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RBSE Class 8 Science Chapter 8 Solutions & Notes in Hindi

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-09📖 RBSE/NCERT Solutions
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भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल

राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।

8. बल तथा दाब

भाग 1: समाधान (अभ्यास एवं पाठगत प्रश्न)

पाठगत प्रश्न

प्रश्न 1. चुम्बक एक लोहे के टुकड़े को अपनी ओर आकर्षित करता है। क्या आकर्षण भी एक खिंचाव (अभिकर्षण) है? किसी चुम्बक के दो समान ध्रुवों के बीच प्रतिकर्षण के बारे में आप क्या सोचते हैं? यह खिंचाव (अभिकर्षण) है या धक्का (अपकर्षण)?

उत्तर- हाँ, आकर्षण भी एक खिंचाव (अभिकर्षण) है। किसी चुम्बक के दो समान ध्रुवों के बीच प्रतिकर्षण धक्का (अपकर्षण) है।

प्रश्न 2. यदि किसी वस्तु पर विपरीत दिशाओं में लगने वाले बल बराबर हैं तो क्या उस पर लगने वाला नेट बल शून्य होगा?

उत्तर- हाँ, इस स्थिति में नेट बल शून्य होगा।

प्रश्न 3. जल संभरण के लिए प्रयोग किये जाने वाले पाइपों के लीक करते हुए जोड़ों या सुराखों से पानी के फुव्वारे बाहर आना क्या पानी द्वारा पाइप की दीवारों पर लगाये जाने वाले दाब के कारण होता है?

उत्तर- हाँ, यह पानी द्वारा पाइपों की दीवारों पर लगाये जाने वाले दाब के कारण होता है।

प्रश्न 4. यदि सिर का क्षेत्रफल हो तो सिर पर वायु कितना बल लगा रही है?

उत्तर—एक क्षेत्रफल वाले सिर पर वायुमण्डल की ऊँचाई के बराबर ऊँचाई के स्तम्भ में वायु के कारण लगने वाले बल का मान, लगभग द्रव्यमान की किसी वस्तु पर लगने वाले गुरुत्व बल के बराबर होगा। अतः सिर पर वायु द्वारा का बल लगाया जा रहा है।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1. धक्के या खिंचाव के द्वारा वस्तुओं की गति की अवस्था में परिवर्तन के दो-दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर— धक्के के द्वारा वस्तुओं की गति की अवस्था में परिवर्तन के उदाहरण—

(1) मेज पर रखी पुस्तक को आगे की ओर गतिशील बनाना।

(2) दरवाजे को बन्द करना।

खिंचाव के द्वारा वस्तुओं की गति की अवस्था में परिवर्तन के उदाहरण—

(1) कुएँ से पानी की बाल्टी को खींचना।

(2) किसी मेज की दराज को खोलना।

प्रश्न 2. ऐसे दो उदाहरण दीजिए जिनमें लगाए गए बल द्वारा वस्तु की आकृति में परिवर्तन हो जाए।

उत्तर— (1) साइकिल की गद्दी पर बैठने पर साइकिल में लगी कमानी की आकृति बदल जाती है।

(2) गेंद को दबाने से उसकी आकृति में परिवर्तन आ जाता है।

प्रश्न 3. निम्नलिखित कथनों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—

(क) कुएँ से पानी निकालते समय हमें रस्सी को .................... पड़ता है।
(ख) एक आवेशित वस्तु अनावेशित वस्तु को .................... करती है।
(ग) सामान से लदी ट्रॉली को चलाने के लिए हमें उसको .................... पड़ता है।
(घ) किसी चुम्बक का उत्तरी ध्रुव दूसरे चुम्बक के उत्तरी ध्रुव को .................... करता है।

उत्तर— (क) खींचना, (ख) आकर्षित, (ग) धकेलना, (घ) प्रतिकर्षित।

प्रश्न 4. एक धनुर्धर लक्ष्य पर निशाना साधते हुए अपने धनुष को खींचती है। तब वह तीर को छोड़ती है जो लक्ष्य की ओर बढ़ने लगता है। इस सूचना के आधार पर निम्नलिखित प्रकथनों में दिए गए शब्दों का उपयोग करके रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—

पेशीय/ सम्पर्क/ असम्पर्क/ गुरुत्व/ घर्षण/ आकृति/ आकर्षण।

(क) धनुष को खींचने के लिए धनुर्धर एक बल लगाती है जिसके कारण, इसकी .................... में परिवर्तन होता है।
(ख) धनुष को खींचने के लिए धनुर्धर द्वारा लगाया गया बल .................... बल का उदाहरण है।
(ग) तीर की गति की अवस्था में परिवर्तन के लिए उत्तरदायी बल का प्रकार .................... बल का उदाहरण है।
(घ) जब तीर लक्ष्य की ओर गति करता है तो इस पर लगने वाला बल .................... तथा वायु के .................... कारण होते हैं।

उत्तर— (क) आकृति, (ख) पेशीय, (ग) सम्पर्क, (घ) गुरुत्व, घर्षण।

प्रश्न 5. निम्न स्थितियों में बल लगाने वाले कारक तथा जिस वस्तु पर बल लग रहा है, उनको पहचानिए। प्रत्येक स्थिति में जिस रूप में बल का प्रभाव दिखाई दे रहा है, उसे भी बताइए।

(क) रस निकालने के लिए नींबू के टुकड़ों को अंगुलियों से दबाना।
(ख) दंत मंजन की ट्यूब से पेस्ट बाहर निकालना।
(ग) दीवार में लगे हुए हुक से लटकी कमानी के दूसरे सिरे पर लटका एक भार।
(घ) ऊँची कूद करते समय एक खिलाड़ी द्वारा एक निश्चित ऊँचाई की छड़ (बाधा) को पार करना।

उत्तर—

स्थिति

बल का कारक

बल प्रभावित वस्तु

परिणाम

(क)

अंगुलियाँ

नींबू

रस का स्राव

(ख)

अंगुलियाँ

दंत मंजन की ट्यूब

पेस्ट का बाहर निकलना

(ग)

लटकता भार

कमानी

कमानी का लंबा होना

(घ)

टाँग का पेशीय बल

खिलाड़ी का शरीर

ऊँची कूद

प्रश्न 6. एक औजार बनाते समय कोई लोहार लोहे के गर्म टुकड़े को हथौड़े से पीटता है। पीटने के कारण लगने वाला बल लोहे के टुकड़े को किस प्रकार प्रभावित करता है?

उत्तर— पीटने के बल के कारण लोहे का टुकड़ा चपटा हो जाता है।

प्रश्न 7. एक फुलाए हुए गुब्बारे को संश्लिष्ट कपड़े के टुकड़े से रगड़कर एक दीवार पर दबाया गया। यह देखा गया कि गुब्बारा दीवार से चिपक जाता है। दीवार तथा गुब्बारे के बीच आकर्षण के लिए उत्तरदायी बल का नाम दीजिए।

उत्तर— स्थिर वैद्युत बल।

उत्तर—स्थिरवैद्युत बल।

प्रश्न 8. आप अपने हाथ में पानी से भरी एक प्लास्टिक की बाल्टी लटकाए हुए हैं। बाल्टी पर लगने वाले बलों के नाम बताइए। विचार-विमर्श कीजिए कि बाल्टी पर लगने वाले बलों द्वारा इसकी गति की अवस्था में परिवर्तन क्यों नहीं होता।

उत्तर— प्लास्टिक की बाल्टी पर लगने वाले बल हैं-

(1) पानी का गुरुत्वाकर्षण बल (नीचे की ओर)।

(2) हाथों का पेशीय बल (ऊपर की ओर)।

दोनों बलों से बाल्टी की गति की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं आता, क्योंकि यह एक-दूसरे के प्रभाव को समाप्त करते हैं। बाल्टी के भार के कारण से पेशियाँ खिंच जाती हैं।

प्रश्न 9. किसी उपग्रह को इसकी कक्षा में प्रमोचित (launch) करने के लिए किसी रॉकेट को ऊपर की ओर प्रक्षेपित किया गया। प्रमोचन मंच को छोड़ने के तुरंत बाद रॉकेट पर लगने वाले दो बलों के नाम बताइए।

उत्तर— प्रमोचित रॉकेट पर लगने वाले बल हैं-

(1) धरती पर गुरुत्वाकर्षण बल (नीचे की ओर)।

(2) ईंधन के जलने से उत्सर्जित गैसों का निर्मोचित बल (ऊपर की ओर)।

प्रश्न 10. जब किसी ड्रॉपर में चंचु (नोजल) को पानी में रखकर इसके बल्ब को दबाते हैं तो ड्रॉपर की वायु बुलबुलों के रूप में बाहर निकलती हुई दिखाई देती है। बल्ब पर से दाब हटा लेने पर ड्रॉपर में पानी भर जाता है। ड्रॉपर में पानी के चढ़ने का कारण है-

(क) पानी का दाब

(ख) पृथ्वी का गुरुत्व

(ग) रबड़ के बल्ब की आकृति

(घ) वायुमंडलीय दाब
(अ) बल किसी वस्तु को विराम अवस्था से गति में ला सकता है।
(ब) बल किसी गतिशील वस्तु की चाल परिवर्तित कर सकता है।
(स) बल किसी गतिशील वस्तु की दिशा में परिवर्तन कर सकता है।
(द) बल उपरोक्त सभी कार्य करने में सक्षम है।
(अ) सम्पर्क बल
(ब) असम्पर्क बल
(स) घर्षण बल
(द) उपरोक्त में कोई नहीं

3. निम्न में असम्पर्क बल का उदाहरण नहीं है-

(अ) चुम्बक का लोहे पर बल
(ब) स्थिरवैद्युत बल
(स) पेशीय बल
(द) गुरुत्व बल

4. दाब का सूत्र है-

(अ)
(ब)
(द) अ तथा ब दोनों

5. द्रव्यमान के किसी पिंड का भार होगा-

(अ)
(ब)
(स)
(द) अनिश्चित

6. किस बल के कारण नदियों में पानी नीचे की ओर बहता है?

(अ) पेशीय बल
(ब) स्थिर वैद्युत बल
(स) गुरुत्व बल
(द) घर्षण बल

7. एक आवेशित वस्तु द्वारा किसी दूसरी आवेशित वस्तु पर लगाया गया बल क्या कहलाता है?

(अ) सम्पर्क बल
(ब) घर्षण बल
(स) गुरुत्व बल
(द) स्थिर वैद्युत बल

8. कौन बर्तनों की दीवारों पर दाब डालते हैं?

(अ) द्रव
(ब) गैस
(स) द्रव व गैस
(द) इनमें से कोई नहीं

9. किसी लकड़ी के तख्ते में कील को इसके शीर्ष से ठोकने पर, कील नहीं ठोक पाते, इसका कारण है-

(अ) बल कम है
(ब) दाब कम है
(स) तख्ता कठोर है
(द) इनमें से कोई नहीं

10. द्रवों द्वारा लगाया गया दाब गहराई बढ़ने से-

(अ) कम होता है
(ब) समान रहता है
(स) बढ़ता है
(द) द्रव की प्रकृति पर निर्भर करता है

11. बल का मात्रक है-

(अ) न्यूटन
(ब) मीटर
(स) न्यूटन मीटर
(द) न्यूटन/मीटर

12. निम्न में से कौनसा सम्पर्क बल है?

(अ) गुरुत्व बल
(ब) चुंबकीय बल
(स) स्थिर वैद्युत बल
(द) घर्षण बल

उत्तर-तालिका- 1.
(द) 2.
(अ) 3.
(स) 4.
(अ) 5.
(ब) 6.
(स) 7.
(द) 8.
(स) 9.
(ब) 10.
(स) 11.
(अ) 12.
(द)।

रिक्त स्थानों की पूर्ति-

1. ............... दो वस्तुओं के बीच अन्योन्य क्रिया के कारण लगता है।

2. प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को ............... कहते हैं।

3. सभी वस्तुएँ एक-दूसरे के ऊपर बल लगाती हैं, यह ............... बल कहलाता है।

4. स्थिरवैद्युत बल ............... बल का उदाहरण है।

5. बल का ............... तथा दिशा दोनों होते हैं।

6. द्रव तथा गैसें बर्तनों की दीवारों पर ............... लगाते हैं।

7. हमारे चारों ओर की वायु द्वारा लगाए गए दाब को ............... कहते हैं।

8. घर्षण बल सभी ............... वस्तुओं पर लगता है।

उत्तर- 1. बल 2. दाब 3. गुरुत्वाकर्षण 4. असम्पर्क 5. परिमाण 6. दाब 7. वायुमंडलीय दाब 8. गतिशील।

सत्य/असत्य-

निम्नलिखित कथनों में सही के लिए 'T' तथा गलत के लिए 'F' अंकित कीजिए-

(1) बल दो वस्तुओं के बीच अन्योन्य क्रिया के कारण लगता है।

(2) बल में केवल दिशा होती है परिमाण नहीं होता।

(3) बल किसी वस्तु की आकृति में परिवर्तन नहीं कर सकता।

(4) घर्षण बल ही हमें अपने सभी क्रियाकलाप करने योग्य बनाता है।

(5) मांसपेशियों के क्रियास्वरूप लगने वाले बल को पेशीय बल कहते हैं।

(6) किसी एक चुम्बक पर दूसरे चुम्बक द्वारा लगाया गया बल असम्पर्क बल का उदाहरण है।

उत्तर- (1) T (2) F (3) F (4) F (5) T (6) T

'कॉलम-A' में दिए गए शब्दों का मिलान 'कॉलम-B' से कीजिए-

कॉलम-A

कॉलम-B

(i) गुरुत्व बल

(a) मांसपेशियों द्वारा लगाया गया बल

(ii) स्थिर वैद्युत बल

(b) वायु द्वारा लगाया गया दाब

(iii) वायुमंडलीय दाब

(c) आवेशित वस्तु द्वारा लगाया गया बल

(iv) पेशीय बल

(d) पृथ्वी द्वारा लगाया गया आकर्षण बल

उत्तर- (i) (d), (ii) (c), (iii) (b), (iv) (a)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. बल किसे कहते हैं?

उत्तर- किसी वस्तु पर लगने वाले धक्के (अभिकर्षण) या खिंचाव (अपकर्षण) को बल कहते हैं।

प्रश्न 2. बल के अभाव में पिंडों की प्रवृत्ति क्या होती है?

उत्तर- बल के अभाव में पिंड या तो विरामावस्था में रहेगा या सरल रेखा में एक समान वेग से गति करेगा।

प्रश्न 3. फर्श पर लुढ़क रही गेंद कुछ देर पश्चात् स्वयं रुक जाती है, इसके लिए कौन-सा बल उत्तरदायी है?

उत्तर- फर्श पर लुढ़क रही गेंद के स्वयं रुकने के लिए घर्षण बल उत्तरदायी है।

प्रश्न 4. यदि किसी वस्तु पर दो बल विपरीत दिशा में कार्य करते हैं तो कुल बल का मान कितना होगा?

उत्तर- बल का कुल मान दोनों बलों के अन्तर के बराबर होगा।

प्रश्न 5. पेशीय बल से क्या आशय है?

उत्तर- हमारे शरीर की मांसपेशियों द्वारा लगाया गया बल पेशीय बल होता है।

प्रश्न 6. स्थिरवैद्युत बल क्या है?

उत्तर- दो आवेशित वस्तुओं के बीच लगने वाले आकर्षण या प्रतिकर्षण बल को स्थिरवैद्युत बल कहते हैं।

प्रश्न 7. चुम्बकीय बल को परिभाषित कीजिए।

उत्तर- दो चुम्बकीय ध्रुवों के बीच अथवा एक चुम्बकीय ध्रुव तथा किसी चुम्बकीय पदार्थ जैसे लोहे के बीच लगने वाले बल को चुम्बकीय बल कहते हैं।

प्रश्न 8. उस बल का नाम बताइए जो केवल सम्पर्क में रखी दो वस्तुओं के बीच ही कार्य करता है।

उत्तर- घर्षण बल।

प्रश्न 9. दो उदाहरण दीजिए जहाँ वस्तु की गति बदलने के लिए बल लगाया जाता है।

उत्तर- ठोकर मारना, खींचना।

प्रश्न 10. दाब किसे कहते हैं?

उत्तर- किसी पृष्ठ के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को दाब कहते हैं।

प्रश्न 11. सम्पर्क बल के दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर- (1) पेशीय बल (2) घर्षण।

प्रश्न 12. असम्पर्क बल किसे कहते हैं?

उत्तर- वस्तुओं के सम्पर्क में न होने पर भी लगने वाला बल असम्पर्क बल कहलाता है।

प्रश्न 13. असम्पर्क बल के उदाहरण दीजिए।

उत्तर— (1) चुम्बकीय बल (2) स्थिरवैद्युत बल (3) गुरुत्वाकर्षण बल।

प्रश्न 14. बल लगने के लिए क्या आवश्यक है?

उत्तर— बल लगने के लिए कम से कम दो वस्तुओं में अन्योन्यक्रिया होनी आवश्यक है।

प्रश्न 15. बल की प्रबलता कैसे मापी जाती है?

उत्तर— बल की प्रबलता प्राय: इसके 'परिमाण' से मापी जाती है।

प्रश्न 16. यदि किसी वस्तु पर एक ही दिशा में कई बल लगाए जायें तो क्या होगा?

उत्तर— यदि किसी वस्तु पर एक ही दिशा में कई बल लगाए जायें तो लगाए गए बल जुड़ जाते हैं।

प्रश्न 17. घर्षण बल की दो विशेषताएँ बताइए।

उत्तर— (i) घर्षण बल सभी गतिशील वस्तुओं पर लगता है।

(ii) घर्षण बल की दिशा सदैव गति की दिशा के विपरीत होती है।

प्रश्न 18. क्या गुरुत्व केवल पृथ्वी का ही गुण है?

उत्तर— गुरुत्व केवल पृथ्वी का ही गुण नहीं है। वास्तव में विश्व में सभी वस्तुएँ चाहे वे छोटी हों या बड़ी हों, एक-दूसरे के ऊपर बल लगाती हैं।

प्रश्न 19. 'वायुमंडल' किसे कहते हैं?

उत्तर— हमारे चारों ओर उपस्थित वायु के आवरण को वायुमंडल कहते हैं।

प्रश्न 20. 'वायुमंडलीय दाब' से क्या तात्पर्य है?

उत्तर— वायुमंडलीय वायु द्वारा लगाए गए दाब को वायुमंडलीय दाब कहते हैं।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-(I Type)

प्रश्न 1. दाब की परिभाषा व सूत्र लिखिए।

उत्तर— दाब की परिभाषा—किसी पृष्ठ के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को दाब कहते हैं।

दाब का सूत्र—

प्रश्न 2. किसी वस्तु की चाल पर बल का क्या प्रभाव पड़ता है? समझाइए।

उत्तर— किसी वस्तु पर लगाए गए बल द्वारा उसकी चाल बदली जा सकती है। यदि लगाया गया बल गति की दिशा में है तो वस्तु की चाल बढ़ जाती है। यदि बल वस्तु की गति की दिशा के विपरीत दिशा में लगाया जाए तो वस्तु की चाल कम हो जाती है।

प्रश्न 3. किसी वस्तु की 'गति की अवस्था' से क्या तात्पर्य है?

उत्तर— किसी वस्तु की गति की अवस्था का वर्णन इसकी चाल तथा गति की दिशा से किया जाता है। विराम अवस्था को शून्य चाल की अवस्था माना जाता है। कोई वस्तु विराम अवस्था में अथवा गतिशील में हो सकती है। दोनों ही इसकी गति की अवस्थाएँ हैं।

प्रश्न 4. पेशीय बल की उपयोगिता को उदाहरण द्वारा समझाइए।

उत्तर— पेशीय बल ही हमें अपने सभी क्रियाकलाप करने योग्य बनाता है। इन क्रियाकलापों में शरीर की गति तथा मुड़ना भी सम्मिलित है। पेशीय बल द्वारा ही पाचन प्रक्रिया में भोजन आहार नाल में आगे की ओर धकेला जाता है। श्वसन प्रक्रिया में फेफड़ों का फैलना और सिकुड़ना भी पेशीय बल पर निर्भर करता है।

प्रश्न 5. एक उदाहरण से समझाइए कि बल (खिंचाव अथवा धक्का) किसी वस्तु की स्थिरावस्था में परिवर्तन उत्पन्न कर सकता है।

उत्तर— किसी कमरे में एक मेज स्थिर अवस्था में रखी है। इसे खींचकर अथवा धक्का देकर विस्थापित किया जा सकता है। दूसरी ओर समान बल लगाकर एक स्थिर दीवार की स्थिति में परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। इस प्रकार बल किसी वस्तु की स्थिरावस्था में परिवर्तन उत्पन्न कर सकता है या परिवर्तन करने का प्रयास कर सकता है।

प्रश्न 6. एक उदाहरण से समझाइए कि बल किसी समरूप गति को परिवर्तित कर देता है अथवा परिवर्तन करने का प्रयास करता है।

उत्तर— एक गेंद किसी चिकनी सतह पर एक समान वेग से गतिशील है। इसे विपरीत दिशा में बल लगाकर रोका जा सकता है लेकिन इतना ही बल आरोपित कर गतिमान कार को नहीं रोका जा सकता है। इस प्रकार बल किसी समरूप गति को परिवर्तित कर देता है अथवा परिवर्तन करने का प्रयास करता है।

प्रश्न 7. एक उदाहरण द्वारा समझाइए कि क्या बल किसी वस्तु की आकृति में परिवर्तन कर सकता है?

उत्तर— यह सत्य है कि बल लगाने से वस्तु की आकृति परिवर्तित हो सकती है। जैसे-यदि हम एक फूले हुए गुब्बारे को हथेलियों के मध्य दबाएँ तो उसकी आकृति बदल जाएगी। रबर की गेंद को दबाने पर भी उसकी आकृति बदल जाती है।

प्रश्न 8. घर्षण बल क्या है? यह कैसे कार्य करता है?

उत्तर— घर्षण बल—दो वस्तुओं की सतह के मध्य कार्यरत बल घर्षण बल है। यह बल गति की अवस्था में परिवर्तन कर देता है। इसकी दिशा सदैव गति की दिशा के विपरीत होती है क्योंकि यह बल दो सतहों के बीच सम्पर्क से उत्पन्न होता है, अतः यह एक सम्पर्क बल है।

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प्रश्न 9. द्रव के दाब से क्या तात्पर्य है?

उत्तर— द्रव के अन्दर द्रव के अणु भिन्न-भिन्न दिशाओं में अनियमित गति करते हैं। ये परस्पर तथा बर्तन की दीवारों से टकराते रहते हैं। बर्तन की दीवारें तथा तली अणुओं की टक्कर के कारण बल का अनुभव करती है, अतः बर्तन की दीवार अथवा तली के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को द्रव का दाब कहते हैं।

प्रश्न 10. वायुमण्डलीय दाब के कारण किसी व्यक्ति पर कार्यरत कुल बल है। व्यक्ति इतने अधिक बल को कैसे सहन कर लेता है जबकि उसके द्वारा एक टन लोड को भी ले जाना सम्भव नहीं है?

उत्तर— मानव शरीर में रक्त वायुमण्डलीय दाब के बराबर व विपरीत दाब लगाया जाता है जिससे यह बाहर के वायुमण्डलीय दाब को सन्तुलित कर देता है। इसीलिए व्यक्ति अपने ऊपर कार्यरत के वायुमण्डलीय दाब को आसानी से सहन कर लेता है।

प्रश्न 11. कुली अपने सिर पर एक कपड़े को गोल लपेट कर क्यों रखते हैं?

उत्तर— कुलियों को जब भारी बोझ उठाना होता है तो वे अपने सिर पर एक कपड़े को गोल लपेट कर रख लेते हैं। इससे वे अपने शरीर से बोझ के सम्पर्क क्षेत्रफल को बढ़ा देते हैं। अतः उनके शरीर पर लगने वाला दाब कम हो जाता है और वे बोझ को आसानी से उठा सकते हैं।

प्रश्न 12. सब्जियों को किसी कुंठित चाकू के बजाय तीखे चाकू से काटना आसान क्यों होता है?

उत्तर— किसी वस्तु पर बल लगाने से उत्पन्न दाब उस क्षेत्रफल पर निर्भर करता है जिस पर बल लगाया गया है। अतः यदि बल बराबर हो तो पृष्ठ का क्षेत्रफल जितना कम होता है उस पर दाब उतना ही अधिक होता है। इसीलिए कुंठित चाकू की तुलना में तीखे चाकू से सब्जियों पर लगाया गया दाब अधिक होता है जिसके कारण सब्जियाँ आसानी से कट जाती हैं।

प्रश्न 13. मानव शरीर का क्या होगा यदि वायुमण्डलीय दाब अचानक शून्य हो जाये?

उत्तर— मानव शरीर में रक्त द्वारा वायुमण्डलीय दाब के बराबर व विपरीत दाब लगाया जाता है जिससे यह बाहर के दाब को सन्तुलित कर देता है। यदि वायुमण्डलीय दाब अचानक शून्य हो जाये तो रक्त द्वारा वाहिनियों पर इतना अधिक दाब लगाया जाएगा कि वे फट जाएँगी जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति की मृत्यु हो जाएगी।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-(II-Type)

प्रश्न 1. बल किसे कहते हैं? अन्योन्य क्रिया के कारण बल कैसे कार्य करता है?

उत्तर— बल—किसी वस्तु पर लगने वाले धक्के (अभिकर्षण) या खिंचाव (अपकर्षण) को बल कहते हैं।

अन्योन्य क्रिया के कारण बल—हम यह कह सकते हैं कि बल लगने के लिए कम से कम दो वस्तुओं में अन्योन्य क्रिया होनी आवश्यक है। जैसे हम केवल कार के पीछे खड़े रहने मात्र से उसे गति नहीं दे सकते जब तक कि हम कार को धक्का नहीं लगाते। इस प्रकार हमारे व कार के मध्य यह क्रिया अन्योन्य क्रिया कहलाती है।

प्रश्न 2. बल के परिमाण से क्या आशय है? समझाइए।

उत्तर— हम जानते हैं कि यदि किसी वस्तु को दो व्यक्ति एक साथ एक ही दिशा में धकेलें तो वस्तु आसानी से आगे खिसक जाती है तथा यह कार्य दोनों विपरीत दिशा में खड़े रहकर करेंगे तो वस्तु को गति मिलना मुश्किल होगा। इस आधार पर यह कह सकते हैं कि किसी वस्तु पर एक ही दिशा में लगाए गए बल जुड़ जाते हैं तथा यदि दो बल विपरीत दिशा में कार्य करते हैं तो इस पर लगने वाला कुल (नेट) बल दोनों बलों के अन्तर के बराबर होता है। यही बल का परिमाण होता है।

इस प्रकार हम यह कह सकते हैं कि एक बल दूसरे से बड़ा या छोटा हो सकता है। बल की प्रबलता प्रायः इसके परिमाण से मापी जाती है। अतः बल की गणना में परिमाण व दिशा का ज्ञान होना अतिआवश्यक है।

प्रश्न 3. सम्पर्क बल से क्या आशय है? उदाहरण द्वारा समझाइए।

उत्तर— सम्पर्क बल—यदि किसी वस्तु पर बल लगाने के लिए वस्तु के साथ सीधा सम्पर्क करना पड़े तो वह बल सम्पर्क बल कहलाता है। जैसे-यदि हम पानी की बाल्टी को उठाते हैं तो बाल्टी का हाथ से सम्पर्क आवश्यक है तथा इस पर लगने वाला बल हमारी मांसपेशियों की क्रिया के कारण उत्पन्न होता है। यह बल पेशीय बल कहलाता है। अतः पेशीय बल एक सम्पर्क बल है। यह बल वस्तु के सम्पर्क के माध्यम से ही कार्य करता है।

प्रश्न 4. दो चुम्बकों के मध्य किस प्रकार बल कार्य करता है? समझाइए।

उत्तर— हम जानते हैं कि दो चुम्बकों के समान ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं तथा असमान ध्रुव एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं, अतः यह भी सामान्य बल खींचने व धक्के देने के अनुरूप है। किन्तु यह बल बिना सम्पर्क में आए कार्य कर सकता है, अतः यह एक प्रकार का असम्पर्क बल है। इसी प्रकार लोहे व चुम्बक के मध्य कार्यरत बल भी असम्पर्क बल होगा।

प्रश्न 5. गुरुत्व बल किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर- विश्व में सभी वस्तुएँ, चाहे वे छोटी हों या बड़ी हों, एक-दूसरे के ऊपर बल लगाती हैं। इसे ही गुरुत्व बल कहते हैं। यह एक आकर्षण बल है। गुरुत्व बल प्रत्येक वस्तु पर लगता है। यह हम सभी पर बगैर हमारी जानकारी के हर समय लगता रहता है। वस्तुएँ पृथ्वी पर इसीलिए गिरती हैं क्योंकि वह उन्हें आकर्षित करती हैं। पेड़ों से पत्तों तथा फलों का जमीन पर गिरना, नल खोलने पर पानी जमीन पर गिरना, नदियों का पानी नीचे की ओर बहना गुरुत्व बल के ही उदाहरण हैं।

प्रश्न 6. प्रकृति में विद्यमान कुछ मूल बलों के नाम लिखिए।

उत्तर- प्रकृति में विद्यमान कुछ मूल बल निम्नलिखित हैं-

(1) गुरुत्वाकर्षण बल- द्रव्यमान रखने वाली किन्हीं दो वस्तुओं के बीच लगने वाला बल।

(2) स्थिर वैद्युत बल- दो आवेशित वस्तुओं के बीच लगने वाला बल।

(3) चुम्बकीय बल- दो चुम्बकीय ध्रुवों के बीच अथवा चुम्बकीय ध्रुव तथा किसी चुम्बकीय पदार्थ के बीच लगने वाला बल।

(4) घर्षण बल- दो सतहों के बीच गति का विरोध करने वाला बल।

प्रश्न 7. बल द्वारा उत्पन्न किये जा सकने वाले प्रमुख प्रभाव बतलाइए।

उत्तर- बल द्वारा निम्न प्रभाव उत्पन्न किये जा सकने हैं-

(1) बल किसी वस्तु को विराम अवस्था से गति में ला सकता है तथा गतिशील अवस्था से विराम अवस्था में ला सकता है।

(2) बल गतिशील वस्तु की चाल में परिवर्तन कर सकता है।

(3) बल गतिशील वस्तु की दिशा में परिवर्तन कर सकता है।

(4) बल वस्तु की आकृति में परिवर्तन कर सकता है।

(5) बल इनमें से कुछ अथवा सभी प्रभावों को उत्पन्न कर सकता है।

प्रश्न 8. दाब किसे कहते हैं? इसमें बल लगने वाले क्षेत्रफल की भूमिका समझाइए।

उत्तर- दाब- किसी पृष्ठ के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को दाब कहते हैं। अर्थात्

किसी पृष्ठ का क्षेत्रफल जितना कम होगा, उस पर दाब उतना ही अधिक होगा। कील के नुकीले सिरे का क्षेत्रफल इसके शीर्ष की अपेक्षा बहुत कम होता है। अतः वही बल कील के नुकीले सिरे को लकड़ी के तख्ते में ठोकने के लिए पर्याप्त दाब उत्पन्न कर देता है तथा कील आसानी से तख्ते में चली जाती है।

प्रश्न 9. स्कूल बैगों की चौड़ी पट्टियाँ क्यों होती हैं?

उत्तर- स्कूल बैगों में कैनवस की बनी हुई चौड़ी पट्टी होती है जिससे कि बालक के कंधे के बड़े क्षेत्र पर बैग का भार पड़े और कंधे पर कम दाब उत्पन्न हो और कम दाब के कारण, भारी स्कूल बैग का ढोना अधिक आरामदायक होता है। दूसरी ओर, यदि स्कूल बैग में पतली रस्सी की बनी हुई पट्टी हो, तो स्कूल बैग का भार कंधे के छोटे से क्षेत्र पर पड़ेगा। इससे बालक के कंधे पर अधिक दाब उत्पन्न होगा और भारी स्कूल बैग ढोना काफी कष्टदायक हो जायेगा।

प्रश्न 10. जब मनुष्य चलता है तो भूमि पर दाब क्यों अधिक पड़ता है, अपेक्षाकृत कि जब वह खड़ा होता है?

उत्तर- जब मनुष्य चलता है, तो एक समय पर उसका एक ही पैर भूमि पर होता है। इसके कारण, मनुष्य के भार का बल भूमि के छोटे से क्षेत्र पर लगता है और भूमि पर अधिक दाब उत्पन्न करता है। दूसरी ओर, जब मनुष्य खड़ा होता है, तो उसके दोनों पैर भूमि पर होते हैं। इसके कारण मनुष्य के भार का बल भूमि के बड़े क्षेत्र पर लगता है और भूमि पर कम दाब उत्पन्न करता है।

प्रश्न 11. वायुमंडलीय दाब को एक क्रियाकलाप द्वारा समझाइए।

उत्तर- वायुमंडलीय दाब को हम निम्न क्रियाकलाप द्वारा समझ सकते हैं-

क्रियाकलाप- रबड़ की एक अच्छी चूषक लेते हैं। इसको किसी समतल चिकने पृष्ठ पर जोर से दबाते हैं। यह पृष्ठ पर चिपक जायेगी क्योंकि चूषक को दबाने पर इसके अंदर की वायु बाहर निकल जाती है तथा चूषक पर वायुमंडलीय दाब लगता है। इससे वह पृष्ठ पर चिपक जाती है। अब यदि हम चूषक को पृष्ठ से अलग करना चाहें तो हमें काफी बल लगाना पड़ेगा। इसके लिए लगाए गए बल का मान वायुमंडलीय दाब से अधिक हो तब ही चूषक समतल पृष्ठ से अलग होगी अन्यथा नहीं। इससे हम वायुमंडलीय दाब का अनुमान लगा सकते हैं।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. बल किसे कहते हैं? सम्पर्क और असम्पर्क बलों में अन्तर बताइए।

उत्तर- बल- किसी वस्तु पर लगने वाले धक्के (अभिकर्षण) या खिंचाव (अपकर्षण) को बल कहते हैं।

सम्पर्क और असम्पर्क बलों में अन्तर-

(1) सम्पर्क बल- यदि किसी वस्तु पर बल लगाने के

लिए वस्तु के साथ सीधा सम्पर्क करना पड़े तो वह बल सम्पर्क बल कहलाता है। जैसे-यदि हम पानी की बाल्टी को उठाते हैं तो बाल्टी का हाथ से सम्पर्क आवश्यक है तथा इस पर लगने वाला बल हमारी मांसपेशियों की क्रिया के कारण उत्पन्न होता है। यह बल पेशीय बल कहलाता है। अतः पेशीय बल एक सम्पर्क बल है। यह बल वस्तु के सम्पर्क के माध्यम से ही कार्य करता है। घर्षण भी सम्पर्क का उदाहरण है।

(2) असम्पर्क बल-जब किसी वस्तु पर अन्य किसी वस्तु के सम्पर्क में आये बिना बल लगता है तो वह असम्पर्क बल कहलाता है। जैसे-दो चुम्बकों के समान ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं तथा असमान ध्रुव एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं। यह बल बिना सम्पर्क में आए कार्य करता है, अतः यह एक प्रकार का असम्पर्क बल है। उदाहरण-चुम्बकीय बल, स्थिरवैद्युत बल एवं गुरुत्वाकर्षण बल।

प्रश्न 2. स्थिर वैद्युत बल किसे कहते हैं? स्थिर वैद्युत बल को प्रदर्शित करने वाले प्रयोग को चित्र सहित समझाइए।

उत्तर- स्थिर वैद्युत बल-एक आवेशित वस्तु द्वारा किसी दूसरी आवेशित अथवा अनावेशित वस्तु पर लगाया गया बल स्थिर वैद्युत बल कहलाता है। वस्तुओं के सम्पर्क में नहीं होने पर भी यह बल कार्य करता है।

स्थिर वैद्युत बल का प्रदर्शन-प्रयोग- हम प्लास्टिक की एक बड़ी स्ट्रॉ लेंगे और इसे दो बराबर भागों में बाँटेंगे।

चित्र-कागज से रगड़ा हुआ स्ट्रॉ दूसरे स्ट्रॉ को आकर्षित करता है लेकिन यदि लटका हुआ स्ट्रॉ भी कागज की शीट से रगड़ा जाए तो यह उसे प्रतिकर्षित करता है।

अब इसके एक टुकड़े को धागे की सहायता से किसी टेबल के एक किनारे से चित्रानुसार लटकायेंगे। अब स्ट्रॉ के दूसरे टुकड़े को हाथ में पकड़कर इसके स्वतंत्र सिरे को कागज की एक शीट पर रगड़ेंगे। अब स्ट्रॉ के इस सिरे को टेबल पर लटके हुए स्ट्रॉ के सिरे के पास लायेंगे लेकिन यह एक-दूसरे को छुए नहीं। हम देखते हैं कि कागज की शीट से रगड़ा हुआ स्ट्रॉ टेबल पर लटके हुए स्ट्रॉ को आकर्षित करता है।

अब हम टेबल से लटके हुए स्ट्रॉ के स्वतंत्र सिरे को भी कागज पर रगड़ेंगे। अब पहले की तरह दोनों स्ट्रॉ को नजदीक लाते हैं। हम देखते हैं कि अब टेबल से लटका हुआ स्ट्रॉ प्रतिकर्षित होता है।

इस प्रकार स्पष्ट है कि कागज की शीट से रगड़े जाने पर स्ट्रॉ स्थिर वैद्युत आवेश उपार्जित कर लेता है।

प्रश्न 3. प्रयोग द्वारा दर्शाइए कि "किसी बर्तन की तली पर पानी द्वारा लगाया जाने वाला दाब पानी के स्तम्भ की ऊँचाई पर निर्भर करता है।"

उत्तर- पारदर्शी काँच की एक नली अथवा प्लास्टिक का पाइप लीजिए। पाइप/नली की लम्बाई लगभग तथा इसका व्यास लगभग होना चाहिए। एक अच्छी, पतली रबड़ की शीट भी लीजिए। आप गुब्बारे की रबड़ का भी प्रयोग कर सकते हैं। पाइप के एक सिरे पर रबड़ की शीट को तान कर बाँध दीजिए। पाइप को ऊर्ध्वाधर स्थिति में रखते हुए बीच में से पकड़िए। अपने किसी मित्र से पाइप में कुछ पानी उँडेलने के लिए कहिए। रबड़ की शीट बाहर की ओर फूल जाती है। पाइप में पानी के स्तम्भ की ऊँचाई नोट कर लेते हैं। पाइप में कुछ पानी और उँडेलिए। रबड़ शीट के फुलाव तथा पाइप में पानी के स्तम्भ की ऊँचाई को पुनः नोट कीजिए। इस प्रक्रिया को कुछ बार दोहराइए। आप देखेंगे कि जैसे-जैसे पाइप में पानी के स्तम्भ की ऊँचाई बढ़ती है रबड़ शीट का फुलाव भी बढ़ता जाता है। अतः इस प्रयोग द्वारा दर्शाया जा सकता है कि किसी बर्तन की तली पर पानी द्वारा लगाया जाने वाला दाब पानी के स्तम्भ की ऊँचाई पर निर्भर करता है।

चित्र : किसी बर्तन की तली पर पानी द्वारा लगाया जाने वाला पानी के स्तम्भ की ऊँचाई पर निर्भर करता है।

प्रश्न 4. प्रयोग द्वारा समझाइए कि द्रव बर्तन की दीवारों पर समान गहराई पर समान दाब डालता है? आवश्यक चित्र भी बनाइए।

उत्तर- द्रव बर्तन की दीवारों पर समान गहराई पर समान दाब डालता है। इसे हम अग्र प्रयोग द्वारा समझ सकते हैं।

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 8 चित्र 1

चित्र: Experiment showing a straw hanging from a table being attracted by another straw rubbed with paper

कक्षा 8 विज्ञान पाठ 8 चित्र 2

चित्र: Experiment showing a pipe with a rubber sheet at the bottom, demonstrating pressure variation with water height

प्रयोग—हम एक बेलनाकार बर्तन लेंगे। बर्तन ऐसा हो जिसमें सरलता से सुराख किये जा सकें। अतः प्लास्टिक की खाली बोतल अधिक उपयुक्त होगी। अब हम बोतल में इसके पेंदे के पास समान ऊँचाई पर चारों दिशाओं में चार सुराख करेंगे। यह ध्यान देना आवश्यक है कि सभी सुराख पेंदे से एकसमान ऊँचाई पर हों। अब बोतल को पानी से भरेंगे।

हम देखते हैं कि बोतल के चारों सुराखों से निकलने वाला पानी बोतल से बराबर की दूरी पर गिरता है। इससे स्पष्ट होता है कि द्रव बर्तन की दीवारों पर समान गहराई पर समान दाब डालता है।