📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान — सभी पाठगत (In-text) एवं अभ्यास (Exercise) प्रश्नों के सटीक एवं संपूर्ण हल।
पाठगत प्रश्न
#### पृष्ठ 191
प्रश्न 1. विद्युत परिपथ का क्या अर्थ है?
उत्तर-किसी विद्युत धारा के सतत् तथा बन्द पथ को विद्युत परिपथ कहते हैं। इसमें एक विभवान्तर स्रोत अथवा विद्युत ऊर्जा (अर्थात् सेल अथवा बैटरी) एक कुंजी तथा एक विद्युत ऊर्जा को व्यय करने वाला उपकरण अवश्य लगा होता है।
प्रश्न 2. विद्युत धारा के मात्रक की परिभाषा लिखिए।
अथवा
विद्युत धारा का मात्रक क्या है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर-विद्युत धारा का मात्रक ऐम्पियर ( ) होता है।
सूत्र: में यदि हो, तो होगा।
अतः यदि एक कूलॉम आवेश प्रति सेकण्ड की दर से प्रवाहित होता है तो उस चालक में प्रवाहित होने वाली धारा होगी।
प्रश्न 3. एक कूलॉम आवेश की रचना करने वाले इलेक्ट्रॉनों की संख्या परिकलित कीजिए।
अथवा
एक कूलॉम आवेश में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं? ( प्रश्न बैंक )
उत्तर-हम जानते हैं कि इलेक्ट्रॉनों पर आवेश
माना एक कूलॉम (C) की रचना करने वाले इलेक्ट्रॉनों ( ) की संख्या
तो
या
या
अतः कूलॉम आवेश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी
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प्रश्न 1. उस युक्ति का नाम लिखिए जो किसी चालक के सिरों पर विभवान्तर बनाये रखने में सहायता करती है।
उत्तर-विद्युत सेल या बैटरी।
प्रश्न 2. यह कहने का क्या तात्पर्य है कि दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर है?
उत्तर-इसका अर्थ है कि किसी विद्युत धारावाही चालक के दो बिन्दुओं के बीच एक कूलॉम आवेश को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में कार्य करना होगा।
प्रश्न 3. बैटरी से गुजरने वाले हर एक कूलॉम आवेश को कितनी ऊर्जा दी जाती है? ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26 )
उत्तर-दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर
इस सूत्र से प्रत्येक कूलॉम आवेश को दी गई ऊर्जा होगी-
अतः प्रत्येक एक कूलॉम आवेश को जूल ( ) ऊर्जा दी जाएगी।
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प्रश्न 1. किसी चालक का प्रतिरोध किन कारकों पर निर्भर करता है?
उत्तर-किसी चालक का प्रतिरोध निम्न कारकों पर निर्भर करता है-
विज्ञान कक्षा-X
343
प्रश्न 2. समान पदार्थ के दो तारों में यदि एक पतला तथा दूसरा मोटा हो तो इनमें से किसमें विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित होगी, जबकि उन्हें समान विद्युत स्रोत से संयोजित किया जाता है? क्यों?
अथवा
किसी समान धातु के चालक तार के एक पतले या एक मोटे तार में से किसमें धारा प्रवाह आसानी से होगा, जबकि वे किसी समान बैटरी से धारा ले रहे हों? क्यों? (प्रश्न बैंक)
उत्तर—चूँकि तार का प्रतिरोध होता है।
अतः मोटे तार पर अनुप्रस्थ क्षेत्रफल अधिक होने से, इसका प्रतिरोध कम होगा। इसलिए मोटे तार से धारा आसानी से प्रवाहित हो जाएगी।
प्रश्न 3. मान लीजिए किसी वैद्युत अवयव के दो सिरों के बीच विभवान्तर को उसके पूर्व के विभवान्तर की तुलना में घटाकर आधा कर देने पर भी उसका प्रतिरोध नियत रहता है। तब उस अवयव से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा में क्या परिवर्तन होगा?
उत्तर—
धारा
जब नियत है तब
अर्थात् विभवान्तर का मान आधा कर देने पर धारा भी आधी हो जायेगी।
प्रश्न 4. विद्युत टोस्टरों तथा विद्युत इस्तरी के तापन अवयव शुद्ध धातु के न बनाकर किसी मिश्र धातु के क्यों बनाए जाते हैं?
उत्तर—मिश्र धातुओं की प्रतिरोधकता उनकी अवयवी धातुओं की अपेक्षा अधिक होती है तथा इनका उच्च ताप पर शीघ्र ही उपचयन (दहन) नहीं होता। इसीलिए विद्युत टोस्टरों तथा विद्युत इस्तरी के तापन अवयव मिश्र धातुओं के बनाए जाते हैं।
प्रश्न 5. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाठ्यपुस्तक की तालिका 11.2 में दिये गये आँकड़ों के आधार पर दीजिए—
उत्तर—(a) वह धातु अच्छी चालक होगी जिसकी प्रतिरोधकता कम होती है। चूँकि लोहे की प्रतिरोधकता का मान ओम मीटर तथा मर्करी की प्रतिरोधकता का मान ओम मीटर होता है। अतः आयरन , मर्करी की अपेक्षा विद्युत का अच्छा चालक है।
(प्रश्न बैंक)
उत्तर—(a) यदि हम तथा के प्रतिरोधों को समान्तर क्रम में संयोजित कर दें और इसके साथ के प्रतिरोध को श्रेणीक्रम में संयोजित कर दें तो हमें तुल्य प्रतिरोध का मान प्राप्त हो जायेगा, जैसा परिपथ आरेख में दिखाया गया है।
[Circuit diagram showing two resistors 3 ohm and 6 ohm in parallel, connected in series with a 2 ohm resistor]

यदि तथा का तुल्य प्रतिरोध हो तब
या
यह का प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में जुड़ा है। अतः:
तुल्य प्रतिरोध
अतः:
विज्ञान कक्षा-X
347
पृष्ठ 211
प्रश्न 1. किसी विद्युत हीटर की डोरी क्यों उत्तप्त नहीं होती जबकि उसका तापन अवयव उत्तप्त हो जाता है?
उत्तर— विद्युत हीटर की कुंडली मिश्र धातु नाइक्रोम की बनी होती है। नाइक्रोम की प्रतिरोधकता बहुत अधिक होती है इस कारण जब विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो तापन अवयव उत्तप्त हो जाता है। जबकि विद्युत हीटर की डोरी ताँबे या ऐलुमिनियम की बनी होती है जिसकी प्रतिरोधकता तुलनात्मक रूप से अत्यन्त कम होती है इसलिए उत्तप्त नहीं होती है।
प्रश्न 2. एक घण्टे में विभवान्तर से कूलॉम आवेश को स्थानान्तरित करने में उत्पन्न ऊष्मा परिकलित कीजिए।
उत्तर— दिया गया है –
प्रश्न 3. प्रतिरोध की कोई विद्युत इस्तरी विद्युत धारा लेती है। में उत्पन्न ऊष्मा परिकलित कीजिए।
अथवा
प्रतिरोध की कोई इस्तरी विद्युत धारा लेती है। में उत्पन्न ऊष्मा का मान ज्ञात कीजिए। (प्रश्न बैंक)
उत्तर— दिया गया है –
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प्रश्न 1. विद्युत धारा द्वारा प्रदत्त ऊर्जा की दर का निर्धारण कैसे किया जाता है?
उत्तर— विद्युत शक्ति के द्वारा।
प्रश्न 2. कोई विद्युत मोटर के विद्युत स्त्रोत से विद्युत धारा लेता है। मोटर की शक्ति निर्धारित कीजिए तथा घण्टे में मोटर द्वारा उपयुक्त ऊर्जा परिकलित कीजिए।
उत्तर-दिया गया है-
वोल्ट, धारा
समय घण्टे
मोटर की शक्ति
वाट उत्तर
अत: 2 घण्टे में मोटर द्वारा व्यय ऊर्जा-
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1. प्रतिरोध के किसी तार के टुकड़े को पाँच बराबर भागों में काटा जाता है। इन टुकड़ों को फिर पार्श्वक्रम में संयोजित कर देते हैं। यदि संयोजन का तुल्य प्रतिरोध है तो अनुपात का मान क्या है-
अथवा
किसी प्रतिरोध के तार के एक टुकड़े को 5 समान भागों में काटते हैं। इन सभी को समान्तर क्रम में जोड़ने पर तुल्य प्रतिरोध है तो तथा का अनुपात होगा? (प्रश्न बैंक)
**उत्तर-(d)
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सा पद विद्युत परिपथ में विद्युत शक्ति को निरूपित नहीं करता?
अथवा
निम्नलिखित में से कौन सा पद विद्युत शक्ति को निरूपित करता है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26; प्रश्न बैंक)
**उत्तर-(b)
प्रश्न 3. किसी विद्युत बल्ब का अनुमतांक है। जब इसे पर प्रचालित करते हैं तब इसके द्वारा उपभुक्त शक्ति कितनी होती है? (प्रश्न बैंक)
**उत्तर-(d)
प्रश्न 4. दो चालक तार जिनके पदार्थ, लंबाई तथा व्यास समान हैं, किसी विद्युत परिपथ में पहले श्रेणीक्रम में और फिर पार्श्वक्रम में संयोजित किए जाते हैं। श्रेणीक्रम तथा पार्श्वक्रम संयोजन में उत्पन्न ऊष्माओं का अनुपात क्या होगा?
अथवा
यदि एक समान लम्बाई एवं समान अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के किसी धातु के तार को समान विभवान्तर के परिपथ में पहले श्रेणीक्रम में और फिर समान्तर क्रम संयोजित करने पर दोनों परिपथ में संयोजित श्रेणीक्रम और समान्तर क्रम में उत्पन्न ऊष्मा का अनुपात क्या होगा- (प्रश्न बैंक)
**उत्तर-(c)
प्रश्न 5. किसी विद्युत परिपथ में दो बिन्दुओं के बीच विभवांतर मापने के लिए वोल्टमीटर को किस प्रकार संयोजित किया जाता है?
उत्तर-वोल्टमीटर को समानान्तर क्रम में संयोजित किया जाता है।
प्रश्न 6. किसी ताँबे के तार का व्यास तथा प्रतिरोधकता है। प्रतिरोध का प्रतिरोधक बनाने के लिए कितने लंबे तार की आवश्यकता होगी? यदि इससे दुगुने व्यास का तार लें तो प्रतिरोध में क्या अंतर आएगा?
उत्तर-दिया गया है—
विज्ञान कक्षा-X
प्रतिरोधकता
प्रतिरोध
व्यास
त्रिज्या अथवा
ताँबे के तार के अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल
तार की लम्बाई
मान रखने पर
दोगुने व्यास का तार लेने पर व्यास का मान या हो जाएगा अतः सूत्र
में मान रखने पर
अतः व्यास दोगुना करने पर प्रतिरोध एक चौथाई ( ) रह जाएगा।
प्रश्न 7. किसी प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभांतर के विभिन्न मानों के लिए उससे प्रवाहित विद्युत धाराओं के संगत मान आगे दिए गए हैं-
(ऐम्पियर) |
|
|
|
|
|
(वोल्ट) |
|
|
|
|
|
तथा के बीच ग्राफ खींचकर इस प्रतिरोधक का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
उत्तर-प्रतिरोधक का प्रतिरोध, ग्राफ की ढाल के बराबर होगा।
अर्थात्
दिए गए मानों से,
350
[V-I graph for resistance calculation showing linear relationship between potential difference V and current I]

अतः प्रतिरोध उत्तर
प्रश्न 8. किसी अज्ञात प्रतिरोध के प्रतिरोधक के सिरों से की बैटरी को संयोजित करने पर परिपथ में विद्युत धारा प्रवाहित होती है। प्रतिरोधक का प्रतिरोध परिकलित कीजिए।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
उत्तर-प्रश्नानुसार -
ओम के नियम से -
या
प्रश्न 9. की किसी बैटरी को , , , तथा के प्रतिरोधकों के साथ श्रेणीक्रम में संयोजित किया गया है। के प्रतिरोधक से कितनी विद्युत धारा प्रवाहित होगी?
उत्तर-दिया गया है -
, ,
, ,
श्रेणी संयोजन का कुल प्रतिरोध
विज्ञान कक्षा-X
351
ओम के नियम से
परिपथ में प्रवाहित कुल धारा
विद्युतधारा
श्रेणी संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोध से होकर इतनी ही धारा प्रवाहित होगी। अतः:
के प्रतिरोध में धारा
[Series combination of resistors 0.2 Ω, 0.3 Ω, 0.4 Ω, 0.5 Ω, 12 Ω with a 9 V battery and current directions]

प्रश्न 10. प्रतिरोध के कितने प्रतिरोधकों को पार्श्वक्रम में संयोजित करें कि के विद्युत स्रोत से संयोजन से विद्युत धारा प्रवाहित हो?
उत्तर- माना कि आवश्यक प्रतिरोधकों की संख्या है ' '
पार्श्वक्रम में संयोजित प्रतिरोधकों का प्रतिरोध होगा
ओम के नियम से
(because V &= 220 V) (I &= 5 A)
मान रखने पर
अतः: प्रतिरोधकों की संख्या
प्रश्न 11. यह दर्शाइए कि आप प्रतिरोध के तीन प्रतिरोधकों को किस प्रकार संयोजित करेंगे कि प्राप्त संयोजन का प्रतिरोध (i) , (ii) हो। ( प्रश्न बैंक )
उत्तर-(i) प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए दो प्रतिरोधकों का पार्श्वक्रम में तथा एक प्रतिरोधक को श्रेणीक्रम में जोड़ना चाहिए।
[Combination of three 6 Ω resistors where two are in parallel and one is in series]

पार्श्वक्रम में जुड़े प्रतिरोधकों का कुल प्रतिरोध
यह का प्रतिरोध के पहले प्रतिरोध के साथ श्रेणीक्रम में जुड़ा है। अतः
कुल प्रतिरोध
(ii) प्रतिरोध प्राप्त करने के लिए पहले के दो प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में जोड़ें। जिनका तुल्य प्रतिरोध का मान फिर इसे तीसरे प्रतिरोध के साथ पार्श्वक्रम में जोड़ना चाहिए।
[Series and parallel resistor combination for 4 Ω equivalent resistance]

अतः:
प्रश्न 12. की विद्युत लाइन पर उपयोग किए जाने वाले बहुत से बल्बों का अनुमतांक है। यदि लाइन से अनुमत अधिकतम विद्युत धारा है तो इस लाइन के दो तारों के बीच कितने बल्ब पार्श्वक्रम में संयोजित किए जा सकते हैं?
उत्तर- माना बल्बों को पार्श्वक्रम में जोड़ा जाता है, तब परिपथ में कुल शक्ति व्यय
दिया है -
तब
से,
या
अतः बल्बों को पार्श्वक्रम में जोड़ा जा सकता है।
प्रश्न 13. किसी विद्युत भट्टी की तप्त प्लेट दो प्रतिरोधक कुंडलियों तथा की बनी हैं जिनमें प्रत्येक का प्रतिरोध है तथा इन्हें पृथक्-पृथक् श्रेणीक्रम में अथवा पार्श्वक्रम में संयोजित करके उपयोग किया जा सकता है। यदि यह भट्टी विद्युत स्रोत से संयोजित की जाती है तो तीनों प्रकरणों में प्रवाहित विद्युत धाराएँ क्या हैं?
उत्तर- दिया गया है -
कुंडलियों का प्रतिरोध
प्रथम स्थिति में, जब कुंडली को पृथक्-पृथक् प्रयोग किया जाता है, तब-
कुल प्रतिरोध
द्वितीय स्थिति में, जब दोनों कुंडलियों को श्रेणीक्रम में प्रयोग किया जाता है, तब कुल प्रतिरोध-
विज्ञान कक्षा-X
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तृतीय स्थिति में, जब दोनों कुण्डलियों को पार्श्वक्रम में संयोजित किया जाता है, तब-
कुल प्रतिरोध
ली गई धारा
प्रश्न 14. निम्नलिखित परिपथों में प्रत्येक में प्रतिरोधक द्वारा उपभukt शक्तियों की तुलना कीजिए-
(i) की बैटरी से संयोजित तथा श्रेणीक्रम संयोजन (ii) बैटरी से संयोजित तथा का पार्श्वक्रम संयोजन।
उत्तर : (i) जब व के प्रतिरोधक को की बैटरी के साथ श्रेणीक्रम संयोजन में जोड़ा जाता है, तब कुल प्रतिरोध का मान-
से
परिपथ में धारा का मान ओम नियम से-
श्रेणीक्रम में प्रत्येक प्रतिरोध में धारा समान अर्थात् ही प्रवाहित होगी। अतः के प्रतिरोधक द्वारा उपभुक्त शक्ति-
(ii) चूँकि एवं के प्रतिरोधकों को पार्श्वक्रम में जोड़ा गया है, अतः प्रत्येक प्रतिरोध के सिरों के बीच एक ही विभवान्तर होगा।
के प्रतिरोध द्वारा उपभुक्त शक्ति-
अतः दोनों दशाओं में प्रतिरोधक में समान शक्ति खर्च होगी।
प्रश्न 15. दो विद्युत लैम्प जिनमें से एक का अनुमतांक तथा दूसरे का है, विद्युत मेंस के साथ पार्श्वक्रम में संयोजित है। यदि विद्युत आपूर्ति की वोल्टता है तो विद्युत मेंस से कितनी धारा ली जाती है?
उत्तर : चूँकि दोनों विद्युत लैम्प पार्श्वक्रम में संयोजित हैं अतः प्रत्येक के मध्य विभवान्तर का मान समान होगा।
अनुमतांक के विद्युत लैम्प द्वारा ली जा रही धारा-
(यहाँ )
मान रखने पर
इसी प्रकार अनुमतांक के विद्युत लैम्प द्वारा ली जा रही धारा होगी-
354
पार्श्व क्रम में प्रवाहित धारा
अतः विद्युत मेंस द्वारा ली जा रही धारा होगी-
प्रश्न 16. किसमें अधिक विद्युत ऊर्जा उपभुक्त होती है- का टी.वी. सेट जो एक घंटे तक चलाया जाता है अथवा का विद्युत हीटर जो 10 मिनट के लिए चलाया जाता है?
उत्तर- दिया गया है -
T.V. सेट के लिए
या
खर्च की गई ऊर्जा
विद्युत हीटर के लिए-
खर्च की गई ऊर्जा
यहाँ पर स्पष्ट है
अतः T.V. सेट अधिक ऊर्जा का उपयोग करेगा।
प्रश्न 17. प्रतिरोध का कोई विद्युत हीटर विद्युत मेंस 2 घंटे तक विद्युत धारा लेता है। हीटर में उत्पन्न ऊष्मा की दर परिकलित कीजिए। (प्रश्न बैंक)
उत्तर- दिया गया है- ,
विद्युत हीटर में ऊष्मा उत्पन्न होने की दर या विद्युत हीटर की शक्ति-
(जूल/से.)
प्रश्न 18. निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए-
(a) विद्युत लैम्पों के तंतुओं के निर्माण में प्रायः एकमात्र टंगस्टन का ही उपयोग क्यों किया जाता है?
(b) विद्युत तापन युक्तियों जैसे ब्रेड-टोस्टर तथा विद्युत इस्तरी के चालक शुद्ध धातुओं के स्थान पर मिश्रधातुओं के क्यों बनाए जाते हैं?
(c) घरेलू विद्युत परिपथों में श्रेणीक्रम संयोजन का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है?
(d) किसी तार का प्रतिरोध उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल में परिवर्तन के साथ किस प्रकार परिवर्तित होता है?
(e) विद्युत संचरण के लिए प्रायः कॉपर तथा ऐलुमिनियम के तारों का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर-(a) टंगस्टन का गलनांक तथा प्रतिरोध बहुत अधिक होता है। अधिक प्रतिरोध के कारण इसमें अत्यधिक मात्रा में ऊष्मा का उत्पादन होता है, जिसके कारण तंतु चमकने लगते हैं और प्रकाशित हो जाते हैं।
(e) कॉपर तथा ऐलुमिनियम के तारों का प्रतिरोध न्यूनतम होता है, इसलिए इनका प्रयोग विद्युत संचारण के लिए प्रयुक्त तारों में किया जाता है। ये दोनों धातुएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं एवं सस्ती भी हैं।
📝 2. नोट्स: पाठ सार (Key Concepts & Summary)
महत्वपूर्ण परिभाषाएं, रासायनिक समीकरण, नियम, सूत्र एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
पाठ सार
(1) विद्युत धारा-किसी परिपथ में विद्युत आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते हैं। यदि किसी परिपथ में समय में आवेश प्रवाहित हो, तो परिपथ में विद्युत धारा
विद्युत आवेश का SI मात्रक कूलॉम होता है, जिसका मान लगभग इलेक्ट्रॉनों में समाए आवेश के बराबर होता है।
विद्युत धारा का मात्रक ऐम्पियर (A) होता है।
यदि किसी परिपथ में कूलॉम आवेश प्रति सेकण्ड प्रवाहित हो रहा है तो प्रवाहित धारा का मान ऐम्पियर होगा।
किसी चालक में गतिशील इलेक्ट्रॉनों की धारा विद्युत धारा की रचना करती है। परिपाटी के अनुसार किसी विद्युत परिपथ में इलेक्ट्रॉनों जो ऋणवेश हैं, के प्रवाह की दिशा के विपरीत दिशा को विद्युत धारा की दिशा माना जाता है।
एक इलेक्ट्रॉन पर कूलॉम आवेश होता है। अल्प परिमाण की विद्युत धारा को मिली ऐम्पियर ( ) अथवा (माइक्रो ऐम्पियर ) में व्यक्त करते हैं।
(2) विद्युत परिपथ-विद्युत परिपथ एक बन्द संवहन पथ (Conducting Path) है जिसमें एक विभवान्तर स्रोत अथवा विद्युत ऊर्जा (अर्थात् सेल अथवा बैटरी) तथा एक विद्युत ऊर्जा को व्यय करने वाला उपकरण होता है।
(3) विद्युत परिपथ में उपयोगी उपकरण-
(i) सेल (ii) धारा नियंत्रक (iii) कुंजी-स्विच (iv) ऐमीटर (v) वोल्ट मीटर।
(4) परिपथों की विद्युत धारा मापने के लिए जिस यंत्र का उपयोग करते हैं उसे ऐमीटर कहते हैं। इसे सदैव जिस परिपथ में विद्युत धारा मापी होती है, उसके श्रेणीक्रम में संयोजित करते हैं।
(5) किसी विद्युत परिपथ में इलेक्ट्रॉनों को गति प्रदान करने के लिए किसी सेल अथवा बैटरी का उपयोग करते हैं।
(6) विद्युत विभव-एकांक धन आवेश को अनन्त से विद्युत क्षेत्र के किसी बिन्दु तक लाने में किये गये कार्य को उस बिन्दु पर विद्युत विभव कहते हैं।
(7) विभवान्तर-विद्युत क्षेत्र में किसी एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक एकांक धन आवेश को बिना त्वरित किये ले जाने में जितना कार्य करना पड़ता है, वह उन दो बिन्दुओं के मध्य विभवान्तर है।
विद्युत विभवान्तर का SI मात्रक वोल्ट (V) है।
यदि किसी विद्युत धारावाही चालक के दो बिन्दुओं के बीच एक कूलॉम आवेश को एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक ले जाने में जूल कार्य किया जाता है तो उन दो बिन्दुओं के बीच विभवान्तर वोल्ट होता है।
(8) वोल्टमीटर-विभवान्तर की माप एक यंत्र द्वारा की जाती है, जिसे वोल्टमीटर कहते हैं। वोल्टमीटर को सदैव उन बिन्दुओं से पार्श्व क्रम में संयोजित करते हैं, जिनके बीच विभवान्तर मापना होता है।
(9) प्रतिरोध एक ऐसा गुणधर्म है जो किसी चालक में इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह का विरोध करता है। यह विद्युत धारा के परिणाम को नियंत्रित करता है। प्रतिरोध का SI मात्रक ओम ( ) है।
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(10) ओम का नियम-किसी चालक की भौतिक अवस्थाएँ स्थिर रहें तो चालक के सिरों पर उत्पन्न विभवान्तर उसमें प्रवाहित धारा के समानुपाती होता है। , जहाँ स्थिरांक है, जिसे चालक का प्रतिरोध कहते हैं।
यदि किसी चालक में ऐम्पियर धारा प्रवाहित करने पर उसके सिरों के मध्य विभवान्तर वोल्ट हो जाये तो उस चालक का प्रतिरोध ओम होता है। अर्थात् ।
वोल्ट-यदि ओम प्रतिरोध वाले चालक तार में ऐम्पियर धारा प्रवाहित की जाये तो उसके सिरों पर विभवान्तर वोल्ट होगा।
(11) स्रोत की वोल्टता में बिना कोई परिवर्तन किए परिपथ की विद्युत धारा को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले अवयव को परिवर्ती प्रतिरोध कहते हैं।
(12) किसी विद्युत परिपथ में परिपथ के प्रतिरोध को परिवर्तित करने के लिए जिस युक्ति का उपयोग करते हैं उसे धारा नियंत्रक कहते हैं।
(13) किसी धातु के एक समान चालक का प्रतिरोध उसकी लंबाई ( ) के अनुक्रमानुपाती तथा उसकी अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल ( ) के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
अर्थात्
या
जहाँ (रो) एक स्थिरांक है जिसे चालक के पदार्थ की वैद्युत प्रतिरोधकता कहते हैं।
विशिष्ट प्रतिरोध या प्रतिरोधकता—एक मीटर लम्बे और एक वर्ग मीटर अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले चालक तार के प्रतिरोध को उस पदार्थ की प्रतिरोधकता या विशिष्ट प्रतिरोध कहते हैं। इसका मात्रक होता है। प्रतिरोधकता केवल पदार्थ की प्रकृति पर ही निर्भर रहती है।
चालक का प्रतिरोध उसके पदार्थ पर निर्भर करता है।
(14) किसी पदार्थ का प्रतिरोध तथा प्रतिरोधकता दोनों ही ताप में परिवर्तन के साथ परिवर्तित हो जाते हैं।
(15) श्रेणी क्रम में तुल्य प्रतिरोध
श्रेणीक्रम में संयोजित बहुत से प्रतिरोधकों का तुल्य प्रतिरोध उनके व्यष्टिगत प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है।
यदि प्रतिरोध तार तीन से अधिक हों तो तुल्य प्रतिरोध
(16) समान्तर क्रम में तुल्य प्रतिरोध
पार्श्वक्रम (समानान्तर क्रम) से संयोजित प्रतिरोधकों के समूह के तुल्य प्रतिरोध का व्युत्क्रम पृथक प्रतिरोधों के व्युत्क्रमों के योग के बराबर होता है।
यदि प्रतिरोध तार तीन से अधिक हों, तो
(17) विद्युत धारा का तापीय प्रभाव-जब हम किसी विद्युत पंखे को निरन्तर काफी समय तक चलाते हैं तो वह गर्म हो जाता है। इसके विपरीत यदि विद्युत परिपथ विशुद्ध रूप से प्रतिरोधक है अर्थात् बैटरी से केवल प्रतिरोधकों का एक समूह ही संयोजित है तो स्रोत की ऊर्जा निरन्तर पूर्ण रूप से ऊष्मा के रूप में क्षयित होती रहती है। इसे विद्युत धारा का तापीय प्रभाव कहते हैं।
किसी स्थायी विद्युत धारा द्वारा समय में उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा
(18) जूल का तापन नियम-किसी प्रतिरोधक में उत्पन्न होने वाली ऊष्मा (i) दिये गये प्रतिरोधक में प्रवाहित होने
विज्ञान कक्षा-X
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वाली विद्युतधारा के वर्ग के अनुक्रमानुपाती (ii) दी गई विद्युत धारा के लिए प्रतिरोध के अनुक्रमानुपाती तथा (iii) उस समय के अनुक्रमानुपाती होती है जिसके लिए गए प्रतिरोध से विद्युत धारा प्रवाहित होती है। अतः:
जूल
(19) विद्युत धारा के तापीय प्रभाव के व्यावहारिक अनुप्रयोग-विद्युत इस्तरी, विद्युत टोस्टर, विद्युत तंदूर, विद्युत केतली तथा विद्युत हीटर विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव पर आधारित उपकरण हैं।
(20) विद्युत ऊर्जा-किसी विद्युत स्रोत के द्वारा किसी विद्युत परिपथ में धारा को बनाये रखने में किया गया कार्य विद्युत ऊर्जा कहलाता है।
विद्युत ऊर्जा
(21) विद्युत शक्ति-प्रति इकाई समय में व्यय की गई विद्युत ऊर्जा की मात्रा को विद्युत शक्ति कहते हैं।
अतः: विद्युत शक्ति परिपथ पर आरोपित विभवान्तर तथा परिपथ में से होकर प्रवाहित विद्युत धारा के गुणनफल के बराबर होती है।
(22) विद्युत शक्ति के अन्य रूप-
विद्युत शक्ति का मात्रक 'वाट' ( ) है। जब विद्युत धारा विभॉवांतर पर प्रवाहित होती है तो परिपथ में उपयुक्त शक्ति 1 वाट होती है।
(23) विद्युत ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक किलोवाट घण्टा ( ) है।
(24) 1 किलोवाट-घंटा का अर्थ है 1000 वाट का एक विद्युत उपकरण (जैसे heater) जब एक घण्टा तक जले, तब वह एक इकाई (Unit) बिजली व्यय करेगा।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions)
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुविकल्पीय प्रश्न–
प्रश्न 1. दो भौतिक राशियों एवं के मान चालकों की लम्बाई दुगुनी करने पर व के संगत मान क्रमशः होंगे– (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
प्रश्न 2. विद्युत धारा का SI मात्रक है– (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
प्रश्न 3. प्रतिरोध का मात्रक है– (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
प्रश्न 4. 'ओम मीटर' निम्नलिखित में से राशि का मात्रक है–
प्रश्न 5. एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश का मान कूलॉम है। किसी तार में एक ऐम्पियर धारा प्रवाहित करने पर तार में से प्रति सेकण्ड प्रवाहित होने वाले इलेक्ट्रॉन की संख्या होगी–
प्रश्न 6. विभवांतर के दो बिंदुओं के बीच आवेश को ले जाने में कितना कार्य किया जाता है?
प्रश्न 7. विभिन्न मान के प्रतिरोध तारों को श्रेणीक्रम में जोड़कर उन्हें विद्युत स्रोत से सम्बद्ध करने पर प्रत्येक प्रतिरोध में–
प्रश्न 8. विद्युत परिपथ में धारा मापने वाला उपकरण है– (प्रश्न बैंक)
प्रश्न 9. विद्युत परिपथ में किसी स्थान पर सेकण्ड में कूलॉम आवेश प्रवाहित हो रहा है। उस स्थान पर विद्युत धारा का मान ऐम्पियर में होगा–
प्रश्न 10. मीटर लम्बे तार का प्रतिरोध ओम है, यदि इसकी लम्बाई मीटर कर दी जाए तो तार का प्रतिरोध (ओम में) अब होगा–
प्रश्न 11. जब किसी चालक तार से विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो गतिशील कण में होते हैं–
प्रश्न [12]. निम्न में से कौन विद्युत का सुचालक है-
प्रश्न [14]. किलो-वाट-घण्टा ( ) का व्यावहारिक मात्रक क्या होता है?
प्रश्न [16]. विद्युत प्रवाह की दिशा मानी जाती है-
प्रश्न [17]. किसी विद्युत धारा के सतत् तथा बंद पथ को क्या कहते हैं?
प्रश्न [19]. यदि व के दो प्रतिरोध समान्तर श्रेणी में जुड़े हैं तो समतुल्य प्रतिरोध होगा- (प्रश्न बैंक)
प्रश्न [21]. समान्तर क्रम में संयोजित प्रतिरोधों की संख्या घटने के उपरान्त संयोजित प्रतिरोधों का कुल प्रतिरोध-
प्रश्न [23]. विद्युत आवेश का मात्रक है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)
प्रश्न [25]. विद्युत शक्ति का मात्रक है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)
प्रश्न [27]. ओम के नियम से सम्बन्धित दिए गए विद्युत परिपथ में युक्ति को पहचानिये। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
विज्ञान कक्षा-X
357
[इलेक्ट्रिक सर्किट आरेख (Electric Circuit Diagram showing cell, key, ammeter/voltmeter and resistor)]

प्रश्न 28. समय में प्रतिरोध में धारा प्रवाहित होने पर किये गये कार्य का सूत्र है-
प्रश्न 29. और के साथ क्रमशः है-
प्रश्न 30. और के दो बल्ब श्रेणी में संयोजित हैं। के बल्ब से धारा प्रवाहित हो रही है। के बल्ब से प्रवाहित धारा का मान होगा-
प्रश्न 31. निम्नलिखित में से कौनस सम्बन्ध ओम का नियम नहीं है-
प्रश्न 32. फ्यूज को किसी संयंत्र के साथ किस क्रम में जोड़ा जाता है?
अथवा
फ्यूज तार घरेलू विद्युत परिपथ में किस क्रम में जोड़ा जाता है? ( प्रश्न बैंक )
प्रश्न 33. यदि किसी परिपथ में कूलॉम आवेश को प्रवाहित करने में जूल कार्य करना पड़ता है, तब दो बिन्दुओं के बीच विभवांतर होगा- ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24; प्रश्न बैंक )
प्रश्न 34. चालक तार का प्रतिरोध निम्न से किस पर निर्भर नहीं करता है? ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24 )
प्रश्न 35. निम्नलिखित में से सबसे अच्छा विद्युत का चालक है- ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025 )
प्रश्न 36. दिए गए परिपथ चित्र में बिन्दु एवं के मध्य तुल्य प्रतिरोध है- ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025 )
[समांतर एवं श्रेणी संयोजन का परिपथ आरेख जिसमें 4 Ω ऊपर तथा नीचे दो 2 Ω के प्रतिरोध जुड़े हैं]

प्रश्न [37]. कोई विद्युत बल्ब, के जनित्र से जुड़ा हुआ है। यदि बल्ब से एम्पियर की विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो बल्ब की शक्ति होगी-
प्रश्न [38]. किसी निश्चित प्रतिरोध के तार से धारा प्रवाहित करने पर उत्पन्न ऊष्मा किसके वर्ग के समानुपाती होगी-
प्रश्न [39]. चालक तार की लम्बाई तथा अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल से तार के प्रतिरोध का सम्बन्ध है?
प्रश्न [40]. यदि किसी चालक तार के अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल को आधा कर दिया जाए तो प्रतिरोध होगा-
उत्तर-तालिका
1. (ब) | 2. (स) | 3. (अ) | 4. (ब) | 5. (द) | 6. (ब) | 7. (स) | 8. (अ) | 9. (ब) | 10. (अ) | 11. (द) |
12. (ब) | 13. (ब) | 14. (अ) | 15. (द) | 16. (ब) | 17. (अ) | 18. (द) | 19. (स) | 20. (अ) | 21. (अ) | 22. (ब) |
23. (अ) | 24. (अ) | 25. (ब) | 26. (ब) | 27. (द) | 28. (ब) | 29. (ब) | 30. (द) | 31. (ब) | 32. (ब) | 33. (अ) |
34. (द) | 35. (द) | 36. (ब) | 37. (ब) | 38. (द) | 39. (स) | 40. (ब) |
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
प्रश्न [1]. किसी विद्युत परिपथ में इलेक्ट्रॉनों का जो ऋणावेश है, के प्रवाह की दिशा के ......................................... दिशा को विद्युत धारा की दिशा माना जाता है।
प्रश्न [2]. परिपथों की विद्युत धारा मापने के लिए जिस यंत्र का उपयोग करते हैं, उसे ......................................... कहते हैं।
प्रश्न [3]. विभवान्तर की माप एक यंत्र द्वारा की जाती है, जिसे ......................................... कहते हैं।
प्रश्न [4]. एक विद्युत परिपथ में धातु के तार के दो सिरों के बीच विभवान्तर उसमें प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के ......................................... होता है।
प्रश्न [5]. यहाँ आनुपातिकता स्थिरांक है।
प्रश्न [6]. विद्युत विभवान्तर का मात्रक ......................................... होता है।
प्रश्न [7]. विद्युत परिपथ में ऐमीटर ......................................... में संयोजित करते हैं।
प्रश्न [8]. वोल्टमीटर को सदैव उन बिन्दुओं से ......................................... संयोजित करते हैं, जिनके बीच विभवान्तर मापना होता है।
प्रश्न [9]. वोल्टमीटर को सदैव परिपथ में ......................................... में संयोजित किया जाता है।
प्रश्न [10]. का मान ............................. जूल के बराबर है।
प्रश्न [11]. सामान्यतया विद्युत तार तांबे के बनाए जाते हैं क्योंकि .........................................।
प्रश्न [12]. किसी चालक में उत्पन्न ऊष्मा इसमें प्रवाहित धारा के.............................की समानुपाती होती है।
प्रश्न [13]. किसी चालक में उत्पन्न ऊष्मा चालक के.............................की अनुक्रमानुपाती होती है।
उत्तरमाला-
1. विपरीत
2. ऐमीटर
3. वोल्टमीटर
4. समानुपाती
5.
6. वोल्ट
7. श्रेणीक्रम
8. समान्तर क्रम में
9. पार्श्वक्रम
10.
11. इनकी प्रतिरोधकता कम होती है
12. वर्ग
13. प्रतिरोध।
विज्ञान कक्षा-X
359
सुमेलन सम्बन्धी प्रश्न-
1. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-
कॉलम X ( भौतिक राशि/नियम ) | कॉलम Y ( सूत्र ) | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
(i) विद्युत धारा | (a)
(b)
(c)
(d)
(A) जूल का तापीय प्रभाव
(B) विद्युत ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक
(C) ऐमीटर
(D) वोल्टमीटर
(अ) प्लग कुंजी (खुली)
(ब) धारा नियंत्रक
उत्तर– | (ब) धारा नियंत्रक | ] | [धारा नियंत्रक का प्रतीक]
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