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📚 कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान (Social Science)हिंदी माध्यमसत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

पाठ 12: [राजनीति] लोकतंत्र क्या? लोकतंत्र क्यों?

What is Democracy? Why Democracy?

📅 शैक्षणिक सत्र: 2026-27📖 RBSE/NCERT डिजिटल पासबुक🎯 संपूर्ण प्रश्नोत्तर
📚 कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान (RBSE) 📘 लोकतांत्रिक राजनीति-1 सत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

What is Democracy? Why Democracy?

[राजनीति] लोकतंत्र क्या? लोकतंत्र क्यों?

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1. लोकतंत्र क्या? लोकतंत्र क्यों?

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1. यहाँ चार देशों के बारे में कुछ सूचनाएँ हैं। इन सूचनाओं के आधार पर आप इन देशों का वर्गीकरण किस तरह करेंगे? इनके सामने 'लोकतांत्रिक', 'अलोकतांत्रिक' और 'पक्का नहीं' लिखें।

(क) देश क : जो लोग देश के आधिकारिक धर्म को नहीं मानते उन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं है।
(ख) देश ख : एक ही पार्टी बीते बीस वर्षों से चुनाव जीतती आ रही है।
(ग) देश ग : पिछले तीन चुनावों में शासक दल को पराजय का मुँह देखना पड़ा।
(घ) देश घ : यहाँ स्वतंत्र चुनाव आयोग नहीं है।

उत्तर :

देश वर्गीकरण
अलोकतांत्रिक
पक्का नहीं
लोकतांत्रिक
अलोकतांत्रिक

प्रश्न 2. यहाँ चार अन्य देशों के बारे में कुछ सूचनाएँ दी गई हैं, इन सूचनाओं के आधार पर इन देशों का वर्गीकरण आप किस तरह करेंगे? इनके आगे 'लोकतांत्रिक', 'अलोकतांत्रिक' और 'पक्का नहीं' लिखें।

(क) देश च : संसद सेना प्रमुख की मंजूरी के बिना सेना के बारे में कोई कानून नहीं बना सकती।
(ख) देश छ : संसद न्यायपालिका के अधिकारों में कटौती का कानून नहीं बना सकती।
(ग) देश ज : देश के नेता बिना पड़ोसी देश की अनुमति के किसी और देश से संधि नहीं कर सकते।
(घ) देश झ : देश के सारे आर्थिक फैसले केन्द्रीय बैंक के अधिकारी करते हैं जिसे मंत्री भी नहीं बदल सकते।

उत्तर :

देश वर्गीकरण
अलोकतांत्रिक
लोकतांत्रिक
पक्का नहीं
अलोकतांत्रिक

प्रश्न 3. इनमें से कौन-सा तर्क लोकतंत्र के पक्ष में अच्छा नहीं है और क्यों?

(क) लोकतंत्र में लोग खुद को स्वतंत्र और समान मानते हैं।
(ख) लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ दूसरों की तुलना में टकरावों को ज्यादा अच्छी तरह सुलझाती हैं।
(ग) लोकतांत्रिक सरकारें लोगों के प्रति ज्यादा उत्तरदायी होती हैं।

(घ) लोकतांत्रिक देश दूसरों की तुलना में ज्यादा समृद्ध होते हैं।

उत्तर : (क), (ख) तथा (ग) लोकतंत्र के पक्ष में अच्छे तर्क माने जायेंगे क्योंकि ये लोकतंत्र की विशेषताओं से सम्बन्धित हैं, किन्तु तर्क (घ) लोकतंत्र के पक्ष में सही तर्क नहीं है। इसके निम्नलिखित कारण हैं-

(i) किसी देश की समृद्धि उसके आर्थिक संसाधन तथा नीतियों पर निर्भर करती है। हाँ, नीतियों का लोकतांत्रिक होना जनसामान्य तथा देश के आर्थिक विकास में तो सहायक हो सकता, किन्तु संसाधन के अभाव में सिर्फ लोकतांत्रिक व्यवस्था से समृद्धि नहीं आ सकती।
(ii) एक गैर-लोकतांत्रिक देश भी समृद्ध हो सकता है। उदाहरण के लिये, चीन एक गैर-लोकतांत्रिक देश है, किन्तु अपने संसाधन तथा नीतियों के बल पर उसकी गिनती विश्व के समृद्ध देशों में होने लगी है।
(iii) दूसरी तरफ, लोकतांत्रिक देश भी गरीब हो सकते हैं जैसे कि पाकिस्तान। यहाँ संसाधन की गलत नीति आर्थिक समृद्धि की राह में रुकावट है।

प्रश्न 4. इन सभी कथनों में कुछ चीजें लोकतांत्रिक हैं तो कुछ अलोकतांत्रिक। हर कथन में इन चीजों को अलग-अलग करके लिखें।

(क) एक मंत्री ने कहा कि संसद को कुछ कानून पास करने होंगे जिससे विश्व व्यापार संगठन (WTO) द्वारा तय नियमों की पुष्टि हो सके।
(ख) चुनाव आयोग ने एक चुनाव क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान का आदेश दिया जहाँ बड़े पैमाने पर मतदान में गड़बड़ की गई थी।

(ग) संसद में औरतों का प्रतिनिधित्व 1010 प्रतिशत तक ही पहुँचा है। इसी के कारण महिला संगठनों ने संसद में एक-तिहाई आरक्षण की माँग की है।

उत्तर- (क) लोकतांत्रिक तत्व-संसद द्वारा नियम पारित किया जाना।

अलोकतांत्रिक तत्व-विश्व व्यापार संगठन द्वारा निर्धारित विनियमों के अनुसार नियम पारित किया जाना।
(ख) लोकतांत्रिक तत्व-धाँधली की स्थिति में निष्पक्ष चुनाव के लिये पुनर्मतदान की व्यवस्था।
अलोकतांत्रिक तत्व-चुनाव के दौरान धाँधली किया जाना।
(ग) लोकतांत्रिक तत्व-महिलाओं द्वारा संसद में एक-तिहाई सीटों की माँग।
अलोकतांत्रिक तत्व-संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 1010 प्रतिशत तक भी नहीं पहुँच पाता।

प्रश्न 5. लोकतंत्र में अकाल और भुखमरी की संभावना कम होती है। यह तर्क देने का इनमें से कौन-सा कारण सही नहीं है?
(क) विपक्षी दल भूख और भुखमरी की ओर सरकार का ध्यान दिला सकते हैं।
(ख) स्वतंत्र अखबार देश के विभिन्न हिस्सों में अकाल की स्थिति के बारे में खबरें दे सकते हैं।
(ग) सरकार को अगले चुनाव में अपनी पराजय का डर होता है।
(घ) लोगों को कोई भी तर्क मानने और उस पर आचरण करने की स्वतंत्रता है।

उत्तर- (घ) लोगों को कोई भी तर्क मानने और उस पर आचरण करने की स्वतंत्रता है। यह कारण सही नहीं है।

प्रश्न 6. किसी जिले में 4040 ऐसे गाँव हैं जहाँ सरकार ने पेयजल उपलब्ध कराने का कोई इंतजाम नहीं किया है। इन गाँवों के लोगों ने एक बैठक की और अपनी जरूरतों की ओर सरकार का ध्यान दिलाने के लिए कई तरीकों पर विचार किया। इनमें से कौन-सा तरीका लोकतांत्रिक नहीं है?
(क) अदालत में पानी को अपने जीवन के अधिकार का हिस्सा बताते हुए मुकदमा दायर करना।
(ख) अगले चुनाव का बहिष्कार करके सभी पार्टियों को संदेश देना।
(ग) सरकारी नीतियों के खिलाफ जनसभाएँ करना।
(घ) सरकारी अधिकारियों को पानी के लिए रिश्वत देना।

उत्तर- (घ) सरकारी अधिकारियों को पानी के लिए रिश्वत देने का तरीका लोकतांत्रिक नहीं है।


प्रश्न 7. लोकतंत्र के खिलाफ दिए जाने वाले इन तर्कों का जवाब दीजिए :
(क) सेना देश का सबसे अनुशासित और भ्रष्टाचार मुक्त संगठन है। इसलिए सेना को देश का शासन करना चाहिए।
(ख) बहुमत के शासन का मतलब है मूर्खों और अशिक्षितों का राज। हमें तो होशियारों के शासन की जरूरत है, भले ही उनकी संख्या कम क्यों न हो।
(ग) अगर आध्यात्मिक मामलों के मार्गदर्शन के लिए धर्म-गुरुओं की जरूरत होती है तो उन्हीं को राजनैतिक मामलों में मार्गदर्शन का काम क्यों नहीं सौंपा जाए। देश पर धर्म-गुरुओं का शासन होना चाहिए।

उत्तर- (क) जवाब- अनुशासित तथा भ्रष्टाचार मुक्त होने के बावजूद सेना को देश पर शासन नहीं करना चाहिये, क्योंकि वह देश की जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व नहीं करती है। इसलिए यह एक लोकतांत्रिक सरकार का गठन नहीं कर सकती। कोई भी यह गारन्टी नहीं दे सकता कि सेना तानाशाह नहीं बनेगी।

(ख) जवाब- लोकतंत्र का संबंध सिर्फ बुद्धिमानों से नहीं होता। शासन में उन लोगों को भाग लेना चाहिये जो जनता की इच्छा का ईमानदारी से प्रतिनिधित्व करते हैं। बहुमत के शासन की इसीलिये आवश्यकता है कि वे अधिक-से-अधिक लोगों के हितों तथा समस्याओं को ध्यान में रखते हुये नीतिगत फैसला ले सकें।
(ग) जवाब- धर्म लोगों का व्यक्तिगत विषय है। इसे राजनीति से जोड़ना अनुचित है। क्योंकि राजनीति में धर्म को शामिल करने से गंभीर विवाद पैदा हो सकते हैं। लोकतंत्र का हमारी भौतिक समस्याओं से संबंध है जो सभी लोगों की लगभग एक जैसी होती हैं। धार्मिक नेता पूर्वाग्रहों से प्रभावित हो सकते हैं। अतः वे किसी वर्ग के साथ न्याय नहीं कर पायेंगे। साथ ही, उनके बीच हमेशा एक वैचारिक संघर्ष की स्थिति बनी रहेगी जो धर्म तथा आस्था से अनुप्रेरित होगी।

प्रश्न 8. इनमें से किन कथनों को आप लोकतांत्रिक समझते हैं? क्यों?
(क) बेटी से बाप-मैं शादी के बारे में तुम्हारी राय सुनना नहीं चाहता। हमारे परिवार में बच्चे वहीं शादी करते हैं जहाँ उनके माँ-बाप तय कर देते हैं।

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( ख ) छात्र से शिक्षक-कक्षा में सवाल पूछकर मेरा ध्यान मत बँटाओ।

( ग ) अधिकारियों से कर्मचारी-हमारे काम करने के घंटे कानून के अनुसार कम किये जाने चाहिये।

प्रश्न 9. एक देश के बारे में निम्नलिखित तथ्यों पर गौर करें और फैसला करें कि आप इसे लोकतंत्र कहेंगे या नहीं। अपने फैसले के पीछे के तर्क भी बताएँ।
( क ) देश के सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार है और चुनाव नियमित रूप से होते हैं।
( ख ) देश ने अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों से ऋण लिया। ऋण के साथ यह शर्त जुड़ी थी कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य पर अपने खर्चों में कमी करेगी।
( ग ) लोग सात से ज्यादा भाषाएँ बोलते हैं पर शिक्षा का माध्यम सिर्फ एक भाषा है, जिसे देश के 5252 फीसदी लोग बोलते हैं।
( घ ) सरकारी नीतियों का विरोध करने के लिए अनेक संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन करने और देश भर में हड़ताल करने का आह्वान किया है। सरकार ने उनके नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है।
( ङ ) देश के रेडियो और टेलीविजन चैनल सरकारी हैं। सरकारी नीतियों और विरोध के बारे में खबर छापने के लिए अखबारों को सरकार से अनुमति लेनी होती है।

उत्तर-तथ्य ( घ ) तथा ( ङ ) सरकार के गैर-लोकतांत्रिक व्यवहार को प्रदर्शित करते हैं।

तथ्य ( ख ) सरकार की आर्थिक कमजोरी के कारण मजबूरी में उठाये गये एक गलत फैसले की ओर इंगित करता है। शिक्षा व स्वास्थ्य पर खर्च में कमी करना लोगों के लिए कल्याणकारी नहीं होगा। इसलिए इसे लोकतांत्रिक नहीं कहा जा सकता।

प्रश्न 10. अमेरिका के बारे में 20042004 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार वहाँ के समाज में असमानता बढ़ती जा रही है। आमदनी की असमानता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विभिन्न वर्गों की भागीदारी घटने-बढ़ने के रूप में भी सामने आई। इन समूहों की सरकार के फैसलों पर असर डालने की क्षमता भी इससे प्रभावित हुई है। इस रिपोर्ट की मुख्य बातें थीं :

  • सन् 20042004 में एक औसत अश्वेत परिवार की आमदनी 100100 डालर थी जबकि गोरे परिवार की आमदनी 162162 डालर। औसत गोरे परिवार के पास अश्वेत परिवार से 1212 गुना संपत्ति थी।
  • राष्ट्रपति चुनाव में 75,00075,000 डालर से ज्यादा आमदनी वाले परिवारों के प्रत्येक 1010 में से 99 लोगों ने वोट डाले थे। यही लोग आमदनी के हिसाब से समाज के ऊपरी 2020 फीसदी में आते हैं। दूसरी ओर 15,00015,000 डालर से कम आमदनी वाले परिवारों के प्रत्येक 1010 में से सिर्फ 55 लोगों ने ही वोट डाले। आमदनी के हिसाब से ये लोग सबसे निचले 2020 फीसदी हिस्से में आते हैं।
  • राजनैतिक दलों का करीब 9595 फीसदी चंदा अमीर परिवारों से ही आता है। इससे उन्हें अपनी राय और चिंताओं से नेताओं को अवगत कराने का अवसर मिलता है। यह सुविधा देश के अधिकांश नागरिकों को उपलब्ध नहीं है।
  • जब गरीब लोग राजनीति में कम भागीदारी करते हैं तो सरकार भी उनकी चिंताओं पर कम ध्यान देती है-गरीबी दूर करना, रोजगार देना, उनके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास की व्यवस्था करने पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता जितना दिया जाना चाहिए। राजनेता अक्सर अमीरों और व्यापारियों की चिंताओं पर ही नियमित रूप से गौर करते हैं।

इस रिपोर्ट की सूचनाओं को आधार बनाकर और भारत के उदाहरण देते हुए 'लोकतंत्र और गरीबी' पर एक लेख लिखें।

उत्तर- लोकतंत्र तथा गरीबी

सामान्य लोगों के हित के लिये लोकतंत्र बहुमत का शासन है। किंतु आजकल इसका उपयोग उन मुट्ठीभर लोगों के फायदे के लिये हो रहा है जिनके पास धन, संसाधन तथा शिक्षा है। इसका कारण यह है कि राजनैतिक दलों को दिए जाने वाले चंदे का 9595 प्रतिशत अमीर लोगों से आता है। इसलिए वे राजनैतिक दलों के निर्णयों को अपने पक्ष में प्रभावित करने में सफल रहते हैं। दूसरे, गरीब लोग राजनीति में कम भाग ले पाते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं की ओर सरकार कम ध्यान

देती है। इसी कारण लोकतांत्रिक भारत में अमीरों तथा गरीबों के बीच का अंतर और तेजी से बढ़ता जा रहा है। गरीब और गरीब हुये हैं जबकि अमीरों में तेजी से वृद्धि हुई है। येन-केन प्रकारेण सक्षम लोगों द्वारा सभी प्रकार की सरकारी सुविधाओं का फायदा उठाया जा रहा है तथा गरीब इनसे वंचित रह जा रहे हैं।

राजनीति में धन तथा बल के उपयोग ने इसके लोकतांत्रिक स्वरूप को नुकसान पहुँचाया है। यह ऊपर से लोकतांत्रिक दिखते हुये भी व्यवहार में स्वेच्छाचारी है। आये दिन होने वाले घपलों के द्वारा विकास की राशि को नेताओं, व्यापारियों, ठेकेदारों तथा अन्य सक्षम वर्गों द्वारा आपस में बाँट लिया जाता है। फलतः गरीबी दिनों-दिन बढ़ती जा रही है।

दरअसल, जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह बनाने की जरूरत है। जनता के पास यह शक्ति होनी चाहिये कि वह जब चाहे अपने प्रतिनिधि को वापस बुला सकती है। यह उन्हें जवाबदेह बना देगा। साथ ही चुनावों में धन के प्रयोग पर रोक लगानी चाहिये। तभी लोकतंत्र का सही रूप सामने आयेगा तथा आम जनता की समस्या की ओर ध्यान दिया जा सकेगा।


अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न-

  1. डेमोक्रेसी शब्द किस भाषा से बना है?
    (अ) हिन्दी
    (ब) संस्कृत
    (स) अरबी
    (द) यूनानी।

  2. निम्नलिखित में से कौनसी लोकतंत्र की विशेषता नहीं है-
    (अ) प्रमुख फैसले निर्वाचित नेताओं के हाथ में
    (ब) स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी मुकाबला
    (स) नागरिकों को अधिकार व स्वतंत्रताएँ नहीं
    (द) एक व्यक्ति-एक वोट-एक मोल।

  3. निम्नलिखित में से कौनसा लोकतंत्र का गुण नहीं है-
    (अ) अधिक जवाबदेही युक्त शासन
    (ब) गलतियों में सुधार की गुंजाइश
    (स) मतभेदों और टकरावों के मध्य संतुलन
    (द) अस्थिर शासन।

  4. निम्नलिखित में से कौनसा लोकतंत्र का दोष नहीं है-
    (अ) गलतियों में सुधार की गुंजाइश
    (ब) भ्रष्टाचार तथा अधिक खर्चीला शासन
    (स) निर्णयों में देरी
    (द) अस्थिर शासन।

  5. निम्नलिखित में से किस देश में औरतों को वोट देने का अधिकार 2015 तक नहीं था-
    (अ) भारत
    (ब) फ्रांस
    (स) सऊदी अरब
    (द) संयुक्त राज्य अमेरिका।

  6. किस शासन व्यवस्था में सभी नागरिकों को राजनीति में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलता है?
    (अ) राजशाही में
    (ब) तानाशाही में
    (स) एक दलीय शासन व्यवस्था में
    (द) लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में

  7. राजनीतिक समानता के सिद्धान्त पर आधारित शासन है-
    (अ) राजतंत्र
    (ब) अधिनायक तंत्र
    (स) कुलीन तंत्र
    (द) लोकतंत्र

उत्तरमाला- 1. (द) 2. (स) 3. (द) 4. (अ) 5. (स) 6. (द) 7. (द)।

रिक्त स्थानों की पूर्ति करें-

  1. .................... में जनरल परवेज मुशर्रफ ने अक्टूबर, 1999 में सैनिक तख्तापलट की अगुवाई की। (पाकिस्तान/बांग्लादेश)
  2. लोकतंत्र में अन्तिम निर्णय लेने की शक्ति .................... के पास होनी चाहिए। (जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों/सेना के अधिकारियों)
  3. 1930 में आजाद होने के बाद .................... में हर छः वर्ष बाद राष्ट्रपति चुनने के लिए चुनाव कराये जाते हैं। (चीन/मैक्सिको)
  4. जिंबाब्वे को .................... में अल्पसंख्यक गोरों के शासन से मुक्ति मिली। (1930/1980)

उत्तर- 1. पाकिस्तान 2. जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों 3. मैक्सिको 4. 1980

निम्न वाक्यों में से सत्य/असत्य कथन छाँटिये-

  1. लोकतंत्र सरकार का एक ऐसा रूप है जिसमें शासकों का चुनाव लोग करते हैं।

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  1. लोकतंत्र में अंतिम फैसला सेना के अधिकारी लेते हैं।
  2. लोकतंत्र सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार होता है।
  3. लोकतंत्र में फैसले शीघ्रता से लिये जाते हैं।

उत्तर-1. सत्य 2. असत्य 3. सत्य 4. असत्य।

निम्न को सुमेलित कीजिए-

(अ) (ब)
1. लीगल फ्रेमवर्क आर्डर, 2002 (a) मैक्सिको
2. राष्ट्रीय जन संसद (b) जिम्बाब्वे
3. पी आर आई पार्टी (c) भारत
4. जानु-पी. एफ. दल (d) पाकिस्तान
5. बहुदलीय चुनावी व्यवस्था (e) चीन

उत्तर-1. (d) 2. (e) 3. (a) 4. (b) 5. (c)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. विश्व के किन्हीं चार लोकतांत्रिक देशों के नाम बताइये।

उत्तर- (1) भारत (2) संयुक्त राज्य अमेरिका (3) ब्रिटेन (4) फ्रांस।

प्रश्न 2. लोकतांत्रिक सरकार की किन्हीं दो विशेषताओं का उल्लेख करें।

उत्तर- (1) लोकतंत्र में जनता शासकों का चुनाव करती है।

(2) इसमें प्रमुख फैसले निर्वाचित नेताओं के हाथ में होते हैं।

प्रश्न 3. लोकतंत्र के किन्हीं दो गुणों का उल्लेख करें।

उत्तर- (1) लोकतांत्रिक शासन अपेक्षाकृत अधिक जवाबदेही वाला शासन है।

(2) यह मतभेदों और टकरावों को संभालने का तरीका उपलब्ध कराता है।

प्रश्न 4. लोकतंत्र के किन्हीं दो दोषों का उल्लेख करें।

उत्तर- (1) लोकतंत्र एक अस्थिर शासन होता है।

(2) इसमें फैसले लेने में देरी होती है।

प्रश्न 5. लोकतंत्र में निर्णय लेने की अंतिम शक्ति किसके पास होती है?

उत्तर- जनता या जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास।

प्रश्न 6. ऐसे दो देशों के नाम लिखिये जहाँ बहुदलीय चुनाव होते हैं।

उत्तर- (1) भारत (2) फ्रांस।

प्रश्न 7. अब्राहम लिंकन ने लोकतंत्र की क्या परिभाषा दी है?

उत्तर- अब्राहम लिंकन के अनुसार, लोकतंत्र जनता का, जनता के लिए और जनता द्वारा शासन है।

प्रश्न 8. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार से क्या आशय है?

उत्तर- सभी वयस्क नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के मतदान के अधिकार को सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार कहा जाता है।

प्रश्न 9. लोकतंत्र में चुनाव कैसे होने चाहिए?

उत्तर- लोकतंत्र में चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र होने चाहिए जिसमें सत्तासीन लोगों के लिए हार-जीत के समान अवसर हों।

प्रश्न 10. मताधिकार लोकतंत्र से किस तरह संबंधित है?

प्रश्न 11. लोकतांत्रिक सरकार दूसरी सरकारों से बेहतर क्यों है?

उत्तर- लोकतांत्रिक सरकार दूसरी सरकारों से बेहतर है क्योंकि यह जनता के प्रति अधिक जवाबदेह होती है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. 'लोकतंत्र नागरिकों की प्रतिष्ठा में वृद्धि करता है।' स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- लोकतंत्र नागरिकों की प्रतिष्ठा में वृद्धि करता है क्योंकि-

(i) यह राजनैतिक समानता के सिद्धान्त पर आधारित है; (ii) इसमें लोग स्वयं शासक होते हैं तथा (iii) सरकार नागरिकों के प्रति उत्तरदायी है और यदि वह सही ढंग से कार्य नहीं करती तो लोग उसे बदल सकते हैं।

प्रश्न 2. लोकतंत्र राजशाही और सैनिक शासन से किस तरह भिन्न है?

उत्तर- लोकतांत्रिक सरकार में शासकों का जनता द्वारा चुनाव किया जाता है; जबकि राजशाही में शासक को शासन का अधिकार जन्म के आधार पर अपने पूर्ववर्ती शासक से प्राप्त होता है और सैनिक शासन में तानाशाह शासक जनता की अनुमति के स्थान पर अपनी शक्ति के बल पर शासन सत्ता हथिया लेता है।

प्रश्न 3. हमारे समय में लोकतंत्र का सबसे आम रूप कौनसा है?

उत्तर- हमारे समय में लोकतंत्र का सबसे आम रूप है-प्रतिनिधित्व वाला लोकतंत्र। यह इसलिए जरूरी हो जाता है क्योंकि आधुनिक लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में इतने अधिक लोग होते हैं कि हर बात के लिए सबको साथ बैठाकर सामूहिक फैसला कर पाना संभव ही नहीं हो सकता। साथ ही हर एक नागरिक के पास हर फैसले

में भाग लेने का समय, इच्छा या योग्यता और कौशल नहीं होता।

प्रश्न 4. लोकतंत्र राजनीतिक समानता के सिद्धान्त पर आधारित है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— लोकतंत्र राजनैतिक समानता के सिद्धान्त पर आधारित है क्योंकि इसमें निर्धन एवं अशिक्षित व्यक्ति को भी वही दर्जा प्राप्त है जो धनवान और शिक्षित लोगों को है। इसमें सभी को सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार प्राप्त होता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न—

प्रश्न 1. लोकतंत्र से क्या आशय है? परिभाषित कीजिये।

उत्तर— लोकतंत्र शासन का एक ऐसा रूप है जिसमें-(i) लोगों द्वारा चुने गए शासक ही सारे प्रमुख फैसले करते हैं। (ii) इसमें चुनाव लोगों के लिए निष्पक्ष अवसर और इतने विकल्प उपलब्ध कराता है कि वे चाहें तो मौजूदा शासकों को बदल सकते हैं। (iii) यह विकल्प और अवसर सभी लोगों को समान रूप से उपलब्ध होते हैं और (iv) यह सरकार संवैधानिक कानूनों तथा नागरिक अधिकारों के दायरे को मानते हुए काम करती है।

अब्राहम लिंकन के शब्दों में "लोकतंत्र जनता का, जनता के लिए और जनता द्वारा शासन है।"

प्रश्न 2. 'एक चुनी हुई सरकार लोकतांत्रिक सरकार सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं है।' इसे किन्हीं दो उदाहरणों के साथ स्पष्ट कीजिए।

उत्तर— लोकतंत्र-लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार ही पर्याप्त नहीं होती है बल्कि अंतिम निर्णय लेने की शक्ति भी जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों के हाथों में होनी चाहिए। इसे निम्नलिखित दो उदाहरणों द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है-

(1) पोलैण्ड की चुनी हुई साम्यवादी सरकार द्वारा लिये जाने वाले फैसलों पर रूस का प्रभाव था।

(2) इराक की चुनी हुई सरकार होने के बावजूद निर्णय लेने की वास्तविक शक्ति अमेरिका और उसके मित्र राष्ट्रों के हाथों में है।

उक्त दोनों यद्यपि चुनी हुई हैं, लेकिन अन्तिम निर्णय लेने की शक्ति निर्वाचित प्रतिनिधियों के हाथों में न होकर विदेशी शक्तियों के हाथ में है। अतः ये सरकारें वास्तविक अर्थ में लोकतांत्रिक नहीं हैं।

प्रश्न 3. क्या नियमित चुनाव कराना लोकतांत्रिक शासन की गारंटी है? सउदाहरण स्पष्ट कीजिए।
अथवा
ऐसे दो देशों के उदाहरण दीजिए जहाँ नियमित रूप से चुनाव कराये जाते हैं, किन्तु उन्हें लोकतांत्रिक देश क्यों नहीं कहा जा सकता?

उत्तर— केवल नियमित चुनाव कराना ही लोकतांत्रिक शासन की गारंटी नहीं है, लोकतंत्र के लिए यह आवश्यक है कि चुनाव नियमित होने के साथ-साथ स्वतंत्र तथा निष्पक्ष भी होने चाहिए। यदि नियमित चुनाव स्वतंत्र तथा निष्पक्ष नहीं हैं, तो उसे वास्तविक लोकतंत्र नहीं कहा जा सकता। उदाहरण के लिए-

चीन में चुनावों का आयोजन नियमित रूप से होता है, लेकिन चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवार केवल साम्यवादी दल के ही हो सकते हैं; अन्य दलों को चुनाव में भाग लेने का अधिकार नहीं है। इस प्रकार ये चुनाव स्वतंत्र चुनाव नहीं कहलाये जा सकते क्योंकि इसमें जनता के समक्ष मतदान का कोई अन्य विकल्प ही नहीं होता।

इसी प्रकार मैक्सिको में 1930 से 2000 तक प्रत्येक चुनाव में पी.आर.आई. ही विजयी होती आयी क्योंकि यह चुनाव में गंदे हथकंडे अपनाकर जीतने के लिए कुख्यात थी। ये चुनाव स्वतंत्र तथा निष्पक्ष नहीं होते थे।

अतः यह कहना सही है कि नियमित चुनाव करा लेना ही लोकतांत्रिक शासन की गारंटी नहीं है।

(1) चुनाव से पूर्व की स्थिति लोकतांत्रिक है या नहीं-चुनाव से पहले दो या दो से अधिक राजनैतिक दलों के साथ सभी के लिए अपनी सामान्य राजनैतिक गतिविधियों को जारी रखने की स्वतंत्रता हो।

(2) निष्पक्ष, स्वतंत्र व नियमित चुनाव-उस देश में चुनाव नियमित, निष्पक्ष तथा स्वतंत्र रूप से होते हैं।

(3) अन्तिम निर्णय जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि ही लेते हों-वहाँ अन्तिम निर्णय लेने की शक्ति जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास हो, अन्य किसी व्यक्ति, व्यक्ति समूह या देश के पास नहीं हो।

प्रश्न 5. लोकतांत्रिक तथा गैर-लोकतांत्रिक चुनावों में अन्तर स्पष्ट करें।

उत्तर— लोकतांत्रिक तथा गैर-लोकतांत्रिक चुनावों के अन्तर को अग्रलिखित तालिका द्वारा स्पष्ट किया गया है-

क्र. सं. लोकतांत्रिक चुनाव गैर-लोकतांत्रिक चुनाव

| (2) | लोकतंत्र में नियमित अन्तराल में चुनाव होते हैं। | गैर-लोकतंत्र में नियमित अन्तराल में चुनाव नहीं होते। |
| (3) | लोकतंत्र में स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनावों की व्यवस्था होती है। | गैर-लोकतंत्र देशों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की व्यवस्था नहीं होती। |

प्रश्न 6. "1930 में स्वतंत्रता प्राप्ति से लेकर मैक्सिको में हर छ: वर्ष बाद नियमित चुनाव होते आ रहे हैं। लेकिन फिर भी इसे लोकतांत्रिक देश नहीं कह सकते।" इस कथन के समर्थन में कोई तीन तर्क दें।

उत्तर- यद्यपि 1930 से लेकर हर छ: वर्ष बाद मैक्सिको में नियमित चुनाव होते आ रहे हैं, तथापि इसे हम वास्तविक लोकतंत्र नहीं कह सकते क्योंकि-

(1) चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं- मैक्सिको में चुनाव स्वतंत्र तथा निष्पक्ष नहीं होते हैं। चुनाव जीतने के लिए मैक्सिको का सत्ताधारी दल शासन की मशीनरी का अपने पक्ष में दुरुपयोग करता है तथा अन्य गलत तरीके अपनाता है, जिसके कारण अन्य दलों के प्रत्याशी जीत नहीं पाते।

(2) मीडिया का पक्षपातपूर्ण रवैया- यहाँ मीडिया विरोधी राजनैतिक दलों की कार्यविधियों की उपेक्षा करता है और उनकी आलोचना करता है। दूसरी तरफ सत्ताधारी पी. आर. आई. अपने प्रत्याशियों के प्रचार के लिए बहुत अधिक धन खर्च करती है।

(3) मतदान करने में कठिनाई- सत्ताधारी दल द्वारा कभी-कभी पोलिंग बूथ आखिरी मिनट में एक स्थान से दूसरे स्थान पर बदल दिये जाते हैं, जिससे लोगों को अपना मतदान करने में कठिनाई होती है।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. लोकतंत्र क्या है? इसकी विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर- लोकतंत्र का अर्थ- लोकतंत्र शासन का एक ऐसा रूप है जिसमें-

(i) जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि शासन का संचालन करते हैं, वे ही सारे प्रमुख फैसले करते हैं।

(ii) इसमें नियमित अन्तराल में निष्पक्ष तथा स्वतंत्र चुनाव कराए जाते हैं।

(iii) चुनाव लोगों के लिए निष्पक्ष अवसर और इतने विकल्प उपलब्ध कराता है कि वे चाहें तो वर्तमान शासकों को बदल सकते हैं।

(iv) यह विकल्प और अवसर सभी लोगों को समान रूप से उपलब्ध होते हैं।

(v) चुनाव से बनी सरकार संविधान द्वारा निर्धारित बुनियादी कानूनों तथा नागरिक अधिकारों के दायरे को मानते हुए कार्य करती है।

लोकतंत्र की विशेषताएँ
लोकतंत्र की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

(1) जनता द्वारा निर्वाचित सरकार- लोकतंत्र शासन का एक रूप है जिसमें जनता शासकों का चुनाव करती है।

(2) प्रमुख फैसले निर्वाचित नेताओं के हाथ- लोकतंत्र में अंतिम निर्णय लेने की शक्ति लोगों द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों के पास ही होती है।

(3) स्वतंत्र और निष्पक्ष नियतकालीन चुनाव- लोकतंत्र में नियतकालीन चुनाव की व्यवस्था होती है। लेकिन लोकतंत्र के लिए सिर्फ चुनाव कराना ही पर्याप्त नहीं है। चुनाव में एक से ज्यादा वास्तविक राजनैतिक विकल्पों के बीच चुनने की स्थिति होनी चाहिए। लोगों के पास यह विकल्प रहना चाहिए कि वे चाहें तो शासक दल को गद्दी से उतार दें। इस प्रकार लोकतंत्र निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों पर आधारित होता है।

(5) कानून का राज और अधिकारों का आदर- लोकतंत्र में सरकार नागरिकों को कुछ मूलभूत अधिकार प्रदान करती है। इसमें नागरिकों को सोचने की, अपनी राय बनाने की, सार्वजनिक रूप से अपने विचार व्यक्त करने की, संगठन बनाने की, विरोध करने तथा अन्य राजनैतिक गतिविधियाँ करने की स्वतंत्रताएँ प्रदान करती है।

कानून की नजर में सभी लोग समान होते हैं तथा नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक स्वतंत्र न्यायपालिका होती है जिसके आदेशों का पालन सब लोग करते हैं। सरकार संवैधानिक कानूनों और नागरिक अधिकारों के दायरे में काम करती है।

प्रश्न 2. लोकतंत्र के प्रमुख गुण-दोषों को बताइये।

उत्तर- लोकतंत्र के गुण

गैर-लोकतांत्रिक सरकारों की तुलना में लोकतंत्र

अपेक्षाकृत श्रेष्ठ शासन है क्योंकि लोकतंत्र में निम्नलिखित गुण पाये जाते हैं-

(1) उत्तरदायी सरकार-लोकतंत्र अन्य प्रकार की सरकारों से श्रेष्ठ है क्योंकि यह लोगों की जरूरतों को पूरा करती है तथा इनको पूरा करने के लिए जनता के प्रति उत्तरदायी होती है। गैर-लोकतांत्रिक सरकारों के शासक लोगों के प्रति उत्तरदायी नहीं होते हैं। इसलिए लोगों की जरूरतों को पूरा करना उनकी इच्छा पर निर्भर करता है।

(2) सही निर्णय-लोकतंत्र परामर्श तथा विचार-विमर्श पर आधारित है। इसलिए इनमें निर्णय लेने से पूर्व अनेक संस्थाओं तथा पर्याप्त लोगों द्वारा काफी विचार-विमर्श किया जाता है जिससे निर्णयों में त्रुटियाँ नहीं होती हैं।

(3) नागरिकों का सम्मान-लोकतंत्र राजनीतिक समानता पर आधारित है जो अमीर और गरीब, शिक्षित-अशिक्षित सभी को समान अधिकार व स्वतंत्रताएँ प्रदान करता है। लोग किसी शासक की प्रजा न होकर स्वयं अपने शासक हैं। इस प्रकार लोकतंत्र में नागरिकों की जो हैसियत होती है, वह किसी अन्य व्यवस्था में नहीं होती।

(4) गलत निर्णयों में सुधार-लोकतांत्रिक व्यवस्था दूसरी व्यवस्थाओं से बेहतर है क्योंकि इसमें हमें अपनी गलती ठीक करने का अवसर भी मिलता है। लोकतंत्र में गलतियों को ज्यादा देर तक छुपाए नहीं रखा जा सकता। इन गलतियों पर सार्वजनिक चर्चा की गुंजाइश लोकतंत्र में है और फिर इनमें सुधार करने की गुंजाइश भी है। इसका आशय यह है कि या तो शासक समूह या सरकार अपना फैसला बदले अन्यथा जनता आगामी चुनाव में सरकार को बदल देगी। गैर-लोकतांत्रिक सरकारों में ऐसा नहीं किया जा सकता।

लोकतंत्र के प्रमुख दोष
लोकतंत्र के प्रमुख दोष निम्नलिखित हैं-
(1) अस्थिरता-लोकतंत्र में नेता तथा राजनैतिक दल सरकार में बदलते रहते हैं। इस कारण राजनैतिक अस्थिरता बनी रहती है।
(2) निम्न नैतिकता-लोकतंत्र का मतलब सिर्फ राजनैतिक लड़ाई और सत्ता का खेल है। इसलिए इसमें नैतिकता को कोई जगह नहीं होती।
(3) निर्णय लेने में देरी-लोकतंत्र में निर्णय लेने में काफी देर लगती है क्योंकि इसमें निर्णय काफी लोगों व संस्थाओं के बीच व्यापक विचार-विमर्श के बाद लिये जाते हैं।
(4) त्रुटिपूर्ण निर्णय-लोकतंत्र में लोकप्रिय नेताओं का वर्चस्व होता है। लेकिन इन नेताओं के लिए शासन की समस्याओं का पूर्ण जानकार होना आवश्यक नहीं होता। इसलिए वे कई बार त्रुटिपूर्ण निर्णय ले लेते हैं।
(5) भ्रष्टाचार तथा खर्चीली व्यवस्था-लोकतंत्र में चुनावी लड़ाई महत्त्वपूर्ण और खर्चीली होती है। इसीलिए इसमें भ्रष्टाचार होता है।
(6) राजनीतिक दृष्टि से अशिक्षित मतदाता-अधिकतर विकासशील देशों में मतदाता अशिक्षित तथा राजनीति के प्रति जागरूक नहीं होते। एक सामान्य मतदाता को यह पता नहीं होता कि उनके लिए क्या चीज अच्छी है और क्या चीज बुरी। इसलिए वे गलत प्रत्याशी का चुनाव कर लेते हैं।

प्रश्न 3. गैर-लोकतांत्रिक देशों के कुछ सामान्य लक्षणों का उल्लेख करें।

उत्तर- गैर-लोकतांत्रिक देशों के सामान्य लक्षण

गैर-लोकतांत्रिक देशों के कुछ सामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं-

(1) नियतकालिक स्वतंत्र तथा निष्पक्ष निर्वाचन का अभाव-गैर-लोकतांत्रिक देशों में या तो नियतकालिक निर्वाचन होते ही नहीं हैं और यदि होते हैं तो वे केवल दिखावे भर के लिए होते हैं। ये निर्वाचन स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं होते हैं। जनता को मत देने में विकल्प नहीं होते। इस कारण मत के द्वारा जनता सत्ताधारी दल या शासकों को हटा नहीं सकती।

(2) विरोध तथा विपक्ष का अभाव-गैर-लोकतांत्रिक शासनों में विरोध को सहन नहीं किया जाता। इसलिए विपक्षी राजनैतिक दल का प्रश्न ही नहीं उठता। इसमें स्वतंत्र श्रमिक संघों का भी अभाव होता है। केवल वही ट्रेड यूनियन सुरक्षित रह सकती है जो सरकार की नीतियों का समर्थन करे। इसमें मीडिया पर भी सरकार का नियंत्रण रहता है।

(3) नागरिकों के मूलभूत अधिकार तथा स्वतंत्रताओं का अभाव-गैर-लोकतांत्रिक सरकारों में नागरिकों को मूलभूत अधिकार व स्वतंत्रताएँ प्रदान नहीं की जाती हैं। सब लोग तानाशाह या सैन्य शासक की दया पर निर्भर रहते हैं। किसी को भी बिना किसी कारण के कैद किया जा सकता है अथवा बिना मुकदमे के सजा दी जा सकती है।

(4) संवैधानिक शासन का अभाव-लोकतांत्रिक शासन जहाँ संवैधानिक कानूनों की सीमाओं में कार्य करता है, वहाँ गैर-लोकतांत्रिक शासन में सत्ताधारी का आदेश ही कानून होता है और उसकी इच्छा ही संविधान होती है।

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