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सांख्यिकी
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्नावली 12.1
प्रश्न 1. एक संगठन ने पूरे विश्व में (वर्षों में) की आयु वाली महिलाओं में बीमारी और मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए किए गए सर्वेक्षण से निम्नलिखित आँकड़े (% में) प्राप्त किए-
| क्र.सं. | कारण | महिला मृत्यु दर (%) |
|---|---|---|
| 1. | जनन स्वास्थ्य अवस्था | 31.8 |
| 2. | तंत्रिका मनोविकारी अवस्था | 25.4 |
| 3. | क्षति | 12.4 |
| 4. | हृदय वाहिका अवस्था | 4.3 |
| 5. | श्वसन अवस्था | 4.1 |
| 6. | अन्य कारण | 22.0 |
(i) ऊपर दी गई सूचनाओं को आलेखीय रूप में निरूपित कीजिए।
(ii) कौनसी अवस्था पूरे विश्व की महिलाओं के खराब स्वास्थ्य और मृत्यु का बड़ा कारण है?
(iii) अपनी अध्यापिका की सहायता से ऐसे दो कारणों का पता लगाने का प्रयास कीजिए जिनकी ऊपर (ii) में मुख्य भूमिका रही हो।
हल-(i) दी गई सूचनाओं का आलेखीय निरूपण-हम दी गई सूचना का दण्ड आरेख निम्नलिखित चरणों में बनाते हैं-
चरण 1. एक कागज पर हम दो लम्बवत् रेखाएँ और खींचते हैं।
चरण 2. पर हम 'महिलाओं में बीमारी व मृत्यु के कारण' और पर महिला मृत्यु दर (%) दिखाते हैं।
चरण 3. पर 'कारण' दर्शाने के लिए हम एक उपयुक्त चौड़ाई चुनते हैं।
चरण 4. पर 'महिला मृत्यु दर (%)' को निरूपित करने के लिए हम उपयुक्त पैमाना चुनते हैं।
यहाँ 1 बड़ा खण्ड (1 सेमी) 5% को निरूपित करता है। इसका दण्ड आरेख अग्र अनुसार है-
(ii) पूरे विश्व में (वर्षों में) की आयु वाली महिलाओं की बीमारी और मृत्यु का मुख्य कारण जनन स्वास्थ्य अवस्था है। चूँकि इसका प्रतिशत सबसे ज्यादा है।
(iii) (a) पुनरुत्पादी स्वास्थ्य अवस्था, (b) अपरिपक्व आयु में प्रजनन।
प्रश्न 2. भारतीय समाज के विभिन्न क्षेत्रों में प्रति हजार लड़कों पर लड़कियों की (निकटतम दस तक की) संख्या के आँकड़े नीचे दिए गए हैं-
| क्षेत्र | प्रति हजार लड़कों पर लड़कियों की संख्या |
|---|---|
| अनुसूचित जाति | 940 |
| अनुसूचित जनजाति | 970 |
| गैर अनुसूचित जाति/जनजाति | 920 |
| पिछड़े जिले | 950 |
| गैर पिछड़े जिले | 920 |
| ग्रामीण | 930 |
| शहरी | 910 |
(i) ऊपर दी गई सूचनाओं को एक दण्ड आलेख द्वारा निरूपित कीजिए।
(ii) कक्षा में चर्चा करके बताइए कि आप इस आलेख से कौन-कौनसे निष्कर्ष निकाल सकते हैं।
हल-(i) हम दी गई सूचना का दण्ड आलेख निम्नलिखित चरणों में बनाते हैं-
चरण 1. एक कागज पर हम दो लम्बवत् रेखाएँ और खींचते हैं।
चरण 2. हम पर 'भारतीय समाज के क्षेत्र' और पर 'प्रति हजार लड़कों पर लड़कियों की संख्या' दिखाते हैं।
चरण 3. पर हम प्रत्येक दण्ड के लिए उपयुक्त चौड़ाई चुनते हैं।
चरण 4. हम पर उपयुक्त पैमाना चुनते हैं। यहाँ बड़ा खण्ड ( सेमी) लड़कियाँ लेते हैं।
चरण 5. हम विभिन्न ऊँचाइयों का परिकलन नीचे दिए अनुसार करते हैं-
(i) अनुसूचित जाति के लिए दण्ड की ऊँचाई
बड़े खण्ड ( सेमी)
(ii) अनुसूचित जनजाति के लिए दण्ड की ऊँचाई
बड़े खण्ड ( सेमी)
(iii) गैर अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए दण्ड की ऊँचाई
बड़े खण्ड ( सेमी)
(iv) 'पिछड़े जिले' के लिए दण्ड की ऊँचाई
बड़े खण्ड ( सेमी)
(v) गैर पिछड़े जिले के लिए दण्ड की ऊँचाई
बड़े खण्ड ( सेमी)
(vi) ग्रामीण के लिए दण्ड की ऊँचाई
बड़े खण्ड ( सेमी)
(vii) शहरी के लिए दण्ड की ऊँचाई
बड़े खण्ड ( सेमी)
भारतीय समाज के विभिन्न क्षेत्रों में प्रति हजार लड़कों पर लड़कियों की संख्या
(ii) आलेख के निष्कर्ष-
(1) अनुसूचित जनजाति में (प्रति हजार लड़कों पर) लड़कियों की संख्या सर्वाधिक है।
(2) गैर पिछड़े जिलों की अपेक्षा पिछड़े जिलों में (प्रति हजार लड़कों पर) लड़कियों की संख्या अधिक है।
(3) शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में (प्रति हजार लड़कों पर) लड़कियों की संख्या अधिक है।
3. एक राज्य के विधानसभा के चुनाव में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा जीती गई सीटों के परिणाम नीचे दिए गए हैं-
| राजनीतिक पार्टी | A | B | C | D | E | F |
|---|---|---|---|---|---|---|
| जीती गई सीटें | 75 | 55 | 37 | 29 | 10 | 37 |
(i) मतदान के परिणामों को निरूपित करने वाला एक दण्ड आलेख खींचिए।
(ii) किस राजनैतिक पार्टी ने अधिकतम सीटें जीती हैं?
हल-(i) हम दी गई सूचना का दण्ड आलेख में निरूपण निम्नानुसार करते हैं-
विधानसभा के चुनावों में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा जीती गई सीटों के परिणाम।
चुना गया पैमाना : -अक्ष : बड़ा खण्ड अर्थात् सीटें
(ii) यहाँ पर जीती गई सीटों की संख्या आयतों की ऊँचाई के अनुक्रमानुपाती है और राजनीतिक पार्टी के लिए प्रदर्शित आयत की ऊँचाई सबसे अधिक है। अतः राजनीतिक पार्टी ने अधिकतम सीटें जीतीं।
4. एक पौधे की पत्तियों की लम्बाइयाँ एक मिलीमीटर तक शुद्ध मापी गई हैं और प्राप्त आँकड़ों को निम्नलिखित सारणी में निरूपित किया गया है-
| लम्बाई (मिलीमीटर में) | पत्तियों की संख्या |
|---|---|
| 118–126 | 3 |
| 127–135 | 5 |
| 136–144 | 9 |
| 145–153 | 12 |
| 154–162 | 5 |
| 163–171 | 4 |
| 172–180 | 2 |
(i) दिए हुए आंकड़ों को निरूपित करने वाला एक आयतचित्र खींचिए।
(ii) क्या इन्हीं आंकड़ों को निरूपित करने वाला कोई अन्य उपयुक्त आलेख है?
(iii) क्या यह सही निष्कर्ष है कि मिलीमीटर लम्बाई वाली पत्तियों की संख्या सबसे अधिक है? क्यों?
हल-(i) दिए गए आंकड़ों के वर्ग असतत हैं। हम सबसे पहले बारम्बारता बंटन को सतत बारम्बारता बंटन में बदलेंगे। एक वर्ग की निम्न सीमा और उससे पहले वर्ग की उच्च सीमा का आधा ज्ञात करने पर
अब प्रत्येक वर्ग में बंटन को सतत बनाएंगे। प्रत्येक निम्न सीमा में से घटाएंगे और प्रत्येक उच्च सीमा में जोड़ेंगे।
अतः निम्नानुसार बंटन प्राप्त करते हैं-
| लम्बाई (मिलीमीटर में) | पत्तियों की संख्या |
|---|---|
| 117.5–126.5 | 3 |
| 126.5–135.5 | 5 |
| 135.5–144.5 | 9 |
| 144.5–153.5 | 12 |
| 153.5–162.5 | 5 |
| 162.5–171.5 | 4 |
| 171.5–180.5 | 2 |
हम दिए हुए आंकड़ों को आयतचित्र के रूप में निम्न अनुसार निरूपित करते हैं-
पत्तों की लम्बाइयों का एक मिलीमीटर तक शुद्ध माप
चुना गया पैमाना : Y-अक्ष पर एक बड़ा खण्ड अर्थात् पत्ता।
X-अक्ष पर एक खण्ड ( सेमी) मिमी
(ii) हाँ, इन्हीं आंकड़ों को निरूपित करने की एक अन्य उपयुक्त विधि बारम्बारता बहुभुज है।
(iii) नहीं, वर्ग मिमी. के अन्तर्गत मिमी. आता है, अतः इस वर्ग की बारम्बारता सबसे अधिक है परन्तु यह आवश्यक नहीं है कि मिमी. लम्बाई की पत्तियों की संख्या सबसे अधिक हो; क्योंकि यह अधिकतम बारम्बारता मिमी. से मिमी. तक के पूरे वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है न कि मात्र मिमी. का।
- नीचे की सारणी में नियॉन लैम्पों के जीवन काल दिए गए हैं-
| जीवन काल (घण्टों में) | लैम्पों की संख्या |
|---|---|
| 300–400 | 14 |
| 400–500 | 56 |
| 500–600 | 60 |
| 600–700 | 86 |
| 700–800 | 74 |
| 800–900 | 62 |
| 900–1000 | 48 |
(i) एक आयतचित्र की सहायता से दी हुई सूचनाओं को निरूपित कीजिए।
(ii) कितने लैम्पों के जीवन काल घण्टों से अधिक हैं?
हल-(i) हम दी गई सूचना को निम्नानुसार आयतचित्र में निरूपित करते हैं-
(ii) घण्टों से अधिक जीवन काल वाले लैम्पों की संख्या
लैम्प उत्तर
6. नीचे की दो सारणियों में प्राप्त किए गए अंकों के अनुसार दो सेक्शनों के विद्यार्थियों का बंटन दिया गया है-
| सेक्शन A | सेक्शन B | ||
|---|---|---|---|
| अंक | बारम्बारता | अंक | बारम्बारता |
दो बारम्बारता बहुभुजों की सहायता से एक ही आलेख पर दोनों सेक्शनों के विद्यार्थियों के प्राप्तांक निरूपित कीजिए। दोनों बहुभुजों का अध्ययन करके दोनों सेक्शनों के निष्पादनों की तुलना कीजिए।
हल-दी गई सूचना को बारम्बारता बहुभुज के रूप में निरूपित करेंगे। अतः हम वर्ग-चिह्न और संगत सेक्शन A और B की बारम्बारताओं की सारणी बनाते हैं।
| अंक | वर्ग-चिह्न | सेक्शन बारम्बारता A | सेक्शन बारम्बारता B |
|---|---|---|---|
हम -अक्ष पर वर्ग-चिह्न और -अक्ष पर विद्यार्थियों की संख्या दर्शाते हैं।
सेक्शन A को बारम्बारता बहुभुज के लिए हम क्रमित युग्मों और को बिन्दुओं द्वारा आलेखित करते हैं।
बिन्दुओं को रेखाखण्डों द्वारा मिलाने पर हमें सेक्शन A का बारम्बारता बहुभुज प्राप्त होता है। हम क्रमित युग्म और को आलेखित करते हैं।
इनको रेखाखण्डों से जोड़ने पर हमें सेक्शन B का बारम्बारता बहुभुज प्राप्त होता है।
7. एक क्रिकेट मैच में दो टीमों A और B द्वारा प्रथम गेंदों में बनाए गए रन नीचे दिए गए हैं-
| गेंदों की संख्या | टीम A | टीम B |
|---|---|---|
बारम्बारता बहुभुजों की सहायता से एक ही आलेख पर दोनों टीमों के आंकड़े निरूपित कीजिए।
(संकेत : पहले वर्ग अन्तरालों को सतत बनाइए)
हल-(1) दिये हुये वर्ग असतत हैं। प्रत्येक वर्ग की निम्न सीमा में घटाकर और ऊपरी सीमा में जोड़कर इन्हें सतत बनायेंगे, क्योंकि एक वर्ग की निम्न सीमा और उससे पहले वर्ग की उच्च सीमा का अन्तर एक है। अतः बारम्बारता वितरण को लगातार बनाने के लिये प्रत्येक निम्न सीमा में से घटायेंगे और प्रत्येक उच्च सीमा में जोड़ेंगे।
| असतत वर्ग अन्तराल | सतत वर्ग अन्तराल | वर्ग चिह्न मध्य बिन्दु | टीम A कोटि | टीम B कोटि |
|---|---|---|---|---|
(2) अतः दोनों टीमों के निर्देशांक निम्न होंगे-
टीम A के
तथा
टीम B के
तथा
(3) X-अक्ष पर उचित पैमाना लेकर वर्गों की सीमाओं को प्रदर्शित किया।
(4) Y-अक्ष पर टीमों द्वारा बनाये गये रनों को उचित पैमाना लेकर अंकित किया।
(5) प्रथम वर्ग के ठीक पूर्व एक कल्पित वर्ग लेकर उसका मध्य बिन्दु A ज्ञात किया।
(6) अन्तिम वर्ग के ठीक पश्चात् एक कल्पित वर्ग लेकर उसका मध्य बिन्दु L को ज्ञात किया।
- एक पार्क में खेल रहे विभिन्न आयु वर्गों के बच्चों की संख्या का एक यादृच्छिक सर्वेक्षण (random survey) करने पर निम्नलिखित आँकड़े प्राप्त हुए-
| आयु (वर्षों में) | बच्चों की संख्या |
|---|---|
ऊपर दिए आँकड़ों को निरूपित करने वाला एक आयतचित्र खींचिए।
हल-यहाँ वर्ग आकार बराबर आकार का नहीं है। हम न्यूनतम वर्ग आकार का वर्ग चुनते हैं। यहाँ न्यूनतम वर्ग आकार है।
इस वर्ग आकार के अनुसार समायोजित बारम्बारता (आयतों की ऊँचाइयों) की निम्न सारणी प्राप्त होती है-
| आयु (वर्षों में) | बारम्बारता | चौड़ाई | आयत की लम्बाई |
|---|---|---|---|
अब हम इन लम्बाइयों का प्रयोग करके आयतचित्र बनाते हैं।
चुना गया पैमाना : -अक्ष पर बड़ा खंड अर्थात् बच्चा
-अक्ष पर खंड अर्थात् वर्ष
- एक स्थानीय टेलीफोन निर्देशिका से कुलनाम (surname) यादृच्छया लिए गए और उनसे अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों की संख्या का निम्न बारम्बारता बंटन प्राप्त किया गया-
| वर्णमाला के अक्षरों की संख्या | कुलनामों की संख्या |
|---|---|
(i) दी हुई सूचनाओं को निरूपित करने वाला एक आयतचित्र खींचिए।
(ii) वह वर्ग अन्तराल बताइए जिसमें अधिकतम संख्या में कुलनाम हैं।
हल- यहाँ वर्ग आकार बराबर नहीं है। हम न्यूनतम वर्ग आकार का वर्ग चुनते हैं। यहाँ न्यूनतम वर्ग आकार है।
इस वर्ग आकार के अनुसार समायोजित बारम्बारता (आयतों की ऊँचाइयाँ) की अग्र सारणी प्राप्त होती है-
| वर्णमाला के अक्षरों की संख्या | बारम्बारता | अन्तराल की चौड़ाई | आयत की लम्बाई |
|---|---|---|---|
अब हम इन लम्बाइयों का प्रयोग करके आयतचित्र बनाते हैं-
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न-
दण्ड लेखाचित्र में आयत की ऊँचाई होती है-
(A) वर्ग की आवृत्ति के व्युत्क्रमानुपात में
(B) वर्ग की आवृत्ति के समानुपात में
(C) वर्ग अन्तराल के समानुपात में
(D) वर्ग अन्तराल के व्युत्क्रमानुपात मेंविद्यालय की किसी कक्षा के परीक्षा परिणाम का तुलनात्मक अध्ययन किया जा सकता है-
(A) वृत्ताकार लेखाचित्र से
(B) दण्ड लेखाचित्र से
(C) रैखिक लेखाचित्र से
(D) उपर्युक्त सभी सेनिम्न में से कौनसी ग्राफीय विधि सांख्यिकी आँकड़ों को प्रदर्शित करने की नहीं है-
(A) दण्ड आलेख (B) आयत चित्र
(C) बारम्बारता बहुभुज (D) संचयी बारम्बारता बंटनकिसी भी आयत चित्र में, प्रत्येक आयत का आधार है-
(A) बारम्बारता (B) वर्ग अन्तराल
(C) परास (D) वर्ग अन्तराल का आकारकिसी आयत चित्र में वर्ग अन्तराल या समूह लिए जाते हैं-
(A) -अक्ष के साथ (B) -अक्ष के साथ
(C) दोनों व अक्ष के साथ (D) व अक्ष के मध्यएक दण्ड आलेख को सेमी इकाई द्वारा बनाया गया है। तब लम्बाई सेमी वाला दण्ड प्रदर्शित करता है-
(A) इकाई (B) इकाई
(C) इकाई (D) इकाईएक दण्ड आलेख को सेमी इकाई से बनाया गया है। यदि एक दण्ड को इकाई हेतु सेमी ऊँचाई का बनाया गया तब
(A) (B)
(C) (D)यदि एक दण्ड आलेख की ऊँचाई सेमी है और यह इकाई को प्रदर्शित करता है। इकाई को प्रदर्शित करने वाले दण्ड की ऊँचाई है-
(A) सेमी (B) सेमी
(C) सेमी (D) सेमी
एक दण्ड आलेख में, एक दण्ड की ऊँचाई सेमी है और यह इकाई को प्रदर्शित करता है। सेमी ऊँचाई द्वारा प्रदर्शित इकाई है-
(A) (B)
(C) (D)
उत्तर-तालिका
| 1. (B) | 2. (B) | 3. (D) | 4. (B) | 5. (B) |
|---|---|---|---|---|
| 6. (D) | 7. (D) | 8. (C) | 9. (C) |
रिक्त स्थानों की पूर्ति करो-
- दण्ड आलेख में दण्डों की ऊँचाइयाँ ............... के मानों पर निर्भर करती है।
- दण्ड आलेख में खंडों के मध्य ............... दूरियाँ छोड़ी जाती हैं।
- वह आलेख जिसमें किसी श्रेणी की बारम्बारता बराबर एक-दूसरे से सटे हुए आयतों द्वारा दर्शायी जाती है, उसे ............... कहते हैं।
- दण्ड आलेख को क्षैतिज या ............... दोनों प्रकार से बनाया जा सकता है।
- बारम्बारता बहुभुज में आयतचित्र के संगत आयतों की ऊपरी भुजाओं के ............... को रेखाखण्डों से जोड़ते है।
उत्तर- 1. चर 2. बराबर 3. आयत चित्र 4. ऊर्ध्वाधर 5. मध्य बिन्दुओं
सत्य/असत्य-निम्नलिखित कथनों के लिए सत्य अथवा असत्य लिखिए-
- दण्ड आलेख को क्षैतिज या ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार से बनाया जा सकता है।
- दण्ड आलेख में सभी दण्डों की चौड़ाई एक समान होनी चाहिए।
- दण्ड आलेख में दण्डों के बीच की दूरी अलग-अलग हो सकती है।
- दण्ड आलेख के दण्ड क्षैतिज या ऊर्ध्वाधर हो सकते हैं।
- आयत चित्र का निर्माण सतह समूह बारम्बारता बंटन के असमान वर्ग अन्तरालों के लिए भी किया जा सकता है।
उत्तर- 1. सत्य 2. सत्य 3. असत्य 4. सत्य 5. सत्य
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. आयतचित्र किसे कहते हैं?
उत्तर- वह लेखाचित्र जिसमें किसी श्रेणी की बारम्बारता बराबर एक-दूसरे से सटे हुए आयतों द्वारा दर्शायी जाती है, उसे आयतचित्र कहते हैं।
प्रश्न 2. किसी वर्ग अन्तराल का वर्ग चिह्न कैसे ज्ञात करते हैं?
उत्तर- किसी वर्ग अन्तराल का वर्ग चिह्न ज्ञात करने के लिए हम उस वर्ग अन्तराल की उपरि सीमा और निम्न सीमा का योग ज्ञात करते हैं और इस योग को से भाग दे देते हैं।
प्रश्न 3. बारम्बारता बहुभुज का प्रयोग कब किया जाता है?
उत्तर- बारम्बारता बहुभुज का प्रयोग तब किया जाता है जबकि आँकड़े सतत और बहुत अधिक हों। यह समान प्रकृति के दो अलग-अलग आँकड़ों की तुलना करने में अधिक उपयोगी होता है।
प्रश्न 4. आँकड़ों में दिए गए वर्गों को सतत बनाने के लिए क्या करते हैं?
उत्तर- आँकड़ों में दिए गए वर्गों को सतत बनाने के लिए निम्न सीमा में से घटाएँ और उच्च सीमा में जोड़ेंगे।
प्रश्न 5. दण्ड आलेख बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर- दण्ड आलेख बनाते समय हमें निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए-
(i) दण्डों की चौड़ाई एकसमान होनी चाहिए।
(ii) सभी दण्डों के बीच की दूरी एकसमान होनी चाहिए।
(iii) दण्ड या तो क्षैतिज होंगे या फिर ऊर्ध्वाधर। ऊर्ध्वाधर दण्ड अधिक उपयुक्त होता है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. निम्नलिखित सारणी में-
| प्रतिदिन का वेतन (रु.) | बारम्बारता |
|---|---|
(i) चौथे वर्ग की ऊपरी सीमा लिखिए।
(ii) छठे वर्ग की निम्न सीमा लिखिए।
(iii) वर्ग अन्तराल लिखिए।
(iv) तीसरे वर्ग की बारम्बारता लिखिए।
(v) रु. प्रतिदिन प्राप्त करने वाले कार्मिकों की संख्या लिखिए।
हल-
(i) चौथे वर्ग की ऊपरी सीमा रु.
(ii) छठे वर्ग की निम्न सीमा रु.
(iii) वर्ग अन्तराल रु.
(iv) तीसरे वर्ग की बारम्बारता
(v) रु. प्रतिदिन प्राप्त करने वाले कार्मिकों की संख्या
उत्तर
प्रश्न 2. एक विद्यालय में से तक के सत्रों में कक्षा IX के विद्यार्थियों की संख्या निम्न सारणी में दी गई हैं-
| सत्र | |||||
|---|---|---|---|---|---|
| विद्यार्थियों की संख्या |
उपरोक्त सूचनाओं को दण्ड आलेख द्वारा निरूपित कीजिए।
हल- -अक्ष पर सत्र व -अक्ष पर विद्यार्थियों की संख्या होते हैं।
पैमाना : -अक्ष पर, सेमी विद्यार्थी
-अक्ष पर सेमी सत्र
| समय अन्तराल | से बजे | से बजे | से बजे | से बजे | से बजे | से बजे |
|---|---|---|---|---|---|---|
| वाहनों की संख्या |
हल- -अक्ष पर समय अन्तराल तथा -अक्ष पर वाहनों की संख्या लेकर दण्ड आलेख बनाते हैं। पैमाना -अक्ष पर, सेमी घण्टा, -अक्ष पर, सेमी वाहन।
742
(iii) कुल विद्यार्थी उत्तर
- दिए गए दण्ड आलेख का विश्लेषण कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(i) दण्ड आलेख द्वारा दी गई सूचना क्या है?
(ii) दिए गए वर्षों में छात्रों की संख्या में परिवर्तन का क्रम क्या है?
(iii) किस वर्ष में छात्रों की वृद्धि अधिकतम है?
हल-(i) दण्ड आलेख शैक्षणिक सत्र से के दौरान एक स्कूल की किसी कक्षा में छात्रों की संख्या का प्रतिनिधित्व करता है।
(ii) छात्रों की संख्या बढ़ते क्रम में बदल रही है क्योंकि दण्डों की ऊँचाई बढ़ रही है।
(iii) छात्रों की संख्या में वृद्धि एक समान है क्योंकि दण्डों की ऊँचाई में वृद्धि एक समान है इसलिए इस मामले में वृद्धि किसी एक वर्ष में अधिकतम नहीं है।
- दिए गए आलेख का विश्लेषण कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(i) दण्ड आलेख द्वारा दी गई सूचना क्या है?
(ii) किस महीने में किताब की बिक्री अधिकतम थी?
(iii) किस महीने में किताब की बिक्री न्यूनतम थी?
(iv) इन महीनों में पुस्तकों की कुल बिक्री कितनी है?
प्रश्न 4. दिए गए दण्ड आलेख का विश्लेषण कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(i) किस नम्बर के जूते सबसे कम विद्यार्थियों ने पहने?
(ii) किस नम्बर के जूते सबसे अधिक विद्यार्थियों ने पहने?
(iii) कुल विद्यार्थियों की संख्या ज्ञात करो।
हल-(i) नम्बर के जूते सबसे कम विद्यार्थियों ने पहने।
(ii) नम्बर के जूते सबसे अधिक विद्यार्थियों ने पहने।
हल-(i) दण्ड आलेख किसी पुस्तक विक्रेता द्वारा किसी वर्ष अप्रैल से अगस्त तक बेची गई पुस्तकों की संख्या है।
(ii) पुस्तकों की बिक्री अधिकतम अप्रैल माह में हुई।
(iii) पुस्तकों की न्यूनतम बिक्री अगस्त माह में हुई।
(iv) 5 महीनों में पुस्तकों की कुल बिक्री
- दिए गए दण्ड आलेख का विश्लेषण कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(i) इस दण्ड आलेख द्वारा क्या सूचना दी गई है?
(ii) 1993-94 में किन दो राज्यों का उत्पादन समान है?
(iii) दोनों वर्षों में समान उत्पादन करने वाले राज्य का नाम लिखिए।
(iv) किस राज्य में न्यूनतम उत्पादन होता है?
हल-(i) दिया गया दण्ड आलेख विभिन्न राज्यों में 1992-93 तथा 1993-94 में कोयला उत्पादन (लाख टन में) को दर्शाता है।
(ii) 1993-94 में मध्यप्रदेश (म.प्र.) तथा बिहार का उत्पादन समान है।
(iii) दोनों वर्षों में समान उत्पादन करने वाला राज्य यू.पी. (उत्तरप्रदेश) है।
(iv) यू.पी.
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. नवीं कक्षा के 40 विद्यार्थियों से उनके जन्म का महीना बताने के लिए कहा गया। इस प्रकार प्राप्त आँकड़ों से निम्नलिखित आलेख बनाया गया-
ऊपर दिए गए आलेख को देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(i) नवम्बर के महीने में कितने विद्यार्थियों का जन्म हुआ?
(ii) किस महीने में सबसे अधिक विद्यार्थियों का जन्म हुआ?
हल-ध्यान दीजिए कि यहाँ चर 'जन्म दिन का महीना' है और चर का मान 'जन्म लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या' है।
(i) नवम्बर के महीने में 4 विद्यार्थियों का जन्म हुआ।
(ii) अगस्त के महीने में सबसे अधिक विद्यार्थियों का जन्म हुआ।
प्रश्न 2. एक परिवार ने जिसकी मासिक आय रु. है, विभिन्न मदों के अन्तर्गत हर महीने होने वाले खर्च की योजना बनाई थी :
| मद | खर्च (हजार रुपयों में) |
|---|---|
| ग्रॉसरी (परचून का सामान) | 4 |
| किराया | 5 |
| बच्चों की शिक्षा | 5 |
| दवाइयाँ | 2 |
| ईंधन | 2 |
| मनोरंजन | 1 |
| विविध | 1 |
ऊपर दिए गए आँकड़ों का एक दण्ड आलेख बनाइए।
हल- हम इन आँकड़ों का दण्ड आलेख निम्नलिखित चरणों में बनाते हैं। ध्यान दीजिए कि दूसरे स्तम्भ में दिया गया मात्रक (unit) 'हजार रुपयों में' है। अतः ग्रॉसरी (परचून का सामान) के सामने लिखा अंक 4 का अर्थ रु. है।
कोई भी पैमाना (scale) लेकर हम क्षैतिज अक्ष पर मदों (चर) को निरूपित करते हैं, क्योंकि यहाँ दण्ड की चौड़ाई का कोई महत्व नहीं होता। परन्तु स्पष्टता के लिए हम सभी दण्ड समान चौड़ाई के लेते हैं और उनके बीच समान दूरी बनाए रखते हैं। माना मद = सेमी.
अपने पहले मद अर्थात् ग्रॉसरी को निरूपित करने के लिए, हम मात्रक की चौड़ाई मात्रक की ऊँचाई वाला एक आयताकार दण्ड बनाते हैं।
- इसी प्रकार, दो क्रमागत दण्डों के बीच मात्रक का खाली स्थान छोड़कर अन्य मदों को निरूपित किया जाता है।
प्रश्न 3. नीचे दी गयी बारम्बारता बंटन सारणी में एक कक्षा के विद्यार्थियों के भार दिये गये हैं। इसका आयत चित्र और बारम्बारता बहुभुज बनाइये।
| भार (kg. में) | विद्यार्थियों की संख्या |
|---|---|
| कुल योग | 36 |
हल-(1) यहाँ पर पहला वर्ग अन्तराल से प्रारम्भ हो रहा है न कि शून्य से, इसलिये हम एक निकुंच (kink) का चिह्न बनाकर या अक्ष में एक विच्छेद रेखा दिखाकर आलेख पर दर्शा सकते हैं। पैमाना cm = kg. ले सकते हैं।
(2) यहाँ पर अधिकतम बारम्बारता है। इसलिये हमें एक ऐसे पैमाने का चयन करना होता है जिससे कि उसमें यह अधिकतम बारम्बारता आ सके।
उपरोक्त आयत चित्र के संगत आयतों की ऊपरी भुजाओं के मध्य-बिन्दुओं को रेखाखण्डों से जोड़ दें और इनके मध्य बिन्दुओं को B, C, D, E, F तथा G से अंकित करें। जब इन मध्य-बिन्दुओं को हम रेखाखण्डों से जोड़ देते हैं, तो हमें आकृति BCDEFG प्राप्त होती है।
यहाँ पर हमने प्रत्येक स्थिति में अंकों के अन्तराल पर लम्बाइयाँ परिकलित की हैं। इसलिए हम इन लम्बाइयों की प्रति अंक अन्तराल पर विद्यार्थियों के समानुपाती मान सकते हैं।
प्रश्न 4. निम्नलिखित बंटन का एक आयत चित्र बनाइए-
| अंक | विद्यार्थियों की संख्या |
|---|---|
| और उससे अधिक | |
| कुल योग |
हल-
| अंक | बारम्बारता | वर्ग की चौड़ाई | आयत की लम्बाई |
|---|---|---|---|
5. निम्नलिखित आँकड़े राजस्थान राज्य के उन छात्रों की संख्या देते हैं जो कुछ वर्षों के दौरान अध्ययन के लिए विदेश गए थे-
| वर्ष | ||||||
|---|---|---|---|---|---|---|
| विद्यार्थियों की संख्या |
दण्ड आलेख की सहायता से उपरोक्त आँकड़ों को निरूपित कीजिए।
हल-दण्ड आलेख बनाते समय निम्नलिखित चरणों का उपयोग करते हैं-
(1) सर्वप्रथम ग्राफ पेपर पर दो परस्पर लम्बवत रेखाएँ व खींचते हैं।
(2) के साथ ग्राफ के लिए उपलब्ध स्थान के अनुसार दण्डों की समान चौड़ाई और उनके बीच समान अन्तराल चुनते हैं।
(3) पर वर्ष तथा पर छात्रों की संख्या लेते हैं।
(4) पैमाना : सेमी छात्र ( पर)
(5) निम्न प्रकार से विभिन्न दण्डों की गणना करते हैं-
वर्ष में दण्ड की ऊँचाई सेमी
वर्ष में दण्ड की ऊँचाई सेमी