Matter in Our Surroundings
हमारे आस-पास के पदार्थ
विज्ञान-कक्षा IX
1. हमारे आस-पास के पदार्थ (Matter in Our Surroundings)
पाठगत प्रश्न
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प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन से पदार्थ हैं- कुर्सी, वायु, स्नेह, गंध, घृणा, बादाम, विचार, शीत, नींबू पानी, इत्र की सुगंध।
उत्तर- कुर्सी, वायु, बादाम, नींबू पानी, इत्र की सुगंध पदार्थ हैं।
प्रश्न 2. निम्नलिखित प्रेक्षण के कारण बताएँ- गर्मा-गर्म खाने की गंध कई मीटर दूर से ही आपके पास पहुँच जाती है, लेकिन ठण्डे खाने की महक लेने के लिए आपको उसके पास जाना पड़ता है।
उत्तर- पदार्थ के कण निरन्तर गतिशील होते हैं तथा तापमान बढ़ने पर कणों की गति बढ़ जाती है। वस्तुतः खाने की गंध या महक हम तक विसरण के माध्यम से पहुँचती है। कणों का विसरण उच्च ताप पर अधिक व निम्न ताप पर कम होता है, इसीलिए गर्मा-गरम (उच्च ताप वाले) खाने की गंध तेजी के साथ कई मीटर दूर से ही हमारे पास पहुँच जाती है लेकिन ठंडे खाने की गंध (महक) लेने के लिए हमें उसके पास जाना पड़ता है।
प्रश्न 3. स्वीमिंग पूल में गोताखोर पानी काट पाता है। इससे पदार्थ का कौनसा गुण प्रेक्षित होता है?
उत्तर- स्वीमिंग पूल में गोताखोर पानी (जल) काट पाता है क्योंकि वहां पानी के कणों के मध्य लगने वाला आकर्षण बल, गोताखोर द्वारा लगाये जाने वाले बल से कम होता है, जिस कारण पानी के कण आसानी से अलग हो जाते हैं।
इससे पदार्थ का यह गुण प्रदर्शित होता है कि पदार्थ सूक्ष्म कणों से बना है।
प्रश्न 4. पदार्थ के कणों की क्या विशेषताएँ होती हैं?
उत्तर- पदार्थ के कणों की निम्नलिखित विशेषताएँ होती हैं-
(i) पदार्थ के कणों के मध्य रिक्त स्थान पाया जाता है।
(ii) पदार्थ के कण निरंतर गतिशील होते हैं।
(iii) पदार्थ के कणों के मध्य एक आकर्षण बल होता है।
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प्रश्न 1. किसी तत्व के द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन को घनत्व कहते हैं।
()
बढ़ते हुए घनत्व के क्रम में निम्नलिखित को व्यवस्थित करें- वायु, चिमनी का धुआँ, शहद, जल, चॉक, रुई और लोहा।
उत्तर- वायु < चिमनी का धुआँ < रुई < जल < शहद < चॉक < लोहा।
प्रश्न 2. (a) पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं के गुणों में होने वाले अन्तर को सारणीबद्ध कीजिए।
(b) निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए- दृढ़ता, संपीड्यता, तरलता, बर्तन में गैस का भरना, आकार, गतिज ऊर्जा एवं घनत्व।
उत्तर-(a) पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं के गुणों में अन्तर निम्न हैं-
| गुण | ठोस | द्रव | गैस |
|---|---|---|---|
| 1. अणुओं की स्थिति | अणु बहुत पास-पास होते हैं। | अणु बहुत पास-पास नहीं होते हैं। | अणु बहुत दूर-दूर होते हैं। |
| 2. अणुओं का स्थान | अणुओं का स्थान निश्चित होता है। | अणुओं का स्थान निश्चित नहीं होता है। | अणुओं का स्थान निश्चित नहीं होता है। |
| 3. अणुओं की गतिज ऊर्जा | न्यूनतम होती है। | कुछ अधिक होती है। | सर्वाधिक होती है। |
| 4. आकार | निश्चित | अनिश्चित/पात्र का आकार ग्रहण करता है। | अनिश्चित (जिस पात्र में रखी जाती है, उसी का आकार ग्रहण कर लेती है।) |
| 5. आयतन | निश्चित | निश्चित | अनिश्चित (जिस पात्र में रखी जाती है, उसी का आयतन ग्रहण कर लेती है।) |
| 6. तरलता | बहते नहीं हैं। | ऊपर से नीचे की ओर बहते हैं। | सभी दिशाओं में बहती है। |
| 7. घनत्व | सर्वाधिक | कुछ कम | सबसे कम |
| 8. ऊष्मा द्वारा प्रसरण | कम | कुछ अधिक | बहुत अधिक |
| 9. अन्तर आण्विक बल | सर्वाधिक | कुछ कम | सबसे कम |
| 10. गलनांक एवं क्वथनांक | इनके गलनांक एवं क्वथनांक कमरे के ताप से अधिक होते हैं। | इनके क्वथनांक कमरे के ताप से अधिक परन्तु गलनांक कमरे के ताप से कम होते हैं। | इनके गलनांक एवं क्वथनांक कमरे के ताप से कम होते हैं। |
(b) (i) दृढ़ता-किसी पदार्थ की अपने आकार को बनाए रखने की प्रवृत्ति दृढ़ता कहलाती है। ठोस पदार्थ के कण आपस में अत्यधिक आकर्षण बल द्वारा जुड़े होते हैं जिससे दृढ़ता का गुण प्रदर्शित होता है।
(ii) संपीड्यता-किसी पदार्थ पर दाब डालने पर उसके आयतन में कमी होने की प्रवृत्ति संपीड्यता कहलाती है। द्रव एवं गैसीय पदार्थों के मध्य काफी रिक्त स्थान होता है, जिसके कारण इन्हें दबाया जा सकता है। गैसों को बहुत अधिक संपीडित किया जा सकता है क्योंकि गैसीय पदार्थ के कणों के मध्य रिक्त स्थान बहुत अधिक होता है।
(iii) तरलता-किसी पदार्थ के बहने का गुण तरलता कहलाता है। सभी द्रव तरल होते हैं।
(iv) बर्तन में गैस का भरना-गैसों के कणों के मध्य अत्यधिक रिक्त स्थान होने के कारण ये उच्च दाब पर आसानी से संपीडित हो जाती हैं। इस कारण इन्हें अपेक्षाकृत कम आयतन या छोटे बर्तन में भी अधिक मात्रा में भरा जा सकता है।
(v) आकार-कोई वस्तु जितना स्थान घेरती है, वह उस वस्तु का आकार कहलाता है।
(vi) गतिज ऊर्जा-वस्तुओं में उनके कणों की गति के कारण उत्पन्न ऊर्जा, गतिज ऊर्जा कहलाती है।
(vii) घनत्व-किसी वस्तु के इकाई आयतन में उपस्थित द्रव्यमान को घनत्व कहते हैं। अतः घनत्व = ।
प्रश्न 3. कारण बताएँ-
(a) गैस पूरी तरह उस बर्तन को भर देती है, जिसमें इसे रखते हैं।
(b) गैस बर्तन की दीवारों पर दबाव डालती है।
(c) लकड़ी की मेज ठोस कहलाती है।
(d) हवा में हम आसानी से अपना हाथ चला सकते हैं, लेकिन एक ठोस लकड़ी के टुकड़े में हाथ चलाने के लिए हमें कराटे में दक्ष होना पड़ेगा।
उत्तर-
(a) गैस के कणों के मध्य आकर्षण बल नगण्य होता है, इस कारण इसके कण सभी दिशाओं में गति करने के लिए स्वतंत्र होते हैं। इसीलिए जब किसी बर्तन में गैस को रखते हैं, तो वह पूरी तरह उस बर्तन को भर देती है।
(b) गैस बर्तन की दीवारों पर दबाव डालती है क्योंकि गैस के कण न्यून आकर्षण बल के कारण सभी दिशाओं में गति करने के लिए स्वतंत्र होते हैं और वे बर्तन की दीवारों पर लगातार टकराते रहते हैं, जिससे बर्तन की दीवारों पर दबाव पड़ता है।
(c) लकड़ी के कण अत्यधिक आकर्षण बल से जुड़े होने के कारण पास-पास होते हैं। इस कारण इसका आकार एवं आयतन निश्चित होते हैं, चूँकि ये ठोस पदार्थ के गुण हैं, अतः लकड़ी की मेज ठोस कहलाती है।
(d) हवा में हम आसानी से अपना हाथ चला सकते हैं क्योंकि हवा के कणों के मध्य आकर्षण बल बहुत कम होता है, जिससे हवा के कण बहुत दूर-दूर होते हैं। जबकि लकड़ी के कणों के मध्य अत्यधिक आकर्षण बल होता है, जिसके कारण इसके कण पास-पास होते हैं, इसलिए लकड़ी के टुकड़ों में हाथ चलाने के लिए कराटे में दक्ष होना पड़ेगा।
प्रश्न 4. सामान्यतया ठोस पदार्थों की अपेक्षा द्रवों का घनत्व कम होता है, लेकिन आपने बर्फ के टुकड़े को जल में तैरते हुए देखा होगा। पता लगाइए, ऐसा क्यों होता है?
उत्तर- सामान्यतया ठोस पदार्थों की अपेक्षा द्रवों का घनत्व कम होता है, लेकिन जब जल बर्फ में बदलता है, तो जल के कणों की आकृति बदल जाने के कारण बर्फ का आयतन जल के आयतन से अधिक हो जाता है।
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इसलिए बर्फ का टुकड़ा अपने अधिक आयतन के कारण
अपने द्रव्यमान से अधिक जल हटा देता है, जिससे वह
उसकी सतह पर तैरता है।
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प्रश्न 1. निम्नलिखित तापमान को सेल्सियस में
बदलें -
(a) 300 K (b) 573 K
उत्तर - (a) सेल्सियस (°C) = K - 273
∴ °C = 300 K - 273 = 27°C
(b) ∴ °C = K - 273
∴ °C = 573 K - 273 = 300°C
प्रश्न 2. निम्नलिखित तापमान पर जल की
प्रश्न 2. निम्नलिखित तापमान पर जल की होता है?
भौतिक अवस्था क्या होगी? उत्तर-गर्मियों में वायुमंडल में जलवाष्प कम
उत्तर-(a) 250°C पर जल गैसीय अवस्था घड़ा सरन्ध्र होता है जिसकी सतह पर छोटे-छोटे छिद्र
(वाष्प रूप) में होगा। होते हैं जिनके कारण अंदर का जल घड़े की सतह पर
(b) 100°C पर जल उबलता है क्योंकि यह जल आ जाता है, जिसके वाष्पन के लिए ऊष्मा घड़े के जल
का क्वथनांक है अतः इस ताप पर यह वाष्प अवस्था में और आसपास के वातावरण से ली जाती है। इससे
परिवर्तित होता है। आसपास का वातावरण ठंडा हो जाता है इससे घड़े का
प्रश्न 3. किसी भी पदार्थ की अवस्था परिवर्तन जल ठंडा रहता है।
के दौरान तापमान स्थिर क्यों रहता है? प्रश्न 3. एसीटोन/पेट्रोल या इत्र डालने पर
उत्तर-किसी पदार्थ का ताप बढ़ाने पर वह हमारी हथेली ठण्डी क्यों हो जाती है?
दूसरी अवस्था में परिवर्तित होने लगता है तथा एक उत्तर-एसीटोन/पेट्रोल या इत्र वाष्पशील पदार्थ
निश्चित ताप पर अवस्था परिवर्तन होता है। सम्पूर्ण हैं। जब इन्हें हथेली पर डालते हैं, तो इनके कण हमारी
अवस्था परिवर्तन के दौरान तापमान स्थिर रहता है हथेली तथा आसपास के वातावरण से ऊर्जा प्राप्त कर
क्योंकि उस समय सम्पूर्ण ऊष्मा उस पदार्थ के कणों के वाष्पीकृत हो जाते हैं, जिससे हमारी हथेली ठण्डी हो
मध्य स्थान बढ़ाने में काम आती है, जिससे वह पदार्थ जाती है।
अपनी अवस्था परिवर्तित करता है, अर्थात् कणों के प्रश्न 4. कप की अपेक्षा प्लेट से हम गर्म दूध
पारस्परिक आकर्षण बल को वशीभूत करके पदार्थ की या चाय जल्दी क्यों पी लेते हैं?
अपनी अवस्था परिवर्तित करता है, अर्थात् कणों के पारस्परिक आकर्षण बल को वशीभूत करके पदार्थ की अवस्था को बदलने में इस ऊष्मा का उपयोग होता है। ऐसा तब तक होता है, जब तक कि पदार्थ पूर्ण रूप से दूसरी अवस्था में परिवर्तित न हो जाए।
प्रश्न 4. वायुमंडलीय गैसों को द्रव में परिवर्तन (परिवर्तित) करने के लिए कोई विधि सुझाइए।
उत्तर- वस्तुतः पदार्थ की अवस्थाएँ तापमान तथा दाब पर निर्भर करती हैं। अतः वायुमंडलीय गैसों को निम्नलिखित दो विधियों द्वारा द्रव में परिवर्तित किया जा सकता है-(i) तापमान कम करके (ii) दाब बढ़ाकर।
वायुमंडलीय गैसें ऊँचाई पर होती हैं, जहाँ पर तापमान कम होने के कारण ये संघनित होकर बादलों में बदल जाती है जो द्रव की छोटी-छोटी बूंदों से मिलकर बने होते हैं।
प्रश्न 4. कप की अपेक्षा प्लेट से हम गर्म दूध या चाय जल्दी क्यों पी लेते हैं?
उत्तर- वाष्पीकरण एक सतही प्रक्रिया है। प्लेट की खुली सतह का क्षेत्रफल कप के क्षेत्रफल से अधिक होता है। अतः प्लेट में दूध या चाय का वाष्पीकरण कप की अपेक्षा तेजी से होता है, जिससे वे जल्दी ठंडे हो जाते हैं। इसी कारण प्लेट से हम दूध या चाय जल्दी पी लेते हैं।
प्रश्न 5. गर्मियों में हमें किस तरह के कपड़े पहनने चाहिए?
उत्तर- गर्मियों में हमें सूती कपड़े पहनने चाहिए क्योंकि सूती कपड़ों में जल का अवशोषण अधिक होता है, इसलिए हमारा पसीना इसमें अवशोषित होकर वायुमंडल में आसानी से वाष्पीकृत हो जाता है। इससे हमारे शरीर को शीतलता मिलती है।
पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1. निम्नलिखित तापमानों को सेल्सियस इकाई में परिवर्तित करें-
(a) (b)
उत्तर-
(a) सेल्सियस
(b)
प्रश्न 2. निम्नलिखित तापमानों को केल्विन इकाई में परिवर्तित करें-
(a) (b)
उत्तर-
(a) केल्विन
(b)
प्रश्न 3. निम्नलिखित अवलोकनों हेतु कारण लिखें-
(a) नैफ्थलीन को रखा रहने देने पर यह समय के साथ कुछ भी ठोस पदार्थ छोड़े बिना अदृश्य हो जाती है।
(b) हमें इत्र की गंध बहुत दूर बैठे हुए भी पहुँच जाती है।
उत्तर-
(a) नैफ्थलीन एक ऊर्ध्वपातन पदार्थ है जो ठोस अवस्था से सीधे ही गैसीय अवस्था में बदल जाती है। यही कारण है कि नैफ्थलीन को रखा रहने देने पर यह समय के साथ कुछ भी ठोस पदार्थ छोड़े बिना अदृश्य हो जाती है।
(b) हमें इत्र की गंध बहुत दूर बैठे हुए भी पहुँच जाती है क्योंकि गंध या महक के कण अपने आप ही वायु के कणों में विसरित होकर दूर-दूर तक फैल जाते हैं।
प्रश्न 4. निम्नलिखित पदार्थों को उनके कणों के बीच बढ़ते हुए आकर्षण के अनुसार व्यवस्थित करें-
(a) जल (b) चीनी (c) ऑक्सीजन।
उत्तर- उपरोक्त पदार्थों में कणों के बीच बढ़ते हुए आकर्षण का क्रम निम्न प्रकार होता है-
ऑक्सीजन < जल < चीनी
प्रश्न 5. निम्नलिखित तापमानों पर जल की भौतिक अवस्था क्या है?
(a) (b) (c)
उत्तर- तापमान जल की भौतिक अवस्था
(a) : द्रव
(b) : ठोस
(c) : गैसीय (वाष्प)
प्रश्न 6. पुष्टि हेतु कारण दें-
(a) जल कमरे के ताप पर द्रव है।
(b) लोहे की अलमारी कमरे के ताप पर ठोस है।
उत्तर-
(a) जल का कोई निश्चित आकार नहीं होता है तथा यह उसी बर्तन का आकार ग्रहण कर लेता है, जिसमें इसको रखा जाता है। इसी कारण जल कमरे के ताप पर द्रव होता है।
(b) लोहे की अलमारी के पदार्थ का गलनांक कमरे के ताप से अधिक होता है तथा इसका आकार निश्चित होता है। इस कारण यह कमरे के ताप पर ठोस है।
प्रश्न 7. पर बर्फ को ठण्डा करने पर तथा जल को इसी तापमान पर ठण्डा करने पर बर्फ द्वारा शीतलता का प्रभाव अधिक क्यों होता है?
उत्तर- पर बर्फ के कणों की ऊर्जा, जल के कणों की ऊर्जा की अपेक्षा कम होती है। इस कारण बर्फ वातावरण से जल की अपेक्षा अधिक ऊष्मा अवशोषित करने की क्षमता रखती है। इसीलिए समान तापमान होने पर भी बर्फ, जल की अपेक्षा अधिक शीतलता प्रदान करती है।
प्रश्न 8. उबलते हुए जल अथवा भाप में से जलने की तीव्रता किसमें अधिक महसूस होती है?
उत्तर- उबलते हुए जल की तुलना में भाप द्वारा जलने की तीव्रता अधिक महसूस होती है, क्योंकि समान ताप पर भाप के कणों की ऊर्जा जल के कणों की ऊर्जा से अधिक होती है। ऐसा भाप के कणों के द्वारा वाष्पन की गुप्त ऊष्मा के रूप में अवशोषित अतिरिक्त ऊर्जा के कारण होता है। अतः जब भाप हमारी त्वचा को लगती है तो समान ताप () पर उबलते हुए जल की अपेक्षा अधिक ऊर्जा मुक्त करती है।
प्रश्न 9. निम्नलिखित चित्र के लिए A, B, C, D, E तथा F की अवस्था परिवर्तन को नामांकित करें-
उत्तर - A - संगलन (गलन) B - वाष्पीकरण
C - संघनन D - जमना (हिमीकरण)
E - ऊर्ध्वपातन F - निक्षेपण।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुचयनात्मक प्रश्न -
1. 0°C अर्थात् 273 K पर जल की भौतिक अवस्था प्रेक्षण करने पर कैसी होती है?
(अ) ठोस (ब) द्रव
(स) वाष्प (द) ठोस तथा द्रव दोनों
2. रानू शुद्ध जल को किसी परखनली में गरम करती है। परखनली का जल किस तापमान पर उबलना प्रारंभ होगा? | 2. गैस का द्रव में परिवर्तन .................... कहलाता है।
3. बर्फ का गलनांक .................... होता है।
4. पदार्थ के कण बहुत .................... होते हैं।
उत्तरमाला - 1. ठोस 2. संघनन 3. 273.15 K 4. छोटे।
सत्य/असत्य कथन वाले प्रश्न -
निम्नलिखित कथनों में सत्य तथा असत्य कथन छाँटिए -
1. सभी वस्तुओं का द्रव्यमान होता है तथा ये कुछ स्थान घेरती हैं।
2. गैसों में संपीड्यता का गुण कम होता है।
3. ठोस अमोनियम क्लोराइड में ऊर्ध्वपातन का गुण
प्रारम्भ होगा?
(अ) 173 K (ब) 100 K
(स) 373 K (द) 273 K
3. किलोग्राम प्रति घनमीटर में किसको मापा जाता है -
(अ) भार को (ब) घनत्व को
(स) आयतन को (द) संहति को
4. शुष्क बर्फ कहते हैं-
(अ) ठोस जल को
(ब) ठोस ऑक्सीजन को
(स) ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को
(द) ठोस कार्बन मोनो ऑक्साइड को
5. संपीड्यता का गुण सबसे अधिक पाया जाता है-
(अ) ठोस में (ब) द्रव में
(स) गैस में (द) उपर्युक्त सभी में
6. पदार्थ की वह अवस्था कौन-सी है जिसमें इसका आकार तथा आयतन निश्चित होता है-
(अ) ठोस (ब) द्रव
- ठोस अमोनियम क्लोराइड में ऊर्ध्वपातन का गुण होता है।
- आर्द्रता में कमी होने पर वाष्पीकरण की दर कम होती है।
उत्तरमाला-1. सत्य 2. असत्य 3. सत्य 4. असत्य।
मिलान वाले प्रश्न-
निम्नलिखित प्रश्नों में भाग (अ) का मिलान भाग (ब) से करके सही कूट (कोड) का चयन कीजिए-
प्रश्न 1. भाग (अ) | भाग (ब)
(i) पोटेशियम परमैंगनेट | (a) गैस
(ii) विसरण | (b) द्रव्यमान/आयतन
(iii) घनत्व | (c) ठोस
(iv) जल का क्वथनांक | (d) 373 K
उत्तर-(i) (c) (ii) (a) (iii) (b) (iv) (d)
प्रश्न 2. भाग (अ) | भाग (ब)
(i) ठोस CO₂ | (a) वाष्पीकरण का गुण
(ii) एसीटोन | (b) केल्विन
(iii) अणुओं के मध्य | (c) शुष्क बर्फ
(अ) ठोस (ब) द्रव
(स) गैस (द) ठोस एवं द्रव
7. तापमान बढ़ाने पर कणों की गति पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(अ) गति बढ़ती है (ब) गति मंद हो जाती है
(स) गति पहले बढ़ती है फिर मंद हो जाती है
(द) गति अप्रभावित रहती है
उत्तरमाला
| 1. (अ) | 2. (स) | 3. (ब) | 4. (स) | 5. (स) |
|---|---|---|---|---|
| 6. (अ) | 7. (अ) |
रिक्त स्थान वाले प्रश्न-
- निक्षेपण प्रक्रम में गैसीय पदार्थ सीधे ............... अवस्था में आ जाता है।
(ii) एसीटोन (b) केल्विन
(iii) अणुओं के मध्य (c) शुष्क बर्फ
अधिकतम आकर्षण
(iv) तापमान (d) ठोस
उत्तर-(i) (c) (ii) (a) (iii) (d) (iv) (b)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. एक वायुमण्डलीय दाब का मान लिखिए।
उत्तर-1.01 × 10⁵ पास्कल।
प्रश्न 2. तापमान का अन्तर्राष्ट्रीय मात्रक क्या होता है?
उत्तर-केल्विन (K)।
प्रश्न 3. निम्न का पूरा नाम लिखिए-
(i) LPG (ii) CNG
उत्तर-(i) LPG-द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (Liquefied Petroleum Gas)
(ii) CNG-संपीडित प्राकृतिक गैस (Compressed Natural Gas)।
प्रश्न 4. किसी पदार्थ के गलनांक की परिभाषा दीजिए।
उत्तर- वह न्यूनतम ताप जिस पर कोई ठोस पदार्थ द्रव अवस्था में बदलता है, गलनांक कहलाता है।
प्रश्न 5. गलन की गुप्त ऊष्मा क्या होती है?
उत्तर- वायुमण्डलीय दाब पर किग्रा. ठोस को उसके गलनांक पर द्रव अवस्था में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा को उस पदार्थ की गलन की गुप्त ऊष्मा कहते हैं।
प्रश्न 6. वाष्पन की गुप्त ऊष्मा क्या है?
उत्तर- वायुमण्डलीय दाब पर किग्रा. द्रव को उसके क्वथनांक पर गैसीय अवस्था में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा, वाष्पन की गुप्त ऊष्मा कहलाती है।
प्रश्न 7. ऊर्ध्वपातन क्या होता है?
उत्तर- किसी पदार्थ का द्रव अवस्था में परिवर्तित हुए बिना ठोस अवस्था से सीधे गैस अवस्था में बदलने की प्रक्रिया ऊर्ध्वपातन कहलाती है।
प्रश्न 8. विसरण किसे कहते हैं?
उत्तर- दो विभिन्न पदार्थों के कणों का स्वतः मिलना विसरण कहलाता है।
प्रश्न 9. आर्द्रता से क्या आशय है?
उत्तर- वायु में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा को आर्द्रता कहते हैं।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. पदार्थ की ठोस अवस्था की कोई तीन विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर- ठोस अवस्था की विशेषताएँ-
(i) ठोस का आकार तथा आयतन निश्चित होता है क्योंकि ठोस कणों के मध्य आकर्षण बल बहुत अधिक होता है।
(ii) ठोस दृढ़ होते हैं।
(iii) ठोस को प्रायः संपीडित नहीं किया जा सकता है।
प्रश्न 2. पदार्थ की द्रव अवस्था की कोई तीन विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर- द्रव अवस्था की विशेषताएँ- (i) इनका आकार अनिश्चित किन्तु आयतन निश्चित होता है क्योंकि इनके कणों के मध्य आकर्षण बल ठोस से कम होता है।
(ii) जिस बर्तन में द्रव को रखा जाता है, ये उसी का आकार ले लेते हैं।
(iii) ये तरल होते हैं।
प्रश्न 3. पदार्थ की गैस अवस्था की कोई तीन विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर- पदार्थ की गैस अवस्था की विशेषताएँ-
(i) इनका आकार व आयतन दोनों अनिश्चित होते हैं।
(ii) इन्हें जिस बर्तन में रखा जाता है, उसी का आकार तथा आयतन ग्रहण कर लेती हैं।
(iii) गैस की संपीड्यता ठोस तथा द्रव की अपेक्षा काफी अधिक होती है।
प्रश्न 4. वाष्पीकरण के कारण शीतलता कैसे उत्पन्न होती है?
उत्तर- वाष्पीकरण प्रक्रम में द्रव की सतह के अधिक ऊर्जा वाले कण सतह को छोड़ते हैं और कम ऊर्जा वाले कण द्रव में रह जाते हैं। इस प्रकार, कणों की औसत गतिज ऊर्जा कम हो जाती है, परिणामस्वरूप ताप कम हो जाता है और द्रव ठंडा हो जाता है। साथ ही, वाष्पीकरण के दौरान कम हुई ऊर्जा को पुनः प्राप्त करने के लिए द्रव के कण अपने आसपास से ऊर्जा अवशोषित करते हैं, जिसके कारण शीतलता उत्पन्न होती है।
प्रश्न 5. निम्न को समझाइए-
(i) गर्मियों में लोग फर्श और छतों पर जल छिड़कते हैं, क्यों?
(ii) बर्फीले जल से भरे गिलास की बाहरी सतह पर जल की बूंदें नजर आती हैं, क्यों?
उत्तर- (i) गर्मियों में लोग छत तथा फर्श पर जल इसलिए छिड़कते हैं क्योंकि छिड़के हुए जल के वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा गर्म सतह को शीतल बनाती है।
(ii) बर्फीले जल से भरे गिलास की बाहरी सतह पर जल की बूंदें नजर आती हैं क्योंकि वायु में उपस्थित जलवाष्प की ऊर्जा ठंडे जल के संपर्क में आकर कम हो जाती है और यह द्रव अवस्था में बदल जाता है जो हमें जल की बूंदों के रूप में नजर आता है।
प्रश्न 6. पदार्थ की तीनों अवस्थाओं (ठोस, द्रव एवं गैस) के अंतरा रूपांतरण को नामांकित कीजिए।
उत्तर-
'तीनों अवस्थाओं में पदार्थ का अंतरा रूपांतरण'
प्रश्न 7. संगलन किसे कहते हैं तथा इस प्रक्रिया में तापमान समान क्यों रहता है?
उत्तर- किसी ठोस का द्रव अवस्था में परिवर्तित होना संगलन कहलाता है। संगलन की
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प्रक्रिया में दी गयी ऊष्मा कणों के पारस्परिक आकर्षण बल को वशीभूत करके पदार्थ की अवस्था को बदलने में प्रयुक्त होती है। अतः तापमान समान रहता है। यह माना जाता है कि यह ऊष्मा पदार्थ में छुपी रहती है जिसे गुप्त ऊष्मा कहते हैं।
दीर्घउत्तरीय प्रश्न-
प्रश्न 1. गलनांक से क्या आशय है? समझाइए।
उत्तर- ठोस पदार्थ को गर्म करने पर उसके कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है। इस कारण कण अधिक तेजी से कंपन करने लगते हैं और इनके मध्य की दूरी बढ़ने लगती है। इस कारण कण अपने नियत स्थान को छोड़कर अधिक स्वतंत्र होकर गति करने लगते हैं तथा एक अवस्था ऐसी आती है, जब ठोस पिघलकर द्रव में परिवर्तित हो जाता है। जिस न्यूनतम ताप पर ठोस पिघलकर द्रव बनता है, वह इसका गलनांक कहलाता है।
प्रश्न 2. निम्नलिखित राशियों के SI मात्रक और प्रतीक चिह्न लिखिए-
तापमान, लम्बाई, संहति, भार, आयतन, घनत्व और दाब।
उत्तर-
| राशि | मात्रक | प्रतीक |
|---|---|---|
| तापमान | केल्विन | K |
| लम्बाई | मीटर | m |
| संहति | किलोग्राम | kg |
| भार | न्यूटन | N |
| आयतन | घनमीटर | |
| घनत्व | किलोग्राम प्रति घनमीटर | |
| दाब | पास्कल | Pa |
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. पदार्थ के कणों के अभिलाक्षणिक गुणों को उदाहरण द्वारा समझाइए।
उत्तर- पदार्थ के कणों के अभिलाक्षणिक गुण निम्न हैं-
(1) पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है- हम जानते हैं कि जब चाय या कॉफी बनाई जाती है या नींबू-पानी बनाया जाता है या पोटेशियम परमैंगनेट के थोड़े से क्रिस्टलों को जल में विलेय किया जाता है तो एक पदार्थ के कण दूसरे पदार्थ के कणों के मध्य स्थित रिक्त स्थानों में समावेशित हो जाते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है।
(2) पदार्थ के कण निरंतर गतिशील होते हैं- जलती हुई अगरबत्ती या गर्म खाने की महक हम दूर से ही प्राप्त कर लेते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इनके कण अपने-आप हवा के कणों के साथ मिलकर चारों तरफ फैल जाते हैं। इस तरह फैलने के कारण ही इनकी गंध हम तक पहुँचती है। इससे स्पष्ट है कि पदार्थ के कण निरंतर गतिशील होते हैं अर्थात् इनमें गतिज ऊर्जा होती है। ताप बढ़ने पर कणों की गति बढ़ जाती है क्योंकि तापमान बढ़ने से कणों की गतिज ऊर्जा भी बढ़ जाती है।
(3) पदार्थ के कण एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं- पदार्थ के कणों के बीच एक आकर्षण बल कार्य करता है। यह बल कणों को एक साथ बांधे रखता है। इस आकर्षण बल का सामर्थ्य प्रत्येक पदार्थ में अलग-अलग होता है। आकर्षण बल के कारण ही जब पानी के नल को खोला जाता है तो जलधारा के बीच में उँगली करने पर भी वह टूटती नहीं है।
प्रश्न 2. वाष्पीकरण किसे कहते हैं? वाष्पीकरण की दर को प्रभावित करने वाले कारक कौन-कौन से हैं?
उत्तर- वाष्पीकरण- वाष्पीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई द्रव अपने क्वथनांक से भी कम ताप पर वाष्प में परिवर्तित हो जाता है। वाष्पीकरण एक सतही परिघटना है। जल को खुला छोड़ देने पर यह धीरे-धीरे वाष्प में परिवर्तित हो जाता है।
वाष्पीकरण की दर को प्रभावित करने वाले कारक-
(1) सतह क्षेत्र- सतह का क्षेत्रफल बढ़ने पर वाष्पीकरण की दर भी बढ़ जाती है। जैसे- कपड़े सुखाने के लिए हम उन्हें फैला देते हैं।
(2) तापमान- ताप बढ़ने पर अधिक कणों को पर्याप्त गतिज ऊर्जा मिलती है, जिससे वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है, जबकि कम तापमान पर वाष्पीकरण की दर कम होती है।
(3) वायुमंडल में उपस्थित आर्द्रता- वायु में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा आर्द्रता कहलाती है। किसी निश्चित तापमान पर हमारे आसपास की वायु में एक निश्चित मात्रा में ही जलवाष्प होती है। जब वायु में जल के कणों की मात्रा पहले से अधिक होती है, तब वाष्पीकरण की दर घट जाती है, परन्तु आर्द्रता की मात्रा कम होने पर वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है।
(4) वायु की गति- जब वायु की गति बढ़ जाती है तो जलवाष्प के कण वायु के साथ उड़ जाते हैं, जिससे आसपास के स्थान में जलवाष्प की मात्रा कम हो जाती है और वाष्पन की दर बढ़ जाती है इसी कारण तेज वायु में कपड़े जल्दी सूख जाते हैं।