इनका उपयोग किया जाता है। कार्बनिक अपशिष्ट का अपघटन जीवाणुओं द्वारा किया जाता है तथा हानिरहित पदार्थ बनते हैं। जीवाणुओं का उपयोग औषधि उत्पादन एवं कृषि में मृदा की उर्वरता में वृद्धि करने में किया जाता है जिससे नाइट्रोजन स्थिरीकरण होता है।
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. मनुष्य में सूक्ष्मजीवों द्वारा होने वाले सामान्य रोग, रोगकारक, उनके फैलने तथा रोकने के उपायों को सारणीबद्ध कीजिए।
उत्तर- मनुष्य में सूक्ष्मजीवों द्वारा होने वाले सामान्य रोग-

चित्र: Bacteriophage virus structure
विज्ञान-कक्षा-8
मानव रोग | रोगाकारक सूक्ष्मजीव | संचरण के साधन | बचाव के सामान्य उपाय |
1. क्षय रोग | जीवाणु | वायु | रोगी व्यक्ति को पूरी तरह से अन्य व्यक्तियों से अलग रखना। रोगी की व्यक्तिगत वस्तुओं को अलग रखना। उचित समय पर टीकाकरण। |
2. खसरा | वायरस | वायु | |
3. चिकनपॉक्स | वायरस | वायु/सीधे संपर्क | |
4. पोलियों | वायरस | वायु/जल | |
1. हैजा | जीवाणु | जल/भोजन | व्यक्तिगत स्वच्छता एवं अच्छी आदतों को अपनाना। अच्छी तरह पके भोजन, उबले पेय जल का उपयोग एवं टीकाकरण। |
2. टायफाइड | जीवाणु | जल | उबले हुए पेयजल का प्रयोग, टीकाकरण |
हैपेटाइटिस ए | वायरस | जल | मच्छदानी का प्रयोग, मच्छर प्रजनन पर रोक के लिए जल एकत्रित नहीं होने देना। मच्छरों को मारने के लिए रसायन का उपयोग। |
मलेरिया | प्रोटोजोआ | मच्छर |
प्रश्न 2. नाइट्रोजन चक्र का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर— नाइट्रोजन चक्र— (1) फलीदार पौधों की जड़ों की गाँठों में राइजोबियम जैसे नाइट्रोजन स्थिरीकारक जीवाणु होते हैं जो वायुमण्डल की नाइट्रोजन गैस का स्थिरीकरण करके उसे नाइट्रोजन के यौगिकों में परिवर्तित कर देते हैं। कुछ नील हरित शैवाल भी वायुमण्डल की नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके उसे नाइट्रोजन के यौगिकों में परिवर्तित कर देते हैं।
(2) वायुमण्डल में उपस्थित नाइट्रोजन गैस का स्थिरीकरण वायुमण्डलीय प्रक्रियाओं तथा औद्योगिक प्रक्रियाओं द्वारा भी होता है। उदाहरण के लिए, आकाश में बिजली कौंधने के दौरान वायुमण्डल की नाइट्रोजन, ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके नाइट्रेट बनाती है जो वर्षा के पानी में खुलकर पृथ्वी पर गिरते हैं तथा मृदा में मिल जाते हैं।
(3) जैविक प्रक्रियाओं द्वारा स्थिरीकृत नाइट्रोजन पौधों के पापाद प्रोटीनों में परिवर्तित हो जाती है।
(4) जन्तु, पौधों को खाते हैं। जन्तु, पौधों को खाकर उनमें उपस्थित पादप-प्रोटीनों को जन्तु-प्रोटीनों में परिवर्तित कर देते हैं।
(5) पौधों एवं जन्तुओं की मृत्यु के बाद मिट्टी में उपस्थित जीवाणु एवं कवक नाइट्रोजन अपशिष्ट को नाइट्रोजन यौगिकों में परिवर्तित कर देते हैं जो पौधों द्वारा पुन: उपयोग होता है। कुछ विशिष्ट जीवाणु नाइट्रोजन यौगिकों को नाइट्रोजन गैस में बदल देते हैं जो वायुमण्डल में चली जाती है। इस प्रकार वायुमण्डल में नाइट्रोजन की मात्रा स्थिर रहती है।
चित्र-नाइट्रोजन चक्र

चित्र: नाइट्रोजन चक्र (Nitrogen Cycle flowchart showing atmospheric nitrogen fixation, plant absorption, animal consumption, excretion/death, and denitrification)
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प्रश्न 3. निम्नलिखित का साफ एवं स्वच्छ चित्र बनाइए-
(a) शैवाल
(b) प्रोटोजोओ
(c) कवक।
उत्तर-
चित्र : शैवाल
चित्र : प्रोटोजोओ
चित्र : कवक
प्रश्न 4. 'खाद्य परिरक्षण' से क्या तात्पर्य है? इसके सामान्य तरीकों/विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर- खाद्य पदार्थों को सूक्ष्मजीवों से संदूषित होने से बचाने की प्रक्रिया खाद्य परिरक्षण कहलाती है। खाद्य परिरक्षण हेतु अनेक सामान्य तरीकों या विधियों का उपयोग किया जाता है, जिनमें से कुछ निम्न हैं-
(1) रासायनिक उपाय- सोडियम बेंजोएट तथा सोडियम मेटाबाइसल्फाइट सामान्य परिरक्षक हैं, जिनका उपयोग जैम एवं स्क्वैश के परिरक्षण में किया जाता है।
(2) नमक द्वारा परिरक्षण- सामान्य नमक का उपयोग मांस, मछली, आम, आंवला एवं इमली के परिरक्षण में किया जाता है।
(3) चीनी द्वारा परिरक्षण- जैम, जेली एवं स्क्वैश का परिरक्षण चीनी द्वारा किया जाता है।
(4) तेल एवं सिरके द्वारा परिरक्षण- तेल एवं सिरके का उपयोग अचार को संदूषण से बचाने में किया जाता है क्योंकि इसमें जीवाणु जीवित नहीं रह सकते हैं। सब्जी, फल, मछली तथा मांस का परिरक्षण भी इस विधि द्वारा किया जा सकता है।
(5) गर्म एवं ठण्डा करना- उबालने या गर्म करने से अनेक सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं। इसी प्रकार खाद्य पदार्थों को रेफ्रीजरेटर में रखकर परिरक्षित करते हैं क्योंकि कम ताप सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकता है।
(6) भण्डारण एवं पैकिंग- मेवे एवं सब्जियों को वायुरोधी पैकेटों में सील करके भी परिरक्षित किया जा सकता है।