Father to Son

[पुत्र के प्रति पिता का कथन]

-Elizabeth Jennings

कठिन शब्दार्थ, हिन्दी अनुवाद एवं व्याख्या

I do not understand…………….was when small. (Page 85)

कठिन शब्दार्थ :

This child (दिस् चाइल्ड्) = यह बच्चा, यह सम्बोधन पिता-पुत्र के बीच दूरी का संकेत है, relationship (रिलेन्शिप्) = रिश्ता, सम्बन्ध।

हिन्दी अनुवाद : मैं इस बच्चे को समझ नहीं पाता हूँ यद्यपि हम इसी मकान में वर्षों तक एक-साथ रह चुके हैं। मैं अब उसके बारे में कुछ भी नहीं जानता हूँ लेकिन मैं कोशिश करता हूँ कि मैं उसके साथ वैसा ही रिश्ता बना सकूँ जैसा हमारे बीच तब था जब वह एक छोटा बच्चा था।

Explanation : The present lines form the opening stanza of the poem. These lines reveal the agony of a father who has lost all kinship with his son. The father fails to understand his son as also his wishes. The father and the son have lived together in the same house for years. Yet the father knows now nothing about his son. He plans to build up the broken relationship all afresh. He thinks of starting from the beginning when the son was a small child whom the father used to understand fully.

Note : The lack of understanding between the parents and their children at a later stage is a common phenomenon. This seems to be more the result of a gap between generations than of anything else.

व्याख्या– प्रस्तुत पंक्तियाँ कविता का प्रारम्भिक गद्यांश बनाती हैं। ये पंक्तियाँ एक पिता के कष्ट को प्रकट करती हैं जिसका अपने पुत्र के साथ समस्त रिश्ता टूट चुका है। पिता अपने पुत्र तथा उसकी इच्छाओं को समझ पाने में असफल रहता है। पिता एवं पुत्र एक ही घर में साथ-साथ वर्षों तक रहे हैं। फिर भी पिता अब अपने पुत्र के बारे में कुछ भी नहीं जानता है। वह टूटे रिश्ते को पुनः बनाने की सोचता है। वह प्रारम्भ से ही शुरुआत करना चाहता है जब पुत्र एक छोटा बच्चा था जिसे पिता पूरी तरह समझा करते थे।

टिप्पणी– माता-पिता एवं बच्चों के बीच बाद की अवस्था में परस्पर समझ की कमी हो जाना एक सामान्य बात है। यह बात पीढ़ियों के बीच के अन्तर का परिणाम अधिक दिखाई देती है, बजाय किसी और बात का परिणाम।

Yet have I killed……………I cannot share. (Page 85)

कठिन शब्दार्थ : spent (स्पेन्ट) = व्यर्थ में गँवाया, understanding (अन्डस्टैनडिङ्) = परस्पर सहानुभूति, समझ, sown (सोन्) = बीजारोपण किया, design (डिजाइन्) = इच्छा, इरादा, share (शेअ(र)) = स्वीकार करना, पसन्द करना।

हिन्दी अनुवाद : फिर भी, क्या मैंने उस बीज को नष्ट कर दिया है जिस पर मैंने सब-कुछ खर्च कर डाला, अथवा क्या मैंने उसे ऐसे स्थान पर बो दिया जहाँ जमीन उसी की है और मेरा उस जमीन पर कोई

अधिकार नहीं है? हम एक-दूसरे से अजनबियों की तरह बात करते हैं। माहौल में परस्पर समझ-बूझ का कोई चिह्न भी नहीं है। यह बच्चा मेरे इरादों, इच्छाओं के अनुसार पाला-पोषा गया है लेकिन उसे जो कुछ पसन्द है, वह मुझे पसन्द नहीं है।

Explanation : While the father wants to rebuild the relationship that existed between him and his son, he does not feel much hopeful. He feels that perhaps he has killed the very seed of that relationship. He had spent all his time and energy on fostering that

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Sanjiv English Course-Class 11 relationship. He also feels he has sown that seed on the land that belongs to his son over which the poet has no right. He means to say that the seed of relationship that he nurtured with hard work has sprouted on somebody else’s land. The father and the son speak to each other like strangers. There is no sympathy or understanding between them. The poet wanted his son to follow him in everything. He tried to make his son a copy of himself. But, his son has taken to his own different ways which the father does not like at all,

व्याख्या-यद्यपि पिता उस सम्बन्ध का पुनर्निर्माण करना चाहता है जो उसके तथा पुत्र के बीच था, फिर भी वह ज्यादा आशान्वित महसूस नहीं करता। उसे लगता है कि शायद उसने उस सम्बन्ध के बीज को ही नष्ट कर दिया है। उसने अपना सारा समय एवं ऊर्जा उस सम्बन्ध को पोषित करने में लगाया था। वह यह भी महसूस करता है कि उसने सम्बन्ध के उस बीज को उस जमीन पर बो दिया जो उसके पुत्र की है तथा जिस पर कवि का कोई अधिकार नहीं है। उसका तात्पर्य यह है कि सम्बन्ध के जिस बीज को उसने परिश्रम से पाला था वह अब किसी और व्यक्ति की जमीन पर प्रस्फुटित हो गया है। पिता एवं पुत्र परस्पर अजनबियों के समान बात करते हैं। उनके बीच कोई सहानुभूति अथवा समझ नहीं है। कवि चाहता था कि उसका पुत्र प्रत्येक बात में उसका अनुसरण करे। उसने पुत्र को स्वयं की प्रतिलिपि बनाना चाहा था। लेकिन उसका पुत्र अपने रास्तों पर चल पड़ा है जो पिता को कतई पसन्द नहीं है।

Silence surrounds…………….. ………….sorrow a new love. (Page 85)

कठिन शब्दार्थ : surrounds (सराउन्ड्स) = घेरे हुए है, prodigal (प्रॉडिगल्) = फिजूलखर्ची करने वाला।

हिन्दी अनुवाद : चारों ओर शान्ति एवं चुप्पी हमें घेरे रहती है। मैं उसे धन का अपव्यय करने वाले व्यक्ति के रूप में भी सहन कर लूंगा। मैं चाहूँगा कि वह अपने पिता के घर वापस लौट आये, वह घर जिसे वह जानता था, बजाय इसके कि वह अपना अलग ही संसार बसाए। मैं उसे क्षमा भी कर दूंगा और दु:ख की स्थिति से एक नये प्रेम की उत्पत्ति करने का प्रयास भी करूँगा।

Explanation : In the present lines, the poet seems quite helpless. He wants to renew his relationship with his son at all costs. He says that no kinship exists between them. They do not speak to each other and silence prevails when they are together. The poet wishes his son to come back to his house, the house which he knows and where he lived during his childhood. He does not like his son to go and make a separate home of his own. He (the poet) is even prepared to accept his extravagance and his habit of wasting money. The poet is ready to forgive him also. He would like to shape a new love out of the sorrow that his son gave him.

Note : These lines show the agony of a parent over estrangement from a son. How sad and forlorn a father feels and how much he is prepared to compromise, is a fairly universal fact.

व्याख्या-प्रस्तुत पंक्तियों में कवि बिल्कुल असहाय प्रतीत होता है। वह अपने पुत्र के साथ सम्बन्ध को पनः बनाने हेतु कोई भी कीमत दे सकता है। वह कहता है कि उनके बीच कोई भी रिश्ता नहीं है। वे एक दूसरे से बात नहीं करते तथा जब वे साथ होते हैं तब चारों ओर चुप्पी छायी रहती है। कवि चाहता है कि उसका पुत्र वापस उसके घर आ जाये, वह घर जिसे वह जानता है और जहाँ वह बचपन में रहा है। वह नहीं चाहता कि उसका पुत्र जाकर दूसरा घर बसाये । कवि तो उसकी खर्चीली एवं पैसा बर्बाद करने की आदतों को भी स्वीकार करने को तैयार है। वह उसे क्षमा करने को भी तैयार है। वह चाहेगा कि उस दु:ख से भी एक नया प्रेम आकार ग्रहण करे जो पुत्र ने उसे दिया था।

टिप्पणी-ये पंक्तियाँ एक पिता अथवा माता की उस पीड़ा को दर्शाती हैं जो पुत्र से सम्बन्ध टूटने पर होती है। एक पिता कितना दुःखी एवं अकेला महसूस करता है तथा कितना समझौता करने को तैयार रहता है,

यह एक सार्वभौमिक सच्चाई है।

Father and son, we……….something to forgive. (Page 85)

कठिन शब्दार्थ : globe (ग्लोब्) = धरती, land (लैन्ड्) = जमीन, यहाँ घर से तात्पर्य है, grief (ग्रीफ्) = दु:ख, longing (लॉङ्ग्)ि = कामना करते हुए।

हिन्दी अनुवाद: पिता एवं पत्र, हम दोनों को एक ही धरती तथा एक ही छत के नीचे रहना है। मैं अपने-आप को समझ नहीं पाता, दु:ख से क्रोध पैदा क्यों होता है। हममें से प्रत्येक खाली हाथ बाहर निकालता है और क्षमा कर देने के लिए किसी बहाने की कामना करता है।

Explanation : The poet feels that, as father and son, they must live together on the same earth and under the same roof. There can be no reason why they should live separately. The father cannot understand why in his grief he becomes angry with his son. Such an anger is irrational, the poet feels. He feels that neither of them has gained from the present state of estrangement. Both of them are in search of an excuse to forgive each other. Both of them have no real grudge against each other. There is simply a difference in their ways of life. It can be called ‘the generation gap’.

व्याख्या-कवि महसूस करता है कि पिता-पुत्र के रूप में उन्हें एक ही पृथ्वी पर, एक ही छत के नीचे रहना है। ऐसा कोई कारण नहीं कि वे अलग-अलग रहें। पिता को समझ में नहीं आता कि वह दु:ख में पुत्र के साथ नाराज क्यों हो जाता है। ऐसा क्रोध बेतुका है, उसे लगता है। वह महसूस करता है कि उनमें से कोई भी व्यक्ति वर्तमान की सम्बन्धविहीनता की स्थिति से लाभान्वित नहीं हुआ है। दोनों ही किसी बहाने की खोज में हैं जिसकी आड़ लेकर वे एक-दूसरे को माफ कर सकें। दोनों को ही एक-दूसरे से वास्तविक शिकायत नहीं है। केवल उन दोनों की जीवन-शैली में अन्तर है। इसे ‘पीढ़ियों-के-बीच खाई’ का नाम दिया

जा सकता है।