Proofs in Mathematics & Mathematical Modelling
परिशिष्ट : गणित में उपपत्तियाँ एवं गणितीय प्रतिरूपण
इसी प्रकार अन्य वर्षों के लिए गणना करते हैं।
6. राजस्थान बोर्ड की 5 वर्षों की परीक्षा में 10वीं और 12वीं कक्षा के उत्तीर्ण प्रतिशत का परिणाम निम्न तालिका में दिया गया है-
| वर्ष | 1994-95 | 1995-96 | 1996-97 | 1997-98 | 1998-1999 |
|---|---|---|---|---|---|
| X | 90 | 95 | 90 | 80 | 98 |
| XII | 95 | 80 | 85 | 90 | 95 |
आँकड़ों को निरूपित करने के लिए दण्ड आलेख खींचें।
हल- हम आँकड़ों का दण्ड आलेख अग्रलिखित चरणों में बनाते हैं-
(1) हम एक ग्राफ पेपर पर दो रेखाएँ, जो कि एक-दूसरे पर लम्बवत हैं, खींचते हैं। उन्हें क्षैतिज अक्ष (OX) व ऊर्ध्वाधर अक्ष (OY) कहते हैं।
(2) OX के अनुदिश वर्ष तथा OY के अनुदिश उत्तीर्ण प्रतिशत निरूपित करते हैं।
(3) पैमाना : OY पर, सेमी प्रतिशत
(4) सबसे पहले हमें कक्षा 10वीं के परिणाम के लिए दण्ड बनाते हैं और उसके बाद विभिन्न वर्षों के लिए 12वीं के परिणाम के लिए दण्ड बनाते हैं।
(5) कक्षा X व कक्षा XII के दण्डों को अलग-अलग प्रदर्शित करते हैं।
परिशिष्ट-1-गणित में उपपत्तियाँ
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्नावली A 1.1
1. बताइए कि निम्नलिखित कथन सदैव सत्य हैं, सदैव असत्य हैं या संदिग्ध हैं। कारण सहित अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए-
(i) एक वर्ष में महीने होते हैं।
(ii) दीवाली शुक्रवार को पड़ रही है।
(iii) मगादी में तापमान है।
(iv) पृथ्वी का एक चन्द्रमा है।
(v) कुत्ते उड़ सकते हैं।
(vi) फरवरी में केवल दिन होते हैं।
हल-
(i) सदैव असत्य क्योंकि एक वर्ष में माह होते हैं।
(ii) संदिग्ध क्योंकि एक अमुक वर्ष में दीवाली शुक्रवार को पड़ सकती है और नहीं भी पड़ सकती है।
(iii) संदिग्ध क्योंकि वर्ष में कभी-कभी मगादी में तापमान हो सकता है।
(iv) सदैव सत्य।
(v) सदैव असत्य क्योंकि पंख न होने के कारण कुत्ते कभी भी नहीं उड़ सकते हैं।
(vi) संदिग्ध क्योंकि एक लीप वर्ष में फरवरी माह में दिन होते हैं।
2. बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य। कारण सहित उत्तर दीजिए-
(i) एक चतुर्भुज के अन्तःकोणों का योग होता है।
(ii) किसी भी वास्तविक संख्या के लिए है।
(iii) समचतुर्भुज एक समान्तर चतुर्भुज होता है।
(iv) दो सम संख्याओं का योग सम होता है।
(v) दो विषम संख्याओं का योग विषम होता है।
हल - (i) असत्य क्योंकि एक चतुर्भुज के अन्तःकोणों का योग या समकोण ही होता है।
(ii) सत्य, क्योंकि वास्तविक संख्या तथा इससे बड़ी हो सकती है।
(iii) सत्य, क्योंकि समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं तथा भुजाएँ समान्तर होती हैं।
(iv) सत्य, जैसे जो कि एक सम संख्या है।
(v) असत्य, जैसे जो कि एक सम संख्या है।
3. उपयुक्त प्रतिबन्ध लगाकर, निम्नलिखित कथनों को इस प्रकार लिखिए कि वे सत्य कथन बन जाएँ-
(i) सभी अभाज्य संख्याएँ विषम होती हैं।
(ii) एक वास्तविक संख्या का दुगुना सदा एक सम संख्या होती है।
(iii) किसी भी के लिए होता है।
(iv) किसी भी के लिए होता है।
(v) प्रत्येक त्रिभुज में माध्यिका एक कोण समद्विभाजक भी होती है।
हल - (i) से बड़ी सभी अभाज्य संख्याएँ विषम होती हैं।
(ii) प्राकृत संख्या का दुगुना सदैव सम होता है।
(iii) किसी भी के लिए होता है।
(iv) किसी भी के लिए होता है।
(v) एक समबाहु त्रिभुज में माध्यिका कोण अर्द्धक भी होती है।
प्रश्नावली A 1.2
1. निगमनात्मक तर्कण द्वारा निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(i) मानव स्तनधारी होते हैं। सभी स्तनधारी कशेरुक (vertebrates) होते हैं। इन दो कथनों के आधार पर आप मानव के सम्बन्ध में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
(ii) एंथनी एक नाई है। दिनेश ने अपने बाल कटवाए हैं। क्या आप यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि एंथनी ने दिनेश के बाल काटे हैं?
(iii) मार्टियन (Martians) की जीभ लाल होती है। गुलग एक मार्टियन है। इन दो कथनों के आधार पर आप गुलग के बारे में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
(iv) यदि किसी दिन चार घण्टे से अधिक समय तक वर्षा होती है, तो अगले दिन गटोरों की सफाई करनी पड़ती है। आज घण्टे तक वर्षा हुई है। कल गटर की अवस्था क्या होगी, इसके बारे में आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
(v) नीचे के कार्टून में दिए गए गाय के तर्क में क्या विरोधाभास (fallacy) है?
हल - (i) मानव मेरूदण्ड वाले होते हैं।
(ii) नहीं, दिनेश अपने बाल किसी अन्य से भी कटवा सकता है।
(iii) गुलग की जीभ लाल है।
(iv) हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि गटर की सफाई तुरन्त होनी चाहिए।
(v) यह आवश्यक नहीं है कि पूँछ वाले सभी जानवर कुत्ते ही हों, जैसे-बैल, बन्दर, भैंस आदि जानवरों के पूँछ होती है परन्तु वे कुत्ते नहीं हैं।
2. आपको फिर से चार कार्ड दिए गए हैं। प्रत्येक कार्ड के एक ओर एक संख्या और दूसरी ओर एक अक्षर छपा है। नीचे दिया गया नियम लागू होता है या नहीं, इसकी जाँच करने के लिए वे कौनसे दो कार्ड होंगे जिन्हें उलटने की आवश्यकता होगी?
"यदि एक कार्ड की एक ओर एक व्यंजन हो, तो उसकी दूसरी ओर एक विषम संख्या होती है।"
हल - अब आपको उलटकर B और को देखना होता है। यदि दूसरी ओर B पर एक सम संख्या हो, तो नियम भंग हो जाता है। इसी प्रकार यदि दूसरी ओर पर एक स्वर हो तो नियम भंग हो जाता है।
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प्रश्नावली A 1.3
1. कोई भी तीन क्रमागत सम संख्याएँ लीजिए और उनका गुणनफल ज्ञात कीजिए-उदाहरण के लिए , आदि। इन गुणनफलों के तीन कंजेक्चर बनाइए।
हल- प्रश्नानुसार तीन सम्भव कंजेक्चर निम्नलिखित हैं-
(i) किन्हीं भी क्रमागत तीन सम संख्याओं का गुणनफल सम होता है।
(ii) किन्हीं भी क्रमागत तीन सम संख्याओं का गुणनफल से भाज्य होता है।
(iii) किन्हीं भी क्रमागत तीन सम संख्याओं का गुणनफल से भाज्य होता है।
2. पास्कल-त्रिभुज पर आ जाइए।
पंक्ति
पंक्ति
पंक्ति
पंक्ति और पंक्ति के लिए एक-एक कंजेक्चर बनाइए। क्या आपका कंजेक्चर सत्य है? क्या आपका कंजेक्चर पंक्ति पर भी लागू होता है?
हल- पंक्ति
पंक्ति
उपर्युक्त पंक्तियों के लिए यह कंजेक्चर सत्य है।
पंक्ति
पंक्ति पर कंजेक्चर लागू नहीं होता है।
3. आइए हम त्रिभुजीय संख्याओं को पुनः देखें (आकृति)। दो क्रमागत संख्याओं को जोड़िए। उदाहरण के लिए , , है।
के बारे में आपका क्या कहना है? का एक कंजेक्चर बनाइए।
हल-
का एक कंजेक्चर है-
उत्तर
4. निम्नलिखित प्रतिरूप देखिए-
निम्नलिखित में से प्रत्येक का एक कंजेक्चर बनाइए-
जाँच कीजिए कि आपका कंजेक्चर सत्य है या नहीं।
हल-
जाँच-
तथा
अतः दोनों कंजेक्चर सत्य हैं।
5. इस पुस्तक में प्रयुक्त पाँच अभिगृहीत (अभिधारणाएँ) बताइए।
हल- इसका हल विद्यार्थी स्वयं भी अन्य प्रकार से कर सकते हैं। यहाँ हम यूक्लिड की पाँच अभिधारणाएँ लेते हैं-
(1) एक बिन्दु से एक अन्य बिन्दु तक एक सीधी रेखा खींची जा सकती है।
(2) एक सांत रेखा को अनिश्चित रूप से बढ़ाया जा सकता है।
(3) किसी को केन्द्र मानकर और किसी त्रिज्या से एक वृत्त खींचा जा सकता है।
(4) सभी समकोण एक-दूसरे के बराबर होते हैं।
(5) यदि एक सीधी रेखा दो सीधी रेखाओं पर गिरकर अपने एक ही ओर दो अन्तःकोण इस प्रकार बनाए कि इन दोनों कोणों का योग मिलकर दो समकोणों से कम हो, तो वे दोनों सीधी रेखाएँ अनिश्चित रूप से बढ़ाए जाने पर उसी ओर मिलती हैं जिस ओर यह योग दो समकोणों से कम होता है।
प्रश्नावली A 1.4
1. अग्रलिखित कथनों को असत्य सिद्ध करने के लिए प्रत्युदाहरण ज्ञात कीजिए-
(i) यदि दो त्रिभुजों के संगत कोण बराबर हों, तो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
(ii) वह चतुर्भुज, जिसकी सभी भुजाएँ बराबर हैं, एक वर्ग होता है।
(iii) वह चतुर्भुज, जिसके सभी कोण बराबर हैं, एक वर्ग होता है।
(iv) यदि और पूर्णांक हैं, तो है।
(v) एक अभाज्य संख्या है, जहाँ पूर्ण संख्या है।
(vi) सभी धनात्मक पूर्णांकों के लिए एक अभाज्य संख्या है।
हल-(i) समान कोण, परन्तु अलग-अलग भुजाओं वाले कोई भी दो त्रिभुज हो सकते हैं।
(ii) समभुज की भुजाएँ तो बराबर होती हैं परन्तु यह वर्ग नहीं भी हो सकता है।
(iii) आयत के कोण बराबर होते हैं परन्तु यह वर्ग नहीं भी हो सकता है।
(iv) तथा पर कथन सत्य नहीं है क्योंकि
परन्तु
अतः: तथा पर कथन सत्य नहीं है।
(v) यदि हो तो
जो कि से भाज्य है। अतः अभाज्य संख्या नहीं है।
(vi) यदि हो तो
जो कि से भाज्य है अतः अभाज्य नहीं है।
2. आप अपने पसन्द की उपपत्ति लीजिए और ऊपर चर्चित की गई विधियों, (अन्तर्ज्ञानात्मक प्रारम्भिक कदम क्या है, क्या दिया हुआ है, क्या निगमित किया गया है, किन प्रमेयों और अभिगृहीतों का प्रयोग किया गया है, आदि आदि) के अनुसार इसका चरणशः विश्लेषण कीजिए।
हल-इस प्रश्न का उत्तर विद्यार्थी अपनी पसन्द की उपपत्ति के आधार पर दे सकते हैं।
3. सिद्ध कीजिए कि दो विषम संख्याओं का योग सम होता है।
हल-माना तथा दो विषम संख्याएँ हैं।
तब , जहाँ एक प्राकृत संख्या है
तथा , जहाँ भी एक प्राकृत संख्या है।
अतः, दो से भाज्य है तथा सम है।
अतः, दो विषम संख्याओं का योग सम होता है।
इतिसिद्धम्
4. सिद्ध कीजिए कि दो विषम संख्याओं का गुणनफल विषम होता है।
हल-माना तथा दो विषम संख्याएँ हैं।
तब , जहाँ एक प्राकृत संख्या है तथा
, जहाँ भी एक प्राकृत संख्या है।
अतः , से भाज्य नहीं है। इसलिए यह विषम है।
अतः, दो विषम संख्याओं का गुणनफल विषम होता है।
5. सिद्ध कीजिए कि तीन क्रमागत सम संख्याओं का योग से भाज्य होता है।
हल-मान लीजिए और तीन क्रमागत सम संख्याएँ हैं।
अब, इनका योग
जो कि से भाज्य है।
अतः, तीन क्रमागत सम संख्याओं का योग से भाज्य होता है।
6. सिद्ध कीजिए कि उस रेखा पर अपरिमित रूप से अनेक बिन्दु होते हैं जिसका समीकरण है।
हल-रेखा पर कोई बिन्दु लीजिए, जहाँ कोई पूर्णांक है।
अब, यदि हो, तो अभीष्ट बिन्दु है।
यदि हो, तो अभीष्ट बिन्दु है।
यदि हो, तो अभीष्ट बिन्दु है।
यदि हो, तो अभीष्ट बिन्दु है।
यदि हो, तो अभीष्ट बिन्दु है।
क्योंकि पूर्णांकों का समुच्चय एक अपरिमित समुच्चय है। इसलिए, रेखा पर अपरिमित रूप से अनेक बिन्दु होते हैं। जिसका समीकरण है।
7. आपके मित्र ने कभी आपको कहा होगा कि आप अपने मन में एक संख्या सोच लीजिए और उसके साथ विभिन्न क्रियाएँ कीजिए, और तब आपकी मूल संख्या जाने बिना ही उसने बता दिया होगा कि वह वास्तविक संख्या कौनसी थी। आपके पास कौनसी
संख्या बची है। यहाँ दो उदाहरण दिए गए हैं। सिद्ध कीजिए कि ये दोनों उदाहरण सत्य क्यों हैं?
(i) एक संख्या लीजिए, उसका दो गुना कीजिए, उसमें नौ जोड़िए, अपनी मूल संख्या जोड़िए। इसे तीन से भाग दीजिए। अपनी मूल संख्या को इसमें से घटाइए। आपका परिणाम है।
(ii) कोई भी तीन अंकों वाली एक संख्या लीजिए (उदाहरण के लिए लीजिए) इन अंकों को उसी क्रम में दोबारा लिखकर एक छ: अंक वाली संख्या बनाइए ()। आपकी नई संख्या और से भाज्य है।
हल-(i) माना कि मूल संख्या है, तब प्रश्नानुसार हम निम्नलिखित संक्रियायें करते हैं-
.
(ii) माना तीन अंकों वाली संख्या है।
प्रश्नानुसार इन अंकों को दोबारा उसी क्रम में लिखने पर छ: अंकों की संख्या होगी।
का तीन अंकों वाली संख्या से गुणा करते हैं। तब
छ: अंकों वाली संख्या प्राप्त होगी जोकि से भाज्य है।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्नावली A 2.1
नीचे दी गई प्रत्येक समस्या में स्पष्ट रूप से बताइए कि पाठ्यपुस्तक के पेज पर दिए गए चरणों और को लागू करने में सुसंगत और असंगत कौन-कौनसे कारक हैं।
1. मान लीजिए एक कम्पनी को कुछ समय के लिए एक कम्प्यूटर की आवश्यकता है। कम्पनी या तो रु. प्रति माह की दर से कम्प्यूटर किराए पर ले सकती है या रु. में एक कम्प्यूटर खरीद सकती है। यदि कम्पनी को लम्बी अवधि तक कम्प्यूटर का प्रयोग करना है, तो कम्पनी को इतना किराया देना पड़ेगा कि इससे सस्ता तो यह होगा कि वह कम्प्यूटर खरीद ले। इसके विपरीत, यदि कम्पनी को थोड़े समय, अर्थात् केवल एक महीने के लिए ही कम्प्यूटर का प्रयोग करना है, तो ऐसी स्थिति में किराए पर कम्प्यूटर लेना अधिक सस्ता पड़ेगा। उन महीनों की संख्या बताइए जिसके बाद कम्प्यूटर को खरीदना अधिक सस्ता पड़ेगा।
हल- चरण 1 : सूत्रण
प्रासंगिक कारक है कम्प्यूटर को किराए पर लेने की अवधि और हमें दी गई दो लागत। हम यह मान लेते हैं कि कम्प्यूटर को खरीदने या किराये पर लेने पर लागत में कोई सार्थक परिवर्तन नहीं होता। अतः, हम किसी भी परिवर्तन को अप्रासंगिक मान लेते हैं। हम यह भी मान लेते हैं कि सभी ब्रांड के कम्प्यूटर और पीढ़ियाँ समान हैं अर्थात् ये अन्तर भी अप्रासंगिक हैं।
महीनों के लिए कम्प्यूटर को किराए पर लेने पर रु. का खर्चा आता है। यदि यह राशि कम्प्यूटर की कीमत से अधिक है, तो कम्प्यूटर खरीदना ही उत्तम होगा। अतः समीकरण यह होता है-
....(i)
चरण 2 : हल- हल करने पर,
माह
चरण 3 : निर्वचन- क्योंकि महीने बाद कम्प्यूटर को किराए पर लेने पर लागत अधिक आती है। अतः कम्प्यूटर खरीदना ही सस्ता तब पड़ेगा, जबकि इसका प्रयोग आप महीने से अधिक अवधि के लिए करना चाहते हैं।
2. मान लीजिए एक कार स्थान से चलना प्रारम्भ करती है और वह एक अन्य स्थान की ओर की चाल से जाती है। उसी समय एक अन्य कार स्थान से चलना प्रारम्भ करती है और वह की ओर की चाल से जाती है। यदि और के बीच की दूरी है, तो बताइए कि कितने समय बाद एक कार दूसरी कार से मिलेगी?
हल-चरण 1 : सूत्रण- हम यहाँ मान लेंगे कि कार अचर चाल से चल रही है। अतः चाल में हुए किसी भी परिवर्तन को असंगत माना जाएगा। यदि कारें घण्टे के बाद मिलती हैं, तो पहली कार से किमी. की दूरी तय करेगी और दूसरी कार किमी. की दूरी तय करेगी। अतः यह से किमी. की दूरी तय करेगी। अतः समीकरण होगा , अर्थात् ।
चरण 2 : हल—समीकरण हल करने पर प्राप्त होता है।
चरण 3 : निर्वचन— लगभग घण्टा है। अतः कारें घण्टे बाद मिलेंगी।
- पृथ्वी से चन्द्रमा लगभग की दूरी पर है और पृथ्वी के प्रति परिक्रमा करने का पथ लगभग वृत्तीय है। यह मानकर कि चन्द्रमा पृथ्वी की परिक्रमा घण्टे में पूरी करता है, बताइए कि किस चाल से चन्द्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करेगा?
( लीजिए)
हल—चरण 1 : सूत्रण—कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे चांद की चाल यह है-
चरण 2 : हल—क्योंकि कक्षा लगभग वृत्तीय है, इसलिए लम्बाई
एक कक्षा को पूरा करने में चन्द्रमा घण्टे लेता है।
अतः चाल
चरण 3 : निर्वचन—चाल
- एक परिवार उन महीनों में जिनमें वह वाटर हीटर का प्रयोग नहीं करता, बिजली के लिए औसतन रु. भुगतान करता है। जिन महीनों में वह वाटर हीटर का प्रयोग करता है, उन महीनों में बिजली का औसत बिल रु. आता है। वाटर हीटर का प्रयोग करने की लागत रु. प्रति घण्टा है। एक दिन में वाटर हीटर का प्रयोग जितने औसत घण्टों के लिए किया जाता है उसे ज्ञात कीजिए।
हल—चरण 1 : सूत्रण—यह कल्पना कर ली गई है कि बिल में अन्तर होने का कारण केवल वाटर हीटर का प्रयोग है।
मान लीजिए वाटर हीटर के इस्तेमाल होने का औसत समय घण्टा
वाटर हीटर के इस्तेमाल के कारण प्रति महीने अन्तर
एक घण्टे के लिए वाटर हीटर के इस्तेमाल की लागत
इसलिए, दिनों तक वाटर हीटर का इस्तेमाल करने की लागत
अतः दिनों तक वाटर हीटर का इस्तेमाल करने की लागत बिल में अन्तर
इसलिए,
चरण 2 : हल—इस समीकरण से हमें प्राप्त होता है।
चरण 3 : निर्वचन—क्योंकि , इसलिए औसतन प्रति दिन घण्टे तक वाटर हीटर का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्नावली A 2.2
- ओलम्पिक खेलों में जब से मीटर की दौड़ शुरू हुई है तब से स्वर्ण पदक पाने वालों का समय आगे की सारणी में दिया गया है। वर्षों और समयों से सम्बन्धित एक गणितीय निदर्श बनाइए। इसका प्रयोग अगले ओलम्पिक में लगने वाले समय का आकलन करने में कीजिए-
सारणी I
| वर्ष | समय (सेकण्डों में) |
|---|
हल—चरण 1 : सूत्रण—यदि हम को वाँ वर्ष मान लें और के लिए लिखें, क्योंकि के बाद तक वर्ष निकल गए हैं। इसी प्रकार, के लिए, , के लिए आदि लिखेंगे। अतः अब उपर्युक्त सारणी I, सारणी II के समान दिखाई पड़ेगी।
सारणी II
| वर्ष | समय (सेकण्डों में) |
|---|
समय में वृद्धि या कमी आगे सारणी III में है-
| सारणी III | ||
|---|---|---|
| वर्ष | समय (सेकण्डों में) | वृद्धि/कमी |
| सारणी IV | |||
|---|---|---|---|
| वर्ष | समय (सेकण्डों में) | समीकरण (i) द्वारा | अन्तर |
उपर्युक्त सारणी से, हम वर्षों की संख्या और समय में कोई निश्चित सम्बन्ध प्राप्त नहीं कर सकते। इन मानों का माध्य चरण में लिया गया है।
चरण 2 : आने वाले ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक पाने वालों के लिये दौड़ पूरी करने का आकलन करने के लिए समय में हो रही वृद्धि/कमी का औसत निकालने पर माध्य वृद्धि/कमी
चरण 3 : (निर्बचन) — हम यहाँ पर यह मानते हैं कि अगले ओलंपिक खेलों में लगने वाले समय में सेकण्ड की कमी आती है।
अतः पहले वर्ष में लगा समय (सेकण्ड में)
दूसरे वर्ष में लगा समय (सेकण्ड में)
तीसरे वर्ष में लगा समय (सेकण्ड में)
वें वर्ष में लगने वाला समय
चरण 4 : मान्यकरण — आइए हम सूत्र का प्रयोग करके ज्ञात वर्षों के मान ज्ञात करें और अन्तर ज्ञात करके, ज्ञात मानों के साथ इनकी तुलना करें। सारणी IV में ये मान दिए गए हैं।
अतः सारणी III से प्राप्त मानों की तुलना में सारणी IV से प्राप्त मान वास्तविक मान से अधिक निकट है। इस स्थिति में त्रुटियों (वृद्धि/कमी) का माध्य लगभग शून्य है।
समीकरण जो कि वर्षों और समयों से सम्बन्धित गणितीय सम्बन्ध स्थापित करता है। इससे अगले ओलंपिक खेलों में लगने वाले समय का आकलन किया जा सकता है।
प्रज्ञावली
1. आपकी पाठ्यपुस्तक में दी गई शब्द-समस्याओं को हल करने में और गणितीय निर्देशन के प्रक्रम में क्या अन्तर है?
हल—वास्तविक जीवन से जुड़ी स्थितियों में सूत्रण भाग ब्यौरेवार हो सकता है। हम शब्द समस्याओं में उत्तर को व्यक्त नहीं करते। इसके अतिरिक्त इस शब्द समस्या का एक सही उत्तर होता है। आवश्यक नहीं है कि यह वास्तविक जीवन से जुड़ी स्थितियाँ ही हों।
2. मान लीजिए आप चौराहे पर खड़े वाहनों के प्रतीक्षा-काल को कम-से-कम करना चाहते हैं। निम्नलिखित कारकों में कौनसे कारक महत्वपूर्ण हैं और कौनसे कारक महत्वपूर्ण नहीं हैं?
(i) पेट्रोल की कीमत।
(ii) वह दर जिससे चार अलग-अलग सड़कों से आने वाले वाहन चौराहे पर पहुँचते हैं।
(iii) साइकिल और रिक्शा आदि जैसी धीमी गति से चलने वाले वाहनों और कार तथा मोटर साइकिल जैसी तेज गति से चलने वाले वाहनों का अनुपात।
हल—महत्वपूर्ण कारक (ii) और (iii)। यहाँ एक महत्वपूर्ण कारक नहीं है, यद्यपि इसकी बेची गई वाहनों की संख्या को प्रभावित भी कर सकता है।