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सामाजिक विज्ञान (Social Science)हिंदी माध्यम2026-27

RBSE Class 8 Social Science Chapter 2 Solutions & Notes in Hindi

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-09📖 RBSE/NCERT Solutions
भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल

राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।

पाठगत प्रश्न

गतिविधि

प्रश्न- कल्पना कीजिए कि आपको श्रीरंगपट्टम के युद्ध और टीपू सुल्तान की मौत के बारे में खबर देने वाले दो पुराने अखबार मिलते हैं। एक अखबार ब्रिटेन का है और दूसरा मैसूर का है। दोनों अखबारों के लिए इन घटनाओं के बारे में एक-एक सुर्खी लिखिए।

उत्तर- (1) ब्रिटिश अखबार के लिए सुर्खी—

"टीपू सुल्तान मारा गया—कम्पनी ने सफलता का परचम फहराया"

(2) मैसूर के अखबार के लिए सुर्खी—

" 'शेर-ए-मैसूर' टीपू सुल्तान शहीद हो गये"

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

फिर से याद करें

प्रश्न 1. निम्नलिखित के जोड़े बनाएँ—

दीवानी

भूराजस्व वसूल करने का अधिकार

'शेर-ए-मैसूर'

टीपू सुल्तान

रानी चेन्नम्मा

कित्तूर में अंग्रेज-विरोधी आन्दोलन का नेतृत्व किया

सिपाही

सिपॉय

वारेन हेस्टिंग्स

भारत का पहला गवर्नर-जनरल

उत्तर-

दीवानी: भूराजस्व वसूल करने का अधिकार

'शेर-ए-मैसूर': टीपू सुल्तान

रानी चेन्नम्मा: कित्तूर में अंग्रेज-विरोधी आन्दोलन का नेतृत्व किया

सिपाही: सिपॉय

वारेन हेस्टिंग्स: भारत का पहला गवर्नर-जनरल

प्रश्न 2. रिक्त स्थान भरें—

(क) बंगाल पर अंग्रेजों की जीत .................... की जंग से शुरू हुई थी।
(ख) हैदर अली और टीपू सुल्तान .................... के शासक थे।
(ग) डलहौजी ने .................... का सिद्धान्त लागू किया।
(घ) मराठा रियासतें मुख्य रूप से भारत के .................... भाग में स्थित थीं।

उत्तर- (क) प्लासी, (ख) मैसूर, (ग) विलय, (घ) दक्षिणी-पश्चिमी।

प्रश्न 3. सही या गलत बताएँ :

(क) मुगल साम्राज्य अठारहवीं सदी में मजबूत होता गया।
(ख) इंग्लिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी भारत के साथ व्यापार करने वाली एकमात्र यूरोपीय कम्पनी थी।
(ग) महाराजा रणजीत सिंह पंजाब के राजा थे।
(घ) अंग्रेजों ने अपने कब्जे वाले इलाकों में कोई शासकीय बदलाव नहीं किए।

उत्तर- (क) गलत, (ख) गलत, (ग) सही, (घ) गलत।

आइए विचार करें-

प्रश्न 4. यूरोपीय व्यापारिक कम्पनियाँ भारत की तरफ क्यों आकर्षित हो रही थीं?

उत्तर- यूरोपीय व्यापारिक कम्पनियाँ भारत के साथ व्यापार में अपार सम्भावनाएँ देखती थीं। यूरोप के बाजारों में भारतीय सूती कपड़े, रेशम, कालीमिर्च, लौंग, इलायची, दालचीनी आदि की जबरदस्त माँग थी। वे भारत में सस्ती कीमतों पर ये चीजें खरीदकर वापस यूरोप जाकर उन्हें ऊँची कीमतों पर बेच सकती थीं। इसी व्यापारिक सम्भावना के कारण वे भारत की ओर आकर्षित हो रही थीं।

प्रश्न 5. बंगाल के नवाबों और ईस्ट इण्डिया कम्पनी के बीच किन बातों पर विवाद थे?

उत्तर- बंगाल के नवाबों और ईस्ट इण्डिया कम्पनी के बीच निम्नलिखित बातों पर विवाद थे—

I. बंगाल के नवाबों की माँगें तथा आरोप-

(1) नवाबों ने कम्पनी को व्यापारिक छूट देने से मना कर दिया था।

(2) उन्होंने कम्पनी को व्यापारिक अधिकार देने के लिए नजरानों की माँग की। कम्पनी के अफसरों ने नवाबों व उनके अधिकारियों को अपमानजनक चिट्ठियों द्वारा अपमानित करने का प्रयास किया।

(3) उन्होंने कम्पनी को सिक्का ढालने का अधिकार देने से मना कर दिया तथा किलांबंदी का विस्तार करने से रोक दिया।

(4) नवाबों ने कम्पनी पर कर अदा नहीं करने की धोखाधड़ी का आरोप लगाया।

II. कम्पनी के द्वारा नवाबों पर आरोप-

(1) कम्पनी को अधिक चुंगी कर देना पड़ रहा था।

(2) नवाब के स्थानीय अधिकारियों की बेतुकी माँगों से कम्पनी के व्यापार को हानि पहुँच रही थी।

(3) कम्पनी व्यापार फैलाने के लिए अपनी आबादी बढ़ाने तथा गाँव खरीदने तथा किलों का पुनर्निर्माण करना चाहती थी। नवाब इन सबकी अनुमति नहीं दे रहे थे।

प्रश्न 6. दीवानी मिलने से ईस्ट इण्डिया कम्पनी को किस तरह फायदा पहुँचा?

उत्तर- सन् 1765 में ईस्ट इण्डिया कम्पनी को बंगाल की दीवानी मिल गई। दीवानी मिलने से ईस्ट इण्डिया कम्पनी को निम्नलिखित रूप से फायदा पहुँचा—

(1) दीवानी मिलने के कारण कम्पनी को बंगाल के विशाल राजस्व संसाधनों पर नियन्त्रण मिल गया।

(2) भारत में चीजों के खरीदने के लिए कम्पनी को अब ब्रिटेन से सोना-चाँदी नहीं मँगाना पड़ता था।

(3) बंगाल से प्राप्त राजस्व से कम्पनी अब भारत में सूती और रेशमी कपड़ा खरीद सकती थी, अपनी फौजों को संभाल सकती थी और कलकत्ता में किले और दफ्तरों के निर्माण की लागत उठा सकती थी।

प्रश्न 7. 'सब्सिडियरी एलायंस' (सहायक संधि) व्यवस्था की व्याख्या करें।

उत्तर- कम्पनी द्वारा रियासतों पर नियन्त्रण बढ़ाने के उद्देश्य से सब्सिडियरी एलायंस (सहायक संधि) व्यवस्था लागू की गई। सहायक संधि व्यवस्था की प्रमुख शर्तें निम्न थीं—

(1) सहायक सन्धि व्यवस्था को अपनाने वाले भारतीय शासकों को अपने दरबार में एक अंग्रेज अधिकारी भी रखना होता था जो रेजिडेन्ट कहलाता था।

(2) सहायक सन्धि व्यवस्था को अपनाने वाले भारतीय शासकों को अपनी स्वतन्त्र सेनाएँ रखने की इजाजत नहीं थी।

(3) इन शासकों की सुरक्षा का भार कम्पनी पर था किन्तु इसके लिए शासकों को शुल्क देना पड़ता था।

(4) यदि भारतीय शासक समय पर शुल्क अदा नहीं कर पाते थे तो दण्ड के रूप में शुल्क के बराबर के राजस्व वाला क्षेत्र शासक से छीन लिया जाता था।

प्रश्न 8. कम्पनी का शासन भारतीय राजाओं के शासन से किस तरह अलग था?

उत्तर- (1) कम्पनी का शासन भारतीय राजाओं के शासन से बहुत भिन्न था। यद्यपि भारतीय राजाओं ने भी अपने राज्य को प्रशासनिक तथा राजस्व की विभिन्न इकाइयों में विभाजित कर रखा था। किन्तु ये इकाइयाँ ब्रिटिश प्रशासनिक एवं राजस्व इकाइयों की तरह प्रभावी नहीं थीं। अंग्रेजों ने प्रेसीडेंसी के रूप में एक नई प्रशासनिक इकाई बनाई जिसका मुखिया गवर्नर होता था। इनसे भी ऊपर एक गवर्नर-जनरल होता था।

(2) कम्पनी शासन द्वारा पुलिस तथा राजस्व व्यवस्था में काफी सुधार किए गए थे।

(3) भारतीय राजाओं के तहत न्यायिक व्यवस्था प्रभावी नहीं थी। एक ही अदालत द्वारा दीवानी तथा फौजदारी दोनों तरह के मुकदमे सुने जाते थे। कम्पनी ने एक आधुनिक एवं विकसित न्यायिक व्यवस्था की स्थापना की। 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट के तहत एक नये सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना की गई। प्रत्येक जिले में अलग-अलग दीवानी तथा फौजदारी अदालतों की स्थापना की गई।

(4) पहले ब्राह्मण पंडित धर्मशास्त्र की अलग-अलग शाखाओं के हिसाब से स्थानीय कानूनों की अलग-अलग व्याख्या कर देते थे। कानूनों में समरूपता लाने के लिए अंग्रेजों ने 1775 में 11 पंडितों से भारतीय कानूनों का एक संकलन तैयार कराया। इसी प्रकार मुस्लिम कानूनों की भी एक संहिता तैयार कराई गई। इससे कानूनों की व्याख्या में भिन्नता समाप्त हुई।

(5) कम्पनी के शासन में प्रशासनिक समरूपता थी।
(स) सतारा
(द) पंजाब

प्रश्न 9. कम्पनी की सेना की संरचना में आए बदलावों का वर्णन करें।

उत्तर- कम्पनी की सेना की संरचना में निम्न बदलाव आये-

(1) कम्पनी ने सेना के लिए भर्ती शुरू कर उन्हें पेशेवर सैनिक प्रशिक्षण दिया।

(2) युद्ध की तकनीक बदलने के कारण, सेना में घुड़सवार टुकड़ियों की आवश्यकता कम होती गई तथा पैदल टुकड़ियाँ महत्वपूर्ण होती गईं।

(3) सैनिकों को आधुनिक हथियारों मस्केट (तोड़ेदार बन्दूक) तथा मैचलॉक से लैस किया जाने लगा।

(4) सैनिकों को यूरोपीय ढंग का प्रशिक्षण, अभ्यास तथा अनुशासन सिखाया जाने लगा।

(5) कम्पनी पेशेवर सिपाहियों की सेना खड़ी करती जा रही थी लेकिन इस चक्कर में कई बार जाति और समुदाय की भावनाओं को नजरअंदाज कर जाते थे।

भाग 2 — नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य

महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।

चित्र: पाठ-सार

694 —

(3) अंग्रेजों के अलावा पुर्तगाली, डच, फ्रांसीसी आदि भी भारत में व्यापार करने के लिए आये लेकिन उनका अधिक प्रभाव नहीं रहा।

(4) पहली इंग्लिश फैक्ट्री 1651 में हुगली नदी के किनारे शुरू हुई।

(5) अंग्रेजी कम्पनी ने मुगल सम्राट औरंगजेब से कम्पनी को बिना शुल्क चुकाए व्यापार करने का फरमान (शाही आदेश) जारी करवा लिया।

(6) अंग्रेजों तथा बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के बीच सन् 1757 में प्लासी का युद्ध हुआ जिसमें अंग्रेजों की विजय हुई।

(7) सन् 1765 में कम्पनी को बंगाल प्रान्त की दीवानी मिली।

(8) कम्पनी ने अनेक रियासतों के साथ 'सहायक सन्धि' की जिसके अनुसार रियासतों को अपनी स्वतन्त्र सेनाएँ रखने का अधिकार नहीं रहता था।

(9) अंग्रेजों ने 1799 के युद्ध में मैसूर राज्य के विरुद्ध तथा 1817-19 के युद्ध में मराठों के विरुद्ध निर्णायक सफलता हासिल की।

(10) लार्ड डलहौजी ने विलय नीति के आधार पर कई रियासतों को हड़प कर कम्पनी शासन के अधीन ले लिया।

(11) वारेन हेस्टिंग्स (1773-1785) ने भारत में अनेक प्रशासनिक सुधार किये।

(12) 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट के तहत एक नये सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना की गई।

(13) 1857 तक भारतीय उपमहाद्वीप के 63 प्रतिशत भूभाग तथा 78 प्रतिशत आबादी पर कम्पनी का प्रत्यक्ष शासन स्थापित हो गया था तथा देश के शेष भाग पर कम्पनी का अप्रत्यक्ष प्रभाव व्याप्त था।

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Q&A)

3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

बहुचयनात्मक प्रश्न-

1. मुगल बादशाह औरंगजेब की मृत्यु हुई-

(अ) 1703 में
(ब) 1707 में
(स) 1705 में
(द) 1701 में

2. भारत का अन्तिम शक्तिशाली मुगल बादशाह था-

(अ) बहादुरशाह जफर
(ब) मुहम्मद शाह
(स) औरंगजेब
(द) शाहजहाँ।

3. सर्वप्रथम भारत आने वाली पश्चिमी ताकत थी-

(अ) अंग्रेज
(ब) पुर्तगाली
(स) डच
(द) फ्रांसीसी।

4. "हमें खुद ही नवाब बनना पड़ेगा।" यह ऐलान किया गया-

(अ) औरंगजेब द्वारा
(ब) मीर कासिम द्वारा
(स) रॉबर्ट क्लाइव द्वारा
(द) टीपू सुल्तान द्वारा

5. बक्सर का युद्ध लड़ा गया था-

(अ) 1757 में
(ब) 1761 में
(स) 1764 में
(द) 1765 में।

6. विलय नीति का प्रतिपादक गवर्नर-जनरल था-

(अ) वॉरेन हेस्टिंग्ज
(ब) लॉर्ड हेस्टिंग्ज
(स) लॉर्ड वेलेजली
(द) लॉर्ड डलहौजी।

7. 'कुशासन' का आरोप लगाकर 1856 में कम्पनी ने किस रियासत को अपने नियन्त्रण में ले लिया-

(अ) अवध
(ब) झाँसी
(स) सतारा
(द) उदयपुर।

8. महाराजा रणजीत सिंह कहाँ के राजा थे?

(अ) अवध
(ब) बंगाल
(स) सतारा
(द) पंजाब

9. पहली इंग्लिश फैक्टरी किस नदी के किनारे शुरू हुई?

(अ) हुगली
(ब) नर्मदा
(स) घग्घर
(द) कोसी

10. शेर-ए-मैसूर के नाम से जाना जाता है?

(अ) हैदर अली
(ब) टीपू सुल्तान
(स) बहादुरशाह जफर
(द) शिवाजी

11. सर्वोच्चता की नीति का प्रतिपादक गवर्नर जनरल था-

(अ) रॉबर्ट क्लाइव
(ब) लॉर्ड डलहौजी
(स) लॉर्ड हेस्टिंग्ज
(द) लॉर्ड माउण्टबेटन

12. भारतीय कानूनों के संकलन का अंग्रेजी में अनुवाद किसने किया?

(अ) लॉर्ड डलहौजी ने
(ब) लॉर्ड हेस्टिंग्ज ने
(स) रॉबर्ट क्लाइव ने
(द) एन. बी. हालहेड ने

उत्तर- 1.
(ब) 2.
(स) 3.
(ब) 4.
(स) 5.
(स) 6.
(द) 7.
(अ) 8.
(द) 9.
(अ) 10.
(ब) 11.
(स) 12.
(द)।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. अठारहवीं सदी के उत्तरार्द्ध तक राजनीतिक क्षितिज पर ............... के रूप में एक नयी ताकत उभरने लगी थी।

2. नवाब सिराजुद्दौला की ............... का एक बड़ा कारण सेनापति ............... की कारगुजारियाँ थीं।

3. रॉबर्ट क्लाइव ने ............... में आत्महत्या कर ली थी।

4. सन् 1849 में अंग्रेजों ने ............... का भी अधिग्रहण कर लिया था।

5. भारतीय जिले में ............... सबसे बड़ा ओहदा होता था।

6. 1772 की नयी न्याय व्यवस्था में प्रावधान किया गया कि हर जिले में दो अदालतें होंगी- ............... अदालत और ............... अदालत।

7. मालाबार तट पर होने वाला व्यापार ............... रियासत के नियंत्रण में था।

8. 1761 में पानीपत की तीसरी लड़ाई में हार के बाद ............... से देश का शासन चलाने का ............... का सपना चूर-चूर हो गया।

उत्तर- 1. अंग्रेजों, 2. हार, मीर जाफर, 3. सन् 1774, 4. पंजाब, 5. कलेक्टर, 6. फौजदारी, दीवानी, 7. मैसूर 8. दिल्ली, मराठों।

सही या गलत बताइए-

1. मुगल बादशाहों में औरंगजेब आखिरी शक्तिशाली बादशाह थे।

2. यूरोप से भारत में सर्वप्रथम पुर्तगालियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी।

3. बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला ने कम्पनी को अनेक रियायतें प्रदान कीं।

4. 1765 में ईस्ट इण्डिया कंपनी बंगाल की दीवान हो गई।

5. लॉर्ड हेस्टिंग्स के नेतृत्व में 'सर्वोच्चता' की एक नयी नीति शुरू की गई।

6. ईस्ट इण्डिया कम्पनी एक औपनिवेशिक शक्ति से बढ़ते-बढ़ते एक व्यापारिक कम्पनी बन गई।

उत्तर- 1. सही 2. सही 3. गलत 4. सही 5. सही 6. गलत।

सही मिलान कीजिए-

(अ)(ब)
1. फरमान(i) पुर्तगाल
2. वास्को डि गामा(ii) एक न्यायाधीश
3. लॉर्ड डलहौजी(iii) एक शाही आदेश
4. काजी(iv) विलय नीति
5. वोडियार राजवंश(v) मैसूर

उत्तर- 1. (iii) 2. (i) 3. (iv) 4. (ii) 5. (v)

अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. ईस्ट इण्डिया कम्पनी को प्राप्त चार्टर (इजाजतनामा) से क्या आशय था?

उत्तर- चार्टर से आशय था इंग्लैंड की कोई और व्यापारिक कम्पनी पूरब में ईस्ट इण्डिया कम्पनी से होड़ नहीं कर सकती थी अर्थात् ईस्ट इण्डिया कम्पनी को पूरब से व्यापार करने का एकाधिकार मिलना।

प्रश्न 2. वाणिज्यिक से क्या आशय है?

उत्तर- एक ऐसा व्यावसायिक उद्यम जिसमें चीजों को सस्ता खरीदकर तथा महँगा बेचकर अर्थात् मुख्य रूप से व्यापार के द्वारा मुनाफा कमाया जाता है।

प्रश्न 3. भारत के लिए समुद्री मार्ग की खोज किसने और कब की?

उत्तर- पुर्तगाली नाविक वास्को डि गामा ने 1498 में भारत के लिए समुद्री मार्ग की खोज की।

प्रश्न 4. भारत में पुर्तगाली ठिकाना कहाँ था?

उत्तर- भारत में पुर्तगाली ठिकाना गोवा में था।

प्रश्न 5. अंग्रेज किस मार्ग से भारत आए?

उत्तर- अंग्रेज केप ऑफ गुड होप (दक्षिण अफ्रीका) का चक्कर लगाकर हिन्द महासागर पार करके भारत आए।

प्रश्न 6. अंग्रेजों एवं पुर्तगालियों के अतिरिक्त उन दो विदेशी शक्तियों के नाम बताइए जिन्होंने भारत के साथ व्यापारिक सम्बन्ध स्थापित किए।

उत्तर- डच एवं फ्रांसीसी।

प्रश्न 7. यूरोपीय कम्पनियों के लिए प्रमुख व्यापारिक वस्तुएँ कौनसी थीं?

उत्तर- सूती एवं रेशमी कपड़े, काली मिर्च, लौंग, इलायची, दालचीनी आदि।

प्रश्न 8. पहली इंग्लिश फैक्टरी (कारखाना) की स्थापना कब और कहाँ की गई थी?

उत्तर- पहली इंग्लिश फैक्टरी की स्थापना 1651 में हुगली नदी के किनारे की गई थी।

प्रश्न 9. भारत में पहली इंग्लिश फैक्टरी की स्थापना के समय कम्पनी के व्यापारी किस नाम से जाने जाते थे?

उत्तर- कम्पनी के व्यापारी तब 'फैक्टर' के नाम से जाने जाते थे।

प्रश्न 10. किस मुगल शासक ने फरमान द्वारा कम्पनी को बिना चुंगी दिए व्यापार करने का अधिकार दिया?

उत्तर- औरंगजेब ने अपने फरमान द्वारा कम्पनी को बिना चुंगी दिए व्यापार करने का अधिकार प्रदान किया।

प्रश्न 11. बंगाल के उन नवाबों के नाम बताइए जिन्होंने अंग्रेजों को रियायतें देने से मना किया।

उत्तर- 1. मुर्शिद कुली खान, 2. अली वर्दी खान, 3. नवाब सिराजुद्दौला।

प्रश्न 12. प्लासी का युद्ध कब और किस-किसके बीच हुआ था?

उत्तर- प्लासी का युद्ध 1757 ई. में बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला तथा ईस्ट इण्डिया कम्पनी के बीच हुआ था।

प्रश्न 13. उस सेनापति का नाम बताइए जिसने प्लासी की लड़ाई में सिराजुद्दौला को धोखा दिया।

उत्तर- मीर जाफर।

प्रश्न 14. बक्सर की लड़ाई में बंगाल के किस नवाब को पराजित किया गया?

उत्तर- मीर कासिम को।

प्रश्न 15. किसने और कब कम्पनी को बंगाल प्रान्त का दीवान बनाया?

उत्तर- मुगल सम्राट ने 1765 में कम्पनी को बंगाल प्रान्त का दीवान बनाया।

प्रश्न 16. ब्रिटिश संसद द्वारा रॉबर्ट क्लाइव से क्यों पूछताछ की गई?

उत्तर- क्योंकि रॉबर्ट क्लाइव पर भारत में अपनी सेवा के दौरान भ्रष्टाचार तथा अवैध रूप से धन संग्रह करने के आरोप थे।

प्रश्न 17. भारतीय रियासतों में कम्पनी द्वारा नियुक्त रेजिडेंट की क्या भूमिका थी?

उत्तर- रेजिडेंट के माध्यम से कम्पनी भारतीय रियासतों के आन्तरिक मामलों में हस्तक्षेप कर सकती थी।

प्रश्न 18. सहायक सन्धि अपनाने वाली किन्हीं दो भारतीय रियासतों के नाम बताइये।

उत्तर— (1) अवध तथा (2) हैदराबाद।

प्रश्न 19. किस विदेशी शक्ति ने टीपू को सेना के आधुनिकीकरण में सहायता की?

उत्तर— फ्रांसीसियों ने टीपू को उसकी सेना के आधुनिकीकरण में सहायता की।

प्रश्न 20. टीपू सुल्तान किस लड़ाई में तथा कब मारा गया?

उत्तर— टीपू श्रीरंगपट्टम की लड़ाई में 4 मई, 1799 को मारा गया।

प्रश्न 21. सन् 1761 में कौनसा युद्ध हुआ था? इसमें किसकी हार हुई थी?

उत्तर— सन् 1761 में पानीपत का तीसरा युद्ध हुआ था। इसमें मराठों की हार हुई थी।

प्रश्न 22. किन्हीं चार मराठा राजवंशों के नाम बताइए।

उत्तर— (1) सिंधिया, (2) होल्कर, (3) गायकवाड़, (4) भोंसले।

प्रश्न 23. सर्वोच्चता का सिद्धान्त क्या था?

उत्तर— इस सिद्धान्त के अनुसार, कम्पनी की सत्ता सर्वोच्च थी। अतः इसकी शक्ति एवं स्थिति भारतीय राज्यों की अपेक्षा ऊँची थी।

प्रश्न 24. चेन्नम्मा कौन थी?

उत्तर— चेन्नम्मा कर्नाटक में कित्तूर की रानी थी।

प्रश्न 25. विलय नीति सिद्धान्त के तहत अंग्रेजी राज्य में मिलाए गए राज्यों के नाम बताइए।

उत्तर— (1) सतारा, (2) उदयपुर, (3) नागपुर, (4) झाँसी (5) संबलपुर।

प्रश्न 26. ब्रिटिश भारत में कितने प्रेसीडेंसी थे? उनके नाम बताइए।

उत्तर— ब्रिटिश भारत में तीन प्रेसीडेंसी थे—(1) बंगाल, (2) मद्रास तथा (3) बम्बई।

प्रश्न 27. किस नई तकनीकी ने अंग्रेजों को एक भौगोलिक औपनिवेशिक शक्ति के रूप में उभरने में मदद की?

उत्तर— भाप (वाष्प) तकनीकी ने।

प्रश्न 28. मुफ्ती से आप क्या समझते हैं?

उत्तर— मुस्लिम समुदाय का एक न्यायविद जो कानूनों की व्याख्या करता है, मुफ्ती कहलाता है।

प्रश्न 29. कलेक्टर का मुख्य कार्य क्या था?

उत्तर— कलेक्टर का मुख्य कार्य लगान और कर इकट्ठा करना तथा न्यायाधीशों, पुलिस अधिकारियों तथा दारोगा की सहायता से जिले में कानून-व्यवस्था बनाये रखना था।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-I

प्रश्न 1. मुगल साम्राज्य कमजोर क्यों पड़ गया था?

उत्तर— 1707 ई. में शक्तिशाली मुगल सम्राट औरंगजेब की मृत्यु हो गई थी। उसकी मृत्यु के बाद अनेक मुगल सूबेदार तथा बड़े जमींदार अपनी ताकत दिखाने लगे थे। उन्होंने अपनी क्षेत्रीय रियासतें स्थापित कर ली थीं। इस प्रकार जैसे-जैसे विभिन्न भागों में ताकतवर क्षेत्रीय रियासतें उभरने लगीं, मुगल साम्राज्य कमजोर पड़ता गया।

प्रश्न 2. राजकीय चार्टर से ईस्ट इण्डिया कम्पनी को क्या सुविधाएँ मिलीं?

उत्तर— (1) कम्पनी को पूरब से व्यापार करने का एकाधिकार मिल गया।

(2) कम्पनी समुद्र पार जाकर नए इलाकों को खँगाल सकती थी।

(3) कम्पनी नई जगहों की खोज कर वहाँ से चीजें सस्ती दरों पर खरीद कर वापस यूरोप में ऊँची कीमतों पर बेच सकती थी।

(4) इस इलाके में कम्पनी से इंग्लैंड की कोई अन्य व्यापारिक कम्पनी प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकती थी।

प्रश्न 3. यूरोपीय कम्पनियाँ आपस में क्यों झगड़ती रहती थीं?

उत्तर— (1) सभी कम्पनियाँ एक जैसी चीजें ही खरीदना चाहती थीं। इसलिए वे व्यापार में एक-दूसरे की प्रतिस्पर्धी थीं।

(2) यूरोपीय व्यापारिक कम्पनियाँ तभी फल-फूल सकती थीं जब वे अपनी प्रतिस्पर्धी कम्पनी को समाप्त कर देतीं।

(3) अपने-अपने लिए बाजार को सुरक्षित करने की जरूरतों के कारण ये कम्पनियाँ आपस में झगड़ती रहती थीं।

प्रश्न 4. ईस्ट इण्डिया कम्पनी को 1765 से पहले तक भारत में व्यापार करने के ब्रिटेन से लाए गए सोने-चाँदी में बदले में ही क्यों करना पड़ता था?

उत्तर— यद्यपि 18वीं सदी की शुरुआत से ही भारत में कम्पनी का व्यापार बढ़ता जा रहा था, लेकिन उसे भारत में ज्यादातर चीजें ब्रिटेन से लाए गए सोने, चाँदी से ही खरीदनी पड़ती थीं। इसकी वजह यह थी कि उस समय ब्रिटेन के पास भारत में बेचने के लिए कोई चीज नहीं थी। 1765 में बंगाल प्रान्त की दीवानी मिलने के बाद अब कम्पनी को ब्रिटेन से सोना लाने की जरूरत नहीं रही।

प्रश्न 5. कम्पनी के अधिकारियों को ब्रिटेन में 'नबॉब' क्यों कहा जाता था?

उत्तर— (1) जब कम्पनी के अधिकारी भारत से काफी मात्रा में धन कमाकर ब्रिटेन लौटते थे तो ये वहाँ आलीशान जिन्दगी जीते थे तथा अपनी अमीरी का प्रदर्शन करते थे।

(2) लोग इन्हें नये अमीरों तथा रातों-रात ऊँची सामाजिक हैसियत पाने वालों के रूप में देखते थे और भारतीय शब्द नवाब के अंग्रेजीकरण से बने शब्द 'नबॉब' द्वारा उन्हें सम्बोधित करते थे। नाटकों तथा कार्टूनों में उनका मजाक उड़ाया जाता था।

प्रश्न 6. अंग्रेज भारत में व्यापार क्यों करना चाहते थे?

उत्तर— यूरोप के बाजारों में भारत के बने बारीक सूती कपड़े और रेशम की जबरदस्त मांग थी। इसके अलावा कालीमिर्च, लौंग, इलायची और दालचीनी की भी वहाँ जबरदस्त माँग रहती है। अंग्रेजी व्यापारिक कंपनियाँ यहाँ से सस्ती चीजें खरीदकर उन्हें यूरोप में ऊँची कीमत पर बेच सकती थी। इसीलिए अंग्रेज भारत में व्यापार करना चाहते थे।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-II

प्रश्न 1. 1757 से 1857 के बीच ईस्ट इण्डिया कम्पनी के द्वारा भारतीय राज्यों पर कब्जे की प्रक्रिया की किन्हीं तीन महत्त्वपूर्ण बातों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर— (1) किसी अनजान इलाके में कंपनी ने सीधे हस्तक्षेप नहीं किया। उसने किसी भी भारतीय रियासत का अधिग्रहण करने से पहले राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक साधनों का इस्तेमाल किया।

(2) बक्सर की लड़ाई के बाद कंपनी ने भारतीय रियासतों में रेजिडेंस तैनात कर दिए और इनके माध्यम से कम्पनी भारतीय राज्यों के भीतरी मामलों में दखल देने लगी।

(3) कई बार कम्पनी ने रियासतों पर सहायक संधि भी थोप दी।

प्रश्न 2. सन् 1801 में अवध का आधा इलाका कम्पनी ने क्यों छीन लिया?

उत्तर— अवध रियासत ने कम्पनी के साथ सहायक सन्धि कर रखी थी। इस सन्धि के तहत रियासत की सुरक्षा की जिम्मेदारी कम्पनी पर आ जाती थी तथा 'सहायक सेना' के रख-रखाव के लिए रियासत कम्पनी को पैसा देती थी। अवध का नवाब 'सहायक' सेना के रख-रखाव के लिए कम्पनी को भुगतान नहीं कर पाया था अतः 1801 में कम्पनी ने नवाब को अपना आधा इलाका कम्पनी को सौंपने को मजबूर कर दिया।

प्रश्न 3. कम्पनी ने भारतीय रियासतों में रेजिडेन्ट क्यों तैनात किये?

उत्तर— बक्सर के युद्ध (1764) के बाद कम्पनी ने अपने हितों की रक्षा तथा उन्हें आगे बढ़ाने के लिए भारतीय रियासतों में रेजिडेन्ट तैनात किये। ये कम्पनी के राजनीतिक या व्यावसायिक प्रतिनिधि होते थे। इनके माध्यम से कम्पनी के अधिकारी रियासतों के अन्दरूनी मामलों में भी दखल देने लगे थे। अगला राजा कौन होगा, किस पद पर किसको बिठाया जायेगा, आदि बातें भी इनके माध्यम से कम्पनी ही तय करती थी।

प्रश्न 4. आंग्ल-मराठा युद्धों का वर्णन कीजिए।

उत्तर— (1) प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध, बिना किसी निर्णय के, 1782 में सालबाई की सन्धि द्वारा खत्म हुआ।

(2) द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1803-05) में कम्पनी मराठों से उड़ीसा को छीनने में सफल रही। साथ ही, इसने दिल्ली एवं आगरा समेत यमुना के उत्तरी क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया।

(3) तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1817-19) ने मराठा शक्ति को खत्म कर दिया। पेशवा को पुणे से हटाकर बिटूर (कानपुर के नजदीक) में पेंशन पर भेज दिया गया।

प्रश्न 5. अंग्रेज उत्तर-पश्चिमी सीमा को क्यों सुरक्षित करना चाहते थे? इसके लिए उन्होंने क्या किया?

उत्तर— (1) रूस एशिया में अपने प्रभाव का विस्तार कर रहा था, अंग्रेजों को डर था कि रूस उत्तर-पश्चिमी सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश कर सकता था।

(2) इससे बचने के लिए कम्पनी ने उत्तर-पश्चिमी सीमा की ओर ध्यान दिया तथा अफगानिस्तान, पंजाब तथा सिंध के साथ लड़ाइयाँ लड़ीं।

(3) कम्पनी ने अन्ततः सिन्ध पर कब्जा कर लिया। इसने अफगानिस्तान पर अपना अप्रत्यक्ष शासन स्थापित किया तथा 1849 में पंजाब को भी अपने कब्जे में ले लिया।

प्रश्न 6. नई ब्रिटिश प्रशासनिक व्यवस्था में जिलाधिकारी का कार्यालय शक्ति का नया केन्द्र बनकर उभरा। चर्चा कीजिए।

उत्तर— (1) जिला को नया प्रशासनिक इकाई बनाया गया। इसके प्रशासनिक प्रमुख का कार्यभार कलेक्टर को सौंपा गया।

(2) जिलाधिकारी का प्रमुख कार्य लगान एवं कर का संग्रह करना तथा जिले में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखना था।

(3) अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए कलेक्टर न्यायाधीशों, पुलिस अधिकारियों एवं दरोगा की मदद लेता था।

(4) उसका कार्यालय 'कलेक्ट्रेट' सत्ता के नए केन्द्र के रूप में उभरा तथा उसने पुराने सत्ता केन्द्रों को हाशिये पर धकेल दिया।

प्रश्न 7. बाजारों पर कब्जे की होड़ में यूरोपीय व्यापारिक कम्पनियाँ आपस में किस प्रकार लड़ती रहीं?

उत्तर— बाजारों पर कब्जे की होड़ में यूरोपीय व्यापारिक कम्पनियाँ—

(1) जब भी मौका मिलता कोई-सी एक कम्पनी किसी दूसरी कम्पनी के जहाज डुबो देती।

(2) एक-दूसरे के रास्ते में रुकावटें खड़ी कर देतीं।

(3) माल से लदे जहाजों को आगे बढ़ने से रोक देतीं।

(4) व्यापारिक चौकियों को किलेबन्दी के द्वारा सुरक्षित रखती थीं।

(5) अपनी बस्तियों को किलेबंद करने और व्यापार में मुनाफा कमाने की इन कोशिशों के कारण स्थानीय शासकों से भी टकराव होने लगे।

प्रश्न 8. शाही-दस्तावेज (चार्टर) की क्या सीमा थी? इसके क्या परिणाम हुए?

उत्तर- शाही दस्तावेज की यह सीमा थी कि यह दूसरी यूरोपीय शक्तियों को पूरब के बाजारों में आने से नहीं रोक सकता था। इसके निम्न परिणाम हुए:

(1) पुर्तगालियों ने इंग्लैंड से पहले भारत के पश्चिम तट पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी थी। वे गोवा में अपना ठिकाना बना चुके थे।

(2) सत्रहवीं शताब्दी की शुरुआत तक डच भी हिन्द महासागर में व्यापार की संभावनाएँ तलाशने लगे थे।

(3) कुछ ही समय बाद फ्रांसीसी व्यापारी भी सामने आ गये।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने बंगाल में व्यापार किस प्रकार शुरू किया? औरंगजेब के फरमान से बंगाल के राजस्व को नुकसान किस प्रकार पहुँचा?

उत्तर- ईस्ट इण्डिया कम्पनी के व्यापार का बंगाल में विकास- बंगाल में ईस्ट इण्डिया कम्पनी के व्यापार का विकास निम्न प्रकार हुआ-

(1) सन् 1651 में हुगली नदी के किनारे पहली इंग्लिश फैक्टरी स्थापित की गई। कम्पनी के व्यापारी यहीं से अपना काम चलाते थे। ये 'फैक्टर' कहलाते थे।

(2) इस फैक्टरी में वेयरहाउस था जहाँ निर्यात होने वाली चीजों को जमा किया जाता था। यहीं पर उसके दफ्तर थे जिनमें कम्पनी के अफसर बैठते थे।

(3) व्यापार फैलाने के साथ-साथ कम्पनी ने सौदागरों और व्यापारियों को फैक्टरी के आस-पास आकर बसने के लिए प्रेरित किया।

(4) 1696 तक कम्पनी ने इस आबादी के चारों तरफ एक किला बनाना शुरू कर दिया था।

(5) दो साल बाद उसने मुगल अफसरों को रिश्वत देकर तीन गाँवों की जमींदारी भी खरीद ली। इनमें से एक गाँव कालीकाता था जो अब कोलकाता कहा जाता है।

(6) कम्पनी ने मुगल सम्राट औरंगजेब को इस बात के लिए भी तैयार कर लिया कि वह कम्पनी को बिना शुल्क चुकाए व्यापार करने का फरमान जारी कर दे।

औरंगजेब के फरमान से बंगाल के राजस्व को नुकसान- औरंगजेब के फरमान से केवल कम्पनी को ही शुल्क मुक्त व्यापार का अधिकार मिला था। लेकिन कम्पनी के जो अफसर निजी तौर पर व्यापार चलाते थे उन्होंने भी शुल्क चुकाने से इनकार कर दिया। इससे बंगाल में राजस्व वसूली बहुत कम हो गई तथा उसे नुकसान पहुँचा।

प्रश्न 2. प्लासी के युद्ध का विस्तृत वर्णन कीजिए।

उत्तर- प्लासी के युद्ध के कारण- (1) 1756 में सिराजुद्दौला बंगाल का नवाब बना। कम्पनी को सिराजुद्दौला की ताकत से काफी भय था।

(2) सिराजुद्दौला की जगह कम्पनी एक ऐसा कठपुतली नवाब चाहती थी जो उसे व्यापारिक रियायतें और अन्य सुविधाएँ आसानी से प्रदान कर दे।

(3) कम्पनी ने सिराजुद्दौला के प्रतिद्वन्द्वियों में से किसी को नवाब बनाने का प्रयास किया किन्तु कम्पनी को कामयाबी नहीं मिली।

(4) सिराजुद्दौला ने आदेश दिया कि कम्पनी उनके राज्य के राजनीतिक मामलों में टाँग अड़ाना बन्द कर दे, किलेबन्दी रोके और बाकायदा राजस्व चुकाए।

उक्त कारणों से दोनों पक्षों के बीच प्लासी का युद्ध हुआ।

प्लासी का युद्ध- (1) जब दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हुए तो अपने 30,000 सिपाहियों के साथ नवाब ने कासिम बाजार में स्थित इंग्लिश फैक्टरी पर हमला बोल दिया।

(2) नवाब की फौजों ने कम्पनी के अफसरों को गिरफ्तार कर लिया, गोदाम पर ताला डाल दिया, अंग्रेजों के हथियार छीन लिए और अंग्रेज जहाजों को घेरे में ले लिया।

(3) इसके बाद नवाब ने कम्पनी के कलकत्ता स्थित किले पर कब्जे के लिए उधर का रुख किया।

(4) कलकत्ता के हाथ से निकल जाने की खबर सुनने पर मद्रास में तैनात कम्पनी के अफसरों ने रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में सेनाओं को कलकत्ता रवाना कर दिया। इस सेना को सैनिक बेड़े की मदद भी मिल रही थी।

(5) इसके बाद नवाब के साथ लम्बे समय तक सौदेबाजी चली।

(6) अन्त में 1757 में रॉबर्ट क्लाइव ने प्लासी के मैदान में सिराजुद्दौला को पराजित कर दिया। नवाब सिराजुद्दौला की हार का कारण उसके एक सेनापति मीर जाफर की कारगुजारियाँ थीं। मीर जाफर की टुकड़ियों ने इस युद्ध में हिस्सा नहीं लिया। क्योंकि उसने रॉबर्ट क्लाइव से हाथ मिला लिया था।

(7) जंग के बाद सिराजुद्दौला को मार दिया गया और मीर जाफर को बंगाल का नवाब बना दिया गया। भारत में कम्पनी की यह पहली बड़ी जीत थी।

प्रश्न 3. भारत में अंग्रेजी कम्पनी के 'सर्वोच्चता के दावे' की व्याख्या कीजिए।

उत्तर- कम्पनी का सर्वोच्चता का दावा- (1) भारत में ईस्ट इण्डिया कम्पनी उन्नीसवीं सदी की शुरुआत से क्षेत्रीय विस्तार की आक्रामक नीति पर चल रही थी। 1813 से 1823 तक गवर्नर जनरल रहे लॉर्ड हेस्टिंग्स के नेतृत्व में 'सर्वोच्चता' की एक नयी नीति शुरू की गई।

(2) कम्पनी ने दावा किया कि उसकी सत्ता सर्वोच्च है इसलिए वह भारतीय राज्यों से ऊपर है। अपने हितों की रक्षा के लिए वह भारतीय रियासतों का अधिग्रहण करने या उनको अधिग्रहण की धमकी देने का अधिकार अपने पास मानती थी। यही दावा कम्पनी की 'सर्वोच्चता का दावा' है। अंग्रेजों की बाद की नीतियों में भी यही सोच दिखायी देती रही। इस नीति के तहत अंग्रेजों ने अपने साम्राज्य को फैलाया।

(3) कई राज्यों ने उनके सर्वोच्चता के दावे का विरोध किया। उदाहरणार्थ जब अंग्रेजों ने कित्तूर (कर्नाटक) के छोटे से राज्य को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो रानी चेन्नम्मा ने अंग्रेजों के खिलाफ आन्दोलन छेड़ दिया। 1824 में उन्हें गिरफ्तार किया गया और 1829 में जेल में ही उनकी मृत्यु हो गई। चेन्नम्मा के बाद कित्तूर स्थित संगोली के एक गरीब चौकीदार रायन्ना ने यह प्रतिरोध जारी रखा। चौतरफा समर्थन और सहायता से उन्होंने बहुत सारे ब्रिटिश शिविरों और दस्तावेजों को नष्ट कर दिया। आखिरकार उन्हें भी अंग्रेजों ने पकड़कर 1830 में फाँसी पर लटका दिया।

(4) 1830 के दशक के अन्त में ईस्ट इण्डिया कम्पनी को भय था कि कहीं रूस का प्रभाव पूरे एशिया में फैलकर उत्तर-पश्चिम से भारत को अपनी चपेट में न ले ले। अतः अंग्रेज अब उत्तर-पश्चिमी भारत पर भी अपना नियन्त्रण स्थापित करना चाहते थे।

(5) उन्होंने 1838 से 1842 के बीच अफगानिस्तान के साथ एक लम्बी लड़ाई लड़ी और वहाँ अप्रत्यक्ष कम्पनी शासन स्थापित कर लिया। 1843 में सिन्ध पर भी कब्जा कर लिया। पंजाब में महाराजा रणजीत सिंह ने कम्पनी का कड़ा प्रतिरोध किया। 1839 में उनकी मृत्यु के बाद इस रियासत के साथ दो लम्बी लड़ाइयाँ हुईं और अन्त में 1849 में अंग्रेजों ने पंजाब का भी अधिग्रहण कर लिया।

प्रश्न 4. कम्पनी की विलय नीति का सिद्धान्त क्या था? अवध के विलय के लिए कम्पनी ने क्या तर्क दिया?

उत्तर— विलय नीति सिद्धान्त—(1) 1848 से 1856 के बीच गवर्नर-जनरल बने लार्ड डलहौजी ने एक नयी नीति अपनाई जिसे विलय नीति का नाम दिया गया। यह सिद्धान्त इस तर्क पर आधारित था कि अगर किसी शासक की मृत्यु हो जाती है और उसका कोई पुरुष वारिस नहीं है तो उसकी रियासत हड़प कर ली जाएगी यानी कम्पनी के भू-भाग का हिस्सा बन जाएगी। उस शासक को किसी अन्य बच्चे को गोद लेकर उसे उत्तराधिकारी बनाने का अधिकार नहीं होगा।

(2) इस सिद्धान्त के आधार पर अंग्रेजों ने एक के बाद एक कई रियासतों, जैसे—सतारा (1848), सम्बलपुर (1850), उदयपुर (1852), नागपुर (1853) और झाँसी (1854) पर अपना अधिकार कर लिया।

अवध का विलय— 1856 में कम्पनी ने अवध को भी अपने नियन्त्रण में ले लिया। अवध के विलय के लिए अंग्रेजों ने एक नया तर्क दिया। उन्होंने कहा कि वे अवध की जनता को नवाब के 'कुशासन' से आजाद कराने के कर्तव्य से बँधे हुए हैं इसलिए वे अवध पर कब्जा करने को मजबूर हैं। इस प्रकार उन्होंने नवाब को गद्दी से हटाकर अवध पर नियन्त्रण कर लिया।

प्रश्न 5. वारेन हेस्टिंग्स द्वारा न्याय के क्षेत्र में किए गए सुधारों पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर— वारेन हेस्टिंग्स ने भारतीय न्याय के क्षेत्र में निम्न सुधार किये—

(1) प्रत्येक जिले में अलग-अलग दीवानी एवं फौजदारी अदालतों की स्थापना की गई।

(2) यूरोपीय जिलाधिकारी दीवानी अदालतों की अध्यक्षता करते थे। इनके लिए मौलवी तथा पंडितों द्वारा भारतीय कानूनों की व्याख्या की जाती थी।

(3) फौजदारी अदालतों को जिलाधिकारी के निरीक्षण में लाया गया। यद्यपि ये काजी तथा मुफ्ती के अन्तर्गत ही थीं।

(4) हेस्टिंग्स ने हिन्दू एवं मुस्लिम कानूनों का अनुवाद करवाया तथा उन्हें कूटबद्ध कर दिया।

(5) रेगुलेशन एक्ट के तहत कलकत्ता में एक नए सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना की गई।

(6) कलकत्ता में अपीलीय अदालत अर्थात् सदर निजामत अदालत की भी स्थापना की गई।

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