20. Essay Writing Descriptive Essays

Corona Pandemic 

At present the whole world is in clutch of corona pandemic. This is an infections disease caused by corona virus. It is named Covid-19. (“CO” stands for corona; “VI” for virus; “19″ the year in which it appeared). This disease (COVID-19) orginated in the city of Wuhan, China. This virus affected more than 200 countries and crores of people, with discouraging morbidity and mortality figures.

The clinical picture of patients with COVID-19 has a pattern of respiratory dominance and depends on the tropism of the virus towards the target organs of the body, because SARSCOV-2 uses the ACE-2 receptor for its entry into the host cell.

This receptor is highly expressed in multiple body tissues, including lung, gastrointestinal, kidney and cardiac tissue, explaining the symptoms present in the proteome of the disease. With the growing darkness of COVID-19 engulfing the entire world, forcing people to stay home, silencing the busiest places of the world with a wave of fear and death. There has been some ray of light on environmental issues.

The current situation has made us value the organizations who keep working day and night to make our life easy and smooth. We should be thankful to our government and front line workers. We should also be grateful to health workers who are putting their lives in danger to save thousands of lives. Lockdown is giving us many lessons about life. Efforts are being made to win from this pandemic by vaccination campaign in all countress of world. Many people has lost their lives, their jobs, loved ones. But this too shall pass.

कोरोना महामारी 

वर्तमान में पूरा विश्व कोरोना महामारी की चपेट में है। यह कोरोना वायरस के कारण होने वाला संक्रामक रोग है। इसे कोविड-19 (COVID-19) नाम दिया गया है । (“CO” अर्थात् कोरोना; “VI” अर्थात् वायरस; 19 जिस वर्ष यह प्रकट हुआ)। इस बीमारी की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी। जल्द ही इस बीमारी ने महामारी का रूप ले लिया तथा 200 से ज्यादा देशों के करोड़ों लोगों को प्रभावित किया।

कोविड-19 के रोगियों में शुरुआती लक्षण में श्वसन संबंधी मुश्किलें आती हैं। तत्पचात् यह बीमारी शरीर की सभी कोशिकाओं को प्रभावित करती है। क्योंकि SARSCOV-2 मेजबान सेल में प्रवेश के लिए ACE-2 रिसेप्टर का प्रयोग करता है। यह रिसेप्टर रोग के प्रोटिओम में मौजूद लक्षणों की व्याख्या करते हुए फेफड़े, गुर्दे और हृदय के ऊत्तकों सहित शरीर के कई उत्तकों को अपने प्रभाव में ले लेता है। इस महामारी के बढ़ते अँधेरे ने पूरी दुनिया को अपने चपेट में लेते हुए लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया। व्यस्त रहने वाले स्थानों पर सन्नाटा पसर गया। इस महामारी के अँधेरे में भी पर्यावरण के क्षेत्र में उजाले की किरण दिखाई दी।

वर्तमान स्थिति ने हमें उन संगठनों का महत्त्व करना सिखा दिया जो हमारे जीवन को आसान बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। हमें अपनी सरकार और प्रथम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करना चाहिए। स्वास्थ्यकर्मियों का भी आभारी होना चाहिए जो अपनी जान को जोखिम में डालकर हमारी जान बचा रहे हैं। लॉकडाऊन ने हमें जीवन के बारे में बहुत कुछ सिखा दिया। विश्व के सभी देशों में टीकाकरण अभियान द्वारा इस महामारी से जीतने का प्रयास किया जा रहा है। इस महामारी में लोगों ने अपनी जान गंवाई, रोजगार खोया, अपनों को खोया। परंतु यह बुरा वक्त जल्दी ही खतम होगा।

Social Welfare Schemes in Rajasthan 

There are several social welfare schemes of Rajasthan Government. The benefits of these schemes are given by the Social Welfare Department of Rajasthan Government. The details of these schemes can be seen at ‘sje.rajasthan.gov.in’ on the computer. There are social welfare schemes for children, women, old-age, specially-abled, self-employment and so on.

Under the educational welfare scheme, ‘Pre-matric Scholarship’ and Post-matric Scholarship are given to the student of SC, ST, OBC & SBC of govt. schools. Special scholarship is given to the student whose mother or father or both has/have died. Gargi Awards are given to the girl students of 10th class and of 12th, scoring 75% or above in Annual Examination.

Under “Palanhar Yojana’ financial assistance is given monthly to the widow’s per child studying in a school. Under Social Security Pension’ widows and poor women are given monthly pension. Under Nirashrit Sambal Scheme, monthly financial assistance is given to worthy people. Under Deendayal Special Abled Housing Scheme, Houses are made available at cheap rates to Special Abled.

There are other schemes CM Skill Development Programme, Indira Rasoi Yojana, CM Jal Swavalamban Scheme, CM Jan Awas Yojana, Dr. Ambedkar Intercaste Marriage Assistance Scheme and so on.

राजस्थान में समाज कल्याण योजनाएँ 

राजस्थान सरकार की अनेक समाज कल्याण योजनाएँ हैं । इन योजनाओं का लाभ राजस्थान सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा दिया जाता है। इन योजनाओं की विस्तृत सूचना, वेबसाइट ‘sje.rajasthan.gov.in’ पर कम्प्यूटर पर देखी जा सकती है। बच्चों, महिलाओं, वृद्धों, दिव्यांगों, स्व-रोजगार आदि के लिए योजनाएँ हैं।

शैक्षिक कल्याण योजना के अन्तर्गत SC, ST, OBC व SBC के सरकारी स्कूल के छात्रों को प्रीमैट्रिक तथा पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति दी जाती है। जिस छात्र की माता या पिता अथवा दोनों का निधन हो गया है उसको विशेष छात्रवृत्ति दी जाती है। 10वीं व 12वीं की वार्षिक परीक्षा में 75% या अधिक अंक लाने वाली बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार दिया जाता है। पालनहार योजना के अन्तर्गत एक विधवा के पढ़ने वाले बच्चों को प्रति माह प्रति बालक धनराशि की सहायता दी जाती है।

सामाजिक सुरक्षा पेन्शन के तहत विधवा व गरीब महिलाओं को मासिक पेन्शन दी जाती है। निराश्रित संबल स्कीम के तहत योग्य लोगों को प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाती है। दीनदयाल दिव्यांग हाउसिंग स्कीम के तहत सस्ते दामों पर दिव्यांगों को घर उपलब्ध कराये जाते हैं। अन्य स्कीम हैं मुख्यमन्त्री कौशल विकास कार्यक्रम, इन्दिरा रसोई योजना, मुख्यमन्त्री जल स्वावलम्बन स्कीम, मुख्यमन्त्री जन आवास योजना, डॉ. अम्बेडकर अन्तर्जातीय विवाह सहायता योजना, आदि।

Climate Change 

Climate change is the change in the seasonal patterns of the climate. Climate is changing owing to insensible human actions. Cutting of green trees, burning of fossil fuels, emission of carbon-dioxide, CFC and other harmful gases in the atmosphere by industries, vehicles, refrigeration etc. have brought changes in the climate. Rain pattern has become uneven. 

Winter is not as cold as it should be. Summer is breaking all records. Temperature is rising. There are conditions of global warming. Glaciers are melting at higher rate. Rivers are flooding. Sea level is rising. It will drown the surrounding cities, towns, villages etc. The hot deserts are spreading. Drought conditions are prevailing.

In 2007 scientists from “Internation Panel on Climate Change’ predicted global warming, sea level rising, climate change etc. There are natural causes of climate change also, such as, volcanic eruptions, ‘ocean current, earth’s orbital changes and solar variations. Climate change will affect human health, biodiversity, human psychology. We should grow more and more trees. We should reduce the emission of harmful gases. We should use solar energy.

जलवायु परिवर्तन जलवायु परिवर्तन, जलवायु के ऋतु-पैटर्न में परिवर्तन को कहते हैं। मानव की अविवेकी गतिविधियों के कारण जलवायु में परिवर्तन हो रहा है। हरे वृक्षों की कटाई, जीवाश्म ईंधन को जलाना, उद्योगों, वाहनों, रेफ्रिजरेशन (कूलन) द्वारा कार्बनडाईऑक्साइड, सी.एफ.सी. तथा अन्य नुकसानदायक गैसें वायुमण्डल में छोड़ने के कारण जलवायु में परिवर्तन आया है। वर्षा का पैटर्न विषम हो गया है। सर्दी इतनी सर्द नहीं रही जितनी होनी चाहिए।

गर्मी सारे रिकार्ड तोड़ रही है। तापमान बढ़ रहा है। वैश्विक ताप की स्थिति है । ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। नदियों में बाढ़ आ रही है। समुद्र का जल-स्तर बढ़ रहा है । यह, आसपास के शहरों, कस्बों, गाँवों आदि को डुबो देगा। गर्म मरुस्थल फैल रहे हैं। सूखे की स्थिति व्याप्त है।

2007 में जलवायु परिवर्तन पर अन्तर्राष्ट्रीय पैनल के वैज्ञानिकों ने वैश्विक ताप, सागर जल स्तर बढ़ाव, जलवायु परिवर्तन आदि की भविष्यवाणी की थी। जलवायु परिवर्तन के प्राकृतिक कारण भी हैं जैसे-ज्वालामुखी विस्फोट, महासागरीय जलधारा, पृथ्वी की घूर्णन स्थिति में परिवर्तन तथा सौर बदलाव। जलवायु परिवर्तन मानव स्वास्थ्य, जैव विविधता तथा मानव मनोविज्ञान को प्रभावित करेगा। हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए। हमें नुकसानदेह गैसों को छोड़ना बन्द करना चाहिए। हमें सौर ऊर्जा का प्रयोग करना चाहिए।

Right to Information and Right to Education

Under the RTI Act 2005, any citizen of India may request information from a ‘Public Authority’ which is required to reply within 30 days. RTI is governmed by two major bodies – Central Information Commission (CIC) and State Information Commission (SIC). Both the bodies have their Public Information Officers (PIOs).

An information seeker will submit an application with desired information with Rs. 10 Postal Order to the PIO and will get a receipt of it. The PIO will have to reply within 30 days. Information of national interest specified in the act is not given.

The Constitution (86th Amendment) Act 2002 inserted Article 21-A in the Constitution of India to provide free and compulsory education of all children in the age group of six to fourteen years as a Fundamental Right. The Right of Children to Free and Compulsory Education (RTE) Act 2009 was passed by the Parliament. Article 21-A and the RTE came into effect on 1 April, 2010.

It specifies the duties and responsibilities of appropriate Governments, local authority and parents. It lays down norms and standards for PTRs, infrastructure, school working days, teacher working hours etc. It is compulsory Private schools to give 25% admission to poor students.

सूचना का अधिकार तथा शिक्षा का अधिकार 

RTI एक्ट 2005 के अन्तर्गत कोई भी नागरिक एक सरकारी विभाग से सूचना प्राप्त कर सकता है तथा 30 दिवस में इसका उत्तर सम्बन्धित विभाग को देना होता है। RTI को दो संस्थाओं द्वारा शासित किया जाता है – केन्द्रीय सूचना आयोग (CIC) तथा राज्य सूचना आयोग (SIC)। दोनों संस्थाओं के अपने विभागीय सूचना अफसर होते हैं (PIOs)।

सूचना प्राप्तकर्ता को Rs. 10 के पोस्टल आर्डर के साथ चाही गई सूचना के लिए एक प्रार्थना-पत्र सम्बन्धित सूचना अधिकारी को देना होता है तथा इसकी प्राप्ति रसीद लेनी होती है। PIO को 30 दिवस में इसका उत्तर देना होता है। राष्ट्र-हित की सूचनाएं जो इस एक्ट में दी गई हैं की सूचना नहीं दी जाती है।

संविधान (86वाँ संशोधन) एक्ट 2002 ने भारत के संविधान में आर्टिकल 21-A जोड़ा है जिसमें 8-14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का मूल अधिकार दिया गया है। संसद द्वारा निःशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार एक्ट 2009 पास किया गया था। आर्टिकल 21-A तथा RTE 1 अप्रैल, 2010 से प्रभाव में आये।

इसमें सम्बन्धित सरकारों, क्षेत्रीय प्राधिकारियों तथा माता-पिता के कर्त्तव्यों तथा जिम्मेवारियों को चिन्हित किया गया है। इसमें PTR, आधारभूत सुविधाओं, विद्यालय पढ़ाई के दिनों, आचार्यों के पढ़ाने के घण्टों के मानदण्ड तथा स्तर तय किये गये हैं। प्राइवेट स्कूल को 25% प्रवेश RTE के तहत देने होते हैं।

 Internet and Computer 

Internet and computer both are modern technologies. They are supplementary to each other. Internet is an international network for worldwide web of computers to exchane a variety of information and communication through various modes.

A computer is an electronic device which is capable of receiving information (data) in a particular form. It performs operations as per the predetermined but variable set of procedural instructions (program). It produces results in the form of information or signals.

Internet is very useful. Any verbal and visual information can be downloaded to suit your purpose. Online applications for jobs can be submitted. Results are declared and available on internet. Tickets are booked online. Banking transactions are performed on netbanking. Emails, messages etc. are sent on internet.

Computer uses hardwares and softwares. Computer can store billions of information in its memory. Computers can do fast computations. Any software programmes can be installed in a computer. Thus, internet and computer are the wonderful inventions of science.

इन्टरनेट तथा कम्प्यूटर

इन्टरनेट तथा कम्प्यूटर दोनों आधुनिक तकनीकें हैं। दोनों एक-दूसरे की पूरक हैं। इन्टरनेट, विश्व-भर के कम्प्यूटरों के जाल का अन्तर्राष्ट्रीय नेटवर्क है जो विभिन्न स्वरूपों में अनेक प्रकार की सूचना तथा संचार की अदला-बदली करता है। यह पूर्वनिर्धारित किन्तु विभिन्न प्रक्रिया-निर्देशों के अनुरूप कार्य करता है। यह सूचना या सिग्नल के रूप में विषय-वस्तु प्रदर्शित करता है।

इन्टरनेट बहुत उपयोगी है। कोई भी शाब्दिक तथा चित्रात्मक सूचना को अपने उद्देश्यानुरूप डाउनलोड किया जा सकता है। जॉब्स/रोजगार का ऑनलाइन प्रार्थना-पत्र भेजा जा सकता है। परिणाम, इन्टरनेट पर घोषित किये जाते हैं व उपलब्ध होते हैं। ऑनलाइन टिकिट बुकिंग की जा सकती है। नेटबैंकिंग से बैंकिंग ट्रैन्जैक्शन्ज/कार्य किये जाते हैं। ईमेल, संदेश आदि इन्टरनेट पर भेजे जाते हैं। कम्प्यूटर, हार्डवेअर्स तथा सॉफ्टवेअर्स का प्रयोग करता है । कम्प्यूटर अपनी मेमोरी में अरबों सूचनाएँ एकत्रित कर सकता है । कम्प्यूटर तेज गणनाएँ कर सकते हैं । कम्प्यूटर में सॉफ्टवेअर प्रोग्राम को डाला जा सकता है। अतः इन्टरनेट तथा कम्प्यूटर विज्ञान के अद्भुत चमत्कार हैं।

Consumer Rights.

15 March has been observed as the National Consumers’ Day in India since 1989. Blemish services were being provided so the govt. legislated COPRA in 1986. This Act provides for three tier machinery District Forum, State Commission and National Commission to dispose of cases within a given time frame. Protection is given against anti-consumer trade practices-adulteration, sub-standard quality, fractional weights and measures, overcharging, misleading claims in ads etc.

A simple complain application can be filed in an appropriate consumer court with documents. The court sends it to the opposite party which have to reply within 30 days. If the complain is found valid, the opposite party can be directed to remove the defect or replace the goods with new one or refund the amount paid or remove the deficiencies in service or pay compensation for loss or suffering caused.
Fines may be levied. Frivolous complaints are discouraged.Consumers have rights to buy best goods and services, to bargain on the printed price, to complain for the poor or defective goods and services.

उपभोक्ता के अधिकार 

15 मार्च को भारत में 1989 से ही राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। दोषपूर्ण सेवाएँ दी जा रही थीं इसलिए सरकार ने 1986 में कन्ज्यूमर पँटेक्शन एक्ट (COPRA) अधिनियमित किया। अधिनियम त्रिस्तरीय रचना की व्यवस्था करता है-जिला उपभोक्ता मंच, राज्य उपभोक्ता आयोग तथा राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग जो एक निश्चित समयावधि में विवाद निपटाते हैं। उपभोक्ता विरोधी व्यापार गतिविधियों जैसे मिलावट, निम्न क्वॉलॅटी, कम तौल व माप, अत्यधिक वसूली, विज्ञापनों में भ्रामक दावे आदि के विरुद्ध संरक्षण दिया जाता है।

उचित उपभोक्ता न्यायालय में एक साधारण शिकायती प्रार्थना-पत्र दस्तावेजों सहित पेश किया जा सकता है। कोर्ट इसे सम्बन्धित पार्टी को भेजता है जिसे 30 दिवस में उत्तर देना होता है। यदि शिकायत को वैध पाया जाता है तो विरोधी पार्टी को दोष दूर करने या दोषपूर्ण सामान के बदले नया सामान देने या दी गई राशि को वापिस करने या सेवा की कमी को दूर करने या नुकसान या कष्ट की भरपाई करने का निर्देश दिया जा सकता है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है। झूठी शिकायतों को हतोत्साहित किया जाता है। उपभोक्ताओं को श्रेष्ठ वस्तु व सेवा खरीदने का अधिकार है, छपी कीमत पर मोल-तौल करने का अधिकार है, निम्न या दोषपूर्ण वस्तु व सेवा के विरुद्ध शिकायत का अधिकार है।

Biodiversity in India 

Biodiversity refers to the importance of a wide variety of plants and animals that live in the world. We’ll have to maintain it for the environment and the mankind. Owing to air, water and land pollution on earth, it is becoming difficult to maintain biodiversity. A number of species have become extinct.

India has forests, wetlands and marine areas. It has tropical rain forest to alpine vegetation, from temperature forests to coastal wetlands, river plains, high plateaus, rivers etc. There are 47,000 species of plants and 81,000 species of animals. This is 7% of global flora and 6.5% of global fauna. India has 372 different mammals (rated 8th highest in the world), 1228 species of birds (8th in the world), 428 species of reptiles (5th in the world). India has 50,000 species of insects including 13,000 butterflies and moths.

We should maintain flora and fauna. We should grow more and more trees. We should not cut green trees. We should not kill animals. We must reduce air, water and land pollution. Govt. has made wild life reserves and tiger reserves. Govt. has banned cutting of forests. More and more trees are being grown in desert areas.

भारत में जैव विविधता 

जैव विविधता विश्व में अस्तित्व में रह रही वनस्पति तथा जानवरों की भिन्नताओं के अत्यधिक महत्त्व का उल्लेख करती है। हमें पर्यावरण तथा मानवता के लिए इसे बनाये रखना होगा। वायु, जल तथा भूमि प्रदूषण के कारण जैव विविधता को बनाये रखना कठिन हो रहा है। अनेक प्रजातियां विलुप्त हो चुकी हैं।

भारत में वन, दलदल तथा समुद्र तट हैं। इसमें उष्ण वर्षा वनों से लेकर उच्च पर्वतीय वनस्पति है, तापीय वनों से तटीय दलदल है, नदी-मैदान हैं, उच्च पथरीला है, नदियाँ आदि हैं। पादपों की 47,000 प्रजातियाँ हैं तथा जानवरों की 81,000 प्रजातियाँ हैं । यह वैश्विक वनस्पति का 7% तथा वैश्विक पशुओं का 6.5% है। भारत में 372 प्रकार के स्तनधारी (विश्व में 8 नंबर पर), 1,228 प्रजातियाँ पक्षियों की (विश्व में 8 नंबर पर), 428 प्रजातियाँ रेंगने वाले जीवजन्तुओं की (विश्व में 5 नम्बर पर) हैं। भारत में कीटों की 50,000 प्रजातियाँ हैं इनमें 13,000 तितलियों व पतंगों की हैं।

हमें वैश्विक वनस्पति और वैश्विक पशुओं को बनाए रखना चाहिए। हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए। हमें हरे वृक्ष नहीं काटने चाहिए। हमें जानवरों को नहीं मारना चाहिए। हमें वायु, जल तथा भूमि प्रदूषण कम करना चाहिए। सरकार ने वन्यजीव अभयारण्य तथा टाइगर रिजर्व बनाये हैं । सरकार ने वनों की कटाई पर पाबंदी लगा दी है। मरुस्थल में अधिकाधिक वृक्ष लगाये जा रहे हैं।

अधिनियम त्रिस्तरीय रचना की व्यवस्था करता है-जिला उपभोक्ता मंच, राज्य उपभोक्ता आयोग तथा राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग जो एक निश्चित समयावधि में विवाद निपटाते हैं। उपभोक्ता विरोधी व्यापार गतिविधियों जैसे मिलावट, निम्न क्वॉलॅटी, कम तौल व माप, अत्यधिक वसूली, विज्ञापनों में भ्रामक दावे आदि के विरुद्ध संरक्षण दिया जाता है। उचित उपभोक्ता न्यायालय में एक साधारण शिकायती प्रार्थना-पत्र दस्तावेजों सहित पेश किया जा सकता है। कोर्ट इसे सम्बन्धित पार्टी को भेजता है जिसे 30 दिवस में उत्तर देना होता है। 

यदि शिकायत को वैध पाया जाता है तो विरोधी पार्टी को दोष दूर करने या दोषपूर्ण सामान के बदले नया सामान देने या दी गई राशि को वापिस करने या सेवा की कमी को दूर करने या नुकसान या कष्ट की भरपाई करने का निर्देश दिया जा सकता है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है। झूठी शिकायतों को हतोत्साहित किया जाता है। उपभोक्ताओं को श्रेष्ठ वस्तु व सेवा खरीदने का अधिकार है, छपी कीमत पर मोल-तौल करने का अधिकार है, निम्न या दोषपूर्ण वस्तु व सेवा के विरुद्ध शिकायत का अधिकार है।

Biodiversity in India 

Biodiversity refers to the importance of a wide variety of plants and animals that live in the world. We’ll have to maintain it for the environment and the mankind. Owing to air, water and land pollution on earth, it is becoming difficult to maintain biodiversity. A number of species have become extinct.

India has forests, wetlands and marine areas. It has tropical rain forest to alpine vegetation, from temperature forests to coastal wetlands, river plains, high plateaus, rivers etc. There are 47,000 species of plants and 81,000 species of animals. This is 7% of global flora and 6.5% of global fauna. India has 372 different mammals (rated 8th highest in the world), 1228 species of birds (8th in the world), 428 species of reptiles (5th in the world). India has 50,000 species of insects including 13,000 butterflies and moths.

We should maintain flora and fauna. We should grow more and more trees. We should not cut green trees. We should not kill animals. We must reduce air, water and land pollution. Govt. has made wild life reserves and tiger reserves. Govt. has banned cutting of forests. More and more trees are being grown in desert areas.

भारत में जैव विविधता 

जैव विविधता विश्व में अस्तित्व में रह रही वनस्पति तथा जानवरों की भिन्नताओं के अत्यधिक महत्त्व का उल्लेख करती है। हमें पर्यावरण तथा मानवता के लिए इसे बनाये रखना होगा। वायु, जल तथा भूमि प्रदूषण के कारण जैव विविधता को बनाये रखना कठिन हो रहा है। अनेक प्रजातियां विलुप्त हो चुकी हैं।

भारत में वन, दलदल तथा समुद्र तट हैं। इसमें उष्ण वर्षा वनों से लेकर उच्च पर्वतीय वनस्पति है, तापीय वनों से तटीय दलदल है, नदी-मैदान हैं, उच्च पथरीला है, नदियाँ आदि हैं। पादपों की 47,000 प्रजातियाँ हैं तथा जानवरों की 81,000 प्रजातियाँ हैं । यह वैश्विक वनस्पति का 7% तथा वैश्विक पशुओं का 6.5% है। भारत में 372 प्रकार के स्तनधारी (विश्व में 8 नंबर पर), 1,228 प्रजातियाँ पक्षियों की (विश्व में 8 नंबर पर), 428 प्रजातियाँ रेंगने वाले जीवजन्तुओं की (विश्व में 5 नम्बर पर) हैं। भारत में कीटों की 50,000 प्रजातियाँ हैं इनमें 13,000 तितलियों व पतंगों की हैं।

हमें वैश्विक वनस्पति और वैश्विक पशुओं को बनाए रखना चाहिए। हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए। हमें हरे वृक्ष नहीं काटने चाहिए। हमें जानवरों को नहीं मारना चाहिए। हमें वायु, जल तथा भूमि प्रदूषण कम करना चाहिए। सरकार ने वन्यजीव अभयारण्य तथा टाइगर रिजर्व बनाये हैं । सरकार ने वनों की कटाई पर पाबंदी लगा दी है। मरुस्थल में अधिकाधिक वृक्ष लगाये जा रहे हैं।

20. Essay Writing Descriptive Essays