RajBoardExam
सामाजिक विज्ञान (Social Science)हिंदी माध्यम2026-27

RBSE Class 8 Social Science Chapter 29 Solutions & Notes in Hindi

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-09📖 RBSE/NCERT Solutions
भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल

राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

I. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर के विकल्प को कोष्ठक में लिखिए-

1. सन् 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान की महिला साक्षरता दर है—

(अ) 65.46 प्रतिशत
(ब) 52.12 प्रतिशत
(स) 55.12 प्रतिशत
(द) 55.10 प्रतिशत

2. भूदान आंदोलन के जनक हैं—

(अ) महात्मा गाँधी
(ब) हीरालाल शास्त्री
(स) विनोबा भावे
(द) जवाहरलाल नेहरू

उत्तर- 1. (ब) 2. (स)

II. स्तंभ 'अ' को स्तंभ 'ब' से सुमेलित कीजिए-

स्तंभ 'अ'

स्तंभ 'ब'

वीवीपीएटी

- संयुक्त राष्ट्र संघ

ईవీएम

- इनमें से कोई नहीं

नोटा

- वोटर वेरीफिऐबल पेपर आडिट ट्रायल

मजदूर किसान शक्ति संगठन

- सूचना का अधिकार

बाल अधिकार समझौता

- संयुक्त राष्ट्र संघ

उत्तर—स्तंभ 'अ' | स्तंभ 'ब'

वीवीपीएटी | - वोटर वेरीफिऐबल पेपर आडिट ट्रायल

ईवीएम | - इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन

नोटा | - इनमें से कोई नहीं

मजदूर किसान शक्ति संगठन | - सूचना का अधिकार

बाल अधिकार समझौता | - संयुक्त राष्ट्र संघ

III. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. स्वीप कार्यक्रम क्या है?

उत्तर— मतदाताओं, नागरिकों और निर्वाचकों को निर्वाचन प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षित करने एवं उनकी सहभागिता बढ़ाने हेतु निर्वाचन विभाग द्वारा संचालित बहुमुखी कार्यक्रम को स्वीप कहते हैं। इसके दो मुख्य उद्देश्य हैं-

(1) शुचिता मतदान (निष्पक्ष व नीतिपरक मतदान) और

(2) सूचित मतदान (जागरूकता के साथ मतदान)।

प्रश्न 2. बाल अधिकारों के बारे में बताइए।

उत्तर— बाल अधिकार चार मूल सिद्धांतों पर आधारित हैं। ये हैं—(i) जीने का अधिकार, (ii) सुरक्षा का अधिकार, (iii) विकास का अधिकार और (iv) सहभागिता का अधिकार।

प्रश्न 3. राज्य महिला आयोग का गठन कब किया गया?

उत्तर— राज्य महिला आयोग का गठन 15 मई, 1999 को किया गया।

IV. लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. भूदान आन्दोलन का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

उत्तर— भूदान आन्दोलन—18 अप्रैल, 1951 में तेलंगाना के एक छोटे से गाँव तिरुचपल्ली में एक जमीन का टुकड़ा दान में दिया गया। यह भूदान आन्दोलन की शुरुआत थी। इस आंदोलन का उद्देश्य जमीनी स्वामित्व की विषमता को दूर करके उपजाऊ भूमि के स्वामित्व को बढ़ावा देना था। इस आन्दोलन के अन्तर्गत, विनोबा भावे जमीन के स्वामियों से उनकी कुल जमीन का छठा हिस्सा दान में देने का

आग्रह कर रहे थे। पूरे देश में लोगों ने इस आन्दोलन का समर्थन किया। दान में मिली जमीन को भूमिहीनों में बाँट कर स्वामित्व की विसंगति को दूर करने का सार्थक प्रयास किया गया।

भूदान की सफलता–विनोबा भावे की भूदान अपील सार्थक हुई। विनोबा भावे ने सम्पूर्ण देश में पदयात्राएँ करके लाखों एकड़ जमीन का दान स्वीकार किया। उन्होंने इस भूमि के लगभग एक तिहाई भाग का उपयोग वंचित वर्ग और आदिवासी भूमिहीनों में बाँटने में किया। विनोबा की अपील पर राजस्थान के भी नागौर जिले में भूदान आरंभ किया गया तथा राज्य सरकार ने ग्रामदान अधिनियम, 1971 भी पारित किया।

प्रश्न 2. सामाजिक सुधार में योगदान देने वाले समाज सुधारकों के नाम बताइये।

उत्तर–आधुनिक भारत में राजा राममोहन राय, ज्योतिबा फुले, रामा स्वामी नायकर, महात्मा गाँधी ने भी जातिगत भेदभाव और असमानता को दूर करने का प्रयास किया। राजस्थान में भी इसी तरह स्वतन्त्रता से पूर्व दयानन्द सरस्वती, गोविन्द गुरु, मामा बालेश्वर, हरिभाऊ उपाध्याय आदि समाज सुधारकों ने सामाजिक सुधार में योगदान दिया।

प्रश्न 3. साइबर सुरक्षा के उपाय बताइये।

उत्तर–साइबर सुरक्षा के उपाय–1. साइबर सुरक्षा हेतु हमें अपने पासवर्ड व एटीएम पिन को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए व किसी को नहीं बतायें।

2. अपने कम्प्यूटर व लैपटॉप में नवीनतम एंटीवायरस साफ्टवेयर का उपयोग करें।

3. किसी को भी फोन या ई-मेल पर व्यक्तिगत जानकारी नहीं देवें।

4. एटीएम व बैंक खातों से सम्बन्धित धोखाधड़ी की सूचना तत्काल सम्बन्धित बैंक को देवें।

5. साइबर अपराध की स्थिति में नागरिक नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

भाग 2 — नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य

महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।

अध्याय 8 - जन-जागरण एवं सामाजिक सुधार हेतु राजकीय प्रयास

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Q&A)

3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न–

1. संविधान के किस अनुच्छेद में अस्पृश्यता को दण्डनीय अपराध घोषित किया गया है?

(अ) अनुच्छेद 14
(ब) अनुच्छेद 15
(स) अनुच्छेद 16
(द) अनुच्छेद 17

2. राज्य सरकार ने राजस्थान राज्य महिला आयोग का गठन किया–

(अ) 15 मई, 1999
(ब) 8 अप्रैल, 1971
(स) 8 मार्च, 2018
(द) 1 अप्रैल, 2011

3. राजस्थान में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना लागू है–

(अ) 2015 से
(ब) 2016 से
(स) 2017 से
(द) 2018 से

4. महिला सशक्तिकरण से संबंधित है–

(अ) बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना
(ब) दहेज निषेध अधिनियम
(स) हिन्दू उत्तराधिकार एवं संरक्षण अधिनियम
(द) उपरोक्त सभी

5. भारत सरकार ने 'सूचना का अधिकार अधिनियम' पारित किया–

(अ) सन् 2000 में
(ब) सन् 2005 में
(स) सन् 2009 में
(द) सन् 2010 में

6. राजस्थान में 'राजस्थान निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा' का नियम लागू हुआ–

(अ) 1 अप्रैल, 2010 को
(ब) 1 अप्रैल, 2011 को
(स) 1 अप्रैल, 2009 को
(द) 1 अप्रैल, 2008 को

7. संयुक्त राष्ट्र की आम सभा द्वारा 'बाल अधिकार समझότε' को पारित किया गया–

(अ) 20 नवम्बर, 1989 को
(ब) 20 सितम्बर, 2019 को
(स) 20 नवम्बर, 1999 को
(द) 20 सितम्बर, 1989 को

8. निम्न में जो साइबर सुरक्षा हमलों का प्रकार नहीं है, वह है–

(अ) रेन समवेयर
(ब) मालवेयर
(स) नागरिक नेशनल साइबर, क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल
(द) फिशिंग

9. स्पूफिंग उदाहरण है–

(अ) साइबर सुरक्षा का
(ब) साइबर धोखाधड़ी का
(स) साइबर दण्ड का
(द) साइबर सुरक्षा उपाय का

10. राजस्थान में बाल संरक्षण की चुनौती है–

(अ) वर्म
(ब) ट्रोजन
(स) फिशिंग
(द) बाल विवाह

11. बाल अधिकार समझौते पर भारत ने हस्ताक्षर किए–

(अ) 1989 में
(ब) 1992 में
(स) 1990 में
(द) 1991 में

12. विनोबा भावे की अपील पर राजस्थान के किस जिले से भूदान प्रारंभ किया गया?

(अ) जयपुर जिले से
(ब) उदयपुर जिले से
(स) नागौर जिले से
(द) जोधपुर जिले से

उत्तर– 1. (द) 2. (अ) 3. (अ) 4. (द) 5. (ब) 6. (ब) 7. (अ) 8. (स) 9. (ब) 10. (द) 11. (ब) 12. (स)।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -

1. विनोबा भावे ने भूस्वामियों से उनकी कुल जमीन का हिस्सा दान में देने की अपील की।

2. 20 नवम्बर, 1989 को संयुक्त राष्ट्र की आम सभा द्वारा समझौते को पारित किया गया था।

3. साइबर सुरक्षा के लिए अपने पासवर्ड या ए.टी.एम. पिन समय-समय पर रहें तथा किसी को नहीं बताएँ।

4. प्रत्येक नागरिक को यह अहसास दिलाने के लिए कि उसका मत देश के लिए महत्वपूर्ण है, अभियान चलाया गया।

5. नोटा (NOTA) का अभिप्राय है ।

6. लोकतंत्र में अपने नागरिकों के लिए प्रत्येक पर लोककल्याणकारी पहल करती है।

7. राजस्थान सरकार ने राजस्थान काश्तकारी अधिनियम एवं राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम लागू किया।

8. महिलाओं को देने एवं आर्थिक रूप से बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूह कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

उत्तर - 1. छठा 2. बाल अधिकार 3. बदलते 4. स्वीप 5. इनमें से कोई नहीं 6. सरकार, स्तर, 7. 1955, 1956 8. रोजगार, आत्मनिर्भर।

स्तंभ 'अ' को स्तंभ 'ब' से सुमेलित कीजिए -

स्तंभ 'अ'

स्तंभ 'ब'

1. भूदान आंदोलन

(अ) निष्पक्ष व नीतिपरक मतदान

2. शुचित मतदान

(ब) जागरूकता के साथ मतदान

3. सूचित मतदान

(स) 1098 टोल फ्री टेलीफोन सेवा

4. बच्चों के लिए निःशुल्क आपातकालीन पहुँच सेवा

(द) सितम्बर, 2019

5. राजस्थान सम्पर्क पोर्टल

(य) नागौर जिला

उत्तर - 1. (य) 2. (अ) 3. (ब) 4. (स) 5. (द)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न -

प्रश्न 1. राजस्थान सरकार द्वारा सामाजिक समानता एवं समरसता हेतु किए गए किन्हीं दो प्रयासों के नाम लिखिए।

उत्तर - (1) शिक्षा का अधिकार (2) सूचना का अधिकार।

प्रश्न 2. राजस्थान सरकार द्वारा भूमि सुधार हेतु लागू किये गए किन्हीं दो अधिनियमों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर - (1) राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955

(2) राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956

प्रश्न 3. राजस्थान में कौनसा विभाग विभिन्न वर्गों के कल्याण के कार्य करता है?

उत्तर - 'सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग'।

प्रश्न 4. 'आप किसी भी राष्ट्र में महिलाओं की स्थिति को देखकर उस राष्ट्र की हालत बता सकते हैं।' यह कथन किसका है?

उत्तर - पण्डित जवाहरलाल नेहरू का।

प्रश्न 5. सन् 1951 में राजस्थान में महिला साक्षरता दर क्या थी?

उत्तर - सन् 1951 में राजस्थान में महिला साक्षरता की दर प्रतिशत थी।

प्रश्न 6. राजस्थान सरकार ने राजस्थान महिला आयोग का गठन कब किया?

उत्तर - राजस्थान सरकार ने 15 मई, 1999 को राजस्थान राज्य महिला आयोग का गठन किया।

प्रश्न 7. 11 से 18 वर्ष की विद्यालय न जाने वाली अथवा बीच में विद्यालय छोड़ देने वाली किशोर बालिकाओं के लिए कौनसी योजना संचालित की जा रही है?

उत्तर - राजीव गाँधी किशोरी सशक्तीकरण योजना-सबला।

प्रश्न 8. सन् 2015 में देश भर में घटे बाल लिंगानुपात को ध्यान में रखते हुए बाल लिंगानुपात बढ़ाने हेतु कौनसी योजना शुरू की गई?

उत्तर - बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ योजना।

प्रश्न 9. ई.वी.एम. में 'नोटा' बटन क्या सुनिश्चित करता है?

उत्तर - चुनाव में खड़े उम्मीदवारों में से किसी भी उम्मीदवार को उपयुक्त नहीं मानने पर मतदाता यह अंतिम नोटा बटन दबाकर अपना मत सुनिश्चित करता है।

प्रश्न 10. वी.वी.पी.ए.टी. का पूरा नाम क्या है?

उत्तर - वी.वी.पी.ए.टी. का पूरा नाम वोटर वेरीफिआइबल पेपर ऑडिट ट्रायल है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न - I

प्रश्न 1. बाल अधिकार समझौता क्या है?

उत्तर - 20 नवम्बर, 1989 को संयुक्त राष्ट्र संघ ने बाल अधिकार समझौते को पारित किया। यह समझौता ऐसा पहला अन्तर्राष्ट्रीय समझौता है जो सभी बच्चों के नागरिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक अधिकारों को मान्यता देता है।

प्रश्न 2. राजस्थान 'सूचना का अधिकार कानून' बनाने वाला पहला राज्य किस प्रकार बना?

उत्तर - राजस्थान के राजसमन्द जिले की भीम तहसील के देव डूंगरी गाँव में मजदूरों एवं किसानों ने अपनी मजदूरी से संबंधित सरकारी रिकार्ड, जैसे—हाजिरी और भुगतान रजिस्टर की प्रताँएँ माँगने के लिए संघर्ष किया। इसी माँग के आधार पर सन् 2000 में राजस्थान सूचना का अधिकार कानून बनाने वाला पहला राज्य बना।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-II

प्रश्न 1. राजस्थान सरकार ने सामाजिक समानता एवं समरसता हेतु कौन-कौन से प्रयास किये हैं?

उत्तर- राजस्थान सरकार ने सामाजिक समानता एवं समरसता हेतु निम्नलिखित प्रयास किये हैं—

(1) अस्पृश्यता उन्मूलन

(2) संरक्षणात्मक उपाय

(3) वंचित व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु आरक्षण

(4) महिला शिक्षा एवं सशक्तीकरण के प्रयास

(5) बाल अधिकार

(6) शिक्षा का अधिकार

(7) सूचना का अधिकार

(8) राजस्थान जन संपर्क पोर्टल

(9) सिटीजन कॉल सेंटर पर फोन के माध्यम से शिकायत दर्ज करना व उसकी सूचना प्राप्त करने की निःशुल्क सुविधा।

(10) चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व निष्पक्ष बनाने और अपने अधिकारों के लिए नागरिकों को जागरूक करना।

प्रश्न 2. अस्पृश्यता उन्मूलन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर- अस्पृश्यता उन्मूलन- संविधान के अनुच्छेद 17 में छुुआछूत/अस्पृश्यता को दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। अस्पृश्यता उन्मूलन के लिए भारत सरकार ने नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 लागू किया।

राजस्थान सरकार ने अस्पृश्यता अधिनियम, 1955 को अपने यहाँ प्रभावशाली रूप से लागू करने के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निरोधक कानून 1989 को भी सख्ती से लागू किया। राजस्थान में ‘सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग’ मुख्यतः शिक्षा, सामाजिक-आर्थिक विकास, अनुसूचित जाति, जनजाति, आर्थिक पिछड़ा वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं, बच्चों आदि के कल्याण के लिए कार्य करता है।

प्रश्न 3. मतदान प्रक्रिया पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर- मतदान प्रक्रिया की तैयारी- मतदान प्रक्रिया में मतदान केन्द्रों का निर्धारण, मतदाता सूची का प्रकाशन, उम्मीदवारों की सूची, ई.वी.एम. को चुनाव हेतु तैयार करना आदि कार्य शामिल हैं।

मतदान दल का गठन- प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा एक मतदान दल का गठन किया जाता है। मतदान दल में एक पीठासीन अधिकारी व अन्य मतदान अधिकारी होते हैं।

मतदाता द्वारा मतदान करना- मतदान केन्द्र में प्रवेश करते ही मतदाता के नाम का मतदाता सूची से मिलान किया जाता है। इसके बाद मतदाता के बायें हाथ की अंगुली (तर्जनी) पर अमिट स्याही लगाई जाती है। मतदाता रजिस्टर में उसके हस्ताक्षर करने के बाद मतदाता ई.वी.एम. मशीन पर वोट डालने के लिए मतदान केबिन में प्रवेश करता है। वहाँ वह ई.वी.एम. का बटन दबा कर गुप्त रूप से अपना वोट डालता है। इस प्रकार मतदान प्रक्रिया पूर्ण होती है।

मतों की गणना तथा परिणाम की घोषणा- संबंधित रिटर्निंग अधिकारी अपने सम्मुख उम्मीदवार या उसके प्रतिनिधि की उपस्थिति में ई.वी.एम. के मतों की गणना करवाता है तथा परिणाम की घोषणा करता है।

प्रश्न 4. वी. वी. पी. ए. टी. पर एक टिप्पणी लिखिए।

उत्तर- वी. वी. पी. ए. टी. वी. वी. पी. ए. टी. का पूरा नाम वोटर वेरिफ़ाइएबल पेपर ऑडिट ट्रायल है। यह एक प्रिंटर युक्ति है। इसे ई.वी.एम. के बैलट यूनिट व कंट्रोल यूनिट से जोड़ा जाता है।

मतदान होते ही प्रिंटर द्वारा एक बैलट पर्ची प्रिंट होती है जिस पर उम्मीदवार का क्रमांक, नाम व चुनाव चिह्न अंकित होता है। यह पर्ची 7 सैकण्ड तक एक प्रदर्श बॉक्स में मतदाता को दिखाई देती है, उसके बाद पर्ची प्रिंटर के ड्रॉप बॉक्स में चली जाती है। बीप की आवाज सुनाई देती है। इस प्रकार मतदान प्रक्रिया पूर्ण होती है।

इससे मतदाता यह जान सकता है कि उसने जिस उम्मीदवार को वोट दिया है, उसे ही वोट मिला है या नहीं। इसके उपयोग से निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्षता व विश्वसनी्यता बढ़ती है। मतगणना में विवाद की स्थिति में इन पर्चियों की सहायता ली जा सकती है।

प्रश्न 5. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर- सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005—सन् 2000 में राजस्थान सरकार ने सबसे पहले ‘सूचना का अधिकार कानून’ बनाया। धीरे-धीरे सूचना के अधिकार का संघर्ष राष्ट्रव्यापी रूप लेते हुए राष्ट्रव्यापी हो गया।

जनता की भावना को स्वीकार करते हुए भारत सरकार ने ‘सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005’ बनाया। यह कानून सरकारी स्तर पर जन-भागीदारी एवं पारदर्शिता को बढ़ाने का शक्तिशाली कदम साबित हुआ। इस कानून के माध्यम से आम व्यक्ति, सरकार अथवा किसी भी सरकारी विभाग से सूचना प्राप्त कर सकता है।

प्रश्न 6. निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- राजस्थान सरकार ने ‘राजस्थान निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा’ का अधिकार अधिनियम, 2010 बनाया, जो एक अप्रैल, 2011 से लागू हुआ। इस अधिनियम के प्रमुख प्रावधान निम्नलिखित हैं—

(i) इस अधिनियम में 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा 1 से 8

तक) का प्रावधान किया गया है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

(ii) इस अधिनियम के तहत, बच्चा अपनी आयु अनुसार निर्धारित कक्षा में कभी भी प्रवेश ले सकता है।

(iii) निजी स्कूलों में कमजोर एवं पिछड़े वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित होती हैं, जिसके बदले सरकार द्वारा तय राशि निजी स्कूलों को दी जाती है।

प्रश्न 7. राजस्थान सरकार बाल-संरक्षण की दिशा में कौन-कौन से कार्य कर रही है?

उत्तर— (1) राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं राजस्थान राज्य बाल संरक्षण समिति, बाल संरक्षण के मुद्दों की सामुदायिक स्तर पर क्रियान्विति व जागरूकता हेतु कार्य करती है।

(2) राज्य में कठिनाइयों में घिरे, पीड़ित, उपेक्षित, लावारिस, देखरेख और संरक्षण की जरूरत वाले बच्चों के लिए 24 घंटे निःशुल्क आपातकालीन पहुँच सेवा 1098 (टोल फ्री टेलीफोन सेवा) संचालित की जा रही है।

(3) राजस्थान में बाल संरक्षण की चुनौतियों, जैसे—बाल-विवाह, कन्या भ्रूण हत्या, महिला शिक्षा, बाल लिंगानुपात, बाल श्रम, कुपोषण आदि के उन्मूलन एवं सुधार के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है।

प्रश्न 8. साइबर सुरक्षा के उपाय बताइए। (कोई तीन)

उत्तर—साइबर सुरक्षा के उपाय—

(1) अपने पासवर्ड या ए.टी.एम. पिन समय-समय पर बदलते रहें तथा किसी को न बताएं।

(2) किसी को भी फोन या ई.मेल पर व्यक्तिगत जानकारी न दें।

(3) अपने कम्प्यूटर या लैपटॉप में नवीनतम एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का उपयोग करें।

प्रश्न 9. भू-सुधार को संक्षेप में समझाइये।

उत्तर—भू-सुधार-भारत संघ में विलय के समय राजस्थान की लगभग 75 प्रतिशत आबादी कृषि कार्यों में लगी हुई थी। राजस्थान की भूमि का आधे से ज्यादा भाग एकदम सूखा व रेगिस्तानी था। राज्य की प्रमुख समस्या भूमि सुधारों से संबंधित थी। इस हेतु राजस्थान की सभी एकीकृत रियासतों के लिए एक राजस्व मंडल की स्थापना की गई थी तथा भूमि सम्बन्धी विवादों में फंसे लोगों को सस्ता, शीघ्र और सुलभ न्याय मिले इसके लिए राजस्व मंडल को उत्तरदायित्व दिया गया तथा भूमि सुधार हेतु राज्य सरकार ने राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955 एवं राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 लागू किये हैं। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार भूमि की गुणवत्ता सुधारने व पैदावार बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं, नवीन कृषि तकनीकों आदि सुविधाओं के विस्तार हेतु लगातार प्रयासरत है।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. महिला सशक्तीकरण के लिए राजस्थान सरकार के प्रमुख प्रयासों की विवेचना कीजिए।

उत्तर—महिला सशक्तीकरण हेतु राजस्थान सरकार के प्रयास—

महिला सशक्तीकरण हेतु राजस्थान सरकार के प्रयासों का विवेचन निम्नलिखित बिन्दुओं के अंतर्गत किया गया है—

(1) राज्य महिला आयोग- राज्य सरकार ने 15 मई, 1999 को राजस्थान राज्य महिला आयोग का गठन किया। यह आयोग जनता से सीधी सुनवाई, जन संवाद, शिकायत तथा समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों पर संज्ञान के आधार पर कार्यवाही करता है। राज्य महिला आयोग में एक अध्यक्ष व तीन सदस्य होते हैं। अध्यक्ष का कार्यकाल 3 वर्ष होता है। यह आयोग महिलाओं के प्रति अनुचित व्यवहार की जाँच, राज्य लोक सेवाओं में महिलाओं के प्रति भेदभाव दूर करना तथा महिलाओं की दशा में सुधार की दृष्टि से प्रभावी कदम उठाता है।

(2) महिला स्वयं सहायता समूह कार्यक्रम—महिलाओं को रोजगार देने एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें 10 से 20 महिलाएँ स्वयं अपने निर्णय लेकर एक समूह बनाती हैं। अपनी छोटी-छोटी बचत के माध्यम से स्वावलंबन की प्रवृत्तियाँ विकसित करती हैं और स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ती हैं। इन समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए सरकार अवसर उपलब्ध कराती है।

(3) महिला घरेलू हिंसा (निरोधक) अधिनियम, 2005- महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण और तुरंत राहत देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा यह अधिनियम लागू किया गया है। इस अधिनियम में घरेलू हिंसा को व्यापक रूप से परिभाषित किया गया है।

(4) राजीव गाँधी किशोरी सशक्तीकरण योजना-सबला–इस योजना के अंतर्गत किशोरियों के पोषण और स्वास्थ्य स्तर को सुधारने, साक्षरता, कौशल विकास तथा सामाजिक मुद्दों पर बेहतर समझ विकसित करने का प्रयास किया जाता है।

यह योजना 11 से 18 वर्ष की विद्यालय न जाने वाली अथवा बीच में विद्यालय छोड़ देने वाले किशोर बालिकाओं के लिए संचालित की जा रही है।

(5) बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ-इसकी शुरुआत वर्ष 2015 में देशभर में घटे बाल लिंगानुपात को ध्यान में रखकर की गई थी। इसके तहत कन्या भ्रूण हत्या रोकने, विद्यालयों में लड़कियों की संख्या बढ़ाने, विद्यालय छोड़ने वाली छात्राओं की संख्या को कम करने, शिक्षा के अधिकार के नियमों को लागू करने और लड़कियों के लिए शौचालयों

के निर्माण में वृद्धि करने जैसे उद्देश्य निर्धारित किए गए हैं।

(6) अन्य कानून-महिला सशक्तीकरण के लिए कुछ अन्य महत्त्वपूर्ण कानून भी विद्यमान हैं। यथा-

(i) हिन्दू उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण एवं संरक्षण अधिनियम, 1956 (संशोधन 2005)

(ii) दहेज निषेध अधिनियम, 1961

(iii) बाल विवाह निषेध अधिनियम, 1925 (संशोधन 1986, 2006)

प्रश्न 2. साइबर सुरक्षा से आप क्या समझते हैं? साइबर सुरक्षा हमलों के प्रकारों का वर्णन करते हुए साइबर सुरक्षा के उपायों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर— साइबर सुरक्षा से आशय- साइबर सुरक्षा एक तरह की सुरक्षा है जो इंटरनेट से जुड़े हुए सिस्टम के लिए होती है। इसमें हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और डाटा को साइबर अपराध से बचाने एवं सुरक्षित रखने का काम कम्प्यूटर विशेषज्ञ और आईटी के प्रशिक्षित लोग करते हैं।

साइबर सुरक्षा हमलों के प्रकार

साइबर सुरक्षा हमलों के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं-

(1) रेनससमवेयर-यह एक तरह का वायरस होता है जो कि अपराधी द्वारा लोगों के कम्प्यूटर और सिस्टम में हमला करके फाइलों को नुकसान पहुँचाता है। इसके बाद अपराधी कम्प्यूटर या सिस्टम के मालिक से फिरौती/रिश्वत लेता है और उसी के बाद उसके सिस्टम को छोड़ता है।

(2) मालवेयर-यह कम्प्यूटर की किसी फाइल या प्रोग्राम को नुकसान पहुँचाता है, जैसे कि कम्प्यूटर वायरस, वॉर्म, ट्रोजन आदि।

(3) साइबर धोखाधड़ी-इसमें वार्तालाप के माध्यम से चालाकी से लोगों को जाल में फँसाया जाता है, ताकि उनके निजी डाटा, पासवर्ड आदि की जानकारी ली जा सके। फिशिंग व स्पूफिंग इसके उदाहरण हैं—

(i) फिशिंग-यह एक तरह का ठगी का तरीका है जिसमें लोगों को प्रतिष्ठित या विश्वस्त संस्थानों के नाम से फर्जी ई-मेल भेजे जाते हैं हैं जिससे उन्हें यह लगे कि ये मेल किसी अच्छी संस्था से आया है। इस तरह के मेल का उद्देश्य जरूरी डाटा को चुराना होता है।

(ii) स्पूफिंग-इसमें ठगी करने वाला व्यक्ति किसी वैध व्यवसाय, पड़ोसी या विश्वस्त होने के बहाने से किसी अन्य की पहचान या व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करता है।

साइबर सुरक्षा के उपाय

साइबर सुरक्षा के प्रमुख उपाय निम्नलिखित हैं—

(1) साइबर सुरक्षा के लिए अपने पासवर्ड या ए.टी.एम. पिन समय-समय पर बदलते रहें तथा किसी को नहीं बताएँ।

(2) अपने कम्प्यूटर व लैपटॉप में नवीनतम एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का उपयोग करें।

(3) किसी को भी फोन या ई-मेल पर व्यक्तिगत जानकारी न देवें।

(4) ए.टी.एम. व बैंक खातों से संबंधित धोखाधड़ी की सूचना तत्काल संबंधित बैंक को दें।

(5) साइबर अपराध की स्थिति में नागरिक नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

और अध्याय देखें / Explore More Chapters

Social Science

प्रारंभिक कथन : कैसे, कब और कहाँ

पढ़ें प्रारंभिक कथन : कैसे, कब और कहाँ
Social Science

व्यापार से साम्राज्य तक कम्पनी की सत्ता स्थापित होती है

पढ़ें व्यापार से साम्राज्य तक कम्पनी की सत्ता स्थापित होती है
Social Science

ग्रामीण क्षेत्र पर शासन चलाना

पढ़ें ग्रामीण क्षेत्र पर शासन चलाना
Social Science

आदिवासी, दीकु और एक स्वर्ण युग की कल्पना

पढ़ें आदिवासी, दीकु और एक स्वर्ण युग की कल्पना
Social Science

जब जनता बगावत करती है 1857 और उसके बाद

पढ़ें जब जनता बगावत करती है 1857 और उसके बाद
Social Science

'देशी जनता' को सभ्य बनाना राष्ट्र को शिक्षित करना

पढ़ें 'देशी जनता' को सभ्य बनाना राष्ट्र को शिक्षित करना
Social Science

महिलाएँ, जाति एवं सुधार

पढ़ें महिलाएँ, जाति एवं सुधार
Social Science

राष्ट्रीय आन्दोलन का संघटन : 1870 के दशक से 1947 तक

पढ़ें राष्ट्रीय आन्दोलन का संघटन : 1870 के दशक से 1947 तक