यहाँ हम, हमारी Text Book, Flamingo से Kamala Das के द्वारा लिखी My Mother at Sixty को व्याख्या, शब्दार्थ और हिन्दी अनुवाद सहित पढ़ेंगे.

Driving from my parent’s

Home, to Cochin last Friday

morning, I saw my mother,

beside me,

doze, open mouthed, her face

ashen like, that

of a corpse, and realized with pain,

that she was as old, as she

looked,

but soon

put that thought away, and

looked out at Young

Trees sprinting, the merry children spilling,

out of their homes, but after the airport’s

security check, standing a few yards

away, I looked again at her, wan, pale

as a late winter’s moon, and felt that old

familiar ache, my childhood’s fear,

but all I said was, see you soon, Amma,

all I did was smile, and smile, and

smile……

कठिन शब्दार्थ : Driving गाड़ी चलाते हुए। beside पास में। corpse शव। sprinting तेजी से भागते हुए। merry – प्रसन्नचित्त । spilling out बाहर निकलते हुए। ache कष्ट |

हिन्दी अनुवाद : पिछले शुक्रवार की सुबह, अपने माता-पिता के घर से गाड़ी द्वारा कोचीन जाते हुए, मैंने अपनी माँ को पास में बैठे, खुले मुंह ऊबते देखा. उसका चेहरा, शव की भांति पीला पड़ा हुआ था. और मैंने बड़े दुःख के साथ, महसूस किया कि, वह वस्तुतः उतनी ही वृद्ध हो चली थी, जितनी वृद्ध वह दिखाई दे रही थी. अर्थात् उसका अन्त, अब बहुत दूर नहीं रह गया था। लेकिन, मैंने तुरन्त इस दुःखद विचार को दूर कर दिया. और तेजी से दौड़ते हुए, छोटे पेड़ों की ओर खिड़की से बाहर देखा। प्रसन्नचित बच्चे, अपने घरों से बाहर उछलते-कूदते निकल रहे थे। लेकिन हवाई अड्डे पर, सुरक्षा जांच के बाद, कुछ गज की दूरी पर खड़े हुए, मैंने पुन: उसके फीके, पीले पड़े चेहरे को देखा। यह सर्दी की ऋतु के आखिरी समय के, चन्द्रमा की भाँति दिखाई देता था। मैंने वही पुराना, जाना-पहचाना दर्द महसूस किया, बचपन का वही मेरा भय। लेकिन, मैंने केवल इतना ही कहा, जल्दी ही मिलेंगे, अम्मा, और मैं केवल मुस्कराती रही, मुस्कराती रही और मुस्कराती रही.”

Explanations with Reference to the Context

(Stanza: 1)

Driving from my parent’s

home to Cochin last Friday

morning, I saw my mother,

beside me,

doze, open mouthed, her face

ashen like that

of a corpse and realized with pain

that she was as old as she

looked.

Reference: – These lines have been taken from the poem “My Mother at Sixty-Six” composed by Kamala Das.

Context: – The poetess is going from her parent’s home to the Cochin airport. She looks her mother’s face which looks ashen like that of a corpse. She feels pain to see this.

Explanation: – The poetess is driving from her parent’s home to Cochin to catch a flight. Her mother is dozing open-mouthed beside her. Her mother is a sixty-six-year-old woman. Her face appears ashen, or pale as ashes like that of dead person. She has become pale and weak because of her advanced age. This causes pain to the poetess

संदर्भ-ये पंक्तियां कमला दास द्वारा रचित कविता “My Mother at Sixty-Six” से ली गई हैं।

प्रसंग-कवयित्री, उसकी माँ के घर से, कोचीन हवाई अड्डे की ओर जा रही है। वह उसकी माँ के चेहरे की ओर देखती है, जो उसे राख के जैसा, रंगहीन दिखाई देता है. और किसी शव के चेहरे से मिलता है । कवयित्री को इस बात से कष्ट होता है।

व्याख्या-कवयित्री उसकी माँ के घर से कोचीन जा रही है | ताकि वहाँ वायुयान पकड़ सके । उसकी माँ खुले हुए मुँह से उसके पास बैठी हुई झपकी ले रही है। उसकी माँ 66 वर्षीय वृद्ध महिला है। उसका चेहरा राख के जैसा रंगहीन है, अथवा हल्का पीला है । यह शव क चहरे जैसा दिखाई देता है। वह उसकी अत्यधिक वृद्धावस्था के कारण रंगहीन एवं कमजोर हो गई है। इस बात से कवयित्री कष्ट महसूस करती है।

Explanations with Reference to the Context

(Stanza): 2

But soon put that thought away, and

looked out at Young

Trees sprinting, the merry children spilling,

out of their homes, but after the airport’s

security check, standing a few yards

away, I looked again at her, wan, pale

as a late winter’s moon, and felt that old

familiar ache, my childhood’s fear,

but all I said was, see you soon.

Amma,

all I did was smile, and

smile, and smile……

Reference- These lines have been taken from the poem, “My Mother at Sixty-Six” composed by Kamala Das.

Context–The poetess is going to Cochin with her mother to catch a flight from the airport. On the way, she looks at her mother and feel a pain over her condition. She tries to divert her attention by looking outside.

Explanation—The poetess tries to divert her attention from her mother’s physical condition. She looks out at the young trees rushing away past her and happy children running out of their homes. After the security check, she again looks at her sickly, pale mother who looked like a moon in late winter, pale and dim. She fears separation from her mother as she may not survive for long. To reassure her mother, the poetess promises to meet her soon and smiles again and again.

संदर्भ-ये पंक्तियां कमला दास की कविता “My mother at sixty-six” से ली गई हैं।

प्रसंग-कवयित्री उसकी माँ के साथ कोचीन जा रही है ताकि हवाई अड्डे से वह वायुयान पकड़ सके। रास्ते में वह उसकी माँ की ओर देखती है और उसकी हालत पर दु:ख महसूस करती है। वह बाहर की ओर देखकर स्वयं का ध्यान हटाने की कोशिश करती है।

व्याख्या-कवयित्री उसकी माँ की शारीरिक दशा से अपना ध्यान हटाने का प्रयास करती है । वह बाहर की ओर युवा वृक्षों को उसके निकट से पीछे भागते देखती है तथा छोटे, प्रसन्न बच्चों को दौड़कर घरों से बाहर निकलते देखती है। सुरक्षा जांच के बाद वह पुन: उसकी अशक्त एवं पीली पड़ चुकी माँ की ओर देखती है, जो सर्द ऋतु के उत्तरार्द्ध के चन्द्रमा की भाँति दिखाई देती है, जो पीला एवं धुंधला दिखाई देता है । वह उसकी मां से यिछुड़ने के भय से ग्रस्त हो जाती है क्योंकि हो सकता है कि वह अधिक समय तक जीवित न रहे । उसकी मां को आश्वस्त करने के लिए कवयित्री उससे शीघ्र मिलने का वादा करती है और बार-बार मुस्कुराती है।

विपरीत पक्षों के साथ चल रही है।