प्रश्न 1. याद कीजिए कि दो वृत्त सर्वांगसम होते हैं, यदि उनकी त्रिज्याएँ बराबर हों। सिद्ध कीजिए कि सर्वांगसम वृत्तों की बराबर जीवाएँ उनके केन्द्रों पर बराबर कोण अंतरित करती हैं।
हल- कोई भी दो वृत्त सर्वांगसम तभी कहे जा सकते हैं जबकि उनमें से एक को दूसरे के ऊपर रखने पर वे एक-दूसरे को पूर्णतया ढक लें।
इस तथ्य को स्पष्ट समझने के लिए हम मान लेते हैं कि C1(O1,r) तथा C2(O2,s) दो वृत्त हैं। अब वृत्त C2(O2,s) को वृत्त C1(O1,r) को ऊपर उठाकर इस प्रकार रखते हैं कि O2,O1 को पूर्णतः ढक ले। हम देखेंगे कि यदि r=s अर्थात् दोनों की त्रिज्याएँ यदि समान हैं तो वृत्त C2(O2,s) वृत्त C1(O1,r) को पूर्णतः ढक लेगा। अतः यह कहा जा सकता है कि दो वृत्त सर्वांगसम होते हैं, यदि उन वृत्तों की त्रिज्याएँ भी बराबर हों।
अब हम यह सिद्ध करेंगे कि दो सर्वांगसम वृत्तों की बराबर जीवाएँ केन्द्र पर बराबर कोण अन्तरित करती हैं।
दिया है- दो वृत्त C(O1,r) तथा C(O2,r) हैं जो सर्वांगसम हैं तथा जिनकी जीवाएँ क्रमशः PQ और RS हैं।
सिद्ध करना है-∠PO1Q=∠RO2S
Two circles with centers O1 and O2, chords PQ and RS, radii r connecting centers to endpoints
उपपत्ति- चित्रानुसार △PO1Q तथा △RO2S में O1P=O1Q=O2R=O2S=r=(त्रिज्या) PQ=RS (दिया है) ∴△PO1Q≅△RO2S (सर्वांगसमता के नियम SSS के अनुसार) अतः ∠PO1Q=∠RO2S क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं।
प्रश्न 2. सिद्ध कीजिए कि यदि सर्वांगसम वृत्तों की जीवाएँ उनके केन्द्रों पर बराबर कोण अंतरित करें, तो जीवाएँ बराबर होती हैं।
हल- दिया है- दो सर्वांगसम वृत्त C(O1,r) तथा C(O2,r) हैं। उनमें दो जीवाएँ PQ तथा RS इस प्रकार हैं कि
∠PO1Q=∠RO2S
Two circles with centers O1 and O2, chords PQ and RS, radii r connecting centers to endpoints
सिद्ध करना है-PQ=RS उपपत्ति- वृत्तों में बने △PO1Q तथा △RO2S में O1P=O1Q=O2R=O2S=r (त्रिज्याएँ) ∠PO1Q=∠RO2S (दिया है) ∴△PO1Q≅△RO2S (सर्वांगसमता के नियम SAS के अनुसार) अतः PQ=RS (क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हैं)
प्रश्नावली 9.2
प्रश्न 1.5 cm तथा 3 cm त्रिज्या वाले दो वृत्त दो बिन्दुओं पर प्रतिच्छेद करते हैं तथा उनके केन्द्रों के बीच की दूरी 4 cm है। उभयनिष्ठ जीवा की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
हल- माना कि दो वृत्त जिनके केन्द्र O और O′ हैं, परस्पर बिन्दुओं A और B पर प्रतिच्छेद करते हैं। A और B को मिलाने पर, AB उभयनिष्ठ जीवा है।
Two intersecting circles with centers O and O', radii 5cm and 3cm, distance between centers 4cm, common chord AB
त्रिज्या OA=5 cm, त्रिज्या O′A=3 cm उनके केन्द्रों के बीच की दूरी OO′=4 cm हम देखते हैं कि त्रिभुज AOO′ में;
52=42+32 ⇒25=16+9 ⇒25=25 ΔAO′O में पाइथागोरस का परिणाम संतुष्ट होता है। अतः, ΔAO′O एक समकोण त्रिभुज है जिसमें O′ पर समकोण है। जैसा कि हम जानते हैं कि वृत्त के केन्द्र से जीवा पर गिराया गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है। अतः O′ जीवा AB का मध्य-बिन्दु है। साथ ही O′ दूसरे वृत्त का केन्द्र है। इसलिए जीवा AB की लम्बाई = दूसरे वृत्त का व्यास ∴ जीवा AB की लम्बाई = 2×3 cm
=6 cm
वैकल्पिक माना कि दो वृत्त, जिनके केन्द्र O और O′ हैं, परस्पर बिन्दुओं A और B पर प्रतिच्छेद करते हैं। माना कि उभयनिष्ठ जीवा AB, OO′ को C पर प्रतिच्छेद करती है।
Two intersecting circles with centers O and O', chord AB, and intersection point C
अतः: OC=x cm ∴O′C=4−x cm हम जानते हैं कि दो वृत्तों के केन्द्रों को मिलाने वाली रेखा वृत्तों की उभयनिष्ठ जीवा का लम्ब समद्विभाजक होते हैं। ∴ समकोण ΔOCA में, पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार AC2+OC2=OA2 ⇒AC2+x2=52 ⇒AC2=25−x2 .....(i) इसी प्रकार ΔACO′ में, AC2+O′C2=AO′2 ⇒AC2+(4−x)2=32 ⇒AC2=9−(4−x)2 ....(ii) समीकरण (i) और (ii) से 25−x2=9−(4−x)2 ⇒25−x2=9−(16+x2−8x) ⇒25−x2=9−16−x2+8x ⇒−8x=9−16−25−x2+x2 ⇒−8x=−32 ⇒x=4 ∴CO′=4−x ⇒CO′=4−4 ⇒CO′=0 इसका अर्थ है कि O′,C के साथ संपाती हैं। ∴AC=त्रिज्याAO′=3 cm जीवा AB की लम्बाई = केन्द्र O′ वाले वृत्त का व्यास जीवा AB की लम्बाई = 2×AO′
=2×AC =2×3=6 cm.
2. यदि एक वृत्त की दो समान जीवाएँ वृत्त के अन्दर प्रतिच्छेद करें, तो सिद्ध कीजिए कि एक जीवा के खण्ड दूसरी जीवा के संगत खण्डों के बराबर हैं।
हल-माना कि एक वृत्त जिसका केन्द्र O है, की दो समान जीवाएँ AB तथा CD वृत्त के अन्दर E पर प्रतिच्छेद करती हैं। हमें सिद्ध करना है कि
(a) AE=CE (b) BE=DE.
Circle with center O, chords AB and CD intersecting at E, with perpendiculars OM and ON
रचना- OM⊥AB, ON⊥CD खींचिए, OE को मिलाइए। उपपत्ति-समकोण ΔOME और समकोण ΔONE में ∠OME=∠ONE (प्रत्येक 90∘) OM=ON [∵ समान जीवाएँ वृत्त के केन्द्र से समदूरस्थ होंगी] कर्ण OE=कर्णOE (उभयनिष्ठ भुजाएँ) ∴ΔOME≅ΔONE (सर्वांगसमता के नियम R.H.S. के अनुसार) ∴ME=NE .....(i) (क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग) अब, O वृत्त का केन्द्र है और OM⊥AB
∴AM=21AB…(ii) [क्योंकि वृत्त के केन्द्र से जीवा पर लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है] इसी प्रकार, NC=21CD…(iii) परन्तु AB=CD(दियाहै) समीकरण (ii) और (iii) से AM=NC…(iv) साथ ही, MB=DN…(v) समीकरण (i) और (iv) को जोड़ने पर AM+ME=NC+NE ⇒AE=CEभाग (a) सिद्धहुआ अब AB=CD(दियाहै) AE=CE(ऊपरसिद्धकियाहै) AB−AE=CD−CE ⇒BE=DEभाग (b) सिद्धहुआ
3. यदि एक वृत्त की दो समान जीवाएँ वृत्त के अंदर प्रतिच्छेद करें, तो सिद्ध कीजिए कि प्रतिच्छेद बिन्दु को केन्द्र से मिलाने वाली रेखा जीवाओं से बराबर कोण बनाती है।
हल-माना कि एक वृत्त जिसका केन्द्र O है, की दो समान जीवाएँ AB तथा CD वृत्त के अन्दर E पर प्रतिच्छेद करती हैं। हमें सिद्ध करना है कि
∠OEM=∠OEN.
Circle with intersecting chords AB and CD, center O, perpendiculars OM and ON
रचना-OM⊥AB,ON⊥CD खींचिए। OE को मिलाइए। उपपत्ति-समकोण त्रिभुजों OME और ONE में, ∠OME=∠ONE(प्रत्येक90∘) OM=ON (क्योंकि वृत्त की समान जीवाएँ केन्द्र से समदूरस्थ होती हैं।) कर्ण OE=कर्णOE(उभयनिष्ठ) ∴△OME≅△ONE (सर्वांगसमताकेनियम RHS केअनुसार) ∴∠OEM=∠OEN (क्योंकि ये सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग)
4. यदि एक रेखा दो संकेन्द्री वृत्तों (एक ही केन्द्र वाले वृत्त) को, जिनका केन्द्र O है, A,B,C और D पर प्रतिच्छेद करे, तो सिद्ध कीजिए AB=CD है (देखिए आकृति)।
Two concentric circles intersected by a line at A, B, C, D
हल-माना वह रेखा l है जो कि दो संकेन्द्री वृत्तों को, जिनका केन्द्र O है, A,B,C और D पर प्रतिच्छेद करती है।
Concentric circles with line l and perpendicular OL
हमें सिद्ध करना है कि AB=CD रचना-OL⊥l खींचिए। उपपत्ति-AD बाह्य वृत्त की जीवा है और OL⊥AD. ∴AL=LD…(i) [∵केन्द्रसेखींचागयालम्ब, जीवाकोसमद्विभाजितकरताहै] अब; BC अंत:वृत्त की जीवा है और OL⊥BC. ∴BL=LC…(ii) [∵केन्द्रसेखींचागयालम्ब, जीवाकोसमद्विभाजितकरताहै] (ii) को (i), में से घटाने पर हमें प्राप्त होता है। AL−BL=LD−LC ⇒AB=CD(इतिसिद्धम्)
5. एक पार्क में बने 5 m त्रिज्या वाले वृत्त पर खड़ी तीन लड़कियाँ रेशमा, सलमा एवं मनदीप खेल रही हैं। रेशमा एक गेंद को सलमा के पास, सलमा मनदीप के पास तथा मनदीप रेशमा के पास फेंकती है। यदि रेशमा तथा सलमा के बीच और सलमा तथा मनदीप के बीच की प्रत्येक दूरी 6 m हो, तो रेशमा और मनदीप के बीच की दूरी क्या है?
हल—माना कि रेशमा, सलमा और मनदीप की स्थिति को बिन्दुओं A,B और C से दिखाया गया है।
दिया गया है कि रेशमा और सलमा के बीच की दूरी 6 मीटर है तथा सलमा और मनदीप के बीच की दूरी भी 6 मीटर है। इसका अर्थ है कि— AB=BC=6 m ∴ वृत्त का केन्द्र ∠ABC के समद्विभाजक पर स्थित है। माना कि M,AC और OB का प्रतिच्छेद बिन्दु है। पुनः क्योंकि AB=BC और BM,∠ABC को समद्विभाजित करता है। ∴BM⊥AC और M,AC का मध्य बिन्दु है। माना कि OM=x तब MB=5−x अब, समकोण △OMA से ⇒OA2=OM2+AM2 52=x2+AM2 .....(i)
Geometry figure showing circle with points A, B, C and center O, with lines AB, BC, AC, OM, MB
पुनः समकोण △AMB से, AB2=AM2+MB2 ⇒62=AM2+(5−x)2 .....(ii)
⇒AM2=1064×1036 ⇒AM=10×1064×36 ⇒AM=108×6 ⇒AM=1048 ⇒AM=4.8 m ∴AC=2 MA
=2×4.8=9.6 मीटर अतः रेशमा और मनदीप के बीच की दूरी 9.6 मीटर है।
6.20 m त्रिज्या का एक गोल पार्क (वृत्ताकार) एक कॉलोनी में स्थित है। तीन लड़के अंकुर, सैयद तथा डेविड इसकी परिसीमा पर बराबर दूरी पर बैठे हैं और प्रत्येक के हाथ में एक खिलौना टेलीफोन आपस में बात करने के लिए है। प्रत्येक फोन की डोरी की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
हल—माना कि तीनों लड़कों अंकुर, सैयद तथा डेविड की स्थिति को बिन्दुओं A,B और C से दिखाया गया है। तीनों बिन्दु समान दूरी पर हैं।
∴AB=BC=AC=a मीटर (माना)
Geometry figure showing equilateral triangle ABC inscribed in a circle with center O and radius 20m
∴ समबाहु त्रिभुज की समान भुजाएँ वृत्त की समान जीवाएँ हैं और वृत्त की समान जीवाएँ केन्द्र से समदूरस्थ होती हैं। ∴OD=OE=OF=x मीटर (माना) OA,OB और OC को मिलाइए। अब, हमारे पास तीन सर्वांगसम त्रिभुजें हैं। △OAB,△OBC और △AOC ∴ar(△AOB)=ar(△BOC)=ar(△AOC) .....(i) अब, a भुजा वाली समबाहु △ABC का क्षेत्रफल
=ar(△AOB)+ar(△BOC)+ar(△AOC) .....(ii)
⇒ar(ΔABC)=3ar(ΔBOC) [समीकरण (i) व (ii) के अनुसार] ⇒43a2=3(21BC×OE) ⇒43a2=3(21×a×x) ⇒aa2=3×21×34×x ⇒a=23x…(iii) OE⊥BC ∴BE=EC=21BC [क्योंकि केन्द्र से खींचा गया लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है।] ⇒BE=EC=21a ⇒BE=EC=21(23x) [समीकरण (iii) के अनुसार] ⇒BE=EC=3x अब, समकोण ΔBEO में, OE2+BE2=OB2 (पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार) ⇒x2+(3x)2=202 ⇒x2+3x2=400 ⇒4x2=400 ⇒x2=4400 ⇒x2=100 ⇒x=100 ⇒x=10 m…(iv) समीकरण (iii) के आधार पर a=23x ⇒a=23×10मीटर [(iv) का प्रयोग करने पर] ⇒a=203मी. अतः प्रत्येक फोन की डोरी की लम्बाई 203 मीटर है।
प्रश्नावली 9.3
आकृति में, केन्द्र O वाले एक वृत्त पर तीन बिन्दु A, B और C इस प्रकार हैं कि ∠BOC=30∘ तथा ∠AOB=60∘ हैं। यदि चाप ABC के अतिरिक्त वृत्त पर D एक बिन्दु है, तो ∠ADC ज्ञात कीजिए।
Circle with points A, B, C on circumference and O at center. Angles AOB=60 and BOC=30 are marked. Point D is on the major arc.
हल : ∵∠AOC, वृत्त के केन्द्र पर चाप ABC द्वारा बनाया कोण है तथा ∠ADC, वृत्त के बचे हुए भाग के एक बिन्दु पर बनता है। अतः
∠AOC=∠AOB+∠BOC ⇒∠AOC=60∘+30∘ ⇒∠AOC=90∘ अब, ∠AOC=2∠ADC हम जानते हैं कि किसी चाप द्वारा केन्द्र पर अन्तरित कोण उसी चाप द्वारा वृत्त के शेष भाग पर अंतरित कोण का दुगुना होता है। या ∠ADC=21∠AOC ⇒∠ADC=21×90∘ ⇒∠ADC=45∘
किसी वृत्त की एक जीवा वृत्त की त्रिज्या के बराबर है। जीवा द्वारा लघु चाप के किसी बिन्दु पर अंतरित कोण ज्ञात कीजिए तथा दीर्घ चाप के किसी बिन्दु पर भी अंतरित कोण ज्ञात कीजिए।
हल : माना कि AB एक लघु चाप है।
जीवा AB=त्रिज्या OA=त्रिज्या OB (दिया हुआ है)
Circle with center O and chord AB. Triangle OAB is formed.
∴ΔAOB एक समबाहु त्रिभुज है। ∴∠AOB=60∘ [क्योंकि समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60∘ होता है।] अब mAB+mBA=360∘
⇒∠AOB+∠BOA=360∘ [∵∠BOA वृत्त के केन्द्र O पर अन्तरित वृहत कोण है] ⇒60∘+∠BOA=360∘ ⇒∠BOA=360∘−60∘ ⇒∠BOA=300∘ D लघु चाप पर एक बिन्दु है। ∴mBA=2∠BDA ⇒∠BOA=2∠BDA हम जानते हैं कि किसी चाप द्वारा केन्द्र पर अंतरित कोण उसी चाप द्वारा वृत्त के शेष भाग पर अंतरित कोण का दुगुना होता है।
Circle with points A, B, D, E and center O. Angle AOB = 60°, Angle reflex AOB = 300°
या ∠BDA=21∠BOA ⇒∠BDA=21×300∘ ⇒∠BDA=150∘ अतः जीवा द्वारा लघु चाप के किसी बिन्दु D पर अंतरित कोण 150∘ है। माना कि दीर्घ चाप BA पर एक बिन्दु E है। ∴mAB=2∠AEB ⇒∠AOB=2∠AEB
Circle with points A, B, E and center O. Angle AOB = 60°
[क्योंकि किसी चाप द्वारा केन्द्र पर अंतरित कोण उसी चाप द्वारा वृत्त के शेष भाग पर अंतरित कोण का दुगुना होता है।] या ∠AEB=21∠AOB ⇒∠AEB=21×60∘ ⇒∠AEB=30∘ अतः जीवा द्वारा दीर्घ चाप के किसी बिन्दु E पर अंतरित कोण 30∘ है।
3. आकृति में, ∠PQR=100∘ है, जहाँ P, Q तथा R, केन्द्र O वाले एक वृत्त पर स्थित बिन्दु हैं। ∠OPR ज्ञात कीजिए।
Circle with points P, Q, R and center O. Angle PQR = 100°
हल-आकृति; Q लघु चाप PQR पर स्थित कोई बिन्दु है।
∴mRP=2∠PQR ⇒∠ROP=2∠PQR [हम जानते हैं कि किसी चाप द्वारा केन्द्र पर अंतरित कोण उसी चाप द्वारा वृत्त के शेष भाग पर अंतरित कोण का दुगुना होता है।] ∴∠ROP=2×100∘ ⇒∠ROP=200∘ अब mPR+mRP=360∘ ⇒∠POR+∠ROP=360∘ ⇒∠POR+200∘=360∘ ⇒∠POR=360∘−200∘ ⇒∠POR=160∘…(i) अब, △OPR एक समद्विबाहु त्रिभुज है। ∴OP=OR (वृत्तकीत्रिज्याएँ) ∴∠OPR=∠ORP (बराबरभुजाओंकेसम्मुखकोण)…(ii) अब समद्विबाहु त्रिभुज OPR में, ∠OPR+∠ORP+∠POR=180∘ ⇒∠OPR+∠OPR+160∘=180∘ [समीकरण (i) व (ii) से] ⇒2∠OPR=180∘−160∘ ⇒2∠OPR=20∘ ⇒∠OPR=220∘ ⇒∠OPR=10∘उत्तर
4. आकृति में, ∠ABC=69∘ और ∠ACB=31∘ हो, तो ∠BDC ज्ञात कीजिए।
Circle with triangle ABC and point D on circumference
हल-△ABC में,
∠BAC+∠ABC+∠ACB=180∘ ⇒∠BAC+69∘+31∘=180∘ ⇒∠BAC=180∘−69∘−31∘ ⇒∠BAC=80∘ .....(i) बिन्दु A और D वृत्त के एक ही वृत्तखण्ड में हैं। इसलिए, ∠BDC=∠BAC एक ही वृत्तखण्ड में कोण बराबर होते हैं। ⇒∠BDC=80∘ [(i) का प्रयोग करने पर]
5. आकृति में, एक वृत्त पर A,B,C और D चार बिन्दु हैं। AC और BD एक बिन्दु E पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करते हैं कि ∠BEC=130∘ तथा ∠ECD=20∘ हैं। ∠BAC ज्ञात कीजिए।
Circle with intersecting chords AC and BD at E
हल- आकृति के अनुसार
∠CED+∠BEC=180∘ (रैखिक युग्म) ⇒∠CED+130∘=180∘ ⇒∠CED=180∘−130∘ ⇒∠CED=50∘ .....(i) △ECD में, ∠EDC+∠CED+∠ECD=180∘ ⇒∠EDC+50∘+20∘=180∘ ⇒∠EDC=180∘−50∘−20∘ ⇒∠EDC=110∘ ⇒∠BDC=110∘ एक ही वृत्तखण्ड के कोण समान होते हैं ∴∠BAC=∠BDC उत्तर
6. ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है जिसके विकर्ण एक बिन्दु E पर प्रतिच्छेद करते हैं। यदि ∠DBC=70∘ और ∠BAC=30∘ हो, तो ∠BCD ज्ञात कीजिए। पुनः, यदि AB=BC हो, तो ∠ECD ज्ञात कीजिए।
Cyclic quadrilateral ABCD with diagonals intersecting at E
हल-
∠BDC=∠BAC [एक ही वृत्तखण्ड के कोण] ⇒∠BDC=30∘ (∵∠BAC=30∘ दिया है) △BCD में, ∠BCD+∠DBC+∠BDC=180∘ ⇒∠BCD+70∘+30∘=180∘ [∵∠DBC=70∘] ⇒∠BCD=180∘−70∘−30∘ ⇒∠BCD=80∘ .....(i) यदि AB=BC तो △ABC में; ∠ACB=∠BAC (क्योंकि त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।) ⇒∠ACB=30∘ .....(ii) अब, ∠BCD=∠ACB+∠ACD ⇒80∘=30∘+∠ACD [समीकरण (i) और (ii) के अनुसार] ⇒80∘−30∘=∠ACD ⇒50∘=∠ACD या, ∠ACD=50∘ या, ∠ECD=50∘
7. यदि एक चक्रीय चतुर्भुज के विकर्ण उसके शीर्षों से जाने वाले वृत्त के व्यास हों, तो सिद्ध कीजिए कि वह एक आयत है।
हल-AC एक व्यास है।
∴∠B=∠D=90∘ .....(i) (क्योंकि अर्धवृत्त में कोण समकोण होता है)
Cyclic quadrilateral with diagonals as diameters
इसी प्रकार BD व्यास है।
698
∴∠A=∠C=90∘ .....(ii) अब, व्यास AC=BD ⇒\overparenAC≅\overparenBD (बराबर जीवाओं की सम्मुख चापें) ⇒\overparenAC−\overparenDC≅\overparenBD−\overparenDC ⇒\overparenAD≅\overparenBC ⇒AD=BC (बराबर चापों की सम्मुख जीवाएँ) .....(iii) इसी प्रकार AB=DC .....(iv) हम देखते हैं कि चतुर्भुज का प्रत्येक कोण 90∘ का है और सम्मुख भुजाएँ बराबर हैं। अतः, ABCD एक आयत है। अन्य विधि : माना वृत्त का केन्द्र O है। चक्रीय चतुर्भुज ABCD है तथा व्यास AC=BD, जो कि विकर्ण भी हैं। हमें सिद्ध करना है कि चतुर्भुज ABCD एक आयत है। उपपत्ति : चूंकि एक वृत्त की सभी त्रिज्याएँ बराबर होती हैं अतः: OA=OB=OC=OD यहाँ OA=OC=21AC ...(1) तथा OB=OD=21BD ...(2) समीकरण (1) व (2) से, AC=BD ∴ चतुर्भुज ABCD के विकर्ण बराबर हैं तथा एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। अतः चतुर्भुज ABCD एक आयत है।
8. यदि एक समलम्ब की असमान्तर भुजाएँ बराबर हों, तो सिद्ध कीजिए कि वह चक्रीय है।
हल-दिया है-एक समलम्ब ABCD जिसमें AB∥DC और AD=BC है।
सिद्ध करना है-बिन्दु A,B,C,D चक्रीय है। (अर्थात् ABCD चक्रीय समलम्ब है)
Trapezoid ABCD with perpendiculars AM and BN
रचना- AM⊥CD और BN⊥CD खींचिए। उपपत्ति-△AMD व △BNC में AD=BC (ज्ञात है) AM=BN (दो समान्तर रेखाओं के बीच की दूरी) ∠AMD=∠BNC (रचना से प्रत्येक = 90∘) ∴△AMD≅△BNC (RHS नियम) इस प्रकार ∠C=∠D परन्तु दो समान्तर रेखाओं को प्रतिच्छेद करने वाली तिर्यक रेखा के एक ही ओर बने कोण सम्पूरक होते हैं। ∴∠BAD+∠D=180∘ ⇒∠BAD+∠C=180∘ परन्तु ∠BAD व ∠C चतुर्भुज के सम्मुख कोण हैं, अतः चतुर्भुज ABCD एक चक्रीय है।
9. दो वृत्त दो बिन्दुओं B और C पर प्रतिच्छेद करते हैं। B से जाने वाले दो रेखाखण्ड ABD और PBQ वृत्तों को A,D और P,Q पर क्रमशः प्रतिच्छेद करते हुए खींचे गए हैं (देखिए आकृति)। सिद्ध कीजिए कि ∠ACP=∠QCD है।
Two intersecting circles with points A, B, C, D, P, Q
हल-चित्र से स्पष्ट है
∠ACP=∠ABP ...(1) [∵ एक ही वृत्तखण्ड के कोण बराबर होते हैं।] तथा ∠QCD=∠QBD ...(2) तथा ∠ABP=∠QBD ...(3) ∴ समीकरण (1), (2) एवं (3) से ∠ACP=∠QCD इति सिद्धम्
10. यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाओं को
व्यास मानकर वृत्त खींचे जाएँ, तो सिद्ध कीजिए कि इन वृत्तों का प्रतिच्छेद बिन्दु तीसरी भुजा पर स्थित है।
हल-दिया है-दो वृत्त एक-दूसरे को बिन्दुओं A और B पर प्रतिच्छेद करते हैं। AP और AQ उनके व्यास हैं।
सिद्ध करना है-बिन्दु B, तीसरी भुजा PQ पर स्थित है।
Two intersecting circles with common chord AB and diameters AP and AQ
रचना- A और B को मिलाइए। उपपत्ति-AP व्यास है। ∴∠1=90∘ (अर्धवृत्त का कोण) साथ ही, AQ व्यास है। ∴∠2=90∘ (अर्धवृत्त का कोण) ∠1+∠2=90∘+90∘ ⇒∠PBQ=180∘ ⇒PBQ एक सरल रेखा है। अतः, B अर्थात् इन वृत्तों का प्रतिच्छेद बिन्दु तीसरी भुजा अर्थात् PQ पर स्थित है।
उभयनिष्ठ कर्ण AC वाले दो समकोण त्रिभुज ABC और ADC हैं। सिद्ध कीजिए कि ∠CAD=∠CBD है।
हल-दिया है कि दो समकोण त्रिभुज ABC और ADC जिनमें B और D पर क्रमशः समकोण हैं।
∴∠ABC=∠ADC (प्रत्येक 90∘) यदि हम AC (उभयनिष्ठ कर्ण) व्यास लेकर एक वृत्त खींचें तो यह निश्चित रूप से बिन्दुओं B और D में से होकर जाएगा।
Cyclic quadrilateral ABCD with diagonal AC
[क्योंकि B और D वे बिन्दु हैं जो चाप AC के एकान्तर खण्डों में हैं।] अब, CD एक ही वृत्तखण्ड में ∠CBD और ∠CAD अंतरित करती है। ∴∠CAD=∠CBD (इति सिद्धम्)
सिद्ध कीजिए कि एक चक्रीय समान्तर चतुर्भुज आयत होता है।
हल-मान लीजिए ABCD एक चक्रीय समान्तर चतुर्भुज है। यह सिद्ध करने के लिए यह एक आयत है इतना ही सिद्ध करना पर्याप्त है कि समान्तर चतुर्भुज का एक कोण समकोण है।
Cyclic rectangle ABCD
अब, ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है। ⇒∠B=∠D .....(i) (क्योंकि समान्तर चतुर्भुज के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।) साथ ही, ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है। ⇒∠B+∠D=180∘ .....(ii) (i) और (ii) से हमें प्राप्त होता है- ∠B+∠B=180∘ ⇒2∠B=180∘ ⇒∠B=90∘ इसलिए, ∠B=∠D=90∘ इसी प्रकार ∠A=∠C अतः, ABCD एक आयत है।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न-
एक वृत्त का व्यास AD तथा एक चाप AB है। यदि AD=34 सेमी, AB=30 सेमी है तब चाप AB की वृत्त के केन्द्र O से दूरी है- (A) 17 सेमी (B) 15 सेमी (C) 4 सेमी (D) 8 सेमी
Circle with chord AB and distance OL from center O
चित्र में, ∠OAB=40∘ तब ∠ACB बराबर है- (A) 50∘ (B) 40∘ (C) 60∘ (D) 70∘
Circle with triangle OAB and point C on circumference
दिए गए चित्र में ∠ABO=35∘, ∠CDE=x∘ तथा DE वृत्त की स्पर्श रेखा है। x का मान होगा- (A) 35∘ (B) 55∘ (C) 70∘ (D) 90∘
Circle with chord AB, AC, and tangent DE at D
दिए गए चित्र में चतुर्भुज ABCD के परिगत एक वृत्त खींचा गया है। इसमें सही सम्बन्ध है- (A) ∠A=∠C (B) ∠A=∠B (C) ∠A=90∘−∠C (D) ∠A=180∘−∠C
Cyclic quadrilateral ABCD
दिए गए चित्र में, ∠BAC का मान होगा- (A) 80∘ (B) 160∘ (C) 90∘ (D) 200∘
Circle with center O and triangle ABC
दिए गए चित्र में, यदि वृत्त का केन्द्र O हो, तो ∠AOB का मान होगा- (A) 70∘ (B) 110∘ (C) 120∘ (D) 140∘
Circle with center O and angles 30 and 40
दिए गए चित्र में, यदि वृत्त का केन्द्र O हो और ∠AOC=160∘ हो तो ∠ABC का मान होगा- (A) 160∘ (B) 200∘ (C) 80∘ (D) 100∘
Circle with center O and angle AOC=160
किसी वृत्त पर एक चाप ABC और ∠ABC=135∘ है। तब चाप ABC और परिधि का अनुपात है- (A) 1:4 (B) 3:4 (C) 3:8 (D) 1:2
चित्र में ∠ABC=45∘, तब ∠AOC= (A) 45∘ (B) 60∘ (C) 75∘ (D) 90∘
Circle with center O and angle ABC=45
चित्र में, यदि ∠AOB=90∘, तथा ∠ABC=30∘ तब ∠CAO बराबर है- (A) 30∘ (B) 45∘ (C) 90∘ (D) 60∘
Circle with center O and angles 90 and 30
उत्तर-तालिका
1. (D)
2. (A)
3. (B)
4. (D)
5. (A)
6. (D)
7. (D)
8. (A)
9. (D)
10. (D)
रिक्त स्थानों की पूर्ति करो-
जिस कोण का शीर्ष वृत्त का केन्द्र हो उसे ......... कोण कहते हैं।
एक चक्रीय समान्तर चतुर्भुज एक ......... होता है।
वृत्त की समान जीवाएँ केन्द्र पर ............. कोण अन्तरित करती हैं।
एक चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोण ............. होते हैं।
ऐसे दो या दो से अधिक वृत्त ............. वृत्त कहलाते हैं जिनकी त्रिज्याओं की माप समान हो।
उत्तर- 1. केन्द्रीय 2. आयत 3. समान 4. सम्पूरक 5. सर्वांगसम
सत्य/असत्य-निम्नलिखित कथनों के लिए सत्य अथवा असत्य लिखिए-
सर्वांगसम वृत्तों (या एक ही वृत्त) में दो चाप बराबर हों तो उनकी संगत जीवाएँ समान लम्बाई की होती हैं।
वृत्त के केन्द्र से जीवा पर डाला गया लम्ब उस जीवा को समद्विभाजित करता है।
वृत्त का व्यास उस वृत्त की सबसे बड़ी जीवा होती है।
वृत्त के किसी चाप द्वारा वृत्त के केन्द्र पर अन्तरित कोण उसी चाप द्वारा वृत्त के शेष भाग के किसी बिन्दु पर अन्तरित कोण का दुगुना होता है।
किसी वृत्त की जीवाएँ जो वृत्त के केन्द्र से बराबर दूरी पर हैं, परस्पर लम्बवत् होती हैं।
उत्तर- 1. सत्य 2. सत्य 3. सत्य 4. सत्य 5. असत्य
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
1. एक वृत्त की त्रिज्या 4 सेमी. है। इस वृत्त में दो समान्तर जीवाओं के मध्य-बिन्दुओं से गुजरने वाली जीवा की लम्बाई लिखिए।
हल- समान्तर जीवाओं का मध्य बिन्दु केन्द्र से जाता है। अतः वृत्त का व्यास इसकी जीवा होगी।
जीवा की लम्बाई =2×त्रिज्या
=2×4=8 सेमी. उत्तर
2. दी गई आकृति में O वृत्त का केन्द्र है तथा जीवाएँ AB=BC हैं। यदि ∠BOC=100∘ है, तो ∠AOB का मान लिखिए।
Circle with center O, chords AB and BC, angle BOC = 100 degrees
उत्तर-∠AOB=100∘∵AB=BC है।
3. एक वृत्त की दो जीवाएँ AB तथा CD हैं जो परस्पर समान्तर और बराबर हैं। यदि प्रत्येक की लम्बाई 8 सेमी. हो और वृत्त की त्रिज्या 5 सेमी. हो तो उनके बीच की दूरी लिखो।
हल- केन्द्र से AB की दूरी =52−42=9=3 सेमी. अतः दोनों के मध्य की दूरी =3×2=6 सेमी. उत्तर
4. एक वृत्त की त्रिज्या 5 सेमी. और वृत्त के केन्द्र से एक जीवा पर लम्ब की लम्बाई 4 सेमी. है तो जीवा की लम्बाई ज्ञात करो।
हल-252−42=2×3=6 सेमी. उत्तर
5. एक वृत्त की जीवा 7 सेमी. है और केन्द्र से जीवा की दूरी 1.2 सेमी. है तो वृत्त की त्रिज्या ज्ञात करो।
हल- त्रिज्या =(3.5)2+(1.2)2
=12.25+1.44=13.69 =3.7 सेमी. उत्तर
6. दी गई आकृति में, AOB वृत्त का व्यास है तथा ∠ROS=42∘ है, तो ∠RTS की माप ज्ञात कीजिए।
Circle with diameter AOB, center O, points R, S, T on circumference
हल-∠RTS=69∘उत्तर
7. दी गई आकृति में AB वृत्त का व्यास है। यदि ∠ABC=59∘ है तो ∠BAC का मान लिखिए।
Circle with diameter AB, center O, point C on circumference
हल-∠BAC=90∘−59∘=31∘ क्योंकि ∠ACB=90∘ है। उत्तर
8. दिए गए चित्र में, 'O' वृत्त का केन्द्र है तथा ∠CAO=30∘ है, तो ∠AOD का मान है-
Circle with center O, triangle CAO, point D on chord
हल-∠AOD=2∠CAO=60∘उत्तर
9. दिए गए चित्र में ∠x व ∠y का मान ज्ञात करो।
Circle with center O, angles x, y and 54 degrees
हल- ∠x=2×54=108∘
तथा ∠y=21∠x अतः y=2108=54∘ उत्तर
10. दिए गए चित्र में ∠DBC=36∘ हो, तो ∠BAC का मान लिखिए।
हल- 54∘ उत्तर
Circle with chords AB, BC, CD, AD and center O
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
1. सिद्ध कीजिए वृत्त की बराबर जीवायें केन्द्र पर बराबर कोण अंतरित करती हैं।
हल- उपपत्ति- एक वृत्त जिसका केन्द्र O है। इसकी दो जीवायें AB और CD दी गई हैं जो आपस में बराबर हैं। हमें यहाँ पर सिद्ध करना है कि ∠AOB=∠COD होगा।
Circle with center O and chords AB and CD
त्रिभुज AOB तथा COD में, OA=OC (एक ही वृत्त की त्रिज्यायें हैं) OB=OD (एक वृत्त की त्रिज्यायें) AB=CD (दिया है) अतः △AOB≅△COD (SSS नियम) इस प्रकार से हम पाते हैं कि ∠AOB=∠COD (सर्वांगसम त्रिभुज के संगत भाग) (इति सिद्धम्)
2. दी गई आकृति में, ABCDE अर्धवृत्त में बना पंचभुज है, तो सिद्ध कीजिए- ∠ABC+∠CDE=3 समकोण। (केवल उपपत्ति के पद लिखिए)।
Semicircle with pentagon ABCDE
हल- ∵ अर्धवृत्त की परिधि पर बना कोण समकोण होता है।
अतः ∠ADE=90∘ .....(i) चतुर्भुज ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है। चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोण सम्पूरक होते हैं। ∴∠ABC+∠CDA=180∘ .....(ii) (i) व (ii) को जोड़ने पर ∠ADE+∠CDA+∠ABC=90∘+180∘ ∠CDE+∠ABC=270∘ या ∠ABC+∠CDE=90×3 या ∠ABC+∠CDE=3 समकोण (इति सिद्धम्)
3. दो वृत्त दो बिन्दुओं A और B पर प्रतिच्छेद करते हैं। AD और AC दोनों वृत्तों के व्यास हैं। सिद्ध कीजिए कि B रेखाखण्ड DC पर स्थित है।
Two intersecting circles with diameters AD and AC
हल- AB को मिलाइए। अब,
∠ABD=90∘ (अर्धवृत्त का कोण) ∠ABC=90∘ (अर्धवृत्त का कोण) इसलिए, ∠ABD+∠ABC=90∘+90∘=180∘ अतः DBC एक रेखा है। अर्थात् B रेखाखण्ड DC पर स्थित है।
4. चित्र में, दो समान जीवायें AB और CD एक-दूसरे को E पर प्रतिच्छेद करती हैं। सिद्ध कीजिए कि, DA=CB
हल- दिया है- वृत्त C(O,r) में जीवा AB= जीवा CD, परस्पर E प्रतिच्छेद करती हैं।
सिद्ध करना है- DA=CB
Circle with intersecting chords AB and CD at E
उपपत्ति- ∵ जीवा AB= जीवा CD (दिया है) ⇒BA=CD
∴ लघुचाप BA=लघुचापCD लेकिन BD=BD (उभयनिष्ठ) ∴BA−BD=CD−BD ⇒DA=CB
5. सिद्ध कीजिए कि एक वृत्त में दो चाप सर्वांगसम होते हैं, यदि उनके द्वारा केन्द्र पर बने कोण समान हों।
हल- दिया है- वृत्त C(O,r) में दो चाप AB व CD इस प्रकार हैं कि
∠AOB=∠COD सिद्ध करना है- AB≅CD रचना-AB व CD को मिलाइए।
Circle with center O and chords AB and CD
उपपत्ति-△AOB तथा △OCD में ∴OA=OC (एक ही वृत्त की त्रिज्या) OB=OD (एक ही वृत्त की त्रिज्या) ∠AOB=∠COD (दिया है) ∴△OAB≅△OCD (भुजा-कोण भुजा सर्वांगसमता अभिगृहीत) ⇒AB=CD ∴ वृत्त की दी जीवाएँ बराबर हैं ⇒AB≅CD
6. यदि वृत्त की त्रिज्या 13 सेमी. है। यदि इसकी एक जीवा की लम्बाई 10 सेमी. हो, तो इस जीवा की वृत्त के केन्द्र से दूरी ज्ञात कीजिए।
हल- यहाँ △OPB में OB=13 सेमी.
तथा PB=2AB=210=5 सेमी.
Circle with center O, chord AB, and perpendicular OP
अतः पाइथागोरस प्रमेय से OP2=OB2−PB2 या OP2=132−52 या OP2=169−25 OP=144=12 सेमी. अतः जीवा की केन्द्र से दूरी =12 सेमी. उत्तर
7. दिए गए चित्र में A, B, C व D वृत्त की परिधि पर चार बिन्दु हैं तथा ∠ACB=40∘ और ∠DAB=60∘। ∠DBA का मान ज्ञात करो।
Circle with points A, B, C, D and angles
हल- दिया है ∠DAB=60∘ और ∠ACB=40∘
∠ACB=∠ADB (एक ही त्रिज्यखण्ड के कोण) ∴∠ADB=40∘ △ADB में, ∠ADB+∠DBA+∠BAD=180∘ (कोण योग गुणधर्म से) ⇒40∘+∠DBA+60∘=180∘ ⇒∠DBA=80∘ उत्तर
निबन्धात्मक प्रश्न- 1. एक वृत्त की दो जीवाएँ AB और CD जिनकी लम्बाइयाँ क्रमशः 6 सेमी. और 12 सेमी. हैं, एक-दूसरे के समान्तर हैं तथा वे वृत्त के केन्द्र के एक ही ओर स्थित हैं। यदि AB और CD के बीच 3 सेमी. की दूरी हो, तो वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल- दिया गया है-
AB=6 सेमी. CD=12 सेमी. PQ=3 सेमी. माना वृत्त की त्रिज्या =x सेमी.
Circle with two parallel chords AB and CD and center O
समकोण त्रिभुज CPO में माना OP=y सेमी. CP=212=6 सेमी. (CO)2=(CP)2+(OP)2 x2=(6)2+y2 (CO=वृत्तकीत्रिज्या) x2=36+y2 .....(i) समकोण त्रिभुज OQA में OA=x (वृत्तकीत्रिज्या) OQ=3+y और AQ=26=3 सेमी. अतः: (AO)2=(AQ)2+(OQ)2 (x)2=(3)2+(3+y)2 x2=9+(3+y)2 .....(ii) समीकरण (i) तथा (ii) को बराबर करने पर 36+y2=9+(3+y)2 ⇒36+y2=9+9+6y+y2 ⇒36=18+6y ⇒18=6y ⇒y=618=3 सेमी. y का मान समीकरण (1) में रखने पर x2=36+(3)2=36+9 x2=45 x=45=9×5=35 अतः: वृत्त की त्रिज्या = 35 सेमी. उत्तर
सिद्ध कीजिए कि एक वृत्त की जीवा का लम्ब समद्विभाजक संगत चाप को समद्विभाजित करता है।
हल- O केन्द्र वाले वृत्त की AB एक जीवा है जिसका CD लम्ब समद्विभाजक है, जो AB के M बिन्दु से गुजरता है।
Circle with chord AB and perpendicular bisector CD passing through center O and midpoint M
सिद्ध करना है- चाप AC = चाप CB या \overparenAC=\overparenCB रचना- OA और OB को मिलाओ। उपपत्ति- ∵ CD जीवा AB का लम्ब समद्विभाजक है, जो AB के M बिन्दु से गुजरता है। ∴ M जीवा AB का मध्य बिन्दु है। आगे CD, AB के लम्ब है और उसके मध्य बिन्दु से गुजरता है। ∴ CD वृत्त के केन्द्र से गुजरता है। अतः: △OMA और △OMB में OA=OB एक ही वृत्त की त्रिज्यायें हैं। AM=MB (M,AB का मध्य बिन्दु है) ∠OMA=∠OMB=90∘ ∴△OMA≅△OMB ∴∠OMA=∠OMB कोण OMA और कोण OMB क्रमशः वृत्त के केन्द्र O पर चाप \overparenAC और चाप \overparenCB द्वारा बनाये गये कोण हैं। ∵ समान लम्बाई की चाप वृत्त के केन्द्र पर समान कोण बनाती है। ∴ चाप AC = चाप CB (इति सिद्धम्)
सिद्ध कीजिए कि चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के किसी भी युग्म का योग 180∘ होता है। अथवा सिद्ध कीजिए कि चक्रीय चतुर्भुज के अभिमुख कोण सम्पूरक होते हैं।
हल- दिया है- ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है और O इसके वृत्त का केन्द्र है।
सिद्ध करना है- ∠1+∠2=2 समकोण; ∠3+∠4=2 समकोण रचना- केन्द्र O को B और D से क्रमशः मिला दिया और इस प्रकार बने केन्द्र पर कोणों का ∠5 और ∠6 से नामांकन किया।
Cyclic quadrilateral ABCD with center O and angles labeled 1, 2, 3, 4, 5, 6
उपपत्ति—चाप BD द्वारा केन्द्र पर अन्तरित ∠5 और परिधि के शेष भाग पर ∠1 अंतरित होता है।
अतः: ∠1=21∠5 ∵ केन्द्र पर बना कोण शेष परिधि पर बने कोण का दुगुना होता है।
इसी प्रकार ∠2=21∠6 जोड़ने पर ∴∠1+∠2=21(∠5+∠6) परन्तु ∠5+∠6=4 समकोण ∴∠1+∠2=21×4 समकोण
=2 समकोण इसी प्रकार ∠3+∠4=2 समकोण (इति सिद्धम्)
4. यदि एक वृत्त की दो प्रतिच्छेदी जीवाएँ प्रतिच्छेद बिन्दु से जाने वाले व्यास से समान कोण बनाएँ, तो सिद्ध कीजिए कि वे जीवाएँ बराबर हैं।
हल—एक वृत्त दिया है जिसका केन्द्र O है। इस वृत्त की दो जीवाएँ क्रमशः AB तथा CD बिन्दु E पर प्रतिच्छेदित करती हैं।
Circle with chords AB and CD intersecting at E, and diameter PQ passing through E
E से जाने वाला PQ एक ऐसा व्यास है कि ∠AEQ=∠DEQ। अब सिद्ध करना है कि AB=CD अब जीवाओं AB तथा CD पर क्रमशः OL तथा OM लम्ब खींचिए। ∠LOE=180∘−90∘−∠LEO
=90∘−∠LEO (त्रिभुज के कोणों के योग का गुण)
=90∘−∠AEQ=90∘−∠DEQ =90∘−∠MEO=∠MOE त्रिभुजों OLE तथा OME में,
∠LEO=∠MEO (दिया है) ∠LOE=∠MOE (ऊपर सिद्ध किया है) EO=EO (उभयनिष्ठ) अतः △OLE≅△OME इससे प्राप्त होता है— OL=OM (CPCT) इसलिए, AB=CD
5. सिद्ध कीजिए कि किसी चतुर्भुज के अंत:कोणों के समद्विभाजकों से बना चतुर्भुज (यदि सम्भव हो) चक्रीय होता है।
हल—आकृति में, ABCD एक चतुर्भुज है जिसके अंत:कोणों A,B,C और D के क्रमशः कोण समद्विभाजक AH,BF,CF और DH एक चतुर्भुज EFGH बनाते हैं।
Quadrilateral ABCD with internal angle bisectors forming inner quadrilateral EFGH
=360∘−21×360∘ =360∘−180∘=180∘ इसलिए, चतुर्भुज EFGH चक्रीय है क्योंकि यदि किसी चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के एक युग्म का योग 180∘ हो, तो वह चतुर्भुज चक्रीय चतुर्भुज होता है।