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सामाजिक विज्ञान (Social Science)हिंदी माध्यम2026-27

RBSE Class 8 Social Science Chapter 20 Solutions & Notes in Hindi

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-09📖 RBSE/NCERT Solutions
भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल

राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।

पाठगत प्रश्न

: क्रियाकलाप-

प्रश्न 1. कपास के खेत से अपने घर तक अपनी कमीज की यात्रा का पता कीजिए।

उत्तर- सर्वप्रथम किसान अपने खेतों में कपास उगाता है। वह कपास को खेतों से चुनकर बाजार में बेचता है। बाजार से मिल-मालिक कपास को खरीदकर उसे साफ करके उसकी ओटाई करके रूई तैयार करते हैं। मिल के अन्दर उस साफ रूई से धागा बनता है तथा उस धागे से कपड़े का निर्माण किया जाता है। कपड़ा निर्माण फैक्ट्री में उस कपड़े से कमीज तैयार होती है वहाँ से तैयार कमीज बाजार में पहुँचती है जिसे हम खरीदते हैं।

: क्रियाकलाप-

प्रश्न 1. कृषि आधारित उद्योगों के कुछ उदाहरण दीजिए।

उत्तर- कृषि आधारित प्रमुख उद्योगों में चीनी उद्योग, गुड़ उद्योग, सूती वस्त्र उद्योग, जूट उद्योग, तंबाकू उद्योग, मसाला उद्योग शामिल हैं।

: क्रियाकलाप—

प्रश्न 1. चमड़े के जूते के विनिर्माण में शामिल निवेश, प्रक्रम और निर्गत को ज्ञात करें।

उत्तर—

* निवेश— पूँजी, कारखाना, मशीनें, कच्चा माल, श्रमिक, आदि।

* प्रक्रम— इसमें श्रमिक चमड़े को रसायनों से साफ करते हैं, मशीनों से सुखाते हैं तथा कटाई करके मशीनों की सहायता से जूतों का निर्माण करते हैं।

* निर्गत— चमड़े के जूते।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए—

(i) 'उद्योग' शब्द का क्या तात्पर्य है?

उत्तर— उद्योग शब्द का तात्पर्य उन समस्त आर्थिक गतिविधियों से है जो कि वस्तुओं के उत्पादन, खनिजों के निष्कर्षण अथवा सेवाओं की व्यवस्था से सम्बन्धित हैं।

(ii) वे कौनसे मुख्य तथ्य हैं जो उद्योग की अवस्थिति को प्रभावित करते हैं?

उत्तर— उद्योग की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारकों में संचार, परिवहन, भूमि, विद्युत, कच्चा माल, श्रम, पूँजी, बाजार, जल आदि शामिल हैं।

(iii) कौनसा उद्योग प्राय: आधुनिक उद्योग का मेरुदण्ड कहा जाता है और क्यों?

उत्तर— इस्पात उद्योग को आधुनिक उद्योगों का मेरुदण्ड कहा जाता है क्योंकि लगभग सभी उद्योगों में इस्पात को कच्चे माल के रूप में प्रयोग किया जाता है। लगभग सभी वस्तुओं के निर्माण में इस्पात का प्रयोग किया जाता है। उद्योगों के लिए आवश्यक मशीनें, पोत, रेलगाड़ियाँ, ट्रक, औजार आदि सभी चीजें इस्पात से ही बनी होती हैं। बिना इस्पात के अन्य उद्योगों का विकास सम्भव नहीं है। अतः इस्पात उद्योग को आधुनिक उद्योगों का मेरुदण्ड कहा जाता है।

प्रश्न 2. अन्तर स्पष्ट कीजिए—

(i) कृषि आधारित और खनिज आधारित उद्योग

(ii) सार्वजनिक क्षेत्र और संयुक्त क्षेत्र के उद्योग।

उत्तर—(i) कृषि आधारित और खनिज आधारित उद्योग—

कृषि आधारित उद्योग

खनिज आधारित उद्योग

1. कृषि आधारित उद्योग कच्चे माल के रूप में वनस्पति और जन्तु आधारित उत्पादों का उपयोग करते हैं।

1. खनिज आधारित उद्योग कच्चे माल के रूप में खनिज अयस्कों का उपयोग करते हैं।

2. उदाहरण—वनस्पति तेल उद्योग, सूती वस्त्र उद्योग, डेयरी उद्योग, चर्म उद्योग आदि।

2. उदाहरण—लौह इस्पात उद्योग, मशीन निर्माण उद्योग, रेल के डिब्बों का निर्माण आदि।

(ii) सार्वजनिक क्षेत्र और संयुक्त क्षेत्र के उद्योग—

सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग

संयुक्त क्षेत्र के उद्योग

1. इसमें वे उद्योग शामिल हैं जिनका स्वामित्व तथा संचालन सरकार के हाथ में होता है।

1. इसमें उद्योगों के स्वामित्व एवं संचालन पर सरकार तथा निजी व्यक्तियों दोनों का हाथ होता है।

2. इसमें सम्पूर्ण पूँजी सरकार द्वारा लगाई जाती है।

2. इसमें सम्पूर्ण पूँजी दोनों द्वारा मिलकर लगाई जाती है।

3. उदाहरण—स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड।

3. उदाहरण—मारुति उद्योग लिमिटेड।

प्रश्न 3. दिए गए स्थानों में निम्नलिखित के दो-दो उदाहरण दीजिए—

उत्तर—

(i) कच्चा माल : लौह अयस्क और कपास

(ii) अन्तिम उत्पाद : इस्पात और सूती वस्त्र की कमीज

(iii) तृतीयक क्रियाकलाप : व्यापार और बैंकिंग

(iv) कृषि आधारित उद्योग : सूती वस्त्र उद्योग और खाद्य संसाधन उद्योग

(v) कुटीर उद्योग : खिलौने बनाना और हथकरघा

(vi) सहकारिता : आनन्द मिल्क यूनियन लिमिटेड और सुधा डेयरी।

भाग 2 — नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य

महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।

पाठ-सार

द्वितीयक क्रियाकलाप या विनिर्माण में कच्चे माल को लोगों के लिए अधिक मूल्य के उत्पादों के रूप में परिवर्तित किया जाता है। उद्योग का सम्बन्ध उन आर्थिक गतिविधियों से है जो कि वस्तुओं के उत्पादन, खनिजों के निष्कर्षण अथवा सेवाओं की व्यवस्था से सम्बन्धित हैं।

1. उद्योगों का वर्गीकरण-उद्योगों का वर्गीकरण कच्चा माल, आकार और स्वामित्व के आधार पर किया जा सकता है। यथा-

(i) कच्चे माल के आधार पर वर्गीकरण-कच्चे माल के आधार पर उद्योगों को चार भागों में विभाजित किया जाता है : कृषि आधारित उद्योग, खनिज आधारित उद्योग, समुद्र आधारित उद्योग तथा वन आधारित उद्योग।

(ii) आकार के आधार पर वर्गीकरण-आकार के आधार पर उद्योगों को दो भागों में बाँटा जाता है-लघु आकार के उद्योग तथा बृहत् आकार के उद्योग।

(iii) स्वामित्व के आधार पर वर्गीकरण-स्वामित्व के आधार पर उद्योगों को निजी क्षेत्र, राज्य स्वामित्व अथवा सार्वजनिक क्षेत्र, संयुक्त क्षेत्र और सहकारी क्षेत्र में बाँटा जाता है।

2. उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारक-उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक कच्चे माल की उपलब्धता, भूमि, जल, श्रम, शक्ति, पूँजी, परिवहन और बाजार हैं।

3. औद्योगिक तन्त्र-औद्योगिक तन्त्र में निवेश, प्रक्रम और निर्गत शामिल हैं।

4. औद्योगिक प्रदेश-औद्योगिक प्रदेश का विकास तब होता है जब कई तरह के उद्योग एक-दूसरे के निकट स्थित होते हैं।

5. प्रमुख उद्योगों का वितरण-विश्व के कुछ प्रमुख उद्योग निम्न प्रकार हैं-

लोहा-इस्पात उद्योग-लोहा-इस्पात उद्योग एक महत्त्वपूर्ण उद्योग है। लौह-अयस्क से कई चरणों में इस्पात का निर्माण किया जाता है। इस्पात से अनेक वस्तुएँ बनती हैं तथा यह कई उद्योगों के लिए कच्चे माल के रूप में प्रयोग किया जाता है। भारत में प्रमुख इस्पात केन्द्र भिलाई, दुर्गापुर, बर्नपुर, जमशेदपुर, राउरकेला और बोकारो हैं जो प. बंगाल, उड़ीसा, झारखण्ड, छत्तीसगढ़ राज्यों में स्थापित हैं। आजादी से पूर्व भारत में टाटा आयरन एंड स्टील कम्पनी (टिस्को) जमशेदपुर में थी। संयुक्त राज्य अमेरिका में पिट्सबर्ग एक महत्त्वपूर्ण इस्पात नगर है।

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Q&A)

3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

बहुचयनात्मक प्रश्न—

1. कच्चे माल के उपयोग के आधार पर उद्योगों के वर्गीकरण में शामिल है—

(क) कृषि आधारित उद्योग
(ख) खनिज आधारित उद्योग
(ग) समुद्र आधारित उद्योग
(घ) उपर्युक्त सभी।

2. निम्न में से कौनसा उद्योग कुटीर उद्योग है—

(क) टोकरी बनाना (ख) मिट्टी के बर्तन बनाना
(ग) लकड़ी के खिलौने बनाना
(घ) उपर्युक्त सभी।

3. जिन उद्योगों का स्वामित्व एवं संचालन सरकार द्वारा किया जाता है, उन्हें कहा जाता है-

(क) सार्वजनिक उद्योग (ख) निजी उद्योग
(ग) संयुक्त क्षेत्र के उद्योग
(घ) सहकारी क्षेत्र के उद्योग।

4. हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड है-

(क) सार्वजनिक उपक्रम (ख) निजी उपक्रम
(ग) विदेशी उपक्रम
(घ) संयुक्त क्षेत्र का उपक्रम।

5. सुधा डेयरी है-

(क) सार्वजनिक उपक्रम (ख) विदेशी उपक्रम
(ग) सहकारी उपक्रम
(घ) संयुक्त क्षेत्र का उपक्रम।

6. उद्योग की अवस्थिति को प्रभावित करने वाला कारक है-

(क) परिवहन (ख) कच्चा माल
(ग) श्रम (घ) उपर्युक्त सभी।

7. भारत में औद्योगिक प्रदेश है-

(क) अहमदाबाद-बड़ोदरा प्रदेश
(ख) गुड़गाँव-दिल्ली-मेरठ प्रदेश
(ग) विशाखापट्टनम-गुंटूर प्रदेश
(घ) उपर्युक्त सभी।

8. भारत का महत्त्वपूर्ण इस्पात उत्पादक केन्द्र है-

(क) भिलाई (ख) दुर्गापुर
(ग) जमशेदपुर (घ) उपर्युक्त सभी।

9. टाटा आयरन एंड स्टील कम्पनी (टिस्को) की शुरुआत की गई-

(क) 1901 में (ख) 1907 में
(ग) 1917 में (घ) 1927 में।

10. वह देश जिसमें लोहा-इस्पात उद्योग अवस्थित है-

(क) जर्मनी (ख) चीन
(ग) जापान (घ) उपरोक्त सभी

11. स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड है-

(क) सार्वजनिक उपक्रम (ख) निजी उपक्रम
(ग) विदेशी उपक्रम
(घ) संयुक्त क्षेत्र का उपक्रम

12. उद्योगों का वर्गीकरण निम्न में से किस आधार पर किया जा सकता है?

(क) कच्चे माल के आधार पर
(ख) उद्योग के आकार के आधार पर
(ग) स्वामित्व के आधार पर
(घ) उपरोक्त सभी

उत्तरमाला- 1. (घ) 2. (घ) 3. (क) 4. (क) 5. (ग) 6. (घ) 7. (घ) 8. (घ) 9. (ख) 10. (घ) 11. (क) 12. (घ)।

रिक्त स्थानों की पूर्ति करें-

1. ............ में कच्चे माल को लोगों के लिए अधिक मूल्य के उत्पादों के रूप में परिवर्तित किया जाता है।

2. ............ आधारित उद्योग में सागरों और महासागरों से प्राप्त उत्पादों का उपयोग कच्चे माल के रूप में करते हैं।

3. ............ उद्योग में वनों से प्राप्त उत्पाद का उपयोग कच्चे माल के रूप में किया जाता है।

4. उभरते हुए उद्योग ............ के नाम से भी जाने जाते हैं।

5. कृषि आधारित उद्योग, कच्चे माल के रूप में ............ और ............ आधारित उत्पादों का उपयोग करते हैं।

6. उद्योग के आकार का तात्पर्य निवेश की गई पूँजी की राशि, नियोजित लोगों की ............ और उत्पादन की ............ से है।

7. कुटीर या घरेलू उद्योग ............ पैमाने के उद्योग हैं जिसमें दस्तकारों के द्वारा उत्पादों का निर्माण ............ से होता है।

8. सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों का ............ और ............ सरकार द्वारा होता है।

उत्तर- 1. विनिर्माण 2. समुद्र 3. वन आधारित 4. सनराइज उद्योग 5. वनस्पति, जन्तु 6. संख्या, मात्रा 7. छोटे, हाथ 8. स्वामित्व, संचालन।

सही या गलत बताइए-

1. डेयरी उत्पाद एवं चर्म उद्योग कृषि आधारित उद्योग के उदाहरण हैं।

2. रेशम बुनाई तथा खाद्य प्रक्रमण उद्योग वृहत् आकार के उद्योग हैं।

3. औद्योगिक तन्त्र में निवेश, प्रक्रम और निर्गत शामिल हैं।

4. लौह-इस्पात उद्योग एक नया उभरता उद्योग है।

5. आटोमोबाइल और भारी मशीनें छोटे पैमाने के उद्योग हैं।

उत्तर- 1. सही 2. गलत 3. सही 4. गलत 5. गलत।

सही मिलान कीजिए-

(अ)

(ब)

1. जेट एयरवेज

(i) सार्वजनिक क्षेत्र

2. हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लि.

(ii) निजी क्षेत्र

3. मारुति उद्योग लि.

(iii) सहकारी उपक्रम

4. सुधा डेयरी

(iv) संयुक्त क्षेत्र

उत्तर- 1. (ii) 2. (i) 3. (iv) 4. (iii)।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. कच्चे माल के उपयोग के आधार पर उद्योगों के वर्गीकरण को स्पष्ट करें।

उत्तर- कच्चे माल के उपयोग के आधार पर उद्योगों को कृषि आधारित, खनिज आधारित, समुद्र आधारित और वन आधारित उद्योगों में बाँटा जाता है।

प्रश्न 2. किन्हीं दो वन आधारित उद्योगों के नाम बताइये।

उत्तर— (1) लुगदी एवं कागज उद्योग (2) फर्नीचर उद्योग।

प्रश्न 3. सहकारी क्षेत्र के उद्योग से क्या अभिप्राय है?

उत्तर— सहकारी क्षेत्र के उद्योगों का स्वामित्व और संचालन कच्चे माल के उत्पादकों या पूर्तिकारों, कामगारों अथवा दोनों द्वारा होता है।

प्रश्न 4. औद्योगिक प्रदेश का विकास कब होता है?

उत्तर— औद्योगिक प्रदेश का विकास तब होता है जब कई तरह के उद्योग एक-दूसरे के निकट स्थित होते हैं और वे अपनी निकटता के लाभ आपस में बाँटते हैं।

प्रश्न 5. प्रगलन का क्या तात्पर्य है?

उत्तर— प्रगलन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें धातुओं को उसके अयस्कों द्वारा गलनांक बिन्दु से अधिक तपाकर निष्कर्षित किया जाता है।

प्रश्न 6. विश्व के कोई दो प्रमुख उद्योगों के नाम बताइए।

उत्तर— (1) लोहा-इस्पात उद्योग (2) सूती वस्त्र उद्योग।

प्रश्न 7. सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के कोई दो प्रमुख केन्द्रों के नाम बताइए।

उत्तर— (1) कैलिफोर्निया की सिलिकॉन घाटी (2) भारत में बंगलौर प्रदेश।

प्रश्न 8. सनराइज उद्योग किसे कहते हैं?

उत्तर— उभरते हुए उद्योगों को सनराइज उद्योग कहा जाता है, जैसे—सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य लाभ, सत्कार तथा ज्ञान से संबंधित उद्योग आदि।

प्रश्न 9. स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व भारत में स्थापित एकमात्र इस्पात कारखाने का नाम बताइए।

उत्तर— टाटा आयरन एंड स्टील कम्पनी (टिस्को), जमशेदपुर।

प्रश्न 10. विनिर्माण से क्या आशय है?

उत्तर— विनिर्माण में कच्चे माल को लोगों के लिए अधिक मूल्य के उत्पादों के रूप में परिवर्तित किया जाता है।

प्रश्न 11. किन्हीं चार कृषि आधारित उद्योगों के नाम लिखिए।

उत्तर— (1) खाद्य संसाधन उद्योग (2) सूती वस्त्र उद्योग (3) डेयरी उत्पाद (4) चर्म उद्योग।

प्रश्न 12. किन्हीं दो समुद्र आधारित उद्योगों के नाम लिखिए।

उत्तर— (1) समुद्री खाद्य प्रसंस्करण उद्योग (2) मत्स्य तेल निर्माण उद्योग।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-I

प्रश्न 1. सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के बारे में आप क्या जानते हैं?

उत्तर— सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग वर्तमान युग का एक उभरता हुआ उद्योग है। यह सनराइज उद्योग के नाम से भी जाना जाता है। सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के प्रमुख केन्द्रों में कैलिफोर्निया की सिलिकॉन घाटी तथा भारत का बंगलौर शहर है।

प्रश्न 2. औद्योगिक प्रदेश पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर— औद्योगिक प्रदेश का विकास तब होता है जब कई तरह के उद्योग एक-दूसरे के निकट होते हैं और वे अपनी निकटता के लाभ आपस में बाँटते हैं। विश्व के प्रमुख औद्योगिक प्रदेश पूर्वोत्तर अमेरिका, पश्चिमी और मध्य यूरोप, पूर्वी यूरोप और पूर्वी एशिया हैं। मुख्य औद्योगिक प्रदेश अधिकांशतः शीतोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों, समुद्री पत्तनों के समीप और विशेष तौर पर कोयला क्षेत्रों के निकट स्थित होते हैं।

प्रश्न 3. ग्रेट लेक्स के बारे में आप क्या जानते हैं?

उत्तर— ग्रेट लेक्स उत्तरी अमेरिका में स्थित है। इसमें पाँच झीलें शामिल हैं, जिनके नाम हैं—(i) सुपीरियर (ii) हूरन (iii) ओंटारियो (iv) मिशिगन (v) ईरी। इन पाँचों झीलों में से सुपीरियर झील सबसे बड़ी है जो अन्य की तुलना में उच्च ऊर्ध्वप्रवाह पर स्थित है।

प्रश्न 4. औद्योगिक विपदा से जोखिम कम करने के कोई तीन उपाय लिखिए।

उत्तर— (i) घने बसे हुए आवासीय क्षेत्रों को औद्योगिक क्षेत्रों से अलग बहुत दूर रखा जाना चाहिए।

(ii) आग की चेतावनी और अग्निशमन की व्यवस्था को उन्नत किया जाना चाहिए।

(iii) उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण के उपाय को उन्नत किया जाना चाहिए।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-II

प्रश्न 1. कच्चे माल के उपयोग के आधार पर उद्योगों के विभिन्न प्रकारों को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— कच्चे माल के उपयोग के आधार पर उद्योगों को चार भागों में बाँटा जाता है—

(1) कृषि आधारित उद्योग—ये उद्योग कच्चे माल के रूप में वनस्पति और जन्तु आधारित उत्पादों का उपयोग करते हैं।

(2) खनिज आधारित उद्योग—ये उद्योग कच्चे माल के रूप में खनिज अयस्कों का उपयोग करते हैं।

(3) समुद्र आधारित उद्योग—ये उद्योग सागरों और महासागरों से प्राप्त उत्पादों का उपयोग कच्चे माल के रूप में करते हैं।

(4) वन आधारित उद्योग—ये उद्योग वनों से प्राप्त उत्पाद का उपयोग कच्चे माल के रूप में करते हैं।

प्रश्न 2. आकार के आधार पर उद्योगों के वर्गीकरण को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— आकार के आधार पर उद्योगों को दो भागों में विभाजित किया जाता है—

(1) लघु आकार के उद्योग- लघु आकार के उद्योगों में कम पूँजी तथा प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाता है तथा उत्पादन की मात्रा भी कम होती है। उदाहरण के लिए, रेशम बुनाई और खाद्य प्रक्रमण उद्योग।

(2) बृहत् आकार के उद्योग- इन उद्योगों में अधिक पूँजी तथा उच्चस्तरीय प्रौद्योगिकी की सहायता से भारी मात्रा में उत्पादन किया जाता है। जैसे—इस्पात उद्योग और ऑटोमोबाइल उद्योग।

प्रश्न 3. स्वामित्व के आधार पर उद्योगों के वर्गीकरण को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- स्वामित्व के आधार पर उद्योगों को निम्न चार भागों में बाँटा जा सकता है—

(1) निजी क्षेत्र के उद्योग- इन उद्योगों का स्वामित्व तथा संचालन या तो एक व्यक्ति द्वारा या व्यक्तियों के समूह द्वारा किया जाता है।

(2) सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग- इन उद्योगों का स्वामित्व तथा संचालन सरकार के हाथ में होता है।

(3) संयुक्त क्षेत्र के उद्योग- इन उद्योगों का स्वामित्व तथा संचालन सरकार एवं निजी उद्योगपतियों दोनों के हाथ में होता है।

(4) सहकारी क्षेत्र के उद्योग- इन उद्योगों का स्वामित्व और संचालन कच्चे माल के उत्पादकों या पूर्तिकारों, कामगारों अथवा दोनों द्वारा होता है।

प्रश्न 4. उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।

उत्तर- उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में संचार, परिवहन, भूमि, विद्युत, कच्चा माल, श्रम, पूँजी, बाजार, जल आदि को शामिल किया जाता है। उद्योग उन्हीं स्थानों पर केन्द्रित होते हैं जहाँ इनमें से कुछ या ये सभी कारक आसानी से उपलब्ध होते हैं।

प्रश्न 5. औद्योगिक तन्त्र पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर- औद्योगिक तन्त्र में निवेश, प्रक्रम और निर्गत शामिल हैं। निवेश में कच्चे माल, श्रम और भूमि की लागत, जल, परिवहन, विद्युत और अन्य आधारभूत संरचना शामिल हैं। प्रक्रम में कई तरह के क्रियाकलाप शामिल हैं जो कच्चे माल को परिष्कृत माल में परिवर्तित करते हैं। निर्गत अन्तिम उत्पाद और इससे अर्जित आय है। उदाहरण के लिए, सूती वस्त्र उद्योग के सन्दर्भ में कपास, मानव श्रम, कारखाना और परिवहन लागत निवेश हो सकते हैं; प्रक्रमों में ओटाई, कटाई, बुनाई, रंगाई और छपाई शामिल हैं तथा उससे निर्मित शर्ट-पेन्ट उत्पादन हैं।

प्रश्न 6. उद्योगों में जोखिम कम करने के उपाय बताइये।

उत्तर- उद्योगों में जोखिम कम करने के उपाय निम्नलिखित हैं—

1. घने बसे आवासीय क्षेत्रों को औद्योगिक क्षेत्रों से अलग दूर रखा जाना चाहिए।

2. उद्योगों के समीप बसने वाले लोगों को दुर्घटना होने की स्थिति में विषैले एवं खतरनाक पदार्थों के संग्रहण और उनके सम्भव प्रभावों का ज्ञान होना चाहिए।

3. आग की चेतावनी और अग्निशमन की व्यवस्था को उन्नत किया जाना चाहिए।

4. विषैले पदार्थों के भण्डारण क्षमता की सीमा निर्धारित होनी चाहिए।

5. उद्योगों में प्रदूषण नियन्त्रण के उपायों को उन्नत किया जाना चाहिए।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. उद्योग किसे कहते हैं? उद्योगों के विभिन्न प्रकारों को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- उद्योग- उद्योग का सम्बन्ध उन समस्त आर्थिक गतिविधियों से है जो कि वस्तुओं के उत्पादन, खनिजों के निष्कर्षण अथवा सेवाओं की व्यवस्था से सम्बन्धित हैं।

उद्योगों का वर्गीकरण-

उद्योगों का वर्गीकरण कच्चा माल, आकार तथा स्वामित्व के आधार पर किया जा सकता है जिसका विस्तृत विवरण निम्न प्रकार है—

(क) कच्चे माल के उपयोग के आधार पर उद्योग-

कच्चे माल के उपयोग के आधार पर उद्योगों को निम्न चार भागों में विभाजित किया जा सकता है—

(1) कृषि आधारित उद्योग- ये वे उद्योग हैं जो कच्चे माल के रूप में वनस्पति और जन्तु आधारित उत्पादों का उपयोग करते हैं, जैसे—डेयरी उद्योग एवं सूती वस्त्र उद्योग।

(2) खनिज आधारित उद्योग- ये वे उद्योग हैं जो खनिज अयस्कों का उपयोग कच्चे माल के रूप में करते हैं, जैसे—लौह-इस्पात उद्योग।

(3) समुद्र आधारित उद्योग- इन उद्योगों में सागरों और महासागरों से प्राप्त उत्पादों का उपयोग कच्चे माल के रूप में किया जाता है, जैसे—मत्स्य तेल उद्योग।

(4) वन आधारित उद्योग- ये वनों से प्राप्त उत्पाद का उपयोग कच्चे माल के रूप में करते हैं, जैसे—लुगदी एवं कागज उद्योग।

(ख) आकार के आधार पर उद्योग- उद्योग के आकार का तात्पर्य निवेश की गई पूँजी की राशि, नियोजित लोगों की संख्या और उत्पादन की मात्रा से है। आकार के आधार पर उद्योगों को दो भागों में बाँटा गया है—

(1) लघु आकार के उद्योग—ये वे उद्योग हैं जिनमें कम पूँजी की आवश्यकता होती है तथा प्रौद्योगिकी का भी कम उपयोग किया जाता है। इन उद्योगों से कम मात्रा में उत्पादन किया जाता है।

(2) बृहत् आकार के उद्योग—बृहत् आकार के उद्योग में अधिक पूँजी एवं उच्चस्तरीय तकनीकों का उपयोग किया जाता है तथा बड़ी मात्रा में उत्पादन किया जाता है।

(ग) स्वामित्व के आधार पर उद्योग—स्वामित्व के आधार पर उद्योगों को निम्न चार भागों में विभाजित किया जाता है—

(1) निजी क्षेत्र के उद्योग—निजी क्षेत्र के उद्योग वे हैं जिनका स्वामित्व और संचालन या तो एक व्यक्ति द्वारा या व्यक्तियों के समूह द्वारा किया जाता है।

(2) सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग—ये वे उद्योग हैं जिनका स्वामित्व एवं संचालन सरकार के द्वारा किया जाता है।

(3) संयुक्त क्षेत्र के उद्योग—संयुक्त क्षेत्र के उद्योगों का संचालन एवं स्वामित्व राज्यों और व्यक्तियों अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा होता है, जैसे—मारुति उद्योग लिमिटेड।

(4) सहकारी क्षेत्र के उद्योग—इन उद्योगों का स्वामित्व और संचालन कच्चे माल के उत्पादकों या पूर्तिकारों, कामगारों अथवा दोनों द्वारा होता है, जैसे—आनन्द मिल्क यूनियन लिमिटेड।

प्रश्न 2. लोहा-इस्पात उद्योग का वर्णन करते हुए विश्व के किन्हीं दो लोहा-इस्पात नगरों का वर्णन कीजिए।

अथवा

लोहा-इस्पात उद्योग पर लेख लिखिए।

उत्तर— लोहा-इस्पात उद्योग

लोहा-इस्पात उद्योग एक महत्त्वपूर्ण उद्योग है। इस उद्योग के बिना अन्य उद्योगों का विकास सम्भव नहीं है अतः इस उद्योग को आधुनिक उद्योगों का मेरुदण्ड कहा जाता है। लौह-अयस्क से कई चरणों में इस्पात का निर्माण होता है। इस्पात को मिलाकर कई मिश्र धातुओं का निर्माण किया जाता है। लोहा-इस्पात उद्योग विश्व में जर्मनी, संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, जापान और रूस में स्थापित है। अधिकांश वस्तुएँ जो हम प्रयोग में लेते वे प्रायः इस्पात से ही बनी होती हैं, जैसे—मशीनें, औज़ार, उपकरण, जहाज, रेल इत्यादि।

सन् 1800 से पहले लोहा-इस्पात उद्योग वहीं स्थापित किया जाता था जहाँ कच्चा माल समीप मिलता हो तथा शक्ति साधनों की आपूर्ति हो। 1950 के बाद यह उद्योग बंदरगाह के समीप स्थापित हुआ ताकि लौह खनिज बाहर से आयात किया जा सके। भारत में लोहा और इस्पात उद्योग को कच्चे माल, सस्ता श्रम, परिवहन और बाजार का लाभ मिलता है। प्रमुख इस्पात केन्द्र भिलाई, दुर्गापुर, बर्नपुर, जमशेदपुर, राउरकेला और बोकारो हैं जो पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, झारखण्ड, छत्तीसगढ़ राज्यों में स्थापित हैं। अन्य प्रमुख केन्द्र हैं—भद्रावती, विजयनगर (कर्नाटक), विशाखापट्टनम (आन्ध्र प्रदेश), सलेम (तमिलनाडु)।

टाटा लोहा और इस्पात उद्योग (टिस्को)—1947 से पहले भारत में केवल टाटा आयरन एंड स्टील कम्पनी (टिस्को) स्थापित थी। यह निजी क्षेत्र में थी। यह कम्पनी 1907 में साकची में स्थापित की गई। यह स्वर्णरेखा और खरकाई नदियों के संगम पर झारखण्ड में स्थित है। भौगोलिक दृष्टि से जमशेदपुर देश में सबसे प्रमुख इस्पात केन्द्र है और सबसे अधिक सुविधाजनक स्थिति में है। जमशेदपुर में लोहा-इस्पात उद्योग के बाद कई और उद्योग स्थापित हो गये हैं जो रसायन, लोकोमोटिव, पुर्जे, कृषि उपकरण आदि का निर्माण करते हैं।

पिट्सबर्ग—यह संयुक्त राज्य अमेरिका का महत्त्वपूर्ण इस्पात केन्द्र है। इसे भी अपनी स्थिति का लाभ पहुँचता है। कुछ कच्चा माल जैसे कोयला समीप ही मिलता है। लौह अयस्क 1500 कि.मी. दूर मिनिसोटा से मँगाया जाता है। पिट्सबर्ग क्षेत्र में इस्पात मिलों के अतिरिक्त अन्य कई उद्योग भी स्थापित हैं जिनमें कच्चे माल के रूप में इस्पात का प्रयोग किया जाता है।

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आदिवासी, दीकु और एक स्वर्ण युग की कल्पना

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जब जनता बगावत करती है 1857 और उसके बाद

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'देशी जनता' को सभ्य बनाना राष्ट्र को शिक्षित करना

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महिलाएँ, जाति एवं सुधार

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राष्ट्रीय आन्दोलन का संघटन : 1870 के दशक से 1947 तक

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