Rajasthan Board RBSE Class 12 English Panorama Chapter 11 The Rattrap

RBSE Class 12 English Panorama Chapter 11 Textual Questions

Comprehension Questions
A. Choose the correct alternative:

Question 1.
The peddler sells
(a) rattraps of wire
(b) sweets of sugar
(c) fruits
(d) toys

Question 2.
The world itself is a
(a) big rattrap
(b) big well
(c) big village
(d) big market

Question 3.
The peddler’s pastime is to
(a) sell rattraps
(b) sell sweets
(c) amuse the children
(d) help the poor

Question 4.
Edla was the daughter of the
(a) peddler
(b) ironmaster
(c) villager
(d) forester

Answers:
1. (a)
2. (a)
3. (a)
4. (b)

B.Answer the following questions in 30-40 words each:
निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 30-40 शब्दों में दीजिए:

Question 1.
From where did the peddler get the idea of the world is a rat trap?
फेरीवाले को यह विचार कहाँ से आया कि संसार एक चूहेदानी है?
Answer:
The peddler used to sell rattraps. He got the idea of the world is a rat trap from the rattraps that he sold. He equates worldly attractions to baits such as cheese and pork that we put to trap rats.

फेरीवाला चूहेदानियाँ बेचा करता था। यह विचार कि संसार एक चूहेदानी है, फेरीवाले को उन चूहेदानियों से प्राप्त हुआ जिन्हें वह बेचता था। वह सांसारिक आकर्षणों की तुलना चूहों को ललचाने वाली चीजों जैसे पनीर तथा सुअर के माँस से करता है।

Question 2.
How did the crofter behave with the peddler after opening the door? (S. S. Exam 2018)
जमींदार (क्रॉफ्टर) ने द्वार खोलने के पश्चात् फेरीवाले से कैसा व्यवहार किया?
Answer:
As soon as the peddler knocked at the door of the crofter to ask shelter for the night, the crofter opened the door and welcomed him warmly. He gave him supper and played cards with him until bedtime.

जैसे ही फेरीवाले ने जमींदार से रात के लिए शरण माँगने के लिए उसका द्वार खटखटाया, जमींदार ने दरवाजा खोल दिया और उसका गर्मजोशी से स्वागत किया। उसने उसे भोजन दिया और सोते समय तक उसके साथ ताश खेला।

Question 3.
What made the peddler think that he had indeed fallen into a rat trap?
फेरीवाले को यह कैसे समझ में आया कि वह सचमुच एक चूहेदानी में फँस गया है?
Answer:
The peddler was wandering in the forest and was unable to find a way out. He recalled his thought of the world being a rattrap. He thought that bait of thirty kronor had lured him like a rat. He felt he had been caught in the trap.

जब फेरीवाला जंगल में घूम रहा था और उसे रास्ता नहीं मिल रहा था, संसार के चूहेदानी होने का उसका विचार उसे याद आया। उसने सोचा कि तीस क्रोनर ने उसे चूहे की भाँति ललचा लिया है। उसे लगा वह जाल में फँस गया है।

Question 4.
Why did the ironmaster speak kindly to the peddler and invite him home, and why did the peddler decline the invitation?
मालिक लोहार ने फेरीवाले से दयालुतापूर्वक बात क्यों की एवं उसे घर आमंत्रित क्यों किया व फेरीवाले ने आमंत्रण को अस्वीकार क्यों किया?
Answer:
The ironmaster did so because he had mistaken him for an old acquaintance in the dim glow of the furnace. The peddler declined the invitation since he had stolen money from a nearby house and was afraid he might be recognised and caught.

मालिक लोहार ने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि उसने उसे (फेरीवाले को) भट्टी की धीमी रोशनी में एक पुरानी परिचित समझ लिया था। फेरीवाले ने यती ठुकरा दिया, क्योंकि उसने पास के एक मकान से पैसे चुराए थे। व वह डर रहा था कि उसे पहचान लिया जाएगा और वह पकड़ा जाएगा।

Question 5.
What made the peddler accept Edla Willmansson’s invitation?
फेरीवाले ने एडला विल्मैनसन के निमन्त्रण को क्यों स्वीकार कर लिया?
Answer:
Edla insisted on his staying with them over Christmas Eve. She told him that he would be allowed to leave them just as freely as he came. Her persuasiveness and friendliness made the peddler accept her invitation.

एडला ने उससे क्रिसमस की पूर्व संध्या पर उनके साथ ठहरने पर जोर दिया। उसने उसे कहा कि वह जाने के लिए उतना ही स्वतन्त्र होगा जितना आने के लिए। उसके आग्रह और मिलनसार स्वभाव के कारण फेरीवाले ने उसका निमन्त्रण स्वीकार कर लिया।

Question 6.
Why did Edla still entertain the peddler even after she knew the truth about him?
फेरीवाले के सच को जानने के बाद भी एडला ने उसका आतिथ्य क्यों किया?
Answer:
Edla, the kind-hearted girl, wanted to entertain the poor hungry peddler over the Christmas Eve. She wanted him to enjoy at least a day of peace with them. That is why, even after knowing the truth about him, she entertained him.

एडला एक दयालु लड़की थी। वह बेचारे भूखे फेरीवाले का क्रिसमस की पूर्व संध्या पर आतिथ्य करना चाहती थी। वह चाहती थी कि फेरीवाला कम से कम एक दिन उनके साथ शान्ति से रहे। यही कारण था कि उसके बारे में सच को जानने के बावजूद भी उसने उसका आतिथ्य किया।

Question 7.
Why was Edla happy to see the gift left by the peddler?
फेरीवाले द्वारा छोड़े गये उपहार को देखकरे ऐडला खुश क्यों थी?
Answer:
The peddler left for Edla a rattrap and the money he had stolen. He had requested her to return the money to its owner. Edla was happy to see the gift at the thought that the peddler had repented over his misdeed.

फेरीवाले ने एडला के लिए एक चूहेदानी और अपना चुराया हुआ धन छोड़ दिया। उसने एडला से निवेदन किया था कि वह उस धन को उसके मालिक को लौटा दे। एडला उस उपहार को देखकर इस विचार से खुश थी कि फेरीवाले को अपने बुरे कर्म का पश्चाताप था।

Question 8.
What was the reaction of the peddler after stealing thirty kronor of the old man?
वृद्ध व्यक्ति के तीस क्रोनर चुराने के उपरान्त फेरीवाले की क्या प्रतिक्रिया हुई?
Answer:
As the peddler walked along with the stolen money, he felt quite pleased with his smartness. He turned off the road into the woods. He lost his way in the forest. The forest seemed to him like a prison from which he could never escape.

जब फेरीवाला चुराए हुए धन को लेकर जा रहा था, वह अपनी चालाकी पर सन्तुष्ट महसूस कर रहा था। वह रास्ता बदलकर जंगल में चल पड़ा। वह जंगल में मार्ग भटक गया। जंगल उसे जेल की तरह लगा जहाँ से वह कभी नहीं निकल सकता था।

Question 9.
Do you think that the peddler is a great philosopher? Explain.
आपको क्या लगता है कि फेरीवाला एक महान दार्शनिक है? समझाइए।
Answer:
The peddler is a great philosopher. He says that the whole world is nothing but a big rat trap. All the good things that are offered to anyone are nothing but cheese and bits of pork, set out to drag a poor fellow into trouble.

फेरीवाला एक बड़ा दार्शनिक है। वह कहता है कि यह सारा संसार एक बड़ा चूहेदान है। सारी अच्छी चीजें जो किसी को भी पेश की जाती हैं, किसी गरीब को परेशानी में डालने के लिए सजाई गई पनीर और सुअर के माँस के टुकड़ों के अलावा कुछ भी नहीं हैं।

C. Answer the following questions in 125 words each:
निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 125 शब्दों में दीजिए:

Question 1.
What did the peddler say about the world being a rat trap? How did he once get into a trap?
फेरीवाले ने चूहेदान रूपी संसार के बारे में क्या कहा? वह एक बार जाल में कैसे फँस गया?
Answer:
The peddler described the whole world as a large rattrap because in his view it had never existed for any other purpose than to set baits for people. It offered riches and joys, shelter and food, heat and clothing, in just the same way as the rattrap offered cheese and pork. As soon as anyone was tempted to touch the bait, it closed in on him, and then everything came to an end. Greedy persons being tempted to material things become prey to worldly pleasures and find themselves within the rat trap. One day the peddler was tempted by the thirty kronor of the crofter. He stole the money. For fear of being caught, he got into a forest. It was a big and confusing forest. He walked and walked but could not reach the end. He felt trapped. He himself had got into a trap.

फेरीवाले ने सारे संसार को एक चूहेदानी के रूप में वर्णित किया क्योंकि उसके विचार में संसार का अस्तित्व मात्र लोगों को ललचाने के लिए था। जिस प्रकार चूहेदानी चूहों को ललचाने के लिए पनीर और सुअर का मांस चारे के रूप में प्रस्तुत करती है, ठीक उसी प्रकार संसार लोगों को समृद्धि व खुशी, रहने का स्थान और भोजन, गर्माहट व कपड़े प्रस्तुत करता है। जैसे ही कोई लालच में आकर चारे को छूता है तो यह संसार उसे फंसा लेता है, और फिर सब कुछ समाप्त हो जाता है। लालची लोग भौतिक सुखों के प्रति आकर्षित होकर सांसारिक सुखों के शिकार होते हैं और खुद को सांसारिक चूहेदानी में फँसा पाते हैं। एक दिन फेरीवाले के मन में एक जमींदार के तीस क्रोनर का लालच आ गया। उसने वह पैसा चुरा लिया। पकड़े जाने के डर से वह एके जंगल में घुस गया। जंगल बड़ा और भ्रामक था। वह चलता रहा किन्तु उसके छोर पर नहीं पहुँच पाया। उसने स्वयं को फँसा हुआ महसूस किया। वह स्वयं जाल में फँस चुका था।

Question 2.
Why did the ironmaster insist on taking the peddler home? Why did he change his attitude later?
मालिक लोहार ने फेरीवाले को घर ले जाने पर क्यों जोर दिया? उसने बाद में अपना रवैया क्यों बदल दिया?
Answer:
When the ironmaster saw the peddler at his forge during an inspection, he mistook him for an old acquaintance who had served with him in a regiment. Since it was Christmas Eve, and the ironmaster lived alone with his only daughter for company, he wanted the peddler to accompany him to his house and celebrate Christmas. He desired his company on this festive day and so insisted on the request. When the peddler appeared before the ironmaster in his house the ironmaster saw that he was not the regimental comrade that he’d thought him to be, and that he had brought home a complete stranger. This disappointed and annoyed him for the peddler had not spoken the truth and had let the ironmaster to be deceived. This changed his attitude towards the peddler.

जब मालिक लोहार ने निरीक्षण के दौरान ढलाईघर में फेरीवाले को देखा, तो उसने गलती से उसे अपनी फौजी टुकड़ी के पुराने साथी के रूप में पहचाना, क्योंकि भट्टी की धीमी रोशनी में वह उसे बहुत स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दिया। चूँकि वह क्रिसमस की पूर्व संध्या थी व वह (मालिक लोहार) घर में केवल अपनी पुत्री के साथ रहता था; वह चाहता था कि फेरीवाला उसके साथ उसके घर जाए व क्रिसमस मनाए। इस त्योहार के दिन वह उसका सान्निध्य चाहता था। इसी कारण उसने उससे जोर देकर आग्रह किया। जब फेरीवाला मालिक लोहार के घर में उसके समक्ष प्रस्तुत हुआ तो मालिक लोहार को यह आभास हुआ कि वह व्यक्ति पुराना परिचित फौजी टुकड़ी का साथी नहीं था जैसा कि उसे भ्रम हुआ था। वह एक पूर्ण अपरिचित को अपने घर ले आया था। इससे उसे निराशा हुई व क्रोध आया, क्योंकि फेरीवाले ने सत्य नहीं बोला था व उसे भ्रमित होने दिया था। इस तथ्य ने फेरीवाले के प्रति उसके रवैये को बदल दिया।

Question 3.
Attempt a character sketch of the peddler in the story ‘The Rattrap’.
कहानी ‘The Rattrap’ में फेरीवाले को चरित्र-चित्रण कीजिये।
Answer:
His personality:
The rattrap peddler was a poor man who lived the life of a vagabond. He had a great imagination. He wore rags, his cheeks were sunken and hunger gleamed in his eyes.

His livelihood:
He went round selling self-made small rattraps of wire. This wire, he got by begging. He had some human weaknesses like thievery and begging to fulfil his basic needs. Devoid of any sheltering place, he spent his nights wherever he found shelter.

His philosophy:
He feels that the world is just like a big rat trap. It exists only for the purpose of setting baits for people. According to him, all the riches, joys, food, clothing and shelter are just baits. If and when, anyone touches the bait, the rattrap closes on him. Then everything comes to an end.

His inner goodness:
Influenced by Edla’s good behaviour, he repents over his misdeed and returns the money stolen by him.

उसका व्यक्तित्व:
चूहेदान फेरीवाला (बेचने वाला) एक गरीब आदमी था जो एक घुमंतू का जीवन जीता था। उसकी कल्पनाशक्ति तीव्र थी। वह फटे हुऐ कपड़े पहनता था, उसके गाल धंसे थे और भूख उसकी आँखों में झलकती थी।

उसकी जीविका:
वह स्वयं के द्वारा बनाये तार के चूहेदान बेचता था। यह तार, वह भीख माँगकर प्राप्त करता था। उसमें कुछ मानवीय कमियाँ थीं, जैसे चोरी करना और भीख माँगना जिनसे वह अपनी आवश्यक जरूरतें पूरी करता था। उसके पास रहने का कोई स्थान नहीं था इसलिए वह जहाँ आश्रय मिले वहाँ रात्रि गुजार लेता था।

उसकी दार्शनिकता:
वह महसूस करता है कि दुनिया बिल्कुल एक बड़े चूहेदान के समान है, इसका अस्तित्वं मात्र लोगों के सामने चारा फेंकने के लिए है। उसके अनुसार धन-सम्पत्ति, आनन्द, भोजन, वस्त्र और शरण (रहने के स्थान), सभी केवल प्रलोभन हैं (लालच हैं)। जब यदि कोई इस चारे (लालच) को छूता है, वह संसार रूपी चूहेदान में फँस जाता है। और तब सब कुछ समाप्त हो जाता है।

उसके अन्दर की अच्छाई:
एडला के अच्छे व्यवहार से प्रभावित होकर वह अपने कुकृत्य का पश्चाताप करता है और अपना चुराया हुआ पैसा लौटा देता है।

Question 4.
Who was Edla? How did she change the peddler’s behaviour?
एडला कौन थी? उसने फेरीवाले के व्यवहार को किस प्रकार बदला?
Answer:
Miss Edla is the eldest daughter of the ironmaster. She lives with her father. As for her appearance, she is not at all pretty but inwardly she is a most beautiful lady. She is very modest, kind and generous. Miss Ella has a deep insight into human psychology. She easily understands why the peddler was so reluctant to accompany her. She tells the peddler that he may leave them just as freely as he had come. She wanted to have someone with them on Christmas. This shows she was not only generous but highly religious also. When her father was determined to expel the peddler from his house, it was Edla who did not let him go. It shows her sympathetic nature. It is her gentle, kind and respectful behaviour towards the peddler, which changed him and made him embrace goodness.

मिस एडली लोहा फैक्ट्री के मालिक की सबसे बड़ी बेटी है। वह अपने पिता के साथ रहती है। जहाँ तक उसके रूप स्वरूप की बात है, वह बिल्कुल भी आकर्षक नहीं है किन्तु अन्दर से वह अत्यन्त सुन्दर महिला है। वह बहुत शालीन, दयालु एवं उदार है। मिस एडला को मानव मनोविज्ञान की गहरी समझ है। वह आसानी से समझ जाती है कि फेरीवाला उसके साथ क्यों नहीं जाना चाहता है। वह फेरीवाले से कहती है कि वह जितनी स्वतन्त्रतापूर्वक आया था उतनी ही स्वतन्त्रतापूर्वक जो भी सकता हैं। वह चाहती थी कि क्रिसमस पर उनके साथ कोई न कोई रहे। इससे पता लगता है कि वह न केवल उदार है अपितु अत्यधिक धार्मिक भी है। जब उसके पिताजी उस फेरीवाले को घर से निकालने के लिए आमादा थे, उस समय एडला ने ही उसे नहीं जाने। दिया। यह उसके सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार को दर्शाता है। फेरीवाले के प्रति यह उसका नम्र, दयालुतापूर्ण व सम्मानपूर्ण व्यवहार ही उसे बदल देता है व उसे अच्छाई को अपनाने हेतु बाध्य करता है।

Question 5.
How did the rattrap peddler lead his life and why did the peddler sign himself as Captain von Stahle in the end?
चूहेदानी बेचने वाला अपना जीवन किस प्रकार व्यतीत करता था एवं उसने अंत में अपना हस्ताक्षर कैप्टन वॉन स्टेहल के रूप में क्यों किया?
Answer;
The peddler is a very poor and homeless man. He goes around selling rattraps of wire. He makes the rattraps himself. He collects the material for making rattraps by begging in the stores or at the big farms. Although he works very hard yet his clothes are in rags, his cheeks are sunken and hunger gleams in his eyes. He sleeps wherever he finds shelter. He resorts to petty thefts just to keep his body and soul together. His sufferings make us sympathise with him, and even though he steals and begs, he is not bad at heart. Upon being treated well and kindly by the ironmaster’s daughter, he turns to goodness, and thus experiences an upliftment to a higher status. Thus, he signs himself as Captain von Stahle-the man he was equal to now. As a matter of fact, the peddler turns to a new start in life due to ironmaster’s daughter, Edla, whose behaviour inspired him.

फेरीवाला बहुत निर्धन व्यक्ति है। वह तार की बनी चूहेदानियाँ बेचता फिरता है। वह चूहेदानियाँ स्वयं बनाता है। चूहेदानी बनाने का सामान वह स्टोरों या बड़े फार्मों से माँगकर लाता है। यद्यपि वह बहुत कठिन परिश्रम करता है तथापि उसके कपड़े फटे हुए हैं, उसके गाल धंसे हुए हैं। तथा भूख उसकी आँखों में चमकती है। वह जहाँ आश्रय पाता है वहीं सो जाता है। वह व्यक्ति अपना जीवन बचाने के लिए छोटी मोटी चोरी करता है। उसके कष्टों के कारण हमको उससे सहानुभूति होती है, यद्यपि वह चोरी करता है व भीख माँगता है, वह दिल का बुरा नहीं है। मालिक लोहार के द्वारा अच्छा एवं दयालुतापूर्ण बर्ताव किए जाने पर वह अच्छाई की ओर मुड़ता है व इससे एक उच्च स्तर पर उठाव का अनुभव करता है। इसलिए वह स्वयं के लिए कैप्टन वॉन स्टेहल के रूप में हस्ताक्षर करता है- वह व्यक्ति जिसके तुल्य वह अब था। असलियत यह है कि फेरीवाला मालिक लोहार की बेटी के सद्व्यवहार के कारण ही जीवन की नई शुरूआत के प्रति प्रेरित हुआ।

D. State True or False:

Question 1.
Miss Edla is the eldest daughter of the ironmaster.

Question 2.
A peddler is a poor man.

Question 3.
The ironmaster came for the daily inspection of his factory.

Question 4.
The peddler goes around selling rattraps of wire.

Question 5.
Mjolis is a card game of Sweden.

Answers:
1. True
2. True
3.False
4.True
5.True

E. Creative Writing:
Have you known or heard of an episode where a good deed by an act of kindness has changed a person’s view of the world?
क्या आपने कोई ऐसी घटना जानी या सुनी है जहाँ किसी अच्छे या दयालुतापूर्ण कार्य ने किसी व्यक्ति के संसार के प्रति नजरिये को बदल दिया हो?
Answer:
In this respect, I would like to share an incident from my own life. I was studying in the tenth standard. I was taking my practical exam in chemistry. When the examiner called out my name, I shyly went up to him. He began to ask me questions. In the meantime, my teacher Shri K D Mittal told the examiner that I was the best student in his class. I was a poorly clad village boy. The examiner looked at me in surprise and asked me a few tough questions which I could not answer properly. I was utterly upset and sorry for having let my teacher down. I thought my teacher would be angry with me. He would scold me. But contrary to my apprehensions, he took me to his chamber, smiled and asked me not to take that failure so seriously. He further told me that it was not my good day. I instantly learnt to react differently.

इस सन्दर्भ में मैं अपने जीवन की ही एक घटना को सुनाना चाहूँगा। मैं दसवीं कक्षा में पढ़ता था। मैं रसायन विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा दे रहा था। जब परीक्षक ने मेरा नाम पुकारा, मैं सकुचाते हुए उनके पास पहुँचा। उन्होंने मुझसे प्रश्न पूछना प्रारम्भ कर दिया। इसी दौरान मेरे गुरुजी श्री के. डी. मित्तल ने परीक्षक को बताया कि मैं उनकी कक्षा का सर्वोत्तम विद्यार्थी था। मैं अति साधारण कपड़े पहनने वाला ग्रामीण लड़का था। परीक्षक ने साश्चर्य मेरी ओर देखा और मुझसे कुछ कठिन प्रश्न पूछे जिनका मैं ठीक प्रकार उत्तर नहीं दे सका। अपने अध्यापक की बात गिरा देने के कारण मैं बहुत ही परेशान और दुखी हुआ। मैंने सोचा मेरे अध्यापक मुझसे नाराज होंगे। वे मुझे डाँटेंगे। परन्तु मेरी आशंकाओं के विपरीत, वे मुझे अपने कक्ष में ले गये, मुस्कुराये और इस असफलता को गम्भीरता से न लेने के लिए कहा। उन्होंने मुझसे आगे कहा कि यह मेरा अच्छा दिन नहीं था। मैं तुरन्त ही भिन्न प्रकार से प्रतिक्रिया करना सीख गया।

RBSE Class 12 English Panorama Chapter 11 Additional Questions

A. Answer the following questions in about 30-40 words each:
निम्नलिखित प्रश्नों में से प्रत्येक का उत्तर 30-40 शब्दों में दीजिए:

Question 1.
How did the peddler make the rattraps? Was his business profitable?
फेरीवाला चूहेदानियाँ किस प्रकार बनाता था? क्या उसका व्यवसाय लाभदायक था?
Answer:
The peddler made small rattraps of wire. He made them himself at odd moments from the material which he got by begging in the stores or at the big farms. His business was not much profitable.

फेरीवाला तार की छोटी चूहेदानियाँ बनाया करता था। वह जब-तबे स्वयं उन्हें उन वस्तुओं से बनाया करता था, जिन्हें वह दुकानों से या बड़े फार्म हाउसों से भीख के रूप में पाता था। उसका व्यवसाय कुछ खास लाभदायक नहीं था।

Question 2.
Why was the peddler amused by the idea of the world being a rat trap?
दुनिया के एक चूहेदानी होने का विचार फेरीवाले को मनोरंजक क्यों लगा?
Answer:
The peddler led a very hard life. He sold rattraps for livelihood. The world had been very unkind to him. He did not like the world at all. So, equating the world with such a bad thing as a rattrap amused him.

फेरीवाले का जीवन बहुत ही कठिनाई भरा था। वह अपनी जीविका चलाने के लिए चूहेदानियाँ बेचता था। संसार उसके लिए बहुत दयालु नहीं रहा था। वह संसार को बिल्कुल पसंद नहीं करता था। इसलिए संसार की तुलना चूहेदानी जैसी बुरी चीज से करना उसे मनोरंजक लगता था।

Question 3.
What did the peddler do for a livelihood?
फेरीवाला आजीविका हेतु क्या करता था?
Answer:
He used to sell small rattraps for his livelihood. But as it was not a profitable business, he used to steal small things as well as begging for his livelihood. Even so, his clothes were in rags, his cheeks were sunken and hunger gleamed in his eyes.

अपनी आजीविका के लिए वह छोटी चूहेदानियाँ बेचा करता था। चूंकि यह एक लाभदायक व्यवसाय नहीं था अतः वह अपनी आजीविका के लिए छोटी-छोटी चीजें चुराया करता था और भीख माँगा करता था। फिर भी उसके कपड़े फटे-पुराने होते थे, उसके गाल धंसे हुए थे और उसकी आँखों में भूख दिखाई पड़ती थी।

Question 4.
Why did the peddler resort to begging and petty thievery?
फेरीवाला भीख माँगने व छोटी-मोटी चोरियाँ करने का काम क्यों करता था?
Answer:
The peddler used to sell rattraps as a livelihood. His business was not especially profitable. So he had to resort to both begging and petty thievery. Even the material he used for making rattraps was obtained by begging.

फेरीवाला आजीविका के लिए चूहेदानियाँ बेचता था। उसे व्यवसाय में कोई खास लाभ नहीं होता था। इसलिए उसे भीख माँगना व छोटी-मोटी चोरियाँ, दोनों ही काम करने पड़ते थे। यहाँ तक कि चूहेदानी बनाने में प्रयुक्त होने वाला सामान भी उसे भीख माँगने से ही प्राप्त होता था।

Question 5.
What kind of life did the peddler lead?
फेरीवाला किस प्रकार का जीवन व्यतीत करता था?
Answer:
The peddler sold rattraps for a livelihood. He lived the life of a vagabond. He simply plodded along the road and was lost in his own meditations. His life was very sad and monotonous.

फेरीवाला जीविका के लिए चूहेदानियाँ बेचता था। वह घुमंतू का जीवन जीता था। वह बस निरुद्देश्य सड़क पर घूमता रहता था और अपने ही विचारों में खोया रहता था। उसका जीवन बहुत दुखी व नीरस था।

Question 6.
What kind of treatment did the peddler usually get from the world?
फेरीवाले को प्रायः संसार से किस प्रकार का व्यवहार मिलता था?
Answer;
The world had never been kind to the peddler. He lived the life of a vagabond and plodded along the road. Nobody cared for him. There was no place in the world where he could expect to be welcomed.

संसार फेरीवाले के प्रति कभी दयालु नहीं रहा था। वह एक घुमंतू का जीवन जीता था और सड़कों पर भटकता रहता था। किसी को उसकी परवाह नहीं थी। संसार में ऐसा कोई स्थान नहीं था जहाँ वह अपनी स्वागत किये जाने की आशा करता हो।

Question 7.
What was the peddler’s favourite pastime?
फेरीवाले के लिए समय व्यतीत करने का प्रिय साधने क्या था?
Answer:
The peddler was a neglected creature in the world. He was always lost in his own meditations. He thought of the world as a rat trap that tempted the people to be caught in it. This thought was his favourite pastime.

फेरीवाला संसार में एक उपेक्षित प्राणी था। वह हमेशा अपने ही विचारों में खोया रहता था। उसे संसार एक चूहेदानी लगता था जो लोगों को इसमें फंसाने के लिए ललचाता था। यह विचार उसके लिए समय व्यतीत करने का प्रिय साधन था।

Question 8.
Did the peddler expect the kind of hospitality that he received from the crofter?
क्या फेरीवाले को ऐसे आतिथ्य की अपेक्षा थी जैसा उसे जमींदार (क्रॉफ्टर) से मिला था?
Answer:
The peddler sold rattraps and nobody cared for him anywhere. Ordinarily, he met sour faces. He was usually not welcomed anywhere. So, he did not expect the kind of hospitality that he received from the crofter.

फेरीवाला चूहेदानियाँ बेचता था और कोई भी कहीं भी उसकी परवाह नहीं करता था। अक्सर उसे घृणापूर्ण चेहरे मिलते थे। सामान्यतः कहीं भी उसका स्वागत नहीं किया जाता था। अतः जिस तरह का आतिथ्य उसे जमींदार (क्रॉफ्टर) से मिला उसकी अपेक्षा उसे नहीं थी।

Question 9.
Why was the crofter so talkative and friendly with the peddler?
जमींदारे (क्रॉफ्टर) फेरीवाले के प्रति इतना बातूनी व मिलनसार क्यों था?
Answer:
The crofter did not have a wife or children. He was all alone. He was happy to have someone to talk to in his loneliness. That is why he was so talkative and friendly with the peddler.

जमींदार (क्रॉफ्टर) के पत्नी और बच्चे नहीं थे। वह बिल्कुल अकेला था। अपने अकेलेपन में कोई बात करने वाला मिल जाने पर वह खुश था। यही कारण था कि वह फेरीवाले के प्रति इतना बातूनी और मिलनसार था।

Question 10.
Why did the crofter show the thirty kronor to the peddler?
जमींदार (क्रॉफ्टर) ने फेरीवाले को तीस क्रोनर क्यों दिखाये?
Answer:
The crofter did not want to conceal anything from his guest. He had earned thirty kronor last month. He showed thirty kronor to the peddler to make him believe that he had earned the money only last month.

जमींदार (क्रॉफ्टर) अपने अतिथि से कुछ भी छिपाना नहीं चाहता था। उसने पिछले महीने तीस क्रोनर कमाये थे। उसने फेरीवाले को तीस क्रोनर इसलिए दिखाये ताकि वह विश्वास कर सके कि उसने यह पैसे पिछले महीने ही कमाए थे।

Question 11.
Did the peddler respect the confidence reposed in him by the crofter?
जमींदार (क्रॉफ्टर) ने जो भरोसा फेरीवाले में दिखाया, क्या फेरीवाले ने उस भरोसे का मान रखा?
Answer;
The crofter told the peddler almost all the details of his life. He did not want to conceal anything from him. But the peddler did not respect the confidence reposed in him by the crofter as he made off with the money from his house.

जमींदार (क्रॉफ्टर) ने अपने जीवन के लगभग सारे विवरण फेरीवाले को सुना दिये। वह उससे कोई बात छिपा कर नहीं रखना चाहता था। परन्तु फेरीवाले ने उस भरोसे का मान नहीं रखा जो जमींदार (क्रॉफ्टर) ने उसमें जताया था क्योंकि वह उसके घर से पैसा चुराकर भाग गया।

Question 12.
Who supported the old crofter when he was unable to do day labour?
जब बूढ़ा जमींदार (क्रॉफ्टर) दिन भर की मजदूरी करने में असमर्थ हो गया था तब उसका सहारा कौन था?
Answer:
When the old crofter was unable to do day labour, it was his cow which supported him. He sold her milk. That cow was extraordinary. She gave milk for the creamery every day. He could earn thirty kronor in a month.

जब वृद्ध जमींदार (क्रॉफ्टर) दिनभर की मजदूरी करने में असमर्थ हो गया था तब उसकी गाय उसका सहारा थी। वह उसका दूध बेचता था। वह गाय असाधारण थी। वह प्रतिदिन डेरी के लिए दूध देती थी। वह एक माह में तीस क्रोनर कमा लेता था।

Question 13.
How did the rattrap seller steal the crofter’s money?
चूहेदानी बेचने वाले ने जमींदार (क्रॉफ्टर) का धन किस प्रकार चुरायो?
Answer:
The rattrap seller thanked the crofter for his hospitality and went away. The crofter locked the house and went to milk his cow. In the meantime, the rattrap seller returned. He smashed the window pane, took the money and went away.

चूहेदानी बेचने वाले ने जमींदार (क्रॉफ्टर) को उसके आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया और चला गया। जमींदार ने घर पर ताला लगाया और अपनी गाय दुहने चला गया। इसी दौरान चूहेदानी बेचने वाला वापिस आया। उसने खिड़की का शीशा तोड़ दिया, पैसा लिया और चला गया।

Question 14.
Why did the peddler come to the crofter’s place after half an hour?
फेरीवाला आधे घण्टे के बाद उस जमींदार (क्रॉफ्टर) के घर क्यों आया?
Answer:
After half an hour, the peddler returned to the crofter’s place to steal money. The crofter had kept his money in a leather pouch hanging on a nail in the window frame. He smashed the window pane, stuck in his hand, and stole the money from the pouch.

आधे घण्टे के बाद, फेरीवाला जमींदार (क्रॉफ्टर) के घर धन चुराने लौटा। उस जमींदार (क्रॉफ्टर) ने अपना धन खिड़की की फ्रेम में लगी कील पर टंगे चमड़े के थैले में रखा था। फेरीवाले ने खिड़की का शीशा तोड़ा, अपना हाथ अन्दर डाला और थैले से पैसों को चुरा लिया।

Question 15.
Why did the peddler not walk on the public highway? What difficulties did he face?
फेरीवाला सार्वजनिक सड़क से क्यों नहीं गया? उसका सामना किन कठिनाइयों से हुआ?
Answer:
The peddler did not walk on the public highway because he was afraid of being caught with the stolen money. Thus, he travelled through a big and confusing forest, where he lost his way and faced a lot of difficulties.

फेरीवाला सार्वजनिक सड़क से इसलिए नहीं गया क्योंकि उसे चुराये हुए धन सहित पकड़े जाने का भय था। अतः वह एक बड़े और भ्रामक जंगल से गुजरा; लगा वहाँ वह मार्ग भटक गया और उसने बेहद कठिनाई का सामना किया।

Question 16.
How was the peddler lost in the forest?
फेरीवाला जंगल में किस प्रकार मार्ग भटक गया?
Answer:
Afraid of being caught, the peddler got into a forest. The forest was big and confusing. The paths twisted back and forth very strangely. He walked and walked but could not reach the end of the forest. He was lost in the forest.

पकड़े जाने के भय से फेरीवाला एक जंगल में घुस गया। जंगल बड़ा व भ्रामक था। रास्ते अजीब ढंग से आगे-पीछे मुड़ रहे थे। वह चलता रहा किन्तु जंगल के छोर तक नहीं पहुँच पाया। वह जंगल में भटक गया था।

Question 17.
How did the peddler feel on getting lost in the forest?
जंगल में भटक जाने पर फेरीवाले ने कैसा महसूस किया?
Answer:
The peddler felt himself to be a rat who had been caught in a rat trap. The money he had stolen seemed like a bait. The whole forest seemed to him like an impenetrable prison from which he could never escape.

फेरीवाले ने स्वयं को किसी चूहेदानी में फंसे चूहे की भांति महसूस किया। उसके द्वारा चुराया हुआ धन उसे चूहेदानी में रखे चारे की भाँति प्रतीत हुआ। सारा जंगल उसे एक अभेद्य कैदखाने की भाँति लगा जिससे कभी भी बच निकलना उसे असम्भव लगा।

Question 18.
What did the forest remind the peddler of?
जंगल ने फेरीवाले को किस बात की याद दिला दी?
Answer:
Being caught in the forest, the peddler recalled his thoughts about the world and the rat trap. He had let himself be fooled by the bait of thirty kronor and had been caught in the forest which was the rat trap.

जंगल में फँसकर फेरीवाले को संसार और चूहेदानी के विषय में अपने विचार याद आए। वह तीस क्रोनर रूपी लालच से मूर्ख बनकर (जंगल रूपी चूहेदानी में) फँस गया था।

Question 19.
What was the condition of the peddler in the forest?
जंगल में फेरीवाले की क्या दशा थी?
Answer:
Caught in the forest, the peddler was in bitter gloom and despair. He saw no way out and he sank down on the ground, tired to death. He thought that his last moment had come.

जंगल में फँसकर फेरीवाला घोर दुख व निराशा की अवस्था में था। उसे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। बुरी तरह थका हुआ वह जमीन पर बैठ गया। उसे लगा उसका अंतिम समय आ गया है।

Question 20.
How is the wood compared to a rat trap?
जंगल की तुलना चूहेदानी से किस प्रकार की गई है?
Answer;
The rattrap seller entered the wood so that he might not be caught. But it was a very big and confusing forest. Just as a rat gets caught in a trap, he got caught in the woods because of the thirty kronor bait.

चूहेदानी बेचने वाला जंगल में घुस गया ताकि वह पकड़ा न जाए। परन्तु जंगल बहुत बड़ा और भ्रमित करने वाला था। जैसे कोई चूहा, चूहेदानी में फँसता है, उसी प्रकार वह भी तीस क्रोनर के लालच में जंगल में फँस गया था।

Question 21.
What type of sounds were heard in the forge?
ढलाईघर में किस प्रकार की ध्वनियाँ सुनाई देती थीं?
Answer:
The big bellows groaned and the burning coal cracked. The fire boy shovelled charcoal into the maw of the furnace with a great deal of clatter. The waterfall roared outside and a sharp north wind whipped the rain against the brick-tiled roof.

बड़ी-बड़ी धौकनियाँ कार्ती कराहती थीं जलता हुआ कोयला चटखता रहता था। भारी खटपट की आवाज़ के साथ आग पर काम करने वाला लड़का भेट्टी के मुँह में बेलचे से काठ-कोयला डालता था। बाहर झरना गरजता था और तेज उत्तरी हवा वर्षा को ईंलगी छत पर जोर से कोड़ों की भाँति फटकारती थी।

Question 22.
Why did the blacksmith not notice the man until he stood close to the furnance?
लोहार (मुख्य मिस्त्री) ने ढलाईघर में घुसे व्यक्ति पर तब तक क्यों ध्यान नहीं दिया जब तक कि वह भट्टी के निकट खड़ा नहीं हो गया?
Answer:
There were many sounds to be heard in the forge. There were sounds of bellows, burning coal, the roaring of the waterfall, heavy rain over the brick-tiled roof. Probably due to these sounds, the blacksmith did not notice the man until he stood close to the furnace.

ढलाईघर में सुनी जाने वाली बहुत सी ध्वनियाँ थीं। वहाँ धौकनियों की, जलते कोयले की, झरने की गरज की और ईंट लगी छत पर जोर से वर्षा होने की ध्वनियाँ थीं। संभवतः इन ध्वनियों के कारण लोहार (मुख्य मिस्त्री) ने जब तक कि वह आदमी भट्टी के निकट आकर खड़ा नहीं हो गया तब तक उस पर ध्यान नहीं दिया।

Question 23.
What do you know about the ironmaster?
लोहे के कारखाने के मालिक के विषय में आप क्या जानते हैं?
Answer:
The ironmaster of the Ramsjo Iron Mill was a very prominent figure. His greatest ambition was to ship out the good quality of iron to the market. He inspected his iron mill regularly to see that the work was done in the best possible way.

रेम्स्जो लौह कारखाने का स्वामी एक बहुत प्रसिद्ध व्यक्ति था। उसकी सबसे बड़ी आकांक्षा थी कि वह उत्तम गुणवत्ता का लोहा जहाजों द्वारा बाजार में पहुँचाए। वह अपने लोहे के कारखाने का नियमित रूप से निरीक्षण यह देखने हेतु करता रहता था कि जो भी काम हो वह जितना हो सके उतना अच्छी प्रकार से ही हो।

Question 24.
How was the ironmaster different from all the blacksmiths?
Ironmaster (मालिक लोहर) अन्य लोहारों (मिस्त्रियों) से किस प्रकार भिन्न था?
Answer:
The ironmaster was very wise and alert. When he was on his night inspection of the iron mill, he noticed a tall ragamuffin. The ironmaster did not follow the example of the blacksmiths who did not look at the stranger. He walked up close to him and looked him over very carefully.

लोहे के कारखाने का मालिक बहुत बुद्धिमान और सतर्क था। जब वह लोहे के कारखाने के रात के निरीक्षण पर था तब उसने वहाँ एक लम्बे गंदे फटेहाल व्यक्ति को देखा। कारखाने के मालिक ने अन्य लोहारों के उदाहरण का अनुगमन नहीं किया (अर्थात् उसने अन्य लोहारों जैसा व्यवहार नहीं किया) जिन्होंने अजनबी को देखने तक की कृपा नहीं की थी। वह उसके नजदीक गया और फिर उसकी ओर ध्यान से देखा।

Question 25.
What did the owner of the iron mill tell the peddler about his family? Why did he request him to come to his home?
लोहे के कारखाने के स्वामी ने फेरीवाले से अपने परिवार के बारे में क्यों कहा? उसने उससे अपने घर चलने की प्रार्थना क्यों की?
Answer:
The owner of the iron mill mistook the peddler to be his old friend. So he told him all about his family saying that his wife was dead and sons were abroad. There was no one at home except his daughter and himself. He requested him to come along with him to join the Christmas feast.

लोहा मिल के मालिक ने फेरीवाले को गलती से अपना पुराना मित्र समझ लिया। अतः उसने उसे अपने परिवार के बारे में सब बता दिया कि उसकी पत्नी मर चुकी है और उसके पुत्र विदेश चले गए हैं। उसके तथा उसकी पुत्री के अलावा घर में कोई नहीं हैं। उसने उससे अपने साथ घर चलने की प्रार्थना की ताकि वह क्रिसमस के भोज में सम्मिलित हो सके।

Question 26.
Who was Edla? Why did she come to the factory at night?
एडला कौन थी? वह रात में फैक्ट्री क्यों आई?
Answer:
Edla was the eldest daughter of the owner of the Ramsjo Ironworks. She had come to know that an old acquaintance of her father was staying at the forge. She came there to persuade him to come with her and stay with them.

एडला रेम्जो आइरनवर्स के मालिक की सबसे बड़ी बेटी थी। उसको यह पता लग गया था कि उसके पिता का पूर्व परिचित कोई व्यक्ति ढलाईघर में ठहरा हुआ है। वह उसे अपने साथ चलने और उनके साथ ठहरने को राजी करने आई थी।

Question 27.
How was Edla able to get success in persuading the peddler to come with her to her home?
एडला फेरीवाले को अपने घर ले चलने के लिए राजी करने में किस तरह सफल हुई?
Answer:
The peddler was not at all ready to go with her. The lady was all for having him in their house on Christmas. She assured him that no harm would be done to him and that he would be allowed to leave whenever he liked.

फेरीवाला उसके साथ जाने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं था। महिला क्रिसमस पर उसे अपने घर पर रखने के लिए आमादा थी। उसने उसे आश्वस्त किया कि उसे कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा तथा यह कि वह जब चाहेगा जा सकेगा।

Question 28.
What were the feelings of Edla when her father was determined to expel the peddler from his house?
जब एडला के पिता फेरीवाले को घर से निकालने के लिए कृतसंकल्प थे उस समय एडला की भावनाएँ क्या थीं?
Answer:
Edla did not want to let the peddler go. She sympathised with him. She thought that he had nowhere to go and he was always in the danger of being arrested. She wanted to give him at least a day of peace.

एडला फेरीवाले को जाने नहीं देना चाहती थी। उसे फेरीवाले के प्रति सहानुभूति थी। उसने सोचा कि उसके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है और उसके गिरफ्तार होने का खतरा सदैव बना रहता है। वह कम से कम एक शान्ति का दिन उसे देना चाहती थी।

Question 29.
What were the fears of the ironmaster after knowing in the church that one of the old crofters of the ironworks had been robbed by a man who went around selling rattraps?
चर्च में यह जानने के बाद कि फैक्ट्री के एक पुराने जमींदार को ऐसे आदमी ने लूट लिया है जो चूहेदानी बेचता फिरता है, कारखाना मालिक को क्या आशंकाएँ हुई?
Answer:
When the ironmaster came to know in the church that one of the old crofters of the ironworks had been robbed by a man who went around selling rattraps, he realised that the same person was staying with them and that he must have made off with his silver spoons.

जब फैक्ट्री मालिक को चर्च में यह पता चला कि चूहेदानी बेचने वाले किसी आदमी ने फैक्ट्री के एक पुराने जमींदार को लूट लिया है तो उसने समझ लिया कि वही आदमी उनके साथ ठहरा हुआ है और यह कि वह उनकी चाँदी की चम्मचें लेकर भाग गया होगा।

Question 30.
What is the moral of this story?
इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है?
Answer:
The story conveys the message that acts of kindness and good behaviour can change even a criminal mind. It gives the lesson that we should treat everyone with love and kindness.

यह कहानी संदेश देती है कि दयालुता के कार्यों व अच्छे व्यवहार से किसी अपराधी के हृदय को भी बदला जा सकता है। यह कहानी सिखाती है कि हमें सभी के साथ प्रेम व दयालुता का व्यवहार करना चाहिए।

B. Answer the following questions in about 125 words each:
निम्नलिखित प्रश्नों में प्रत्येक का उत्तर लगभग 125 शब्दों में दीजिए:

Question 1.
Describe the events that led the rattrap peddler to give up all hope of survival in the woods.
उन घटनाओं का वर्णन कीजिए जिनके फलस्वरूप चूहेदानी बेचने वाले ने जंगल में जीवित बचे रहने की सारी आशा त्याग दी थी।
Answer:
After stealing the money from the crofter, the rattrap peddler walked into the woods to evade arrest. It was a big and confusing forest which he had gotten into. He tried to walk in a definite direction, but the paths twisted back and forth. He walked and walked without coming to the end of the wood, and finally, he realized that he had only been walking around in the same part of the forest. He recalled his thoughts about the world and the rat trap. He had let himself be fooled by a bait and had been caught. Darkness was already descending over the forest. This increased the danger, and also his gloom and despair. Finally, he saw no way out, and he sank down on the ground, exhausted, thinking that his last moment had come.

क्रॉफ्टर से पैसे चुराने के बाद, चूहेदानी बेचने वाला, पकड़े जाने से बचने के लिए जंगल में चला गया। यह एक बड़ा व भ्रामक जंगल था जिसमें वह प्रविष्ट हुआ था। वह एक निश्चित दिशा में चलने का प्रयास कर रहा था, किन्तु रास्ते आगे-पीछे मुड़ते रहे। वह चलता रहा किन्तु जंगल के छोर तक नहीं पहुँच सका, व अंततः उसे आभास हो गया कि वह जंगल के एक ही भाग में इधर-उधर घूमता रहा था। वह संसार व चूहेदानी के विषय में अपने विचार स्मरण करने लगा। उसने लुभावने चारे के लिए स्वयं को मूर्ख बनने दिया था व वह पकड़ा गया था। जंगल में अंधकार छा रहा था। इससे खतरा एवं उसकी निराशा व उदासी बढ़ रही थी। अंततः उसे बचने का कोई रास्ता नहीं सूझा तथा वह भूमि पर थककर गिर गया और यह सोचने लगा कि उसका अंतिम समय आ गया था।

Question 2.
Why did Edla still entertain the peddler even after she knew the truth about him?
फेरीवाले के सच को जानने के बाद भी एडला ने उसका आतिथ्य क्यों किया?
Answer:
When Ella’s father came to know that the man whom he mistook for an old acquaintance was someone else, he ordered the peddler to leave his house at once. But his daughter Edla was a kind-hearted girl. She wanted to entertain the poor hungry peddler over the Christmas Eve. She could not get away from this idea all at once. She thought about this stranger. She told her father that the peddler walked the whole year long and there was probably not a single place in the whole country where he was welcomed and could feel at home. She also told him that he was chased away wherever he went. He was always afraid of being arrested and cross-examined. She wanted the peddler to enjoy at least a day of peace with them. That is why, even after knowing the truth about him, she entertained him.

जब एडला के पिता को यह पता चल गया कि वह आदमी जिसे उसने अपना पूर्व परिचित समझा था, कोई और है तो उन्होंने फेरीवाले को तुरन्त अपना घर छोड़ने का आदेश दिया। परन्तु उनकी बेटी एडला एक दयालु लड़की थी। वह बेचारे भूखे फेरीवाले का क्रिसमस की पूर्व संध्या पर आतिथ्य करना चाहती थी। वह तुरन्त इस विचार को न त्याग सकी। उसने इस अजनबी के बारे में सोचा। उसने अपने पिता से कहा कि फेरीवाला। पूरे वर्ष घूमता रहता है और पूरे देश में सम्भवतः किसी भी जगह उसका स्वागत नहीं किया जाता है और कोई भी स्थान ऐसा नहीं है जहाँ वह घर जैसा महसूस कर सके। उसने यह भी कहा कि वह जहाँ जाता है उसे हर जगह से भगा दिया जाता है। उसे हमेशा गिरफ्तार होने तथा पूछताछ किये जाने का डर रहता है। वह चाहती थी कि फेरीवाला कम से कम एक दिन उनके साथ शान्ति से रहे। यही कारण है कि उसके बारे में सच को जानने के बावजूद भी उसने उसका आतिथ्य किया।

Question 3.
How does the peddler interpret the acts of kindness and hospitality shown by the crofter, the ironmaster and his daughter?
जमींदार (क्रॉफ्टर), लोहे के कारखाने के मालिक और उसकी पुत्री द्वारा दर्शायी गई दयालुता और अतिथि सत्कार को फेरीवाला किस रूप में लेता है?
Answer:
The poor peddler does not often get kind treatment. He is used to being badly treated. The crofter gives him food and shelter and reposes extreme confidence in him. But the peddler makes off with his money. As for the ironmaster, the peddler befools the ironmaster by not revealing to him his real identity. He intends to take advantage of the situation. The behaviour of the ironmaster’s daughter changes his life. Even after knowing that the peddler is not an old acquaintance, she treats him like a real captain. Her kindness dispels the malice that he had for the people around him. He gives up his bad ways and leaves for them a gift, a letter and thirty kronor to be given to the crofter.

बेचारे फेरीवाले को प्रायः अच्छा व्यवहार नहीं मिलता है। उसे बुरे व्यवहार को सहन करने की आदत है। जमींदार उसे भोजन और आश्रय प्रदान करता है और उस पर अत्यधिक भरोसा जताता है। परन्तु फेरीवाला उसके पैसे लेकर भाग जाता है। जहाँ तक कारखाना मालिक का सवाल है, फेरीवाला कारखाना मालिक को अपनी असली पहचान न बताकर मूर्ख बनाता है। उसका इरादा परिस्थिति का लाभ उठाने का है। कारखाना मालिक की बेटी का व्यवहार उसका जीवन बदल देता है। यह जानने के बावजूद भी कि फेरीवाला पुराना परिचित नहीं है, वह उससे सच्चे कैप्टन जैसा व्यवहार करती है। उसकी दयालुता लोगों के प्रति उसकी (फेरीवाले की) दुर्भावना समाप्त करती है। वह अपने बुरे रास्ते त्याग देता है और उनके लिए एक उपहार, एक पत्र तथा तीस क्रोनर जो जमींदार (क्रॉफ्टर) को दिए जाने हैं, छोड़ता है।

Question 4.
What made the peddler finally change his ways?
फेरीवाले के रवैये में अन्ततः किस बात से सुधार आया?
OR
Describe the events which changed the peddler’s way of life?
उन घटनाओं का वर्णन कीजिएं जिन्होंने फेरीवाले के जीवन की दिशा को बदल दिया?
Answer:
The peddler was a poor man. He sold rattraps. He did not earn much money by selling rattraps. So at times, he used to beg or steal. He was never welcomed anywhere. Nobody cared for him. So he had developed a kind of aversion to the people around him. He did not care for them. That is why he paid little attention to the good treatment that he received from the crofter. When he was mistaken for a captain, he made use of that situation. But finally, when he came in contact with the ironmaster’s daughter, his sensibilities got stirred. For the first time, he realised that the world was not so bad and that there were some agreeable faces also which anyone could rely on. His meeting with Edla made him change his ways.

फेरीवाला एक गरीब आदमी था। वह चूहेदानियाँ बेचता था। चूहेदानी बेचकर वह ज्यादा पैसे नहीं कमाता था। इसलिए कभी-कभी वह भीख माँगता था या चोरी कर लेता था। उसका कहीं भी स्वागत नहीं किया जाता था। कोई उसकी परवाह नहीं करता था। इसलिए उसे अपने आस-पास के लोगों से एक प्रकार से घृणा हो गई थी। वह उनकी परवाह नहीं करता था। यही कारण है कि उसने जमींदार के द्वारा किए गए अच्छे व्यवहार पर कोई ध्यान नहीं दिया। जब उसे गलती से कैप्टन समझ लिया गया तो उसने इस हालात का फायदा उठाया। परन्तु अन्ततः, जब वह फैक्ट्री मालिक की बेटी के सम्पर्क में आया तो उसकी गुणग्राहकता आन्दोलित हो उठी। पहली बार उसे महसूस हुआ कि यह दुनिया इतनी बुरी नहीं है और यह कि कुछ मनभावन चेहरे भी। हैं जिन पर कोई भी भरोसा कर सकता है। एडला से उसकी मुलाकात ने उसके तौर-तरीके बदल दिए।

Question 5.
Compare and contrast the character of the ironmaster with that of his daughter.
लोहा कारखाने के मालिक और उसकी पुत्री के चरित्र की तुलना कीजिए।
OR
Give examples from the story ‘The Rattrap’ to show how the ironmaster is different from his daughter ‘Rattrap’ .
कहानी से उन उदाहरणों को दीजिए जो लोहा कारखाने के मालिक को उसकी पुत्री से भिन्न दर्शाते हैं।
Answer:
Ironmaster’s daughter is more persuasive –
We are introduced with the ironmaster and his daughter when they try to take the peddler with them to their house. The former fails to persuade him while his daughter succeeds in persuading him.

Daughter is more kind and generous –
Edla is kind and generous to the poor. She wants to give the peddler happiness and peace of mind. Her father is a man of dry reason. He threatens the peddler as soon as he comes to know that he is not the captain.

Daughter greater observer –
The daughter is a greater observer than her father. Seeing the peddler, she observes that he is afraid. Either he has stolen something or he has escaped from jail. Her father does not pay attention to all these things. In this way the difference in their characters is quite clear.

फैक्ट्री मालिक की अपेक्षा उसकी बेटी किसी को राजी करने में ज्यादा माहिर- फैक्ट्री मालिक और उसकी बेटी से हमारा परिचय उस समय होता है जब वे फेरीवाले को घर ले जाने की कोशिश करते हैं। पहला उसे राजी करने में असफल होता है जबकि उसकी पुत्री उसे राजी करने में सफल होती है। बेटी अपेक्षाकृत अधिक दयालु और उदार- एडला गरीबों के प्रति दयालु और उदार है। वह फेरीवाले को खुशी और मानसिक शान्ति देना चाहती है। उसका पिता महज तार्किक प्राणी है। जैसे ही उसे पता लगता है कि कप्तान नहीं है, वह उसे धमकाता है। बेटी अपेक्षाकृत अधिक ध्यान से देखने वाली – अपने पिता की अपेक्षा बेटी अधिक ध्यान से देखने वाली है। फेरीवाले को देखते ही वह ध्यान देती है कि वह डरा हुआ है। या तो उसने कुछ चुरा लिया है या फिर वह जेल से भागा है। उसके पिता इन सब बातों पर ध्यान नहीं देते। इस प्रकार उनके चरित्र में अन्तर स्पष्ट है।

Question 6.
“The story’ The Rattrap’ is a mixture of entertainment and philosophy”. Explain.
“कहानी ‘The Rattrap’ मनोरंजन और दर्शनशास्त्र का मिश्रण है।’ व्याख्या कीजिये।
Answer:
The story ‘The Rattrap’ is entertaining and philosophical as well. The theme of the story entertains from the very beginning to the end. The ironmaster mistakes the peddler for his old friend. This episode amuses the reader a lot. There is humour all through the story which gives it a lighter vein. But the comparison between a rattrap and this world conveys a deep philosophical message. This world provides us with the things that allure us. Just as a bait is used to trap a rat, worldly enjoyments are used to trap human beings. The story so beautifully highlights the human dilemma that one wonders in awe whether one should accept the allurements or reject them. After reading the story, we are forced to look at this world in a new perspective. It is therefore that, the story is a mixture of entertainment and philosophy.

कहानी ‘The Rattrap’ मनोरंजक भी है और दार्शनिक भी। कहानी की कथावस्तु शुरू से अन्त तक मनोरंजन करती है। फैक्ट्री मालिक फेरीवाले को अपना पुराना मित्र समझ लेता है। यह प्रसंग पाठक का बहुत मनोरंजन करता हैं। पूरी कहानी में हास्य है जो इसे हल्का-फुल्का बनाता है। परन्तु चूहेदानी और संसार के बीच की तुलना गहरा दार्शनिक सन्देश देती है। संसार हमको ऐसी वस्तुएं प्रदान करता है जो हमें लालच में डालती हैं। जैसे किसी चूहे को फँसाने के लिए प्रलोभन की वस्तु प्रयुक्त की जाती है ठीक उसी तरह सांसारिक सुख मनुष्यों को फँसाने में प्रयुक्त किए जाते हैं। यह कहानी मानवीय द्विविधा को इतने सुन्दर ढंग से प्रकाश में लाती। है कि आदमी साश्चर्य सोचता है कि आकर्षणों को स्वीकारा जाये या अस्वीकार किया जाए। इस कहानी को पढ़ने के पश्चात हमें इस संसार को एक नये दृष्टिकोण से देखने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस तरह यह कहानी वास्तव में मनोरंजन एवं दर्शनशास्त्र का मिश्रण है।

Question 7.
The peddler comes out as a person with a subtle sense of humour. How does this serve in lightening the seriousness of the theme of the story and also endear him to us?
फेरीवाला सूक्ष्म हास्य का भाव लेकर प्रकट होता है। कहानी की कथावस्तु की गंभीरता को हल्का बनाने में हास्य किस प्रकार सहायता करता है तथा किस तरह उसको (फेरीवाले को) हमारा प्रिय बनाता है?
Answer:
The peddler is a very poor fellow. He is uneducated and sells rattraps. He is the very beginning raises a very pertinent question that has been perplexing a number of thinkers for centuries. But he raises this question in a very light way. The Geeta, the greatest book on the philosophy of life and the world, offers a way out of the human predicament by propagating the theory of non-attachment. The peddler returns the thirty kronor of the old man and leaves a gift for Edla and her father. It is an act of ‘non-attachment’. The moment he gets rid of attachment, he feels elated, he feels free, he feels that he is the real captain though he isn’t. This is the magic of his sense of ‘non-attachment’. His treatment of such a serious theme is so light that we begin to love him.

फेरीवाला एक अत्यन्त निर्धन व्यक्ति है। वह अशिक्षित है और चूहेदानियाँ बेचता है। वह शुरू में ही एक बहुत। उचित प्रश्न उठाता है एक ऐसा प्रश्न जिसने अनेक चिन्तकों को सदियों से परेशान किया हुआ है। परन्तु वह इस प्रश्न को बहुत ही हल्के-फुल्के अन्दाज में उठाता है। गीता जो जीवन और दर्शन पर महानतम पुस्तक है। ‘अनासक्ति’ के सिद्धान्त का प्रतिपादन कर मानवीय दुविधा से निकलने का मार्ग बताती है। फेरीवाला वृद्ध आदमी के तीस क्रोनर वापिस कर देता है और एडला तथा उसके पिता के लिए एक उपहार छोड़ता है। यह ‘अनासक्ति’ का कार्य है। जिस क्षण वह आसक्ति से निजात पा लेता है, वह अति प्रसन्न महसूस करता है, वह स्वतन्त्र महसूस करता है, उसे लगता है कि वह सच्चा कप्तान है, यद्यपि वह है नहीं। यह उसके ‘अनासक्त’ भाव का जादू है। इतने गम्भीर विषय को इतने हल्के-फुल्के अन्दाज में व्यक्त करने के कारण वह हमको प्रिय लगने लगता है।

Question 8.
The lesson ‘The Rattrap’ deals with ‘the human tendency to redeem oneself from dishonest ways’.Comment on this statement.
पाठ ‘The Rattrap’ बेईमानी पूर्ण तरीकों को छोड़ने की मानवीय प्रवृत्ति का जिक्र करता है। इस पर एक टिप्पणी लिखें।
Answer:
A peddler is a poor man. He sells rattraps. But he fails to make both ends meet. Poverty compels him to adopt dishonest ways. No one cares for his feelings. He is nowhere welcomed. These factors change him into a dishonest person. But Edla treats him well and does not pay much attention to his demerits and vices. His whole perspective is instantly changed. His will for the uncaring world around him gets washed away and he begins to see the world as a good place. He feels embarrassed for his evil ways and wants to repent. He gives up his dishonest ways. He not only leaves a gift for Edla but also returns the money which he had earlier stolen from the crofter’s house. Thus we see that the story ‘The Rattrap’ deals with the human tendency to redeem oneself from dishonest ways.

फेरीवाला एक गरीब आदमी है। वह चूहेदानी बेचता है। परन्तु इससे उसका जीवनयापन नहीं होता है। गरीबी उसे बेईमानी करने को मजबूर करती है। कोई उसकी भावनाओं का ख्याल नहीं रखता है। उसको कहीं स्वागत नहीं किया जाता है। ये कारक उसे एक खराब आदमी बना देते हैं। परन्तु एडला उससे अच्छा व्यवहार करती है तथा उसकी कमियों, गलतियों पर ज्यादा ध्यान नहीं देती है। उसका सम्पूर्ण दृष्टिकोण तुरन्त ही बदल जाता है। अपने चारों ओर के संसार के प्रति उसकी दुर्भावना समाप्त हो जाती है और संसार उसे एक अच्छा स्थान लगने लगता है। उसे अपने बुरे तौर-तरीकों पर ग्लानि होती है और वह पश्चाताप करना चाहता है। वह बेईमानी का मार्ग त्याग देता ह। वह न केवल एडला के लिए एक उपहार छोड़ता है वरन् जमींदार के घर से चुराये गए पैसे भी वापिस कर देता है। इस प्रकार हम देखते हैं कि कहानी ‘The Rattrap’ बेईमानीपूर्ण तरीकों को त्यागने की मानवीय प्रवृत्ति का जिक्र करती है।

Question 9.
How does the metaphor of the rattrap serve to highlight the human predicament?
चूहेदानी का रूपक किस तरह मानवीय दुविधा को रेखांकित करता है?
Answer:
‘What is this world for?’ has ever since been a question that has perplexed even the greatest of thinkers and philosophers. Even today, no definite answer can be given to this question. The peddler used to sell rattraps and he equated this world to a rat trap for the people. The whole world around him – is nothing but a big rat trap. It has never existed for any other purpose than to set baits for people. It offers riches and joys, shelter and food, and clothing exactly as the rattrap offers cheese and pork. The allurements that this world offers to us tempt us and we get entangled. The peddler suggests that we cannot but fall prey to this snare and that this is our fate. The metaphor discussed above definitely highlights human predicament, i.e. we cannot but be what we are.

‘यह संसार किस काम का है?’ यह ऐसा प्रश्न है जिसने हमेशा से महानतम चिन्तकों और दार्शनिकों को भी परेशान किया है। आज भी इस प्रश्न का कोई निश्चित उत्तर नहीं दिया जा सकता है। फेरीवाला चूहेदानी बेचा करता था तथा वह इस संसार को लोगों के लिए चूहेदानी समझता था। उसके लिए उसके आस-पास का सारा संसार एक बड़ी चूहेदानी के अलावा कुछ नहीं हैं। इसका अस्तित्व लोगों के सामने ललचाने वाली वस्तु रखने के उद्देश्य के अलावा अन्य किसी कार्य के लिए नहीं है। यह (संसार) सम्पत्ति, खुशियाँ, आश्रय, भोजन और वस्त्र ठीक उसी तरह प्रस्तुत करता है जैसे चूहेदानी सुअर का मांस और पनीर प्रस्तुत करती है। संसार के आकर्षण हमें खींचते हैं, और हम फैंस जाते हैं। फेरीवाला सुझाता है कि इस जाल में फंसने के अलावा हम कुछ नहीं कर सकते हैं और यह कि यही हमारा भाग्य है। यह रूपक निश्चय ही मानवीय दुविधा को रेखांकित करता है अर्थात् हम जो हैं उसके अलावा कुछ नहीं हो सकते हैं।