Atoms and Molecules
परमाणु एवं अणु
500
उदाहरण-जल एक यौगिक है जो हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन के के द्रव्यमान-अनुपात में संयोजन करने पर बनता है।
मिश्रण एवं यौगिक में अन्तर निम्नलिखित हैं-
| मिश्रण | यौगिक |
|---|---|
| 1. दो या दो से अधिक तत्वों या यौगिकों को किसी भी अनुपात में मिलाने पर मिश्रण बनता है। इसमें नए यौगिक का निर्माण नहीं होता है। | दो या दो से अधिक तत्वों के किसी निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन से नए यौगिक बनते हैं। |
| 2. इसका संघटन परिवर्तनीय होता है। | नए पदार्थ का संघटन सदैव स्थायी होता है। |
| 3. मिश्रण उसमें उपस्थित घटकों के गुणधर्मों को दर्शाता है। | नए पदार्थ के गुणधर्म पूर्णतः भिन्न होते हैं। |
| 4. मिश्रण के घटकों को भौतिक विधियों द्वारा आसानी से पृथक् किया जा सकता है। | यौगिक के घटकों को केवल रासायनिक या वैद्युत रासायनिक प्रक्रिया द्वारा ही पृथक् किया जा सकता है। |
प्रश्न 3. तत्वों को कितने प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है? प्रत्येक के गुण तथा उदाहरण बताइए।
उत्तर- तत्वों को साधारणतया धातु, अधातु और उपधातु में वर्गीकृत किया जाता है।
(i) धातुएँ-
(i) ये चमकीली होती हैं।
(ii) ये चाँदी की तरह सफेद या सोने की तरह पीले रंग की होती हैं।
(iii) ये ताप तथा विद्युत की सुचालक होती हैं।
(iv) इनको तार के रूप में खींचा जा सकता है, अतः ये तन्य होती हैं।
(v) ये आघातवर्ध्य होती हैं अतः इनको पीटकर महीन चादरों में ढाला जा सकता है।
(vi) ये प्रतिध्वनिपूर्ण होती हैं।
उदाहरण-सोना, चाँदी, ताँबा, लोहा, सोडियम, पोटैशियम, पारा आदि।
(ii) अधातुएँ-
(i) ये विभिन्न रंगों की होती हैं।
(ii) ये ताप और विद्युत की कुचालक होती हैं।
(iii) ये चमकीली, प्रतिध्वनिपूर्ण एवं आघातवर्ध्य नहीं होती हैं।
उदाहरण-कार्बन, सल्फर, नाइट्रोजन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, क्लोरीन, ब्रोमीन आयोडीन आदि।
(iii) उपधातुएँ-वे तत्व जो धातुओं और अधातुओं के बीच के गुण प्रदर्शित करते हैं, उन्हें उपधातु कहते हैं। जैसे-बोरान, सिलिकन, जर्मेनियम आदि।
प्रश्न 4. विलयन क्या है? किन्हीं तीन उदाहरणों द्वारा समझाइए।
उत्तर- विलयन-विलयन दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण होता है। नींबू जल, सोडा जल आदि विलयन के ही उदाहरण हैं। एक विलयन के कणों में समांगिकता होती है। उदाहरण-नींबू जल का स्वाद सदैव समान रहता है। यह दर्शाता है कि इस विलयन में चीनी और नमक के कण समान रूप से वितरित होते हैं।
विलयन सदैव तरल अवस्था में ही नहीं होते हैं, प्रकृति में ठोस विलयन (जैसे-मिश्र धातुएँ) तथा गैसीय विलयन (जैसे-वायु) भी पाए जाते हैं। विलयन के दो भाग होते हैं-विलायक और विलेय।
विलयन के उदाहरण-
(i) चीनी और जल का विलयन एक तरल घोल में ठोस का उदाहरण है। इसमें चीनी विलेय होती है तथा जल विलायक होता है।
(ii) आयोडीन और ऐल्कोहॉल का विलयन, जिसे टिंक्चर आयोडीन कहा जाता है, में आयोडीन विलेय है और ऐल्कोहॉल विलायक होता है।
(iii) वायु, गैस में गैस का विलयन है। यह मुख्यतः दो घटकों ऑक्सीजन () और नाइट्रोजन () का समांगी मिश्रण है। नाइट्रोजन को वायु का विलायक कहा जाता है।
3. परमाणु एवं अणु (Atoms and Molecules)
| पाठगत प्रश्न |
|---|
| पृष्ठ 30 |
प्रश्न 1. एक अभिक्रिया में सोडियम कार्बोनेट एवं ऐसीटिक अम्ल अभिकृत होते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड, सोडियम ऐसीटेट एवं जल उत्पाद के रूप में प्राप्त होते हैं। इस अभिक्रिया द्वारा दिखाइए कि यह परीक्षण द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुरूप है।
सोडियम कार्बोनेट + एसिटिक अम्ल सोडियम एसीटेट + कार्बन डाइऑक्साइड + जल
उत्तर-द्रव्यमान संरक्षण के नियमानुसार, किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन किया जा सकता है और न विनाश अर्थात् कुल द्रव्यमान संरक्षित रहता है।
अभिकारकों का द्रव्यमान = सोडियम कार्बोनेट का द्रव्यमान + एसिटिक अम्ल का द्रव्यमान
उत्पादों का द्रव्यमान = सोडियम एसीटेट का द्रव्यमान + कार्बन डाइऑक्साइड का द्रव्यमान + जल का द्रव्यमान
अतः: अभिकारकों का द्रव्यमान = उत्पादों का द्रव्यमान
इस प्रकार इस अभिक्रिया में अभिकारकों एवं उत्पादों का द्रव्यमान समान है। अतः यह परीक्षण द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुरूप है।
प्रश्न 2. हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन द्रव्यमान के अनुसार के अनुपात में संयोग करके जल निर्मित करते हैं। हाइड्रोजन गैस के साथ पूर्ण रूप से संयोग करने के लिए ऑक्सीजन गैस के कितने द्रव्यमान की आवश्यकता होगी?
उत्तर- हाइड्रोजन गैस से क्रिया के लिए आवश्यक ऑक्सीजन गैस
हाइड्रोजन गैस के लिए आवश्यक ऑक्सीजन
अतः हाइड्रोजन गैस के साथ पूर्ण रूप से संयोग करने के लिए ऑक्सीजन गैस की आवश्यकता होगी।
प्रश्न 3. डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का कौनसा अभिग्रहीत द्रव्यमान के संरक्षण के नियम का परिणाम है?
उत्तर- "परमाणु अविभाज्य सूक्ष्मतम कण हैं, जिनका किसी रासायनिक अभिक्रिया में न तो सृजन किया जा सकता है और न विनाश।" डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का यही अभिग्रहीत द्रव्यमान के संरक्षण के नियम का परिणाम है।
प्रश्न 4. डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का कौनसा अभिग्रहीत निश्चित अनुपात के नियम की व्याख्या करता है?
उत्तर- "भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु परस्पर छोटी पूर्ण संख्या के अनुपात में संयोग कर यौगिक निर्मित करते हैं तथा किसी भी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या एवं प्रकार निश्चित होते हैं।" डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का यह अभिग्रहीत निश्चित अनुपात के नियम की व्याख्या करता है।
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प्रश्न 1. परमाणु द्रव्यमान इकाई को परिभाषित कीजिए।
उत्तर- परमाणु द्रव्यमान इकाई-कार्बन-12 समस्थानिक के एक परमाणु द्रव्यमान के वें भाग को मानक परमाणु द्रव्यमान इकाई कहते हैं।
प्रश्न 2. एक परमाणु को आँखों द्वारा देखना क्यों संभव नहीं होता है?
उत्तर- परमाणु का आकार अत्यन्त सूक्ष्म होता है, इस कारण इसको आँखों द्वारा देखना सम्भव नहीं होता है।
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प्रश्न 1. निम्न के सूत्र लिखिए-
(i) सोडियम ऑक्साइड
(ii) ऐलुमिनियम क्लोराइड
(iii) सोडियम सल्फाइड
(iv) मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
उत्तर-
(i) सोडियम ऑक्साइड
तत्व प्रतीक:
आवेश:
सूत्र
(ii) ऐलुमिनियम क्लोराइड
तत्व प्रतीक:
आवेश:
सूत्र
(iii) सोडियम सल्फाइड
तत्व प्रतीक:
आवेश:
सूत्र
(iv) मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
तत्व प्रतीक:
आवेश:
सूत्र
प्रश्न 2. निम्नलिखित सूत्रों द्वारा प्रदर्शित यौगिकों के नाम लिखिए-
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
(v)
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| उत्तर-सूत्र | यौगिक का नाम |
| :--- | :--- |
| (i) | ऐलुमिनियम सल्फेट |
| (ii) | कैल्सियम क्लोराइड |
| (iii) | पोटैशियम सल्फेट |
| (iv) | पोटैशियम नाइट्रेट |
| (v) | कैल्सियम कार्बोनेट |
प्रश्न 3. रासायनिक सूत्र से क्या तात्पर्य है?
उत्तर-रासायनिक सूत्र- किसी यौगिक का रासायनिक सूत्र उसके संघटक का प्रतीकात्मक निरूपण होता है अथवा किसी यौगिक में उपस्थित सभी तत्त्वों की परमाणु संख्या के प्रतीकात्मक निरूपण को रासायनिक सूत्र कहते हैं। जैसे-हाइड्रोजन क्लोराइड का रासायनिक सूत्र है। इसका अर्थ यह है कि के एक अणु में हाइड्रोजन तथा क्लोरीन के एक-एक परमाणु उपस्थित हैं।
प्रश्न 4. निम्न में कितने परमाणु विद्यमान हैं?
(i) अणु एवं (ii) आयन
उत्तर-(i) में हाइड्रोजन के दो तथा सल्फर (गंधक) का एक परमाणु हैं अतः कुल परमाणु विद्यमान हैं।
(ii) में फास्फोरस का तथा ऑक्सीजन के परमाणु हैं अतः कुल परमाणु विद्यमान हैं।
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प्रश्न 1. निम्न यौगिकों के आण्विक द्रव्यमान का परिकलन कीजिए-
एवं
उत्तर-
का आण्विक द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान
का आण्विक द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान
का आण्विक द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान
का आण्विक द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान
का आण्विक द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान
का आण्विक द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान
का आण्विक द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान
का आण्विक द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान
का आण्विक द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान
प्रश्न 2. निम्न यौगिकों के सूत्र इकाई द्रव्यमान का परिकलन कीजिए-
एवं
दिया गया है- का परमाणु द्रव्यमान ; का परमाणु द्रव्यमान ; का परमाणु द्रव्यमान ; का परमाणु द्रव्यमान एवं का परमाणु द्रव्यमान है।
उत्तर-
(i) का सूत्र इकाई द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान
(ii) का सूत्र इकाई द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान
(iii) का सूत्र इकाई द्रव्यमान
पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1. ऑक्सीजन एवं बोरॉन युक्त यौगिक के नमूने में विश्लेषण द्वारा यह पाया गया कि उसमें बोरॉन एवं ऑक्सीजन है। उस यौगिक के प्रतिशत संघटन का भारत्मक रूप में परिकलन कीजिए।
उत्तर- दिया गया है-
यौगिक का द्रव्यमान
बोरॉन का द्रव्यमान
ऑक्सीजन का द्रव्यमान
बोरॉन की प्रतिशतता
ऑक्सीजन की प्रतिशतता
प्रश्न 2. कार्बन ऑक्सीजन में जलकर कार्बन डाइऑक्साइड निर्मित करता है। जब कार्बन को ऑक्सीजन में जलाएंगे तो कितने ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का निर्माण होगा? आपका उत्तर रासायनिक संयोजन के किस नियम पर आधारित होगा?
उत्तर- प्रश्नानुसार कार्बन ऑक्सीजन से संयोग कर कार्बन डाइऑक्साइड निर्मित करता है। जब कार्बन को ऑक्सीजन में जलाएंगे, तब भी उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड का द्रव्यमान ही होगा, क्योंकि स्थिर अनुपात के नियमानुसार किसी यौगिक में तत्व हमेशा एक निश्चित अनुपात में ही संयोग करते हैं। अतः कार्बन ऑक्सीजन से ही संयोग करेगा। ऑक्सीजन की अधिक मात्रा बिना संयोग किए शेष रह जाएगी।
प्रश्न 3. बहुपरमाणुक आयन क्या होते हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर- बहुपरमाणुक आयन-परमाणुओं के समूह, जिन पर नेट आवेश विद्यमान हो उन्हें बहुपरमाणुक आयन कहते हैं। जैसे-अमोनियम आयन , कार्बोनेट आयन , सल्फेट आयन आदि बहुपरमाणुक आयन हैं।
प्रश्न 4. निम्नलिखित के रासायनिक सूत्र लिखिए-
(a) मैग्नीशियम क्लोराइड
(b) कैल्शियम क्लोराइड
(c) कॉपर नाइट्रेट
(d) ऐलुमिनियम क्लोराइड
(e) कैल्शियम कार्बोनेट।
उत्तर-
(a) मैग्नीशियम क्लोराइड का सूत्र-
(b) कैल्शियम क्लोराइड का सूत्र-
(c) कॉपर नाइट्रेट का सूत्र-
(d) ऐलुमिनियम क्लोराइड का सूत्र-
(e) कैल्शियम कार्बोनेट का सूत्र-
अतः कैल्शियम कार्बोनेट
प्रश्न 5. निम्नलिखित यौगिकों में विद्यमान तत्वों का नाम दीजिए-
(a) बुझा हुआ चूना
(b) हाइड्रोजन ब्रोमाइड
(c) बेकिंग पाउडर (खाने वाला सोडा)
(d) पोटैशियम सल्फेट
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उत्तर-
| यौगिक का नाम | सूत्र | विद्यमान तत्व |
|---|---|---|
| (a) बुझा हुआ चूना | कैल्सियम, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन | |
| (b) हाइड्रोजन ब्रोमाइड | हाइड्रोजन, ब्रोमीन | |
| (c) बेकिंग पाउडर | सोडियम, हाइड्रोजन, कार्बन, ऑक्सीजन | |
| (d) पोटैशियम सल्फेट | पोटैशियम, सल्फर, ऑक्सीजन |
प्रश्न 6. निम्नलिखित पदार्थों के मोलर द्रव्यमान का परिकलन कीजिए-
(a) एथाइन,
(b) सल्फर अणु,
(c) फॉस्फोरस अणु, (फॉस्फोरस का परमाणु द्रव्यमान = 31)
(d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल,
(e) नाइट्रिक अम्ल,
उत्तर- किसी पदार्थ के एक मोल अणु के द्रव्यमान को उसका मोलर द्रव्यमान कहते हैं।
(a) का परमाणु द्रव्यमान =
का परमाणु द्रव्यमान =
अतः का अणु द्रव्यमान = का परमाणु द्रव्यमान) + का परमाणु द्रव्यमान)
अतः का मोलर द्रव्यमान =
(b) सल्फर का परमाणु द्रव्यमान =
अतः का अणु द्रव्यमान =
अतः सल्फर अणु () का मोलर द्रव्यमान =
(c) फॉस्फोरस का परमाणु द्रव्यमान =
अतः का अणु द्रव्यमान =
अतः फॉस्फोरस अणु, का मोलर द्रव्यमान =
(d) हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान =
क्लोरीन का परमाणु द्रव्यमान =
अतः का अणु द्रव्यमान = का परमाणु द्रव्यमान + का परमाणु द्रव्यमान
अतः का मोलर द्रव्यमान =
(e) हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान =
नाइट्रोजन का परमाणु द्रव्यमान =
ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान =
अतः का अणु द्रव्यमान = का परमाणु द्रव्यमान + का परमाणु द्रव्यमान + ( का परमाणु द्रव्यमान )
अतः का मोलर द्रव्यमान =
[BOX: अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न]
बहुचयनात्मक प्रश्न-
यदि जल का अपघटन करें तो स्थिर अनुपात के नियम के आधार पर हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन की मात्रा प्राप्त होगी-
(अ) (ब) (स) (द) अनिश्चितकोबाल्ट का प्रतीक है-
(अ) (ब) (स) (द)का अणु द्रव्यमान है। यदि ऑक्सीजन व हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान क्रमशः तथा है तो सल्फर का परमाणु द्रव्यमान होगा-
(अ) (ब) (स) (द)
तथा के संयोग से बनने वाले यौगिक का सूत्र होगा-
(अ) (ब) (स) (द)
परमाणु भार का अंतर्राष्ट्रीय मात्रक है-
(अ) (ब) (स) (द)
नाइट्रोजन की परमाणुकता होती है-
(अ) (ब) (स) (द)
ओजोन का सूत्र है-
(अ) (ब) (स) (द)
| उत्तरमाला | | | | |
| :--- | :--- | :--- | :--- | :--- |
| 1. (अ) | 2. (स) | 3. (स) | 4. (अ) | 5. (स) |
| 6. (स) | 7. (स) | | | |
रिक्त स्थान वाले प्रश्न-
लौह (आयरन) का प्रतीक है जो कि उसके लैटिन नाम ............... से व्युत्पन्न किया गया है।
सल्फाइड आयन का संकेत ............... होता है।
अणुओं के एक मोल का द्रव्यमान ............... कहलाता है।
का परमाणु द्रव्यमान ............... होता है।
उत्तरमाला- 1. फेरम 2. 3. आण्विक द्रव्यमान 4. ।
सत्य/असत्य कथन वाले प्रश्न-
निम्नलिखित कथनों में सत्य तथा असत्य कथन छाँटिए-
- डाल्टन का परमाणु सिद्धान्त रासायनिक संयोजन के नियमों पर आधारित था।
- अधिकांश तत्वों के परमाणु स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रहते हैं।
- सभी द्रव्यों की रचनात्मक इकाई परमाणु होती है।
- कॉपर द्विपरमाणुक तत्व है।
उत्तरमाला- 1. सत्य 2. असत्य 3. सत्य 4. असत्य।
मिलान वाले प्रश्न-
निम्नलिखित प्रश्नों में भाग (अ) का मिलान भाग (ब) से करके सही कूट (कोड) का चयन कीजिए-
प्रश्न 1.
| भाग (अ) | भाग (ब) |
|---|---|
| (i) स्वर्ण का प्रतीक | (a) |
| (ii) कार्बन डाइऑक्साइड में कार्बन तथा ऑक्सीजन के द्रव्यमान का अनुपात | (b) स्थिर अनुपात का नियम |
| (iii) पोटेशियम नाइट्रेट | (c) |
| (iv) लवाइजिए | (d) |
उत्तर- (i) (c) (ii) (a) (iii) (d) (iv) (b)
प्रश्न 2.
| भाग (अ) | भाग (ब) |
|---|---|
| (i) हीमोग्लोबिन अणु की त्रिज्या | (a) मोल ऑक्सीजन परमाणु |
| (ii) सल्फर की संयोजकता | (b) सोडियम परमाणु |
| (iii) ग्राम सोडियम | (c) मीटर |
| (iv) ग्राम ऑक्सीजन | (d) |
उत्तर- (i) (c) (ii) (d) (iii) (b) (iv) (a)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के द्रव्यमानों का अनुपात सदैव कितना होता है?
उत्तर-
प्रश्न 2. अमोनिया () में, नाइट्रोजन और हाइड्रोजन के द्रव्यमानों का अनुपात सदैव क्या होता है?
उत्तर-
प्रश्न 3. द्रव्यमान संरक्षण का नियम क्या है?
उत्तर- इस नियम के अनुसार "किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन किया जा सकता है, और न ही विनाश।"
प्रश्न 4. स्थिर अनुपात का नियम लिखिए।
उत्तर- इस नियम के अनुसार "किसी भी यौगिक में तत्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमानों के अनुपात में विद्यमान होते हैं।"
प्रश्न 5. संयोजकता किसे कहते हैं?
उत्तर- किसी तत्व की संयोजन शक्ति अथवा क्षमता उस तत्व की संयोजकता कहलाती है।
प्रश्न 6. द्विअंगी यौगिक से क्या अभिप्राय है?
उत्तर- दो भिन्न-भिन्न तत्वों से निर्मित सरलतम यौगिकों को द्विअंगी यौगिक कहते हैं।
प्रश्न 7. मोलर द्रव्यमान किसे कहते हैं?
उत्तर- किसी तत्व के परमाणुओं या यौगिक के अणुओं के एक मोल का द्रव्यमान, उसका मोलर द्रव्यमान कहलाता है।
प्रश्न 8. तत्वों के प्रतीक क्या होते हैं?
उत्तर- तत्वों के नामों के संक्षिप्त रूप 'प्रतीक' कहलाते हैं।
प्रश्न 9. क्या मोल द्वारा सिर्फ परमाणुओं को गिना जा सकता है?
उत्तर- नहीं, मोल अतिसूक्ष्म स्तर पर सभी प्रकार के कणों (परमाणु, अणु या आयन आदि) को गिनने की इकाई होती है।
प्रश्न 10. सापेक्षिक परमाणु द्रव्यमान किसे कहते हैं?
उत्तर- किसी तत्व का सापेक्षिक परमाणु द्रव्यमान उसके परमाणुओं का औसत द्रव्यमान तथा कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान के वें भाग का अनुपात होता है।
प्रश्न 11. डाल्टन का सिद्धान्त किस पर आधारित था?
उत्तर- डाल्टन का सिद्धान्त रासायनिक संयोजन के नियमों पर आधारित था।
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प्रश्न 12. डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त ने किसकी व्याख्या की?
उत्तर— डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त ने द्रव्यमान के संरक्षण के नियम एवं निश्चित अनुपात के नियम की व्याख्या की।
लघूत्तरात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1. परमाणु द्रव्यमान इकाई निर्धारण के लिए प्रारंभ में प्रकृतिजन्य ऑक्सीजन परमाणु के द्रव्यमान के भाग को इकाई के रूप में क्यों लिया गया था?
उत्तर— प्रकृतिजन्य ऑक्सीजन परमाणु के द्रव्यमान के भाग को इकाई के रूप में लेने के निम्न कारण थे-
(i) ऑक्सीजन अनेक तत्वों के साथ अभिक्रिया करके यौगिक बनाता है।
(ii) इस परमाणु द्रव्यमान इकाई द्वारा अधिकांश तत्वों के परमाणु द्रव्यमान पूर्णांक में प्राप्त होते हैं।
प्रश्न 2. यौगिक के अणु में परमाणुओं की संख्या का अनुपात किस प्रकार ज्ञात करते हैं?
उत्तर— भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु एक निश्चित अनुपात में जुड़कर यौगिकों के अणु का निर्माण करते हैं। जैसे-जल के निर्माण में प्रयुक्त परमाणुओं की संख्या का अनुपात निम्न प्रकार से ज्ञात करते हैं-
| तत्व | द्रव्यमान अनुपात | परमाणु द्रव्यमान (u) | द्रव्यमान अनुपात / परमाणु द्रव्यमान | सरल अनुपात |
|---|---|---|---|---|
| H | 1 | 1 | ||
| O | 8 | 16 |
इस प्रकार जल के अणु में प्रयुक्त परमाणुओं की संख्या का अनुपात है।
प्रश्न 3. निम्नलिखित यौगिकों के रासायनिक नाम लिखिए-
(i) (ii) (iii)
उत्तर—
(i) - कैल्शियम फास्फेट
(ii) - पोटेशियम कार्बोनेट
(iii) - सिल्वर क्लोराइड
प्रश्न 4. निम्नलिखित यौगिकों के रासायनिक नाम लिखिए-
(i) (ii) (iii) (iv)
उत्तर—
(i) - ऐलुमिनियम सल्फेट
(ii) - पोटेशियम सल्फेट
(iii) - पोटैशियम नाइट्रेट
(iv) - कैल्शियम कार्बोनेट
प्रश्न 5. आण्विक द्रव्यमान से क्या आशय है? उदाहरण द्वारा समझाइए।
उत्तर— आण्विक द्रव्यमान-किसी पदार्थ का आण्विक द्रव्यमान उसके सभी संघटक परमाणुओं के द्रव्यमानों का योग होता है। इस प्रकार यह अणु का वह सापेक्ष द्रव्यमान है जिसे परमाणु द्रव्यमान इकाई () द्वारा व्यक्त किया जाता है।
उदाहरण-जल () का आण्विक द्रव्यमान होता है।
प्रश्न 6. रासायनिक संयोजन के नियम लिखिए।
उत्तर— लवाइजिए एवं प्राउस्ट ने रासायनिक संयोजन के निम्न दो नियम प्रतिपादित किए-
(i) द्रव्यमान संरक्षण का नियम-इसके अनुसार किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन किया जा सकता है और न ही विनाश।
(ii) स्थिर अनुपात का नियम-इसके अनुसार किसी भी यौगिक में तत्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमानों के अनुपात में विद्यमान होते हैं।
दीर्घउत्तरीय प्रश्न—
प्रश्न 1. डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के मुख्य बिन्दु लिखिए।
उत्तर— डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के मुख्य बिन्दु निम्न हैं-
(i) सभी द्रव्य (तत्व, यौगिक या मिश्रण) परमाणुओं से निर्मित होते हैं। जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं।
(ii) परमाणु अविभाज्य सूक्ष्मतम कण होते हैं जो रासायनिक अभिक्रिया में न तो सृजित होते हैं न ही उनका विनाश होता है।
(iii) दिए गए तत्व के सभी परमाणुओं का द्रव्यमान एवं रासायनिक गुणधर्म समान होते हैं।
(iv) भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान एवं रासायनिक गुण भिन्न-भिन्न होते हैं।
(v) भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु परस्पर छोटी पूर्ण संख्या के अनुपात में संयोग कर यौगिक का निर्माण करते हैं।
(vi) प्रत्येक यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या एवं प्रकार निश्चित होते हैं।
प्रश्न 2. अणुओं की परमाणुकता से क्या आशय है? समझाइए।
उत्तर— किसी अणु की संरचना में प्रयुक्त होने वाले परमाणुओं की संख्या को उस अणु की परमाणुकता कहते हैं।
जब तत्वों के अणु उसी तत्व के केवल एक परमाणु द्वारा निर्मित होते हैं, तो वे एक परमाणु कहलाते हैं, जैसे-आर्गन, हीलियम आदि। परन्तु ऑक्सीजन, नाइट्रोजन तथा हाइड्रोजन जैसे अणु दो परमाणुओं से बनते हैं, इसलिए ये द्वि-परमाणुक अणु कहलाते हैं। धातु तथा कुछ अन्य तत्वों के अणुओं जैसे कि कार्बन की सरल संरचना नहीं होती है किन्तु उनके अणुओं में असीमित परमाणु परस्पर बंधे होते हैं। इस प्रकार परमाणुओं की संख्या के आधार पर अणु की परमाणुकता निर्धारित होती है।
प्रश्न 3. रासायनिक सूत्र लिखते समय हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर- किसी यौगिक का रासायनिक सूत्र, उसके सभी संघटक तत्वों के परमाणुओं की संख्या को दर्शाता है।
रासायनिक सूत्र लिखते समय सामान्यतः निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए-
(i) तत्व के अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या उसके प्रतीक के नीचे लिखते हैं। उदाहरण-हाइड्रोजन का अणु , फास्फोरस का अणु आदि।
(ii) जब कोई यौगिक किसी धातु एवं अधातु के संयोग से बना होता है, तो यौगिक के रासायनिक सूत्र में धातु तत्व या धनात्मक मूलक के प्रतीक को बायीं ओर तथा अधातु तत्व या ऋणात्मक मूलक के प्रतीक को दायीं ओर लिखते हैं। उदाहरण-कैल्सियम ऑक्साइड (), आयरन सल्फाइड ()
(iii) आण्विक यौगिकों के रासायनिक सूत्र लिखते समय पहले संघटक तत्वों के प्रतीक लिखकर उनकी संयोजकताएँ लिखते हैं।
(iv) इसके पश्चात् संयोजित परमाणुओं की संयोजकताओं को क्रास करके अणु सूत्र लिखते हैं।
(v) दोनों मूलकों की संयोजकता समान होने पर किसी भी मूलक के नीचे कोई संख्या नहीं लिखते हैं।
(vi) संख्या एक नहीं लिखते हैं।
(vii) आयन की संयोजकता अथवा आवेश संतुलित होना चाहिए ताकि यौगिक उदासीन हो।
(viii) बहुपरमाणुक आयनों द्वारा निर्मित यौगिकों में आयन को पहले कोष्ठक में लिखते हैं, तत्पश्चात् आयनों की संख्या कोष्ठक के बाहर लिखते हैं। उदाहरण- तथा । यदि बहुपरमाणुक आयन की संख्या 1 हो, तो कोष्ठक नहीं लगाते हैं। उदाहरण-।
प्रश्न 4. निम्नलिखित यौगिकों के रासायनिक सूत्र लिखिए-
(1) सोडियम नाइट्रेट
(2) कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड
(3) सोडियम कार्बोनेट
(4) अमोनियम सल्फेट।
उत्तर-
(1) सोडियम नाइट्रेट का सूत्र:
(2) कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड का सूत्र:
(3) सोडियम कार्बोनेट का सूत्र:
(4) अमोनियम सल्फेट का सूत्र:
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. द्रव्यमान संरक्षण के नियम को एक प्रयोग द्वारा समझाइए।
उत्तर- द्रव्यमान संरक्षण का नियम- इस नियम के अनुसार "किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन किया जा सकता है और न ही विनाश।" इसे हम निम्न प्रयोग द्वारा समझ सकते हैं-
चित्र-Y के विलयन युक्त शंक्वाकार फ्लास्क में डूबी हुई X के विलयन युक्त ज्वलन नली।
प्रयोग- सर्वप्रथम बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट का जल में जलीय विलयन पृथक्-पृथक् तैयार करते हैं। बेरियम क्लोराइड का विलयन (X) ज्वलन नली (छोटी परखनली) में तथा सोडियम सल्फेट का विलयन (Y) एक शंक्वाकार फ्लास्क में लेते हैं। अब ज्वलन नली को सावधानीपूर्वक एक धागे की सहायता से...