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📚 कक्षा 9 विज्ञान (Science)हिंदी माध्यमसत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

पाठ 4: परमाणु की संरचना

Structure of the Atom

📅 शैक्षणिक सत्र: 2026-27📖 RBSE/NCERT डिजिटल पासबुक🎯 संपूर्ण प्रश्नोत्तर
📚 कक्षा 9 विज्ञान (RBSE) 📘 विज्ञान सत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

Structure of the Atom

परमाणु की संरचना

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YY विलयनयुक्त फ्लास्क में इस प्रकार लटकाते हैं कि दोनों विलयन आपस में मिलें नहीं। इसके पश्चात् फ्लास्क के मुख को एक कॉर्क की सहायता से बंद कर देते हैं।

विलयन सहित पूरे उपकरण को सावधानीपूर्वक तौल लेते हैं। अब फ्लास्क को झुकाकर, इस प्रकार घुमाते हैं कि बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट के विलयन आपस में पूरी तरह मिल जाएँ।

हम देखते हैं कि शंक्वाकार फ्लास्क में रासायनिक अभिक्रिया होती है और फ्लास्क में एक सफेद अवक्षेप बन जाता है। रासायनिक अभिक्रिया के पश्चात् पुनः पूरे उपकरण को तौलते हैं, तो हम पाते हैं कि रासायनिक अभिक्रिया के पश्चात् फ्लास्क अन्तर्वस्तुओं के साथ उतना ही द्रव्यमान प्रदर्शित करता है जितना अभिक्रिया से पहले था। इससे द्रव्यमान संरक्षण के नियम की पुष्टि होती है।

प्रश्न 2. आयन किसे कहते हैं? ये कितने प्रकार के होते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर- आयन-धातु तथा अधातु युक्त यौगिक आवेशित कणों से बने होते हैं, इन आवेशित कणों को आयन कहते हैं।

आयन एक आवेशित परमाणु अथवा परमाणुओं का एक ऐसा समूह होता है, जिस पर नेट आवेश विद्यमान होता है। परमाणुओं के समूह, जिन पर नेट आवेश विद्यमान हो, उसे बहुपरमाणुक आयन कहते हैं। इनके ऊपर एक निश्चित आवेश होता है।

आयन इन पर विद्यमान आवेश के आधार पर ये दो प्रकार के होते हैं-
(i) धनायन (Cation)- इन पर धन आवेश पाया जाता है तथा ये परमाणु से इलेक्ट्रॉन निकलने पर बनते हैं।
(ii) ऋणायन (Anion)- इन पर ऋण ()(-) आवेश पाया जाता है तथा ये परमाणु में इलेक्ट्रॉन जुड़ने पर बनते हैं।

उदाहरण-NaCl\text{NaCl} में Na+\text{Na}^+ (सोडियम आयन) धनात्मक तथा Cl\text{Cl}^- (क्लोराइड आयन) ऋणायन है।


पाठगत प्रश्न

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प्रश्न 1. केनाल किरणें क्या हैं?

उत्तर- 1886 में ई. गोल्डस्टीन ने एक नए विकिरण की खोज की, जिसे उन्होंने 'केनाल किरणें' अथवा 'कैनल रे' कहा गया। ये किरणें धनावेशित विकिरण थीं, जिनके द्वारा अन्ततः दूसरे अवपरमाणुक कणों की खोज हुई।

प्रश्न 2. यदि किसी परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन है, तो इसमें कोई आवेश होगा या नहीं?

उत्तर- नहीं, परमाणु में कोई आवेश नहीं होगा क्योंकि इलेक्ट्रॉन और एक प्रोटॉन पर आवेश बराबर होता है, इसलिए ये एक-दूसरे के आवेशों को संतुलित कर देते हैं, जिससे परमाणु उदासीन हो जाता है।

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प्रश्न 1. परमाणु उदासीन है, इस तथ्य को टॉमसन के मॉडल के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- टॉमसन के मॉडल के अनुसार, परमाणु धन आवेशित गोले का बना होता है और इलेक्ट्रॉन उसमें धँसे होते हैं। ऋणात्मक एवं धनात्मक आवेश परिमाण में समान होते हैं, इसलिए ये एक-दूसरे के प्रभाव को उदासीन कर देते हैं, जिस कारण परमाणु वैद्युतीय रूप से उदासीन होते हैं।

प्रश्न 2. रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार परमाणु के नाभिक में कौनसा अवपरमाणुक कण विद्यमान है?

उत्तर- रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल के अनुसार परमाणु के नाभिक में धनावेशित कण प्रोटॉन विद्यमान है।

प्रश्न 3. तीन कक्षाओं वाले बोर के परमाणु मॉडल का चित्र बनाइए।

उत्तर- तीन कक्षाओं वाले बोर के परमाणु मॉडल का चित्र निम्न प्रकार है-

Bohr's Atomic Model with 3 orbits (K, L, M)
Bohr's Atomic Model with 3 orbits (K, L, M)

प्रश्न 4. क्या अल्फा कणों का प्रकीर्णन प्रयोग सोने के अतिरिक्त दूसरी धातु की पन्नी से सम्भव होगा?

उत्तर- अल्फा कणों के प्रकीर्णन प्रयोग के लिए सोने की अत्यन्त महीन पन्नी, जो लगभग 1000 परमाणुओं के बराबर मोटी होती है, को प्राप्त करना सम्भव होता है,

क्योंकि इसकी आघातवर्धनीयता अधिक होती है। परन्तु किसी अन्य धातु की इतनी महीन पन्नी प्राप्त करना सम्भव नहीं है क्योंकि अन्य धातुओं की आघातवर्धनीयता कम होती है। इस कारण अल्फा कणों के प्रकीर्णन प्रयोग में सोने के अतिरिक्त दूसरी धातु की पन्नी का प्रयोग सम्भव नहीं है।

पृष्ठ 46 II

प्रश्न 1. परमाणु के तीन अवपरमाणुक कणों के नाम लिखें।

उत्तर - परमाणु के तीन अवपरमाणुक कण-प्रोटॉन, न्यूट्रॉन एवं इलेक्ट्रॉन हैं।

प्रश्न 2. हीलियम परमाणु का परमाणु द्रव्यमान 4u4u है और उसके नाभिक में दो प्रोटॉन होते हैं। इसमें कितने न्यूट्रॉन होंगे?

उत्तर - हीलियम के परमाणु में न्यूट्रॉन की संख्या

=परमाणु द्रव्यमानप्रोटॉनों की संख्या= \text{परमाणु द्रव्यमान} - \text{प्रोटॉनों की संख्या}
=42= 4 - 2

=2= 2

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प्रश्न 1. कार्बन और सोडियम के परमाणुओं के लिए इलेक्ट्रॉन-वितरण लिखिए।

परमाणु का नाम परमाणु क्रमांक इलेक्ट्रॉनिक-वितरण
K L M
कार्बन (C) 6 2 4
सोडियम (Na) 11 2 8 1

प्रश्न 2. अगर किसी परमाणु का K और L कोश भरा है, तो उस परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या होगी?

उत्तर - K कोश (n=1n = 1) में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या

=2n2= 2n^2
=2(1)2=2= 2(1)^2 = 2
L कोश (n=2n = 2) में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या

=2n2= 2n^2
=2(2)2=8= 2(2)^2 = 8
अतः परमाणु में 2+8=102 + 8 = 10 इलेक्ट्रॉन होंगे।

पृष्ठ 48

प्रश्न 1. क्लोरीन, सल्फर और मैग्नीशियम की परमाणु संख्या से आप इनकी संयोजकता कैसे प्राप्त करेंगे?

उत्तर - क्लोरीन, सल्फर और मैग्नीशियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न है-

तत्व का नाम परमाणु संख्या इलेक्ट्रॉनिक विन्यास संयोजकता इलेक्ट्रॉन संयोजकता
K L M
क्लोरीन 17 2 8 7 7 87=18 - 7 = 1
सल्फर 16 2 8 6 6 86=28 - 6 = 2
मैग्नीशियम 12 2 8 2 2 2

क्लोरीन की परमाणु संख्या 17 तथा इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,8,72, 8, 7 है। अर्थात् इसके बाह्यतम कक्ष में 7 इलेक्ट्रॉन हैं, इसलिए अष्टक पूरा करने के लिए इसे 1 इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होगी इसलिए इसकी संयोजकता 1 है।

सल्फर (परमाणु संख्या 16) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,8,62, 8, 6 है। अतः इसे अपना अष्टक पूरा करने के लिए 2 इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होगी। इसलिए इसकी संयोजकता 2 है।

मैग्नीशियम (परमाणु संख्या 12) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,8,22, 8, 2 है। इसके बाह्यतम कक्ष में 2 तथा इससे पहले वाले कक्ष में 8 इलेक्ट्रॉन हैं। अतः स्थायी विन्यास प्राप्त करने के लिए यह इन 2 बाह्यतम इलेक्ट्रॉनों का त्याग कर सकता है। अतः इसकी संयोजकता 2 है।

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प्रश्न 1. यदि किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 8 है और प्रोटॉनों की संख्या भी 8 है तब (a) परमाणु की परमाणु संख्या क्या है? (b) परमाणु का क्या आवेश है?

उत्तर - (a) किसी तत्व की परमाणु संख्या, उसके परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होती है। अतः इस परमाणु की परमाणु संख्या = 8

(b) परमाणु में इलेक्ट्रॉनों एवं प्रोटॉनों की संख्या समान है, इसलिए इस पर कोई आवेश नहीं होगा अर्थात् परमाणु वैद्युत उदासीन होगा।

प्रश्न 2. पाठ्यपुस्तक की सारणी 4.1 की सहायता से ऑक्सीजन और सल्फर परमाणु की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए।

510

उत्तर-ऑक्सीजन की द्रव्यमान संख्या

=प्रोटॉनों की संख्या+न्यूट्रॉनों की संख्या= \text{प्रोटॉनों की संख्या} + \text{न्यूट्रॉनों की संख्या}
=8+8=16= 8 + 8 = 16
सल्फर की द्रव्यमान संख्या

=प्रोटॉनों की संख्या+न्यूट्रॉनों की संख्या= \text{प्रोटॉनों की संख्या} + \text{न्यूट्रॉनों की संख्या}
=16+16=32= 16 + 16 = 32

नाम सूत्र द्रव्यमान संख्या (A) प्रोटॉनों की संख्या (p+p^+) न्यूट्रॉनों की संख्या (n0n^0) इलेक्ट्रॉन की संख्या (ee^-)
प्रोटियम 11H(H)^1_1\text{H(H)} 1 1 0 1
ड्यूटेरियम 12H(D)^2_1\text{H(D)} 2 1 1 1
ट्रिटियम 13H(T)^3_1\text{H(T)} 3 1 2 1

प्रश्न 2. समस्थानिक और समभारिक के किसी एक युग्म का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

उत्तर-(i) क्लोरीन के समस्थानिक 1735Cl- ^{35}{17}\text{Cl}1737Cl^{37}{17}\text{Cl}, दोनों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,8,72, 8, 7 है।

(ii) समभारिक 2040Ca- ^{40}{20}\text{Ca} एवं 1840Ar^{40}{18}\text{Ar}
2040Ca^{40}{20}\text{Ca} का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास =2,8,8,2= 2, 8, 8, 2
1840Ar^{40}
{18}\text{Ar} का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास =2,8,8= 2, 8, 8


पृष्ठ 50

प्रश्न 1. चिह्न (प्रतीक) H, D और T के लिए प्रत्येक में पाए जाने वाले तीन अवपरमाणुक कणों को सारणीबद्ध कीजिए।

उत्तर-H, D और T क्रमशः प्रोटियम, ड्यूटेरियम तथा ट्रिटियम हैं। ये हाइड्रोजन परमाणु के समस्थानिक हैं। इनमें पाये जाने वाले अवपरमाणुक कण निम्नलिखित हैं-


पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1. इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना कीजिए।

उत्तर-इलेक्ट्रॉन, न्यूट्रॉन और प्रोटॉन के गुणों की तुलना निम्न प्रकार की जा सकती है-

गुण इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन न्यूट्रॉन
खोजकर्ता जे.जे. थॉमसन ई. गोल्डस्टीन जे. चैडविक
प्रतीक ee^- p+p^+ nn
आवेश ऋणावेश धनावेश अनावेशित (उदासीन)
द्रव्यमान प्रोटॉन के द्रव्यमान का लगभग 12000\frac{1}{2000} वाँ भाग लगभग 1 इकाई प्रोटॉन के द्रव्यमान के लगभग बराबर

प्रश्न 2. जे.जे. थॉमसन के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ हैं?

उत्तर-जे.जे. थॉमसन का मॉडल परमाणु के उदासीन होने की व्याख्या तो कर सका किन्तु दूसरे वैज्ञानिकों जैसे रदरफोर्ड द्वारा किए गए प्रयोगों के परिणामों को इस मॉडल के द्वारा समझाया नहीं जा सका।

प्रश्न 3. रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की क्या सीमाएँ हैं?

उत्तर-रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की सीमाएँ-गोलाकार (वर्तुलाकार) कक्ष में चक्रण करते हुए इलेक्ट्रॉन स्थायी नहीं रह सकता क्योंकि कोई भी आवेशित कण गोलाकार कक्ष में त्वरित होगा। त्वरण के दौरान आवेशित कणों से ऊर्जा का विकिरण होगा। इस प्रकार स्थायी कक्ष में घूमता हुआ इलेक्ट्रॉन अपनी ऊर्जा विकिरण करेगा और नाभिक से टकरा जाएगा। इसका अर्थ यह है कि परमाणु अस्थायी है, परन्तु वास्तव में परमाणु स्थायी होते हैं। इसका समाधान रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल में नहीं किया जा सका।

प्रश्न 4. बोर के परमाणु मॉडल की व्याख्या कीजिए।

उत्तर-रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की कमियों को दूर करने के लिए नील्स बोर ने परमाणु की संरचना के बारे में निम्नलिखित अवधारणाएँ प्रस्तुत कीं-

(i) इलेक्ट्रॉन केवल कुछ निश्चित कक्षाओं में ही चक्कर लगा सकते हैं जिन्हें इलेक्ट्रॉन की विविक्त कक्षा कहते हैं।

(ii) जब इलेक्ट्रॉन इस विविक्त कक्षा में चक्कर लगाते हैं तो उनकी ऊर्जा विकिरित नहीं होती है अर्थात् इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा निश्चित होती है। इन कक्षाओं या कोशों को ऊर्जा स्तर कहते हैं।

Bohr's atomic model energy levels
Bohr's atomic model energy levels

चित्र-किसी परमाणु में कुछ ऊर्जा स्तर

(iii) प्रत्येक इलेक्ट्रॉन कोश एक निश्चित ऊर्जा युक्त होता है। इन कोशों (कक्षाओं) को 1,2,3,41, 2, 3, 4 या K,L,M,NK, L, M, N आदि द्वारा दर्शाया जाता है। चित्र में एक परमाणु के ऊर्जा स्तरों (कक्षाओं) को दर्शाया गया है।

प्रश्न 5. इस अध्याय में दिए गए सभी परमाणु मॉडलों की तुलना कीजिए।

उत्तर- इस अध्याय में तीन परमाणु मॉडल प्रतिपादित किए गए हैं तथा प्रत्येक मॉडल उससे पहले वाले मॉडल की कमियों को दूर करने के लिए प्रतिपादित किया गया था। इनकी तुलना निम्न प्रकार कर सकते हैं-

तुलना का आधार टॉमसन का परमाणु मॉडल रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल बोर का परमाणु मॉडल
(i) धन आवेश (प्रोटॉन) की स्थिति परमाणु को धनावेशित गोला माना गया है। परमाणु का केन्द्र धनावेशित होता है, इसे नाभिक कहते हैं। परमाणु का सम्पूर्ण द्रव्यमान नाभिक में स्थित होता है। धनावेश परमाणु के केन्द्र में स्थित नाभिक में होता है।
(ii) ऋण आवेश (इलेक्ट्रॉन) की स्थिति इलेक्ट्रॉन परमाणु के धनावेशित गोले में धँसे रहते हैं, जैसे-तरबूज में बीज। इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं। इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर विभिन्न कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं। इन कक्षाओं को ऊर्जा स्तर कहते हैं जिन्हें K,L,M,N...K, L, M, N... या संख्याओं 1,2,3,4...1, 2, 3, 4... के द्वारा दर्शाया जाता है।
Comparison of atomic models (Thomson, Rutherford, Bohr)
Comparison of atomic models (Thomson, Rutherford, Bohr)

प्रश्न 6. पहले अठारह तत्वों के विभिन्न कक्षों में इलेक्ट्रॉन वितरण के नियम को लिखिए।

उत्तर- परमाणुओं की विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉनों के वितरण के लिए बोर और बरी ने निम्न नियम दिए जिसे बोर-बरी स्कीम कहा जाता है-

(i) किसी कक्षा में उपस्थित इलेक्ट्रॉन की अधिकतम संख्या सूत्र 2n22n^2 के अनुसार होती है। यहाँ nn कक्षा की संख्या या ऊर्जा स्तर है। अतः इलेक्ट्रॉन की अधिकतम संख्या कक्षवार निम्न प्रकार होगी-
प्रथम कक्ष या KK कोश में 2n2=2×12=22n^2 = 2 \times 1^2 = 2
द्वितीय कक्ष या LL कोश में 2n2=2×22=82n^2 = 2 \times 2^2 = 8
तृतीय कक्ष या MM कोश में 2n2=2×32=182n^2 = 2 \times 3^2 = 18
चतुर्थ कक्ष या NN कोश में 2n2=2×42=322n^2 = 2 \times 4^2 = 32

(ii) सबसे बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या 88 हो सकती है।

(iii) किसी परमाणु के दिए गए कोश में इलेक्ट्रॉन तब तक स्थान नहीं लेते हैं जब तक कि उससे पहले वाले भीतरी कक्ष पूर्ण रूप से भर नहीं जाते। अतः कक्षाएँ क्रमानुसार भरती हैं।

पहले 1818 तत्वों की परमाणु संरचना की व्यवस्था चित्र अग्र प्रकार से है-

Atomic structure diagrams of first 18 elements (H to Ar)
Atomic structure diagrams of first 18 elements (H to Ar)

चित्र-पहले अठारह तत्वों की परमाण्विक संरचना का व्यवस्था चित्र

प्रश्न 7. सिलिकॉन और ऑक्सीजन का उदाहरण लेते हुए संयोजकता की परिभाषा दीजिए।

उत्तर- संयोजकता-परमाणु के बाह्यतम कक्ष में इलेक्ट्रॉनों के अष्टक बनाने के लिए, जितनी संख्या में इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी या स्थानान्तरण होता है, उसे उस तत्त्व की संयोजकता कहते हैं। जैसे-

(i) सिलिकॉन की परमाणु संख्या 1414 है, अतः इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,8,42, 8, 4 है। इसके बाह्यतम कक्ष में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 44 है। इसलिए सिलिकॉन द्वारा अपना अष्टक पूर्ण करने के लिए 44 इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता है। अतः इसकी संयोजकता 44 होगी।

(ii) ऑक्सीजन की परमाणु संख्या 88 है, अतः इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,62, 6 होगा। इसको अष्टक पूर्ण करने के लिए 22 इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता है अतः ऑक्सीजन की संयोजकता 22 होगी।

प्रश्न 8. उदाहरण के साथ व्याख्या कीजिए- परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक और समभारिक। समस्थानिकों के कोई दो उपयोग लिखिए।

उत्तर- (i) परमाणु संख्या- किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या को परमाणु संख्या कहते हैं। इसे 'ZZ' से प्रदर्शित करते हैं।

उदाहरण-हाइड्रोजन की परमाणु संख्या 11 है क्योंकि इसके नाभिक में 11 प्रोटॉन होता है। इसी प्रकार कार्बन की परमाणु संख्या 66 होती है, क्योंकि इसके नाभिक में 66 प्रोटॉन होते हैं। अतः:
परमाणु संख्या (ZZ) = परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की कुल संख्या

(ii) द्रव्यमान संख्या (AA)- किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्या के योग को द्रव्यमान संख्या कहते हैं। जैसे-कार्बन का द्रव्यमान 12u12u है क्योंकि इसमें 66 प्रोटॉन और 66 न्यूट्रॉन होते हैं। इसी प्रकार ऐलुमिनियम का द्रव्यमान 27u27u है (1313 प्रोटॉन + 1414 न्यूट्रॉन)। प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन परमाणु के नाभिक में विद्यमान होते हैं, इसलिए इन्हें 'न्यूक्लिऑन' भी कहते हैं।

अतः: द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या
अथवा
द्रव्यमान संख्या = परमाणु संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या

(iii) समस्थानिक- एक ही तत्त्व के परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न-भिन्न होती है, समस्थानिक कहलाते हैं। समस्थानिक का निर्माण न्यूट्रॉन की संख्या परिवर्तन से होता है। इनमें परमाणु संख्या में समान होने के कारण इनके रासायनिक गुण भी समान होते हैं।

समस्थानिकों के उदाहरण-
(a) हाइड्रोजन के समस्थानिक- हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक होते हैं, जिनकी द्रव्यमान संख्या 1,21, 2 और 33 है।

(i) प्रोटियम (11H^1_1\text{H}) - इसमें एक प्रोटॉन होता है।

Structure of Protium atom
Structure of Protium atom

(ii) ड्यूटीरियम (12H^2_1\text{H}) - इसमें 11 प्रोटॉन तथा 11 न्यूट्रॉन होता है।

Deuterium atom structure with 1p, 1n in nucleus and 1e in shell
Deuterium atom structure with 1p, 1n in nucleus and 1e in shell

(iii) ट्राइटियम (13H_{1}^{3}\text{H}) - इसमें 11 प्रोटॉन तथा 22 न्यूट्रॉन होते हैं।

Tritium atom structure with 1p, 2n in nucleus and 1e in shell
Tritium atom structure with 1p, 2n in nucleus and 1e in shell

(b) क्लोरीन के समस्थानिक - क्लोरीन (Cl\text{Cl}) के दो समस्थानिक होते हैं - 1735Cl{17}^{35}\text{Cl} और 1737Cl{17}^{37}\text{Cl}
(i) 1735Cl{17}^{35}\text{Cl} - इसमें प्रोटॉन 1717 और न्यूट्रॉन 1818 (351735 - 17) होते हैं।
(ii) 1737Cl
{17}^{37}\text{Cl} - इसमें प्रोटॉन 1717 और न्यूट्रॉन 2020 (371737 - 17) होते हैं।
(iv) समभारिक - तत्वों के ऐसे परमाणु, जिनके परमाणु क्रमांक (प्रोटॉनों की संख्या) भिन्न-भिन्न लेकिन द्रव्यमान संख्या (न्यूक्लियानों की संख्या) समान होती हैं, समभारिक कहलाते हैं।

समभारिकों के कुछ प्रमुख उदाहरण निम्न प्रकार हैं -
आर्गन 18Ar40{18}\text{Ar}^{40}, पोटेशियम 19K40{19}\text{K}^{40} तथा कैल्सियम 20Ca40_{20}\text{Ca}^{40} परस्पर समभारिक हैं।
समस्थानिकों के उपयोग - (a) यूरेनियम के एक समस्थानिक का उपयोग परमाणु भट्टी में ईंधन के रूप में किया जाता है।
(b) कैंसर के उपचार में कोबाल्ट (Co-60\text{Co-60}) के समस्थानिक का उपयोग होता है।
(c) घेंघा रोग के इलाज में आयोडीन (I-131\text{I-131}) के समस्थानिक का उपयोग होता है।

प्रश्न 9. Na+\text{Na}^+ के पूरी तरह से भरे हुए K\text{K} और L\text{L} कोश होते हैं - व्याख्या कीजिए।

उत्तर - Na\text{Na} का परमाणु क्रमांक 1111 होता है, अतः इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,8,12, 8, 1 है। अपने बाह्यतम कक्ष अर्थात् M\text{M}-कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉन का त्याग करने पर Na+\text{Na}^+ आयन बनता है। Na+\text{Na}^+ आयन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,82, 8 है अर्थात् इसके K\text{K} और L\text{L} कोशों में इलेक्ट्रॉनों की संख्या, इन कोशों में भरे जाने वाले इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या के बराबर है। अतः K\text{K} और L\text{L} कोश पूर्णतः भरे हुए हैं।

प्रश्न 10. अगर ब्रोमीन परमाणु दो समस्थानिकों [3579Br{35}^{79}\text{Br} (49.7%49.7%) तथा 3581Br{35}^{81}\text{Br} (50.3%50.3%)] के रूप में है, तो ब्रोमीन परमाणु के औसत परमाणु द्रव्यमान की गणना कीजिए।

उत्तर - ब्रोमीन का औसत परमाणु द्रव्यमान

=79×49.7100+81×50.3100= 79 \times \frac{49.7}{100} + 81 \times \frac{50.3}{100}
=(79×49.7)+(81×50.3)100= \frac{(79 \times 49.7) + (81 \times 50.3)}{100}

=3926.3+4074.3100=8000.6100= \frac{3926.3 + 4074.3}{100} = \frac{8000.6}{100}
=80.006= 80.006
अतः ब्रोमीन (Br\text{Br}) का परमाणु द्रव्यमान =80.006 u= 80.006\text{ u}

प्रश्न 11. एक तत्व X\text{X} का परमाणु द्रव्यमान 16.2u16.2\text{u} है, तो इसके किसी एक नमूने में समस्थानिक 816X{8}^{16}\text{X} और 818X{8}^{18}\text{X} का प्रतिशत क्या होगा?

उत्तर - माना नमूने में समस्थानिक 816X_{8}^{16}\text{X} की प्रतिशतता =x= x

अतः समस्थानिक 818X{8}^{18}\text{X} की प्रतिशतता =100x= 100 - x
X\text{X} का औसत परमाणु द्रव्यमान =16.2 u= 16.2\text{ u}
औसत द्रव्यमान =(16×x)+18×(100x)100= \frac{(16 \times x) + 18 \times (100 - x)}{100}
या 16.2=16x100+1818x10016.2 = \frac{16x}{100} + 18 - \frac{18x}{100}
16.2=182x10016.2 = 18 - \frac{2x}{100}
या 18002x=16.2×1001800 - 2x = 16.2 \times 100
18002x=16201800 - 2x = 1620
2x=16201800- 2x = 1620 - 1800
2x=1802x = 180
x=1802x = \frac{180}{2}
x=90x = 90
तथा 100x=10090=10100 - x = 100 - 90 = 10
अतः नमूने में 816X
{8}^{16}\text{X} की प्रतिशतता 90%90% तथा 818X_{8}^{18}\text{X} की प्रतिशतता 10%10% होगी।

प्रश्न 12. यदि तत्व का Z=3\text{Z} = 3 हो, तो तत्व की संयोजकता क्या होगी? तत्व का नाम भी लिखिए।

उत्तर - यदि तत्व का Z=3\text{Z} = 3 है, तो तत्व के परमाणु में 33 इलेक्ट्रॉन हैं और उसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2,12, 1 है। अतः इसकी संयोजकता 11 होगी तथा यह तत्व लिथियम (Li\text{Li}) होगा।

प्रश्न 13. दो परमाणु स्पीशीज के केन्द्रकों का संघटन नीचे दिया गया है -

X Y
प्रोटॉन 6 6
न्यूट्रॉन 6 8

X और Y की द्रव्यमान संख्या ज्ञात कीजिए। इन दोनों स्पीशीज में क्या सम्बन्ध है?

उत्तर- द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉनों की संख्या + न्यूट्रॉनों की संख्या

X की द्रव्यमान संख्या 6+6=126 + 6 = 12
Y की द्रव्यमान संख्या 6+8=146 + 8 = 14
X तथा Y की परमाणु संख्या 6 है अर्थात् दोनों परमाणु समान हैं तथा ये कार्बन परमाणु हैं किन्तु दोनों की द्रव्यमान संख्या क्रमशः 12 तथा 14 है जो भिन्न है अतः ये दोनों कार्बन के समस्थानिक 612C^{12}{6}\text{C} तथा 614C^{14}{6}\text{C} हैं।

प्रश्न 14. निम्नलिखित वक्तव्यों में गलत के लिए F और सही के लिए T लिखें-
(a) जे.जे. टॉमसन ने यह प्रस्तावित किया था कि परमाणु के केन्द्रक में केवल न्यूक्लिऑन्स होते हैं।
(b) एक इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन मिलकर न्यूट्रॉन का निर्माण करते हैं इसलिए यह अनावेशित होता है।
(c) इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन से लगभग 12000\frac{1}{2000} गुना होता है।
(d) आयोडीन के समस्थानिक का इस्तेमाल टिंक्चर आयोडीन बनाने में होता है। इसका उपयोग दवा के रूप में होता है।

उत्तर- (a) F (b) F (c) T (d) F.

प्रश्न संख्या 15, 16 और 17 में सही के सामने (\checkmark) का चिह्न और गलत के सामने (×\times) का चिह्न लगाएँ -

प्रश्न 15. रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग किसकी खोज के लिए उत्तरदायी था?

(a) परमाणु केन्द्रक
(b) इलेक्ट्रॉन
(c) प्रोटॉन
(d) न्यूट्रॉन

उत्तर- (a) परमाणु केन्द्रक

प्रश्न 16. एक तत्व के समस्थानिक में होते हैं-
(a) समान भौतिक गुण
(b) भिन्न रासायनिक गुण
(c) न्यूट्रॉनों की अलग-अलग संख्या
(d) भिन्न परमाणु संख्या

उत्तर- (c) न्यूट्रॉनों की अलग-अलग संख्या

प्रश्न 17. Cl\text{Cl}^- आयन में संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या है-
(a) 16
(b) 8
(c) 17
(d) 18

उत्तर- (b) 8

प्रश्न 18. सोडियम का सही इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निम्न में से कौन-सा है?
(a) 2, 8
(b) 8, 2, 1
(c) 2, 1, 8
(d) 2, 8, 1

उत्तर- (d) 2, 8, 1

प्रश्न 19. निम्नलिखित सारणी को पूरा कीजिए-

परमाणु संख्या द्रव्यमान संख्या न्यूट्रॉनों की संख्या प्रोटॉनों की संख्या इलेक्ट्रॉनों की संख्या परमाणु स्पीशीज

| - | 24 | - | 12 | - | - |
| - | 2 | - | 1 | - | - |
| - | 1 | 0 | 1 | 0 | - |

उत्तर-

परमाणु संख्या द्रव्यमान संख्या न्यूट्रॉनों की संख्या प्रोटॉनों की संख्या इलेक्ट्रॉनों की संख्या परमाणु स्पीशीज

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

बहुचयनात्मक प्रश्न-

  1. न्यूक्लिऑन में होते हैं-
    (अ) प्रोटॉन तथा इलेक्ट्रॉन
    (ब) प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन
    (स) न्यूट्रॉन तथा इलेक्ट्रॉन
    (द) केवल न्यूट्रॉन
  2. यदि किसी तत्त्व की परमाणु संख्या 1111 तथा द्रव्यमान संख्या 2323 हो तो उसके परमाणु में इलेक्ट्रॉन, न्यूट्रॉन तथा प्रोटॉन की संख्या होगी-
    (अ) 23,23,1123, 23, 11
    (ब) 11,11,2311, 11, 23
    (स) 11,12,2311, 12, 23
    (द) 11,12,1111, 12, 11
  3. बोर और बरी के नियम के अनुसार MM कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन होंगे-
    (अ) 22
    (ब) 88
    (स) 1818
    (द) 3232
  4. कैंसर के उपचार में उपयोग में आने वाला समस्थानिक निम्न में से किस तत्त्व का है-
    (अ) यूरेनियम
    (ब) कोबाल्ट
    (स) आयोडीन
    (द) नमक
  5. समान न्यूक्लिऑनों वाला तत्त्व समूह है-
    (अ) Ca\text{Ca} तथा Ar\text{Ar}
    (ब) C\text{C} तथा O\text{O}
    (स) He\text{He} तथा Li\text{Li}
    (द) N\text{N} तथा O\text{O}
  6. I-131\text{I-131} का उपयोग किस रोग के उपचार के लिए किया जाता है?
    (अ) कैंसर
    (ब) घेंघा रोग
    (स) ल्यूकेमिया
    (द) रक्त विकार
  7. न्यूट्रॉन की खोज करने वाले वैज्ञानिक थे-
    (अ) डाल्टन
    (ब) जे. चैडविक
    (स) रदरफोर्ड
    (द) टॉमसन

उत्तरमाला

1. (ब) 2. (द) 3. (स) 4. (ब) 5. (अ)
6. (ब) 7. (ब)

रिक्त स्थान वाले प्रश्न-

  1. परमाणु ................. है और आवेशित कणों से बना होता है।
  2. नाभिक की त्रिज्या परमाणु की त्रिज्या से ............. गुना छोटी है।
  3. 612C^{12}{6}\text{C} तथा 614C^{14}{6}\text{C} कार्बन के ................. हैं।
  4. इलेक्ट्रॉन की खोज ................. ने की थी।

उत्तरमाला- 1. विभाज्य 2. 10510^5 3. समस्थानिक 4. जे.जे. टॉमसन।


सत्य/असत्य कथन वाले प्रश्न-
निम्नलिखित प्रश्नों में सत्य तथा असत्य कथन छाँटिए-

  1. हाइड्रोजन को छोड़कर सभी परमाणुओं के नाभिक में न्यूट्रॉन होते हैं।
  2. न्यूट्रॉन आवेशित तथा द्रव्यमान में प्रोटॉन के बराबर होता है।
  3. किसी परमाणु के आठ इलेक्ट्रॉन युक्त बाह्यतम कक्ष को अष्टक कहा जाता है।
  4. किसी परमाणु के MM कोश में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या 3232 होती है।

उत्तरमाला- 1. सत्य 2. असत्य 3. सत्य 4. असत्य।

मिलान वाले प्रश्न-
निम्नलिखित प्रश्नों में भाग (अ) का मिलान भाग (ब) से करके सही कूट (कोड) का चयन कीजिए-

प्रश्न 1.

भाग (अ) भाग (ब)
(i) 18Ar40{18}\text{Ar}^{40}20Ca40{20}\text{Ca}^{40} (a) समस्थानिक
(ii) 17Cl35{17}\text{Cl}^{35}17Cl37{17}\text{Cl}^{37} (b) LL कोश में इलेक्ट्रॉन
(iii) 3,53, 5 (c) समभारिक
(iv) 88 (d) फॉस्फोरस की संयोजकता

उत्तर- (i) (c) (ii) (a) (iii) (d) (iv) (b)

प्रश्न 2.

भाग (अ) भाग (ब)
(i) NN कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन (a) कैंसर का उपचार
(ii) प्रोटॉन की खोज (b) He2+\text{He}^{2+}
(iii) α\alpha कण (c) ई. गोल्डस्टीन
(iv) कोबाल्ट का समस्थानिक (d) 3232

उत्तर- (i) (d) (ii) (c) (iii) (b) (iv) (a)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. परमाणु उदासीन क्यों होता है?

उत्तर- परमाणु में धन आवेश (प्रोटॉन) तथा ऋण आवेश (इलेक्ट्रॉन) समान मात्रा में होते हैं अतः परमाणु उदासीन होता है।

प्रश्न 2. अल्फा कण क्या है?

उत्तर- अल्फा कण द्वि धन आवेशित हीलियम नाभिक (24He2+^{4}_{2}\text{He}^{2+}) है।

प्रश्न 3. परमाणु का नाभिक धन आवेशित है। यह खोज किस वैज्ञानिक ने की थी?

उत्तर- अर्नेस्ट रदरफोर्ड।

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प्रश्न 4. विविक्त कक्षा किसे कहते हैं?

उत्तर- किसी परमाणु के नाभिक के चारों ओर जिन निश्चित कक्षाओं में इलेक्ट्रॉन चक्कर लगा सकते हैं, उन्हें विविक्त कक्षा कहते हैं। इन्हें ऊर्जा स्तर भी कहते हैं।

प्रश्न 5. समस्थानिक किन अवपरमाण्विक कणों में भिन्नता के कारण बनते हैं?

उत्तर- समस्थानिक न्यूट्रॉनों की संख्या में भिन्नता के कारण बनते हैं।

प्रश्न 6. समभारिक युग्म के परमाणुओं में क्या समानता है?

उत्तर- समभारिक युग्म के परमाणुओं का परमाणु द्रव्यमान समान होता है।

प्रश्न 7. यूरेनियम समस्थानिक का परमाणु भट्टी में क्या उपयोग है?

उत्तर- यूरेनियम समस्थानिक परमाणु भट्टी में ईंधन के रूप में प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 8. दो रेडियोधर्मी समस्थानिकों के नाम लिखिए।

उत्तर- यूरेनियम-235 तथा कोबाल्ट-60

प्रश्न 9. इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से क्या तात्पर्य है?

उत्तर- किसी तत्व के परमाणु में उसके विभिन्न ऊर्जा स्तरों (कक्षाओं) में इलेक्ट्रॉनों का वितरण 'इलेक्ट्रॉनिक विन्यास' कहलाता है।

प्रश्न 10. परमाणुओं के अविभाज्य न होने का संकेत कहाँ से मिला?

उत्तर- परमाणुओं के अविभाज्य न होने का एक संकेत स्थिर वैद्युत तथा विभिन्न पदार्थों द्वारा विद्युत चालन की परिस्थितियों के अध्ययन से मिला।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. रदरफोर्ड द्वारा किये गये प्रयोग से प्राप्त प्रेक्षणों को लिखिए।

उत्तर- रदरफोर्ड द्वारा किए गए प्रयोग से निम्नलिखित प्रेक्षण प्राप्त हुए-

(i) तेज गति से चल रहे अधिकांश अल्फा कण बिना विचलित हुए सोने की पन्नी से सीधे निकल गये।
(ii) कुछ अल्फा कण पन्नी के द्वारा बहुत छोटे कोण से विक्षेपित हुए।
(iii) आश्चर्यजनक रूप से प्रत्येक 12,000 कणों में से एक कण वापस आ गया।

प्रश्न 2. परमाणु संख्या किसे कहते हैं? न्यूट्रॉन की संख्या, परमाणु संख्या तथा द्रव्यमान संख्या में सम्बन्ध लिखिए।

उत्तर- परमाणु संख्या (ZZ)- किसी तत्व के परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या उस तत्व की परमाणु संख्या कहलाती है। किसी तत्व के सभी परमाणुओं की परमाणु संख्या समान होती है।

उदासीन परमाणु में परमाणु संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या = प्रोटॉनों की संख्या
न्यूट्रॉनों की संख्या = द्रव्यमान संख्या - परमाणु संख्या
अतः: N=AZN = A - Z

प्रश्न 3. किसी तत्व के परमाणु को परमाणु संख्या तथा द्रव्यमान संख्या के सहित किस प्रकार प्रदर्शित करते हैं?

उत्तर- किसी तत्व के परमाणु को प्रदर्शित करने के लिए तत्व के प्रतीक के बाईं ओर ऊपर तत्व की द्रव्यमान संख्या और नीचे उसकी परमाणु संख्या लिखते हैं।

Representation of element with mass number and atomic number
Representation of element with mass number and atomic number

जैसे-नाइट्रोजन तत्व को इस प्रकार प्रदर्शित करते हैं- 714N{}_{7}^{14}\text{N} यहाँ 14 नाइट्रोजन की द्रव्यमान संख्या तथा 7 परमाणु संख्या है।

प्रश्न 4. किसी तत्व के परमाणु की परमाणु संख्या 8 तथा द्रव्यमान संख्या 16 है। इसमें प्रोटॉन की संख्या, इलेक्ट्रॉन की संख्या, न्यूट्रॉन की संख्या तथा इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

उत्तर- दिया है- परमाणु संख्या = 8 अतः प्रोटॉन की संख्या = 8 तथा

इलेक्ट्रॉन की संख्या = 8 होगी।
क्योंकि न्यूट्रॉन की संख्या = द्रव्यमान संख्या - प्रोटॉन संख्या

= 168=816 - 8 = 8
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 6 होगा अर्थात् प्रथम कक्ष में 2 इलेक्ट्रॉन तथा द्वितीय कक्ष में 6 इलेक्ट्रॉन होंगे।

प्रश्न 5. किसी तत्व AA की परमाणु संख्या 18 है, जबकि अन्य तत्व BB की परमाणु संख्या 19 है। इनमें से कौनसा तत्व अधिक क्रियाशील होगा?

उत्तर- तत्व AA की परमाणु संख्या = 18 अतः इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 8 होगा। तत्व BB की परमाणु संख्या = 19 अतः इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 8, 1 होगा।

तत्व AA के सभी कक्ष भरे हुए हैं, जबकि तत्व BB के बाह्यतम कक्ष में एक इलेक्ट्रॉन उपस्थित है, जिसका त्याग करके यह अपने बाह्यतम कक्ष का अष्टक पूर्ण कर सकता है। इस कारण तत्व BB अधिक क्रियाशील होगा।

प्रश्न 6. किसी तत्व की परमाणु संख्या 13 तथा द्रव्यमान संख्या 27 है। इसके नाभिक का संघटन तथा विभिन्न कक्षों में इलेक्ट्रॉनों के आवंटन को प्रदर्शित कीजिए तथा तत्व की संयोजकता भी बताइए।

उत्तर- तत्व की द्रव्यमान संख्या 27 तथा परमाणु संख्या 13 है।

अतः नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या =2713=14= 27 - 13 = 14
इस प्रकार परमाणु के नाभिक में 1313 प्रोटॉन व 1414 न्यूट्रॉन होंगे।
अतः तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास =2,8,3= 2, 8, 3
K L M\text{K L M}
तत्व के बाह्य कक्ष में 33 संयोजी इलेक्ट्रॉन हैं, अतः तत्व की संयोजकता 33 होगी।

दीर्घउत्तरीय प्रश्न-

प्रश्न 1. जे.जे. टॉमसन का परमाणु मॉडल क्या था? इसकी क्या विशेषताएँ थीं?

उत्तर- जे.जे. टॉमसन का परमाणु मॉडल- इनके अनुसार परमाणु एक धनावेशित गोला था जिसकी तुलना क्रिसमस केक से की गई थी, जिसमें इलेक्ट्रॉन क्रिसमस केक में लगे सूखे मेवों की तरह थे या परमाणु में धन आवेश तरबूज के खाने वाले लाल भाग की तरह बिखरा है जबकि इलेक्ट्रॉन धनावेशित गोले में तरबूज के बीज की भाँति धँसे हैं।

टॉमसन का परमाणु मॉडल
टॉमसन का परमाणु मॉडल

चित्र-टॉमसन का परमाणु मॉडल
जे.जे. टॉमसन परमाणु मॉडल की मुख्य विशेषताएँ निम्न हैं-
(i) परमाणु एक धन आवेशित गोला होता है, जिसमें इलेक्ट्रॉन धँसे होते हैं।
(ii) परमाणु में धन आवेश तथा ऋण आवेश परिमाण में समान होते हैं, इसीलिए परमाणु वैद्युतीय रूप से उदासीन होता है।

प्रश्न 2. प्रकृति में क्लोरीन दो समस्थानिकों के रूप में मिलती हैं, जिनकी द्रव्यमान संख्या क्रमशः 35 u35\ u37 u37\ u होती है। रासायनिक गणना के लिए हम क्लोरीन का द्रव्यमान क्या लेंगे? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- किसी तत्व के एक परमाणु का द्रव्यमान, उस तत्व के प्रकृति में पाये जाने वाले सभी परमाणुओं के औसत द्रव्यमान के बराबर होता है। यदि किसी तत्व के समस्थानिक नहीं हैं, तो परमाणु का द्रव्यमान उसमें उपस्थित प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन के द्रव्यमान के योग के समान होता है। परन्तु यदि कोई तत्व समस्थानिकों के रूप में पाया जाता है तो प्रत्येक समस्थानिक का प्रतिशत जानना होगा तथा उनका औसत द्रव्यमान ज्ञात करना होगा।

इसी प्रकार क्लोरीन के औसत द्रव्यमान की गणना करनी होगी, जो कि निम्न प्रकार है-

प्रकृति में क्लोरीन के समस्थानिकों का अनुपात 3:13 : 1 है, अतः:
क्लोरीन का औसत परमाणु द्रव्यमान

=[35×75100+37×25100]= \left[ 35 \times \frac{75}{100} + 37 \times \frac{25}{100} \right]
=[35×34+37×14]= \left[ 35 \times \frac{3}{4} + 37 \times \frac{1}{4} \right]

=[1054+374]=1424=35.5 u= \left[ \frac{105}{4} + \frac{37}{4} \right] = \frac{142}{4} = 35.5\ u
अतः रासायनिक गणना में हम क्लोरीन का औसत द्रव्यमान 35.5 u35.5\ u लेंगे।

प्रश्न 3. संकेत 2040Ca_{20}^{40}\text{Ca} से लिखें-
(i) Ca\text{Ca} की द्रव्यमान संख्या (ii) Ca\text{Ca} की परमाणु संख्या (iii) Ca\text{Ca} की नाभिक संरचना।

उत्तर- (i) Ca\text{Ca} की द्रव्यमान संख्या =40= 40

(ii) Ca\text{Ca} की परमाणु संख्या =20= 20
(iii) Ca\text{Ca} की नाभिक संरचना ==
\because द्रव्यमान संख्या == न्यूट्रॉनों की संख्या ++ प्रोटॉनों की संख्या
\therefore न्यूट्रॉनों की संख्या == द्रव्यमान संख्या - प्रोटॉनों की संख्या

=4020= 40 - 20
=20= 20
अतः Ca\text{Ca} के नाभिक में 2020 प्रोटॉन और 2020 न्यूट्रॉन होंगे।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. रदरफोर्ड के अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग का वर्णन कीजिए तथा इस प्रयोग के प्रेक्षण बताइए।

उत्तर- रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग या रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल- अर्नेस्ट रदरफोर्ड यह ज्ञात करना चाहते थे कि इलेक्ट्रॉन परमाणु के भीतर कैसे व्यवस्थित है। इसके लिए उन्होंने एक प्रयोग किया। इस प्रयोग में, तेज गति से चल रहे अल्फा कणों को सोने की पन्नी पर टकराया गया। (i) उन्होंने सोने की पन्नी इसलिए चुनी क्योंकि वे बहुत पतली परत चाहते थे और सोने की यह पन्नी 10001000 परमाणुओं के बराबर मोटी थी। (ii) अल्फा कण द्विआवेशित हीलियम कण होते हैं। इनका द्रव्यमान 4 u4\ u होता है इसलिए तीव्र गति से चल रहे इन अल्फा कणों में पर्याप्त ऊर्जा होती है। (iii) रदरफोर्ड का अनुमान था कि अल्फा कण सोने के परमाणुओं में विद्यमान अवपरमाणुक कणों के द्वारा विक्षेपित होंगे। चूँकि अल्फा कण प्रोटॉन से बहुत अधिक भारी थे, इसलिए उन्होंने इनके अधिक विक्षेपण की आशा नहीं की थी। (iv) लेकिन अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग ने आशा के बिल्कुल विपरीत परिणाम दिया, जैसा कि आगे दिए गए चित्र में दर्शाया गया है-