📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
अध्याय-3 : कृषि
भाग 1: समाधान (अभ्यास एवं पाठगत प्रश्नोत्तर)
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
(i) कृषि क्या है?
उत्तर— कृषि एक प्राथमिक क्रिया है जिसमें फसलों, फलों, सब्जियों, फूलों को उगाना तथा पशुपालन को शामिल किया जाता है।
(ii) उन कारकों का नाम बताइए जो कृषि को प्रभावित कर रहे हैं।
उत्तर— कृषि को अनेक कारक प्रभावित करते हैं जिसमें स्थलाकृति, मृदा और जलवायु प्रमुख हैं।
(iii) स्थानान्तरी कृषि क्या है? इस कृषि की क्या हानियाँ हैं?
उत्तर— स्थानान्तरी कृषि में वृक्षों को काटकर और जलाकर भूखण्ड साफ किए जाते हैं तथा जले वृक्षों की राख को मृदा में मिला दिया जाता है। इसके पश्चात् उस भूमि पर फसलों को उगाया जाता है। जब उस भूमि की उर्वरता खत्म हो जाती है तो कृषक वह भूमि छोड़ देता है तथा नई भूमि पर चला जाता है। इस प्रकार कृषक अपने परिवार की सहायता से स्थान-स्थान पर खेती करता है।
स्थानान्तरी कृषि की हानियाँ— (i) इससे मृदा का क्षरण
तथा अपरदन होता है (ii) वन क्षेत्रों को हानि पहुँचती है। (iii) इस प्रकार की कृषि से वनस्पति नष्ट हो जाती है।
(iv) रोपण कृषि क्या है?
उत्तर— रोपण कृषि—एक बड़े भू-भाग पर किसी एक विशेष फसल की खेती करना रोपण कृषि कहलाती है। रोपण कृषि वाणिज्यिक कृषि का ही एक प्रकार है जहाँ चाय, कॉफी, काजू, रबड़, केला, कपास आदि की एकल फसल उगाई जाती है। इस प्रकार की कृषि में वृहद पैमाने पर श्रम और पूँजी की आवश्यकता होती है। उत्पादन का प्रसंस्करण भी खेतों पर ही या निकट के कारखाने में किया जा सकता है। रोपण कृषि के मुख्य क्षेत्र विश्व के उष्णकटिबंधीय प्रदेशों में पाए जाते हैं। मलेशिया में रबड़, ब्राजील में कहवा, भारत और श्रीलंका में चाय इसके कुछ उदाहरण हैं।
(v) सरकार किसानों को कृषि के विकास में किस प्रकार मदद करती है?
उत्तर— सरकार किसानों को कृषि के विकास में कई प्रकार से सहायता करती है। सरकार ने यह व्यवस्था की है कि कृषक चाहें तो सरकारी कृषि अधिकारियों से सलाह कर सकते हैं। सरकार कृषकों को रियायती दरों पर उन्नत बीज, खाद, मशीनें आदि उपलब्ध करवाती है। किसानों को रियायती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करवाया जाता है जिससे वे कृषि वित्त की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। इसके अतिरिक्त अति उत्पादन की स्थिति में सरकार न्यूनतम समर्थन कीमतों पर कृषकों का उत्पाद स्वयं खरीदती है ताकि उन्हें किसी प्रकार की वित्तीय हानि न हो पाए। हाल के वर्षों में सरकार ने भंडारण की सुविधाओं के विकास के लिए भी अनेक कदम उठाए हैं।
प्रश्न 2. सही उत्तर को चिह्नित कीजिए—
(i) उद्यान कृषि का अर्थ है—
(iii) कॉफी का प्रमुख उत्पादक देश है—
2. एक परिवार द्वारा अपनी आवश्यकता की पूर्ति हेतु की जाने वाली कृषि कहलाती है—
3. निम्न में से निर्वाह कृषि का लक्षण है—
4. स्थानान्तरी कृषि प्रचलित है—
5. वाणिज्यिक कृषि में शामिल किया जाता है—
6. चावल की फसल के लिए आवश्यक दशाओं में सम्मिलित हैं—
7. भारत में पैदा किए जाने वाले मिलेट अथवा मोटे अनाजों में सम्मिलित हैं—
8. कृषि विकास हेतु आवश्यक है—
9. निम्न में से द्वितीयक क्रिया का उदाहरण कौनसा है?
10. कृषि मत्स्य और संग्रहण निम्न में से किस क्रिया का उदाहरण हैं—
11. चावल का प्रमुख उत्पादक देश कौनसा है?
12. रेशम के कीड़ों का वाणिज्यिक पालन कहलाता है—
13. विटीकल्चर के अन्तर्गत किसकी खेती की जाती है?
14. कृषि कार्य का प्रारंभ होता है—
उत्तरमाला- 1. (ख) 2. (ख) 3. (घ) 4. (घ) 5. (घ) 6. (घ) 7. (घ) 8. (घ) 9. (ग) 10 (क) 11. (क) 12. (ग) 13. (घ) 14. (क)।
रिक्त स्थानों की पूर्ति करें-
1. कृषि, मत्स्य, पशुपालन आदि सभी ............ क्रियाओं में शामिल हैं।
2. यातायात, व्यापार, बैंकिंग, बीमा आदि सभी ............ क्षेत्र की क्रियाएँ हैं।
3. भारत की लगभग ............ जनसंख्या अब भी कृषि पर निर्भर है।
4. ............ कृषि, कृषक परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए की जाती है।
5. ............ कृषि को 'कर्तन एवं दहन' कृषि के रूप में भी जाना जाता है।
6. रोपण कृषि के मुख्य क्षेत्र विश्व के ............ कटिबंधीय प्रदेशों में पाए जाते हैं।
7. प्राथमिक क्रियाओं के अन्तर्गत उन सभी क्रियाओं को शामिल किया जाता है जिनका सम्बन्ध प्राकृतिक संसाधनों के ............ और ............ से है।
8. आदिम निर्वाह कृषि में ............ कृषि और ............ पशु चारण शामिल है।
9. वाणिज्यिक कृषि में वाणिज्यिक अनाज कृषि, ............ कृषि और ............ कृषि शामिल है।
10. कॉफी के लिए गर्म एवं आर्द्र ............ और सुअपवाहित ............ मृदा की आवश्यकता होती है।
उत्तर-1. प्राथमिक 2. तृतीयक 3. दो-तिहाई 4. निर्वाह 5. स्थानान्तरी 6. उष्ण 7. उत्पादन, निष्कर्षण 8. स्थानान्तरी, चलवासी 9. मिश्रित, रोपण 10. जलवायु, दोमट।
सही या गलत बताइए-
1. पौधे से परिष्कृत उत्पाद तक के रूपान्तरण में तीन प्रकार की आर्थिक क्रियाएँ सम्मिलित हैं।
2. कृषि एक तृतीयक क्रिया है।
3. केले की कृषि रोपण कृषि का उदाहरण है।
4. भारत के राजस्थान तथा जम्मू और कश्मीर में चलवासी पशुचारण पाया जाता है।
5. भारत में किसान व्यवसायी की तरह काम करता है।
उत्तर-1. सही 2. गलत 3. सही 4. सही 5. गलत।
स्तंभ 'अ' का स्तंभ 'ब' से सही मिलान कीजिए-
I. स्तंभ (अ) | स्तंभ (ब)
1. झूमिंग | (i) मैक्सिको
2. मिलपा | (ii) उत्तरी-पूर्वी भारत
3. रोका | (iii) मलेशिया
4. लदांग | (iv) ब्राजील
उत्तर-1. (ii) 2. (i) 3. (iv) 4. (iii)।
II. स्तंभ (अ) | स्तंभ (ब)
1. हॉर्टीकल्चर | (i) मत्स्यपालन
2. विटिकल्चर | (ii) रेशम उत्पादन
3. एग्रीकल्चर | (iii) कृषि
4. सेरीकल्चर | (iv) द्राक्षा कृषि
5. पिसीकल्चर | (v) उद्यान कृषि
उत्तर-1. (v) 2. (iv) 3. (iii) 4. (ii) 5. (i)।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. आर्थिक क्रियाओं को कितने भागों में विभाजित किया जाता है?
उत्तर-आर्थिक क्रियाओं को तीन भागों में विभाजित किया जाता है—प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक क्रियाएँ।
प्रश्न 2. तृतीयक क्रियाओं के कोई दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-(1) यातायात (2) बैंकिंग।
प्रश्न 3. एग्रीकल्चर शब्द की उत्पत्ति कहाँ से हुई?
उत्तर-एग्रीकल्चर शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्दों 'एगर या एग्री' जिसका अर्थ मृदा तथा 'कल्चर' जिसका अर्थ कृषि करना है, से हुई।
प्रश्न 4. सेरीकल्चर का तात्पर्य किस फसल की खेती से है?
उत्तर-सेरीकल्चर का तात्पर्य रेशम के कीटों से रेशम का उत्पादन करना है।
प्रश्न 5. पिसीकल्चर का क्या तात्पर्य है?
उत्तर-पिसीकल्चर का तात्पर्य मत्स्य-पालन से है।
प्रश्न 6. विटिकल्चर का क्या तात्पर्य है?
उत्तर-विटिकल्चर का तात्पर्य अंगूरों की खेती से है।
प्रश्न 7. वाणिज्यिक उपयोग के लिए सब्जियों, फूलों तथा फलों को उगाना क्या कहलाता है?
उत्तर-वाणिज्यिक उपयोग के लिए सब्जियों, फूलों तथा फलों को उगाना हॉर्टीकल्चर अथवा उद्यान कृषि कहलाता है।
प्रश्न 8. जैविक कृषि का क्या तात्पर्य है?
उत्तर-जैविक कृषि में रासायनिक खादों के स्थान पर जैविक खाद और प्राकृतिक पीड़कनाशी का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 9. वाणिज्यिक कृषि किसे कहते हैं?
उत्तर-वाणिज्यिक कृषि में फसल उत्पादन और पशुपालन बाजार में विक्रय हेतु किया जाता है।
प्रश्न 10. मिश्रित कृषि का क्या तात्पर्य है?
उत्तर-मिश्रित कृषि में भूमि का उपयोग भोजन व चारे की फसलें उगाने और पशुधन पालन के लिए किया जाता है।
प्रश्न 11. मोटे अनाज की खेती किस प्रकार की मृदा में की जाती है?
उत्तर-मोटे अनाज की खेती बलुई मृदा में की जाती है।
प्रश्न 12. मक्का की फसल के लिए किन दशाओं की आवश्यकता है?
उत्तर-मक्का की फसल के लिए मध्यम तापमान, वर्षा और अधिक धूप की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 13. कॉफी की फसल के लिए किन दशाओं की आवश्यकता है?
उत्तर-कॉफी की फसल के लिए गर्म एवं आर्द्र जलवायु और सु-अपवाहित दोमट मृदा की आवश्यकता होती है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-I
प्रश्न 1. कृषि से आप क्या समझते हैं? कृषि से प्राप्त कोई दो उत्पादों के नाम बताइए।
उत्तर-(i) कृषि-कृषि एक प्राथमिक क्रिया है, जिसमें फसलों, फलों, सब्जियों तथा फूलों को उगाया जाता है तथा पशुपालन किया जाता है।
(ii) कृषि से प्राप्त दो प्रमुख उत्पाद हैं—(1) गेहूँ और (2) चावल।
प्रश्न 2. निर्वाह कृषि से आप क्या समझते हैं?
उत्तर-निर्वाह कृषि के अंतर्गत एक कृषक परिवार द्वारा अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खेती की जाती है।
जाती है। निर्वाह कृषि परम्परागत तरीकों से की जाती है जिसमें निम्नस्तरीय प्रौद्योगिकी काम में ली जाती है तथा श्रम भी अधिक करना पड़ता है तथा फसल की उपज भी कम होती है।
प्रश्न 3. गहन निर्वाह कृषि को अपने शब्दों में स्पष्ट करें।
उत्तर- गहन निर्वाह कृषि, निर्वाह कृषि का ही एक स्वरूप है। गहन निर्वाह कृषि में कृषक अपने छोटे भूखण्ड पर साधारण औजारों से अधिक श्रम करके खेती करता है। इस खेती में अधिक धूप वाले दिनों से युक्त जलवायु और उर्वर मृदा वाले खेत में, एक वर्ष में एक से अधिक फसलें उगाई जा सकती हैं। इसमें चावल मुख्य फसल होती है तथा अन्य फसलों में गेहूं, मक्का, दलहन और तिलहन शामिल हैं।
प्रश्न 4. चलवासी पशुचारण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- चलवासी पशुचारण कृषि में पशुचारक अपने पशुओं के साथ-साथ चारे और पानी के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर निश्चित मार्गों से घूमते हैं। पशुचारक मुख्यतः भेड़, ऊँट, मवेशी, याक और बकरियाँ पालते हैं। ये पशुचारकों और उनके परिवारों के लिए दूध, मांस, ऊन, खाल और अन्य उत्पाद उपलब्ध कराते हैं।
प्रश्न 5. वाणिज्यिक अनाज कृषि से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- वाणिज्यिक अनाज कृषि, वाणिज्यिक कृषि का ही एक प्रकार है। वाणिज्यिक अनाज कृषि में फसलें वाणिज्यिक उद्देश्य से उगाई जाती हैं। इसमें गेहूं और मक्का सामान्य रूप से उगाई जाने वाली फसलें हैं। इसमें खाद्यान्नों का उत्पादन कर कृषक उन्हें बाजार में बेचकर आय प्राप्त करते हैं।
प्रश्न 6. खाद्य सुरक्षा कब बनी रहती है?
उत्तर- खाद्य सुरक्षा तभी बनी रहती है जब सभी व्यक्तियों को क्रियाशील और स्वस्थ जीवन जीने के लिए आहार की आवश्यकता और प्राथमिकता के आधार पर हर समय पर्याप्त सुरक्षित और पौष्टिक खाद्य पदार्थ की सुविधा उपलब्ध हो।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-II
प्रश्न 1. खाद्यान्न फसल के रूप में चावल पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर- चावल विश्व की मुख्य खाद्य फसल है। यह उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय प्रदेशों का मुख्य आहार है। चावल के लिए उच्च तापमान, अधिक आर्द्रता एवं वर्षा की आवश्यकता होती है। यह फसल चीकायुक्त जलोढ़ मृदा जिसमें जल रोकने की क्षमता हो, में सर्वोत्तम ढंग से बढ़ती है। चीन चावल उत्पादन में अग्रणी है। इसके बाद क्रमशः भारत, जापान, श्रीलंका और मिश्र हैं। अनुकूल जलवायु के कारण प. बंगाल और बांग्लादेश में एक वर्ष में दो या तीन फसलें भी उगाई जाती हैं।
प्रश्न 2. व्यापारिक फसल के रूप में कपास पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर- कपास एक प्रमुख व्यापारिक फसल है। कपास की वृद्धि के लिए उच्च तापमान, हल्की वर्षा, 200 से 210 पाला रहित दिन और तेज चमकीली धूप की आवश्यकता होती है। कपास काली और जलोढ़ मृदा में सर्वोत्तम उगती है। विश्व में चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत, पाकिस्तान, ब्राजील और मिश्र कपास के अग्रणी उत्पादक हैं। कपास, सूती वस्त्र उद्योग के लिए प्रमुख कच्चा माल है।
प्रश्न 3. निम्न कृषि क्रियाओं को क्रम से जमाइए-
बुवाई/जुताई/कटाई/सिंचाई/
उत्तर- जुताई बुवाई सिंचाई कटाई
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. विश्व में की जाने वाली कृषि को किन-किन आधार पर निर्वाह कृषि और वाणिज्यिक कृषि में वर्गीकृत किया गया है?
अथवा
कृषि किसे कहते हैं? कृषि के विभिन्न प्रकारों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- कृषि-कृषि एक प्राथमिक क्रिया है, जिसमें फसलों, फलों, सब्जियों तथा फूलों को उगाया जाता है तथा पशुपालन किया जाता है।
कृषि के प्रकार
भौगोलिक दशाओं, उत्पाद की माँग, श्रम और प्रौद्योगिकी के स्तर के आधार पर कृषि को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है-
1. निर्वाह कृषि- निर्वाह कृषि का तात्पर्य एक कृषक द्वारा अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खेती करने से है। इसमें पारम्परिक तरीके एवं निम्न प्रौद्योगिकी की सहायता से खेती की जाती है, जिससे उपज भी कम होती है। निर्वाह कृषि को पुनः निम्न दो भागों में विभाजित किया जा सकता है-
(i) गहन निर्वाह कृषि- इस प्रकार की कृषि में एक छोटे भूखण्ड पर साधारण औजार तथा अधिक श्रम के साथ कृषक खेती करता है तथा एक वर्ष में एक से अधिक फसलें उगाता है। गहन निर्वाह कृषि दक्षिणी, दक्षिण-पूर्वी
और पूर्वी एशिया के सघन जनसंख्या वाले मानसूनी प्रदेशों में प्रचलित है।
(ii) आदिम निर्वाह कृषि—आदिम निर्वाह कृषि में स्थानान्तरी कृषि और चलवासी पशुचारण शामिल है।
2. वाणिज्यिक कृषि-वाणिज्यिक कृषि में फसल उत्पादन और पशुपालन बाजार में विक्रय हेतु किया जाता है। इसमें अधिक पूँजी, अधिक श्रम तथा आधुनिक औजारों की आवश्यकता पड़ती है। वाणिज्यिक कृषि को पुनः निम्न भागों में बाँटा जा सकता है—
(i) वाणिज्यिक अनाज कृषि-वाणिज्यिक अनाज कृषि में खाद्यन्न फसलों का उत्पादन और पशुपालन बाजार में विक्रय हेतु किया जाता है।
(ii) मिश्रित कृषि-मिश्रित कृषि में भूमि का उपयोग भोजन व चारे की फसलें उगانے और पशुधन पालन के लिए किया जाता है।
(iii) रोपण कृषि-रोपण कृषि वाणिज्यिक कृषि का एक प्रकार है जहाँ चाय, कॉफी, रबड़, केला अथवा कपास की एकल फसल उगाई जाती है।
प्रश्न 2. कृषि में उत्पादित की जाने वाली मुख्य फसलों का वर्णन कीजिए।
उत्तर-कृषि में उत्पादित की जाने वाली मुख्य फसलें निम्न प्रकार हैं—
(1) चावल-चावल एक मुख्य खाद्यान्न फसल है। चावल के लिए उच्च तापमान, अधिक आर्द्रता एवं वर्षा की अधिक आवश्यकता होती है। चावल उत्पादन में चीन अग्रणी देश है। इसके बाद क्रमशः भारत, जापान, श्रीलंका और मिस्र हैं। अनुकूल दशाओं जैसे पश्चिमी बंगाल और बांग्लादेश में एक वर्ष में दो से तीन फसलें उगाई जाती हैं।
(2) गेहूँ-गेहूँ उगाते समय मध्यम तापमान एवं वर्षा की आवश्यकता होती है तथा फसल काटते समय तेज धूप की आवश्यकता पड़ती है। गेहूँ की फसल के लिए दुमट मृदा उपयुक्त रहती है। गेहूँ संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, अर्जेन्टीना, रूस, यूक्रेन, आस्ट्रेलिया और भारत में विस्तृत रूप से उगाया जाता है।
(3) मिलेट-इसमें कम उपजाऊ तथा बलुई मृदा में मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी आदि की फसलें उगाई जाती हैं। इन फसलों के लिए कम वर्षा तथा उच्च से मध्यम तापमान की आवश्यकता पड़ती है। मिलेट का उत्पादन भारत, नाइजीरिया, चीन, नाइजर आदि में किया जाता है।
(4) मक्का-इसे 'कॉर्न' के नाम से भी जाना जाता है। मक्का की फसल हेतु मध्यम तापमान, वर्षा और अधिक धूप की आवश्यकता होती है। मक्का उत्तर अमेरिका, ब्राजील, चीन, रूस, कनाडा, भारत और मैक्सिको में उगाई जाती है। विश्व में इसकी विभिन्न रंग-बिरंगी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
(5) कपास-कपास हेतु उच्च तापमान, हल्की वर्षा तथा तेज धूप की आवश्यकता पड़ती है। कपास की खेती मुख्य रूप से चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत, पाकिस्तान, ब्राजील और मिस्र में की जाती है।
(6) पटनसन-पटनसन के लिए जलोढ़ मृदा, उच्च तापमान, भारी वर्षा एवं आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है। भारत और बांग्लादेश पटनसन के अग्रणी उत्पादक हैं।
(7) कॉफी-इस फसल हेतु गर्म एवं आर्द्र जलवायु एवं दोमट मृदा की आवश्यकता होती है। ब्राजील कॉफी का अग्रणी उत्पादक है। इसके पश्चात् कोलंबिया और भारत हैं।
(8) चाय-चाय एक बागवानी फसल है। इस फसल हेतु ठंडी जलवायु और वर्ष-भर उच्च वर्षा की आवश्यकता पड़ती है।
प्रश्न 3. भारत के किसी कृषि फार्म की गतिविधियों का वर्णन करो।
उत्तर-भारत में एक कृषि फार्म—उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक गाँव है आदिलाबाद। यहाँ के एक किसान मुन्ना लाल के पास 1.5 हेक्टेयर भूमि है। वह गाँव में रहता है। वह उच्च उत्पादकता वाले बीज, खाद आदि खरीद कर फसल उगाता है। वह साल में दो फसलें उगाता है। किराये पर ट्रैक्टर, मशीन आदि लाता है। वह गेहूँ, चावल और दाल उत्पन्न करता है। वह कृषि में अपने मित्रों तथा सरकारी अधिकारियों की मदद लेता है। वह सिंचाई भी नलकूप किराये पर लेकर करता है। मुन्ना लाल भैंस और कुछ मुर्गियाँ रखता है। वह दूध सहकारी भण्डार में बेचता है। परिवार के सभी सदस्य कृषि में उसकी मदद करते हैं। वह अपना उत्पाद समीप की मण्डी में बेचता है।
प्रश्न 4. संयुक्त राज्य अमेरिका के किसी कृषि फार्म की गतिविधियों का वर्णन करो।
उत्तर-संयुक्त राज्य अमेरिका का एक कृषि फार्म-संयुक्त राज्य अमेरिका के फार्म आकार में बहुत बड़े होते हैं। इनका आकार 250 हेक्टेयर तक होता है। किसान प्राय: फार्म पर ही रहता है। प्रमुख फसलें मक्का, सोयाबीन, गेहूँ, कपास और चुकंदर उगाई जाती हैं। जो होरन संयुक्त राज्य अमेरिका के आयोवा राज्य का एक किसान है, उसके पास 300 हेक्टेयर भूमि है। वह मक्का उगाता है। उसके पास अच्छे बीज, खाद तथा अपनी मशीनें हैं। वह फसलें उगाने के लिये स्वयं ही निर्णय करता है। समय-समय पर वह मृदा का भी परीक्षण कराता है। उसके फार्म में लगे कंप्यूटर में नवीनतम सूचना आती रहती है। वह ट्रैक्टर, हारवेस्टर आदि का उपयोग करता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में किसान एक व्यवसायी की तरह काम करता है न कि एक खेतिहर किसान की तरह से। यहाँ के कृषक काफी सम्पन्न होते हैं।