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📚 कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान (Social Science)हिंदी माध्यमसत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

पाठ 11: [भूगोल] जनसंख्या एवं मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न

Population & Map Work

📅 शैक्षणिक सत्र: 2026-27📖 RBSE/NCERT डिजिटल पासबुक🎯 संपूर्ण प्रश्नोत्तर
📚 कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान (RBSE) 📘 समकालीन भारत-1 (भूगोल) सत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

Population & Map Work

[भूगोल] जनसंख्या एवं मानचित्र सम्बन्धी प्रश्न

822

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. भारत में पाई जाने वाली वनस्पति के प्रमुख प्रकारों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
अथवा
भारतीय जलवायु में कितने प्रकार की वनस्पति पायी जाती है? इनके नाम लिखो।
अथवा
भारत में पाई जाने वाली वनस्पति के किन्हीं चार प्रकारों का संक्षिप्त वर्णन कीजिये।

उत्तर- भारत में पाई जाने वाली वनस्पति के प्रकार-भारत में निम्न प्रकार की प्राकृतिक वनस्पतियाँ पाई जाती हैं-

(1) उष्णा कटिबंधीय सदाबहार वन या वर्षा वन- ये वन 200200 सेमी. से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाये जाते हैं। पश्चिमी घाटों के अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों, लक्षद्वीप, अण्डमान और निकोबार द्वीप-समूहों, असम के ऊपरी भागों तथा तमिलनाडु के तट पर ये वन पाये जाते हैं। इन वनों में वृक्ष 6060 मीटर या इससे भी अधिक ऊँचाई के हो सकते हैं। इन वनों में आबनूस (एबोनी), महोगनी, रोजवुड, रबड़ और सिनकोना के वृक्ष पाये जाते हैं। हाथी, बन्दर, लैमूर, हिरण आदि जानवर सामान्य रूप से मिलते हैं। असम और पश्चिमी बंगाल के दलदली क्षेत्रों में एक सींग वाले गैंडे मिलते हैं। इनके अतिरिक्त कई प्रकार के पक्षी, चमगादड़ तथा रेंगने वाले जीव भी मिलते हैं।

(2) उष्णा कटिबंधीय पर्णपाती वन- ये मानसूनी वन भी कहलाते हैं। 7070 सेमी. से 200200 सेमी. तक वर्षा वाले क्षेत्रों में ये वन पाये जाते हैं। ये वन भारत में सबसे अधिक क्षेत्र पर फैले हुए हैं। इन वनों के वृक्ष ग्रीष्म ऋतु में लगभग दो माह के लिए अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं। इन्हें दो भागों-(i) आर्द्र पर्णपाती वन तथा (ii) शुष्क पर्णपाती वनों में बाँटा जा सकता है। सागोन इन वनों का प्रमुख वृक्ष है। इसके अलावा बांस, साल, शीशम, चन्दन, खैर, कुसुम, अर्जुन, शहतूत, पीपल तथा नीम के वृक्ष मिलते हैं। शेर, बाघ, सुअर, हिरण, हाथी, छिपकली, साँप, कछुए, विविध प्रकार के पक्षी आदि जीव पाये जाते हैं।

(3) कंटीले वन तथा झाड़ियाँ- 7070 सेमी. से कम वर्षा वाले क्षेत्रों में कंटीले वन तथा झाड़ियाँ पाई जाती हैं। गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा के अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में इस प्रकार की वनस्पति पाई जाती है। अकासिया, खजूर (पाम), यूफोरबिया तथा नागफनी (कैक्टाई) यहाँ की मुख्य पादप प्रजातियाँ हैं। इन वनों में प्रायः चूहे, खरगोश, लोमड़ी, भेड़िए, शेर, बाघ, जंगली गधा, घोड़े तथा ऊँट पाए जाते हैं।

(4) पर्वतीय वन- पर्वतीय वन पर्वतों पर पाये जाते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान की कमी तथा ऊँचाई के साथ-साथ प्राकृतिक वनस्पति में भी अन्तर दिखाई देता है।
(i) 1,0001,000 मी. से 2,0002,000 मी. तक की ऊँचाई वाले क्षेत्रों में आर्द्र शीतोष्ण कटिबंधीय वन पाए जाते हैं। चौड़ी पत्ती वाले ओक तथा चेस्टनट यहाँ के प्रमुख वृक्ष हैं।
(ii) 1,5001,500 से 3,0003,000 मी. की ऊँचाई के बीच शंकुधारी वृक्ष जैसे चीड़ (पाइन), देवदार, सिल्वर-फर, स्प्रूस, सीडर आदि पाए जाते हैं। ये वन प्रायः हिमालय की दक्षिणी ढलानों, दक्षिण और उत्तर-पूर्व भारत के अधिक ऊँचाई वाले भागों में पाए जाते हैं।

(iii) इससे अधिक ऊँचाई पर प्रायः शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान पाए जाते हैं।
(iv) 3,6003,600 मी. से अधिक ऊँचाई पर अल्पाइन वनस्पति मिलती है। सिल्वर-फर, जूनिपर, पाइन व बर्च इन वनों के मुख्य वृक्ष हैं। हिमरेखा के निकट इन वृक्षों के आकार छोटे होते जाते हैं। अन्ततः झाड़ियों के रूप के बाद ये अल्पाइन घास के मैदानों में विलीन हो जाते हैं। अधिक ऊँचाई वाले भागों में मॉस, लिचन घास, टुंड्रा वनस्पति का एक भाग है।
पर्वतीय वनों में प्रायः कश्मीरी महामृग, चितरा हिरण, जंगली भेड़, खरगोश, तिब्बतीय बारहसिंगा, याक, हिम तेंदुआ, गिलहरी, रीछ, आइबैक्स, कहीं-कहीं लाल पांडा, घने बालों वाली भेड़ तथा बकरियाँ पाई जाती हैं।

(5) मैंग्रोव वन- घने मैंग्रोव एक प्रकार की वनस्पति है जिसमें पौधों की जड़ें पानी में डूबी रहती हैं। गंगा, ब्रह्मपुत्र, महानदी, गोदावरी, कृष्णा तथा कावेरी नदियों के डेल्टा भाग में यह वनस्पति मिलती है। गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा में सुन्दरी वृक्ष पाए जाते हैं जिनसे मजबूत लकड़ी प्राप्त होती है। इसके अतिरिक्त नारियल, ताड़, केवड़ा एवं एंगार के वृक्ष इन वनों में पाए जाते हैं।
रॉयल बंगाल टाइगर इस क्षेत्र का प्रसिद्ध जानवर है। इसके अतिरिक्त कछुए, मगरमच्छ, घड़ियाल एवं कई प्रकार के साँप भी इन जंगलों में मिलते हैं।


6. जनसंख्या

पाठगत प्रश्न

पृष्ठ 50

प्रश्न- भारत में जनसंख्या के असमान वितरण का क्या कारण है?

उत्तर-भारत एक विशाल देश है। यहाँ अनेक भौगोलिक भिन्नताएँ पाई जाती हैं। इनके कारण भारत में जनसंख्या का असमान वितरण पाया जाता है। प्रमुख कारण निम्न प्रकार हैं-

(1) धरातल-भारत के पर्वतीय भागों में धरातल ऊबड़-खाबड़ तथा मिट्टी अनुपजाऊ होने के कारण कम जनसंख्या पाई जाती है, जबकि तटीय मैदान तथा नदियों की घाटियों व डेल्टा में समतल व उपजाऊ भूमि होने के कारण अधिक जन-घनत्व पाया जाता है।

(2) सिंचाई के साधन-सिंचाई के साधन वर्षा की कमी की पूर्ति करते हैं। इसलिए कृषि कार्यों में उपयोगी है। जिस क्षेत्र में सिंचाई के साधन सुगम तथा पर्याप्त होते हैं, वहाँ जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है। उदाहरण के लिए, भारत के मैदानी भाग में नहरी सिंचाई के अत्यधिक विकास के कारण उत्तर प्रदेश, पंजाब व हरियाणा में कम वर्षा होते हुए भी जनसंख्या का घनत्व अधिक पाया जाता है।

(3) मृदा-उपजाऊ मृदा (जलोढ़, काली) वाले क्षेत्र कृषि के लिए बहुत उपयुक्त होते हैं। अतः ये बहुत घनी जनसंख्या वाले हैं। उत्तरी मैदान तथा डेल्टा क्षेत्रों की मिट्टी उपजाऊ है।

(4) जलवायु दशाएँ-अति विषम जलवायु वाले क्षेत्र लोगों के निवास के योग्य नहीं होते। ये क्षेत्र आर्थिक क्रियाओं के लिए भी उपयुक्त नहीं हैं। अतः बहुत कम और बहुत अधिक वर्षा वाले क्षेत्र सामान्यतः विरल जनसंख्या वाले होते हैं। थार मरुस्थल तथा हिमालय में आच्छादित क्षेत्र में इसी कारण कम जनघनत्व पाया जाता है।

(5) दुर्गम वन-उत्तर-पूर्वी भारत तथा देश के अन्य भागों के घने वनों वाले क्षेत्रों में जनसंख्या विरल है।

(6) आर्थिक क्रियाएँ-औद्योगिक क्षेत्रों तथा बंदरगाह के क्षेत्रों में आर्थिक क्रियाओं के कारण जनसंख्या घनत्व अधिक है।

पृष्ठ 53

प्रश्न-वृद्धि दर में कमी के बावजूद प्रत्येक दशक में लोगों की संख्या में नियमित रूप से वृद्धि हो रही है। ऐसा क्यों?

उत्तर-भारत में 1951 से 1981 तक जनसंख्या वृद्धि-दर लगातार बढ़ती रही है; किन्तु 1981 से वृद्धि दर धीरे-धीरे कम हो रही है लेकिन इसके बावजूद प्रत्येक दशक में लोगों की संख्या में नियमित रूप से वृद्धि हो रही है। इसका कारण यह है कि जब तक वृद्धि दर धनात्मक रहेगी तब तक लोगों की संख्या में वृद्धि होती रहेगी। वृद्धि-दर ऋणात्मक अथवा शून्य होने पर ही लोगों की संख्या में वृद्धि नहीं होगी।


पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए-

(i) निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में प्रवास, आबादी की संख्या, वितरण एवं संरचना में परिवर्तन लाता है-
(क) प्रस्थान करने वाले क्षेत्र में
(ख) आगमन वाले क्षेत्र में
(ग) प्रस्थान एवं आगमन दोनों क्षेत्रों में
(घ) इनमें से कोई नहीं

(ii) जनसंख्या में बच्चों का एक बहुत बड़ा अनुपात निम्नलिखित में से किसका परिणाम है-
(क) उच्च जन्म-दर
(ख) उच्च मृत्यु-दर
(ग) उच्च जीवन दर
(घ) अधिक विवाहित जोड़े

(iii) निम्नलिखित में से कौनसा एक जनसंख्या वृद्धि का परिमाण दर्शाता है-
(क) एक क्षेत्र की कुल जनसंख्या
(ख) प्रत्येक वर्ष लोगों की संख्या में होने वाली वृद्धि
(ग) जनसंख्या वृद्धि की दर
(घ) प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या

(iv) 2011 की जनगणना के अनुसार एक 'साक्षर' व्यक्ति वह है-
(क) जो अपने नाम को पढ़ एवं लिख सकता है।
(ख) जो किसी भी भाषा में पढ़ एवं लिख सकता है।
(ग) जिसकी उम्र 7 वर्ष या उससे अधिक है तथा वह किसी भी भाषा को समझ के साथ पढ़ एवं लिख सकता है।
(घ) जो पढ़ना-लिखना एवं अंकगणित, तीनों जानता है।

उत्तरमाला-(i) (ग) (ii) (क) (iii) (ख) (iv) (ग)।

प्रश्न 2. निम्नलिखित के उत्तर संक्षेप में दें-

(i) जनसंख्या वृद्धि के महत्त्वपूर्ण घटकों की व्याख्या करें।

उत्तर-जनसंख्या वृद्धि के महत्त्वपूर्ण घटक-जनसंख्या वृद्धि के तीन महत्त्वपूर्ण घटक हैं। इसका वर्णन निम्न प्रकार है-

(1) जन्म-दर-एक वर्ष में प्रति हजार व्यक्तियों में जितने जीवित बच्चों का जन्म होता है, उसे 'जन्म-दर' कहते हैं। यह जनसंख्या वृद्धि का एक प्रमुख घटक है,

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क्योंकि भारत में हमेशा जन्म-दर, मृत्यु-दर से अधिक होती है।

(2) मृत्यु-दर-एक वर्ष में प्रति हजार व्यक्तियों में मरने वालों की संख्या को 'मृत्यु-दर' कहा जाता है। वर्तमान में मृत्यु-दर में तेज गिरावट हुई है। भारत की जनसंख्या में वृद्धि की दर का मुख्य कारण यही है।

(3) प्रवास-लोगों के एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में चले जाने को प्रवास कहते हैं। अन्तर्राष्ट्रीय प्रवास, जनसंख्या को प्रभावित करता है। इससे अनेक संरचनात्मक परिवर्तन भी आते हैं।

(ii) 1981 से भारत में जनसंख्या की वृद्धि दर क्यों घट रही है?

उत्तर-1981 से भारत में जनसंख्या की वृद्धि दर निम्नलिखित कारणों से घट रही है-(1) जन्म दर नियंत्रण (2) साक्षरता में वृद्धि (3) परिवार नियोजन कार्यक्रम।

(iii) आयु संरचना, जन्म-दर एवं मृत्यु-दर को परिभाषित करें।

उत्तर-(1) आयु संरचना-आयु संरचना से तात्पर्य किसी देश की जनसंख्या को विभिन्न वर्गों के अनुसार कई आयु समूहों में विभाजित करना है। किसी देश की आबादी को सामान्यतः तीन आयु समूहों में बाँटा जाता है-(a) बच्चे (सामान्यतः 15 वर्ष से नीचे) (b) वयस्क (15 से 59 वर्ष के बीच) (c) वृद्ध (59 वर्ष से ऊपर)।

(2) जन्म-दर-एक वर्ष में प्रति 1000 व्यक्तियों पर जीवित शिशुओं की संख्या जन्म-दर कहलाती है।

(3) मृत्यु-दर-एक वर्ष में प्रति 1000 व्यक्तियों पर मरने वालों की संख्या मृत्यु-दर कहलाती है।

(iv) प्रवास, जनसंख्या परिवर्तन का एक कारक।

उत्तर-प्रवास, जनसंख्या परिवर्तन का एक प्रमुख कारक है। प्रवास का अर्थ है लोगों का एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में चले जाना। प्रवास दो प्रकार का होता है-

(1) आन्तरिक व (2) अन्तर्देशीय।

आन्तरिक प्रवास से देश की जनसंख्या के आकार में तो परिवर्तन नहीं होता लेकिन जनसंख्या का वितरण अवश्य प्रभावित होता है। अंतर्देशीय प्रवास से जनसंख्या का आकार प्रभावित होता है। आन्तरिक प्रवास के कारण भारत के नगरों और शहरों की जनसंख्या स्थायी रूप से बढ़ती रहती है। भारत में लोग रोजगार के अवसरों और बेहतर सुविधा की खोज में शहर की ओर स्थानान्तरित होते हैं। प्रवास जनसंख्या परिवर्तन का एक महत्त्वपूर्ण घटक है। ये केवल जनसंख्या के आकार को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उम्र एवं लिंग के दृष्टिकोण से भी नगरीय एवं ग्रामीण जनसंख्या की संरचना को परिवर्तित करता है।

प्रश्न 3. जनसंख्या वृद्धि एवं जनसंख्या परिवर्तन के बीच अन्तर स्पष्ट करें।

उत्तर-जनसंख्या वृद्धि एवं जनसंख्या परिवर्तन में अन्तर-

जनसंख्या वृद्धि जनसंख्या परिवर्तन
1. जनसंख्या वृद्धि का अर्थ होता है, किसी विशेष समय के अन्तराल में, जैसे 10 वर्षों के भीतर, किसी देश/राज्य के निवासियों की संख्या में परिवर्तन। 1. जनसंख्या परिवर्तन का अर्थ है, आबादी की संख्या, वितरण एवं संघटन में परिवर्तन। जनसंख्या परिवर्तन को तीन कारक निर्धारित करते हैं-(i) जन्म-दर, (ii) मृत्यु-दर और (iii) प्रवास।
2. इस प्रकार के परिवर्तन को दो प्रकार से व्यक्त किया जा सकता है-(i) सापेक्ष वृद्धि, (ii) प्रति वर्ष होने वाले प्रतिशत परिवर्तन के द्वारा। 2. जनसंख्या परिवर्तन गुणात्मक भी हो सकता है।
3. इस प्रक्रिया में जनसंख्या आकार में परिवर्तन आता है। 3. इस प्रक्रिया में जनसंख्या वितरण एवं व्यावसायिक संरचना में परिवर्तन आता है।

प्रश्न 4. व्यावसायिक संरचना एवं विकास के बीच क्या सम्बन्ध है?

उत्तर-व्यावसायिक संरचना एवं विकास के बीच एक निश्चित सम्बन्ध होता है। विभिन्न प्रकार के व्यवसायों के अनुसार किए गए जनसंख्या के वितरण को व्यावसायिक संरचना कहा जाता है। किसी भी देश में विभिन्न व्यवसायों को करने वाले भिन्न-भिन्न लोग होते हैं। व्यवसायों को सामान्यतः (i) प्राथमिक, (ii) द्वितीयक एवं (iii) तृतीयक श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है।

प्राथमिक व्यवसाय की अधिक जनसंख्या वाले देशों में विकास का स्तर नीचे होता है, जबकि द्वितीयक तथा

तृतीयक व्यवसाय की अधिकता वाले देशों में विकास का स्तर ऊँचा होता है।

विकसित देशों में द्वितीयक एवं तृतीयक क्रियाकलापों में कार्य करने वाले लोगों की संख्या का अनुपात अधिक होता है। विकासशील देशों में प्राथमिक क्रियाकलापों में कार्यरत लोगों का अनुपात अधिक होता है। भारत की अधिकांश जनसंख्या कृषि कार्य करती है। भारत में तृतीयक क्षेत्र में कार्यरत लोगों की संख्या द्वितीयक क्षेत्र में कार्यरत लोगों से अधिक है। इसीलिए भारत विकसित देशों की श्रेणी की बजाय विकासशील देशों की श्रेणी में आता है। वर्तमान समय में बढ़ते हुए औद्योगीकरण एवं शहरीकरण में वृद्धि होने के कारण द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्रों में व्यावसायिक परिवर्तन हुआ है।

प्रश्न 5. स्वस्थ जनसंख्या कैसे लाभकारी है?

उत्तर - स्वस्थ जनसंख्या देश के लिए बहुत लाभकारी होती है।

(1) जनसंख्या स्वस्थ होने पर उसकी कार्यक्षमता भी अधिक होती है तथा वह अधिक उत्पादन कर पाती है। इससे राष्ट्रीय आय में स्वतः ही वृद्धि हो जाती है।
(2) स्वस्थ जनसंख्या देश का महत्त्वपूर्ण संसाधन होती है। वह आश्रित जनसंख्या के अनुपात को कम करती है। सरकार को उन पर कम खर्चा करना पड़ता है।
(3) स्वस्थ जनसंख्या ही देश के प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग करने में सक्षम होती है। इस प्रकार स्वस्थ जनसंख्या विकास की प्रक्रिया को प्रभावित करती है।
(4) स्वस्थ जनसंख्या से उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ती है।
(5) स्वस्थ जनसंख्या से देश का आर्थिक एवं सामाजिक विकास तीव्र गति से होने लगता है।

प्रश्न 6. राष्ट्रीय जनसंख्या नीति की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?

उत्तर - राष्ट्रीय जनसंख्या नीति की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

(1) राष्ट्रीय जनसंख्या नीति तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या को रोकने तथा जनसंख्या के गुणात्मक विकास के लिए भारत सरकार द्वारा सन् 2000 में अपनायी गई एक नीति है।
(2) यह जनसंख्या के आर्थिक विकास, सामाजिक विकास तथा पर्यावरण सुरक्षा पर विशेष ध्यान देती है।
(3) राष्ट्रीय जनसंख्या नीति के प्रमुख लक्ष्य अग्र हैं-
(i) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना।
(ii) शिशु मृत्यु-दर को प्रति 1,000 में 30 से कम करना।
(iii) व्यापक स्तर पर टीकाकरण द्वारा बीमारियों से बच्चों को छुटकारा दिलाना।
(iv) लड़कियों की शादी की उम्र को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना।
(v) परिवार नियोजन को एक जन-केन्द्रित कार्यक्रम बनाने के लिए नीतिगत ढाँचा प्रदान करना।


अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न-

  1. भारत में सबसे पहली जनगणना कब की गई थी?

(अ) 1951 में (ब) 1872 में
(स) 1947 में (द) 1901 में

  1. भारत में सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है-
    (अ) राजस्थान (ब) अरुणाचल प्रदेश
    (स) केरल (द) उत्तरप्रदेश

  2. 2 जून, 2014 को नया राज्य बना-
    (अ) तेलंगाना (ब) जम्मू
    (स) कर्नाटक (द) प. बंगाल

  3. देश की कुल जनसंख्या का 16 प्रतिशत हिस्सा किस राज्य में निवास करता है?
    (अ) राजस्थान (ब) उत्तर प्रदेश

(स) बिहार
(द) पश्चिमी बंगाल
  1. किस राज्य का जनसंख्या घनत्व 250 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी. से भी कम है?
    (अ) बिहार (ब) प. बंगाल
    (स) राजस्थान (द) उत्तर प्रदेश

  2. उत्तरी मैदान से अधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है -

(अ) मध्य प्रदेश (ब) आंध्रप्रदेश
(स) कर्नाटक (द) बिहार

  1. असम एवं अधिकतर प्रायद्वीपीय राज्यों के जनसंख्या घनत्व को प्रभावित करने वाला तत्त्व है-
    (अ) पहाड़ी, कटे-छटे एवं पथरीले भू-भाग
    (ब) समतल मैदान (स) उपजाऊ मिट्टी
    (द) पर्याप्त मात्रा में वर्षा

उत्तरमाला- 1. (ब) 2. (द) 3. (अ) 4. (ब) 5. (स) 6. (द) 7. (अ)।

निम्न रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

  1. मानव पृथ्वी के संसाधनों का उत्पादन एवं....................करता है। (उपभोग/विनाश)

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  1. किसी क्षेत्र का पर्वतीय क्षेत्र, प्रतिकूल जलवायवी अवस्थाएँ .................... जनसंख्या के लिए उत्तरदायी है। (विरल/घनी)

  2. प्रत्येक वर्ष या एक दशक में बढ़ी जनसंख्या कुल संख्या में .................... का परिमाण है। (वृद्धि/ह्रास)

  3. भारत में अधिकतर प्रवास .................... से शहरी क्षेत्रों की ओर होता है। (ग्रामीण/शहरी)

उत्तर- 1. उपभोग, 2. विरल, 3. वृद्धि, 4. ग्रामीण।

निम्न वाक्यों में से सत्य/असत्य वाक्य छाँटिए-

  1. भारत में कुल जनसंख्या का पाँचवाँ भाग किशोर जनसंख्या का है। ( )
  2. भारत में नवीनतम जनसंख्या नीति 2011 में बनाई गई। ( )
  3. भारत में 1981 के बाद जनसंख्या वृद्धि दर कम होने लगी है। ( )

उत्तर- 1. सत्य 2. असत्य 3. सत्य।

निम्न को सुमेलित कीजिए-

(अ) (ब)
(i) भारत का जनसंख्या घनत्व (a) 1102
(ii) बिहार का जनसंख्या घनत्व (b) 382
(iii) 2011 में भारत की कुल जनसंख्या (c) 102.87 करोड़
(iv) 2001 में भारत की कुल जनसंख्या (d) 121.01 करोड़
(v) 1951 में भारत की कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का भाग (e) 17.29 प्रतिशत

उत्तर- (i) (b), (ii) (a), (iii) (d), (iv) (c), (v) (e).

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. प्राकृतिक घटनाएँ आपदा कब बनती हैं?

उत्तर- प्राकृतिक घटनाएँ, जैसे-बाढ़ या सुनामी, जब किसी घनी आबादी वाले गाँव या शहर को प्रभावित करती हैं, तब वे आपदा बनती हैं।

प्रश्न 2. जनगणना किसे कहते हैं? यह भारत में कब से शुरू हुई?

उत्तर- एक निश्चित समयान्तराल (हमारे देश में 10 वर्ष) में जनसंख्या की आधिकारिक गणना को 'जनगणना' कहते हैं। यह भारत में 1872 से शुरू हुई।

प्रश्न 3. देश की सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य कौनसा है?

उत्तर- उत्तर प्रदेश देश की सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है।

प्रश्न 4. भारत की लगभग आधी आबादी किन राज्यों में निवास करती है?

उत्तर- पाँच राज्यों में-(1) उत्तर प्रदेश, (2) महाराष्ट्र, (3) बिहार, (4) पश्चिम बंगाल, (5) आन्ध्रप्रदेश (तेलंगाना सहित)।

प्रश्न 5. क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य बतलाइए।

उत्तर- राजस्थान।

प्रश्न 6. जनसंख्या घनत्व की परिभाषा दीजिए।

उत्तर- प्रति इकाई क्षेत्रफल में रहने वाले व्यक्तियों की औसत संख्या को जनसंख्या घनत्व कहते हैं।

प्रश्न 7. जनसंख्या घनत्व की गणना कैसे करते हैं?

उत्तर- कुल जनसंख्या को जितने क्षेत्रफल में यह निवास करते हैं उससे भाग देकर जनसंख्या घनत्व की गणना की जाती है।

प्रश्न 8. जन्म दर का क्या अभिप्राय है?

उत्तर- जन्म दर से अभिप्राय है-प्रतिवर्ष 1000 व्यक्तियों पर जीवित बच्चों के जन्म लेने की संख्या।

प्रश्न 9. जनसंख्या वृद्धि से आप क्या समझते हैं?

उत्तर- किसी विशेष समय के दौरान किसी देश या क्षेत्र के निवासियों की संख्या में वृद्धि (परिवर्तन) को जनसंख्या वृद्धि कहते हैं।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. जनगणना किसे कहते हैं? इसका क्या महत्त्व है?

उत्तर- जनगणना से आशय-एक निश्चित समय के अन्तराल (जैसे-भारत में 10 वर्ष) में जनसंख्या की आधिकारिक गणना को जनगणना कहते हैं।

जनगणना का महत्त्व-जनगणना से हमें हमारे देश की जनसंख्या सम्बन्धी जानकारी, जैसे-आयु संरचना, जन्म दर, मृत्यु दर, साक्षरता, लिंगानुपात, व्यावसायिक संरचना आदि की जानकारी मिलती है।

प्रश्न 2. भारत की लगभग आधी आबादी किन राज्यों में निवास करती है?

उत्तर- भारत की लगभग आधी आबादी जिन राज्यों में निवास करती है, वे ये हैं-(1) उत्तर प्रदेश (2) महाराष्ट्र (3) बिहार (4) पश्चिमी बंगाल और (5) आंध्र प्रदेश (तेलंगाना सहित)।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-

प्रश्न 1. 1951 से भारत की जनसंख्या में हुई तीव्र वृद्धि के कोई तीन कारण दीजिए।

उत्तर- 1951 से भारत की जनसंख्या में हुई तीव्र वृद्धि के तीन कारण अग्र प्रकार हैं-

(1) उच्च जन्म-दर-भारत में जन्म-दर बहुत अधिक है। 1951 के दशक से 1981 तक इसमें नियमित रूप से वृद्धि हुई।
(2) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि-

पिछले दशकों में विशेषकर 19511951 के बाद से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में बहुत वृद्धि हुई है। इस कारण मृत्यु-दर बहुत कम हो गई किन्तु जन्म-दर उच्च ही बनी रही।

(3) शिक्षा एवं ज्ञान का अभाव - भारत में साक्षरता दर बहुत कम रही है। लोग शिक्षित नहीं होने के कारण छोटे परिवार का महत्त्व नहीं समझते। इससे जनसंख्या में वृद्धि होती है।

प्रश्न 2. राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 20002000 के उद्देश्य बताइये।

उत्तर - राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 20002000 के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-

(1) परिवार नियोजन को एक जनकेन्द्रित कार्यक्रम बनाने के लिए नीतिगत ढांचा तैयार करना।
(2) 1414 वर्ष से कम आयु के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना।
(3) शिशु मृत्यु दर को प्रति 1,0001,000 में 3030 से कम करना।
(4) व्यापक स्तर पर टीकारोधी बीमारियों से बच्चों को छुटकारा दिलाना।
(5) बाल-विवाह को रोकने के कानूनों को मजबूत करना।
(6) गर्भ निरोधक सेवाओं की पहुँच जनसाधारण तक सुनिश्चित करना।

प्रश्न 3. घनत्व के आधार पर भारत में जनसंख्या के वितरण को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर - घनत्व के आधार पर भारत में जनसंख्या वितरण-घनत्व के आधार पर भारत के जनसंख्या वितरण को निम्न प्रकार स्पष्ट किया गया है-

(1) भारत विश्व के घनी आबादी वाले देशों में से एक है। 20112011 में भारत का जनसंख्या घनत्व 382382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी. था।
(2) भारत के बिहार राज्य में जहाँ जनसंख्या घनत्व 11021102 व्यक्ति प्रति किमी. है, वहीं अरुणाचल प्रदेश में यह 1717 व्यक्ति प्रति किमी. है। यह भारत में राज्यस्तरीय जनसंख्या घनत्व के असमान वितरण को दर्शाता है।
(3) भारत के पर्वतीय क्षेत्र तथा प्रतिकूल अवस्थाओं वाले राज्यों में जनसंख्या का घनत्व 250250 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी. से भी कम है।
(4) उत्तरी मैदानी भाग तथा केरल में समतल मैदान, उपजाऊ मिट्टी तथा पर्याप्त वर्षा के कारण जनसंख्या का घनत्व बहुत अधिक है।


भारत प्रमुख वन्य प्राणी निचय
भारत प्रमुख वन्य प्राणी निचय

मानचित्र कौशल

प्रश्न 1. भारत के रेखा मानचित्र में प्रमुख वन्य प्राणी निचयों (आरक्षित क्षेत्रों) को दर्शाइये।

प्रश्न 2. दिये गये भारत के राजनीतिक मानचित्र में निम्नलिखित को दिखाइए तथा उनके नाम लिखिए-
(i) महानदी (ii) शिलांग (iii) कार्बेट राष्ट्रीय पार्क (iv) अरावली श्रेणी (v) मुम्बई (vi) सबसे कम जनसंख्या वाला राज्य (vii) कान्हा राष्ट्रीय पार्क (viii) सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान (ix) लेह (x) कोलकाता (xi) लक्षद्वीप।

उत्तर -

भारत राजनीतिक मानचित्र
भारत राजनीतिक मानचित्र

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प्रश्न 3. भारत के रेखा मानचित्र में विभिन्न उच्चावच को दर्शाइये।
अथवा
भारत के रेखा मानचित्र में निम्न को दर्शाइए-
(1) पश्चिमी घाट (2) अरावली श्रेणी (3) गारो, खासी, जयंतिया पहाड़ियाँ (4) पूर्वी घाट (5) गिर श्रेणी (6) शिवालिक श्रेणी (7) सतपुड़ा श्रेणी (8) विन्ध्य श्रेणी।

उत्तर-

भारत का भौतिक मानचित्र (उच्चावच) जिसमें पर्वत श्रेणियाँ, नदियाँ और पठार दर्शाए गए हैं
भारत का भौतिक मानचित्र (उच्चावच) जिसमें पर्वत श्रेणियाँ, नदियाँ और पठार दर्शाए गए हैं

प्रश्न 4. भारत के संलग्न मानचित्र में निम्न स्थानों को अंकित कीजिए-

उत्तर -

भारत का राजनीतिक मानचित्र जिसमें विभिन्न राज्यों, राजधानियों और प्रमुख शहरों को दर्शाया गया है।
भारत का राजनीतिक मानचित्र जिसमें विभिन्न राज्यों, राजधानियों और प्रमुख शहरों को दर्शाया गया है।

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[इतिहास] नात्सीवाद और हिटलर का उदय

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[इतिहास] वन्य समाज और उपनिवेशवाद

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[इतिहास] आधुनिक विश्व में चरवाहे एवं मानचित्र कार्य

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[भूगोल] भारत-आकार और स्थिति

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[भूगोल] भारत का भौतिक स्वरूप

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[भूगोल] अपवाह

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