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📚 कक्षा 9 गणित (Mathematics)हिंदी माध्यमसत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

पाठ 8: चतुर्भुज

Quadrilaterals

📅 शैक्षणिक सत्र: 2026-27📖 RBSE/NCERT डिजिटल पासबुक🎯 संपूर्ण प्रश्नोत्तर
📚 कक्षा 9 गणित (RBSE) 📘 गणित सत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

Quadrilaterals

चतुर्भुज


पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्नावली 8.1

प्रश्न 1. यदि एक समान्तर चतुर्भुज के विकर्ण बराबर हों, तो दर्शाइए कि वह एक आयत है।

समान्तर चतुर्भुज ABCD जिसमें विकर्ण AC और BD हैं
समान्तर चतुर्भुज ABCD जिसमें विकर्ण AC और BD हैं

हल- दिया है - प्रश्नानुसार ABCDABCD एक समान्तर चतुर्भुज है जिसमें विकर्ण AC=AC = विकर्ण BDBD

सिद्ध करना है - ABCDABCD एक आयत है।
उपपत्ति - विकर्णों के आधार पर ABC\triangle ABC और ABD\triangle ABD में
AB=ABAB = AB (उभयनिष्ठ भुजाएँ)
AC=BDAC = BD (दिया है)
तथा BC=ADBC = AD (समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ)
ABCABD\therefore \triangle ABC \cong \triangle ABD (सर्वांगसमता के नियम SSSSSS के अनुसार)
DAB=CBA\Rightarrow \angle DAB = \angle CBA .....(i) (क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं)
परन्तु DAB+CBA=180\angle DAB + \angle CBA = 180^{\circ} .....(ii)
[ADBC\because AD \parallel BC और ABAB एक तिर्यक रेखा इन्हें काटती है। तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अन्तःकोणों का योगफल 180180^{\circ} होता है।]
समीकरण (i) व (ii) से
DAB=CBA=\angle DAB = \angle CBA = एक समकोण
अतः ABCDABCD एक आयत है क्योंकि यदि समान्तर चतुर्भुज का एक कोण 9090^{\circ} हो, तो वह आयत होता है। (इति सिद्धम्)

प्रश्न 2. दर्शाइए कि एक वर्ग के विकर्ण बराबर होते हैं और परस्पर समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।

वर्ग ABCD जिसके विकर्ण O पर प्रतिच्छेद करते हैं
वर्ग ABCD जिसके विकर्ण O पर प्रतिच्छेद करते हैं

हल- दिया है - एक वर्ग ABCDABCD है जिसमें इसके विकर्ण क्रमशः ACAC तथा BDBD हैं।

सिद्ध करना है -
(i) AC=BDAC = BD
तथा (ii) ACBDAC \perp BD

उपपत्ति- (i) विकर्णों के कारण वर्ग में बने ABC\triangle ABC और BAD\triangle BAD में
AB=ABAB = AB (उभयनिष्ठ भुजा)
ABC=BAD\angle ABC = \angle BAD (प्रत्येक 9090^{\circ})
तथा BC=ADBC = AD (वर्ग की भुजाएँ)
अतः ABCBAD\triangle ABC \cong \triangle BAD (सर्वांगसमता के नियम SASSAS के अनुसार)
अर्थात् AC=BDAC = BD (क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं) (इति सिद्धम्)

(ii) पुनः AOB\triangle AOB और AOD\triangle AOD में
AO=AOAO = AO (उभयनिष्ठ भुजाएँ)
AB=ADAB = AD (वर्ग की भुजाएँ)
OB=ODOB = OD (क्योंकि वर्ग के विकर्ण परस्पर समद्विभाजित करते हैं)
अतः AOBAOD\triangle AOB \cong \triangle AOD (सर्वांगसमता के नियम SSSSSS के अनुसार)
AOB=AOD\therefore \angle AOB = \angle AOD (क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं)
लेकिन AOB+AOD=180\angle AOB + \angle AOD = 180^{\circ} (रैखिक युग्म अभिगृहीत से)
AOB=AOD=90\therefore \angle AOB = \angle AOD = 90^{\circ}
अर्थात् AOBDAO \perp BD या ACBDAC \perp BD (इति सिद्धम्)

प्रश्न 3. समान्तर चतुर्भुज ABCDABCD का विकर्ण ACAC कोण AA को समद्विभाजित करता है। (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि
(i) यह C\angle C को भी समद्विभाजित करता है।
(ii) ABCDABCD एक समचतुर्भुज है।

समान्तर चतुर्भुज ABCD जिसमें विकर्ण AC कोण A और C को विभाजित करता है
समान्तर चतुर्भुज ABCD जिसमें विकर्ण AC कोण A और C को विभाजित करता है

हल- (i) दिया है - एक समान्तर चतुर्भुज ABCDABCD है जिसमें विकर्ण ACAC, A\angle A को समद्विभाजित करता है।

सिद्ध करना है - दिया गया विकर्ण ACAC, C\angle C को भी समद्विभाजित करता है।

उपपत्ति-चित्रानुसार ABDCAB \parallel DC तथा ACAC एक तिर्यक रेखा इन्हें प्रतिच्छेदित करती है।
1=3\therefore \angle 1 = \angle 3 (एकान्तर कोण) .....(i)
2=4\angle 2 = \angle 4 (एकान्तर कोण) .....(ii)
परन्तु 1=2\angle 1 = \angle 2 .....(iii)
[क्योंकि ACAC, A\angle A को समद्विभाजित करती है।]
अतः 3=4\angle 3 = \angle 4
अतः ACAC, C\angle C को भी समद्विभाजित करती है।
(ii) सिद्ध करना है- ABCDABCD एक समचतुर्भुज है।
भाग (i) से- समीकरण (i), (ii) और (iii) से
1=2=3=4\angle 1 = \angle 2 = \angle 3 = \angle 4
अब ABC\triangle ABC में,
1=4\angle 1 = \angle 4 .....(iv)
AB=BC\Rightarrow AB = BC
[त्रिभुज में समान कोणों के सामने की भुजायें समान होती हैं।]
इसी प्रकार ADC\triangle ADC में,
AD=DCAD = DC .....(iv)
और ABCDABCD एक समान्तर चतुर्भुज है।
AB=CDAD=BC}\therefore \begin{matrix} AB = CD \ AD = BC \end{matrix} \rbrace .....(vi)
समीकरण (iv), (v) व (vi) से
AB=BC=CD=DAAB = BC = CD = DA
अतः ABCDABCD एक समचतुर्भुज है। (इतिसिद्धम्)

4. ABCDABCD एक आयत है जिसमें विकर्ण ACAC दोनों कोणों AA और CC को समद्विभाजित करता है। दर्शाइए कि (i) ABCDABCD एक वर्ग है (ii) विकर्ण BDBD दोनों कोणों BB और DD को समद्विभाजित करता है।

हल- प्रश्नानुसार एक आयत ABCDABCD है जिसमें

AB=DCAB = DC .....(i)
तथा BC=ADBC = AD

Rectangle ABCD with diagonal AC, angles marked 1, 2, 3, 4
Rectangle ABCD with diagonal AC, angles marked 1, 2, 3, 4

साथ ही प्रत्येक कोण अर्थात्
A=B=C=D=90\angle A = \angle B = \angle C = \angle D = 90^{\circ}
(i) बने त्रिभुज ABCABC और ADC\triangle ADC में
1=2\angle 1 = \angle 2
तथा 3=4\angle 3 = \angle 4
क्योंकि विकर्ण ACAC दोनों कोणों को समद्विभाजित करता है।

तथा AC=ACAC = AC (उभयनिष्ठ भुजायें)
ABCADC\therefore \triangle ABC \cong \triangle ADC
(सर्वांगसमता के नियम ASAASA के अनुसार)
अतः AB=ADAB = AD .....(ii)
समीकरण (i) तथा (ii) से
AB=BC=AD=DCAB = BC = AD = DC
अर्थात् आयत की सभी भुजायें समान हैं। अतः यह एक वर्ग है।

(ii) संलग्न चित्रानुसार

Rectangle ABCD with diagonal BD
Rectangle ABCD with diagonal BD

ABD\triangle ABD तथा BDC\triangle BDC में
AB=BCAB = BC [क्योंकि आयत ABCDABCD एक वर्ग है।]
AD=DCAD = DC [क्योंकि आयत ABCDABCD एक वर्ग है।]
तथा BD=BDBD = BD (उभयनिष्ठ भुजायें)
अतः ABDBDC\triangle ABD \cong \triangle BDC
(सर्वांगसमता के नियम SSSSSS के अनुसार)
ABD=CBD\therefore \angle ABD = \angle CBD .....(iii)
(क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं।)
और ADB=CDB\angle ADB = \angle CDB .....(iv)
(क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं।)
अतः समीकरण (iii) व (iv) के आधार पर यह कहा जा सकता है कि विकर्ण BDBD दोनों कोणों BB तथा DD को समद्विभाजित करता है।

5. समान्तर चतुर्भुज ABCDABCD के विकर्ण BDBD पर दो बिन्दु PP और QQ इस प्रकार स्थित हैं कि DP=BQDP = BQ है (देखिए आकृति)।

Parallelogram ABCD with diagonal BD and points P, Q
Parallelogram ABCD with diagonal BD and points P, Q

दर्शाइए कि
(i) APDCQB\triangle APD \cong \triangle CQB
(ii) AP=CQAP = CQ

(iii) ΔAQBΔCPD\Delta \text{AQB} \cong \Delta \text{CPD}
(iv) AQ=CP\text{AQ} = \text{CP}
(v) APCQ\text{APCQ} एक समान्तर चतुर्भुज है।

हल-(i) प्रश्न में दिए चित्र के ΔAPD\Delta \text{APD} तथा ΔCQB\Delta \text{CQB} से

DP=BQ\text{DP} = \text{BQ} (दिया है)
ADP=QBC\angle \text{ADP} = \angle \text{QBC}
क्योंकि समान्तर चतुर्भुज ABCD\text{ABCD} में ADBC\text{AD} \parallel \text{BC} तथा BD\text{BD} एक तिर्यक रेखा उन्हें काटती है।
ADB=DBC\therefore \angle \text{ADB} = \angle \text{DBC} (एकान्तर कोण)
ADP=QBC\therefore \angle \text{ADP} = \angle \text{QBC}
AD=CB\text{AD} = \text{CB}
क्योंकि समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
ΔAPDΔCQB\therefore \Delta \text{APD} \cong \Delta \text{CQB}
(सर्वांगसमता के नियम SAS\text{SAS} के अनुसार)
(ii) AP=CQ\therefore \text{AP} = \text{CQ}
(क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं)
(iii) अब पुनः ΔAQB\Delta \text{AQB} तथा ΔCPD\Delta \text{CPD} से
BQ=DP\text{BQ} = \text{DP} (दिया है)
ABQ=PDC\angle \text{ABQ} = \angle \text{PDC}
क्योंकि समान्तर चतुर्भुज ABCD\text{ABCD} में ABCD\text{AB} \parallel \text{CD} तथा BD\text{BD} एक तिर्यक रेखा इनको काटती है।
ABD=BDC\therefore \angle \text{ABD} = \angle \text{BDC} (एकान्तर कोण)
ABQ=PDC\therefore \angle \text{ABQ} = \angle \text{PDC}
AB=CD\text{AB} = \text{CD}
क्योंकि समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ समान होती हैं।
ΔAQBΔCPD\therefore \Delta \text{AQB} \cong \Delta \text{CPD}
(सर्वांगसमता के नियम SAS\text{SAS} के अनुसार)
(iv) AQ=CP\therefore \text{AQ} = \text{CP}
(क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं।)
(v) अब चतुर्भुज APCQ\text{APCQ} से
AP=CQ\text{AP} = \text{CQ} (भाग ii से)
तथा AQ=CP\text{AQ} = \text{CP} (भाग iv से)
अर्थात् चतुर्भुज APCQ\text{APCQ} की सम्मुख भुजाएँ बराबर हैं। हम जानते हैं कि एक समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ समान होती हैं। अतः APCQ\text{APCQ} एक समान्तर चतुर्भुज है।

  1. ABCD\text{ABCD} एक समान्तर चतुर्भुज है तथा AP\text{AP} और CQ\text{CQ} शीर्षों A\text{A} और C\text{C} से विकर्ण BD\text{BD} पर क्रमशः लम्ब हैं (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि
    (i) ΔAPBΔCQD\Delta \text{APB} \cong \Delta \text{CQD}
    (ii) AP=CQ\text{AP} = \text{CQ}
Geometry figure showing parallelogram ABCD with diagonal BD and perpendiculars AP and CQ
Geometry figure showing parallelogram ABCD with diagonal BD and perpendiculars AP and CQ

हल-प्रश्नानुसार ABCD\text{ABCD} एक समान्तर चतुर्भुज है जिसमें ABDC\text{AB} \parallel \text{DC} तथा BD\text{BD} एक तिर्यक रेखा है।

1=2\therefore \angle 1 = \angle 2 (एकान्तर कोण) .....(i)
(i) अब आकृति में बनने वाले ΔAPB\Delta \text{APB} और ΔCQD\Delta \text{CQD} में
APB=CQD=90\angle \text{APB} = \angle \text{CQD} = 90^{\circ} (दिया है)
1=2\angle 1 = \angle 2 [समीकरण (i) के अनुसार]
तथा AB=CD\text{AB} = \text{CD} [क्योंकि समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।]
ΔAPBΔCQD\therefore \Delta \text{APB} \cong \Delta \text{CQD} (सर्वांगसमता के नियम AAS\text{AAS} के अनुसार)
(ii) AP=CQ\therefore \text{AP} = \text{CQ} (क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं)

  1. ABCD\text{ABCD} एक समलम्ब है, जिसमें ABDC\text{AB} \parallel \text{DC} और AD=BC\text{AD} = \text{BC} है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि
    (i) A=B\angle \text{A} = \angle \text{B}
    (ii) C=D\angle \text{C} = \angle \text{D}
    (iii) ΔABCΔBAD\Delta \text{ABC} \cong \Delta \text{BAD}
    (iv) विकर्ण AC=विकर्ण BD\text{AC} = \text{विकर्ण BD} है।
    [संकेत-AB\text{AB} को बढ़ाइए और C\text{C} से होकर DA\text{DA} के समान्तर एक रेखा खींचिए जो बढ़ी हुई भुजा AB\text{AB} को E\text{E} पर प्रतिच्छेद करे।]
Trapezium ABCD with extension to E
Trapezium ABCD with extension to E

हल-(i) प्रश्नानुसार दी गई आकृति में AB\text{AB} रेखा को आगे बढ़ाया तथा रेखा CEAD\text{CE} \parallel \text{AD} खींच दी। अब क्योंकि ADCE\text{AD} \parallel \text{CE} और तिर्यक रेखा AE\text{AE} उनको क्रमशः A\text{A} और E\text{E} बिन्दुओं पर काटती है।

A+E=180\therefore \angle \text{A} + \angle \text{E} = 180^{\circ}
या A=180E\angle \text{A} = 180^{\circ} - \angle \text{E} .....(1)
क्योंकि ABCD\text{AB} \parallel \text{CD} तथा ADCE\text{AD} \parallel \text{CE} है अतः AECD\text{AECD} एक समान्तर चतुर्भुज है। अर्थात्
AD=CE\text{AD} = \text{CE}
या BC=CE\text{BC} = \text{CE} [क्योंकि AD=BC\text{AD} = \text{BC} (दिया है)]

अतः BCE\triangle \text{BCE} में
BC=CE\text{BC} = \text{CE}
CBE=CEB\Rightarrow \angle \text{CBE} = \angle \text{CEB}
क्योंकि बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण भी बराबर होते हैं।
180B=E\therefore 180^{\circ} - \angle \text{B} = \angle \text{E}
[CBE+ABC=180[\because \angle \text{CBE} + \angle \text{ABC} = 180^{\circ} (रैखिक युग्म अभिगृहीत से)]
CBE=180ABC\therefore \angle \text{CBE} = 180^{\circ} - \angle \text{ABC}
180E=B(2)\Rightarrow 180^{\circ} - \angle \text{E} = \angle \text{B} \quad \dots(2)
समीकरण (1)(1)(2)(2) से A=B\angle \text{A} = \angle \text{B}
(ii) ABCD\text{ABCD} एक समलम्ब चतुर्भुज है जिसमें ABDC\text{AB} \parallel \text{DC}
A+D=180(3)\therefore \angle \text{A} + \angle \text{D} = 180^{\circ} \quad \dots(3)
तथा B+C=180(4)\angle \text{B} + \angle \text{C} = 180^{\circ} \quad \dots(4)
क्योंकि दो समान्तर रेखाओं के लिए तिर्यक रेखा के एक ही ओर के दो अन्तःकोणों का योगफल 180180^{\circ} होता है।
समीकरण (3)(3)(4)(4) से
A+D=B+C\angle \text{A} + \angle \text{D} = \angle \text{B} + \angle \text{C}
परन्तु A=B\angle \text{A} = \angle \text{B} (सिद्ध कर चुके हैं)
A+D=A+C\therefore \angle \text{A} + \angle \text{D} = \angle \text{A} + \angle \text{C}
D=C\Rightarrow \angle \text{D} = \angle \text{C}
या C=D\angle \text{C} = \angle \text{D} (इति सिद्धम्)
(iii) दिए गए ABC\triangle \text{ABC} और BAD\triangle \text{BAD} में
AB=AB\text{AB} = \text{AB} (उभयनिष्ठ भुजाएँ)
A=B\angle \text{A} = \angle \text{B} (सिद्ध कर चुके हैं)
तथा BC=AD\text{BC} = \text{AD} (दिया है)
ABCBAD\therefore \triangle \text{ABC} \cong \triangle \text{BAD}
(सर्वांगसमता के नियम SAS\text{SAS} के अनुसार)
(iv) अतः AC=BD\text{AC} = \text{BD}
(क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं)
अतः यह कहा जा सकता है कि समलम्ब चतुर्भुज ABCD\text{ABCD} में विकर्ण AC=\text{AC} = विकर्ण BD\text{BD}

Geometry figure showing a quadrilateral ABCD with points P, Q, R, S on sides AB, BC, CD, DA respectively and diagonals AC and BD
Geometry figure showing a quadrilateral ABCD with points P, Q, R, S on sides AB, BC, CD, DA respectively and diagonals AC and BD

प्रश्नावली 8.2

  1. ABCD\text{ABCD} एक चतुर्भुज है जिसमें P, Q, R\text{P, Q, R} और S\text{S} क्रमशः भुजाओं AB, BC, CD\text{AB, BC, CD} और DA\text{DA} के मध्य-बिन्दु हैं (देखिए आकृति)। AC\text{AC} उसका एक विकर्ण है। दर्शाइए कि
    (i) SRAC\text{SR} \parallel \text{AC} और SR=12AC\text{SR} = \frac{1}{2} \text{AC} है।
    (ii) PQ=SR\text{PQ} = \text{SR} है।
    (iii) PQRS\text{PQRS} एक समान्तर चतुर्भुज है।

हल-प्रश्नानुसार दी गई आकृति के ABC\triangle \text{ABC} में, बिन्दु P, AB\text{P, AB} का मध्य बिन्दु है और Q, BC\text{Q, BC} का मध्य बिन्दु है।

PQAC\therefore \text{PQ} \parallel \text{AC}
और PQ=12AC\text{PQ} = \frac{1}{2} \text{AC}
(मध्य बिन्दु प्रमेय से)
(i) ACD\triangle \text{ACD} में, R\text{R} बिन्दु CD\text{CD} का तथा S\text{S} बिन्दु AD\text{AD} का मध्य-बिन्दु है।
तो SRAC\text{SR} \parallel \text{AC} और
SR=12AC\text{SR} = \frac{1}{2} \text{AC}
(मध्य बिन्दु प्रमेय के अनुसार)
(ii) क्योंकि PQ=12AC\text{PQ} = \frac{1}{2} \text{AC}
तथा SR=12AC\text{SR} = \frac{1}{2} \text{AC}
PQ=12AC=SR\therefore \text{PQ} = \frac{1}{2} \text{AC} = \text{SR}
या PQ=SR\text{PQ} = \text{SR}
(iii) हमने यह भी सिद्ध किया है कि
PQAC\text{PQ} \parallel \text{AC} तथा SRAC\text{SR} \parallel \text{AC}
अर्थात् PQSR\text{PQ} \parallel \text{SR}
क्योंकि दो रेखाएँ जो दी गई रेखा के समान्तर होती हैं, परस्पर समान्तर होती हैं।
अब PQ=SR\text{PQ} = \text{SR} तथा PQSR\text{PQ} \parallel \text{SR}
हम जानते हैं कि यदि चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं का एक युग्म बराबर और समान्तर होता है तो यह एक समान्तर चतुर्भुज होता है।
PQRS\therefore \text{PQRS} एक समान्तर चतुर्भुज है।

  1. ABCD\text{ABCD} एक समचतुर्भुज है और P, Q, R\text{P, Q, R} और S\text{S} क्रमशः भुजाओं AB, BC, CD\text{AB, BC, CD} और DA\text{DA} के मध्य-बिन्दु हैं। दर्शाइए कि चतुर्भुज PQRS\text{PQRS} एक आयत है।

हल-दिया है-ABCD\text{ABCD} एक समचतुर्भुज है जिसकी भुजाओं AB, BC, CD\text{AB, BC, CD} तथा DA\text{DA} के मध्य-बिन्दु क्रमशः P, Q, R\text{P, Q, R} और S\text{S} हैं। PQ, QR, RS\text{PQ, QR, RS} और SP\text{SP} को मिला दिया।

684

सिद्ध करना है- PQRSPQRS एक आयत है।

Geometry figure showing a rectangle ABCD with midpoints P, Q, R, S on sides AB, BC, CD, DA respectively, forming a quadrilateral PQRS inside. Diagonals AC and BD intersect at O. Line segments MN are also shown.
Geometry figure showing a rectangle ABCD with midpoints P, Q, R, S on sides AB, BC, CD, DA respectively, forming a quadrilateral PQRS inside. Diagonals AC and BD intersect at O. Line segments MN are also shown.

उपपत्ति- ABC\triangle ABC में, ABAB तथा BCBC का मध्य बिन्दु PP और QQ हैं। अतः मध्य-बिन्दु प्रमेय के अनुसार,
PQACPQ \parallel AC और PQ=12ACPQ = \frac{1}{2}AC .....(i)
इसी प्रकार ADC\triangle ADC में, CDCD तथा ADAD का मध्य-बिन्दु RR और SS हैं।
अतः मध्य-बिन्दु प्रमेय के अनुसार,
SRACSR \parallel AC और SR=12ACSR = \frac{1}{2}AC .....(ii)
अब समीकरण (i) व (ii) से
PQSRPQ \parallel SR और PQ=SRPQ = SR
अतः PQRSPQRS एक समान्तर चतुर्भुज है क्योंकि चतुर्भुज PQRSPQRS में सम्मुख भुजाओं PQPQ और SRSR एक युग्म समान एवं समान्तर हैं।
चूंकि ABCDABCD एक समचतुर्भुज है।
इसलिए AOD=90\angle AOD = 90^{\circ}
या MON=90\angle MON = 90^{\circ}
(समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।)
अब SRACSR \parallel AC और SPBDSP \parallel BD है
तो SMONSMON भी एक समान्तर चतुर्भुज है।
इसलिए MSN=MON=90\angle MSN = \angle MON = 90^{\circ}
(समान्तर चतुर्भुज के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।)
या PSR=90\angle PSR = 90^{\circ}
अतः PQRSPQRS एक आयत है क्योंकि PQRSPQRS एक समान्तर चतुर्भुज है जिसका एक कोण 9090^{\circ} है।
इतिसिद्धम्

3. ABCDABCD एक आयत है, जिसमें P,Q,RP, Q, R और SS क्रमशः भुजाओं AB,BC,CDAB, BC, CD और DADA के मध्य-बिन्दु हैं। दर्शाइए कि चतुर्भुज PQRSPQRS एक समचतुर्भुज है।

हल- दिया है- प्रश्नानुसार एक आयत ABCDABCD है जिसमें इसकी भुजाओं AB,BC,CDAB, BC, CD और DADA के मध्य बिन्दु क्रमशः P,Q,RP, Q, R और SS हैं। चित्र में PQ,QR,RSPQ, QR, RS और SPSP को मिलाया गया है।

सिद्ध करना है-PQRSPQRS एक समचतुर्भुज है।
रचना-AA तथा CC को मिलाया।
उपपत्ति-चित्रानुसार ABC\triangle ABC में भुजाओं ABAB तथा BCBC के मध्य-बिन्दु क्रमशः PP और QQ हैं।
PQAC\therefore PQ \parallel AC और PQ=12ACPQ = \frac{1}{2}AC .....(i)

Geometry figure showing a rectangle ABCD with midpoints P, Q, R, S on sides AB, BC, CD, DA respectively, forming a rhombus PQRS inside.
Geometry figure showing a rectangle ABCD with midpoints P, Q, R, S on sides AB, BC, CD, DA respectively, forming a rhombus PQRS inside.

ADC\triangle ADC में RR और SS क्रमशः CDCD और ADAD के मध्य-बिन्दु हैं। अतः:
SRACSR \parallel AC और SR=12ACSR = \frac{1}{2}AC .....(ii)
अब समीकरण (i) तथा (ii) से
PQSRPQ \parallel SR और PQ=SRPQ = SR .....(iii)
अर्थात् PQRSPQRS एक समान्तर चतुर्भुज है।
ABCD\because ABCD एक आयत है। (दिया है)
या AD=BCAD = BC
या 12AD=12BC\frac{1}{2}AD = \frac{1}{2}BC
या AS=BQAS = BQ .....(iv)
APS\triangle APS और BPQ\triangle BPQ में
AP=BPAP = BP
[क्योंकि PP बिन्दु ABAB का मध्य बिन्दु है।]
PAS=PBQ=90\angle PAS = \angle PBQ = 90^{\circ}
तथा AS=BQAS = BQ (iv से)
APSBPQ\therefore \triangle APS \cong \triangle BPQ
(सर्वांगसमता के नियम SASSAS के अनुसार)
या PS=PQPS = PQ
(क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं।)
समीकरण (iii) व (iv) से हम कह सकते हैं कि PQRSPQRS एक ऐसा समान्तर चतुर्भुज है जिसमें PS=PQPS = PQ
अर्थात् दो आसन्न भुजाएँ बराबर हैं। अतः PQRSPQRS एक समचतुर्भुज है।

4. ABCDABCD एक समलम्ब है, जिसमें ABDCAB \parallel DC है। साथ ही, BDBD एक विकर्ण है और EE भुजा ADAD का मध्य-बिन्दु है। EE से होकर एक रेखा ABAB के समान्तर

खींची गई है, जो BCBC को FF पर प्रतिच्छेद करती है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि FF भुजा BCBC का मध्य-बिन्दु है।

Triangle ABC with line EF parallel to AB
Triangle ABC with line EF parallel to AB

हल-प्रश्नानुसार माना कि EFEF रेखा को विकर्ण BD,OBD, O बिन्दु पर प्रतिच्छेद करता है।

अब DAB\triangle DAB में EE बिन्दु भुजा ABAB का मध्य-बिन्दु है तथा EOABEO \parallel AB है क्योंकि EFABEF \parallel AB (दिया है) और EFEF का एक भाग है। अतः OO बिन्दु DAB\triangle DAB की दूसरी भुजा BDBD का मध्य-बिन्दु है।
हम जानते हैं कि त्रिभुज की एक भुजा के मध्य-बिन्दु से दूसरी भुजा के समान्तर खींची गई रेखा तीसरी भुजा को मध्य-बिन्दु पर प्रतिच्छेद करती है।
अब BCD\triangle BCD में बिन्दु O,BDO, BD का मध्य बिन्दु है और OFDCOF \parallel DC। क्योंकि EFABEF \parallel AB तथा ABDCAB \parallel DC (दिया है)
अतः EFDCEF \parallel DC और OF,EFOF, EF का ही एक भाग है।
F,BCD\therefore F, \triangle BCD की भुजा BCBC का भाग है।
(मध्य-बिन्दु प्रमेय के विलोम के अनुसार)

5. एक समान्तर चतुर्भुज ABCDABCD में EE और FF क्रमशः भुजाओं ABAB और CDCD के मध्य-बिन्दु हैं (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि रेखाखण्ड AFAF और ECEC विकर्ण BDBD को समत्रिभाजित करते हैं।

Parallelogram ABCD with line segments AF and EC intersecting diagonal BD at P and Q
Parallelogram ABCD with line segments AF and EC intersecting diagonal BD at P and Q

हल-दिया है : एक समान्तर चतुर्भुज ABCDABCD में EE और FF क्रमशः भुजाओं ABAB और CDCD के मध्य बिन्दु हैं।

सिद्ध करना है : DP=PQ=QBDP = PQ = QB
प्रमाण : APB\triangle APB में
EE भुजा ABAB का मध्य बिन्दु है और AFECAF \parallel EC (दिया है)
अतः मध्य बिन्दु प्रमेय से
QQ भुजा PBPB का मध्य बिन्दु है।
अतः : PQ=QBPQ = QB ...(i)
(किसी त्रिभुज की एक भुजा के मध्य बिन्दु से दूसरी भुजा के समान्तर खींची गई रेखा तीसरी भुजा को समद्विभाजित करती है।)
अब, DCQ\triangle DCQ में
FF, भुजा CDCD का मध्य बिन्दु है और AFECAF \parallel EC (दिया है)
अतः: मध्य बिन्दु प्रमेय से,
PP भुजा DQDQ का मध्य बिन्दु है।
इसलिए DP=PQDP = PQ ...(ii)
समीकरण (i) व (ii) से
DP=PQ=QBDP = PQ = QB इतिसिद्धम्

6. ABCABC एक त्रिभुज है जिसका कोण CC समकोण है। कर्ण ABAB के मध्य-बिन्दु MM से होकर BCBC के समान्तर खींची गई रेखा ACAC को DD पर प्रतिच्छेद करती है। दर्शाइए कि
(i) DD भुजा ACAC का मध्य-बिन्दु है।
(ii) MDACMD \perp AC है।
(iii) CM=MA=12ABCM = MA = \frac{1}{2}AB है।

हल-(i) ABC\triangle ABC में भुजा ABAB का मध्य-बिन्दु MM है, प्रश्नानुसार यह दिया है।

Triangle ABC with line m passing through M parallel to BC intersecting AC at D
Triangle ABC with line m passing through M parallel to BC intersecting AC at D

MDBCMD \parallel BC
AD=DC\therefore AD = DC
(मध्य-बिन्दु प्रमेय के विलोम के अनुसार)
अतः ACAC भुजा का मध्य बिन्दु DD है।
(ii) माना कि भुजा BCBC के समान्तर खींची गई रेखा mm है। (दिया है)
तथा तिर्यक रेखा ACAC है।
1=C\therefore \angle 1 = \angle C (संगत कोण)
या 1=90\angle 1 = 90^{\circ}
[C=90][\because \angle C = 90^{\circ}] (दिया है)
अतः MDACMD \perp AC
(iii) आकृति में बने AMD\triangle AMD तथा CMD\triangle CMD में
1=2=90\angle 1 = \angle 2 = 90^{\circ} (सिद्ध कर चुके हैं)
AD=DCAD = DC (सिद्ध कर चुके हैं)
तथा MD=MDMD = MD (उभयनिष्ठ भुजा)
अतः AMDCMD\triangle AMD \cong \triangle CMD
(सर्वांगसमता के नियम SASSAS के अनुसार)
AM=CM\therefore AM = CM
(क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं)
.....(1)

दिया है कि ABAB भुजा का मध्य बिन्दु MM है।
AM=12AB\therefore AM = \frac{1}{2} AB .....(2)
समीकरण (1) व (2) से
CM=AM=12ABCM = AM = \frac{1}{2} AB

--- अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न ---

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-

  1. चित्र में, ABCDABCD एक समचतुर्भुज है। यदि AC=8AC = 8 सेमी. और DB=6DB = 6 सेमी. हो, तो BCBC का मान होगा-
Rhombus ABCD with diagonals intersecting at center
Rhombus ABCD with diagonals intersecting at center

(A) 55 सेमी. (B) 44 सेमी.
(C) 77 सेमी. (D) 3.53.5 सेमी.

  1. चित्र में, ABCDABCD एक समान्तर चतुर्भुज है, तो xx का मान होगा-
Parallelogram ABCD with angles (x+80) and (3x-10)
Parallelogram ABCD with angles (x+80) and (3x-10)

(A) 2525^{\circ} (B) 6060^{\circ}
(C) 7575^{\circ} (D) 4545^{\circ}

  1. एक समान्तर चतुर्भुज और त्रिभुज क्षेत्रफल में समान हैं और एक ही आधार पर स्थित हैं। यदि समान्तर चतुर्भुज की ऊँचाई 22 सेमी. हो, तो त्रिभुज की ऊँचाई है-
    (A) 44 सेमी. (B) 11 सेमी.
    (C) 22 सेमी. (D) 33 सेमी.

  2. समान्तर चतुर्भुज ABCDABCD में A=70\angle A = 70^{\circ} हो, तो B\angle B का मान है-
    (A) 1010^{\circ} (B) 110110^{\circ}
    (C) 7070^{\circ} (D) 9090^{\circ}

  3. चतुर्भुज जिसमें दोनों विकर्ण बराबर होते हैं-
    (A) समान्तर चतुर्भुज (B) समचतुर्भुज
    (C) आयत (D) समलम्ब चतुर्भुज

  4. एक समचतुर्भुज ABCDABCD में, यदि ACB=40\angle ACB = 40^{\circ}, तब ADB=\angle ADB =
    (A) 7070^{\circ} (B) 4545^{\circ}
    (C) 5050^{\circ} (D) 6060^{\circ}

  5. ABCDABCD एक समान्तर चतुर्भुज है। M,BDM, BD का मध्य बिन्दु है और BM,BBM, \angle B को समद्विभाजित करता है। तब AMB=\angle AMB =
    (A) 4545^{\circ} (B) 6060^{\circ}
    (C) 9090^{\circ} (D) 7575^{\circ}

  6. यदि किसी समचतुर्भुज के विकर्ण 1818 सेमी. एवं 2424 सेमी. हैं तब उसकी भुजा होगी-
    (A) 1616 सेमी. (B) 1515 सेमी.
    (C) 2020 सेमी. (D) 1717 सेमी.

  7. किसी आयत की आसन्न भुजाओं के मध्य बिन्दुओं को मिलाने पर बनने वाली आकृति है-
    (A) वर्ग (B) समचतुर्भुज
    (C) समलम्ब चतुर्भुज (D) इनमें से कोई नहीं

  8. किसी वर्ग की आसन्न भुजाओं के मध्य बिन्दुओं को मिलाने पर बनने वाली आकृति है-
    (A) समचतुर्भुज (B) वर्ग
    (C) आयत (D) समान्तर चतुर्भुज

--- उत्तर-तालिका ---

1. (A) 2. (D) 3. (A) 4. (B) 5. (C)
6. (C) 7. (C) 8. (B) 9. (B) 10. (B)

रिक्त स्थानों की पूर्ति करो-

  1. किसी चतुर्भुज की भुजाओं के प्रतिच्छेद बिन्दुओं को ............... कहते हैं।
  2. किसी वर्ग के विकर्ण आपस में ............... पर समद्विभाग होते हैं।
  3. समान्तर चतुर्भुज के विकर्ण परस्पर ............... करते हैं।
  4. समचतुर्भुज के विकर्ण परस्पर समकोण पर ............... कटते हैं।
  5. चतुर्भुज में जिन भुजाओं में उभयनिष्ठ शीर्ष न हों उन्हें ............... भुजाएँ कहते हैं।

उत्तर- 1. शीर्ष 2. समकोण 3. समद्विभाजित 4. समद्विभाग 5. सम्मुख

सत्य/असत्य-निम्नलिखित कथनों के लिए सत्य अथवा असत्य लिखिए-

  1. चतुर्भुज में जिन भुजाओं में उभयनिष्ठ शीर्ष हों उन्हें सम्मुख भुजाएँ कहते हैं।

  2. चतुर्भुज की एक ही भुजा पर बनने वाले कोण आसन्न कोण कहलाते हैं।

  3. किसी चतुर्भुज की भुजाओं के मध्य बिन्दुओं को एक क्रम से मिलाने वाले रेखाखण्डों द्वारा बना चतुर्भुज एक समलम्ब चतुर्भुज होता है।

  4. किसी त्रिभुज की एक भुजा के मध्य बिन्दु से दूसरी भुजा के समान्तर खींची गई रेखा तीसरी भुजा को समद्विभाजित करती है।

  5. एक समचतुर्भुज के विकर्ण परस्पर समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।

उत्तर- 1. असत्य 2. सत्य 3. असत्य 4. सत्य 5. सत्य

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

  1. दिये गये चित्र में BC=ADBC = AD तथा AB=CDAB = CD हो तो ABC\angle ABC और ADC\angle ADC बराबर होंगे, क्यों?
Quadrilateral ABCD with markings on sides
Quadrilateral ABCD with markings on sides

हल- ABCD\because ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है। इसलिए सम्मुख कोण बराबर होंगे।

  1. यदि एक समान्तर चतुर्भुज ABCDABCD में A=B+60\angle A = \angle B + 60^{\circ} हो, तो A\angle AB\angle B के मान लिखिए।

हल- (i) A=120\angle A = 120^{\circ} (ii) B=60\angle B = 60^{\circ}

  1. समान्तर चतुर्भुज ABCDABCD में A\angle A तथा B\angle B के अर्द्धक परस्पर बिन्दु OO पर काटते हैं तो AOB\angle AOB का मान बताओ।

हल- समान्तर चतुर्भुज के अर्द्धक परस्पर समकोण पर काटते हैं अतः AOB=90\angle AOB = 90^{\circ} होगा।

  1. समान्तर चतुर्भुज ABCDABCD में ACAC विकर्ण है। यदि CAB=30\angle CAB = 30^{\circ} तथा ACB=50\angle ACB = 50^{\circ} हो तो ADC\angle ADC का माप लिखिए।
Quadrilateral ABCD with diagonal AC and angles
Quadrilateral ABCD with diagonal AC and angles

हल- B=DB=18080=100\angle B = \angle D \therefore \angle B = 180 - 80 = 100

अतः D=100\angle D = 100^{\circ} उत्तर

  1. चित्रानुसार समान्तर चतुर्भुज DEFGDEFG में DF=6.4DF = 6.4 सेमी. तथा GE=4.2GE = 4.2 सेमी. है। (AD+AE)(AD + AE) का माप लिखिए।
Quadrilateral GDEF with diagonals
Quadrilateral GDEF with diagonals

हल- AD=12DF=12×6.4=3.2AD = \frac{1}{2} DF = \frac{1}{2} \times 6.4 = 3.2 सेमी.

AE=12GE=12×4.2=2.1AE = \frac{1}{2} GE = \frac{1}{2} \times 4.2 = 2.1 सेमी.
अतः AD+AE=5.3AD + AE = 5.3 सेमी. उत्तर

  1. दिये गये चित्र में GDE+DEF=180\angle GDE + \angle DEF = 180^{\circ}, इस स्थिति में कौनसी रेखाएँ समान्तर होंगी?
Quadrilateral GDEF
Quadrilateral GDEF

हल- GDEFGD \parallel EF.

  1. यदि एक आयत की आसन्न भुजाएँ समान हों तो आकृति कहलाती है-

हल- वर्ग।

  1. आयत, समान्तर चतुर्भुज, वर्ग, समचतुर्भुज, समलम्ब चतुर्भुज में से किन में "विकर्ण उन कोणों के अर्द्धक होते हैं जिनमें से होकर वे गुजरते हैं?" उनके नाम लिखो।

हल- वर्ग, समचतुर्भुज।

  1. किसी आयत ABCDABCD के विकर्ण परस्पर बिन्दु OO पर प्रतिच्छेदित करते हैं। यदि BOC=40\angle BOC = 40^{\circ} हो तो OAD\angle OAD का मान ज्ञात कीजिए।

हल- OAD=45\angle OAD = 45^{\circ}

  1. समान्तर चतुर्भुज ABCDABCD में यदि D=115\angle D = 115^{\circ} हो तो A\angle A तथा B\angle B ज्ञात कीजिए।

हल- A=65\angle A = 65^{\circ} तथा B=115\angle B = 115^{\circ}

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

  1. सामने के चित्र में ABCDABCD कोई चतुर्भुज है। H,E,FH, E, F और GG क्रमशः AB,BC,CDAB, BC, CD और DADA के मध्य-बिन्दु हैं। क्या HEFGHEFG एक समान्तर चतुर्भुज है, क्यों?
Quadrilateral ABCD with midpoints H, E, F, G forming inner quadrilateral
Quadrilateral ABCD with midpoints H, E, F, G forming inner quadrilateral

688

[संकेत- GFACGF \parallel AC और GF=12ACGF = \frac{1}{2} AC क्यों?
HEACHE \parallel AC और HE=12ACHE = \frac{1}{2} AC क्यों?
GFHEGF \parallel HE और GF=HEGF = HE ]

हल-उपपत्ति-ABC\triangle ABC में H,EH, E क्रमशः ABAB तथा BCBC के मध्य बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखा है।

HE=12ACHE = \frac{1}{2} AC तथा HEACHE \parallel AC .....(i)
DAC\triangle DAC में G,FG, F क्रमशः ADAD तथा CDCD के मध्य-बिन्दु हैं।
GF=12AC\therefore GF = \frac{1}{2} AC तथा GFACGF \parallel AC .....(ii)
(i) व (ii) से-HE=GFHE = GF तथा HEGFHE \parallel GF
\therefore चतुर्भुज HEFGHEFG एक समान्तर चतुर्भुज है।
(इति सिद्धम्)

2. दिये गये चित्र में, ABCDABCD एक समान्तर चतुर्भुज है। PP और QQ क्रमशः सम्मुख भुजाओं ABAB और CDCD के मध्य-बिन्दु हैं। सिद्ध कीजिए कि PRQSPRQS एक समान्तर चतुर्भुज है।

Quadrilateral ABCD with points P on AB, Q on CD, and diagonals intersecting at S and R
Quadrilateral ABCD with points P on AB, Q on CD, and diagonals intersecting at S and R

हल-दिया हुआ है-ABCDABCD एक समान्तर चतुर्भुज है। जहाँ P,ABP, AB का तथा Q,DCQ, DC का मध्य-बिन्दु है।

सिद्ध करना है-PRQSPRQS एक समान्तर चतुर्भुज है।
चतुर्भुज APCQAPCQ में,
AP=PBAP = PB तथा DQ=QCDQ = QC
DC=AB\because DC = AB तथा DCABDC \parallel AB
AP=QC\therefore AP = QC एवं APQCAP \parallel QC
इसी प्रकार
PRSQPR \parallel SQ
एवं PR=SQPR = SQ .....(1)
चतुर्भुज PBQDPBQD में,
PB=DQPB = DQ तथा PBDQPB \parallel DQ
QB=DPQB = DP तथा QBDPQB \parallel DP
अतः: QR=SPQR = SP एवं QRSPQR \parallel SP .....(2)

समीकरण (1) तथा (2) से, PRQSPRQS एक समान्तर चतुर्भुज होगा। (यही सिद्ध करना था)

3. ABCDABCD एक समान्तर चतुर्भुज है, जिसमें PP और QQ क्रमशः सम्मुख भुजाओं ABAB और CDCD के मध्य-बिन्दु हैं। यदि AQ,DPAQ, DP को SS पर प्रतिच्छेद करे और BQ,CPBQ, CP को RR पर प्रतिच्छेद करे, तो दर्शाइए कि -
(i) APCQAPCQ एक समान्तर चतुर्भुज है।
(ii) DPBQDPBQ एक समान्तर चतुर्भुज है।
(iii) PSQRPSQR एक समान्तर चतुर्भुज है।

Quadrilateral ABCD with points P on AB, Q on CD, and intersecting lines forming PSQR
Quadrilateral ABCD with points P on AB, Q on CD, and intersecting lines forming PSQR

हल-(i) चतुर्भुज APCQAPCQ में,

APQCAP \parallel QC (चूँकि ABCDAB \parallel CD) .....(1)
AP=12AB,CQ=12CDAP = \frac{1}{2} AB, CQ = \frac{1}{2} CD (दिया है)
साथ ही, AB=CDAB = CD (समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ)
इसलिए, AP=QCAP = QC .....(2)
अतः: APCQAPCQ एक समान्तर चतुर्भुज है। [(1) और (2) से]

(ii) इसी प्रकार, DPBQDPBQ एक समान्तर चतुर्भुज है, क्योंकि DQPBDQ \parallel PB और DQ=PBDQ = PB है।
(iii) चतुर्भुज PSQRPSQR में,
SPQRSP \parallel QR (SP,DPSP, DP का एक भाग है और QR,QBQR, QB का एक भाग है)
इसी प्रकार, SQPRSQ \parallel PR है।
अतः: PSQRPSQR एक समान्तर चतुर्भुज है।

4. सिद्ध करो कि समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।

हल-दिया है-एक समान्तर चतुर्भुज ABCDABCD है।

Parallelogram ABCD with diagonal AC
Parallelogram ABCD with diagonal AC

सिद्ध करना है- AB=CD\text{AB} = \text{CD} तथा AD=BC\text{AD} = \text{BC}
रचना-समान्तर चतुर्भुज के विकर्ण A\text{A} तथा C\text{C} को मिलाया।
उपपत्ति-चित्रानुसार ABDC\text{AB} \parallel \text{DC} तथा AC\text{AC} एक तिर्यक रेखा इन्हें काटती है।
DCA=BAC\therefore \angle \text{DCA} = \angle \text{BAC} (एकान्तर कोण)
पुन: ADBC\text{AD} \parallel \text{BC} तथा AC\text{AC} एक तिर्यक रेखा इन्हें काटती है।
DAC=BCA\therefore \angle \text{DAC} = \angle \text{BCA} (एकान्तर कोण)
अब ABC\triangle \text{ABC} तथा ADC\triangle \text{ADC} में
BAC=DCA\angle \text{BAC} = \angle \text{DCA}
तथा AC=AC\text{AC} = \text{AC} (दोनों में उभयनिष्ठ)
BCA=DAC\angle \text{BCA} = \angle \text{DAC}
अतः ABCCDA\triangle \text{ABC} \cong \triangle \text{CDA}
(सर्वांगसमता के नियम ASA\text{ASA} के अनुसार)
अतः AB=CD\text{AB} = \text{CD} तथा AD=BC\text{AD} = \text{BC}
(क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं)
(इति सिद्धम्)

  1. सिद्ध कीजिए कि समान्तर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

हल-

Parallelogram ABCD with diagonals AC and BD intersecting at O
Parallelogram ABCD with diagonals AC and BD intersecting at O

दिया है-ABCD\text{ABCD} एक समान्तर चतुर्भुज है जिसमें विकर्ण AC\text{AC}BD\text{BD} बिन्दु O\text{O} पर प्रतिच्छेद करते हैं।
सिद्ध करना है-OA=OC,OB=OD\text{OA} = \text{OC}, \text{OB} = \text{OD}
उपपत्ति-DB\text{DB} और AC\text{AC}, समान्तर रेखाओं AB\text{AB}BC\text{BC} की दो तिर्यक रेखाएँ हैं।
AOD\triangle \text{AOD}COB\triangle \text{COB} में,
ADO=CBO\angle \text{ADO} = \angle \text{CBO}
(आन्तरिक एकान्तर कोण)
AD=CB\text{AD} = \text{CB}
(समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।)
OAD=OCB\angle \text{OAD} = \angle \text{OCB}
(आन्तरिक एकान्तर कोण)

AODCOB\therefore \triangle \text{AOD} \cong \triangle \text{COB}
(ASA सर्वांगसम नियम)
OA=OC\Rightarrow \text{OA} = \text{OC} (CPCT से)
और OB=OD\text{OB} = \text{OD} (CBPT से) इतिसिद्धम्

निबन्धात्मक प्रश्न-

  1. ABC\text{ABC} एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें AB=AC\text{AB} = \text{AC} है। AD\text{AD} बहिष्कोण PAC\text{PAC} को समद्विभाजित करता है और CDBA\text{CD} \parallel \text{BA} है। (आकृति में देखिये)
Triangle ABC with exterior angle PAC bisected by AD, and CD parallel to BA
Triangle ABC with exterior angle PAC bisected by AD, and CD parallel to BA

दर्शाइए कि
(i) DAC=BCA\angle \text{DAC} = \angle \text{BCA}
(ii) ABCD\text{ABCD} एक समान्तर चतुर्भुज है।

हल-(i) ABC\triangle \text{ABC} एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें AB=AC\text{AB} = \text{AC} (दिया है)

ABC=ACB\therefore \angle \text{ABC} = \angle \text{ACB}
(बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण)
साथ ही, PAC=ABC+ACB\angle \text{PAC} = \angle \text{ABC} + \angle \text{ACB}
(त्रिभुज का बहिष्कोण)
या PAC=ACB+ACB\angle \text{PAC} = \angle \text{ACB} + \angle \text{ACB}
PAC=2ACB\angle \text{PAC} = 2 \angle \text{ACB} .....(i)
अब, AD\text{AD} कोण PAC\text{PAC} को समद्विभाजित करती है।
PAC=2DAC\therefore \angle \text{PAC} = 2 \angle \text{DAC} .....(ii)
अतः 2DAC=2ACB2 \angle \text{DAC} = 2 \angle \text{ACB}
(समीकरण (i) और (ii) से)
या DAC=ACB\angle \text{DAC} = \angle \text{ACB}

(ii) अब ये दोनों बराबर कोण वे एकान्तर कोण हैं जो रेखाखण्डों BC\text{BC} और AD\text{AD} को तिर्यक रेखा AC\text{AC} द्वारा प्रतिच्छेद करने से बनते हैं।
BCAD\therefore \text{BC} \parallel \text{AD}
साथ ही BACD\text{BA} \parallel \text{CD} है।
इस प्रकार, चतुर्भुज ABCD\text{ABCD} की सम्मुख भुजाओं के दोनों युग्म समान्तर हैं।
अतः ABCD\text{ABCD} एक समान्तर चतुर्भुज है।

  1. दर्शाइए कि एक समान्तर चतुर्भुज के कोणों के समद्विभाजक एक आयत बनाते हैं।

हल-माना, P, Q, R\text{P, Q, R} तथा S\text{S} क्रमशः समान्तर चतुर्भुज ABCD\text{ABCD} के A\angle \text{A} और B,B\angle \text{B}, \angle \text{B} और C,C\angle \text{C}, \angle \text{C} और D\angle \text{D} तथा D\angle \text{D} और A\angle \text{A} के समद्विभाजकों

के प्रतिच्छेद बिन्दु हैं, जैसा कि आकृति में दिखाया गया है।

Quadrilateral ABCD with diagonals AC and BD intersecting at points P, Q, S, R
Quadrilateral ABCD with diagonals AC and BD intersecting at points P, Q, S, R

ASD\triangle ASD में, चूँकि DSDS कोण DD और ASAS कोण AA को समद्विभाजित करते हैं, इसलिए
DAS+ADS=12A+12D\angle DAS + \angle ADS = \frac{1}{2} \angle A + \frac{1}{2} \angle D

=12(A+D)= \frac{1}{2} (\angle A + \angle D)
=12×180=90= \frac{1}{2} \times 180^{\circ} = 90^{\circ}
(A\angle A और D\angle D तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अन्तःकोण हैं)
DAS+ADS+DSA=180\angle DAS + \angle ADS + \angle DSA = 180^{\circ}
या 90+DSA=18090^{\circ} + \angle DSA = 180^{\circ}
या DSA=18090=90\angle DSA = 180^{\circ} - 90^{\circ} = 90^{\circ}
अतः: PSR=90\angle PSR = 90^{\circ}
(DSA\angle DSA का शीर्षाभिमुख कोण)
इसी प्रकार से यह दिखाया जा सकता है कि
APB=90\angle APB = 90^{\circ} या SPQ=90\angle SPQ = 90^{\circ}
(जैसा कि DSA\angle DSA के लिए किया था)
इसी प्रकार, PQR=90\angle PQR = 90^{\circ} और SRQ=90\angle SRQ = 90^{\circ} है।
इसलिए, PQRSPQRS एक ऐसा चतुर्भुज है जिसके सभी कोण समकोण हैं। अतः हम यह सिद्ध कर चुके हैं कि
PSR=PQR=90\angle PSR = \angle PQR = 90^{\circ}
और SPQ=SRQ=90\angle SPQ = \angle SRQ = 90^{\circ} है।
अर्थात् सम्मुख कोणों के दोनों युग्म बराबर हैं।
अतः: PQRSPQRS एक समान्तर चतुर्भुज है, जिसमें एक कोण (वास्तव में सभी कोण) समकोण हैं। इसलिए PQRSPQRS एक आयत है।

3. ABC\triangle ABC में, D,ED, E और FF क्रमशः भुजाओं AB,BCAB, BC और CACA के मध्य-बिन्दु हैं (देखिये आकृति)। दर्शाइए कि बिन्दुओं D,ED, E और FF को मिलाने पर ABC\triangle ABC चार सर्वांगसम त्रिभुजों में विभाजित हो जाता है।

Triangle ABC with midpoints D, E, F forming four smaller triangles
Triangle ABC with midpoints D, E, F forming four smaller triangles

हल-चूँकि DD और EE क्रमशः भुजाओं ABAB और BCBC के मध्य-बिन्दु हैं, इसलिए मध्यमान प्रमेय से

DEACDE \parallel AC
इसी प्रकार, DFBCDF \parallel BC और EFABEF \parallel AB है।
इसलिए, ADEF,BDFEADEF, BDFE और DFCEDFCE में से प्रत्येक एक समान्तर चतुर्भुज है।
अब, DEDE समान्तर चतुर्भुज BDFEBDFE का एक विकर्ण है।
BDEFED\therefore \triangle BDE \cong \triangle FED
इसी प्रकार DAFFED\triangle DAF \cong \triangle FED
और EFCFED\triangle EFC \cong \triangle FED
अतः: चारों त्रिभुज सर्वांगसम हैं।

4. दिए गए चित्र में ABCDABCD और AEFGAEFG दो समान्तर चतुर्भुज हैं। यदि C=60\angle C = 60^{\circ} हो, तो GFE\angle GFE और AGF\angle AGF का मान ज्ञात कीजिए।

Two parallelograms ABCD and AEFG
Two parallelograms ABCD and AEFG

हल-दिए हुए समान्तर चतुर्भुज ABCDABCD और AEFGAEFG की भुजायें समान्तर हैं।

यानी GFDCGF \parallel DC
और FECBFE \parallel CB
GFE=DCB\therefore \angle GFE = \angle DCB

=C= \angle C
=60= 60^{\circ} उत्तर

C=60\therefore \angle C = 60^{\circ} दिया हुआ है।
पुनः: AGF\angle AGF और GFE\angle GFE समान्तर चतुर्भुज AGFEAGFE में एक ही भुजा GFGF पर बने कोण हैं।
AGF+GFE=180\therefore \angle AGF + \angle GFE = 180^{\circ}
AGF+C=180\angle AGF + \angle C = 180^{\circ}
AGF+60=180\angle AGF + 60^{\circ} = 180^{\circ}
AGF=18060\angle AGF = 180^{\circ} - 60^{\circ}

=120= 120^{\circ} उत्तर