📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
अध्याय 7 - जनसुविधाएँ
भाग 1: समाधान (अभ्यास एवं पाठगत प्रश्नोत्तर)
पाठगत प्रश्न
प्रश्न 1. (i) क्या चेन्नई में सभी के लिए पानी का संकट है? (ii) क्या आप बता सकते हैं कि अलग-अलग लोगों को अलग-अलग मात्रा में पानी क्यों मिलता है? दो कारण बताएँ।
उत्तर— (i) नहीं, चेन्नई में सभी के लिए पानी का संकट नहीं है। कुछ प्रभावशाली लोगों को आवश्यकता से अधिक जल उपलब्ध है।
(ii) अलग-अलग लोगों को अलग-अलग मात्रा में पानी मिलने के दो कारण ये हैं—
प्रश्न 1. जनसुविधाएँ क्या होती हैं? जनसुविधाएँ मुहैया कराने की जिम्मेदारी सरकार पर क्यों होनी चाहिए?
उत्तर— जनसुविधाएँ—ऐसी सुविधाएँ जिनका सम्बन्ध व्यक्ति की मूलभूत सुविधाओं से होता है, जनसुविधाएँ कहलाती हैं। जैसे—पानी, स्वच्छता, बिजली, सार्वजनिक परिवहन, अस्पताल, विद्यालय, कॉलेज आदि।
जनसुविधाएँ मुहैया कराने की जिम्मेदारी सरकार पर ही होनी चाहिए क्योंकि हमारे संविधान में जीवन के अधिकार का भी आश्वासन दिया गया है जो देश के सभी लोगों को प्राप्त है। अतः इसकी जिम्मेदारी सरकार पर ही है।
प्रश्न 2. आपको ऐसा क्यों लगता है कि जनसुविधाओं की जिम्मेदारी सरकार के ऊपर ही होनी चाहिए जबकि वह इन कामों को निजी कंपनियों के जरिये भी करवा सकती है?
उत्तर— जनसुविधाओं की जिम्मेदारी सरकार के ऊपर ही होनी चाहिए। सरकार को इसे निजी कंपनियों के द्वारा नहीं करवाना चाहिए क्योंकि निजी कंपनियाँ सुविधाएँ तो मुहैया कराती हैं, लेकिन उनकी कीमत इतनी ज्यादा होती है कि चंद लोग ही उसका खर्च उठा पाते हैं। जो लोग इन सुविधाओं के एवज में खर्च नहीं कर पाएँगे वे सम्मानजनक जीवन जीने से वंचित रह जायेंगे। लेकिन ये लोगों की मूलभूत आवश्यकताएँ होती हैं जिनका पूरा होना समाज के सभी लोगों के लिए आवश्यक है।
प्रश्न 1. (अ) अगर सरकार जलापूर्ति की जिम्मेदारी से हाथ खींच ले तो क्या होगा? (ब) क्या आपको लगता है कि यह सही कदम होगा?
उत्तर— (अ) यदि सरकार जलापूर्ति की जिम्मेदारी से हाथ खींच ले तो निजी कंपनियाँ जलापूर्ति के क्षेत्र में आगे आयेंगी लेकिन पानी के इस्तेमाल में जबरदस्त असमानता बढ़ जायेगी तथा पानी की दर अत्यधिक बढ़ जायेगी। बहुत सारे लोग पानी का खर्च उठाने में अक्षम हो जायेंगे तथा लोग पानी के लिए आंदोलनरत हो जायेंगे।
(ब) पानी की आपूर्ति
2. चेन्नई की निम्न से किस बस्ती में पानी की सर्वाधिक कमी है—
(स) मैलापुर में
3. सरकार को जन-सुविधाओं के लिए पैसा मिलता है—
4. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अन्तर्गत पानी के अधिकार को जीवन के अधिकार का हिस्सा माना गया है—
(ब) अनुच्छेद 17
(द) अनुच्छेद 23
अथवा
पानी के अधिकार को किस अधिकार का हिस्सा माना गया है?
(ब) सूचना का अधिकार
5. चेन्नई में किस मूलभूत सुविधा की कमी है?
(ब) वस्त्र
(द) बिजली
6. निम्नलिखित में से जनसुविधा है—
(स) पानी
7. केन्द्रीय बजट 2018-19 के अनुसार केन्द्रीय सरकार करों एवं शुल्कों के रूप में राज्यों को 1 रुपये में कितना हिस्सा देती है?
(ब) 18 पैसे
(द) 9 पैसे
8. कम दूरी के लिए सार्वजनिक परिवहन का सबसे महत्त्वपूर्ण साधन है—
(ब) बस
(द) इनमें से कोई नहीं
9. 2011 के सरकारी आँकड़ों के अनुसार भारत के कितने प्रतिशत परिवारों के पास पेयजल सुविधा उपलब्ध है?
(ब) 48 प्रतिशत
(द) 92 प्रतिशत
10. भारतीय संविधान 6-14 वर्ष के बच्चों को किस अधिकार की गारन्टी देता है?
(ब) शिक्षा का अधिकार
11. जन-सुविधाओं को मुहैया कराने की जिम्मेदारी होती है—
(ब) राष्ट्रीय कंपनी की
12. जन-सुविधाओं का सम्बन्ध किससे होता है?
(द) विपक्षी दल से
उत्तरमाला—1. (द) 2. (अ) 3. (ब) 4. (स) 5. (स) 6. (द) 7. (अ) 8. (ब) 9. (स) 10. (ब) 11. (अ) 12. (ब)।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिये—
1. .................... से सम्बन्धित बीमारियों के कारण हर रोज 1600 से ज्यादा भारतीय मौत के मुँह में चले जाते हैं।
2. भारतीय संविधान 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को .................... की गारंटी देता है।
3. .................... का सम्बन्ध लोगों की मूलभूत सुविधाओं से होता है।
4. जलापूर्ति में .................... का बोझ ज्यादातर .................... पर पड़ता है।
5. मुंबई की .................... एक अच्छी सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है।
6. तेज .................... के कारण बड़े शहरों में भी .................... बस प्रणाली जरूरत के हिसाब से कम साबित होती जा रही है।
7. ग्रामीण इलाकों में .................... और .................... दोनों के लिए पानी की जरूरत पड़ती है।
8. बहुत सारी .................... कंपनियाँ शहर के आसपास के इलाकों से .................... खरीद कर शहरों में बेचती है।
उत्तर—1. पानी 2. शिक्षा के अधिकार 3. जनसुविधाओं 4. कमी, गरीबों 5. उपनगरीय रेलवे 6. शहरीकरण, सार्वजनिक, 7. मनुष्यों, मवेशियों 8. निजी, पानी।
सही या गलत बताइए—
1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 49 के अन्तर्गत पानी के अधिकार को जीवन के अधिकार का हिस्सा माना गया है।
2. किसी जनसुविधा का एक बार निर्माण हो जाने के बाद उसका बहुत सारे लोग इस्तेमाल कर सकते हैं।
3. निजी कम्पनियाँ जनसुविधाएँ बहुत सस्ती दरों पर उपलब्ध कराती हैं।
4. बजट के जरिए सरकार अपने नफे-नुकसान का ब्यौरा पेश करती है।
5. महानगरों और बड़े शहरों के मुकाबले कस्बों और गाँवों में जनसुविधाओं की स्थिति ज्यादा अच्छी है।
उत्तर—1. गलत 2. सही 3. गलत 4. सही 5. गलत।
सही मिलान कीजिए—
(अ) | (ब) |
पानी की भारी किल्लत | - मुंबई |
सफल मेट्रो रेल परियोजना | - हैदराबाद |
जल विभाग के दायरे में वृद्धि | - दिल्ली |
उपनगरीय रेलवे | - चेन्नई |
उत्तर—(अ) | (ब)
पानी की भारी किल्लत | - चेन्नई |
सफल मेट्रो रेल परियोजना | - दिल्ली |
जल विभाग के दायरे में वृद्धि | - हैदराबाद |
उपनगरीय रेलवे | - मुंबई |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1. जन-सुविधाएँ क्या हैं?
उत्तर—एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए व्यक्ति को जिन मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता होती है, उसे जन-सुविधाएँ कहा जाता है।
प्रश्न 2. प्रमुख जन-सुविधाओं के नाम लिखिये।
उत्तर-प्रमुख जन-सुविधायें हैं-पानी, स्वास्थ्य और स्वच्छता, बिजली, सार्वजनिक परिवहन, विद्यालय और कालेज आदि।
प्रश्न 3. जन-सुविधा की एक विशेषता बताइये।
उत्तर- एक बार निर्माण हो जाने के बाद उसका बहुत सारे लोग इस्तेमाल कर सकते हैं।
प्रश्न 4. जन-सुविधाएँ मुहैया कराने की जिम्मेदारी किसकी है?
उत्तर- जन-सुविधाएँ मुहैया कराने की जिम्मेदारी सरकार की है।
प्रश्न 5. जन-सुविधाएँ मुहैया कराने की जिम्मेदारी सरकार की ही क्यों होनी चाहिए?
उत्तर- जन-सुविधाएँ मुहैया कराने की जिम्मेदारी सरकार की ही होनी चाहिए क्योंकि सरकार ही इन्हें सस्ती और समतापरक ढंग से लोगों को मुहैया करा सकती है।
प्रश्न 6. कोई निजी कंपनी जन सुविधाओं के कामों में दिलचस्पी क्यों नहीं लेती है?
उत्तर- निजी कंपनियाँ मुनाफे के लिए चलती हैं और ज्यादातर जनसुविधाओं से मुनाफे की गुंजाइश नहीं होती। फलस्वरूप कोई निजी कंपनी इस तरह के कामों में दिलचस्पी नहीं लेती।
प्रश्न 7. भारतीय संविधान में किन-किन अधिकारों को जीवन के अधिकार का हिस्सा माना गया है?
उत्तर- भारतीय संविधान में पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि अधिकारों को जीवन के अधिकार का हिस्सा माना गया है।
प्रश्न 8. भारतीय संविधान कितने वर्ष की आयु के सभी बच्चों को शिक्षा के अधिकार की गारंटी देता है?
उत्तर- भारतीय संविधान 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को शिक्षा के अधिकार की गारंटी देता है।
प्रश्न 9. शिक्षा के अधिकार का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण पहलू क्या है?
उत्तर- शिक्षा के अधिकार का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण पहलू यह है कि सभी बच्चों को समान रूप से स्कूली शिक्षा उपलब्ध हो।
प्रश्न 10. ज्यादा पानी के इस्तेमाल पर उसकी दर बढ़ जाती है। इसके पीछे सरकार का क्या उद्देश्य है?
उत्तर- ज्यादा पानी के इस्तेमाल पर उसकी दर को बढ़ाने के पीछे सरकार का यह उद्देश्य है कि पानी का उपभोग आवश्यकता के अनुसार किया जाये, उसका दुरुपयोग न हो।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-I
प्रश्न 1. सरकार द्वारा नागरिकों को दी जाने वाली कोई दो जन सुविधाएँ बताइये।
उत्तर- सरकार द्वारा नागरिकों को दी जाने वाली दो जन सुविधाएँ ये हैं-
(i) सरकार द्वारा नागरिकों को पीने हेतु स्वच्छ जल की आपूर्ति की जाती है।
(ii) सरकार द्वारा नागरिकों के स्वास्थ्य हेतु अस्पतालों की व्यवस्था की जाती है।
प्रश्न 2. जन सुविधाएँ क्या हैं? प्रमुख जन सुविधाओं के नाम लिखिए।
उत्तर- एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए व्यक्ति को जिन मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता होती है, उसे जन-सुविधाएँ कहा जाता है। प्रमुख जन-सुविधाएँ हैं-पानी, स्वास्थ्य और स्वच्छता, बिजली, सार्वजनिक परिवहन, विद्यालय और कॉलेज आदि।
प्रश्न 3. भारत में जन-सुविधाओं की दो कमियाँ बताइये।
उत्तर- भारत में जन-सुविधाओं की दो कमियाँ ये हैं-
(i) भारत में जन-सुविधाओं की आपूर्ति में कमी है।
(ii) यहाँ जन-सुविधाओं के वितरण में भारी असमानता दिखाई देती है।
प्रश्न 4. जलापूर्ति सुधार के लिए कोई दो उपाय लिखिए।
उत्तर- (i) जलापूर्ति में सुधार के लिए जल-विभाग को वर्षा के जल के संचय की योजनाएँ बनानी चाहिए ताकि भूमिगत जलस्तर में सुधार लाया जा सके।
(ii) जलापूर्ति विभाग को अपने खर्चों को पूरा करने के लिए शुल्क के जरिए पैसा एकत्रित करना चाहिए।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-II
प्रश्न 1. जीवन के अधिकार के रूप में पानी की आवश्यकता को स्पष्ट कीजिये।
उत्तर- जीवन और स्वास्थ्य के लिए पानी आवश्यक है। पानी न केवल हमारी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक है, बल्कि साफ पानी से अनेक बीमारियों से भी निजात मिलती है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत पानी के अधिकार को जीवन के अधिकार का हिस्सा माना गया है। इसका अभिप्राय यह है कि अमीर-गरीब, हर व्यक्ति का यह अधिकार है कि उसे सस्ती कीमत पर दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिले। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी कहा है कि सुरक्षित पेयजल का अधिकार भी इसका एक अंग है।
प्रश्न 2. बड़े शहरों में सार्वजनिक परिवहन के महत्त्वपूर्ण साधनों का उल्लेख कीजिये।
उत्तर- बड़े शहरों में कम दूरी के लिए बसें ही सार्वजनिक परिवहन के सबसे महत्त्वपूर्ण साधन हैं। ज्यादातर कामकाजी लोग बसों से ही अपनी मंजिल तक पहुँचते हैं। तेज शहरीकरण के कारण बड़े शहरों में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली जरूरत के हिसाब से कम साबित होती जा रही है। इस कमी को पूरा करने के लिए महानगरों में सरकार मेट्रो रेल परियोजनाएँ क्रियान्वित कर रही है।
प्रश्न 3. पोर्तो एलेग्रे में सार्वजनिक जलापूर्ति व्यवस्था का वर्णन कीजिये।
उत्तर— पोर्तो एलेग्रे ब्राजील का एक शहर है। यहाँ नगर जल विभाग ने सभी लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करा दिया है। यहाँ पानी की औसत कीमत कम रखी गई है और गरीबों से केवल आधी कीमत ली जाती है। विभाग को जो भी फायदा होता है उसका इस्तेमाल जलापूर्ति में सुधार के लिए किया जाता है। जल विभाग का काम पारदर्शी ढंग से चलता है। विभाग को कौनसी योजना हाथ में लेनी चाहिए, इस बारे में सब लोग मिलकर तय करते हैं। जन-सभाओं में जनता प्रबंधकों का पक्ष सुनती है और जल विभाग की प्राथमिकताएं तय करने में वोट के जरिए फैसला करती है।
प्रश्न 4. 'सुलभ इंटरनेशनल' के स्वच्छता के अभियान को स्पष्ट कीजिये।
उत्तर— गैर सरकारी संगठन 'सुलभ इंटरनेशनल' पिछले लगभग पाँच दशक से निम्न जाति, निम्न आय वर्ग के लोगों के सामने मौजूद स्वच्छता के अभाव की समस्या से निपटने के लिए कोशिश कर रहा है। इसने 8,500 से ज्यादा सामुदायिक शौचालय इकाइयाँ और 15,00,000 से ज्यादा घरेलू शौचालय बनाए हैं जिससे दो करोड़ लोग इन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। सुलभ की सुविधाओं का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर गरीब और मेहनतकश वर्ग के लोग होते हैं। शहरों में इन शौचालयों के इस्तेमाल पर दो रुपया शुल्क लिया जाता है। स्थानीय विभाग इन सेवाओं की स्थापना के लिए जमीन और पैसा मुहैया कराते हैं जबकि रख-रखाव की लागत कई बार प्रयोक्ताओं से मिलने वाले पैसे से पूरी की जाती है।
प्रश्न 5. क्या सरकार जनसुविधाओं के लिए निजी कंपनियों का भी सहारा ले सकती है? यदि हाँ, तो कैसे?
उत्तर— हाँ, सरकार कुछ जन सुविधाओं के लिए निजी कंपनियों का भी सहारा ले सकती है। जैसे—सड़कें बनाने के ठेके निजी कंपनियों या ठेकेदारों को दिए जाते हैं। दिल्ली में बिजली के वितरण का काम दो निजी कंपनियों के हाथ में है। लेकिन सरकार को इन कंपनियों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे इन सुविधाओं को सस्ती कीमत पर सभी लोगों तक पहुँचाने के लक्ष्य को पूरा करने में कोई कसर न छोड़ें।
प्रश्न 6. सरकार को जनसुविधाओं के लिए पैसा कहाँ से मिलता है? पानी का उदाहरण देकर समझाइये।
उत्तर— सरकार जनसुविधाओं के लिए पैसे की व्यवस्था बजट के द्वारा करती है। बजट में सरकार के नफे-नुकसान का ब्यौरा होता है। जनता से कर तथा सुविधा हेतु शुल्क से प्राप्त होने वाली राशि जनसुविधा पर खर्च की जाती है। उदाहरण के लिए पानी की आपूर्ति हेतु सरकार को पानी की व्यवस्था करने, पानी को दूर तक पहुँचाने, पाइपलाइनों का जाल बिछाने, पानी को साफ करने तथा गंदे पानी के निस्तारण पर खर्च करना पड़ता है। सरकार इन खर्चों को कुछ मात्रा में करों के जरिए तथा कुछ मात्रा में पानी की कीमत वसूल करके पूरा करती है। पानी का मूल्य इस प्रकार तय किया जाता है कि गरीबों पर अधिक भार न आवे।
निबन्धात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1. सरकार जरूरत के हिसाब से पानी मुहैया नहीं कर पा रही है और बहुत सारे जल विभाग घाटे में चल रहे हैं, इसलिए क्या जलापूर्ति का काम निजी कंपनियों को सौंप दिया जाना चाहिए? क्या निजी कंपनियाँ ज्यादा बेहतर काम कर सकती हैं? सतर्क उत्तर दीजिये।
उत्तर— यद्यपि सरकार जरूरत के हिसाब से पानी मुहैया नहीं कर पा रही है और बहुत सारे जल विभाग घाटे में चल रहे हैं, तथापि सस्ती और समतापरक जलापूर्ति सरकार ही कर सकती है, निजी कंपनियाँ नहीं। निजी कंपनियाँ अपना कार्य लाभ के लिए करती हैं। यदि जलापूर्ति का काम निजी कंपनियों से कराया जायेगा तो जलापूर्ति महंगी हो जायेगी और गरीब तथा निम्न वर्ग के लोगों के लिए इसकी कीमत चुकाना आसान नहीं रहेगा। इससे जलापूर्ति में भेदभाव और बढ़ जायेगा। इसलिए जलापूर्ति का काम निजी कंपनियों को नहीं सौंपा जाना चाहिए।
निम्नलिखित तथ्यों से भी यह कहा जा सकता है कि जलापूर्ति का काम सरकार द्वारा ही किया जाना चाहिए—
(1) दुनिया भर में जलापूर्ति की जिम्मेदारी सरकार पर रही है। निजी जलापूर्ति व्यवस्था के उदाहरण बहुत कम हैं। जहाँ जलापूर्ति की जिम्मेदारी निजी कंपनियों को सौंपी गई, वहाँ पानी की कीमतों में भारी इजाफा हुआ। इस कारण वहाँ बहुत सारे लोगों के लिए पानी का खर्च उठाना संभव नहीं हो पाया। ऐसे शहरों में लोगों के विशाल प्रदर्शन हुए। बोलिविया आदि देशों में तो दंगे भी फैल गये जिसके दबाव में सरकार को जलापूर्ति व्यवस्था निजी हाथों से छीन कर दोबारा अपने हाथों में लेनी पड़ी।
(2) दुनिया में कई क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ सार्वभौमिक जलापूर्ति सब लोगों तक पहुँच चुकी है। जैसे—ब्राजील के पोर्तो एलेग्रे शहर में। भारत में भी जल विभागों की सफलता के कई उदाहरण हैं; जैसे—मुंबई जलापूर्ति विभाग, हैदराबाद का जलापूर्ति विभाग, चेन्नई के जल विभाग द्वारा टैंकरों को अनुबंधित करना आदि। अन्य शहरों के जलापूर्ति विभाग भी अपनी व्यवस्थाओं में सुधार करके, अपनी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लाकर, जनसहभागिता को साथ लेकर इस समस्या को सुलझा सकते हैं।