इसलिए, आपको सिद्ध करना है कि यह त्रिभुज एक समबाहु त्रिभुज है; अर्थात् AB=AC=BC है। अब, AB=AC, क्योंकि ये एक वृत्त की त्रिज्याएँ हैं। (1) इसी प्रकार, AB=BC (एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ) (2) उपर्युक्त दोनों तथ्यों और यूक्लिड के पहले अभिगृहीत (वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु के बराबर होती हैं एक-दूसरे के बराबर होती हैं) से आप निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि AB=BC=AC है।
अतः, △ABC एक समबाहु त्रिभुज है। ध्यान दीजिए कि यहाँ यूक्लिड ने, बिना कहीं बताए, यह मान लिया है कि केन्द्रों A और B को लेकर खींचे गए वृत्त परस्पर एक बिन्दु पर मिलेंगे।
2. चित्र में यदि M व N क्रमशः AB व BC के मध्य बिन्दु हैं। (i) यदि AB=BC है तो दर्शाइये कि AM=NC (ii) यदि BM=BN है तो दर्शाइये कि AB=BC
Line segment ABC with midpoints M and N
हल-(i) दिया है-AB=BC ...(i)
AB का मध्य बिन्दु M है, अतः: AM=MB=21AB ...(ii) BC का मध्य बिन्दु N है, अतः: BN=NC=21BC ...(iii) अभिगृहीत के अनुसार एक ही वस्तुओं के आधे परस्पर बराबर होते हैं। पुनः: AB=BC ...(i) दोनों तरफ 21 से गुणा करने पर- 21AB=21BC ⇒AM=NC [समीकरण (ii) व (iii) से]
(ii) दिया है BM=BN ...(i) दोनों तरफ 2 से गुणा करने पर- 2BM=2BN ...(ii) ∴M,AB का मध्य बिन्दु है अतः: AM=BM=21AB ⇒2BM=AB ...(iii) ∴N,BC का मध्य बिन्दु है अतः: NC=BN=21BC ⇒2BN=BC ...(iv) ∴ (ii), (iii) व (iv) से- AB=BC
6. रेखाएँ और कोण
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्नावली 6.1
1. आकृति में, रेखाएँ AB और CD बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं। यदि ∠AOC+∠BOE=70∘ और ∠BOD=40∘ है, तो ∠BOE और प्रतिवर्ती ∠COE ज्ञात कीजिए।
Intersecting lines AB and CD with ray OE
हल-आकृति के अनुसार
∠AOC+∠COE+∠BOE=180∘ (क्योंकि ये रैखिक युग्म हैं) या (∠AOC+∠BOE)+∠COE=180∘ या 70∘+∠COE=180∘ या ∠COE=180∘−70∘ ∠COE=110∘ उत्तर
∴ प्रतिवर्ती ∠COE=360∘−∠COE
=360∘−110∘ =250∘ पुनः: ∠COE+∠BOE+∠BOD=180∘ (क्योंकि ये रैखिक युग्म हैं) या 110∘+∠BOE+40∘=180∘ या ∠BOE=180∘−110∘−40∘
या ∠BOE=30∘ उत्तर
2. आकृति में, रेखाएँ XY और MN बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं। यदि ∠POY=90∘ और a:b=2:3 है, तो c ज्ञात कीजिए।
Geometry figure showing intersecting lines XY and MN with rays OP and OQ
हल-चित्रानुसार
∠POX+∠POY=180∘ (क्योंकि ये रैखिक युग्म हैं) या ∠POX+90∘=180∘ या ∠POX=180∘−90∘ या ∠POX=90∘ अब मान लिया कि a=2k और b=3k जहाँ k अचर है और k>0 ∠POX=90∘ या a+b=90∘ या 2k+3k=90∘ या 5k=90∘ या k=590=18∘ अतः: a=2k तथा b=3k या a=2×18∘ या b=3×18∘ या a=36∘ या b=54∘ अब पुनः: ∠MOX+∠NOX=180∘ (क्योंकि ये रैखिक युग्म हैं) या b+c=180∘ या 54∘+c=180∘ या c=180∘−54∘ या c=126∘ अतः अभीष्ट c का माप =126∘ उत्तर
3. आकृति में, यदि ∠PQR=∠PRQ है, तो सिद्ध कीजिए कि ∠PQS=∠PRT है।
Triangle PQR with extended base line SRT
हल-प्रश्न में दी गई आकृति के अनुसार
∠PQS+∠PQR=180∘ .....(i) (क्योंकि ये रैखिक युग्म हैं) तथा ∠PRT+∠PRQ=180∘ .....(ii) (क्योंकि ये रैखिक युग्म हैं) अब समीकरण (i) व (ii) के अनुसार ∠PQS+∠PQR=∠PRT+∠PRQ .....(iii) लेकिन प्रश्न में दिया है ∠PQR=∠PRQ ∴ समीकरण (iii) को इस प्रकार लिखा जा सकता है- ∠PQS+∠PQR=∠PRT+∠PQR या ∠PQS=∠PRT+∠PQR−∠PQR या ∠PQS=∠PRT (इति सिद्धम्)
4. आकृति में, यदि x+y=w+z है, तो सिद्ध कीजिए कि AOB एक रेखा है।
Geometry figure with lines intersecting at O forming angles x, y, w, z
हल-प्रश्न में दी गई आकृति के अनुसार
∠AOC+∠BOC+∠DOB+∠AOD=360∘ या x+y+w+z=360∘ या x+y+x+y=360∘ [∵x+y=w+z प्रश्न में दिया है] या 2x+2y=360∘ या 2(x+y)=360∘ या x+y=2360=180∘ या x+y=180∘ (∵ ये रैखिक युग्म हैं) या ∠BOC+∠AOC=180∘ इससे यह प्रदर्शित होता है कि OC,∠AOC और ∠BOC की उभयनिष्ठ भुजा है जो रैखिक युग्म बनाते हैं। अतः AOB एक रेखा है। (इति सिद्धम्)
5. आकृति में, POQ एक रेखा है। किरण OR रेखा PQ पर लम्ब है। किरणों OP और OR के बीच में OS एक अन्य किरण है। सिद्ध कीजिए-
658
∠ROS=21(∠QOS−∠POS)
Geometry figure showing rays P, O, Q on a line with perpendicular ray OR and ray OS
हल- प्रश्न में दी गई आकृति के अनुसार
∠POR+∠QOR=180∘ (क्योंकि ये रैखिक युग्म हैं) या ∠POR+90∘=180∘ या ∠POR=180∘−90∘ या ∠POR=90∘ या ∠POS+∠ROS=90∘ या ∠ROS=90∘−∠POS .....(i) पुन: ∠POS+∠QOS=180∘ .....(ii) (क्योंकि ये रैखिक युग्म हैं) 2∠POS को (ii) के दोनों पक्षों में से घटाने पर ∠POS+∠QOS−2∠POS=180∘−2∠POS या ∠QOS−∠POS=2(90∘−∠POS) या 21(∠QOS−∠POS)=90∘−∠POS .....(iii) अब समीकरण (i) व (iii) से ∠ROS=21(∠QOS−∠POS) (इतिसिद्धम्)
यह दिया है कि ∠XYZ=64∘ है और XY को बिन्दु P तक बढ़ाया गया है। दी हुई सूचना से एक आकृति खींचिए। यदि किरण YQ,∠ZYP को समद्विभाजित करती है, तो ∠XYQ और प्रतिवर्ती ∠QYP के मान ज्ञात कीजिए।
हल- प्रश्न के अनुसार XY को P बिन्दु तक बढ़ाया गया है। इसका अर्थ होगा कि XP एक सरल रेखा है।
अतः ∠XYZ+∠ZYP=180∘ (क्योंकि ये रैखिक युग्म हैं) या 64∘+∠ZYP=180∘ या ∠ZYP=180∘−64∘ या ∠ZYP=116∘ .....(i)
प्रश्नानुसार यह भी दिया है कि YQ,∠ZYP को समद्विभाजित करती है।
Geometry figure showing line XP and ray YQ
∴∠ZYQ=∠QYP=21∠ZYP या ∠ZYP=∠QYP=21×116∘ [समीकरण (i) के प्रयोग से] या ∠ZYQ=∠QYP=58∘ .....(ii) या ∠QYP=58∘ अब ∠XYQ=∠XYZ+∠ZYQ या ∠XYQ=64∘+58∘ या ∠XYQ=122∘ समीकरण (ii) के अनुसार ∠ZYQ=∠QYP ∴∠XYZ=64∘ (प्रश्नानुसार) तथा ∠ZYQ=58∘ ∴ प्रतिवर्ती ∠QYP=360∘−∠QYP या प्रतिवर्ती ∠QYP=360∘−58∘ या प्रतिवर्ती ∠QYP=302∘ उत्तर
प्रश्नावली 6.2
आकृति में, यदि AB∥CD,CD∥EF और y:z=3:7 है, तो x का मान ज्ञात कीजिए।
Geometry figure showing parallel lines AB, CD, EF and transversal
हल- प्रश्नानुसार
∴AB∥CD ∴x+y=180∘ .....(i) [क्योंकि दो समान्तर रेखाओं को यदि एक तिर्यक रेखा काटे तो तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अन्तःकोणों का योग 180∘ होता है।]
प्रश्न में दिया है कि AB∥CD तथा CD∥EF ∴AB∥EF [क्योंकि एक ही रेखा के समान्तर खींची गई दो रेखाएँ परस्पर समान्तर होती हैं।] अतः: x=z .....(ii) [क्योंकि समान्तर रेखाओं के लिए एकान्तर अन्तःकोण बराबर होते हैं।] समीकरण (ii) से x का मान (i) में प्रतिस्थापित करने पर z+y=180∘ .....(iii)
प्रश्नानुसार y:z=3:7 अब माना कि y=3k ∴z=7k, जहाँ k>0 अचर है। y तथा z का यह मान समीकरण (iii) में प्रतिस्थापित करने पर 7k+3k=180∘ या 10k=180∘ या k=10180∘=18∘ ∴y=3k या y=3×18∘=54∘ तथा z=7k या z=7×18∘=126∘ समीकरण (ii) के अनुसार x=z ∴x=126∘ उत्तर
आकृति में, यदि AB∥CD, EF⊥CD और ∠GED=126∘ है, तो ∠AGE,∠GEF और ∠FGE ज्ञात कीजिए।
Geometry figure showing parallel lines AB and CD with transversal GE and perpendicular EF
हल-प्रश्न में दिए गए चित्र के अनुसार AB∥CD तथा GE एक तिर्यक रेखा है।
इसमें ∠AGE=∠GED (ये एकान्तर कोण हैं) या ∠AGE=126∘ .....(i) [∵∠GED=126∘ दिया गया है] या ∠GEF+∠FED=126∘ या ∠GEF+90∘=126∘ [∵EF,CD पर लम्ब है (दिया गया है) ∴∠FED=90∘]
या ∠GEF=126∘−90∘ या ∠GEF=36∘ अब ∠AGE+∠FGE=180∘ (क्योंकि ये रैखिक युग्म हैं) या 126∘+∠FGE=180∘ [समी. (i) से ∠AGE=126∘] या ∠FGE=180∘−126∘ या ∠FGE=54∘ उत्तर
आकृति में, यदि PQ∥ST,∠PQR=110∘ और ∠RST=130∘ है, तो ∠QRS ज्ञात कीजिए। [संकेत-बिन्दु R से होकर ST के समान्तर एक रेखा खींचिए।]
Geometry figure showing parallel lines PQ and ST with transversal lines and point R
हल-प्रश्न में दिए गए चित्र में बिन्दु R से होकर ST के समान्तर एक रेखा RN खींची।
अतः: ST∥RN या ∠RST+∠SRN=180∘ [क्योंकि दो समान्तर रेखाओं के बीच एक तिर्यक रेखा के एक ओर के अंतःकोणों का योग 180∘ होता है।] या 130∘+∠SRN=180∘ या ∠SRN=180∘−130∘ या ∠SRN=50∘ .....(i)
प्रश्नानुसार दिया गया है कि PQ∥ST तथा की गई रचना से RN∥ST ∴PQ∥RN [क्योंकि दो रेखाएँ जो एक ही रेखा के समान्तर हों, वे परस्पर समान्तर होती हैं।] ∵PQ∥RN और QR एक तिर्यक रेखा है। ∴∠QRN=∠PQR (एकान्तर कोण हैं) या ∠QRN=110∘ [∵∠PQR=110∘ (दिया है)] ∴∠QRN=110∘ या ∠QRS+∠SRN=110∘ या ∠QRS+50∘=110∘ [समीकरण (i) से] या ∠QRS=110∘−50∘ या ∠QRS=60∘ उत्तर
4. आकृति में, यदि AB∥CD, ∠APQ=50∘ और ∠PRD=127∘ है, तो x और y ज्ञात कीजिए।
Geometry figure showing parallel lines AB and CD with transversal lines AP and PR
हल- प्रश्न में दिए गए चित्र के अनुसार AB∥CD तथा PQ एक तिर्यक रेखा है।
∴x=∠APQ (एकान्तर कोण हैं) या x=50∘ [∵∠APQ=50∘ दिया गया है] पुन: चित्र के अनुसार AB∥CD तथा PR एक तिर्यक रेखा दोनों को प्रतिच्छेद करती है। ∴∠APR=∠PRD (एकान्तर कोण हैं) या ∠APQ+∠QPR=∠PRD या 50∘+y=127∘ या y=127∘−50∘ या y=77∘ उत्तर
5. आकृति में, PQ और RS दो दर्पण हैं जो एक-दूसरे के समान्तर रखे गए हैं। एक आपतन किरण (incident ray) AB, दर्पण PQ से B पर टकराती है और परावर्तित किरण (reflected ray) पथ BC पर चलकर दर्पण RS से C पर टकराती है तथा पुन: CD के अनुदिश परावर्तित हो जाती है। सिद्ध कीजिए कि AB∥CD है।
Two parallel mirrors PQ and RS with light ray reflecting from B to C
हल- दिया है- आकृति में PQ और RS दो दर्पण हैं जो एक-दूसरे के समान्तर हैं। एक आपतन किरण AB, दर्पण PQ से B पर टकराती है। CD एक परावर्तित किरण है जो दर्पण RS से परावर्तित होती है।
Geometry figure showing normals L and M at points B and C
सिद्ध करना है- AB∥CD उपपत्ति- हम जानते हैं कि आपतन कोण = परावर्तन कोण ∴∠1=∠2 और ∠3=∠4 .....(i) [यहाँ ∠1 आपाती किरण AB है और अभिलम्ब BL है।] ∴∠1 एक आपतन कोण है, ∠2 परावर्तित किरण BC और अभिलम्ब BL के बीच स्थित है। अतः ∠2 परावर्तित कोण है। इसी प्रकार ∠3 और ∠4 क्रमशः आपतन कोण और परावर्तित कोण हैं। ∴PQ∥RS तथा BL⊥PQ पर तथा BL∥CM तथा CM⊥RS पर अब समान्तर रेखाएँ BL और CM हैं। एक तिर्यक रेखा BC इनको प्रतिच्छेद करती है। ∴∠2=∠3 .....(ii) (एकान्तर कोण हैं) अब ∠ABC=∠1+∠2 या ∠ABC=∠2+∠2 [क्योंकि ∠1=∠2] या ∠ABC=2∠2 और ∠BCD=∠3+∠4 या ∠BCD=∠3+∠3 [क्योंकि ∠3=∠4] या ∠BCD=2∠3 लेकिन समीकरण (ii) के अनुसार ∠2=∠3 या 2∠2=2∠3 या ∠ABC=∠BCD ये एकान्तर कोण हैं तथा BC एक तिर्यक रेखा है। अतः AB∥CD (इति सिद्धम्)
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न-
नीचे आकृति में वृहत् कोण, AOB बराबर है-
Angle AOB with 60 degrees marked
(A) 60∘ (B) 120∘ (C) 300∘ (D) 360∘
नीचे आकृति में दो सरल रेखाएँ AB तथा CD
एक-दूसरे को O बिन्दु पर प्रतिच्छेद कर रही हैं और इस प्रकार बिन्दु O पर बने कोण अंकित हैं। यहाँ ∠x−∠y का मान है-
Geometry figure showing intersecting lines with angles x, y, and 62°
(A) 56∘ (B) 118∘ (C) 62∘ (D) 180∘
ऐसा कोण जिसका मान 180∘ है, कहलाता है-
(A) न्यून कोण (B) ऋजु कोण (C) वृहत् कोण (D) समकोण
दिये गये चित्र में यदि AOB एक सरल रेखा है तो कोण COD का मान होगा-
Geometry figure showing a straight line AOB with angles 4x°, 5x°, 3x°
(A) 15∘ (B) 45∘ (C) 60∘ (D) 75∘
एक कोण अपने संपूरक का तीन गुना है। तब कोण का माप है- (A) 130∘ (B) 135∘ (C) 90∘ (D) 120∘
यदि दो रेखाएँ AB तथा CD परस्पर O पर प्रतिच्छेदित होती हैं। यदि ∠BOD=63∘, तब ∠BOC= (A) 63∘ (B) 117∘ (C) 17∘ (D) 153∘
दो रेखाएँ AB व CD बिन्दु O पर प्रतिच्छेद होती हैं। यदि ∠AOC+∠COB+∠BOD=270∘, तब ∠AOD= (A) 70∘ (B) 80∘ (C) 90∘ (D) 180∘
दिए गए चित्र में POQ एक सरल रेखा है तब x का मान है-
Geometry figure showing straight line POQ with angles 40°, 4x, 3x
(A) 20∘ (B) 25∘ (C) 30∘ (D) 35∘
सम्मुख चित्र में, x का मान है-
Geometry figure showing intersecting lines with angles (3x+10)° and a right angle
(A) 12 (B) 15 (C) 20 (D) 30
यदि ∠POR=3x और ∠QOR=2x+10∘ यदि POQ एक सरल रेखा है, तब x का मान है- (A) 30∘ (B) 34∘ (C) 36∘ (D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-तालिका
1. (C)
2. (A)
3. (B)
4. (C)
5. (B)
6. (B)
7. (C)
8. (A)
9. (C)
10. (B)
रिक्त स्थानों की पूर्ति करो-
यदि एक कोण अपने संपूरक का तीन गुना है तब कोण का माप ............... होगा।
ऐसा कोण जो दो समकोण से बड़ा एवं चार समकोण से छोटा हो, उसे ............... कहते हैं।
जब दो कोणों का योग 1 समकोण के बराबर हो तो वे एक-दूसरे के ............... कहलाते हैं।
यदि दो सरल रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करें तो इस प्रकार बने शीर्षाभिमुख कोण ............... होते हैं।
उत्तर- 1. 135∘ 2. वृहत् कोण 3. पूरक कोण 4. बराबर
सत्य/असत्य-निम्नलिखित कथनों के लिए सत्य अथवा असत्य लिखिए-
जब दो कोणों का योग 2 समकोण के बराबर होता है, तो प्रत्येक कोण दूसरे कोण का सम्पूरक कोण कहलाता है।
एक किरण की लम्बाई सीमित होती है।
शीर्षाभिमुख कोणों के अर्द्धक एक सरल रेखा में होते हैं।
662
वे रेखाएँ जो एक ही रेखा के समान्तर होती हैं, परस्पर समान्तर होती हैं।
90∘ के कोण के पूरक कोण का परिमाण 0∘ होता है।
उत्तर- 1. सत्य 2. असत्य 3. सत्य 4. सत्य 5. सत्य
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
न्यून कोण किसे कहते हैं?
उत्तर- वह कोण जो समकोण से छोटा होता है, न्यून कोण कहलाता है।
समकोण, अधिक कोण और न्यून कोण में अन्तर स्पष्ट करो।
उत्तर- समकोण-90∘ के कोण को समकोण कहते हैं। न्यूनकोण-इसका मान समकोण से कम होता है। अधिक कोण-इसका मान समकोण से अधिक होता है।
दो पूरक कोण आपस में समान हैं तो प्रत्येक का मान लिखो।
उत्तर- प्रत्येक कोण 45∘ का होगा।
सम्पूरक कोण किसे कहते हैं?
उत्तर- यदि दो कोणों का योग दो समकोण के तुल्य हो तो वे एक-दूसरे के सम्पूरक कोण कहलाते हैं।
एक कोण अपने पूरक कोण का आधा है तो उस कोण का मान ज्ञात करो।
हल- x+21x=90∘
या 23x=90∘ 3x=180∘ x=60∘ तथा कोण का मान = 260∘=30∘ उत्तर
नीचे चित्र में दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं। यदि ∠1+∠3=70∘ है तो ∠2 का मान ज्ञात करो।
Two intersecting lines with angles labeled 1, 2, 3
हल- ∠1=∠3=270∘=35∘
अतः ∠2=180∘−∠3
=180∘−35∘=145∘ उत्तर
दी गई आकृति से ∠x का मान बताइए।
Two intersecting lines with angles 86, x, 50
हल- ∠x=180∘−(86+50) (सरल रेखा युग्म कोण)
=44∘ उत्तर
दो सम्पूरक कोणों का अनुपात 2:3 है। कोणों का मान ज्ञात करो।
उत्तर- माना कि दो कोणों का माप (2x)∘ व (3x)∘ है। तब
∴2x+3x=180∘⇒5x=180∘ ⇒x=36∘ अतः दो कोणों का माप, (2x)∘=2×36∘=72∘ (3x)∘=3×36∘=108∘ उत्तर
किसी कोण का सम्पूरक कोण स्वयं का एक तिहाई है। कोण की माप और उसका सम्पूरक ज्ञात करो।
उत्तर- माना कि कोण की माप x∘ है। तब इसके सम्पूरक कोण की माप 180∘−x∘ है।
दिया है कि 180−x=31x ⇒3(180−x)=x ⇒540−3x=x ⇒4x=540∘ ⇒x=135∘ उत्तर
इस कोण का सम्पूरक कोण =180∘−135∘
=45∘ उत्तर
यदि एक कोण का स्वयं के पूरक के साथ अन्तर 10∘ है तब कोण की माप ज्ञात करो।
उत्तर- माना अभीष्ट कोण x∘ है तब प्रश्नानुसार
x∘−(90∘−x∘)=10∘ ⇒x∘−90∘+x∘=10∘ ⇒2x∘=10∘+90∘=100∘ ⇒x∘=2100=50∘ उत्तर
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
दिए हुए चित्र में x के किसी मान के लिए बिन्दु B, O और A एक ही सरल रेखा में हैं, तो ∠BOC और ∠AOC के मान ज्ञात करो।
5x−3∘ and 2x+8∘ at point O" class="mx-auto rounded-lg shadow-sm max-w-full h-auto border border-slate-200 dark:border-slate-800" loading="lazy" />
Geometry figure with angles 5x−3∘ and 2x+8∘ at point O
हल—2x+8+5x−3=180∘ (आसन्न कोण)
या 7x+5=180∘ या 7x=180∘−5∘=175∘ ∴x=7175∘=25∘ ∴∠BOC=2x+8∘
=2×25∘+8∘ =50∘+8∘=58∘ ∠AOC=5x−3∘
=5×25∘−3∘ =125∘−3∘=122∘ उत्तर
2. दी गई आकृति में रेखाएँ PQ तथा RS परस्पर बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं। यदि ∠POR:∠ROQ=5:7 है, तो सभी कोण ज्ञात कीजिए।
Intersecting lines PQ and RS at point O
हल—चित्रानुसार,
∠POR+∠ROQ=180∘ (रैखिक युग्म के कोण) परन्तु ∠POR:∠ROQ=5:7 (दिया है) अतः: ∠POR=125×180∘=75∘ इसी प्रकार ∠ROQ=127×180∘=105∘ अब ∠POS=∠ROQ=105∘ (शीर्षाभिमुख कोण) और ∠SOQ=∠POR=75∘ (शीर्षाभिमुख कोण)
3. दी गई आकृति में यदि ∠1+∠3=120∘ हो तो ∠3 एवं ∠4 के मान ज्ञात कीजिए।
Intersecting lines with angles 1, 2, 3, 4
हल—यहाँ ∠1+∠3=120∘
किन्तु ∠1=∠3 अतः: 2∠3=120∘ या ∠3=2120∘=60∘ उत्तर
∠4=180∘−∠3
=180∘−60∘=120∘ उत्तर
4. यदि एक कोण अपने पूरक के आधे से 30∘ ज्यादा है। इस कोण की माप ज्ञात करो।
हल—माना कि अभीष्ट कोण x∘ है।
∴ इस कोण का पूरक =90∘−x ∴x=21(90∘−x)+30∘ ⇒2x=90∘−x+60∘ ⇒2x+x=90∘+60∘=150∘ ⇒3x=150∘ ⇒x=3150∘=50∘ ∴ अभीष्ट कोण =50∘ उत्तर
5. यदि किसी कोण का सम्पूरक स्वयं का दो तिहाई है। कोण तथा उसका सम्पूरक ज्ञात कीजिए।
हल—माना कि अभीष्ट कोण =x
तब इसका सम्पूरक कोण =180∘−x ∴(180∘−x)=32x ⇒540∘−3x=2x ⇒3x+2x=540∘ ⇒5x=540∘ ⇒x=5540∘=108∘ उत्तर
सम्पूरक कोण =180∘−108∘=72∘ उत्तर
6. दिए गए चित्र में x का मान ज्ञात करो—
3x,3x,150∘ and x" class="mx-auto rounded-lg shadow-sm max-w-full h-auto border border-slate-200 dark:border-slate-800" loading="lazy" />
Geometry figure with angles 3x,3x,150∘ and x
हल-चित्र में, एक बिन्दु पर कोणों का योग
3x+3x+x+150∘=360∘ ⇒7x=360∘−150∘ ⇒7x=210∘ ⇒x=7210∘=30∘ ∴x=30∘ उत्तर
निबन्धात्मक प्रश्न- 1. आकृति में, OP, OQ, OR और OS चार किरणें हैं। सिद्ध कीजिए कि ∠POQ+∠QOR+∠SOR+∠POS=360∘ है।
Geometry figure showing rays OP, OQ, OR, OS originating from point O
हल-आकृति में, आपको किरणों OP, OQ, OR और OS में से किसी एक को पीछे एक बिन्दु तक बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। आइए, किरण OQ को एक बिन्दु T तक पीछे बढ़ा दें ताकि TOQ एक रेखा हो (देखिए आकृति)।
Geometry figure showing rays OP, OQ, OR, OS and extended line TOQ
अब किरण OP रेखा TOQ पर खड़ी है। अतः: ∠TOP+∠POQ=180∘ .....(1) (रैखिक युग्म अभिगृहीत) इसी प्रकार, किरण OS रेखा TOQ पर खड़ी है। अतः: ∠TOS+∠SOQ=180∘ .....(2) परन्तु ∠SOQ=∠SOR+∠QOR है। अतः (2) निम्न हो जाती है- ∠TOS+∠SOR+∠QOR=180∘ .....(3) अब (1) और (3) को जोड़ने पर, आपको प्राप्त होगा- ∠TOP+∠POQ+∠TOS+∠SOR+∠QOR=360∘ .....(4) परन्तु ∠TOP+∠TOS=∠POS है। अतः (4) निम्न हो जाती है- ∠POQ+∠QOR+∠SOR+∠POS=360∘
2. नीचे दी गई आकृति में किरण OS रेखा POQ पर खड़ी है। किरण OR और OT क्रमशः ∠POS और ∠SOQ के समद्विभाजक हैं। यदि ∠POS=x है, तो ∠ROT ज्ञात कीजिए।
Geometry figure showing rays OR, OS, OT on line POQ
हल-प्रश्नानुसार किरण OS रेखा POQ पर खड़ी है।
अतः: ∠POS+∠SOQ=180∘ परन्तु ∠POS=x अतः: x+∠SOQ=180∘ ∴∠SOQ=180∘−x अब किरण OR, ∠POS को समद्विभाजित करती है। इसलिए ∠ROS=21×∠POS
=21×x=2x इसी प्रकार, ∠SOT=21×∠SOQ
=21×(180∘−x) =90∘−2x अब ∠ROT=∠ROS+∠SOT
=2x+90∘−2x =90∘
3. यदि दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं, तो सिद्ध कीजिए कि शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
हल-उपपत्ति : उपरोक्त कथन में यह दिया है कि दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं। अतः मान लीजिए कि AB और CD दो रेखाएँ हैं जो परस्पर बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं, जैसा कि आकृति में दर्शाया गया है। इससे हमें शीर्षाभिमुख कोणों के अग्र दो युग्म प्राप्त होते हैं-
(i) ∠AOC और ∠BOD (ii) ∠AOD और ∠BOC
Two intersecting lines AB and CD intersecting at O
हमें सिद्ध करना है कि ∠AOC=∠BOD है और ∠AOD=∠BOC है। अब किरण OA रेखा CD पर खड़ी है। अतः, ∠AOC+∠AOD=180∘ ...(1) (रैखिक युग्म अभिगृहीत) ⇒∠AOD+∠BOD=180∘ ...(2) (1) और (2) से, हम लिख सकते हैं कि : ∠AOC+∠AOD=∠AOD+∠BOD इससे निष्कर्ष निकलता है कि ∠AOC=∠BOD इसी प्रकार सिद्ध किया जा सकता है कि ∠AOD=∠BOC है।
4. यदि एक तिर्यक रेखा दो रेखाओं को इस प्रकार प्रतिच्छेद करे कि संगत कोणों के एक युग्म के समद्विभाजक परस्पर समांतर हों, तो सिद्ध कीजिए कि दोनों रेखाएँ भी परस्पर समांतर होती हैं।
हल- आकृति में, एक तिर्यक रेखा AD दो रेखाओं PQ और RS को क्रमशः बिंदुओं B और C पर प्रतिच्छेद करती है। किरण BE, ∠ABQ की समद्विभाजक है और किरण CG, ∠BCS की समद्विभाजक है तथा BE∥CG है।
हमें सिद्ध करना है कि PQ∥RS है।
Two parallel lines PQ and RS intersected by transversal AD with bisectors BE and CG
यह दिया है कि किरण BE, ∠ABQ की समद्विभाजक है। अतः, ∠ABE=21∠ABQ ...(1) इसी प्रकार किरण CG, ∠BCS की समद्विभाजक है। अतः, ∠BCG=21∠BCS ...(2) परन्तु, BE∥CG है और AD एक तिर्यक रेखा है। अतः, ∠ABE=∠BCG ...(3) [संगत कोण अभिगृहीत] (3) में, (1) और (2) को प्रतिस्थापित करने पर, आपको प्राप्त होगा : 21∠ABQ=21∠BCS अर्थात्, ∠ABQ=∠BCS परन्तु, ये तिर्यक रेखा AD द्वारा रेखाओं PQ और RS के साथ बनाए गए संगत कोण हैं और ये बराबर हैं। अतः: PQ∥RS (संगत कोण अभिगृहीत का विलोम)
5. चित्र में रेखाएँ XY व LM बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं। यदि ∠XOL=a, ∠LOP=b, ∠POY=90∘। ∠XOM=c तथा a:b=2:3 हो तो c का मान ज्ञात कीजिए।
Lines XY and LM intersecting at O with ray OP perpendicular to XY
हल- दिया है : a:b=2:3, माना कि a=2x∘ व b=3x∘
चित्र में रेखा OP रेखा XY पर खड़ी है, तथा ∠POY=90∘ है। ∴∠XOP+∠POY=180∘ ⇒∠XOL+∠LOP+90∘=180∘ [∵∠POY=90∘] ⇒a+b+90=180 ⇒a+b=90 ⇒2x+3x=90 ⇒5x=90 ⇒x=18 ∴a=(2x)∘=(2×18)∘=36∘ और b=(3x)∘=(3×18)∘=54∘ पुनः: रेखा OX रेखा LM पर खड़ी है। ∴∠LOX+∠XOM=180∘ ⇒a+c=180∘ ⇒36∘+c=180∘ ⇒c=(180∘−36∘)=144∘ अतः c का मान 144∘ है।