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📚 कक्षा 9 विज्ञान (Science)हिंदी माध्यमसत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

पाठ 8: बल तथा गति के नियम

Force and Laws of Motion

📅 शैक्षणिक सत्र: 2026-27📖 RBSE/NCERT डिजिटल पासबुक🎯 संपूर्ण प्रश्नोत्तर
📚 कक्षा 9 विज्ञान (RBSE) 📘 विज्ञान सत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

Force and Laws of Motion

बल तथा गति के नियम

550

सेकण्ड में तय करती है तथा पुनः 1616 मीटर की दूरी 22 सेकण्ड में तय करती है। वस्तु की औसत चाल क्या होगी?

हल-वस्तु के द्वारा तय की गई कुल दूरी

=16= 16 मीटर +16+ 16 मीटर =32= 32 मीटर
लिया गया कुल समय =4= 4 सेकण्ड +2+ 2 सेकण्ड

=6= 6 सेकण्ड
अतः औसत चाल =तय की गई कुल दूरीलिया गया कुल समय= \frac{\text{तय की गई कुल दूरी}}{\text{लिया गया कुल समय}}

=32 मीटर6 सेकण्ड= \frac{32 \text{ मीटर}}{6 \text{ सेकण्ड}}
=5.33 मीटर/सेकण्ड= 5.33 \text{ मीटर/सेकण्ड}
अतः वस्तु की औसत चाल 5.335.33 मीटर/सेकण्ड होगी।

प्रश्न 2. एक बस 120120 किमी./घण्टा के वेग से चल रही है। वह 3030 मिनट में कितनी दूरी तय करेगी?

हल - बस का वेग =120= 120 किमी./घण्टा

समय =30= 30 मिनट
दूरी =?= ?
\therefore दूरी =चाल×समय= \text{चाल} \times \text{समय}

=120 किमी./घण्टा×30 मिनट= 120 \text{ किमी./घण्टा} \times 30 \text{ मिनट}
=120 किमी./घण्टा×3060 घण्टा= 120 \text{ किमी./घण्टा} \times \frac{30}{60} \text{ घण्टा}

=120×12 किमी.= 120 \times \frac{1}{2} \text{ किमी.}
=60 किमी.= 60 \text{ किमी.}
अतः बस 3030 मिनट में 6060 किमी. की दूरी तय करेगी।

प्रश्न 3. नीचे दिए गए चित्र में किसी गतिशील पिण्ड का समय-वेग ग्राफ प्रदर्शित किया गया है। ग्राफ की सहायता से ज्ञात कीजिए-
(i) प्रारम्भ से 2020 सेकण्ड में चली दूरी
(ii) 4040 वें सेकण्ड में उत्पन्न त्वरण।

Velocity-Time Graph showing a trapezoid shape with points O, P, Q, R on the graph and M, N on the time axis
Velocity-Time Graph showing a trapezoid shape with points O, P, Q, R on the graph and M, N on the time axis

हल-(i) प्रारम्भ से 2020 सेकण्ड में चली दूरी

x=x = त्रिभुज OPM का क्षेत्रफल

=12×आधार×ऊँचाई= \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई}
=12×20×200=2000 मीटर= \frac{1}{2} \times 20 \times 200 = 2000 \text{ मीटर}

=20001000=2 किमी.= \frac{2000}{1000} = 2 \text{ किमी.}
अतः प्रारम्भ से 2020 सेकण्ड में चली गई दूरी

=2 किमी.= 2 \text{ किमी.}
(ii) 4040 वें सेकण्ड में उत्पन्न त्वरण
a=0a = 0 क्योंकि वेग स्थिर है। उत्तर


पाठगत प्रश्न
पृष्ठ 102

प्रश्न 1. निम्न में किसका जड़त्व अधिक है-
(a) एक रबड़ की गेंद एवं उसी आकार का पत्थर
(b) एक साइकिल एवं एक रेलगाड़ी
(c) पाँच रुपए का एक सिक्का एवं एक रुपए का सिक्का।

उत्तर-चूँकि किसी वस्तु का द्रव्यमान ही उसके जड़त्व की माप होता है।

(a) चूँकि रबर की गेंद की तुलना में उसी के आकार के पत्थर का द्रव्यमान अधिक होगा, अतः गेंद के आकार के पत्थर का जड़त्व भी अधिक होगा।
(b) चूँकि रेलगाड़ी का द्रव्यमान, साइकिल के द्रव्यमान से अधिक है, अतः रेलगाड़ी का जड़त्व भी अधिक होगा।
(c) चूँकि एक रुपए के सिक्के की तुलना में पाँच

रुपए के सिक्के का द्रव्यमान अधिक होगा, अतः पाँच रुपए के सिक्के का जड़त्व भी अधिक होगा।

प्रश्न 2. नीचे दिए गए उदाहरण में गेंद का वेग कितनी बार बदलता है, जानने का प्रयास करें।
"फुटबाल का एक खिलाड़ी गेंद पर किक लगाकर गेंद को अपनी टीम के दूसरे खिलाड़ी के पास पहुँचाता है। दूसरा खिलाड़ी उस गेंद को किक लगाकर गोल की ओर पहुँचाने का प्रयास करता है। विपक्षी टीम का गोलकीपर गेंद को पकड़ता है और अपनी टीम के खिलाड़ी की ओर किक लगाता है।"
इसके साथ ही उस कारक की भी पहचान करें जो प्रत्येक अवस्था में बल प्रदान करता है।

उत्तर- बल की अवधारणा खींचने, धकेलने और ठोकर लगाने की क्रिया पर आधारित है और यही गति को प्रदान करता है। बल लगाने से वस्तु के वेग का परिमाण, उसकी दिशा में परिवर्तन और आकार में परिवर्तन होता है। ऊपर दिये गये उदाहरण में गेंद का वेग कुल तीन बार बदलता है।

(i) पहली बार गेंद के वेग में परिवर्तन, पहले खिलाड़ी के द्वारा गेंद को लगाई गई किक से प्राप्त आवश्यक बल के कारण होता है।

(ii) दूसरी बार गेंद के वेग में परिवर्तन के लिए आवश्यक बल, दूसरे खिलाड़ी के गेंद को लगाई गई किक से प्राप्त होता है।
(iii) तीसरी बार गेंद के वेग में परिवर्तन के लिए आवश्यक बल, विपक्षी टीम के गोलकीपर द्वारा गेंद को लगाई गई किक से प्राप्त होता है।

प्रश्न 3. किसी पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तियाँ झड़ जाती हैं। क्यों?

उत्तर- पेड़ की शाखा तथा पत्तियाँ विराम अवस्था में रहती हैं। जब पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाते हैं, तब शाखा तो तुरन्त गति की स्थिति में आ जाती है परन्तु उससे जुड़ी पत्तियाँ जड़त्व के कारण विरामावस्था में ही बनी रहती हैं। जिस कारण शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तियाँ झड़ जाती हैं।

प्रश्न 4. जब कोई गतिशील बस अचानक रुकती है तो आप आगे की ओर झुक जाते हैं और जब विरामावस्था से गतिशील होती है तो पीछे की ओर जाते हैं, क्यों?

उत्तर- ऐसा जड़त्व के कारण होता है। जब हम गतिशील बस में सफर कर रहे होते हैं, तब हमारा शरीर भी बस के साथ उसी वेग से गति कर रहा होता है। जब बस अचानक रुकती है, तब हमारे पैर, जो बस के फर्श के संपर्क में थे, तुरन्त विरामावस्था में आ जाते हैं परन्तु हमारे शरीर का ऊपरी भाग गतिज जड़त्व के कारण इसका विरोध करता है और हम आगे की ओर झुक जाते हैं।

इसके विपरीत जब कोई बस विरामावस्था से गतिशील होती है, तब हमारे पैर, जो बस के फर्श के संपर्क में रहते हैं, बस के साथ ही गति में आ जाते हैं। परन्तु हमारे शरीर का ऊपरी भाग स्थिर जड़त्व के कारण इस गति का विरोध करता है, जिस कारण हम पीछे की ओर झुक जाते हैं।


पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1. कोई वस्तु शून्य बाह्य असंतुलित बल अनुभव करती है। क्या किसी भी वस्तु के लिए अशून्य वेग से गति करना संभव है? यदि हाँ, तो वस्तु के वेग के परिमाण एवं दिशा पर लगने वाली शर्तों का उल्लेख करें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।

उत्तर- पहली स्थिति में- यदि किसी गतिमान वस्तु पर कार्यरत सभी बलों का परिणामी बल शून्य है, तो वस्तु का कुल प्रारम्भिक वेग होता है। इस स्थिति में प्रश्न का उत्तर हाँ सही है।

दूसरी स्थिति- यदि वस्तु विराम स्थिति में है तो इस प्रश्न का उत्तर है 'नहीं' क्योंकि न्यूटन की गति के प्रथम नियम से असंतुलित बल की अनुपस्थिति में कोई वस्तु अपनी प्रारम्भिक स्थिति में ही रहती है।

प्रश्न 2. जब किसी छड़ से एक दरी (कारपेट) को पीटा जाता है, तो धूल के कण बाहर आ जाते हैं। स्पष्ट करें।

उत्तर- जब किसी छड़ से एक दरी को झाड़ा या पीटा जाता है, तब दरी आगे-पीछे गतिशील होती है पर उसमें विद्यमान धूल के कण जड़त्व के कारण अपनी स्थिति बनाये रखना चाहते हैं, जिस कारण वे बाहर आ जाते हैं और नीचे गिर जाते हैं।

प्रश्न 3. बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से क्यों बाँधा जाता है?

उत्तर- जब चलती हुई गाड़ी में अचानक ब्रेक लग जाते हैं अथवा एकाएक उसे मोड़ा जाता है तो गति जड़त्व के कारण गाड़ी की छत पर रखा हुआ सभी सामान उसे वेग से उसी दिशा में गतिमान रहने का प्रयास करता है। ऐसे में यदि सामान को बाँधा नहीं गया है तो छत से नीचे गिर सकता है, इससे सामान के टूटने की सम्भावना रहती है। यही कारण है कि बस की छत पर रखे सामान को बाँधकर रखा जाता है।

प्रश्न 4. किसी बल्लेबाज द्वारा क्रिकेट की गेंद को मारने पर गेंद जमीन पर लुढ़कती है। कुछ दूरी चलने के पश्चात् गेंद रुक जाती है। गेंद रुकने के लिए धीमी होती है, क्योंकि
(a) बल्लेबाज ने गेंद को पर्याप्त प्रयास से हिट नहीं किया है।
(b) वेग गेंद पर लगाए गए बल के समानुपाती है।
(c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।
(d) गेंद पर कोई असंतुलित बल कार्यरत नहीं है। अतः गेंद विश्रामवस्था में आने के लिए प्रयासरत है।
( सही विकल्प का चयन करें ) | त्वरण (a)=2 m/s2द्रव्यमान (m)=7000 kgतब सूत्र F=m×a सेF=7000×2=14,000 किग्रा. मीटर/सेकण्ड2याF=14,000 न्यूटनअतः ट्रक पर लगा बल (F)=14,000 न्यूटन।\begin{aligned} \because \quad \text{त्वरण } (a) &= 2\text{ m/s}^2 \ \text{द्रव्यमान } (m) &= 7000\text{ kg} \ \text{तब सूत्र } F &= m \times a\text{ से} \ \therefore \quad \quad \quad \quad \quad F &= 7000 \times 2 \ &= 14,000\text{ किग्रा. मीटर/सेकण्ड}^2 \ \text{या} \quad \quad \quad \quad F &= 14,000\text{ न्यूटन} \ \text{अतः ट्रक पर लगा बल } (F) &= 14,000\text{ न्यूटन।} \end{aligned}
प्रश्न 6. 1 kg1\text{ kg} द्रव्यमान के एक पत्थर को 20 m s120\text{ m s}^{-1} के वेग से झील की जमी हुई सतह पर फेंका जाता है। पत्थर 50 m50\text{ m} की दूरी तय करने के बाद रुक जाता है। पत्थर और बर्फ के बीच लगने वाले घर्षण बल की गणना करें।
हल-दिया गया है-

( सही विकल्प का चयन करें )

उत्तर-(c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।

प्रश्न 5. एक ट्रक विरामावस्था से किसी पहाड़ी से नीचे की ओर नियत त्वरण से लुढ़कना शुरू करता है। यह 20 s में 400 m की दूरी तय करता है। इसका त्वरण ज्ञात करें। अगर इसका द्रव्यमान 7 टन है तो इस पर लगने वाले बल की गणना करें।
( 1 टन = 1000 kg)

हल-दिया गया है-ट्रक विरामावस्था में है।

∴ ट्रक का प्रारम्भिक वेग u=0 m/su = 0 \text{ m/s}
तय की गई दूरी s=400 ms = 400 \text{ m}
त्वरण (a)=?(a) = ?
समय (t)=20 s(t) = 20 \text{ s}
द्रव्यमान m=7 टनm = 7 \text{ टन}

=7×1000 kg= 7 \times 1000 \text{ kg}
=7000 kg= 7000 \text{ kg}
∴ 1 टन = 1000 kg

हल-दिया गया है-

पत्थर का द्रव्यमान (m)=1 kg(m) = 1 \text{ kg}
पत्थर का प्रारंभिक वेग u=20 m/su = 20 \text{ m/s}
तय की गई दूरी s=50 ms = 50 \text{ m}
अंतिम वेग v=0v = 0
त्वरण (a)=?(a) = ?
बल (F)=?(F) = ?
गति के तीसरे समीकरण से,
v2=u2+2asv^2 = u^2 + 2as
मान रखने पर (0)2=(20)2+2×a×50(0)^2 = (20)^2 + 2 \times a \times 50
0=400+100 a0 = 400 + 100 \text{ } a
या 400=100 a-400 = 100 \text{ } a
a=400100=4 m/s2a = \frac{-400}{100} = -4 \text{ m/s}^2
ऋणात्मक चिह्न मंदन को प्रकट करता है।
अतः पत्थर का मंदन 4 मीटर/सेकण्ड2^2 है।
अब सूत्र F=m×aF = m \times a से,

= 7000 kg
\because 1 टन = 1,000 kg
गति के दूसरे समीकरण से
s=ut+12at2s = ut + \frac{1}{2}at^2
मान रखने पर 400=0×20+12×a×(20)2400 = 0 \times 20 + \frac{1}{2} \times a \times (20)^2
400=0+12×a×400400 = 0 + \frac{1}{2} \times a \times 400
400=0+200a400 = 0 + 200 , a
400=200a400 = 200 , a
a=400200\therefore \quad a = \frac{400}{200}
या a=2\quad a = 2 मीटर/सेकण्ड2^2
अतः ट्रक का त्वरण (a)=2(a) = 2 मीटर/सेकण्ड2^2 होगा।

अब सूत्र F=m×aF = m \times a से,
बर्फ द्वारा पत्थर पर लगाया गया बल
F=(1 kg)×(4 m/s2)F = (1 \text{ kg}) \times (- 4 \text{ m/s}^2)

=4 kg m/s2= - 4 \text{ kg m/s}^2
या F=4F = - 4 न्यूटन
अतः बर्फ तथा पत्थर के बीच 4 न्यूटन (N) का घर्षण बल लगता है।

प्रश्न 7. एक 8000 kg द्रव्यमान का रेल इंजन प्रति 2000 kg द्रव्यमान वाले पाँच डिब्बों को सीधी पटरी पर खींचता है। यदि इंजन 40000 N का बल आरोपित करता है तथा यदि पटरी 5000 N का घर्षण बल लगाती है, तो ज्ञात करें-
(a) नेट त्वरण बल तथा
(b) रेल का त्वरण।

हल-दिया गया है-

(a) रेल इंजन का द्रव्यमान (m)=8000 kg(m) = 8000\text{ kg}
डिब्बों की संख्या =5= 5
प्रत्येक डिब्बे का द्रव्यमान =2000 kg= 2000\text{ kg}
इंजन पर बल आरोपित है F=40000 NF = 40000\text{ N}
पटरी द्वारा लगाया गया घर्षण बल =5000 N= 5000\text{ N}
चूँकि घर्षण बल एक अवरोधी बल है।
अतः: रेलगाड़ी पर नेट त्वरण बल

=इंजन का बलपटरी द्वारा लगाया गया घर्षण बल= \text{इंजन का बल} - \text{पटरी द्वारा लगाया गया घर्षण बल}
=40,000 N5,000 N= 40,000\text{ N} - 5,000\text{ N}

=35,000 N= 35,000\text{ N}
अतः: रेलगाड़ी का नेट त्वरण बल 35,000 N35,000\text{ N} होगा।

(b) 55 डिब्बों का कुल द्रव्यमान
m=5×2000m = 5 \times 2000

=10,000 kg= 10,000\text{ kg}
जबकि डिब्बों पर नेट त्वरण बल
F=35,000 NF = 35,000\text{ N}
\therefore सूत्र F=maF = ma से
रेल का त्वरण a=Fm=35,000 N10,000 kga = \frac{F}{m} = \frac{35,000\text{ N}}{10,000\text{ kg}}
अतः: रेल का त्वरण a=3.5 m/s2a = 3.5\text{ m/s}^2

प्रश्न 8. एक गाड़ी का द्रव्यमान 1500 kg1500\text{ kg} है। यदि गाड़ी को 1.7 m s21.7\text{ m s}^{-2} के ऋणात्मक त्वरण (अवमंदन) के साथ विरामावस्था में लाना है, तो गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल कितना होगा?

हल-दिया गया है-

गाड़ी का द्रव्यमान (m)=1,500 kg(m) = 1,500\text{ kg}
त्वरण (मंदन) =1.7 m/s2= - 1.7\text{ m/s}^2
माना कि गाड़ी व सड़क के बीच FF बल लगता है, तब यही बल गाड़ी में मंदन उत्पन्न करेगा।
अतः: सूत्र F=maF = ma से
F=1500×(1.7)F = 1500 \times (- 1.7)

=2550.0 N= - 2550.0\text{ N}
F=2,550 NF = - 2,550\text{ N}
अतः: बल मंदन के कारण गाड़ी की गति के विपरीत दिशा में लगेगा।

प्रश्न 9. किसी mm द्रव्यमान की वस्तु जिसका वेग vv है, का संवेग क्या होगा?
(a) (mv)2(mv)^2
(b) mv2mv^2
(c) (12)mv2(\frac{1}{2})mv^2
(d) mvmv
(उपर्युक्त में से सही विकल्प चुनें।)

उत्तर-(d) mvmv

प्रश्न 10. हम एक लकड़ी के बक्से को 200 N200\text{ N} बल लगाकर उसे नियत वेग से फर्श पर धकेलते हैं। बक्से पर लगने वाला घर्षण बल क्या होगा?

उत्तर-चूँकि लकड़ी के बक्से को 200 N200\text{ N} बल लगाकर उसे नियत वेग से फर्श पर धकेलते हैं, इसलिए उस पर लगने वाला घर्षण बल भी 200 N200\text{ N} होगा।

प्रश्न 11. गति के तृतीय नियम के अनुसार जब हम किसी वस्तु को धक्का देते हैं, तो वस्तु उतने ही बल के साथ हमें भी विपरीत दिशा में धक्का देती है। यदि वह वस्तु एक ट्रक है जो सड़क के किनारे खड़ा है, संभवतः हमारे द्वारा बल आरोपित करने पर भी गतिशील नहीं हो पाएगा। एक विद्यार्थी इसे सही साबित करते हुए कहता है कि दोनों बल विपरीत एवं बराबर हैं जो एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं। इस तर्क पर अपने विचार दें और बताएँ कि ट्रक गतिशील क्यों नहीं हो पाता?

उत्तर-विद्यार्थी का तर्क गलत है। वस्तुतः क्रिया और प्रतिक्रिया बल विपरीत एवं बराबर होते हैं, परन्तु ये बल कभी भी एक ही वस्तु पर कार्य नहीं करते। जैसा कि उपर्युक्त उदाहरण में, हमारे द्वारा आरोपित बल ट्रक पर लगता है और ट्रक का प्रतिक्रिया बल हम पर लगता है। ट्रक के गतिशील होने का सम्बन्ध केवल ट्रक पर लगने वाले बल से होता है न कि हमारे द्वारा लगे बल से। अतः: क्रिया-प्रतिक्रिया बल निरस्त नहीं हो पाते।

हमारे द्वारा ट्रक पर बल आरोपित किए जाने पर ट्रक गतिशील नहीं होता, क्योंकि ट्रक का द्रव्यमान अधिक होता है, जिस कारण इसका जड़त्व भी अधिक होता है। अत्यधिक जड़त्व के कारण यह विराम अवस्था में होता है। ट्रक पर हमारे द्वारा लगाये गये बल के अतिरिक्त पृथ्वी द्वारा आरोपित घर्षण बल भी लगा होता है, जो हमारे द्वारा लगाये बल को संतुलित कर देता है। जिस कारण ट्रक गतिशील नहीं हो पाता।

प्रश्न 12. 200 g200\text{ g} द्रव्यमान की एक हॉकी की गेंद 10 m s110\text{ m s}^{-1} से गति कर रही है। यह एक हॉकी स्टिक से इस प्रकार टकराती है कि यह 5 m s15\text{ m s}^{-1} के वेग से अपने प्रारम्भिक मार्ग पर वापस लौटती है। हॉकी स्टिक द्वारा आरोपित बल द्वारा हॉकी की गेंद में आये संवेग परिवर्तन के परिमाप का परिकलन कीजिए।

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हल-दिया गया है-

m=200 gm = 200\text{ g}

=2001000 kg=15 kg= \frac{200}{1000}\text{ kg} = \frac{1}{5}\text{ kg}
u=10 m/su = 10\text{ m/s}
v=5 m/sv = 5\text{ m/s}
संवेग में परिवर्तन =mu(mv)= mu - (- mv)
\because दिशा विपरीत है =mu+mv= mu + mv

=m(u+v)= m(u + v)
=15(10+5)= \frac{1}{5}(10 + 5)

=155=3 kg m/s= \frac{15}{5} = 3\text{ kg m/s} उत्तर

प्रश्न 13. 10 g10\text{ g} द्रव्यमान की एक गोली सीधी रेखा में 150 m s1150\text{ m s}^{-1} के वेग से चलकर एक लकड़ी के टुकड़े के गुटके से टकराती है और 0.03 s0.03\text{ s} के बाद रुक जाती है। गोली लकड़ी को कितनी दूरी तक भेदेगी? लकड़ी के गुटके द्वारा गोली पर लगाए गए बल के परिमाण की गणना करें।

हल-दिया गया है-

द्रव्यमान (m)=10 g=101000 kg=0.01 kg(m) = 10\text{ g} = \frac{10}{1000}\text{ kg} = 0.01\text{ kg}
प्रारम्भिक वेग, u=150 m/su = 150\text{ m/s}
अंतिम वेग, v=0 m/sv = 0\text{ m/s}
समय, t=0.03 st = 0.03\text{ s}
त्वरण की परिभाषा से,
a=vuta = \frac{v - u}{t}
a=01500.03=150003a = \frac{0 - 150}{0.03} = \frac{-15000}{3}
a=5000 m/s2a = -5000\text{ m/s}^2
[ऋणात्मक चिह्न मंदन को प्रकट करता है]
अब गति के दूसरे समीकरण से
s=ut+12at2s = ut + \frac{1}{2}at^2
s=150×(0.03)+12×(5000)×(0.03)2s = 150 \times (0.03) + \frac{1}{2} \times (-5000) \times (0.03)^2
s=4.52500×0.0009s = 4.5 - 2500 \times 0.0009
s=4.52.2500s = 4.5 - 2.2500
s=2.25 m\therefore s = 2.25\text{ m}
अतः गोली लकड़ी को 2.252.25 मीटर तक भेदेगी।

सूत्र F=maF = ma
मान रखने पर F=0.01×(5000)F = 0.01 \times (-5000)
F=50 NF = -50\text{ N}
अतः लकड़ी द्वारा गोली पर लगाया गया बल F=50F = 50 न्यूटन

प्रश्न 14. एक वस्तु जिसका द्रव्यमान 1 kg1\text{ kg} है, 10 m s110\text{ m s}^{-1} के वेग से एक सीधी रेखा में चलते हुए विरामावस्था में रखे 5 kg5\text{ kg} द्रव्यमान के एक लकड़ी के गुटके से टकराती है। उसके बाद दोनों साथ-साथ उसी सीधी-रेखा में गति करते हैं। संघट्ट के पहले तथा बाद के कुल संवेगों की गणना करें। आपस में जुड़े हुए संयोजन के वेग की भी गणना करें।

हल-दिया गया है-

वस्तु का द्रव्यमान (m1)=1 kg(m_1) = 1\text{ kg}
वस्तु का वेग, u1=10 m/su_1 = 10\text{ m/s}
लकड़ी के टुकड़े का द्रव्यमान, m2=5 kgm_2 = 5\text{ kg}
लकड़ी के टुकड़े का वेग u2=0 m/su_2 = 0\text{ m/s} (विरामावस्था में)
तब टकराने से पहले का कुल संवेग =m1u1+m2u2= m_1u_1 + m_2u_2

=1×10+5×0= 1 \times 10 + 5 \times 0
=10+0=10 kg m/s= 10 + 0 = 10\text{ kg m/s}
टकराने के बाद दोनों पिण्ड (m1+m2)(m_1 + m_2) साथ-साथ उसी सीधी रेखा में वेग vv से गति करते हैं।
\therefore टकराने के बाद संयुक्त पिण्ड का संवेग

=(m1+m2)v= (m_1 + m_2) v
=(1+5)v= (1 + 5) v

=6 v kg m/s= 6\text{ v kg m/s}
संवेग संरक्षण के नियमानुसार
टक्कर के पहले का कुल संवेग = टक्कर के बाद का कुल संवेग

अर्थात् 10=6v10 = 6v
या v=106v = \frac{10}{6}
v=53=1.67 m/sv = \frac{5}{3} = 1.67\text{ m/s}
अतः टक्कर के पहले तथा बाद में कुल संवेग =10= 10 किग्रा. मीटर/सेकण्ड

टक्कर के बाद संयुक्त पिण्ड का वेग =1.67= 1.67 मीटर/सेकण्ड

प्रश्न 15. 100 kg100\text{ kg} द्रव्यमान की एक वस्तु का वेग समान त्वरण से चलते हुए 6 s6\text{ s} में 5 m s15\text{ m s}^{-1} से 8 m s18\text{ m s}^{-1} हो जाता है। वस्तु के पहले और बाद के संवेगों की गणना करें। उस बल के परिमाण की गणना करें जो उस वस्तु पर आरोपित है।


हल- दिया गया है-

m=100 kgm = 100\text{ kg}
u=5 m/su = 5\text{ m/s}
v=8 m/sv = 8\text{ m/s}
t=6 st = 6\text{ s}

वस्तु का प्रारंभिक संवेग,
p=mup = mu
=100×5=500 kg m/s= 100 \times 5 = 500\text{ kg m/s}

तथा वस्तु का अंतिम संवेग,
p=mvp = mv
=100×8=800 kg m/s= 100 \times 8 = 800\text{ kg m/s}

गति के द्वितीय नियम से,
वस्तु पर आरोपित बल (F)=\text{(F)} = वस्तु के संवेग


परिवर्तन होगा। लेकिन यहाँ पर कीड़े का द्रव्यमान कम है, इस कारण से इसके वेग में अधिक परिवर्तन होगा एवं कार का द्रव्यमान अधिक होने के कारण, उसके वेग में अपेक्षाकृत कम परिवर्तन होगा।

प्रश्न 17. एक 10 kg10\text{ kg} द्रव्यमान की घंटी 80 cm80\text{ cm} की ऊँचाई से फर्श पर गिरी। इस अवस्था में घंटी द्वारा फर्श पर स्थानांतरित संवेग के मान की गणना करें। परिकलन में सरलता हेतु नीचे की ओर दिष्ट त्वरण का मान 10 ms210\text{ ms}^{-2} लें।

हल- घंटी का द्रव्यमान, m=10 kgm = 10\text{ kg}

प्रारम्भिक ऊँचाई अथवा दूरी, s=80 cms = 80\text{ cm}
या =80100=45m\text{या } = \frac{80}{100} = \frac{4}{5}m

वस्तु पर आरोपित बल (F) = वस्तु के संवेग परिवर्तन की दर

अब
F=mvmut=m(vu)tF = \frac{mv - mu}{t} = \frac{m(v - u)}{t}
F=100×(85)6=100×36F = \frac{100 \times (8 - 5)}{6} = \frac{100 \times 3}{6}
F=3006F = \frac{300}{6}
F=50 किग्रा. मीटर/सेकण्डF = 50 \text{ किग्रा. मीटर/सेकण्ड}
या
F=50 न्यूटनF = 50 \text{ न्यूटन}
अतः वस्तु पर आरोपित बल का परिमाण = 50 N

प्रश्न 16. अख्तर, किरण और राहुल किसी राजमार्ग पर बहुत तीव्र गति से चलती हुई कार में सवार हैं, अचानक उड़ता हुआ कोई कीड़ा, गाड़ी के सामने के शीशे से आ टकराया और वह शीशे से चिपक गया। अख्तर और किरण इस स्थिति पर विवाद करते हैं। किरण का मानना है कि कीड़े के संवेग परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन


घंटी का त्वरण (a)=10 m/s2(a) = 10 \text{ m/s}^2
गिरते समय प्रारम्भिक वेग u=0 m/su = 0 \text{ m/s}
माना फर्श पर पहुँचकर घंटी vv वेग से फर्श से टकराती है। तब
गति के तीसरे समीकरण से,
v2=u2+2asv^2 = u^2 + 2as
मान रखने पर, v2=(0)2+2×10×45v^2 = (0)^2 + 2 \times 10 \times \frac{4}{5}
v2=0+2×2×4=0+16v^2 = 0 + 2 \times 2 \times 4 = 0 + 16
=16 मीटर/सेकण्ड2= 16 \text{ मीटर/सेकण्ड}^2
\therefore घंटी का वेग v=16v = \sqrt{16}
=4 मीटर/सेकण्ड= 4 \text{ मीटर/सेकण्ड}
अतः संवेग में परिवर्तन =m×vmu= m \times v - mu
=10×410×0= 10 \times 4 - 10 \times 0
=400= 40 - 0
=40 kg m/sउत्तर= 40 \text{ kg m/s} \quad \text{उत्तर}

विवाद करते हैं। किरण का मानना है कि कीड़े के संवेग परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन के परिमाण की अपेक्षा बहुत अधिक है। (क्योंकि कीड़े के वेग में परिवर्तन का मान कार के वेग में परिवर्तन के मान से बहुत अधिक है।) अख्तर ने कहा कि चूँकि कार का वेग बहुत अधिक था अतः कार ने कीड़े पर बहुत अधिक बल लगाया जिसके कारण कीड़े की मौत हो गई। राहुल ने एक नया तर्क देते हुए कहा कि कार तथा कीड़ा दोनों पर समान बल लगा और दोनों के संवेग में बराबर परिवर्तन हुआ। इन विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया दें।

उत्तर-राहुल का उत्तर सही था चूँकि संवेग संरक्षण के नियम से टक्कर के समय किसी निकाय का कुल संवेग संरक्षित रहता है। इसलिए दोनों ही में एकसमान बल लगेगा तथा दोनों के संवेग में भी समान

= 40 kg m/s उत्तर

अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1. एक वस्तु की गति की अवस्था में दूरी-समय सारणी निम्नवत् है-

समय (सेकंड) दूरी (मीटर)

556

(a) त्वरण के बारे में आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं? क्या यह नियत है? बढ़ रहा है? घट रहा है? या शून्य है?
(b) आप वस्तु पर लगने वाले बल के बारे में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?

हल—दी गई सारणी से वेग और त्वरण के मान प्रत्येक समय और दूरी के लिए अलग-अलग ज्ञात करेंगे।

समय (tt) सेकण्ड दूरी (ss) (mm में) वेग v=stv = \frac{s}{t} त्वरण a=vuta = \frac{v-u}{t}
t1=0t_1 = 0 s1=0s_1 = 0 विराम में है a1=0 ms2a_1 = 0 \text{ ms}^2
t2=1t_2 = 1 s2=1s_2 = 1 v2=11=1 m/sv_2 = \frac{1}{1} = 1 \text{ m/s} a2=101=1 ms2a_2 = \frac{1-0}{1} = 1 \text{ ms}^2
t3=2t_3 = 2 s3=8s_3 = 8 v3=82=4 m/sv_3 = \frac{8}{2} = 4 \text{ m/s} a3=411=3 ms2a_3 = \frac{4-1}{1} = 3 \text{ ms}^2
t4=3t_4 = 3 s4=27s_4 = 27 v4=273=9 m/sv_4 = \frac{27}{3} = 9 \text{ m/s} a4=941=5 ms2a_4 = \frac{9-4}{1} = 5 \text{ ms}^2
t5=4t_5 = 4 s5=64s_5 = 64 v5=644=16 m/sv_5 = \frac{64}{4} = 16 \text{ m/s} a5=1691=7 ms2a_5 = \frac{16-9}{1} = 7 \text{ ms}^2
t6=5t_6 = 5 s6=125s_6 = 125 v6=1255=25 m/sv_6 = \frac{125}{5} = 25 \text{ m/s} a6=25161=9 ms2a_6 = \frac{25-16}{1} = 9 \text{ ms}^2
t7=6t_7 = 6 s7=216s_7 = 216 v7=2166=36 m/sv_7 = \frac{216}{6} = 36 \text{ m/s} a7=36251=11 ms2a_7 = \frac{36-25}{1} = 11 \text{ ms}^2
t8=7t_8 = 7 s8=343s_8 = 343 v8=3437=49 m/sv_8 = \frac{343}{7} = 49 \text{ m/s} a8=49361=13 ms2a_8 = \frac{49-36}{1} = 13 \text{ ms}^2

(a) चूँकि वस्तु का वेग प्रत्येक सेकण्ड में असमान रूप से बढ़ रहा है। यही कारण है कि वस्तु का त्वरण प्रत्येक सेकण्ड बढ़ता जाता है जैसा कि ऊपरी सारणी में दिखाया गया है।
(b) यहाँ पर वस्तु का त्वरण बढ़ रहा है और बल जो कि द्रव्यमान और त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है, अतः प्रति सेकण्ड वस्तु पर लगने वाला बल भी बढ़ रहा है।

प्रश्न 2. 1200 kg1200 \text{ kg} द्रव्यमान की कार को एक समतल सड़क पर दो व्यक्ति समान वेग से धक्का देते हैं। उसी कार को तीन व्यक्तियों द्वारा धक्का देकर 0.2 m s20.2 \text{ m s}^{-2} का त्वरण उत्पन्न किया जाता है। कितने बल के साथ प्रत्येक व्यक्ति कार को धकेल पाते हैं। (मान लें कि सभी व्यक्ति समान पेशीय बल के साथ कार को धक्का देते हैं।)

हल—स्थिति I : दिया गया है—

कार का द्रव्यमान, m=1200 kgm = 1200 \text{ kg}
वेग, u=vu = v (समान वेग से)
a=0a = 0
बल = द्रव्यमान ×\times त्वरण
F=m×aF = m \times a

=1200×0=0 N= 1200 \times 0 = 0 \text{ N}
अतः प्रथम दो व्यक्तियों के धक्का देने का बल शून्य है।

स्थिति II :
द्रव्यमान, m=1200 kgm = 1200 \text{ kg}
त्वरण, a=0.2 m/s2a = 0.2 \text{ m/s}^2
बल = m×am \times a

=1200×0.2= 1200 \times 0.2
=240 N= 240 \text{ N} उत्तर

प्रश्न 3. 500 g500 \text{ g} द्रव्यमान के एक हथौड़े द्वारा 50 m s150 \text{ m s}^{-1} वेग से एक कील पर प्रहार किया जाता है। कील द्वारा हथौड़े को बहुत कम समय 0.01 s0.01 \text{ s} में ही रोक दिया जाता है। कील के द्वारा हथौड़े पर लगाए गए बल का परिकलन करें।

हल—दिया गया है,

हथौड़े का द्रव्यमान,
m=500 gm = 500 \text{ g}

=5001000 kg=12 kg= \frac{500}{1000} \text{ kg} = \frac{1}{2} \text{ kg}
टकराते समय प्रारंभिक वेग,
u=50 m/su = 50 \text{ m/s}

अंतिम वेग, v=0 m/sv = 0\text{ m/s}
समय, t=0.01 st = 0.01\text{ s}
कील से टकराने पर हथौड़े का त्वरण
a=vuta = \frac{v - u}{t}

=0500.01=5,000= \frac{0 - 50}{0.01} = - 5,000
a=5,000 m/s2a = - 5,000\text{ m/s}^2
ऋणात्मक चिह्न मंदन को प्रदर्शित करता है।
\therefore कील द्वारा हथौड़े पर लगाया गया बल
F=maF = ma
F=12×5,000F = \frac{1}{2} \times 5,000
F=2,500 किग्रा. मीटर/सेकण्ड2F = 2,500\text{ किग्रा. मीटर/सेकण्ड}^2
या F=2,500 न्यूटनF = 2,500\text{ न्यूटन}

प्रश्न 4. एक 1200 kg1200\text{ kg} द्रव्यमान की मोटरकार 90 km/h90\text{ km/h} के वेग से एक सरल रेखा के अनुदिश चल रही है। उसका वेग बाहरी असंतुलित बल लगने के कारण 4 s4\text{ s} में घटकर 18 km/h18\text{ km/h} हो जाता है। त्वरण और संवेग में परिवर्तन का परिकलन करें। लगने वाले बल के परिमाण का भी परिकलन करें।

उत्तर- दिया गया है-

द्रव्यमान (m)=1200 kg(m) = 1200\text{ kg}
प्रारंभिक वेग (u)=90 km/h(u) = 90\text{ km/h}

=90×518 m/s= 90 \times \frac{5}{18}\text{ m/s}
=25 m/s= 25\text{ m/s}
अंतिम वेग (v)=18 km/h=18×518 m/s(v) = 18\text{ km/h} = \frac{18 \times 5}{18}\text{ m/s}

=5 m/s= 5\text{ m/s}
t=4 st = 4\text{ s}
त्वरण a=?a = ?
संवेग में परिवर्तन =?= ?
बल F=?F = ?

अतः कार का त्वरण a=vuta = \frac{v - u}{t}
a=5254a = \frac{5 - 25}{4}
या a=204a = \frac{-20}{4}

=5 मीटर/सेकण्ड2= - 5\text{ मीटर/सेकण्ड}^2
ऋणात्मक चिह्न मंदन को प्रदर्शित करता है।
कार के संवेग में परिवर्तन == अंतिम संवेग - प्रारंभिक संवेग

=mvmu= mv - mu
या m(vu)m(v - u)

=1200(525)= 1200(5 - 25)
=1200(20)= 1200(- 20)

=24,000 किग्रा. मीटर/सेकण्ड2= - 24,000\text{ किग्रा. मीटर/सेकण्ड}^2
कार पर लगा बल F=maF = ma

=1200×5= 1200 \times 5
=6,000 न्यूटन= 6,000\text{ न्यूटन}
अतः कार का त्वरण =5 मीटर/सेकण्ड2= - 5\text{ मीटर/सेकण्ड}^2
संवेग में परिवर्तन =24,000 किग्रा. मीटर/सेकण्ड की कमी= 24,000\text{ किग्रा. मीटर/सेकण्ड की कमी}
तथा कार पर लगा बल =6,000 न्यूटन= 6,000\text{ न्यूटन}


अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

बहुचयनात्मक प्रश्न-

  1. 4 N4\text{ N} एवं 3 N3\text{ N} के दो बल एक ही वस्तु पर विपरीत दिशा में कार्यरत हैं, कण पर बल का परिमाण होगा-
    (अ) 5 N5\text{ N} (ब) 7 N7\text{ N}
    (स) 1 N1\text{ N} (द) 1 N1\text{ N} एवं 7 N7\text{ N} के बीच

  2. संवेग का मात्रक है-
    (अ) न्यूटन मीटर (ब) न्यूटन किग्रामीटर\frac{\text{किग्रा}}{\text{मीटर}}
    (स) न्यूटन मीटरसेकण्ड\frac{\text{मीटर}}{\text{सेकण्ड}} (द) किग्रा. मी/से.

  3. वस्तु का संवेग निर्भर करता है-
    (अ) वस्तु के द्रव्यमान पर
    (ब) वस्तु के विस्थापन पर
    (स) विस्थापन में लगे समय पर
    (द) उपर्युक्त सभी पर

  4. निम्न में से बल का मात्रक नहीं है-
    (अ) पाउंडल (ब) डाइन
    (स) जूल (द) न्यूटन

  5. वस्तु का संवेग निर्भर नहीं करता है-
    (अ) वस्तु के द्रव्यमान पर
    (ब) वस्तु की गति के परिमाण पर
    (स) वस्तु के त्वरण पर
    (द) वस्तु के वेग पर

  6. एक 5 किग्रा.5\text{ किग्रा.} की वस्तु पर दो परस्पर लम्बवत् संगामी बल F1=4 न्यूटनF_1 = 4\text{ न्यूटन} और F2=3 न्यूटनF_2 = 3\text{ न्यूटन} कार्यरत हैं। वस्तु का त्वरण होगा-
    (अ) 2 मी./से.22\text{ मी./से.}^2 (ब) 3 मी./से.23\text{ मी./से.}^2
    (स) 1 मी./से.21\text{ मी./से.}^2 (द) 1.4 मी./से.21.4\text{ मी./से.}^2

558

  1. समान वेग से सरल रेखीय पथ पर गतिशील एक ट्रेन में एक बच्चे ने हाइड्रोजन गैस के गुब्बारे से बंधी हुई डोरी को हाथ में पकड़ रखा है। यदि ड्राइवर अचानक ब्रेक लगाता है तो गुब्बारा-
    (अ) पीछे जायेगा (ब) ऊर्ध्व ऊपर रहेगा
    (स) आगे जायेगा (द) ऊर्ध्व नीचे रहेगा
  2. सरकस में दौड़ते हुए घोड़े की पीठ पर बैठा घुड़सवार उछलकर पुनः घोड़े पर आ जाता है क्योंकि-
    (अ) वृत्तीय पथ में गति है
    (ब) स्थिरता का जड़त्व है
    (स) गतिशीलता का जड़त्व है
    (द) यह असंभव है

उत्तरमाला

1. (स) 2. (द) 3. (अ) 4. (स) 5. (स)
6. (स) 7. (अ) 8. (स)

रिक्त स्थान वाले प्रश्न-

  1. बल लगाने पर स्प्रिंग .................... है।
  2. बल लगाने पर गोलाकार गेंद .................... हो जाती है।
  3. जब किसी वस्तु पर कार्यरत विभिन्न बलों का परिमाण शून्य हो तो उन्हें .................... बल कहते हैं।
  4. जब कोई वस्तु किसी दूसरी वस्तु पर बल लगाती है तो दूसरी वस्तु भी पहली वस्तु पर उतना ही बल .................... में लगाती है।

उत्तरमाला- 1. फैलती 2. अण्डाकार 3. सन्तुलित 4. विपरीत दिशा।

सत्य/असत्य कथन वाले प्रश्न-
निम्नलिखित कथनों में सत्य तथा असत्य कथन छाँटिए-

  1. धकेलने पर ट्रॉली लगाये गये बल की दिशा में गति करती है। (सत्य/असत्य)
  2. वस्तुओं द्वारा अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का प्रतिरोध करने की प्रवृत्ति को जड़त्व कहते हैं। (सत्य/असत्य)
  3. वस्तु अपनी विरामावस्था अथवा सरल रेखा पर एक समान गति की अवस्था में तब तक बनी रहती है, जब तक उस पर कोई संतुलित बल कार्य न करें। (सत्य/असत्य)
  4. 11 न्यूटन का बल किसी 1 kg1\text{ kg} द्रव्यमान की वस्तु में 11 मीटर/सेकण्ड का त्वरण उत्पन्न नहीं कर पाता है। (सत्य/असत्य)

उत्तरमाला- 1. सत्य 2. सत्य 3. असत्य 4. असत्य।

मिलान वाले प्रश्न-
निम्नलिखित प्रश्न में कॉलम (I) का मिलान कॉलम (II) से करके सही कूट (कोड) का चयन कीजिए-

कॉलम-I कॉलम-II
(i) वेग (a) किग्रा-मी.3^{-3}
(ii) घनत्व (b) किग्रा-मी./से.2^2
(iii) बल (c) मीटर सेकण्ड1^{-1}
(iv) संवेग (d) न्यूटन-मी.2^{-2}
(v) दाब (e) किग्रा-मी./से.

उत्तर- (i) (c) (ii) (a) (iii) (b) (iv) (e) (v) (d)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. किसी वस्तु को गतिमान करने के लिए हम क्या कर सकते हैं?

उत्तर- वस्तु पर बाह्य बल आरोपित किया जा सकता है।

प्रश्न 2. बल एक अदिश राशि है या सदिश?

उत्तर- बल एक सदिश राशि है।

प्रश्न 3. बल का M.K.S. पद्धति में मात्रक लिखिए।

उत्तर- बल का M.K.S. पद्धति में मात्रक न्यूटन होता है।

प्रश्न 4. जब किसी वस्तु पर बल लगाते हैं तो वह गतिमान हो जाती है और कुछ समय बाद वह विराम अवस्था में आ जाती है। इस घटना से क्या निष्कर्ष निकलता है?

उत्तर- इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि विराम अवस्था किसी भी वस्तु की मौलिक या प्राकृतिक अवस्था है।

प्रश्न 5. 11 ग्राम भार को डाइन में लिखिए।

उत्तर- 11 ग्राम भार = 981981 डाइन।

प्रश्न 6. 11 न्यूटन कितने डाइन के बराबर होता है?

उत्तर- 11 न्यूटन = 10510^5 डाइन।

प्रश्न 7. बल क्या है?

उत्तर- बल वह कारक है जो किसी वस्तु की स्थिति में परिवर्तन करता है या परिवर्तन करने की कोशिश करता है।

प्रश्न 8. एक नत समतल में वस्तुओं की गति का निरीक्षण करने के बाद गैलीलियो ने क्या प्रतिपादित किया?

उत्तर- उन्होंने कहा कि असंतुलित बल की अनुपस्थिति में एक गतिमान वस्तु सदैव त्वरित गति करती रहती है।

प्रश्न 9. न्यूटन के प्रथम नियम को किस नाम से जाना जाता है?

उत्तर- 'जड़त्व के नियम' से जाना जाता है।

प्रश्न 10. किसी वस्तु का जड़त्व किस भौतिक राशि पर निर्भर करता है?

उत्तर- उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है।

प्रश्न 11. एक गोला फेंक प्रतियोगिता में खिलाड़ी अक्सर निर्देशित रेखा को पार कर जाता है और वह असफल हो जाता है। वह ऐसा क्यों करता है?

उत्तर- खिलाड़ी के पास गतिज जड़त्व होता है, जिसके कारण वह निर्देशित रेखा के पास रुकने की कोशिश करते समय उस रेखा को अक्सर पार कर जाता है।

प्रश्न 12. जड़त्व के प्रकार लिखिए।

उत्तर- (i) स्थिर जड़त्व (ii) गतिज जड़त्व (iii) दिशा का जड़त्व।

प्रश्न 13. घर्षण बल किन कारकों पर निर्भर करता है?

उत्तर- (i) वस्तु के भार पर, (ii) टकराने वाली सतह की प्रकृति पर।

प्रश्न 14. बिजली का पंखा स्विच बन्द होने के बाद भी कुछ समय तक किस कारण से चलता है?

उत्तर- अपनी गति-जड़त्व के गुण के कारण पंखा स्विच बन्द होने के बाद भी कुछ समय तक गति में रहता है।

प्रश्न 15. यदि किसी गतिमान पिण्ड पर कोई असंतुलित बल नहीं लगा है तो उसके संवेग का क्या होगा?

उत्तर- संवेग संरक्षित रहेगा।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. संतुलित तथा असंतुलित बलों में अन्तर लिखिए।

उत्तर-

संतुलित बल असंतुलित बल
1. संतुलित बल, जब वस्तु पर एक साथ कार्य करते हैं, तो उनका परिणाम शून्य होता है। असंतुलित बल, जब वस्तु पर एक साथ कार्य करते हैं तो उनका परिणाम शून्य नहीं होता है।
2. यह बल गतिमान वस्तु की चाल तथा दिशा में परिवर्तन नहीं कर सकता। यह बल गतिमान वस्तु की चाल तथा दिशा में परिवर्तन कर सकता है।
3. यदि वस्तु विरामावस्था में हो, तो संतुलित बल उसे गति प्रदान नहीं कर सकता। यदि कोई वस्तु विरामावस्था में हो, तो असंतुलित बल उसे गति प्रदान कर सकता है।
4. यह बल वस्तु के आकार में परिवर्तन ला सकता है। यह बल वस्तु के आकार में परिवर्तन नहीं ला सकता है।

प्रश्न 2. सिद्ध कीजिए कि किसी वस्तु का द्रव्यमान उसकी जड़त्व का माप होता है।

उत्तर- किसी वस्तु का द्रव्यमान उसमें निहित पदार्थ की मात्रा होती है। द्रव्यमान वस्तु के जड़त्व का माप है। जिस वस्तु का द्रव्यमान जितना अधिक होगा, उसका जड़त्व भी उतना ही अधिक होता है।

जब हम किसी गेंद को ठोकर मारते हैं, तो वह बहुत दूर चली जाती है। लेकिन यदि हम उसी आकार के किसी एक पत्थर को ठोकर मारते हैं, तो पत्थर अपने स्थान से दूर नहीं जाता और हमारे पाँव में चोट भी लगती है क्योंकि गेंद की अपेक्षा पत्थर में अपनी गति के परिवर्तन को रोकने की क्षमता अधिक होती है तथा पत्थर का जड़त्व भी अधिक होता है।

प्रश्न 3. दैनिक जीवन में बल के पाँच उदाहरण दीजिए।

उत्तर-

(i) भाप के कारण भाप इंजन आगे की ओर चलता है।
(ii) यांत्रिक बल के कारण बस या कार आदि परिचालित होते हैं।
(iii) लुढ़क रही गेंद को माँसपेशियों के बल से रोका जा सकता है।
(iv) जब रबड़ की गेंद पर बल लगाया जाता है, तो वह पिचक जाती है।
(v) जब किसी स्प्रिंग को खींचा जाता है, तो माँसपेशियों के बल के कारण उसकी लम्बाई बढ़ जाती है।

प्रश्न 4. न्यूटन के गति के तीसरे नियम के आधार पर समझाइये कि हम फर्श पर चलने में किस प्रकार समर्थ होते हैं?

उत्तर- न्यूटन का गति का तीसरा नियम- इस नियम के अनुसार "प्रत्येक क्रिया के समान परन्तु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है।" अतः फर्श पर चलते समय हम अपने पैरों से जमीन को पीछे की ओर धक्का देने का प्रयास करते हैं, और जमीन उतना ही बल प्रतिक्रिया के रूप में विपरीत दिशा में पैरों पर लगाती है, इसके फलस्वरूप हम आगे की तरफ चल पाने में समर्थ होते हैं।

प्रश्न 5. सड़क पर चलते समय केले के छिलके पर पाँव पड़ जाने पर व्यक्ति क्यों फिसल जाता है?

उत्तर- जमीन पर चलते समय हम अपने पैरों से जमीन को पीछे की ओर धक्का देने का प्रयास करते हैं तथा केले का छिलका चिकना होने से पैर व जमीन के मध्य बल का मान कम हो जाता है, इससे व्यक्ति फिसल जाता है।

560

प्रश्न 6. जब कोई व्यक्ति चलती हुई रेलगाड़ी से कूदता है तब वह मुँह के बल आगे की ओर क्यों गिर जाता है?

उत्तर- जब कोई व्यक्ति चलती हुई रेलगाड़ी से कूदता है तब वह मुँह के बल आगे की ओर गिर जाता है क्योंकि जब व्यक्ति गाड़ी में होता है, तब उसका पूरा शरीर भी गाड़ी के वेग के समान वेग से गतिमान होता है। परन्तु जब वह कूदता है तब उसके पैर जमीन को स्पर्श करते ही स्थिर हो जाते हैं, पर ऊपर का शरीर रेलगाड़ी के वेग से गतिमान रहता है। फलस्वरूप व्यक्ति मुँह के बल आगे की ओर गिर जाता है।

दीर्घउत्तरीय प्रश्न-

प्रश्न 1. सिद्ध कीजिए कि न्यूटन का गति का पहला नियम दूसरे नियम का ही भाग है।

उत्तर- न्यूटन के गति के दूसरे नियम से

F=maF = ma
यदि F=0F = 0 हो तो
0=ma0 = ma
m=0,a=0\therefore m = 0, a = 0
लेकिन mm संहति शून्य नहीं हो सकती है क्योंकि यह एक स्थिर राशि है इसलिए aa त्वरण शून्य हो तो वेग में परिवर्तन भी शून्य होगा। इसलिए वस्तु की अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं होगा। यदि वस्तु विरामावस्था में है, तो वह विरामावस्था में ही रहेगी और यदि समान गति की अवस्था में है, तो वह वस्तु गति में तब तक रहेगी, जब तक उस पर कोई बाह्य बल न लगाया जाये। यह न्यूटन के गति के पहले नियम की परिभाषा है इसलिए न्यूटन का गति का पहला नियम दूसरे नियम का ही भाग है।

प्रश्न 2. बल और संवेग में सम्बन्ध स्थापित कीजिए।

उत्तर- बल और संवेग में सम्बन्ध- माना v1=v_1 = वस्तु का प्रारम्भिक वेग और tt समय बाद वेग v2v_2 है।

त्वरण =वेग में परिवर्तनसमय= \frac{\text{वेग में परिवर्तन}}{\text{समय}}
a=v2v1ta = \frac{v_2 - v_1}{t}
बल F=m×aF = m \times a
aa का मान रखने पर
F=m×(v2v1t)F = m \times \left( \frac{v_2 - v_1}{t} \right)
F=mv2mv1tF = \frac{mv_2 - mv_1}{t}

Tight Equation: F = (अन्तिम वेग - प्रारम्भिक संवेग) / समय
Tight Equation: F = (अन्तिम वेग - प्रारम्भिक संवेग) / समय

F=संवेग में परिवर्तनसमयF = \frac{\text{संवेग में परिवर्तन}}{\text{समय}}
यदि P1=mv1P_1 = mv_1 तथा P2=mv2P_2 = mv_2

Tight Equation: F = (P2 - P1) / t
Tight Equation: F = (P2 - P1) / t

अतः वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर ही बल है।

प्रश्न 3. जड़त्व से क्या अभिप्राय है? दो उदाहरण देकर समझाइये।

उत्तर- जड़त्व- वस्तुओं द्वारा अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का प्रतिरोध करने की प्रवृत्ति को जड़त्व कहते हैं।

अतः किसी वस्तु के विरामावस्था में रहने या समान वेग से गतिशील रहने की प्रवृत्ति को जड़त्व कहते हैं। किसी वस्तु का द्रव्यमान अधिक होने पर, उस वस्तु का जड़त्व भी अधिक होता है।

जड़त्व के उदाहरण-
(i) एक काँच के गिलास पर एक चिकना कार्ड रखते हैं और उस पर एक सिक्का रखते हैं। जब हम गिलास पर रखे कार्ड पर अंगुली से चोट करते हैं, तब कार्ड तो अंगुली से चोट लगने के कारण तुरंत गतिशील हो जाता है और आगे की ओर सरक जाता है, परन्तु सिक्का स्थिर जड़त्व के कारण अपने स्थान पर ही रह जाता है और अन्ततः नीचे गिलास में गिर जाता है।
(ii) समुद्री जहाजों से अनाज उतार कर मालगाड़ियों में भरने के लिये जड़त्व के सिद्धान्त का लाभ उठाया जाता है। जहाज पर से अनाज एक चौड़ी पेटी पर गिरता है, यह पेटी रोलरों के सहारे तेजी के साथ घूमती है। दूसरे छोर पर अनाज उसी धरातल में सामने की ओर तेजी के साथ फिसलता हुआ मालगाड़ी के डिब्बे में जा गिरता है।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. न्यूटन के गति के नियमों को दैनिक जीवन के उदाहरण देते हुये समझाइये। द्वितीय नियम के आधार पर बल, द्रव्यमान एवं त्वरण में सम्बन्ध स्थापित कीजिये।

उत्तर- न्यूटन के गति के नियम-

(1) प्रथम नियम- इस नियम के अनुसार "यदि कोई वस्तु विरामावस्था में है, तो वह विरामावस्था में ही बनी रहेगी और यदि वह एक सरल रेखा में एक समान वेग से चल रही है, तो वह उसी वेग से तब तक चलती रहेगी,

जब तक कि उस पर कोई बाह्य बल लगाकर उसकी वर्तमान अवस्था में परिवर्तन न किया जाए।"
इसे 'जड़त्व का नियम' भी कहते हैं।
गति के इस नियम को दो भागों में विभाजित कर सकते हैं-
(1) स्थिर अवस्था के जड़त्व का नियम।
(2) गति अवस्था के जड़त्व का नियम।

स्थिर अवस्था के जड़त्व के नियमों के उदाहरण-
(i) सिक्कों की ढेरी से जब कोई अन्य सिक्का तीव्र गति से टकराता है, तब उसमें से स्थिर जड़त्व के कारण केवल नीचे का सिक्का ही बाहर निकलता है।
(ii) घोड़े पर सवार बैठा है तथा घोड़ा अचानक दौड़ना आरम्भ कर दे तो प्राय: सवार पीछे की ओर गिर पड़ता है। इसका कारण भी स्थिर अवस्था का जड़त्व ही है।

गति अवस्था में जड़त्व के उदाहरण-
(i) लम्बी कूद में खिलाड़ी कूदने से पहले तेज रफ्तार से दौड़ता हुआ आता है।

(ii) तेज रफ्तार में चलती हुई बस को ब्रेक लगाकर एकाएक रोका जाता है तो बस में बैठे यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं।

(2) द्वितीय नियम- इस नियम के अनुसार "किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस पर लगने वाले असंतुलित बल की दिशा के समानुपाती होती है।"
बल द्रव्यमान एवं त्वरण में सम्बन्ध- माना कि mm द्रव्यमान की किसी वस्तु का वेग uu है। वस्तु पर वेग की दिशा में FF बल लगाने से tt समय पश्चात् वेग uu से परिवर्तित होकर vv हो जाता है, तब-
प्रारम्भिक संवेग p1=mup_1 = mu .....(i)
tt समय पश्चात् संवेग p2=mvp_2 = mv .....(ii)
समय tt में संवेग परिवर्तन Δp=p2p1\Delta p = p_2 - p_1

=m(vu)= m (v - u)
अतः संवेग में परिवर्तन की दर =m(vu)t= \frac{m(v - u)}{t}
हम जानते हैं कि संवेग में परिवर्तन की दर बल के समानुपाती होती है इसलिए
न्यूटन के दूसरे नियम से Fm(vu)tF \propto \frac{m(v - u)}{t}
या F=km(vu)tF = k \frac{m(v - u)}{t}
[यहाँ kk नियतांक है]
यहाँ (vut)\left( \frac{v - u}{t} \right) वस्तु के वेग परिवर्तन की दर को बताता है, जो वस्तु में उत्पन्न त्वरण aa है।
अतः F=kmaF = k ma .....(iii)
नियतांक kk का मान 11 होता है।
अतः F=maF = ma

उदाहरण- एक खिलाड़ी क्रिकेट की गेंद या किसी अन्य कठोर गेंद को रोकने के लिये गेंद सहित अपने हाथ को पीछे खींचता है। इससे गेंद के संवेग के शून्य होने का समय बढ़ जाता है। जिस कारण तेज गति से आ रही गेंद का प्रभाव हाथ पर कम पड़ता है।

(3) तृतीय नियम- इस नियम के अनुसार प्रत्येक क्रिया के लिये समान परन्तु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है।
उदाहरण- रॉकेट का चलना, प्रतिक्रिया टरबाइन, तोप का प्रतिक्षेप वेग आदि क्रिया और प्रतिक्रिया के सिद्धान्त पर आधारित हैं।

आंकिक प्रश्न-

प्रश्न 1. एक 5 kg5\text{ kg} द्रव्यमान वाली वस्तु पर 2 s2\text{ s} के लिए एक नियत बल कार्यरत होता है। यह वस्तु के वेग को 3 m/s3\text{ m/s} से बढ़ाकर 7 m/s7\text{ m/s} कर देता है। लगाये गये बल की मात्रा ज्ञात करें। यदि इस बल को 5 s5\text{ s} के लिए आरोपित किया जाये, तो वस्तु का अन्तिम वेग क्या होगा?

हल- दिया गया है-

द्रव्यमान m=5 kgm = 5\text{ kg}
समय t=2 st = 2\text{ s}
प्रारम्भिक वेग u=3 m/su = 3\text{ m/s}
अन्तिम वेग v=7 m/sv = 7\text{ m/s}
बल F=?F = ?
त्वरण की परिभाषा से
a=vuta = \frac{v - u}{t}
a=732=42=2 m/s2a = \frac{7 - 3}{2} = \frac{4}{2} = 2\text{ m/s}^2
चूँकि बल F=द्रव्यमान (m)×त्वरण (a)F = \text{द्रव्यमान } (m) \times \text{त्वरण } (a)

=5 kg×2 m/s2= 5\text{ kg} \times 2\text{ m/s}^2
F=10 kg m/s2F = 10\text{ kg m/s}^2
या F=10 NF = 10\text{ N}
अतः वस्तु पर लगाया गया बल F=10 NF = 10\text{ N}
अब यह बल t=5 st = 5\text{ s} तक लगाया जाता है। तब वस्तु का अन्तिम वेग
गति के प्रथम समीकरण से
v=u+atv = u + at
v=3+2×5v = 3 + 2 \times 5

=3+10=13 m/s= 3 + 10 = 13\text{ m/s}
\therefore वस्तु का अन्तिम वेग =13 m/s= 13\text{ m/s} उत्तर

प्रश्न 2. 2020 किलोग्राम द्रव्यमान वाली वस्तु को 2.5 मी./सेकण्ड22.5\text{ मी./सेकण्ड}^2 का त्वरण उत्पन्न करने के लिये