Weathering the Storm in Ersama
Weathering the Storm in Ersama (एररसामा के तूफान से बच निकलना)
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Q. 2. Why does the swallow think of shifting to a chimney pot?
अबाबील, चिमनी पॉट के नीचे जाने की क्यों सोचता है?
Ans. The swallow prepares to go to sleep. But, just as he is putting his head under his wing, a large drop of water falls on him. Then another drop falls. The swallow thinks of shifting to a chimney pot because he is quite drenched under the statue by the falling large drops. He thinks that there is no use of a statue if it can't keep the rain off.
अबाबील सोने के लिए तैयारी करता है। किन्तु जैसे ही वह अपना सिर अपने पंख के नीचे रख रहा होता है, पानी की एक बड़ी बूँद उस पर गिरती है। तब दूसरी बूँद गिरती है। अबाबील एक चिमनी पॉट के नीचे जाने की सोचता है क्योंकि प्रतिमा के नीचे, गिरती हुई बड़ी बूंदों द्वारा उसे काफी भिगो दिया जाता है। वह विचार करता है कि यदि प्रतिमा वर्षा से रक्षा नहीं कर सकती है तो इसका कोई उपयोग नहीं है।
Q. 3. Discuss the statue of the Happy Prince.
हैप्पी प्रिंस की प्रतिमा की चर्चा करें।
Ans. High above the city, on a tall column, stood the statue of the Happy Prince. He was gilded all over with thin leaves of fine gold, for eyes he had two sapphires, and a large red ruby glowed on his sword hilt. Inside he had a kind and sympathetic heart. He felt the sorrows of the poor and needy and shed tears for them. He sacrificed himself for the sake of the poor people of his town.
नगर के एक भाग में ऊँचे स्तम्भ पर हैप्पी प्रिंस की मूर्ति स्थापित थी। उसके सम्पूर्ण शरीर पर सोने का पत्तर चढ़ा हुआ था तथा उसकी आँखों के स्थान पर दो चमकती नीलमणियाँ थीं, तथा उसकी तलवार की मूठ पर एक बड़ी-सी लालमणि चमक रही थी। उसके अंदर एक दयालु और सहानुभूतिपूर्ण हृदय था। उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों के दुःख को महसूस किया और उनके लिए आँसू बहाए। उन्होंने अपने शहर के गरीब लोगों हेतु स्वयं को बलिदान कर दिया।
III. Answer the following questions in about 80 words :
Q. 1. Compare and contrast the Happy Prince and the swallow.
हैप्पी प्रिंस व अबाबील की तुलना करें।
Ans. Both the Happy Prince and the swallow perform the acts of kindness. The Happy Prince sacrifices his eyes and his possessions for the welfare of others. He sacrifices his life for the poor and downtrodden. The swallow performs active part to add cheers to the poor. The swallow sees the differences in the beautiful houses and the dark lanes. He also sacrifices his life helping the poor in the cold weather. Both fall in love with each other. God calls them precious.
—Harsh Mander
- पाठ के विषय में : अक्टूबर, 1999 में उड़ीसा में जो चक्रवात आया उसने हजारों लोगों को मार डाला तथा सैकड़ों गाँवों का सर्वनाश कर डाला। दो भयानक रात्रियों तक प्रशान्त नामक एक युवक एक मकान की छत पर असहाय स्थिति में छूट गया। तीसरे दिन उसने अपने गाँव जाने का निश्चय किया। क्या उसे उसका परिवार मिल पाया?
On 27 October, 1999 that followed.
कठिन शब्दार्थ : Block headquarters (ब्लॉक हेडक्वार्ट्ज) = खण्ड मुख्यालय, coastal (कोस्टल) = किनारे पर स्थित, menacing (मेनेसुड़) = धमकी भरे, fury (फ्यूअरि) = प्रचुरड क्रोध, witnessed (विटनेसुट) = देखा, incessant (इन्सेसन्ट) = लगातार, crashed (कैशट) = गिर पड़े, screams (स्क्रीन्यूज) = चीखें, rent (रेन्ट) = चीर दिया, swiftly (स्विफ्टुलि) = तेजी से,
swirled (स्वल्ड्) = भँवर बनाती हुई, चक्कर खाती हुई, mortar (मॉंट(र)) = चूना, सीमेंट आदि, survive (सवाइव्) = बचे रहना, devastation (डेवेस्टेशन्) = विनाश, velocity (वलॉंसटि) = गति, uprooted (अपrootsड) = उखड़ गये, damaging (डैम्जड्) = क्षति पहुँचाते, cyclone (साइक्लोन्) = भयानक तूफान के साथ कभी-कभी बरसात का होना, hit (हिट्) = टकराये, आया, dreadful (ड्रेड्फुल्) = भयानक, marooned (मॅरूनड्) = असहाय स्थिति में रह जाना, crazed (क्रेज्ड) = पागलपनपूर्ण, wrought (रॉट्) = कर दिया गया, surge (संज्) = उफान, refuge (रिथ्यूस्) = शरण, glimpse (ग्लिम्प्स) = झलक, grey (ग्रे) = धुँधली, raging (रेज्ड्) = अति क्रुद्ध, fractured (फ्रैकच(र)ड) = दरारों से परिपूर्ण, bloated (ब्लोटिड़) = फूली हुई, carcasses (काकसूज) = जानवरों के शव, corpses (कॉप्पूज) = लाशें, blessing (ब्लेसिंग) = आशीर्वाद, disguise (डिसगाइज) = दूसरे वेश में, tender (टेन्ड्(र)) = मुलायम, trapped (ट्रैप्ट) = फँसी हुई, starving (स्टाव्ड्) = भूखे मरना।
हिन्दी अनुवाद : 27 अक्टूबर, 1999 को, अपनी माँ की मृत्यु के सात वर्ष बाद, प्रशान्त एरसामा नामक खण्ड मुख्यालय गया था, जो तटीय उड़ीसा का एक छोटा-सा कस्बा था, और उसके गाँव से करीब 18 किमी. की दूरी पर था, वहाँ वह एक मित्र के साथ दिन गुजारने गया था। शाम के समय एक काला तथा भयानक दिखाई देने वाला तूफान शीघ्रता के साथ मन्दराने लगा। हवाओं ने मकानों पर इतनी तेज गति तथा क्रोध के साथ थपेड़े मारे जैसा प्रशान्त ने पहले कभी नहीं देखा था। भारी एवं लगातार चलने वाली बरसात से अन्धेरा छा गया था, पुराने वृक्ष उखड़ कर जमीन पर आकर धड़ाधड़ से गिर पड़े थे। चीखों ने हवा को चीर दिया था जब लोग तथा अपने घर तेजी से बहने लगे थे। क्रुद्ध जल उसके मित्र के घर में चक्कर खाता हुआ प्रवेश कर गया तथा गर्दन तक की ऊँचाई तक भर गया। इमारत ईंटों तथा चूने के गारे आदि से बनी थी, और इतनी मजबूत थी कि हवा की किमी. की गति के विनाश से बच गयी थी। लेकिन परिवार का बर्बर भय तब बढ़ गया जब पेड़ ढह कर गिरने लगे। ये उखड़ कर उनके मकान पर गिर रहे थे, कभी-कभी रात के मध्य में तथा इसकी छत एवं दीवारों को हानि पहुँचा रहे थे। चक्रवात द्वारा लाया गया पागलपनपूर्ण यह विनाश तथा समुद्र का उफान अगले 36 घण्टों तक जारी रहा, यद्यपि हवा की गतियाँ अगली सुबह तक थोड़ी कम हो गयी थीं। घर के भीतर पानी के चढ़ते हुए स्तर से बचने के लिए प्रशान्त और उसके मित्र के परिवार ने छत के ऊपर शरण ले ली थी। इस प्रभावशाली चक्रवात द्वारा किए गए विध्वंस की अपनी
पहली झलक के जो झटके प्रशान्त ने प्रात:काल की मद्धिम रोशनी में अनुभव किए, उन्हें वह कभी भी भूल नहीं पाएगा। जहाँ तक आँखें देख सकती थीं, क्रोधी और मृत्युकारी पानी की भूरी चादर ने सभी चीजों को ढक रखा था, केवल कुछ स्थानों पर टूटे हुए सीमेंट के घर खड़े हुए थे। सभी दिशाओं में फूले हुए पशुओं तथा मनुष्यों के शव बह रहे थे। सभी ओर विशाल पुराने वृक्ष भी गिर गये थे। उनके घर की छत पर नारियल के दो पेड़ गिर गए थे। यह एक छिपा हुआ वरदान था क्योंकि वृक्ष के मुलायम फलों ने कई दिनों तक फँसे हुए परिवार को भूखों मरने की नौबत आने की स्थिति से बचा लिया।
For the next ............................................ ahead together.
कठिन शब्दार्थ : huddled (हड्ल्ड) = गठरी बन कर बैठना, froze (फ्रोज्) = जम गये, incessant (इनसेस्न्ट) = लगातार। flashed (फ्लैश्ट) = कौंधती, चमकती, bereaved (बिरीव्ड) = वंचित होना, ceased (सीस्ड) = रुक गई, recede (रिसीड) = पीछे हटना, determined (डिटर्मिन्ड) = निश्चय किया, seek out (सीकू आउट) = ढूँढ निकालना, delay (डिले) = देरी, pleaded (प्लीड्ड़) = तर्क दिया, प्रार्थना की, equipped (इक्विप्ुट) = उपकरण लिये, sturdy (स्टर्डि) = मजबूत, expedition (एक्स्पेडिशन्) = अभियान, constantly (कॉन्स्टष्टलि) = लगातार, locate (लॉकिट्) = स्थान ढूँढना, shallow (शैलौ) = उथला, several (सेवर्ल) = कई, relieved (रिलीव्ड) = राहत महसूस की, ahead (अहेड्) = आगे।
हिन्दी अनुवाद : अगले दो दिनों तक प्रशान्त अपने मित्र के परिवार के साथ छत के ऊपर खुले स्थान में गठरी बन कर बैठा रहा। वे ठण्ड तथा निरन्तर वर्षा के कारण जम (ठिठुर) से गए; वर्षा के पानी ने प्रशान्त के आँसुओं को धो डाला। उसके मस्तिष्क में केवल एक ही विचार था कि इस भयंकर चक्रवात के क्रोध के उपरान्त उसका परिवार जीवित बचा होगा या नहीं? क्या उसे एक बार फिर परिवार से वंचित होना पड़ेगा?
दो दिन के पश्चात्, जो प्रशान्त को दो वर्षों की भाँति महसूस हुए, वर्षा थम गई और वर्षा के जल का स्तर नीचे जाने लगा। प्रशान्त ने दृढ़ निश्चय किया कि और अधिक देरी किए बिना अपने परिवार को ढूँढ ले। परन्तु स्थिति अभी भी खतरे से खाली नहीं थी और उसके मित्र के परिवार ने प्रशान्त से थोड़ा और अधिक समय तक रुकने का अनुरोध किया। परन्तु प्रशान्त जानता था कि उसे जाना ही है। उसने एक लम्बी और मजबूत छड़ी अपने साथ ली और तूफान युक्त बाढ़ वाले जल के बीच, अठारह किलोमीटर की दूरी पर स्थित अपने गाँव की ओर चलने का अभियान प्रारम्भ किया। उस यात्रा को वह कभी भी नहीं भूल
पाएगा। सड़क की स्थिति तथा कम से कम गहरे पानी के स्थान को जानने के लिए उसे निरन्तर अपनी छड़ी का प्रयोग करना पड़ा। कई स्थानों पर पानी कमर जितना गहरा था और उसकी प्रगति (आगे बढ़ना) मन्द हो जाती थी। कई स्थानों पर वह सड़क को खो देता था और उसे तैरना पड़ता था। कुछ दूरी तय करने के बाद उसे उस समय राहत मिली जब उसके चाचा के दो मित्र उसे मिल गए जो उसके गाँव की तरफ ही लौट रहे थे। उन्होंने इकट्ठे आगे बढ़ने का निर्णय लिया। | उन्होंने उसे काफी समय पहले मरा हुआ समझ लिया था। थोड़ी देर में यह समाचार फैल गया और उसके परिवार के अन्य सदस्य उसके इर्द-गिर्द इकट्ठे हो गए और राहत महसूस करते हुए उसका कसकर आलिंगन किया। प्रशान्त ने चाह भरी दृष्टि से उस रंग-बिरंगे तथा क्षत-विक्षत समूह को देखा। उसके भाई और बहन, उसके चाचा और चाचियाँ, सभी वहाँ दिखाई पड़े।
As they waded................. seemed to be there. | By the next .................................. injured.
कठिन शब्दार्थ : waded (वेड्ड) = निकले, गुजरे, macabre (मकाब्र) = भयावह, barely (बेअलियों) = मुश्किल से, catastrophe (कॅटैस्ट्रफि) = विपत्ति, eventually (इवेन्चुअलि) = अन्त में, remnants (रेमनन्ट्स्) = अवशेष, belongings (बिलॉडिङ्गज्) = सम्पत्ति, mangled (मैङ्गल्ड) = क्षत-विक्षत, twisted (ट्विस्ट्ड) = मुड़ी हुई, maternal grandmother (मट्नल् ग्रैन्मदर) = नानी, outstretched (आउटस्ट्रैचट्) = फैलाये, brimming (ब्रिम्ड्) = आँसुओं से भरी हुई, miracle (मिरकूल) = चमत्कार, extended (इक्स्टेन्ड्ड़) = फैले हुए, hugged (हग्ड्) = आलिंगन किया, anxiously (ऐंक्शसलि) = उत्सुकतापूर्वक, scanned (स्कैन्ड) = देखा, motley (मॉटुलि) = रंग-बिरंगी, battered (बैटड्) = क्षतविक्षत। | कठिन शब्दार्थ : desperate (डेस्परट) = निराशाजनक, situation (सिचुएशन) = स्थिति, grip (ग्रिप) = पकड़, नियन्त्रण, sensed (सेन्सूट) = महसूस किया, deathly grief (डेथलि ग्रीफ) = मृत्यु के शोक जैसा, washed away (वॉश्अट अवे) = बह गये, tumult of people (ड्यूमल्ट् ऑव् पीपुल) = उत्तेजित अपार भीड़, organized (ऑर्गनाइज्ड) = संगठित किया, pressurise (प्रेशराइज़) = दबाव डाला, delegation (डेलिगेशन) = प्रतिनिधियों का दल, succeeded (सक्सीडूड) = सफलता मिली, triumphantantly (ट्राइअम्फन्टुलि) = विजयी होकर, entire (इन्टाइअ(र)) = समूचा, rotting (रॉटू) = खराब हो रहे थे, reluctant (रिलुकटन्ट्) = अनिच्छापूर्वक, survivors (सवाइव(र)स) = जीवित बचे हुए, bellies (बेलिज) = पेट, volunteers (वॉलुनटिअ(र)ज) = स्वयं-सेवक, filth (फिल्थ) = गंदगी, मैला पदार्थ, wounds (वून्डज) = घाव।
हिन्दी अनुवाद : पानी में होकर गुजरते हुए उन्होंने जो दृश्य देखे, वे और अधिक वीभत्स होते चले गए। ज्यों-ज्यों वे आगे की ओर बढ़ते गए, त्यों-त्यों उन्हें बहाव की तीव्रता से उनकी ओर लाए जाने वाले पुरुषों, महिलाओं तथा बच्चों की लाशों और कुत्तों, बकरियों तथा अन्य पशुओं के शवों को एक तरफ धकेलना पड़ता था। प्रत्येक गाँव जहाँ से वे गुजरे थे, उन्हें वहाँ मुश्किल से ही कोई मकान खड़ा हुआ दिखाई देता था। अब प्रशान्त काफी देर तक फूट-फूट कर रोता रहा। उसे निश्चय हो गया कि इस विपत्ति में उसका परिवार नहीं बच पाया होगा। | हिन्दी अनुवाद : अगली सुबह तक वह शरणस्थल की निराशाजनक स्थिति का जायजा ले चुका था, उसने अपने ऊपर नियन्त्रण करने का निश्चय किया। उसने शरण-स्थल में शरण पाए हुए 2500 सशक्त व्यक्तियों के घातक दुःख को समझा। गाँव के 86 व्यक्ति मर चुके थे। सभी 96 घर बह गए थे। शरण-स्थल में यह उनका चौथा दिन था। अब तक उन्होंने हरे नारियलों पर जीवन-यापन किया था, परन्तु इतनी बड़ी अपार भीड़ के लिए वे कम थे।
अन्त में, प्रशान्त अपने गाँव कालीकुड में पहुँच गया। उसका हृदय उत्साहहीन हो गया। जहाँ उसका घर था, उस स्थान पर उसकी छत के अवशेष पड़े थे। उनकी कुछ सम्पत्ति (सामान) पेड़ों की शाखाओं में अटकी हुई, टूटी हुई या मुड़ी हुई, काले पानी के ऊपर नजर आ रही थी। अपने परिवार की तलाश करने के लिए प्रशान्त ने रेड क्रॉस शरणस्थल पर जाने का निर्णय लिया। | जब अन्य कोई व्यक्ति नेता नहीं बना तो उन्नीस वर्षीय प्रशान्त ने अपने गाँव का नेता बनने का निर्णय लिया। उसने व्यापारी के ऊपर एक बार दोबारा चावल बाँटने के लिए मिल-जुलकर दबाव बनाने हेतु नवयुवकों तथा वृद्ध पुरुषों का समूह संगठित किया। इस बार प्रतिनिधिमण्डल को सफलता मिल गई और वे पानी के उतरते हुए स्तर के बीच सभी शरणार्थियों के लिए खाद्य सामग्री लेकर विजयी होकर लौटे। इस बात की किसी को परवाह नहीं थी कि वह चावल पहले ही सड़ रहा था। उन्होंने गिरे हुए वृक्षों की शाखाएँ इकट्ठी कीं ताकि धीमी और अनिच्छुक आग जलायी जा सके और उसके ऊपर चावल पकाया जा सके।
भीड़ में नजर आने वाले व्यक्तियों में उसने सर्वप्रथम अपनी नानी को देखा। हालांकि भूख के कारण वह निर्बल हो चुकी थी, परन्तु अपने हाथ फैलाकर और अश्रुपूर्ण नेत्रों से वह तीव्र गति से आगे बढ़ी। यह एक चमत्कार था। | चार दिनों में पहली बार चक्रवात शरण-स्थल के जीवित शरणार्थियों ने भरपेट भोजन खाया था। उसका अगला
कार्य नवयुवक स्वयं-सेवकों का एक दल संगठित करना था ताकि वे शरण-स्थल में से गन्दगी, पेशाब, उल्टियाँ और बहती हुई लाशों को हटा दें तथा घायल लोगों के घावों तथा टूटी हड्डियों का इलाज कर सकें।
On the fifth ................................... hour of grief.
कठिन शब्दार्थ : dropped (ड्रॉप्ट) = गिराये, parcels (पास्ल्स्) = बण्डल, utensils (यूटेन्सूलूस) = बर्तन, communicate (कैम्प्यूनिके्ट) = सन्देश भेजना, basic needs (बेसिक नीड्स) = बुनियादी जरूरतें, orphaned (ऑफ़नूड) = अनाथ, mobilised (मोबिलाइज्ड) = गतिमान किया, secured (सिक्यूअ(र)ड) = प्राप्त किया, grief (ग्रीफ़) = दुःख, persuaded (पस्वेड्ड़) = राजी किया, engaged (इन्गेज्ड) = व्यस्त हो गया, जुट गया, initial (इनिशल्) = प्रारम्भिक, resisted (रिजिस्ट्ड) = विरोध किया, stigma (स्टिग्मा) = कलंक, foster (फॉसूट(र)) = लालन-पालन करना, adult care (ऐडल्टू केअ(र)) = बड़ों द्वारा देखभाल, wounded spirit (वून्डिस स्पिरिट) = घायल आत्मा, healed (हीलड) = स्वस्थ होना, bother (बॉद(र)) = चिन्ता करना, seek out (सीक आउट) = ढूँढ़ते हैं, darkest hour of grief (डाक्स्ूअ आऊअ(र) आँव ग्रीफ़) = दुःख की काली घड़ी।
हिन्दी अनुवाद : पाँचवें दिन, सेना का एक हैलिकॉप्टर शरण-स्थल के ऊपर से उड़ा और उसने खाद्य पदार्थों के कुछ पैकेट नीचे गिराये। फिर वे वापस नहीं आए। नवयुवक स्वयं-सेवक दल ने शरण-स्थल में से खाली बर्तन उठाए। फिर उन्होंने बच्चों को शरण-स्थल के चारों ओर जहाँ से पानी हट गया था, रेत के ऊपर, अपने पेटों के ऊपर खाली बर्तन रख कर लेटने के लिए नियुक्त किया ताकि ऊपर से गुजरते हुए हैलिकॉप्टरों को पता चल जाए कि वे भूखे हैं। यह सन्देश पहुँच गया और उसके बाद हैलिकॉप्टरों ने शरण-स्थल के नियमित दौरे किए और खाद्य-सामग्री तथा अन्य आवश्यक वस्तुएँ नीचे गिराईं।
प्रशान्त ने पाया कि एक बहुत बड़ी संख्या में बच्चे अनाथ हो गए थे। उसने उन्हें इकट्ठा किया और उनके लिए पॉलीथीन की चादर लगाकर शरणस्थल बना दिया। उनकी देख-रेख के लिए महिलाओं को सक्रिय बनाया गया जबकि शरणार्थियों के लिए खाद्य-सामग्री तथा अन्य आवश्यक सामग्री पुरुष जुटाते थे।
कई सप्ताह बीत जाने पर प्रशान्त ने तेजी से जान लिया कि महिलाएँ और बच्चे अपने दुःख में अधिकाधिक डूबते जा रहे हैं। उसने महिलाओं को काम के बदले अनाज कार्यक्रम में भाग लेने के लिए राजी कर लिया जिसे एक एन.जी.ओ. ने प्रारम्भ किया था और बच्चों की खातिर उसने खेल-प्रतियोगिताऔं का आयोजन किया। वह स्वयं
क्रिकेट खेलना पसन्द करता था और इसलिए उसने बच्चों के लिए क्रिकेट के मैचों का आयोजन किया। अन्य स्वयं-सेवकों सहित, प्रशान्त, विधवाओं और बच्चों की सहायता के कार्य में जुट गया ताकि वे अपने जीवन के क्षत-विक्षत टुकड़ों को संभाल सकें। अनाथों और विधवाओं के लिए संस्थाएँ स्थापित करना सरकार की प्रारम्भिक योजना थी। परन्तु इस कदम का सफलतापूर्वक विरोध किया क्योंकि यह महसूस किया गया कि इस प्रकार की संस्थाओं में बड़े हुए बच्चे प्रेम से वंचित रहेंगे और विधवाएँ कलंकों और अकेलेपन से ग्रस्त होंगी। प्रशान्त के दल का विश्वास था कि अनाथों को उन्हीं के समुदाय के भीतर पुनर्वासित किया जाए, सम्भव हो तो उन पोषक परिवारों में जो बिना बच्चों वाली विधवाओं और बड़ों की देखरेख से वंचित बच्चों के योग से बने हुए हों।
भीषण चक्रवात से हुए विनाश को छः महीने बीत चुके हैं। इस समय प्रशान्त की घायल आत्मा स्वस्थ हो चुकी है क्योंकि उसके पास स्वयं के दर्द की चिन्ता करने का समय ही नहीं था। उसका खूबसूरत और युवा चेहरा ही था, जिसे उसके गाँव की विधवाएँ और अनाथ बच्चे उनके दुःख की सबसे काली घड़ी में तलाशती हैं।
TEXTUAL QUESTIONS
Think About It :
Q. 1. What havoc has the super-cyclone wreaked in the life of the people of Orissa?
भीषण चक्रवात ने उड़ीसा के लोगों के जीवन में क्या तबाही ला दी?
Ans. The super cyclone had devastating effects in the life of the people of Orissa. Ancient trees were uprooted. Houses were washed away. There was nothing but water everywhere. There were carcasses and corpses floating in every direction. People took shelter on roofs of cemented houses or Red Cross shelters.
There was no food to eat, no pure water to drink and no home to live for the affected people. Hundreds of people died.
भीषण चक्रवात के उड़ीसा के लोगों के जीवन में विनाशकारी प्रभाव हुए। पुराने विशाल वृक्ष उखड़ गए। घर बह गए। सब जगह पानी ही पानी था। प्रत्येक दिशा में जानवरों तथा लोगों के शव तैर रहे थे। लोगों ने सीमेन्ट मकानों की छतों तथा रैड क्रॉस आश्रय-स्थलों पर शरण ली। प्रभावित लोगों के लिए खाने को भोजन नहीं था, पीने को साफ पानी नहीं था तथा रहने को घर नहीं था। सैकड़ों लोग मारे गये।
Q. 2. How has Prashant, a teenager, been able to help the people of his village?
किस प्रकार 20 साल से कम उम्र का प्रशान्त अपने गाँव के लोगों की सहायता करने में समर्थ हुआ?
Ans. Prashant decided to step in as leader of his village. He organised a group of youths and elders. They pressurised the merchant to give rice for the villagers. Then he organised a team of youth volunteers and this team cleaned the place where the villagers had taken shelter. This team also tended the wounds and fractures of injured people. He managed to get the helicopters air-drop food and other basic needs. He mobilised women to look after children who had been orphaned. He persuaded the women to start working in the food-for-work programme. Thus Prashant helped the people of his village.
प्रशान्त ने अपने गाँव के लोगों का नेता बनने का निश्चय किया। उसने युवाओं तथा बड़ों (वृद्धों) का एक दल संगठित किया। उन्होंने व्यापारी पर गाँव वालों के लिए चावल देने का दबाव डाला। फिर उसने युवा स्वयं-सेवकों की एक टीम बनायी और इस टीम ने उस स्थान की सफाई की जहाँ गाँव वाले शरण लिये हुए थे। इस दल ने घायल लोगों के घावों तथा टूटी हड्डियों का भी इलाज किया। उसने हैलिकॉप्टरों द्वारा खाद्य सामग्री तथा अन्य बुनियादी चीजों को गिराने का भी प्रबन्ध किया। उसने अनाथ हो चुके बच्चों की देखभाल के लिए महिलाओं को सक्रिय किया। उसने महिलाओं को काम के बदले अनाज कार्यक्रम में कार्य करने के लिए भी राजी किया।
इस प्रकार प्रशान्त ने अपने गाँव के लोगों की सहायता की।
Q. 3. How have the people of the community helped one another? What role do the women of Kalikuda play during these days?
समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे की सहायता किस प्रकार की? इन दिनों कालीकुड़ा की औरतों ने क्या भूमिका निभाई?
Ans. The people of Kalikuda community helped each other in the testing time of disaster. The people formed themselves into groups. Prashant acted as their leader. The young volunteers cleaned the shelter and tended the wounds and fractures of injured people. Women formed themselves into teams to look after the orphaned children. Men worked to get food and materials for the shelter. Prashant persuaded women to work in the food-for-work programme. Childless widows adopted orphaned children and helped form foster families.
कालीकुड़ा समुदाय के लोगों ने विपत्ति की घड़ी में एक-दूसरे की सहायता की। लोगों ने स्वयं को दलों में गठित कर लिया। प्रशान्त ने उनके नेता का काम किया। युवा स्वयंसेवकों ने शरण-स्थल को साफ किया तथा घायल लोगों के घावों एवं टूटी हड्डियों का इलाज किया। औरतों ने अनाथ हुए बच्चों की देखभाल के लिए स्वयं को टीमों में गठित कर लिया। पुरुषों ने भोजन तथा आश्रय के लिए सामग्री जुटाने का काम किया। प्रशान्त ने औरतों को काम के बदले अनाज कार्यक्रम में भाग लेने को राजी किया। बिना बच्चों वाली विधवाओं ने अनाथ बच्चों को स्वीकार किया तथा पोषक परिवार बनाने में मदद की।
Q. 4. Why do Prashant and other volunteers resist the plan to set up institutions for orphans and widows? What alternative do they consider?
प्रशान्त और अन्य स्वयंसेवकों ने अनाथों और विधवाओं के लिए संस्थाएँ बनाने के विचार का विरोध क्यों किया? उन्होंने कौनसे विकल्प पर विचार किया?
Ans. Prashant and other volunteers resisted government's plan to set up institutions for orphans and widows because they felt that in such institutions children would grow up without love and widows would suffer from stigma and loneliness. They believed that children should be resettled in their own community as far as possible.
As an alternative to institutions for widows and orphans, they considered foster families which were made up of childless widows and children without adult care.
प्रशान्त और अन्य स्वयंसेवकों ने अनाथों तथा विधवाओं के लिए सरकार द्वारा संस्थाएँ बनाने की योजना का विरोध किया क्योंकि वे सोचते थे कि इन संस्थाओं में बच्चे बिना स्नेह के बड़े होंगे तथा विधवाएँ कलंक तथा अकेलेपन से पीड़ित होंगी। वे विश्वास करते थे कि जहाँ तक सम्भव हो बच्चों को उनके स्वयं के समुदाय में पुनर्वासित करना चाहिए।
विधवाओं और अनाथों की संस्था के विकल्प के रूप में उन्होंने पोषक परिवारों पर विचार किया जो कि बच्चों रहित विधवाओं तथा बिना संरक्षण वाले बच्चों को मिलाकर बनाये जायेंगे।
Q. 5. Do you think Prashant is a good leader? Do you think young people can get together to help people during natural calamities?
क्या आप सोचते हैं कि प्रशान्त एक अच्छा नेता है? क्या आपके विचार में युवा लोग प्राकृतिक आपदा के समय लोगों की सहायता के लिए इकट्ठा हो सकते हैं?
Ans. Yes. I think Prashant is definitely a good leader. He reveals all the qualities which a good leader has. He works selflessly. He helps people to get over their grief and sorrows. He shows exemplary organising ability. He organises people into groups so that they can help themselves and others also. He is kind, sympathetic, caring, confident, a good administrator and guide—all the qualities which make a good leader. Young people can learn from his example.
Yes, I think that young people can get together to help people during natural calamities. As does the team of young volunteers in the said story. There are examples before us—After earthquake in Gujarat or Tsunami young volunteers had rushed to the spot to help the people.
हाँ। मैं सोचता हूँ कि प्रशान्त निश्चित रूप से एक अच्छा नेता है। वह उन सभी गुणों को प्रदर्शित करता है जो एक अच्छे नेता में होते हैं। वह निःस्वार्थ भाव से काम करता है। वह लोगों को उनके दुःखों और शोक पर काबू करने में मदद करता है। वह उदाहरणनीय संगठन क्षमता दर्शाता है। वह लोगों को समूहों में संगठित करता है ताकि वे अपनी और दूसरों की मदद कर सकें। वह दयालु, संवेदी, चिन्ता करने वाला, दृढ़ निश्चयी, अच्छा प्रशासक तथा मार्गदर्शक—सभी गुण जो एक अच्छा नेता बनाते हैं—हैं। युवा लोग उसके उदाहरण से सीख सकते हैं।
हाँ। मैं सोचता हूँ कि युवा लोग प्राकृतिक आपदा के समय लोगों की सहायता के लिए इकट्ठे हो सकते हैं। जैसे कि बतलायी गई कहानी में युवा स्वयंसेवक करते हैं। हमारे सामने उदाहरण हैं—गुजरात में भूकम्प या सुनामी के बाद युवा स्वयंसेवक लोगों की सहायता के लिए घटनास्थल पर तेजी से पहुँचे थे।
ADDITIONAL QUESTIONS
I. Multiple Choice Questions :
1. How long had it been since his mother died when Prashant went to Ersama?
(A) 18 years
(B) 8 years
(C) 7 years
(D) 4 years
2. How far was Ersama from his village?
(A) Seven kilometres
(B) Eight kilometres
(C) Four kilometres
(D) Eighteen kilometres
3. What kept the trapped family from starving in Ersama?
(A) Bread packets
(B) Rice
(C) Tender coconuts
(D) Fish
4. How long did Prashant stay on the rooftop?
(A) For three days
(B) For two days
(C) For four days
(D) For one day
5. What was the name of Prashant's village?
(A) Ersama
(B) Kalikuda
(C) Pokharna
(D) Vilayatu
6. How many houses were there in Prashant's village?
(A) Eighty-seven
(B) Ninety-six
(C) Seventy-six
(D) Fifty-six
Answers—
- (C)
- (D)
- (C)
- (B)
- (B)
- (B)
II. Answer the following questions in about 60 words :
Q. 1. How did the two fallen coconut trees on the roof of his friend's house prove a blessing in disguise?
उसके मित्र के घर की छत पर गिरे दो नारियल के पेड़ किस प्रकार बदले-वेष में वरदान साबित हुए?
Ans. Two coconut trees had fallen due to the storm on the roof of the house of Prashant's friend. They had taken shelter on the roof to save themselves as all around including their house was flooded. They could not get anything to eat. The fruit of the fallen coconut trees helped them survive for several days.
प्रशान्त के मित्र के घर की छत पर तूफान के कारण दो नारियल के पेड़ गिर गये थे। उनके घर में तथा चारों ओर बाढ़ का पानी था अतः स्वयं की सुरक्षा के लिए उन्होंने छत पर शरण ले रखी थी। उन्हें खाने के लिए कोई चीज़ नहीं मिल सकती थी। गिरे हुए नारियल के पेड़ों के फलों ने उन्हें कई दिनों तक जिन्दा रहने में मदद की।
Q. 2. Why was it difficult for Prashant to travel back to his village?
प्रशान्त के लिए अपने गाँव वापस जाना कठिन क्यों था?
Ans. Prashant was worried about his family.