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📚 कक्षा 9 विज्ञान (Science)हिंदी माध्यमसत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

पाठ 7: गति

Motion

📅 शैक्षणिक सत्र: 2026-27📖 RBSE/NCERT डिजिटल पासबुक🎯 संपूर्ण प्रश्नोत्तर
📚 कक्षा 9 विज्ञान (RBSE) 📘 विज्ञान सत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

Motion

गति

त्वरित नेविगेशन: ❓ पाठगत प्रश्न

(iii) स्तम्भाकार-अवशोषण वाले भाग और स्राव करने वाले भाग में स्तम्भाकार एपिथीलियम कोशिकाएँ होती हैं; जैसे-छोटी आँत। यह एपिथीलियमी अवरोध को पार करने में सहायता करता है।

(c) स्तम्भाकार (पक्ष्माभी)
(c) स्तम्भाकार (पक्ष्माभी)

(iv) पक्ष्माभी स्तम्भाकार एपिथीलियम-श्वास नली में, स्तम्भाकार एपिथीलियम ऊतक में पक्ष्माभ होते हैं, जो कि बाल जैसी संरचना होती है। ये पक्ष्माभ गति कर सकते हैं तथा इनकी गति श्लेष्मा को आगे स्थानान्तरित करके साफ करने में सहायता करती है। इस प्रकार का एपिथीलियम, पक्ष्माभी स्तम्भाकार एपिथीलियम कहलाता है।

(v) घनाकार-वृक्कीय नली एवं लार ग्रन्थि के अस्तर का निर्माण घनाकार एपिथीलियम कोशिकाओं से होता है। इस प्रकार ये कोशिकाएँ उस भाग को यांत्रिक सहारा प्रदान करती हैं। कभी कभी एपिथीलियमी ऊतक का कुछ भाग अन्दर की ओर मुड़कर बहुकोशिक ग्रन्थि का निर्माण करता है।

(d) घनाकार
(d) घनाकार

(vi) ग्रन्थिल एपिथीलियम-कभी-कभी एपिथीलियम ऊतक का कुछ भाग अंदर की ओर मुड़ा होता है तथा एक बहुकोशिक ग्रन्थि का निर्माण करता है। यह ग्रन्थिल एपिथीलियम कहलाता है।


7. गति (Motion)


पाठगत प्रश्न

पृष्ठ 82

प्रश्न 1. एक वस्तु के द्वारा कुछ दूरी तय की गई। क्या इसका विस्थापन शून्य हो सकता है? अगर हाँ, तो अपने उत्तर को उदाहरण के द्वारा समझाएँ।

उत्तर- हाँ, इसका विस्थापन शून्य हो सकता है।

उदाहरण- यदि कोई वस्तु एक वृत्ताकार पथ पर एक पूर्ण चक्कर के लिए गति करती है तो उसके लिए गति का प्रारम्भिक बिन्दु और अन्तिम बिन्दु एक ही प्राप्त होता है। इससे इसका विस्थापन शून्य होता है।

प्रश्न 2. एक किसान 10 m10\text{ m} की भुजा वाले एक वर्गाकार खेत की सीमा पर 40 s40\text{ s} में चक्कर लगाता है। 22 मिनट 2020 सेकण्ड के बाद किसान के विस्थापन का परिमाण क्या होगा?

हल- खेत की सीमा = AB+BC+CD+DAAB + BC + CD + DA

=10+10+10+10= 10 + 10 + 10 + 10
=40 मीटर= 40\text{ मीटर}

Square field ABCD with side 10m
Square field ABCD with side 10m

कुल समय = 22 मिनट 2020 सेकण्ड

=2×60+20= 2 \times 60 + 20
=120+20=140= 120 + 20 = 140 सेकण्ड

प्रश्नानुसार,
4040 सेकण्ड में तय की गई दूरी = 4040 मीटर
1\therefore 1 सेकण्ड में तय की गई दूरी = 11 मीटर
140140 सेकण्ड में तय की गई दूरी = 1×1401 \times 140

=140= 140 मीटर

यदि किसान मूल बिन्दु AA से चलना प्रारम्भ करता है तो वह 140140 मीटर की दूरी तय करने के बाद बिन्दु CC पर होगा। अतः किसान का शुद्ध विस्थापन ACAC होगा।
समकोण ABC\triangle ABC में
AC=(AB)2+(BC)2AC = \sqrt{(AB)^2 + (BC)^2}

538

=(10)2+(10)2=100+100= \sqrt{(10)^2 + (10)^2} = \sqrt{100 + 100}
=200=100×2= \sqrt{200} = \sqrt{100 \times 2}

=102= 10\sqrt{2} मीटर
या 10×1.41410 \times 1.414

=14.14= 14.14 मीटर
अतः किसान के विस्थापन का परिमाण 10210\sqrt{2} मीटर या 14.1414.14 मीटर है।

प्रश्न 3. विस्थापन के लिए निम्न में कौन सही है?
(a) यह शून्य नहीं हो सकता है।
(b) इसका परिमाण वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी से अधिक है।

उत्तर—(a) गलत (b) गलत

[पृष्ठ 84]

प्रश्न 1. चाल एवं वेग में अंतर बताइए।

उत्तर—चाल एवं वेग में अन्तर

चाल वेग
1. यह किसी भी दिशा में इकाई समय अन्तराल में तय की गई दूरी होती है। यह एक निश्चित दिशा में किसी वस्तु के द्वारा इकाई समय अन्तराल में तय की गई दूरी है।
2. चाल एक अदिश राशि है जिसमें केवल परिमाण होता है। यह एक सदिश राशि है जिसमें परिमाण के साथ-साथ दिशा का भी बोध होता है।
3. यह सदा धनात्मक होती है। यह धनात्मक और ऋणात्मक दोनों हो सकता है।
4. गतिमान वस्तु की चाल शून्य नहीं होती है। गतिमान वस्तु का वेग शून्य हो सकता है।
5. दूरी में परिवर्तन से चाल में परिवर्तन होता है। वेग में परिवर्तन विस्थापन की मात्रा या दिशा परिवर्तन के कारण हो सकता है।

प्रश्न 2. किस अवस्था में किसी वस्तु के औसत वेग का परिमाण उसकी औसत चाल के बराबर होगा?

उत्तर—यदि वस्तु द्वारा चली गई दूरी एवं विस्थापन का परिमाण एकसमान हो तो औसत वेग औसत चाल के बराबर होगा।

प्रश्न 3. एक गाड़ी का ओडोमीटर क्या मापता है?

उत्तर—ओडोमीटर वाहनों द्वारा तय की गई दूरी को मापता है।

प्रश्न 4. जब वस्तु एकसमान गति में होती है तब इसका मार्ग कैसा दिखाई पड़ता है?

उत्तर—जब वस्तु एकसमान गति में होती है तब वस्तु का पथ एक सरल रेखीय दिखाई पड़ता है।

प्रश्न 5. एक प्रयोग के दौरान, अंतरिक्षयान से एक सिग्नल को पृथ्वी पर पहुँचने में 55 मिनट का समय लगता है। पृथ्वी पर स्थित स्टेशन से उस अंतरिक्षयान की दूरी क्या है? (सिग्नल की चाल = प्रकाश की चाल = 3×108 ms13 \times 10^8 \text{ ms}^{-1})

हल—सिग्नल को पृथ्वी तक पहुँचाने में लगा समय = 55 मिनट

अतः t=5×60=300t = 5 \times 60 = 300 सेकण्ड
सिग्नल की चाल = 3×108 m/s3 \times 10^8 \text{ m/s}
दूरी (s) = चाल (v) ×\times समय (t)

=3×108×300= 3 \times 10^8 \times 300
=9×1010= 9 \times 10^{10} मीटर
या 9×1010103\frac{9 \times 10^{10}}{10^3} किमी. = 9×1079 \times 10^7 किमी.

[पृष्ठ 86]

प्रश्न 1. आप किसी वस्तु के बारे में कब कहेंगे कि,
(i) वह एकसमान त्वरण से गति में है?
(ii) वह असमान त्वरण से गति में है?

उत्तर—(i) यदि एक वस्तु सीधी रेखा में चलती है और इसका वेग समान समयांतराल में समान रूप से घटता या बढ़ता है, तो वस्तु का त्वरण 'एकसमान त्वरण' कहलाता है।

(ii) यदि किसी गतिमान वस्तु के वेग में परिवर्तन की दर समय के विभिन्न अंतरालों में भिन्न-भिन्न होती है तो वस्तु में उत्पन्न त्वरण असमान त्वरण कहलाता है।

प्रश्न 2. एक बस की गति 5 s5\text{ s} में 80 km h180\text{ km h}^{-1} से घटकर 60 km h160\text{ km h}^{-1} हो जाती है। बस का त्वरण ज्ञात कीजिए।

हल—दिया है-बस का प्रारंभिक वेग u=80u = 80 किमी./घण्टा

u=80×518u = 80 \times \frac{5}{18} मीटर/सेकंड

=40018= \frac{400}{18} मीटर/सेकंड
अंतिम वेग, v=60v = 60 किमी./घण्टा

=60×518=30018= 60 \times \frac{5}{18} = \frac{300}{18} मीटर/सेकंड

[किमी./घण्टा को मी./से. में बदलने के लिए सीधा 518\frac{5}{18} से गुणा किया जा सकता है।]
त्वरण की परिभाषा से,
a=vut=30018400185a = \frac{v-u}{t} = \frac{\frac{300}{18} - \frac{400}{18}}{5}
t=5\because t = 5 सेकण्ड दिया है
a=10018×5=10090\therefore a = -\frac{100}{18 \times 5} = \frac{-100}{90}
अतः बस का त्वरण (a)=109(a) = -\frac{10}{9} मीटर/सेकण्ड2^2
यहाँ पर ऋणात्मक चिह्न मंदन को प्रकट कर रहा है।

प्रश्न 3. एक रेलगाड़ी स्टेशन से चलना प्रारंभ करती है और एकसमान त्वरण के साथ चलते हुए 10 मिनट में 40 km h140\text{ km h}^{-1} की चाल प्राप्त करती है। इसका त्वरण ज्ञात कीजिए।

हल-दिया गया है,

प्रारंभिक वेग, u=0u = 0
अंतिम वेग, v=40v = 40 किमी./घण्टा

=40×518=20018= \frac{40 \times 5}{18} = \frac{200}{18} मीटर/सेकंड
=1009= \frac{100}{9} मीटर/सेकंड
t=10t = 10 मिनट =10×60= 10 \times 60

=600= 600 सेकंड
त्वरण की परिभाषा से,
a=vuta = \frac{v-u}{t}
अतः रेलगाड़ी का त्वरण
a=10090600=1009×600a = \frac{\frac{100}{9} - 0}{600} = \frac{100}{9 \times 600}

=154=0.018= \frac{1}{54} = 0.018 मीटर/सेकण्ड2^2

Distance-Time graph for uniform motion
Distance-Time graph for uniform motion

ग्राफ में OA भाग यह बतलाता है कि दूरी, समय के साथ एकसमान दर से बढ़ रही है।
(2) असमान गति के लिए-किसी वस्तु की असमान गति के लिए समय-दूरी ग्राफ एक वक्र रेखा में होता है।
यहाँ पर ग्राफ OA असमान गति बतलाता है।

Distance-Time graph for non-uniform motion
Distance-Time graph for non-uniform motion

प्रश्न 2. किसी वस्तु की गति के विषय में आप क्या कह सकते हैं, जिसका दूरी-समय ग्राफ समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा है?

उत्तर-दूरी-समय ग्राफ का समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा होना यह बताता है कि यह वस्तु विरामावस्था में है अर्थात् स्थिर है क्योंकि यह वस्तु समय के साथ स्थान में परिवर्तन नहीं कर रही है।

Distance-Time graph for stationary object
Distance-Time graph for stationary object

पृष्ठ 90

प्रश्न 1. किसी वस्तु के एकसमान व असमान गति के लिए समय दूरी-ग्राफ की प्रकृति क्या होती है?

उत्तर-(1) एक समान गति के लिए-किसी वस्तु की एकसमान गति के लिए समय-दूरी ग्राफ एक सरल रेखा होती है।

प्रश्न 3. किसी वस्तु की गति के विषय में आप क्या कह सकते हैं, जिसका चाल-समय ग्राफ समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा है?

उत्तर-चाल-समय ग्राफ का समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा होना यह बताता है कि वस्तु की चाल स्थिर है, वह समय के साथ परिवर्तित नहीं हो रही है। अतः वस्तु एक समान चाल से गतिशील है।

540

Velocity-Time Graph
Velocity-Time Graph

प्रश्न 4. वेग-समय ग्राफ के नीचे के क्षेत्र से मापी गई राशि क्या होती है?

उत्तर- यह क्षेत्रफल वस्तु द्वारा दिए गए समय अंतराल में कुल चली गई दूरी के बराबर होता है।

पृष्ठ 92

प्रश्न 1. कोई बस विरामावस्था से चलना प्रारंभ करती है तथा 22 मिनट तक 0.1 m s20.1\text{ m s}^{-2} के एकसमान त्वरण से चलती है। परिकलन कीजिए-
(a) प्राप्त की गई चाल तथा
(b) तय की गई दूरी।

हल- दिया गया है,

बस का प्रारंभिक वेग u=0u = 0
त्वरण (a)=0.1 मीटर/से.2(a) = 0.1\text{ मीटर/से.}^2
समय (t)=2(t) = 2 मिनट

=2×60=120= 2 \times 60 = 120 सेकंड
अन्तिम वेग (v)=?(v) = ?
तय की गई दूरी (s)=?(s) = ?
(a) गति के प्रथम समीकरण से
v=u+atv = u + at
v=0+0.1×120v = 0 + 0.1 \times 120
अतः प्राप्त की गई चाल
v=12.0v = 12.0

=12 मीटर/सेकण्ड= 12\text{ मीटर/सेकण्ड}
(b) गति के द्वितीय समीकरण से
s=ut+12at2s = ut + \frac{1}{2}at^2
मान रखने पर s=0×120+12×0.1×(120)2s = 0 \times 120 + \frac{1}{2} \times 0.1 \times (120)^2

=0+12×0.1×120×120= 0 + \frac{1}{2} \times 0.1 \times 120 \times 120
अतः तय की गई दूरी =720= 720 मीटर

प्रश्न 2. कोई रेलगाड़ी 90 km h190\text{ km h}^{-1} की चाल से चल रही है। ब्रेक लगाए जाने पर वह 0.5 m s2-0.5\text{ m s}^{-2} का एकसमान त्वरण उत्पन्न करती है। रेलगाड़ी विरामावस्था में आने के पहले कितनी दूरी तय करेगी?

हल- दिया गया है,

रेलगाड़ी का प्रारंभिक वेग,
u=90 किमी./घण्टाu = 90\text{ किमी./घण्टा}
u=90×518 मी./से.u = 90 \times \frac{5}{18}\text{ मी./से.}
u=5×5=25 मी./से.u = 5 \times 5 = 25\text{ मी./से.}
त्वरण (a)=0.5 मी./से.2(a) = -0.5\text{ मी./से.}^2
अंतिम वेग (v)=0(v) = 0
तय की गई दूरी (s)=?(s) = ?
गति के तीसरे समीकरण से
v2=u2+2asv^2 = u^2 + 2as
मान रखने पर
(0)2=(25)2+2×(0.5)×s(0)^2 = (25)^2 + 2 \times (-0.5) \times s
0=6251.0 s\Rightarrow 0 = 625 - 1.0\text{ s}
s=625\Rightarrow \therefore s = 625 मीटर
अतः रेलगाड़ी विरामावस्था में आने के पहले 625625 मीटर दूरी तय करेगी।

प्रश्न 3. एक ट्रॉली एक आनत तल पर 2 m s22\text{ m s}^{-2} के त्वरण से नीचे जा रही है। गति प्रारंभ करने के 3 s3\text{ s} के पश्चात् उसका वेग क्या होगा?

हल- दिया गया है,

ट्रॉली का प्रारंभिक वेग, u=0u = 0
समान त्वरण, a=2 मीटर/से.2a = 2\text{ मीटर/से.}^2
अन्तिम वेग, v=?v = ?
समय, t=3t = 3 सेकंड
गति के प्रथम समीकरण से, v=u+atv = u + at
मान रखने पर, v=0+2×3v = 0 + 2 \times 3
v=0+6=6 मीटर/सेकंडv = 0 + 6 = 6\text{ मीटर/सेकंड}
अतः ट्रॉली का 3 s3\text{ s} बाद वेग 6 मीटर/सेकंड6\text{ मीटर/सेकंड} होगा।

प्रश्न 4. एक रेसिंग कार का एकसमान त्वरण 4 m s24\text{ m s}^{-2} है। गति प्रारंभ करने के 10 s10\text{ s} पश्चात् वह कितनी दूरी तय करेगी?

हल- दिया गया है,

त्वरण, a=4 मीटर/सेकण्ड2a = 4\text{ मीटर/सेकण्ड}^2
प्रारम्भिक वेग, u=0u = 0
समय, t=10t = 10 सेकंड
दूरी, s=?s = ?
गति के दूसरे समीकरण से,
s=ut+12at2s = ut + \frac{1}{2}at^2
मान रखने पर,

s=0×10+12×4×(10)2s = 0 \times 10 + \frac{1}{2} \times 4 \times (10)^2

=0+12×4×10×10= 0 + \frac{1}{2} \times 4 \times 10 \times 10
=0+2×10×10=0+200= 0 + 2 \times 10 \times 10 = 0 + 200

=200 मीटर= 200 \text{ मीटर}
s=200 मीटरs = 200 \text{ मीटर}

अतः गति प्रारम्भ करने के 1010 सेकण्ड पश्चात् वह 200200 मीटर की दूरी तय करेगी।

प्रश्न 5. किसी पत्थर को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर 5 m s15 \text{ m s}^{-1} के वेग से फेंका जाता है। यदि गति के दौरान पत्थर का नीचे की ओर दिष्ट त्वरण 10 m s210 \text{ m s}^{-2} है, तो पत्थर के द्वारा कितनी ऊँचाई प्राप्त की गई तथा उसे वहाँ पहुँचने में कितना समय लगा?

हल- दिया गया है,

u=5 मीटर/से.u = 5 \text{ मीटर/से.}
अन्तिम वेग, v=0v = 0 (पत्थर की अधिकतम ऊँचाई पर वेग शून्य होगा)
त्वरण, a=10 मीटर/से.2a = -10 \text{ मीटर/से.}^2
(\because त्वरण नीचे की ओर है, इसलिए ऋणात्मक लिया गया है।)
चलित दूरी, s=?s = ?
समय, t=?t = ?
गति के तीसरे समीकरण से
v2=u2+2asv^2 = u^2 + 2as
0=(5)2+2×(10)×s0 = (5)^2 + 2 \times (-10) \times s
0=2520s0 = 25 - 20s
20s=25\Rightarrow 20s = 25
\therefore चलित दूरी s=2520=1.25 मीटरs = \frac{25}{20} = 1.25 \text{ मीटर}
अतः पत्थर के द्वारा प्राप्त की गई ऊँचाई =1.25 मीटर= 1.25 \text{ मीटर}
समय, t=vua=0510=12t = \frac{v-u}{a} = \frac{0-5}{-10} = \frac{1}{2}
ऊँचाई प्राप्त करने में लगा समय t=0.5 सेकण्डt = 0.5 \text{ सेकण्ड}

--- पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्न ---

प्रश्न 1. एक एथलीट वृत्तीय रास्ते, जिसका व्यास 200 m200 \text{ m} है, का एक चक्कर 40 s40 \text{ s} में लगाता है। 2 min 20 s2 \text{ min } 20 \text{ s} के बाद यह कितनी दूरी तय करेगा और उसका विस्थापन क्या होगा?

Circular path with diameter 200m
Circular path with diameter 200m

उत्तर- दिया गया है,

वृत्त का व्यास (2r)=200 मीटर(2r) = 200 \text{ मीटर}
\therefore त्रिज्या =2002=100 मीटर= \frac{200}{2} = 100 \text{ मीटर}
समय =40 सेकण्ड= 40 \text{ सेकण्ड}
वृत्ताकार रास्ते की परिधि =2πr= 2\pi r

=2π×100=200π मीटर= 2\pi \times 100 = 200\pi \text{ मीटर}
एथलीट वृत्ताकार रास्ते पर कुल चलता है =2 मिनट 20 सेकण्ड= 2 \text{ मिनट } 20 \text{ सेकण्ड}
अर्थात् =2×60+20= 2 \times 60 + 20

=120+20=140 सेकण्ड= 120 + 20 = 140 \text{ सेकण्ड}
40 सेकण्ड में एथलीट वृत्तीय रास्ते पर चलता है=200π\because 40 \text{ सेकण्ड में एथलीट वृत्तीय रास्ते पर चलता है} = 200\pi
1 सेकण्ड में चलेगा=200π40=5π\therefore 1 \text{ सेकण्ड में चलेगा} = \frac{200\pi}{40} = 5\pi
140 सेकण्ड में चलेगा=140×5π\therefore 140 \text{ सेकण्ड में चलेगा} = 140 \times 5\pi

=700π मीटर= 700\pi \text{ मीटर}
=700×227=2200 मीटर= 700 \times \frac{22}{7} = 2200 \text{ मीटर}
अतः 140 सेकण्ड में एथलीट 2200 मीटर चलेगा।140 \text{ सेकण्ड में एथलीट } 2200 \text{ मीटर चलेगा।}
एथलीट द्वारा चक्करों की संख्या

=कुल दूरीएक चक्कर की दूरी= \frac{\text{कुल दूरी}}{\text{एक चक्कर की दूरी}}
=2200200π= \frac{2200}{200\pi}

=2200×7200×22= \frac{2200 \times 7}{200 \times 22}
=3.5 चक्कर= 3.5 \text{ चक्कर}
3 चक्कर में विस्थापन का मान=शून्य3 \text{ चक्कर में विस्थापन का मान} = \text{शून्य}
चूँकि प्रारम्भिक बिन्दु और अन्तिम बिन्दु एक ही हैं, अतः 0.5 चक्कर में विस्थापन=व्यास0.5 \text{ चक्कर में विस्थापन} = \text{व्यास}

=200 मीटर= 200 \text{ मीटर}
अतः एथलीट का विस्थापन 200 मीटर होगा।200 \text{ मीटर होगा।}

प्रश्न 2. 300 m300 \text{ m} सीधे रास्ते पर जोसेफ जॉगिंग करता हुआ 2 min 50 s2 \text{ min } 50 \text{ s} में एक सिरे AA से दूसरे सिरे BB पर पहुँचता है और घूमकर 1 min.1 \text{ min.} में 100 m100 \text{ m} पीछे बिन्दु CC पर पहुँचता है। जोसेफ की औसत चाल और औसत वेग क्या होंगे?
(a) सिरे AA से सिरे BB तक तथा (b) सिरे AA से सिरे CC तक।

542

उत्तर-A से B तक की दूरी

AB=300AB = 300 मीटर

Line segment AB with point C, distance 100m between C and B, total distance 300m
Line segment AB with point C, distance 100m between C and B, total distance 300m

(a) सिरे A से सिरे B तक औसत चाल
कुल दूरी AB=300AB = 300 मीटर
कुल समय =2= 2 मिनट 5050 सेकण्ड

=2×60= 2 \times 60 सेकण्ड +50+ 50 सेकण्ड
=120= 120 सेकण्ड +50+ 50 सेकण्ड

=170= 170 सेकण्ड
\therefore औसत चाल =कुल तय दूरीकुल लगा समय= \frac{\text{कुल तय दूरी}}{\text{कुल लगा समय}}

=300170=1.76= \frac{300}{170} = 1.76 मीटर/सेकण्ड
पुन: विस्थापन == प्रारम्भिक बिन्दु A से अन्तिम बिन्दु B तक सीधे रास्ते दूरी
AB=300AB = 300 मीटर
लगा समय t=170t = 170 सेकंड
अतः औसत वेग =विस्थापनसमय= \frac{\text{विस्थापन}}{\text{समय}}

=300 मीटर170 सेकंड= \frac{300 \text{ मीटर}}{170 \text{ सेकंड}}
=1.76= 1.76 मीटर/सेकण्ड A से B की ओर।

(b) सिरे A से सिरे C तक औसत चाल और वेग
कुल दूरी AB+BC=300+100AB + BC = 300 + 100

=400= 400 मीटर
कुल लगा समय =2= 2 मिनट 5050 सेकण्ड ++ 1.001.00 मिनट

=3= 3 मिनट 5050 सेकण्ड
=3×60= 3 \times 60 सेकण्ड +50+ 50 सेकण्ड

=180= 180 सेकण्ड +50+ 50 सेकण्ड
=230= 230 सेकण्ड
\therefore औसत चाल =कुल तय दूरीकुल लगा समय=400230= \frac{\text{कुल तय दूरी}}{\text{कुल लगा समय}} = \frac{400}{230}

=1.74= 1.74 मीटर/सेकण्ड उत्तर

औसत वेग =विस्थापनसमय= \frac{\text{विस्थापन}}{\text{समय}}

=300100230=200230= \frac{300 - 100}{230} = \frac{200}{230}
=0.87= 0.87 मीटर/सेकण्ड A से C की ओर उत्तर

प्रश्न 3. अब्दुल गाड़ी से स्कूल जाने के क्रम में औसत चाल को 20 km h120 \text{ km h}^{-1} पाता है। उसी रास्ते से लौटने के समय वहाँ भीड़ कम है और औसत चाल 40 km h140 \text{ km h}^{-1} है। अब्दुल की इस पूरी यात्रा में उसकी औसत चाल क्या है?

उत्तर-माना अब्दुल की आरम्भ बिन्दु और स्कूल के बीच की दूरी =x= x किमी. है।

जाते समय औसत चाल =20 km/h= 20 \text{ km/h}
माना जाने का समय =t1= t_1 है।
समय (t1)=दूरीचाल=x20 h(t_1) = \frac{\text{दूरी}}{\text{चाल}} = \frac{x}{20} \text{ h}
माना वापस आते हुए समय लगता है =t2= t_2
वापस आने की औसत चाल =40 km/h= 40 \text{ km/h}
\therefore समय (t2)=दूरीचाल=x40 h(t_2) = \frac{\text{दूरी}}{\text{चाल}} = \frac{x}{40} \text{ h}
यात्रा का कुल समय =t1+t2= t_1 + t_2

=x20+x40=2x+x40=3x40= \frac{x}{20} + \frac{x}{40} = \frac{2x + x}{40} = \frac{3x}{40}
और कुल दूरी =x+x=2x= x + x = 2x
\therefore कुल यात्रा के लिए औसत गति =कुल दूरीकुल समय= \frac{\text{कुल दूरी}}{\text{कुल समय}}

=2x3x40= \frac{2x}{\frac{3x}{40}}
=2x×403x=803= \frac{2x \times 40}{3x} = \frac{80}{3}

=26.66 km/h= 26.66 \text{ km/h} उत्तर

प्रश्न 4. कोई मोटरबोट झील में विरामावस्था से सरल रेखीय पथ पर 3.0 m s23.0 \text{ m s}^{-2} के नियत त्वरण से 8.0 s8.0 \text{ s} तक चलती है। इस समय अंतराल में मोटरबोट कितनी दूरी तय करती है?

हल-दिया गया है,

प्रारम्भिक वेग u=0u = 0
त्वरण a=3.0 m/s2a = 3.0 \text{ m/s}^2
समय t=8.0 st = 8.0 \text{ s}
तय दूरी s=?s = ?
गति के दूसरे समीकरण से,
s=ut+12at2s = ut + \frac{1}{2}at^2
मान रखने पर,
s=0×8+12×3.0×(8.0)2s = 0 \times 8 + \frac{1}{2} \times 3.0 \times (8.0)^2

=0+12×3×64=0+3×32= 0 + \frac{1}{2} \times 3 \times 64 = 0 + 3 \times 32
=0+96=96 m= 0 + 96 = 96 \text{ m}
अतः मोटरबोट द्वारा तय की गई दूरी =96 मीटर= 96 \text{ मीटर}

प्रश्न 5. किसी गाड़ी का चालक 52 km/h152 \text{ km/h}^{-1} की गति से चल रही कार में ब्रेक लगाता है तथा कार विपरीत दिशा में एकसमान दर से त्वरित होती है। कार 5 सेकण्ड5 \text{ सेकण्ड} में रुक जाती है। दूसरा चालक 30 km/h130 \text{ km/h}^{-1} की गति से चलती हुई दूसरी कार पर धीमे-धीमे ब्रेक लगाता है तथा 10 सेकण्ड10 \text{ सेकण्ड} में रुक जाता है। एक ही ग्राफ पेपर पर दोनों कारों के लिए चाल-समय ग्राफ आलेखित करें। ब्रेक लगाने के पश्चात् दोनों में से कौन-सी कार अधिक दूर तक जाएगी?

उत्तर- पैमाना

X-अक्ष पर, 1 सेमी.=1 सेकण्ड1 \text{ सेमी.} = 1 \text{ सेकण्ड}
Y-अक्ष पर, 1 सेमी.=10 किमी./घण्टा1 \text{ सेमी.} = 10 \text{ किमी./घण्टा}
दोनों कारों के चाल-समय ग्राफ नीचे चित्र में प्रदर्शित है।

ब्रेक लगाने के बाद रुकने तक कारों द्वारा तय दूरियाँ ज्ञात करना-
प्रथम कार द्वारा तय दूरी == ग्राफ AB के नीचे घिरा क्षेत्रफल
AOB\triangle \text{AOB} का क्षेत्रफल =12×OA×OB= \frac{1}{2} \times \text{OA} \times \text{OB}

=12×(52 किमी./घण्टा)×5 सेकण्ड= \frac{1}{2} \times (52 \text{ किमी./घण्टा}) \times 5 \text{ सेकण्ड}

चाल-समय ग्राफ (प्रथम कार और दूसरी कार)
चाल-समय ग्राफ (प्रथम कार और दूसरी कार)

=12×(52×518 मीटर/सेकण्ड)×5 सेकण्ड= \frac{1}{2} \times (52 \times \frac{5}{18} \text{ मीटर/सेकण्ड}) \times 5 \text{ सेकण्ड}
=26×2518=36.11 मीटर= \frac{26 \times 25}{18} = 36.11 \text{ मीटर}

दूसरी कार द्वारा तय दूरी =COD= \triangle \text{COD} का क्षेत्रफल

=12 OC×OD= \frac{1}{2} \text{ OC} \times \text{OD}
=12×(30 किमी./घण्टा)×10 सेकण्ड= \frac{1}{2} \times (30 \text{ किमी./घण्टा}) \times 10 \text{ सेकण्ड}

=12×(30×518 मीटर/सेकण्ड)×10 सेकण्ड= \frac{1}{2} \times (30 \times \frac{5}{18} \text{ मीटर/सेकण्ड}) \times 10 \text{ सेकण्ड}
=15×5018=41.67 मीटर= \frac{15 \times 50}{18} = 41.67 \text{ मीटर}
स्पष्ट है कि रुकने से पूर्व दूसरी कार अधिक दूरी तक जायेगी।

प्रश्न 6. चित्र में तीन वस्तुओं A, B और C के दूरी-समय ग्राफ प्रदर्शित हैं। ग्राफ का अध्ययन करके निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

दूरी-समय ग्राफ (A, B, C)
दूरी-समय ग्राफ (A, B, C)

(a) तीनों में से कौन सबसे तीव्र गति से गतिमान है?
(b) क्या ये तीनों किसी भी समय सड़क के एक ही बिंदु पर होंगे?
(c) जिस समय B, A से गुजरती है उस समय तक C कितनी दूरी तय कर लेती है?
(d) जिस समय B, C से गुजरती है उस समय तक यह कितनी दूरी तय कर लेती है?

उत्तर-

(a) B सबसे तेज गतिमान है चूँकि B समय अक्ष के साथ सबसे बड़ा कोण बनाता है, अर्थात् उस रेखा का ढाल A और C की अपेक्षा अधिक है।
(b) यदि तीनों व्यक्ति किसी विशेष समय में एक ही स्थान पर मिलते हैं, तो ये तीनों रेखाएँ किसी एक बिन्दु पर आकर मिलनी चाहिए। लेकिन ये तीन सीधी रेखाएँ किसी भी बिन्दु पर नहीं मिल सकतीं, अतः हम कह सकते हैं कि तीनों व्यक्ति एक ही बिन्दु पर समान रूप से कभी नहीं मिल सकेंगे।
(c) जब B तथा A एक-दूसरे को मिलते हैं, उस समय C मूल बिन्दु से लगभग 8 km8 \text{ km} दूर है। चूँकि B

तथा A जिस बिन्दु पर काटते या गुजरते हैं उस बिन्दु से सीधे लम्ब डालने पर वह C को काटता है जो कि मूल बिन्दु से लगभग 8 km8\text{ km} दूर है।

(d) जहाँ B तथा C काटते या गुजरते हैं, वहाँ से yy अक्ष पर लम्ब डालने पर मूल बिन्दु से लगभग 6 km6\text{ km} दूरी है।

प्रश्न 7. 2020 मीटर की ऊँचाई से एक गेंद को गिराया जाता है। यदि उसका वेग 10 मीटर/से.210\text{ मीटर/से.}^2 के एकसमान त्वरण की दर से बढ़ता है तो यह किस वेग से धरातल से टकराएगी? कितने समय पश्चात् वह धरातल से टकराएगी?

उत्तर— दिया गया है,

ऊँचाई (h)=20 मीटर(h) = 20\text{ मीटर}
u=0u = 0
a=10 m/s2a = 10\text{ m/s}^{-2}
t=?,v=?t = ?, v = ?

गति के तीसरे समीकरण से,
v2=u2+2asv^2 = u^2 + 2as
v2=(0)2+2×10×20v^2 = (0)^2 + 2 \times 10 \times 20
v2=400v^2 = 400
v=400=20 मीटर/सेकण्ड\therefore v = \sqrt{400} = 20\text{ मीटर/सेकण्ड}
अतः: गेंद धरातल से 20 मीटर/सेकण्ड20\text{ मीटर/सेकण्ड} के वेग से टकरायेगी।

गति के प्रथम समीकरण से,
v=u+atv = u + at
20=0+10×t20 = 0 + 10 \times t
20=10t20 = 10t
t=2010\therefore t = \frac{20}{10}
t=2 सेकण्डt = 2\text{ सेकण्ड}
अतः: गेंद धरातल से 2 सेकण्ड2\text{ सेकण्ड} बाद टकराएगी।

प्रश्न 8. किसी कार का चाल-समय ग्राफ चित्र में दर्शाया गया है-

Speed-Time Graph
Speed-Time Graph

(a) पहले 44 सेकण्ड में कार कितनी दूरी तय करती है? इस अवधि में कार द्वारा तय की गई दूरी को ग्राफ में छायांकित क्षेत्र द्वारा दर्शाइए।

(b) ग्राफ का कौन-सा भाग कार की एकसमान गति को दर्शाता है।

उत्तर— (a) प्रथम 44 सेकण्ड में कार द्वारा तय दूरी को निम्न चित्र में छायांकित क्षेत्र द्वारा प्रदर्शित किया गया है।

दूरी=(6 मीटर/से.)×4 सेकण्ड\text{दूरी} = (6\text{ मीटर/से.}) \times 4\text{ सेकण्ड}

=24 मीटर= 24\text{ मीटर}

Shaded Speed-Time Graph
Shaded Speed-Time Graph

(b) प्रथम 66 सेकंड के बाद का ग्राफ एक सीधी रेखा है। अतः ग्राफ का यह भाग कार की एक समान गति को प्रदर्शित करता है।

प्रश्न 9. निम्नलिखित में से कौन-सी अवस्थाएँ संभव हैं तथा प्रत्येक के लिए एक उदाहरण दें-
(a) कोई वस्तु जिसका त्वरण नियत हो परन्तु वेग शून्य हो।
(b) कोई त्वरित वस्तु एक समान चाल से गति कर रही हो।
(c) कोई वस्तु किसी निश्चित दिशा में गति कर रही हो तथा त्वरण उसके लंबवत् हो।

उत्तर— (a) सम्भव है। मकान की छत से छोड़ते समय गेंद का वेग शून्य होता है, जबकि त्वरण नियत रहता है।

Motion diagram from roof
Motion diagram from roof

(b) सम्भव है। वृत्तीय गति में एकसमान चाल हो सकती है।
(c) यह असम्भव है, क्योंकि यदि त्वरण गति की दिशा के लम्बवत् होगा, तो दिशा निश्चित नहीं रह पायेगी, वह समय के साथ बदल जायेगी।
उदाहरण के लिए, जब हम किसी गेंद को छत से क्षैतिज दिशा में फेंकते हैं तो गेंद पर गुरुत्वीय त्वरण गति

की दिशा के लम्ब दिशा में कार्य करता है, जिससे उसकी गति की दिशा बदलती जाती है।

प्रश्न 10. एक कृत्रिम उपग्रह 42250 km42250\text{ km} त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में घूम रहा है। यदि वह 2424 घंटे में पृथ्वी की एक परिक्रमा करता है तो उसकी चाल का परिकलन कीजिए।

उत्तर— दिया गया है,

वृत्ताकार पथ की त्रिज्या (r)=42,250 km(r) = 42,250\text{ km}
एक चक्कर लगाने में लगा समय (t)=24 घंटे(t) = 24\text{ घंटे}

=24×60×60 सेकण्ड= 24 \times 60 \times 60\text{ सेकण्ड}
\therefore एक चक्कर में तय की गई दूरी =परिधि=2πr= \text{परिधि} = 2\pi r

=2×227×42,250= 2 \times \frac{22}{7} \times 42,250
\therefore उपग्रह की चाल =एक चक्कर में तय दूरीलगा समय= \frac{\text{एक चक्कर में तय दूरी}}{\text{लगा समय}}

=2×227×4225024×60×60= 2 \times \frac{22}{7} \times \frac{42250}{24 \times 60 \times 60}
=3.07 km/s= 3.07\text{ km/s} उत्तर


Velocity-Time graphs (स) and (द)
Velocity-Time graphs (स) and (द)

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

बहुचयनात्मक प्रश्न-

  1. वेग में परिवर्तन की दर है-
    (अ) बल (ब) संवेग
    (स) त्वरण (द) विस्थापन

  2. समान वेग से गतिमान वस्तु का वेग एवं समय के साथ आरेख है-

Velocity-Time graphs (अ) and (ब)
Velocity-Time graphs (अ) and (ब)
  1. एक पत्थर को किसी मीनार से गिराते हैं। मीनार से 20 मीटर20\text{ मीटर} गिरने पर इसका वेग कितना होगा? (g=10 मीटर/सेकण्ड2)(g = 10\text{ मीटर/सेकण्ड}^2) -
    (अ) 10 मीटर/सेकण्ड- 10\text{ मीटर/सेकण्ड}
    (ब) 10 मीटर/सेकण्ड10\text{ मीटर/सेकण्ड}
    (स) 20 मीटर/सेकण्ड- 20\text{ मीटर/सेकण्ड}
    (द) 20 मीटर/सेकण्ड20\text{ मीटर/सेकण्ड}

  2. जब कोई गेंद ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर फेंकी जाती है तो गुरुत्वीय त्वरण-
    (अ) उसकी गति की दिशा के विपरीत दिशा में होता है।
    (ब) उसकी गति की ही दिशा में होता है।
    (स) गेंद के नीचे आते समय बढ़ता जाता है।
    (द) गेंद की उच्चतम स्थिति पर शून्य हो जाता है।

  3. दूरी-समय आलेख से प्राप्त क्षैतिज सीधी रेखा किस गति से सम्बन्धित है?
    (अ) शून्य वेग (ब) नियत वेग
    (स) बढ़ता हुआ वेग (द) घटता हुआ वेग।

  4. एक वस्तु 5 मी./से.5\text{ मी./से.} के वेग से चलना प्रारम्भ करती है। यदि वस्तु का त्वरण 2 मी./से.22\text{ मी./से.}^2 हो तो 8 सेकण्ड8\text{ सेकण्ड} बाद उसका वेग होगा-
    (अ) 21 मी./से.21\text{ मी./से.} (ब) 18 मी./से.18\text{ मी./से.}
    (स) 10.5 मी./से.10.5\text{ मी./से.} (द) 9 मी./से.9\text{ मी./से.}

  5. एक रेलगाड़ी का वेग 10 सेकण्ड10\text{ सेकण्ड} में 20 मी./से.20\text{ मी./से.} से बढ़कर 60 मी./से.60\text{ मी./से.} हो जाता है। रेलगाड़ी का त्वरण ज्ञात करो।
    (अ) 4 m/sec24\text{ m/sec}^2 (ब) 12 m/sec212\text{ m/sec}^2
    (स) 2 m/sec22\text{ m/sec}^2 (द) 6 m/sec26\text{ m/sec}^2

प्रश्न 8. एक गेंद 2 मी./से.22 \text{ मी./से.}^2 के त्वरण से 1010 मीटर दूरी तय करती है। यदि गेंद का प्रारम्भिक वेग 3 मी./से.3 \text{ मी./से.} हो तो उसका अन्तिम वेग ज्ञात कीजिए।
(अ) 77
(ब) 66
(स) 55
(द) 44

उत्तरमाला

1. (स) 2. (स) 3. (स) 4. (अ) 5.(अ)
6. (अ) 7. (अ) 8. (अ)

रिक्त स्थान वाले प्रश्न-

  1. किसी वस्तु की स्थिति को बताने के लिए हमें एक निर्देश बिन्दु की आवश्यकता होती है, जिसे .................... बिन्दु कहा जाता है।
  2. वस्तु की प्रारम्भिक व अन्तिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी को वस्तु का .................... कहते हैं।
  3. एक समान चाल के लिये, समय के साथ तय की गई दूरी का ग्राफ .................... है।
  4. वेग-समय ग्राफ का क्षेत्रफल दिये गये समयांतराल में तय की .................... को बताता है।

उत्तरमाला- 1. मूल 2. विस्थापन 3. एक सरल रेखा 4. दूरी।

सत्य/असत्य कथन वाले प्रश्न-
निम्नलिखित कथनों में सत्य तथा असत्य कथन छाँटिए-

  1. प्रारम्भिक स्थिति और अन्तिम स्थिति आपस में मिल जाती है तब विस्थापन शून्य होता है। (सत्य/असत्य)
  2. स्वचालित वाहनों में एक यंत्र लगा होता है जो उनके द्वारा तय की गई दूरी को प्रदर्शित करता है। इस यंत्र को ओडोमीटर कहते हैं। (सत्य/असत्य)
  3. औसत वेग = प्रारम्भिक वेगअन्तिम वेग2\frac{\text{प्रारम्भिक वेग} - \text{अन्तिम वेग}}{2} होता है। (सत्य/असत्य)
  4. त्वरण a=v+uta = \frac{v+u}{t} होता है। (सत्य/असत्य)
  5. असमान त्वरित गति की स्थिति में वेग-समय ग्राफ किसी भी आकृति का हो सकता है। (सत्य/असत्य)

उत्तरमाला- 1. सत्य 2. सत्य 3. असत्य 4. असत्य 5. सत्य।

मिलान वाले प्रश्न-
निम्नलिखित प्रश्नों में भाग (अ) का मिलान भाग (ब) से करके सही कूट (कोड) का चयन कीजिए-

भाग (अ) भाग (ब)
(i) विस्थापन (a) अदिश राशि होती है।
(ii) चाल (b) सदिश राशि होती है।
(iii) औसत वेग (vavv_{av}) (c) समान होता है।
(iv) चाल और वेग का मात्रक (d) u+v2\frac{u+v}{2}
(v) एक समान त्वरित के लिये वेग-समय ग्राफ (e) सीधी रेखा है।

उत्तर- (i) (b) (ii) (a) (iii) (d) (iv) (c) (v) (e)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. गाड़ी द्वारा तय की गई दूरी किसके द्वारा मापी जाती है?

उत्तर- ओडोमीटर से।

प्रश्न 2. विस्थापन-समय आरेख का ढाल किस राशि के मान को प्रकट करता है?

उत्तर- वेग को।

प्रश्न 3. एक समान चाल के लिए समय के साथ तय की गई दूरी का ग्राफ कैसा होता है?

उत्तर- एक सरल रेखा।

प्रश्न 4. दूरी-समय ग्राफ से क्या जाना जा सकता है?

उत्तर- वस्तु की चाल को।

प्रश्न 5. एक समान त्वरित गतियों के लिए वेग-समय ग्राफ कैसा होता है?

उत्तर- एक सीधी रेखा।

प्रश्न 6. मंदन किसे कहते हैं?

उत्तर- ऋणात्मक त्वरण मंदन कहलाता है।

प्रश्न 7. वेग-समय ग्राफ का ढाल किसे प्रदर्शित करता है?

उत्तर- त्वरण को।

प्रश्न 8. वेग से क्या अभिप्राय है?

उत्तर- विस्थापन की परिवर्तन की दर वेग कहलाती है।

प्रश्न 9. क्या किसी समय कोई पिंड स्थिर एवं गतिशील दोनों हो सकता है?

उत्तर- हाँ, क्योंकि गति सापेक्ष होती है।

प्रश्न 10. क्या किसी समान त्वरित वस्तु का तात्क्षणिक वेग शून्य हो सकता है?

उत्तर—हाँ, समान त्वरित वस्तु का तात्क्षणिक वेग शून्य हो सकता है।

प्रश्न 11. गति का सबसे साधारण प्रकार कौन-सा है?

उत्तर—सरल रेखीय गति।

प्रश्न 12. वस्तु की दूरी को जानने के लिए किस बात की आवश्यकता नहीं होती है?

उत्तर—गति की दिशा की आवश्यकता नहीं पड़ती है।

प्रश्न 13. वस्तु का विस्थापन क्या है?

उत्तर—वस्तु का प्रारम्भिक और अन्तिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी को वस्तु का विस्थापन कहते हैं।

प्रश्न 14. एकसमान गति किसे कहते हैं?

उत्तर—जब कोई वस्तु समान समयांतराल में समान दूरी तय करती है तो उसकी गति को एकसमान गति कहते हैं।

प्रश्न 15. असमान गति के कोई दो उदाहरण लिखिए।

उत्तर—(i) सड़क पर जा रही मोटरकार।

(ii) पार्क में व्यायाम कर रहा एक व्यक्ति।

प्रश्न 16. संलग्न चित्र द्वारा वस्तु के वेग तथा त्वरण के बारे में क्या निष्कर्ष निकलता है?

विस्थापन-समय और वेग-समय ग्राफ
विस्थापन-समय और वेग-समय ग्राफ

उत्तर—दोनों में वस्तु एकसमान वेग से गतिमान है तथा त्वरण शून्य है।

प्रश्न 17. दो स्कूटरों का समय-वेग ग्राफ संलग्न चित्रों (अ) व (ब) में प्रदर्शित है। इनके त्वरणों में क्या सम्बन्ध है?

दो स्कूटरों के समय-वेग ग्राफ (अ) और (ब)
दो स्कूटरों के समय-वेग ग्राफ (अ) और (ब)

उत्तर—चित्र (अ) में त्वरण A, त्वरण B से कम होगा तथा चित्र (ब) में दोनों का त्वरण समान होगा क्योंकि दोनों आपस में समान्तर हैं (ढाल समान है)।


लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. गुरुत्वीय त्वरण क्या है?

उत्तर—गुरुत्वीय त्वरण—पृथ्वी की तरफ गिरते समय वस्तु पर पृथ्वी के आकर्षण बल के कारण जो त्वरण उत्पन्न होता है, वह गुरुत्वीय त्वरण कहलाता है। इसका मात्रक मीटर/सेकण्ड2\text{मीटर/सेकण्ड}^2 होता है और इसका मान 9.8 मीटर/सेकण्ड29.8 \text{ मीटर/सेकण्ड}^2 होता है।

प्रश्न 2. चाल से क्या अभिप्राय है? औसत चाल का मान किस प्रकार प्राप्त कर सकते हैं?

उत्तर—चाल—किसी वस्तु द्वारा किसी भी दिशा में इकाई समय में तय की गई दूरी को चाल कहते हैं। इसका मात्रक मी./से.\text{मी./से.} होता है।

अधिकांश वस्तुओं की गति असमान होती है, इस कारण से इन वस्तुओं की गति की दर को उनकी औसत चाल कहा जाता है। वस्तु की औसत चाल को उसके द्वारा तय की गई कुल दूरी में कुल समयावधि का भाग देकर प्राप्त किया जा सकता है। अतः:
औसत चाल (v)=तय की गई कुल दूरी (s)कुल समयावधि (t)\text{औसत चाल } (v) = \frac{\text{तय की गई कुल दूरी } (s)}{\text{कुल समयावधि } (t)}

प्रश्न 3. एक समान त्वरण से चल रही एक वस्तु की गति की व्याख्या किन-किन समीकरणों के माध्यम से की जा सकती है? उन्हें लिखिए।

उत्तर—गति के तीन समीकरण हैं-

v=u+atv = u + at
s=ut+12at2s = ut + \frac{1}{2}at^2
2as=v2u22as = v^2 - u^2

प्रश्न 4. गति क्या है? दैनिक जीवन में गति के उदाहरण दीजिए।

उत्तर—गति—जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है, तो उसे गति कहते हैं।

दैनिक जीवन में गति के उदाहरण—दैनिक जीवन में गति के कई उदाहरण देखने को मिलते हैं, जैसे-
(i) पंखे की घूमती पंखुड़ियाँ
(ii) वायु में उड़ते वायुयान
(iii) सड़क पर चलती मोटर-कारें

प्रश्न 5. विराम और गति को उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर—विराम—यदि कोई वस्तु अपने परिवेश के सापेक्ष अपनी स्थिति में परिवर्तन नहीं करती, तो वह वस्तु विराम स्थिति में होती है।

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उदाहरण—मेज पर रखी हुई पुस्तक, फर्श पर रखी हुई कुर्सी या मेज।

गति—यदि कोई वस्तु अपने परिवेश के सापेक्ष अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है तो वह वस्तु गतिशील कहलाती है।

उदाहरण—एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना, सड़क पर चलती मोटर-कारें।

प्रश्न 6. गतियाँ कितने प्रकार की होती हैं? उनके नाम लिखकर उन्हें परिभाषित कीजिए।

उत्तर—सामान्यतया गतियाँ तीन प्रकार की होती हैं—

(i) रेखीय या स्थानान्तरीय गति—जब कोई वस्तु एक सीधी रेखा में गतिमान होती है, तब उसकी गति सरल रेखीय या स्थानान्तरीय गति कहलाती है। जैसे-सीधी सड़क पर गतिमान कार।

(ii) वृत्तीय या घूर्णात्मक गति—जब कोई वस्तु किसी वृत्ताकार पथ पर गति करती है, तो उस वस्तु की गति वृत्तीय गति कहलाती है। जैसे-गोलक के परिवृत गति।

(iii) वक्रीय या दोलनी गति—जब कोई वस्तु किसी वक्रीय मार्ग के साथ-साथ गतिमान हो, तो उसकी गति वक्रीय गति कहलाती है। जैसे-लोलक की गति।

प्रश्न 7. एक एथलीट rr त्रिज्या वाली एक गोलाकार पट्टी का एक चक्कर 4040 सेकण्ड में लगाता है। 22 मिनट 4040 सेकण्ड की समाप्ति पर दूरी और विस्थापन कितने होंगे?

उत्तर—(i) \because 4040 सेकण्ड में तय की गई वास्तविक दूरी =2πr= 2\pi r

\therefore 11 सेकण्ड में तय की गई वास्तविक दूरी =2πr40= \frac{2\pi r}{40}
\therefore 160160 सेकण्ड में तय की गई वास्तविक दूरी =2πr40×160=8πr= \frac{2\pi r}{40} \times 160 = 8\pi r उत्तर

\because 22 मिनट 4040 सेकण्ड =160= 160 सेकण्ड
(ii) 22 मिनट 4040 सेकण्ड में विस्थापन =0= 0 क्योंकि प्रारम्भिक बिन्दु और अन्तिम बिन्दु एक ही हैं।

दीर्घउत्तरीय प्रश्न—

प्रश्न 1. समान एवं असमान गतियों से चलती दो वस्तुओं (A और B) का दूरी-समय आरेख खींचिए।

उत्तर—(i) जब दो वस्तुएँ A और B समान गतियों से चलती हैं, तब दोनों के लिए खींचा गया दूरी-समय आरेख एक सरल रेखा प्राप्त होता है।

Distance-Time Graph showing A and B
Distance-Time Graph showing A and B

(ii) जब दोनों वस्तुएँ A और B असमान गतियों से चलती हैं, तब यह दोनों वस्तुएँ समान समय अंतराल से भिन्न-भिन्न दूरियाँ तय करेंगी। अतः दोनों वस्तुओं के दूरी-समय ग्राफ में ढाल अलग-अलग प्राप्त होंगे। दोनों में से तेज चलने वाली वस्तु का ढाल अधिक होगा।
चूँकि वस्तुएँ A और B समान गति से गतिमान हैं। इनके लिए खींचे गए दूरी-समय ग्राफ में A का ढाल B की अपेक्षा अधिक है। अतः A की गति B की तुलना में तेज है।

प्रश्न 2. वेग-समय ग्राफ के अध्ययन से एक विमीय गति कर रहे कण के लिये क्या महत्वपूर्ण निष्कर्ष प्राप्त किये जा सकते हैं? समझाइये।

उत्तर—यदि वेग-समय ग्राफ समय अक्ष के समानान्तर सरल रेखा है। जैसा कि चित्र (अ) में दिखाया गया है। तब यह नियत वेग से गति को दर्शाता है। जहाँ वेग-समय ग्राफ का ढाल त्वरण के बराबर होता है।

चित्र (ब) में ढाल धनात्मक है अर्थात् त्वरण की दिशा, वेग की दिशा में ही है। और वेग में समय के साथ वृद्धि हो रही है।

Velocity-Time Graphs (a), (b), and (c)
Velocity-Time Graphs (a), (b), and (c)

चित्र (स) में ढाल ऋणात्मक है। इसमें कण की गति मंदित है। इसमें त्वरण की दिशा वेग की दिशा के विपरीत है। इस स्थिति में कण का वेग घटकर शून्य हो जाता है।

वेग-समय ग्राफ में वक्र और समय अक्ष के मध्य के विभिन्न भागों के क्षेत्रफलों के मानों का योग, कण द्वारा तय की गई दूरी के बराबर होता है, जबकि विभिन्न भागों के क्षेत्रफल का बीजगणितीय योग विस्थापन के बराबर होता है।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. त्वरण किसे कहते हैं? धनात्मक एवं ऋणात्मक त्वरण से क्या आशय है? समान त्वरण व असमान त्वरण को लेखाचित्र की सहायता से समझाइए।

उत्तर- त्वरण-किसी गतिशील वस्तु के वेग में परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं। इसे हम निम्न प्रकार समझ सकते हैं-

माना समय t1t_1 पर किसी वस्तु का वेग v1v_1 है एवं समय t2t_2 पर वस्तु का वेग v2v_2 है तो-
त्वरण=वेग में परिवर्तनपरिवर्तन में लगा समय\text{त्वरण} = \frac{\text{वेग में परिवर्तन}}{\text{परिवर्तन में लगा समय}}

=अन्तिम वेगप्रारम्भिक वेगपरिवर्तन में लगा समय= \frac{\text{अन्तिम वेग} - \text{प्रारम्भिक वेग}}{\text{परिवर्तन में लगा समय}}
a=v2v1t2t1=vuta = \frac{v_2 - v_1}{t_2 - t_1} = \frac{v - u}{t}

यहाँ vv वस्तु का अन्तिम वेग है और uu वस्तु का प्रारम्भिक वेग है तथा aa वस्तु का औसत त्वरण है। यदि vv को मीटर/सेकण्ड और समय (t)(t) को सेकण्ड में व्यक्त करें तो त्वरण का मात्रक मीटर/सेकण्ड2^2 होगा।

धनात्मक एवं ऋणात्मक त्वरण- यदि त्वरण, वेग की दिशा में है, तो इसे धनात्मक लिया जाता है अर्थात् प्रारम्भिक वेग में वृद्धि होने पर त्वरण धनात्मक होता है एवं प्रारम्भिक वेग में कमी आने पर त्वरण ऋणात्मक होता है। ऋणात्मक त्वरण को 'मंदन' भी कहते हैं।

समान त्वरण (Uniform Acceleration)- यदि गतिशील वस्तु के वेग में परिवर्तन समान समयान्तराल में समान हो, तो वस्तु के त्वरण को समान त्वरण कहते हैं। ऐसी गति को समान त्वरित गति कहते हैं।

समान त्वरण से गतिमान वस्तु के वेग और समय में आलेख खींचने पर चित्र (अ) में दर्शाए अनुसार एक सीधी रेखा प्राप्त होती है। इस सीधी रेखा का झुकाव या ढाल (ढाल=PQOQ)\left( \text{ढाल} = \frac{\text{PQ}}{\text{OQ}} \right) वस्तु के त्वरण को दर्शाता है।
अर्थात्
त्वरण=PQOQ\text{त्वरण} = \frac{\text{PQ}}{\text{OQ}}

Two velocity-time graphs showing positive and negative acceleration
Two velocity-time graphs showing positive and negative acceleration

चित्र (अ) : समान धनात्मक त्वरण को दर्शाने वाला वेग-समय आलेख
चित्र (ब) : समान ऋणात्मक त्वरण को दर्शाने वाला वेग-समय आलेख

यदि गतिशील वस्तु के वेग-समय आलेख से प्राप्त सीधी रेखा का ढाल ऊपर की ओर है तो वह वस्तु के समान त्वरण को दर्शाता है (चित्र-अ)। परन्तु गतिशील वस्तु के वेग-समय आलेख से प्राप्त सीधी रेखा का ढाल नीचे की ओर है तो वह समान ऋणात्मक त्वरण (मंदन) को दर्शाता है (चित्र-ब)।

Non-uniform acceleration velocity-time graph
Non-uniform acceleration velocity-time graph

चित्र (स) : असमान त्वरण को दर्शाने वाला वेग-समय आलेख

असमान त्वरण (Non-uniform Acceleration)- यदि गतिशील वस्तु के वेग में परिवर्तन समान समयान्तराल में असमान हो तो वस्तु के त्वरण को असमान त्वरण कहते हैं। ऐसी गति को असमान त्वरित गति कहते हैं।

असमान त्वरण से गतिशील वस्तु के वेग और समय में आलेख खींचें तो चित्र (स) में दर्शाए अनुसार वक्रीय रेखा प्राप्त होती है।

आंकिक प्रश्न-

प्रश्न 1. एक वस्तु 16 मीटर की दूरी 4