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📚 कक्षा 9 गणित (Mathematics)हिंदी माध्यमसत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

पाठ 11: पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन

Surface Areas and Volumes

📅 शैक्षणिक सत्र: 2026-27📖 RBSE/NCERT डिजिटल पासबुक🎯 संपूर्ण प्रश्नोत्तर
📚 कक्षा 9 गणित (RBSE) 📘 गणित सत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

Surface Areas and Volumes

पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन

माना त्रिभुज ABC तथा DBC के क्षेत्रफल क्रमशः Δ1\Delta_1 तथा Δ2\Delta_2 है।

तब Δ1=s(s120)(s122)(s22)\Delta_1 = \sqrt{s(s-120)(s-122)(s-22)}

=132×12×10×110= \sqrt{132 \times 12 \times 10 \times 110}
=12×11×12×10×10×11= \sqrt{12 \times 11 \times 12 \times 10 \times 10 \times 11}

=10×11×12=1320 मी2= 10 \times 11 \times 12 = 1320 \text{ मी}^2

और Δ2=s(s24)(s26)(s22)\Delta_2 = \sqrt{s'(s'-24)(s'-26)(s'-22)}

=36(3624)(3626)(3622)= \sqrt{36(36-24)(36-26)(36-22)}
=36×12×10×14= \sqrt{36 \times 12 \times 10 \times 14}

=62×22×3×2×5×2×7= \sqrt{6^2 \times 2^2 \times 3 \times 2 \times 5 \times 2 \times 7}
=6×223×5×7=24105 मी2= 6 \times 2^2 \sqrt{3 \times 5 \times 7} = 24\sqrt{105} \text{ मी}^2

=24×10.25 मी2=246 मी2= 24 \times 10.25 \text{ मी}^2 = 246 \text{ मी}^2

\therefore छायांकित भाग का क्षेत्रफल

=Δ1Δ2=(1320246) मी2= \Delta_1 - \Delta_2 = (1320 - 246) \text{ मी}^2
=1074 मी2= 1074 \text{ मी}^2 उत्तर

प्रश्न 4. एक त्रिभुजाकार खेत का परिमाप 450450 मीटर है और इसकी भुजाओं का अनुपात 13:12:513 : 12 : 5 है। त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल—दिया गया है कि त्रिभुज की भुजाओं का अनुपात 13:12:513 : 12 : 5 है अर्थात्

a:b:c=13:12:5a : b : c = 13 : 12 : 5
a=13x,b=12x\Rightarrow a = 13x, b = 12x और c=5xc = 5x
\therefore परिमाप =450=13x+12x+5x= 450 = 13x + 12x + 5x
450=30x\Rightarrow 450 = 30x
x=45030=15\Rightarrow x = \frac{450}{30} = 15

इसलिए त्रिभुज की भुजाएँ
a=13×15=195a = 13 \times 15 = 195 मीटर
b=12×15=180b = 12 \times 15 = 180 सेमी
c=5×15=75c = 5 \times 15 = 75 मीटर
दिया है परिमाप =450= 450 मीटर
2s=450\Rightarrow 2s = 450 मीटर
s=225\Rightarrow s = 225 मीटर

Δ=s(sa)(sb)(sc)\therefore \Delta = \sqrt{s(s-a)(s-b)(s-c)}

=225(225195)(225180)(22575)= \sqrt{225(225-195)(225-180)(225-75)}
=225×30×45×150= \sqrt{225 \times 30 \times 45 \times 150}

=52×32×3×5×2×32×5×52×2×3= \sqrt{5^2 \times 3^2 \times 3 \times 5 \times 2 \times 3^2 \times 5 \times 5^2 \times 2 \times 3}
=56×36×22= \sqrt{5^6 \times 3^6 \times 2^2}

=53×33×2=6750 मी2= 5^3 \times 3^3 \times 2 = 6750 \text{ मी}^2 उत्तर


11. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन


पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्नावली 11.1

जब तक अन्यथा न कहा जाए, π=227\pi = \frac{22}{7} लीजिए।

  1. एक शंकु के आधार का व्यास 10.5 cm10.5 \text{ cm} है और इसकी तिर्यक ऊँचाई 10 cm10 \text{ cm} है। इसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल—माना कि शंकु के वृत्ताकार आधार की त्रिज्या r cmr \text{ cm} है।

शंकु का चित्र
शंकु का चित्र

प्रश्नानुसार व्यास (2r)=10.5 cm(2r) = 10.5 \text{ cm}
r=10.52 cm\therefore r = \frac{10.5}{2} \text{ cm}
या r=10520 cmr = \frac{105}{20} \text{ cm}
या r=214 cmr = \frac{21}{4} \text{ cm}

शंकु की तिर्यक ऊँचाई (l)=10 cm(l) = 10 \text{ cm}
हम जानते हैं कि शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल =πrl= \pi rl

=227×214×10= \frac{22}{7} \times \frac{21}{4} \times 10
=165 cm2= 165 \text{ cm}^2 उत्तर

  1. एक शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जिसकी तिर्यक ऊँचाई 21 m21 \text{ m} है और आधार का व्यास 24 m24 \text{ m} है।

हल—प्रश्नानुसार शंकु की तिर्यक

ऊँचाई (l)=21 m\text{ऊँचाई } (l) = 21\text{ m}
शंकु का व्यास (2r)=24 m\text{शंकु का व्यास } (2r) = 24\text{ m}
r=242=12 m\therefore r = \frac{24}{2} = 12\text{ m}

Cone with height 21m and base diameter 24m
Cone with height 21m and base diameter 24m

हम जानते हैं कि शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल

=πrl+πr2= \pi rl + \pi r^2
=πr(l+r)= \pi r(l + r)

=227×12(21+12) m2= \frac{22}{7} \times 12(21 + 12)\text{ m}^2
=227×12×33 m2= \frac{22}{7} \times 12 \times 33\text{ m}^2

=1244.57 m2 उत्तर= 1244.57\text{ m}^2 \text{ उत्तर}

3. एक शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 308 cm2308\text{ cm}^2 है और इसकी तिर्यक ऊँचाई 14 cm14\text{ cm} है। ज्ञात कीजिए-
(i) आधार की त्रिज्या
(ii) शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल।

हल-(i) प्रश्नानुसार शंकु के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल =308 cm2= 308\text{ cm}^2

शंकु की तिर्यक ऊँचाई (l)=14 cm(l) = 14\text{ cm}
माना कि शंकु के वृत्ताकार भाग के आधार की त्रिज्या r cmr\text{ cm} है।
हम जानते हैं कि शंकु के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल =πrl= \pi rl
अर्थात् πrl=308\pi rl = 308
या 227×r×14=308\frac{22}{7} \times r \times 14 = 308
या r=308×722×114r = 308 \times \frac{7}{22} \times \frac{1}{14}
या r=7 cm उत्तरr = 7\text{ cm} \text{ उत्तर}

(ii) हम जानते हैं कि शंकु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल

=शंकु के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल+शंकु के वृत्ताकार भाग का क्षेत्रफल= \text{शंकु के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल} + \text{शंकु के वृत्ताकार भाग का क्षेत्रफल}
=πrl+πr2= \pi rl + \pi r^2

=308+227×(7)2= 308 + \frac{22}{7} \times (7)^2
=308+227×7×7= 308 + \frac{22}{7} \times 7 \times 7

=308+154= 308 + 154
=462 cm2 उत्तर= 462\text{ cm}^2 \text{ उत्तर}

4. शंकु के आकार का एक तम्बू 10 m10\text{ m} ऊँचा है और उसके आधार की त्रिज्या 24 m24\text{ m} है। ज्ञात कीजिए-
(i) तम्बू की तिर्यक ऊँचाई।
(ii) तम्बू में लगे केनवास (canvas) की लागत, यदि 1 m21\text{ m}^2 केनवास की लागत 7070 रुपये है।

हल-(i) प्रश्नानुसार शंकु के आकार के तम्बू की ऊँचाई (h)=10 m(h) = 10\text{ m}

तथा शंक्वाकार तम्बू के आधार की त्रिज्या (r)=24 m(r) = 24\text{ m}
हम जानते हैं कि तम्बू की तिर्यक ऊँचाई
(l)=r2+h2(l) = \sqrt{r^2 + h^2}
l=(24)2+(10)2\therefore l = \sqrt{(24)^2 + (10)^2}

=576+100= \sqrt{576 + 100}
l=676=26 m उत्तरl = \sqrt{676} = 26\text{ m} \text{ उत्तर}

(ii) तम्बू में लगे केनवास का क्षेत्रफल =तम्बू के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल= \text{तम्बू के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल}

=πrl= \pi rl
=227×24×26= \frac{22}{7} \times 24 \times 26

=137287 m2= \frac{13728}{7}\text{ m}^2

137287 m2\therefore \frac{13728}{7}\text{ m}^2 केनवास की लागत

5. 8 m8\text{ m} ऊँचाई और आधार की त्रिज्या 6 m6\text{ m} वाले एक शंकु के आकार का तम्बू बनाने में 3 m3\text{ m} चौड़े तिरपाल की कितनी लम्बाई लगेगी? यह मानकर चलिए कि इसकी सिलाई और कटाई में 20 cm20\text{ cm} तिरपाल अतिरिक्त लगेगा। (π=3.14\pi = 3.14 का प्रयोग कीजिए।)

हल- प्रश्नानुसार तम्बू की ऊँचाई (h)=8 m(h) = 8\text{ m}, तम्बू के आधार की त्रिज्या (r)=6 m(r) = 6\text{ m}

अतः तम्बू की तिर्यक ऊँचाई (l)=r2+h2(l) = \sqrt{r^2 + h^2}

=(6)2+(8)2= \sqrt{(6)^2 + (8)^2}
=36+64= \sqrt{36 + 64}

=100= \sqrt{100}

\therefore l=10 ml = 10\text{ m}
तम्बू में लगी तिरपाल का क्षेत्रफल = तम्बू के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल

=πrl= \pi rl
=3.14×6×10= 3.14 \times 6 \times 10

=188.4 m2= 188.4\text{ m}^2
माना कि तिरपाल की लम्बाई (L) हो तथा प्रश्नानुसार तिरपाल की चौड़ाई =3 m= 3\text{ m} है। अतः:
तिरपाल का क्षेत्रफल = लम्बाई ×\times चौड़ाई

=L×3=3L m= L \times 3 = 3L\text{ m}
अतः: 3L=188.43L = 188.4
(\because क्षेत्रफल =188.4 m2= 188.4\text{ m}^2)
\therefore L=188.43=62.8 mL = \frac{188.4}{3} = 62.8\text{ m}

प्रश्नानुसार सिलाई तथा कटाई में लगी तिरपाल की अतिरिक्त लम्बाई =20 cm=20100 m=0.2 m= 20\text{ cm} = \frac{20}{100}\text{ m} = 0.2\text{ m}
अतः: तम्बू बनाने में लगी तिरपाल की कुल लम्बाई

=62.8+0.2 m= 62.8 + 0.2\text{ m}
=63 m= 63\text{ m} उत्तर

6. शंकु के आकार की एक गुम्बज की तिर्यक ऊँचाई और आधार व्यास क्रमशः 25 m25\text{ m} और 14 m14\text{ m} है। इसकी वक्र पृष्ठ पर 210210 रुपये प्रति 100 m2100\text{ m}^2 की दर से सफेदी कराने का व्यय ज्ञात कीजिए।

हल—प्रश्नानुसार शंकु के आकार की गुम्बज की तिर्यक ऊँचाई

=l=25 m= l = 25\text{ m}
तथा आधार का व्यास (2r)=14 m(2r) = 14\text{ m}
\therefore आधार की त्रिज्या (r)=142 m=7 m(r) = \frac{14}{2}\text{ m} = 7\text{ m}
अतः: गुम्बज के वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल =πrl= \pi rl

=227×7×25= \frac{22}{7} \times 7 \times 25
=550 m2= 550\text{ m}^2

1 m2\therefore 1\text{ m}^2 पर सफेदी कराने का व्यय =210100= ₹ \frac{210}{100}
550 m2\therefore 550\text{ m}^2 पर सफेदी कराने का व्यय

=210100×550= ₹ \frac{210}{100} \times 550

7. एक जोकर की टोपी एक शंकु के आकार की है, जिसके आधार की त्रिज्या 7 cm7\text{ cm} और ऊँचाई 24 cm24\text{ cm} है। इसी प्रकार की 1010 टोपियाँ बनाने के लिए आवश्यक गत्ते का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल—प्रश्नानुसार शंकवाकार टोपी के आधार की त्रिज्या (r)=7 cm(r) = 7\text{ cm}

टोपी की ऊँचाई (h)=24 cm(h) = 24\text{ cm}
अतः: टोपी की तिर्यक ऊँचाई (l)=r2+h2(l) = \sqrt{r^2 + h^2}

=(7)2+(24)2= \sqrt{(7)^2 + (24)^2}
=49+576= \sqrt{49 + 576}

=625=25 cm= \sqrt{625} = 25\text{ cm}
एक टोपी बनाने में लगे गत्ते का क्षेत्रफल = शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल

=πrl= \pi rl
=227×7×25= \frac{22}{7} \times 7 \times 25

=550 cm2= 550\text{ cm}^2
अतः: 1010 टोपियाँ बनाने में लगे गत्ते का क्षेत्रफल

=10×550= 10 \times 550
=5500 cm2= 5500\text{ cm}^2 उत्तर

8. किसी बस स्टाप को पुराने गत्ते से बने 5050 खोखले शंकुओं द्वारा सड़क से अलग किया हुआ है। प्रत्येक शंकु के आधार का व्यास 40 cm40\text{ cm} है और ऊँचाई 1 m1\text{ m} है। यदि इन शंकुओं की बाहरी पृष्ठों को पेंट करवाना है और पेंट की दर 1212 रुपये प्रति m2\text{m}^2 है, तो इनको पेंट करवाने में कुल कितना व्यय आएगा? (π=3.14\pi = 3.14 और 1.04=1.02\sqrt{1.04} = 1.02 का प्रयोग कीजिए।)

हल—माना कि वृत्ताकार आधार की त्रिज्या r cmr\text{ cm} है।

प्रश्नानुसार शंकु के आधार का व्यास (2r)=40 cm(2r) = 40\text{ cm}
\therefore r=402=20 cmr = \frac{40}{2} = 20\text{ cm}
या r=20100=15 m=0.2 mr = \frac{20}{100} = \frac{1}{5}\text{ m} = 0.2\text{ m}
शंकु की ऊँचाई (h)=1 m(h) = 1\text{ m}
\therefore तिर्यक ऊँचाई (l)=r2+h2(l) = \sqrt{r^2 + h^2}

=(0.2)2+(1)2= \sqrt{(0.2)^2 + (1)^2}
या l=0.04+1l = \sqrt{0.04 + 1}

=1.04 m=1.02 m= \sqrt{1.04} \text{ m} = 1.02 \text{ m}
अब शंकु के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल =πrl= \pi rl

=3.14×0.2×1.02= 3.14 \times 0.2 \times 1.02
=0.64056 m2= 0.64056 \text{ m}^2

0.64056 m2\therefore 0.64056 \text{ m}^2 क्षेत्रफल को पेन्ट कराने की लागत

=12×0.64056= 12 \times 0.64056

अतः ऐसे ही 50 शंकुओं को पेन्ट कराने की लागत

=50×7.68672= 50 \times 7.68672

अतः शंकुओं पर सफेदी कराने में लगभग 384.34384.34 रुपये व्यय होंगे। उत्तर

प्रश्नावली 11.2

जब तक अन्यथा न कहा जाए, π=227\pi = \frac{22}{7} लीजिए।

1. निम्न त्रिज्या वाले गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए-
(i) 10.5 cm10.5 \text{ cm} (ii) 5.6 cm5.6 \text{ cm} (iii) 14 cm14 \text{ cm}

हल-(i) गोले की त्रिज्या (R)=10.5 cm(\text{R}) = 10.5 \text{ cm}

\therefore गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πR2= 4\pi\text{R}^2

=4×227×10.5×10.5 cm2= 4 \times \frac{22}{7} \times 10.5 \times 10.5 \text{ cm}^2
=4×227×10510×10510= 4 \times \frac{22}{7} \times \frac{105}{10} \times \frac{105}{10}

=4×227×212×212= 4 \times \frac{22}{7} \times \frac{21}{2} \times \frac{21}{2}
=22×3×21= 22 \times 3 \times 21

=1386 cm2= 1386 \text{ cm}^2 उत्तर

(ii) गोले की त्रिज्या (R)=5.6 cm(\text{R}) = 5.6 \text{ cm}
\therefore गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πR2= 4\pi\text{R}^2

=4×227×5.6×5.6 cm2= 4 \times \frac{22}{7} \times 5.6 \times 5.6 \text{ cm}^2
=4×227×5610×5610 cm2= 4 \times \frac{22}{7} \times \frac{56}{10} \times \frac{56}{10} \text{ cm}^2

=394.24 cm2= 394.24 \text{ cm}^2 उत्तर

(iii) गोले की त्रिज्या (R)=14 cm(\text{R}) = 14 \text{ cm}
\therefore गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πR2= 4\pi\text{R}^2

=4×227×14×14 cm2= 4 \times \frac{22}{7} \times 14 \times 14 \text{ cm}^2
=2464 cm2= 2464 \text{ cm}^2 उत्तर

2. निम्न व्यास वाले गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए-
(i) 14 cm14 \text{ cm} (ii) 21 cm21 \text{ cm} (iii) 3.5 m3.5 \text{ m}

हल-(i) गोले का व्यास (2R)=14 cm(2\text{R}) = 14 \text{ cm}

\therefore गोले की त्रिज्या (R)=142=7 cm(\text{R}) = \frac{14}{2} = 7 \text{ cm}
\therefore गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πR2= 4\pi\text{R}^2

=4×227×7×7 cm2= 4 \times \frac{22}{7} \times 7 \times 7 \text{ cm}^2
=4×22×7=616 cm2= 4 \times 22 \times 7 = 616 \text{ cm}^2 उत्तर

(ii) गोले का व्यास (2R)=21 cm(2\text{R}) = 21 \text{ cm}
\therefore गोले की त्रिज्या (R)=212 cm(\text{R}) = \frac{21}{2} \text{ cm}
\therefore गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πR2= 4\pi\text{R}^2

=4×227×212×212 cm2= 4 \times \frac{22}{7} \times \frac{21}{2} \times \frac{21}{2} \text{ cm}^2
=1386 cm2= 1386 \text{ cm}^2 उत्तर

(iii) गोले का व्यास (2R)=3.5 m(2\text{R}) = 3.5 \text{ m}
अतः गोले की त्रिज्या (R)=3.52=1.75 m(\text{R}) = \frac{3.5}{2} = 1.75 \text{ m}
\therefore गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πR2= 4\pi\text{R}^2

=4×227×1.75×1.75 m2= 4 \times \frac{22}{7} \times 1.75 \times 1.75 \text{ m}^2
=4×227×175100×175100 m2= 4 \times \frac{22}{7} \times \frac{175}{100} \times \frac{175}{100} \text{ m}^2

=4×227×74×74 m2= 4 \times \frac{22}{7} \times \frac{7}{4} \times \frac{7}{4} \text{ m}^2
=38.5 m2= 38.5 \text{ m}^2 उत्तर

3. 10 cm10 \text{ cm} त्रिज्या वाले एक अर्द्ध गोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (π=3.14\pi = 3.14 लीजिए।)

हल- माना कि अर्द्ध गोले की त्रिज्या r cmr \text{ cm} है। तथा यह r=10 cmr = 10 \text{ cm} है।

Hemispherical bowl with radius r
Hemispherical bowl with radius r

अर्द्ध गोले का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल == वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल ++ वृत्ताकार भाग का क्षेत्रफल

=2πr2+πr2=3πr2= 2\pi r^2 + \pi r^2 = 3\pi r^2
=3×3.14×(10)2 cm2= 3 \times 3.14 \times (10)^2 \text{ cm}^2

=3×314100×100 cm2= 3 \times \frac{314}{100} \times 100 \text{ cm}^2
=3×314 cm2= 3 \times 314 \text{ cm}^2

=942 cm2= 942 \text{ cm}^2 उत्तर

4. एक गोलाकार गुब्बारे में हवा भरने पर, उसकी त्रिज्या 7 cm7 \text{ cm} से 14 cm14 \text{ cm} हो जाती है। इन दोनों स्थितियों में, गुब्बारे के पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात कीजिए।

हल—प्रथम स्थिति में जबकि गोलाकार गुब्बारे की त्रिज्या r=7 cmr = 7 \text{ cm} हो।

गुब्बारे का पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πr2= 4\pi r^2

=4π×7×7 cm2= 4\pi \times 7 \times 7 \text{ cm}^2 .....(i)

द्वितीय स्थिति में जबकि गुब्बारे की त्रिज्या (r)=14 cm(r) = 14 \text{ cm} हो।
\therefore गुब्बारे का पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πr2= 4\pi r^2

=4×227×14×14= 4 \times \frac{22}{7} \times 14 \times 14
=4π×14×14= 4\pi \times 14 \times 14 .....(ii)

अतः पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात

=प्रथम स्थिति में गुब्बारे का पृष्ठीय क्षेत्रफलद्वितीय स्थिति में गुब्बारे का पृष्ठीय क्षेत्रफल= \frac{\text{प्रथम स्थिति में गुब्बारे का पृष्ठीय क्षेत्रफल}}{\text{द्वितीय स्थिति में गुब्बारे का पृष्ठीय क्षेत्रफल}}
=4π×7×7 cm24π×14×14= \frac{4\pi \times 7 \times 7 \text{ cm}^2}{4\pi \times 14 \times 14}

=14= \frac{1}{4}
\therefore वांछित अनुपात =1:4= 1 : 4 उत्तर

5. पीतल से बने एक अर्द्धगोलाकार कटोरे का आन्तरिक व्यास 10.5 cm10.5 \text{ cm} है। 1616 रुपये प्रति 100 cm2100 \text{ cm}^2 की दर से इसके आन्तरिक पृष्ठ पर कलई कराने का व्यय ज्ञात कीजिए।

हल—कटोरे का आन्तरिक व्यास (2r)=10.5 cm(2r) = 10.5 \text{ cm}

\therefore कटोरे की आन्तरिक त्रिज्या (r)=10.52=5.25 cm(r) = \frac{10.5}{2} = 5.25 \text{ cm}

Hemispherical bowl with radius 5.25 cm and diameter 10.5 cm
Hemispherical bowl with radius 5.25 cm and diameter 10.5 cm

अतः कटोरे का आन्तरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल =2πr2= 2\pi r^2

=2×227×5.25×5.25 cm2= 2 \times \frac{22}{7} \times 5.25 \times 5.25 \text{ cm}^2
=2×227×525100×525100 cm2= 2 \times \frac{22}{7} \times \frac{525}{100} \times \frac{525}{100} \text{ cm}^2

=2×227×214×214 cm2= 2 \times \frac{22}{7} \times \frac{21}{4} \times \frac{21}{4} \text{ cm}^2
=11×214×3=6934 cm2= 11 \times \frac{21}{4} \times 3 = \frac{693}{4} \text{ cm}^2

1 cm2\therefore 1 \text{ cm}^2 क्षेत्रफल पर कलई कराने का व्यय =16100= ₹ \frac{16}{100}
6934 cm2\therefore \frac{693}{4} \text{ cm}^2 क्षेत्रफल पर कलई कराने का व्यय

=16100×6934= ₹ \frac{16}{100} \times \frac{693}{4}

6. उस गोले की त्रिज्या ज्ञात कीजिए, जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल 154 cm2154 \text{ cm}^2 है।

हल—प्रश्नानुसार गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल =154 cm2= 154 \text{ cm}^2

अब माना कि गोले की त्रिज्या r cmr \text{ cm} है, अतः:
4πr2=1544\pi r^2 = 154
या 4×227×r2=1544 \times \frac{22}{7} \times r^2 = 154
या r2=154×74×22=7×74=494r^2 = \frac{154 \times 7}{4 \times 22} = \frac{7 \times 7}{4} = \frac{49}{4}
या r=494=72r = \sqrt{\frac{49}{4}} = \frac{7}{2}
r=3.5 cm\therefore r = 3.5 \text{ cm}
अर्थात् गोले की त्रिज्या =3.5 cm= 3.5 \text{ cm} उत्तर

7. चन्द्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का लगभग एक-चौथाई है। इन दोनों के पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात कीजिए।

हल—माना कि पृथ्वी का व्यास xx है, तो चन्द्रमा का व्यास प्रश्नानुसार 14×x=x4\frac{1}{4} \times x = \frac{x}{4} होगा।

अब पृथ्वी की त्रिज्या =x2= \frac{x}{2}
तथा चन्द्रमा की त्रिज्या =12×x4=x8= \frac{1}{2} \times \frac{x}{4} = \frac{x}{8}

अतः पृथ्वी का पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πr2= 4\pi r^2

=4π×x2×x2= 4\pi \times \frac{x}{2} \times \frac{x}{2}
=π×x2= \pi \times x^2 .....(i)
इसी प्रकार चन्द्रमा का पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πr2= 4\pi r^2

=4×π×x8×x8= 4 \times \pi \times \frac{x}{8} \times \frac{x}{8}
=π×x216= \frac{\pi \times x^2}{16} .....(ii)
इन दोनों के पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात

=चन्द्रमा का पृष्ठीय क्षेत्रफलपृथ्वी का पृष्ठीय क्षेत्रफल= \frac{\text{चन्द्रमा का पृष्ठीय क्षेत्रफल}}{\text{पृथ्वी का पृष्ठीय क्षेत्रफल}}
=πx216πx2=πx216×1πx2= \frac{\frac{\pi x^2}{16}}{\pi x^2} = \frac{\pi x^2}{16} \times \frac{1}{\pi x^2}

=1161:16= \frac{1}{16} \Rightarrow 1 : 16
अतः चन्द्रमा और पृथ्वी के पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात =1:16= 1 : 16 उत्तर

8. एक अर्द्धगोलाकार कटोरा 0.25 cm0.25\text{ cm} मोटी स्टील से बना है। इस कटोरे की आन्तरिक त्रिज्या 5 cm5\text{ cm} है। कटोरे का बाहरी वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल- प्रश्नानुसार कटोरे की आन्तरिक त्रिज्या (r)=5 cm(r) = 5\text{ cm}

स्टील की मोटाई (t)=0.25 cm(t) = 0.25\text{ cm}
अतः कटोरे की बाह्य त्रिज्या (R)=r+t(R) = r + t

=5+0.25=5.25 cm= 5 + 0.25 = 5.25\text{ cm}
अतः कटोरे का बाह्य पृष्ठीय क्षेत्रफल =2πR2= 2\pi R^2

=2×227×5.25×5.25 cm2= 2 \times \frac{22}{7} \times 5.25 \times 5.25\text{ cm}^2
=2×227×525100×525100 cm2= 2 \times \frac{22}{7} \times \frac{525}{100} \times \frac{525}{100}\text{ cm}^2

=2×227×214×214 cm2= 2 \times \frac{22}{7} \times \frac{21}{4} \times \frac{21}{4}\text{ cm}^2
=11×3×214=6934= \frac{11 \times 3 \times 21}{4} = \frac{693}{4}

=173.25 cm2= 173.25\text{ cm}^2 उत्तर

9. एक लम्ब वृत्तीय बेलन त्रिज्या rr वाले एक गोले को पूर्णतया घेरे हुए है (देखिये आकृति)। ज्ञात कीजिए-
(i) गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल
(ii) बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
(iii) ऊपर (i) और (ii) में प्राप्त क्षेत्रफलों का अनुपात।

हल-

(i) गोले की त्रिज्या =r= r
\therefore गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πr2= 4\pi r^2
(ii) चूँकि गोला बेलन के अन्तर्गत है, अतः बेलन की ऊँचाई गोले के व्यास तथा बेलन की त्रिज्या गोले की त्रिज्या के समान होगी।
\therefore बेलन की त्रिज्या =r= r
तथा बेलन की ऊँचाई (h)=2r(h) = 2r
\therefore बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल =2πrh= 2\pi rh

=2×π×r×2r= 2 \times \pi \times r \times 2r [h=2r][\because h = 2r]
=4πr2= 4\pi r^2
(iii) गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफलबेलन का वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल\frac{\text{गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल}}{\text{बेलन का वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल}}

=4πr24πr2=11= \frac{4\pi r^2}{4\pi r^2} = \frac{1}{1}
अतः अनुपात =1:1= 1 : 1 उत्तर

A sphere inscribed in a cylinder
A sphere inscribed in a cylinder

प्रश्नावली 11.3

जब तक अन्यथा न कहा जाए, π=227\pi = \frac{22}{7} लीजिए।

1. उस लम्ब वृत्तीय शंकु का आयतन ज्ञात कीजिए, जिसकी
(i) त्रिज्या 6 cm6\text{ cm} और ऊँचाई 7 cm7\text{ cm} है।
(ii) त्रिज्या 3.5 cm3.5\text{ cm} और ऊँचाई 12 cm12\text{ cm} है।

हल-

(i) प्रश्नानुसार लम्ब वृत्तीय शंकु की त्रिज्या (r)=6 cm(r) = 6\text{ cm}
तथा ऊँचाई (h)=7 cm(h) = 7\text{ cm}
\therefore शंकु का आयतन =13πr2h= \frac{1}{3}\pi r^2h

=13×227×(6)2×7= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times (6)^2 \times 7
=13×227×6×6×7= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 6 \times 6 \times 7

=264 cm3= 264\text{ cm}^3 उत्तर

(ii) लम्ब वृत्तीय शंकु की त्रिज्या (r)=3.5 cm(r) = 3.5\text{ cm}
तथा ऊँचाई (h)=12 cm(h) = 12\text{ cm}
\therefore शंकु का आयतन =13πr2h= \frac{1}{3}\pi r^2h

=13×227×(3.5)2×12= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times (3.5)^2 \times 12


=13×227×3.5×3.5×12= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 3.5 \times 3.5 \times 12
=13×227×3510×3510×12= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{35}{10} \times \frac{35}{10} \times 12

=154 cm3= 154 \text{ cm}^3 उत्तर

2. शंकु के आकार के उस बर्तन की लीटरों में धारिता ज्ञात कीजिए जिसकी
(i) त्रिज्या 7 cm7 \text{ cm} और तिर्यक ऊँचाई 25 cm25 \text{ cm} है।
(ii) ऊँचाई 12 cm12 \text{ cm} और तिर्यक ऊँचाई 13 cm13 \text{ cm} है।

हल-(i) प्रश्नानुसार यहाँ r=7 cmr = 7 \text{ cm}, l=25 cml = 25 \text{ cm}

l2=r2+h2\because l^2 = r^2 + h^2
या h2=l2r2h^2 = l^2 - r^2

=(25)2(7)2= (25)^2 - (7)^2
=62549= 625 - 49
h2=576h^2 = 576
h=576=24 cm\therefore h = \sqrt{576} = 24 \text{ cm}
अब शंकु के आकार वाले बर्तन की धारिता

=13πr2h= \frac{1}{3} \pi r^2 h
=13×227×7×7×24= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 7 \times 7 \times 24

=1232 cm3= 1232 \text{ cm}^3
\because हम जानते हैं कि 1000 cm3=1 लीटर1000 \text{ cm}^3 = 1 \text{ लीटर}

=12321000=1.232 l= \frac{1232}{1000} = 1.232 \text{ l} उत्तर

(ii) यहाँ h=12 cmh = 12 \text{ cm} तथा तिर्यक ऊँचाई (l)=13 cm(l) = 13 \text{ cm}
l2=r2+h2\because l^2 = r^2 + h^2
या r2=l2h2r^2 = l^2 - h^2

=(13)2(12)2= (13)^2 - (12)^2
=169144= 169 - 144
r2=25r^2 = 25
r=25=5 cm\therefore r = \sqrt{25} = 5 \text{ cm}
\therefore शंकु के आकार के बर्तन की धारिता =13πr2h= \frac{1}{3} \pi r^2 h

=13×227×5×5×12= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 5 \times 5 \times 12
=22007 cm3= \frac{2200}{7} \text{ cm}^3

=22007×11000 l= \frac{2200}{7} \times \frac{1}{1000} \text{ l}
(1 l=1000 cm3)(\because 1 \text{ l} = 1000 \text{ cm}^3)

=1135 l= \frac{11}{35} \text{ l} उत्तर

3. एक शंकु की ऊँचाई 15 cm15 \text{ cm} है। यदि इसका आयतन 1570 cm31570 \text{ cm}^3 है, तो इसके आधार की त्रिज्या ज्ञात कीजिए। (π=3.14\pi = 3.14 प्रयोग कीजिए।)

हल- प्रश्नानुसार शंकु की ऊँचाई (h)=15 cm(h) = 15 \text{ cm}

शंकु का आयतन =1570 cm3= 1570 \text{ cm}^3
माना कि शंकु की त्रिज्या rr है।
13πr2h=1570\therefore \frac{1}{3} \pi r^2 h = 1570
या 13×3.14×r2×15=1570\frac{1}{3} \times 3.14 \times r^2 \times 15 = 1570
या 15.70 r2=157015.70 \text{ } r^2 = 1570
या r2=15701570×100r^2 = \frac{1570}{1570} \times 100
r=100=10 cm\therefore r = \sqrt{100} = 10 \text{ cm} उत्तर

4. यदि 9 cm9 \text{ cm} ऊँचाई वाले एक लम्ब वृत्तीय शंकु का आयतन 48π cm348 \pi \text{ cm}^3 है, तो इसके आधार का व्यास ज्ञात कीजिए।

हल- प्रश्नानुसार शंकु का आयतन =48π cm3= 48 \pi \text{ cm}^3 .....(i)

शंकु की ऊँचाई (h)=9 cm(h) = 9 \text{ cm}
माना कि शंकु की त्रिज्या rr है।
\because शंकु का आयतन =13πr2h= \frac{1}{3} \pi r^2 h

=13πr2×9= \frac{1}{3} \pi r^2 \times 9 .....(ii)
समीकरण (i) व समीकरण (ii) से
13πr2×9=48π\frac{1}{3} \pi r^2 \times 9 = 48 \pi
या 3r2=483r^2 = 48
या r2=483r^2 = \frac{48}{3}
r=16=4 cm\therefore r = \sqrt{16} = 4 \text{ cm}
\therefore आधार का व्यास (2r)=2×4=8 cm(2r) = 2 \times 4 = 8 \text{ cm} उत्तर

5. ऊपरी व्यास 3.5 m3.5 \text{ m} वाले शंकु के आकार का एक गड्ढा 12 m12 \text{ m} गहरा है। इसकी धारिता किलोलीटरों में कितनी है?

हल- शंकु के आकार के गड्ढे का व्यास =3.5 m= 3.5 \text{ m}

722

\therefore गड्ढे की त्रिज्या (r)=3.52=1.75 m(r) = \frac{3.5}{2} = 1.75\text{ m}
गड्ढे की गहराई (h)=12 m(h) = 12\text{ m}
\therefore गड्ढे की धारिता =13πr2h= \frac{1}{3}\pi r^2h

=13×227×1.75×1.75×12= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 1.75 \times 1.75 \times 12
=13×227×175100×175100×12= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{175}{100} \times \frac{175}{100} \times 12

=13×227×74×74×12= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{7}{4} \times \frac{7}{4} \times 12
=22×74=11×72= 22 \times \frac{7}{4} = 11 \times \frac{7}{2}

=772 m3= \frac{77}{2}\text{ m}^3
=38.5 m3= 38.5\text{ m}^3

=38.5 kl.= 38.5\text{ kl.}
(1 m3=1000 l=1 kl)(\because 1\text{ m}^3 = 1000\text{ l} = 1\text{ kl}) उत्तर

6. एक लम्ब वृत्तीय शंकु का आयतन 9856 cm39856\text{ cm}^3 है। यदि इसके आधार का व्यास 28 cm28\text{ cm} है, तो ज्ञात कीजिए-
(i) शंकु की ऊँचाई
(ii) शंकु की तिर्यक ऊँचाई
(iii) शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल।

हल-(i) प्रश्नानुसार शंकु का आयतन =9856 cm3= 9856\text{ cm}^3

शंकु के आधार का व्यास (2r)=28 cm(2r) = 28\text{ cm}
\therefore आधार की त्रिज्या (r)=282=14 cm(r) = \frac{28}{2} = 14\text{ cm}
माना कि शंकु की ऊँचाई hh है।
13πr2h=9856\therefore \frac{1}{3}\pi r^2h = 9856
[शंकु का आयतन=13πr2h][\because \text{शंकु का आयतन} = \frac{1}{3}\pi r^2h]
या, 13×227×14×14×h=9856\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 14 \times 14 \times h = 9856
या, 13×22×2×14×h=9856\frac{1}{3} \times 22 \times 2 \times 14 \times h = 9856
या, h=9856×322×2×14h = \frac{9856 \times 3}{22 \times 2 \times 14}
h=48 cm\therefore h = 48\text{ cm} उत्तर

(ii) माना कि शंकु की तिर्यक ऊँचाई ll है। अतः
l2=r2+h2l^2 = r^2 + h^2
या, l2=(14)2+(48)2l^2 = (14)^2 + (48)^2

=196+2304= 196 + 2304
=2500= 2500
l=2500\therefore l = \sqrt{2500}

=50 cm= 50\text{ cm} उत्तर

(iii) शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल =πrl= \pi rl

=227×14×50= \frac{22}{7} \times 14 \times 50
=2200 cm2= 2200\text{ cm}^2 उत्तर

7. भुजाओं 5 cm5\text{ cm}, 12 cm12\text{ cm} और 13 cm13\text{ cm} वाले एक समकोण त्रिभुज ABC को भुजा 12 cm12\text{ cm} के परित घुमाया जाता है। इस प्रकार प्राप्त ठोस का आयतन ज्ञात कीजिए।

Right-angled triangle ABC rotated around height 12cm
Right-angled triangle ABC rotated around height 12cm

हल- जब भुजाओं 5 cm5\text{ cm}, 12 cm12\text{ cm} तथा 13 cm13\text{ cm} वाले एक समकोण त्रिभुज ABC को इसकी भुजा 12 cm12\text{ cm} वाली भुजा के परित घुमाया जाता है तो एक ठोस शंक्वाकार आकृति प्राप्त होती है। इस प्रश्न के अनुसार 12 cm12\text{ cm} वाली भुजा शंकु की ऊँचाई तथा 5 cm5\text{ cm} भुजा शंकु के आधार की त्रिज्या होगी।

यहाँ शंकु की त्रिज्या (r)=5 cm(r) = 5\text{ cm}
शंकु की ऊँचाई (h)=12 cm(h) = 12\text{ cm}
\therefore शंकु का आयतन =13πr2h= \frac{1}{3}\pi r^2h

=13×π×5×5×12= \frac{1}{3} \times \pi \times 5 \times 5 \times 12
=100π cm3= 100\pi\text{ cm}^3 उत्तर

8. यदि प्रश्न 7 के त्रिभुज ABC को यदि भुजा 5 cm5\text{ cm} के परित घुमाया जाए, तो इस प्रकार प्राप्त ठोस का आयतन ज्ञात कीजिए। प्रश्नों 7 और 8 में प्राप्त किए गए दोनों ठोसों के आयतनों का अनुपात भी ज्ञात कीजिए।

Right-angled triangle ABC rotated around base 5cm
Right-angled triangle ABC rotated around base 5cm

हल- प्रश्नानुसार यदि समकोण त्रिभुज को 5 cm5\text{ cm} भुजा के परित घुमाया जाता है तो ठोस शंक्वाकार आकृति प्राप्त होती है। अब यहाँ 12 cm12\text{ cm} वाली भुजा शंकु के


आधार की त्रिज्या तथा 5 cm5\text{ cm} वाली भुजा शंकु की ऊँचाई होती है। अब यहाँ R=12 cmR = 12\text{ cm} शंकु की त्रिज्या तथा H=5 cmH = 5\text{ cm} शंकु की ऊँचाई है।

शंकु का आयतन =13πR2H= \frac{1}{3}\pi R^2H

=13×π×12×12×5= \frac{1}{3} \times \pi \times 12 \times 12 \times 5
=240π cm3= 240\pi\text{ cm}^3

अब प्रश्नानुसार
प्रश्न सं. 7 में बने शंकु का आयतनप्रश्न सं. 8 में बने शंकु का आयतन\frac{\text{प्रश्न सं. 7 में बने शंकु का आयतन}}{\text{प्रश्न सं. 8 में बने शंकु का आयतन}}

=100π240π=512= \frac{100\pi}{240\pi} = \frac{5}{12}
\therefore वांछनीय अनुपात =5:12= 5 : 12 उत्तर

9. गेहूँ की एक ढेरी 10.5 m10.5\text{ m} व्यास और ऊँचाई 3 m3\text{ m} वाले एक शंकु के आकार की है। इसका आयतन ज्ञात कीजिए। इस ढेरी को वर्षा से बचाने के लिए केनवास से ढका जाना है। वांछित केनवास का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल— माना कि गेहूँ की शंक्वाकार ढेरी के आधार की त्रिज्या rr है। अतः:

व्यास (2r)=10.5 m(2r) = 10.5\text{ m}
या r=10.52 mr = \frac{10.5}{2}\text{ m}

=10520 m= \frac{105}{20}\text{ m}
या r=214 mr = \frac{21}{4}\text{ m}
तथा शंक्वाकार ढेरी की ऊँचाई (h)=3 m(h) = 3\text{ m}

इस गेहूँ की ढेरी का आयतन =13πr2h= \frac{1}{3}\pi r^2h

=13×227×(214)2×3 m3= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times \left(\frac{21}{4}\right)^2 \times 3\text{ m}^3
=13×227×214×214×3 m3= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{21}{4} \times \frac{21}{4} \times 3\text{ m}^3

=11×21×32×4 m3=6938 m3= \frac{11 \times 21 \times 3}{2 \times 4}\text{ m}^3 = \frac{693}{8}\text{ m}^3
=86.625 m3= 86.625\text{ m}^3

अब माना कि शंकु के आकार की ढेरी की तिर्यक ऊँचाई l ml\text{ m} है।
l2=r2+h2\therefore l^2 = r^2 + h^2

Tight Equation Calculation
Tight Equation Calculation

प्रश्नावली 11.4

जब तक अन्यथा न कहा जाए, π=227\pi = \frac{22}{7} लीजिए।

1. उस गोले का आयतन ज्ञात कीजिए जिसकी त्रिज्या निम्न है-
(i) 7 cm7\text{ cm}
(ii) 0.63 m0.63\text{ m}

हल—(i) प्रश्नानुसार गोले की त्रिज्या (R)=7 cm(R) = 7\text{ cm}

\therefore गोले का आयतन =43πR3= \frac{4}{3}\pi R^3

=43×227×(7)3 cm3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times (7)^3\text{ cm}^3
=43×227×7×7×7 cm3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times 7 \times 7 \times 7\text{ cm}^3

=43123 cm3= \frac{4312}{3}\text{ cm}^3
=143713 cm3= 1437\frac{1}{3}\text{ cm}^3 उत्तर

(ii) यहाँ गोले की त्रिज्या (r)=0.63 m(r) = 0.63\text{ m}
अतः गोले का आयतन =43πr3= \frac{4}{3}\pi r^3

=43×227×0.63×0.63×0.63 m3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times 0.63 \times 0.63 \times 0.63\text{ m}^3
=43×227×63100×63100×63100 m3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{63}{100} \times \frac{63}{100} \times \frac{63}{100}\text{ m}^3

=88×3100×63100×63100 m3= 88 \times \frac{3}{100} \times \frac{63}{100} \times \frac{63}{100}\text{ m}^3

724

=1.047816 m3= 1.047816 \text{ m}^3
=1.05 m3= 1.05 \text{ m}^3 (लगभग) उत्तर

2. उस ठोस गोलाकार गेंद द्वारा हटाए गए (विस्थापित) पानी का आयतन ज्ञात कीजिए, जिसका व्यास निम्न है-
(i) 28 cm28 \text{ cm} (ii) 0.21 m0.21 \text{ m}

हल-(i) गोलाकार गेंद का व्यास (2r)=28 cm(2r) = 28 \text{ cm}

\therefore गेंद की त्रिज्या (r)=282=14 cm(r) = \frac{28}{2} = 14 \text{ cm}
गेंद द्वारा विस्थापित पानी का आयतन गेंद के आयतन के बराबर होगा।
गेंद का आयतन =43πr3= \frac{4}{3} \pi r^3

=43×227×(14)3 cm3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times (14)^3 \text{ cm}^3
=43×227×14×14×14 cm3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times 14 \times 14 \times 14 \text{ cm}^3

=883×2×14×14 cm3= \frac{88}{3} \times 2 \times 14 \times 14 \text{ cm}^3
=344963 cm3= \frac{34496}{3} \text{ cm}^3

=1149823 cm3= 11498 \frac{2}{3} \text{ cm}^3 उत्तर

अतः गेंद द्वारा हटाए गए पानी का आयतन =11498.67 cm3= 11498.67 \text{ cm}^3

(ii) यहाँ गेंद का व्यास (2r)=0.21 m(2r) = 0.21 \text{ m}
\therefore गेंद की त्रिज्या (r)=0.212 m(r) = \frac{0.21}{2} \text{ m}
यहाँ भी गेंद द्वारा विस्थापित पानी का आयतन गेंद के आयतन के समान होगा। अतः:
गेंद का आयतन =43πr3= \frac{4}{3} \pi r^3

=43×227×(0.212)3 m3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \left(\frac{0.21}{2}\right)^3 \text{ m}^3
=43×227×0.212×0.212×0.212 m3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{0.21}{2} \times \frac{0.21}{2} \times \frac{0.21}{2} \text{ m}^3

=43×227×21200×21200×21200 m3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{21}{200} \times \frac{21}{200} \times \frac{21}{200} \text{ m}^3
=13×227×21100×21100×212×100 m3= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{21}{100} \times \frac{21}{100} \times \frac{21}{2 \times 100} \text{ m}^3

=11×21×21100×100×100 m3= \frac{11 \times 21 \times 21}{100 \times 100 \times 100} \text{ m}^3
=0.004851 m3= 0.004851 \text{ m}^3 उत्तर

अतः गेंद द्वारा हटाए गए पानी का आयतन =0.004851 m3= 0.004851 \text{ m}^3

3. धातु की एक गेंद का व्यास 4.2 cm4.2 \text{ cm} है। यदि इस धातु का घनत्व 8.9 ग्राम प्रति cm38.9 \text{ ग्राम प्रति cm}^3 है, तो इस गेंद का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।

हल- धातु की गेंद का व्यास =4.2 cm= 4.2 \text{ cm}

\therefore इस गेंद की त्रिज्या (r)=4.22=2.1 cm(r) = \frac{4.2}{2} = 2.1 \text{ cm}
धातु का आयतन गेंद के आयतन के समान होगा।
अतः गेंद का आयतन

=43πr3= \frac{4}{3} \pi r^3
=43×227×(2.1)3 cm3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times (2.1)^3 \text{ cm}^3

=43×227×2.1×2.1×2.1 cm3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times 2.1 \times 2.1 \times 2.1 \text{ cm}^3
=8821×2110×2110×2110 cm3= \frac{88}{21} \times \frac{21}{10} \times \frac{21}{10} \times \frac{21}{10} \text{ cm}^3

=38.808 cm3= 38.808 \text{ cm}^3
1 cm3\therefore 1 \text{ cm}^3 धातु का द्रव्यमान =8.9 gm= 8.9 \text{ gm}
38.808 cm3\therefore 38.808 \text{ cm}^3 धातु की गेंद का द्रव्यमान

=8.9×38.808 gm= 8.9 \times 38.808 \text{ gm}
=345.3912 gm= 345.3912 \text{ gm}

=345.39 gm= 345.39 \text{ gm} (लगभग) उत्तर

4. चन्द्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का लगभग एक-चौथाई है। चन्द्रमा का आयतन पृथ्वी के आयतन की कौनसी भिन्न है?

हल- माना कि पृथ्वी का व्यास (2r)=x(2r) = x

\therefore पृथ्वी की त्रिज्या (r)=x2(r) = \frac{x}{2}
\therefore पृथ्वी का आयतन =43πr3= \frac{4}{3} \pi r^3

=43×π×(x2)3= \frac{4}{3} \times \pi \times \left(\frac{x}{2}\right)^3
=43×π×x2×x2×x2= \frac{4}{3} \times \pi \times \frac{x}{2} \times \frac{x}{2} \times \frac{x}{2}

=18×43πx3= \frac{1}{8} \times \frac{4}{3} \pi \cdot x^3 .....(i)

\because प्रश्नानुसार चन्द्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का एक चौथाई है अर्थात्
चन्द्रमा का व्यास =14×पृथ्वी का व्यास= \frac{1}{4} \times \text{पृथ्वी का व्यास}

=14×x=x4= \frac{1}{4} \times x = \frac{x}{4}

\therefore चन्द्रमा की त्रिज्या (r)=x4×2=x8(r) = \frac{x}{4 \times 2} = \frac{x}{8}

\therefore चन्द्रमा का आयतन =43πr3= \frac{4}{3} \pi r^3

=43×π×(x8)3= \frac{4}{3} \times \pi \times \left(\frac{x}{8}\right)^3

=43×π×x8×x8×x8= \frac{4}{3} \times \pi \times \frac{x}{8} \times \frac{x}{8} \times \frac{x}{8}

=1512×43πx3= \frac{1}{512} \times \frac{4}{3} \pi x^3

=164×[18×43πx3]= \frac{1}{64} \times \left[\frac{1}{8} \times \frac{4}{3} \pi x^3\right]

=164×पृथ्वी का आयतन= \frac{1}{64} \times \text{पृथ्वी का आयतन}
[समी. (i) से]

इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि चन्द्रमा का आयतन पृथ्वी के आयतन का 164\frac{1}{64} वाँ भाग है। उत्तर

5. व्यास 10.5 cm10.5\text{ cm} वाले एक अर्द्धगोलाकार कटोरे में कितने लीटर दूध आ सकता है?

हल—प्रश्नानुसार अर्द्धगोलाकार कटोरे का व्यास (2r)=10.5 cm(2r) = 10.5\text{ cm}

\therefore कटोरे की त्रिज्या (r)=10.52 cm=5.25 cm(r) = \frac{10.5}{2}\text{ cm} = 5.25\text{ cm}

हम जानते हैं कि अर्द्धगोलाकार कटोरे में दूध का आयतन उतना ही होगा जितना कि उस कटोरे का आयतन होगा। अतः अर्द्धगोले का आयतन

=23πr3= \frac{2}{3} \pi r^3

=23×227×5.25×5.25×5.25 cm3= \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 5.25 \times 5.25 \times 5.25\text{ cm}^3

=4421×525100×525100×525100 cm3= \frac{44}{21} \times \frac{525}{100} \times \frac{525}{100} \times \frac{525}{100}\text{ cm}^3

=4421×214×214×214 cm3= \frac{44}{21} \times \frac{21}{4} \times \frac{21}{4} \times \frac{21}{4}\text{ cm}^3

=11×214×214 cm3= 11 \times \frac{21}{4} \times \frac{21}{4}\text{ cm}^3

=303.187 cm3= 303.187\text{ cm}^3

=303.1871000 लीटर= \frac{303.187}{1000}\text{ लीटर}
[1 लीटर=1000 cm3][\because 1\text{ लीटर} = 1000\text{ cm}^3]

=0.303187 लीटर= 0.303187\text{ लीटर}
=0.303 लीटर उत्तर= 0.303\text{ लीटर उत्तर}

6. एक अर्द्धगोलाकार टंकी 1 cm1\text{ cm} मोटी एक लोहे की चादर (sheet) से बनी है। यदि इसकी आन्तरिक त्रिज्या 1 m1\text{ m} है, तो इस टंकी के बनाने में लगे लोहे का आयतन ज्ञात कीजिए।

हल—प्रश्नानुसार अर्द्धगोलाकार टंकी की आन्तरिक त्रिज्या (r)=1 m(r) = 1\text{ m}

अर्थात् r=100 cmr = 100\text{ cm}
चादर की मोटाई =1 cm= 1\text{ cm}
अतः इस कटोरे की बाह्य त्रिज्या (R)=100+1=101 cm(R) = 100 + 1 = 101\text{ cm}

टंकी को बनाने में प्रयुक्त लोहे का आयतन

=बाह्य अर्द्धगोले का आयतनआन्तरिक अर्द्धगोले का आयतन= \text{बाह्य अर्द्धगोले का आयतन} - \text{आन्तरिक अर्द्धगोले का आयतन}

=23×πR323πr3= \frac{2}{3} \times \pi R^3 - \frac{2}{3} \pi r^3

=23×π[R3r3]= \frac{2}{3} \times \pi [R^3 - r^3]

=23×227[(101)3(100)3] cm3= \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} [(101)^3 - (100)^3]\text{ cm}^3

=4421[10303011000000] cm3= \frac{44}{21} [1030301 - 1000000]\text{ cm}^3

=4421×30301 cm3= \frac{44}{21} \times 30301\text{ cm}^3

=133324421 cm3= \frac{1333244}{21}\text{ cm}^3

=63487.81 cm3= 63487.81\text{ cm}^3

\therefore हम जानते हैं कि 1 cm3=11000000 m31\text{ cm}^3 = \frac{1}{1000000}\text{ m}^3

=63487.811000000 m3= \frac{63487.81}{1000000}\text{ m}^3

=0.06348 m3 (लगभग) उत्तर= 0.06348\text{ m}^3 \text{ (लगभग) उत्तर}

7. उस गोले का आयतन ज्ञात कीजिए जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल 154 cm2154\text{ cm}^2 है।

हल—प्रश्नानुसार गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल =154 cm2= 154\text{ cm}^2

माना कि गोले की त्रिज्या rr है। अतः
4πr2=1544\pi r^2 = 154

या 4×227×r2=1544 \times \frac{22}{7} \times r^2 = 154

या r2=154×74×22 cmr^2 = \frac{154 \times 7}{4 \times 22} \text{ cm}

=494 cm= \frac{49}{4} \text{ cm}
r=494=72 cm\therefore r = \sqrt{\frac{49}{4}} = \frac{7}{2} \text{ cm}
अतः गोले का आयतन =43πr3= \frac{4}{3} \pi r^3

=43×227×(72)3 cm3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \left(\frac{7}{2}\right)^3 \text{ cm}^3
=43×227×72×72×72 cm3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{7}{2} \times \frac{7}{2} \times \frac{7}{2} \text{ cm}^3

=13×11×49 cm3= \frac{1}{3} \times 11 \times 49 \text{ cm}^3
=5393 cm3= \frac{539}{3} \text{ cm}^3

=17923 cm3= 179 \frac{2}{3} \text{ cm}^3 उत्तर

8. किसी भवन का गुम्बद एक अर्द्धगोले के आकार का है। अन्दर से, इसमें सफेदी कराने में 498.96498.96 रुपये व्यय हुए। यदि सफेदी कराने की दर 22 रुपये प्रति वर्ग मीटर है, तो ज्ञात कीजिए-
(i) गुम्बद का आन्तरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
(ii) गुम्बद के अन्दर की हवा का आयतन।

\therefore सफेदी कराने योग्य कुल क्षेत्रफल =कुल व्ययदर= \frac{\text{कुल व्यय}}{\text{दर}}

=498.962=249.48 m2= \frac{498.96}{2} = 249.48 \text{ m}^2
\therefore गुम्बद का आन्तरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल =249.48 m2= 249.48 \text{ m}^2 उत्तर

(ii) माना कि गुम्बद की आन्तरिक त्रिज्या =r= r
2πr2=249.48\therefore 2\pi r^2 = 249.48
या, 2×227×r2=249.482 \times \frac{22}{7} \times r^2 = 249.48
या, r2=249.48×72×22r^2 = \frac{249.48 \times 7}{2 \times 22}

=24948×72×22×100=567×7100= \frac{24948 \times 7}{2 \times 22 \times 100} = \frac{567 \times 7}{100}

=81×7×7100= \frac{81 \times 7 \times 7}{100}
r=81×7×7100=9×710\therefore r = \sqrt{\frac{81 \times 7 \times 7}{100}} = \frac{9 \times 7}{10}
r=6310=6.3 m\therefore r = \frac{63}{10} = 6.3 \text{ m}

हम समझ सकते हैं कि गुम्बद के अन्दर हवा का आयतन वही होगा जितना कि उस गोलार्द्ध गुम्बद का आयतन होगा अर्थात् गुम्बद का आयतन

=23×πr3= \frac{2}{3} \times \pi r^3
=23×227×6.3×6.3×6.3 m3= \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 6.3 \times 6.3 \times 6.3 \text{ m}^3

=44×2.1×0.9×6.3 m3= 44 \times 2.1 \times 0.9 \times 6.3 \text{ m}^3
=523.9 m3= 523.9 \text{ m}^3 उत्तर

9. लोहे के सत्ताइस ठोस गोलों को पिघलाकर, जिनमें से प्रत्येक की त्रिज्या rr है और पृष्ठीय क्षेत्रफल SS है, एक बड़ा गोला बनाया जाता है जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल SS' है। ज्ञात कीजिए-
(i) नए गोले की त्रिज्या rr'
(ii) SS और SS' का अनुपात।

हल-प्रश्नानुसार गोलों की संख्या =27= 27

तथा प्रत्येक गोले की त्रिज्या =r= r
एक गोले का आयतन =43πr3= \frac{4}{3} \pi r^3
तथा 2727 गोलों का आयतन =27×43πr3= 27 \times \frac{4}{3} \pi r^3

=36πr3= 36 \pi r^3 .....(i)
इन गोलों को पिघलाकर rr' त्रिज्या का एक नया गोला बनाया गया है। अतः नए गोले का आयतन

=43πr3= \frac{4}{3} \pi r'^3 .....(ii)
समीकरण (i) व (ii) की तुलना करने पर
43πr3=36πr3\frac{4}{3} \pi r'^3 = 36 \pi r^3
या, πr3πr3=36×34\frac{\pi r'^3}{\pi r^3} = 36 \times \frac{3}{4}
या, r3r3=9×3=3×3×3=(3)3\frac{r'^3}{r^3} = 9 \times 3 = 3 \times 3 \times 3 = (3)^3
या, r3r3=(3)3\frac{r'^3}{r^3} = (3)^3


या, (rr)3=(3)3\left(\frac{r'}{r}\right)^3 = (3)^3

rr=3\therefore \frac{r'}{r} = 3

या r=3rr' = 3r

अर्थात् नए गोले की त्रिज्या =3r= 3r

दिए गए प्रश्नानुसार गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल SS तथा त्रिज्या rr है

S=4πr2\therefore S = 4\pi r^2 ......(iii)

नए गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल SS' तथा त्रिज्या rr' है

S=4πr2=4π(3r)2(r=3r)\therefore S' = 4\pi r'^2 = 4\pi (3r)^2 (\because r' = 3r)

S=4π×3r×3r\therefore S' = 4\pi \times 3r \times 3r

=36πr2= 36\pi r^2 .....(iv)

समीकरण (iii) व (iv) से

SS=4πr236πr2=436=19\frac{S}{S'} = \frac{4\pi r^2}{36\pi r^2} = \frac{4}{36} = \frac{1}{9}

अतः SS और SS' का अनुपात =1:9= 1 : 9 उत्तर

10. दवाई का एक कैप्सूल (capsule) 3.5 mm3.5\text{ mm} व्यास का एक गोला (गोली) है। इस कैप्सूल को भरने के लिए कितनी दवाई (mm3\text{mm}^3 में) की आवश्यकता होगी?

हल- माना कि दवाई के कैप्सूल की त्रिज्या rr है।

प्रश्नानुसार व्यास (2r)=3.5 mm(2r) = 3.5\text{ mm}

r=3.52 mm\therefore r = \frac{3.5}{2}\text{ mm}

या r=3520 mmr = \frac{35}{20}\text{ mm}

r=74 mm\therefore r = \frac{7}{4}\text{ mm}

कैप्सूल को भरते समय आवश्यक दवाई की मात्रा उसके आयतन के बराबर होगी अर्थात्

आयतन =43πr3= \frac{4}{3}\pi r^3

=43×227×(74)3 mm3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \left(\frac{7}{4}\right)^3\text{ mm}^3

=43×227×74×74×74 mm3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{7}{4} \times \frac{7}{4} \times \frac{7}{4}\text{ mm}^3

=11×7×73×2×4 mm3= \frac{11 \times 7 \times 7}{3 \times 2 \times 4}\text{ mm}^3

=53924 mm3= \frac{539}{24}\text{ mm}^3

=22.46 mm3= 22.46\text{ mm}^3 (लगभग) उत्तर


अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-

  1. 5 सेमी.5\text{ सेमी.} त्रिज्या वाले अर्द्ध गोले का सम्पूर्ण पृष्ठ होगा-
    (A) 100π100\pi
    (B) 75π75\pi
    (C) 50π50\pi
    (D) 25π25\pi

  2. यदि किसी शंकु की त्रिज्या 2r2r तथा तिर्यक ऊँचाई l2\frac{l}{2} है, तब उसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल है-
    (A) πrl\pi rl
    (B) 2πrl2\pi rl
    (C) 12πrl\frac{1}{2}\pi rl
    (D) π(r+l)r\pi(r + l)r

  3. समान त्रिज्या के गोले और अर्द्धगोले के सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात है-
    (A) 2:12 : 1
    (B) 3:23 : 2
    (C) 4:34 : 3
    (D) 4:14 : 1

  4. यदि एक शंकु और अर्द्धगोले का आधार और आयतन समान है तब इनकी ऊँचाई का अनुपात है-
    (A) 1:21 : 2
    (B) 2:12 : 1
    (C) 4:14 : 1
    (D) 2:1\sqrt{2} : 1

  5. यदि किसी शंकु के आधार का व्यास 14 सेमी14\text{ सेमी} तथा ऊँचाई 24 सेमी24\text{ सेमी} हो तो इसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल है-
    (A) 704 सेमी2704\text{ सेमी}^2
    (B) 616 सेमी2616\text{ सेमी}^2
    (C) 550 सेमी2550\text{ सेमी}^2
    (D) 528 सेमी2528\text{ सेमी}^2

  6. एक शंकु की ऊँचाई 16 सेमी16\text{ सेमी} तथा आधार की त्रिज्या 12 सेमी12\text{ सेमी} हो तो इसके वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल एवम् सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल का अनुपात है-
    (A) 5:85 : 8
    (B) 8:58 : 5
    (C) 5:35 : 3
    (D) 3:53 : 5

  7. 13 सेमी13\text{ सेमी} तिर्यक ऊँचाई वाले शंकु का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल 90π cm290\pi\text{ cm}^2 तब आधार की त्रिज्या है-
    (A) 18 सेमी18\text{ सेमी}
    (B) 5 सेमी5\text{ सेमी}
    (C) 10 सेमी10\text{ सेमी}
    (D) 9 सेमी9\text{ सेमी}

  8. यदि एक शंकु के आकार के आधार का क्षेत्रफल 154मी2154\text{मी}^2 और इसका आयतन 1232 मीटर31232\text{ मीटर}^3 है तब शंकु की ऊँचाई है-
    (A) 12 मीटर12\text{ मीटर}
    (B) 18 मीटर18\text{ मीटर}
    (C) 24 मीटर24\text{ मीटर}
    (D) 25 मीटर25\text{ मीटर}

  9. किसी भी शंकु में कुल तल होते हैं-
    (A) 11 (B) 22
    (C) 33 (D) 2.52.5

  10. यदि किसी शंकु को उसके अक्ष के मध्य बिन्दु से किसी क्षैतिज समतल द्वारा दो भागों में काट दिया जाए तब उसके ऊपरी तथा नीचे के भागों के आयतन का अनुपात है-
    (A) 1:21 : 2 (B) 2:12 : 1
    (C) 1:71 : 7 (D) 1:81 : 8

  11. यदि किसी फुटबॉल का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल 100π सेमी2100\pi \text{ सेमी}^2 है, तब इसके अन्दर भरी वायु का आयतन है-
    (A) 200π3 सेमी3\frac{200\pi}{3} \text{ सेमी}^3 (B) 350π3 सेमी3\frac{350\pi}{3} \text{ सेमी}^3
    (C) 500π3 सेमी3\frac{500\pi}{3} \text{ सेमी}^3 (D) 400π3 सेमी3\frac{400\pi}{3} \text{ सेमी}^3

  12. किसी भी गोले में तल हैं-
    (A) 11 (B) 22
    (C) 33 (D) 00

  13. एक शंकु और एक अर्द्धगोले का समान आधार एवम् समान आयतन है तब इनकी ऊँचाइयों का अनुपात है-
    (A) 1:21 : 2 (B) 2:12 : 1
    (C) 4:14 : 1 (D) 2:1\sqrt{2} : 1

  14. एक rr त्रिज्या के गोले को पिघलाकर उसे rr ऊँचाई के शंकु में परिवर्तित कर दिया जाता है तब शंकु के आधार की त्रिज्या होगी-
    (A) 2r2r (B) 3r3r
    (C) rr (D) 4r4r

  15. एक धातु के गोले को ठीक केन्द्र में से दो टुकड़ों में बाँट दिया जाता है। यदि गोले की त्रिज्या 77 सेमी हो, तो प्रत्येक भाग का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल होगा-
    (A) 924 सेमी2924 \text{ सेमी}^2 (B) 231 सेमी2231 \text{ सेमी}^2
    (C) 462 सेमी2462 \text{ सेमी}^2 (D) 308 सेमी2308 \text{ सेमी}^2

| उत्तर-तालिका |

| :--- | :--- | :--- | :--- | :--- |
| 1. (B) | 2. (A) | 3. (C) | 4. (A) | 5. (C) |
| 6. (A) | 7. (B) | 8. (C) | 9. (B) | 10. (C) |
| 11. (C) | 12. (A) | 13. (A) | 14. (A) | 15. (C) |


रिक्त स्थानों की पूर्ति करो-

  1. गोले की त्रिज्या rr हो तो गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल = .............
  2. यदि किसी गोले की त्रिज्या rr है तो उससे निर्मित अर्द्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = .............
  3. यदि दो गोलों का आयतनों का अनुपात 27:6427 : 64 तब उनके पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात ........ है।
  4. यदि दो गोलों के आयतनों का अनुपात 27:12527 : 125 है तब इनकी त्रिज्याओं का अनुपात ............. है।
  5. यदि दो गोलों के आयतनों का अनुपात V1:V2V_1 : V_2 है तब इनकी त्रिज्याओं का अनुपात ............. है।
  6. यदि किसी शंकु की तिर्यक ऊँचाई 10%10% बढ़ाई जाए तथा इसकी त्रिज्या समान रखी जाए तब इसका पृष्ठीय क्षेत्रफल ............. %% बढ़ गई।

उत्तर- 1. 4πr24\pi r^2 वर्ग इकाई 2. 2πr22\pi r^2 3. 9:169 : 16 4. 3:53 : 5 5. V11/3:V21/3V_1^{1/3} : V_2^{1/3} 6. 1010

सत्य/असत्य-निम्नलिखित कथनों के लिए सत्य अथवा असत्य लिखिए-

  1. rr त्रिज्या व hh ऊँचाई वाले शंकु का आयतन 23πr2h\frac{2}{3}\pi r^2h होता है।
  2. यदि किसी शंकु की त्रिज्या 2s2s तथा तिर्यक ऊँचाई l/2l/2 है, तब उसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल 4πrl4\pi rl होगा।
  3. यदि किसी शंकु की ऊँचाई 99 मीटर तथा आधार की त्रिज्या 1212 मीटर है। तब इसका कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 725 मीटर2725 \text{ मीटर}^2 है।
  4. दो समान ऊँचाई के लम्ब वृत्तीय शंकुओं की त्रिज्याओं का अनुपात 3:53 : 5 है तब इनके आयतनों का अनुपात 3:53 : 5 है।
  5. किसी rr त्रिज्या वाले गोले के आयतन तथा सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात 1:21 : 2 होता है।

उत्तर- 1. असत्य 2. असत्य 3. असत्य 4. असत्य 5. असत्य

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. एक लम्बवृत्तीय शंकु के आधार की त्रिज्या 66 सेमी. तथा ढालू ऊँचाई 2828 सेमी. है। शंकु के वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल लिखिए।

हल- शंकु के वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल =πrl=π×6×28= \pi rl = \pi \times 6 \times 28

=227×6×28=528 सेमी.2= \frac{22}{7} \times 6 \times 28 = 528 \text{ सेमी.}^2 उत्तर

प्रश्न 2. किसी शंकु की ढालू (तिर्यक) लम्बाई 55 सेमी. तथा ऊँचाई 44 सेमी. है, तो उसका व्यास लिखिए।

हल - r=5242=2516r = \sqrt{5^2 - 4^2} = \sqrt{25 - 16}

=9=3= \sqrt{9} = 3
अतः: व्यास =2×3=6= 2 \times 3 = 6 सेमी. उत्तर

प्रश्न 3. एक शंक्वाकार ठोस की त्रिज्या 77 सेमी., ढालू लम्बाई 2525 सेमी. तथा ऊँचाई 2424 सेमी. है। ठोस का आयतन लिखिए।

हल - आयतन =13×227×7×7×24= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 7 \times 7 \times 24

=1232= 1232 घन सेमी. उत्तर

प्रश्न 4. एक शंकु का आयतन 132132 घन मीटर है। यदि शंकु की ऊँचाई 1414 मीटर हो तो शंकु की त्रिज्या लिखिए।

हल - r2=132×7×322×14r^2 = \frac{132 \times 7 \times 3}{22 \times 14}

r=3×3=3r = \sqrt{3 \times 3} = 3 मीटर उत्तर

प्रश्न 5. एक ठोस गोले का व्यास 66 सेमी. है। गोले का आयतन लिखिए। (उत्तर π\pi में दीजिए।)

हल - गोले की त्रिज्या =r=व्यास2=62=3= r = \frac{\text{व्यास}}{2} = \frac{6}{2} = 3 सेमी.

आयतन =43πr3= \frac{4}{3} \pi r^3

=43×π×3×3×3= \frac{4}{3} \times \pi \times 3 \times 3 \times 3
=36π= 36\pi घन सेमी. उत्तर

प्रश्न 6. एक गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल 100π100\pi वर्ग मीटर है। उसकी त्रिज्या लिखिए।

हल - त्रिज्या =पृष्ठीय क्षेत्रफल4π= \sqrt{\frac{\text{पृष्ठीय क्षेत्रफल}}{4\pi}}

=100π4π= \sqrt{\frac{100\pi}{4\pi}}
=25=5= \sqrt{25} = 5 मीटर उत्तर

प्रश्न 7. यदि दो गोलों की त्रिज्याओं का अनुपात 2:32 : 3 है, तो उनके आयतन का अनुपात लिखिए।

हल - पहले गोले का आयतन

V1=43πr13V_1 = \frac{4}{3} \pi r_1^3
इसी तरह से दूसरे गोले का आयतन
V2=43πr23V_2 = \frac{4}{3} \pi r_2^3
V1V2=43πr1343πr23=(r1r2)3\frac{V_1}{V_2} = \frac{\frac{4}{3} \pi r_1^3}{\frac{4}{3} \pi r_2^3} = \left( \frac{r_1}{r_2} \right)^3

=(23)3=827= \left( \frac{2}{3} \right)^3 = \frac{8}{27}
V1:V2=8:27V_1 : V_2 = 8 : 27

प्रश्न 8. 3.53.5 सेमी त्रिज्या वाले अर्द्धगोले का आयतन ज्ञात करो।

हल - यहाँ r=3.5r = 3.5 सेमी

अर्द्धगोले का आयतन =23πr3= \frac{2}{3} \pi r^3

=23×227×(3.5)3= \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times (3.5)^3
=23×227×72×72×72= \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{7}{2} \times \frac{7}{2} \times \frac{7}{2}

=89.83 सेमी3= 89.83 \text{ सेमी}^3 उत्तर

प्रश्न 9. यदि एक अर्द्धगोले का आन्तरिक व्यास 11.211.2 सेमी है तब इसका आयतन ज्ञात करो।

हल - यहाँ अर्द्धगोले का व्यास =11.2= 11.2 सेमी

तब त्रिज्या (r)=11.22=5.6(r) = \frac{11.2}{2} = 5.6 सेमी
तब अर्द्धगोले का आयतन =23πr3= \frac{2}{3} \pi r^3

=23×227×5.6×5.6×5.6 सेमी3= \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 5.6 \times 5.6 \times 5.6 \text{ सेमी}^3
=367.96 सेमी3=367.96 ml= 367.96 \text{ सेमी}^3 = 367.96 \text{ ml} उत्तर

प्रश्न 10. उस गोले का आयतन ज्ञात करो जिसका पृष्ठीय क्षेत्रफल 154154 वर्ग सेमी हो।

हल - माना कि गोले की त्रिज्या rr सेमी है। दिया है

पृष्ठीय क्षेत्रफल =154 सेमी2= 154 \text{ सेमी}^2
4πr2=154\Rightarrow 4\pi r^2 = 154
4×227×r2=154\Rightarrow 4 \times \frac{22}{7} \times r^2 = 154
r2=154×74×22=494\Rightarrow r^2 = \frac{154 \times 7}{4 \times 22} = \frac{49}{4}
r=72\Rightarrow r = \frac{7}{2} सेमी
तब गोले का आयतन =43πr3= \frac{4}{3} \pi r^3

=43×227×72×72×72= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{7}{2} \times \frac{7}{2} \times \frac{7}{2}
=179.66 सेमी3= 179.66 \text{ सेमी}^3 उत्तर

प्रश्न 11. एक शंकु के आधार की त्रिज्या 33 सेमी तथा ऊँचाई 44 सेमी है। शंकु के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल ज्ञात करो।

हल- यहाँ r=3r = 3 सेमी तथा h=4h = 4 सेमी

माना शंकु की तिर्यक ऊँचाई ll सेमी है तब
l2=r2+h2=32+42=25l^2 = r^2 + h^2 = 3^2 + 4^2 = 25
l=25=5\Rightarrow l = \sqrt{25} = 5 सेमी
\therefore शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल =πrl= \pi rl

=227×3×5=47.14 सेमी2= \frac{22}{7} \times 3 \times 5 = 47.14 \text{ सेमी}^2 उत्तर

प्रश्न 12. एक लम्बवृत्तीय शंकु के आधार का क्षेत्रफल 314 सेमी2314 \text{ सेमी}^2 है और इसकी ऊँचाई 1515 सेमी है। शंकु का आयतन ज्ञात करो।

हल- शंकु का आयतन (V)=13πr2h(V) = \frac{1}{3} \pi r^2 h

=13×(आधार का क्षेत्रफल)×ऊँचाई= \frac{1}{3} \times (\text{आधार का क्षेत्रफल}) \times \text{ऊँचाई}
=13×314×15= \frac{1}{3} \times 314 \times 15

=1570 सेमी3= 1570 \text{ सेमी}^3 उत्तर

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. एक शंकु के आधार की त्रिज्या 77 सेमी. तथा ऊँचाई 2424 सेमी. है। शंकु का वक्रपृष्ठ ज्ञात कीजिए।

हल- शंकु का वक्रपृष्ठ =πrl= \pi rl

यहाँ r=7r = 7 सेमी. व h=24h = 24 सेमी. है।
l=r2+h2\therefore l = \sqrt{r^2 + h^2}
l=72+242\therefore l = \sqrt{7^2 + 24^2}

=49+576= \sqrt{49 + 576}
=625=25= \sqrt{625} = 25 सेमी.
शंकु का वक्रपृष्ठ =πrl= \pi rl

=227×7×25= \frac{22}{7} \times 7 \times 25
=22×25= 22 \times 25

=550 सेमी2= 550 \text{ सेमी}^2 उत्तर

प्रश्न 2. एक लम्बवृत्तीय शंकु की ऊँचाई 1212 सेमी. तथा आधार की त्रिज्या 3.53.5 सेमी. है। उसके वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

हल- शंकु की ऊँचाई h=12h = 12 सेमी.

शंकु की त्रिज्या r=3.5r = 3.5 सेमी.
शंकु की तिरछी ऊँचाई l=r2+h2l = \sqrt{r^2 + h^2}

=(3.5)2+(12)2= \sqrt{(3.5)^2 + (12)^2}
=12.25+144= \sqrt{12.25 + 144}

=156.25= \sqrt{156.25}
l=12.5l = 12.5 सेमी.
शंकु के वक्रपृष्ठ का क्षेत्रफल =πrl= \pi rl

=227×3.5×12.5 सेमी2= \frac{22}{7} \times 3.5 \times 12.5 \text{ सेमी}^2
=11×12.5 सेमी2= 11 \times 12.5 \text{ सेमी}^2

=137.5 सेमी2= 137.5 \text{ सेमी}^2 उत्तर

प्रश्न 3. यदि एक गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल 616 सेमी2616 \text{ सेमी}^2 है, तो उसका आयतन ज्ञात कीजिए।

हल- माना कि गोले की त्रिज्या rr है। अतः:

गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πr2=616= 4\pi r^2 = 616
या, 4×227×r2=6164 \times \frac{22}{7} \times r^2 = 616
या, r2=616×74×22r^2 = \frac{616 \times 7}{4 \times 22}
या, r2=49r^2 = 49
या, r=7r = 7 सेमी.
गोले का आयतन =43πr3= \frac{4}{3} \pi r^3

=43×227×7×7×7 सेमी3= \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times 7 \times 7 \times 7 \text{ सेमी}^3
=1437.33 सेमी3= 1437.33 \text{ सेमी}^3 उत्तर

प्रश्न 4. सर्कस का एक मोटर साइकिल सवार जिस खोखले गोले के अन्दर अपने करतब (खेल) दिखाता है, उसका व्यास 77 m है। मोटर साइकिल सवार के पास ये करतब दिखाने के लिये कितना क्षेत्रफल उपलब्ध है?

हल- गोले का व्यास =7= 7 m है।

इसलिए इसकी त्रिज्या =72=3.5= \frac{7}{2} = 3.5 m
अब करतब दिखाने के लिए मोटर साइकिल सवार को उपलब्ध स्थान इस गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल होगा।
अतः: गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πr2= 4\pi r^2

=4×227×3.5×3.5= 4 \times \frac{22}{7} \times 3.5 \times 3.5

=4×22×0.5×3.5= 4 \times 22 \times 0.5 \times 3.5

=154 m2= 154 \text{ m}^2 उत्तर

प्रश्न 5. एक अर्द्धगोलाकार कटोरा 0.5 सेमी0.5 \text{ सेमी} मोटाई के स्टील का बना हुआ है। कटोरे की आन्तरिक त्रिज्या 4 सेमी4 \text{ सेमी} है। कटोरे को बनाने में प्रयुक्त स्टील का आयतन ज्ञात करो।

हल— r=आन्तरिक त्रिज्या=4 सेमीr = \text{आन्तरिक त्रिज्या} = 4 \text{ सेमी},

R=बाह्य त्रिज्या=4+0.5=4.5 सेमीR = \text{बाह्य त्रिज्या} = 4 + 0.5 = 4.5 \text{ सेमी}
आन्तरिक अर्द्धगोले का आयतन=23πr3\text{आन्तरिक अर्द्धगोले का आयतन} = \frac{2}{3} \pi r^3
बाह्य अर्द्धगोले का आयतन=23πR3\text{बाह्य अर्द्धगोले का आयतन} = \frac{2}{3} \pi R^3
उपयोग में लाए गए स्टील का आयतन\therefore \text{उपयोग में लाए गए स्टील का आयतन}

=23πR323πr3= \frac{2}{3} \pi R^3 - \frac{2}{3} \pi r^3
=23π(R3r3)= \frac{2}{3} \pi (R^3 - r^3)

=23×227×{(4.5)343} सेमी3= \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times {(4.5)^3 - 4^3} \text{ सेमी}^3
=4421×(91.12564) सेमी3= \frac{44}{21} \times (91.125 - 64) \text{ सेमी}^3

=4421×27.125=56.83 सेमी3= \frac{44}{21} \times 27.125 = 56.83 \text{ सेमी}^3 उत्तर

प्रश्न 6. लोहे के तीन गोले, जिनका व्यास क्रमशः 2 सेमी2 \text{ सेमी}, 12 सेमी12 \text{ सेमी} तथा 16 सेमी16 \text{ सेमी} है, पिघलाकर एक गोले में बदल दिए जाते हैं। नए गोले की त्रिज्या ज्ञात करो।

हल— माना नए गोले की त्रिज्या r सेमीr \text{ सेमी} है। तब,

नए गोले का आयतन=तीनों गोलों का आयतन जिनके व्यास क्रमशः 2 सेमी,12 सेमी तथा 16 सेमी हैं।\text{नए गोले का आयतन} = \text{तीनों गोलों का आयतन जिनके व्यास क्रमशः } 2 \text{ सेमी}, 12 \text{ सेमी तथा } 16 \text{ सेमी हैं।}

=तीनों गोलों का आयतन जिनकी त्रिज्याएँ क्रमशः 1 सेमी,6 सेमी तथा 8 सेमी है।= \text{तीनों गोलों का आयतन जिनकी त्रिज्याएँ क्रमशः } 1 \text{ सेमी}, 6 \text{ सेमी तथा } 8 \text{ सेमी है।}
43πr3=43π(1)3+43π(6)3+43π(8)3\Rightarrow \frac{4}{3} \pi r^3 = \frac{4}{3} \pi (1)^3 + \frac{4}{3} \pi (6)^3 + \frac{4}{3} \pi (8)^3
r3=13+63+83\Rightarrow r^3 = 1^3 + 6^3 + 8^3
[दोनों ओर 43π\frac{4}{3} \pi से भाग देने पर]
r3=1+216+512=729\Rightarrow r^3 = 1 + 216 + 512 = 729
r3=93r=9\Rightarrow r^3 = 9^3 \Rightarrow r = 9
अतः नए गोले की त्रिज्या 9 सेमी9 \text{ सेमी} है।

प्रश्न 7. एक दुकानदार के पास 5 सेमी5 \text{ सेमी} त्रिज्या का गोलाकार लड्डू है। उतने ही सामान से 2.5 सेमी2.5 \text{ सेमी} त्रिज्या के कितने लड्डू बनाए जा सकते हैं?

हल— माना कि 5 सेमी5 \text{ सेमी} तथा 2.5 सेमी2.5 \text{ सेमी} त्रिज्या के लड्डुओं का आयतन V1V_1 तथा V2V_2 हैं। तब

V1=43π×53V_1 = \frac{4}{3} \pi \times 5^3 और
V2=43π(2.5)3=43π(52)3V_2 = \frac{4}{3} \pi (2.5)^3 = \frac{4}{3} \pi \left(\frac{5}{2}\right)^3
2.5 सेमी\therefore 2.5 \text{ सेमी} त्रिज्या वाले लड्डुओं की संख्या

=V1V2=43π(5)343π(52)3=8= \frac{V_1}{V_2} = \frac{\frac{4}{3} \pi (5)^3}{\frac{4}{3} \pi \left(\frac{5}{2}\right)^3} = 8 उत्तर

प्रश्न 8. एक शंकु के आकार का टेंट 1111 लोगों के लिए पर्याप्त है। प्रत्येक व्यक्ति के लिए धरातल पर 4 मीटर24 \text{ मीटर}^2 स्थान की आवश्यकता होती है और श्वास लेने के लिए 20 मीटर320 \text{ मीटर}^3 स्थान की आवश्यकता है। शंकु की ऊँचाई ज्ञात करो।

हल— माना शंकु की ऊँचाई h मीटरh \text{ मीटर} तथा आधार की त्रिज्या r मीटरr \text{ मीटर} है। चूँकि टेंट में 1111 लोग आ सकते हैं तथा प्रत्येक व्यक्ति को 4 वर्गमीटर4 \text{ वर्गमीटर} स्थान धरातल पर तथा 20 घनमीटर20 \text{ घनमीटर} वायु की आवश्यकता है। इसलिए

आधार का क्षेत्रफल=(11×4) मी2=44 मी2\text{आधार का क्षेत्रफल} = (11 \times 4) \text{ मी}^2 = 44 \text{ मी}^2
πr2=44 मी2\Rightarrow \pi r^2 = 44 \text{ मी}^2 ...(i)
शंकु का आयतन=(11×20) मी3=220 मी3\text{शंकु का आयतन} = (11 \times 20) \text{ मी}^3 = 220 \text{ मी}^3
13πr2h=220 मी3\Rightarrow \frac{1}{3} \pi r^2 h = 220 \text{ मी}^3 ...(ii)
समीकरण (ii) में (i) से भाग देने पर
13πr2hπr2=22044h3=5\frac{\frac{1}{3} \pi r^2 h}{\pi r^2} = \frac{220}{44} \Rightarrow \frac{h}{3} = 5
h=15 मीटर\Rightarrow h = 15 \text{ मीटर}
अतः शंकु की ऊँचाई =15 मीटर= 15 \text{ मीटर} उत्तर

प्रश्न 9. एक घन, जिसके प्रत्येक किनारे की लम्बाई 9 सेमी9 \text{ सेमी} है, में सबसे बड़े लम्बवृत्तीय शंकु का आयतन ज्ञात कीजिए।

हल— यहाँ सबसे बड़े लम्बवृत्तीय शंकु के आधार की त्रिज्या, घन के एक वर्गाकार फलक की भुजाओं को छूने वाले वृत्त की त्रिज्या होगी तथा शंकु की ऊँचाई घन की ऊँचाई के बराबर होगी।

r=शंकु के आधार की त्रिज्या\therefore r = \text{शंकु के आधार की त्रिज्या}

=92 सेमी= \frac{9}{2} \text{ सेमी}
h=शंकु की ऊँचाई=9 सेमीh = \text{शंकु की ऊँचाई} = 9 \text{ सेमी}
अतः: शंकु का आयतन =13πr2h= \frac{1}{3} \pi r^2 h

=13×227×92×92×9 सेमी3= \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{9}{2} \times \frac{9}{2} \times 9 \text{ सेमी}^3
=267314 सेमी3= \frac{2673}{14} \text{ सेमी}^3

=190.93 सेमी3 उत्तर= 190.93 \text{ सेमी}^3 \text{ उत्तर}

हल- माना कि अर्द्धगोलाकार बर्तन की बाह्य व आन्तरिक त्रिज्या क्रमशः R सेमीR \text{ सेमी} तथा r सेमीr \text{ सेमी} है। तब R=12.5 सेमीR = 12.5 \text{ सेमी} और r=12 सेमीr = 12 \text{ सेमी}

अब, S1=बाह्य पृष्ठ का क्षेत्रफल=2πR2S_1 = \text{बाह्य पृष्ठ का क्षेत्रफल} = 2\pi R^2
S2=आन्तरिक पृष्ठ का क्षेत्रफल=2πr2S_2 = \text{आन्तरिक पृष्ठ का क्षेत्रफल} = 2\pi r^2
S3=ऊपरी वृत्ताकार रिंग का क्षेत्रफल=πR2πr2S_3 = \text{ऊपरी वृत्ताकार रिंग का क्षेत्रफल} = \pi R^2 - \pi r^2
माना रंग करने के लिए सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल SS है तब
S=(2πR2+2πr2+πR2πr2)S = (2\pi R^2 + 2\pi r^2 + \pi R^2 - \pi r^2)

=π(3R2+r2)= \pi(3R^2 + r^2)
=227{3×(12.5)2+(12)2} सेमी2= \frac{22}{7} {3 \times (12.5)^2 + (12)^2} \text{ सेमी}^2

=227{3×(252)2+(12)2} सेमी2= \frac{22}{7} \left{3 \times \left(\frac{25}{2}\right)^2 + (12)^2\right} \text{ सेमी}^2
=227×(468.75+144) सेमी2= \frac{22}{7} \times (468.75 + 144) \text{ सेमी}^2

=227×612.75 सेमी2= \frac{22}{7} \times 612.75 \text{ सेमी}^2
=13480.57 सेमी2= \frac{13480.5}{7} \text{ सेमी}^2

=1925.78 सेमी2= 1925.78 \text{ सेमी}^2

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. एक बन्द शंक्वाकार ठोस के आधार का क्षेत्रफल 154 वर्ग सेमी154 \text{ वर्ग सेमी} है। यदि ठोस की ऊँचाई 24 सेमी24 \text{ सेमी} हो तो ज्ञात कीजिए।
(i) आधार की त्रिज्या
(ii) ढालू लम्बाई
(iii) ठोस का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल।

हल-(i) यहाँ क्षेत्रफल (आधार का) =154 व.मी.= 154 \text{ व.मी.} तथा ऊँचाई (h)=24 सेमी(h) = 24 \text{ सेमी} है, शंकु का आकार वृत्ताकार है जिसकी त्रिज्या rr है। अतः:

r=क्षेत्रफलπ=154×722=7×7r = \sqrt{\frac{\text{क्षेत्रफल}}{\pi}} = \sqrt{\frac{154 \times 7}{22}} = \sqrt{7 \times 7}
अतः: r=7 सेमी. उत्तरr = 7 \text{ सेमी. उत्तर}

Cone with height 24 cm and radius 7 cm
Cone with height 24 cm and radius 7 cm

(ii) ढालू लम्बाई अर्थात् तिर्यक लम्बाई
AC=AO2+OC2AC = \sqrt{\text{AO}^2 + \text{OC}^2}

=(24)2+(7)2= \sqrt{(24)^2 + (7)^2}
=576+49=625= \sqrt{576 + 49} = \sqrt{625}
अतः: AC=25 सेमी. उत्तरAC = 25 \text{ सेमी. उत्तर}

(iii) ठोस का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल =πr(l+r)= \pi r(l + r)

=227×7(25+7)= \frac{22}{7} \times 7(25 + 7)
=22×32=704 सेमी2 उत्तर= 22 \times 32 = 704 \text{ सेमी}^2 \text{ उत्तर}

प्रश्न 2. एक लम्बवृत्तीय शंकु का आयतन 1232 सेमी31232 \text{ सेमी}^3 है तथा उसकी ऊँचाई 24 सेमी24 \text{ सेमी} है। शंकु की तिरछी ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

हल - शंकु का आयतन =1232 सेमी3= 1232 \text{ सेमी}^3

शंकु की ऊँचाई h=24 सेमीh = 24 \text{ सेमी}
शंकु का आयतन=13πr2h\therefore \text{शंकु का आयतन} = \frac{1}{3} \pi r^2 h
r2=शंकु का आयतन×3π×h\therefore r^2 = \frac{\text{शंकु का आयतन} \times 3}{\pi \times h}
r2=1232×3(227)×24\therefore r^2 = \frac{1232 \times 3}{\left(\frac{22}{7}\right) \times 24}

r2=1232×3×722×24r^2 = \frac{1232 \times 3 \times 7}{22 \times 24}

r2=56×2124r^2 = \frac{56 \times 21}{24}

r2=56×78r^2 = \frac{56 \times 7}{8}

r2=7×7r^2 = 7 \times 7

r2=49 सेमी......(i)\Rightarrow r^2 = 49 \text{ सेमी.} .....(i)

शंकु की तिरछी ऊँचाई l=r2+h2.....(ii)l = \sqrt{r^2 + h^2} .....(ii)

समी. (i) से r2r^2 का मान समी. (ii) में रखने पर

शंकु की तिरछी ऊँचाई l=49+(24)2l = \sqrt{49 + (24)^2}

=49+576 सेमी.= \sqrt{49 + 576} \text{ सेमी.}

=625=25 सेमी. उत्तर= \sqrt{625} = 25 \text{ सेमी. उत्तर}

प्रश्न 3. एक लम्बवृत्तीय शंकु की ऊँचाई और त्रिज्या का अनुपात 12:512 : 5 है। यदि शंकु का आयतन 8478 सेमी.38478 \text{ सेमी.}^3 है, तो शंकु की तिरछी ऊँचाई ज्ञात कीजिए। (π=3.14 लीजिए\pi = 3.14 \text{ लीजिए})

हल- लम्बवृत्तीय शंकु की ऊँचाई और त्रिज्या का अनुपात =125= \frac{12}{5}

शंकु का आयतन =13πr2h= \frac{1}{3} \pi r^2 h

=8478 सेमी.3.....(i)= 8478 \text{ सेमी.}^3 .....(i)

शंकु की ऊँचाई तथा त्रिज्या का अनुपात 12:512 : 5 दिया है।

hr=125\therefore \frac{h}{r} = \frac{12}{5}

h=125r.....(ii)\therefore h = \frac{12}{5} r .....(ii)

समीकरण (ii) से hh का मान समी. (i) में रखने पर

13πr2×125r=8478 सेमी.3\frac{1}{3} \pi r^2 \times \frac{12}{5} r = 8478 \text{ सेमी.}^3

या, r3=8478×1512×3.14r^3 = \frac{8478 \times 15}{12 \times 3.14}

या, r3=12717037.68r^3 = \frac{127170}{37.68}

या, r3=3375r^3 = 3375

या, r3=(15)3r^3 = (15)^3

या, r=15 सेमी......(iii)r = 15 \text{ सेमी.} .....(iii)

समी. (iii) से rr का मान समी. (ii) में रखने पर

h=125×15h = \frac{12}{5} \times 15

=12×3=36 सेमी. ....(iv)= 12 \times 3 = 36 \text{ सेमी. ....(iv)}

शंकु की तिरछी ऊँचाई

l=h2+r2.....(v)l = \sqrt{h^2 + r^2} .....(v)

hhrr का मान समी. (iv) व (iii) से समी. (v) में रखने पर

शंकु की तिरछी ऊँचाई

l=362+(15)2l = \sqrt{36^2 + (15)^2}

=1296+225= \sqrt{1296 + 225}

=1521= \sqrt{1521}

=39 सेमी. उत्तर= 39 \text{ सेमी. उत्तर}

प्रश्न 4. किसी भवन का ऊपरी भाग अर्धगोलाकार है और इस पर पेंट किया जाना है (देखिए आकृति)। यदि इस अर्धगोले के आधार की परिधि 17.6 m17.6 \text{ m} है, तो 55 रुपये प्रति 100 cm2100 \text{ cm}^2 की दर से इसे पेंट कराने का व्यय ज्ञात कीजिए।

अर्धगोलाकार भवन का चित्र
अर्धगोलाकार भवन का चित्र

हल- चूँकि केवल गोलाकार पृष्ठ पर ही पेंट होगा, इसलिए हमें अर्धगोले के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को ज्ञात करने की आवश्यकता है।

अब, आधार की परिधि =17.6 m= 17.6 \text{ m} है।

इसलिए 2πr=17.62\pi r = 17.6

अर्थात् r=17.6×72×22 m=2.8 mr = \frac{17.6 \times 7}{2 \times 22} \text{ m} = 2.8 \text{ m}

इसलिए, अर्धगोलाकार भवन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल

=2πr2= 2\pi r^2

=2×227×2.8×2.8 m2= 2 \times \frac{22}{7} \times 2.8 \times 2.8 \text{ m}^2

=49.28 m2= 49.28 \text{ m}^2

अतः 49.28 m249.28 \text{ m}^2 पेंटिंग की लागत