5 The Happy Prince

• पाठ के विषय में-प्रसन्न राजकुमार एक सुन्दर प्रतिमा थी। वह स्वर्ण से आच्छादित था, उसकी आँखों के लिए नीलम था और उसकी तलवार में एक लाल मणि थी। वह अपने सारे स्वर्ण जो उसके पास था और अपने कीमती पत्थरों का साथ छोड़कर क्यों जाना चाहता था?

कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद 

  1. High above……………………..is raining.

‘ कठिन शब्दार्थ : column (कॉलम्) = स्तंभ, statue (स्टैचू) = प्रतिमा, gilded (गिल्ड्ड ) = सोना चढ़ी, sapphires (सैफाइअ(र)ज) = नीलम, ruby (रूबि) = लालमणि, glowed (ग्लोड) = चमका, sword (सॉड्) = तलवार, hilt (हिल्ट्) = मूठ, swallow (स्वॉलो) = अबाबील पक्षी, put up (पुट् अप्) = ठहरना, alighted (अलाइट्ड) = उतरा, curious (क्युअरिअस्) = विचित्र।

हिन्दी अनुवाद-नगर के एक भाग में ऊँचे स्तम्भ पर हैप्पी प्रिंस की मूर्ति स्थापित थी। उसके सम्पूर्ण  ‘मैं कहाँ ठहरूँगा?’ उसने कहा, ‘मुझे आशा है कि नगर ने तैयारियाँ कर ली हैं।’ फिर उसे एक ऊँचे स्तम्भ पर लगी मूर्ति दिखाई दी। ‘मैं यहीं पर रात बिता लूँगा’, वह चीखा। ‘यह अच्छा स्थान है, ढेर-सी ताजा हवा है।

इस कारण वह हैप्पी प्रिंस की टाँगों के ठीक बीच में उतरकर आ गया। “मेरे पास एक सुनहरा शयनकक्ष है”, उसने चारों ओर दृष्टि दौड़ाकर मंद स्वर में स्वयं से कहा, तथा सोने की तैयारी करने लगा; पर जब वह अपने पंखों के नीचे अपना सिर रखने वाला था कि एक बड़ी-सी बूंद उस पर आ गिरी। ‘कितनी विचित्र बात है!’ वह बोला, ‘आकाश में एक भी बादल का टुकड़ा नहीं है; सितारे भी बिल्कुल साफ और चमकदार हैं, और फिर भी वर्षा हो रही है।’ 

2. Then another drop…………………..cannot move.

कठिन शब्दार्थ : determined (डिटमिन्ड) = दृढ़ निश्चयी, drenched (ड्रेन्च्ट) = तर-बतर कर दिया, misery (मिजरि) = दुःख, lead (लेड्) = सीसा, polite (पलाइट) = विनम्र, pricked (प्रिक्ट) = सुई चुभे, coarse (कॉस्) = खुरदरे, seamstress (सीम्स्ट्रे स) = दरजिन, embroidering (इमब्रॉइड्(र)ङ्) = कढ़ाई करते, pedestal (पेडिस्ट्ल ) = स्तम्भ।

हिन्दी अनुवाद-तभी एक और बूंद उस पर टपकी।

‘ऐसी मूर्ति का क्या उपयोग यदि यह वर्षा से बचाव नहीं दे सकती?’ वह बोला। ‘मुझे किसी चिमनी के ऊपरी भाग को खोजना होगा, और उसने उड़ जाने का निर्णय लिया। पर उसके पंख खुलने से पूर्व ही एक तीसरी बूंद उस पर आ गिरी, और उसने ऊपर की ओर दृष्टि की तथा देखा – आह! उसने कैसा दृश्य देखा? हैप्पी प्रिंस की आँखें आँसुओं से तर थीं तथा उसके सुनहरे गालों पर से आँसू नीचे बह रहे थे। उसका चेहरा चाँदनी में इतना सुन्दर दिख रहा था कि छोटे से अबाबील पक्षी को उस पर दया आ गई। “तुम कौन हो?” उसने कहा। “मैं हैप्पी प्रिंस हूँ।” “फिर तुम रो क्यों रहे हो?” अबाबील ने पूछा। “तुमने तो मुझे भिगो ही दिया।”

“जब मैं जीवित था तथा मेरे अन्दर एक मानवी हृदय था,” मूर्ति ने उत्तर दिया, “मुझे नहीं पता था कि आँसू क्या चीज हैं; क्योंकि मैं तो राजमहल में रहता था जहाँ दु:ख-दर्द को कभी प्रवेश नहीं दिया जाता। मेरे दरबारीगण मुझे हैप्पी प्रिंस कहा करते थे, तथा सचमुच मैं हैप्पी था। इस प्रकार मैं रहा तथा इसी दशा में मेरी मृत्यु हो गई। और अब जब मैं मर चुका हूँ उन लोगों ने मुझे यहाँ इतनी ऊँचाई पर रख दिया है कि मैं अपने नगर की सारी कुरूपता तथा दरिद्रता देख सकता हूँ, और यद्यपि मेरा हृदय सीसा धातु से बना है फिर भी मैं रोने के अलावा कुछ नहीं कर सकता।”

“क्या! क्या यह ठोस सोने का नहीं है?” अबाबील पक्षी स्वयं से बोला। यह इतना विनयशील था कि उसने कोई टिप्पणी मूर्ति के बारे में नहीं की। “बहुत दूर”, मूर्ति ने अपनी मंद मधुर आवाज में कहना जारी रखा, “दूर एक छोटी तंग गली में एक निर्धन का घर है। उसके घर की एक खिड़की खुली है तथा उसमें से मैं एक महिला को मेज पर बैठे देख सकता हूँ। उसका चेहरा पतला तथा सिकुड़ा है, तथा उसके हाथ भद्दे और लाल हैं, वे सुई से बिंधे हुए हैं क्योंकि वह एक दर्जिन है।

वह एक साटन से बने गाउन पर फूल काढ़ रही है जो रानी की परिचारिका का है, वह यह गाउन अगले शाही नृत्य में पहनेगी। कमरे के एक कोने में उसका छोटा-सा बेटा बीमार पड़ा है। उसे ज्वर है, तथा वह अपनी माँ से संतरे माँग रहा है। माँ के पास नदी का जल देने के अलावा कुछ भी नहीं है, इसलिए बच्चा रो रहा है। अबाबील, क्या तुम उसके पास मेरी तलवार की मूठ से निकालकर लालमणि नहीं पहुँचा दोगे? मेरी टाँगें तो इस स्तम्भ से बंधी हैं और मैं हिल भी नहीं सकता।” 

3. “I am waited…………………………….church steeple. 

कठिन शब्दार्थ : lotus (लोट्स) = कमल, messenger (मेसिन्ज(र)) = संदेशवाहक/दूत, beak (बीक् ) = चोंच, sculptured (स्कल्पचॅ(र)ड) = निर्मित किये, balcony (बैलकनि) = छज्जा, masts (मास्ट्स) = मस्तूल, tossing (टॉस्ङ्) = करवट बदलना, feverishly (फीवरिश्लि) = उत्तेजित होकर, thimble (थिम्बल) = अंगुरताना, sank into (सैङ्क् इनटू) = डूब गया, delicious (डिलिशस्) = स्वादिष्ट/सुगन्धित, slumber (स्लम्ब(र)) = गहरी नींद, prospect (प्रॉस्पेक्ट) = आसार, monuments (मॉन्युमॅन्ट्स) = स्मारक, steeple (स्टीप्ल) = चर्च की मीनार का नुकीला शिखर।

हिन्दी अनुवाद-“मिस्र में मेरी प्रतीक्षा की जा रही है”, अबाबील बोला। “मेरे मित्र नील नदी पर उड़ रहे हैं तथा विशाल कमल के फूलों से बातें कर रहे हैं। शीघ्र ही वे सोने चले जाएंगे।” प्रिंस ने पक्षी से कहा कि एक रात रुक जाए और उसका संदेशवाहक बन जाए। “वह बालक इतना प्यासा है और उसकी माँ कितनी उदास है,” वह बोला। “मुझे बालक पसन्द नहीं है,” अबाबील बोला, “मैं तो मित्र जाना चाहता हूँ।”

पर हैप्पी प्रिंस इतना उदास दिखाई दिया कि छोटा अबाबील पक्षी भी उदास हो गया।”यहाँ तो बहुत ठंड है,” वह बोला। पर वह प्रिंस के पास एक रात रुकने को राजी हो गया तथा उसका संदेशवाहक बन गया। “धन्यवाद, छोटे पक्षी,” प्रिंस बोला। अबाबील ने प्रिंस की तलवार से विशाल मणिक निकाली तथा उसे चोंच में दबाकर नगर की छतों के ऊपर लेकर उड़ गया। वह गिरजाघर की मीनार के पास से गुजरा जिस पर सफेद संगमरमर में देवगण खुदे हुए थे। वह महल के पास से गुजरा तथा उसने नृत्य का शोर सुना। एक सुन्दर लड़की छज्जे पर अपने प्रेमी के साथ आ गई।

“मुझे आशा है कि मेरी ड्रेस शाही नृत्य समारोह पर पहनने के लिए समय पर तैयार हो जाएगी,” वह बोली। “मैंने उस पर फूल काढ़ने को कह रखा है, पर दर्जिनें भी बहुत आलसी होती हैं।” वह नदी के ऊपर से उड़ा, तथा उसने जलपोतों के मस्तूलों के ऊपर लालटेनें लटकती देखीं। अंत में वह गरीब महिला के घर पर पहुँचा तथा उसने झांका। बालक अपने बिस्तर पर बेचैनी से करवटें बदल रहा था, और उसकी माँ सो गई थी क्योंकि वह बहुत थकी थी।

पक्षी अन्दर फुदककर चला गया तथा महिला की अंगुली पर पहनने वाली कैप के बगल में मेज पर वह विशाल लालमणि रख दी। फिर वह हल्के से पलंग के ऊपर उड़ा तथा अपने पंखों से उसने बालक के माथे पर हवा की।”अब मैं कितनी ठंडक महसूस कर रहा हूँ,” बालक बोला। “मैं अवश्य ही अब स्वस्थ हो रहा हूँगा,” तथा वह मधुर नींद में चला गया।

इसके पश्चात् पक्षी हैप्पी प्रिंस के पास उड़कर वापस आ गया तथा उसे बताया कि उसने क्या काम किया था। “यह विचित्र बात है,” वह बोला, “पर मैं काफी उष्ण महसूस कर रहा हूँ यद्यपि इतनी सर्दी है।”
“इसका कारण यह है कि तुमने एक नेक काम किया है,” प्रिंस बोला। और छोटा पक्षी सोच में पड़ गया, तथा फिर सो गया। सोच-विचार करने पर उसे सदैव नींद आ जाती थी।

जब दिन निकला, वह उड़कर नदी पर गया तथा उसने स्नान किया। ‘आज रात मैं मिस्र जाऊँगा,’ पक्षी बोला, तथा इस विचार से वह उल्लासित हो गया। उसने सभी स्मारकों का परिभ्रमण किया तथा गिरजाघर की छत पर बनी मीनार पर भी काफी समय तक बैठा रहा। 

4. When the moon…………………….he said. 

कठिन शब्दार्थ : commissions (कॅमिश्न्ज ) = विशिष्ट कार्य, garret (गै(र)ट्) = अटारी, withered (विद(र)ड्) = सूखे, violets (वाइअलॅट्स) = नीलाभ बैंगनी रंग के फूल वाला पौधा, crisp (क्रिस्प) = खुश्क, pomegranate (पॉमिनिट) = अनार, grate (ग्रेट) = अंगीठी की जाली में, sapphires (सैफाइअ(र)ज) = नीलम।।

हिन्दी अनुवाद-जब चाँद निकला, तो वह उड़कर हैप्पी प्रिंस के पास पहुँचा। “क्या आप मेरे द्वारा मिस्र में कोई काम करवाना चाहते हैं?” वह बोला। “मैं यहाँ से प्रस्थान करने वाला
“अबाबील, अबाबील, छोटे अबाबील,” प्रिंस बोला। “क्या तुम मेरे पास एक रात और ठहर सकते हो?”
“मिस्र में मेरी प्रतीक्षा की जा रही है,” अबाबील ने उत्तर दिया।

“अबाबील, अबाबील, छोटे अबाबील,” प्रिंस बोला, “नगर के उस सुदूर छोर पर मुझे एक युवक अटारी में बैठा दिखाई दे रहा है। यह अपनी डेस्क के ऊपर पड़े कागजों पर झुका हुआ है, तथा उसके बगल में रखे गिलास में मुरझाए नीले फूलों का गुच्छा रखा है। उसके बाल भूरे तथा सख्त हैं, तथा उसके होंठ अनार की भाँति लाल हैं, और उसकी आँखें बड़ी तथा स्वप्निल हैं।

वह थियेटर के डायरेक्टर के लिए एक नाटक समाप्त करने में जुटा है, पर उसे इतनी ठंड लग रही है कि वह आगे लिखने में असमर्थ है। अंगीठी के ऊपर वाली जाली में कोई आग नहीं है तथा भूख के कारण वह कमजोर हो गया है।”
“मैं तुम्हारे साथ एक रात और ठहरूँगा,” पक्षी बोला जिसका दिल वास्तव में बहुत नेक था। उसने पूछा “क्या मैं उस युवा नाटककार के लिए दूसरी लालमणि ले जाऊँ।”

“अफसोस! मेरे पास अब दूसरी लालमणि नहीं है,” प्रिंस ने बताया। “मेरे पास अब मेरी आँखें बची हैं। ये दुर्लभ नीलमों से बनी हैं, जिन्हें भारत से एक हजार वर्ष पूर्व लाया गया था।” उसने पक्षी को आदेश दिया कि एक आँख की नीलमणि निकाल लो तथा नाटककार को पहुँचा दो।”वह इसे किसी जौहरी को बेच देगा तथा अपने लिए ईंधन खरीद लेगा, और अपना नाटक पूरा कर लेगा,” वह बोला। 

5. “Dear Prince………………………beat her.”

कठिन शब्दार्थ : plucked out (प्लकट आउट) = निकाल ली, darted (डाट्ड) = तेजी से गया, buried (बेरिड) = ढका हुआ होना, flutter (फ्लट(र)) = फड़फड़ाहट, appreciated (अप्रीशिएड) = प्रशंसा की, admirer (अड्माइअर(र)) = प्रशंसक, harbour (हाब(र)) = बंदरगाह, vessel (वेस्ल) = जहाज, palm (पाम्) = ताड़ वृक्ष, crocodiles (क्रॉकडाइल्ज) = मगरमच्छ।

हिन्दी अनुवाद-“प्रिय प्रिंस,” अबाबील बोला। “मैं यह काम नहीं कर सकता,” और वह रोने लगा। “अबाबील पक्षी,” प्रिंस बोला, “वैसा ही करो जैसा मैं कहता हूँ।” इसलिए पक्षी ने प्रिंस की आँख से नीलमणि निकाल ली तथा विद्यार्थी की अटारी की दिशा में उड़ चला। यहाँ प्रवेश करना बहुत आसान था, क्योंकि छत में एक छेद था। इस छेद से वह अन्दर घुस गया तथा कमरे में पहुँच गया। नवयुवक अपना सिर अपनी हथेलियों में रखे हुए था, इस कारण उसे पक्षी के पंखों की फड़फड़ाहट सुनाई नहीं दी, तथा जब उसने दृष्टि ऊपर उठाई तो मुरझाए फूलों पर उसे सुन्दर नीलमणि रखी दिखाई दी।

“लगता है लोग अब मेरी प्रशंसा करने लगे हैं,” वह चीखा। “यह नीलम भी किसी प्रशंसक ने दिया होगा। अब मैं अपना नाटक पूरा कर सकता हूँ,” तथा वह काफी खुश दिखाई दिया। अगले दिन पक्षी बंदरगाह पहुँच गया। वह एक विशाल जलपोत के मस्तूल के सिरे पर बैठ गया तथा नाविकों को काम करते देखता रहा। “मैं मिस्त्र जा रहा हूँ,” वह चिल्लाया, पर किसी ने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया और जब चन्द्रमा निकला तो वह हैप्पी प्रिंस के पास वापस पहुंच गया।

“मैं अब तुमसे विदा लेने आया हूँ,” वह बोला।
“अबाबील, अबाबील, छोटे अबाबील,” प्रिंस ने कहा, “क्या तुम मेरे पास एक रात और नहीं ठहर सकते?”
“शीत ऋत आ गई है,” पक्षी ने उत्तर दिया, “तथा शीघ्र ही यहाँ हिमपात होने लगेगा। मिस्र में हरे ताड के वृक्षों पर सूर्य का ताप है, तथा मगरमच्छ वहाँ मिट्टी में पड़े रहते हैं और सुस्ती से चारों ओर देखते रहते
“नीचे चौकोर मैदान में,” हैप्पी प्रिंस ने बताया, “यहाँ एक माचिस बेचने वाली लड़की खड़ी है। उसने अपनी माचिसें नाले में गिरा दी हैं तथा सारी माचिसें खराब हो गई हैं। उसके पिता उसे पीटेंगे यदि वह कुछ पैसों के बिना घर लौटती है, तथा वह रो रही है। उसकी टाँगों में न जुराबें हैं, न ही जूते, और उसका सिर भी नंगा है। मेरी दूसरी आँख नोच लो तथा उस लड़की को दे दो, फिर उसका पिता उसे नहीं पीटेगा।” 

6. “I will………………………..they cried. 

कठिन शब्दार्थ : swooped past (स्वूप्ट पास्ट्) = तेजी से पास से गुजरा, marvellous (मावलस्) = आश्चर्यजनक, listlessly (लिस्ट्ल स्लि ) = निरुत्साह से, archway (आच्वे) = मेहराबदार द्वार ।
हिन्दी अनुवाद-“मैं तुम्हारे पास एक रात और ठहरूँगा,” पक्षी बोला, “पर मैं तुम्हारी आँख नहीं नोच सकता। फिर तो तुम अंधे हो जाओगे।” “अबाबील, अबाबील, छोटे अबाबील,” प्रिंस बोला, “मेरे आदेश का पालन करो।”

अतः उसने प्रिंस की दूसरी आँख भी निकाल ली तथा उसे लेकर उड़ चला। माचिस वाली लड़की के पास से वह गुजरा तथा उसकी हथेली पर वह नीलमणि रख दी। “यह शीशा कितना सुन्दर है!” छोटी लड़की बोली, और वह हँसती हुई घर की ओर दौड़ चली।

फिर पक्षी प्रिंस के पास लौट आया। “तुम अब दृष्टिहीन हो गए हो,” वह बोला, “इसलिए मैं अब सदा ही तुम्हारे पास रहूँगा।”
“नहीं, छोटे अबाबील,” बेचारे प्रिंस ने कहा, “तुम अवश्य मिस्र जाओ।” “नहीं, मैं सदैव ही तुम्हारे पास बना रहूँगा,” पक्षी बोला, तथा वह प्रिंस के पाँवों के पास सो गया। दूसरे दिन सारा समय वह प्रिंस के कंधों पर सवार रहा, तथा उसे वह उन अजनबी स्थानों के बारे में कहानियाँ सुनाता रहा जिन्हें उसने देखा था।

“प्रिय छोटे अबाबील,” राजकुमार ने कहा, “तुम मुझे बहुत आश्चर्यजनक बातें बता रहे हो, लेकिन पुरुषों एवं स्त्रियों (लोगों) की परेशानियाँ किसी भी अन्य बात से अधिक आश्चर्यजनक हैं। कोई भी रहस्य इतना बड़ा नहीं है जितनी कि गरीबी (तंगहाली)। मेरे नगर के ऊपर उड़ो, छोटे अबाबील, और जो कुछ तुम वहाँ देखो, मुझे बतलाओ।”

इसलिए पक्षी उस विशाल नगर के ऊपर उड़ा तथा उसने धनी लोगों को अपने सुन्दर घरों में मौज-मस्ती करते देखा जबकि भिखारी उन घरों के दरवाजों पर बैठे हुए थे। वह अंधेरी गलियों में उड़कर गया तथा उसने भूखे बच्चों के रक्तहीन चेहरों को देखा जो शांत शिथिल भाव से अंधेरी सड़कों को निहार रहे थे। पुल के अर्ध वृत्ताकार मेहराब के नीचे दो छोटे बालक एक-दूसरे की बांहों में लिपटे पड़े थे ताकि गर्मी महसूस कर लें। “हमें बहुत भूखं लगी है,” वे बोले। “यहाँ मत लेटो,” पहरेदार चिल्लाया, और वे बालक वर्षा में बाहर निकल गए।

तत्पश्चात् पक्षी वापस लौटा तथा उसने प्रिंस को वह सब कुछ बताया जो उसने देखा था। “मेरा शरीर सोने के पत्तर से ढका हुआ है,” प्रिंस बोला। “तुम इसे पत्ता-पत्ता करके निकाल लो तथा उसे निर्धनों में बाँट दो, जीवित प्राणी सदैव यह सोचते हैं कि स्वर्ण उन्हें खुशी दे सकता है।” टुकड़े-टुकड़े पत्तर पक्षी ने उखाड़ लिए, एक समय ऐसा आया जब प्रिंस नीरस तथा काला दिखने लगा। सोना जाकर उसने गरीबों में बाँटा तथा बच्चों के चेहरे गुलाबी हो गए, वे सड़क पर हँसने-खेलने लगे।”अब हमारे पास खाने को रोटी है!” वे चीखकर कहने लगे। 

7. Then the snow…………………………..the suggestion. 

कठिन शब्दार्थ : wore (वो(र)) = पहनी थी, scarlet (स्कालट) = सिंदूरी रंग की, skated (स्केट्ड) = बर्फ पर फिसलने का खेल, crumbs (क्रम्ज) = बहुत छोटे-छोटे टुकड़े, baker (बेक(र)) = नानबाई (केक, ब्रेड, बिस्कुट आदि बनाने वाला), flapping (फ्लैप्ङ्) = फड़फड़ाते हुए, crack (क्रैक्) = दरार, snapped (स्नैप्ट) = टूटना, dreadfully (डेड्क्ल ) = अत्यधिक, shabby (शैबि) = बुरी हालत में, proclamation (प्रॉक्लमेश्न्) = सार्वजनिक घोषणा।।

हिन्दी अनुवाद-फिर बर्फ गिरने लगी तथा बर्फ के बाद तुषारापात हुआ। सड़कें ऐसी दिखने लगीं मानो वे चाँदी से बनी हों। हर व्यक्ति ऊनी वस्त्र पहनकर घूमने लगा तथा छोटे बालकों ने लाल रंग की टोपियाँ पहनी और बर्फ पर स्केटिंग करने लगे। बेचारे छोटे अबाबील पक्षी को अधिकाधिक ठण्ड लगी, पर उसने प्रिंस का साथ नहीं छोड़ा, उसे इतना प्यार करने लगा था जब रोटी पकाने वाले दूसरी ओर देख रहे होते तो पक्षी उनके दरवाजे के बाहर पड़े रोटी के टुकड़े उठा लेता और अपने पंखों को फड़फड़ाकर स्वयं को गर्म रखने की कोशिश करता।

पर अंत में उसे पता चल गया कि उसकी मौत निकट आ गई है। उसके पास मात्र इतनी शक्ति बची थी कि वह उड़कर प्रिंस के कंधे पर एक बार बैठ सके। “अलविदा, प्रिय प्रिंस!” वह बुदबुदाया। “क्या तुम मुझे अपना हाथ चूमने दोगे?” “मुझे खुशी है कि तुम अब मिस्र जा रहे हो, छोटे पक्षी,” प्रिंस बोला। “तुम यहाँ बहत लम्बे समय तक ठहरे रहे पर तुम मुझे होंठों पर चूम लो, क्योंकि मैं तुम्हें प्यार करता हूँ।”

“मैं मिस्र नहीं जा रहा,” पक्षी बोला। “मैं तो यमराज के घर जा रहा हूँ। मौत नींद का भाई होता है, है न?” और उसने हैप्पी प्रिंस के होंठों को चूमा, तथा उसके पैरों पर निर्जीव होकर गिर गया। उस क्षण एक विचित्र टूटने की आवाज मूर्ति के अन्दर से आई, मानो कोई चीज टूट गई हो। तथ्य यह है कि प्रिंस का सीसे का बना हृदय बीच से टूट गया था।

बहुत भयानक पाला जो पड़ रहा था। दूसरी प्रात: तड़के ही मेयर नगर परिषद के सदस्यों के साथ नीचे मैदान में सैर कर रहा था। जब वे स्तम्भ के पास से गुजरे तो मेयर ने आँख उठाकर मूर्ति को देखा। “हे भगवान! हैप्पी प्रिंस कितना भद्दा लग रहा है!” वह बोला। “बहुत ही भद्दा, सचमुच!” नगर पार्षदों ने कहा जो मेयर की बात से सदा सहमत रहते थे तथा वे सभी मूर्ति को देखने ऊपर गए।

“उसकी तलवार में जड़ी लालमणि गिर चुकी है, उसकी आँखों की मणियाँ भी गायब हैं और मूर्ति के शरीर पर अब स्वर्ण पत्तर भी नहीं रहा,” मेयर बोला। “वास्तव में यह तो अब कोई भिखारी जैसा दिख रहा है।”
“भिखारी से बेहतर नहीं,” नगर पार्षदों ने कहा। “और इसकी टाँगों के पास एक मृत पक्षी भी पड़ा है।” मेयर बोलता रहा। “हमें एक घोषणा कर देनी चाहिए कि पक्षियों को यहाँ मरने की अनुमति नहीं है।” और नगर क्लर्क ने इस सुझाव को नोट कर लिया। 
8. So they. ………..praise me.

कठिन शब्दार्थ : melted (मेल्ट्ड) = पिघलाया, furnace (फनिस्) = भट्टी (एक विशाल, बहुत गर्म, घेरे के अन्दर की आग), overseer (ओवसीअ(र)) = निरीक्षक, foundry (फाउन्ड्रि) = ढलाईघर।

हिन्दी अनुवाद-इस तरह उन लोगों ने हैप्पी प्रिंस की मूर्ति को उतार लिया। “चूँकि मूर्ति अब सुन्दर नहीं रही, इसलिए वह अब उपयोगी भी नहीं रही,” विश्वविद्यालय के कला प्रोफेसर ने कहा। फिर उन लोगों ने मूर्ति को भट्टी में गलाया। “कितनी विचित्र बात है।” ढलाईघर के मजदूरों के ओवरसियर ने कहा “यह सीसे का बना हृदय तो भट्टी में गलता ही नहीं।

हमें इसे फेंक देना होगा।” इसलिए उन्होंने उसे कूड़े के ढेर पर फेंक दिया जहाँ पर मृत अबाबील भी पड़ा था। “नगर से मुझे दो सर्वाधिक मूल्यवान वस्तुएँ लाकर दो,” परमेश्वर ने अपने एक देवगण से कहा तथा वह देव परमात्मा के पास सीसे का हृदय तथा मृत पक्षी उठा लाया। “तुमने सही चुनाव किया है,” परमात्मा बोले, “क्योंकि मेरे स्वर्ग के बगीचे में यह छोटा पक्षी सदैव अधिकाधिक गाता रहेगा तथा मेरी स्वर्ण नगरी में यह हैप्पी प्रिंस मेरी प्रशंसा करता रहेगा।”

5 The Happy Prince