Motion
गति
(iii) स्तम्भाकार-अवशोषण वाले भाग और स्राव करने वाले भाग में स्तम्भाकार एपिथीलियम कोशिकाएँ होती हैं; जैसे-छोटी आँत। यह एपिथीलियमी अवरोध को पार करने में सहायता करता है।
(iv) पक्ष्माभी स्तम्भाकार एपिथीलियम-श्वास नली में, स्तम्भाकार एपिथीलियम ऊतक में पक्ष्माभ होते हैं, जो कि बाल जैसी संरचना होती है। ये पक्ष्माभ गति कर सकते हैं तथा इनकी गति श्लेष्मा को आगे स्थानान्तरित करके साफ करने में सहायता करती है। इस प्रकार का एपिथीलियम, पक्ष्माभी स्तम्भाकार एपिथीलियम कहलाता है।
(v) घनाकार-वृक्कीय नली एवं लार ग्रन्थि के अस्तर का निर्माण घनाकार एपिथीलियम कोशिकाओं से होता है। इस प्रकार ये कोशिकाएँ उस भाग को यांत्रिक सहारा प्रदान करती हैं। कभी कभी एपिथीलियमी ऊतक का कुछ भाग अन्दर की ओर मुड़कर बहुकोशिक ग्रन्थि का निर्माण करता है।
(vi) ग्रन्थिल एपिथीलियम-कभी-कभी एपिथीलियम ऊतक का कुछ भाग अंदर की ओर मुड़ा होता है तथा एक बहुकोशिक ग्रन्थि का निर्माण करता है। यह ग्रन्थिल एपिथीलियम कहलाता है।
7. गति (Motion)
पाठगत प्रश्न
पृष्ठ 82
प्रश्न 1. एक वस्तु के द्वारा कुछ दूरी तय की गई। क्या इसका विस्थापन शून्य हो सकता है? अगर हाँ, तो अपने उत्तर को उदाहरण के द्वारा समझाएँ।
उत्तर- हाँ, इसका विस्थापन शून्य हो सकता है।
उदाहरण- यदि कोई वस्तु एक वृत्ताकार पथ पर एक पूर्ण चक्कर के लिए गति करती है तो उसके लिए गति का प्रारम्भिक बिन्दु और अन्तिम बिन्दु एक ही प्राप्त होता है। इससे इसका विस्थापन शून्य होता है।
प्रश्न 2. एक किसान की भुजा वाले एक वर्गाकार खेत की सीमा पर में चक्कर लगाता है। मिनट सेकण्ड के बाद किसान के विस्थापन का परिमाण क्या होगा?
हल- खेत की सीमा =
कुल समय = मिनट सेकण्ड
सेकण्ड
प्रश्नानुसार,
सेकण्ड में तय की गई दूरी = मीटर
सेकण्ड में तय की गई दूरी = मीटर
सेकण्ड में तय की गई दूरी =
मीटर
यदि किसान मूल बिन्दु से चलना प्रारम्भ करता है तो वह मीटर की दूरी तय करने के बाद बिन्दु पर होगा। अतः किसान का शुद्ध विस्थापन होगा।
समकोण में
538
मीटर
या
मीटर
अतः किसान के विस्थापन का परिमाण मीटर या मीटर है।
प्रश्न 3. विस्थापन के लिए निम्न में कौन सही है?
(a) यह शून्य नहीं हो सकता है।
(b) इसका परिमाण वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी से अधिक है।
उत्तर—(a) गलत (b) गलत
[पृष्ठ 84]
प्रश्न 1. चाल एवं वेग में अंतर बताइए।
उत्तर—चाल एवं वेग में अन्तर
| चाल | वेग |
|---|---|
| 1. यह किसी भी दिशा में इकाई समय अन्तराल में तय की गई दूरी होती है। | यह एक निश्चित दिशा में किसी वस्तु के द्वारा इकाई समय अन्तराल में तय की गई दूरी है। |
| 2. चाल एक अदिश राशि है जिसमें केवल परिमाण होता है। | यह एक सदिश राशि है जिसमें परिमाण के साथ-साथ दिशा का भी बोध होता है। |
| 3. यह सदा धनात्मक होती है। | यह धनात्मक और ऋणात्मक दोनों हो सकता है। |
| 4. गतिमान वस्तु की चाल शून्य नहीं होती है। | गतिमान वस्तु का वेग शून्य हो सकता है। |
| 5. दूरी में परिवर्तन से चाल में परिवर्तन होता है। | वेग में परिवर्तन विस्थापन की मात्रा या दिशा परिवर्तन के कारण हो सकता है। |
प्रश्न 2. किस अवस्था में किसी वस्तु के औसत वेग का परिमाण उसकी औसत चाल के बराबर होगा?
उत्तर—यदि वस्तु द्वारा चली गई दूरी एवं विस्थापन का परिमाण एकसमान हो तो औसत वेग औसत चाल के बराबर होगा।
प्रश्न 3. एक गाड़ी का ओडोमीटर क्या मापता है?
उत्तर—ओडोमीटर वाहनों द्वारा तय की गई दूरी को मापता है।
प्रश्न 4. जब वस्तु एकसमान गति में होती है तब इसका मार्ग कैसा दिखाई पड़ता है?
उत्तर—जब वस्तु एकसमान गति में होती है तब वस्तु का पथ एक सरल रेखीय दिखाई पड़ता है।
प्रश्न 5. एक प्रयोग के दौरान, अंतरिक्षयान से एक सिग्नल को पृथ्वी पर पहुँचने में मिनट का समय लगता है। पृथ्वी पर स्थित स्टेशन से उस अंतरिक्षयान की दूरी क्या है? (सिग्नल की चाल = प्रकाश की चाल = )
हल—सिग्नल को पृथ्वी तक पहुँचाने में लगा समय = मिनट
अतः सेकण्ड
सिग्नल की चाल =
दूरी (s) = चाल (v) समय (t)
मीटर
या किमी. = किमी.
[पृष्ठ 86]
प्रश्न 1. आप किसी वस्तु के बारे में कब कहेंगे कि,
(i) वह एकसमान त्वरण से गति में है?
(ii) वह असमान त्वरण से गति में है?
उत्तर—(i) यदि एक वस्तु सीधी रेखा में चलती है और इसका वेग समान समयांतराल में समान रूप से घटता या बढ़ता है, तो वस्तु का त्वरण 'एकसमान त्वरण' कहलाता है।
(ii) यदि किसी गतिमान वस्तु के वेग में परिवर्तन की दर समय के विभिन्न अंतरालों में भिन्न-भिन्न होती है तो वस्तु में उत्पन्न त्वरण असमान त्वरण कहलाता है।
प्रश्न 2. एक बस की गति में से घटकर हो जाती है। बस का त्वरण ज्ञात कीजिए।
हल—दिया है-बस का प्रारंभिक वेग किमी./घण्टा
मीटर/सेकंड
मीटर/सेकंड
अंतिम वेग, किमी./घण्टा
मीटर/सेकंड
[किमी./घण्टा को मी./से. में बदलने के लिए सीधा से गुणा किया जा सकता है।]
त्वरण की परिभाषा से,
सेकण्ड दिया है
अतः बस का त्वरण मीटर/सेकण्ड
यहाँ पर ऋणात्मक चिह्न मंदन को प्रकट कर रहा है।
प्रश्न 3. एक रेलगाड़ी स्टेशन से चलना प्रारंभ करती है और एकसमान त्वरण के साथ चलते हुए 10 मिनट में की चाल प्राप्त करती है। इसका त्वरण ज्ञात कीजिए।
हल-दिया गया है,
प्रारंभिक वेग,
अंतिम वेग, किमी./घण्टा
मीटर/सेकंड
मीटर/सेकंड
मिनट
सेकंड
त्वरण की परिभाषा से,
अतः रेलगाड़ी का त्वरण
मीटर/सेकण्ड
ग्राफ में OA भाग यह बतलाता है कि दूरी, समय के साथ एकसमान दर से बढ़ रही है।
(2) असमान गति के लिए-किसी वस्तु की असमान गति के लिए समय-दूरी ग्राफ एक वक्र रेखा में होता है।
यहाँ पर ग्राफ OA असमान गति बतलाता है।
प्रश्न 2. किसी वस्तु की गति के विषय में आप क्या कह सकते हैं, जिसका दूरी-समय ग्राफ समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा है?
उत्तर-दूरी-समय ग्राफ का समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा होना यह बताता है कि यह वस्तु विरामावस्था में है अर्थात् स्थिर है क्योंकि यह वस्तु समय के साथ स्थान में परिवर्तन नहीं कर रही है।
पृष्ठ 90
प्रश्न 1. किसी वस्तु के एकसमान व असमान गति के लिए समय दूरी-ग्राफ की प्रकृति क्या होती है?
उत्तर-(1) एक समान गति के लिए-किसी वस्तु की एकसमान गति के लिए समय-दूरी ग्राफ एक सरल रेखा होती है।
प्रश्न 3. किसी वस्तु की गति के विषय में आप क्या कह सकते हैं, जिसका चाल-समय ग्राफ समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा है?
उत्तर-चाल-समय ग्राफ का समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा होना यह बताता है कि वस्तु की चाल स्थिर है, वह समय के साथ परिवर्तित नहीं हो रही है। अतः वस्तु एक समान चाल से गतिशील है।
540
प्रश्न 4. वेग-समय ग्राफ के नीचे के क्षेत्र से मापी गई राशि क्या होती है?
उत्तर- यह क्षेत्रफल वस्तु द्वारा दिए गए समय अंतराल में कुल चली गई दूरी के बराबर होता है।
पृष्ठ 92
प्रश्न 1. कोई बस विरामावस्था से चलना प्रारंभ करती है तथा मिनट तक के एकसमान त्वरण से चलती है। परिकलन कीजिए-
(a) प्राप्त की गई चाल तथा
(b) तय की गई दूरी।
हल- दिया गया है,
बस का प्रारंभिक वेग
त्वरण
समय मिनट
सेकंड
अन्तिम वेग
तय की गई दूरी
(a) गति के प्रथम समीकरण से
अतः प्राप्त की गई चाल
(b) गति के द्वितीय समीकरण से
मान रखने पर
अतः तय की गई दूरी मीटर
प्रश्न 2. कोई रेलगाड़ी की चाल से चल रही है। ब्रेक लगाए जाने पर वह का एकसमान त्वरण उत्पन्न करती है। रेलगाड़ी विरामावस्था में आने के पहले कितनी दूरी तय करेगी?
हल- दिया गया है,
रेलगाड़ी का प्रारंभिक वेग,
त्वरण
अंतिम वेग
तय की गई दूरी
गति के तीसरे समीकरण से
मान रखने पर
मीटर
अतः रेलगाड़ी विरामावस्था में आने के पहले मीटर दूरी तय करेगी।
प्रश्न 3. एक ट्रॉली एक आनत तल पर के त्वरण से नीचे जा रही है। गति प्रारंभ करने के के पश्चात् उसका वेग क्या होगा?
हल- दिया गया है,
ट्रॉली का प्रारंभिक वेग,
समान त्वरण,
अन्तिम वेग,
समय, सेकंड
गति के प्रथम समीकरण से,
मान रखने पर,
अतः ट्रॉली का बाद वेग होगा।
प्रश्न 4. एक रेसिंग कार का एकसमान त्वरण है। गति प्रारंभ करने के पश्चात् वह कितनी दूरी तय करेगी?
हल- दिया गया है,
त्वरण,
प्रारम्भिक वेग,
समय, सेकंड
दूरी,
गति के दूसरे समीकरण से,
मान रखने पर,
अतः गति प्रारम्भ करने के सेकण्ड पश्चात् वह मीटर की दूरी तय करेगी।
प्रश्न 5. किसी पत्थर को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर के वेग से फेंका जाता है। यदि गति के दौरान पत्थर का नीचे की ओर दिष्ट त्वरण है, तो पत्थर के द्वारा कितनी ऊँचाई प्राप्त की गई तथा उसे वहाँ पहुँचने में कितना समय लगा?
हल- दिया गया है,
अन्तिम वेग, (पत्थर की अधिकतम ऊँचाई पर वेग शून्य होगा)
त्वरण,
( त्वरण नीचे की ओर है, इसलिए ऋणात्मक लिया गया है।)
चलित दूरी,
समय,
गति के तीसरे समीकरण से
चलित दूरी
अतः पत्थर के द्वारा प्राप्त की गई ऊँचाई
समय,
ऊँचाई प्राप्त करने में लगा समय
--- पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्न ---
प्रश्न 1. एक एथलीट वृत्तीय रास्ते, जिसका व्यास है, का एक चक्कर में लगाता है। के बाद यह कितनी दूरी तय करेगा और उसका विस्थापन क्या होगा?
उत्तर- दिया गया है,
वृत्त का व्यास
त्रिज्या
समय
वृत्ताकार रास्ते की परिधि
एथलीट वृत्ताकार रास्ते पर कुल चलता है
अर्थात्
अतः
एथलीट द्वारा चक्करों की संख्या
चूँकि प्रारम्भिक बिन्दु और अन्तिम बिन्दु एक ही हैं, अतः
अतः एथलीट का विस्थापन
प्रश्न 2. सीधे रास्ते पर जोसेफ जॉगिंग करता हुआ में एक सिरे से दूसरे सिरे पर पहुँचता है और घूमकर में पीछे बिन्दु पर पहुँचता है। जोसेफ की औसत चाल और औसत वेग क्या होंगे?
(a) सिरे से सिरे तक तथा (b) सिरे से सिरे तक।
542
उत्तर-A से B तक की दूरी
मीटर
(a) सिरे A से सिरे B तक औसत चाल
कुल दूरी मीटर
कुल समय मिनट सेकण्ड
सेकण्ड सेकण्ड
सेकण्ड सेकण्ड
सेकण्ड
औसत चाल
मीटर/सेकण्ड
पुन: विस्थापन प्रारम्भिक बिन्दु A से अन्तिम बिन्दु B तक सीधे रास्ते दूरी
मीटर
लगा समय सेकंड
अतः औसत वेग
मीटर/सेकण्ड A से B की ओर।
(b) सिरे A से सिरे C तक औसत चाल और वेग
कुल दूरी
मीटर
कुल लगा समय मिनट सेकण्ड मिनट
मिनट सेकण्ड
सेकण्ड सेकण्ड
सेकण्ड सेकण्ड
सेकण्ड
औसत चाल
मीटर/सेकण्ड उत्तर
औसत वेग
मीटर/सेकण्ड A से C की ओर उत्तर
प्रश्न 3. अब्दुल गाड़ी से स्कूल जाने के क्रम में औसत चाल को पाता है। उसी रास्ते से लौटने के समय वहाँ भीड़ कम है और औसत चाल है। अब्दुल की इस पूरी यात्रा में उसकी औसत चाल क्या है?
उत्तर-माना अब्दुल की आरम्भ बिन्दु और स्कूल के बीच की दूरी किमी. है।
जाते समय औसत चाल
माना जाने का समय है।
समय
माना वापस आते हुए समय लगता है
वापस आने की औसत चाल
समय
यात्रा का कुल समय
और कुल दूरी
कुल यात्रा के लिए औसत गति
उत्तर
प्रश्न 4. कोई मोटरबोट झील में विरामावस्था से सरल रेखीय पथ पर के नियत त्वरण से तक चलती है। इस समय अंतराल में मोटरबोट कितनी दूरी तय करती है?
हल-दिया गया है,
प्रारम्भिक वेग
त्वरण
समय
तय दूरी
गति के दूसरे समीकरण से,
मान रखने पर,
अतः मोटरबोट द्वारा तय की गई दूरी
प्रश्न 5. किसी गाड़ी का चालक की गति से चल रही कार में ब्रेक लगाता है तथा कार विपरीत दिशा में एकसमान दर से त्वरित होती है। कार में रुक जाती है। दूसरा चालक की गति से चलती हुई दूसरी कार पर धीमे-धीमे ब्रेक लगाता है तथा में रुक जाता है। एक ही ग्राफ पेपर पर दोनों कारों के लिए चाल-समय ग्राफ आलेखित करें। ब्रेक लगाने के पश्चात् दोनों में से कौन-सी कार अधिक दूर तक जाएगी?
उत्तर- पैमाना
X-अक्ष पर,
Y-अक्ष पर,
दोनों कारों के चाल-समय ग्राफ नीचे चित्र में प्रदर्शित है।
ब्रेक लगाने के बाद रुकने तक कारों द्वारा तय दूरियाँ ज्ञात करना-
प्रथम कार द्वारा तय दूरी ग्राफ AB के नीचे घिरा क्षेत्रफल
का क्षेत्रफल
दूसरी कार द्वारा तय दूरी का क्षेत्रफल
स्पष्ट है कि रुकने से पूर्व दूसरी कार अधिक दूरी तक जायेगी।
प्रश्न 6. चित्र में तीन वस्तुओं A, B और C के दूरी-समय ग्राफ प्रदर्शित हैं। ग्राफ का अध्ययन करके निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(a) तीनों में से कौन सबसे तीव्र गति से गतिमान है?
(b) क्या ये तीनों किसी भी समय सड़क के एक ही बिंदु पर होंगे?
(c) जिस समय B, A से गुजरती है उस समय तक C कितनी दूरी तय कर लेती है?
(d) जिस समय B, C से गुजरती है उस समय तक यह कितनी दूरी तय कर लेती है?
उत्तर-
(a) B सबसे तेज गतिमान है चूँकि B समय अक्ष के साथ सबसे बड़ा कोण बनाता है, अर्थात् उस रेखा का ढाल A और C की अपेक्षा अधिक है।
(b) यदि तीनों व्यक्ति किसी विशेष समय में एक ही स्थान पर मिलते हैं, तो ये तीनों रेखाएँ किसी एक बिन्दु पर आकर मिलनी चाहिए। लेकिन ये तीन सीधी रेखाएँ किसी भी बिन्दु पर नहीं मिल सकतीं, अतः हम कह सकते हैं कि तीनों व्यक्ति एक ही बिन्दु पर समान रूप से कभी नहीं मिल सकेंगे।
(c) जब B तथा A एक-दूसरे को मिलते हैं, उस समय C मूल बिन्दु से लगभग दूर है। चूँकि B
तथा A जिस बिन्दु पर काटते या गुजरते हैं उस बिन्दु से सीधे लम्ब डालने पर वह C को काटता है जो कि मूल बिन्दु से लगभग दूर है।
(d) जहाँ B तथा C काटते या गुजरते हैं, वहाँ से अक्ष पर लम्ब डालने पर मूल बिन्दु से लगभग दूरी है।
प्रश्न 7. मीटर की ऊँचाई से एक गेंद को गिराया जाता है। यदि उसका वेग के एकसमान त्वरण की दर से बढ़ता है तो यह किस वेग से धरातल से टकराएगी? कितने समय पश्चात् वह धरातल से टकराएगी?
उत्तर— दिया गया है,
ऊँचाई
गति के तीसरे समीकरण से,
अतः: गेंद धरातल से के वेग से टकरायेगी।
गति के प्रथम समीकरण से,
अतः: गेंद धरातल से बाद टकराएगी।
प्रश्न 8. किसी कार का चाल-समय ग्राफ चित्र में दर्शाया गया है-
(a) पहले सेकण्ड में कार कितनी दूरी तय करती है? इस अवधि में कार द्वारा तय की गई दूरी को ग्राफ में छायांकित क्षेत्र द्वारा दर्शाइए।
(b) ग्राफ का कौन-सा भाग कार की एकसमान गति को दर्शाता है।
उत्तर— (a) प्रथम सेकण्ड में कार द्वारा तय दूरी को निम्न चित्र में छायांकित क्षेत्र द्वारा प्रदर्शित किया गया है।
(b) प्रथम सेकंड के बाद का ग्राफ एक सीधी रेखा है। अतः ग्राफ का यह भाग कार की एक समान गति को प्रदर्शित करता है।
प्रश्न 9. निम्नलिखित में से कौन-सी अवस्थाएँ संभव हैं तथा प्रत्येक के लिए एक उदाहरण दें-
(a) कोई वस्तु जिसका त्वरण नियत हो परन्तु वेग शून्य हो।
(b) कोई त्वरित वस्तु एक समान चाल से गति कर रही हो।
(c) कोई वस्तु किसी निश्चित दिशा में गति कर रही हो तथा त्वरण उसके लंबवत् हो।
उत्तर— (a) सम्भव है। मकान की छत से छोड़ते समय गेंद का वेग शून्य होता है, जबकि त्वरण नियत रहता है।
(b) सम्भव है। वृत्तीय गति में एकसमान चाल हो सकती है।
(c) यह असम्भव है, क्योंकि यदि त्वरण गति की दिशा के लम्बवत् होगा, तो दिशा निश्चित नहीं रह पायेगी, वह समय के साथ बदल जायेगी।
उदाहरण के लिए, जब हम किसी गेंद को छत से क्षैतिज दिशा में फेंकते हैं तो गेंद पर गुरुत्वीय त्वरण गति
की दिशा के लम्ब दिशा में कार्य करता है, जिससे उसकी गति की दिशा बदलती जाती है।
प्रश्न 10. एक कृत्रिम उपग्रह त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में घूम रहा है। यदि वह घंटे में पृथ्वी की एक परिक्रमा करता है तो उसकी चाल का परिकलन कीजिए।
उत्तर— दिया गया है,
वृत्ताकार पथ की त्रिज्या
एक चक्कर लगाने में लगा समय
एक चक्कर में तय की गई दूरी
उपग्रह की चाल
उत्तर
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुचयनात्मक प्रश्न-
वेग में परिवर्तन की दर है-
(अ) बल (ब) संवेग
(स) त्वरण (द) विस्थापनसमान वेग से गतिमान वस्तु का वेग एवं समय के साथ आरेख है-
एक पत्थर को किसी मीनार से गिराते हैं। मीनार से गिरने पर इसका वेग कितना होगा? -
(अ)
(ब)
(स)
(द)जब कोई गेंद ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर फेंकी जाती है तो गुरुत्वीय त्वरण-
(अ) उसकी गति की दिशा के विपरीत दिशा में होता है।
(ब) उसकी गति की ही दिशा में होता है।
(स) गेंद के नीचे आते समय बढ़ता जाता है।
(द) गेंद की उच्चतम स्थिति पर शून्य हो जाता है।दूरी-समय आलेख से प्राप्त क्षैतिज सीधी रेखा किस गति से सम्बन्धित है?
(अ) शून्य वेग (ब) नियत वेग
(स) बढ़ता हुआ वेग (द) घटता हुआ वेग।एक वस्तु के वेग से चलना प्रारम्भ करती है। यदि वस्तु का त्वरण हो तो बाद उसका वेग होगा-
(अ) (ब)
(स) (द)एक रेलगाड़ी का वेग में से बढ़कर हो जाता है। रेलगाड़ी का त्वरण ज्ञात करो।
(अ) (ब)
(स) (द)
प्रश्न 8. एक गेंद के त्वरण से मीटर दूरी तय करती है। यदि गेंद का प्रारम्भिक वेग हो तो उसका अन्तिम वेग ज्ञात कीजिए।
(अ)
(ब)
(स)
(द)
उत्तरमाला
| 1. (स) | 2. (स) | 3. (स) | 4. (अ) | 5.(अ) |
|---|---|---|---|---|
| 6. (अ) | 7. (अ) | 8. (अ) |
रिक्त स्थान वाले प्रश्न-
- किसी वस्तु की स्थिति को बताने के लिए हमें एक निर्देश बिन्दु की आवश्यकता होती है, जिसे .................... बिन्दु कहा जाता है।
- वस्तु की प्रारम्भिक व अन्तिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी को वस्तु का .................... कहते हैं।
- एक समान चाल के लिये, समय के साथ तय की गई दूरी का ग्राफ .................... है।
- वेग-समय ग्राफ का क्षेत्रफल दिये गये समयांतराल में तय की .................... को बताता है।
उत्तरमाला- 1. मूल 2. विस्थापन 3. एक सरल रेखा 4. दूरी।
सत्य/असत्य कथन वाले प्रश्न-
निम्नलिखित कथनों में सत्य तथा असत्य कथन छाँटिए-
- प्रारम्भिक स्थिति और अन्तिम स्थिति आपस में मिल जाती है तब विस्थापन शून्य होता है। (सत्य/असत्य)
- स्वचालित वाहनों में एक यंत्र लगा होता है जो उनके द्वारा तय की गई दूरी को प्रदर्शित करता है। इस यंत्र को ओडोमीटर कहते हैं। (सत्य/असत्य)
- औसत वेग = होता है। (सत्य/असत्य)
- त्वरण होता है। (सत्य/असत्य)
- असमान त्वरित गति की स्थिति में वेग-समय ग्राफ किसी भी आकृति का हो सकता है। (सत्य/असत्य)
उत्तरमाला- 1. सत्य 2. सत्य 3. असत्य 4. असत्य 5. सत्य।
मिलान वाले प्रश्न-
निम्नलिखित प्रश्नों में भाग (अ) का मिलान भाग (ब) से करके सही कूट (कोड) का चयन कीजिए-
| भाग (अ) | भाग (ब) |
|---|---|
| (i) विस्थापन | (a) अदिश राशि होती है। |
| (ii) चाल | (b) सदिश राशि होती है। |
| (iii) औसत वेग () | (c) समान होता है। |
| (iv) चाल और वेग का मात्रक | (d) |
| (v) एक समान त्वरित के लिये वेग-समय ग्राफ | (e) सीधी रेखा है। |
उत्तर- (i) (b) (ii) (a) (iii) (d) (iv) (c) (v) (e)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. गाड़ी द्वारा तय की गई दूरी किसके द्वारा मापी जाती है?
उत्तर- ओडोमीटर से।
प्रश्न 2. विस्थापन-समय आरेख का ढाल किस राशि के मान को प्रकट करता है?
उत्तर- वेग को।
प्रश्न 3. एक समान चाल के लिए समय के साथ तय की गई दूरी का ग्राफ कैसा होता है?
उत्तर- एक सरल रेखा।
प्रश्न 4. दूरी-समय ग्राफ से क्या जाना जा सकता है?
उत्तर- वस्तु की चाल को।
प्रश्न 5. एक समान त्वरित गतियों के लिए वेग-समय ग्राफ कैसा होता है?
उत्तर- एक सीधी रेखा।
प्रश्न 6. मंदन किसे कहते हैं?
उत्तर- ऋणात्मक त्वरण मंदन कहलाता है।
प्रश्न 7. वेग-समय ग्राफ का ढाल किसे प्रदर्शित करता है?
उत्तर- त्वरण को।
प्रश्न 8. वेग से क्या अभिप्राय है?
उत्तर- विस्थापन की परिवर्तन की दर वेग कहलाती है।
प्रश्न 9. क्या किसी समय कोई पिंड स्थिर एवं गतिशील दोनों हो सकता है?
उत्तर- हाँ, क्योंकि गति सापेक्ष होती है।
प्रश्न 10. क्या किसी समान त्वरित वस्तु का तात्क्षणिक वेग शून्य हो सकता है?
उत्तर—हाँ, समान त्वरित वस्तु का तात्क्षणिक वेग शून्य हो सकता है।
प्रश्न 11. गति का सबसे साधारण प्रकार कौन-सा है?
उत्तर—सरल रेखीय गति।
प्रश्न 12. वस्तु की दूरी को जानने के लिए किस बात की आवश्यकता नहीं होती है?
उत्तर—गति की दिशा की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
प्रश्न 13. वस्तु का विस्थापन क्या है?
उत्तर—वस्तु का प्रारम्भिक और अन्तिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी को वस्तु का विस्थापन कहते हैं।
प्रश्न 14. एकसमान गति किसे कहते हैं?
उत्तर—जब कोई वस्तु समान समयांतराल में समान दूरी तय करती है तो उसकी गति को एकसमान गति कहते हैं।
प्रश्न 15. असमान गति के कोई दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर—(i) सड़क पर जा रही मोटरकार।
(ii) पार्क में व्यायाम कर रहा एक व्यक्ति।
प्रश्न 16. संलग्न चित्र द्वारा वस्तु के वेग तथा त्वरण के बारे में क्या निष्कर्ष निकलता है?
उत्तर—दोनों में वस्तु एकसमान वेग से गतिमान है तथा त्वरण शून्य है।
प्रश्न 17. दो स्कूटरों का समय-वेग ग्राफ संलग्न चित्रों (अ) व (ब) में प्रदर्शित है। इनके त्वरणों में क्या सम्बन्ध है?
उत्तर—चित्र (अ) में त्वरण A, त्वरण B से कम होगा तथा चित्र (ब) में दोनों का त्वरण समान होगा क्योंकि दोनों आपस में समान्तर हैं (ढाल समान है)।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. गुरुत्वीय त्वरण क्या है?
उत्तर—गुरुत्वीय त्वरण—पृथ्वी की तरफ गिरते समय वस्तु पर पृथ्वी के आकर्षण बल के कारण जो त्वरण उत्पन्न होता है, वह गुरुत्वीय त्वरण कहलाता है। इसका मात्रक होता है और इसका मान होता है।
प्रश्न 2. चाल से क्या अभिप्राय है? औसत चाल का मान किस प्रकार प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर—चाल—किसी वस्तु द्वारा किसी भी दिशा में इकाई समय में तय की गई दूरी को चाल कहते हैं। इसका मात्रक होता है।
अधिकांश वस्तुओं की गति असमान होती है, इस कारण से इन वस्तुओं की गति की दर को उनकी औसत चाल कहा जाता है। वस्तु की औसत चाल को उसके द्वारा तय की गई कुल दूरी में कुल समयावधि का भाग देकर प्राप्त किया जा सकता है। अतः:
प्रश्न 3. एक समान त्वरण से चल रही एक वस्तु की गति की व्याख्या किन-किन समीकरणों के माध्यम से की जा सकती है? उन्हें लिखिए।
उत्तर—गति के तीन समीकरण हैं-
प्रश्न 4. गति क्या है? दैनिक जीवन में गति के उदाहरण दीजिए।
उत्तर—गति—जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है, तो उसे गति कहते हैं।
दैनिक जीवन में गति के उदाहरण—दैनिक जीवन में गति के कई उदाहरण देखने को मिलते हैं, जैसे-
(i) पंखे की घूमती पंखुड़ियाँ
(ii) वायु में उड़ते वायुयान
(iii) सड़क पर चलती मोटर-कारें
प्रश्न 5. विराम और गति को उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर—विराम—यदि कोई वस्तु अपने परिवेश के सापेक्ष अपनी स्थिति में परिवर्तन नहीं करती, तो वह वस्तु विराम स्थिति में होती है।
548
उदाहरण—मेज पर रखी हुई पुस्तक, फर्श पर रखी हुई कुर्सी या मेज।
गति—यदि कोई वस्तु अपने परिवेश के सापेक्ष अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है तो वह वस्तु गतिशील कहलाती है।
उदाहरण—एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना, सड़क पर चलती मोटर-कारें।
प्रश्न 6. गतियाँ कितने प्रकार की होती हैं? उनके नाम लिखकर उन्हें परिभाषित कीजिए।
उत्तर—सामान्यतया गतियाँ तीन प्रकार की होती हैं—
(i) रेखीय या स्थानान्तरीय गति—जब कोई वस्तु एक सीधी रेखा में गतिमान होती है, तब उसकी गति सरल रेखीय या स्थानान्तरीय गति कहलाती है। जैसे-सीधी सड़क पर गतिमान कार।
(ii) वृत्तीय या घूर्णात्मक गति—जब कोई वस्तु किसी वृत्ताकार पथ पर गति करती है, तो उस वस्तु की गति वृत्तीय गति कहलाती है। जैसे-गोलक के परिवृत गति।
(iii) वक्रीय या दोलनी गति—जब कोई वस्तु किसी वक्रीय मार्ग के साथ-साथ गतिमान हो, तो उसकी गति वक्रीय गति कहलाती है। जैसे-लोलक की गति।
प्रश्न 7. एक एथलीट त्रिज्या वाली एक गोलाकार पट्टी का एक चक्कर सेकण्ड में लगाता है। मिनट सेकण्ड की समाप्ति पर दूरी और विस्थापन कितने होंगे?
उत्तर—(i) सेकण्ड में तय की गई वास्तविक दूरी
सेकण्ड में तय की गई वास्तविक दूरी
सेकण्ड में तय की गई वास्तविक दूरी उत्तर
मिनट सेकण्ड सेकण्ड
(ii) मिनट सेकण्ड में विस्थापन क्योंकि प्रारम्भिक बिन्दु और अन्तिम बिन्दु एक ही हैं।
दीर्घउत्तरीय प्रश्न—
प्रश्न 1. समान एवं असमान गतियों से चलती दो वस्तुओं (A और B) का दूरी-समय आरेख खींचिए।
उत्तर—(i) जब दो वस्तुएँ A और B समान गतियों से चलती हैं, तब दोनों के लिए खींचा गया दूरी-समय आरेख एक सरल रेखा प्राप्त होता है।
(ii) जब दोनों वस्तुएँ A और B असमान गतियों से चलती हैं, तब यह दोनों वस्तुएँ समान समय अंतराल से भिन्न-भिन्न दूरियाँ तय करेंगी। अतः दोनों वस्तुओं के दूरी-समय ग्राफ में ढाल अलग-अलग प्राप्त होंगे। दोनों में से तेज चलने वाली वस्तु का ढाल अधिक होगा।
चूँकि वस्तुएँ A और B समान गति से गतिमान हैं। इनके लिए खींचे गए दूरी-समय ग्राफ में A का ढाल B की अपेक्षा अधिक है। अतः A की गति B की तुलना में तेज है।
प्रश्न 2. वेग-समय ग्राफ के अध्ययन से एक विमीय गति कर रहे कण के लिये क्या महत्वपूर्ण निष्कर्ष प्राप्त किये जा सकते हैं? समझाइये।
उत्तर—यदि वेग-समय ग्राफ समय अक्ष के समानान्तर सरल रेखा है। जैसा कि चित्र (अ) में दिखाया गया है। तब यह नियत वेग से गति को दर्शाता है। जहाँ वेग-समय ग्राफ का ढाल त्वरण के बराबर होता है।
चित्र (ब) में ढाल धनात्मक है अर्थात् त्वरण की दिशा, वेग की दिशा में ही है। और वेग में समय के साथ वृद्धि हो रही है।
चित्र (स) में ढाल ऋणात्मक है। इसमें कण की गति मंदित है। इसमें त्वरण की दिशा वेग की दिशा के विपरीत है। इस स्थिति में कण का वेग घटकर शून्य हो जाता है।
वेग-समय ग्राफ में वक्र और समय अक्ष के मध्य के विभिन्न भागों के क्षेत्रफलों के मानों का योग, कण द्वारा तय की गई दूरी के बराबर होता है, जबकि विभिन्न भागों के क्षेत्रफल का बीजगणितीय योग विस्थापन के बराबर होता है।
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. त्वरण किसे कहते हैं? धनात्मक एवं ऋणात्मक त्वरण से क्या आशय है? समान त्वरण व असमान त्वरण को लेखाचित्र की सहायता से समझाइए।
उत्तर- त्वरण-किसी गतिशील वस्तु के वेग में परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं। इसे हम निम्न प्रकार समझ सकते हैं-
माना समय पर किसी वस्तु का वेग है एवं समय पर वस्तु का वेग है तो-
यहाँ वस्तु का अन्तिम वेग है और वस्तु का प्रारम्भिक वेग है तथा वस्तु का औसत त्वरण है। यदि को मीटर/सेकण्ड और समय को सेकण्ड में व्यक्त करें तो त्वरण का मात्रक मीटर/सेकण्ड होगा।
धनात्मक एवं ऋणात्मक त्वरण- यदि त्वरण, वेग की दिशा में है, तो इसे धनात्मक लिया जाता है अर्थात् प्रारम्भिक वेग में वृद्धि होने पर त्वरण धनात्मक होता है एवं प्रारम्भिक वेग में कमी आने पर त्वरण ऋणात्मक होता है। ऋणात्मक त्वरण को 'मंदन' भी कहते हैं।
समान त्वरण (Uniform Acceleration)- यदि गतिशील वस्तु के वेग में परिवर्तन समान समयान्तराल में समान हो, तो वस्तु के त्वरण को समान त्वरण कहते हैं। ऐसी गति को समान त्वरित गति कहते हैं।
समान त्वरण से गतिमान वस्तु के वेग और समय में आलेख खींचने पर चित्र (अ) में दर्शाए अनुसार एक सीधी रेखा प्राप्त होती है। इस सीधी रेखा का झुकाव या ढाल वस्तु के त्वरण को दर्शाता है।
अर्थात्
चित्र (अ) : समान धनात्मक त्वरण को दर्शाने वाला वेग-समय आलेख
चित्र (ब) : समान ऋणात्मक त्वरण को दर्शाने वाला वेग-समय आलेख
यदि गतिशील वस्तु के वेग-समय आलेख से प्राप्त सीधी रेखा का ढाल ऊपर की ओर है तो वह वस्तु के समान त्वरण को दर्शाता है (चित्र-अ)। परन्तु गतिशील वस्तु के वेग-समय आलेख से प्राप्त सीधी रेखा का ढाल नीचे की ओर है तो वह समान ऋणात्मक त्वरण (मंदन) को दर्शाता है (चित्र-ब)।
चित्र (स) : असमान त्वरण को दर्शाने वाला वेग-समय आलेख
असमान त्वरण (Non-uniform Acceleration)- यदि गतिशील वस्तु के वेग में परिवर्तन समान समयान्तराल में असमान हो तो वस्तु के त्वरण को असमान त्वरण कहते हैं। ऐसी गति को असमान त्वरित गति कहते हैं।
असमान त्वरण से गतिशील वस्तु के वेग और समय में आलेख खींचें तो चित्र (स) में दर्शाए अनुसार वक्रीय रेखा प्राप्त होती है।
आंकिक प्रश्न-
प्रश्न 1. एक वस्तु 16 मीटर की दूरी 4