RajBoardExam
सामाजिक विज्ञान (Social Science)हिंदी माध्यम2026-27

RBSE Class 8 Social Science Chapter 30 Solutions & Notes in Hindi

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-09📖 RBSE/NCERT Solutions
भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: अभ्यास एवं पाठ्यपुस्तक के संपूर्ण हल

राजस्थान बोर्ड कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान — पाठगत प्रश्न एवं अभ्यास के चरण-दर-चरण सटीक हल।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

I. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर के विकल्प को कोष्ठक में लिखिए-

1. नगरीय स्वशासन की इकाई है—

(अ) नगरपालिका
(ब) नगरपरिषद्
(स) नगर निगम
(द) उपर्युक्त सभी

2. हमारे देश में किस संविधान संशोधन विधेयक ने पंचायती राज व्यवस्था को अपनाया—

(अ) 76वें संविधान संशोधन
(ब) 71वें संविधान संशोधन
(स) 74वें संविधान संशोधन
(द) 73वें संविधान संशोधन

उत्तर- 1. (द) 2. (द)

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए—

1. नगर निगम के वार्ड का निर्वाचित प्रतिनिधि .................... कहलाता है।

2. नगर परिषद के अध्यक्ष को .................... कहते हैं।

उत्तर- 1. पार्षद 2. सभापति

III. स्तंभ 'अ' को स्तम्भ 'ब' से सुमेलित कीजिए—

स्तंभ 'अ'

स्तंभ 'ब'

ग्राम पंचायत का मुखिया

प्रधान

जिला परिषद का मुखिया

खण्ड विकास अधिकारी

पंचायत समिति का सरकारी पदाधिकारी

सरपंच

पंचायत समिति का मुखिया

जिला प्रमुख

उत्तर-स्तंभ 'अ' | स्तंभ 'ब'

ग्राम पंचायत का मुखिया | सरपंच

जिला परिषद का मुखिया | जिला प्रमुख

पंचायत समिति का सरकारी पदाधिकारी - खण्ड विकास अधिकारी

पंचायत समिति का मुखिया - प्रधान

IV. अतिलघूत्तरत्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्य बताइए।

उत्तर- मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद् के समस्त कार्यों को करने के लिए जिला प्रमुख की मदद करता है।

प्रश्न 2. पंचायती राज के स्वरूप को चित्र द्वारा दर्शाइए।

उत्तर- पंचायती राज का त्रिस्तरीय ढाँचे का स्वरूप

V. लघूत्तरत्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. ग्राम पंचायत को आय कहाँ-कहाँ से प्राप्त होती है? लिखिए।

उत्तर- ग्राम पंचायत की आय के स्रोत-ग्राम पंचायत की आय के प्रमुख स्रोत ये हैं—(i) विभिन्न प्रकार के कर, जैसे—भवन कर, वाहन कर, क्रय-विक्रय पर कर, (ii) मेले व हाट बाजारों से प्राप्त आय, (iii) सरकार से प्राप्त अनुदान, (iv) समुदायों से प्राप्त अनुदान तथा (v) दोषियों से एकत्र दण्ड राशि आदि।

प्रश्न 2. नगरीय प्रशासन के कार्य बताइए।

उत्तर- नगरीय प्रशासन/शहरी संस्थाओं के कार्य-

( 1 ) अनिवार्य कार्य-(i) शहर के लिए शुद्ध पानी की व्यवस्था करना।

(ii) सड़कों पर रोशनी और सफाई की व्यवस्था करना।

(iii) जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण करना।

(iv) दमकल आदि की व्यवस्था करना।

( 2 ) ऐच्छिक कार्य-(i) सार्वजनिक बाग, (ii) स्टेडियम, (iii) वाचनालय, पुस्तकालय का निर्माण, (iv) वृक्षारोपण, (v) आवारा पशुओं से छुटकारा, (vi) मेले-प्रदर्शनियों का आयोजन, (vii) रेन बसेरों की व्यवस्था करना आदि।

प्रश्न 3. ग्राम सभा पर टिप्पणी लिखिए।

उत्तर- ग्राम सभा-(i) ग्राम सभा पंचायती राज की आधारभूत संस्था है इसका क्षेत्र एक राजस्व ग्राम होता है। सामान्यतः प्रत्येक ग्राम पंचायत की अपनी ग्रामसभा होती है।

(ii) ग्राम सभा के सदस्य उस राजस्व गाँव में रहने वाले सभी मतदाता होते हैं। ग्राम सभा की बैठकों में भाग लेना उनका अधिकार और कर्तव्य दोनों है।

(iii) ग्राम सभा भारत में प्रत्यक्ष प्रजातंत्र का उदाहरण है, जिसके तहत ग्रामवासी स्थानीय समस्याओं और विकास के सम्बन्ध में सीधे भाग लेते हैं।

(iv) सामान्यतः हर तीन महीने में ग्राम सभा की एक बैठक बुलाई जाती है। आमतौर पर 26 जनवरी, 1 मई, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर को ग्राम सभा की बैठकें होती हैं।

<div align="center">

भाग 2 — नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: मुख्य अवधारणाएँ, सूत्र व स्मरणीय तथ्य

महत्वपूर्ण नियम, सूत्र, परिभाषाएँ, भावार्थ एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।

अध्याय 9 - ग्रामीण व शहरी प्रशासन

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Q&A)

3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पात्मक प्रश्न (MCQs), रिक्त स्थान, अतिलघूत्तरात्मक एवं लघूत्तरात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

</div>

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-

1. ग्रामीण स्वशासन की इकाई है—

(अ) ग्राम पंचायत
(ब) पंचायत समिति
(स) जिला परिषद्
(द) उपर्युक्त सभी

2. पुलिस विभाग का प्रमुख कार्य है—

(अ) कर लगाना
(ब) शांति व्यवस्था बनाए रखना
(स) भूमि का रिकॉर्ड रखना
(द) शिक्षा प्रदान करना।

3. पंचायती राज व्यवस्था के त्रिस्तरीय ढाँचे के 29 कार्यों का उल्लेख संविधान की किस अनुसूची में किया गया है?

(अ) 9वीं अनुसूची में
(ब) पहली अनुसूची में
(स) 11वीं अनुसूची में
(द) तीसरी अनुसूची में

4. ग्राम पंचायत का प्रमुख कहलाता है—

(अ) प्रधान
(ब) सरपंच
(स) जिला प्रमुख
(द) पंचायत सचिव

5. ग्राम पंचायत का कार्यकाल होता है—

(अ) 3 वर्ष
(ब) 5 वर्ष
(स) 2 वर्ष
(द) 6 वर्ष

6. पंचायत समिति का सदस्य बनने के लिए किसी व्यक्ति को न्यूनतम कितने वर्ष का होना आवश्यक है?

(अ) 18 वर्ष
(ब) 21 वर्ष
(स) 25 वर्ष
(द) 30 वर्ष

7. पंचायत समिति का कार्य है—

(अ) ग्रामीण सड़कों का रखरखाव करना
(ब) स्वच्छता
(स) पेयजल व्यवस्था
(द) पंचायतों के कार्यों की समीक्षा व पर्यवेक्षण करना

8. पंचायत समिति का प्रमुख कहलाता है—

(अ) प्रधान
(ब) सरपंच
(स) पंचायत सचिव
(द) जिला प्रमुख

9. जिला परिषद् का प्रमुख कहलाता है—

(अ) मुख्य कार्यकारी अधिकारी
(ब) प्रधान
(स) सरपंच
(द) जिला प्रमुख

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान पाठ 30 चित्र 1

चित्र: पंचायती राज का त्रिस्तरीय ढाँचा (जिला परिषद, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत)

10. राजस्थान में पहला ग्राम न्यायालय खोला गया—

(अ) दौसा जिले में
(ब) जयपुर जिले में
(स) भरतपुर जिले में
(द) नागौर जिले में

11. नगर निगम का मुखिया कहलाता है—

(अ) सभापति
(ब) प्रधान
(स) महापौर
(द) नगरपपालिकाध्यक्ष

12. नगरीय प्रशासन का निम्न में कौन सा अनिवार्य कार्य नहीं है?

(अ) शुद्ध जल की व्यवस्था
(ब) रोशनी एवं सफाई
(स) वृक्षारोपण
(द) जन्म-मृत्यु पंजीकरण

13. एक ग्रामीण विवाह पंजीयन हेतु आवेदन करता है—

(अ) ग्राम पंचायत में
(ब) पंचायत समिति में
(स) जिला परिषद में
(द) नगरपालिका में

उत्तर- 1.
(द) 2.
(ब) 3.
(स) 4.
(ब) 5.
(ब) 6.
(स) 7.
(द) 8.
(अ) 9.
(द) 10.
(ब) 11.
(स) 12.
(स) 13.
(स)।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -

1. पंचायती राज व्यवस्था की शीर्ष स्तर की संस्था ...................... है।

2. ग्राम सभा का क्षेत्र एक ...................... होता है।

3. राजस्थान में पहला ग्राम न्यायालय जयपुर जिले के ...................... में खोला गया।

4. नगर निगम का अध्यक्ष ...................... कहलाता है।

5. शुद्ध जल की व्यवस्था करना नगरीय स्वशासित संस्थाओं का एक ...................... कार्य है।

6. पुस्तकालय का निर्माण करना नगरीय स्वशासित संस्थाओं का एक ...................... कार्य है।

7. गाँव व शहरों के विकास के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक ...................... अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए प्रशासन को पूर्ण ...................... प्रदान करे।

8. ग्राम पंचायत लोकतंत्र की ...................... इकाई है जो वार्ड पंचों, उपसरपंच एवं ......................से मिलकर गठित होती है।

9. ...................... की प्रत्येक माह कम से कम ......................बैठकें आवश्यक होती हैं।

10. ग्राम पंचायत में सचिव का कार्य सरकारी कागजातों के ...................... को रखना तथा बैठक की ...................... को लिखना है।

11. ग्राम पंचायत का प्रमुख ...................... होता है। ग्राम पंचायत का कार्यकाल ...................... वर्ष होता है।।

उत्तर- 1. जिला परिषद 2. राजस्व ग्राम 3. बस्सी 4. महापौर 5. अनिवार्य 6. स्वैच्छिक 7. नागरिक, सहयोग 8. प्रथम, सरपंच 9. ग्राम पंचायत, दो 10. रिकार्ड, कार्यवाही 11. सरपंच, 5।

स्तंभ 'अ' को स्तम्भ 'ब' से सुमेलित कीजिए-

स्तंभ 'अ'

स्तंभ 'ब'

1. ग्राम पंचायत का सरकारी पदाधिकारी

(अ) मुख्य कार्यकारी अधिकारी

2. जिला परिषद का सरकारी पदाधिकारी

(ब) महापौर

3. नगर निगम का मुखिया

(स) सभापति

4. नगर परिषद का अध्यक्ष

(द) पार्षद

5. शहर के वार्ड का निर्वाचित प्रतिनिधि

(य) ग्राम विकास अधिकारी

उत्तर- 1. (य) 2.
(अ) 3.
(ब) 4.
(स) 5.
(द)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न -

प्रश्न 1. हमारे देश में वयस्क मताधिकार की न्यूनतम आयु क्या है?

उत्तर-हमारे देश में वयस्क मताधिकार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है।

प्रश्न 2. 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने के पश्चात् किसी व्यक्ति को मत देने का अधिकार कैसे मिलेगा?

उत्तर-18 वर्ष की आयु पूर्ण करने के पश्चात् किसी व्यक्ति को अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने तथा मतदाता पहचान पत्र जारी होने पर ही मत देने का अधिकार मिलता है।

प्रश्न 3. मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए हमें क्या करना होता है?

उत्तर-मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए हमें अपने जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और राशन कार्ड की प्रतिलिपि के साथ एक फार्म भरकर बी.एल.ओ. को देना होता है।

प्रश्न 4. बी.एल.ओ. कौन है?

उत्तर-बी.एल.ओ. एक सरकारी कर्मचारी (शिक्षक, पटवारी, ग्रामसेवक, लिपिक आदि) होता है जिसका चुनाव, उसी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों से, निर्वाचन विभाग द्वारा किया जाता है।

प्रश्न 5. किस संविधान संशोधन द्वारा पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा दिया गया है?

उत्तर-73वें संविधान संशोधन के द्वारा।

प्रश्न 6. 11वीं अनुसूची में पंचायती राज व्यवस्था के कितने कार्यों का उल्लेख किया गया है?

उत्तर-29 कार्यों का।

प्रश्न 7. विकास खण्ड स्तर पर पंचायती राज की किस संस्था का गठन किया जाता है?

उत्तर-विकास खण्ड स्तर पर पंचायती राज्य की मध्य स्तरीय संस्था पंचायत समिति का गठन किया जाता है।

प्रश्न 8. पंचायती राज की शीर्ष स्तर की संस्था का नाम क्या है?

उत्तर-पंचायती राज की शीर्ष स्तर की संस्था का नाम जिला परिषद है।

प्रश्न 9. ग्राम सभा क्या है?

उत्तर-ग्राम सभा प्रत्येक ग्राम पंचायत की एक आधारभूत संस्था होती है, जिसका क्षेत्र एक राजस्व ग्राम होता है और उसके सदस्य उस गाँव में रहने वाले सभी मतदाता होते हैं।

प्रश्न 10. ग्राम सभा की बैठक कितने समय में बुलाई जानी आवश्यक है?

उत्तर-सामान्यतः हर तीन महीने में ग्राम सभा की एक बैठक बुलाई जाती है।

प्रश्न 11. नगर निगम का मुखिया क्या कहलाता है?

उत्तर-नगर निगम का मुखिया महापौर कहलाता है।

प्रश्न 12. शहरी शासन के कितने रूप होते हैं? उनके नाम लिखिए।

उत्तर-शहरी शासन के तीन रूप होते हैं। ये हैं- (1) नगर निगम (2) नगर परिषद और (3) नगरपालिका।

प्रश्न 13. नगर निगम किन नगरों में बनाया जाता है?

उत्तर-वे बड़े शहर जहाँ जनसंख्या पाँच लाख से ज्यादा हो तथा सालाना आय एक करोड़ से ज्यादा होने पर, वहाँ नगर निगम बनाया जाता है।

प्रश्न 14. नगर परिषदों की स्थापना कहाँ होती है?

उत्तर-जिन शहरों की जनसंख्या एक लाख से ज्यादा व पाँच लाख से कम होती है, वहाँ नगर परिषदों की स्थापना होती है।

प्रश्न 15. नगरपालिका बोर्ड कहाँ बनाए जाते हैं?

उत्तर-वे शहर जहाँ जनसंख्या 15 हजार से एक लाख तक के बीच होती है, वहाँ पर नगरपालिका बोर्ड बनाए जाते हैं।

प्रश्न 16. नगर परिषद और नगरपालिका बोर्ड के अध्यक्षों को क्या कहा जाता है?

उत्तर-नगर परिषद और नगरपालिका बोर्ड के अध्यक्षों को क्रमशः सभापति और नगरपालिकाध्यक्ष कहा जाता है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-I

प्रश्न 1. पंचायती राज्य के त्रिस्तरीय ढाँचे के तीनों स्तरों के नाम लिखिए।

उत्तर-(1) ग्राम स्तर पर—ग्राम पंचायत (2) मध्यम या ब्लॉक स्तर पर—पंचायत समिति तथा (3) जिला (उच्च) स्तर पर जिला परिषद।

प्रश्न 2. ग्राम न्यायालय पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर-ग्राम न्यायालय-ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर शीघ्र व सुलभ न्याय दिलाने हेतु ग्राम न्यायालय एक्ट 2008 के तहत ग्राम न्यायालयों की स्थापना की गई है। इन ग्राम न्यायालयों में न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति उच्च न्यायालय के परामर्श से की जाती है।

प्रश्न 3. मकान निर्माण से पूर्व निर्माण की स्वीकृति किस संस्था से ली जाती है?

उत्तर-मकान निर्माण से पूर्व निर्माण की स्वीकृति शहरों में नगर निगम, नगर परिषद या नगरपालिका से ली जाती है और गाँवों में इसकी स्वीकृति ग्राम पंचायत से ली जाती है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-II

प्रश्न 1. 'हमारी स्थानीय स्तर की सरकार त्रिस्तरीय व्यवस्था से चलती है।' स्पष्ट कीजिए, कैसे?

उत्तर-मोटे रूप से हमारी स्थानीय सरकारों को दो भागों में बाँटा जा सकता है—(i) शहरी स्थानीय सरकार और (ii) ग्रामीण स्थानीय सरकार। ये दोनों ही प्रकार की सरकारें त्रि-स्तरीय व्यवस्था से चलती हैं। ग्रामीण सरकार में यह क्रम ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के रूप में छोटे से बड़े क्रम में है तो शहरी सरकार में यह नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगम के रूप में होता है।

प्रश्न 2. ग्राम पंचायत की संरचना को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर-ग्राम पंचायत की संरचना-ग्राम पंचायत ग्रामीण स्थानीय लोकतांत्रिक स्वशासन की पहली राजनीतिक इकाई है। यह वार्ड पंचों, उपसरपंच एवं सरपंच से मिलकर गठित होती है। ये ग्राम पंचायत क्षेत्र के लोगों के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। इन पंचायतों के चुनाव 'राज्य चुनाव आयोग' द्वारा संपन्न किया जाता है। ग्राम पंचायत में ग्राम सचिव होता है जो सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है।

ग्राम पंचायत का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। प्रत्येक माह कम से कम दो बैठकें आवश्यक हैं।

प्रश्न 3. पंचायत समिति को आय कहाँ-कहाँ से प्राप्त होती है? लिखिए।

उत्तर-पंचायत समिति के आय के स्रोत-पंचायत समिति के आय के प्रमुख स्रोत ये हैं-

(i) स्थानीय करों और शुल्कों से प्राप्त आय।

(ii) राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान।

(iii) मेले व हाट बाजारों से प्राप्त आय।

(iv) विभिन्न सरकारी परियोजनाओं को चलाने के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई राशि।

(v) व्यापारी, व्यवसायों और उद्योगों पर कर लगाने से प्राप्त आय।

प्रश्न 4. जिला परिषद की आय के स्रोतों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर-जिला परिषद के आय के स्रोत ये हैं-

(i) केन्द्र तथा राज्य सरकारों से प्राप्त अनुदान,

(ii) पंचायत समितियों से की गई वसूलियाँ,

(iii) राजस्व का प्राप्त निश्चित हिस्सा,

(iv) सरकारी तथा गैर-सरकारी ऋण तथा

(v) लोगों द्वारा दिए गए अनुदान।

प्रश्न 5. बी.एल.ओ. कौन होता है और उसके क्या कार्य हैं?

उत्तर-बी.एल.ओ.—बी.एल.ओ. अर्थात् बूथ लेवल ऑफिसर एक सरकारी कर्मचारी (शिक्षक, पटवारी, ग्राम सेवक, लिपिक आदि) होता है जिसका चुनाव उसी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों में से निर्वाचन विभाग करता है।

बी.एल.ओ. के कार्य - बी.एल.ओ. के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

(i) वह घर-घर सर्वे कर 18 वर्ष की आयु वाले युवक-युवतियों के नाम को मतदाता सूची में जोड़ता है।

(ii) वह नए वंचित मतदाताओं को जोड़ना और पलायन कर चुके अथवा मृत मतदाताओं के नाम को सूची से हटाने का काम करता है।

प्रश्न 6. सरकार क्या है और यह क्या-क्या काम करती है?

उत्तर— सरकार-सरकार जनता द्वारा चुनी गई होती है। सरकार तीन जगहों पर रहते हुए काम करती है। इन्हें केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय सरकार कहा जाता है।

(i) पूरे देश में समान महत्त्व वाली हमारी आवश्यकताओं से जुड़े हुए महत्त्वपूर्ण काम केन्द्र सरकार पूरा करती है।

(ii) लोगों की आवश्यकताओं से जुड़े हुए वे महत्त्वपूर्ण कार्य जो प्रत्येक राज्य स्तर पर किये जाते हैं, उन्हें राज्य सरकार पूरा करती है।

(iii) एक स्थान विशेष के लोगों की आवश्यकताओं और समस्याओं को वहां की स्थानीय सरकार पूरा करती है।

प्रश्न 7. शहरी शासन के कितने रूप होते हैं?

उत्तर— शहरी शासन के तीन रूप होते हैं। नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिक बोर्ड। यथा—

(i) नगर निगम— वे बड़े शहर जहाँ जनसंख्या 5 लाख से ज्यादा हो और वहाँ सालाना आय एक करोड़ से ज्यादा होने पर वहाँ नगर निगम बनाया जाता है।

(ii) नगर परिषद— जिन शहरों की जनसंख्या एक लाख से ज्यादा व पाँच लाख से कम होती है, वहाँ नगर परिषदों की स्थापना होती है।

(iii) नगरपालिका बोर्ड— वे शहर जहाँ जनसंख्या 15 हजार से 1 लाख तक के बीच होती है, वहाँ पर नगरपालिका बोर्ड बनाए जाते हैं।

निबन्धात्मक प्रश्न -

प्रश्न 1. पंचायत समिति की संरचना को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— पंचायत समिति की संरचना— पंचायत समिति की संरचना को निम्नलिखित बिन्दुओं के अन्तर्गत स्पष्ट किया गया है—

(i) निर्वाचित प्रतिनिधि— पंचायत समिति, ग्राम पंचायत तथा जिला परिषद को जोड़ने वाली महत्त्वपूर्ण कड़ी है। राज्यों के जिलों को विकास की दृष्टि से कुछ छोटे विकास खण्डों में विभाजित किया जाता है। इसके समस्त क्षेत्र को कुछ वार्डों में विभाजित किया जाता है। इन वार्डों की जनता अपना प्रतिनिधि चुनती है। ये निर्वाचित सदस्य ही प्रधान और उप-प्रधान का चुनाव करते हैं। पंचायत समिति के सदस्य के लिए न्यूनतम 25 वर्ष का होना आवश्यक है।

(ii) पदेन सदस्य— पंचायत समिति में निर्वाचित सदस्यों के अतिरिक्त पंचायत समिति क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के सरपंच इसके पदेन सदस्य होते हैं।

(iii) सरकारी अधिकारी— प्रधान तथा उप प्रधान को पंचायत समिति से संबंधित कार्यों में मदद करने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक खण्ड विकास अधिकारी नियुक्त किया जाता है।

(iv) कार्यकाल— पंचायत समिति के सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।

प्रश्न 2. जिला परिषद की संरचना को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— जिला परिषद की संरचना

जिला परिषद की संरचना को निम्नलिखित बिन्दुओं के अन्तर्गत स्पष्ट किया गया है—

(1) जिला परिषद के निर्वाचित सदस्य— प्रत्येक जिले में कुछ ग्राम पंचायतों को मिलाकर एक वार्ड बनाया जाता है। इस तरह गठित प्रत्येक वार्ड से एक सदस्य का निर्वाचन किया जाता है। उस वार्ड के मतदाताओं के द्वारा किया जाता है। यह सदस्य जिला परिषद के सदस्य कहलाते हैं।

(2) जिला प्रमुख तथा उपजिला प्रमुख— जिला परिषद के निर्वाचित सदस्य मिलकर अपनों में से ही जिला प्रमुख तथा उपजिला प्रमुख का चुनाव करते हैं।

(3) पदेन सदस्य— जिला परिषद के निर्वाचित सदस्यों के अतिरिक्त, जिले के पंचायत समितियों के प्रधान, जिले से निर्वाचित विधानसभा सदस्य, जिले के निर्वाचित लोकसभा एवं राज्यसभा सदस्य इसके पदेन सदस्य होते हैं।

(4) मुख्य कार्यकारी अधिकारी— जिला प्रमुख को जिला परिषद के समस्त कार्यों में मदद करने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की जाती है।

प्रश्न 3. पंचायत समिति तथा ग्राम पंचायत के कार्यों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर— पंचायत समिति के कार्य

पंचायत समिति के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

(1) पंचायत समिति ग्राम पंचायतों के कार्यों की समीक्षा व पर्यवेक्षण करती है।

(2) पंचायत समिति नवनिर्वाचित सरपंचों व पंचों को प्रशिक्षण व मार्गदर्शन देती है।

(3) पंचायत समिति सरपंचों, पंचायत समिति सदस्यों व जिला परिषद सदस्यों में समन्वय स्थापित करती है।

(4) पंचायत समिति साधारण सभा की बैठक आयोजित करती है।

(5) यह अपनी बैठकों व स्थानीय समितियों के निर्णयों की अनुपालना का नियंत्रण रजिस्टर रखती है।

(6) यह कार्यस्थल एवं पंचायत मुख्यालय पर वास्तविक व्यय को दर्शाने वाले बोर्ड लगवाती है।

(7) यह पशु मेलों का आयोजन करती है।

सामाजिक विज्ञान - कक्षा-8 (हमारा राजस्थान भाग-3)

ग्राम पंचायत के कार्य

ग्राम पंचायत के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं-

(1) ग्राम पंचायत अपने पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता एवं पेयजल की व्यवस्था करती है।

(2) यह अपने पंचायत क्षेत्र के मार्गों में प्रकाश की व्यवस्था करती है।

(3) यह अपने क्षेत्र में मनरेगा कार्यक्रम का क्रियान्वयन एवं आवेदकों को रोजगार उपलब्ध कराती है।

(4) यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली का कार्य सुचारू रूप से कराने का कार्य करती है।

(5) यह ग्रामीण सड़कों के रखरखाव का कार्य करती है।

(6) यह जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण का कार्य करती है।

(7) यह आपदाओं एवं महामारी के समय जिला प्रशासन से समन्वय रखती है।

(8) यह अपने क्षेत्र में चारागाह एवं वनों का विकास करती है।

(9) यह मानव एवं पशु स्वास्थ्य, पोषण व परिवार कल्याण कार्यक्रमों में सहायता करती है।

(10) यह अपने क्षेत्र में स्थानीय भौतिक संसाधनों का विकास एवं उनके समुचित उपयोग का कार्य करती है।

प्रश्न 4. नगरीय स्थानीय स्वशासन संस्थाओं पर एक लेख लिखिए।

उत्तर– नगरीय स्थानीय स्वशासन संस्थाएँ- नगरीय स्थानीय स्वशासन संस्थाओं का विवेचन निम्नलिखित बिन्दुओं के अन्तर्गत किया गया है-

(1) तीन प्रकार की संस्थाएँ - नगरीय स्थानीय स्वशासन संस्थाएँ तीन प्रकार की होती हैं— (1) नगर निगम

(2) नगर परिषद तथा (3) नगरपालिका बोर्ड। वे बड़े शहर जहाँ जनसंख्या 5 लाख से ज्यादा हो, तथा सालाना आय एक करोड़ से ज्यादा होने पर, वहाँ नगर निगम बनाया जाता है। जिन शहरों की जनसंख्या एक लाख से ज्यादा व पाँच लाख से कम होती है, वहाँ नगरपरिषदों की स्थापना होती है और वे शहर जहाँ जनसंख्या 15 हजार से एक लाख तक के बीच होती है, वहाँ पर नगरपालिका बोर्ड बनाए जाते हैं।

( 2 ) प्रतिनिधियों का निर्वाचन - शहर को अलग-अलग क्षेत्रों में बाँटा जाता है, जिसे वार्ड कहते हैं। हर वार्ड से वहाँ की जनता एक प्रतिनिधि (जिसे पार्षद कहा जाता है) चुनकर इन संस्थाओं में भेजती है। इनका दायित्व अपने वार्ड के विकास को देखना होता है।

ये पार्षद मिलकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को चुनते हैं जिनको अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है। नगर निगम का अध्यक्ष महापौर, नगर परिषद के अध्यक्ष सभापति और नगरपालिका का अध्यक्ष नगरपालिकाध्यक्ष कहलाता है।

(3) आरक्षण की व्यवस्था - इन शहरी संस्थाओं के चुनाव में 74वें संविधान संशोधन के अनुसार कम से कम एक तिहाई वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रखने की व्यवस्था है। इसी तरह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग के लिए भी स्थानों का आरक्षण जनसंख्या में उनके अनुपात के अनुसार किया जाता है। यह आरक्षण की व्यवस्था उनके द्वारा उनकी हिस्सेदारी को बढ़ाने के लिए किया जाता है ताकि इन वर्गों का प्रतिनिधित्व बढ़े।

(4) कार्य - इन शहरी संस्थाओं के दो तरह के कार्य होते हैं। (अ) अनिवार्य कार्य और (ब) ऐच्छिक कार्य। यथा-

(अ) अनिवार्य कार्य - इन संस्थाओं के प्रमुख अनिवार्य कार्य ये हैं— शहर के लिए शुद्ध पानी की व्यवस्था करना; सड़कों पर रोशनी व सफाई की व्यवस्था करना; जन्म-मृत्यु का पंजीकरण करना तथा दमकल की व्यवस्था करना है।

( ब ) ऐच्छिक कार्य - इन संस्थाओं के ऐच्छिक कार्य हैं— सार्वजनिक बाग, स्टेडियम, वाचनालय, पुस्तकालय आदि का निर्माण करना, वृक्षारोपण करना, आवारा पशुओं से नगर को छुटकारा दिलाना, मेले-प्रदर्शनी का आयोजन करना तथा रैन बसेरों की व्यवस्था करना।

(5) आय के स्रोत - इन संस्थाओं को तीन माध्यमों से पैसा मिलता है। यथा—

(i) ये केन्द्र और राज्य सरकारों से राशि प्राप्त करती हैं।

(ii) ये विभिन्न शुल्क लगाकर और जुर्माने के द्वारा पैसा प्राप्त करती हैं।

(iii) ये अपने शहरवासियों पर विभिन्न कर लगाकर उससे पैसा प्राप्त करती हैं।

और अध्याय देखें / Explore More Chapters

Social Science

प्रारंभिक कथन : कैसे, कब और कहाँ

पढ़ें प्रारंभिक कथन : कैसे, कब और कहाँ
Social Science

व्यापार से साम्राज्य तक कम्पनी की सत्ता स्थापित होती है

पढ़ें व्यापार से साम्राज्य तक कम्पनी की सत्ता स्थापित होती है
Social Science

ग्रामीण क्षेत्र पर शासन चलाना

पढ़ें ग्रामीण क्षेत्र पर शासन चलाना
Social Science

आदिवासी, दीकु और एक स्वर्ण युग की कल्पना

पढ़ें आदिवासी, दीकु और एक स्वर्ण युग की कल्पना
Social Science

जब जनता बगावत करती है 1857 और उसके बाद

पढ़ें जब जनता बगावत करती है 1857 और उसके बाद
Social Science

'देशी जनता' को सभ्य बनाना राष्ट्र को शिक्षित करना

पढ़ें 'देशी जनता' को सभ्य बनाना राष्ट्र को शिक्षित करना
Social Science

महिलाएँ, जाति एवं सुधार

पढ़ें महिलाएँ, जाति एवं सुधार
Social Science

राष्ट्रीय आन्दोलन का संघटन : 1870 के दशक से 1947 तक

पढ़ें राष्ट्रीय आन्दोलन का संघटन : 1870 के दशक से 1947 तक