📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
पाठगत प्रश्न
प्रश्न 1. शुक्राणु (sperm) में पूँछ किस काम आती है?
उत्तर— शुक्राणु में पूँछ गति करने में सहायक होती है। इसकी सहायता से शुक्राणु तैरकर अण्डाणु तक पहुँचता है।
प्रश्न 2. मछली और मेंढक एक साथ सैकड़ों अण्डे क्यों देते हैं जबकि मुर्गी एक समय में केवल एक अण्डा ही देती है?
उत्तर— मछली और मेंढक यद्यपि सैकड़ों अण्डे देते हैं तथा लाखों शुक्राणु निर्मोचित करते हैं, किन्तु सारे अण्डों का निषेचन नहीं होता। इसका कारण यह है कि अण्डे और शुक्राणु निरन्तर जल की गति, वायु और वर्षा से प्रभावित होते रहते हैं। तालाब में दूसरे ऐसे जन्तु भी होते हैं, जो इन अण्डों का भोजन करते हैं, अतः अण्डकोशिकाओं एवं शुक्राणुओं का बड़ी संख्या में उत्पन्न होना आवश्यक है ताकि उनमें से कुछ में निषेचन सुनिश्चित किया जा सके। मुर्गी में आन्तरिक निषेचन होता है जिससे अण्डा सुरक्षित रहता है। निषेचन के बाद अण्डा मादा शरीर से बाहर आता है तथा नए जीव को उत्पन्न करता है।
प्रश्न 3. एक एकल कोशिका किस प्रकार एक बड़ा जीव बन सकता है?
उत्तर— निषेचित अण्डा एक एकल कोशिका होता है। निषेचन के परिणामस्वरूप युग्मनज बनता है जो विभिन्न चरणों में विकसित होकर एक बड़ा जीव बनता है।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1. सजीवों के लिए जनन क्यों महत्त्वपूर्ण है? समझाइए।
उत्तर— सजीवों के लिए जनन निम्नलिखित कारणों से महत्त्वपूर्ण है-
(1) पृथ्वी पर जैव निरन्तरता को सुनिश्चित करता है।
(2) माता-पिता के समान मूलभूत लक्षणों वाले और जीव उत्पन्न होते हैं।
(3) एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक लाभदायक विभिन्नताएँ स्थानान्तरित होती हैं।
प्रश्न 2. मनुष्य में निषेचन (fertilization) प्रक्रम को समझाइए।
उत्तर— वृषण, नर युग्मक उत्पन्न करते हैं, जिन्हें शुक्राणु कहते हैं। वृषण लाखों शुक्राणु उत्पन्न करते हैं। अण्डाशय मादा युग्मक उत्पन्न करते हैं जिसे अण्डाणु (डिम्ब) कहते हैं। जब शुक्राणु, अण्डाणु के सम्पर्क में आते हैं, तो इनमें से एक शुक्राणु अण्डाणु के साथ संलयित हो जाता है। शुक्राणु और अण्डाणु का यह संलयन निषेचन कहलाता है। निषेचन के समय शुक्राणु तथा अण्डाणु संलयित होकर एक हो जाते हैं। निषेचन के परिणामस्वरूप युग्मनज का निर्माण होता है।
प्रश्न 3. सर्वोत्तम उत्तर चुनिए-
(क) आन्तरिक निषेचन होता है-
(i) मादा के शरीर में (ii) मादा के शरीर से बाहर
(iii) नर के शरीर में (iv) नर के शरीर से बाहर
(ख) एक टेडपोल जिस प्रक्रम द्वारा वयस्क में विकसित होता है, वह है-
(i) निषेचन (ii) कायान्तरण
(iii) रोपण (iv) मुकुलन
(ग) एक युग्मनज (zygote) में पाए जाने वाले केन्द्रकों की संख्या होती है-
(i) कोई नहीं (ii) एक
(iii) दो (iv) चार
उत्तर— (क) (i) मादा के शरीर में, (ख) (ii) कायान्तरण, (ग) (ii) एक।
प्रश्न 4. निम्न कथन सत्य (T) हैं अथवा असत्य (F) संकेतित कीजिए-
उत्तर— (क) असत्य, (ख) सत्य, (ग) सत्य, (घ) असत्य, (ङ) सत्य, (च) असत्य, (छ) असत्य, (ज) सत्य, (झ) सत्य, (ञ) असत्य।
प्रश्न 5. युग्मनज और गर्भ में दो भिन्नताएँ दीजिए।
उत्तर-
युग्मनज (Zygote) | गर्भ (Foetus) |
1. शुक्राणु एवं अण्डाणु का संलयन युग्मनज कहलाता है। | 1. यह भ्रूण की वह अवस्था है जिसमें विभिन्न अंग पहचानने योग्य होते हैं। |
2. यह एकल कोशिका है। | 2. यह बहुकोशिकीय है। |
प्रश्न 6. अलैंगिक जनन की परिभाषा लिखिए। जन्तुओं में अलैंगिक जनन की दो विधियों का वर्णन कीजिए।
अथवा
अलैंगिक जनन किसे कहते हैं? हाइड्रा में अलैंगिक जनन की विधि का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर- अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction)- वह जनन जिसमें केवल एक ही जनक नए जीव को जन्म देता है, अलैंगिक जनन कहलाता है।
अलैंगिक जनन की दो विधियाँ निम्न प्रकार हैं-
1. मुकुलन (Budding)- हाइड्रा तथा यीस्ट में अलैंगिक जनन की यह सामान्य प्रक्रिया है। इस विधि में शरीर पर एक बल्ब की तरह की संरचना बनती है जिसे मुकुल कहते हैं। मुकुल पैतृक जीव से अलग होकर वृद्धि करता है और पूर्ण विकसित जीव बन जाता है।
2. द्विखंडन (Binary fission)- जनक जीव खंडित होकर दो नए जीवों को जन्म देता है। अमीबा में जनन द्विखंडन द्वारा होता है। जब अमीबा कोशिका अपनी वृद्धि के अधिकतम आकार में पहुँचती है, तो पहले अमीबा का केन्द्रक लम्बा हो जाता है और दो भागों में विभाजित हो जाता है। इसके पश्चात् अमीबा का कोशिका द्रव्य दो भागों में विभाजित होता है। इस प्रकार दो संतति अमीबा बनते हैं।
प्रश्न 7. मादा के किस जनन अंग में भ्रूण (embryo) का रोपण होता है?
उत्तर- मादा के जनन अंग-गर्भाशय में भ्रूण का रोपण होता है।
प्रश्न 8. कायान्तरण किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर- कायान्तरण (Metamorphosis)- लारवा के कुछ विशेष परिवर्तनों द्वारा वयस्क जन्तु में बदलने की प्रक्रिया को कायान्तरण कहते हैं।
उदाहरण-टैडपोल रूपान्तरित होकर वयस्क में बदल जाता है, जो छलांग लगा सकता है और तैर सकता है। कुछ विशेष परिवर्तनों के साथ टैडपोल का वयस्क में कायान्तरण हो जाता है।
प्रश्न 9. आन्तरिक निषेचन एवं बाह्य निषेचन में भेद कीजिए।
उत्तर-
आन्तरिक निषेचन (Internal Fertilisation) | बाह्य निषेचन (External Fertilisation) |
1. नर युग्मक और मादा युग्मक का संलयन मादा शरीर के अन्दर होता है। | 1. नर युग्मक और मादा युग्मक का संलयन शरीर के बाहर होता है। |

चित्र: अमीबा में द्वि-खंडन प्रक्रिया (a) से (d) तक

चित्र: हाइड्रा में मुकुलन प्रक्रिया
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2. नर मादा के शरीर में शुक्राणुओं का उत्सर्जन करता हैं। | 2. दोनों व्यष्टि युग्मकों को शरीर के बाहर फेंकते हैं। |
3. भ्रूण का विकास शरीर के अन्दर होता है। उदाहरण-मनुष्य, पशु, शार्क, पक्षी। | 3. भ्रूण का विकास शरीर के बाहर होता है। उदाहरण-मेंढक। |
प्रश्न 10. नीचे दिए गए संकेतों की सहायता से क्रॉस शब्द पहेली को पूरा कीजिए-
बाईं से दाईं ओर-
1. यहाँ अण्डाणु उत्पादित होते हैं।
3. वृषण में उत्पादित होते हैं।
4. हाइड्रा का अलैंगिक जनन है।
ऊपर से नीचे की ओर-
1. यह मादा युग्मक है।
2. नर और मादा युग्मक का मिलना।
4. एक अण्डप्रजक जन्तु।
उत्तर-
📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य
महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
पाठ-सार-
(1) जन्तुओं में लैंगिक और अलैंगिक प्रकार का जनन पाया जाता है। लैंगिक जनन में नर युग्मक व मादा युग्मक का संलयन होता है।
(2) नर जननांग वृषण, शुक्राणु नली व शिश्न हैं जबकि मादा जननांग में अण्डाशय, अण्डवाहिनी और गर्भाशय सम्मिलित हैं।
(3) अण्डाशय मादा युग्मक उत्पन्न करते हैं जिसे अण्डाणु (अण्डकोशिका) कहते हैं। वृषण नर युग्मक उत्पन्न करते हैं जिसे शुक्राणु कहते हैं।
(4) अण्डाणु और शुक्राणु का संलयन निषेचन कहलाता है। निषेचित अण्डा युग्मनज कहलाता है। वह निषेचन जो मादा शरीर के अन्दर होता है, आन्तरिक निषेचन तथा जो मादा शरीर के बाहर होता है, बाह्य निषेचन कहलाता है।
(5) भ्रूण युग्मनज के विभाजन से बनता है। यह गर्भाशय की दीवार में स्थापित होकर पोषण प्राप्त करता है।
(6) भ्रूण की वह अवस्था जिसमें उसके सभी शारीरिक भाग विकसित होकर पहचान योग्य हो जाते हैं तो उसे 'गर्भ' कहते हैं।
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(7) जन्तु जो शिशु को जन्म देते हैं, जरायुज जन्तु तथा जन्तु जो अण्डे देते हैं, अण्डप्रजक जन्तु कहलाते हैं।
(8) लार्वा का कुछ विशिष्ट परिवर्तनों द्वारा वयस्क जन्तु में बदलने की प्रक्रिया कायान्तरण कहलाती है।
(9) यदि एक ही जनक से जीव की उत्पत्ति होती है, तो उसे अलैंगिक जनन कहते हैं। यह मुकुलन तथा द्विखंडन विधियों द्वारा होता है।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
--- अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न ---
बहुचयनात्मक प्रश्न-
1. निम्न में जरायुज जन्तु नहीं है-
(ब) मुर्गी
(द) गाय
2. निम्नलिखित में अण्डप्रजक जन्तु है-
(ब) छिपकली
(द) उपर्युक्त सभी
3. निम्न में नर जननांग का भाग नहीं है-
(ब) शुक्रवाहिनी
(द) शिश्न
4. अलैंगिक जनन मुकुलन द्वारा होता है-
(ब) पैरामीशियम में
(द) प्लाज्मोडियम में
5. सबसे बड़ा अण्डा जिस जीव का होता है, वह है-
(ब) मानव
(द) शुतुरमुर्ग
6. भ्रूण की वह अवस्था जिसमें सभी शारीरिक भागों की पहचान हो सके, वह क्या कहलाता है?
(ब) गर्भावस्था
(द) भ्रूण
7. जो जन्तु सीधे ही शिशु को जन्म देते हैं उन्हें क्या कहते हैं?
(ब) जरायुज
(द) युग्मक
8. जाति की निरन्तरता को बनाये रखने के लिए क्या आवश्यक है?
(ब) पालन
(द) जनन
9. विखण्डन विधि से जनन करने वाला जीव है-
(ब) यीस्ट
(द) मानव
10. मानव भ्रूण का रोपण कहाँ होता है?
(ब) अण्डवाहिनी में
(द) अण्डाशय में
11. मुर्गी अण्डे के ऊपर क्यों बैठती है?
12. मानव में मादा युग्मक कहलाता है-
(ब) अण्डाणु
उत्तर-तालिका- 1. (ब) 2. (द) 3. (स) 4. (स) 5. (द) 6. (अ) 7. (ब) 8. (द) 9. (स) 10. (अ) 11. (स) 12. (ब)।
रिक्त स्थानों की पूर्ति-
1. वृषण .................... जननांग है।
2. नर युग्मक एवं मादा युग्मक के .................... द्वारा जनन को लैंगिक जनन कहते हैं।
3. निषेचित अण्डा .................... कहलाता है।
4. हाइड्रा में .................... द्वारा नए जीव का विकास होता है।
5. शुक्राणु में .................... के सामान्य संघटक पाए जाते हैं।
6. निषेचन के परिणामस्वरूप युग्मनज बनता है जो विकसित होकर .................... में परिवर्धित होता है।
7. एक युग्मनज में पाए जाने वाले केन्द्रकों की संख्या .................... होती है।

चित्र: क्रॉस शब्द पहेली

चित्र: हल की गई क्रॉस शब्द पहेली
8. टेडपोल का वयस्क में रूपान्तरण .................... कहलाता है।
उत्तर— 1. नर 2. संलयन 3. युग्मनज 4. मुकुल 5. कोशिका 6. भ्रूण 7. एक 8. कायान्तरण।
सत्य/असत्य—
निम्नलिखित कथनों में सही के लिए 'T' तथा गलत के लिए 'F' लिखिए—
(1) प्रत्येक अण्डाणु एकल कोशिका है।
(2) शुक्राणु और अण्डाणु का संलयन युग्मनज कहलाता है।
(3) गर्भाशय वह भाग है जहाँ शिशु का विकास होता है।
(4) नर युग्मक शुक्राणु कहलाता है।
(5) वे जन्तु जो अण्डे देते हैं जरायुज जन्तु कहलाते हैं।
(6) निषेचित अंडा युग्मनज कहलाता है।
उत्तर— (1) T (2) F (3) T (4) T (5) F (6) T
'कॉलम-A' में दिए गए शब्दों का मिलान 'कॉलम-B' से कीजिए—
प्रश्न 1.
कॉलम-A | कॉलम-B |
(i) टेडपोल | (a) लार्वा |
(ii) बाह्य निषेचन | (b) मछली |
(iii) जरायुज | (c) मनुष्य |
(iv) अण्डाणु | (d) एकल कोशिका |
प्रश्न 2.
कॉलम-A | कॉलम-B |
(i) हाइड्रा | (a) अण्डप्रजक |
(ii) अमीबा | (b) जरायुज |
(iii) मानव | (c) मुकुलन |
(iv) मुर्गी | (d) द्विखण्डन |
प्रश्न 3.
कॉलम-A | कॉलम-B |
(i) निषेचन | (a) टेडपोल का वयस्क में रूपान्तरण |
(ii) कायान्तरण | (b) एकल जीव द्वारा जनन |
(iii) गर्भ | (c) विकसित भ्रूण |
(iv) अलैंगिक जनन | (d) शुक्राणु और अण्डाणु का संलयन |
उत्तर—
(i) | (ii) | (iii) | (iv) | |
1. | (a) | (b) | (c) | (d) |
2. | (c) | (d) | (b) | (a) |
3. | (d) | (a) | (c) | (b) |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1. लैंगिक जनन से क्या आशय है?
उत्तर— लैंगिक जनन—इसमें नर तथा मादा युग्मक का संलयन होता है।
प्रश्न 2. निषेचन किसे कहते हैं?
उत्तर— शुक्राणु तथा अण्डाणु का संलयन निषेचन कहलाता है।
प्रश्न 3. मुर्गी में निषेचन क्रिया आन्तरिक होती है अथवा बाह्य?
उत्तर— मुर्गी में आन्तरिक निषेचन होता है।
प्रश्न 4. रेशम कीट के जीवन चक्र की विभिन्न अवस्थाओं के नाम लिखिए।
उत्तर— रेशम कीट का जीवन चक्र—अण्डा लार्वा प्यूपा वयस्क।
प्रश्न 5. मेंढक में अण्डे से प्रारम्भ करके वयस्क बनने तक विभिन्न अवस्थाओं के नाम लिखिए।
उत्तर— अण्डा टेडपोल (लार्वा) वयस्क।
प्रश्न 6. दो ऐसे जन्तुओं के नाम लिखिए जिनमें अलैंगिक जनन मुकुलन द्वारा होता है।
उत्तर— (i) हाइड्रा, (ii) यीस्ट।
प्रश्न 7. दो ऐसे जन्तुओं के नाम लिखिए जिनमें अलैंगिक जनन विखंडन द्वारा होता है।
उत्तर— (i) अमीबा, (ii) पैरामीशियम।
प्रश्न 8. क्लोनिंग किसे कहते हैं?
उत्तर— किसी समरूप कोशिका अथवा किसी अन्य जीवित भाग अथवा सम्पूर्ण जीव को कृत्रिम रूप से उत्पन्न करने की प्रक्रिया क्लोनिंग कहलाती है।
प्रश्न 9. डाली नामक क्लोन की मृत्यु कब हुई थी?
उत्तर— 14 फरवरी, 2003 को।
प्रश्न 10. बाह्य निषेचन का एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर— बाह्य निषेचन का उदाहरण—मेंढक।
प्रश्न 11. 'शुक्राणु' क्या होते हैं?
उत्तर— मानव में वृषण नर युग्मक उत्पन्न करते हैं जिन्हें शुक्राणु कहते हैं।
प्रश्न 12. शुक्राणु के प्रमुख भागों के नाम बताइए।
उत्तर— प्रत्येक शुक्राणु में एक सिर, एक मध्य भाग एवं एक पूंछ होती है।
प्रश्न 13. मानव में शिशु का विकास कहाँ होता है?
उत्तर— गर्भाशय में।
प्रश्न 14. मुर्गी के अण्डे को चूजा बनने में कितना समय लगता है?
उत्तर— लगभग 3 सप्ताह का समय लगता है।
प्रश्न 15. मुकुलन किसे कहते हैं?
उत्तर— जनन की वह विधि जिसमें एकल जनक से निकलने वाले मुकुल से नए जीव का विकास होता है, मुकुलन कहलाती है।
प्रश्न 16. 'द्विखण्डन' किसे कहते हैं?
उत्तर— अलैंगिक जनन का वह प्रकार जिसमें जीव विभाजित होकर दो संतति उत्पन्न करता है, द्विखण्डन कहलाता है।
प्रश्न 17. किसी जन्तु की सफलतापूर्वक क्लोनिंग सर्वप्रथम किसके द्वारा की गई?
उत्तर- इयान विलमट और सहयोगियों द्वारा।
प्रश्न 18. क्लोन किये जाने वाले प्रथम स्तनधारी का नाम बताइए।
उत्तर- डॉली।
प्रश्न 19. डॉली की क्लोनिंग के लिए आवश्यक कोशिकाएँ किनसे ली गई थीं?
उत्तर- डॉली की क्लोनिंग के लिए फिन डॉरसेट भेड़ की स्तन ग्रंथि से एक कोशिका तथा स्कॉटिश ब्लैकफेस ईव भेड़ से अण्डकोशिका ली गई थीं।
प्रश्न 20. मेंढक के अंडों पर पाई जाने वाली जेली का क्या कार्य है?
उत्तर- जेली की परत अंडों को एक साथ रखती है तथा इनकी सुरक्षा भी करती है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-(I-Type)
प्रश्न 1. मानव में नर जननांग का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर-
प्रश्न 2. मादा जनन अंग के विभिन्न भागों के नाम लिखिए। अंडाणु की संरचना समझाइए।
उत्तर- मानव मादा जनन अंग में एक जोड़ी अंडाशय, अंडवाहिनी और एक गर्भाशय होता है।
अंडाणु (ovum) की संरचना- अंडाशय द्वारा मादा युग्मक उत्पन्न होता है जिसे अंडाणु (डिंब) कहते हैं। मानव (स्त्रियों) में प्रति मास दोनों अंडाशयों में से किसी एक अंडाशय से एक विकसित अंडाणु अथवा डिम्ब का निर्मोचन अंडवाहिनी में होता है। यह एकल कोशिका होती है।
प्रश्न 3. लैंगिक जनन से उत्पन्न संतति के लक्षण माता या पिता में से किसके समान होते हैं? समझाइए।
उत्तर- लैंगिक जनन के दौरान निषेचन की क्रिया होती है। निषेचन की प्रक्रिया में स्त्री (माँ) के अंडाणु और नर (पिता) के शुक्राणु का संयोजन होता है। अतः नयी संतति में कुछ लक्षण अपनी माता से तथा कुछ लक्षण अपने पिता से वंशागत होते हैं।
प्रश्न 4. शुक्राणु एवं अंडाणु में अन्तर कीजिए।
उत्तर-
गुण | शुक्राणु | अंडाणु |
1. | नर युग्मक शुक्राणु कहलाते हैं। | मादा युग्मक अंडाणु कहलाते हैं। |
2. | शुक्राणु वृषण द्वारा उत्पन्न होते हैं। | अंडाणु अंडाशय द्वारा उत्पन्न होते हैं। |
3. | शुक्राणु सूक्ष्म एवं लम्बी संरचना होते हैं। | अंडाणु बड़े एवं गोल संरचना होते हैं। |
4. | शुक्राणु गतिशील होते हैं। | अंडाणु गतिहीन होते हैं। |
प्रश्न 5. मानव में मादा जनन तन्त्र का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर-
प्रश्न 6. यदि मादा के शरीर से अंडवाहिनियाँ हटा दी जायें तो जनन पर क्या प्रभाव होगा?
उत्तर- मादा शरीर की अंडवाहिनियों में शुक्राणु एवं अंडाणु का संलयन होता है जिससे युग्मनज का निर्माण होता है जो विकसित होकर संतति (शिशु) में परिवर्तित हो जाता है। मादा शरीर से अंडवाहिनियाँ हटाने पर युग्मक संलयन नहीं होगा जिससे जनन क्रिया रुक जाएगी।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-(II-Type)
प्रश्न 1. अलैंगिक जनन तथा लैंगिक जनन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।

चित्र: मानव में नर जननांग

चित्र: मानव अंडाणु

चित्र: मानव में मादा जननांग
उत्तर-
अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) | लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) |
1. केवल एक ही जनक भाग लेता है। | 1. दो जनक भाग लेते हैं। |
2. युग्मकों का बनना तथा संलयन नहीं होता है। | 2. युग्मकों का बनना तथा संलयन होता है। |
3. उत्पन्न जीव अपने जनक से मिलते-जुलते होते हैं। | 3. पीढ़ी दर पीढ़ी विभिन्नताएँ आती हैं। |
4. इसका विकास से कोई सम्बन्ध नहीं होता है। | 4. यह विकास में महत्वपूर्ण कार्य करता है। |
प्रश्न 2. मानव नर जननांग के विभिन्न भागों के नाम लिखिए। शुक्राणु की संरचना को समझाइए।
उत्तर- मानव नर जननांग के मुख्य अंगों में एक जोड़ा वृषण, दो शुक्राणु नलिकाएँ तथा एक शिश्न (लिंग) होता है।
शुक्राणु की संरचना- मानव में वृषण नर युग्मक उत्पन्न करता है, जिन्हें शुक्राणु कहते हैं। इनकी संख्या लाखों में होती है। ये बहुत सूक्ष्म होते हैं। इनमें एक सिर, एक मध्य भाग व एक पूँछ पाई जाती है।
चित्र-मानव शुक्राणु
प्रश्न 3. IVF (इनविट्रो निषेचन) से क्या आशय है? समझाइए।
उत्तर- कुछ स्त्रियों की अण्डवाहिनी अवरुद्ध हो जाने के कारण वे शिशु उत्पन्न करने में सक्षम नहीं होती हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर ताजा अण्डाणु और शुक्राणु एकत्र करके उचित माध्यम में कुछ घण्टों के लिए एक साथ रखते हैं जिससे IVF अथवा इनविट्रो निषेचन (शरीर से बाहर कृत्रिम निषेचन) हो सके। यदि निषेचन हो जाता है, तो युग्मनज को लगभग एक सप्ताह तक विकसित किया जाता है जिसके पश्चात् उसे माता के गर्भाशय में स्थापित किया जाता है।
प्रश्न 4. 'परखनली शिशु एक मिथ्या नाम है।' इस कथन को समझाइए।
उत्तर- IVF अथवा इनविट्रो निषेचन (शरीर से बाहर कृत्रिम निषेचन) तकनीक द्वारा उत्पन्न शिशु को 'परखनली शिशु' कहा जाता है। इस तकनीक में वास्तव में चिकित्सक ताजा अण्डाणु एवं शुक्राणु एकत्र करके उचित माध्यम में कुछ घंटों के लिए एक साथ रखते हैं जिससे IVF अथवा इनविट्रो निषेचन हो सके। निषेचन से बने युग्मनज को लगभग एक सप्ताह तक विकसित किया जाता है जिसके पश्चात् उसे माता के गर्भाशय में स्थापित किया जाता है जहाँ उसका विकास होता है तथा शिशु का जन्म सामान्य शिशु की तरह ही होता है। इसलिए परखनली शिशु एक मिथ्या नाम है क्योंकि शिशु का विकास परखनली में नहीं होता है।
प्रश्न 5. बाह्य निषेचन क्या है? मेंढक में यह क्रिया किस प्रकार सम्पन्न होती है?
उत्तर- बाह्य निषेचन- जब नर व मादा युग्मक का संलयन मादा के शरीर के बाहर होता है, उसे बाह्य निषेचन कहते हैं। हम देखते हैं कि बसन्त अथवा वर्षा ऋतु में मेंढक तथा टोड पोखर, तालाब और मन्द गति से बहते झरने की ओर जाते हैं। नर और मादा एक साथ पानी में आते हैं तो मादा सैकड़ों अंडे देती है। मुर्गी के अंडे की तरह मेंढक के अंडे कवच से ढके नहीं होते और यह अपेक्षाकृत बहुत कोमल होते हैं। जैली की एक परत अण्डों को एक साथ रखती है तथा इनकी सुरक्षा भी करती है।
मादा जैसे ही अंडे देती है, नर उस पर शुक्राणु छोड़ देता है। प्रत्येक शुक्राणु अपनी लम्बी पूँछ की सहायता से जल में इधर-उधर तैरते रहते हैं। शुक्राणु अण्डकोशिका के सम्पर्क में आते हैं जिसके फलस्वरूप निषेचन होता है। इस प्रकार का निषेचन बाह्य निषेचन कहलाता है।
प्रश्न 6. मुर्गी में आन्तरिक निषेचन होता है फिर भी यह अंडे देती है। क्यों?
उत्तर- मुर्गी में आन्तरिक निषेचन होने के बाद भी यह अंडे देती है, बच्चों को जन्म नहीं देती। इसका कारण यह है कि मुर्गी में निषेचन होने के बाद जो युग्मनज बनता है, वह लगातार विभाजित होता रहता है तथा अण्डवाहिनी के नीचे की ओर बढ़ता रहता है। इसके नीचे बढ़ने के साथ-साथ इस पर सुरक्षित परत चढ़ती जाती है। कठोर कवच के पूर्ण रूप से बन जाने के बाद मुर्गी अण्डे का निर्मोचन करती है। मुर्गी के अण्डे को चूजा बनने में लगभग तीन सप्ताह का समय लगता है। इस समय मुर्गी इन अण्डों पर बैठकर ऊष्मा देती रहती है। चूजे के पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद कवच के प्रस्फुटन के बाद चूजा बाहर आता है। इसी प्रकार बाह्य निषेचन वाले जन्तुओं में भ्रूण का विकास

चित्र: मानव शुक्राणु की संरचना जिसमें सिर, मध्य भाग और पूँछ दर्शाए गए हैं
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मादा शरीर के बाहर ही होता है। भ्रूण का विकास पूर्ण होने पर अण्डजोत्पत्ति होती है।
प्रश्न 7. जरायुज एवं अण्डप्रजक जन्तु से क्या आशय है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर— जरायुज (Viviparous)—वे जन्तु जो सीधे शिशु को जन्म देते हैं, जरायुज जन्तु कहलाते हैं; जैसे-गाय, बिल्ली, कुत्ता आदि। ये अण्डे उत्पन्न नहीं करते; इनकी मादा विकसित शिशु को जन्म देती है।
अण्डप्रजक (Oviparous)—वे जन्तु जो अण्डे देते हैं, अण्डप्रजक जन्तु कहलाते हैं; जैसे-मेंढक, छिपकली, तितली आदि। ये जन्तु अण्डे देते हैं। इनके शिशु अण्डों से विकसित होते हैं।
प्रश्न 8. भ्रूण तथा गर्भ में भेद कीजिए।
उत्तर— निषेचन के परिणामस्वरूप युग्मनज बनता है जो लगातार विभाजित होकर कोशिकाओं के गोले में बदल जाता है। ये कोशिकाएँ समूहीकृत होकर विभिन्न ऊतकों और अंगों में परिवर्धित हो जाती हैं। इस विकसित होती हुई संरचना को भ्रूण कहते हैं। भ्रूण के निरन्तर विकास से विभिन्न शारीरिक अंग विकसित हो जाते हैं। भ्रूण की वह अवस्था जिसमें सभी शारीरिक भागों की पहचान हो सके 'गर्भ' कहलाता है।
प्रश्न 9. भ्रूण का गर्भाशय में रोपण का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर—
निबन्धात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1. लैंगिक जनन किसे कहते हैं? मनुष्य में युग्मनज बनने व भ्रूण के विकास को नामांकित चित्र सहित समझाइए।
अथवा
मानव में भ्रूण परिवर्धन की क्रिया को समझाइए।
उत्तर— लैंगिक जनन—ऐसा जनन जिसमें नर तथा मादा युग्मक का संलयन होता है, लैंगिक जनन कहलाता है।
मनुष्य में युग्मनज का बनना तथा भ्रूण का विकास— मनुष्य में जनन प्रक्रिया में जब शुक्राणु, अण्डाणु के सम्पर्क में आते हैं, तो इनमें से एक शुक्राणु अण्डाणु के साथ संलयित हो जाता है। शुक्राणु और अण्डाणु का यह संलयन निषेचन कहलाता है। निषेचन के समय शुक्राणु तथा अण्डाणु संलयित होकर एक हो जाते हैं। निषेचन के परिणामस्वरूप युग्मनज का निर्माण होता है। यही युग्मनज विकसित होकर भ्रूण बनाता है। युग्मनज लगातार विभाजित होकर कोशिकाओं के गोले में बदल जाता है। तत्पश्चात् कोशिकाएँ समूहीकृत होने लगती हैं तथा विभिन्न ऊतकों और अंगों में परिवर्धित हो जाती हैं। इस विकसित हुई संरचना को भ्रूण कहते हैं। भ्रूण गर्भाशय की दीवार में रोपित होकर विकसित होता रहता है। गर्भाशय में भ्रूण का निरन्तर विकास होता रहता है। धीरे-धीरे विभिन्न शारीरिक अंग जैसे कि हाथ, पैर, सिर, आँख, कान इत्यादि विकसित हो जाते हैं। भ्रूण की वह अवस्था जिसमें सभी शारीरिक भागों की पहचान हो सके, गर्भ कहलाता है। जब गर्भ का विकास पूरा हो जाता है, तो माँ नवजात शिशु को जन्म देती है।
प्रश्न 2. निषेचन किसे कहते हैं? जन्तुओं में निषेचन कितने प्रकार का होता है? नाम लिखिए। निषेचन क्रिया का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर— निषेचन—जब नर शुक्राणु मादा अण्डाणु के सम्पर्क में आते हैं तो एक शुक्राणु अण्डाणु के साथ संलयन हो जाता है। शुक्राणु और अण्डाणु का यह संलयन निषेचन कहलाता है।
प्रकार— जन्तुओं में निषेचन दो प्रकार से होता है- (i) आंतरिक निषेचन (ii) बाह्य निषेचन।
निषेचन क्रिया— वृषण, नर युग्मक उत्पन्न करते हैं, जिन्हें शुक्राणु कहते हैं। वृषण लाखों शुक्राणु उत्पन्न करते हैं। अण्डाशय मादा युग्मक उत्पन्न करते हैं जिसे अण्डाणु (डिम्ब) कहते हैं। जब शुक्राणु, अण्डाणु के सम्पर्क में आते हैं, तो इनमें से एक शुक्राणु अण्डाणु के साथ संलयित हो जाता है। शुक्राणु और अण्डाणु का यह संलयन निषेचन कहलाता है। निषेचन के समय शुक्राणु और अण्डाणु संलयित होकर एक हो जाते हैं। निषेचन के परिणामस्वरूप युग्मनज का निर्माण होता है।

चित्र: भ्रूण का गर्भाशय में रोपण (आवर्धित)

चित्र: मनुष्य में युग्मनज का बनना तथा भ्रूण का विकास
(ii) टेडपोल (लारवा), (iii) वयस्क। मादा मेंढक अण्डे पानी में देती है जहाँ शुक्राणुओं द्वारा इनका बाह्य निषेचन होता है। निषेचन के बाद अण्डों से टेडपोल (लारवा) निकलते हैं। इनकी प्रकृति जलीय जीव मछली जैसी होती है। इसमें मेंढक के गुण नहीं होते हैं। टेडपोल में परिवर्तन कई प्रकार से होते हैं, जो वयस्क मेंढक का निर्माण करते हैं।
प्रश्न 3. कायान्तरण किसे कहते हैं? मेंढक में अण्डे से वयस्क के बनने तक के विकास को नामांकित चित्र सहित समझाइए।
अथवा
मेंढक में कायान्तरण की क्रिया को सचित्र समझाइए।
उत्तर-कायान्तरण- लारवा के कुछ विशेष परिवर्तनों द्वारा वयस्क जन्तु में बदलने की प्रक्रिया को कायान्तरण कहते हैं। टेडपोल लारवा जिसमें मछली के गुण पाए जाते हैं, से वयस्क मेंढक में परिवर्तन कायान्तरण द्वारा ही होता है।
मेंढक में अण्डे से प्रारम्भ करके वयस्क बनने तक की क्रिया में तीन अवस्थाएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं-(i) अण्डा, (ii) टेडपोल (लारवा), (iii) वयस्क।
प्रश्न 4. क्लोन क्या है? पशु क्लोनीकरण की प्रक्रिया को समझाइए।
अथवा
क्लोन क्या है? डॉली भेड़ की क्लोनिंग किस प्रकार की गई? समझाइए।
उत्तर-क्लोन- किसी समरूप कोशिका या किसी अन्य जीवित भाग अथवा सम्पूर्ण जीव को कृत्रिम रूप से उत्पन्न करने की प्रक्रिया क्लोनिंग कहलाती है।
पशु क्लोनीकरण (Animal Cloning)- पशु क्लोनीकरण की नींव डॉ. इयान विलमट और उनके साथियों द्वारा रखी गई। इस प्रक्रिया में इन्होंने फिन डॉरसेट नामक मादा भेड़ की स्तन ग्रंथि से एक कोशिका तथा स्कॉटिश ब्लैकफेस ईव से एक अण्डकोशिका एकत्र की। अण्डकोशिका से केन्द्रक हटाकर, फिन डॉरसेट भेड़ की स्तन ग्रंथि से ली गई कोशिका के केन्द्रक को अण्डकोशिका में स्थापित कर दिया। इस प्रकार प्राप्त अण्डकोशिका को स्कॉटिश ब्लैकफेस ईव में रोपित किया गया। अण्डकोशिका का विकास एवं परिवर्धन सामान्य रूप से हुआ तथा अंततः डॉली का जन्म हुआ। यद्यपि स्कॉटिश ब्लैकफेस ईव ने डॉली को जन्म दिया था, परन्तु डॉली फिन डॉरसेट भेड़ के समरूप थी जिससे केन्द्रक लिया गया था।
प्रश्न 5. अलैंगिक जनन के लक्षण क्या हैं? अलैंगिक जनन के लाभ तथा हानियाँ लिखिए।
उत्तर-अलैंगिक जनन के लक्षण-
(1) इसमें केवल एक ही प्रकार का जीव भाग लेता है।
(2) उत्पन्न हुए जीव अपने माता-पिता से आनुवंशिकता में समान होते हैं।
(3) अलैंगिक जनन तीव्र गति से विभाजन को प्रदर्शित करता है।
अलैंगिक जनन के लाभ- अलैंगिक जनन सरल और तीव्र गति से होता है।
अलैंगिक जनन से हानियाँ-
(1) जीवों में विकासजन्य परिवर्तन संभव नहीं होता है। जीव पर्यावरण परिवर्तन के साथ अपने को बदल नहीं पाते हैं।
(2) आनुवंशिक खामियाँ जनक से सन्तान में जाती हैं।
प्रश्न 6. मधुमक्खियों में जनन को समझाइए।
उत्तर- मधुमक्खियों के छत्ते में केवल एक ही मधुमक्खी अण्डे देती है जिसे रानी मक्षिका कहते हैं। अन्य सभी मादाएँ...

चित्र: निषेचन (Fertilization) प्रक्रिया जिसमें शुक्राणु अण्डाणु में प्रवेश कर रहे हैं

चित्र: युग्मनज (Zygote) जिसमें संलयित केन्द्रक दिखाई दे रहा है

चित्र: मेंढक में कायान्तरण की विभिन्न अवस्थाएँ: (a) अण्डे, (b) आरम्भी टेडपोल, (c) बाद का टेडपोल, (d) वयस्क
500 —
कर्मी मक्षिका कहलाती हैं जिनका मुख्य कार्य छत्ता बनाना, अण्डों की देखभाल करना तथा रानी मक्षिका को पर्याप्त भोजन देकर स्वस्थ रखना है जिससे वह अण्डे दे सके। एक रानी मक्षिका हजारों अण्डे देती है। निषेचित अण्डे से मादा बनती है जबकि अनिषेचित अण्डे से नर बनते हैं, जो ड्रोन (पुंमक्षिका) कहलाते हैं।