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📚 कक्षा 10 विज्ञान (Science)हिंदी माध्यमसत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

पाठ 11: विधुत

Electricity

📅 शैक्षणिक सत्र: 2026-27•📖 RBSE/NCERT डिजिटल पासबुक•🎯 संपूर्ण प्रश्नोत्तर
भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान — सभी पाठगत (In-text) एवं अभ्यास (Exercise) प्रश्नों के सटीक एवं संपूर्ण हल।

पाठगत प्रश्न

#### पृष्ठ 191

प्रश्न 1. विद्युत परिपथ का क्या अर्थ है?

उत्तर-किसी विद्युत धारा के सतत् तथा बन्द पथ को विद्युत परिपथ कहते हैं। इसमें एक विभवान्तर स्रोत अथवा विद्युत ऊर्जा (अर्थात् सेल अथवा बैटरी) एक कुंजी तथा एक विद्युत ऊर्जा को व्यय करने वाला उपकरण अवश्य लगा होता है।

प्रश्न 2. विद्युत धारा के मात्रक की परिभाषा लिखिए।

अथवा

विद्युत धारा का मात्रक क्या है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर-विद्युत धारा का SISI मात्रक ऐम्पियर ( AA ) होता है।

सूत्र: I=QtI=\frac{Q}{t} में यदि Q=1C,t=1sQ=1C,t=1s हो, तो I=1AI=1A होगा।

अतः यदि एक कूलॉम आवेश प्रति सेकण्ड की दर से प्रवाहित होता है तो उस चालक में प्रवाहित होने वाली धारा 1A1 A होगी।

प्रश्न 3. एक कूलॉम आवेश की रचना करने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या परिकलित कीजिए।

अथवा

एक कूलॉम आवेश में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं? ( प्रश्न बैंक )

उत्तर-हम जानते हैं कि इलेक्ट्रॉनों पर आवेश =1.6×10−19कूलॉम=1.6 \times 10^{-19} \text{कूलॉम}

माना एक कूलॉम (C) की रचना करने वाले इलेक्ट्रॉनों ( ee ) की संख्या =n=n

तो

1C=n×1.6×10−19C1 C=n \times 1.6 \times 10^{-19}C

या

n=1C1.6×10−19Cn=\frac{1 C}{1.6 \times 10^{-19} C}

=10191.6=0.625×1019=\frac{10^{19}}{1.6}=0.625 \times 10^{19}

या

n=6.25×1018n=6.25 \times 10^{18}

अतः 11 कूलॉम आवेश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी

=6.25×1018=6.25 \times 10^{18}

पृष्ठ 193

प्रश्न 1. उस युक्ति का नाम लिखिए जो किसी चालक के सिरों पर विभवान्तर बनाये रखने में सहायता करती है।

उत्तर-विद्युत सेल या बैटरी।

प्रश्न 2. यह कहने का क्या तात्पर्य है कि दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर 1V1 V है?

उत्तर-इसका अर्थ है कि किसी विद्युत धारावाही चालक के दो बिन्दुओं के बीच एक कूलॉम आवेश को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में 1जूल1 \text{जूल} कार्य करना होगा।

1वोल्ट=1जूल1कूलॉम1 \text{वोल्ट}=\frac{1 \text{जूल}}{1 \text{कूलॉम}}

प्रश्न 3. 6V6 V बैटरी से गुजरने वाले हर एक कूलॉम आवेश को कितनी ऊर्जा दी जाती है? ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26 )

उत्तर-दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर (V)=कियागयाकार्य(W)आवेश(Q)(V)=\frac{\text{किया} \text{गया} \text{कार्य} (W)}{\text{आवेश} (Q)}

V=WQV=\frac{W}{Q}

इस सूत्र से प्रत्येक कूलॉम आवेश को दी गई ऊर्जा होगी-

W=V×QW=V \times Q

∵ऊर्जा=आवेश×विभवान्तर∵\text{ऊर्जा}=\text{आवेश} \times \text{विभवान्तर}

∴ऊर्जा=1C×6V∴\text{ऊर्जा}=1 C \times 6 V

=6जूल=6 \text{जूल}

अतः प्रत्येक एक कूलॉम आवेश को 66 जूल ( JJ ) ऊर्जा दी जाएगी।

पृष्ठ 201

प्रश्न 1. किसी चालक का प्रतिरोध किन कारकों पर निर्भर करता है?

उत्तर-किसी चालक का प्रतिरोध निम्न कारकों पर निर्भर करता है-

(i) चालक की लम्बाई ( ll ) पर। (ii) उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर। (iii) प्रतिरोध के पदार्थ की प्रकृति तथा चालक का तापमान।

विज्ञान कक्षा-X

343

प्रश्न 2. समान पदार्थ के दो तारों में यदि एक पतला तथा दूसरा मोटा हो तो इनमें से किसमें विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित होगी, जबकि उन्हें समान विद्युत स्रोत से संयोजित किया जाता है? क्यों?

अथवा

किसी समान धातु के चालक तार के एक पतले या एक मोटे तार में से किसमें धारा प्रवाह आसानी से होगा, जबकि वे किसी समान बैटरी से धारा ले रहे हों? क्यों? (प्रश्न बैंक)

उत्तर—चूँकि तार का प्रतिरोध R∝1AR∝\frac{1}{A} होता है।

अतः मोटे तार पर अनुप्रस्थ क्षेत्रफल अधिक होने से, इसका प्रतिरोध कम होगा। इसलिए मोटे तार से धारा आसानी से प्रवाहित हो जाएगी।

प्रश्न 3. मान लीजिए किसी वैद्युत अवयव के दो सिरों के बीच विभवान्तर को उसके पूर्व के विभवान्तर की तुलना में घटाकर आधा कर देने पर भी उसका प्रतिरोध नियत रहता है। तब उस अवयव से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा में क्या परिवर्तन होगा?

उत्तर—

धारा I=VRI=\frac{V}{R}

जब RR नियत है तब I∝VI∝V

अर्थात् विभवान्तर का मान आधा कर देने पर धारा भी आधी हो जायेगी।

प्रश्न 4. विद्युत टोस्टरों तथा विद्युत इस्तरी के तापन अवयव शुद्ध धातु के न बनाकर किसी मिश्र धातु के क्यों बनाए जाते हैं?

उत्तर—मिश्र धातुओं की प्रतिरोधकता उनकी अवयवी धातुओं की अपेक्षा अधिक होती है तथा इनका उच्च ताप पर शीघ्र ही उपचयन (दहन) नहीं होता। इसीलिए विद्युत टोस्टरों तथा विद्युत इस्तरी के तापन अवयव मिश्र धातुओं के बनाए जाते हैं।

प्रश्न 5. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाठ्यपुस्तक की तालिका 11.2 में दिये गये आँकड़ों के आधार पर दीजिए—

(a) आयरन (Fe)(Fe) तथा मर्करी (Hg)(Hg) में कौन अच्छा विद्युत चालक है?
(b) कौन-सा पदार्थ सर्वश्रेष्ठ चालक है?

उत्तर—(a) वह धातु अच्छी चालक होगी जिसकी प्रतिरोधकता कम होती है। चूँकि लोहे की प्रतिरोधकता का मान 10×10−810 \times 10^{-8} ओम मीटर तथा मर्करी की प्रतिरोधकता का मान 94×10−894 \times 10^{-8} ओम मीटर होता है। अतः आयरन (Fe)(Fe) , मर्करी (Hg)(Hg) की अपेक्षा विद्युत का अच्छा चालक है।

(b) सारणी के आधार पर सिल्वेर (Ag)(Ag) सर्वोत्तम चालक है क्योंकि इसकी प्रतिरोधकता का मान 1.60×10−81.60 \times 10^{-8} ओम मीटर है जो कि सबसे कम है।

पृष्ठ 205

प्रश्न 1. किसी विद्युत परिपथ का व्यवस्था आरेख खींचिए जिसमें 2V2 V के तीन सेलों की बैटरी, एक 5Ω5Ω प्रतिरोधक, एक 8Ω8Ω प्रतिरोधक, एक 12Ω12Ω प्रतिरोधक तथा एक प्लग कुंजी सभी श्रेणीक्रम में संयोजित हों।

उत्तर—

[विद्युत परिपथ का व्यवस्था आरेख जिसमें तीन सेल (2 V × 3 = 6 V), कुंजी K, और तीन प्रतिरोधक 5 Ω, 8 Ω, 12 Ω श्रेणीक्रम में जुड़े हैं]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 1

प्रश्न 2. प्रश्न 1 का परिपथ दुबारा खींचिए तथा इसमें प्रतिरोधकों से प्रवाहित विद्युत धारा को मापने के लिए ऐमीटर तथा 12Ω12Ω के प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवांतर मापने के लिए वोल्टमीटर लगाइए। ऐमीटर तथा वोल्टमीटर के क्या पाठ्यांक होंगे?

344

उत्तर-

[Electric circuit with three resistors in series, battery, ammeter, and voltmeter]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 2

परिपथ में 5Ω5Ω , 8Ω8Ω तथा 12Ω12Ω के प्रतिरोध श्रेणी क्रम में हैं अतः परिपथ का कुल प्रतिरोध

R=R1+R2+R3R=R_{1}+R_{2}+R_{3}

∴R=5Ω+8Ω+12Ω∴R=5Ω+8Ω+12Ω

=25Ω=25Ω

चूँकि बैटरी में तीन सेल श्रेणीक्रम में जुड़ी हैं अतः बैटरी का विभवान्तर

V=2+2+2V=2+2+2

=6V=6V

∴∴ परिपथ में धारा I=VR=625=0.24AI=\frac{V}{R}=\frac{6}{25}=0.24A

अतः ऐमीटर का पाठ्यांक =0.24A=0.24A होगा।

और वोल्टमीटर का पाठ्यांक =IR=0.24A×12Ω=IR=0.24A \times 12Ω

=2.88V=2.88V उत्तर

प्रश्न 1. जब (a) 1Ω1Ω तथा 106Ω10^{6}Ω (b) 1Ω1Ω , 103Ω10^{3}Ω तथा 106Ω10^{6}Ω के प्रतिरोध पार्श्वक्रम में संयोजित किए जाते हैं तो इनके तुल्य प्रतिरोध के संबंध में आप क्या निर्णय करेंगे?

उत्तर-(a) दिया गया है- R1=1ΩR_{1}=1Ω

R2=106ΩR_{2}=10^{6}Ω या 100,000Ω100,000Ω

समान्तर संयोजन के सूत्र 1R=1R1+1R2\frac{1}{R}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}} से,

1R=11+1100,0000\frac{1}{R}=\frac{1}{1}+\frac{1}{100,0000}

=1000,000+11000,000=1000,0011000,000=\frac{1000,000+1}{1000,000}=\frac{1000,001}{1000,000}

अतः, तुल्य प्रतिरोध R=1000,0001000,001R=\frac{1000,000}{1000,001}

R=0.9999ΩR=0.9999Ω

अतः, जब प्रतिरोधों को समान्तर क्रम (पार्श्वक्रम) में संयोजित किया जाता है, तब उस समूह का तुल्य प्रतिरोध का मान परिपथ में संयोजित उस प्रतिरोधक के प्रतिरोध से भी कम होता है जिसका प्रतिरोध सबसे कम होता है।

(b) दिया है,

R1=1ΩR_{1}=1Ω

R2=103ΩR_{2}=10^{3}Ω या 1000Ω1000Ω

R3=106ΩR_{3}=10^{6}Ω या 1000,000Ω1000,000Ω

समान्तर संयोजन के सूत्र 1R=1R1+1R2+1R3\frac{1}{R}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}+\frac{1}{R_{3}} से,

1R=11+11000+11000,000\frac{1}{R}=\frac{1}{1}+\frac{1}{1000}+\frac{1}{1000,000}

विज्ञान कक्षा-X

345

=1000,000+1000+11000,000=10010011000,000=\frac{1000,000+1000+1}{1000,000}=\frac{1001001}{1000,000}

∴तुल्यप्रतिरोधR=1000,0001001001=0.999Ω∴\text{तुल्य} \text{प्रतिरोध} R=\frac{1000,000}{1001001}=0.999Ω

अतः R=0.999ΩR=0.999Ω

इस प्रकार तुल्य प्रतिरोध का मान, संयोजन में जुड़े अल्पतम प्रतिरोध से भी कम होता है।

प्रश्न 2. 100Ω100Ω का एक विद्युत लैम्प, 50Ω50Ω का एक विद्युत टोस्टर तथा 500Ω500Ω का एक जल फिल्टर 220V220 V के विद्युत स्रोत से पार्श्वक्रम में संयोजित हैं। उस विद्युत इस्तरी का प्रतिरोध क्या है जिसे यदि समान स्रोत के साथ संयोजित कर दें तो वह उतनी ही विद्युत धारा लेती है जितनी तीनों युक्तियाँ लेती हैं। यह भी ज्ञात कीजिए कि इस विद्युत इस्तरी से कितनी विद्युत धारा प्रवाहित होती है?

उत्तर- विद्युत इस्तरी का तुल्य प्रतिरोध उतना ही होगा जितना 100Ω,50Ω100Ω,50Ω तथा 500Ω500Ω का पार्श्वक्रम में तुल्य प्रतिरोध है। यदि तुल्य प्रतिरोध का मान RpR_{p} है तो

1Rp=1R1+1R2+1R3\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}+\frac{1}{R_{3}}

मान रखने पर

1Rp=1100+150+1500\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{100}+\frac{1}{50}+\frac{1}{500}

1Rp=5+10+1500=16500\frac{1}{R_{p}}=\frac{5+10+1}{500}=\frac{16}{500}

∴Rp=50016=31.25Ω∴R_{p}=\frac{500}{16}=31.25Ω

अतः विद्युत इस्तरी का तुल्य प्रतिरोध 31.25Ω31.25Ω होगा।

विद्युत इस्तरी द्वारा ली गई धारा I=VRpI=\frac{V}{R_{p}}

=22050016(∵V=220V)=\frac{220}{\frac{500}{16}}(∵V=220V)

या

I=220×16500I=\frac{220 \times 16}{500}

=35250=7.04A=\frac{352}{50}=7.04 A

अतः धारा I=7.04AI=7.04 A

प्रश्न 3. श्रेणीक्रम में संयोजित करने के स्थान पर वैद्युत युक्तियों को पार्श्वक्रम में संयोजित करने के क्या लाभ हैं?

अथवा

घरेलू विद्युत परिपथों में सामान्यतः विद्युत साधित्रों (उपकरणों) को समान्तर (पार्श्व) संयोजन में क्यों जोड़ते हैं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

अथवा

घरों में विद्युत उपकरणों को पार्श्वक्रम में जोड़ने के क्या-क्या लाभ हैं? ( प्रश्न बैंक )

उत्तर- उपकरणों को पार्श्वक्रम में जोड़ने से निम्न लाभ होते हैं-

(i) समान्तर क्रम (पार्श्वक्रम) में संयोजित विद्युत उपकरणों में से कोई उपकरण फ्यूज हो जाता है तब अन्य उपकरणों का कार्य बाधित नहीं होता है।

(ii) जब विभिन्न उपकरण समानान्तर क्रम में संयोजित किये जाते हैं तब प्रत्येक उपकरण अपनी आवश्यकता के अनुसार धारा ग्रहण करते हैं। परिणामतः वे अच्छी प्रकार से कार्य करते हैं।

(iii) उपकरणों को पार्श्वक्रम में जोड़ने पर सभी उपकरणों को समान विभवान्तर प्राप्त हो जाता है।

प्रश्न 4. 2Ω2Ω , 3Ω3Ω तथा 6Ω6Ω के तीन प्रतिरोधकों को किस प्रकार संयोजित करेंगे कि संयोजन का कुल प्रतिरोध (a) 4Ω4Ω , (b) 1Ω1Ω हो?

अथवा

किन्हीं तीन प्रतिरोधकों— 2Ω2Ω , 3Ω3Ω और 6Ω6Ω को किस क्रम में संयोजित किया जाए कि कुल प्रतिरोध होगा-

(a) 4Ω4Ω
(b) 1Ω1Ω

(प्रश्न बैंक)

उत्तर—(a) यदि हम 3Ω3Ω तथा 6Ω6Ω के प्रतिरोधों को समान्तर क्रम में संयोजित कर दें और इसके साथ 2Ω2Ω के प्रतिरोध को श्रेणीक्रम में संयोजित कर दें तो हमें तुल्य प्रतिरोध का मान 4Ω4Ω प्राप्त हो जायेगा, जैसा परिपथ आरेख में दिखाया गया है।

[Circuit diagram showing two resistors 3 ohm and 6 ohm in parallel, connected in series with a 2 ohm resistor]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 3

यदि 3Ω3Ω तथा 6Ω6Ω का तुल्य प्रतिरोध RpR_{p} हो तब

1Rp=13+16=2+16=36\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{3}+\frac{1}{6}=\frac{2+1}{6}=\frac{3}{6}

या

Rp=2ΩR_{p}=2Ω

यह Rp=2ΩR_{p}=2Ω का प्रतिरोध 2Ω2Ω के साथ श्रेणीक्रम में जुड़ा है। अतः:

तुल्य प्रतिरोध R=R1+RpR=R_{1}+R_{p}

=2+2=4Ω=2+2=4Ω

अतः: R=4ΩR=4Ω

(b) यदि तीनों प्रतिरोधों को समान्तर क्रम में सम्बद्ध किया जायेगा, तब हमें 1Ω1Ω का तुल्य प्रतिरोध प्राप्त होगा-

∴1Rp=1R1+1R2+1R3∴\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}+\frac{1}{R_{3}}

[Circuit diagram showing three resistors 2 ohm, 3 ohm, and 6 ohm connected in parallel]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 4

चित्र-तुल्य प्रतिरोध प्राप्त करने हेतु पार्श्व क्रम संयोजन

⇒1Rp=12+13+16=3+2+16=66=1⇒\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{2}+\frac{1}{3}+\frac{1}{6}=\frac{3+2+1}{6}=\frac{6}{6}=1

⇒अतः:Rp=1Ωउत्तर⇒\text{अतः}: R_{p}=1Ω \text{उत्तर}

प्रश्न 5. 4Ω4Ω , 8Ω8Ω , 12Ω12Ω तथा 24Ω24Ω प्रतिरोध की चार कुंडलियों को किस प्रकार संयोजित करें कि संयोजन से (a) अधिकतम (b) न्यूनतम प्रतिरोध प्राप्त हो सके?

उत्तर—(a) अधिकतम प्रतिरोध उस स्थिति में प्राप्त होता है जब दिये गये प्रतिरोधों को श्रेणीक्रम में संयोजित किया जाता है। अतः महत्तम् प्रतिरोध—

Rs=R1+R2+R3+R4R_{s}=R_{1}+R_{2}+R_{3}+R_{4}

Rs=4+8+12+24=48Ωउत्तरR_{s}=4+8+12+24=48Ω \text{उत्तर}

(b) न्यूनतम प्रतिरोध का मान तब प्राप्त किया जा सकता है जब दिये गये प्रतिरोधों को समान्तर क्रम में संयोजन किया जाता है।

विज्ञान कक्षा-X

347

∵1Rp=1R1+1R2+1R3+1R4∵\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}+\frac{1}{R_{3}}+\frac{1}{R_{4}}

या1Rp=14+18+112+124=6+3+2+124\text{या} \frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{4}+\frac{1}{8}+\frac{1}{12}+\frac{1}{24}=\frac{6+3+2+1}{24}

1Rp=1224=12अतःRp=2Ωउत्तर\frac{1}{R_{p}}=\frac{12}{24}=\frac{1}{2} \text{अतः} R_{p}=2Ω \text{उत्तर}

पृष्ठ 211

प्रश्न 1. किसी विद्युत हीटर की डोरी क्यों उत्तप्त नहीं होती जबकि उसका तापन अवयव उत्तप्त हो जाता है?

उत्तर— विद्युत हीटर की कुंडली मिश्र धातु नाइक्रोम की बनी होती है। नाइक्रोम की प्रतिरोधकता बहुत अधिक होती है इस कारण जब विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो तापन अवयव उत्तप्त हो जाता है। जबकि विद्युत हीटर की डोरी ताँबे या ऐलुमिनियम की बनी होती है जिसकी प्रतिरोधकता तुलनात्मक रूप से अत्यन्त कम होती है इसलिए उत्तप्त नहीं होती है।

प्रश्न 2. एक घण्टे में 50V50 V विभवान्तर से 9600096000 कूलॉम आवेश को स्थानान्तरित करने में उत्पन्न ऊष्मा परिकलित कीजिए।

उत्तर— दिया गया है –

t=1घण्टा=60×60सेकण्डt=1 \text{घण्टा}=60 \times 60 \text{सेकण्ड}

V=50वोल्टV=50 \text{वोल्ट}

स्थानान्तरितआवेशQ=96000कूलॉम\text{स्थानान्तरित} \text{आवेश} Q=96000 \text{कूलॉम}

प्रवाहितविद्युतधारा(I)=Qt\text{प्रवाहित} \text{विद्युत} \text{धारा} (I)=\frac{Q}{t}

I=960003600=26.66AI=\frac{96000}{3600}=26.66 A

विद्युतधाराIद्वारासमयtमेंउत्पन्नऊष्माकीमात्रा\text{विद्युत} \text{धारा} I \text{द्वारा} \text{समय} t \text{में} \text{उत्पन्न} \text{ऊष्मा} \text{की} \text{मात्रा}

H=VItH=VIt

H=50×26.66×3600H=50 \times 26.66 \times 3600

H=4.8×106जूलH=4.8 \times 10^{6} \text{जूल}

प्रश्न 3. 20Ω20Ω प्रतिरोध की कोई विद्युत इस्तरी 5A5 A विद्युत धारा लेती है। 30s30 s में उत्पन्न ऊष्मा परिकलित कीजिए।

अथवा

20Ω20Ω प्रतिरोध की कोई इस्तरी 5A5A विद्युत धारा लेती है। 30sec30 sec में उत्पन्न ऊष्मा का मान ज्ञात कीजिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— दिया गया है –

R=20ΩR=20Ω

I=5AI=5 A

t=30st=30 s

∵उत्पन्नऊष्माकीमात्राH=I2Rt∵ \text{उत्पन्न} \text{ऊष्मा} \text{की} \text{मात्रा} H=I^{2}Rt

मानरखनेपर−\text{मान} \text{रखने} \text{पर}-

H=(5)2×20×30H=(5)^{2} \times 20 \times 30

=25×20×30=25 \times 20 \times 30

=25×600=15000जूल=25 \times 600=15000 \text{जूल}

अतःऊष्माकीमात्राH=1.5×104जूल\text{अतः} \text{ऊष्मा} \text{की} \text{मात्रा} H=1.5 \times 10^{4} \text{जूल}

पृष्ठ 213

प्रश्न 1. विद्युत धारा द्वारा प्रदत्त ऊर्जा की दर का निर्धारण कैसे किया जाता है?

उत्तर— विद्युत शक्ति के द्वारा।

प्रश्न 2. कोई विद्युत मोटर 220V220 V के विद्युत स्त्रोत से 5.0A5.0 A विद्युत धारा लेता है। मोटर की शक्ति निर्धारित कीजिए तथा 22 घण्टे में मोटर द्वारा उपयुक्त ऊर्जा परिकलित कीजिए।

उत्तर-दिया गया है-

V=220V=220 वोल्ट, धारा I=5.0AI=5.0 A

समय t=2t=2 घण्टे

∴∴ मोटर की शक्ति (P)=V×I(P)=V \times I

=220×5=1100=220 \times 5=1100 वाट उत्तर

अत: 2 घण्टे में मोटर द्वारा व्यय ऊर्जा-

W=PtW=Pt

W=1100वाट×2घण्टे=2200वाटघण्टाW=1100 \text{वाट} \times 2 \text{घण्टे}=2200 \text{वाट} \text{घण्टा}

W=22001000किलोवाटघण्टाW=\frac{2200}{1000} \text{किलोवाट} \text{घण्टा}

W=2.2kWhW=2.2 kWh

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1. प्रतिरोध RR के किसी तार के टुकड़े को पाँच बराबर भागों में काटा जाता है। इन टुकड़ों को फिर पार्श्वक्रम में संयोजित कर देते हैं। यदि संयोजन का तुल्य प्रतिरोध R′R^{′} है तो RR′\frac{R}{R^{′}} अनुपात का मान क्या है-

अथवा

किसी RR प्रतिरोध के तार के एक टुकड़े को 5 समान भागों में काटते हैं। इन सभी को समान्तर क्रम में जोड़ने पर तुल्य प्रतिरोध R′R^{′} है तो RR तथा R′R^{′} का अनुपात होगा? (प्रश्न बैंक)

(a) 125\frac{1}{25}
(b) 15\frac{1}{5}
(c) 55
(d) 2525

**उत्तर-(d) 2525

प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सा पद विद्युत परिपथ में विद्युत शक्ति को निरूपित नहीं करता?

अथवा

निम्नलिखित में से कौन सा पद विद्युत शक्ति को निरूपित करता है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26; प्रश्न बैंक)

(a) I2RI^{2}R
(b) IR2IR^{2}
(c) VIVI
(d) V2R\frac{V^{2}}{R}

**उत्तर-(b) IR2IR^{2}

प्रश्न 3. किसी विद्युत बल्ब का अनुमतांक 220V;100W220 V;100 W है। जब इसे 110V110 V पर प्रचालित करते हैं तब इसके द्वारा उपभुक्त शक्ति कितनी होती है? (प्रश्न बैंक)

(a) 100W100 W
(b) 75W75 W
(c) 50W50 W
(d) 25W25 W

**उत्तर-(d) 25W25 W

प्रश्न 4. दो चालक तार जिनके पदार्थ, लंबाई तथा व्यास समान हैं, किसी विद्युत परिपथ में पहले श्रेणीक्रम में और फिर पार्श्वक्रम में संयोजित किए जाते हैं। श्रेणीक्रम तथा पार्श्वक्रम संयोजन में उत्पन्न ऊष्माओं का अनुपात क्या होगा?

अथवा

यदि एक समान लम्बाई एवं समान अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के किसी धातु के तार को समान विभवान्तर के परिपथ में पहले श्रेणीक्रम में और फिर समान्तर क्रम संयोजित करने पर दोनों परिपथ में संयोजित श्रेणीक्रम और समान्तर क्रम में उत्पन्न ऊष्मा का अनुपात क्या होगा- (प्रश्न बैंक)

(a) 1:21:2
(b) 2:12:1
(c) 1:41:4
(d) 4:14:1

**उत्तर-(c) 1:41:4

प्रश्न 5. किसी विद्युत परिपथ में दो बिन्दुओं के बीच विभवांतर मापने के लिए वोल्टमीटर को किस प्रकार संयोजित किया जाता है?

उत्तर-वोल्टमीटर को समानान्तर क्रम में संयोजित किया जाता है।

प्रश्न 6. किसी ताँबे के तार का व्यास 0.5mm0.5 mm तथा प्रतिरोधकता 1.6×10−8Ωm1.6 \times 10^{-8}Ω m है। 10Ω10Ω प्रतिरोध का प्रतिरोधक बनाने के लिए कितने लंबे तार की आवश्यकता होगी? यदि इससे दुगुने व्यास का तार लें तो प्रतिरोध में क्या अंतर आएगा?

उत्तर-दिया गया है—

विज्ञान कक्षा-X

349349

प्रतिरोधकता ρ=1.6×10−8Ωmρ=1.6 \times 10^{-8}Ωm

प्रतिरोध R=10ΩR=10Ω

व्यास =0.5mm=0.5 mm

∴∴ त्रिज्या =0.52mm=\frac{0.5}{2} mm अथवा 2.5×10−4m2.5 \times 10^{-4} m

ताँबे के तार के अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल

A=πr2A=πr^{2}

A=3.14×(2.5×10−4)2A=3.14 \times (2.5 \times 10^{-4})^{2}

∴∴ R=ρlAR=ρ\frac{l}{A}

∴∴ तार की लम्बाई l=R×Aρl=\frac{R \times A}{ρ}

मान रखने पर

=10×3.14×(2.5×10−4)21.6×10−8=10×3.14×254×1.6=\frac{10 \times 3.14 \times (2.5 \times 10^{-4})^{2}}{1.6 \times 10^{-8}}=\frac{10 \times 3.14 \times 25}{4 \times 1.6}

∴∴ l=122.66ml=122.66 m

दोगुने व्यास का तार लेने पर व्यास का मान (2×0.5mm)=1mm(2 \times 0.5 mm)=1 mm या 0.001m0.001 m हो जाएगा अतः सूत्र

R=ρlAR=ρ\frac{l}{A}

में मान रखने पर

R=1.6×10−8×122.663.14×0.00122R=1.6 \times 10^{-8} \times \frac{122.66}{3.14 \times \frac{0.001}{2}^{2}}

=250.2×10−2=250.2 \times 10^{-2}

=2.5Ω=2.5Ω

अतः व्यास दोगुना करने पर प्रतिरोध एक चौथाई ( 14R\frac{1}{4}R ) रह जाएगा।

प्रश्न 7. किसी प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभांतर VV के विभिन्न मानों के लिए उससे प्रवाहित विद्युत धाराओं II के संगत मान आगे दिए गए हैं-

II (ऐम्पियर)

0.50.5

1.01.0

2.02.0

3.03.0

4.04.0

VV (वोल्ट)

1.61.6

3.43.4

6.76.7

10.210.2

13.213.2

VV तथा II के बीच ग्राफ खींचकर इस प्रतिरोधक का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

उत्तर-प्रतिरोधक का प्रतिरोध, ग्राफ की ढाल के बराबर होगा।

अर्थात्

R=ΔVΔIR=\frac{ \Delta V}{ \Delta I}

lΔV=V2−V1ΔI=I2−I1l \Delta V=V_{2}-V_{1} \Delta I=I_{2}-I_{1}

दिए गए मानों से,

R1=3.4−1.61−0.5=1.80.5=3.6ΩR_{1}=\frac{3.4-1.6}{1-0.5}=\frac{1.8}{0.5}=3.6Ω

R2=6.7−3.42−1=3.31=3.3ΩR_{2}=\frac{6.7-3.4}{2-1}=\frac{3.3}{1}=3.3Ω

R3=10.2−6.73−2=3.51=3.5ΩR_{3}=\frac{10.2-6.7}{3-2}=\frac{3.5}{1}=3.5Ω

R4=13.2−10.24−3=31=3ΩR_{4}=\frac{13.2-10.2}{4-3}=\frac{3}{1}=3Ω

350

[V-I graph for resistance calculation showing linear relationship between potential difference V and current I]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 5

∵R=R1+R2+R3+R44∵R=\frac{R_{1}+R_{2}+R_{3}+R_{4}}{4}

पैमाना:X−अक्षकेअनुदिश1भाग=0.2V\text{पैमाना} : X-\text{अक्ष} \text{के} \text{अनुदिश} 1 \text{भाग} =0.2 V

Y−अक्षकेअनुदिश1भाग=0.1VY-\text{अक्ष} \text{के} \text{अनुदिश} 1 \text{भाग} =0.1 V

∵R=3.6+3.3+3.5+3.04∵R=\frac{3.6+3.3+3.5+3.0}{4}

=13.44=3.35Ω=\frac{13.4}{4}=3.35Ω

अतः प्रतिरोध R=3.35ΩR=3.35Ω उत्तर

प्रश्न 8. किसी अज्ञात प्रतिरोध के प्रतिरोधक के सिरों से 12V12 V की बैटरी को संयोजित करने पर परिपथ में 2.5mA2.5 mA विद्युत धारा प्रवाहित होती है। प्रतिरोधक का प्रतिरोध परिकलित कीजिए।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

उत्तर-प्रश्नानुसार -

V=12वोल्टV=12 \text{वोल्ट}

I=2.5mA=2.5×10−3ऐम्पियरI=2.5 mA=2.5 \times 10^{-3} \text{ऐम्पियर}

ओम के नियम से -

V=IRV=IR

∵प्रतिरोधR=VI∵\text{प्रतिरोध} R=\frac{V}{I}

या

R=122.5×10−3=120×10325R=\frac{12}{2.5 \times 10^{-3}}=\frac{120 \times 10^{3}}{25}

R=120×100025=120×40R=\frac{120 \times 1000}{25}=120 \times 40

=4800Ω=4800Ω

∵R=4.8×103Ωया4.8KΩ∵R=4.8 \times 10^{3}Ω \text{या} 4.8 KΩ

प्रश्न 9. 9V9 V की किसी बैटरी को 0.2Ω0.2Ω , 0.3Ω0.3Ω , 0.4Ω0.4Ω , 0.5Ω0.5Ω तथा 12Ω12Ω के प्रतिरोधकों के साथ श्रेणीक्रम में संयोजित किया गया है। 12Ω12Ω के प्रतिरोधक से कितनी विद्युत धारा प्रवाहित होगी?

उत्तर-दिया गया है -

R1=0.2ΩR_{1}=0.2Ω , R2=0.3ΩR_{2}=0.3Ω ,

R3=0.4ΩR_{3}=0.4Ω , R4=0.5ΩR_{4}=0.5Ω , R5=12ΩR_{5}=12Ω

श्रेणी संयोजन का कुल प्रतिरोध

R=R1+R2+R3+R4+R5R=R_{1}+R_{2}+R_{3}+R_{4}+R_{5}

∵R=0.2+0.3+0.4+0.5+12∵R=0.2+0.3+0.4+0.5+12

R=13.4ΩR=13.4Ω

विज्ञान कक्षा-X

351

ओम के नियम से

∴∴ परिपथ में प्रवाहित कुल धारा I=VR=913.4=90134I=\frac{V}{R}=\frac{9}{13.4}=\frac{90}{134}

विद्युतधारा (I)=0.67A(I)=0.67 A

श्रेणी संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोध से होकर इतनी ही धारा प्रवाहित होगी। अतः:

12Ω12Ω के प्रतिरोध में धारा =0.67A=0.67 A

[Series combination of resistors 0.2 Ω, 0.3 Ω, 0.4 Ω, 0.5 Ω, 12 Ω with a 9 V battery and current directions]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 6

प्रश्न 10. 176Ω176Ω प्रतिरोध के कितने प्रतिरोधकों को पार्श्वक्रम में संयोजित करें कि 220V220 V के विद्युत स्रोत से संयोजन से 5A5 A विद्युत धारा प्रवाहित हो?

उत्तर- माना कि आवश्यक प्रतिरोधकों की संख्या है ' xx '

पार्श्वक्रम में संयोजित प्रतिरोधकों का प्रतिरोध RR होगा

1R=x×1176\frac{1}{R}=x \times \frac{1}{176}

R=176xR=\frac{176}{x}

ओम के नियम से

R=VIR=\frac{V}{I}

(because V &= 220 V) (I &= 5 A)

मान रखने पर

176x=2205\frac{176}{x}=\frac{220}{5}

x=176×5220=4x=\frac{176 \times 5}{220}=4

अतः: प्रतिरोधकों की संख्या =4=4

प्रश्न 11. यह दर्शाइए कि आप 6Ω6Ω प्रतिरोध के तीन प्रतिरोधकों को किस प्रकार संयोजित करेंगे कि प्राप्त संयोजन का प्रतिरोध (i) 9Ω9Ω , (ii) 4Ω4Ω हो। ( प्रश्न बैंक )

उत्तर-(i) 9Ω9Ω प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए दो प्रतिरोधकों का पार्श्वक्रम में तथा एक प्रतिरोधक को श्रेणीक्रम में जोड़ना चाहिए।

[Combination of three 6 Ω resistors where two are in parallel and one is in series]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 7

पार्श्वक्रम में जुड़े प्रतिरोधकों का कुल प्रतिरोध

1Rp=1R1+1R2\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}

1Rp=16+16=26\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{6}+\frac{1}{6}=\frac{2}{6}

∴Rp=3Ω∴R_{p}=3Ω

यह 3Ω3Ω का प्रतिरोध 6Ω6Ω के पहले प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में जुड़ा है। अतः

कुल प्रतिरोध =6Ω+3Ω=9Ω=6Ω+3Ω=9Ω

(ii) 4Ω4Ω प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए पहले 6Ω6Ω के दो प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में जोड़ें। जिनका तुल्य प्रतिरोध का मान =6+6=12Ω=6+6=12Ω फिर इसे तीसरे प्रतिरोध के साथ पार्श्वक्रम में जोड़ना चाहिए।

[Series and parallel resistor combination for 4 Ω equivalent resistance]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 8

1Rp=16+112=2+112=312\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{6}+\frac{1}{12}=\frac{2+1}{12}=\frac{3}{12}

अतः:

1Rp=14याRp=4Ωउत्तर\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{4} \text{या} R_{p}=4Ω \text{उत्तर}

प्रश्न 12. 220V220 V की विद्युत लाइन पर उपयोग किए जाने वाले बहुत से बल्बों का अनुमतांक 10W10 W है। यदि 220V220 V लाइन से अनुमत अधिकतम विद्युत धारा 5A5 A है तो इस लाइन के दो तारों के बीच कितने बल्ब पार्श्वक्रम में संयोजित किए जा सकते हैं?

उत्तर- माना nn बल्बों को पार्श्वक्रम में जोड़ा जाता है, तब परिपथ में कुल शक्ति व्यय

P=n×एकबल्बकीशक्तिP=n \times \text{एक} \text{बल्ब} \text{की} \text{शक्ति}

=n×10W=n \times 10 W

∴P=10nW∴P=10n W

दिया है -

V=220V,I=5AV=220 V,I=5 A

तब

P=VIP=VI से,

10nW=220V×5A10n W=220 V \times 5 A

या

n=220×510=110n=\frac{220 \times 5}{10}=110

अतः 110110 बल्बों को पार्श्वक्रम में जोड़ा जा सकता है।

प्रश्न 13. किसी विद्युत भट्टी की तप्त प्लेट दो प्रतिरोधक कुंडलियों AA तथा BB की बनी हैं जिनमें प्रत्येक का प्रतिरोध 24Ω24Ω है तथा इन्हें पृथक्-पृथक् श्रेणीक्रम में अथवा पार्श्वक्रम में संयोजित करके उपयोग किया जा सकता है। यदि यह भट्टी 220V220 V विद्युत स्रोत से संयोजित की जाती है तो तीनों प्रकरणों में प्रवाहित विद्युत धाराएँ क्या हैं?

उत्तर- दिया गया है -

V=220VV=220 V

कुंडलियों का प्रतिरोध R1=R2=24ΩR_{1}=R_{2}=24Ω

प्रथम स्थिति में, जब कुंडली को पृथक्-पृथक् प्रयोग किया जाता है, तब-

कुल प्रतिरोध R=R1=24ΩR=R_{1}=24Ω

∴लीगईधाराI=VR∴\text{ली} \text{गई} \text{धारा} I=\frac{V}{R}

=22024=9.17=\frac{220}{24}=9.17

∴I=9.17A∴I=9.17 A

द्वितीय स्थिति में, जब दोनों कुंडलियों को श्रेणीक्रम में प्रयोग किया जाता है, तब कुल प्रतिरोध-

R=R1+R2=48ΩR=R_{1}+R_{2}=48Ω

∴लीगईधाराI=VR=22048=4.58∴\text{ली} \text{गई} \text{धारा} I=\frac{V}{R}=\frac{220}{48}=4.58

∴I=4.58A∴I=4.58 A

विज्ञान कक्षा-X

353

तृतीय स्थिति में, जब दोनों कुण्डलियों को पार्श्वक्रम में संयोजित किया जाता है, तब-

कुल प्रतिरोध 1R=1R1+1R2=124+124=224\frac{1}{R}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}=\frac{1}{24}+\frac{1}{24}=\frac{2}{24}

∴R=242=12Ω∴R=\frac{24}{2}=12Ω

∴∴ ली गई धारा I=VR=22012=18.33I=\frac{V}{R}=\frac{220}{12}=18.33

∴I=18.33A∴I=18.33A

प्रश्न 14. निम्नलिखित परिपथों में प्रत्येक में 2Ω2Ω प्रतिरोधक द्वारा उपभukt शक्तियों की तुलना कीजिए-

(i) 6V6 V की बैटरी से संयोजित 1Ω1Ω तथा 2Ω2Ω श्रेणीक्रम संयोजन (ii) 4V4 V बैटरी से संयोजित 12Ω12Ω तथा 2Ω2Ω का पार्श्वक्रम संयोजन।

उत्तर : (i) जब 1Ω1Ω व 2Ω2Ω के प्रतिरोधक को 2V2 V की बैटरी के साथ श्रेणीक्रम संयोजन में जोड़ा जाता है, तब कुल प्रतिरोध का मान-

R=R1+R2R=R_{1}+R_{2} से

=1+2=3Ω=1+2=3Ω

परिपथ में धारा का मान ओम नियम से-

I1=VR=63=2AI_{1}=\frac{V}{R}=\frac{6}{3}=2A

श्रेणीक्रम में प्रत्येक प्रतिरोध में धारा समान अर्थात् 2A2A ही प्रवाहित होगी। अतः 2Ω2Ω के प्रतिरोधक द्वारा उपभुक्त शक्ति-

P1=I2RP_{1}=I^{2}R

=(2)2×2=8=(2)^{2} \times 2=8

P1=8WP_{1}=8 W

(ii) चूँकि 12Ω12Ω एवं 2Ω2Ω के प्रतिरोधकों को पार्श्वक्रम में जोड़ा गया है, अतः प्रत्येक प्रतिरोध के सिरों के बीच एक ही विभवान्तर 4V4 V होगा।

∴2Ω∴2Ω के प्रतिरोध द्वारा उपभुक्त शक्ति-

P2=V2RP_{2}=\frac{V^{2}}{R}

=(4)22=8=\frac{(4)^{2}}{2}=8

P2=8WP_{2}=8 W

अतः दोनों दशाओं में 2Ω2Ω प्रतिरोधक में समान शक्ति खर्च होगी।

प्रश्न 15. दो विद्युत लैम्प जिनमें से एक का अनुमतांक 100W;220V100 W;220 V तथा दूसरे का 60W;220V60 W;220 V है, विद्युत मेंस के साथ पार्श्वक्रम में संयोजित है। यदि विद्युत आपूर्ति की वोल्टता 220V220 V है तो विद्युत मेंस से कितनी धारा ली जाती है?

उत्तर : चूँकि दोनों विद्युत लैम्प पार्श्वक्रम में संयोजित हैं अतः प्रत्येक के मध्य विभवान्तर का मान समान होगा।

100W100 W अनुमतांक के विद्युत लैम्प द्वारा ली जा रही धारा-

P=V×IP=V \times I

I=P/VI=P/V (यहाँ P=100W,V=220VP=100 W,V=220 V )

मान रखने पर

I1=100W220V=100220AI_{1}=\frac{100W}{220V}=\frac{100}{220}A

इसी प्रकार 60W60 W अनुमतांक के विद्युत लैम्प द्वारा ली जा रही धारा होगी-

354

I2=60W220V=60220AI_{2}=\frac{60 W}{220 V}=\frac{60}{220} A

पार्श्व क्रम में प्रवाहित धारा I=I1+I2I=I_{1}+I_{2}

अतः विद्युत मेंस द्वारा ली जा रही धारा होगी-

100220+60220=0.727A\frac{100}{220}+\frac{60}{220}=0.727 A

प्रश्न 16. किसमें अधिक विद्युत ऊर्जा उपभुक्त होती है- 250W250 W का टी.वी. सेट जो एक घंटे तक चलाया जाता है अथवा 120W120 W का विद्युत हीटर जो 10 मिनट के लिए चलाया जाता है?

उत्तर- दिया गया है -

T.V. सेट के लिए

P1=250WP_{1}=250 W

t1=1घण्टा=60×60सेकण्डt_{1}=1 \text{घण्टा}=60 \times 60 \text{सेकण्ड}

या

t1=3600सेकण्डt_{1}=3600 \text{सेकण्ड}

खर्च की गई ऊर्जा

H1=P1×t1H_{1}=P_{1} \times t_{1}

=250W×3600s=250 W \times 3600 s

=900000J=900000 J

=9×105J=9 \times 10^{5} J

विद्युत हीटर के लिए-

P2=120WP_{2}=120 W

t2=10मिनट=600st_{2}=10 \text{मिनट}=600 s

∴∴ खर्च की गई ऊर्जा

H2=P2×t2H_{2}=P_{2} \times t_{2}

=120×600=120 \times 600

=72000J=72000 J

=7.2×104J=7.2 \times 10^{4} J

यहाँ पर स्पष्ट है H1>H2H_{1}>H_{2}

अतः T.V. सेट अधिक ऊर्जा का उपयोग करेगा।

प्रश्न 17. 8Ω8Ω प्रतिरोध का कोई विद्युत हीटर विद्युत मेंस 2 घंटे तक 15A15 A विद्युत धारा लेता है। हीटर में उत्पन्न ऊष्मा की दर परिकलित कीजिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर- दिया गया है- R=8ΩR=8Ω , I=15AI=15 A

विद्युत हीटर में ऊष्मा उत्पन्न होने की दर या विद्युत हीटर की शक्ति-

P=I2RP=I^{2}R

=(15)2×8=(15)^{2} \times 8

=1800=1800

∴∴ P=1800J/sP=1800 J/s (जूल/से.)

प्रश्न 18. निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए-

(a) विद्युत लैम्पों के तंतुओं के निर्माण में प्रायः एकमात्र टंगस्टन का ही उपयोग क्यों किया जाता है?

(b) विद्युत तापन युक्तियों जैसे ब्रेड-टोस्टर तथा विद्युत इस्तरी के चालक शुद्ध धातुओं के स्थान पर मिश्रधातुओं के क्यों बनाए जाते हैं?

(c) घरेलू विद्युत परिपथों में श्रेणीक्रम संयोजन का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है?

(d) किसी तार का प्रतिरोध उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल में परिवर्तन के साथ किस प्रकार परिवर्तित होता है?

(e) विद्युत संचरण के लिए प्रायः कॉपर तथा ऐलुमिनियम के तारों का उपयोग क्यों किया जाता है?

उत्तर-(a) टंगस्टन का गलनांक तथा प्रतिरोध बहुत अधिक होता है। अधिक प्रतिरोध के कारण इसमें अत्यधिक मात्रा में ऊष्मा का उत्पादन होता है, जिसके कारण तंतु चमकने लगते हैं और प्रकाशित हो जाते हैं।

(b) ब्रेड-टोस्टर तथा विद्युत इस्तरी के चालक शुद्ध धातुओं के स्थान पर मिश्र धातुओं के बनाये जाते हैं क्योंकि मिश्र धातुओं की प्रतिरोधकता तथा गलनांक शुद्ध धातुओं से अधिक होते हैं। इनका शीघ्र ऑक्सीकरण नहीं होता और ये उच्च तापमान को भी सह सकते हैं। इसी कारण इनका उपयोग किया जाता है।

विज्ञान कक्षा-X

355

(c) घरेलू विद्युत परिपथों में श्रेणीक्रम संयोजन का उपयोग नहीं किया जाता है क्योंकि श्रेणीक्रम में प्रतिरोध बहुत अधिक ( R1+R2+R3+…R_{1}+R_{2}+R_{3}+… ) हो जाता है। अधिक प्रतिरोध के कारण परिपथ में प्रवाहित विद्युत धारा की मात्रा बहुत कम हो जाती है। ऐसी अवस्था में सारे घर के बल्ब, पंखे आदि एक ही स्विच से चलेंगे। उन्हें स्वतंत्र रूप से चलाया व बंद नहीं किया जा सकेगा।

(d) तार का प्रतिरोध उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अर्थात्

R∝1AR∝\frac{1}{A}

(e) कॉपर तथा ऐलुमिनियम के तारों का प्रतिरोध न्यूनतम होता है, इसलिए इनका प्रयोग विद्युत संचारण के लिए प्रयुक्त तारों में किया जाता है। ये दोनों धातुएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं एवं सस्ती भी हैं।

भाग 2 — नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: पाठ सार (Key Concepts & Summary)

महत्वपूर्ण परिभाषाएं, रासायनिक समीकरण, नियम, सूत्र एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।

पाठ सार

(1) विद्युत धारा-किसी परिपथ में विद्युत आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते हैं। यदि किसी परिपथ में tt समय में QQ आवेश प्रवाहित हो, तो परिपथ में विद्युत धारा

I=QtI=\frac{Q}{t}

विद्युत आवेश का SI मात्रक कूलॉम होता है, जिसका मान लगभग 6×10186 \times 10^{18} इलेक्ट्रॉनों में समाए आवेश के बराबर होता है।

विद्युत धारा का मात्रक ऐम्पियर (A) होता है।

यदि किसी परिपथ में 11 कूलॉम आवेश प्रति सेकण्ड प्रवाहित हो रहा है तो प्रवाहित धारा का मान 11 ऐम्पियर होगा।

किसी चालक में गतिशील इलेक्ट्रॉनों की धारा विद्युत धारा की रचना करती है। परिपाटी के अनुसार किसी विद्युत परिपथ में इलेक्ट्रॉनों जो ऋणवेश हैं, के प्रवाह की दिशा के विपरीत दिशा को विद्युत धारा की दिशा माना जाता है।

एक इलेक्ट्रॉन पर 1.6×10−191.6 \times 10^{-19} कूलॉम आवेश होता है। अल्प परिमाण की विद्युत धारा को मिली ऐम्पियर ( 1mA=10−3A1 mA=10^{-3} A ) अथवा (माइक्रो ऐम्पियर 1μA=10−6A1μA=10^{-6} A ) में व्यक्त करते हैं।

(2) विद्युत परिपथ-विद्युत परिपथ एक बन्द संवहन पथ (Conducting Path) है जिसमें एक विभवान्तर स्रोत अथवा विद्युत ऊर्जा (अर्थात् सेल अथवा बैटरी) तथा एक विद्युत ऊर्जा को व्यय करने वाला उपकरण होता है।

(3) विद्युत परिपथ में उपयोगी उपकरण-

(i) सेल (ii) धारा नियंत्रक (iii) कुंजी-स्विच (iv) ऐमीटर (v) वोल्ट मीटर।

(4) परिपथों की विद्युत धारा मापने के लिए जिस यंत्र का उपयोग करते हैं उसे ऐमीटर कहते हैं। इसे सदैव जिस परिपथ में विद्युत धारा मापी होती है, उसके श्रेणीक्रम में संयोजित करते हैं।

(5) किसी विद्युत परिपथ में इलेक्ट्रॉनों को गति प्रदान करने के लिए किसी सेल अथवा बैटरी का उपयोग करते हैं।

(6) विद्युत विभव-एकांक धन आवेश को अनन्त से विद्युत क्षेत्र के किसी बिन्दु तक लाने में किये गये कार्य को उस बिन्दु पर विद्युत विभव कहते हैं।

(7) विभवान्तर-विद्युत क्षेत्र में किसी एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक एकांक धन आवेश को बिना त्वरित किये ले जाने में जितना कार्य करना पड़ता है, वह उन दो बिन्दुओं के मध्य विभवान्तर है।

दोबिन्दुओंकेबीचविभवान्तर(V)=कियागयाकार्य(W)आवेश(Q)\text{दो} \text{बिन्दुओं} \text{के} \text{बीच} \text{विभवान्तर} (V)=\frac{\text{किया} \text{गया} \text{कार्य} (W)}{\text{आवेश} (Q)}

∴V=WQ∴V=\frac{W}{Q}

विद्युत विभवान्तर का SI मात्रक वोल्ट (V) है।

यदि किसी विद्युत धारावाही चालक के दो बिन्दुओं के बीच एक कूलॉम आवेश को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में 11 जूल कार्य किया जाता है तो उन दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर 11 वोल्ट होता है।

1वोल्ट=1जूल1कूलॉम1 \text{वोल्ट}=\frac{1 \text{जूल}}{1 \text{कूलॉम}}

(8) वोल्टमीटर-विभवान्तर की माप एक यंत्र द्वारा की जाती है, जिसे वोल्टमीटर कहते हैं। वोल्टमीटर को सदैव उन बिन्दुओं से पार्श्व क्रम में संयोजित करते हैं, जिनके बीच विभवान्तर मापना होता है।

(9) प्रतिरोध एक ऐसा गुणधर्म है जो किसी चालक में इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह का विरोध करता है। यह विद्युत धारा के परिणाम को नियंत्रित करता है। प्रतिरोध का SI मात्रक ओम ( ΩΩ ) है।

340

(10) ओम का नियम-किसी चालक की भौतिक अवस्थाएँ स्थिर रहें तो चालक के सिरों पर उत्पन्न विभवान्तर उसमें प्रवाहित धारा के समानुपाती होता है। V=IRV=IR , जहाँ RR स्थिरांक है, जिसे चालक का प्रतिरोध कहते हैं। R=V/IR=V/I

यदि किसी चालक में 11 ऐम्पियर धारा प्रवाहित करने पर उसके सिरों के मध्य विभवान्तर 11 वोल्ट हो जाये तो उस चालक का प्रतिरोध 11 ओम होता है। अर्थात् 1ओम=1वोल्ट/1ऐम्पियर1 \text{ओम}=1 \text{वोल्ट}/1 \text{ऐम्पियर} ।

वोल्ट-यदि 11 ओम प्रतिरोध वाले चालक तार में 11 ऐम्पियर धारा प्रवाहित की जाये तो उसके सिरों पर विभवान्तर 11 वोल्ट होगा।

(11) स्रोत की वोल्टता में बिना कोई परिवर्तन किए परिपथ की विद्युत धारा को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले अवयव को परिवर्ती प्रतिरोध कहते हैं।

(12) किसी विद्युत परिपथ में परिपथ के प्रतिरोध को परिवर्तित करने के लिए जिस युक्ति का उपयोग करते हैं उसे धारा नियंत्रक कहते हैं।

(13) किसी धातु के एक समान चालक का प्रतिरोध उसकी लंबाई ( ll ) के अनुक्रमानुपाती तथा उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल ( AA ) के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

अर्थात्

R∝lAR∝\frac{l}{A}

या

R=ρlAR=ρ\frac{l}{A}

जहाँ ρρ (रो) एक स्थिरांक है जिसे चालक के पदार्थ की वैद्युत प्रतिरोधकता कहते हैं।

विशिष्ट प्रतिरोध या प्रतिरोधकता—एक मीटर लम्बे और एक वर्ग मीटर अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले चालक तार के प्रतिरोध को उस पदार्थ की प्रतिरोधकता या विशिष्ट प्रतिरोध कहते हैं। इसका मात्रक Ω×मीटरΩ \times \text{मीटर} होता है। प्रतिरोधकता केवल पदार्थ की प्रकृति पर ही निर्भर रहती है।

चालक का प्रतिरोध उसके पदार्थ पर निर्भर करता है।

(14) किसी पदार्थ का प्रतिरोध तथा प्रतिरोधकता दोनों ही ताप में परिवर्तन के साथ परिवर्तित हो जाते हैं।

(15) श्रेणी क्रम में तुल्य प्रतिरोध

श्रेणीक्रम में संयोजित बहुत से प्रतिरोधकों का तुल्य प्रतिरोध उनके व्यष्टिगत प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है।

Rs=R1+R2+R3R_{s}=R_{1}+R_{2}+R_{3}

यदि प्रतिरोध तार तीन से अधिक हों तो तुल्य प्रतिरोध

Rs=R1+R2+R3+……+RnR_{s}=R_{1}+R_{2}+R_{3}+……+R_{n}

(16) समान्तर क्रम में तुल्य प्रतिरोध

पार्श्वक्रम (समानान्तर क्रम) से संयोजित प्रतिरोधकों के समूह के तुल्य प्रतिरोध का व्युत्क्रम पृथक प्रतिरोधों के व्युत्क्रमों के योग के बराबर होता है।

1Rp=1R1+1R2+1R3\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}+\frac{1}{R_{3}}

यदि प्रतिरोध तार तीन से अधिक हों, तो

1Rp=1R1+1R2+1R3+……+1Rn\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}+\frac{1}{R_{3}}+……+\frac{1}{R_{n}}

(17) विद्युत धारा का तापीय प्रभाव-जब हम किसी विद्युत पंखे को निरन्तर काफी समय तक चलाते हैं तो वह गर्म हो जाता है। इसके विपरीत यदि विद्युत परिपथ विशुद्ध रूप से प्रतिरोधक है अर्थात् बैटरी से केवल प्रतिरोधकों का एक समूह ही संयोजित है तो स्रोत की ऊर्जा निरन्तर पूर्ण रूप से ऊष्मा के रूप में क्षयित होती रहती है। इसे विद्युत धारा का तापीय प्रभाव कहते हैं।

किसी स्थायी विद्युत धारा II द्वारा समय tt में उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा

H=VItH=VIt

(18) जूल का तापन नियम-किसी प्रतिरोधक में उत्पन्न होने वाली ऊष्मा (i) दिये गये प्रतिरोधक में प्रवाहित होने

विज्ञान कक्षा-X

341

वाली विद्युतधारा के वर्ग के अनुक्रमानुपाती (ii) दी गई विद्युत धारा के लिए प्रतिरोध के अनुक्रमानुपाती तथा (iii) उस समय के अनुक्रमानुपाती होती है जिसके लिए गए प्रतिरोध से विद्युत धारा प्रवाहित होती है। अतः:

H=I2RtH=I^{2}Rt जूल

(19) विद्युत धारा के तापीय प्रभाव के व्यावहारिक अनुप्रयोग-विद्युत इस्तरी, विद्युत टोस्टर, विद्युत तंदूर, विद्युत केतली तथा विद्युत हीटर विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव पर आधारित उपकरण हैं।

(20) विद्युत ऊर्जा-किसी विद्युत स्रोत के द्वारा किसी विद्युत परिपथ में धारा को बनाये रखने में किया गया कार्य विद्युत ऊर्जा कहलाता है।

विद्युत ऊर्जा E=VItE=VIt

(21) विद्युत शक्ति-प्रति इकाई समय में व्यय की गई विद्युत ऊर्जा की मात्रा को विद्युत शक्ति कहते हैं।

P=WtP=\frac{W}{t}

∵W=विद्युतऊर्जा=VIt∵W=\text{विद्युत} \text{ऊर्जा}=VIt

∴P=VItt=VI∴P=\frac{VIt}{t}=VI

अतः: विद्युत शक्ति परिपथ पर आरोपित विभवान्तर तथा परिपथ में से होकर प्रवाहित विद्युत धारा के गुणनफल के बराबर होती है।

(22) विद्युत शक्ति के अन्य रूप-

P=VIP=VI

P=IR×I=I2R=V2RP=IR \times I=I^{2}R=\frac{V^{2}}{R}

विद्युत शक्ति का SISI मात्रक 'वाट' ( WW ) है। जब 1A1A विद्युत धारा 1V1V विभॉवांतर पर प्रवाहित होती है तो परिपथ में उपयुक्त शक्ति 1 वाट होती है।

(23) विद्युत ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक किलोवाट घण्टा ( kWhkWh ) है।

1kWh=1000वाट×3600सेकण्ड1 kWh=1000 \text{वाट} \times 3600 \text{सेकण्ड}

=3.6×106वाटसेकण्ड=3.6 \times 10^{6} \text{वाट} \text{सेकण्ड}

=3.6×106जूल(J)=3.6 \times 10^{6} \text{जूल} (J)

(24) 1 किलोवाट-घंटा का अर्थ है 1000 वाट का एक विद्युत उपकरण (जैसे heater) जब एक घण्टा तक जले, तब वह एक इकाई (Unit) बिजली व्यय करेगा।

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Q&A)

⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions)

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न–

प्रश्न 1. दो भौतिक राशियों A=3ΩA=3Ω एवं B=7×10−5ΩmB=7 \times 10^{-5}Ωm के मान चालकों की लम्बाई दुगुनी करने पर AA व BB के संगत मान क्रमशः होंगे– (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

(अ) A=3ΩA=3Ω , B=14×10−5ΩmB=14 \times 10^{-5}Ωm
(ब) A=6ΩA=6Ω , B=7×10−5ΩmB=7 \times 10^{-5}Ωm
(स) A=6ΩA=6Ω , B=14×10−5ΩmB=14 \times 10^{-5}Ωm
(द) A=3ΩA=3Ω , B=7×10−5ΩmB=7 \times 10^{-5}Ωm

प्रश्न 2. विद्युत धारा का SI मात्रक है– (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

(अ) कूलम्ब
(ब) वोल्ट
(स) ऐम्पियर
(द) जूल

प्रश्न 3. प्रतिरोध का मात्रक है– (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

(अ) ओम
(ब) वोल्ट
(स) ऐम्पियर
(द) वॉट

प्रश्न 4. 'ओम ×\times मीटर' निम्नलिखित में से राशि का मात्रक है–

(अ) प्रतिरोध
(ब) प्रतिरोधकता
(स) धारा
(द) विभवान्तर

प्रश्न 5. एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश का मान 1.6×10−191.6 \times 10^{-19} कूलॉम है। किसी तार में एक ऐम्पियर धारा प्रवाहित करने पर तार में से प्रति सेकण्ड प्रवाहित होने वाले इलेक्ट्रॉन की संख्या होगी–

(अ) 0.625×10−190.625 \times 10^{-19}
(ब) 1.6×10191.6 \times 10^{19}
(स) 1.6×10−191.6 \times 10^{-19}
(द) 0.625×10190.625 \times 10^{19}

प्रश्न 6. 6V6 V विभवांतर के दो बिंदुओं के बीच 1C1C आवेश को ले जाने में कितना कार्य किया जाता है?

(अ) 24J24 J
(ब) 6J6 J
(स) 12J12 J
(द) 3J3 J

प्रश्न 7. विभिन्न मान के प्रतिरोध तारों को श्रेणीक्रम में जोड़कर उन्हें विद्युत स्रोत से सम्बद्ध करने पर प्रत्येक प्रतिरोध में–

(अ) धारा और विभवान्तर का मान भिन्न-भिन्न होता है।
(ब) धारा और विभवान्तर का मान समान होता है।
(स) धारा समान बहती है लेकिन प्रत्येक का विभवान्तर भिन्न-भिन्न होता है।
(द) धारा का मान भिन्न-भिन्न होता है लेकिन सभी पर विभवान्तर समान होता है।

प्रश्न 8. विद्युत परिपथ में धारा मापने वाला उपकरण है– (प्रश्न बैंक)

(अ) अमीटर
(ब) वोल्टमीटर
(स) धारा नियंत्रक
(द) प्रतिरोध

प्रश्न 9. विद्युत परिपथ में किसी स्थान पर 33 सेकण्ड में 3030 कूलॉम आवेश प्रवाहित हो रहा है। उस स्थान पर विद्युत धारा का मान ऐम्पियर में होगा–

(अ) 0.10.1
(ब) 1010
(स) 9090
(द) 3333

प्रश्न 10. 1010 मीटर लम्बे तार का प्रतिरोध 1515 ओम है, यदि इसकी लम्बाई 55 मीटर कर दी जाए तो तार का प्रतिरोध (ओम में) अब होगा–

(अ) 7.57.5
(ब) 1515
(स) 2525
(द) 3030

प्रश्न 11. जब किसी चालक तार से विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो गतिशील कण में होते हैं–

(अ) परमाणु
(ब) आयन
(स) प्रोटॉन
(द) इलेक्ट्रॉन

प्रश्न [12]. निम्न में से कौन विद्युत का सुचालक है-

(अ) सल्फर
(ब) ग्रेफाइट
(स) प्लास्टिक
(द) आयोडीन

प्रश्न [13]. विद्युत बल्ब का तन्तु किस धातु का बना होता है?

(अ) लोहा
(ब) टंगस्टन
(स) ताँबा
(द) सोना

प्रश्न [14]. 11 किलो-वाट-घण्टा ( kWhkWh ) का व्यावहारिक मात्रक क्या होता है?

(अ) यूनिट
(ब) तार
(स) वाट-घण्टा
(द) जूल/घण्टा

प्रश्न [15]. किसी चालक का प्रतिरोध निर्भर करता है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

(अ) चालक की लम्बाई पर
(ब) चालक के अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर
(स) चालक की प्रकृति पर
(द) उपर्युक्त सभी पर

प्रश्न [16]. विद्युत प्रवाह की दिशा मानी जाती है-

(अ) ऋण टर्मिनल से धन टर्मिनल की ओर
(ब) धन टर्मिनल से ऋण टर्मिनल की ओर
(स) किसी भी दिशा में
(द) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न [17]. किसी विद्युत धारा के सतत् तथा बंद पथ को क्या कहते हैं?

(अ) विद्युत परिपथ
(ब) विद्युत धारा पथ
(स) विद्युत विभव पथ
(द) विद्युत शक्ति पथ

प्रश्न [18]. विद्युत धारा के तापीय प्रभाव का उपयोग किसमें नहीं होता है?

(अ) विद्युत हीटर
(ब) विद्युत इस्त्री
(स) विद्युत बल्ब
(द) विद्युत पंखा

प्रश्न [19]. यदि R1R_{1} व R2R_{2} के दो प्रतिरोध समान्तर श्रेणी में जुड़े हैं तो समतुल्य प्रतिरोध होगा- (प्रश्न बैंक)

(अ) R1R_{1} से अधिक
(ब) R2R_{2} से अधिक
(स) प्रत्येक से कम
(द) दोनों से अधिक

प्रश्न [20]. लम्बाई बढ़ने से तार का प्रतिरोध-

(अ) बढ़ता है
(ब) घटता है
(स) कोई परिवर्तन नहीं होता है
(द) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न [21]. समान्तर क्रम में संयोजित प्रतिरोधों की संख्या घटने के उपरान्त संयोजित प्रतिरोधों का कुल प्रतिरोध-

(अ) बढ़ता है
(ब) घटता है
(स) अपरिवर्तित
(द) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न [22]. विभवान्तर मापने वाले यंत्र को कहते हैं-

(अ) अमीटर
(ब) वोल्टमीटर
(स) गैल्वेनोमीटर
(द) धारा नियंत्रक

प्रश्न [23]. विद्युत आवेश का SISI मात्रक है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)

(अ) कूलॉम
(ब) वोल्ट
(स) ऐम्पियर
(द) ओम

प्रश्न [24]. दिए गए परिपथ में बिन्दु AA एवं BB के मध्य तुल्य प्रतिरोध है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)

[A triangle circuit with resistors of 2 Ω, 2 Ω, and 4 Ω]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 9

(अ) 2Ω2Ω
(ब) 3Ω3Ω
(स) 4Ω4Ω
(द) 8Ω8Ω

प्रश्न [25]. विद्युत शक्ति का SISI मात्रक है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

(अ) जूल
(ब) वाट
(स) ऐम्पियर
(द) वोल्ट

प्रश्न [26]. kWhkWh किस भौतिक राशि का मात्रक है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

(अ) शक्ति
(ब) विद्युत ऊर्जा
(स) संवेग
(द) बल

प्रश्न [27]. ओम के नियम से सम्बन्धित दिए गए विद्युत परिपथ में युक्ति (y)(y) को पहचानिये। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

विज्ञान कक्षा-X

357

[इलेक्ट्रिक सर्किट आरेख (Electric Circuit Diagram showing cell, key, ammeter/voltmeter and resistor)]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 10

(अ) वोल्टमीटर
(ब) कुंजी
(स) विद्युत सेल
(द) अमीटर

प्रश्न 28. tt समय में प्रतिरोध RR में धारा II प्रवाहित होने पर किये गये कार्य का सूत्र है-

(अ) W=IRtW=IRt
(ब) W=I2RtW=I^{2}Rt
(स) W=IR2tW=IR^{2}t
(द) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न 29. mAmA और μAμA के साथ क्रमशः है-

(अ) 10−610^{-6} और 10−9A10^{-9} A
(ब) 10−3A10^{-3} A और 10−6A10^{-6} A
(स) 10−3A10^{-3} A और 10−9A10^{-9} A
(द) 10−6A10^{-6} A और 10−3A10^{-3} A

प्रश्न 30. 100W100 W और 40W40 W के दो बल्ब श्रेणी में संयोजित हैं। 100W100 W के बल्ब से 1A1 A धारा प्रवाहित हो रही है। 40W40 W के बल्ब से प्रवाहित धारा का मान होगा-

(अ) 0.4A0.4 A
(ब) 0.6A0.6 A
(स) 0.8A0.8 A
(द) 1A1 A

प्रश्न 31. निम्नलिखित में से कौनस सम्बन्ध ओम का नियम नहीं है-

(अ) V∝IV∝I
(ब) V2I=नियतांक\frac{V^{2}}{I}=\text{नियतांक}
(स) V=IRV=IR
(द) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 32. फ्यूज को किसी संयंत्र के साथ किस क्रम में जोड़ा जाता है?

अथवा

फ्यूज तार घरेलू विद्युत परिपथ में किस क्रम में जोड़ा जाता है? ( प्रश्न बैंक )

(अ) समान्तर
(ब) श्रेणी
(स) दोनों में जोड़ा जा सकता है
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

प्रश्न 33. यदि किसी परिपथ में 11 कूलॉम आवेश को प्रवाहित करने में 11 जूल कार्य करना पड़ता है, तब दो बिन्दुओं के बीच विभवांतर होगा- ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24; प्रश्न बैंक )

(अ) 11 वोल्ट
(ब) 22 वोल्ट
(स) 33 वोल्ट
(द) 44 वोल्ट

प्रश्न 34. चालक तार का प्रतिरोध निम्न से किस पर निर्भर नहीं करता है? ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24 )

(अ) चालक तार की लंबाई पर
(ब) अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर
(स) उपर्युक्त दोनों
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

प्रश्न 35. निम्नलिखित में से सबसे अच्छा विद्युत का चालक है- ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025 )

(अ) लोहा
(ब) एल्यूमीनियम
(स) तांबा
(द) चाँदी

प्रश्न 36. दिए गए परिपथ चित्र में बिन्दु PP एवं QQ के मध्य तुल्य प्रतिरोध है- ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025 )

[समांतर एवं श्रेणी संयोजन का परिपथ आरेख जिसमें 4 Ω ऊपर तथा नीचे दो 2 Ω के प्रतिरोध जुड़े हैं]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 11

(अ) 1Ω1Ω
(ब) 2Ω2Ω
(स) 4Ω4Ω
(द) 8Ω8Ω

प्रश्न [37]. कोई विद्युत बल्ब, 220V220 V के जनित्र से जुड़ा हुआ है। यदि बल्ब से 0.50.5 एम्पियर की विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो बल्ब की शक्ति होगी- (माध्य.शिक्षाबोर्ड,मॉडलपेपर,2024−25)( \text{माध्य}. \text{शिक्षा} \text{बोर्ड}, \text{मॉडल} \text{पेपर}, 2024-25 )

(अ) 11वाट11 \text{वाट}
(ब) 110वाट110 \text{वाट}
(स) 440वाट440 \text{वाट}
(द) 220वाट220 \text{वाट}

प्रश्न [38]. किसी निश्चित प्रतिरोध के तार से धारा प्रवाहित करने पर उत्पन्न ऊष्मा किसके वर्ग के समानुपाती होगी- (प्रश्नबैंक)( \text{प्रश्न} \text{बैंक} )

(अ) समय जिसमें धारा प्रवाहित होगी
(ब) प्रतिरोधक के प्रतिरोध का परिमाण
(स) प्रतिरोधक का ताप
(द) विद्युत धारा का परिमाण

प्रश्न [39]. चालक तार की लम्बाई तथा अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल से तार के प्रतिरोध का सम्बन्ध है? (प्रश्नबैंक)( \text{प्रश्न} \text{बैंक} )

(अ) R∝LR∝L व R∝AR∝A
(ब) R∝1LR∝\frac{1}{L} व R∝1AR∝\frac{1}{A}
(स) R∝LR∝L व R∝1AR∝\frac{1}{A}
(द) कोई नहीं

प्रश्न [40]. यदि किसी चालक तार के अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल को आधा कर दिया जाए तो प्रतिरोध होगा- (प्रश्नबैंक)( \text{प्रश्न} \text{बैंक} )

(अ) चार गुना
(ब) दो गुना
(स) आधा
(द) एक चौथाई

उत्तर-तालिका

1. (ब)

2. (स)

3. (अ)

4. (ब)

5. (द)

6. (ब)

7. (स)

8. (अ)

9. (ब)

10. (अ)

11. (द)

12. (ब)

13. (ब)

14. (अ)

15. (द)

16. (ब)

17. (अ)

18. (द)

19. (स)

20. (अ)

21. (अ)

22. (ब)

23. (अ)

24. (अ)

25. (ब)

26. (ब)

27. (द)

28. (ब)

29. (ब)

30. (द)

31. (ब)

32. (ब)

33. (अ)

34. (द)

35. (द)

36. (ब)

37. (ब)

38. (द)

39. (स)

40. (ब)

    

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

प्रश्न [1]. किसी विद्युत परिपथ में इलेक्ट्रॉनों का जो ऋणावेश है, के प्रवाह की दिशा के ......................................... दिशा को विद्युत धारा की दिशा माना जाता है।

प्रश्न [2]. परिपथों की विद्युत धारा मापने के लिए जिस यंत्र का उपयोग करते हैं, उसे ......................................... कहते हैं।

प्रश्न [3]. विभवान्तर की माप एक यंत्र द्वारा की जाती है, जिसे ......................................... कहते हैं।

प्रश्न [4]. एक विद्युत परिपथ में धातु के तार के दो सिरों के बीच विभवान्तर उसमें प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के ......................................... होता है।

प्रश्न [5]. R=ρlAR=ρ\frac{l}{A} यहाँ ρρ आनुपातिकता स्थिरांक है।

प्रश्न [6]. विद्युत विभवान्तर का मात्रक ......................................... होता है।

प्रश्न [7]. विद्युत परिपथ में ऐमीटर ......................................... में संयोजित करते हैं।

प्रश्न [8]. वोल्टमीटर को सदैव उन बिन्दुओं से ......................................... संयोजित करते हैं, जिनके बीच विभवान्तर मापना होता है।

प्रश्न [9]. वोल्टमीटर को सदैव परिपथ में ......................................... में संयोजित किया जाता है। (माध्य.शिक्षाबोर्ड,मॉडलपेपर,2023−24)( \text{माध्य}. \text{शिक्षा} \text{बोर्ड}, \text{मॉडल} \text{पेपर}, 2023-24 )

प्रश्न [10]. 1kWh1kWh का मान ............................. जूल के बराबर है। (माध्य.शिक्षाबोर्ड,मॉडलपेपर,2024−25)( \text{माध्य}. \text{शिक्षा} \text{बोर्ड}, \text{मॉडल} \text{पेपर}, 2024-25 )

प्रश्न [11]. सामान्यतया विद्युत तार तांबे के बनाए जाते हैं क्योंकि .........................................। (माध्य.शिक्षाबोर्ड,2025)( \text{माध्य}. \text{शिक्षा} \text{बोर्ड}, 2025 )

प्रश्न [12]. किसी चालक में उत्पन्न ऊष्मा इसमें प्रवाहित धारा के.............................की समानुपाती होती है।

प्रश्न [13]. किसी चालक में उत्पन्न ऊष्मा चालक के.............................की अनुक्रमानुपाती होती है।

उत्तरमाला-

1. विपरीत

2. ऐमीटर

3. वोल्टमीटर

4. समानुपाती

5. ll

6. वोल्ट

7. श्रेणीक्रम

8. समान्तर क्रम में

9. पार्श्वक्रम

10. 3.6×1063.6 \times 10^{6}

11. इनकी प्रतिरोधकता कम होती है

12. वर्ग

13. प्रतिरोध।

विज्ञान कक्षा-X

359

सुमेलन सम्बन्धी प्रश्न-

1. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-

कॉलम X ( भौतिक राशि/नियम )

कॉलम Y ( सूत्र )

(i) विद्युत धारा

(a) R=R1+R2+R3R=R_{1}+R_{2}+R_{3}

(ii) विभवान्तर

(b) ρ=RA/lρ=RA/l

(iii) ओम का नियम

(c) 1R=1R1+1R2+1R3\frac{1}{R}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}+\frac{1}{R_{3}}

(iv) प्रतिरोधकता

(d) V=W/QV=W/Q

(v) श्रेणीक्रम संयोजन

(e) I=Q/tI=Q/t

(vi) समान्तर क्रम संयोजन

(f) V=IRV=IR

उत्तर- (i) (e) (ii) (d) (iii) (f) (iv) (b) (v) (a) (vi) (c)

2. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-

कॉलम X

कॉलम Y

(i) विद्युत धारा मापक यंत्र

(A) जूल का तापीय प्रभाव

(ii) विद्युत विभवान्तर मापक यंत्र

(B) विद्युत ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक

(iii) IRIR

(C) ऐमीटर

(iv) I2RtI^{2}Rt

(D) वोल्टमीटर

(v) ओम-मीटर ( Ω−mΩ-m )

(E) ओम का नियम

(vi) यूनिट ( kWhkWh )

(F) प्रतिरोधकता

उत्तर- (i) (C) (ii) (D) (iii) (E) (iv) (A) (v) (F) (vi) (B)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. दिए गए परिपथ चित्र संयोजन में 10Ω10Ω प्रतिरोध से प्रवाहित धारा I2I_{2} ज्ञात कीजिए।

[Electric circuit diagram with parallel resistors (5 ohm and 10 ohm) connected to a 12V battery and switch K, with currents I_1 and I_2]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 12

उत्तर -

I2=VR2I_{2}=\frac{V}{R_{2}}

I2=1210I_{2}=\frac{12}{10}

I2=1.2AI_{2}=1.2 A

प्रश्न 2. किसी विद्युत बल्ब के तंतु में से 0.250.25 एम्पियर विद्युत धारा 2020 मिनट तक प्रवाहित होती है। विद्युत परिपथ से प्रवाहित विद्युत आवेश का परिमाण ज्ञात कीजिए।

उत्तर- I=0.25AI=0.25 A , t=20min=1200सेकण्डt=20 min=1200 \text{सेकण्ड}

हम जानते हैं -

Q=ItQ=It

=0.25×1200=0.25 \times 1200

आवेश = 300कूलॉम300 \text{कूलॉम}

प्रश्न 3. एक 12Ω12Ω प्रतिरोध के तीन बराबर टुकड़े करके उन्हें त्रिभुजाकार आकृति में जोड़ा जाता है। त्रिभुज की किसी एक भुजा के दोनों सिरों के मध्य तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

[Triangular resistor network with three 4 ohm resistors labeled R1, R2, R3 between points A, B, C]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 13

हल-बिन्दु AA एवं BB के मध्य तुल्य प्रतिरोध-(i) R1R_{1} व R2R_{2} श्रेणीक्रम में है अतः:

R=R1+R2R=R_{1}+R_{2}

R=4+4=8ΩR=4+4=8Ω

R1R_{1} व R2R_{2} , R3R_{3} के पार्श्व क्रम में हैं

अतः:

1R′=1R+1R3\frac{1}{R^{′}}=\frac{1}{R}+\frac{1}{R_{3}}

1R′=18+14\frac{1}{R^{′}}=\frac{1}{8}+\frac{1}{4}

1R′=1+28=38\frac{1}{R^{′}}=\frac{1+2}{8}=\frac{3}{8}

R′=83=2.66Ωउत्तरR^{′}=\frac{8}{3}=2.66Ω \text{उत्तर}

प्रश्न 4. 22 ओम, 33 ओम तथा 66 ओम के तीन प्रतिरोधों को किस प्रकार संयोजित करेंगे कि संयोजन का कुल प्रतिरोध 11 ओम हो।

उत्तर— तीनों प्रतिरोधों को पार्श्वक्रम (समानान्तर क्रम) में संयोजित करने पर कुल प्रतिरोध 11 ओम होगा।

अतः: 1R=1R1+1R2+1R3\frac{1}{R}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}+\frac{1}{R_{3}} या 1R=12+13+16\frac{1}{R}=\frac{1}{2}+\frac{1}{3}+\frac{1}{6}

1R=3+2+16=66\frac{1}{R}=\frac{3+2+1}{6}=\frac{6}{6} ∴∴ R=1R=1 ओम

प्रश्न 5. दिए गए विद्युत परिपथ में परिणामी प्रतिरोध कितना है?

[Series resistor circuit with two 2 Ω resistors and a DC source]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 14

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

उत्तर— परिपथ में प्रतिरोध श्रेणी क्रम में संयोजित है। अतः श्रेणीक्रम में कुल प्रतिरोध R=R1+R2R=R_{1}+R_{2}

∴∴ R=2+2=4R=2+2=4 ओम

प्रश्न 6. ओम का नियम लिखिए।

उत्तर— ओम के नियम के अनुसार निश्चित ताप पर किसी चालक के सिरों के मध्य विभवान्तर उसमें प्रवाहित होने वाली धारा के अनुक्रमानुपाती होता है। अर्थात् V∝IV∝I

या V=IRV=IR (यहाँ RR एक स्थिरांक है, जिसे चालक का प्रतिरोध कहते हैं।)

प्रश्न 7. विद्युत ऊर्जा किसे कहते हैं?

उत्तर— विद्युत धारा द्वारा किसी कार्य को करने की क्षमता को विद्युत ऊर्जा कहते हैं।

प्रश्न 8. प्रतिरोध का SI मात्रक और उसका प्रतीक बताइए।

उत्तर— प्रतिरोध का SI मात्रक 'ओम' है, इसे ग्रीक भाषा के शब्द ΩΩ से निरूपित करते हैं।

प्रश्न 9. परिवर्ती प्रतिरोध किसे कहते हैं?

उत्तर— स्रोत की वोल्टता में बिना कोई परिवर्तन किए परिपथ की विद्युत धारा को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले अवयव को परिवर्ती प्रतिरोध कहते हैं।

प्रश्न 10. प्रतिरोध किसे कहते हैं? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— किसी चालक का वह गुण जिसके कारण वह अपने में प्रवाहित होने वाले आवेश के प्रवाह का विरोध करता है, प्रतिरोध कहलाता है।

प्रश्न 11. प्रतिरोधक क्या होता है?

उत्तर— वह चालक जो पर्याप्त प्रतिरोध लगाता है प्रतिरोधक कहलाता है।

प्रश्न 12. हीन चालक से क्या तात्पर्य है?

उत्तर— सर्वसम साइज का वह अवयव जो उच्च प्रतिरोध लगाता है, हीन चालक कहलाता है।

प्रश्न 13. विद्युत आवेश का मात्रक क्या है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— कूलॉम।

प्रश्न 14. विद्युत धारा द्वारा प्रदत्त ऊर्जा की दर का निर्धारण कैसे किया जाता है?

उत्तर—विद्युत धारा द्वारा प्रदत्त ऊर्जा की दर का निर्धारण विद्युत शक्ति द्वारा किया जाता है।

P=I2RP=I^{2}R

प्रश्न 15. विद्युत फ्यूज किस प्रकार से परिपथों तथा साधित्रों (उपकरणों) को सुरक्षा प्रदान करता है?

उत्तर—विद्युत फ्यूज परिपथों तथा साधित्रों की सुरक्षा उच्च विद्युत धारा को अनावश्यक रूप से, उनमें प्रवाहित न होने देकर करता है।

प्रश्न 16. विद्युत धारा किसे कहते हैं?

उत्तर—किसी चालक की अनुप्रस्थ काट से इकाई समय में बहने वाले आवेश को विद्युत धारा कहते हैं।

प्रश्न 17. इलेक्ट्रॉन पर आवेश का मान लिखिए।

उत्तर— −1.6×10−19-1.6 \times 10^{-19} कूलॉम।

प्रश्न 18. अमीटर का प्रतिरोध कितना होता है?

उत्तर—इसका प्रतिरोध अल्प (लगभग शून्य) होता है।

प्रश्न 19. यदि किसी परिपथ में एक कूलॉम आवेश 11 सेकण्ड तक प्रवाहित होता है तो परिपथ में प्रवाहित धारा का मान कितना होगा?

उत्तर—

विद्युतधाराI=आवेश(Q)समय(t)=11\text{विद्युत} \text{धारा} I=\frac{\text{आवेश} (Q)}{\text{समय} (t)}=\frac{1}{1}

∴∴ परिपथ में प्रवाहित धारा = 11 ऐम्पियर

प्रश्न 20. प्रायः बल्बों में नाइट्रोजन तथा आर्गन गैस क्यों भरी जाती है?

उत्तर—प्रायः बल्बों में रासायनिक दृष्टि से अक्रिय नाइट्रोजन तथा आर्गन गैस भरी जाती है जिससे उसके तंतु की आयु में वृद्धि हो जाती है।

प्रश्न 21. 'यूनिट' से क्या तात्पर्य है?

उत्तर—विद्युत ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक किलोवाट घंटा ( kWhkWh ) है जिसे सामान्य बोलचाल में यूनिट कहते हैं।

प्रश्न 22. जूल/कूलॉम किस भौतिक राशि का मात्रक है?

उत्तर—विद्युत विभव का।

प्रश्न 23. अमीटर को विद्युत परिपथ में कौनसे क्रम में लगाया जाता है?

उत्तर—अमीटर को सदैव परिपथ में श्रेणीक्रम में लगाया जाता है।

प्रश्न 24. किसी पदार्थ की प्रतिरोधकता किस बात पर निर्भर करती है? ( प्रश्न बैंक )

उत्तर—पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर करती है।

प्रश्न 25. ओम के नियम में V−IV-I में खींचा गया ग्राफ किस तरह का होता है?

उत्तर—निक्रोम तार के लिए V−IV-I ग्राफ सरल रेखीय ग्राफ दर्शाता है। जैसे-जैसे तार में प्रवाहित विद्युत धारा बढ़ती है, विभवान्तर रैखिकतः बढ़ता है।

प्रश्न 26. पदार्थ की वैद्युत प्रतिरोधकता से क्या तात्पर्य है?

उत्तर—किसी चालक की प्रतिरोधकता उस चालक के प्रतिरोध के बराबर होती है, जिसकी अनुप्रस्थ काट तथा लम्बाई इकाई है। इसका SISI मात्रक ΩmΩm है।

प्रश्न 27. श्रेणीक्रम संयोजन किसे कहते हैं?

उत्तर—यदि किसी विद्युत परिपथ में R1R_{1} , R2R_{2} तथा R3R_{3} प्रतिरोध के तीन प्रतिरोधकों को जब एक सिरे से दूसरे सिरे को मिलाकर जोड़ा गया हो तो इस संयोजन को श्रेणीक्रम संयोजन कहते हैं।

प्रश्न 28. पार्श्वक्रम संयोजन किसे कहते हैं?

उत्तर—प्रतिरोधकों का एक ऐसा संयोजन जिसमें तीन प्रतिरोध एक साथ बिन्दुओं XX तथा YY के बीच संयोजित हों तो इस संयोजन को पार्श्वक्रम संयोजन कहते हैं।

प्रश्न 29. यदि किसी परिपथ में प्रतिरोध का मान घटाना हो तो हमें क्या करना चाहिए?

उत्तर—किसी परिपथ में प्रतिरोध घटाने के लिए प्रतिरोध को समानान्तर क्रम में जोड़ा जाता है।

362

प्रश्न 30. किस धातु का प्रयोग प्रायः फ्यूज बनाने के लिए किया जाता है?

उत्तर— ताँबा अथवा टिन-सीसा मिश्र धातु का।

प्रश्न 31. किस संयोजन में तुल्य प्रतिरोध का मान अधिकतम होता है?

उत्तर— श्रेणीक्रम में।

प्रश्न 32. प्रतिरोधों के समान्तर क्रम संयोजन में सभी प्रतिरोधों में कौनसी राशि समान रहती है?

उत्तर— इस संयोजन में सभी प्रतिरोधी तारों के सिरों पर विभवान्तर ( VV ) समान होता है।

प्रश्न 33. ताप बढ़ाने पर अर्द्धचालकों के प्रतिरोध पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर— ताप बढ़ाने पर चालक का प्रतिरोध बढ़ता है, जबकि अर्द्धचालक का प्रतिरोध घटता है।

प्रश्न 34. यदि ll लम्बाई के चालक तार का प्रतिरोध RΩRΩ है तो उसी चालक तार से 2RΩ2RΩ प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए कितनी लम्बाई का तार लेना होगा? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)

उत्तर— 2l2l लम्बाई का तार अर्थात् दुगुनी लम्बाई का तार लेना होगा।

प्रश्न 35. किसी विद्युत परिपथ में धारा नियंत्रक का क्या कार्य है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)

उत्तर— किसी विद्युत परिपथ में परिपथ के प्रतिरोध को परिवर्तित करना।

प्रश्न 36. श्रेणीबद्ध परिपथ से एक प्रमुख हानि लिखिए।

उत्तर— जब परिपथ का एक अवयव कार्य करना बंद कर देता है तो परिपथ टूट जाता है और परिपथ का अन्य कोई अवयव कार्य नहीं कर पाता है।

प्रश्न 37. किसी प्रतिरोधक में उत्पन्न होने वाली ऊष्मा किन-किन पर निर्भर करती है?

उत्तर— (i) उत्पन्न होने वाली ऊष्मा विद्युत धारा के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होती है।

(ii) दी गई विद्युत धारा के लिए प्रतिरोध के अनुक्रमानुपाती तथा (iii) उस समय के अनुक्रमानुपाती होती है।

प्रश्न 38. बल्ब के तन्तुओं को बनाने के लिए टंगस्टन के किस गलनांक का उपयोग किया जाता है?

उत्तर— टंगस्टन गलनांक 3380∘C3380^{∘}C का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 39. घरेलू परिपथों में उपयोग होने वाली फ्यूज की अनुमत विद्युत धारा का मान लिखिए।

उत्तर— अनुमत विद्युत धारा 1A1A , 2A2A , 3A3A , 5A5A , 10A10A आदि होती है।

प्रश्न 40. विद्युत परिपथ में वोल्ट मीटर का कार्य बताइए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

उत्तर— वोल्टमीटर विद्युत परिपथ में दो बिन्दुओं के बीच सम्भावित अन्तर या वोल्टेज को मापने का कार्य करता है।

प्रश्न 41. दो भौतिक राशियों P=5ΩP=5Ω एवं Q=8×10−4ΩQ=8 \times 10^{-4}Ω के चालकों की लम्बाई आधी करने पर PP व QQ के संगत मान लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

उत्तर—

P=52=2.5ΩP=\frac{5}{2}=2.5Ω ,

Q=8×10−42=4×10−4ΩQ=\frac{8 \times 10^{-4}}{2}=4 \times 10^{-4}Ω

प्रश्न 42. विद्युत विभवान्तर की परिभाषा दीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

उत्तर— किसी धारावाही विद्युत परिपथ के दो बिन्दुओं के बीच विद्युत विभवान्तर को हम उस कार्य द्वारा परिभाषित करते हैं, जो एकांक आवेश को बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक लाने में किया जाता है।

प्रश्न 43. जूल के तापन नियम पर आधारित किन्हीं दो युक्तियों के नाम लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

उत्तर— (i) विद्युत टोस्टर (ii) विद्युत इस्त्री (iii) विद्युत तंदूर (iv) विद्युत केतली (v) विद्युत हीटर।

नोट— छात्र इनमें से कोई दो युक्तियों के नाम लिख सकते हैं।

प्रश्न 44. 12V12 V विभवान्तर के दो बिन्दुओं के बीच 2C2C आवेश को ले जाने में कितना कार्य किया जाता है?

उत्तर— दिया है— V=12V=12 वोल्ट, Q=2Q=2 कूलॉम

आवेश को स्थनान्तरित करने में किया गया कार्य

W=VQ=12वोल्ट×2कूलॉम=24जूलउत्तरW=VQ=12 \text{वोल्ट} \times 2 \text{कूलॉम}=24 \text{जूल} \text{उत्तर}

विज्ञान कक्षा-X 363

प्रश्न 45. परिपथ में विभवान्तर का मापन किस यंत्र से करते हैं?

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर- वोल्टमीटर।

प्रश्न 46. विद्युत बल्ब का तन्तु किसका बना होता है?

(प्रश्न बैंक)

उत्तर- टंगस्टन।

प्रश्न 47. विशिष्ट प्रतिरोध (प्रतिरोधकता) का मात्रक क्या है?

(प्रश्न बैंक)

उत्तर- ΩmΩm (ओम-मीटर)।

प्रश्न 48. (i) चालक तार की लम्बाई बढ़ने से तार का प्रतिरोध = बढ़ेगा या घटेगा।

(ii) चालक तार की मोटाई बढ़ने से तार का प्रतिरोध = घटेगा या बढ़ेगा।

(iii) समान्तर क्रम में संयोजित प्रतिरोधों की संख्या घटने के उपरान्त संयोजित प्रतिरोधों का कुल प्रतिरोध = बढ़ता है या घटता है?

(प्रश्न बैंक)

उत्तर-(i) बढ़ेगा (ii) घटेगा (iii) बढ़ेगा।

प्रश्न 49. भारत में प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति क्या है?

(प्रश्न बैंक)

उत्तर- 50हर्ट्ज50 \text{हर्ट्ज} ।

प्रश्न 50. विद्युत ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक क्या है?

(प्रश्न बैंक)

उत्तर- किलोवाट घंटा ( kWhkWh )।

प्रश्न 51. प्रतिरोध का सूत्र एवं मात्रक क्या है?

(प्रश्न बैंक)

उत्तर- प्रतिरोध का सूत्र =R=VI=R=\frac{V}{I}

( R=प्रतिरोध,V=विभवान्तर,I=विद्युतधाराR=\text{प्रतिरोध},V=\text{विभवान्तर},I=\text{विद्युत} \text{धारा} )

प्रतिरोध का मात्रक == ओम ( ΩΩ )

प्रश्न 52. पार्श्वक्रम संयोजन के लिए तुल्य प्रतिरोध का सूत्र लिखिए।

(प्रश्न बैंक)

उत्तर- पार्श्वक्रम संयोजन के लिए तुल्य प्रतिरोध 1Rp=1R1+1R2+1R3………\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}+\frac{1}{R_{3}}………

प्रश्न 53. श्रेणीक्रम संयोजन के लिए तुल्य प्रतिरोध का सूत्र लिखिए।

(प्रश्न बैंक)

उत्तर- श्रेणीक्रम संयोजन के लिए तुल्य प्रतिरोध Rs=R1+R2+R3R_{s}=R_{1}+R_{2}+R_{3}

प्रश्न 54. दो अर्द्धचालकों के नाम लिखिए।

(प्रश्न बैंक)

उत्तर- 1. सिलिकॉन 2. जर्मेनियम।

प्रश्न 55. जूल के तापन नियम को परिभाषित कीजिए।

(प्रश्न बैंक)

उत्तर- किसी प्रतिरोधक में उत्पन्न होने वाली ऊष्मा (i) दिये गये प्रतिरोधक में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के वर्ग के अनुक्रमानुपाती (ii) दी गई विद्युत धारा के लिए प्रतिरोध के अनुक्रमानुपाती तथा (iii) उस समय के अनुक्रमानुपाती होती है जिसके लिए दिए गए प्रतिरोध से विद्युत धारा प्रवाहित होती है। इसे जूल का तापन नियम कहते हैं।

प्रश्न 56. 100W100 W व 60W60 W के दो बल्ब श्रेणी क्रम में संयोजित है। 100W100 W के बल्ब से 1Amp1 Amp धारा प्रवाहित हो रही है तो 60W60 W के बल्ब से प्रवाहित धारा का मान कितना होगा?

(प्रश्न बैंक)

उत्तर- दोनों बल्ब श्रेणीक्रम में संयोजित है इसलिए दोनों में समान धारा प्रवाहित होगी अतः 60W60W के बल्ब से भी 1Amp1 Amp की धारा प्रवाहित होगी।

प्रश्न 57. घरेलू परिपथ में विद्युत का संयोजन किस प्रकार किया जाता है?

(प्रश्न बैंक)

उत्तर- घरेलू परिपथ में फ्यूज को श्रेणीक्रम में संयोजित करते हैं।

प्रश्न 58. 1 अश्वशक्ति में कितने वाट होते हैं? 1KWH1 KWH में कितने जूल होते हैं?

(प्रश्न बैंक)

उत्तर-

1 अश्वशक्ति =746वाट=746 \text{वाट}

1KWH=3.6×106जूल(J)1 KWH=3.6 \times 10^{6} \text{जूल} (J)

प्रश्न 59. किसी विद्युत परिपथ में अमीटर एवं वोल्टमीटर का संयोजन किस प्रकार किया जाता है? ( प्रश्न बैंक )

उत्तर- विद्युत परिपथ में अमीटर को श्रेणीक्रम में तथा वोल्टमीटर को समान्तर (पार्श्व क्रम) में संयोजित किया जाता है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न–

प्रश्न 1. निम्नांकित विद्युत अवयवों के प्रतीक बनाइए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

(अ) प्लग कुंजी (खुली)
(ब) धारा नियंत्रक

उत्तर–

| (ब) धारा नियंत्रक | ] |

[धारा नियंत्रक का प्रतीक]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 15

विद्युत अवयव

प्रतीक

(अ) प्लग कुंजी (खुली)

—( )—

प्रश्न 2. कुछ अवयव विद्युत धारा के प्रवाह के लिए सरल पथ प्रदान करते हैं जबकि अन्य इस प्रवाह का विरोध करते हैं? ऐसा क्यों होता है?

उत्तर– हम यह जानते हैं कि इलेक्ट्रॉनों की किसी परिपथ में गति के कारण ही परिपथ में कोई विद्युत धारा बनती है। तथापि, चालक के भीतर इलेक्ट्रॉन गति करने के लिए पूर्णतः स्वतंत्र नहीं होते। जिन परमाणुनों के बीच ये गति करते हैं उन्हीं के आकर्षण द्वारा इनकी गति नियंत्रित हो जाती है। इस प्रकार किसी चालक से होकर इलेक्ट्रॉनों की गति उसके प्रतिरोध द्वारा मंद हो जाती है। एक ही साइज के चालकों में वह चालक जिसका प्रतिरोध कम होता है, अधिक अच्छा चालक होता है। वह चालक जो पर्याप्त प्रतिरोध लगाता है, प्रतिरोधक कहलाता है।

प्रश्न 3. विद्युत धारा के तापीय प्रभाव के व्यावहारिक अनुप्रयोग को समझाइए।

उत्तर– किसी चालक में ऊष्मा उत्पन्न होना विद्युत धारा का अवश्यंभावी परिणाम है। बहुत सी स्थितियों में यह अवांछनीय होता है क्योंकि वह उपयोगी विद्युत ऊर्जा को ऊष्मा में रूपांतरित कर देता है। विद्युत परिपथों में अपरिहार्य तापन, परिपथ के अवयवों के ताप में वृद्धि कर सकता है जिससे उनके गुणों में परिवर्तन हो सकता है। विद्युत धारा की इस विशेषता का उपयोग विद्युत इस्तरी, विद्युत टोस्टर, विद्युत तंदूर, विद्युत केतली तथा विद्युत హీटर जैसी युक्तियों में किया जाता है। विद्युत तापन का उपयोग प्रकाश उत्पन्न करने में भी होता है जैसा कि विद्युत बल्ब में देखते हैं।

प्रश्न 4. विद्युत बल्ब विद्युत धारा की किस विशेषता/गुण पर आधारित है? उचित एवं सतत प्रकाश प्राप्त करने हेतु विद्युत बल्ब में क्या उपाय किए जाते हैं?

उत्तर– विद्युत बल्ब, विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर आधारित युक्ति है। विद्युत बल्ब का तंतु इस प्रकार का होता है कि वह विद्युत धारा द्वारा उत्पन्न ऊष्मा को रोक कर अत्यन्त तप्त हो जाता है जिससे प्रकाश उत्पन्न होने लगता है। इतने उच्च ताप पर तंतु को पिघलना नहीं चाहिए इसलिए बल्ब के तंतुओं को बनाने के लिए टंगस्टन (गलनांक 3380∘C3380^{∘}C ) का उपयोग किया जाता है जो उच्च गलनांक की एक प्रबल धातु है। विद्युतरोधी टेक का उपयोग करके तंतु को यथासंभव ताप विलगीत बनाया जाता है। प्रायः बल्बों में रासायनिक दृष्टि से अक्रिय नाइट्रोजन तथा आर्गन गैस भरी जाती है जिससे उसके तंतु की आयु में वृद्धि हो जाती है।

प्रश्न 5. एक ओम प्रतिरोध किसे कहते हैं?

उत्तर– एक ओम प्रतिरोध– किसी चालक में एक ऐम्पियर धारा प्रवाहित करने पर यदि उसके सिरों पर एक वोल्ट विभवान्तर उत्पन्न होता है तो चालक का प्रतिरोध 1Ω1Ω होगा।

प्रतिरोध की इकाई R=VI=वोल्टऐम्पियर=ओमR=\frac{V}{I}=\frac{\text{वोल्ट}}{\text{ऐम्पियर}}=\text{ओम}

विज्ञान कक्षा-X

365

यदि I=1I=1 ऐम्पियर, V=1V=1 वोल्ट तो R=1R=1 ओम

प्रश्न 6. श्रेणीक्रम एवं समान्तर क्रम संयोजन में अन्तर लिखो।

उत्तर– श्रेणीक्रम एवं समान्तर क्रम संयोजन में अन्तर–

श्रेणीक्रम

समान्तर क्रम

1. इस संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोध में प्रवाहित धारा का मान समान होता है।

1. इसमें प्रत्येक प्रतिरोध में प्रवाहित धारा का मान भिन्न होता है।

2. इसमें प्रत्येक प्रतिरोध के सिरों के मध्य विभवान्तर भिन्न होता है।

2. इसमें प्रत्येक प्रतिरोध के सिरों के मध्य विभवान्तर समान होता है।

3. इसमें तुल्य प्रतिरोध का मान सबसे अधिक प्रतिरोध के मान से अधिक होता है।

3. इसमें तुल्य प्रतिरोध का मान सबसे कम प्रतिरोध के मान से भी कम होता है।

प्रश्न 7. अमीटर एवं वोल्टमीटर में अन्तर लिखो।

उत्तर– अमीटर एवं वोल्टमीटर में अन्तर–

अमीटर

वोल्टमीटर

1. यह परिपथ में प्रवाहित धारा के मान को ज्ञात करने में काम आता है।

यह परिपथ में दो बिन्दुओं के मध्य विभवान्तर ज्ञात करता है।

2. इसका प्रतिरोध अल्प होता है।

इसका प्रतिरोध अधिक होता है।

3. यह परिपथ के श्रेणीक्रम में लगाया जाता है।

यह प्रतिरोध तार के समान्तर क्रम में लगाया जाता है।

प्रश्न 8. विद्युत ऊर्जा किसे कहते हैं? समझाइये।

उत्तर– हम जानते हैं विद्युत शक्ति (P)=विद्युतऊर्जा(H)समय(t)(P)=\frac{\text{विद्युत} \text{ऊर्जा} (H)}{\text{समय} (t)}

अर्थात् P=HtP=\frac{H}{t}

∴H=Pt∴H=Pt यदि विद्युत शक्ति (P)(P) को वाट में तथा समय (t)(t) सेकण्ड में मापा जाये तो विद्युत ऊर्जा का मान जूल में होगा।

जूल=वाट×सेकण्ड\text{जूल}=\text{वाट} \times \text{सेकण्ड}

अर्थात् किसी उपकरण की व्यय विद्युत ऊर्जा का मान उस उपकरण की शक्ति तथा समय के गुणनफल के बराबर होता है।

प्रश्न 9. किलोवाट-घंटा (kWh)(kWh) से क्या अभिप्राय है? 10 किलोवाट-घंटा में जूल की संख्या ज्ञात कीजिए।

हल– किलोवाट घंटा (kWh)(kWh) विद्युत ऊर्जा खर्च करने का मात्रक है। साधारण बोलचाल की भाषा में 1 किलोवाट घण्टा को 1 यूनिट कहते हैं।

अतः:

1किलोवाटघण्टा=1000वाट×घण्टा1 \text{किलोवाट} \text{घण्टा}=1000 \text{वाट} \times \text{घण्टा}

=1000वाट×60×60वाटसेकण्ड=1000 \text{वाट} \times 60 \times 60 \text{वाट} \text{सेकण्ड}

=3.6×106जूल=3.6 \times 10^{6} \text{जूल}

अतः 1010 किलोवाट घण्टा में जूल =10×3.6×106=10 \times 3.6 \times 10^{6}

=36×106जूलहोगा।उत्तर=36 \times 10^{6} \text{जूल} \text{होगा।} \text{उत्तर}

प्रश्न 10. विद्युत परिपथ के लिए ओम का नियम लिखिए। इसके लिए आवश्यक सूत्र भी लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)

अथवा

ओम का नियम लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर– ओम का नियम– यदि ताप आदि भौतिक अवस्थाएँ नियत रखी जायें तो किसी प्रतिरोधक (या अन्य ओमीय युक्ति) के सिरों के बीच उत्पन्न विभवान्तर उससे प्रवाहित धारा के समानुपाती होता है। RR , को युक्ति का प्रतिरोध कहा जाता है। इसका एक मात्रक **ओम (ohm)(ohm) ** है।

366 संजीब बुक्स

ओम के नियम का सूत्र— V=IRV=IR

यहाँ V=V= परिपथ में लगा विभव

I=I= परिपथ में बहने वाली धारा

R=R= चालक का प्रतिरोध।

प्रश्न 11. यदि 2Ω2Ω , 3Ω3Ω व 6Ω6Ω के तीन प्रतिरोधकों को पार्श्व क्रम में संयोजित किया जाता है तो संयोजन के तुल्य प्रतिरोध की गणना कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)

उत्तर— 2Ω2Ω , 3Ω3Ω व 6Ω6Ω के तीन प्रतिरोधकों को पार्श्व क्रम में संयोजित किया जाता है तो 1Ω1Ω का तुल्य प्रतिरोध प्राप्त होता है—

∵1Rp=1R1+1R2+1R3∵\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}+\frac{1}{R_{3}}

1Rp=12+13+16=3+2+16=66=1\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{2}+\frac{1}{3}+\frac{1}{6}=\frac{3+2+1}{6}=\frac{6}{6}=1

अतः Rp=1ΩR_{p}=1Ω उत्तर।

प्रश्न 12. एक 4Ω4Ω प्रतिरोधक में 10A10A धारा 22 सेकण्ड प्रवाहित करने पर उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा ज्ञात कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)

उत्तर— दिया गया है—

R=4ΩR=4Ω

I=10AI=10A

t=2st=2s

∵∵ जूल के तापन नियम के अनुसार उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा H=I2RtH=I^{2}Rt

मान रखने पर—

H=(10)2×4×2H=(10)^{2} \times 4 \times 2

H=800H=800

अतः उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा H=800JH=800J (जूूल)

प्रश्न 13. एक 10Ω10Ω प्रतिरोधक में 3A3A धारा 22 सेकण्ड तक प्रवाहित की जाती है। कुण्डली में उत्पन्न ऊष्मा का मान ज्ञात कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

उत्तर— दिया गया है—

R=10ΩR=10Ω

I=3AI=3A

t=2st=2s

∵∵ जूल के तापन नियम के अनुसार उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा H=I2RtH=I^{2}Rt

मान रखने पर—

H=(3)2×10×2H=(3)^{2} \times 10 \times 2

H=180H=180

अतः उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा H=180JH=180J (जूूल)

प्रश्न 14. निम्न परिपथ चित्र में बिन्दु AA व BB के मध्य तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए :

[Circuit diagram showing a 3 Ω resistor in series with a parallel combination of 3 Ω, 3 Ω and 6 Ω resistors between points A and B]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 16

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

विज्ञान कक्षा-X

367

उत्तर-

[Electric circuit diagram showing resistors in series and parallel combinations connected between terminals A and B]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 17

बिन्दु CC व DD के मध्य दोनों प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं जिनका तुल्य प्रतिरोध

R1=3+3R_{1}=3+3

R1=6ΩR_{1}=6Ω

इस तरह बिन्दु EE व FF के मध्य 6Ω6Ω के दो प्रतिरोध समान्तर क्रम में जुड़े हैं जिनका तुल्य प्रतिरोध—

1R2=16+16=13\frac{1}{R_{2}}=\frac{1}{6}+\frac{1}{6}=\frac{1}{3}

R2=3ΩR_{2}=3Ω

इस प्रकार बिन्दु AA व BB के मध्य 3Ω3Ω के दोनों प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हैं अतः तुल्य प्रतिरोध होगा—

R=R1+R2R=R_{1}+R_{2}

R=3+3R=3+3

R=6ΩR=6Ω

प्रश्न 15. लघुपथन के समय विद्युत धारा का प्रवाह (मान) बहुत अधिक बढ़ जाता है। क्यों? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— लघुपथन के दौरान विद्युत धारा का मान बहुत अधिक बढ़ जाता है क्योंकि परिपथ में प्रतिरोध बहुत कम हो जाता है। जब लघुपथन होता है, तो विद्युत धारा के लिए एक नया, कम प्रतिरोधी रास्ता बन जाता है। इस कम प्रतिरोध के कारण, धारा का प्रवाह बहुत तेजी से बढ़ जाता है।

प्रश्न 16. फ्यूज तार क्या है? इसका क्या महत्त्व है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— फ्यूज तार— यह किसी ऐसी धातु अथवा मिश्रधातु के तार का टुकड़ा होता है जिनका उचित गलनांक हो, जैसे—कॉपेर, ऐलुमिनियम, आयरन, लैड आदि।

महत्त्व— यह परिपथों तथा साधित्रों की सुरक्षा, किसी भी अनावश्यक रूप से उच्च विद्युत धारा को उनसे प्रवाहित न होने देकर करता है।

दीर्घउत्तरीय प्रश्न—

प्रश्न 1. 800W800 W अनुमत का कोई विद्युत रेफ्रिजरेटर 44 घंटे प्रतिदिन चलाया जाता है। 2.002.00 रु. प्रति kWhkWh की दर से सितम्बर माह का ऊर्जा का मूल्य ज्ञात कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

उत्तर—

P=800WP=800 W

t=4घण्टेt=4 \text{घण्टे}

दिनों की संख्या =30दिन(सितम्बरमाह)=30 \text{दिन} (\text{सितम्बर} \text{माह})

उपभुक्क्त ऊर्जा =800W×4घण्टे/दिन×30दिन=800 W \times 4 \text{घण्टे}/\text{दिन} \times 30 \text{दिन}

=800×4×30Wh=800 \times 4 \times 30 Wh

=960001000kWh=\frac{96000}{1000} kWh

=96kWh=96 kWh

सितम्बर माह का ऊर्जा का मूल्य =96kWh×2.00रु.प्रतिkWh=96 kWh \times 2.00 \text{रु}. \text{प्रति} kWh

=₹192=₹ 192

368

संदीप बुक्स

प्रश्न 2. दिये गए विद्युत् परिपथ में अमीटर का पाठ्यांक ज्ञात कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

[Electric circuit with parallel and series resistors, a voltmeter/battery of 8V, and an ammeter (A)]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 18

उत्तर— 3Ω3Ω के तीनों प्रतिरोध समान्तर क्रम में हैं-

∴तुल्यप्रतिरोध1R′=13+13+13=33∴ \text{तुल्य} \text{प्रतिरोध} \frac{1}{R^{′}}=\frac{1}{3}+\frac{1}{3}+\frac{1}{3}=\frac{3}{3}

∴R′=1Ω∴R^{′}=1Ω

अब 1Ω,1Ω1Ω,1Ω तथा 2Ω2Ω के प्रतिरोध श्रेणी क्रम में हैं।

∴परिपथकातुल्यप्रतिरोधR=1+1+2=4Ω∴ \text{परिपथ} \text{का} \text{तुल्य} \text{प्रतिरोध} R=1+1+2=4Ω

∴धाराI=VR=8V4Ω=2ऐम्पियर∴ \text{धारा} I=\frac{V}{R}=\frac{8 V}{4Ω}=2 \text{ऐम्पियर}

प्रश्न 3. ( अ ) यदि किसी विद्युत् बल्ब के तंतु का प्रतिरोध 1200Ω1200Ω है तो बल्ब 220V220 V स्रोत से कितनी विद्युत् धारा लेगा?

( ब ) यदि किसी विद्युत् हीटर की कुंडली का प्रतिरोध 100Ω100Ω है तो यह विद्युत् हीटर 220V220 V स्रोत से कितनी धारा लेगा? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

उत्तर— (अ) दिया गया है—

R=1200ΩR=1200Ω

V=220VV=220 V

विद्युत्धाराI=?\text{विद्युत्} \text{धारा} I=?

∴विद्युत्धाराI=VR∴ \text{विद्युत्} \text{धारा} I=\frac{V}{R}

अतःमानरखनेपर−I=2201200=0.18A\text{अतः} \text{मान} \text{रखने} \text{पर}- I=\frac{220}{1200}=0.18 A

(ब) दिया गया है— R=100Ω,V=220VR=100Ω,V=220 V

विद्युत्धाराI=VR\text{विद्युत्} \text{धारा} I=\frac{V}{R}

∴I=220100=2.2Aउत्तर∴I=\frac{220}{100}=2.2 A \text{उत्तर}

प्रश्न 4. चित्र के परिपथ आरेख में मान लीजिए प्रतिरोधक R1,R2वR3R_{1},R_{2} \text{व} R_{3} के मान क्रमशः 5Ω,10Ω,30Ω5Ω,10Ω,30Ω है तथा इन्हें 12V12 V की बैटरी से संयोजित किया गया है। तो ज्ञात कीजिए कि—

( अ ) प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित विद्युत् धारा का मान।

( ब ) परिपथ में प्रवाहित कुल विद्युत् धारा का मान। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

विज्ञान कक्षा-X

369

[Electric circuit diagram showing three resistors connected in parallel between points x and y, connected to a battery, plug key, and ammeter, with a voltmeter across points x and y]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 19

उत्तर -

[Electric circuit diagram with numerical values for resistors in parallel (R_1 = 5 Ω, R_2 = 10 Ω, R_3 = 130 Ω) and current divisions I_1, I_2, I_3]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 20

(अ) प्रत्येक प्रतिरोधक पर ओम का नियम लागू करने पर-

I1=VR1I_{1}=\frac{V}{R_{1}} , I2=VR2I_{2}=\frac{V}{R_{2}} , I3=VR3I_{3}=\frac{V}{R_{3}}

∵R1=5Ω∵R_{1}=5Ω , R2=10ΩR_{2}=10Ω , R3=130ΩR_{3}=130Ω तथा V=12VV=12V

∴I1=125=2.4A∴I_{1}=\frac{12}{5}=2.4A , I2=1210=1.2AI_{2}=\frac{12}{10}=1.2 A , I3=12130=0.09AI_{3}=\frac{12}{130}=0.09A

(ब) समान्तर क्रम में संयोजित होने पर-

1Rp=1R1+1R2+1R3\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}+\frac{1}{R_{3}}

1Rp=15+110+1130=26+13+1130\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{5}+\frac{1}{10}+\frac{1}{130}=\frac{26+13+1}{130}

1Rp=40130\frac{1}{R_{p}}=\frac{40}{130}

Rp=13040=134ΩR_{p}=\frac{130}{40}=\frac{13}{4}Ω

∴I=VRp=1213×4∴I=\frac{V}{R_{p}}=\frac{12}{13} \times 4

I=4813A=3.69AI=\frac{48}{13}A=3.69 A

अतः परिपथ में प्रवाहित कुल विद्युत धारा 3.69A3.69 A है।

प्रश्न 5. विद्युत परिपथ का व्यवस्था आरेख खींचिये और उसको समझाइए।

उत्तर— निम्न दिये गये चित्र में एक प्रतीकात्मक विद्युत परिपथ का व्यवस्था आरेख दिखाया गया है। परिपथ में विद्युत धारा मापने के लिए जिस यंत्र का उपयोग किया गया है, उसे एमीटर कहते हैं। इसको श्रेणीक्रम में संयोजित किया गया है। इसमें एक सेल, एक विद्युत बल्ब, एक एमीटर और प्लग कुंजी लगी हुई है। परिपथ में विद्युत धारा, सेल के धन टर्मिनल से सेल के ऋण टर्मिनल तक बल्ब और ऐमीटर से होकर प्रवाहित होती है।

[एक सेल, एक विद्युत बल्ब, एक ऐमीटर तथा एक प्लग कुंजी से मिलकर बने विद्युत परिपथ का व्यवस्था आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 21

चित्र - एक सेल, एक विद्युत बल्ब, एक ऐमीटर तथा एक प्लग कुंजी से मिलकर बने विद्युत परिपथ का व्यवस्था आरेख

प्रश्न 6. विद्युत विभव एवं विभवांतर को परिभाषित करो।

उत्तर— विद्युत विभव— "एकांक धन आवेश को अनन्त से विद्युत क्षेत्र के किसी बिन्दु तक बिना त्वरित किये लाने में जो कार्य होता है उस बिन्दु पर विद्युत विभव कहलाता है।"

यदि किसी धन आवेश QQ को अनन्त से विद्युत क्षेत्र के किसी बिन्दु तक लाने में किया गया कार्य WW हो तो उस बिन्दु पर विद्युत विभव VV होगा।

V=WQV=\frac{W}{Q}

यदि W=1W=1 जूल और Q=1Q=1 कूलॉम हो तो

V=11=1वोल्टहोगाV=\frac{1}{1}=1 \text{वोल्ट} \text{होगा}

अर्थात् 11 कूलॉम आवेश को अनन्त से विद्युत क्षेत्र के किसी बिन्दु तक लाने में 11 जूल कार्य करना पड़ता है उस बिन्दु का विभव 11 वोल्ट होता है।

विभवांतर— विद्युत क्षेत्र में किसी एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक एकांक धन आवेश को बिना त्वरित किये ले जाने के लिए जितना कार्य करना पड़ता है, वह उन दो बिन्दुओं के मध्य विभवांतर होता है।

अतः दो बिन्दुओं के बीच विभवांतर

V=कियागयाकार्य(W)आवेश(Q)V=\frac{\text{किया} \text{गया} \text{कार्य} (W)}{\text{आवेश} (Q)}

अर्थात्

V=WQV=\frac{W}{Q}

वैद्युत विभवांतर का SI मात्रक वोल्ट होता है। विभवांतर की माप एक यंत्र द्वारा की जाती है, जिसे वोल्टमीटर कहते हैं।

प्रश्न 7. एक ही पदार्थ के दो चालकों की मोटाइयाँ समान हैं तथा जिनकी लम्बाइयाँ 1:21:2 के अनुपात में हैं तो इनके प्रतिरोधों का अनुपात क्या होगा?

उत्तर— दोनों चालक एक ही पदार्थ के हैं। इसलिये अनुप्रस्थ काट और प्रतिरोधकता अथवा विशिष्ट प्रतिरोध का मान स्थिरांक होगा-

प्रतिकरोध

R1=ρl1A……(1)R_{1}=\frac{ρl_{1}}{A}……(1)

इसी तरह से - प्रतिरोध R2=ρl2A……(2)R_{2}=\frac{ρl_{2}}{A}……(2)

समीकरण (1) में समी. (2) का भाग देने पर

विज्ञान कक्षा-X

371

R1R2=l1l2\frac{R_{1}}{R_{2}}=\frac{l_{1}}{l_{2}}

लेकिन दिया गया है-

l1l2=12\frac{l_{1}}{l_{2}}=\frac{1}{2}

∴R1R2=12∴\frac{R_{1}}{R_{2}}=\frac{1}{2}

R1:R2=1:2R_{1}:R_{2}=1:2 उत्तर

प्रश्न 8. उपयुक्त परिपथ चित्र बनाइए जब-

(a) 5Ω5Ω , 10Ω10Ω व 15Ω15Ω के प्रतिरोधों को 12V12 V की बैटरी के साथ श्रेणीक्रम में जोड़कर कुल विभवान्तर ज्ञात किया जाता है।
(b) 2Ω2Ω , 4Ω4Ω व 6Ω6Ω के प्रतिरोधों को 6V6 V की बैटरी के साथ पार्श्वक्रम में जोड़कर कुल विभवान्तर ज्ञात किया जाता है।

उत्तर-(a) कुल विभवान्तर जब प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हैं-

[Electric circuit diagram showing three resistors in series with an ammeter, voltmeter, battery, and key]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 22

(b) कुल विभवान्तर जब प्रतिरोध पार्श्वक्रम में जुड़े हैं-

[Electric circuit diagram showing three resistors in parallel with an ammeter, voltmeter, battery, and key]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 23

प्रश्न 9. जब कोई विद्युत हीटर स्रोत से 4A4A विद्युतधारा लेता है, तब उसके टर्मिनलों के बीच विभवान्तर 60V60V है। उस समय विद्युत हीटर कितनी विद्युतधारा लेगा जब विभवान्तर को 120V120V तक बढ़ा दिया जाएगा?

उत्तर- दिया गया है -

I=4I=4 ऐम्पियर

V=60V=60 वोल्ट

सूत्र-

V=IRV=IR

∴∴

R=VIR=\frac{V}{I}

तो

R=604=15ΩR=\frac{60}{4}=15Ω

पुनः:

V=IRV=IR

या

I=VRI=\frac{V}{R}

∴∴

I=12015=8AI=\frac{120}{15}=8 A

अर्थात् तब विद्युत हीटर से प्रवाहित विद्युत धारा का मान 8A8A हो जाता है।

372

प्रश्न 10. 4Ω4Ω , 6Ω6Ω तथा 8Ω8Ω प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में 9V9V की बैटरी से संयोजित किया गया है-

(क) उपर्युक्त का परिपथ चित्र बनाइए।
(ख) परिपथ में प्रवाहित कुल धारा की गणना कीजिए।

[Series combination circuit of 4 ohm, 6 ohm, and 8 ohm resistors with a 9V battery and switch]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 24

उत्तर-(क)

प्रतिरोधों के संयोजन का परिपथ

(ख) 4Ω4Ω , 6Ω6Ω तथा 8Ω8Ω प्रतिरोधकों का श्रेणीक्रम में तुल्य प्रतिरोध

R=R1+R2+R3R=R_{1}+R_{2}+R_{3}

∴R=4+6+8∴R=4+6+8

=18Ω=18Ω

सूत्र -

V=IRसेV=IR \text{से}

I=VRI=\frac{V}{R}

∴I=9V18Ω=0.5ऐम्पियर∴I=\frac{9V}{18Ω}=0.5 \text{ऐम्पियर}

अतः परिपथ में प्रवाहित कुल धारा I=0.5ऐम्पियरI=0.5 \text{ऐम्पियर}

प्रश्न 11. पार्श्व परिपथ में ज्ञात कीजिए-

(क) परिपथ का कुल प्रतिरोध।
(ख) परिपथ में प्रवाहित धारा।

[Parallel and series combination circuit with 4 ohm, three 3 ohm resistors in parallel, and a 6V battery]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 25

उत्तर-(क) 3Ω3Ω के तीनों प्रतिरोधकों का समान्तर क्रम में तुल्य प्रतिरोध

1R=1R1+1R2+1R3\frac{1}{R}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}+\frac{1}{R_{3}}

या

1R=13+13+13=1+1+13=33\frac{1}{R}=\frac{1}{3}+\frac{1}{3}+\frac{1}{3}=\frac{1+1+1}{3}=\frac{3}{3}

∴R=1Ω∴R=1Ω

यह 1Ω1Ω का प्रतिरोध 4Ω4Ω के प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में जुड़ा हुआ है। अतः श्रेणीक्रम में तुल्य प्रतिरोध

R=R′+RR=R^{′}+R

=4Ω+1Ω=5Ω=4Ω+1Ω=5Ω

(ख)

प्रतिरोधR=5Ω\text{प्रतिरोध} R=5Ω

∴R′=4Ω∴R^{′}=4Ω

विभवान्तरV=6V\text{विभवान्तर} V=6V

∴V=IR∴V=IR

विज्ञान कक्षा-X

373

therefore I &= V/R

&= 6 V/5 Ω = 1.2 ऐम्पियर

प्रश्न 12. एक विद्युत युक्ति 2kW2 kW की विद्युत शक्ति का उपयोग करती है जब उसे 220V220 V पर प्रचालित करते हैं। इस प्रकरण में कितने अनुमतांक के फ्यूज का उपयोग किया जाना चाहिए?

उत्तर- यहाँ दिया हुआ है :

P=2kWP=2 kW

=2000W=2000 W

V=220VV=220 V

सूत्र P=VIP=VI से

2000W=220V×I2000 W=220 V \times I

I &= 2000 W/220 V

I &= 9.09 A

अतः विद्युत परिपथ में 9.09A9.09 A की विद्युत धारा प्रवाहित होती है इसलिए इस प्रकरण में 10A10 A अनुमतांक का फ्यूज उपयोग किया जाना चाहिए।

प्रश्न 13. एक 100वॉट100 \text{वॉट} के बल्ब का प्रतिदिन 1010 घंटे उपयोग किया जाता है। यदि विद्युत ऊर्जा की दर 4.004.00 रुपए प्रति यूनिट है, तो 3030 दिन में विद्युत खर्च की गणना कीजिए।

उत्तर- बल्ब में प्रतिदिन खर्च की गई ऊर्जा

=100W×10h=1,000Wh=100 W \times 10 h=1,000 Wh

∴30∴30 दिनों में खर्च की गई कुल विद्युत ऊर्जा

=1,000×30=30,000Wh=1,000 \times 30=30,000 Wh

&= 30000/1000 kWh

&= 30 kWh

&= 30 यूनिट (because 1 kWh = 1 यूनिट)

44 रुपए प्रति यूनिट की दर से कुल ऊर्जा खर्च

=4×30=120रुपए=4 \times 30=120 \text{रुपए}

प्रश्न 14. श्रेणी क्रम में संयोजित चार प्रतिरोधकों R1R_{1} , R2R_{2} , R3R_{3} एवं R4R_{4} के तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करने के सूत्र की व्युत्पत्ति कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)

उत्तर- किसी परिपथ में विद्युत धारा ( II ) प्रवाहित होने पर श्रेणीक्रम में लगे प्रतिरोधकों R1R_{1} , R2R_{2} , R3R_{3} एवं R4R_{4} पर क्रमशः V1V_{1} , V2V_{2} , V3V_{3} एवं V4V_{4} विभवान्तर उत्पन्न होते हैं। इनका कुल विभवान्तर समस्त प्रतिरोधकों के विभवान्तर का योग होगा -

V=V1+V2+V3+V4……(1)V=V_{1}+V_{2}+V_{3}+V_{4}……(1)

समस्त परिपथ पर ओम का नियम प्रयुक्त करने पर -

V=IR……(2)V=IR……(2)

चारों प्रतिरोधकों पर पृथक्-पृथक् ओम का नियम प्रयुक्त करने पर -

V_1 &= IR_1 ……(3a)

V_2 &= IR_2 ……(3b)

V_3 &= IR_3 ……(3c)

V_4 &= IR_4 ……(3d)

समीकरण (1) व (2) से-

IR=IR1+IR2+IR3+IR4IR=IR_{1}+IR_{2}+IR_{3}+IR_{4}

अथवा

R=R1+R2+R3+R4R=R_{1}+R_{2}+R_{3}+R_{4} .....(4)

अतः श्रेणीक्रम में संयोजित प्रतिरोधकों का तुल्य प्रतिरोध R1,R2,R3R_{1},R_{2},R_{3} एवं R4R_{4} के योग के बराबर होता है।

प्रश्न 15. (i) विद्युत विभवान्तर को परिभाषित कीजिए। इसका SI मात्रक भी लिखिए।

(ii) विद्युत विभवान्तर के मापन के लिए कौन सा यंत्र काम में लिया जाता है तथा इसे परिपथ में किस क्रम में जोड़ा जाता है?

(iii) ओम के नियम में विभवान्तर ( VV ) एवं विद्युत धारा ( II ) के मध्य ग्राफ (आरेख) बनाइए।

( माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024 )

अथवा

(iii) नाइक्रोम तार के लिए विभवान्तर एवं धारा के मध्य ग्राफ खींचिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर—(i) किसी धारावाही विद्युत परिपथ के दो बिन्दुओं के बीच विद्युत विभवान्तर को हम उस कार्य द्वारा परिभाषित करते हैं, जो एकांक आवेश को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक लाने में किया जाता है।

विद्युत विभवान्तर का SI मात्रक—'वोल्ट' ( VV ) है।

(ii) विद्युत विभवान्तर के मापन के लिए 'वोल्टमीटर' काम में लिया जाता है। वोल्टमीटर को सदैव उन बिन्दुओं से पार्श्वक्रम संयोजित करते हैं, जिनके बीच विभवान्तर मापना होता है।

(iii)

[V-I graph for Nichrome wire showing linear relationship between potential difference and current]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 26

चित्र—निक्रोम तार के लिए V-I ग्राफ। सरल रेखीय ग्राफ यह दर्शाता है कि जैसे-जैसे तार में प्रवाहित विद्युत धारा बढ़ती है विभवान्तर रैखिकतः बढ़ता है। यही ओम का नियम है।

प्रश्न 16. (i) विद्युत प्रतिरोध को परिभाषित कीजिए। इसका SI मात्रक भी लिखिए।

( माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025 )

(ii) विद्युत धारा के मापन के लिए कौन सा यंत्र काम में लिया जाता है तथा इसे परिपथ में किस क्रम में जोड़ा जाता है?

(iii) ओम के नियम के प्रायोगिक अध्ययन के लिए नामांकित विद्युत परिपथ चित्र बनाइए।

( माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025; 2024; प्रश्न बैंक )

उत्तर—(i) किसी चालक का वह गुण जिसके कारण वह अपने में प्रवाहित होने वाले आवेश के प्रवाह का विरोध करता है, प्रतिरोध कहलाता है।

विज्ञान कक्षा-X

375

विद्युत प्रतिरोध का SI मात्रक—'ओम' ( ΩΩ ) है।

(ii) विद्युत धारा के मापन के लिए 'ऐमीटर' का उपयोग किया जाता है। ऐमीटर को सदैव जिस परिपथ में विद्युत धारा मापनी होती है, उसके श्रेणीक्रम में संयोजित करते हैं।

(iii)

[ओम के नियम के अध्ययन के लिए विद्युत परिपथ जिसमें एक बैटरी, परिवर्ती प्रतिरोध X-Y, कुंजी K, ऐमीटर और वोल्टमीटर जुड़े हैं]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 27

चित्र-ओम के नियम के अध्ययन के लिए विद्युत परिपथ

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. ( अ ) कौन से कारक हैं जिन पर एक चालक का प्रतिरोध निर्भर करता है? प्रतिरोधकता को परिभाषित कीजिए तथा इसका SI मात्रक लिखिए।

( ब ) दिए गए परिपथ में कुल प्रतिरोध एवं प्रवाहित कुल धारा का मान बताइए।

अथवा

( अ ) वे कौनसे कारक हैं जिन पर एक चालक तार का प्रतिरोध निर्भर करता है?

( ब ) दिए गए परिपथ में कुल प्रतिरोध एवं प्रवाहित धारा का मान बताइए। ( प्रश्न बैंक )

[चार प्रतिरोधों (2 Ω, 2 Ω, 2 Ω, 2 Ω) का संयोजन और 6 V की बैटरी वाला परिपथ]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 28

उत्तर-( अ ) किसी चालक का प्रतिरोध निम्न कारकों पर निर्भर करता है-

(i) चालक की लम्बाई ( ll ) पर। (ii) उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर। (iii) प्रतिरोध के पदार्थ की प्रकृति तथा चालक का तापमान।

यह चालक की लम्बाई ( ll ) के अनुक्रमानुपाती तथा उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल ( AA ) के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

अर्थात्

R∝lR∝l

तथा

R∝1AR∝\frac{1}{A}

∴R∝lA∴R∝\frac{l}{A}

अथवा

R=ρlAR=ρ\frac{l}{A}

यहाँ ρρ (रो) एक आनुपातिक स्थिरांक है, जिसे चालक के पदार्थ की वैद्युत प्रतिरोधकता कहते हैं।

विशिष्ट प्रतिरोध या प्रतिरोधकता-एक मीटर लम्बे और एक वर्ग मीटर अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले चालक तार के प्रतिरोध को उस पदार्थ की प्रतिरोधकता या विशिष्ट प्रतिरोध कहते हैं। इसका मात्रक ओम ×\times मीटर होता है। प्रतिरोधकता केवल पदार्थ की प्रकृति पर ही निर्भर रहती है।

376

( ब ) दिए गए परिपथ में 2Ω2Ω तथा 2Ω2Ω के प्रतिरोध श्रेणीक्रम में संयोजित हैं। अतः इनका तुल्य प्रतिरोध

R1=2+2=4ΩR_{1}=2+2=4Ω

R2=2+2=4ΩR_{2}=2+2=4Ω

यह 4Ω4Ω के दोनों प्रतिरोध पार्श्वक्रम में संयोजित हैं। अतः इनका तुल्य प्रतिरोध होगा-

1R=1R1+1R2\frac{1}{R}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}

=14+14=24=12=\frac{1}{4}+\frac{1}{4}=\frac{2}{4}=\frac{1}{2}

∴R=2Ω∴R=2Ω

अतः तुल्य प्रतिरोध 2Ω2Ω होगा।

हम जानते हैं- धारा=I=VR\text{धारा}=I=\frac{V}{R}

यहाँ V=6VV=6V तथा R=2ΩR=2Ω है।

अतः:

I=62=3ऐम्पियरI=\frac{6}{2}=3 \text{ऐम्पियर} उत्तर

प्रश्न 2. विद्युत परिपथों में उपयोग होने वाले फ्यूज की कार्य पद्धति को समझाइए।

उत्तर—विद्युत परिपथों में उपयोग होने वाला फ्यूज परिपथों तथा साधिथ्रों की सुरक्षा, किसी भी अनावश्यक रूप से उच्च विद्युत धारा को उनसे प्रवाहित न होने देकर करता है। फ्यूज को युक्ति के साथ श्रेणीक्रम में संयोजित करते हैं। फ्यूज किसी ऐसी धातु अथवा मिश्रधातु के तार का टुकड़ा होता है जिसका उचित गलनांक हो, जैसे-ऐलुमिनियम, कॉपर, आयरन, लैड आदि।

यदि परिपथ में किसी निर्दिष्ट मान से अधिक मान की विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो फ्यूज तार के ताप में वृद्धि होती है। इससे फ्यूज तार पिघल जाता है और परिपथ टूट जाता है। फ्यूज तार प्रायः धातु के सिरे वाले पार्सिलेन अथवा इसी प्रकार के विधुतरोधी पदार्थ के कार्ट्रिज में रखा जाता है। घरेलू परिपथों में उपयोग होने वाली फ्यूज की अनुमत विद्युत धारा 1A1A , 2A2A , 3A3A , 5A5A , 10A10A आदि होती है।

प्रश्न 3. ओम के नियम का सत्यापन कीजिए। इस नियम के सत्यापन को प्रयोग द्वारा समझाइए। (प्रश्न बैंक)

अथवा

ओम का नियम क्या है? इसके प्रायोगिक सत्यापन के परिपथ का नामांकित चित्र बनाकर वर्णन कीजिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर—ओम के नियमानुसार, “यदि किसी चालक की भौतिक अवस्थाएँ, जैसे-ताप आदि में कोई परिवर्तन न हो, तो उसके सिरों पर लगाया गया विभवान्तर, उसमें प्रवाहित धारा के अनुक्रमानुपाती होता है।"

यदि किसी चालक के सिरों का विभवान्तर ( VV ) वोल्ट लगाने से उसमें 11 ऐम्पियर की धारा प्रवाहित हो, तो

V∝IV∝I

या

V=RIV=RI

यहाँ RR एक नियतांक है, जिसे चालक का प्रतिरोध कहते हैं। यदि भौतिक अवस्थाएँ न बदलें, तो RR का मान निश्चित रहता है।

ओम के नियम का सत्यापन करने के लिए किसी चालक जैसे-मैंगनीज का प्रतिरोधी तार लेते हैं। इसके श्रेणीक्रम में सेलों की एक बैटरी एमीटर, धारा नियंत्रक तथा कुंजी लगाते हैं। तार के सिरों पर एक वोल्टमीटर लगाते हैं, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।

[ओम के नियम के सत्यापन का परिपथ चित्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 29

विज्ञान कक्षा-X

377

कुंजी लगाते ही पूरे परिपथ में विधुतधारा बहने लगती है। धारा II का मान एमीटर से तथा प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवानंतर ( VV ) वोल्टमीटर से पढ़कर सारणी में लिख लिया जाता है। अब धारा नियंत्रक द्वारा परिपथ में बहने वाली धारा का मान बदल-बदलकर हर बार एमीटर तथा वोल्टमीटर के पाठ सारणी में लिख लेते हैं। अब VV तथा II में ग्राफ खींचते हैं। ग्राफ सरल रेखा में प्राप्त होता है। अतः तार के सिरों के बीच विभवानंतर तथा उसमें बहने वाली धारा परस्पर अनुक्रमानुपाती होती है अर्थात् चालक ओम के नियम का पालन करता है।

[विभवानंतर (वोल्ट में) और धारा का मान (ऐम्पियर में) के बीच ग्राफ]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 30

चित्र

प्रश्न 4. किसी चालक का प्रतिरोध किन-किन कारकों पर निर्भर करता है ? समझाइये।

उत्तर—किसी चालक का प्रतिरोध निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है—

(1) लम्बाई पर निर्भरता—किसी चालक तार का प्रतिरोध ( RR ) उसकी लम्बाई ( LL ) के अनुक्रमानुपाती होता है, अर्थात् R∝LR∝L यदि किसी चालक का अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल समान हो और उसकी लम्बाई को बढ़ाया जाये तो उसके प्रतिरोध का मान भी बढ़ जाता है। यदि उसकी लम्बाई को कम कर दिया जाए तो उसका प्रतिरोध भी कम हो जाता है।

(2) प्रतिरोध की अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर निर्भरता—किसी चालक का प्रतिरोध उसके अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है। यदि किसी तार का प्रतिरोध RR है और अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल AA है तो—

R∝1AR∝\frac{1}{A}

[प्रतिरोध (R) व अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रम में आलेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 31

चित्र-प्रतिरोध ( RR ) व अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रम में आलेख

(3) प्रतिरोध की पदार्थ की प्रकृति पर निर्भरता—यदि समान लम्बाई तथा अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल के दो चालक तार लेते हैं जिनमें से एक ताँबा तथा दूसरा लोहे का हो एवं इन दोनों को क्रम से विद्युत परिपथ में संयोजित कर धारा प्रवाहित की जाए तो हम देखते हैं कि ताँबे में अधिक धारा प्रवाहित होगी। अर्थात् ताँबे का प्रतिरोध लोहे की अपेक्षा कम होता है। अतः चालक का प्रतिरोध उसके पदार्थ पर निर्भर करता है।

(4) ताप का प्रभाव—कुछ धातु चालकों का प्रतिरोध, ताप के साथ बढ़ता है, जैसे-ताँबा, चाँदी आदि। कुछ धातुएँ मिश्र होती हैं जैसे मैंगनीज तथा कान्सटेण्टन, का प्रतिरोध ताप परिवर्तन के साथ बहुत कम परिवर्तित होता है। इसके विपरीत, अर्द्धचालकों का प्रतिरोध ताप बढ़ाने पर कम होता है। जैसे-सिलिकॉन ( SiSi ), जर्मेनियम ( GeGe ) आदि।

प्रश्न 5. विद्युत परिपथों के आरेख में सामान्यतः उपयोग होने वाले अवयवों के प्रतीकों को प्रदर्शित कीजिए।

उत्तर-

क्रम सं.

अवयव

प्रतीक

1.

विद्युत सेल

![सेल प्रतीक](https://placeholder.svg)

2.

बैटरी अथवा सेलों का संयोजन

![बैटरी प्रतीक](https://placeholder.svg)

3.

(खुली) प्लग कुंजी अथवा स्विच

![खुली कुंजी प्रतीक](https://placeholder.svg)

4.

(बंद) प्लग कुंजी अथवा स्विच

![बंद कुंजी प्रतीक](https://placeholder.svg)

5.

तार संधि

![तार संधि प्रतीक](https://placeholder.svg)

6.

(बिना संधि के) तार क्रॉसिंग

![तार क्रॉसिंग प्रतीक](https://placeholder.svg)

7.

विद्युत बल्ब

![बल्ब प्रतीक](https://placeholder.svg)

8.

प्रतिरोधक

![प्रतिरोधक प्रतीक](https://placeholder.svg)

9.

परिवर्ती प्रतिरोधक अथवा धारा नियंत्रक

![धारा नियंत्रक प्रतीक](https://placeholder.svg)

10.

ऐमीटर

![ऐमीटर प्रतीक](https://placeholder.svg)

11.

वोल्टमीटर

![वोल्टमीटर प्रतीक](https://placeholder.svg)

प्रश्न 6. प्रतिरोधों के श्रेणीक्रम संयोजन के परिपथ का चित्र देते हुए तुल्य प्रतिरोध का सूत्र स्थापित कीजिए।

अथवा

श्रेणीक्रम में जुड़े तीन प्रतिरोधकों के संयोजन के सूत्र को व्युत्पन्न कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

अथवा

R1R_{1} , R2R_{2} व R3R_{3} प्रतिरोध के तीन प्रतिरोधकों के श्रेणीक्रम संयोजन का परिपथ चित्र बनाकर परिपथ का कुल प्रतिरोध (तुल्य प्रतिरोध) ज्ञात करने का सूत्र प्राप्त कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

उत्तर- एक विद्युत परिपथ में तीन प्रतिरोध R1R_{1} , R2R_{2} व R3R_{3} श्रेणीक्रम में संयोजित करते हैं।

[प्रतिरोधों का श्रेणीक्रम संयोजन परिपथ]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 32

चित्र-प्रतिरोधों का श्रेणीक्रम में संयोजन

विज्ञान कक्षा-X

379

प्रत्येक प्रतिरोध R1,R2,R3R_{1},R_{2},R_{3} के समान्तर क्रम में क्रमशः वोल्ट मीटर V1,V2,V3V_{1},V_{2},V_{3} संयोजित हैं। सेल EE , अमीटर AA तथा कुंजी KK परिपथ में श्रेणीक्रम क्रम में संयोजित हैं। कुंजी KK को लगाने पर परिपथ में सेल EE से धारा II प्रवाहित होती है।

विद्युत धारा ( II ) प्रवाहित होने पर श्रेणीक्रम में लगे प्रतिरोधों पर V1,V2V_{1},V_{2} व V3V_{3} विभवान्तर उत्पन्न होते हैं जिनका योग बिन्दु PP व QQ के मध्य उत्पन्न विभवान्तर VV के बराबर होता है। अर्थात्

V=V1+V2+V3V=V_{1}+V_{2}+V_{3} ..... (1)

चूँकि परिपथ में प्रवाहित विद्युत धारा ' II ' है तब प्रत्येक प्रतिरोध से प्रवाहित विद्युत धारा भी II है। श्रेणीक्रम में जुड़े इन तीनों प्रतिरोधों को एक ऐसे तुल्य एकल प्रतिरोध जिसका प्रतिरोध RR है, के द्वारा प्रतिस्थापित करना संभव है जिसे परिपथ में जोड़ने पर इसके सिरों पर विभवान्तर VV तथा परिपथ में प्रवाहित धारा II वही रहती है। समस्त परिपथ पर ओम का नियम प्रयुक्त करने पर

V=IRV=IR ..... (2)

तीनों प्रतिरोधों पर पृथक्-पृथक् ओम का नियम प्रयुक्त करने पर

V1=IR1V_{1}=IR_{1} ..... (3)

V2=IR2V_{2}=IR_{2} ..... (4)

V3=IR3V_{3}=IR_{3} ..... (5)

समीकरण (1) व (2) से

IR=IR1+IR2+IR3IR=IR_{1}+IR_{2}+IR_{3}

या R=R1+R2+R3R=R_{1}+R_{2}+R_{3}

अथवा RS=R1+R2+R3R_{S}=R_{1}+R_{2}+R_{3}

इस प्रकार जब बहुत से प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में संयोजित होते हैं तो संयोजन का कुल प्रतिरोध R1,R2,R3R_{1},R_{2},R_{3} के योग के बराबर होता है और इस प्रकार संयोजन का प्रतिरोध किसी भी व्यष्टिगत प्रतिरोधक के प्रतिरोध से अधिक होता है।

तीन से अधिक प्रतिरोध होने पर-

R=R1+R2+R3+............+RnR=R_{1}+R_{2}+R_{3}+............+R_{n}

अथवा

RS=R1+R2+R3+R4+............+RnR_{S}=R_{1}+R_{2}+R_{3}+R_{4}+............+R_{n}

प्रश्न 7. प्रतिरोधों के समान्तर क्रम/पाश्र्वक्रम संयोजन के परिपथ का चित्र देते हुए तुल्य प्रतिरोध का सूत्र स्थापित कीजिये।

अथवा

R1,R2R_{1},R_{2} व R3R_{3} प्रतिरोध के तीन प्रतिरोधकों के पाश्र्व (समान्तर) क्रम संयोजन का परिपथ चित्र बनाकर परिपथ का कुल प्रतिरोध (तुल्य प्रतिरोध) ज्ञात करने का सूत्र प्राप्त कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

उत्तर-तीन प्रतिरोधकों जिनके प्रतिरोध क्रमशः R1,R2R_{1},R_{2} व R3R_{3} का पाश्र्व संयोजन AB बनाते हैं। इस संयोजन को एक बैटरी ( EE ), एक प्लग कुंजी ( KK ) तथा एक ऐमीटर ( AA ) से श्रेणीक्रम में संयोजित करते हैं। प्रतिरोधकों के संयोजन के पाश्र्वक्रम में एक वोल्टमीटर भी संयोजित करते हैं।

[Circuit diagram for parallel combination of three resistors with ammeter, voltmeter, cell, and key]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 33

चित्र

प्लग में कुंजी लगाने पर ऐमीटर व वोल्टमीटर का पाठ्यांक ज्ञात करते हैं। माना कि विद्युत धारा का मान II है तथा पार्श्व संयोजन के सिरों के बीच विभवांतर VV है।

ऐमीटर को प्रत्येक प्रतिरोधक R1,R2R_{1},R_{2} व R3R_{3} के श्रेणीक्रम में संयोजित कर इनमें प्रवाहित धारा का मान ज्ञात करते हैं जो माना कि क्रमश: I1,I2I_{1},I_{2} व I3I_{3} है। हम देखते हैं कि

कुल धारा II का मान, संयोजन की प्रत्येक शाखा में प्रवाहित होने वाली पृथक् धाराओं के योग के बराबर है-

I=I1+I2+I3.......(1)I=I_{1}+I_{2}+I_{3}....... (1)

माना कि प्रतिरोधकों के पार्श्व संयोजन का तुल्य प्रतिरोध RpR_{p} है। प्रतिरोधकों के पार्श्व संयोजन पर ओम का नियम लागू करने पर-

I=VRp.......(2)I=\frac{V}{R_{p}}....... (2)

प्रत्येक प्रतिरोधक पर ओम का नियम लागू करने पर-

I1=VR1,I2=VR2,I3=VR3.......(3)I_{1}=\frac{V}{R_{1}},I_{2}=\frac{V}{R_{2}},I_{3}=\frac{V}{R_{3}}....... (3)

समीकरण (2) व (3) का मान समीकरण (1) में रखने पर

VRp=VR1+VR2+VR3\frac{V}{R_{p}}=\frac{V}{R_{1}}+\frac{V}{R_{2}}+\frac{V}{R_{3}}

अथवा

1Rp=1R1+1R2+1R3.......(4)\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}+\frac{1}{R_{3}}....... (4)

अत: पार्श्वक्रम में जुड़े प्रतिरोधों का तुल्य प्रतिरोध का व्युत्क्रम उन प्रतिरोधों के व्युत्क्रमों के योग के बराबर होता है।

प्रश्न 8. विद्युत धारा के तापीय प्रभाव को समझाइए और जूल के तापन नियम को परिभाषित कीजिए।

उत्तर— विद्युत धारा का तापीय प्रभाव— जब हम किसी विद्युत पंखे को निरन्तर काफी समय तक चलाते हैं तो वह गर्म हो जाता है। इसके विपरीत यदि विद्युत परिपथ विशुद्ध रूप से प्रतिरोधक है अर्थात् बैटरी से केवल प्रतिरोधकों का एक समूह ही संयोजित है तो स्रोत की ऊर्जा निरन्तर पूर्णरूप से ऊष्मा के रूप में क्षयित होती रहती है। इसे विद्युत धारा का तापीय प्रभाव कहते हैं। इस प्रभाव का उपयोग विद्युत हीटर, विद्युत इस्तरी जैसी युक्तियों में किया जाता है।

माना कि प्रतिरोध RR के किसी प्रतिरोधक में धारा II प्रवाहित हो रही है और इसके सिरों के बीच में विभवान्तर का मान VV है। इससे समय tt में आवेश QQ प्रवाहित होता है। QQ आवेश विभवान्तर VV से प्रवाहित होने में किया गया कार्य VQVQ है। अत: स्रोत को समय tt में VQVQ ऊर्जा की आपूर्ति करनी चाहिए। अत: स्रोत द्वारा परिपथ में निवेशित शक्ति

P=VQt=VIP=\frac{VQ}{t}=VI

अर्थात् समय tt में स्रोत द्वारा प्रदान की गई ऊर्जा P×tP \times t है, जो कि VItVIt के बराबर है। इस प्रकार विद्युत धारा II द्वारा समय tt में उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा

H=VItH=VIt

लेकिन

V=IR(ओमकेनियमसे)V=IR(\text{ओम} \text{के} \text{नियम} \text{से})

∴H=IR×It=I2Rt∴H=IR \times It=I^{2}Rt

इसे जूल का तापन नियम कहते हैं। इस नियम से यह स्पष्ट होता है कि किसी प्रतिरोधक में उत्पन्न होने वाली ऊष्मा (i) दिये गये प्रतिरोध में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के वर्ग के अनुक्रमानुपाती, (ii) दी गई विद्युत धारा के लिए प्रतिरोध के अनुक्रमानुपाती तथा (iii) उस समय के अनुक्रमानुपाती होती है, जिसके लिए दिए गए प्रतिरोध से विद्युत धारा प्रवाहित होती है।

प्रश्न 9. विद्युत शक्ति किसे कहते हैं? इसके लिये सूत्र व्युत्पन्न कीजिये।

उत्तर— विद्युत शक्ति—किसी विद्युत परिपथ में धारा प्रवाहित करने पर प्रति सेकण्ड किये गये कार्य या कार्य करने की दर को विद्युत शक्ति कहते हैं अर्थात् विद्युत परिपथ में धारा प्रवाहित करने पर प्रति सेकण्ड व्यय होने वाली विद्युत ऊर्जा, विद्युत शक्ति कहलाती है।

विज्ञान कक्षा-X

381

विद्युतशक्ति(P)=कार्य(W)समय(t)\text{विद्युत} \text{शक्ति} (P)=\frac{\text{कार्य} (W)}{\text{समय} (t)}

P=Wt.....(1)P=\frac{W}{t}.....(1)

लेकिन, कार्य(W)=विभवांतर(V)×आवेश(Q)\text{कार्य} (W)=\text{विभवांतर} (V) \times \text{आवेश} (Q)

W=VQ.....(2)W=VQ.....(2)

लेकिन, आवेश=धारा×समय\text{आवेश}=\text{धारा} \times \text{समय}

Q=It.....(3)Q=It.....(3)

समी. (3) का मान समी. (2) में रखने पर

W=V×ItW=V \times It

W=VIt.....(4)W=VIt.....(4)

समी. (4) का मान समी. (1) में रखने पर

P=VItt=VIP=\frac{VIt}{t}=VI

अथवा

P=I2R=V2R∵V=IRऔरI=VRP=I^{2}R=\frac{V^{2}}{R}∵V=IR \text{और} I=\frac{V}{R}

यदि VV वोल्ट में II ऐम्पियर व RR ओम में हो तो PP का मान जूल/सेकण्ड (वाट) होगा।

वाट शक्ति का छोटा मात्रक है। इसके अन्य बड़े मात्रक किलोवाट, मेगावाट एवं अश्वशक्ति हैं।

1किलोवाट=1000वाट=103वाट1 \text{किलोवाट}=1000 \text{वाट}=10^{3} \text{वाट}

1मेगावाट=1000000=106वाट1 \text{मेगावाट}=1000000=10^{6} \text{वाट}

1अश्वशक्ति=746वाट1 \text{अश्व} \text{शक्ति}=746 \text{वाट}

प्रश्न 10. (i) विद्युत परिपथ किसे कहते हैं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

(ii) किसी विद्युत बल्ब के तन्तु में से 0.5A0.5 A विद्युत धारा 1010 मिनट के समय के लिए प्रवाहित की जाती है। विद्युत परिपथ से प्रवाहित विद्युत आवेश का परिमाण ज्ञात कीजिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर—(i) किसी विद्युत धारा के सतत् तथा बन्द पथ को 'विद्युत परिपथ' कहते हैं।

(ii) यहाँ दिया गया है—

विद्युतधारा(I)=0.5A\text{विद्युत} \text{धारा} (I)=0.5 A

समय(t)=10मिनट=600सेकण्ड\text{समय} (t)=10 \text{मिनट}=600 \text{सेकण्ड}

आवेश(Q)=?\text{आवेश} (Q)=?

हम जानते हैं—

Q=It=0.5×600Q=It=0.5 \times 600

आवेश=300कूलॉम\text{आवेश}=300 \text{कूलॉम}

प्रश्न 11. (i) प्रतिरोध किसे कहते हैं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

(ii) किसी चालक तार का प्रतिरोध किन-किन चीजों पर निर्भर करता है?

उत्तर—(i) प्रतिरोध—किसी चालक का वह गुण जिसके कारण वह अपने में प्रवाहित होने वाले आवेश के प्रवाह का विरोध करता है, प्रतिरोध कहलाता है।

(ii) किसी चालक का प्रतिरोध निम्न कारकों पर निर्भर करता है—

(a) चालक की लम्बाई ( ll ) पर।
(b) उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर।
(c) प्रतिरोध के पदार्थ की प्रकृति तथा चालक का तापमान।

आंकिक प्रश्न—

प्रश्न 1. एक घरेलू विद्युत परिपथ में 55 ऐम्पियर का फ्यूज है। 100W(220V)100 W (220 V) के अधिकतम बल्बों की संख्या क्या होगी, जिनका इस परिपथ में सुरक्षित उपयोग कर सकें?

हल —

P=100WP=100 W

V=220VV=220 V

382

एक बल्ब द्वारा ली गई धारा

I=PV=100220=511AI=\frac{P}{V}=\frac{100}{220}=\frac{5}{11}A

परिपथ में धारा = 5A5A

परिपथ में धारा = बल्बों की संख्या ×\times एक बल्ब द्वारा ली गई धारा

=5=बल्बोंकीसंख्या×511=5=\text{बल्बों} \text{की} \text{संख्या} \times \frac{5}{11}

अतः, बल्बों की संख्या =5×115=11=\frac{5 \times 11}{5}=11 उत्तर

प्रश्न 2. 40W40 W , 220V220 V के विद्युत् बल्ब में प्रवाहित विद्युत् धारा की गणना कीजिए।

हल- दिया गया है –

P=40WP=40 W

V=220VV=220 V

सूत्र P=VIP=VI से

∴I=PV∴I=\frac{P}{V}

मान रखने पर

I=40W220VI=\frac{40W}{220V}

I=40220I=\frac{40}{220}

I=0.18Aउत्तरI=0.18A \text{उत्तर}

प्रश्न 3. (a) यदि किसी विद्युत् बल्ब के तन्तु का प्रतिरोध 1200Ω1200Ω है तो यह बल्ब 220V220V स्रोत से कितनी विद्युत् धारा लेगा?

(b) यदि किसी विद्युत् हीटर की कुण्डली का प्रतिरोध 100Ω100Ω है तो यह विद्युत् हीटर 220V220V स्रोत से कितनी धारा लेगा?

हल-(a) दिया गया है –

R=1200ΩR=1200Ω

V=220VV=220V

विद्युत् धारा I=?I=?

∴विद्युत्धाराI=VR∴\text{विद्युत्} \text{धारा} I=\frac{V}{R}

अतः, मान रखने पर –

I=2201200=0.18AI=\frac{220}{1200}=0.18A

(b) दिया गया है –

R=100Ω,V=220VR=100Ω,V=220V

विद्युत् धारा I=VRI=\frac{V}{R}

∴I=220100=2.2Aउत्तर∴I=\frac{220}{100}=2.2A \text{उत्तर}

प्रश्न 4. किसी धातु के 1m1m लम्बे तार का 20∘C20^{∘}C पर वैद्युत् प्रतिरोध 26Ω26Ω है। यदि तार का व्यास 0.3mm0.3mm है, तो इस ताप पर धातु की वैद्युत् प्रतिरोधकता क्या है? पाठ्यपुस्तक में दी गई सारणी 12.2 का उपयोग करके तार के पदार्थ की भविष्यवाणी कीजिए।

हल- प्रश्नानुसार

l=1ml=1m

R=26ΩR=26Ω

d=0.3mm=0.3×10−3m=3×10−4md=0.3mm=0.3 \times 10^{-3}m=3 \times 10^{-4}m

ρ=?ρ=?

विज्ञान कक्षा-X

383

हम जानते हैं - प्रतिरोधकता ρ=RAl=Rπd22lρ=\frac{RA}{l}=\frac{Rπ\frac{d}{2}^{2}}{l}

ρ=Rπd24lρ=\frac{Rπd^{2}}{4l}

मान रखने पर - ρ=26×3.14×(3×10−4)24×1ρ=\frac{26 \times 3.14 \times (3 \times 10^{-4})^{2}}{4 \times 1}

=26×3.14×9×10−84=183.69×10−8=\frac{26 \times 3.14 \times 9 \times 10^{-8}}{4}=183.69 \times 10^{-8}

या ρ=1.84×10−6Ωmρ=1.84 \times 10^{-6}Ωm

इस प्रकार दिये गये तार की धातु की 20∘C20^{∘}C पर वैद्युत प्रतिरोधकता 1.84×10−6Ωm1.84 \times 10^{-6}Ωm है जो कि मैंगनीज की वैद्युत प्रतिरोधकता का मान है।

प्रश्न 5. दिए गए पदार्थ के किसी ll लम्बाई तथा AA मोटाई के तार का प्रतिरोध 4Ω4Ω है। इसी पदार्थ के किसी अन्य तार का प्रतिरोध क्या होगा जिसकी लम्बाई l2\frac{l}{2} तथा मोटाई 2A2A है? (प्रश्न बैंक)

हल-(1) प्रथम तार के लिए

R1=ρlA=4ΩR_{1}=ρ\frac{l}{A}=4Ω

(2) द्वितीय तार के लिए

R2=ρl22AR_{2}=ρ\frac{\frac{l}{2}}{2A}

=14⋅ρlA=\frac{1}{4}·ρ\frac{l}{A}

=14R1∵R1=ρlA=\frac{1}{4}R_{1}∵R_{1}=ρ\frac{l}{A}

=14×4Ω=\frac{1}{4} \times 4Ω

=1Ω=1Ω

अतः तार का नया प्रतिरोध 1Ω1Ω होगा। उत्तर

प्रश्न 6. एक विद्युत लैम्प जिसका प्रतिरोध 20Ω20Ω है तथा एक 4Ω4Ω प्रतिरोध का चालक 6V6 V की बैटरी से चित्र में दिखाए अनुसार संयोजित है। (a) परिपथ का कुल प्रतिरोध, (b) परिपथ में प्रवाहित विद्युत धारा तथा (c) विद्युत लैम्प तथा चालक के सिरों के बीच विभवांतर परिकलित कीजिए।

हल-(a) विद्युत लैम्प का प्रतिरोध R1=20ΩR_{1}=20Ω है और इसके साथ श्रेणीक्रम में संयोजित चालक का प्रतिरोध

R2=4ΩR_{2}=4Ω

[Electric circuit with a resistor (4 Ω), a lamp, a 6 V battery, an ammeter (A), and a plug key (K) connected in series]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 34

तब परिपथ का कुल प्रतिरोध Rs=R1+R2R_{s}=R_{1}+R_{2}

=20Ω+4Ω=20Ω+4Ω

=24Ω=24Ω उत्तर

(b) बैटरी के दो टर्मिनलों के बीच कुल विभवांतर

V=6VV=6 V

ओम के नियम से परिपथ में प्रवाहित कुल विद्युत धारा

I=VRs=6V24Ω=0.25AI=\frac{V}{R_{s}}=\frac{6 V}{24Ω}=0.25 A उत्तर

(c) विद्युत लैम्प के सिरों के बीच विभवांतर का मान

384

V1=IR1V_{1}=IR_{1}

=0.25×20=5V=0.25 \times 20=5 V उत्तर

तथा चालक के सिरों के बीच विभवान्तर का मान

V2=IR2V_{2}=IR_{2}

=0.25×4=1V=0.25 \times 4=1 V उत्तर

प्रश्न 7. चित्र में R1=10ΩR_{1}=10Ω , R2=40ΩR_{2}=40Ω , R3=30ΩR_{3}=30Ω , R4=20ΩR_{4}=20Ω , R5=60ΩR_{5}=60Ω है तथा प्रतिरोधकों के इस विन्यास को 12V12 V से संयोजित किया जाता है। (a) परिपथ में कुल प्रतिरोध तथा (b) परिपथ में प्रवाहित कुल विद्युत धारा परिकलित कीजिए।

हल-दिया गया है -

R1=10ΩR_{1}=10Ω , R2=40ΩR_{2}=40Ω

R3=30ΩR_{3}=30Ω , R4=20ΩR_{4}=20Ω

R5=60ΩR_{5}=60Ω

(a) R1R_{1} तथा R2R_{2} का तुल्य प्रतिरोध RpR_{p} होगा। पार्श्वक्रम स्थिति के लिए

1Rp=1R1+1R2\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}

1Rp=110+140=4+140=540\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{10}+\frac{1}{40}=\frac{4+1}{40}=\frac{5}{40}

∴Rp=405=8Ω∴R_{p}=\frac{40}{5}=8Ω

इसी प्रकार से R3R_{3} , R4R_{4} और R5R_{5} के लिए

1Rp′=1R3+1R4+1R5\frac{1}{R_{p}^{′}}=\frac{1}{R_{3}}+\frac{1}{R_{4}}+\frac{1}{R_{5}}

=130+120+160=2+3+160=\frac{1}{30}+\frac{1}{20}+\frac{1}{60}=\frac{2+3+1}{60}

1Rp′=660=110\frac{1}{R_{p}^{′}}=\frac{6}{60}=\frac{1}{10}

∴Rp′=10Ω∴R_{p}^{′}=10Ω

इस प्रकार कुल प्रतिरोध

R=Rp+Rp′R=R_{p}+R_{p}^{′}

=8Ω+10Ω=18Ωउत्तर=8Ω+10Ω=18Ω \text{उत्तर}

(b) विद्युत धारा का मान परिकलित करने के लिए ओम का नियम उपयोग करने पर

I=VR=12V18Ω=23=0.67I=\frac{V}{R}=\frac{12 V}{18Ω}=\frac{2}{3}=0.67

∴I=0.67Aउत्तर∴I=0.67 A \text{उत्तर}

प्रश्न 8. (a) किसी विद्युत इस्तरी में अधिकतम तापन दर के लिए 840W840 W की दर से ऊर्जा उपभुक्ता होती है तथा (b) 360W360 W की दर से उस समय उपभुक्ता होती है जब तापन की दर निम्नतम है। यदि विद्युत स्त्रोत की वोल्टता 220V220 V है तो दोनों प्रकरणों में विद्युत धारा तथा प्रतिरोध के मान परिकलित कीजिए।

हल-दिया गया है -

(a) जब तापन की दर अधिकतम है तब

P=840WP=840 W

V=220VV=220 V

विद्युत धारा I=?I=?

[Electric circuit showing combination of resistors in series and parallel]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 35

विज्ञान कक्षा-X

385

धारा I=PVI=\frac{P}{V}

=840W220V=3.82A=\frac{840W}{220V}=3.82A

तथा विद्युत इस्त्री का प्रतिरोध

R=VIR=\frac{V}{I}

R=220V3.82A=57.60ΩR=\frac{220V}{3.82A}=57.60Ω

(b) जब तापन की दर निम्नतम है-

I=PVI=\frac{P}{V} से

I=360W220V=1.64AI=\frac{360W}{220V}=1.64A

तथा विद्युत इस्त्री का प्रतिरोध

R=VIR=\frac{V}{I}

R=220V1.64A=134.15ΩR=\frac{220V}{1.64A}=134.15Ω उत्तर

प्रश्न 9. किसी 4Ω4Ω प्रतिरोधक से प्रति सेकण्ड 100J100J ऊष्मा उत्पन्न हो रही है। प्रतिरोधक के सिरों पर विभवान्तर ज्ञात कीजिए।

हल-प्रश्नानसार–

उत्पन्न ऊष्मा H=100JH=100J

प्रतिरोध R=4ΩR=4Ω

समय t=1t=1 सेकण्ड

V=?V=?

हम जानते हैं कि तार में उत्पन्न ऊष्मा

H=I2×R×tH=I^{2} \times R \times t

∴∴ I2=HRTI^{2}=\frac{H}{RT}

मान रखने पर–

I2=1004×1=25I^{2}=\frac{100}{4 \times 1}=25

∴∴ I=25=5I=\sqrt{25}=5 ऐम्पीयर

ओम के नियम से V=IRV=IR

मान रखने पर V=5×4=20VV=5 \times 4=20V उत्तर

प्रश्न 10. कोई विद्युत बल्ब 220V220V के जनित्र से संयोजित है। यदि बल्ब से 0.50A0.50A विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो बल्ब की शक्ति क्या है?

हल-प्रश्नानसार–

V=220VV=220V

I=0.50AI=0.50A

P=?P=?

हम जानते हैं,

शक्ति P=VIP=VI से

=220V×0.50A=220 V \times 0.50 A

=110J/s=110 J/s

=110W=110 W उत्तर

प्रश्न 11. 400W400 W अनुमत का कोई विद्युत रेफ्रिजरेटर 88 घण्टे/दिन चलाया जाता है। 3.003.00 रुपये प्रति kWhkWh की दर से इसे 3030 दिन तक चलाने के लिए ऊर्जा का मूल्य क्या है?

हल—दिया गया है—

P=400WP=400 W

t=8घण्टे/दिनt=8 \text{घण्टे}/\text{दिन}

दिनोंकीसंख्या=30दिन\text{दिनों} \text{की} \text{संख्या}=30 \text{दिन}

∴30दिनमेंरेफ्रिजरेटरद्वाराउपभुक्तकुलऊर्जा∴30 \text{दिन} \text{में} \text{रेफ्रिजरेटर} \text{द्वारा} \text{उपभुक्त} \text{कुल} \text{ऊर्जा}

=400W×8.0घण्टे/दिन×30दिन=400 W \times 8.0 \text{घण्टे}/\text{दिन} \times 30 \text{दिन}

=400×8×30वाट×घण्टे=400 \times 8 \times 30 \text{वाट} \times \text{घण्टे}

=96000वाट×घण्टे=96000 \text{वाट} \times \text{घण्टे}

=960001000kWh=96kWh=\frac{96000}{1000} kWh=96 kWh

इस प्रकार 3030 दिन तक रेफ्रिजरेटर को चलाने में उपभुक्त कुल ऊर्जा का मूल्य

=96kWh×3.00रुपएप्रतिkWh=96 kWh \times 3.00 \text{रुपए} \text{प्रति} kWh

=288.00रुपए=288.00 \text{रुपए} उत्तर

प्रश्न 12. 20Ω20Ω , 30Ω30Ω एवं 50Ω50Ω के तीन प्रतिरोध, श्रेणीक्रम संयोजन में जुड़े हुए हैं, संयोजन को 150150 वोल्ट के स्रोत से जोड़ दिया जाये तो प्रत्येक प्रतिरोध में प्रवाहित धारा व उनके सिरों पर विभवान्तर ज्ञात करो।

हल—

[Series circuit with three resistors 20 Ω, 30 Ω, 50 Ω connected to a 150 V DC source]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 36

चूँकि प्रतिरोध तीनों श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं इसलिए तीनों में धारा समान बहेगी।

R=R1+R2+R3R=R_{1}+R_{2}+R_{3}

=20+30+50=100Ω=20+30+50=100Ω

इसलिये प्रत्येक प्रतिरोध में बहने वाली धारा का मान

I=VRI=\frac{V}{R}

I=150100=1.5ऐम्पियरI=\frac{150}{100}=1.5 \text{ऐम्पियर} उत्तर

20Ω20Ω ओम् के सिरों पर विभवान्तर का मान

V1=IR1V_{1}=IR_{1}

=1.5×20=30वोल्ट=1.5 \times 20=30 \text{वोल्ट} उत्तर

30Ω30Ω ओम् के सिरों पर विभवान्तर का मान

V2=IR2V_{2}=IR_{2}

=1.5×30=45वोल्ट=1.5 \times 30=45 \text{वोल्ट} उत्तर

50Ω50Ω ओम् के सिरों पर विभवान्तर का मान

V3=IR3V_{3}=IR_{3}

=1.5×50=75वोल्ट=1.5 \times 50=75 \text{वोल्ट} उत्तर

विज्ञान कक्षा-X 387

प्रश्न 13. चित्र में R1=2ΩR_{1}=2Ω , R2=4ΩR_{2}=4Ω तथा R3=4ΩR_{3}=4Ω है। तथा प्रतिरोधकों के इस विन्यास को 6V6 V से संयोजित किया जाता है तो

(a) परिपथ में कुल प्रतिरोध
(b) परिपथ में प्रवाहित कुल विद्युत धारा
(c) R1=2ΩR_{1}=2Ω के प्रतिरोध में प्रवाहित धारा परिकलित कीजिए।

[Electric circuit diagram showing resistors R_1, R_2 in series and R_3 in parallel with a 6 V battery and ammeter]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 37

हल-दिया गया है R1=2ΩR_{1}=2Ω , R2=4ΩR_{2}=4Ω , R3=4ΩR_{3}=4Ω

V=6VV=6 V

(a) R1R_{1} व R2R_{2} श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। अतः इनका तुल्य प्रतिरोध RsR_{s} होगा-

Rs=R1+R2R_{s}=R_{1}+R_{2}

Rs=2+4=6ΩR_{s}=2+4=6Ω

RsR_{s} तथा R3R_{3} पार्श्वक्रम में जुड़े हैं, अतः तुल्य प्रतिरोध RpR_{p} होगा-

1Rp=1Rs+1R3\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{R_{s}}+\frac{1}{R_{3}}

1Rp=16+14\frac{1}{R_{p}}=\frac{1}{6}+\frac{1}{4}

=1024=\frac{10}{24}

R=2410=2.4ΩR=\frac{24}{10}=2.4Ω उत्तर

(b) विद्युत धारा का मान ज्ञात करने के लिए ओम का नियम प्रयुक्त करने पर-

I=VRI=\frac{V}{R} (यहाँ V=6VV=6 V , R=2.4ΩR=2.4Ω )

I=62.4I=\frac{6}{2.4}

I=2.5AI=2.5 A उत्तर

(c) R1=2ΩR_{1}=2Ω के प्रतिरोध में प्रवाहित विद्युत धारा ओम के नियम से

I=VRI=\frac{V}{R} (यहाँ V=6VV=6 V , R=6ΩR=6Ω )

I=66I=\frac{6}{6}

I=1AI=1 A उत्तर

प्रश्न 14. एक धनावेशित कण जिस पर आवेश का मान 10−610^{-6} कूलॉम है। इसे अनन्त से विद्युत क्षेत्र के किसी बिन्दु तक लाने में कार्य 6×10−56 \times 10^{-5} जूल करना पड़ता है तो उस बिन्दु पर विद्युत विभव की गणना करो।

हल-दिया गया है-

Q=10−6Q=10^{-6} कूलॉम, W=6×10−5W=6 \times 10^{-5} जूल, V=?V=?

विभव(V)=कार्य(W)आवेश(Q)\text{विभव} (V)=\frac{\text{कार्य} (W)}{\text{आवेश} (Q)}

=6×10−5जूल10−6कूलॉम=\frac{6 \times 10^{-5} \text{जूल}}{10^{-6} \text{कूलॉम}}

=6×10जूल/कूलॉम=6 \times 10 \text{जूल}/\text{कूलॉम}

=60वोल्टउत्तर=60 \text{वोल्ट} \text{उत्तर}

प्रश्न 15. दिए गए परिपथ में-

[Electric circuit diagram showing resistors in series and parallel connected to a 6 V battery with nodes A, B, C, D, E]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 38

( अ ) संयोजन का कुल प्रतिरोध

( ब ) 1Ω1Ω प्रतिरोध में धारा

( स ) बिन्दु B तथा C के मध्य विभवान्तर के मान की गणना कीजिए।

हल-( अ ) संयोजन का कुल प्रतिरोध-बिन्दु B एवं C के मध्य 6Ω6Ω के दोनों प्रतिरोध समानान्तर क्रम में जुड़े हैं। अतः इनका तुल्य प्रतिरोध

1R1=16+16\frac{1}{R_{1}}=\frac{1}{6}+\frac{1}{6}

=26=13=\frac{2}{6}=\frac{1}{3}

∴R1=3Ω∴R_{1}=3Ω

इसी प्रकार बिन्दु D एवं E के मध्य 3Ω3Ω और 6Ω6Ω के प्रतिरोध समानान्तर क्रम में जुड़े हैं। अतः इनका तुल्य प्रतिरोध

1R2=13+16\frac{1}{R_{2}}=\frac{1}{3}+\frac{1}{6}

=2+16=36=12=\frac{2+1}{6}=\frac{3}{6}=\frac{1}{2}

∴R2=2Ω∴R_{2}=2Ω

अब 1Ω1Ω , 3Ω3Ω और 2Ω2Ω के प्रतिरोध श्रेणीक्रम में संयोजित होंगे। अतः इनका तुल्य प्रतिरोध

R=1+3+2=6R=1+3+2=6

∴R=6Ω∴R=6Ω

( ब ) 1Ω1Ω प्रतिरोध में धारा-

∵धाराI=VR∵\text{धारा} I=\frac{V}{R}

यहाँ V=6VV=6 V एवं R=6ΩR=6Ω

तो I=6V6Ω=1I=\frac{6 V}{6Ω}=1

∴धाराI=1ऐम्पियर∴\text{धारा} I=1 \text{ऐम्पियर}

( स ) बिन्दु B और C के मध्य विभवान्तर-

परिपथ में दो टर्मिनलों के मध्य कुल विभवान्तर

V=6VV=6 V

अब बिन्दु B और C के मध्य विभवान्तर

V1=I1×R1V_{1}=I_{1} \times R_{1}

∴V1=1A×3Ω∴V_{1}=1A \times 3Ω

V1=3VV_{1}=3V

अतः बिन्दु B और C के मध्य विभवान्तर 3V3V होगा।

विज्ञान कक्षा-X

389

प्रश्न 16. दो विद्युत लैम्प जिनमें से एक का अनुमतांक 60W60 W , 220V220 V तथा दूसरे का 40W40 W , 220V220 V है, विद्युत 220V220 V आपूर्ति मेन्स के साथ पार्श्वक्रम में संयोजित है। यदि विद्युत आपूर्ति की वोल्टता 220V220 V है, तो विद्युत मेन्स से कुल कितनी धारा ली जाती है?

हल– चूंकि दोनों विद्युत लैम्प पार्श्वक्रम में संयोजित हैं अतः प्रत्येक के मध्य विभवांतर का मान समान होगा।

60W60 W अनुमतांक के विद्युत लैम्प द्वारा ली जा रही विद्युत धारा–

P=V×IP=V \times I

I=PVI=\frac{P}{V}

यहाँ P=60WP=60W , V=220VV=220 V

अतः:

I1=60W220VI_{1}=\frac{60W}{220V}

=60220A=\frac{60}{220} A

इसी प्रकार 40W40W अनुमतांक के विद्युत लैम्प द्वारा ली जा रही विद्युत धारा–

I2=40W220VI_{2}=\frac{40W}{220V}

=40220A=\frac{40}{220} A

पार्श्व संयोजन से प्रवाहित कुल धारा I=I1+I2I=I_{1}+I_{2}

अतः:

I=60220+40220I=\frac{60}{220}+\frac{40}{220}

I=100220I=\frac{100}{220}

I=0.454AI=0.454 A उत्तर

प्रश्न 17. एक विद्युत बल्ब के तन्तु में 1010 मिनट के लिए 0.5A0.5A की विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है, परिपथ से प्रवाहित विद्युत आवेश की मात्रा ज्ञात कीजिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— I=0.5AI=0.5 A , t=10मिनट=600सेकण्डt=10 \text{मिनट}=600 \text{सेकण्ड}

हम जानते हैं— Q=ItQ=It

मान रखने पर— =0.5×600=0.5 \times 600

आवेश Q=300कूलॉमQ=300 \text{कूलॉम}

प्रश्न 18. दिए गए चित्र में बिन्दु AA व BB के बीच तुल्य प्रतिरोध क्या होगा? (प्रश्न बैंक)

[Circuit diagram with three resistors in a triangular/bridge arrangement]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 39

2Ω2Ω , 2Ω2Ω , 2Ω2Ω (नीचे)

उत्तर— बिन्दु AA व BB के मध्य तुल्य प्रतिरोध—

R1R_{1} व R2R_{2} श्रेणीक्रम में है अतः:

R=R1+R2R=R_{1}+R_{2}

R=2+2=4ΩR=2+2=4Ω

R1R_{1} व R2R_{2} , R3R_{3} के पार्श्वक्रम में है

390

अतः:

1R′=1R+1R3\frac{1}{R^{′}}=\frac{1}{R}+\frac{1}{R_{3}}

1R′=14+12\frac{1}{R^{′}}=\frac{1}{4}+\frac{1}{2}

1R′=1+24=34\frac{1}{R^{′}}=\frac{1+2}{4}=\frac{3}{4}

R′=43=1.33ΩR^{′}=\frac{4}{3}=1.33Ω उत्तर

प्रश्न 19. चित्र में AA व BB के मध्य तुल्य प्रतिरोध क्या होगा? ( प्रश्न बैंक )

[Circuit diagram with two parallel resistors of 2 Ω each between points A and B]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 40

उत्तर— बिन्दु AA व BB के मध्य दो प्रतिरोध समान्तर क्रम में जुड़े हुए हैं जिनका तुल्य प्रतिरोध—

1R=1R1+1R2\frac{1}{R}=\frac{1}{R_{1}}+\frac{1}{R_{2}}

1R=12+12\frac{1}{R}=\frac{1}{2}+\frac{1}{2}

=1+12=22=\frac{1+1}{2}=\frac{2}{2}

R=1ΩR=1Ω

[Parallel circuit diagram with R_1 (2 Ω) and R_2 (2 Ω) connected between A and B]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 41

प्रश्न 20.

[Complex resistor network with 1 Ω, and parallel branches having two 3 Ω resistors each]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 42

संलग्न परिपथ में AA तथा BB बिन्दुओं के मध्य कुल प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।

उत्तर—

[Complex resistor network between A and B]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 11 विधुत चित्र 43

बिन्दु CC व DD के मध्य दोनों प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं जिनका तुल्य प्रतिरोध

R1=3+3R_{1}=3+3

R1=6ΩR_{1}=6Ω

इसी तरह बिन्दु EE व FF के मध्य दोनों प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हुए हैं—

R2=3+3R_{2}=3+3

R2=6ΩR_{2}=6Ω

इस तरह बिन्दु GG व HH के मध्य 6Ω6Ω के दो प्रतिरोध समान्तर क्रम में जुड़े हुए हैं जिनका तुल्य प्रतिरोध

विज्ञान कक्षा-X

391

1R3=16+16=13\frac{1}{R_{3}}=\frac{1}{6}+\frac{1}{6}=\frac{1}{3}

R3=3ΩR_{3}=3Ω

इस प्रकार बिन्दु AA व BB के मध्य 1Ω1Ω तथा 3Ω3Ω के दो प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हैं अतः तुल्य प्रतिरोध होगा—

R=3+1R=3+1

R=4ΩR=4Ω

प्रश्न 21. किसमें अधिक विद्युत ऊर्जा का उपभोग होगा? ( प्रश्न बैंक )

1. 250W250W का टी.वी. 1 घण्टे चलता है।

2. 1200W1200W का टोस्टर 10 मिनट उपयोग में लेते हैं।

उत्तर— दिया गया है—

1. टी.वी. के लिए—

P1=250W,t1=1घण्टा=60×60सेकण्डP_{1}=250W,t_{1}=1 \text{घण्टा}=60 \times 60 \text{सेकण्ड}

या=3600सेकण्ड\text{या}=3600 \text{सेकण्ड}

खर्च की गई ऊर्जा

H1=P1×t1H_{1}=P_{1} \times t_{1}

=250W×3600s=250W \times 3600s

=900000J=900000J

=9×105J=9 \times 10^{5}J

2. टोस्टर के लिए—

P2=1200W,t2=10मिनट=600सेकण्डP_{2}=1200W,t_{2}=10 \text{मिनट}=600 \text{सेकण्ड}

∴∴ खर्च की गई ऊर्जा

H2=P2×t2H_{2}=P_{2} \times t_{2}

=1200×600=1200 \times 600

=720000J=720000J

=7.2×105J=7.2 \times 10^{5}J

यहाँ पर स्पष्ट है

H1>H2H_{1}>H_{2}

अतः टी.वी. अधिक ऊर्जा का उपयोग करेगा।