📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल
राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
I. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर के विकल्प को कोष्ठक में लिखिए-
1. संयुक्त वृहद् राजस्थान में कौनसा क्षेत्र शामिल नहीं था?
(ब) कोटा
(द) अजमेर-मेरवाड़ा
2. संयुक्त राजस्थान के राजप्रमुख थे-
(ब) भूपाल सिंह
(द) हीरालाल शास्त्री
उत्तर- 1. (द) 2. (ब)
II. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. राजस्थान एकीकरण की प्रक्रिया .................... के प्रयासों से आगे बढ़ी। (सरदार वल्लभ भाई पटेल/लार्ड लिनलिथगो)
2. राजस्थान दिवस .................... को मनाया जाता है। (15 अगस्त/30 मार्च)
उत्तर- 1. लार्ड लिनलिथगो 2. 30 मार्च
III. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. एकीकरण से पूर्व राजस्थान के केन्द्र शासित प्रदेश का नाम लिखिए।
उत्तर- एकीकरण से पूर्व राजस्थान का केन्द्र शासित प्रदेश अजमेर-मेरवाड़ा था।
प्रश्न 2. राजस्थान एकीकरण कितने चरणों में सम्पन्न हुआ?
उत्तर- राजस्थान एकीकरण सात चरणों में सम्पन्न हुआ।
IV. लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. राजस्थान एकीकरण से पूर्व की किन्हीं चार प्रमुख रियासतों के नाम लिखिए।
उत्तर- राजस्थान एकीकरण से पूर्व की चार प्रमुख रियासतें ये थीं-(1) जयपुर (2) जोधपुर (3) उदयपुर (4) बीकानेर।
प्रश्न 2. मत्स्य संघ में कौन-कौन सी रियासतें शामिल थीं? नाम बताइए।
उत्तर- मत्स्य संघ में अलवर, धौलपुर, भरतपुर व करौली की रियासतें शामिल थीं।
📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य
महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
3. आधुनिक राजस्थान का निर्माण
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न-
1. भारत सरकार के रियासती विभाग के निर्णय के अनुसार, भारत में स्वतंत्रता के समय राजस्थान में निम्न में से कौनसी स्वतंत्र रियासत का अस्तित्व नहीं रख सकती थी-
(ब) जोधपुर
(द) भरतपुर
2. राजस्थान में रियासतों के एकीकरण का प्रथम प्रयास किस रियासत के शासक ने किया?
(ब) कोटा
(द) जोधपुर
3. आधुनिक राजस्थान के निर्माण का कार्य पूरा हुआ-
(द) 26 जनवरी, 1950 को
4. मत्स्य संघ की राजधानी बनी-
(ब) भरतपुर
(द) करौली
5. पूर्व राजस्थान के राजप्रमुख थे-
(ब) गोकुल लाल असावा
(द) महाराव भीमसिंह
6. पूर्व राजस्थान में जिस रियासत का विलय कर संयुक्त राजस्थान का निर्माण किया गया, वह थी-
(ब) उदयपुर
(द) बीकानेर
7. राजस्थान का स्थापना दिवस मनाया जाता है-
(ब) 18 अप्रैल को
(द) 26 जनवरी को
8. एकीकरण से पूर्व राजस्थान में केन्द्र शासित प्रदेश था-
(ब) नीमराणा
(द) बांसवाड़ा
9. 17-18 मार्च, 1948 को निर्माण किया गया-
(ब) राजस्थान संघ का
(द) वृहद राजस्थान का
10. वृहद राजस्थान का उद्घाटन किया-
11. मत्स्य संघ का राजप्रमुख नियुक्त किया गया-
(ब) भूपालसिंह को
(द) मानसिंह द्वितीय को
12. वृहद राजस्थान के प्रधानमंत्री नियुक्त हुए-
(ब) माणिक्य लाल वर्मा
(द) शोभाराम कुमावत
उत्तर- 1. (द) 2. (ब) 3. (अ) 4. (स) 5. (द) 6. (ब) 7. (अ) 8. (स) 9. (अ) 10. (ब) 11. (स) 12. (अ)।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. एकीकरण से पूर्व राजस्थान में .................... रियासतें थीं।
2. राजस्थान में ............... आन्दोलन द्वारा जनजागृति व एकीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
3. 17-18 मार्च, 1948 को अलवर, धौलपुर, भरतपुर और करौली को मिलाकर ............... का निर्माण किया गया।
4. संयुक्त राजस्थान में उदयपुर (मेवाड़) के विलय का उद्घाटन ............... ने किया।
5. वृहद् राजस्थान में ............... का विलय कर ............... राजस्थान का निर्माण किया गया।
6. राजस्थान का ............... एक जटिल एवं चुनौतीपूर्ण ............... थी।
7. ............... प्रमुख चरणों से गुजरते हुए राजस्थान अपने ............... स्वरूप में आया।
8. ............... का ............... क्षेत्र मध्यप्रदेश को सौंपा गया।
उत्तर- 1. उन्नीस 2. प्रजामण्डल 3. मत्स्य संघ 4. पं. जवाहरलाल नेहरू 5. मत्स्य संघ, संयुक्त वृहद् 6. एकीकरण, प्रक्रिया 7. सात, आधुनिक 8. झालावाड़, सिरोंज।
स्तंभ 'अ' को स्तंभ 'ब' से सुमेलित कीजिए-
स्तंभ 'अ' | स्तंभ 'ब' |
1. मत्स्य संघ | (अ) 25 मार्च, 1948 |
2. पूर्व राजस्थान | (ब) 30 मार्च, 1949 |
3. वृहद् राजस्थान | (स) 18 अप्रैल, 1948 |
4. संयुक्त राजस्थान | (द) 15 मई, 1949 |
5. संयुक्त वृहद् राजस्थान | (य) 17-18 मार्च, 1948 |
उत्तर- 1. (य) 2. (अ) 3. (ब) 4. (स) 5. (द)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. अखिल भारतीय देशी राज्य परिषद का प्रस्ताव क्या था?
उत्तर- अखिल भारतीय देशी राज्य परिषद का प्रस्ताव था कि जिन रियासतों व ठिकानों की आय 50 लाख रुपये से कम व जनसंख्या 20 लाख से कम हो उसे पड़ोस के राज्य में मिला दिया जाए।
प्रश्न 2. भारत सरकार के रियासती विभाग के मापदण्ड के अनुसार राजस्थान में कौनसी चार रियासतें ही स्वतंत्र अस्तित्व रख सकती थीं?
उत्तर- इस विभाग के मापदण्ड के अनुसार राजस्थान में केवल चार रियासतें—जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और उदयपुर ही स्वतंत्र अस्तित्व रख सकती थीं।
प्रश्न 3. एकीकरण से पूर्व राजस्थान में कितने ठिकाने थे? उनके नाम लिखिए।
उत्तर- एकीकरण से पूर्व राजस्थान में तीन ठिकाने—(1) कुशलगढ़ (2) लावा और (3) नीमराणा थे।
प्रश्न 4. पूर्व राजस्थान की राजधानी किस रियासत को बनाया गया?
उत्तर- कोटा रियासत को पूर्व-राजस्थान की राजधानी बनाया गया।
प्रश्न 5. वृहद् राजस्थान का उद्घाटन किसने किया?
उत्तर- सरदार वल्लभ भाई पटेल ने वृहद् राजस्थान का उद्घाटन किया।
प्रश्न 6. वृहद् राजस्थान का राजप्रमुख और महाराज प्रमुख किसे बनाया गया?
उत्तर- जयपुर के मानसिंह द्वितीय को राजप्रमुख तथा महाराणा भूपालसिंह को महाराज प्रमुख नियुक्त किया गया।
प्रश्न 7. संयुक्त वृहद् राजस्थान का निर्माण कब और किसके विलय से किया गया?
उत्तर- 15 मई, 1949 को वृहद् राजस्थान में मत्स्य संघ का नीमराणा ठिकाना सहित विलय कर संयुक्त वृहद् राजस्थान का निर्माण किया गया।
प्रश्न 8. राजस्थान की देशी रियासतों में प्रजा का नेतृत्व किसके द्वारा किया जा रहा था?
उत्तर- राजस्थान की देशी रियासतों में प्रजा का नेतृत्व प्रजामंडल व अन्य संघों द्वारा किया जा रहा था।
प्रश्न 9. राज्य प्रजा परिषद व प्रजामंडल किस लक्ष्य को लेकर प्रयासरत थे?
उत्तर- राज्य प्रजा परिषद व प्रजामंडल सम्पूर्ण राजस्थान को एक इकाई के रूप में गठित कर भारतीय संघ में शामिल करने के लक्ष्य को लेकर प्रयासरत थे।
प्रश्न 10. आधुनिक राजस्थान के निर्माण का कार्य कब पूरा किया गया?
उत्तर- नवंबर 1956 में आधुनिक राजस्थान के निर्माण का कार्य पूरा किया गया।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-I
प्रश्न 1. चतुर्थ चरण में राजस्थान में सम्मिलित रियासतों के नाम बताइए।
उत्तर- चतुर्थ चरण में संयुक्त राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर रियासतों का विलय किया गया तथा संयुक्त राजस्थान में मेवाड़, बांसवाड़ा, कोटा, बूंदी, झालावाड़, टोंक, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, किशनगढ़ व शाहपुरा रियासतें तथा कुशलगढ़ व लावा ठिकाने शामिल थे।
प्रश्न 2. देशी रियासतों के अतिरिक्त राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया में कौन सक्रिय थे?
उत्तर- देशी रियासतों के शासकों के समानान्तर ही जनता से सीधे जुड़ी संस्थाएँ व संगठन भी एकीकरण की प्रक्रिया में सक्रिय रहे। इनमें राज्य प्रजा परिषद व प्रजामंडल प्रमुख थे। ये सम्पूर्ण राजस्थान को एक इकाई के रूप में गठित कर उसे भारतीय संघ में शामिल कराने में प्रयासरत रहे।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-II
प्रश्न 1. राजस्थान के एकीकरण हेतु देशी रियासतों के शासकों ने क्या प्रयास किए?
उत्तर—एकीकरण का प्रथम प्रयास कोटा रियासत के शासक महाराव भीमसिंह ने किया। कोटा के बाद महाराणा मेवाड़ ने 25 व 26 जून 1946 को इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए उदयपुर में राजस्थान, गुजरात, मालवा के कतिपय शासकों का एक सम्मेलन किया। इसी तरह के अन्य सम्मेलन जयपुर, बूंदी, कोटा व झालावाड़ के शासकों ने भी बुलाए। लेकिन ये प्रयास उनके निजी हितों के पोषण के ही थे। इसलिए सफल नहीं हुए।
प्रश्न 2. देशी रियासतों के एकीकरण के सम्बन्ध में कौनसे प्रस्ताव पारित किए गए एवं उस पर राजस्थान में क्या प्रतिक्रिया हुई?
उत्तर—सर्वप्रथम अखिल भारतीय देशी राज्य सेवा परिषद ने देशी रियासतों के एकीकरण के सम्बन्ध में एक प्रस्ताव पारित किया कि जिन रियासतों व ठिकानों की आय 50 लाख रुपये से कम व जनसंख्या 20 लाख से कम हो, उन्हें पड़ोस के बड़े राज्य में मिला दिया जाए।
स्वतंत्रता पश्चात् भारत सरकार के रियासती विभाग का गठन किया गया, जिसके अनुसार पृथक् अस्तित्व हेतु रियासतों की न्यूनतम आय एक करोड़ रुपए वार्षिक और जनसंख्या 10 लाख या अधिक होनी चाहिए। इसके अनुसार राजस्थान में केवल जयपुर, जोधपुर, बीकानेर व उदयपुर रियासतें ही स्वतंत्र अस्तित्व रख सकती थीं, किन्तु इन रियासतों की जनता एकीकृत राजस्थान के विलय के पक्ष में थी। प्रजा का नेतृत्व प्रजामण्डल व अन्य संघों द्वारा किया गया तथा देशी रियासतों के कई शासकों ने भी विलय के प्रस्ताव का समर्थन किया।
प्रश्न 3. एकीकरण से पूर्व राजस्थान में कितनी रियासतें, ठिकाने तथा केन्द्र शासित प्रदेश थे। उनके नाम लिखिए।
उत्तर—एकीकरण के पूर्व राजस्थान में 19 रियासतें थीं। ये थीं— (1) जयपुर (2) जोधपुर (3) उदयपुर (4) बीकानेर (5) बूंदी (6) कोटा (7) धौलपुर (8) भरतपुर (9) अलवर (10) डूंगरपुर (11) प्रतापगढ़ (12) बांसवाड़ा (13) झालावाड़ (14) करौली (15) शाहपुरा (16) सिरोही (17) टोंक (18) जैसलमेर और (19) किशनगढ़।
यहाँ तीन ठिकाने—कुशलगढ़, लावा और नीमराणा थे तथा एक केन्द्र शासित प्रदेश—अजमेर-मेरवाड़ा था।
प्रश्न 4. 'राजस्थान का एकीकरण एक जटिल और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया थी।' क्यों?
उत्तर—राजस्थान का एकीकरण एक जटिल और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया थी क्योंकि—(1) दीर्घकाल से अस्तित्व में रही देशी रियासतों एवं ठिकानों को एक ही सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था के तहत लाना कठिन कार्य था। (2) इन रियासतों में जनसंख्या, सामाजिक रीति-रिवाज व आर्थिक, राजनीतिक विभिन्नताएँ थीं। (3) कुछ रियासतों में परम्परागत पद्धति से प्रशासन का संचालन हो रहा था और कुछ में आधुनिक शासन के मूल्य प्रचलित हो गए थे।
इन सभी रियासतों में एक समय में समान राजनीतिक प्रशासनिक व्यवस्था की स्थापना करना, समग्र रूप से उनका आर्थिक विकास करना, नई सेवाओं की स्थापना करना, नए नियम बनाना आदि चुनौतीपूर्ण कार्य था।
निबन्धात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1. राजस्थान का एकीकरण कितने चरणों में सम्पन्न हुआ? मत्स्य संघ में कौन-कौनसी रियासतें शामिल थीं?
अथवा
राजस्थान के एकीकरण से आप क्या समझते हैं?
अथवा
राजस्थान के एकीकरण के विभिन्न चरणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर—राजस्थान के एकीकरण से आशय—राजस्थान के एकीकरण से आशय है—एकीकरण से पूर्व दीर्घकाल से अस्तित्व में रही राजस्थान की 19 रियासतों, तीन ठिकानों तथा एक केन्द्र शासित प्रदेश को एक ही सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था के तहत लाना और समग्र रूप से उनका आर्थिक विकास करना, नई सेवाओं की स्थापना करना आदि। राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया निम्नलिखित सात चरणों में पूरी हुई।
राजस्थान के एकीकरण के चरण
सात प्रमुख चरणों से गुजरते हुए राजस्थान अपने आधुनिक स्वरूप में आया। एकीकरण के इन सात चरणों को निम्न सारणी द्वारा स्पष्ट किया गया है—
चरण | राज्य का नाम | गठन की तारीख | एकीकरण की समेकित प्रक्रिया |
प्रथम | मत्स्य संघ | 17-18 मार्च 1948 | अलवर, धौलपुर, भरतपुर व करौली को मिलाकर मत्स्य संघ का निर्माण किया गया। अलवर इसकी राजधानी बना। धौलपुर के महाराजा उदयभान सिंह को राजप्रमुख व शोभाराम कुमावत को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। |
द्वितीय | पूर्व राजस्थान/ राजस्थान संघ | 25 मार्च, 1948 | बांसवाड़ा, कोटा, बूंदी, झालावाड़, टोंक, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, किशनगढ़ व शाहपुरा रियासतों तथा |

चित्र: राजस्थान के एकीकरण के चरणों की सारणी
के मानसिंह द्वितीय राजप्रमुख व हीरालाल शास्त्री प्रधानमंत्री तथा महाराणा भूपालसिंह महाराज प्रमुख नियुक्त हुए। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने वृहद् राजस्थान का उद्घाटन किया। | |||||||
तृतीय | संयुक्त राजस्थान | 18 अप्रैल, 1948 | संयुक्त राजस्थान में उदयपुर (मेवाड़) का विलय कर दिया गया। मेवाड़ के भूपालसिंह राजप्रमुख तथा माणिक्य लाल वर्मा प्रधानमंत्री नियुक्त हुए। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस विलय का उद्घाटन किया। | पंचम | संयुक्त वृहद् राजस्थान | 15 मई, 1949 | वृहद् राजस्थान में मत्स्य संघ का नीमराणा ठिकाना सहित विलय हुआ। |
षष्ठ | राजस्थान | 26 जनवरी, 1950 | सिरोही (देलवाड़ा व आबू क्षेत्र को छोड़कर) का विलय किया गया। | ||||
चतुर्थ | वृहद् राजस्थान | 30 मार्च, 1949 | संयुक्त राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, बीकानेर व जैसलमेर का विलय हुआ। राजस्थान का स्थापना दिवस भी 30 मार्च को ही मनाया जाता है। जयपुर | सप्तम | राजस्थान | 01 नवम्बर, 1956 | राजस्थान में आबू-देलवाड़ा, अजमेर-मेरवाड़ा व मंदसौर (म.प्र.) के सुनेल टप्पा क्षेत्र का विलय कर एकीकरण की प्रक्रिया पूर्ण की गई। झालावाड़ का सिरोंज क्षेत्र मध्य प्रदेश को सौंपा गया। |