Is Matter Around Us Pure
क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं
पाठगत प्रश्न
पृष्ठ 16
प्रश्न 1. शुद्ध पदार्थ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- शुद्ध पदार्थ वह होता है, जिसमें मौजूद सभी कण समान रासायनिक प्रकृति के होते हैं। अतः शुद्ध पदार्थ एक ही प्रकार के कणों से मिलकर बना होता है।
प्रश्न 2. समांगी और विषमांगी मिश्रणों में अन्तर बताएँ।
उत्तर- समांगी मिश्रण वह मिश्रण है, जिसमें मिश्रित पदार्थों के अवयव समान रूप से मिले होते हैं, अर्थात् इसमें सभी जगह एक समान संघटन होता है। जैसे-चीनी का घोल, नमक का घोल आदि।
विषमांगी मिश्रण वह मिश्रण है, जिसके कणों की बनावट समान नहीं होती तथा मिश्रण के अंश भौतिक दृष्टि से पृथक् होते हैं। जैसे-नमक और सल्फर, जल और तेल का मिश्रण आदि।
पृष्ठ 20
प्रश्न 1. उदाहरण के साथ समांगी और विषमांगी मिश्रणों में विभेद कीजिए।
उत्तर- पाठगत प्रश्न (पृष्ठ 16) के प्रश्न 2 का उत्तर देखें।
प्रश्न 2. विलयन, निलम्बन और कोलाइड एक-दूसरे से किस प्रकार भिन्न हैं?
उत्तर- विलयन, कोलाइड और निलम्बन में निम्नलिखित भिन्नता होती है-
| विलयन | कोलाइड | निलम्बन |
|---|---|---|
| 1. यह दो पदार्थों का एक समांगी मिश्रण है। | यह विषमांगी मिश्रण है। | यह भी एक विषमांगी मिश्रण है। |
| 2. इसके कणों का आकार (व्यास) () से भी छोटा होता है। | कोलाइडी कणों का आकार से के बीच का होता है। | इसमें विलेय पदार्थ के कणों का आकार से भी अधिक होता है। |
| 3. विलयन के कणों को आँखों से नहीं देखा जा सकता। | इसके कणों को सूक्ष्मदर्शी से देख सकते हैं। | निलम्बन के कणों को आँखों से देखा जा सकता है। |
| 4. अपने छोटे आकार के कारण विलयन के कण, उसमें से गुजर रही प्रकाश की किरण को फैलाते नहीं हैं। इसलिए विलयन में प्रकाश का मार्ग दिखाई नहीं देता। | कोलाइड के कण इतने बड़े होते हैं कि प्रकाश की किरण को फैलाकर, उसके मार्ग को दृश्य बनाते हैं। | निलम्बन के कण प्रकाश की किरण को फैला देते हैं, जिससे प्रकाश का मार्ग दिखाई देता है। |
| 5. इसके घटकों को छानने की विधि द्वारा पृथक् नहीं किया जा सकता। | इसके घटकों को अपकेन्द्रीकरण विधि द्वारा पृथक् किया जा सकता है। | इसके घटकों को साधारण छानन विधि द्वारा पृथक् किया जा सकता है। |
प्रश्न 3. एक संतृप्त विलयन बनाने के लिए सोडियम क्लोराइड को जल में पर घोला जाता है। इस तापमान पर इसकी सान्द्रता प्राप्त करें।
उत्तर-
सोडियम क्लोराइड (विलेय) का द्रव्यमान
जल (विलायक) का द्रव्यमान
विलयन का द्रव्यमान
विलयन की सान्द्रता (द्रव्यमान प्रतिशत में)
494
पृष्ठ 21
प्रश्न 1. निम्न को रासायनिक और भौतिक परिवर्तनों में वर्गीकृत करें-
• पेड़ों को काटना,
• मक्खन का एक बर्तन में पिघलना,
• अलमारी में जंग लगना,
• जल का उबलकर वाष्प बनना,
• विद्युत तरंग का जल में प्रवाहित होना तथा उसका हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों में विघटित होना,
• जल में साधारण नमक का घुलना,
• फलों से सलाद बनाना तथा
• लकड़ी और कागज का जलना।
उत्तर- रासायनिक परिवर्तन
• अलमारी में जंग लगना
• विद्युत तरंग का जल में प्रवाहित होना तथा उसका हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों में विघटित होना
• लकड़ी और कागज का जलना
भौतिक परिवर्तन
• पेड़ों को काटना
• मक्खन का एक बर्तन में पिघलना
• जल का उबलकर वाष्प बनना
• जल में साधारण नमक का घुलना
• फलों से सलाद बनाना
पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1. निम्नलिखित को पृथक् करने के लिए आप किन विधियों को अपनाएंगे?
(a) सोडियम क्लोराइड को जल के विलयन से पृथक् करने में।
(b) अमोनियम क्लोराइड को सोडियम क्लोराइड तथा अमोनियम क्लोराइड के मिश्रण से पृथक् करने में।
(c) धातु के छोटे टुकड़े को कार के इंजन ऑयल से पृथक् करने में।
(d) दही से मक्खन निकालने के लिए।
(e) जल से तेल निकालने के लिए।
(f) चाय से चाय की पत्तियों को पृथक् करने में।
(g) बालू से लोहे की पिनों को पृथक् करने में।
(h) भूसे से गेहूँ के दानों को पृथक् करने में।
(i) पानी में तैरते हुए महीन मिट्टी के कण को पानी से अलग करने के लिए।
(j) पुष्प की पंखुड़ियों के निचोड़ से विभिन्न रंजकों को पृथक् करने में।
उत्तर-
(a) वाष्पीकरण या आसवन विधि
(b) ऊर्ध्वपातन विधि
(c) गर्म करके छानने पर
(d) अपकेन्द्रीकरण विधि
(e) कीप पृथक्करण द्वारा
(f) छानकर
(g) चुंबकीय पृथक्करण विधि द्वारा
(h) विनोइंग द्वारा (सूप विधि द्वारा)
(i) निथारना व छानना
(j) क्रोमैटोग्राफी विधि द्वारा।
प्रश्न 2. चाय तैयार करने के लिए आप किन-किन चरणों का प्रयोग करेंगे? विलयन, विलायक, विलेय, घुलना, घुलनशील, अघुलनशील, घुलेय (फिल्ट्रेट या छनित) तथा अवशेष शब्दों का प्रयोग करें।
उत्तर-
(1) चाय तैयार करने हेतु प्रथम चरण में एक पतीली में थोड़ा जल (विलायक) लेकर गर्म करेंगे।
(2) द्वितीय चरण में इस गर्म विलायक को केतली में डालेंगे जिसमें हमने पहले ही चाय की कुछ पत्तियाँ (विलेय) डाल रखी हैं।
(3) तृतीय चरण में केतली में चाय की पत्तियों के फूलने से चाय का एक विलयन तैयार हो जाएगा।
(4) चतुर्थ चरण में एक कप में चीनी विलेय के रूप में ले लेंगे।
(5) पंचम चरण में केतली का विलयन छलनी से छानते हुए कप में डालेंगे तथा इसमें दो छोटे चम्मच दूध मिला देंगे, चाय तैयार है। चाय की पत्तियाँ छलनी में अवशेष के रूप में बच जाएंगी। चाय का घुला हुआ भाग छनित (फिल्ट्रेट) के रूप में आ जाएगा। यहाँ चीनी और दूध घुलनशील विलेय हैं जबकि चाय की पत्तियाँ अघुलनशील अवशेष हैं।
प्रश्न 3. प्रज्ञा ने तीन अलग-अलग पदार्थों की घुलनशीलता को विभिन्न तापमान पर जाँचा और नीचे दिए गए आँकड़ों को प्राप्त किया। प्राप्त हुए परिणामों को ग्राम जल में विलेय पदार्थ की मात्रा, जो संतृप्त विलयन बनाने के लिए पर्याप्त है, निम्नलिखित तालिका में दर्शाया गया है-
| विलेय पदार्थ | तापमान K में |
|---|---|
| घुलनशीलता | |
| पोटैशियम नाइट्रेट | |
| सोडियम क्लोराइड | |
| पोटैशियम क्लोराइड | |
| अमोनियम क्लोराइड |
(a) जल में पर पोटैशियम नाइट्रेट के संतृप्त विलयन को प्राप्त करने हेतु कितने ग्राम पोटैशियम नाइट्रेट की आवश्यकता होगी?
(b) प्रज्ञा पर पोटैशियम क्लोराइड का एक संतृप्त विलयन तैयार करती है और विलयन को कमरे के तापमान पर ठण्डा होने के लिए छोड़ देती है। जब विलयन ठण्डा होगा, तो वह क्या अवलोकित करेगी? स्पष्ट करें।
(c) पर प्रत्येक लवण की घुलनशीलता का परिकलन करें। इस तापमान पर कौन-सा लवण सबसे अधिक घुलनशील होगा?
(d) तापमान में परिवर्तन से लवण की घुलनशीलता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर-एक निश्चित ताप एवं दाब पर विलायक में विलेय की अधिकतम जितनी मात्रा घुली होती है, वह विलेय की घुलनशीलता कहलाती है।
(a) पर अधिकतम पोटैशियम नाइट्रेट जल में घोला जा सकता है।
अतः जल में पोटैशियम नाइट्रेट की मात्रा
जल में पोटैशियम नाइट्रेट की मात्रा
अतः पर जल में अधिकतम पोटैशियम नाइट्रेट घोला जा सकता है।
(b) सामान्यतया कमरे का तापमान लगभग या () लिया जाता है।
प्रज्ञा पर पोटैशियम क्लोराइड () का एक संतृप्त विलयन बनाती है और उसे कमरे के ताप () पर ठण्डा होने के लिए छोड़ देती है। तापमान घटने के साथ ठोसों की द्रव में घुलनशीलता कम होती जाती है अतः या पर जल में पोटैशियम क्लोराइड की मात्रा ही घुल पायेगी। शेष () पोटैशियम क्लोराइड अविलेय के रूप में नीचे बैठना प्रारम्भ कर देता है।
(c) पर पोटैशियम नाइट्रेट, सोडियम क्लोराइड, पोटैशियम क्लोराइड और अमोनियम क्लोराइड की सान्द्रता ( जल में घुली मात्रा) क्रमशः , , व है। अतः इस तापमान पर अमोनियम क्लोराइड सबसे अधिक घुलनशील है।
(d) सामान्यतः तापमान बढ़ाने पर किसी लवण की घुलनशीलता बढ़ जाती है और तापमान घटाने पर घट जाती है।
प्रश्न 4. निम्न की उदाहरण सहित व्याख्या करें-
(a) संतृप्त विलयन (b) शुद्ध पदार्थ (c) कोलाइड (d) निलंबन।
उत्तर-(a) संतृप्त विलयन-निश्चित तापमान पर किसी विलयन में जब अधिकतम विलेय घुला होता है, तब यह विलयन उस विलेय का उस ताप पर संतृप्त विलयन कहलाता है। अतः किसी निश्चित तापमान पर उतना ही विलेय पदार्थ घुल सकता है जितनी कि विलयन की क्षमता होती है। विलयन में जब और अधिक विलेय पदार्थ नहीं घुलता है तो इसे संतृप्त विलयन कहते हैं।
उदाहरण-एक बीकर में जल लेकर इसमें धीरे-धीरे नमक (सोडियम क्लोराइड) तब तक मिलाते हैं जब तक सोडियम क्लोराइड घुलना बंद न कर दे। इस प्रकार तैयार विलयन (कमरे का ताप) पर नमक का संतृप्त विलयन होता है।
(b) शुद्ध पदार्थ-वह पदार्थ, जिसमें मौजूद सभी कण समान रासायनिक प्रकृति के होते हैं, शुद्ध पदार्थ कहलाता है। इस प्रकार एक शुद्ध पदार्थ एक ही प्रकार के कणों से मिलकर बना होता है। जैसे-सोडियम क्लोराइड।
(c) कोलाइड-यह विषमांगी मिश्रण होता है तथा इसके कण परिक्षिप्त प्रावस्था में समान रूप से फैले होते हैं। कोलाइड के कण सूक्ष्मदर्शी से देखे जा सकते हैं। इसके घटकों को पृथक् करने के लिए अपकेन्द्रीकरण विधि का उपयोग किया जाता है। जैसे-दूध।
(d) निलंबन-यह एक विषमांगी मिश्रण है, जिसमें विलेय पदार्थ के कण घुलते नहीं हैं बल्कि माध्यम की समष्टि में निलंबित रहते हैं। अतः विषमांगी घोल जिसमें ठोस द्रव में परिक्षिप्त होता है, निलम्बन कहलाता है। इनका आकार कोलाइड के कणों से अधिक होता है अतः इन्हें हम आंखों से देख सकते हैं। इसके घटकों को छानकर पृथक् किया जा सकता है। जैसे-मिट्टीयुक्त जल।
प्रश्न 5. निम्नलिखित में से प्रत्येक को समांगी और विषमांगी मिश्रणों में वर्गीकृत करें-
सोडा जल, लकड़ी, बर्फ, वायु, मिट्टी, सिरका, छनी हुई चाय।
उत्तर-समांगी मिश्रण-सोडा जल, बर्फ, वायु, सिरका, छनी हुई चाय।
विषमांगी मिश्रण-लकड़ी, मिट्टी।
प्रश्न 6. आप किस प्रकार पुष्टि करेंगे कि दिया हुआ रंगहीन द्रव शुद्ध जल है?
उत्तर-शुद्ध जल ताप और सामान्य वायुमंडलीय दाब () पर उबलता है, जबकि लवण/अशुद्धि मिला जल से उच्च ताप पर उबलता है। अतः दिए गए रंगहीन द्रव की शुद्धता की पुष्टि के लिए जल को एक बीकर में लेकर उसको सामान्य वायुमंडलीय दाब () पर क्वथनांक बिंदु () तक गर्म
496
करेंगे। यदि सारा जल वाष्पित हो जाता है तथा बीकर में कोई अवशेष नहीं रहता है तो जल शुद्ध है। यदि अवशेष शेष रहता है तो जल अशुद्ध होगा।
प्रश्न 7. निम्नलिखित में से कौन-सी वस्तुएं शुद्ध पदार्थ हैं?
(a) बर्फ (b) दूध (c) लोहा (d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (e) कैल्शियम ऑक्साइड (f) पारा (g) ईंट (h) लकड़ी (i) वायु।
उत्तर- उपरोक्त में से निम्नलिखित वस्तुएं शुद्ध पदार्थ हैं- लोहा, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, कैल्शियम ऑक्साइड और पारा।
प्रश्न 8. निम्नलिखित मिश्रणों में से विलयन की पहचान करें-
(a) मिट्टी (b) समुद्री जल (c) वायु (d) कोयला (e) सोडा जल।
उत्तर- उपरोक्त में से समुद्री जल, वायु और सोडा जल विलयन हैं।
प्रश्न 9. निम्नलिखित में से कौन टिंडल प्रभाव को प्रदर्शित करेगा?
(a) नमक का घोल (b) दूध (c) कॉपर सल्फेट का विलयन (d) स्टार्च विलयन।
उत्तर- दूध व स्टार्च विलयन टिंडल-प्रभाव प्रदर्शित करेंगे, क्योंकि ये दोनों कोलाइडी विलयन हैं।
प्रश्न 10. निम्नलिखित को तत्व, यौगिक तथा मिश्रण में वर्गीकृत करें-
(a) सोडियम (b) मिट्टी (c) चीनी का घोल (d) चांदी (e) कैल्शियम कार्बोनेट (f) टिन (g) सिलिकन (h) कोयला (i) वायु (j) साबुन (k) मीथेन (l) कार्बन डाइऑक्साइड (m) रक्त।
उत्तर-
तत्व- (a) सोडियम (d) चांदी (f) टिन (g) सिलिकन।
यौगिक- (e) कैल्शियम कार्बोनेट (k) मीथेन (l) कार्बन डाइऑक्साइड।
मिश्रण- (b) मिट्टी (c) चीनी का घोल (h) कोयला (i) वायु (j) साबुन (m) रक्त।
प्रश्न 11. निम्नलिखित में से कौन-कौन से परिवर्तन रासायनिक हैं?
(a) पौधों की वृद्धि
(b) लोहे में जंग लगना
(c) लोहे के चूर्ण तथा बालू को मिलाना
(d) खाना पकाना
(e) भोजन का पाचन
(f) जल से बर्फ बनना
(g) मोमबत्ती का जलना।
उत्तर- उपरोक्त में से निम्नलिखित परिवर्तन रासायनिक हैं-
(a) पौधों की वृद्धि
(b) लोहे में जंग लगना
(d) खाना पकाना
(e) भोजन का पाचन
(g) मोमबत्ती का जलना।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुचयनात्मक प्रश्न-
1. वह धातु जो कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाती है-
(अ) पारा (ब) सोना (स) लोहा (द) ताँबा
2. निम्न में से उपधातु नहीं है-
(अ) बोरान (ब) ब्रोमीन (स) सिलिकन (द) जर्मेनियम
3. साबुन का जलीय विलयन है-
(अ) समांगी विलयन (ब) समांगी मिश्रण (स) कोलाइड (द) निलंबन
4. वायु के दो मुख्य घटक हैं-
(अ) नाइट्रोजन व कार्बन मोनोक्साइड
(ब) ऑक्सीजन व नाइट्रोजन
(स) ऑक्सीजन व कार्बन डाइऑक्साइड
(द) कार्बन मोनोक्साइड व कार्बन डाइऑक्साइड
5. टिंडल प्रभाव प्रदर्शित नहीं करने वाला पदार्थ है-
(अ) वास्तविक विलयन (ब) निलंबन (स) कोलाइडल विलयन (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं
6. निम्न में से अधातु नहीं है-
(अ) आयोडीन (ब) क्लोरीन (स) कार्बन (द) सिलिकन
7. वायु में ऑक्सीजन की मात्रा होती है?
(अ) (ब) (स) (द)
8. वायु है एक-
(अ) ठोस विलयन (ब) गैसीय विलयन (स) द्रव विलयन (द) उपरोक्त में से कोई नहीं।
| उत्तरमाला | | | | |
| :--- | :--- | :--- | :--- | :--- |
| 1. (अ) | 2. (ब) | 3. (स) | 4. (ब) | 5. (अ) |
| 6. (द) | 7. (स) | 8. (ब) | | |
रिक्त स्थान वाले प्रश्न-
- .................... एक या एक से अधिक तत्वों या यौगिकों से मिलकर बना होता है।
- शुद्ध पदार्थ किसी भी स्रोत से प्राप्त हो, इसके अभिलाक्षणिक गुण .................... होंगे।
- अभी तक ज्ञात तत्वों की संख्या .................... से अधिक है। इनमें से 92 तत्व प्राकृतिक हैं जबकि शेष मानव निर्मित हैं।
- तेल का हवा में जलना एक .................... परिवर्तन है।
उत्तरमाला- 1. मिश्रण 2. समान 3. 100 4. रासायनिक।
सत्य/असत्य कथन वाले प्रश्न-
निम्नलिखित कथनों में सत्य तथा असत्य कथन छाँटिए-
- गैलियम तथा सीजियम तत्व कमरे के तापमान () से कुछ अधिक तापमान पर गैस अवस्था में होते हैं।
- मोमबत्ती के जलने की प्रक्रिया में भौतिक एवं रासायनिक दोनों परिवर्तन होते हैं।
- यौगिक का संघटन पूरे पदार्थ में समान नहीं होता है।
- जल में घुली हुई चीनी विषमांगी मिश्रण है।
- लोहे में जंग लगना एक रासायनिक परिवर्तन है।
उत्तरमाला- 1. असत्य 2. सत्य 3. असत्य 4. असत्य 5. सत्य।
मिलान वाले प्रश्न-
निम्नलिखित प्रश्नों में भाग (अ) का मिलान भाग (ब) से करके सही कूट (कोड) का चयन कीजिए-
| प्रश्न 1. भाग (अ) | भाग (ब) |
|---|---|
| (i) गैसीय तत्वों की संख्या | (a) हाइड्रोजन सल्फाइड गैस |
| (ii) रंगहीन, गंधहीन, ज्वलनशील गैस | (b) 11 |
| (iii) सड़े हुए अण्डे जैसी गंधयुक्त गैस | (c) भौतिक परिवर्तन |
| (iv) बर्फ को गर्म करना | (d) हाइड्रोजन |
उत्तर-(i) (b) (ii) (d) (iii) (a) (iv) (c)
| प्रश्न 2. भाग (अ) | भाग (ब) |
|---|---|
| (i) सिलिकॉन | (a) जैल |
| (ii) पनीर | (b) चाँदी |
| (iii) आघातवर्धनीय | (c) रासायनिक परिवर्तन |
| (iv) दूध से दही बनना | (d) उपधातु |
उत्तर-(i) (d) (ii) (a) (iii) (b) (iv) (c)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. निम्न में से समांगी मिश्रण बताइए-
लकड़ी, चीनी का जलीय घोल, मिट्टी मिला जल।
उत्तर- चीनी का जलीय घोल।
प्रश्न 2. निम्न में कौन विषमांगी मिश्रण हैं?
विलयन, निलंबन, कोलाइडल विलयन।
उत्तर- निलंबन व कोलाइडल विलयन विषमांगी मिश्रण हैं।
प्रश्न 3. पीतल किन-किन धातुओं का मिश्रण है?
उत्तर- पीतल जिंक (लगभग ) व कॉपर (लगभग ) का समांगी मिश्रण है।
प्रश्न 4. इमल्शन कोलाइड के दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर- दूध और फेस क्रीम।
प्रश्न 5. तत्व किसे कहते हैं?
उत्तर- तत्व पदार्थ का वह मूल रूप है जिसे रासायनिक अभिक्रिया द्वारा अन्य सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता है।
प्रश्न 6. तत्वों को कितने रूपों में बांटा जा सकता है?
उत्तर- तत्वों को मुख्य रूप से तीन रूपों-धातु, अधातु तथा उपधातु में बांटा जा सकता है।
प्रश्न 7. यौगिक किसे कहते हैं?
उत्तर- यौगिक वह पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों के स्थिर अनुपात में रासायनिक तौर पर संयोजन से बनता है।
प्रश्न 8. निम्नलिखित में से धातु और अधातु को छाँटिए-
आयोडीन, कार्बन, सोना, लोहा, पारा, ब्रोमीन, क्लोरीन, सोडियम।
उत्तर- धातु-सोना, लोहा, पारा तथा सोडियम।
अधातु-आयोडीन, कार्बन, ब्रोमीन तथा क्लोरीन।
प्रश्न 9. असंतृप्त विलयन किसे कहते हैं?
उत्तर- जब विलयन में विलेय पदार्थ की मात्रा संतृप्त स्तर से कम है तो उसे असंतृप्त विलयन कहते हैं।
प्रश्न 10. समांगी मिश्रण के दो उदाहरण बताइए।
उत्तर- जल में नमक तथा जल में चीनी।
498
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. सोडियम क्लोराइड एवं चीनी एक शुद्ध पदार्थ है, कैसे?
उत्तर- वस्तुतः पदार्थ एक या एक से अधिक शुद्ध तत्वों या यौगिकों से मिलकर बना होता है तथा किसी पदार्थ को उसके तत्वों में भौतिक विधि द्वारा पृथक् नहीं किया जा सकता है। इसी प्रकार सोडियम क्लोराइड एवं चीनी एक पदार्थ है तथा इन्हें भौतिक विधि द्वारा इनके रासायनिक अवयवों में पृथक् नहीं किया जा सकता अतः ये शुद्ध पदार्थ हैं।
प्रश्न 2. प्रयोग द्वारा समझाइए कि समांगी मिश्रण पृथक्-पृथक् संघटन रख सकते हैं।
उत्तर- एक बीकर में जल लेकर उसमें एक चम्मच कॉपर सल्फेट मिलाते हैं तथा दूसरे बीकर में जल लेकर उसमें दो चम्मच कॉपर सल्फेट मिलाते हैं। हम देखते हैं कि दोनों बीकर में प्राप्त मिश्रण समान बनावट का है, परन्तु दोनों घोलों में रंग की तीव्रता अलग-अलग है जो यह प्रदर्शित करता है कि समांगी मिश्रण पृथक्-पृथक् संघटन रख सकते हैं।
प्रश्न 3. विलायक तथा विलेय को परिभाषित कीजिए।
उत्तर- विलायक- किसी विलयन का वह घटक (जिसकी मात्रा विलेय से अधिक होती है) जो दूसरे घटक (विलेय) को विलयन में मिलाता है, विलायक कहलाता है।
विलेय- विलयन का वह घटक (प्रायः कम मात्रा में होता है) जो कि विलायक में घुला होता है, विलेय कहलाता है।
प्रश्न 4. मिश्र धातु किसे कहते हैं? इन्हें मिश्रण क्यों समझा जाता है?
उत्तर- मिश्र धातु-ये धातुओं के समांगी मिश्रण होते हैं, जिन्हें भौतिक क्रिया द्वारा उसके अवयवों में पृथक् नहीं किया जा सकता है लेकिन फिर भी मिश्र धातुओं को मिश्रण माना जाता है क्योंकि ये अपने घटकों के गुणों को दर्शाते हैं और पृथक्-पृथक् संघटक रखते हैं। जैसे-पीतल, जिंक और कॉपर का मिश्रण है।
प्रश्न 5. संतृप्त तथा असंतृप्त विलयन को परिभाषित कीजिए।
उत्तर- संतृप्त विलयन- किसी निश्चित तापमान पर उतना ही विलेय पदार्थ घुल सकता है जितनी विलयन की क्षमता होती है अतः दिए गए निश्चित तापमान पर यदि विलयन में और अधिक विलेय पदार्थ नहीं घुलता है तो वह संतृप्त विलयन कहलाता है।
असंतृप्त विलयन- यदि एक विलयन में विलेय पदार्थ की मात्रा संतृप्तता से कम है तो उसे असंतृप्त विलयन कहते हैं।
प्रश्न 6. विलयन की सांद्रता से क्या आशय है?
उत्तर- विलयन की सांद्रता- विलायक की निश्चित मात्रा (द्रव्यमान अथवा आयतन) में घुले हुए विलेय पदार्थ की मात्रा अथवा विलेय पदार्थ की मात्रा जो विलयन की किसी दी गई मात्रा अथवा आयतन में उपस्थित हो, को विलयन की सांद्रता कहते हैं। अतः:
विलयन की सांद्रता = या
प्रश्न 7. वास्तविक विलयन तथा कोलाइडल विलयन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- वास्तविक एवं कोलाइडल विलयन में निम्नलिखित अंतर हैं-
| वास्तविक विलयन | कोलाइडल विलयन |
|---|---|
| 1. यह दो पदार्थों का समांगी मिश्रण है। | यह एक विषमांगी मिश्रण हैं। |
| 2. विलयन के कणों को आँखों से नहीं देखा जा सकता। | कोलाइड के कणों को सूक्ष्मदर्शी से देखा जा सकता है। |
| 3. ये टिंडल प्रभाव प्रदर्शित नहीं करते। | ये टिंडल प्रभाव दर्शाते हैं। |
दीर्घउत्तरीय प्रश्न-
प्रश्न 1. विलयन के गुण लिखिए।
उत्तर- विलयन में निम्नलिखित गुण होते हैं-
(i) विलयन दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण होता है।
(ii) विलयन के कण व्यास में ( मीटर) से भी छोटे होते हैं, इसलिए ये आंख से नहीं देखे जा सकते हैं।
(iii) अपने छोटे आकार के कारण विलयन के कण गुजर रही प्रकाश की किरण को फैलाते नहीं हैं। इसलिए विलयन में प्रकाश का मार्ग दिखाई नहीं देता है।
(iv) छानने की विधि द्वारा विलेय के कणों को विलयन में से पृथक् नहीं किया जा सकता है। विलयन को शांत छोड़ देने पर भी विलेय के कण नीचे नहीं बैठते हैं अर्थात् विलयन स्थायी है।
प्रश्न 2. निलंबन के गुण धर्म लिखिए।
उत्तर- निलंबन के गुण निम्नलिखित हैं-
(1) यह एक विषमांगी मिश्रण है।
(2) निलंबन के कणों को आँखों से देखा जा सकता है।
(3) निलंबित कण प्रकाश की किरण को फैला देते हैं जिससे उसका मार्ग दृष्टिगोचर हो जाता है।
(4) जब निलंबन के कणों को शांत छोड़ देते हैं तब ये कण नीचे की ओर बैठ जाते हैं अर्थात् निलंबन अस्थायी होता है। अतः छानन विधि द्वारा इन कणों को मिश्रण से पृथक् किया जा सकता है।
प्रश्न 3. कोलाइड के गुणधर्म लिखिए।
उत्तर- कोलाइड के गुणधर्म निम्नलिखित हैं-
(1) यह एक विषमांगी मिश्रण है।
(2) इसके कणों का आकार इतना छोटा होता है कि इन्हें आँखों से देखना संभव नहीं है।
(3) इनका आकार इतना बड़ा होता है कि ये प्रकाश किरणों को फैलाकर उसके मार्ग को दृश्य बनाते हैं।
(4) इनको शांत छोड़ देने पर ये कण तल पर नहीं बैठते हैं।
(5) इन्हें छानन विधि द्वारा मिश्रण से पृथक् नहीं किया जा सकता, किन्तु एक विशेष विधि अपकेन्द्रीकरण तकनीक द्वारा पृथक् किया जा सकता है।
प्रश्न 4. भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- भौतिक तथा रासायनिक परिवर्तन में निम्नलिखित अंतर हैं-
| भौतिक परिवर्तन | रासायनिक परिवर्तन |
|---|---|
| 1. पदार्थ के भौतिक गुण; जैसे-अवस्था, आकार आदि में परिवर्तन होता है, परन्तु इसमें नया पदार्थ नहीं बनता है। जैसे-नमक का जल में घुलना। | इसमें पदार्थ के रासायनिक गुण बदल जाते हैं तथा नया पदार्थ बनता है। जैसे-कार्बन का जलना। |
| 2. पदार्थों के भार में कोई अन्तर नहीं आता। | सामान्यतः पदार्थों के भार में अन्तर आ जाता है। |
| 3. पदार्थों के संघटन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। | पदार्थों का रासायनिक संघटन बदल जाता है। |
| 4. परिवर्तन के कारण को हटाने पर पदार्थ अपनी पूर्व अवस्था में आ जाता है। | परिवर्तन के फलस्वरूप प्राप्त पदार्थ वापस अपनी पूर्व अवस्था में नहीं आता है। |
| 5. यह परिवर्तन अस्थायी होता है। | यह परिवर्तन स्थायी होता है। |
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. अग्रलिखित भौतिक तथा रासायनिक परिवर्तनों को कारण सहित वर्गीकृत कीजिए-
(i) चारकोल का जलना
(ii) लोहे पर जंग लगना
(iii) चूने के जल में गैस प्रवाहित करना
(iv) चाय में चीनी मिलाना
(v) सर्दियों में जल का जमना
(vi) गाय के गोबर का जलना।
उत्तर-(i) चारकोल का जलना- यह एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि इस प्रक्रिया में चारकोल के जलने के बाद इसके रासायनिक गुण तथा मूल संघटन बदल जाता है तथा नया पदार्थ राख बनती है।
(ii) लोहे पर जंग लगना- यह एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें लोहा ऑक्सीजन से क्रिया करके जंग लगने की क्रिया को संपन्न करता है। इससे लोहे का ऑक्साइड बनता है जिसे पुनः लोहे में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है।
(iii) चूने के जल में गैस प्रवाहित करना- यह भी रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि चूने के जल में गैस प्रवाहित करने पर चूने का जल अविलेय कैल्शियम कार्बोनेट बनने के कारण दूधिया हो जाता है।
(कैल्शियम कार्बोनेट)
(iv) चाय में चीनी मिलाना- यह एक भौतिक परिवर्तन है क्योंकि आसवन की प्रक्रिया द्वारा पुनः चीनी प्राप्त कर सकते हैं।
(v) सर्दियों में जल का जमना- यह भी भौतिक परिवर्तन है क्योंकि तापक्रम बढ़ने पर बर्फ पुनः जल में बदलने लगती है।
(vi) गाय के गोबर का जलना- यह एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि गोबर के जलने के बाद कार्बन का अवशेष रहता है, जिससे पुनः गोबर प्राप्त करना असंभव है।
प्रश्न 2. तत्व एवं यौगिक से क्या अभिप्राय है? मिश्रण एवं यौगिक में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- पदार्थों को उनके रासायनिक संघटन के आधार पर तत्वों तथा यौगिकों में वर्गीकृत किया जा सकता है-
(i) तत्व- रॉबर्ट बॉयल पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने सन् 1661 में सर्वप्रथम तत्व शब्द का प्रयोग किया। "तत्व पदार्थ का वह मूल रूप है जिसे रासायनिक क्रिया द्वारा अन्य सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता।" जैसे-लोहा, चांदी, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन आदि।
(ii) यौगिक- "वह पदार्थ जो दो या दो से अधिक तत्वों के किसी निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन करने से बनता है, यौगिक कहलाता है।" यौगिक का संघटन पूरे पदार्थ में समान होता है तथा इसकी बनावट तथा रंग भी सभी स्थानों पर समान होते हैं।