The Lost Child
The Lost Child (खोया हुआ बच्चा)
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Comprehension & Appreciation
Stanza 1
No motion has she now, no force—
She neither hears nor sees,
Rolled round in earth's diurnal course
With rocks and stones and trees.
Q. 1. Now what has happened the poet's loved one?
Ans. Now her body doesn't make any movement. She has no power that activates the body. She has lost the ability to hear the sounds and her eyes cannot see now. It means she is dead.
Q. 2. Where and how does the poet's beloved exist now?
Ans. She is now dead. She has been buried in the earth. She is now a part and parcel of the earth. The earth rotates on its axis daily. All the things like rocks and stones and trees also rotate with it. His beloved too rotates along with other objects on the earth.
MOMENTS
(Supplementary Reader)
1. The Lost Child [ खोया हुआ बच्चा ]
— Mulk Raj Anand
- पाठ के विषय में-एक बालक अपने माता-पिता के साथ मेले में जाता है। वह हर्षित व उत्तेजित है और वहाँ प्रदर्शित मिठाई और खिलौनों को चाहता है। लेकिन उसके माता-पिता उसके लिए उनको नहीं खरीदते हैं। जब कोई अन्य उनको उसे प्रस्तावित करता है तब वह क्यों इनकार कर देता है?
कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद
It was before you!'
कठिन शब्दार्थ : spring (स्पिरंग) = वसन्त ऋतु, wintry (विनट्रि) = शीतकालीन, shades (शेड्ज़) = छायाओं, lanes (लेन्ज़) = तंग सड़कों, alleys (ऐेलिज) = गलियों, emerged (इमजू्ड) = से निकले, gaily (गेलि) = प्रसन्नता, clad (क्लैड) = परिधान पहने, humanity (ह्यूमैनटि) = मानवता/लोग, rode (रोड) = सवारी करते हुए, bamboo (बॅम्बू) = बांस, brimming over (ब्रिमङ् ओव(र)) = भरा होना/लबालब/लबरेज, lagged behind (लैंग्ड् बिहाइन्ड) = पीछे छूट गया/रह गया, fascinated (फैसिनेट्टेड) = आकर्षित, hurried (हरिड) = शीघ्रता की, towards (ट्वाइड्ज्) = की ओर, obedient (अबीडिअन्ट्) = आज्ञाकारी, lingering on (लिंग(र)ड् ऑन्) = रुके रहते हुए, receding (रिसीड्ङ्) = ओझल होते हुए, suppress (सप्रेस्) = दबाना, desire (डिआइअ(र)) = इच्छा, cold stare (कोल्ड स्टेअ(र)) = ठण्डी अथवा उदासीन टकटकी,
refusal (रिप्यूज़ल्) = इनकार, pleaded (प्लीड्ड) = गंभीरतापूर्वक याचना करना/चिरौरी करना, tyrant's way (टाइरन्ट्स वे) = तानाशाही के तरीके से, melted (मेल्ट्ड) = पसीज कर, free spirit (फ्री स्पिरिट) = स्वच्छन्दता, tender (टेन्ड्(र)) = कोमल, hold (होल्ड) = पकड़ना।
हिन्दी अनुवाद : यह बसंत का त्यौहार था। संकरी सड़कों और गलियों की ठण्डी छाया में अच्छे वस्त्र पहने हुए, बड़ी संख्या में लोग बाहर आ रहे थे। कुछ पैदल चल रहे थे, कुछ घोड़ों पर सवार थे। कुछ अन्य बांस की बनी गाड़ियों और बैलगाड़ियों में जाने के लिए बैठे थे। एक छोटा बालक अपने पिता की टाँगो के बीच में जीवंतता और हँसी से भरा हुआ दौड़ रहा था।
'आओ, बालक, आओ!' उसके माता-पिता ने पुकारा जब वह रास्ते के किनारे लगी हुई उन दुकानों में रखे हुए खिलौनों की तरफ आकर्षित हुआ था और वह पीछे रह गया था।
वह अपने माता-पिता की ओर जल्दी से आया, उसके पैर उनकी पुकार के प्रति आज्ञाकारी थे, उसकी आँखें अभी भी पीछे छूटते हुए खिलौनों पर टिकी थीं। जैसे ही वह उस जगह पर आया जहाँ वे उसकी प्रतीक्षा करने के लिए रुक गए थे, वह अपने मन की भावना को नहीं रोक सका, यद्यपि वह उनकी आँखों में इनकारी की ठण्डी टकटकी को अच्छी तरह जानता था।
"मुझे वह खिलौना चाहिए," उसने आग्रह किया।
उसके पिता ने अपने परिचित कठोर ढंग से उसकी ओर नाराज होकर (आँखें लाल करके) देखा। फिर भी उसकी माँ उस दिन के उल्लासित वातावरण से द्रवित होकर कोमलस्ता से व्यवहार कर रही थी और उसके पकड़ने के लिए अपनी अंगुली देते हुए बोली, 'देखो बच्चे तुम्हारे सामने क्या है!'
It was a flowering .......................................... moved on.
कठिन शब्दार्थ : flowering mustard-field (फ्लिआउअ(र)ङ् मसटड्-फील्ड) = फूलों से भरा सरसों का खेत, melting gold (मेल्टू गोल्ड्) = द्रवित स्वर्ण, swept across (स्वेप्ट् अक्रॉस) = फैला था, even (ईव्न्) = समतल, dragon-flies (ड्रैग्नू-फ्लैइज) = चिड़आएं, bustling about (बस्लूड़ अबाउट्) = हलचल मचाना/तेजी से इधर-उधर उड़ना, gaudy (गॉडि) = अप्रिय चटकीला, purple (पपल्) = बैंगनी, intercepting (इन्टसेप्ट्) = अवरुद्ध करते हुए, flight (फ्लाइट्) = उड़ान, lone (लोन्) = अकेला, black bee (ब्लैक् बी) = काली मधुमक्खी, sweetness (स्वीट्नस्) = मिठास/मधु, gaze (गेज्) = एकटक दृष्टि, fluttering (फ्लट(र)ङ्) = फड़फड़ाते (तेजी से), flapping (फ्लैपॅङ्) = लहराते/फड़फड़ाते (हल्के-हल्के), cautionary call (कॉशनरि कॉल्) = चेतावनी वाली पुकार, walked abreast (वॉक्ूट अब्रेस्ट्) = के आगे चलना, attracted (अट्रैक्टेड्) = आकर्षित होकर, worms (वॅम्ज्) = कृमि/कीड़े, teeming out (टीमङ् आउट्) = एक साथ बाहर आना, edge (ऐज्) = किनारा, shower (शाउअ(र)) = फुहार, young flowers (यंग फ्लाउअज्) = नवीन खिले फूलों, grove (ग्रोव) = वृक्ष-समूह/कुंज, raining petals (रेन्ड् पेट्लज्) = पंखुड़ी-वर्षा, cooing of doves (कूइङ् ऑव् डव्ज्) = सफेद कबूतरों/फाख्ताओं की गुटरगूँ, forgotten (फॉर्गोट्न) = विस्मृत, capers (केप(र)ज) = फूल/कुलांचे, banyan tree (बैन्यन् ट्री) = वट वृक्ष, full of throngs (फुल ऑव् थ्रॉङ्ज्) = भीड़-भरे, converging (कॅनूवृज्) = केन्द्राभिमुख/अभिसरित होते हुए, whirlpool of the fair (वलपूल ऑव् दा फेअ(र)) = मेले का भंवर, repelled (रिपेल्ड्) = विकर्षित, confusion (कन्फ्यूशन्) = अव्यवस्था, sweetmeat (स्वीटमीट) = मिठाई, hawked (हॉकूट) = माल बेचने को चिल्लाया, architecture (आकिटैक् च(र)) = संरचना, murmured (मम(र)ड) = बड़बड़ाया/फुसफुसाया, heeded (हीड्) = ध्यान दिया, greedy (ग्रीडि) = लालची, moved on (मूव्ड ऑन्) = आगे बढ़ गया।
हिन्दी अनुवाद : वह फूलों से भरा सरसों का एक खेत था, सोने के जैसा पीला व समतल जमीन पर मीलों और मीलों तक फैला था।
चिउराओं (ड्रैगन-मक्खियों) का एक झुण्ड अपने चमकीले बैंगनी पंखों पर तेजी से उड़ रहा था और फूलों से मिठास खोजने जाते अकेले भँवरे या तितली का रास्ता काट देता था। बालक ने टकटकी लगाकर देखकर हवा में उनका पीछा तब तक किया जब तक कि उनमें से एक
आराम करने के लिए एक फूल पर न बैठ गई। वह उसे पकड़ने का प्रयत्न करना चाहता था। जब उसने लगभग उसे अपनी उंगलियों में पकड़ लिया था वह पंख फड़फड़ाते हुए हवा में चली जाती थी। तब उसकी माँ उसे सावधान करते हुए पुकारती, 'आओ, बच्चे, आओ, पगडंडी पर आओ।'
वह अपने माता-पिता की ओर प्रसन्नता से दौड़ा और कुछ देर तक उनके साथ पैदल चला। छोटे कीड़े-मकोड़े, जो धूप का आनन्द लेने के लिए अपने छिपे हुए स्थानों से निकलकर बाहर आ गए थे, उनसे आकर्षित होकर वह जल्दी ही पीछे रह गया था।
'आओ, बच्चे, आओ!' एक कुंज में पेड़ की छाया में जहाँ वे एक कुएँ के किनारे पर बैठे थे वहाँ से उसके माता-पिता ने पुकारा। वह उनकी तरफ दौड़ा।
जैसे ही उसने कुञ्ज में प्रवेश किया छोटे फूलों की बौछार उस पर हुई और अपने माता-पिता का ध्यान न रखते हुए वह बरसते फूलों को अपने हाथों में एकत्रित करने लगा। लेकिन देखो! उसने फाख्ताओं का गुटरगूँ शब्द सुना और अपने माता-पिता की तरफ चिल्लाता हुआ गया— ''फाख्ता! फाख्ता!'' उसके विस्मृत हाथों से फूलों की पंखुड़ियाँ गिर गईं।
'आओ, बच्चे, आओ!' उन्होंने बच्चे को पुकारा जो एक बड़ के पेड़ के चारों ओर दौड़ते हुए जंगली फूलों के बीच चला गया था और उसे उठाते हुए साँकड़ी व घुमावदार पगडंडी पर चलने लगा। यह मार्ग सरसों के खेतों में से होता हुआ मेले तक जाता था।
जब वे गाँव के समीप पहुंचे, बालक ने कई दूसरी पगड़ियाँ देखीं जो मेले में जाने वाले लोगों से भरी थीं जो मेले के भँवर में केन्द्रित हो रहे थे और जिस व्यवस्था से संसार में (अर्थात् मेलों में) वह अब प्रवेश कर रहा था, वह उसकी ओर आकर्षित और विकर्षित हो रहा था।
प्रवेश द्वार के कोने में से एक मिठाई बेचने वाला आवाज लगा रहा था, 'गुलाबजामुन, रसगुल्ला, बरफी, जलेबी', और उसकी दुकान पर सोने-चाँदी के वरकों से सुसज्जित अनेक रंगों की मिठाइयों के लिए बनी संरचना के निचले भाग पर बने काउन्टर के चारों ओर भीड़ का दबाव था। बालक ने ललचाई आँखों से देखा और उसके मुँह में बरफी के लिए पानी भर आया, जो कि उसकी मनपसन्द मिठाई थी। 'मुझे वह बरफी चाहिए', वह धीरे से फुसफुसाया। लेकिन वह इतना तो जानता था कि उसके निवेदन पर ध्यान नहीं दिया जायेगा। क्योंकि उसके माता-पिता कहेंगे कि वह लालची था। इसलिए बिना उत्तर की प्रतीक्षा किए वह आगे बढ़ गया।
A flower-seller ............ laughing and talking.
कठिन शब्दार्थ : gulmohur (गुलमॉह्र(र)) = एक अन्य
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स्थानिक पतझड़ीय वृक्ष जिस पर लाल-नारंगी फूल आते हैं, seemed (सीम्ड) = दिखाई दिया, irresistibly drawn (इरिजिसटूबल ड्यान्) = अप्रतिरोधक खिंचाव, lay heaped (ले हीप्ट) = ढेर में पड़े होना, cheap (चीप) = साधारण, सस्ता, pole (पोल) = डंडा, rainbow glory (रेन्बो गॉरि) = इन्द्रधनुषीय सौन्दर्य, silken colours (सिल्कून कल(र)ज) = रेशमी रंगों, overwhelming (ओव्वेलमिड्) = अत्यधिक तीव्र, possess (पंजेस्) = स्वामी बनना/रखना, farther (फाद(र)) = कुछ दूर, snake-charmer (स्नेक् -चार्म(र)) = सपेरा, forbidden (फबिड्न) = वर्जित, coarse (कॉस्) = रूखा/असभ्य, proceeded (प्रसीड्ड) = आगे बढ़ गया, roundabout (राउन्डबाउट) = चक्करदार झूला, in full swing (इन् फुल् स्विङ्) = पूरी तेजी से घूम रहा था, whirling motion (वैलिंग मोशन) = भंवरीय गति में, shrieked (श्रीकूट) = चीखी, dizzy (डिज्जि) = चक्कर से आक्रान्त, intently (इन्टेन्ट्रिाल) = संकल्पपूर्वक, bold (बोल्ड) = निर्भीक/साहसपूर्ण, on either side (ऑन् आइद(र) साइड) = दोनों तरफ, throat (थ्रोट) = गला, jerk (जक) = झटका, tears (टिअ(र)ज) = अश्रु, rolled down (रोल्ड डाउन) = नीचे लुढ़कना, fierce (फिअस्) = क्रुद्ध, flushed face (फ्लश्ट् फेस्) = गरम लाल चेहरा, convulsed (कन्वल्स्) = शरीर मरोड़ते हुए, panic-stricken (पैैनिकु-स्ट्रिकून्) = भय-ग्रस्त, hither and thither (हिद(र) ऐन्द्र दिद(र)) = यहाँ और वहाँ, directions (डरेक्शन्) = दिशाओं में, turban (टबन्) = साफा, came untied (केम् अनूटाइड) = खुल गया, muddy (मडि) = गंदा, to and fro (टु ऐन्द्र प्रो) = इधर-उधर, rage (रेज) = क्रोध, defeated (डिफीटीड) = हारा हुआ, suppressed (सप्रैस्ट) = दबकर, sobs (सॉब्ज) = सिसकियां, distances (डिसूटन्सूज) = दूरियां, filmy (फिल्म) = धुंधली।
फूल बेचने वाले ने एक आवाज लगाई, 'गुलमोहर की एक माला, गुलमोहर की एक माला।' उन फूलों से बहुत अधिक आकर्षित होकर वह टोकरी की तरफ गया जहाँ फूल एक ढेर के रूप में पड़े थे और हल्के से फुसफुसाया, 'मुझे वह माला चाहिए।' लेकिन वह भली-भाँति जानता था कि उसके माता-पिता उसके लिए फूल खरीदने से मना कर देंगे, क्योंकि वे कहेंगे कि वे घटिया थे। इसलिए उत्तर की प्रतीक्षा किए बिना वह आगे चल पड़ा।
एक आदमी एक बाँस लिए हुए खड़ा था जिस पर से पीले, लाल, हरे और बैंगनियाँ गुब्बारे उड़ रहे थे। बच्चा स्वाभाविक रूप से उनके रेशमी रंगों की इन्द्रधनुषी छटा से
अत्यधिक प्रभावित हो गया और वह उन सबको पाने की अत्यधिक इच्छा से भर गया। लेकिन वह अच्छी तरह जानता था कि उसके माता-पिता उसके लिए कोई गुब्बारा नहीं खरीदेंगे क्योंकि वे कहेंगे कि वे उनसे खेलने के लिए आयु में बहुत बड़ा था। इसलिए वह आगे पैदल चल दिया।
एक सपेरा खड़ा हुआ था जो टोकरी में कुण्डली बनाकर बैठे हुए एक साँप को अपनी बाँसुरी सुना रहा था। हंस की गर्दन की तरह उसका सिर सुन्दर मोड़ लिए हुए खड़ा था, था अर्थात् साँप अपना फन खड़ा किए हुए था और बीन का संगीत पानी के झरनों की लहरों की भाँति धीरे-धीरे उसके अदृश्य तरंगों के कानों में जा रहा था। बालक उस सपेरे की ओर गया। लेकिन यह जानते हुए कि उसके माता-पिता के द्वारा बजाए गए भद्दे संगीत को सुनने की मना कर दी थी, वह आगे बढ़ गया।
वहाँ एक चकरीदार झूला तेजी से घूम रहा था। पुरुष, स्त्री और बच्चे भंवरीय गति में घूमने लगे तो वे चक्करदार हँसी से चीखने और चिल्लाने लगे। नलालचई आँखों से उनको देखा और फिर उसने साहसिक प्रार्थना की, "मैं भी इस चकरी वाले झूले में झूलना चाहता हूँ, कृपया, पिताजी, माताजी।"
कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। वह अपने माता-पिता को देखने वापस लौटा। वे लोग उसके सामने नहीं थे (अर्थात् माता-पिता चले गये थे)। उसने मुड़कर इधर-उधर देखा। उसने पीछे देखा पर उनका वहाँ कोई नामोनिशान नहीं था। उसके सूखे गले से से रोने की तेज आवाज निकली और अपने शरीर को अचानक झटक कर वह सचमुच डर कर जहाँ वह खड़ा था, वहाँ से चिल्लाता हुआ भागा, "माता! पिताजी!" उसके गालों पर आँसू बहने लगे जो (आँसू) गरम थे और उसका चेहरा डर के कारण पीला पड़ गया। यह नहीं जानते हुए कि उसे कहाँ जाना है, वह डर से पहले एक ओर भागा फिर दूसरी ओर और फिर इधर-उधर सब दिशाओं में भागा। "माता, पिताजी," दुःख से वह चिल्लाया। उसका पीला साफा खुल गया और उसके कपड़े धूल से गंदे हो गये।
थोड़ी देर के लिए इधर-उधर तेजी से दौड़ने के बाद, वह हारकर खड़ा हो गया, उसका रोना सिसकियों में बदल गया। अपनी धुँधली आँखों से हरी घास पर थोड़ी दूरियों में वह स्त्रियों और पुरुषों को बातचीत करते हुए देख सकता था। उसने चमकीले पीले वस्त्र पहने हुए जोड़ों को बहुत ध्यान से देखने का प्रयास किया किन्तु उन लोगों के बीच उसे माता-पिता का कोई पता नहीं चला। ऐसा प्रतीत होता था कि ये लोग केवल हँसने एवं बात करने के लिए ही हँस रहे थे एवं बातें कर रहे थे (अर्थात् कोई गम्भीर बातें नहीं कर रहे थे)।
He ran quickly ........................................ my father!'
कठिन शब्दार्थ : shrine (श੍ਰाइनु) = महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल, congested (कन्जेसेटिड्) = खचाखच भरा, jostled (जॉसुलड्) = भीड़ में धक्का-मुक्की की, flashing (फ्लैसूलड्) = चमकती, murderous (मडरस्) = हत्यारी/हिंसक, hefty shoulders (हेफ्ट शोल्ड्(र)) = बड़े व मजबूत कंधे, struggled (स्ट्रग्लड्) = संघर्ष किया, thrust a way (श्रस्ट् अ वे) = धकेलकर रास्ता बनाना, knocked (नॉक्ड) = प्रहार हुए, brutal movement (ब्रूटल मूवमेन्ट) = क्रूर संचलन, trampled (ट्रैम्पूलड) = कुचला जाता, underfoot (अनर्डफुट) = पैर के नीचे, surging crowd (सजिड् क्राउड) = उमड़ती भीड़, stooping (स्ट्रूप्ड) = झुकते हुए, steered clear (स्टिअड क्लिअ(र)) = दूर किया (समस्या पैदा करने वाले व्यक्तियों/वस्तुओं से), mass (मैस्) = जन-समूह, soothe (सूद) = शान्ति देने का, played on (प्लेड् ऑन्) = को बजाया, flute (फ्लूट्) = (यहाँ) बीन, swaying (स्वेइङ्) = झूमते हुए, double-pitched (डब्लू-पिचू) = दोहरी-स्वरतीव्रता, strain (स्ट्रेन्) = दबाव, distract (डিস্ট्रैक्ट्) = ध्यान बाँटना, persuasively (पस्वेसिवूलि) = राजी करते हुए, bore (बाँ(र)) = लाया, reiterated (रीइरेटेड) = दोहराते हुए, humour (ह्यूम(र)) = खुश करने को, disconsolate (डिसकॉन्सूलट्) = मायूस/निराश।
हिन्दी अनुवाद : वह एक बार फिर तेजी से दौड़कर एक मन्दिर की ओर गया जहाँ लोग भीड़ में जमा हो रहे थे। एक-एक इंच जगह आदमियों से ठसी पड़ी थी। फिर भी वह लोगों की टाँगो के बीच से दौड़ता रहा, और उसकी सिसकी अभी भी बनी हुई थी : 'मां, पिताजी!' परन्तु, मन्दिर के प्रवेश द्वार के निकट भीड़ बहुत बढ़ गई थी : लोग एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की कर रहे थे, मोटे-मोटे लोग गुस्से में लाल-लाल खूनी आँखों और मजबूत कंधों से धक्का-मुक्की कर रहे थे। बेचारे बच्चे ने उन लोगों के पाँवों के बीच से आगे घुसने का प्रयत्न किया परन्तु उनकी पाशविक हलचल में ठोकरें खाकर इधर-उधर लुढ़कने लगा। वह किसी के पाँवों के नीचे आकर कुचला जाता यदि वह पूरे जोर से न चीखता, 'पिताजी! माताजी!' उस उमड़ती हुई भीड़ में एक आदमी ने उसके चिल्लाने पर ध्यान दिया और कठिनाई से नीचे झुक कर उसने बच्चे को अपनी बाँहों में उठा लिया।
"तुम यहाँ कैसे आए, बालक? तुम किसके बच्चे हो?" उस आदमी ने पूछा जैसे ही उसने भीड़ से रास्ता बनाया। बच्चा पहले से ही अधिक जोर से रोने लगा और बस कहता रहा, "मुझे मेरी माँ चाहिए, मुझे मेरा पिता चाहिए।"
चक्री झूले के पास ले जाकर उसने बच्चे को तसल्ली देने का प्रयास किया। उसने घेरे की तरफ जाते हुए सज्जनता से पूछा, "क्या तुम घोड़े पर झूले की सवारी करोगे?" बच्चे के गले से हजारों सिसकियाँ फूट पड़ीं और वह बोला, "मुझे मेरी माँ चाहिए, मुझे मेरा पिता चाहिए!" आदमी फिर उस जगह गया जहाँ सपेरा अपनी बीन पर काले नाग को नचा रहा था। उसने कहा, "बच्चे उस मधुर संगीत को सुनो।" किन्तु बालक ने अपनी उँगलियों से अपने कान बन्द कर लिए और दोगुनी ऊँची आवाज में चीखा : "मुझे मेरी माँ चाहिए, मुझे मेरा पिता चाहिए!" अब आदमी उसे गुब्बारों के पास यह सोचकर ले गया कि गुब्बारों के तेज रंग बच्चे का ध्यान बाँट देंगे और उसे शान्त कर देंगे। उसने मिठास से पूछा, "क्या तुम इन्द्रधनुषी रंग का गुब्बारा लोगोगे?" बच्चे ने उन पर से अपनी नजर हटा ली और सिसकते हुए बस यह कहा, "मुझे मेरी माँ चाहिए, मुझे मेरा पिता चाहिए!"
वह आदमी, अभी भी बच्चे को खुश करने का प्रयास करते हुए, उसे दरवाजे तक ले and आया जहाँ फूल-विक्रेता बैठा था। "देखो! क्या तुम उन अच्छे फूलों को सँघ सकते हो, बालक! क्या तुम गले में चारों ओर पहनने के लिए एक माला पसन्द करोगे?" बच्चे ने टोकरी से अपनी नाक दूसरी तरफ घुमा ली और अपनी सिसकी दोहराई, 'मुझे मेरी माँ चाहिए, मुझे मेरा पिता चाहिए!'
उसके दुःखी व निराश मन को मिठाइयों के उपहार द्वारा बदलने की सोचकर वह व्यक्ति उसी मिठाई की दुकान के काउन्टर पर ले गया। उसने पूछा, "तुम्हें कौनसी मिठाइयाँ पसंद हैं, बच्चे?" बच्चे ने मिठाई की दुकान की तरफ से अपना मुँह मोड़ लिया और केवल सिसकता रहा—“मुझे मेरी माँ चाहिए, मुझे मेरा पिता चाहिए!"
Think About It :
Q. 1. What are the things the child sees on his way to the fair? Why does he lag behind?
मेले में जाते समय रास्ते में बालक कौन-कौनसी वस्तुएँ देखता जाता है? वह पीछे क्यों रह जाता है?
Ans. The child sees toys, a flowering mustard field, dragon-flies, black bee, butterfly, insects, worms, a flowering grove, cooing doves, a banyan tree etc.
He lags behind because of toys in the shops.
बालक खिलौने, फूल वाला सरसों का खेत, चिउराएँ, काली मधुमक्खी, तितली, कीट, कृमि, एक पुष्पित कुंज, फाख्ताओं की गुटरगूँ, एक वट-वृक्ष आदि देखता है। वह दुकान में रखे खिलौनों के कारण पीछे रह जाता है।
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\hline
Q. 2. In the fair he wants many things. What are they? Why does he move on without waiting for an answer? \
मेले में वह बहुत चीजें चाहता है। वे कौन-कौनसी हैं? वह उत्तर की प्रतीक्षा किए बिना ही आगे क्यों बढ़ जाता है? \
Ans. He wants burfi, garland, balloons of alluring colours and wants to go on the roundabout. \
He moves on without waiting for an answer because he knows that his parents will refuse to buy them. \
वह बरफी, माला, आकर्षक रंगों के गुब्बारे चाहता है और चक्करदार झूले में झूलना चाहता है। \
वह उत्तर की प्रतीक्षा किये बिना ही आगे बढ़ जाता है क्योंकि वह जानता है कि उसके माता-पिता उनको खरीदने से इनकार कर देंगे। \
Q. 3. When does he realise that he has lost his way? How have his anxiety and insecurity been described? \
वह कब अनुभूति करता है कि वह अपना रास्ता खो चुका है? उसकी चिन्ता व असुरक्षा को कैसे वर्णित किया गया है? \
Ans. When he turned to look at his parents and found no sign, he realised he had lost his way. \
The anxiety and insecurity have been described by portraying tearful crying, flushed fearful face, untied turban, muddy clothes etc. \
जब वह अपने माता-पिता को देखने मुड़ा और कोई चिह्न नहीं पाया, तो उसने महसूस किया कि वह अपना रास्ता भूल चुका है। \
चिन्ता और असुरक्षा को, अश्रुपूर्ण रुदन, लाल भयाक्रान्त चेहरा, खुला हुआ साफा, धूल-भरे वस्त्र आदि के चित्रण द्वारा, वर्णित किया गया है। \
Q. 4. Why does the lost child lose interest in the things that he had wanted earlier? \
खोया बालक उन वस्तुओं में रुचि क्यों खो देता है जो उसे पहले चाहिए थीं? \
Ans. The lost child loses interest in the things that he had wanted earlier because psychologically a child shows interest in the things only when her/his parents are with her/him. The lost child's parents are not with him. \
खोया बालक उन चीजों में रुचि खो देता है जो उसे पहले चाहिए थीं क्योंकि मनोविज्ञानुसार एक बालक वस्तुओं में तभी रुचि दिखाता है जब उसके माता-पिता उसके साथ हों। खोये बालक के माता-पिता उसके साथ नहीं हैं। \ &
Q. 5. What do you think happens in the end? Does the child find his parents? \
आप क्या सोचते हैं कि अन्त में क्या घटित होता है? क्या बच्चे को उसके माता-पिता मिलते हैं? \
Ans. In the end, a man saves him from being trampled. To make him happy, he offers to buy things he wanted earlier. But he continues to sob, mother, father. \
No, he doesn't find his parents. \
अन्त में एक व्यक्ति उसे कुचले जाने से बचाता है। उसे प्रसन्न करने को वह उसे अपनी चाहत की चीजें खरीदने का प्रस्ताव देता है। किन्तु वह लगातार सिसकता रहता है और बार-बार कहता है—माँ, पिताजी। \
नहीं, उसे अपने माता-पिता नहीं मिलते हैं। \
I. Multiple Choice Questions :
Who is the author of the lesson "The Lost Child"? \
(A) Sudha Murthy \
(B) Mulk Raj Anand \
(C) Amrita Pritam \
(D) All \The fair celebrated the festival of— \
(A) lights \
(B) colours \
(C) spring \
(D) kites \What was the opinion of the child's parents about the snake-charmer's music? \
(A) It was sweet and charming. \
(B) It was sweet only to the snakes. \
(C) It was coarse and not fit to hear. \
(D) None. \At what point in the fair did the child lose his parents? \
(A) At the sweetmeat shop. \
(B) At the flower shop. \
(C) At the balloon-sellers. \
(D) At the roundabout. \What does the story show? \
(A) Working of a fair. \
(B) Working of a village. \
(C) Goodness of village people. \
(D) Working of a child's mind. \What did the child realise? \
(A) The fair was full of charming things. \
(B) The toys were attractive. \
(C) That parents are the most valuable asset. \
(D) None.
Answers— 1. (B) 2. (C) 3. (C) 4. (D) 5. (D) 6. (C)
II. Answer the following questions in about 60 words :
Q. 1. Paint the opening picture of the story. कहानी की आरम्भिक तस्वीर को चित्रित करें।
Ans. It was the festival of spring. From the wintry shades of narrow lanes and alleys emerged a gaily clad humanity. Some walked, some rode on horses, others sat, being carried in bamboo and bullock-carts. One little boy ran between his father's legs, brimming over with life and laughter.
बसंत का मेला था। रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर प्रसन्न लोग तंग गलियों में से बाहर निकल रहे थे। कुछ पैदल चल रहे थे तो कुछ घोड़ों पर सवार थे। कुछ अन्य बैलगाड़ियों में बैठ कर जा रहे थे। एक छोटा लड़का खुशी से उछलता-कूदता अपने पिता की टाँगो के बीच भागा जा रहा था।
Q. 2. Write a short note on the balloon seller and the snake-charmer. गुब्बारे विक्रेता व सपेरे पर एक संक्षिप्त लेख लिखें।
Ans. The balloon seller standing holding a pole and is selling yellow, red, green and purple balloons of rainbow glory. The child is carried away by the rainbow glory of their silken colours and has overwhelming desire to possess them. The snake-charmer is playing a flute to which basket snake raises its gracefully bending head like the neck of a swan.
गुब्बारा विक्रेता खम्भा पकड़कर खड़ा है तथा पीले, लाल, हरे व बैंगनी रंग के इन्द्रधनुपीय छटा के गुब्बारे बेच रहा है। बालक उनके रेशमी रंगों की इन्द्रधनुषी महिमा से मोहित हो जाता है तथा उसको उन्हें प्राप्त करने की अत्यधिक इच्छा है। सपेरा बीन बजा रहा है जिस पर टोकरी का सर्प आकर्षक रूप से अपने सिर को एक हंस की गर्दन की तरह मोड़ देकर उठाता है।
Q. 3. What was the scene near the entrance to the temple? मन्दिर के प्रवेश द्वार के समीप क्या दृश्य था?
Ans. Near the entrance of the temple the crowd became very thick. Every little inch of space here was congested with men. Men jostled each other. Heavy men with flashing, murderous eyes and hefty shoulders jostled others. People's movement was so brutal that the child was afraid of being trampled
underfoot. The shrine seemed to be crowding. मन्दिर के प्रवेश द्वार के समीप भीड़ बहुत अधिक हो गई थी। लोग एक-दूसरे से धक्का-मुक्की कर रहे थे। मोटे व्यक्ति गुस्से में लाल-लाल खूनी आँखों व मजबूत कंधों से दूसरों से धक्का-मुक्की कर रहे थे। लोगों की गति इतनी निष्ठार थी कि बालक को पैरों तले कुचले जाने का भय था। मन्दिर भीड़ से भरता हुआ प्रतीत हो रहा था।
III. Answer the following questions in about 80 words :
Q. 1. Describe how the man who rescued the child, tried to console him.
आदमी, जो बालक को बचाता है, किस प्रकार उसको सांत्वना देने का प्रयास करता है, व्याख्या करें।
Ans. The man lifted the child up stooping with great difficulty and tried to soothe him by taking him to the roundabout. Then, he headed towards the snake-charmer and pleaded, ‘Listen to that music, child!’ Next, he took him near the balloons and persuasively asked, ‘Would you like a rainbow coloured balloon?’ Later, he took him to the flower-seller and asked, ‘Would you like a garland?’ Finally, he took him to the sweet shop and asked if he wanted sweets.
आदमी ने बड़ी मुश्किल से झुककर बालक को उठाया तथा उसे चर्ख़ी झूले पर ले जाकर सांत्वना देने का प्रयास किया। फिर उसने सपेरे की तरफ रुख किया और निवेदन किया, 'उस संगीत को सुनो, बालक!' आगे, वह उसे गुब्बारों के समीप ले गया और मनाते हुए पूछा, 'क्या तुम इन्द्रधनुपीय गुब्बारा लेना चाहोगे?' बाद में, वह उसे फूल विक्रेता के पास ले आया और कहा, 'क्या तुम माला लेना चाहोगे?' आखिरकार, वह उसे एक मिठाई की दुकान पर ले गया और पूछा कि क्या वह मिठाई खाना चाहेगा।
Q. 2. Justify the title ‘The Lost Child’. शीर्षक को उपयुक्त ठहराइए।
Ans. The title is appropriate and suggestive. The story is about a lost child. The lost child is the protagonist. Events, incidents, and actions of the story take place round the lost child. The story opens, advances and ends with the lost child. The scenes, settings and scenery are weaved around the lost child. Shops like toys, balloons, sweets etc. have also been used in the story keeping the child in mind. The side characters are also for the lost child.