📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान — सभी पाठगत (In-text) एवं अभ्यास (Exercise) प्रश्नों के सटीक एवं संपूर्ण हल।
पाठगत प्रश्न
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प्रश्न 1. आपको तीन परखनलीयाँ दी गई हैं। इनमें से एक में आसवित जल एवं शेष दो में से एक में अम्लीय विलयन तथा दूसरे में क्षारीय विलयन है। यदि आपको केवल लाल लिटमस पत्र दिया जाता है तो आप प्रत्येक परखनली में रखे गए पदार्थों की पहचान कैसे करेंगे?
उत्तर : तीनों परखनलियों में स्थित विलयन की क्रिया लाल लिटमस पत्र से करवाते हैं। जिस विलयन द्वारा यह लिटमस पत्र नीला हो जाएगा, वह विलयन क्षारीय होगा। अब इस नीले लिटमस पत्र की क्रिया शेष दोनों विलयनों से करवाते हैं। जिस विलयन द्वारा यह लिटमस पत्र पुनः लाल हो जाएगा, वह विलयन अम्लीय होगा तथा तीसरी परखनली में स्थित विलयन आसवित जल है। चूँकि आसवित जल उदासीन होता है अतः यह किसी भी लिटमस पत्र से कोई क्रिया नहीं करता। इस कारण यह उदासीन प्रकृति का होगा।
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प्रश्न 1. पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए?
उत्तर- दही एवं खट्टे पदार्थ अम्लीय होते हैं। यदि पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ रखे जायेंगे, तो वे अम्लों की उपस्थिति के कारण पीतल एवं ताँबा धातु की सतह से क्रिया कर विषैले यौगिकों/लवणों का निर्माण करेंगे, जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक होंगे। इसलिए पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही तथा खट्टे पदार्थों को नहीं रखना चाहिए।
प्रश्न 2. धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यतः कौन-सी गैस निकलती है? एक उदाहरण के द्वारा समझाइए। इस गैस की उपस्थिति की जाँच आप कैसे करेंगे?
उत्तर- धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यतः हाइड्रोजन गैस निकलती है, जैसे- दानेदार जिंक पर तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से जिंक सल्फेट तथा हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
(जिंक धातु) (सल्फ्यूरिक अम्ल) (जिंक सल्फेट) (लवण)
हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति की जाँच करने के लिए इसको साबुन के विलयन में प्रवाहित करते हैं जिससे बुलबुले बनते हैं तथा इसके पास जलती हुई मोमबत्ती ले जाने पर यह गैस नीली ज्वाला के साथ फट-फट की आवाज (Popping sound) के साथ जलती है।
प्रश्न 3. कोई धातु यौगिक 'A' तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है। इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। यदि उत्पन्न यौगिकों में से एक कैल्शियम क्लोराइड है तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
अथवा
(1) कोई धातु यौगिक 'A' तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है और पॉप की ध्वनि के साथ उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। धातु यौगिक 'A' क्या है?
(2) यदि उत्पन्न यौगिकों में से एक कैल्शियम क्लोराइड है, तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित समीकरण लिखिए। (प्रश्न बैंक)
अथवा
कोई धातु यौगिक 'A' तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है तथा इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। धातु यौगिक 'A' एवं उत्पन्न होने वाली गैस का नाम बताते हुए पूर्ण अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
उत्तर- धातु यौगिक 'A' कैल्शियम कार्बोनेट ( ) होगा। अभिक्रिया में उत्पन्न एक यौगिक कैल्शियम क्लोराइड है अतः यौगिक कैल्शियम युक्त होगा तथा उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है जो कि कार्बन डाइऑक्साइड ( ) होती है अतः यौगिक 'A' की क्रिया तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से इस प्रकार होगी-
(कैल्शियम क्लोराइड)
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प्रश्न 1. , आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज जैसे यौगिकों के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित होते हैं?
अथवा
जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण प्रदर्शित करते हैं जबकि ऐल्कोहॉल के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण प्रदर्शित नहीं होते हैं। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
उत्तर- , आदि जलीय विलयन में आयनित होकर या (हाइड्रोनियम आयन) आयन तथा ऋणायन एवं देते हैं अतः ये अम्लीय गुण दर्शाते हैं क्योंकि अम्ल वे होते हैं जो जलीय विलयन में या आयन देते हैं। लेकिन ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज के जलीय विलयन में या आयन नहीं बनते क्योंकि इनमें सहसंयोजी गुण होता है अतः ये अम्लीयता प्रदर्शित नहीं करते।
प्रश्न 2. अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत का चालन करता है?
उत्तर- अम्ल के जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयन या उत्पन्न होते हैं, जो विद्युत धारा के प्रवाह में सहायक होते हैं।
प्रश्न 3. शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र के रंग को क्यों नहीं बदलती है?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
उत्तर- शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस का आयनन नहीं होगा अतः यह या नहीं देगी अर्थात् अम्लीय गुण प्रदर्शित नहीं होगा। अतः या आयनों की अनुपस्थिति अर्थात् अम्लीय गुण की अनुपस्थिति के कारण शुष्क गैस द्वारा लिटमस पत्र के रंग में परिवर्तन नहीं होगा।
प्रश्न 4. अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए, न कि जल को अम्ल में?
उत्तर- अम्ल को तनुकृत करते समय अम्ल को जल में मिलाना चाहिए, न कि जल को अम्ल में; क्योंकि जल में अम्ल या क्षारक के घुलने की प्रक्रिया अत्यंत ऊष्माक्षेपी होती है। इसलिए जल में किसी सान्द्र अम्ल को सावधानीपूर्वक मिलाना चाहिए। अम्ल को हमेशा धीरे-धीरे तथा जल को लगातार हिलाते हुए जल में मिलाना चाहिए।
इसके विपरीत सान्द्र अम्ल में जल मिलाने पर उत्पन्न ऊष्मा के कारण मिश्रण आस्फलित होकर बाहर आ सकता है। इससे समीप व्यक्ति को हानि भी पहुँच सकती है। इससे स्थानीय ताप भी बढ़ जाता है, जिसके कारण उपयोग किया जाने वाला काँच का पात्र टूट भी सकता है।
**प्रश्न 5. अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन ( ) की सान्द्रता कैसे प्रभावित हो जाती है?**
उत्तर- अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय अर्थात् जल मिलाने पर आयन की सान्द्रता में प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है क्योंकि अम्ल में उपस्थित अनआयनित जल की मात्रा तो बढ़ती है परन्तु की मात्रा वही रहती है। परिणामस्वरूप की सान्द्रता लगातार घटती जाती है।
**प्रश्न 6. जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलाते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन ( ) की सान्द्रता कैसे प्रभावित होती है?**
उत्तर- जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलाते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन ( ) की सान्द्रता प्रति इकाई आयतन में बढ़ जाती है, क्योंकि मिलाए गए क्षारक से प्राप्त आयन, सान्द्रता में वृद्धि कर देते हैं।
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**प्रश्न 1. आपके पास दो विलयन 'A' एवं 'B' हैं। विलयन 'A' के का मान 6 है एवं विलयन 'B' के का मान 8 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता अधिक है? इनमें से कौन अम्लीय है तथा कौन क्षारीय?**
उत्तर- विलयन 'A' अम्लीय है ( का मान 6) क्योंकि का मान 7 से कम होने पर विलयन अम्लीय होता है।
विलयन 'B' क्षारीय है ( का मान 8) क्योंकि का मान 7 से अधिक होने पर विलयन क्षारीय होता है।
विलयन 'A' में हाइड्रोजन आयन सान्द्रता अधिक है क्योंकि हाइड्रोजन आयन सान्द्रता बढ़ने पर के मान में कमी होती है।
**प्रश्न 2. आयन की सान्द्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है?**
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
उत्तर- आयन की सान्द्रता बढ़ने पर विलयन अधिक अम्लीय हो जाता है तथा आयन की सान्द्रता घटने पर विलयन कम अम्लीय होता अर्थात् क्षारीय गुण बढ़ता जाता है।
**प्रश्न 3. क्या क्षारीय विलयन में आयन होते हैं? अगर हाँ, तो यह क्षारीय क्यों होते हैं?**
उत्तर- हाँ, क्षारीय विलयन में आयन होते हैं लेकिन क्षारीय विलयन में स्वतंत्र अवस्था में नहीं होते। क्षारीय विलयन में की तुलना में आयन अधिक मात्रा में होते हैं। अतः विलयन क्षारीय होता है।
प्रश्न 4. कोई किसान खेत की मृदा की किस परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्सियम कार्बोनेट) का उपयोग करेगा?
उत्तर : किसान अपने खेत की मिट्टी को बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्सियम कार्बोनेट) से उस समय उपचारित करेगा, जब मिट्टी में अम्लों की मात्रा आवश्यक मात्रा से अधिक हो जायेगी, क्योंकि ये सभी पदार्थ क्षारकीय प्रकृति के हैं, जो मिट्टी की अम्लीयता को उदासीन कर देंगे।
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प्रश्न 1. यौगिक का प्रचलित नाम क्या है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
उत्तर : का प्रचलित नाम विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) है।
प्रश्न 2. उस पदार्थ का नाम बताइए जो क्लोरीन से क्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाता है।
उत्तर : कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड जिसे बुझा हुआ चूना भी कहते हैं, की शुष्क अवस्था में गैस से क्रिया कराने पर विरंजक चूर्ण का निर्माण होता है।
प्रश्न 3. कठोर जल को मृदु करने के लिए किस सोडियम यौगिक का उपयोग किया जाता है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
उत्तर : कठोर जल को मृदु करने के लिए सोडियम कार्बोनेट ( ) (धोने का सोडा) का उपयोग किया जाता है। इससे जल की स्थायी कठोरता को हटाया जाता है।
प्रश्न 4. सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर क्या होगा? इस अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए।
उत्तर : सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर , तथा गैस प्राप्त होते हैं।
अभिक्रिया का समीकरण-
(सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) (सोडियम कार्बोनेट)
प्रश्न 5. प्लास्टर ऑफ पेरिस की जल के साथ अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए।
उत्तर : प्लास्टर ऑफ पेरिस एक सफेद चूर्ण है जो जल मिलाने पर जिप्सम बनकर कठोर ठोस पदार्थ बना देता है।
(प्लास्टर ऑफ पेरिस) (जिप्सम)
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1. कोई विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है, इसका संभवतः क्या होगा?
उत्तर : (d) 10
प्रश्न 2. कोई विलयन अंडे के पिसे हुए कवच से अभिक्रिया कर एक गैस उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दूधिया कर देती है। इस विलयन में क्या होगा? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
उत्तर : (b)
प्रश्न 3. का विलयन, के विलयन से पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम के उसी विलयन का लें तो इसे उदासीन करने के लिए के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?
उत्तर-(d)
प्रश्न 4. अपच का उपचार करने के लिए निम्न में से किस औषधि का उपयोग होता है?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22; प्रश्न बैंक)
उत्तर : (c) ऐन्टैसिड
प्रश्न 5. निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द-समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिए-
उत्तर :
(a) जिंक + तनु सल्फ्यूरिक अम्ल जिंक सल्फेट + हाइड्रोजन गैस
(b) मैग्नीशियम + तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मैग्नीशियम क्लोराइड + हाइड्रोजन गैस
(c) ऐलुमिनियम + तनु सल्फ्यूरिक अम्ल ऐलुमिनियम सल्फेट + हाइड्रोजन गैस
(d) लोहा + तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल आयरन क्लोराइड + हाइड्रोजन गैस
प्रश्न 6. ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों में भी हाइड्रोजन होते हैं लेकिन इनका वर्गीकरण अम्ल की तरह नहीं होता है। एक क्रियाकलाप द्वारा इसे साबित कीजिए।
उत्तर : ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों में हाइड्रोजन होती है परन्तु ये विलयन में आयनीकृत नहीं होते जिससे आयन उत्पन्न नहीं करते। यह निम्न क्रियाकलाप से प्रदर्शित होता है-
(1) ग्लूकोज़, ऐल्कोहॉल, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, सल्फ्यूरिक अम्ल आदि का विलयन लेते हैं।
(2) एक कॉर्क पर दो कीलें लगाकर कॉर्क को के एक बीकर में रख देते हैं।
[विद्युत चालकता परीक्षण हेतु परिपथ]

चित्र-जल में अम्ल का विलयन विद्युत का चालन करता है
(3) चित्र के अनुसार कीलों को की एक बैटरी के दोनों टर्मिनलों के साथ एक बल्ब तथा स्विच के माध्यम से जोड़ देते हैं।
(4) अब बीकर में थोड़ा डालकर विद्युत धारा प्रवाहित करते हैं।
(5) इसी क्रिया को तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ दोहराते हैं।
(6) इन परीक्षणों को ग्लूकोज़ एवं ऐल्कोहॉल के विलयनों के साथ अलग-अलग दोहराते हैं।
प्रेक्षण व परिणाम- हम पाते हैं कि बल्ब प्रत्येक स्थिति में नहीं जलता है। अम्ल की स्थिति में बल्ब जलने लगता है।
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है क्योंकि अम्लों में उपस्थित आयनों के कारण विद्युत चालन सम्भव है परन्तु ग्लूकोज एवं ऐल्कोहॉल विलयनों में विद्युत चालन नहीं होता क्योंकि इनमें आयन नहीं होते हैं। इसीलिए ग्लूकोज एवं ऐल्कोहॉल को अम्लों में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता।
प्रश्न 7. आसवित जल विद्युत का चालक क्यों नहीं होता जबकि वर्षा जल होता है?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25; 2021-22)
अथवा
वर्षा जल विद्युत का चालन करता है जबकि आसुत जल नहीं। (प्रश्न बैंक)
उत्तर : आसवित जल पूर्ण रूप से शुद्ध होता है, इसमें किसी भी प्रकार के आयनिक यौगिक नहीं होते हैं अतः यह उदासीन होता है, इस कारण विद्युत का चालक नहीं होता जबकि वर्षा जल में अम्लीय गैसें जैसे- आदि घुलकर कार्बोनिक अम्ल बनाती हैं जिससे वर्षा जल अम्लीय होता है तथा हाइड्रोजन आयन उत्पन्न करता है। इस कारण से वर्षा जल विद्युत का चालन करता है।
प्रश्न 8. जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता है?
उत्तर : जल की अनुपस्थिति में कोई भी अम्ल आयनित नहीं होता। अतः जल की अनुपस्थिति में अम्लों से हाइड्रोजन आयन पृथक् नहीं हो पाते। चूँकि हाइड्रोजन आयन ही अम्लों के अम्लीय व्यवहार के लिए उत्तरदायी होते हैं। अतः इसकी अनुपस्थिति में अम्ल, अम्लीय व्यवहार प्रदर्शित नहीं कर सकते।
**प्रश्न 9. पाँच विलयनों A, B, C, D व E की जब सार्वत्रिक सूचक से जाँच की जाती है तो के मान क्रमशः 4, 1, 11, 7 एवं 9 प्राप्त होते हैं। कौन-सा विलयन-** (प्रश्न बैंक)
(e) दुर्बल क्षारीय है?
के मानों को हाइड्रोजन आयन की सांद्रता के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।**
उत्तर :
(e) दुर्बल क्षारीय - वाला विलयन E दुर्बल क्षारीय है।
हाइड्रोजन आयन सांद्रता के बढ़ते क्रम के मान इस प्रकार से होंगे-
विलयन विलयन विलयन विलयन विलयन
अर्थात्
**प्रश्न 10. परखनली 'A' एवं 'B' में समान लंबाई की मैग्नीशियम की पट्टी लीजिए। परखनली 'A' में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ( ) तथा परखनली 'B' में ऐसिटिक अम्ल ( ) डालिए। दोनों अम्लों की मात्रा तथा सांद्रता समान है। किस परखनली में अधिक तेज़ी से बुदबुदाहट होगी तथा क्यों?**
उत्तर : परखनली 'A' में अधिक तेज़ी से बुदबुदाहट होगी। से तथा दोनों ही क्रिया करके गैस देंगे। लेकिन की तुलना में अम्ल में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक होती है इसलिए यह प्रबल अम्ल होने के कारण अधिक तीव्रता से क्रिया करेगा जिससे अधिक तेज़ी से गैस की बुदबुदाहट होगी।
**प्रश्न 11. ताज़े दूध के का मान 6 होता है। दही बन जाने पर इसके के मान में क्या परिवर्तन होगा? अपना उत्तर समझाइए।** (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
अथवा
**ताज़े दूध का मान 6 होता है। इससे दही बन जाने पर इसका मान परिवर्तित हो जाता है। क्यों?** (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
उत्तर- ताजे दूध के का मान होता है अर्थात् यह हल्का-सा अम्लीय है। जब इसका किण्वन होता है तो लैक्टिक अम्ल बनता है जिससे दूध दही में बदल जाता है। लैक्टिक अम्ल के कारण इसका अम्लीय गुण बढ़ जाता है जिससे इसके मान में और कमी आ जाती है।
प्रश्न 12. एक ग्वाला ताजे दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है।
**(a) ताजा दूध के के मान को से बदलकर थोड़ा क्षारीय क्यों बना देता है?**
(b) इस दूध को दही बनने में अधिक समय क्यों लगता है?
उत्तर-
प्रश्न 13. प्लास्टर ऑफ पेरिस को आर्द्र-रोधी बर्तन में क्यों रखा जाना चाहिए? इसकी व्याख्या कीजिए।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
उत्तर- प्लास्टर ऑफ पेरिस नमी के सम्पर्क में आकर के अणुओं से क्रिया करके शीघ्रता से कठोर ठोस पदार्थ जिप्सम में बदल जाता है। इस कारण इसे आर्द्ररोधी बर्तन में रखा जाना चाहिए।
प्लास्टर ऑफ पेरिस जिप्सम
प्रश्न 14. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर- उदासीनीकरण अभिक्रिया- जब अम्ल किसी क्षार से अभिक्रिया करता है, तब लवण और जल बनते हैं। इसे ही 'उदासीनीकरण अभिक्रिया' कहते हैं।
इस अभिक्रिया में अम्ल द्वारा क्षारक का प्रभाव तथा क्षारक द्वारा अम्ल का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
उदाहरण-
(1)
(2)
प्रश्न 15. धोने का सोडा एवं बेकिंग सोडा के दो-दो प्रमुख उपयोग बताइए।
उत्तर-
धोने के सोडे के उपयोग-
(1) धोने का सोडा (सोडियम कार्बोनेट) बोरेक्स बनाने में प्रयुक्त होता है।
(2) सोडियम कार्बोनेट का उपयोग काँच, साबुन एवं कागज उद्योगों में होता है। इससे घरों की सफाई भी करते हैं।
बेकिंग सोडे का उपयोग-
(1) बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) का उपयोग सोडा अम्ल अग्निशामक में किया जाता है।
(2) यह ऐन्टैसिड होता है क्योंकि क्षारीय होने के कारण पेट में अम्ल की अधिकता को उदासीन करके राहत देता है।
📝 2. नोट्स: पाठ सार (Key Concepts & Summary)
महत्वपूर्ण परिभाषाएं, रासायनिक समीकरण, नियम, सूत्र एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
पाठ सार
(1) अम्ल (Acid) - वे पदार्थ जो स्वाद में खट्टे होते हैं तथा नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं। अम्ल जलीय विलयन में या आयन उत्पन्न करते हैं। उदाहरण - , , , , , आदि।
(2) क्षारक (Base) - वे पदार्थ जिनका स्वाद कड़वा होता है तथा ये लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं। यदि क्षारक जलीय विलयन में आयन उत्पन्न करते हैं तो इन्हें क्षार कहते हैं।
उदाहरण - , , , , , आदि।
(3) सूचक (Indicators) - ऐसे पदार्थ जो विलयन (जलीय) में उपस्थित अम्ल या क्षार की उपस्थिति को रंग परिवर्तन या गंध परिवर्तन द्वारा सूचित करते हैं, सूचक कहलाते हैं। सूचकों के निम्न प्रकार हैं -
(A) रंग सूचक - ये रंग परिवर्तन द्वारा सूचित करते हैं। ये मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं -
(i) प्राकृतिक रंग सूचक (ii) संश्लेषित सूचक
(B) गंध सूचक/गंधीय सूचक - ऐसे सूचक जिनकी गंध अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है, गंधीय सूचक कहलाते हैं। उदाहरण - प्याज, वैनिला एसेंस, लौंग तेल आदि।
(C) सार्वत्रिक सूचक - यह अनेक सूचकों का मिश्रण होता है जो किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन की विभिन्न सान्द्रताओं पर विभिन्न रंगों को प्रदर्शित करता है।
(4) अम्ल-क्षारक सूचक रंजकों के मिश्रण होते हैं जिन्हें अम्ल एवं क्षारक की उपस्थिति को सूचित करने के लिए उपयोग में लिया जाता है।
(5) लिटमस विलयन बैंगनी रंग का रंजक होता है जो थैलोफाइटा समूह के लिचेन/लाइकेन (Lichen) पौधे से निकाला जाता है।
(6) किसी अम्ल की धातु के साथ अभिक्रिया से हाइड्रोजन गैस उत्सर्जित होती है तथा संगत लवण बनता है।
उदाहरण :
(दानेदार जिंक + तनु सल्फ्यूरिक अम्ल जिंक सल्फेट + हाइड्रोजन गैस (फट-फट की ध्वनि के साथ दहन होता है))
(7) जब क्षारक किसी धातु से अभिक्रिया करता है तो हाइड्रोजन गैस का उत्सर्जन होता है तथा एक लवण बनता है किन्तु ऐसी अभिक्रियाएं सभी धातुओं के साथ संभव नहीं हैं।
(सोडियम जिंकट)
(8) अम्लों की क्रिया किसी धातु कार्बोनेट या धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट से कराने पर संगत लवण, तथा (जल) बनता है। जैसे -
(9) प्रत्येक रासायनिक अभिक्रिया दो विपरीत प्रकृति के पदार्थों/विलयनों के मध्य होती है। अम्ल की क्रिया क्षार से तथा क्षार की क्रिया अम्ल से होगी। अम्ल अन्य अम्ल से तथा क्षार अन्य क्षार से क्रिया नहीं करेगा।
(10) उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralisation reaction) - अम्ल और क्षारक परस्पर मिलकर लवण एवं जल बनाते हैं और इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं। यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
(11) धातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय होते हैं अतः ये अम्लों से क्रिया करके लवण व जल बनाते हैं।
(क्षारीय)
उदाहरण :
(12) अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं अतः ये क्षारकों से क्रिया करके लवण व जल का निर्माण करते हैं।
(अम्ल)
उदाहरण :
(13) अम्ल, क्षारक तथा लवण के जलीय विलयन विद्युत का चालन करते हैं क्योंकि इनके विलयन में मुक्त आयन होते हैं, जिनके कारण विद्युत का चालन होता है।
(14) क्षार-जल में घुलनशील क्षारकों को क्षार कहते हैं। ये संक्षारक (Corrosive) प्रकृति के होते हैं।
(15) अम्लीय या क्षारीय विलयन में जल मिलाने पर ( ) आयनों की सान्द्रता में प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है। इस प्रक्रिया को तनुकरण कहते हैं।
(16) जल में अम्ल या क्षारक के घुलने की प्रक्रिया अत्यंत ऊष्माक्षेपी होती है।
(17) अम्लों या क्षारकों की प्रबलता की जाँच स्केल (0-14) के उपयोग से करते हैं जो कि विलयन में उपस्थित या आयनों की सान्द्रता का माप होती है। इस में सूचक है 'पुसांस' (Potenz) जो एक जर्मन शब्द है, का अर्थ होता है 'शक्ति'।
(18) उदासीन विलयन के का मान 7 होता है। अम्लीय विलयन के का मान 7 से कम तथा क्षारीय विलयन के का मान 7 से अधिक होता है।
(19) अम्ल दो प्रकार के होते हैं-प्रबल अम्ल तथा दुर्बल अम्ल। विलयन में अधिक संख्या में या आयन देने वाले अम्ल, प्रबल अम्ल तथा आयन उत्पन्न करने वाले अम्ल, दुर्बल अम्ल कहलाते हैं।
प्रबल अम्ल के उदाहरण- आदि।
दुर्बल अम्ल के उदाहरण- आदि।
(20) अम्लों के समान ही क्षारक भी प्रबल क्षारक एवं दुर्बल क्षारक होते हैं जो विलयन में क्रमशः अधिक तथा कम आयन उत्पन्न करते हैं।
प्रबल क्षार के उदाहरण- आदि।
दुर्बल क्षार के उदाहरण- आदि।
(21) जीवों में उपापचय की क्रिया की एक अनुकूलतम सीमा में ही होती है।
(22) अम्लीय वर्षा-वर्षा के जल का मान जब 5.6 से कम हो जाता है तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। ऐसे जल में जीवों का जीवित रहना बहुत मुश्किल हो जाता है।
(23) मुँह के का मान 5.5 से कम होने पर दाँतों का क्षय होने लगता है।
(24) लवण (Salts)-जब अम्ल व क्षार के मध्य अभिक्रिया होती है तो लवण व जल का निर्माण होता है। यह एक ऊष्माक्षेपी तथा उदासीनीकरण प्रक्रिया है।
लवण मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं-
(A) उदासीन या सामान्य लवण-जब प्रबल अम्ल व प्रबल क्षार आपस में क्रिया करते है तो ये एक-दूसरे को पूर्ण रूप से उदासीन कर देते है। इस कारण इन लवणों के जलीय विलयन का मान 7 होता है।
उदाहरण- , , , आदि।
(B) अम्लीय लवण-जब प्रबल अम्ल तथा दुर्बल क्षार आपस में क्रिया कर लवण व जल बनाते हैं या इस लवण में विस्थापन योग्य आयन उपस्थित होते हैं। इनकी प्रकृति अम्लीय होगी। अतः मान से कम होगा।
प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार लवण + जल
उदाहरण- , , , ,
(C) क्षारीय लवण-जब प्रबल क्षार तथा दुर्बल अम्ल आपस में क्रिया कर लवण व जल बनाते हैं या इस लवण में विस्थापन योग्य आयन होते हैं। तो इनकी प्रकृति क्षारीय होगी। अतः मान से ज्यादा होगा।
प्रबल क्षार + दुर्बल अम्ल लवण + जल
उदाहरण- , ,
(25) साधारण नमक (सोडियम क्लोराइड) दैनिक उपयोग के कई पदार्थों, जैसे-बेकिंग सोडा, विरंजक चूर्ण, वाशिंग सोडा; सोडियम हाइड्रॉक्साइड आदि के लिए एक महत्त्वपूर्ण कच्चा पदार्थ है।
(26) क्लोर-क्षार प्रक्रिया-सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन में विद्युत प्रवाहित करने पर यह वियोजित होकर , (क्लोर) तथा बनाता है। इस प्रक्रिया को क्लोर-क्षार प्रक्रिया कहते हैं।
(27) **विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder) ( )**-वस्त्रों आदि के विरंजन (रंग उड़ाना) तथा पीने के जल को रोगाणुमुक्त करने में प्रयुक्त किया जाता है।
(28) विरंजक चूर्ण, शुष्क बुझे हुए चूने की क्लोरीन से क्रिया द्वारा बनाया जाता है।
(29) धोने के सोडा का सूत्र , बेकिंग सोडा का सूत्र तथा प्लास्टर ऑफ पेरिस का सूत्र होता है।
(30) उद्योगों तथा दैनिक जीवन में लवण बहुत उपयोगी होते हैं। बड़े आकार के के क्रिस्टल अपद्रव्यों के कारण भूरे रंग के होते हैं, इन्हें खनिज नमक कहते हैं।
(31) क्रिस्टलन जल-लवण के एक सूत्र इकाई में जल के निश्चित अणुओं की संख्या को क्रिस्टलन का जल कहते हैं। उदाहरण- , , आदि।
(32) जिप्सम का सूत्र होता है जिसे गर्म करने पर यह जल के अणुओं का त्याग कर कैल्शियम सल्फेट हेमिहाइड्रेट ( ) बनाता है, जिसे प्लास्टर ऑफ पेरिस ( ) कहते हैं।
(33) प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग खिलौने, सजावट का सामान आदि बनाने में किया जाता है।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions)
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुविकल्पीय प्रश्न-
1. हमारा उदर कौनसा अम्ल उत्पन्न करता है?
2. दाँत साफ करने के लिए प्रयुक्त टूथपेस्ट की प्रकृति किस प्रकार की होती है?
3. पीने के पानी को जीवाणुओं से मुक्त कराने के लिए निम्न में से किसका उपयोग किया जाता है?
4. शुद्ध जल का मान है-
अथवा
आसुत जल के का मान होता है- (प्रश्न बैंक)
5. हमारे रुधिर की प्रकृति होती है-
6. अधातुओं के ऑक्साइड की प्रकृति होती है-
7. सान्द्र को जल में मिलाने पर-
8. बेकिंग सोडा को गर्म करने पर बना यौगिक है-
9. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की क्रिया निम्न में से किससे कराने पर हाइड्रोजन गैस निकलती है?
10. ताजे दूध का मान 6 होता है। जब दूध दही में बदलता है, तो का मान होगा-
11. कठोर जल को मृदु बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाला यौगिक है-
12. चींटी के डंक में पाया जाने वाला अम्ल है-
13. निम्न में से कौनसा गुण अम्लों में नहीं पाया जाता है-
14. मधुमक्खी के डंक का इलाज किससे किया जा सकता है-
15. एक पौधे की किस्म 6.0 से 6.5 मान वाली मिट्टी में सबसे अच्छे रूप से विकसित होती है। यदि किसी खेत की मिट्टी का मान 4.5 है, पौधे को उगाने के लिए मिट्टी में किस पदार्थ को मिलाना चाहिए-
16. का सामान्य नाम है-
17. निम्न में से कौन अपच की दवा है?
18. अधिक खाने से अपच के कारण होने वाली बेचैनी क्या लेने से ठीक हो सकती है-
19. निम्नलिखित में से कौनसे पदार्थ में क्रिस्टलन जल उपस्थित नहीं है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)
प्रश्न 20. रक्त (खून) का मान होता है-
प्रश्न 21. सार्वत्रिक सूचक के चार्ट के अन्तिम सिरों पर दिखने वाले दो रंग हैं-
प्रश्न 22. स्केल में 'P' सूचक है 'पुसांस' (Potenz) जो एक जर्मन शब्द है का अर्थ होता है-
प्रश्न 23. डॉक पौधे की पत्ती की प्रकृति होती है-
प्रश्न 24. प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड मॉडल पेपर 2022-23)
प्रश्न 25. दाँतों का दंतक्षय मान कितना होने पर शुरू होता है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
अथवा
दाँतों के इनेमल का क्षय प्रारम्भ हो जाता है मुँह का मान-
प्रश्न 26. दही में उपस्थित अम्ल है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
प्रश्न 27. जिंक और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के मध्य अभिक्रिया से उत्पन्न गैस है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
प्रश्न 28. एक उदासीन विलयन का मान है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
प्रश्न 29. जिप्सम को कितने ताप पर गर्म करने से प्लास्टर ऑफ पेरिस बनता है- (प्रश्न बैंक)
प्रश्न 30. उस पदार्थ का नाम बताइए जो क्लोरीन से क्रिया कर विरंजक चूर्ण बनाता है? (प्रश्न बैंक)
प्रश्न 31. धावन सोडा (सोडियम कार्बोनेट) में क्रिस्टलन जल के कितने अणु होते हैं? (प्रश्न बैंक)
उत्तर-तालिका
1. (द) | 2. (अ) | 3. (ब) | 4. (स) | 5. (ब) | 6. (ब) | 7. (ब) | 8. (ब) | 9. (द) | 10. (ब) | 11. (ब) |
12. (अ) | 13. (ब) | 14. (ब) | 15. (ब) | 16. (स) | 17. (ब) | 18. (स) | 19. (स) | 20. (स) | 21. (अ) | 22. (ब) |
23. (ब) | 24. (ब) | 25. (अ) | 26. (द) | 27. (अ) | 28. (ब) | 29. (अ) | 30. (ब) | 31. (द) |
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. नेटल में ....................... अम्ल की उपस्थिति के कारण हम नेटल के डंक से दर्द और जलन का अनुभव करते हैं। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
2. शुद्ध जल के का मान ....................... होता है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
3. अम्ल एवं धातु अभिक्रिया करके लवण व ....................... का निर्माण करते हैं। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
4. शुक्र (Venus) का वायुमंडल ....................... के मोटे श्वेत एवं पीले बादलों से बना है।
5. वर्षा के जल की मान जब से कम हो जाती है तो वह ....................... कहलाती है।
--- | ---
6. रसोईघर में स्वादिष्ट खस्ता पकौड़े बनाने के लिए ................. का उपयोग किया जाता है।
7. बेकिंग पाउडर बनाने में बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) एवं ................. जैसे एक मंद खाद्य अम्ल का उपयोग करते हैं।
8. जिप्सम का रासायनिक सूत्र ................. है।
9. डॉक्टर टूटी हुई हड्डियों को सही जगह पर स्थिर रखने के लिए ................. का उपयोग करते हैं।
10. लवण के एक सूत्र इकाई में जल के निश्चित अणुओं की संख्या को ................. का जल कहते हैं।
11. सोडा-अम्ल अग्निशामक में ................. का उपयोग किया जाता है।
12. सिरका में उपस्थित अम्ल का रासायनिक नाम ................. हैं। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
13. नल के जल का pH मान ................. होता है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
14. के वियोजन से प्राप्त ऋणायन का रासायनिक सूत्र ................. है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
15. आयन के ऋणात्मक लघुगुणक को ................. कहते हैं। (प्रश्न बैंक)
16. नींबू के अचार को एल्युमिनियम धातु के पात्र में रखने पर ................. पदार्थ बनता है। (प्रश्न बैंक)
17. नेटल के डंक के दर्द को ................. की पत्तियों को रगड़कर उदासीन किया जाता है। (प्रश्न बैंक)
18. अम्ल ................. के लिटमस पत्र को लाल रंग का तथा क्षार ................. के लिटमस पत्र को नीला रंग का कर देता है। (प्रश्न बैंक)
19. अम्लीय पदार्थों का pH मान से ................. होता है जबकि क्षारीय पदार्थों का pH मान से ................. होता है। (प्रश्न बैंक)
उत्तर- 1. मेथेनॉइक, 2. 7, 3. हाइड्रोजन गैस, 4. सल्फ्यूरिक अम्ल, 5. अम्लीय वर्षा, 6. बेकिंग सोडा, 7. टार्टरिक अम्ल, 8. , 9. प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP), 10. क्रिस्टलन, 11. बेकिंग सोडा, 12. ऐसीटिक अम्ल, 13. (6.5-8.5), 14. , 15. , 16. विषैला, 17. डॉक, 18. नीले रंग, लाल रंग, 19. कम, अधिक
सुमेलन संबंधी प्रश्न-
प्रश्न 1. निम्नलिखित को सुमेलित करो-
प्राकृतिक स्रोत | अम्ल |
A. सिरका | (i) टार्टरिक अम्ल |
B. इमली | (ii) लैक्टिक अम्ल |
C. खट्टा दूध (दही) | (iii) ऐसीटिक अम्ल |
D. चींटी का डंक | (iv) मेथेनॉइक अम्ल |
उत्तर- A-(iii), B-(i), C-(ii), D-(iv)
प्रश्न 2. निम्नलिखित को सुमेलित करो-
पदार्थ का नाम | रासायनिक सूत्र |
A. जिप्सम | (i) |
B. बेकिंग सोडा | (ii) |
C. धोने का सोडा | (iii) |
D. ब्लीचिंग पाउडर | (iv) |
उत्तर- A-(iv), B-(i), C-(ii), D-(iii)
प्रश्न 3. सुमेलित कीजिए- (प्रश्न बैंक)
समूह A | समूह B |
(A) प्रबल अम्ल | (i) |
(B) दुर्बल क्षार | (ii) |
(C) फार्मिक अम्ल | (iii) |
(D) दुर्बल अम्ल | (iv) |
उत्तर- (A)-(ii), (B)-(iii), (C)-(iv), (D)-(i)
विज्ञान कक्षा-X 45
( प्रश्न बैंक )
प्रश्न 4. सुमेलित कीजिए-
प्राकृतिक स्रोत | अम्ल |
(A) सिरका | (i) एसिटिक अम्ल |
(B) नींबू, संतरा | (ii) सिट्रिक अम्ल |
(C) टमाटर | (iii) ऑक्सेलिक अम्ल |
(D) दही | (iv) लैक्टिक अम्ल |
उत्तर-(A)-(i), (B)-(ii), (C)-(iii), (D)-(iv)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
उपरोक्त अभिक्रिया में [X] का रासायनिक सूत्र लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
उत्तर- [X] का रासायनिक सूत्र- है।
प्रश्न 2. बेकिंग पाउडर के दो प्रमुख घटक लिखिए।
उत्तर- (i) (सोडियम बाईकार्बोनेट) (ii) टार्टरिक अम्ल।
प्रश्न 3. अम्लीय ऑक्साइड के नाम लिखिए जिनके द्वारा अम्लीय वर्षा होती है।
उत्तर- (i) सल्फर डाइऑक्साइड ( )
(ii) नाइट्रोजन डाइऑक्साइड ( )
प्रश्न 4. दो संश्लेषित सूचकों के नाम लिखिए।
उत्तर- (1) मेथिल ऑरेंज (2) फिनॉल्फथेलिन।
प्रश्न 5. किसका अधिक होगा-
(i) रक्त अथवा शुद्ध जल (ii) जठर रस अथवा नींबू का रस।
उत्तर- (i) रक्त का अधिक है। (ii) नींबू के रस का अधिक है।
प्रश्न 6. उदासीन विलयन के का मान लिखो। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)
उत्तर- उदासीन विलयन के का मान होता है।
प्रश्न 7. चींटी के डंक से स्रावित होने वाले अम्ल का नाम लिखिए।
उत्तर- मेथेनॉइक अम्ल।
प्रश्न 8. ऐसे दो यौगिकों के नाम बताइए जिनमें हाइड्रोजन है, लेकिन वे अम्ल नहीं हैं तथा उनके विलयन में विद्युत का चालन नहीं होता।
उत्तर- ऐल्कोहॉल ( ) तथा ग्लूकोज़ ( )।
प्रश्न 9. हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता मापने की विधि किस वैज्ञानिक द्वारा दी गई थी?
उत्तर- सन् में सोरेन्सन द्वारा दी गई।
प्रश्न 10. नींबू के रस का कितना होता है?
उत्तर- नींबू का रस अम्लीय होता है। इसका मान लगभग होता है।
प्रश्न 11. 'मिल्क ऑफ मैग्नीशिया' का कितना होता है?
उत्तर- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया के का मान होता है।
प्रश्न 12. 'मिल्क ऑफ मैग्नीशिया' की उपयोगिता बताइए।
उत्तर- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड) एक दुर्बल क्षारक है जिसका उपयोग ऐन्टैसिड के रूप में उदर में अम्ल की अधिक्य मात्रा को उदासीन करने में किया जाता है।
प्रश्न 13. (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
उपरोक्त अभिक्रिया में [x] का नाम व सूत्र लिखिए।
उत्तर- [x] का नाम = हाइड्रोजन गैस
[x] का सूत्र =
प्रश्न 14. धातुओं के ऑक्साइड की प्रकृति सामान्यतः कैसी होती है? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर- धातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय प्रकृति के होते हैं, जैसे- ,
प्रश्न 15. प्रबल अम्लों तथा प्रबल क्षारों के दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर- प्रबल अम्ल- (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल), (सल्फ्यूरिक अम्ल)।
प्रबल क्षार- (सोडियम हाइड्रॉक्साइड), (पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड)।
प्रश्न 16. दुर्बल अम्ल तथा दुर्बल क्षारों के दो-दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर- दुर्बल अम्ल- ,
दुर्बल क्षारक- ,
प्रश्न 17. सार्वत्रिक/सार्वभौम सूचक क्या होते हैं? लिखिए।
उत्तर- ये अनेक सूचकों का मिश्रण होते हैं। ये किसी विलयन में आयन की विभिन्न सान्द्रता को विभिन्न रंगों में प्रदर्शित करते हैं।
प्रश्न 18. जठर रस की कितनी होती है?
उत्तर- जठर रस की लगभग होती है।
प्रश्न 19. टमाटर में कौन सा अम्ल पाया जाता है?
उत्तर- टमाटर में ऑक्सेलिक अम्ल पाया जाता है।
प्रश्न 20. सोडियम वर्ग के चार लवण बताइए।
उत्तर- सोडियम सल्फेट ( ), सोडियम क्लोराइड ( ), सोडियम नाइट्रेट ( ), सोडियम कार्बोनेट ( )।
प्रश्न 21. सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन में विद्युत प्रवाहित करने पर कैथोड तथा एनोड पर कौनसी गैस प्राप्त होती है?
उत्तर- सोडियम क्लोराइड ( ) के जलीय विलयन में विद्युत प्रवाहित करने पर कैथोड पर तथा एनोड पर गैस बनती है।
प्रश्न 22. बेकिंग सोडा के निर्माण में प्रयुक्त समीकरण लिखिए।
उत्तर-
(अमोनियम क्लोराइड) (बेकिंग सोडा या सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)
प्रश्न 23. का विशिष्ट नाम क्या है?
उत्तर- को नीला थोथा (Blue vitriol) कहते हैं।
प्रश्न 24. क्रिस्टलीय सोडियम कार्बोनेट में उपस्थित क्रिस्टलन जल के अणुओं की संख्या कितनी होती है?
उत्तर- क्रिस्टलीय सोडियम कार्बोनेट ( ) में क्रिस्टलन जल के अणु होते हैं।
प्रश्न 25. जिप्सम का रासायनिक नाम क्या है?
उत्तर- जिप्सम ( ) का रासायनिक नाम कैल्सियम सल्फेट डाइहाइड्रेट है।
प्रश्न 26. कैल्सियम कार्बोनेट ( ) के विभिन्न रूप कौनसे हैं? लिखिए।
उत्तर- चूना पत्थर (Lime Stone), खड़िया (Chalk) एवं संगमरमर (Marble)।
प्रश्न 27. मधुमक्खी द्वारा डंक मारे गए अंग में किस प्रकार के दैनिक उपयोगी यौगिक का प्रयोग करने पर आराम मिलता है?
उत्तर- मधुमक्खी द्वारा डंक मारे गए अंग में 'बेकिंग सोडा' जैसे दुर्बल क्षारक के उपयोग से आराम मिलता है।
प्रश्न 28. संतरे में कौनसा अम्ल उपस्थित होता है?
अथवा
संतरे में पाये जाने वाले अम्ल का नाम लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)
उत्तर- सिट्रिक अम्ल।
प्रश्न 29. विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र लिखिए।
उत्तर-
प्रश्न 30. धोवन सोडा का जलीय विलयन अम्लीय है अथवा क्षारीय, बताइए।
उत्तर- क्षारीय।
प्रश्न 31. ऐसे प्राकृतिक पदार्थों के बारे में बताइए जिन्हें अम्ल एवं क्षारक सूचक के रूप में प्रयुक्त किया जा सकता है।
उत्तर— बहुत सारे प्राकृतिक पदार्थ, जैसे-लाल पत्ता गोभी, हल्दी, हाइड्रेंजिया, पेटूनिया एवं जेरानियम जैसे कई फूलों की रंगीन पंखुड़ियाँ किसी विलयन में अम्ल एवं क्षारक की उपस्थिति को सूचित करने में प्रयुक्त कर सकते हैं।
प्रश्न 32. स्केल में किस बात का सूचक है?
उत्तर— स्केल में 'पुसांस' (Potenz) का सूचक होता है, जिसका अर्थ 'शक्ति' होता है।
प्रश्न 33. तनुकरण किसे कहते हैं?
उत्तर— जल में अम्ल या क्षारक मिलाने पर आयन की सान्द्रता ( ) में प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है। इस प्रक्रिया को तनुकरण कहते हैं।
प्रश्न 34. क्रिस्टलन का जल से क्या अभिप्राय है?
उत्तर— लवण के एक सूत्र इकाई में जल के निश्चित अणुओं की संख्या को क्रिस्टलन का जल कहते हैं।
प्रश्न 35. अम्ल के जलीय विलयन द्वारा विद्युत के संचालन का नामांकित चित्र बनाइये। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)
उत्तर—
[अम्ल के जलीय विलयन द्वारा विद्युत चालन का परिपथ]

चित्र-जल में अम्ल का विलयन विद्युत चालन करता है
प्रश्न 36. स्वाद के आधार पर अम्ल व क्षार में अन्तर लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)
उत्तर— अम्लों का स्वाद खट्टा जबकि क्षारकों का स्वाद कड़वा होता है।
प्रश्न 37. दंत क्षय का कारण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)
उत्तर— मुँह के का मान परिवर्तित ( से कम) होने के कारण।
प्रश्न 38. उदासीनीकरण अभिक्रिया को परिभाषित कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
उत्तर— अम्ल एवं क्षारक की अभिक्रिया के परिणामस्वरूप लवण तथा जल प्राप्त होते हैं तथा इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
प्रश्न 39. दही में उपस्थित अम्ल का रासायनिक नाम लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
उत्तर— लैक्टिक अम्ल
प्रश्न 40. अम्ल के जलीय विलयन को विद्युत परिपथ में लगाने पर परिपथ में लगा बल्ब जलने लगता है। इस प्रेक्षण का विश्लेषण करके एक विद्यार्थी ने अम्ल के जलीय विलयन के कौन-से गुण को सिद्ध किया? लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
उत्तर— अम्ल का जलीय विलयन विद्युत चालन करता है।
प्रश्न 41. मिट्टी की अम्लता को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड), चॉक (कैल्सियम कार्बोनेट) का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 42. स्केल के निर्माण को परिभाषित कीजिए? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— स्केल का निर्माण 'सॉरेन पेडर लॉरिट्ज सॉरेनसेन' ने किया।
परिभाषा— किसी विलयन में उपस्थित हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता ज्ञात करने के लिए एक स्केल विकसित किया गया, जिसे स्केल कहते हैं।
प्रश्न 43. अग्निशामक यंत्र में किसका उपयोग किया जाता है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर— बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट) का।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से प्रबल अम्ल एवं प्रबल क्षार है-
उत्तर-
प्रश्न 2. जिंक की सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया पर गैस बनती है-
अथवा
जिंक की सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया पर कौनसी गैस बनती है? आप इसकी पहचान कैसे करेंगे?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
उत्तर-
(i) गैस का नाम हाइड्रोजन ( ) गैस है।
(ii) क्रिया का समीकरण- ( )
(iii) गैस की पहचान-जलती हुई मोमबत्ती को गैस की परखनली के पास ले जाने पर यह फटफट की ध्वनि के साथ जलती है।
प्रश्न 3. (अ) सोडियम हाइड्रोक्साइड की जिंक धातु से होने वाली क्रिया से निकलने वाली गैस का नाम लिखिए। अभिक्रिया का समीकरण भी लिखिए।
(ब) निम्न में किसका उपयोग किया जाता है?
(i) पीने वाले जल को जीवाणुओं से मुक्त करने के लिए
अथवा
पेयजल के शुद्धिकरण में किस रसायन का उपयोग करते हैं? (प्रश्न बैंक)
(ii) रसोईघर में स्वादिष्ट खस्ता पकौड़े बनाने में
अथवा
रसोईघर में खस्ता पकौड़ी, पाव रोटी बनाने में उपयोग किया जाता है? (प्रश्न बैंक)
अथवा
मूर्तियों व सजावटी सामान बनाने में प्रयुक्त होता है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर-
(अ) सोडियम हाइड्रोक्साइड की जिंक धातु से क्रिया होने पर हाइड्रोजन ( ) गैस निकलती है।
(सोडियम जिंकेट)
(ब)
प्रश्न 4. लिटमस प्राकृतिक सूचक है या कृत्रिम? श्वेत कपड़े पर लगे सब्जी के दाग पर साबुन लगाने पर वह लाल भूरा हो जाता है। क्यों?
उत्तर- लिटमस एक प्राकृतिक सूचक है। श्वेत कपड़े पर लगे सब्जी के दाग पर साबुन लगाने पर वह लाल भूरा हो जाता है क्योंकि सब्जी में स्थित हल्दी क्षारीय साबुन से क्रिया करके लाल भूरा रंग देती है। हल्दी भी लिटमस के समान एक प्राकृतिक सूचक होती है।
प्रश्न 5. अम्लों में अम्लीय गुणधर्म व क्षारकों में क्षारकीय गुणधर्म किसके कारण होता है?
उत्तर- अम्ल विलयन में हाइड्रोजन आयन उत्पन्न करते हैं जिसके कारण उनका गुणधर्म अम्लीय होता है जबकि क्षारक, विलयन में हाइड्रोक्साइड आयन उत्पन्न करते हैं जिसके कारण उनका गुणधर्म क्षारकीय होता है।
प्रश्न 6. विज्ञान की प्रयोगशाला में उपस्थित हाइड्रोक्लोरिक अम्ल , सल्फ्यूरिक अम्ल , नाइट्रिक अम्ल , ऐसीटिक अम्ल , सोडियम हाइड्रॉक्साइड , कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड , पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड , मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड एवं अमोनियम हाइड्रॉक्साइड में से अम्ल तथा क्षार छाँटिए। इनमें से कौन फिनॉल्फथलीन सूचक के विलयन को गुलाबी बनाता है तथा कौन मेथिल ऑरेंज के पीले रंग को लाल में परिवर्तित करेगा?
उत्तर- उपरोक्त यौगिकों में से अम्ल तथा क्षार निम्न प्रकार से हैं-
अम्ल- , , ,
क्षार- , , , ,
अम्ल नीले लिटमस को लाल करते हैं तथा मेथिल ऑरेंज के पीले रंग को लाल में परिवर्तित करते हैं, इसके विपरीत क्षार लाल लिटमस को नीला कर देते हैं तथा फिनॉल्फथलीन विलयन को गुलाबी बनाते हैं।
प्रश्न 7. धातुओं की अम्ल तथा क्षार से अभिक्रिया कैसे होती है? क्या यह सभी धातु तथा सभी अम्लों से होती है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर- धातुएँ अम्ल से क्रिया करके हाइड्रोजन गैस देती हैं तथा अम्ल के अवशिष्टों के साथ मिलकर धातु एक यौगिक बनाता है, जिसे लवण कहते हैं। अम्ल के साथ धातु की अभिक्रिया को इस प्रकार व्यक्त कर सकते हैं-
केवल सक्रिय धातुएँ ही हाइड्रोजन अम्लों से क्रिया करके गैस देती हैं।
कुछ धातुएँ क्षारों से भी क्रिया करके गैस देती हैं तथा लवण भी बनाती हैं, जैसे , इत्यादि।
(सोडियम जिंकट (लवण))
किन्तु ऐसी अभिक्रियाएँ सभी धातुओं के साथ सम्भव नहीं हैं।
प्रश्न 8. 'ऐंटैसिड' (antacid) क्या होता है? उदाहरण दीजिए।
उत्तर- ऐसे क्षारक जिनका उपयोग उदर में अम्ल की आधिक्य मात्रा को उदासीन करने में किया जाता है, ऐंटैसिड कहलाते है।
उदाहरण- ऐलुमिनियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम व सोडियम के बाईकार्बोनेट्स।
प्रश्न 9. धातु कार्बोनेट तथा धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट की तनु से क्रिया करवाने पर कौनसी गैस बनती है तथा इसे चूने के पानी में प्रवाहित करने पर क्या होगा? समीकरण सहित समझाइए।
उत्तर- धातु कार्बोनेट तथा धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट को तनु से क्रिया करवाने पर गैस निकलती है तथा लवण व जल बनता है।
प्राप्त गैस को चूने के पानी में प्रवाहित करने पर का श्वेत अवक्षेप बनता है तथा अत्यधिक मात्रा में गैस प्रवाहित करने पर कैल्शियम हाइड्रोजन कार्बोनेट बनने के कारण विलयन पुनः रंगहीन हो जाता है।
(चूने का पानी) (कैल्शियम कार्बोनेट (श्वेत अवक्षेप))
(जल में विलयशील)
प्रश्न 10. धात्विक ऑक्साइड की प्रकृति अम्लीय होती है या क्षारीय? इनकी अम्ल से क्रिया कराने पर क्या होगा? उदाहरण सहित बताइए।
उत्तर-धात्विक ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय प्रकृति के होते हैं। ये अम्लों से क्रिया करके लवण व जल बनाते हैं, जैसे-धातु ऑक्साइड + अम्ल लवण + जल
कॉपर ऑक्साइड (नील हरित रंग) कॉपर (II) क्लोराइड
क्षारक एवं अम्ल की अभिक्रिया के समान ही धात्विक ऑक्साइड अम्ल के साथ अभिक्रिया करके लवण व जल बनाते हैं। अतः धात्विक ऑक्साइड को क्षारीय ऑक्साइड भी कहते हैं।
प्रश्न 11. जो कि कार्बन (अधातु) का ऑक्साइड है, क्षारक से क्रिया करके लवण व जल बनाता है। इससे क्या सिद्ध होता है?
उत्तर- (कार्बन डाइऑक्साइड) क्षारक से क्रिया करके लवण व जल बनाता है। इससे यह सिद्ध होता है कि यह अम्लीय प्रकृति का है। यह क्षारक एवं अम्ल के बीच होने वाली उदासीनीकरण अभिक्रिया के समान है। अतः अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं।
श्वेत अवक्षेप
प्रश्न 12. यदि आपके परिवार का कोई सदस्य अत्यधिक भोजन करने के कारण अम्लता से पीड़ित है तो आप कौन सा उपचार सुझाएँगे?
उत्तर- हमारा उदर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ( ) उत्पन्न करता है। यह उदर को हानि पहुँचाए बिना भोजन के पाचन में सहायक होता है। अपच की स्थिति में उदर अत्यधिक मात्रा में अम्ल उत्पन्न करता है जिसके कारण उदर में दर्द एवं जलन का अनुभव होता है जिसे अम्लता (acidity) कहते हैं। इस दर्द से मुक्त होने के लिए ऐंटैसिड (antacid) जैसे क्षारकों का उपयोग किया जाता है जो अम्ल की अधिक्य मात्रा को उदासीन करता है। इसके लिए मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया) जैसे दुर्बल क्षारक का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 13. अम्ल एवं क्षारक की शक्ति किस पर निर्भर करती है? प्रबल एवं दुर्बल अम्ल तथा प्रबल एवं दुर्बल क्षारक से क्या अभिप्राय है?
उत्तर- अम्ल एवं क्षारक की शक्ति विलयन (जल) में क्रमशः आयन तथा आयन की संख्या पर निर्भर करती है।
प्रबल एवं दुर्बल अम्ल-जलीय विलयन में अधिक मात्रा में आयन उत्पन्न करने वाले अम्ल, प्रबल अम्ल कहलाते हैं, जैसे-हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ( ); जबकि कम आयन उत्पन्न करने वाले अम्ल, दुर्बल अम्ल कहलाते हैं, जैसे-ऐसीटिक अम्ल [ ]।
प्रबल एवं दुर्बल क्षारक-जलीय विलयन में अधिक मात्रा में आयन देने वाले क्षारक, प्रबल क्षारक कहलाते हैं, जैसे- , आदि; जबकि कम मात्रा में आयन उत्पन्न करने वाले क्षारक, दुर्बल क्षारक कहलाते हैं, जैसे- ।
प्रश्न 14. प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त होने वाले कुछ प्राकृतिक अम्लों की सूची लिखिए।
उत्तर- प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त होने वाले अम्ल निम्न प्रकार से हैं-
प्राकृतिक स्रोत | प्राप्त अम्ल | प्राकृतिक स्रोत | प्राप्त अम्ल |
(1) सिरका | ऐसीटिक अम्ल | (5) खट्टा दूध (दही) | लैक्टिक अम्ल |
(2) संतरा | सिट्रिक अम्ल | (6) नींबू | सिट्रिक अम्ल |
(3) इमली | टार्टरिक अम्ल | (7) चींटी का डंक | मेथेनॉइक अम्ल |
(4) टमाटर | ऑक्सेलिक अम्ल | (8) नेटल का डंक | मेथेनॉइक अम्ल |
प्रश्न 15. दंत क्षय के कारण को स्पष्ट करते हुए इससे बचाव के दो उपाय बताइए।
उत्तर- दाँतों का इनैमल (दंतवल्क) कैल्शियम हाइड्रोक्सीएपेटाइट से बना होता है जो कि शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है। यह जल में नहीं घुलता लेकिन मुँह की का मान से कम होने पर यह संक्षारित हो जाता है। मुँह में उपस्थित जीवाणु (बैक्टीरिया) भोजन के पश्चात् मुँह में अवशिष्ट शर्करा एवं खाद्य पदार्थों का निम्नीकरण करके अम्ल उत्पन्न करते हैं जिससे मुँह का से कम हो जाता है और दंत-क्षय प्रारम्भ हो जाता है।
बचाव के उपाय-
(i) भोजन के बाद मुँह साफ करने से इससे बचाव किया जा सकता है।
(ii) मुँह की सफाई के लिए क्षारकीय दंत-मंजन का उपयोग करने से अम्ल की आधिक्य मात्रा को उदासीन किया जा सकता है।
प्रश्न 16. लवण जल (ब्राइन) के विद्युत अपघटन के समय एनोड पर कोई गैस 'G' मुक्त होती है। जब इस गैस 'G' को बुझे हुए चूने से प्रवाहित किया जाता है, तो कोई यौगिक 'C' बनता है जिसका उपयोग पीने के जल को जीवाणुओं से मुक्त करने के लिए किया जाता है।
उत्तर :
(i) G का सूत्र = (क्लोरीन गैस), C का सूत्र = (विरंजक चूर्ण)
(ii)
(iii) यौगिक 'C' का सामान्य नाम विरंजक चूर्ण/ब्लीचिंग पाउडर है। इस यौगिक 'C' का रासायनिक नाम कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड है।
प्रश्न 17. कैल्शियम सल्फेट अर्धहाइड्रेट को प्लास्टर ऑफ पेरिस क्यों कहा जाता है?
उत्तर : प्राचीन समय में पेरिस के निकट जिप्सम से बड़ी मात्रा में कैल्शियम सल्फेट अर्धहाइड्रेट का निर्माण किया जाता था इसलिए इसे प्लास्टर ऑफ पेरिस के नाम से भी जाना जाता है।
प्रश्न 18. अम्ल एवं क्षारक के बीच की रासायनिक अभिक्रिया को उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं। क्यों? एक उदाहरण दें।
उत्तर : अम्ल एवं क्षारक के बीच की रासायनिक अभिक्रिया से लवण तथा जल बनते हैं अर्थात् दोनों एक-दूसरे को उदासीन करते हैं। इसीलिए अम्ल व क्षारक के बीच की अभिक्रिया उदासीनीकरण अभिक्रिया कहलाती है।
उदाहरण-
प्रश्न 19. लिटमस क्या है? लिखिए।
उत्तर : लिटमस- यह एक प्राकृतिक सूचक है। इसे थैलोफाइटा समूह के लाइकेन (lichen) पौधे से निकाला जाता है। लिटमस विलयन जब न तो अम्लीय होता है और न ही क्षारकीय, तब यह बैंगनी रंग का होता है। इसे प्राय: अम्ल-क्षारक सूचक की तरह उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 20. गंधीय सूचक किसे कहते हैं?
उत्तर : गंधीय सूचक- ऐसे पदार्थ, जिनकी गंध अम्लीय या क्षारकीय माध्यम में बदल जाती है, उन्हें गंधीय (Olfactory) सूचक कहते हैं।
बारीक कटी प्याज, लौंग का तेल तथा तनु वैनिला एसेंस का गंधीयसूचक की तरह उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 21. नेटल के विषय में लिखिए।
उत्तर : नेटल एक शाकीय पादप है, जो जंगलों में उपजता है। इसके पत्तों में डंकनुमा बाल होते हैं, जो अगर गलती से छू जाएँ तो डंक जैसा दर्द होता है। इन बालों में मेथैनोइक अम्ल का स्राव होने के कारण यह दर्द होता है। पारंपरिक तौर पर इसका इलाज डंक वाले स्थान पर डॉक पौधे की पत्ती रगड़कर किया जाता है। चूँकि डॉक की पत्ती के रस की प्रकृति क्षारकीय होती है। यह अम्ल के प्रभाव को समाप्त कर देता है और पीड़ा दूर हो जाती है। ये पौधे अधिकतर नेटल के पास ही पैदा होते हैं।
प्रश्न 22. हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता ज्ञात करने में प्रयुक्त स्केल का नाम लिखिए। अम्लीय वर्षा का कारण व इसके दो कुप्रभावों को लिखिए।
उत्तर :
(1) हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता ज्ञात करने में प्रयुक्त स्केल को स्केल कहते हैं।
(2) अम्लीय वर्षा- जब वर्षा के जल की का मान से कम हो जाता है, तब वह अम्ल वर्षा कहलाती है।
कुप्रभाव-(i) अम्लीय वर्षा का जल जब नदी में प्रवाहित होता है तो नदी के जल का मान भी कम हो जाता है। ऐसी नदी में जलीय जीवधारियों की उत्तरजीविता कठिन हो जाती है।
(ii) अम्लीय वर्षा के सम्पर्क में आने पर चर्म रोग हो सकता है।
प्रश्न 23. 'खनिज नमक' किसे कहते हैं? यह साधारण नमक से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर- विश्व के कई भागों में ठोस लवणों का निक्षेप पाया जाता है। इनमें बड़े आकार के क्रिस्टल पाये जाते हैं जो प्राय: अपद्रव्यों के कारण भूरे रंग के होते हैं। इसे खनिज नमक कहते हैं। साधारण नमक (सोडियम क्लोराइड) में अपद्रव्यों का अभाव होता है इसलिए श्वेत रंग के क्रिस्टल के रूप में होता है जबकि खनिज नमक में अपद्रव्य पाए जाते हैं इसलिए क्रिस्टल भूरे रंग के होते हैं।
प्रश्न 24.
उपरोक्त अभिक्रिया में यौगिक का रासायनिक नाम व सूत्र लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
उत्तर- यौगिक का रासायनिक नाम = सोडियम क्लोराइड
यौगिक का रासायनिक सूत्र =
प्रश्न 25. बेकिंग सोडा पर ऊष्मा के प्रभाव को समझाइए और इसमें निहित रासायनिक समीकरण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
उत्तर- गर्म करने पर बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) सोडियम कार्बोनेट, जल और कार्बन डाइऑक्साइड गैस में विघटित हो जाता है। यह अभिक्रिया बेकिंग के लिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि उत्पन्न हुई गैस द्वारा पावरोटी या केक में खमीर उठाया जा सकता है जिससे ये मुलायम एवं स्पंजी हो जाते हैं।
अभिक्रिया समीकरण-
(बेकिंग सोडा) (सोडियम कार्बोनेट)
प्रश्न 26. (i) क्लोर-क्षार अभिक्रिया का चित्र बनाते हुए इसके उत्पादों के नाम लिखिए। (प्रश्न बैंक)
(ii) क्लोर-क्षार अभिक्रिया की रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर-(i) क्लोर-क्षार अभिक्रिया का चित्र-
[क्लोर-क्षार प्रक्रिया का आरेख (Chlor-alkali process diagram)]

(ii) क्लोर-क्षार अभिक्रिया की रासायनिक समीकरण:
क्लोर-क्षार अभिक्रिया के उत्पाद—(a) क्लोरीन (b) सोडियम हाइड्रॉक्साइड
(ii) रासायनिक समीकरण—
प्रश्न 27. लवण परिवार के सामान्य नाम, रासायनिक नाम व सूत्र लिखिए। (प्रश्न बैंक)
उत्तर— | सामान्य नाम | रासायनिक नाम | सूत्र |
(1) | बेकिंग सोडा | सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट |
|
(2) | विरंजक चूर्ण | कैल्शियम ऑक्सी क्लोराइड |
|
(3) | कास्टिक सोडा | सोडियम हाइड्रॉक्साइड |
|
(4) | वाशिंग (धावन) सोडा | सोडियम कार्बोनेट |
|
(5) | प्लास्टर ऑफ पेरिस | कैल्शियम सल्फेट अर्द्धहाइड्रेट |
|
प्रश्न 28. क्या होता है जब (केवल रासायनिक समीकरण दीजिए)—
उत्तर—
(1)
(चूने का पानी) (कैल्शियम कार्बोनेट)
(2)
(जिंक) (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) (सोडियम जिंकैट)
(3)
(बुझा हुआ चूना, कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) (ब्लीचिंग पाउडर)
दीर्घउत्तरीय प्रश्न-
प्रश्न 1. निम्नलिखित लवणों के रासायनिक सूत्र लिखिए—
(i) सोडियम सल्फेट, (ii) कैल्शियम कार्बोनेट, (iii) कॉपर सल्फेट, (iv) सोडियम नाइट्रेट, (v) अमोनियम क्लोराइड, (vi) मैग्नीशियम सल्फेट, (vii) ऐल्यूमिनियम क्लोराइड, (viii) सोडियम ऐसीटेट।
उत्तर—
लवण | रासायनिक सूत्र |
(i) सोडियम सल्फेट |
|
(ii) कैल्शियम कार्बोनेट |
|
(iii) कॉपर सल्फेट |
|
(iv) सोडियम नाइट्रेट |
|
(v) अमोनियम क्लोराइड |
|
(vi) मैग्नीशियम सल्फेट |
|
(vii) ऐल्यूमिनियम क्लोराइड |
|
(viii) सोडियम ऐसीटेट |
|
प्रश्न 2. केवल रासायनिक समीकरण लिखिए—
उत्तर-(i)
(बुझा हुआ चूना) (क्लोरीन गैस) (विरंजक चूर्ण)
(ii)
(कैल्शियम क्लोराइड)
(iii)
(जिप्सम) (प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP))
(iv)
(बिना बुझा हुआ चूना) (बुझा हुआ चूना)
(v)
(धावन सोडा) (सोडियम कार्बोनेट मोनोहाइड्रेट)
प्रश्न 3. नीचे दिये गये विलयनों के लगभग मान तथा पदार्थ (विलयन) की प्रकृति ज्ञात कीजिए-
(i) लार (खाना खाने के पहले) (ii) लार (खाना खाने के बाद) (iii) नींबू का रस (iv) रंगरहित वातित पेय, (v) गाजर का रस, (vi) कॉफी, (vii) टमाटर का रस, (viii) नल का पानी।
उत्तर-
विलयन | लगभग मान | पदार्थ (विलयन) की प्रकृति |
(i) लार (खाना खाने के पहले) | 7.4 | क्षारीय |
(ii) लार (खाना खाने के बाद) | 5.8 | अम्लीय |
(iii) नींबू का रस | 2.2 | अम्लीय |
(iv) रंगरहित वातित पेय | 6 | अम्लीय |
(v) गाजर का रस | 4 | अम्लीय |
(vi) कॉफी | 5 | अम्लीय |
(vii) टमाटर का रस | 4.1 | अम्लीय |
(viii) नल का पानी | 7 | उदासीन |
प्रश्न 4. (i) ऐसिटिक अम्ल ( ) तथा सोडियम हाइड्रॉक्साइड ( ) कृत्रिम सूचकों (संश्लेषित सूचकों) फीनॉलफ्थलीन तथा मेथिल ऑरेंज के साथ किस प्रकार के रंग उत्पन्न करते हैं?
(ii) श्वेत रंग के सूती वस्त्र के दो टुकड़े लेकर उन्हें प्याज के रस से भिगोकर फ्रिज में रखने के पश्चात् तनु तथा तनु के घोल से क्रिया करवाने पर प्याज की गंध पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर-(i)
पदार्थ का नाम | पदार्थ की प्रकृति | फीनॉलफ्थलीन सूचक से क्रिया पश्चात् रंग | मेथिल ऑरेंज सूचक से क्रिया पश्चात् रंग |
(A) ऐसिटिक अम्ल ( ) | अम्लीय | रंगहीन | गुलाबी |
(B) सोडियम हाइड्रॉक्साइड ( ) | क्षारीय | गुलाबी | पीला |
विज्ञान कक्षा-X 55
(ii) (A) कपड़े का टुकड़ा + तनु का विलयन प्याज की गंध आयेगी तथा इसका लाल रंग हल्का लाल हो जायेगा।
(B) कपड़े का टुकड़ा + तनु का विलयन प्याज की गंध नहीं आयेगी तथा इसका लाल रंग बदलकर हरा हो जायेगा।
प्रश्न 5. (i) निम्न को मान के बढ़ते क्रम (आरोही क्रम) में व्यवस्थित कीजिए- जठर रस, नींबू का रस, शुद्ध जल, रक्त, मिल्क ऑफ मैग्नीशिया, सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन।
(ii) प्रबलतम अम्ल तथा प्रबलतम क्षार के मान लिखिए।
(iii) प्रबल क्षार एवं दुर्बल अम्ल आपस में क्रिया कर लवण व जल बनाते हैं जिसे उदासीनीकरण अभिक्रिया के रूप में जाना जाता है परन्तु क्रिया के फलस्वरूप उत्पन्न ऊर्जा का मान कम होता है क्यों?
उत्तर-
(i) मान का बढ़ता क्रम (आरोही क्रम):
जठर रस नींबू का रस शुद्ध जल रक्त मिल्क ऑफ मैग्नीशिया सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन ।
(ii) (A) प्रबलतम अम्ल के का मान शून्य होता है।
(B) प्रबलतम क्षार के का मान होता है।
(iii) प्रबल क्षार व प्रबल अम्ल एक दूसरे को पूर्ण रूप से उदासीन करते हैं। अतः अधिक मात्रा में ऊर्जा का उत्सर्जन होता है। परन्तु यदि प्रबल क्षार एवं दुर्बल अम्ल लें तो ये आपस में पूर्ण रूप से क्रिया नहीं करेंगे अतः कम मात्रा में ऊर्जा उत्सर्जित होगी।
प्रश्न 6. अम्ल तथा क्षारक को परिभाषित कीजिए तथा उदाहरण भी दीजिए।
उत्तर- अम्ल वे पदार्थ हैं जो जलीय विलयन में या देते हैं। जलीय विलयन में स्वतंत्र नहीं रहता। यह से क्रिया करके बना लेता है। के कारण ही इनका गुणधर्म अम्लीय होता है। जैसे- , इत्यादि।
(नाइट्रिक अम्ल)
क्षारक वे पदार्थ हैं जो जलीय विलयन में (हाइड्रॉक्साइड) आयन देते हैं। सभी क्षारक जल में घुलनशील नहीं होते हैं। जल में घुलनशील क्षारक को क्षार कहते हैं। इनका स्वाद कड़वा तथा स्पर्श साबुन की तरह होता है तथा इनकी प्रकृति संक्षारक (Corrosive) होती है। जैसे- , इत्यादि।
प्रश्न 7. स्केल किसे कहते हैं? इससे किसी विलयन की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति किस प्रकार ज्ञात होती है? समझाइए।
उत्तर- स्केल-किसी विलयन में उपस्थित हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता ज्ञात करने के लिए एक स्केल विकसित किया गया, जिसे स्केल कहते हैं। इसमें एक जर्मन शब्द 'पुसांस' (Potenz) से बना है, जिसका अर्थ शक्ति होता है।
[pH scale showing H+ and OH- concentration variation]

आयन की सान्द्रता में वृद्धि आयन की सान्द्रता में कमी
**चित्र- एवं की सान्द्रता में परिवर्तन के साथ में परिवर्तन**
इस स्केल से शून्य (अधिक अम्लता) से चौदह (अधिक क्षारीय) तक को ज्ञात कर सकते हैं। साधारणतः को ऐसी संख्या के रूप में देखते हैं, जो किसी विलयन की अम्लता अथवा क्षारीयता को दर्शाती है। हाइड्रोनियम आयन की सान्द्रता जितनी अधिक होगी, उसका उतना ही कम होगा।
किसी भी उदासीन विलयन का मान होगा। यदि स्केल में किसी विलयन का मान से कम है तो यह अम्लीय विलयन होगा एवं यदि मान से तक बढ़ता है तो वह विलयन में की सान्द्रता में वृद्धि को दर्शाता है अर्थात् यह क्षारीय प्रवृत्ति को प्रदर्शित करेगा।
प्रश्न 8. क्लोराइड परिवार, नाइट्रेट परिवार, सल्फेट परिवार के चार-चार लवण लिखिए।
उत्तर-(1) क्लोराइड परिवार के लवण-
(2) नाइट्रेट परिवार के लवण-
(3) सल्फेट परिवार के लवण-
प्रश्न 9. 'क्लोर-क्षार प्रक्रिया' किसे कहते हैं? समीकरण सहित समझाइए तथा इससे बने उत्पादों के उपयोग भी लिखिए।
अथवा
क्लोर-क्षार प्रक्रिया को समझाइए और इसमें निहित रासायनिक समीकरण लिखिए।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
उत्तर- क्लोर-क्षार प्रक्रिया-सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन (लवण जल) से विद्युत प्रवाहित करने पर यह वियोजित होकर सोडियम हाइड्रॉक्साइड ( ) उत्पन्न करता है। इस प्रक्रिया को 'क्लोर-क्षार प्रक्रिया' कहते हैं क्योंकि इससे निर्मित उत्पाद-क्लोरीन (क्लोर) एवं सोडियम हाइड्रॉक्साइड (क्षार) होते हैं।
क्लोरीन गैस ऐनोड पर मुक्त होती है एवं हाइड्रोजन गैस कैथोड पर। कैथोड पर सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन का निर्माण भी होता है। इस प्रक्रिया से उत्पन्न हुए तीनों उत्पाद तथा के विभिन्न उपयोग हैं। गैस ईंधन, मार्गरीन, खाद के लिए तथा बनाने के लिए प्रयुक्त होती है।
गैस जल की स्वच्छता में तथा पी.वी.सी., रोगाणुनाशक, सी.एफ.सी. तथा कीटाणुनाशक बनाने में प्रयुक्त होती है।
धातुओं से ग्रीस हटाने के लिए, कृत्रिम फाइबर, साबुन तथा अपमार्जक बनाने में प्रयुक्त होता है। तथा की क्रिया से बना (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) इस्पात की सफाई में, अमोनियम क्लोराइड औषधियों तथा सौन्दर्य प्रसाधन बनाने में प्रयुक्त होता है।
तथा की क्रिया से विरंजक चूर्ण बनता है जिसे वस्त्र आदि के विरंजन में प्रयुक्त करते हैं।
प्रश्न 10. क्रिस्टलन जल किसे कहते हैं? क्रिस्टलन जल युक्त यौगिकों के दो उदाहरण दीजिए। ऐसे यौगिकों को गर्म करने पर क्या होता है?
उत्तर- क्रिस्टलन जल-लवण के एक सूत्र इकाई में जल के निश्चित अणुओं की संख्या को क्रिस्टलन जल कहते हैं।
उदाहरण-(1) (क्रिस्टलीय कॉपर सल्फेट-नीला रंग)-इसको गर्म करने पर इसमें से जल के अणु निकल जाते हैं तथा यह रंगहीन (श्वेत) हो जाता है। इसमें जल डालने पर यह पुनः नीले रंग का हो जाता है।
(नीला रंग) (श्वेत (रंगहीन)) (नीला रंग)
(2) (धोने का सोडा)-इसको गर्म करने पर भी इसमें से जल के अणु बाहर निकल जाते हैं।
विज्ञान कक्षा-X 57
प्रश्न 11. प्लास्टर ऑफ पेरिस क्या होता है? इसे किस प्रकार बनाते हैं तथा इसके उपयोग क्या हैं?
अथवा
प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र एवं इसकी जल के साथ रासायनिक अभिक्रिया को लिखिए।
उत्तर- को प्लास्टर ऑफ पेरिस कहते हैं।
निर्माण- जिप्सम को पर गर्म करने पर यह जल के अणुओं का त्याग कर कैल्शियम सल्फेट अर्धहाइड्रेट/हेमिहाइड्रेट ( ) बनाता है। इसे प्लास्टर ऑफ पेरिस कहते हैं। इसका उपयोग टूटी हुई हड्डियों को सही जगह पर स्थिर रखने के लिए किया जाता है। प्लास्टर ऑफ पेरिस एक सफेद चूर्ण है, जो जल मिलाने पर पुनः जिप्सम बनकर कठोर ठोस पदार्थ बन जाता है।
(प्लास्टर ऑफ पेरिस) (जिप्सम)
इसमें जल का केवल आधा अणु क्रिस्टलन के जल के रूप में जुड़ा होता है। इसमें का दो इकाई सूत्र जल के एक अणु के साथ साझेदारी करता है।
अन्य उपयोग- प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग खिलौना बनाने, सजावट का सामान एवं सतह को चिकना बनाने के लिए भी किया जाता है।
प्रश्न 12. पकौड़ों को स्वादिष्ट और खस्ता बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले किसी लवण का का मान है। इस लवण को पहचानिए तथा इसके निर्माण के लिए रासायनिक समीकरण लिखिए। इसके दो उपयोगों की सूची बनाइये।
उत्तर- पकौड़ों को स्वादिष्ट तथा खस्ता बनाने के लिए बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)/ लवण का उपयोग किया जाता है।
लवण के निर्माण का रासायनिक समीकरण-
(सोडियम क्लोराइड) (अमोनिया) (बेकिंग सोडा) (अमोनियम क्लोराइड)
बेकिंग सोडा के दो उपयोग- (i) धावन सोडा के निर्माण में।
(ii) अग्निशामक यंत्रों में।
प्रश्न 13. उस समय आप क्या प्रेक्षण करते हैं जब आप एसिटिक अम्ल की कुछ बूँदें उस परखनली में मिलाते हैं जिसमें भरा है-
(i) फिनॉल्फथैलीन, (ii) आसुत जल, (iii) सार्वत्रिक सूचक, (iv) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट चूर्ण।
उत्तर-
(i) फिनॉल्फथैलीन रंगहीन रहता है, क्योंकि फिनॉल्फथैलीन अम्ल क्षारीय पदार्थों के साथ रंग में परिवर्तन (गुलाबी रंग) दर्शाता है।
(ii) आसुत जल में एसिटिक अम्ल घुल जाता है।
(iii) सार्वत्रिक सूचक नारंगी रूप में बदल जाता है।
(iv) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट चूर्ण रंगहीन हो जाता है।
प्रश्न 14. (i) प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र लिखिए।
(ii) जल मिलाने पर प्लास्टर ऑफ पेरिस कठोर क्यों हो जाता है? उपयुक्त रासायनिक समीकरण देकर समझाइए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
उत्तर-
(i) प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र =
(ii) प्लास्टर ऑफ पेरिस एक सफेद चूर्ण है जो जल मिलाने पर जिप्सम में बदल जाता है जो एक कठोर पदार्थ है।
(प्लास्टर ऑफ पेरिस) (जिप्सम)
प्रश्न 15. (i) बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम लिखिए।
(ii) केक मुलायम और स्पंजी क्यों हो जाता है? उपयुक्त रासायनिक समीकरण देकर समझाइए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
उत्तर— (i) बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम—सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट।
(ii) केक बनाने के लिए बेकिंग पाउडर का उपयोग किया जाता है जो बेकिंग सोडा एवं टार्टरिक अम्ल जैसे एक मंद खाद्य अम्ल का मिश्रण है। जब बेकिंग पाउडर को गर्म किया जाता है तो निम्न अभिक्रिया होती है—
(किसी अम्ल से)
इस अभिक्रिया से उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड के द्वारा केक में खमीर उठाया जा सकता है जिससे ये मुलायम एवं स्पंजी हो जाता है।
निबन्धात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1. विरंजक चूर्ण ( ), बेकिंग सोडा ( ) तथा धोने का सोडा ( ) के बनाने की विधि (निर्माण) तथा उपयोग बताइए।
उत्तर— (1) **विरंजक चूर्ण ( )**—शुष्क बुझा हुआ चूना [ ] पर क्लोरीन की क्रिया से विरंजक चूर्ण का निर्माण होता है। विरंजक चूर्ण को से दर्शाया जाता है यद्यपि वास्तविक संगठन काफी जटिल होता है।
विरंजक चूर्ण का उपयोग—
(i) वस्त्र उद्योग में सूती एवं लिनन के विरंजन में, कागज की फैक्ट्री में लकड़ी की मज्जा एवं लॉन्ड्री में साफ कपड़ों के विरंजन के लिए।
(ii) कई रासायनिक उद्योगों में एक उपचायक के रूप में।
(iii) पीने वाले जल को जीवाणुमुक्त करने के लिए रोगाणुनाशक के रूप में।
(2) **बेकिंग सोडा ( )**— की तथा गैस से क्रिया द्वारा का निर्माण किया जाता है।
(अमोनियम क्लोराइड) (बेकिंग सोडा)
को सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट कहते हैं। यह एक दुर्बल असंक्षारक क्षारक है। खाना पकाते समय इसे गर्म करने पर निम्न अभिक्रिया होती है—
(सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट) (सोडियम कार्बोनेट)
**बेकिंग सोडा ( ) के उपयोग—**
(i) बेकिंग पाउडर बनाने में, जो बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट) एवं टार्टरिक अम्ल का मिश्रण है। जब बेकिंग पाउडर को गर्म किया जाता है या जल में मिलाया जाता है तो निम्न अभिक्रिया होती है—
(किसी अम्ल से)
इस अभिक्रिया में उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड के कारण पावरोटी या केक में खमीर उठ (फूल) जाता है तथा इससे यह मुलायम एवं स्पंजी हो जाता है।
(ii) सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट भी ऐंटैसिड का एक संघटक है। क्षारीय होने के कारण यह पेट में अम्ल की अधिकता को उदासीन करके राहत पहुँचाता है।
(iii) इसका उपयोग सोडा-अम्ल अग्निशामक में भी किया जाता है।
विज्ञान कक्षा-X 59
(3) **धोने का सोडा ( )** - इसे सोडियम क्लोराइड से प्राप्त किया जाता है। बेकिंग सोडा को गर्म करके सोडियम कार्बोनेट प्राप्त किया जा सकता है। सोडियम कार्बोनेट के पुनः क्रिस्टलीकरण से धोने का सोडा प्राप्त होता है। यह भी एक क्षारकीय लवण है।
(सोडियम बाईकार्बोनेट) (सोडियम कार्बोनेट)
(सोडियम कार्बोनेट)
धोने के सोडे के उपयोग-
(i) सोडियम कार्बोनेट का उपयोग काँच, साबुन एवं कागज उद्योगों में होता है।
(ii) इसका उपयोग बोरेक्स ( ) के उत्पादन में होता है।
(iii) सोडियम कार्बोनेट का उपयोग घरों में साफ-सफाई के लिए होता है।
(iv) जल की स्थायी कठोरता को दूर करने के लिए इसका उपयोग होता है।
**प्रश्न 2. दैनिक जीवन में के महत्त्व का विवेचन कीजिए।**
अथवा
**दैनिक जीवन में के महत्त्व के 3 बिन्दु लिखिए। (प्रश्न बैंक)**
उत्तर- दैनिक जीवन में का महत्त्व- किसी विलयन में उपस्थित हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता ज्ञात करने के लिए एक स्केल विकसित किया गया, जिसे स्केल कहते हैं। इस में 'पुसांस' (Potenz) का सूचक होता है, जिसका अर्थ है शक्ति। स्केल से सामान्यतः शून्य (अधिक अम्लता) से चौदह (अधिक क्षारीय) तक को ज्ञात कर सकते हैं। हमारे दैनिक जीवन में का महत्त्व निम्न प्रकार से है-
(1) **पौधे एवं पशु के प्रति संवेदनशील होते हैं-** हमारा शरीर से परास के बीच कार्य करता है। जीवित प्राणी केवल निश्चित परास में ही जीवित रह सकते हैं। वर्षा के जल की मान जब से कम हो जाता है तो वह अम्लीय वर्षा कहलाती है। अम्लीय वर्षा का जल जब नदी में प्रवाहित होता है तो नदी के जल के का मान कम हो जाता है। ऐसी नदी में जलीय जीवधारियों का जीवन कठिन हो जाता है।
(2) उपज में महत्त्व- अच्छी उपज के लिए पौधों को एक विशिष्ट परास की आवश्यकता होती है। अतः विभिन्न स्थानों की मिट्टी की ज्ञात करके उसके अनुसार उसका उपचार किया जाता है। जब मिट्टी अधिक अम्लीय होती है तो उसमें चूना मिलाया जाता है तथा मिट्टी के क्षारीय होने पर उसमें कोई अम्लीय पदार्थ मिलाकर उचित पर लाया जाता है।
(3) पाचन तंत्र में महत्त्व- हमारे पाचन तंत्र में भी का बहुत महत्त्व होता है। हमारा उदर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल उत्पन्न करता है। यह उदर को हानि पहुँचाए बिना भोजन के पाचन में सहायक होता है। अपच की स्थिति में उदर अत्यधिक मात्रा में अम्ल उत्पन्न करता है, जिसके कारण उदर में दर्द एवं जलन का अनुभव होता है। इसके लिए ऐंटैसिड (antacid) जैसे क्षारकों का उपयोग किया जाता है। यह ऐंटैसिड अम्ल की आधिक्य मात्रा को उदासीन करता है। इसके लिए मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया) जैसे दुर्बल क्षारक का उपयोग किया जाता है।
(4) ** परिवर्तन के कारण दंत-क्षय-** मुँह के का मान से कम होने पर दाँतों का क्षय प्रारम्भ हो जाता है। दाँतों का इनैमल कैल्शियम फॉस्फेट से बना होता है जो कि शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है। यह जल में नहीं घुलता लेकिन मुँह की का मान से कम होने पर इसका संक्षारण हो जाता है। मुँह में उपस्थित बैक्टीरिया, भोजन के पश्चात् मुँह में अवशिष्ट शर्करा एवं खाद्य पदार्थों का निम्नीकरण करके अम्ल उत्पन्न करते हैं। भोजन के बाद मुँह साफ करने से इससे बचा जा सकता है। मुँह की सफाई के लिए क्षारकीय दंत-मंजन का उपयोग करने से अम्ल की आधिक्य मात्रा को उदासीन किया जा सकता है और दंत क्षय को रोका जा सकता है।
(5) पशुओं एवं पौधों द्वारा उत्पन्न रसायनों से आत्मरक्षा- मधुमक्खी का डंक फार्मिक अम्ल छोड़ता है जिसके कारण दर्द एवं जलन का अनुभव होता है। डंक मारे गए अंग में बेकिंग सोडा जैसे दुर्बल क्षारक का उपयोग करने से आराम मिलता है। नेटल (nettle) के डंक वाले बाल मेथेनॉइक अम्ल छोड़ जाते हैं जिनके कारण दर्द का अनुभव होता है। पारंपरिक तौर पर इसका इलाज डंक वाले स्थान पर डॉक पौधे की पत्ती रगड़कर किया जाता है।
प्रश्न 3. धातु कार्बोनेट तथा धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट की अम्ल के साथ अभिक्रिया को नामांकित चित्र द्वारा दर्शाइए तथा उपरोक्त अभिक्रिया के रासायनिक समीकरण भी लिखिए।
उत्तर-
[धातु कार्बोनेट की अम्ल के साथ अभिक्रिया का प्रायोगिक सेटअप]

चित्र-कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड में से कार्बन डाइऑक्साइड गैस को गुजारना
अभिक्रिया के रासायनिक समीकरण
(i)
(ii)
प्रश्न 4. धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यतः कौनसी गैस निकलती है? एक उदाहरण के द्वारा समझाइए। इस गैस की उपस्थिति की जाँच आप कैसे करेंगे? आवश्यक चित्र भी बनाइये। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
उत्तर- धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यतः हाइड्रोजन गैस निकलती है, जैसे-जिंक पर सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से जिंक सल्फेट तथा हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
(जिंक धातु) (सल्फ्यूरिक अम्ल) (जिंक सल्फेट) (लवण)
हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति की जाँच करने के लिए इसको साबुन के विलयन में प्रवाहित करते हैं जिससे बुलबुले बनते हैं तथा इसके पास जलती हुई मोमबत्ती ले जाने पर यह गैस नीली ज्वाला के साथ फट-फट की आवाज (Popping sound) के साथ जलती है।
आवश्यक चित्र-
[हाइड्रोजन गैस की जाँच का प्रायोगिक सेटअप]

चित्र : दानेदार जिंक के टुकड़ों के साथ तनु सल्फ्यूरिक की अभिक्रिया एवं ज्वलन द्वारा हाइड्रोजन गैस की जाँच
प्रश्न 5.
(i) निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-
(P) जिप्सम | (i) |
(Q) विरंजक चूर्ण | (ii) |
(R) बेकिंग सोडा | (iii) |
(S) प्लास्टर ऑफ पेरिस | (iv) |
(ii) जब साधारण नमक के जलीय विलयन में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तब सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ दो गैसें ‘X’ व ‘Y’ निकलती हैं। गैस ‘X’ फट-फट की ध्वनि के साथ जलती है तथा गैस ‘Y’ जल को कीटाणुमुक्त करने के लिये उपयोगी है। गैस ‘X’ व ‘Y’ कौनसी होंगी, उनके नाम लिखिये।
*(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)*
उत्तर-
(i)
- (P) जिप्सम — (iv)
- (Q) विरंजक चूर्ण — (iii)
- (R) बेकिंग सोडा — (i)
- (S) प्लास्टर ऑफ पेरिस — (ii)
(ii) साधारण नमक के जलीय विलयन में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर
गैस ‘X’ = हाइड्रोजन गैस ( )
गैस ‘Y’ = क्लोरीन गैस ( )
प्रश्न 6.
(i)
क्रम सं | पदार्थ का नाम | pH का मान |
1. | नींबू का रस | 2.2 |
2. | सिरका | 3.76 |
3. | जठर रस | 1.2 |
4. | टमाटर का रस | 4.4 |
उपरोक्त सारणी के आधार पर पदार्थों की हाइड्रोजन आयन की सांद्रता को घटते क्रम में लिखिए।
(ii) जब एक सोडियम यौगिक ‘X’ की तनु के साथ अभिक्रिया होती है तब लवण, जल व एक गैस ‘Y’ प्राप्त होती है। यौगिक ‘X’ का पावरोटी (ब्रेड) को मुलायम व स्पंजी बनाने के लिये उपयोग होता है। गैस ‘Y’ चूने के पानी को दूधिया (श्वेत अवक्षेप) करती है। यौगिक ‘X’ व गैस ‘Y’ का नाम लिखिए।
*(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)*
उत्तर-
(i) हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता का घटता क्रम–
( ) ( ) ( ) ( )
(ii) यौगिक ‘X’ = सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट ( )
गैस ‘Y’ = कार्बन डाइऑक्साइड ( )
प्रश्न 7.
उत्तर- (a) विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र निम्न है-
उपयोग-विरंजक चूर्ण का उपयोग पेयजल को शुद्ध करने में किया जाता है।
(b) बेकिंग सोडा का रासायनिक सूत्र निम्न है-
उपयोग-बेकिंग सोडा का उपयोग सोडा अम्ल अग्निशामक में किया जाता है।
(c) अम्ल तथा क्षार में अंतर
क्र.सं. | अम्ल (Acid) | क्षार (Base) |
1. | अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं। | जबकि क्षार स्वाद में कड़वे होते हैं। |
2. | ये नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं। | जबकि क्षार लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं। |
प्रश्न 8. (a) निम्नलिखित को सुमेलित करो-
A. संतरा (i) टार्टरिक अम्ल
B. आँवला (ii) एस्कॉर्बिक अम्ल
C. नेटल का डंक (iii) सिट्रिक अम्ल
D. इमली (iv) मेथेनॉइक अम्ल
(b) धावन सोडा का रासायनिक सूत्र व दो उपयोग लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)
उत्तर- (a) A-(iii), B-(ii), C-(iv), D-(i)
(b) धावन सोडा का रासायनिक सूत्र निम्न है-
उपयोग-(i) जल की स्थायी कठोरता को हटाने के लिए धावन सोडा का उपयोग किया जाता है।
(ii) इसका उपयोग बोरेक्स जैसे सोडियम यौगिक के उत्पादन में होता है।
प्रश्न 9. (i) गंधीय सूचक का कोई एक उदाहरण लिखिए।
(ii) चूने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित करने पर यौगिक [A] का श्वेत अवक्षेप बनता है, यदि इसमें अत्यधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित किया जाए तो एक जल में विलेयशील पदार्थ [B] बनता है। [A] व [B] के रासायनिक सूत्र तथा निहित रासायनिक अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
उत्तर- (i) गंधीय सूचक-कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं, जिनकी गंध अम्लीय या क्षारकीय माध्यम में भिन्न हो जाती है। इन्हें गंधीय (Olfactory) सूचक कहते हैं।
उदाहरण-वैनिला एसेंस, लौंग तेल, प्याज आदि।
(ii) चूने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित करने पर कैल्शियम कार्बोनेट का श्वेत अवक्षेप बनता है।
(चूने का पानी) (कार्बन डाइऑक्साइड) (कैल्शियम कार्बोनेट) (जल)
(श्वेत अवक्षेप)
यदि चूने के पानी में अत्यधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित करने पर विलेयशील पदार्थ कैल्शियम बाइकार्बोनेट बनता है।
(कैल्शियम कार्बोनेट) (जल) (कार्बन डाइऑक्साइड) (कैल्शियम बाइकार्बोनेट)
(जल में विलेयशील)
अतः पदार्थों [A] व [B] के रासायनिक सूत्र निम्न हैं-
[A] = ; [B] =
प्रश्न 10. (i) शुद्ध जल का मान लिखिए।
(ii) सोडियम कार्बोनेट के साथ हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की अभिक्रिया से यौगिक [A] बनता है। [A] को साधारण नमक भी कहते हैं। [A] के जलीय विलयन में विद्युत प्रवाहित करने पर सोडियम हाइड्रोक्साइड बनता है। [A] का रासायनिक नाम तथा निहित रासायनिक अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
उत्तर- (i) शुद्ध जल का मान होता है।
(ii) सोडियम कार्बोनेट की तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से अभिक्रिया करवाने पर सोडियम क्लोराइड, जल तथा कार्बन डाइऑक्साइड बनते हैं।
विज्ञान कक्षा-X 63
सोडियम कार्बोनेट (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) (सोडियम क्लोराइड) (जल) (कार्बन डाइऑक्साइड)
(लवण)
सोडियम क्लोराइड को साधारण नमक भी कहते हैं।
सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन (लवण जल) से विद्युत प्रवाहित करने पर यह वियोजित होकर सोडियम हाइड्रॉक्साइड उत्पन्न करता है। इस प्रक्रिया को क्लोर-क्षार प्रक्रिया कहते हैं, क्योंकि इससे निर्मित उत्पाद क्लोरीन (क्लोर) एवं सोडियम हाइड्रॉक्साइड (क्षार) होते हैं।
सोडियम क्लोराइड सोडियम हाइड्रॉक्साइड क्लोरीन
(साधारण नमक)
क्लोरीन गैस ऐनोड पर एवं हाइड्रोजन गैस कैथोड पर मुक्त होती है। कैथोड पर सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन का निर्माण भी होता है।
अतः यौगिक [A] का रासायनिक नाम निम्न है-
[A] = = सोडियम क्लोराइड
प्रश्न 11. (i) अम्ल किसे कहते हैं?
(ii) क्या होता है, जब कोई अम्ल धातु के साथ अभिक्रिया करता है। समझाइए।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
उत्तर—(i) अम्ल-वे पदार्थ जो स्वाद में खट्टे होते हैं तथा नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं, अम्ल कहलाते हैं।
(ii) जब कोई अम्ल धातु के साथ अभिक्रिया करता है तो धातु अम्लों से हाइड्रोजन परमाणुओं को हाइड्रोजन गैस के रूप में विस्थापन करती है और एक यौगिक बनाता है, जिसे 'लवण' कहते हैं। अम्ल के साथ धातु की अभिक्रिया को इस प्रकार व्यक्त कर सकते हैं-
अम्ल + धातु लवण + हाइड्रोजन गैस
उदाहरण-जिंक पर सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से जिंक सल्फेट तथा हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
जिंक धातु सल्फ्यूरिक अम्ल जिंक सल्फेट
(लवण)
प्रश्न 12. (i) अधात्विक ऑक्साइड की प्रकृति कैसी होती है?
(ii) विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र लिखते हुए कोई तीन उपयोग लिखिए।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
उत्तर—(i) अधात्विक ऑक्साइड 'अम्लीय' प्रकृति के होते हैं।
(ii) विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र-
विरंजक चूर्ण का उपयोग-
प्रश्न 13. प्लास्टर ऑफ पेरिस के साथ
(अ) जल मिलाने के प्रभाव को समझाइए।
(ब) जल की अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
उत्तर—(अ) प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र है। इसमें जल मिलाने पर यह एक कठोर ठोस पदार्थ प्रदान करता है जिसे जिप्सम कहते हैं।
(ब) जल की अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण-
(प्लास्टर ऑफ पेरिस) (जिप्सम)
प्रश्न 14. (i) जलीय कॉपर सल्फेट और धोने का सोडा के क्रिस्टलीय अणुओं में उपस्थित क्रिस्टलन के जल के आधार पर विभेद कीजिए।
(ii) क्रिस्टलीय कॉपर सल्फेट को गर्म करने से उसके निम्नलिखित गुणों पर पड़ने वाले प्रभाव को समझाइए।
उत्तर : (i) जलीय कॉपर सल्फेट में क्रिस्टलन के जल के पाँच अणु होते हैं जबकि धोने का सोडा में क्रिस्टलन के जल के दस अणु होते हैं।
(ii) (अ) क्रिस्टलीय कॉपर सल्फेट को गर्म करने पर क्रिस्टलन का जल हट जाता है।
(ब) क्रिस्टलीय कॉपर सल्फेट को गर्म करने पर क्रिस्टल का रंग श्वेत हो जाता है।
प्रश्न 15. (i) एक ग्वाला ताजे दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है, बेकिंग सोडा का सूत्र लिखिए व बताइए कि ताजा दूध के के मान को से बदलकर थोड़ा क्षारीय क्यों बना देता है?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
उत्तर : (i), (ii) के उत्तर के लिए पृष्ठ 41 पर प्रश्न 12 का अवलोकन करें।
(iii) धोने का सोडा का रासायनिक सूत्र होता है। इसका उपयोग बोरेक्स बनाने में होता है।
प्रश्न 16. (i) निम्न में उपस्थित अम्ल का नाम लिखिए।
(ii) अम्लीय वर्षा किसे कहते हैं? समझाइए।
(iii) कोई किसान खेत की मृदा में किस परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्शियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्शियम कार्बोनेट) का उपयोग करेगा?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
उत्तर : (i)
प्राकृतिक स्रोत | प्राप्त अम्ल |
(अ) सिरका | ऐसीटिक अम्ल |
(ब) संतरा | सिट्रिक अम्ल |
(स) इमली | टार्टरिक अम्ल |
(द) टमाटर | ऑक्सैलिक अम्ल |
(ii) वर्षा के जल का मान जब से कम हो जाता है तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। ऐसे जल में जीवों का जीवित रहना बहुत मुश्किल हो जाता है।
(iii) उत्तर के लिए पृष्ठ 38 पर प्रश्न संख्या 4 का अवलोकन करें।