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सामाजिक विज्ञान (Social Science)हिंदी माध्यम2026-27

RBSE Class 8 Social Science Chapter 11 Solutions & Notes in Hindi

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-09📖 RBSE/NCERT Solutions
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भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल

राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।

अध्याय 3 - संसद तथा कानूनों का निर्माण

भाग 1: समाधान (अभ्यास एवं पाठगत प्रश्नोत्तर)

पाठगत प्रश्न

प्रश्न 1. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार क्यों मिलना चाहिए? इसके पक्ष में एक कारण बताइए।

उत्तर- लोकतंत्र में व्यक्ति या नागरिक ही सबसे महत्वपूर्ण है। सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के माध्यम से ही लोगों का निर्णय लोकतांत्रिक सरकार का गठन करता है और उसके काम-काज के बारे में फैसला देता है। अतः सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का मिलना लोकतंत्र के लिए अति आवश्यक है।

प्रश्न 1. विधायक (एम.एल.ए.) कौन होता और उसका चुनाव कैसे किया जाता है- इस बात को समझाने के लिए 'निर्वाचन क्षेत्र' और 'प्रतिनिधित्व' शब्दों का प्रयोग करें।

उत्तर- प्रत्येक राज्य की विधानसभा के प्रतिनिधियों को विधायक (एम.एल.ए.) कहा जाता है। राज्य को बहुत सारे निर्वाचन क्षेत्रों में बांट दिया गया है। प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से एक व्यक्ति को चुनकर विधानसभा में भेजा जाता है और वह उस निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का विधानसभा में प्रतिनिधित्व करता है। निर्वाचन वयस्क मताधिकार के आधार पर किया जाता है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार आमतौर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्य होते हैं।

प्रश्न 2. राज्य विधानसभा और संसद (लोकसभा) के बीच क्या फर्क है- इस बारे में अपने शिक्षक के साथ चर्चा कीजिये।

उत्तर- (1) राज्य विधानसभा राज्य स्तर की सरकार के निर्वाचित प्रतिनिधियों की सभा है। इसका कार्यक्षेत्र राज्य है और यह राज्य सूची तथा समवर्ती सूची में दिये गये विषयों पर ही कानून निर्माण कर सकती है। संसद (लोकसभा) केंद्रीय स्तर की सरकार के निर्वाचित प्रतिनिधियों की सभा है। इसका कार्यक्षेत्र समूचा राष्ट्र है और यह संघ सूची तथा समवर्ती सूची में दिये गये विषयों पर कानून बनाने का अधिकार रखती है।

(2) राज्य विधानसभा जहाँ राज्य सरकार को नियंत्रित करती है, वहीं लोकसभा केंद्रीय सरकार को नियंत्रित करती है।

प्रश्न 3. नीचे दिये गये विकल्पों में से कौनसे काम राज्य सरकार के हैं और कौनसे केन्द्र सरकार के हैं?

(क) चीन के साथ शांतिपूर्ण सम्बन्ध रखा जाएगा।
(ख) मध्य प्रदेश में बोर्ड के तहत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षा 8 को बोर्ड की परीक्षाओं से बाहर रखा जायेगा।
(ग) अजमेर और मैसूर के बीच एक नयी रेलगाड़ी चलायी जायेगी।
(घ) 1000 रुपये का नोट जारी किया जायेगा।

उत्तर- (क) केन्द्र सरकार (ख) राज्य सरकार (ग) केन्द्र सरकार (घ) केन्द्र सरकार।

प्रश्न 4. निम्नलिखित शब्दों को रिक्त स्थानों में भरें-

सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार, विधायकों, प्रतिनिधियों, प्रत्यक्ष रूप से

हमारे समय में लोकतांत्रिक सरकारों को आमतौर पर प्रतिनिधित्वमूलक लोकतंत्र की संज्ञा दी जाती है। प्रतिनिधित्वमूलक लोकतंत्र में लोग .......(1)....... हिस्सेदारी नहीं करते बल्कि चुनाव प्रक्रिया के जरिए अपने .......(2)....... को चुनते हैं। ये .......(3)....... पूरी जनता के बारे में मिलकर फैसले लेते हैं। आज के दौर में ऐसी किसी सरकार को लोकतांत्रिक नहीं कहा जा सकता जो अपने लोगों को .......(4)....... न देती हो। इसका मतलब यह है कि देश के सभी वयस्क नागरिकों को वोट देने का अधिकार होता है।

उत्तर- (1) प्रत्यक्ष रूप से (2) प्रतिनिधियों (3) विधायकों (4) सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार।

प्रश्न 5. आप पढ़ चुके हैं कि पंचायत, राज्य विधायिका या संसद के लिए चुने जाने वाले ज्यादातर निर्वाचित प्रतिनिधियों को 5 साल की अवधि के लिए चुना जाता है। ऐसा क्यों है कि जनप्रतिनिधियों को केवल कुछ सालों के लिए ही चुना जाता है, जीवनभर के लिए नहीं?

उत्तर- ज्यादातर निर्वाचित प्रतिनिधियों को 5 साल की अवधि के लिए इसलिए चुना जाता है कि वे प्रतिनिधि अपने कार्यों के लिए जनता के प्रति उत्तरदायी रहें। 5 साल की अवधि के बाद होने वाले चुनावों में जनता उनके कार्यों का लेखा-जोखा करती है और यदि वे जनता की कसौटी पर खरे उतरते हैं तो जनता उन्हें पुनः निर्वाचित कर सकती है। कसौटी पर खरा नहीं उतरने पर जनता उन्हें अगले चुनाव में निर्वाचित नहीं करेगी। यदि जीवन भर के लिए इन प्रतिनिधियों को निर्वाचित कर दिया जायेगा तो वे जनता के प्रति उत्तरदायी नहीं रह सकेंगे।

प्रश्न 1. पाठ्यपुस्तक केपर दी गई तालिका के आधार पर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दें-

(क) कौन सरकार बनायेगा? क्यों?
(ख) विपक्ष किसको कहा जायेगा? उसकी क्या भूमिका है?
(ग) लोकसभा में चर्चा के लिए कौन उपस्थित होंगे?

उत्तर- (क) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार बनायेगी क्योंकि 543 सांसदों की लोकसभा में उसे स्पष्ट बहुमत प्राप्त है।

(ख) जो दल सरकार में शामिल नहीं होंगे, उन दलों के लोकसभा सांसद मिलकर विपक्ष कहलायेंगे। विपक्षी दल सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की कमियों को जनता के सामने लाते हैं और अपनी नीतियों के लिए जनसमर्थन जुटाते हैं।
(ग) लोकसभा में चर्चा के लिए सरकार तथा सभी दलों के लोकसभा सांसद उपस्थित होंगे।

प्रश्न 2. (पाठ्यपुस्तक के)पर दिये गये चित्र में 1962 में हुए तीसरे लोक सभा चुनावों के परिणाम दिखाए गये हैं। इस चित्र के आधार पर निम्नलिखित सवालों के जवाब दें-

(क) लोकसभा में किस राज्य के सांसद सबसे अधिक हैं? आपके विचार से ऐसा क्यों है?
(ख) लोकसभा में किस राज्य के सांसदों की संख्या सबसे कम है?
(ग) किस राजनीतिक दल ने सभी राज्यों में सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं?
(घ) आपके राज्य में कौनसा दल सरकार बनायेगा? कारण बताएँ।

उत्तर- (क) लोकसभा में उत्तर प्रदेश राज्य के सांसद सबसे अधिक (86) हैं। इसका कारण उस राज्य की अधिक जनसंख्या तथा बड़े क्षेत्र का होना है।

(ख) लोकसभा में मणिपुर और त्रिपुरा के सांसदों की संख्या (2) सबसे कम है।
(ग) कांग्रेस ने सभी राज्यों में सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं।
(घ) ये लोकसभा के चुनाव थे। राज्य की सरकार का निर्धारण विधानसभा चुनाव के आधार पर होता है।

प्रश्न 1. घरेलू हिंसा से आप क्या समझते हैं? हिंसा की शिकार महिलाओं को नए कानून से कौनसे दो मुख्य अधिकार प्राप्त हुए हैं?

उत्तर- घरेलू हिंसा से अभिप्राय- जब परिवार का कोई पुरुष सदस्य (आमतौर पर पति) घर की किसी औरत (आमतौर पर पत्नी) के साथ मारपीट करता है, उसे चोट पहुँचाता है, या मारपीट अथवा चोट की धमकी देता है तो इसे घरेलू हिंसा कहा जाता है। औरत को यह नुकसान शारीरिक मारपीट या भावनात्मक शोषण के कारण पहुंच सकता है। यह शोषण मौखिक, यौन या फिर आर्थिक शोषण भी हो सकता है। घरेलू हिंसा कानून, 2005 में महिलाओं की सुरक्षा के संदर्भ में घरेलू शब्द के अर्थ को और व्यापक बना दिया है। अब ऐसी महिलाएँ भी घरेलू दायरे का हिस्सा मानी जाएंगी जो हिंसा करने वाले पुरुष के साथ एक ही मकान में 'रहती हैं' या 'रह चुकी हैं'।

हिंसा की शिकार महिलाओं को नए कानून से निम्नलिखित दो मुख्य अधिकार प्राप्त हुए हैं-

(1) यह कानून साझे मकान में रहने के महिलाओं के अधिकार को मान्यता देता है। महिलाएँ किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ सुरक्षा का आदेश प्राप्त कर सकती हैं।

(2) महिलाएँ अपने इलाज और अन्य खर्चों के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकती हैं।

प्रश्न 2. क्या आप एक ऐसी प्रक्रिया बता सकते हैं जिसका इस्तेमाल इस कानून की जरूरत के बारे में लोगों को अवगत कराने के लिए किया गया हो?

उत्तर- इस कानून की जरूरत के बारे में लोगों को अवगत कराने के लिए निम्न प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया है-

(1) विभिन्न महिला संगठनों द्वारा सुनी गई शिकायतों के आधार पर सुझाव।

(2) जनसभाएँ।

(3) अखबारों के संपादकीय।

(4) टेलीविजन रिपोर्ट।

(5) संवाददाता सम्मेलन।

(6) वकीलों, कानून के विद्यार्थियों तथा समाज वैज्ञानिकों द्वारा विधेयक का मसौदा तैयार कर लोगों को पढ़ाना।

(7) रेडियो प्रसारण आदि।

प्रश्न 3. चित्रकथा में लोगों ने कौनसे दो तरीकों से संसद पर दबाव बनाया?

उत्तर- इस चित्रकथा में 2002 के विधेयक का विरोध करते हुए नये विधेयक के लिए निम्नलिखित दो तरीकों से संसद पर दबाव बनाया—

(i) संवाददाता सम्मेलन बुलाकर इस विधेयक की कमियों को प्रेस के सम्मुख स्पष्ट किया।

(ii) कम्प्यूटर पर एक ऑन लाइन याचिका भी शुरू की ताकि इंटरनेट पर लोग तुरन्त अपनी राय दे सकें।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1. राष्ट्रवादी आन्दोलन ने इस विचार का समर्थन किस प्रकार किया कि सभी वयस्कों को मत देने का अधिकार होना चाहिए?

उत्तर- औपनिवेशिक शासन के अनुभव और राष्ट्रवादी आन्दोलन में तरह-तरह के लोगों की हिस्सेदारी के आधार पर राष्ट्रवादियों को विश्वास हो गया था कि स्वतंत्र भारत में सभी लोग अपने जीवन को प्रभावित करने वाले फैसलों में हिस्सा लेने की क्षमता रखते हैं। इस आधार पर राष्ट्रवादी आन्दोलन ने इस विचार का समर्थन किया कि सभी वयस्कों को मत देने का अधिकार होना चाहिए।

प्रश्न 2. पाठ्यपुस्तक में पृष्ठ संख्या 45 पर 2004 के संसदीय चुनाव क्षेत्रों का नक्शा दिया गया है। इस नक्शे में अपने राज्य के चुनाव क्षेत्रों को पहचानने का प्रयास करें। आपके चुनाव क्षेत्र के सांसद का क्या नाम है? आपके राज्य से संसद में कितने सांसद जाते हैं? कुछ निर्वाचन क्षेत्रों को हरे और कुछ को नीले रंग में क्यों दिखाया गया है?

उत्तर- (1) पाठ्यपुस्तक में दिये गये संसदीय चुनाव क्षेत्रों के नक्शे में अपने राज्य के चुनाव क्षेत्रों की पहचान छात्र स्वयं करें।

(2) छात्र अपने चुनाव क्षेत्र के सांसद का नाम लिखें।

(3) राजस्थान राज्य से संसद (लोकसभा) में 25 सांसद जाते हैं।

(4) अनुसूचित जाति के निर्वाचन क्षेत्रों को नीले रंग में दिखाया गया है और अनुसूचित जनजाति के निर्वाचन क्षेत्रों को हरे रंग में दिखाया गया है।

प्रश्न 3. अध्याय 1 में आपने पढ़ा था कि भारत में प्रचलित 'संसदीय शासन व्यवस्था' में तीन स्तर होते हैं। इनमें से एक स्तर संसद (केन्द्र सरकार) का तथा दूसरा स्तर विभिन्न राज्य विधायिकाओं (राज्य सरकार) का होता है। अपने क्षेत्र के विभिन्न प्रतिनिधियों से संबंधित सूचनाओं के आधार पर तालिका को भरें।

उत्तर-

राज्य सरकार

केन्द्र सरकार

1. कौन सा/से राजनीतिक दल अभी सत्ता में हैं?

भारतीय जनता पार्टी

भाजपा नीत गठबंधन

2. आपके क्षेत्र से निर्वाचित प्रतिनिधि कौन है?

(छात्र अपने-अपने क्षेत्र के विधायक का नाम लिखें)

(छात्र अपने क्षेत्र के लोकसभा सदस्य का नाम लिखें)

3. अभी कौनसा राजनीतिक दल विपक्ष में है?

कांग्रेस

कांग्रेस

4. पिछले चुनाव कब हुए थे?

2023 में

2019 में

5. अगले चुनाव कब होंगे?

2028 में

2024 में

6. आपके राज्य से कितनी महिला प्रतिनिधि हैं?

20

3 *

* दिया कुमारी ने राजस्थान विधानसभा के 2023 के चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

प्रश्न 4. घरेलू हिंसा पर नया कानून किस तरह बना, महिला संगठनों ने इस प्रक्रिया में अलग-अलग तरीके से क्या भूमिका निभाई, उसे अपने शब्दों में लिखिये।

उत्तर- घरेलू हिंसा पर नये कानून के निर्माण की प्रक्रिया-

1990 के दशक में विभिन्न मंचों से घरेलू हिंसा को रोकने हेतु एक नये कानून की मांग उठने लगी क्योंकि महिलाओं ने विभिन्न मंचों को अपनी आपबीती सुनाई और इस बात पर बल दिया कि वे मारपीट से बचाव चाहती हैं, अपने मकान में रहना चाहती हैं। इससे निपटने के लिए एक नया नागरिक कानून होना चाहिए।

1999 में वकीलों, कानून के विद्यार्थियों और समाज वैज्ञानिकों के संगठन 'लॉयर्स कलेक्टिव' ने राष्ट्रव्यापी चर्चा के बाद घरेलू हिंसा (रोकथाम एवं सुरक्षा) विधेयक का मसौदा तैयार किया। इसमें घरेलू हिंसा की परिभाषा में शारीरिक, आर्थिक, यौन और मौखिक तथा भावनात्मक दुर्व्यवहार को शामिल करने तथा साझा घरेलू दायरे में रहने वाली किसी भी महिला को इस कानून के तहत रखा गया।

इस पर विचार-विमर्श के लिए अलग-अलग संस्थानों के साथ बैठकें की गई तथा सरकार के समक्ष यह मांग रखी।

गई कि महिला आन्दोलन घरेलू हिंसा पर एक नया कानून चाहता है। सरकार को यह प्रस्ताव जल्दी से जल्दी संसद में पेश करना चाहिए।

विधेयक का संसद में प्रस्तुतीकरण—सन् 2002 में घरेलू हिंसा विधेयक संसद में पेश कर दिया गया लेकिन इस विधेयक में उन बातों को शामिल नहीं किया गया जो सरकार को सुझाई गयी थीं। फलतः महिला संगठनों ने इस विधेयक का विरोध किया। कई महिला संगठनों और राष्ट्रीय महिला आयोग ने संसद की स्थायी समिति को अपने ये सुझाव भी सौंपे कि वर्तमान प्रस्तावित विधेयक को बदलना जरूरी है। वे घरेलू हिंसा की प्रस्तावित परिभाषा से सहमत नहीं हैं।

स्थायी समिति की सिफारिशें तथा नये विधेयक का प्रस्तुतीकरण एवं मंजूरी—दिसम्बर, 2002 में स्थायी समिति ने अपनी सिफारिशें राज्यसभा को सौंप दीं। इन सिफारिशों को लोकसभा में भी पेश किया गया। कमेटी की रिपोर्ट में महिला संगठनों की ज्यादातर मांगों को स्वीकार कर लिया गया था। 2005 में संसद के सामने एक नया विधेयक पेश किया गया।

दोनों सदनों से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद विधेयक कानून बन गया। 2006 से घरेलू हिंसा महिला सुरक्षा कानून लागू हुआ।

इस कानून में महिलाओं के हिंसा-मुक्त परिवार के अधिकार को मान्यता दी गयी है और घरेलू हिंसा की एक व्यापक परिभाषा पेश की गयी है।

भाग 2: पाठ सार (महत्वपूर्ण तथ्य, शब्दावली एवं संकल्पनाएँ)

पाठ-सार

(1) लोकतांत्रिक व्यवस्था- निर्णय प्रक्रिया में सहभागिता और लोकतांत्रिक सरकार के लिए नागरिकों की सहमति वे तत्व हैं जो सम्मिलित रूप से भारत में एक लोकतांत्रिक व्यवस्था का निर्माण करते हैं। इस बात की सबसे अच्छी अभिव्यक्ति संसद के रूप में मिलती है।

(2) लोगों को फैसला क्यों लेना चाहिए?- औपनिवेशिक शासन के अनुभव और स्वतंत्रता संघर्ष में तरह-तरह के लोगों की हिस्सेदारी के आधार पर राष्ट्रवादियों को विश्वास हो गया था कि स्वतंत्र भारत में सभी लोग अपने जीवन को प्रभावित करने वाले फैसलों में हिस्सा लेने की क्षमता रखते हैं। अतः स्वतंत्र भारत की सरकार को लोगों की जरूरतों और मांगों के प्रति संवेदनशील रखने के लिए लोगों को फैसला लेना चाहिए। स्वतंत्र भारत के संविधान में इसी दृष्टिकोण से सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के सिद्धान्त को अपनाया।

(3) लोग और उनके प्रतिनिधि- सहमति का विचार लोकतंत्र का प्रस्थान बिन्दु होता है। सहमति का मतलब है- चाह, स्वीकृति और लोगों की हिस्सेदारी। व्यक्ति द्वारा सरकार को मंजूरी देने का एक तरीका चुनाव है। लोग संसद के लिए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। इन्हीं निर्वाचित प्रतिनिधियों में से एक समूह सरकार बनाता है। जनता द्वारा चुने गये सभी प्रतिनिधियों के समूह को संसद कहा जाता है जो सरकार को नियंत्रित करती है और उसका मार्गदर्शन करती है।

(4) संसद की भूमिका- स्वतंत्रता के बाद गठित की गई भारतीय संसद लोकतंत्र के सिद्धान्तों में भारतीय जनता की आस्था का प्रतीक है। ये सिद्धान्त हैं- निर्णय प्रक्रिया में जनता की हिस्सेदारी और सहमति पर आधारित शासन। जनता वयस्क मताधिकार के आधार पर लोकसभा के लिए सांसदों का निर्वाचन 5 वर्ष के लिए करती है। संसद के चुनाव हो जाने के बाद उसे निम्नलिखित काम करने होते हैं-

(क) राष्ट्रीय सरकार का चुनाव करना, (ख) सरकार को नियंत्रित करना, मार्गदर्शन देना और जानकारी देना, (ग) कानून बनाना।
(अ) सन् 1885 में
(ब) 1946 में
(स) सन् 1947 में
(द) 1950 में

2. भारत स्वतन्त्र हुआ—

(अ) 15 अगस्त, 1947 को
(ब) 26 जनवरी, 1950 को
(स) 15 अगस्त, 1942 को
(द) 26 जनवरी, 1885 को

3. किन आम चुनावों में पहली बार पूरे देश में ई.वी.एम. का इस्तेमाल किया गया?

(अ) सन् 1984 के चुनावों में
(ब) सन् 1962 के चुनावों में
(स) सन् 1967 के चुनावों में
(द) सन् 2004 के चुनावों में

4. जनता द्वारा चुने गये लोकसभा के प्रतिनिधियों को कहा जाता है—

(अ) पार्षद
(ब) सांसद
(स) विधायक
(द) पंच

5. सरकार बनाने के लिए निर्वाचित 543 लोकसभा सदस्यों में से किसी दल के पास कम से कम कितने सदस्य होने चाहिए?

(अ) 172
(ब) 372
(स) 272
(द) 292

6. राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किये जाते हैं—

(अ) 2 सदस्य
(ब) 12 सदस्य
(स) 10 सदस्य
(द) 5 सदस्य

7. भारत में लोकसभा में सत्ताधारी दल का मुखिया होता है—

(अ) लोकसभा सभापति
(ब) प्रधानमंत्री
(स) राष्ट्रपति
(द) उपराष्ट्रपति

8. लोकतंत्र का प्रस्थान बिंदु होता है—

(अ) सहमति का विचार
(ब) असहमति का विचार
(स) अनिच्छा
(द) केवल सक्षम लोगों की भागीदारी

9. राज्यसभा में कुल कितने सदस्य होते हैं?

(अ) 543
(ब) 545
(स) 233
(द) 245

10. भारतीय संसद के कितने सदन हैं?

(अ) एक
(ब) दो
(स) तीन
(द) चार

11. कानून बनाने में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका होती है—

(अ) राष्ट्रपति की
(ब) उपराष्ट्रपति की
(स) संसद की
(द) विपक्ष की

12. भारत में घरेलू हिंसा महिला सुरक्षा कानून लागू हुआ—

(अ) 1999 से
(ब) 2002 से
(स) 2005 से
(द) 2006 से

13. कानून निर्माण में संसद के दोनों सदनों से स्वीकृति के बाद विधेयक मंजूरी के लिए जाता है—

(अ) लोकसभा अध्यक्ष के पास
(ब) राज्यसभा के सभापति के पास
(स) राष्ट्रपति के पास
(द) प्रधानमंत्री के पास

14. घरेलू हिंसा कानून 2005 के द्वारा किस शब्द की व्याख्या को व्यापक किया गया?

(अ) घरेलू
(ब) हिंसा
(स) कानून
(द) अधिकार

15. कोई कानून पारित होने से किस स्थिति में उस पर टकराव अथवा विवाद पैदा हो सकता है?

(अ) जब वह किसी एक समूह की हिमायत और दूसरे की उपेक्षा करता है।
(ब) जब वह सबके हितों की रक्षा करता है।
(स) जब वह देश हित में होता है।
(द) जब वह मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है।

उत्तरमाला- 1. (अ) 2. (अ) 3. (द) 4. (ब) 5. (स) 6. (ब) 7. (ब) 8. (अ) 9. (द) 10. (ब) 11. (स) 12. (द) 13. (स) 14. (अ) 15. (अ)।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. सहमति का विचार ................. का प्रस्थानबिंदु होता है।

2. ................. लोकतंत्र के सिद्धांतों में भारतीय जनता की आस्था का प्रतीक है।

3. प्रधानमंत्री अपने दल के सांसदों में से ................. का चुनाव करता है।

4. ................. के माध्यम से सांसद सरकार के कामकाज के बारे में जानकारियाँ हासिल करते हैं।

5. भारत में घरेलू हिंसा ................. सुरक्षा कानून ................. से लागू हुआ।

6. लोकतंत्र में आम नागरिक संसद द्वारा बनाए जाने वाले ................. कानूनों के बारे में अपनी ................. व्यक्त कर सकते हैं।

7. यदि अदालत को ऐसा लगता है कि कोई कानून ................. के विरुद्ध है तो वह उसे ................. कर सकती है।

8. ................. एक महत्त्वपूर्ण व्यवस्था है, इसके माध्यम से ................. सरकार के कामकाज के बारे में जानकारियाँ हासिल करते हैं।

9. संसद द्वारा पारित अलोकप्रिय कानून प्राय: ................. योग्य होते हैं।

उत्तर- 1. लोकतंत्र 2. भारतीय संसद 3. मंत्रियों 4. प्रश्नकाल 5. महिला, 2006 6. दमनकारी, असहमति 7. संविधान, रद्द 8. प्रश्नकाल, सांसद, 9. आलोचना।

सही या गलत बताइए-

1. हमारा देश भारत 26 जनवरी, 1950 को आजाद हुआ।

2. लोकसभा के लिए हर छ: साल में चुनाव करवाए जाते हैं।

3. भारतीय संसद में राष्ट्रपति और दो सदन होते हैं।

4. भारत का प्रधानमंत्री लोकसभा में सभी दलों का मुखिया होता है।

5. जब संसद का सत्र चल रहा होता है तो उसमें सबसे पहले प्रश्नकाल होता है।

उत्तर- 1. गलत 2. गलत 3. सही 4. गलत 5. सही।

सही मिलान कीजिए-

(अ)

(ब)

1. भारतीय संसद का अंग

(i) 2

2. लोकसभा में सत्ताधारी दल का मुखिया

(ii) 543

3. लोकसभा में निर्वाचित सदस्यों की संख्या

(iii) राष्ट्रपति

4. राज्यसभा में निर्वाचित सदस्यों की संख्या

(iv) प्रधानमंत्री

5. लोकसभा में मनोनीत सदस्यों की संख्या

(v) 233

उत्तर- 1. (iii) 2. (iv) 3. (ii) 4. (v) 5. (i)।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने विधायिका में निर्वाचित सदस्य होने की मांग कब रखी?

उत्तर- सन् 1885 में।

प्रश्न 2. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार से क्या आशय है?

उत्तर- सार्वभौमिक मताधिकार से आशय है—सभी वयस्क नागरिकों को वोट देने का अधिकार होना।

प्रश्न 3. भारतीय संसद के लिए निर्वाचित प्रतिनिधि क्या कहलाता है?

उत्तर- सांसद।

प्रश्न 4. भारतीय संसद के लिए निर्वाचित सदस्यों की अधिकतम संख्या क्या है?

उत्तर- 543 निर्वाचित सदस्य।

प्रश्न 5. लोकतंत्र के पीछे मूल सोच क्या होती है?

उत्तर- लोकतंत्र के पीछे मूल सोच यह होती है कि व्यक्ति या नागरिक ही सबसे महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 6. भारतीय संसद लोकतंत्र के किन सिद्धांतों में भारतीय जनता की आस्था का प्रतीक है?

उत्तर- लोकतंत्र के ये सिद्धांत हैं—(1) निर्णय प्रक्रिया में जनता की हिस्सेदारी और (2) सहमति पर आधारित शासन।

प्रश्न 7. भारतीय संसद के कितने अंग हैं?

उत्तर- भारतीय संसद के तीन अंग हैं—(1) राष्ट्रपति (2) राज्य सभा और (3) लोकसभा।

प्रश्न 8. कौनसे राजनीतिक दल विपक्षी दल कहलाते हैं?

उत्तर- संसद में बहुमत प्राप्त करने वाले दल या गठबंधन का विरोध करने वाले सभी राजनीतिक दल विपक्षी दल कहलाते हैं।

प्रश्न 9. कार्यपालिका किसे कहते हैं?

उत्तर- कार्यपालिका ऐसे लोगों का समूह होती है जो संसद द्वारा बनाए गए कानूनों को लागू करने के लिए मिलकर काम करते हैं।

प्रश्न 10. राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव कौन करता है?

उत्तर- राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य करते हैं।

प्रश्न 11. कानून बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका किसकी होती है?

उत्तर- संसद की।

प्रश्न 12. अंग्रेजों ने राजद्रोह कानून कब लागू किया?

उत्तर- सन् 1870 में।

प्रश्न 13. भारत सरकार ने महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए कौनसा कानून बनाया?

उत्तर- घरेलू हिंसा महिला सुरक्षा कानून।

प्रश्न 14. नागरिकों की आवाज संसद तक कैसे पहुँचती है?

उत्तर- नागरिकों की आवाज टी.वी. रिपोर्टों, अखबारों के संपादकीय, रेडियो प्रसारणों और आमसभाओं के माध्यम से संसद तक पहुँचती है।

प्रश्न 15. यदि किसी महिला को उसके पति द्वारा प्रताड़ित किया जाता है, तो वह महिला किस कानून के तहत सुरक्षा की माँग कर सकती है?

उत्तर- घरेलू हिंसा महिला सुरक्षा कानून के तहत।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-I

प्रश्न 1. स्पष्ट कीजिये कि सहमति का विचार लोकतंत्र का प्रस्थान बिन्दु होता है।

उत्तर- सहमति का अर्थ है—चाह, स्वीकृति और लोगों की हिस्सेदारी। लोगों का निर्णय ही लोकतांत्रिक सरकार का गठन करता है और उसके काम-काज के बारे में फैसला देता है। इसके पीछे मूल सोच यह होती है कि व्यक्ति या नागरिक ही सबसे महत्वपूर्ण है और सैद्धान्तिक स्तर पर सरकार एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों में इन नागरिकों की आस्था होनी चाहिए। इससे स्पष्ट होता है कि सहमति का विचार लोकतंत्र का प्रस्थान बिन्दु है।

प्रश्न 2. लोकतंत्र में संसद की भूमिका का विश्लेषण कीजिये।

उत्तर- लोकतंत्र में संसद राष्ट्रीय सरकार का चुनाव करती है। यह सरकार को नियंत्रित करती है, उसका मार्गदर्शन करती है और उसको जानकारी देती है। यह देश के लिए कानून बनाने का कार्य करती है।

प्रश्न 3. नये कानून के निर्माण में नागरिकों की भूमिका को स्पष्ट कीजिये।

उत्तर- सबसे पहले समाज के विभिन्न समूह ही किसी खास कानून के लिए आवाज उठाते हैं। वे जनता की चिंताओं को कानून के दायरे में लाने के लिए संसद को जागरूक करते हैं। नागरिकों की यह आवाज टेलीविजन रिपोर्टों, अखबारों के संपादकीय, रेडियो प्रसारणों और आमसभाओं के जरिये सुनी और व्यक्त की जा सकती है। इन सारे संचार माध्यमों के जरिये संसद का कानून निर्माण का कार्य ठोस और पारदर्शी तरीके से जनता के सामने आता है।

प्रश्न 4. अलोकप्रिय कानून से क्या आशय है?

उत्तर- अलोकप्रिय कानून-कई बार संसद ऐसा कानून पारित कर देती है जो लोगों को रास नहीं आता क्योंकि उन्हें लगता है कि उसके पीछे नीयत साफ नहीं थी। इसलिए लोग उसकी आलोचना कर व उसका विरोध कर अपनी असहमति व्यक्त करते हैं। जब बहुत सारे लोग यह मानने लगते हैं कि गलत कानून पारित हो गया है, तो ऐसा कानून अलोकप्रिय कानून कहलाता है।

प्रश्न 5. अलोकप्रिय कानूनों के संदर्भ में जनता सरकार पर किस प्रकार से दबाव बना सकती है?

उत्तर- अलोकप्रिय कानूनों की जनता आलोचना करती है, उनके खिलाफ जनसभाएँ करती है। इसकी अभिव्यक्ति अखबारों, टी.वी. चैनलों में होती हैं। अब बहुत सारे लोग यह मानने लग जाते हैं कि गलत कानून पारित हो गया है तो संसद के ऊपर उस पर पुनर्विचार का दबाव पड़ता है।

प्रश्न 6. संसद के नियंत्रण के लिए नागरिकों की भूमिका को समझाइये।

उत्तर- प्रतिनिधियों का चुनाव करने के बाद नागरिकों को अखबारों और अन्य संचार माध्यमों के जरिए इस बात की नजर रखनी चाहिए कि संसद क्या कर रही है अर्थात् उनके निर्वाचित सांसद क्या कर रहे हैं। अगर नागरिकों को लगता है कि वे सही काम नहीं कर रहे हैं तो नागरिकों को उनकी आलोचना करते हुए सरकार में अपनी भागीदारी को दिखाना चाहिए। इससे संसद सजग और सतर्क रहेगी और अपना काम सही ढंग से करेगी।

प्रश्न 7. लोकतंत्र में संसद की आवश्यकता क्यों है?

उत्तर- भारतीय संसद लोकतंत्र के सिद्धान्तों में भारतीय जनता की आस्था का प्रतीक है। ये सिद्धान्त हैं—निर्णय प्रक्रिया में जनता की हिस्सेदारी और सहमति पर आधारित शासन। हमारी व्यवस्था में संसद के पास महत्त्वपूर्ण शक्तियाँ हैं क्योंकि वह जनता का प्रतिनिधित्व करती है। वह सरकार का निर्माण करती है तथा उसको नियंत्रित करती है। साथ ही संसद सरकार का मार्गदर्शन करती है और आवश्यक जानकारी देती है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-II

प्रश्न 1. व्यक्ति सरकार को अपनी मंजूरी कैसे देता है?

उत्तर- व्यक्ति चुनाव के माध्यम से सरकार को अपनी मंजूरी देता है। लोग संसद के लिए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। इन्हीं निर्वाचित प्रतिनिधियों में से एक समूह सरकार बनाता है। जनता द्वारा चुने गये सभी प्रतिनिधियों के समूह को संसद कहते हैं। संसद सरकार को नियंत्रित करती है और उसका मार्गदर्शन करती है। इस प्रकार अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से ही लोग सरकार बनाते और उस पर नियंत्रण रखते हैं।

प्रश्न 2. भारत में सरकार का निर्माण किस प्रकार होता है?

उत्तर—लोकसभा में बहुमत प्राप्त राजनैतिक दल सरकार बनाता है। यदि लोकसभा में किसी एक राजनैतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो कई राजनैतिक दल मिलकर बहुमत का दावा करते हैं। बहुमत प्राप्त दल या गठबंधन का नेता राष्ट्रपति के सम्मुख सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत करता है और राष्ट्रपति उसे प्रधानमंत्री नियुक्त करता है। प्रधानमंत्री की सलाह से राष्ट्रपति अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है।

प्रश्न 3. राज्यसभा की भूमिका को स्पष्ट कीजिये।

उत्तर—राज्यसभा भारतीय संसद का उच्च या द्वितीय सदन है। यह सभा देश के राज्यों की प्रतिनिधि के रूप में काम करती है। इसके प्रमुख कार्य ये हैं—

(1) राज्यसभा भी कोई कानून बनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकती है।

(2) किसी विधेयक को कानून के रूप में लागू करने के लिए यह जरूरी है कि उसे राज्यसभा की भी मंजूरी मिल चुकी हो।

(3) राज्यसभा लोकसभा द्वारा पारित कानूनों की समीक्षा करती है और अगर जरूरत हुई तो उसमें संशोधन करती है।

प्रश्न 4. प्रश्नकाल क्या है?

उत्तर—प्रश्नकाल—जब संसद का सत्र चल रहा होता है तो उसमें सबसे पहले प्रश्नकाल होता है। प्रश्नकाल एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसके माध्यम से सांसद सरकार के कामकाज के बारे में जानकारियाँ हासिल करते हैं। इसके माध्यम से संसद कार्यपालिका को नियंत्रित करती है। इसमें पूछे जाने वाले विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से सरकार को उसकी खामियों के प्रति आगाह किया जाता है। इसमें विपक्षी दल सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की कमियां सामने लाते हैं। सांसदों के प्रश्नों से सरकार को भी महत्वपूर्ण फीडबैक मिलता है।

निबन्धात्मक प्रश्न—

प्रश्न 1. संसद का गठन किस प्रकार होता है?

उत्तर—भारतीय संसद—भारतीय संसद देश की सर्वोच्च कानून निर्मात्री संस्था है। इसमें राष्ट्रपति एवं दो सदन—(अ) राज्यसभा एवं
(ब) लोकसभा होते हैं—

(अ) राज्यसभा—राज्यसभा मुख्य रूप से देश के राज्यों की प्रतिनिधि के रूप में काम करती है। राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य करते हैं। राज्यसभा में 233 निर्वाचित सदस्य होते हैं और 12 सदस्य राष्ट्रपति की ओर से मनोनीत किये जाते हैं।
(ब) लोकसभा—लोकसभा में कुल 545 सदस्य होते हैं। इसमें 543 निर्वाचित सदस्य और 2 मनोनीत सदस्य होते हैं। संसद के सदस्यों का निर्वाचन सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर जनता द्वारा किया जाता है। आमतौर पर लोकसभा के लिए हर पांच साल में चुनाव करवाए जाते हैं। देश को बहुत सारे निर्वाचन क्षेत्रों में बाँट दिया गया है। प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से एक व्यक्ति को संसद में भेजा जाता है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार आमतौर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्य होते हैं।

लोकसभा की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं।

प्रश्न 2. संसद की भूमिका को स्पष्ट कीजिये।

अथवा

संसद के प्रमुख कार्यों की विवेचना कीजिये।

उत्तर— संसद की भूमिका

या

संसद के प्रमुख कार्य

संसद के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

(1) राष्ट्रीय सरकार का चुनाव करना—संसद के दो सदन हैं—(1) लोकसभा और (2) राज्यसभा। लोकसभा में जिस राजनैतिक दल का बहुमत होता है, उसका नेता राष्ट्रपति के सम्मुख सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत करता है और राष्ट्रपति उसे प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त करता है तथा प्रधानमंत्री की सलाह से वह अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है। इस प्रकार कार्यपालिका की नियुक्ति लोकसभा का एक महत्वपूर्ण कार्य होता है।

यदि लोकसभा में किसी एक राजनैतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाता है तो कई राजनैतिक दल मिलकर स्पष्ट बहुमत का निर्माण कर अपना नेता चुनते हैं और एक गठबंधन सरकार बना लेते हैं तथा साझा मुद्दों पर कार्य करते हैं।

(2) सरकार को नियंत्रित करना, मार्गदर्शन देना और जानकारी देना—प्रश्नकाल के माध्यम से सांसद सरकार के कामकाज के बारे में जानकारियाँ हासिल करते हैं। सवालों के माध्यम से सरकार को उसकी कमियों के प्रति आगाह किया जाता है। विपक्षी दलों के संसद-सदस्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की कमियों को सामने लाते हैं और

अपनी नीतियों के लिए जन समर्थन जुटाते हैं। सांसदों के प्रश्नों के चलते सरकार चुस्त बनी रहती है। इसके अतिरिक्त वित्त से संबंधित सभी मामलों में संसद की मंजूरी सरकार के लिए महत्वपूर्ण होती है। इस प्रकार संसद सरकार को नियंत्रित करती है, उसका मार्गदर्शन करती है और उसको सूचित करती है।

(3) कानून बनाना - भारतीय संसद देश की सर्वोच्च कानून निर्मात्री संस्था है। कानून बनाना संसद का एक महत्वपूर्ण कार्य है।

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