प्रश्न 1. चतुर्भुज ACBD में, AC=AD है और AB कोण A को समद्विभाजित करता है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि △ABC≅△ABD है। BC और BD के बारे में आप क्या कह सकते हैं?
Geometry figure of quadrilateral ACBD with bisected angle A
हल— प्रश्न में दिए गए चित्र के आधार पर
दिया है—एक चतुर्भुज ACBD है जिसमें AC=AD है तथा भुजा AB, ∠A को समद्विभाजित करती है। सिद्ध करना है—△ABC≅△ABD तथा भुजा BC और BD के मध्य सम्बन्ध। उपपत्ति—△ABC और △ABD के आधार पर भुजाAC=भुजाAD (दिया है) ∠BAC=∠BAD [∵AB,∠Aकोसमद्विभाजितकरतीहै] (दिया है) AB=AB (उभयनिष्ठ भुजा) ∴△ABC≅△ABD [SAS सर्वांगसमता के नियम द्वारा] अतः: BC=BD (क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ हैं)
प्रश्न 2.ABCD एक चतुर्भुज है, जिसमें AD=BC और ∠DAB=∠CBA है (देखिए आकृति)। सिद्ध कीजिए कि (i) △ABD≅△BAC (ii) BD=AC (iii) ∠ABD=∠BAC
Geometry figure of quadrilateral ABCD
हल— प्रश्न में दिए गए चित्र के आधार पर
△ABD और △ABC में AD=BC (दिया है) ∠DAB=∠CBA (दिया है) AB=AB (उभयनिष्ठ भुजा) (i) ∴△ABD≅△BAC (SAS सर्वांगसमता के नियम से) (ii) ⇒BD=AC (क्योंकि सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ हैं) (iii) तथा ∠ABD=∠BAC क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के कोण हैं।
प्रश्न 3. एक रेखाखण्ड AB पर AD और BC दो बराबर लंब रेखाखण्ड हैं (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि CD, रेखाखण्ड AB को समद्विभाजित करता है।
Geometry figure showing perpendiculars AD and BC on line AB
हल— प्रश्न में दिए गए चित्र के अनुसार △BOC और △AOD में
∠OBC=∠OAD (दिया है) (∵प्रत्येककोण90∘है) ∠BOC=∠AOD (क्योंकि ये शीर्षाभिमुख कोण हैं) तथा BC=AD (दिया है) ∴△BOC≅△AOD (AAS सर्वांगसमता के नियम से) ⇒OB=OA तथा OC=OD (ये सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ हैं) अतः: O रेखाखण्ड AB और CD का मध्य बिन्दु है।
प्रश्न 4.l और m दो समान्तर रेखाएँ हैं जिन्हें समान्तर रेखाओं p और q का एक अन्य युग्म प्रतिच्छेदित करता है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि △ABC≅△CDA है।
Geometry figure showing parallel lines l, m intersected by p, q
हल-प्रश्न में दिए गए चित्र के आधार पर भुजा l∥ भुजा m (दिया है)
इन दोनों रेखाओं को AC एक तिर्यक रेखा काटती है। ∴∠DAC=∠ACB (एकान्तर कोण हैं) .....(i) पुन: भुजा p∥ भुजा q (दिया है) तथा AC एक तिर्यक रेखा इन दोनों को काटती है। ∴∠BAC=∠ACD (एकान्तर कोण हैं) .....(ii) अब △ABC तथा △CDA से ∠ACB=∠DAC [(i) के अनुसार] ∠BAC=∠ACD [(ii) के अनुसार] तथा AC=AC [उभयनिष्ठ भुजा] ∴△ABC≅△CDA (सर्वांगसमता के AAS नियम से)
रेखा l कोण A को समद्विभाजित करती है और B रेखा l पर स्थित कोई बिन्दु है। BP और BQ कोण A की भुजाओं पर B से डाले गए लम्ब हैं (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि
Geometry figure showing angle A bisected by line l with perpendiculars BP and BQ
(i) △APB≅△AQB (ii) BP=BQ है, अर्थात् बिन्दु B कोण की भुजाओं से समदूरस्थ है।
हल-(i) प्रश्न में दिए गए चित्र के अनुसार दिया गया है कि रेखा l, ∠A को समद्विभाजित करती है अतः:
∠BAP=∠BAQ अब △APB तथा △AQB के अनुसार ∠BAP=∠BAQ (दिया है) ∠BPA=∠BQA (दिया है) [क्योंकि प्रत्येक कोण समकोण है] तथा AB=AB (उभयनिष्ठ भुजा) ∴△APB≅△AQB (सर्वांगसमता के AAS नियम से) (ii) BP=BQ (संगत भुजाएँ) अतः यह कहा जा सकता है कि सर्वांगसम त्रिभुज के संगत भाग अर्थात् B, ∠A की भुजाओं से समदूरस्थ है।
आकृति में, AC=AE,AB=AD और ∠BAD=∠EAC है। दर्शाइए कि BC=DE है।
Geometry figure showing triangles ABC and AED
हल-प्रश्नानुसार दिया गया है कि
∠BAD=∠EAC दोनों पक्षों में ∠DAC जोड़ने पर ∠BAD+∠DAC=∠EAC+∠DAC या ∠BAC=∠EAD .....(i) अब चित्रानुसार बनने वाले △ABC तथा △AED में ∠BAC=∠EAD [(i) के आधार पर] AB=AD (दिया है) AC=AE (दिया है) अर्थात् △ABC≅△ADE (सर्वांगसमता के SAS नियम से) ⇒BC=DE (ये सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ हैं)
AB एक रेखाखण्ड है और P इसका मध्य-बिन्दु है। D और E रेखाखण्ड AB के एक ही ओर स्थित दो बिन्दु इस प्रकार हैं कि ∠BAD=∠ABE और ∠EPA=∠DPB है। (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि (i) △DAP≅△EBP (ii) AD=BE
Geometry figure showing triangles DAP and EBP
हल-प्रश्न के अनुसार दिया गया है कि
∠EPA=∠DPB दोनों पक्षों में ∠EPD जोड़ने पर ∠EPA+∠EPD=∠DPB+∠EPD या ∠APD=∠BPE .....(i) अब चित्र में बनने वाले △DAP और △EBP से ∠PAD=∠PBE [∵∠BAD=∠ABE (दिया है)] ∴∠PAD=∠PBE
∠APD=∠BPE [(i) के अनुसार] तथा AP=PB [∵ यह दिया गया है कि P, AB का मध्य बिन्दु है] (i) ∴△DAP≅△EBP (सर्वांगसमता के ASA नियम के अनुसार) (ii) ⇒AD=BE (क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं)
8. एक समकोण त्रिभुज ABC में, जिसमें कोण C समकोण है, M कर्ण AB का मध्य-बिन्दु है। C को M से मिलाकर D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि DM=CM है। बिन्दु D को बिन्दु B से मिला दिया जाता है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि
Geometry figure showing a right-angled triangle ABC with hypotenuse AB, point M on AB, and point D connected to B and C.
(i) △AMC≅△BMD (ii) ∠DBC एक समकोण है (iii) △DBC≅△ACB (iv) CM=21AB
हल— (i) प्रश्न के आधार पर दिए चित्र में △AMC और △BMD में
∠AMC=∠BMD (शीर्षाभिमुख कोण हैं) AM=BM (दिया है) (क्योंकि M बिन्दु कर्ण AB का मध्य बिन्दु है।) तथा CM=DM (दिया है) ∴△AMC≅△BMD (सर्वांगसमता के SAS नियम से) ∴∠ACM=∠BDM .....(i) ∠CAM=∠DBM तथा AC=BD (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं) (ii) चित्र के अनुसार दो रेखाएँ AC तथा BD हैं जिन्हें एक तिर्यक रेखा DC काटती है। ∴∠ACD=∠BDC (एकान्तर कोण हैं) [∵∠ACM=∠BDM समीकरण (i) के अनुसार ∴∠ACD=∠BDC] ∴AC तथा BD रेखाएँ समान्तर होंगी क्योंकि यदि एकान्तर कोण बराबर हों तो रेखाएँ समान्तर होती हैं। अब पुनः समान्तर रेखाओं AC तथा BD को एक तिर्यक रेखा BC काटती है। ∴∠DBC=∠ACB (एकान्तर कोण हैं) .....(ii) परन्तु △ABC एक समकोण त्रिभुज है जिसमें बिन्दु C पर समकोण है। ∴∠ACB=90∘ .....(iii) अतः: ∠DBC=90∘ [समीकरण (ii) व (iii) के आधार पर] अतः ∠DBC एक समकोण है। (iii) अब चित्र में दिये △DBC और △ABC में ∠DBC=∠ACB [भाग (ii) में सिद्ध कर चुके हैं] DB=AC [भाग (i) में सिद्ध कर चुके हैं] तथा BC=BC (उभयनिष्ठ भुजाएँ हैं) ∴△DBC≅△ACB (सर्वांगसमता के SAS नियम से) (iv) उपर्युक्त (iii) भाग में हम सिद्ध कर चुके हैं कि △DBC≅△ACB ∴DC=AB (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग) या DM+CM=AB या CM+CM=AB [∵DM=CM (दिया है)] या 2CM=AB या CM=21AB इति सिद्धम्
प्रश्नावली 7.2
एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC में जिसमें AB=AC है, ∠B और ∠C के समद्विभाजक परस्पर बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करते हैं। A और O को जोड़िए। दर्शाइए कि (i) OB=OC (ii) AO कोण A को समद्विभाजित करता है।
हल— (i) △ABC में,
AB=AC या ∠B=∠C चूँकि बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
⇒AB=AC [∵ ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग] अतः ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें बराबर भुजाओं AC और AB पर क्रमशः शीर्षलम्ब BE और CF खींचे गए हैं (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि ये शीर्षलम्ब बराबर हैं।
Triangle ABC with altitudes BE and CF
हल-प्रश्न में दी गई आकृति के त्रिभुजों △ABE और △ACF में
∠A=∠A (उभयनिष्ठ कोण) ∠AEB=∠AFC=90∘ (प्रत्येक) (दिया है) तथा AB=AC (दिया है) ∴△ABE≅△ACF (सर्वांगसमता के नियम AAS से) ∴BE=CF [क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग] अर्थात् यह कहा जा सकता है कि समान भुजाओं पर खींचे गए शीर्ष लम्ब समान होते हैं।
ABC एक त्रिभुज है जिसमें AC और AB पर खींचे गए शीर्षलम्ब BE और CF बराबर हैं (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि (i) △ABE≅△ACF (ii) AB=AC, अर्थात् △ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
Triangle ABC with altitudes BE and CF
हल-प्रश्नानुसार दिए गए चित्र में △ABE और △ACF में
∠A=∠A (उभयनिष्ठ कोण) ∠AEB=∠AFC (प्रत्येक कोण 90∘)
या 21∠B=21∠C या ∠OBC=∠OCB .....(i)
Triangle ABC with bisectors meeting at O
∵OB तथा OC क्रमशः ∠B तथा ∠C को दो भागों में विभाजित करते हैं ∴∠OBC=21∠B और ∠OCB=21∠C या OB=OC .....(ii) समान कोणों की सम्मुख भुजायें समान होती हैं। (इति सिद्धम्)
(ii) अब △ABO तथा △ACO में AB=AC [दिया है] ∠ABO=∠ACO समीकरण (i) से OB=OC समीकरण (ii) से ∴SAS सर्वांगसमता गुण से △ABO≅△ACO या ∠BAO=∠CAO [सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग] या AO,∠BAC को समद्विभाजित करता है। (इति सिद्धम्)
△ABC में AD भुजा BC का लम्ब समद्विभाजक है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि △ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें AB=AC है।
Triangle ABC with altitude AD
हल-प्रश्न में दी गई आकृति के △ABD और △ACD में
∠ADB=∠ADC=90∘ (प्रत्येक) [क्योंकि AD⊥BC (दिया है)] BD=CD [∵AD,BC को समद्विभाजित करती है (दिया है)] तथा AD=AD (उभयनिष्ठ भुजाएँ) ∴△ADB≅△ADC (सर्वांगसमता के SAS नियम से)
670
[क्योंकि BE⊥AC और CF⊥AB (दिया है)] तथा BE=CF (दिया है) (i) ∴ΔABE≅ΔACF [सर्वांगसमता के AAS नियम के अनुसार] (ii) अतः AB=AC [सर्वांगसमता त्रिभुजों के संगत भाग हैं] अर्थात् ΔABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
5. ABC और DBC समान आधार BC पर स्थित दो समद्विबाहु त्रिभुज हैं (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि ∠ABD=∠ACD है।
Triangle ABC with D below BC, forming two triangles sharing base BC
हल—प्रश्नानुसार दिए गए चित्र के समद्विबाहु ΔABC में
∴∠ACB=∠ABC .....(i) [क्योंकि ये समान भुजाओं के सम्मुख कोण हैं] AB=AC (दिया है) साथ ही पुनः समद्विबाहु त्रिभुज BCD में ∴∠BCD=∠CBD .....(ii) [क्योंकि ये समान भुजाओं के सम्मुख कोण हैं] तथा BD=DC समीकरण (i) व (ii) के संगत पक्षों को जोड़ने पर ∠ACB+∠BCD=∠ABC+∠CBD या ∠ACD=∠ABD या ∠ABD=∠ACD (इति सिद्धम्)
6. ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें AB=AC है। भुजा BA बिन्दु D तक इस प्रकार बढ़ाई गई है कि AD=AB है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि ∠BCD एक समकोण है।
Triangle ABC with line extended from B to A to D
हल—चित्रानुसार दिए गए समद्विबाहु त्रिभुज ABC में
∠ACB=∠ABC .....(i) [क्योंकि ये समान भुजाओं के सम्मुख कोण हैं।] AB=AC (दिया है) अब AD=AB (रचना से) परन्तु AB=AC (दिया है) ∴AD=AB=AC ⇒AD=AC अब त्रिभुज ADC में AD=AC तथा ∠ADC=∠ACD .....(ii) [क्योंकि ये ΔADC में समान भुजाओं के सम्मुख कोण हैं] तथा ∠BAC+∠CAD=180∘ .....(iii) (रैखिक युग्म अभिगृहीत से) ∵ हम जानते हैं कि त्रिभुज का बहिष्कोण अंतःसम्मुख कोणों के योगफल के बराबर होता है। ∴ त्रिभुज ABC से ∠CAD=∠ABC+∠ACB
=∠ACB+∠ACB [समीकरण (i) से] या ∠CAD=2∠ACB .....(iv) इसी प्रकार पुनः ΔADC से ∠BAC=∠ACD+∠ADC क्योंकि हम जानते हैं कि त्रिभुज का बहिष्कोण अंतःसम्मुख कोणों के योगफल के बराबर होता है। अतः: ∠BAC=∠ACD+∠ACD [समीकरण (ii) से] या ∠BAC=2∠ACD .....(v) अब समीकरण (iii), (iv) व (v) से 2∠ACB+2∠ACD=180∘ या 2(∠ACB+∠ACD)=180∘ या ∠ACB+∠ACD=90∘ या ∠BCD=90∘ अतः: ∠BCD एक समकोण है।
7. ABC एक समकोण त्रिभुज है जिसमें ∠A=90∘ और AB=AC है। ∠B और ∠C ज्ञात कीजिए।
Right angled triangle ABC with angle A at 90 degrees
हल—प्रश्नानुसार एक समकोण त्रिभुज ABC है जिसमें
∠A=90∘ तथा AB=AC ΔABC में AB=AC अर्थात् ∠C=∠B .....(i) [क्योंकि ये समान भुजाओं के सम्मुख कोण हैं।] अब पुनः ΔABC में
∠A+∠B+∠C=180∘ (त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म से) या 90∘+∠B+∠B=180∘ [∵∠A=90∘(दियाहै), तथा ∠B=∠Cसमीकरण (i) से)] या 2∠B=180∘−90∘ या 2∠B=90∘ या ∠B=45∘ ∴∠C=∠B ∴∠C=45∘उत्तर
8. दर्शाइए कि किसी समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60∘ होता है।
हल- माना कि एक समबाहु त्रिभुज ABC है
∴AB=BC=AC यदि AB=BC है तो ∠C=∠A ....(i) [क्योंकि ये समान भुजाओं के सम्मुख कोण हैं।] पुन: यदि AB=AC है तो ∠C=∠B .....(ii) [क्योंकि ये समान भुजाओं के सम्मुख कोण हैं।]
Triangle ABC with equal sides marked
अब समीकरण (i) व (ii) से ∠A=∠B=∠C ....(iii) अब △ABC में ∠A+∠B+∠C=180∘ .....(iv) (त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म से) या ∠A+∠A+∠A=180∘ समीकरण (iii) से या 3∠A=180∘ या ∠A=60∘ ∵ समीकरण (iii) के अनुसार ∠A=∠B=∠C अर्थात् ∠A=∠B=∠C=60∘ अतः यह कहा जा सकता है कि किसी समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60∘ होता है।
प्रश्नावली 7.3 1. △ABC और △DBC एक ही आधार BC पर बने दो समद्विबाहु त्रिभुज इस प्रकार हैं कि A और D भुजा BC के एक ही ओर स्थित हैं (देखिए आकृति)। यदि AD बढ़ाने पर BC को P पर प्रतिच्छेद करे तो दर्शाइए कि
Triangle ABC with D inside and line AP
(i) △ABD≅△ACD (ii) △ABP≅△ACP (iii) AP कोण A और कोण D दोनों को समद्विभाजित करता है। (iv) AP रेखाखण्ड BC का लम्ब समद्विभाजक है।
हल- (i) प्रश्न में दिए अनुसार △ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
अतः AB=AC इसी प्रकार दूसरा △DBC एक समद्विबाहु त्रिभुज है। अतः: BD=CD अब △ABD तथा △ACD में AB=AC (दिया है) BD=CD (दिया है) तथा AD=AD (उभयनिष्ठ) ∴△ABD≅△ACD [सर्वांगसमता के SSS नियम के अनुसार] अतः: ∠BAD=∠CAD .....(i) [क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुज के संगत भाग हैं]
(ii) अब △ABP और △ACP में AB=AC (दिया है) ∠BAP=∠CAP तथा AP=AP (उभयनिष्ठ भुजाएँ) ∴△ABP≅△ACP [सर्वांगसमता के नियम SAS के अनुसार]
(iii) इस प्रश्न के द्वितीय भाग में सिद्ध किया है कि △ABP≅△ACP अतः ∠BAP=∠CAP [क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं] अतः AP,∠A को समद्विभाजित करता है। भाग (i) के अनुसार △ABD≅△ACD
अतः ∠ADB=∠ADC .....(ii) [क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं] तथा ∠ADB+∠BDP=180∘ .....(iii) (रैखिक युग्म अभिगृहीत से) तथा ∠ADC+∠CDP=180∘ .....(iv) (रैखिक युग्म अभिगृहीत से) अब समीकरण (iii) व (iv) से ∠ADB+∠BDP=∠ADC+∠CDP या ∠ADB+∠BDP=∠ADB+∠CDP [समीकरण (ii) के अनुसार] या ∠BDP=∠CDP अर्थात् DP,∠D को समद्विभाजित करता है। यह कहा जा सकता है कि AP कोण A तथा कोण D दोनों को समद्विभाजित करता है। (iv) भाग (ii) में हम सिद्ध कर चुके हैं कि △ABP≅△ACP अतः BP=PC .....(v) [क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं।] तथा ∠APB=∠APC .....(vi) [क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं।] अब ∠APB+∠APC=180∘ (रैखिक युग्म अभिगृहीत से) या ∠APB+∠APB=180∘ [समीकरण (vi) के अनुसार] या 2∠APB=180∘ या ∠APB=90∘ अर्थात् AP⊥BC .....(vii) समीकरण (v) से BP=PC तथा समीकरण (vii) के अनुसार यह सिद्ध किया है कि AP⊥BC। दोनों समीकरणों को सम्मिलित करने पर यह कहा जा सकता है कि AP रेखाखण्ड BC का लम्ब समद्विभाजक है।
2. AD एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC का एक शीर्षलम्ब है, जिसमें AB=AC है। दर्शाइए कि (i) AD रेखाखण्ड BC को समद्विभाजित करता है। (ii) AD कोण A को समद्विभाजित करता है।
हल- प्रश्नानुसार दिए गए त्रिभुज के अनुसार △ABD और △ACD में
तथा AD=AD (उभयनिष्ठ भुजा) अतः △ABD≅△ACD [सर्वांगसमता के नियम RHS से] अतः BD=DC [क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं] (i) अर्थात् AD,BC को समद्विभाजित करती है। साथ ही ∠BAD=∠CAD [क्योंकि सर्वांगसम त्रिभुजों के ये संगत भाग हैं।] (ii) अर्थात् AD,∠A को समद्विभाजित करती है।
3. एक त्रिभुज ABC की दो भुजाएँ AB और BC तथा माध्यिका AM क्रमशः एक-दूसरे त्रिभुज की भुजाओं PQ और QR तथा माध्यिका PN के बराबर हैं (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि (i) △ABM≅△PQN (ii) △ABC≅△PQR
Two triangles ABC and PQR with medians AM and PN
हल- प्रश्नानुसार AM,△ABC की माध्यिका है।
∴BM=MC=21BC .....(i) पुनः PN,△PQR की माध्यिका है। ∴QN=NR=21QR .....(ii) अब BC=QR (दिया है) अर्थात् 21BC=21QR अतः BM=QN .....(iii) [समीकरण (i) व (ii) के अनुसार] (i) अब △ABM और △PQN में AB=PQ (दिया है) AM=PN (दिया है) BM=QN [समीकरण (iii) के अनुसार] अतः △ABM≅△PQN [सर्वांगसमता के SSS नियम के अनुसार]
अतः ∠B=∠Q .....(iv) (क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं।) (ii) अब △ABC और △PQR में AB=PQ (दिया है) ∠B=∠Q [समीकरण (iv) के अनुसार] तथा BC=QR (दिया है) ∴△ABC≅△PQR [सर्वांगसमता के SAS नियम के अनुसार]
4.BE और CF एक त्रिभुज ABC के दो बराबर शीर्षलम्ब हैं। RHS सर्वांगसमता नियम का प्रयोग करके सिद्ध कीजिए कि △ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
हल-प्रश्नानुसार त्रिभुज की रचना कर अब △BEC और △CFB में
Triangle ABC with altitudes BE and CF intersecting at a point
∠BEC=∠CFB [प्रत्येक 90∘] [क्योंकि BE⊥AC और CF⊥AB] BC=BC (उभयनिष्ठ भुजा) तथा BE=CF (दिया है) अतः △BEC≅△CFB [सर्वांगसमता के नियम RHS के अनुसार] अतः EC=FB .....(i) [क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं] अब पुनः △AEB तथा △AFC में ∠AEB=∠AFC [प्रत्येक 90∘ (दिया है)] ∠A=∠A (उभयनिष्ठ कोण) तथा EB=FC (दिया है) अतः △AEB≅△AFC (सर्वांगसमता के नियम AAS के अनुसार) अतः AE=AF .....(ii) [क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं] अब समीकरण (i) व (ii) को जोड़ने पर EC+AE=FB+AF या AC=AB अब △ABC में हमें प्राप्त है AB=AC अर्थात् △ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है। (इति सिद्धम्)
5.ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB=AC है। AP⊥BC खींच कर दर्शाइए कि ∠B=∠C है।
हल-दिया है-चित्रानुसार एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC है जिसमें AB=AC
Isosceles triangle ABC with altitude AP
सिद्ध करना है-∠B=∠C रचना-भुजा BC पर लम्ब AP खींचा। उपपत्ति-△ABP तथा △ACP से ∠APB=∠APC [प्रत्येक कोण 90∘] (रचना से) AB=AC (दिया है) AP=AP (उभयनिष्ठ भुजाएँ) अतः △ABP≅△ACP (सर्वांगसमता के नियम RHS के अनुसार) अतः ∠B=∠C [क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं]
--- अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न ---
वस्तुनिष्ठ प्रश्न-
चित्र में AB=AC हो, तो ∠C का मान होगा- (A) 60∘ (B) 36∘ (C) 72∘ (D) 108∘
Triangle ABC with angle A = x and angle B = 2x
यदि एक त्रिभुज की एक भुजा के मध्य बिन्दु से दूसरी दो भुजाओं पर डाले गए लम्ब समान हों तो त्रिभुज होता है- (A) समबाहु (B) समद्विबाहु (C) समानकोणिक (D) विषमबाहु
चित्र में △ABC में AB=AC एवं AD⊥BC हो, तो भुजा AD समद्विभाजक होगी- (A) कोण A की (B) भुजा BC की
Triangle ABC with altitude AD
(C) कोण A एवं भुजा BC दोनों की (D) किसी की भी नहीं 4. चित्र में प्रदर्शित △ABC में AD=BD एवं AC=DC हो एवं ∠C=44∘ हो, तो ∠A का मान होगा-
Triangle ABC with AD=BD and AC=DC
(A) 68∘ (B) 112∘ (C) 34∘ (D) 102∘ 5. रेखाखण्ड AB और CD, O पर प्रतिच्छेदित होते हैं तथा AC∥DB, यदि ∠CAB=45∘ और ∠CDB=55∘, तब ∠BOD= (A) 100∘ (B) 80∘ (C) 90∘ (D) 135∘ 6. चित्र में z का मान x और y के पदों में होगा-
Triangle with exterior angle z and interior angles x and y
(A) x+y+180 (B) x+y−180∘ (C) 180∘−(x+y) (D) x+y+360∘ 7. सर्वांगसम त्रिभुजों ABC व PQR में यदि AB=PQ,BC=QR और ∠A=∠P यदि ∠A=30∘,∠B=70∘ और ∠C=80∘ हों तो ∠Q का मान होगा- (A) 30∘ (B) 70∘ (C) 80∘ (D) 110∘ 8. त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए निम्न प्रतिबन्ध सही नहीं है- (A) कोण-कोण-कोण सर्वांगसमता (B) भुजा-कोण-भुजा सर्वांगसमता (C) कोण-भुजा-कोण सर्वांगसमता (D) भुजा-भुजा-भुजा सर्वांगसमता 9. दो त्रिभुजों ABC तथा DEF में AC=DF,BC=EF तथा ∠ABC=∠DEF=90∘ हो तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हैं- (A) समकोण-कर्ण-भुजा प्रमेय से (B) भुजा-कोण-भुजा प्रमेय से (C) कोण-भुजा-कोण प्रमेय से (D) भुजा-भुजा-भुजा प्रमेय से 10. निम्न में से कौनसा विकल्प त्रिभुजों की सर्वांगसमता हेतु नहीं है-
यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ बराबर हों, तो उनके सम्मुख कोण .................... होते हैं।
किसी समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण .................... का होता है।
किसी त्रिभुज की दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से .................... होता है।
किसी त्रिभुज में बड़ी भुजा का सम्मुख कोण .................... होता है।
यदि △PQR≅△EFD, तब ∠E=
उत्तर- 1. बराबर 2. 60∘ 3. बड़ा 4. बड़ा 5. ∠P
सत्य/असत्य-निम्नलिखित कथनों के लिए सत्य अथवा असत्य लिखिए-
यदि दो त्रिभुजों में से एक त्रिभुज की दो भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं के अलग-अलग हों और इनके बीच के कोण भी आपस में बराबर हों तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होंगे।
यदि दो समकोण त्रिभुजों में कर्ण बराबर हों, तो त्रिभुज सदैव सर्वांगसम होते हैं।
किसी त्रिभुज की दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा होता है।
किसी भी त्रिभुज में बड़े कोण की सम्मुख भुजा छोटे कोण की सम्मुख भुजा से बड़ी होती है।
यदि किसी त्रिभुज में कोणों का अनुपात 5:3:7 हो तो त्रिभुज समकोण त्रिभुज होगा।
उत्तर- 1. सत्य 2. असत्य 3. सत्य 4. सत्य 5. असत्य
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
समबाहु त्रिभुज के प्रत्येक कोण का मान लिखिए।
हल- प्रत्येक कोण 3180∘=60∘ होगा।
किसी त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण कैसे होते हैं?
हल- बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं।
3.△ABC एवं △DEF में यदि AB=DF, BC=DE, AC=EF एवं ∠D=55∘ हो, तो ∠B का मान ज्ञात कीजिए।
हल— यहाँ △ABC व △DEF में
Two triangles ABC and DEF
AB=DF दिया है BC=DE AC=EF अतः: △ABC≅△DEF अतः: ∠D=∠B=55∘ होगा। उत्तर
4. चित्र में ∠B=∠D=90∘ हैं, तथा BC=CD हो, तो क्या AB=DE है? क्यों?
5. नीचे दी गई आकृति में AB=AC तो ∠C का मान अंशों में लिखिए।
Triangle ABC with angles 2x and 4x
हल—4x+2x+4x=180
10x=180 या x=10180=18∘ अतः: ∠C=4×18=72∘उत्तर
6. दिए गए त्रिभुज PQR में ∠QPR का समद्विभाजक PT है। यदि ∠PQR=50∘, ∠PRQ=30∘ और PS⊥QR, तब x का मान ज्ञात करो।
Triangle PQR with altitude PS and bisector PT
हल— चूंकि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180∘ होता है, तब
∠PQR+∠PRQ+∠RPQ=180∘ ⇒50∘+30∘+∠RPQ=180∘ ⇒∠RPQ=100∘ ∴∠QPT=21∠RPQ=50∘ [∵PT,∠QPR का समद्विभाजक है] △PQS में बाह्य कोण गुणधर्म से, ∠PST=∠PQS+∠QPS ⇒90∘=50∘+∠QPS ⇒∠QPS=40∘ ∴x=∠QPT−∠QPS
=50∘−40∘=10∘उत्तर
7. दिए गए चित्र में दिया है कि AB=CF, EF=BD और ∠AFE=∠CBD
Geometric figure with segments AB, BF, FC
सिद्ध कीजिए △AFE≅△CBD
हल— दिया है AB=CF
⇒AB+BF=CF+BF ⇒AF=BC ...(i) इस प्रकार, △AFE व △CBD में AF=CB [(i) से] ∠AFE=∠DBC (दिया है) और EF=BD अतः: SAS सर्वांगसमता गुणधर्म से, △ADC≅△CBA
8. चित्र में AB=AC एवं ∠B=58∘ हो तो ∠A का मान ज्ञात कीजिए।
Triangle ABC with angle B = 58 degrees
हल-△ABC में AB=AC
अतः ∠B=∠C होगा। △ के तीनों कोणों का योग =180∘ अतः ∠A+∠B+∠C=180∘ ∠A+58∘+58∘=180∘ ∠A=180∘−116∘
=64∘उत्तर
9. एक त्रिभुज के दो कोणों का योग तीसरे कोण के समान है। तीसरे कोण का मान ज्ञात करो।
हल- माना त्रिभुज ABC इस प्रकार है कि
∠A+∠B=∠C ...(i) हम जानते हैं कि ∠A+∠B+∠C=180∘ ...(ii) समीकरण (i) व (ii) से ∠C+∠C=180∘ ⇒2∠C=180∘ ⇒∠C=90∘ अतः तीसरे कोण की माप 90∘ है। उत्तर
10. दिए गए चित्र में, दिया है कि AE=AD और BD=CE। सिद्ध कीजिए कि △AEB≅△ADC
Triangle ABC with lines BE and CD intersecting at O
हल- दिया है, AE=AD तथा CE=BD
⇒AE+CE=AD+BD ⇒AC=AB ...(i) इस प्रकार △AEB व △ADC में AE=AD (दिया है) ∠EAB=∠DAC (उभयनिष्ठ) और AC=AB ((i) से) तब SAS सर्वांगसमता गुणधर्म से △AEB≅△ADC
लघूत्तरात्मक प्रश्न- 1. चित्र में AD=BD एवं ∠C=∠E हो, तो सिद्ध कीजिए BC=AE
Two triangles ABE and ABC sharing base AB
हल-△ABE तथा △ABC में
∠E=∠C दिया है। ∠ABE=∠CAB के (∵AD=BD अतः △ABD में ∠A=∠B) AB भुजा उभयनिष्ठ है। अतः △ABE≅△ABC अतः BC=AE होगा। (इति सिद्धम्)
2. यदि एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC की माध्यिका AD हो तथा ∠A=120∘ एवं AB=AC हो, तो ∠ADB का मान ज्ञात कीजिए।
Triangle ABC with median AD and angle A = 120 degrees
5. एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC जिसमें AB = AC है, की भुजा BC पर दो बिन्दु D और E इस प्रकार हैं कि BE = CD है (देखिये आकृति)। दर्शाइए कि AD = AE है।
Triangle ABC with points D and E on BC
हल—△ABD और △ACE में,
AB=AC (दिया है) .....(1) ∠B=∠C .....(2) (बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण) साथ ही, BE=CD (दिया है) इसलिए, BE−DE=CD−DE अर्थात्, BD=CE .....(3) अतः, △ABD≅△ACE [(1), (2), (3) और SAS नियम द्वारा] इससे प्राप्त होता है—AD=AE (CPCT)
6. ABCD एक वर्ग है। भुजाओं AD और BC पर क्रमशः X और Y ऐसे बिन्दु हैं कि AY = BX तो सिद्ध कीजिए कि BY = AX और ∠BAY=∠ABX.
हल—प्रश्नानुसार हमें दिया गया है कि वर्ग की भुजाओं AD और BC पर क्रमशः बिन्दु X और Y इस प्रकार हैं कि AY=BX।
हम जानते हैं कि किसी भी वर्ग की आसन्न भुजाएँ परस्पर लम्बवत् होती हैं।
Square ABCD with points X on AD and Y on BC
∴∠A=∠B=90∘ समकोण △ABY तथा △BAX में ∠A=∠B=90∘ (दिया है) AY=BX (दिया है) AB=AB (उभयनिष्ठ भुजा) अतः △ABY≅△BAX (सर्वांगसमता के RHS नियम के अनुसार) ⇒BY=AX तथा ∠BAY=∠ABX (क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं।)
7. दिए गए चित्र में △ABC की माध्यिका AD को AM तक बढ़ाया गया है। यदि BL व CM, AM पर लम्ब हों तो दर्शाइए कि BL=CM है।
Triangle ABC with median AD extended to M and perpendiculars BL and CM
हल—समकोण त्रिभुज △BLD व △CMD में-
BD=CD [∵BC का मध्य बिन्दु D है।] ∠BLD=∠CMD [प्रत्येक 90∘] ∠BDL=∠CDM [शीर्षाभिमुख कोण] ∴△BLD≅△CMD ∴BL=CM [सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग]
8. एक समबाहु त्रिभुज के कोणों की माप ज्ञात कीजिए।
678
हल-माना △ABC एक समबाहु त्रिभुज है।
∴AB=BC=CA जब AB=AC⇒∠C=∠B [बराबर भुजाओं के विपरीत कोण]
Triangle ABC with equal sides marked
माना ∠C=∠B=x∘…(i) अब BC=BA ⇒∠A=∠C…(ii) (i) व (ii) से- ∠A=∠B=∠C अब △ABC में- ∠A+∠B+∠C=180∘ ⇒x+x+x=180∘ ⇒3x=180∘ ⇒x=3180=60∘ ∴∠A=∠B=∠C=60∘ अतः समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60∘ होता है।
निबन्धात्मक प्रश्न-
नीचे दी हुई आकृतियों में △ABC की दो भुजाएँ AB,BC और माध्यिका AD क्रमशः △PQR की भुजाओं PQ,QR और माध्यिका PM बराबर हैं। सिद्ध कीजिए कि △ABC≅△PQR।
Two triangles ABC and PQR with medians AD and PM
हल-उपपत्ति-△ABD तथा △PQM में
\left. \begin{array}{l} \text{AB} = \text{PQ} \ \text{AD} = \text{PM} \ \text{BD} = \text{QM} \end{array} \right} दिया हुआ है। ∵BC=QR या 2BC=2QR या BD=QM अतः SSS प्रमेय द्वारा △ABD≅△PQM अतः ∠B=∠Q अब पुनः △ABC एवं △PQR में ∠B=∠Q BC=QR AB=PQ SAS प्रमेय से- △ABC≅△PQR
सिद्ध करो कि यदि एक त्रिभुज के कोई दो कोण और उनकी अंतरित भुजा दूसरे त्रिभुज के दो कोणों और उनकी अंतरित भुजा के बराबर हो, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
हल-दिया है-ABC एवं DEF दो त्रिभुज हैं, जहाँ ∠ABC=∠DEF,∠ACB=∠DFE एवं BC=EF है।
सिद्ध करना है-△ABC≅△DEF उपपत्ति-यहाँ दोनों त्रिभुजों ABC एवं DEF की भुजा AB एवं DE की लम्बाई की तुलना करने पर निम्न तीन स्थितियाँ सम्भव हैं- (i) AB=DE (ii) AB<DE एवं (iii) AB>DE
Two triangles ABC and DEF with a point G on DE
स्थिति (i)-यदि AB=DE हो, तो △ABC एवं △DEF में AB=DE (माना) ∠ABC=∠DEF (दिया है) BC=EF (दिया है) अतः △ABC एवं △DEF भुजा-कोण-भुजा गुणधर्म से सर्वांगसम है। अर्थात् △ABC≅△DEF. स्थिति (ii)-यदि AB<DE हो, तो भुजा DE पर एक बिन्दु G इस प्रकार लिया कि AB=GE एवं GF को मिलाया। अब △ABC एवं GEF के लिए AB=GE (माना) BC=EF (दिया है) ∠ABC=∠GEF (दिया है) [∵∠GEF=∠DEF] अर्थात् भुजा-कोण-भुजा गुणधर्म से △ABC≅△GEF अतः ∠ACB=∠GFE…(i) एवं ∠ACB=∠DFE (दिया है) …(ii)
(i) व (ii) से ∠DFE=∠GFE जो तब तक असंभव है, जब तक कि GF,DF के साथ संपाती न हो जाए अर्थात् G एवं D संपाती हैं। ∴AB=DE अतः भुजा-कोण-भुजा गुणधर्म से ΔABC≅ΔDEF स्थिति (iii)-यदि AB>DE हो तो निम्न चित्रानुसार ΔABC में भुजा AB पर एक बिन्दु G इस प्रकार लिया कि BG=DE हो। यहाँ स्थिति (ii) के अनुसार हम सिद्ध कर सकते हैं कि बिन्दु G, बिन्दु A के संपाती होगा अर्थात् AB=DE और भुजा-कोण-भुजा गुणधर्म से ΔABC≅ΔDEF
Two triangles ABC and DEF with a point G on AB
∴ सभी तीनों स्थितियों में ΔABC≅ΔDEF (इति सिद्धम्)
3. बिन्दु A पर प्रतिच्छेद करने वाली दो रेखाओं l और m से समदूरस्थ एक बिन्दु P है। (देखिये आकृति में) सिद्ध कीजिए कि रेखा AP दोनों रेखाओं के बीच के कोण को समद्विभाजित करती है।
Two intersecting lines l and m with point P and perpendiculars PB and PC
हल-दिया गया है कि रेखायें l और m परस्पर A पर प्रतिच्छेद करती हैं।
माना PB⊥l और PC⊥m हैं। यह दिया है कि PB=PC है। सिद्ध करना है कि ∠PAB=∠PAC है। अब ΔPAB और ΔPAC में, PB=PC (दिया है) ∠PBA=∠PCA=90∘ (दिया है) PA=PA (उभयनिष्ठ) अतः ΔPAB≅ΔPAC (RHS नियम) ∴∠PAB=∠PAC (CPCT) (इति सिद्धम्)
4. यदि दो समद्विबाहु त्रिभुजों का आधार उभयनिष्ठ है तब सिद्ध कीजिए कि उनके शीर्षों को जोड़ने वाली रेखा इन्हें समकोण त्रिभुजों में समद्विभाजित करती है।
हल-माना ΔABC व ΔDBC दो समद्विबाहु त्रिभुज हैं जिनका उभयनिष्ठ आधार BC है। यहाँ AB=AC तथा DB=DC।
हमें सिद्ध करना है कि AD (या बढ़ी हुई AD) BC को समकोण पर समद्विभाजित करती है।
Two isosceles triangles sharing base BC with line AD
त्रिभुज ABD व ACD में, AB=AC (दिया है) BD=CD (दिया है) और AD=AD (उभयनिष्ठ भुजा) अतः SSS सर्वांगसमता नियम से, ΔABD≅ΔACD ⇒∠1=∠2 (CPCT) ...(i) इस प्रकार ΔABE व ΔACE में, AB=AC (दिया है) ∠1=∠2 [(i) से] और AE=AE (उभयनिष्ठ भुजा) अतः SAS सर्वांगसमता नियम से ΔABE≅ΔACE ⇒BE=CE और ∠3=∠4 [CPCT] लेकिन ∠3+∠4=180∘ (रैखिक युग्म) ⇒2∠3=180∘ ⇒∠3=90∘ ∴∠3=∠4=90∘ अतः AD,BC को समकोण पर समद्विभाजित करती है। इतिसिद्धम्