📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान — सभी पाठगत (In-text) एवं अभ्यास (Exercise) प्रश्नों के सटीक एवं संपूर्ण हल।
पाठगत प्रश्न
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प्रश्न 1. चुंबक के निकट लाने पर दिक्सूची की सुई विक्षेपित क्यों हो जाती है?
उत्तर—वास्तव में दिक्सूची की सुई एक छोटी छड़ चुंबक होती है। इसलिए चुंबक के समीप लाए जाने पर, चुंबक के चुम्बकीय क्षेत्र के कारण दिक्सूची सुई पर एक बल्युग्म कार्य करने लगता है, जो सुई को विक्षेपित कर देता है।
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प्रश्न 1. किसी छड़ चुम्बक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ खींचिए।
अथवा
छड़ चुम्बक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं का चित्र बनाओ।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23; प्रश्न बैंक)
अथवा
एक छड़ चुम्बक के लिए चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं का चित्र बनाइए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
उत्तर—छड़ चुम्बक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ-
[छड़ चुम्बक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ]

चित्र-किसी छड़ चुम्बक के चारों ओर क्षेत्र रेखाएँ
प्रश्न 2. चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुणों की सूची बनाइए।
अथवा
चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण क्या हैं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
अथवा
चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं के कोई दो गुण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
उत्तर-चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं के गुणों की सूची निम्न है-
(i) चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ परस्पर आपस में प्रतिच्छेद नहीं करती हैं।
(ii) ये काल्पनिक रेखाएँ चुम्बक के उत्तरी ध्रुवों से निकलती हैं एवं दक्षिणी ध्रुव पर जाकर समाप्त हो जाती हैं।
(iii) चुंबक के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा उसके दक्षिण ध्रुव से उत्तर ध्रुव की ओर होती है।
(iv) इन रेखाओं के किसी बिन्दु पर खींची गई स्पर्श रेखा की दिशा चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा को निरूपित करती है।
(v) चुम्बकीय बल रेखाएँ उस स्थान पर अधिक सघन (अर्थात् परस्पर निकट) होती हैं जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता अधिक होती है तथा उस स्थान, जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता कम होती है, वहाँ चुम्बकीय बल रेखाएँ परस्पर दूर स्थित होती हैं।
(vi) चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक बंद वक्र होती हैं।
प्रश्न 3. दो चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद क्यों नहीं करतीं?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26; प्रश्न बैंक)
अथवा
क्या कारण है कि चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करतीं?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
उत्तर-दो चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ कहीं भी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करतीं। यदि वे ऐसा करें तो इसका यह अर्थ होगा कि प्रतिच्छेद बिन्दु पर दिक्सूची को रखने पर उसकी सुई दो दिशाओं की ओर संकेत करेगी जो सम्भव नहीं हो सकता।
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प्रश्न 1. मेज के तल में पड़े तार के वृत्ताकार पाश पर विचार कीजिए। मान लीजिए इस पाश में दक्षिणावर्त विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम को लागू करके पाश के भीतर तथा बाहर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात कीजिए।
उत्तर-यदि दाहिने हाथ की अंगुलियाँ तार के ऊपर इस प्रकार लपेटी जाएँ कि अंगूठा तार में प्रवाहित धारा की दिशा में हो, तब अंगुलियों के मुड़ने की दिशा चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा को प्रदर्शित करेगी।
[विद्युत धारावाही पाश के कारण उत्पन्न क्षेत्र रेखाएँ]

चित्र-विद्युत धारावाही पाश के कारण उत्पन्न क्षेत्र रेखाएँ
अतः पाश के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र मेज के तल के लम्बवत् तथा ऊर्ध्वाधर: नीचे की दिशा में है जबकि पाश के बाहर चुम्बकीय क्षेत्र मेज के लम्बवत् तथा ऊर्ध्वाधरतः ऊपर की ओर क्रियाशील होगा।
प्रश्न 2. किसी दिए गए क्षेत्र में चुम्बकीय क्षेत्र एकसमान है। इसे निरूपित करने के लिए आरेख खींचिए।
उत्तर-एक समान चुम्बकीय क्षेत्र परस्पर समान्तर बल रेखाओं द्वारा प्रदर्शित किया जायेगा जैसा कि निम्न चित्र में प्रदर्शित किया गया है-
[एक समान चुम्बकीय क्षेत्र के लिए आरेख]

चित्र-एक समान चुम्बकीय क्षेत्र के लिए आरेख
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प्रश्न 3. सही विकल्प चुनिए-
किसी विद्युत धारावाही सीधी लंबी परनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र-
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
उत्तर-(d) सभी बिंदुओं पर समान होता है।
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प्रश्न 1. किसी प्रोटॉन का निम्नलिखित में से कौन-सा गुण किसी चुंबकीय क्षेत्र में मुक्त गति करते समय परिवर्तित हो जाता है? (यहाँ एक से अधिक सही उत्तर हो सकते हैं।)
उत्तर-(c) वेग तथा (d) संवेग। प्रोटॉन जब चुंबकीय क्षेत्र में गति करता है तब इस पर एक चुंबकीय बल क्रिया करता है। इसके कारण प्रोटॉन का पथ वृत्ताकार हो जाता है। अतः इसका वेग तथा संवेग दोनों परिवर्तित हो जाते हैं।
प्रश्न 2. पाठ्यपुस्तक के क्रियाकलाप 12.7 में हमारे विचार से छड़ का विस्थापन किस प्रकार प्रभावित होगा यदि (i) छड़ में प्रवाहित विद्युत धारा में वृद्धि हो जाए; (ii) अधिक प्रबल नाल चुंबक प्रयोग किया जाए; और (iii) छड़ की लंबाई में वृद्धि कर दी जाए?
उत्तर-हम जानते हैं कि लम्बाई के चालक में जिससे होकर धारा प्रवाहित हो रही हो तथा जिसे चुंबकीय क्षेत्र में लम्बवत् दिशा में रखा गया हो, पर क्रियाशील बल होगा-
इसलिए
(i) छड़ का विस्थापन बढ़ जाएगा क्योंकि इस पर कार्यरत बल प्रवाहित विद्युत धारा के अनुक्रमानुपाती ( ) होता है।
(ii) छड़ का विस्थापन बढ़ जाएगा क्योंकि इस पर कार्यरत बल चुंबकीय क्षेत्र के अनुक्रमानुपाती ( ) होता है।
(iii) छड़ का विस्थापन बढ़ जाएगा, क्योंकि इस पर कार्यरत बल छड़ की लम्बाई के अनुक्रमानुपाती ( ) होता है।
प्रश्न 3. पश्चिम की ओर प्रक्षेपित कोई धनावेशित कण (अल्फा-कण) किसी चुंबकीय क्षेत्र द्वारा उत्तर की ओर विक्षेपित हो जाता है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या है-
उत्तर-(d) उपरिमुखी।
[फ्लेમિંગ के वामहस्त (बायाँ हाथ) नियम द्वारा दिशा ज्ञात की जा सकती है।]
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प्रश्न 1. विद्युत परिपथों तथा साधित्रों में सामान्यतः उपयोग होने वाले दो सुरक्षा उपायों के नाम लिखिए।
उत्तर-सामान्यतः उपयोग में आने वाले दो सुरक्षा उपायों के नाम हैं-
प्रश्न 2. शक्ति अनुमतांक का एक विद्युत तंदूर किसी घरेलू विद्युत परिपथ ( ) में प्रचालित किया जाता है जिसका विद्युत धारा अनुमतांक है, इससे आप किस परिणाम की अपेक्षा करते हैं? स्पष्ट कीजिए।
हल-दिया गया है-
विद्युत तंदूर की शक्ति
या
मान रखने पर
स्पष्ट है कि विद्युत तंदूर से होकर प्रवाहित धारा का अनुमतांक है, परन्तु विद्युत तन्दूर इससे बहुत अधिक धारा ले रहा है। इससे अतिभारण हो जाएगा तथा फ्यूज जल जाएगा और विद्युत परिपथ अवरोधित हो जाएगा।
प्रश्न 3. घरेलू विद्युत परिपथों में अतिभारण से बचाव के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
उत्तर—अतिभारण से बचाव के लिए सावधानियाँ–
(i) विद्युत परिपथ विभिन्न वर्गों में बंटा होना चाहिए और प्रत्येक साधित्र का फ्यूज होना चाहिए।
(ii) विद्युत प्रवाह के लिए प्रयुक्त की जाने वाली तारें अच्छे प्रतिरोध पदार्थ से ढकी होनी चाहिए।
(iii) उच्च शक्ति प्राप्त करने वाले उपकरण, जैसे–फ्रिज, एयर-कंडीशनर, वाटर-हीटर, कीटर, प्रेस आदि का एक साथ प्रयोग नहीं करना चाहिए।
(iv) एक ही सॉकेट से बहुत से विद्युत साधित्रों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
(v) दोष युक्त विद्युत साधित्रों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन किसी लंबे विद्युत धारावाही तार के निकट चुंबकीय क्षेत्र का सही वर्णन करता है? ( प्रश्न बैंक )
उत्तर—(d) चुंबकीय क्षेत्र की संकेंद्रीय क्षेत्र रेखाओं का केंद्र तार होता है।
प्रश्न 2. लघुपथन के समय परिपथ में विद्युत धारा का मान– ( प्रश्न बैंक; माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25 )
उत्तर—(c) बहुत अधिक बढ़ जाता है।
प्रश्न 3. निम्नलिखित प्रकथनों में कौन-सा सही है तथा कौन-सा गलत है? इसे प्रकथन के सामने अंकित कीजिए–
उत्तर—(a) सही।
(b) गलत, विद्युन्मय तार के ऊपर लाल रंग का प्रतिरोधी प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 4. चुंबकीय क्षेत्र को उत्पन्न करने के दो तरीकों की सूची बनाइए। ( प्रश्न बैंक )
उत्तर—(i) स्थायी चुंबक के चारों तरफ चुंबकीय क्षेत्र होता है।
(ii) एक धारावाही सीधा चालक के चारों तरफ चुंबकीय क्षेत्र होता है।
प्रश्न 5. किसी चुंबकीय क्षेत्र में स्थित विद्युत धारावाही चालक पर आरोपित बल कब अधिकतम होता है?
उत्तर—किसी चुंबकीय क्षेत्र में स्थित विद्युत धारावाही चालक पर आरोपित बल तब अधिकतम होता है जब विद्युत धारा की दिशा चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के लंबवत् होती है।
प्रश्न 6. मान लीजिए आप किसी चैंबर में अपनी पीठ को किसी एक दीवार से लगाकर बैठे हैं। कोई इलेक्ट्रॉन पुंज आपके पीछे की दीवार से सामने वाली दीवार की ओर क्षैतिज गमन करते हुए किसी प्रबल चुंबकीय क्षेत्र द्वारा आपके दाईं ओर विक्षेपित हो जाता है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या है?
उत्तर—चुंबकीय क्षेत्र की दिशा फ्लेमिंग के वामहस्त (बायाँ हाथ) नियम से ज्ञात की जा सकती है। इसके अनुसार चुंबकीय क्षेत्र की दिशा विद्युत धारा की दिशा, तथा चालक की गति की दिशा (अथवा विक्षेपण) तीनों एक-दूसरे के परस्पर
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लंबवत् होते हैं। इलेक्ट्रॉन पुंज की पीठ पीछे की दीवार से सामने की दीवार की ओर गति, धारा के सामने की दीवार से पीठ पीछे की ओर की दीवार की ओर गति के तुल्य है। पुंज के विक्षेपण का अर्थ है कि बल हमारे दाहिने पक्ष की ओर क्रियाशील है। अतः फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम के अनुसार चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ऊर्ध्वाधरतः नीचे की ओर होगी।
प्रश्न 7. निम्नलिखित की दिशा को निर्धारित करने वाला नियम लिखिए-
(i) किसी विद्युत धारावाही सीधे चालक के चारों ओर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र,
(ii) किसी चुम्बकीय क्षेत्र में, क्षेत्र के लंबवत् स्थित, विद्युत धारावाही सीधे चालक पर आरोपित बल।
उत्तर— (i) किसी धारावाही चालक के चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा मैक्सवेल के दक्षिण-हस्त नियम से ज्ञात किया जा सकता है। इस नियम के अनुसार, "यदि दायें हाथ की अंगुलियों को धारावाही चालक के चारों ओर मोड़कर, अंगूठे को धारावाही चालक में प्रवाहित धारा के अनुदिश रखें तो मुड़ी हुई अंगुलियाँ चुम्बकीय बल रेखाओं की दिशा को प्रदर्शित करेंगी।"
(ii) चुम्बकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर बल की दिशा फ्लेमिंग के वामहस्त नियम से ज्ञात की जाती है। इस नियम के अनुसार, "यदि हम बाएँ हाथ के अंगूठे तथा पहली दो अंगुलियों को इस प्रकार फैलाएँ कि तीनों परस्पर लम्बवत् रहें तब यदि तर्जनी अंगुली चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा, मध्यमा चालक में प्रवाहित धारा की दिशा को प्रदर्शित करे तो अंगूठा चालक पर लगने वाले बल की दिशा को प्रदर्शित करेगा।"
प्रश्न 8. किसी विद्युत परिपथ में लघुपथन कब होता है?
उत्तर— जब विद्युनमय तार तथा उदासीन तार परस्पर सम्पर्क में आते हैं तो परिपथ लघुपथित हो जाता है। इस स्थिति में परिपथ का प्रतिरोध अचानक शून्य हो जाता है तथा धारा का मान बहुत अधिक बढ़ जाता है।
प्रश्न 9. भू संपर्क तार का क्या कार्य है? धातु के आवरण वाले विद्युत साधिथ्रों को भू संपर्कित करना क्यों आवश्यक है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर—(i) भू संपर्क तार—यह हरे रंग के विध्वरोधी आवरण से ढके रहने वाला एक सुरक्षा तार होता है, जो घर के निकट भूमि के भीतर बहुत गहराई पर स्थित धातु की प्लेट से संयोजित होता है। यह तार विद्युत धारा के लिए अल्प प्रतिरोध का चालन पथ प्रस्तुत करता है। इससे साधिथ्र के धात्विक आवरण में विद्युत धारा का कोई क्षरण होने पर उस साधिथ्र का विभव भूमि के विभव के बराबर हो जाएगा। फलस्वरूप इस साधिथ्र को उपयोग करने वाला व्यक्ति तीव्र विद्युत आघात से सुरक्षित बचा रहता है।
इस तार का उपयोग विशेषकर विद्युत इस्त्री, टोस्टर, मेज का पंखा, रेफ्रिजरेटर आदि धातु के आवरण वाले विद्युत साधिथ्रों में सुरक्षा के उपाय के रूप में किया जाता है।
(ii) धातु के आवरण वाले विद्युत साधिथ्रों को भू-संपर्कित करना आवश्यक होता है। इससे साधिथ्रों तथा उनका प्रयोग करने वालों की सुरक्षा हो जाती है। धातु के आवरणों से संयोजित भू-सम्पर्क तार विद्युत धारा के लिए अल्प प्रतिरोध का चालन पथ प्रस्तुत कर देता है। धात्विक साधिथ्रों का भूमि से सम्पर्क हो जाने के कारण क्षरण के समय धारा उन साधिथ्रों का उपयोग करने वालों के शरीर से नहीं गुजरती, जिससे वे गम्भीर झटके से बच जाते हैं।
📝 2. नोट्स: पाठ सार (Key Concepts & Summary)
महत्वपूर्ण परिभाषाएं, रासायनिक समीकरण, नियम, सूत्र एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
पाठ सार
(1) विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव - वैज्ञानिक ऑरेस्टेड के अनुसार जब किसी विद्युत परिपथ में या किसी चालक कुंडली में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो उसके चारों तरफ एक चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है। यह विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव कहलाता है।
(2) किसी चुम्बक के चारों ओर एक चुम्बकीय क्षेत्र होता है, जिसमें उस चुम्बक के बल का संसूचन किया जा सकता है।
(3) उत्तरी ध्रुव - चुम्बक का वह सिरा जो पृथ्वी के उत्तर की ओर होता है, उसे चुम्बक उत्तरमुखी ध्रुव (North Seeking Pole) अथवा उत्तरी ध्रुव कहते हैं।
(4) दक्षिणी ध्रुव - चुम्बक का वह सिरा जो पृथ्वी के दक्षिण की ओर होता है, उसे चुम्बक का दक्षिणमुखी ध्रुव (South Seeking Pole) अथवा दक्षिणी ध्रुव कहते हैं।
(5) समान ध्रुव परस्पर प्रतिकर्षित होते हैं, विपरीत ध्रुव परस्पर आकर्षित होते हैं।
(6) दिक् सूची एक छोटा चुम्बक होता है। इसका एक सिरा उत्तर की ओर तथा दूसरा सिरा दक्षिण की ओर संकेत करता है।
(7) किसी चुम्बकीय क्षेत्र के निरूपण के लिए चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं का उपयोग किया जाता है।
(8) चुम्बक के चारों ओर का वह क्षेत्र जहाँ तक चुम्बकीय दिक्सूचक की सुई विक्षेपित हो जाती है, चुम्बकीय क्षेत्र कहलाता है।
(9) चुम्बकीय क्षेत्र एक ऐसी राशि है जिसमें 'परिमाण' तथा 'दिशा' दोनों होते हैं।
(10) वह रेखाएँ जिनके अनुदिश लौहचूर्ण स्वयं सरेखित होता है, चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं का निरूपण करती हैं।
(11) चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ चुम्बक के उत्तर ध्रुव से प्रकट होती हैं तथा दक्षिण ध्रुव पर विलीन होती हैं। चुम्बक के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा उसके दक्षिण ध्रुव से उत्तर ध्रुव की ओर होती है। अतः चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक बंद वक्र होती हैं।
(12) चुम्बकीय क्षेत्र में रेखाएँ कहीं भी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करती हैं।
(13) जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र प्रबल होता है, वहाँ क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे के निकट दिखाई देती हैं।
(14) किसी विद्युत धारावाही धातु के तार से एक चुम्बकीय क्षेत्र संबद्ध होता है। तार के चारों ओर क्षेत्र रेखाएँ अनेक संकेंन्द्री वृत्तों के रूप में होती हैं जिनकी दिशा दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम द्वारा ज्ञात की जाती है।
(15) विद्युत चुम्बक में नर्म लौह-क्रोड होता है जिसके चारों ओर विद्युतरोधी ताँबे के तार की कुंडली लिपटी रहती है।
(16) किसी विद्युत धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र उससे दूरी के व्युत्क्रम पर निर्भर करता है। इसी प्रकार किसी विद्युत धारावाही पाश के प्रत्येक बिन्दु पर उसके चारों ओर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र को निरूपित करने वाले संकेंन्द्री वृत्तों का साइज तार से दूर जाने पर निरन्तर बड़ा होता जाता है।
(17) दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम को लागू करके इस बात की आसानी से जाँच की जा सकती है कि तार का प्रत्येक भाग चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं में योगदान देता है तथा पाश के भीतर सभी चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक ही दिशा में होती हैं।
(18) पास-पास लिपटे विद्युतरोधी ताँबे के तार की बेलन की आकृति की अनेक फेरों वाली कुंडली को परिनालिका कहते हैं। किसी परिनालिका के भीतर सभी बिन्दुओं पर चुम्बकीय क्षेत्र समान होता है अर्थात् परिनालिका के भीतर एक समान चुम्बकीय क्षेत्र होता है। जब इसमें धारा प्रवाहित की जाती है, तो वह एक चुम्बक की तरह व्यवहार करने लगती है।
विद्युत चुम्बकत्व का उपयोग विद्युत घण्टी, टेलीग्राम, चिकित्सा, क्रेन आदि अन्य उपयोगी युक्तियों में किया जाता है।
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(19) जब विद्युत धारावाही चालक को चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाता है तो वह बल का अनुभव करता है। यदि चुम्बकीय क्षेत्र तथा विद्युत धारा की दिशायें परस्पर एक-دوسरे के लम्बवत् हैं तब चालक पर आरोपित बल की दिशा इन दोनों दिशाओं के लम्बवत् होती है, जिसे फ्लेमिंग के वामहस्त नियम द्वारा प्राप्त किया जाता है।
(20) फ्लेमिंग का वामहस्त नियम - इस नियम के अनुसार अपने बाएँ हाथ की तर्जनी, मध्यमा तथा अंगूठे को इस प्रकार फैलाइए कि ये तीनों एक-दूसरे के परस्पर लम्बवत् हों। यदि तर्जनी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा चालक में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा की ओर संकेत करती है तो अँगूठा चालक की गति की दिशा अथवा चालक पर आरोपित बल की दिशा की ओर संकेत करेगा।
(21) हम अपने घरों में प्रत्यावर्ती विद्युत शक्ति पर प्राप्त करते हैं, जिसकी आवृत्ति है। आपूर्ति का एक तार लाल विद्युतरोधन युक्त होता है, जिसे विद्युन्मय तार कहते हैं। दूसरे पर काला विद्युतरोधन होता है, जिसे उदासीन तार कहते हैं। इन दोनों तारों के बीच का विभवांतर होता है। तीसरा तार भूसंपर्क तार होता है जिस पर हरा विद्युतरोधन होता है। यह तार भूमि में गहराई पर दबी धातु की प्लेट से संयोजित होता है। भूसंपर्कण एक सुरक्षा उपाय है, जो यह सुनिश्चित करता है कि साधित्र के धात्विक आवरण में यदि विद्युत धारा का कोई भी क्षरण होता है तो उस साधित्र का उपयोग करने वाले व्यक्ति को गंभीर झटका न लगे।
(22) विद्युत परिपथों की लघुपथन अथवा अतिभारण के कारण होने वाली हानि से सुरक्षा की सबसे महत्त्वपूर्ण युक्ति फ्यूज है।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions)
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
#### बहुविकल्पीय प्रश्न-
1. छड़ चुंबक के भीतर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा होती है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
2. "फ्लेमिंग के वाम हस्त नियम" के लिए सही है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
3. चित्रानुसार कोई इलेक्ट्रॉन किसी चुंबकीय क्षेत्र में क्षेत्र के लम्बवत् प्रवेश करता है। इलेक्ट्रॉन पर आरोपित बल की दिशा क्या है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
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[चुंबकीय क्षेत्र और इलेक्ट्रॉन का आरेख]

चुम्बकीय क्षेत्र
इलेक्ट्रॉन
प्रश्न 4. एक चालक तार में धारा प्रवाहित करने से उत्पन्न चुम्बकीय बल रेखाओं की दिशा होती है, चालक के-
प्रश्न 5. चुम्बकीय बल रेखाएँ अथवा चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं से निश्चित होता है-
प्रश्न 6. विद्युत् तथा चुम्बकत्व के मध्य सम्बन्ध की खोज किसने की? (प्रश्न बैंक)
प्रश्न 7. घरेलू विद्युत् परिपथ में विद्युन्मय (live wire) तथा उदासीन तार के मध्य विभवान्तर होता है-
प्रश्न 8. दो भिन्न चुम्बकीय ध्रुवों के मध्य आकर्षण बल है। यदि इन चुम्बकीय ध्रुवों के बीच की दूरी दुगुनी हो जाये तब उनके मध्य आकर्षण बल का परिमाण होगा-
प्रश्न 9. विद्युत् फ्यूज विद्युत् धारा के किस सिद्धान्त पर कार्य करता है?
प्रश्न 10. विद्युन्मय तार किस रंग का होता है?
प्रश्न 11. चुम्बकीय क्षेत्र में रखे किसी धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा किसके द्वारा दी जाती है? (प्रश्न बैंक)
प्रश्न 12. विद्युत् परिपथों की लघुपथन तथा अतिभारण के कारण होने वाली हानि से सुरक्षा की सबसे महत्वपूर्ण युक्ति है-
प्रश्न 13. चुम्बकीय क्षेत्र एक ऐसी राशि है जिसमें होते हैं-
प्रश्न 14. वह युक्ति जो परिपथ में विद्युत् धारा के प्रवाह को उत्क्रमित कर देती है, कहलाती है-
प्रश्न 15. किसी विद्युत् धारावाही चालक से सम्बद्ध चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात की जा सकती है-
प्रश्न 16. घरों में विद्युत् शक्ति की आपूर्ति जिन तारों से की जाती है, वे कहलाते हैं-
प्रश्न 17. चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ होती हैं-
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प्रश्न 18. किसी विद्युत धारावाही चालक से सम्बद्ध चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा कौनसे हस्त अंगुष्ठ नियम से जानी जाती है?
प्रश्न 19. ऐसा कौनसा उपकरण है जिसके द्वारा परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति संसूचित की जाती है?
प्रश्न 20. फ्यूज के तार का गलनांक-
प्रश्न 21. स्थायी चुम्बक बनाये जाते हैं-
प्रश्न 22. परिनलिका द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय बल क्षेत्र निर्भर करता है-
प्रश्न 23. विद्युत धारावाही तार किसकी तरह व्यवहार करती है?
प्रश्न 24. प्रेरित धारा की दिशा निम्न में से किससे प्राप्त होती है?
प्रश्न 25. विद्युत उपकरणों को भूसम्पर्कित किया जाता है ताकि-
प्रश्न 26. विद्युत चुंबक बनाया जाता है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
प्रश्न 27. विद्युत उपकरणों में भूसंपर्क तार (अर्थ) का उपयोग किया जाता है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
प्रश्न 28. धारावाही चालक के लिए "दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम" में अँगूठा दर्शाता है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025; 2024)
प्रश्न 29. चित्रानुसार चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत रखे चालक में विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। चालक पर आरोपित बल की दिशा है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
[चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत रखे चालक में विद्युत धारा और बल की दिशा दर्शाने वाला आरेख]

धारा
चुम्बकीय क्षेत्र
प्रश्न 30. चुम्बक के सजातीय ध्रुवों में परस्पर होता है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
400
सजीव बुक्स
प्रश्न 31. विद्युत धारा उत्पन्न करने की युक्ति को कहते हैं-
प्रश्न 32. किसी विद्युत धारावाही सीधे चालक के चारों ओर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा किसके द्वारा ज्ञात की जाती है?
#### उत्तर-तालिका
1. (ब) | 2. (द) | 3. (द) | 4. (द) | 5. (द) | 6. (स) | 7. (द) | 8. (स) | 9. (अ) | 10. (ब) | 11. (ब) |
12. (द) | 13. (स) | 14. (द) | 15. (अ) | 16. (द) | 17. (स) | 18. (ब) | 19. (स) | 20. (ब) | 21. (अ) | 22. (द) |
23. (ब) | 24. (अ) | 25. (अ) | 26. (ब) | 27. (ब) | 28. (स) | 29. (द) | 30. (ब) | 31. (अ) | 32. (ब) |
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
प्रश्न 1. विद्युत जनित्र यांत्रिक ऊर्जा को .............................. में बदलती है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)
प्रश्न 2. चुम्बक के सजातीय ध्रुवों में परस्पर .............................. होता है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
प्रश्न 3. किसी विद्युत धारावाही चालक से सम्बन्ध चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा .............................. हस्त अंगुष्ठ नियम से जानी जा सकती है।
प्रश्न 4. चुम्बक के विजातीय ध्रुवों में परस्पर .............................. होता है।
प्रश्न 5. घरेलू परिपथ में, .............................. के साथ लगाया जाता है।
प्रश्न 6. पास-पास लिपटे विधुतरोधी ताँबे के तार की अनेक फेरों वाली बेलनाकार कुण्डली को .............................. कहते हैं। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
प्रश्न 7. धारावाही वृत्ताकार चालक के आसपास .............................. उत्पन्न होता है।
प्रश्न 8. लघुपथन के समय, परिपथ में विद्युत धारा का मान .............................. जाता है।
प्रश्न 9. विद्युत धारावाही वृत्ताकार पाश के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की प्रबलता, फेरों की संख्या में वृद्धि करने से .............................. । (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
उत्तरमाला- 1. विद्युत ऊर्जा 2. प्रतिकर्षर्ण 3. दक्षिण 4. आकर्षण 5. विद्युन्मय तार 6. परिनालिका 7. चुम्बकीय क्षेत्र 8. बहुत अधिक बढ़ 9. बढ़ती है।
सुमेलन सम्बन्धी प्रश्न-
प्रश्न 1. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-
कॉलम (P) | कॉलम (Q) |
(i) उदासीन तार | (A) फ्लेमिंग का वामहस्त नियम |
(ii) लघुपथन | (B) हरा या काला |
(iii) चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा | (C) दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम |
(iv) प्रेरित धारा की दिशा | (D) फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम |
(v) परिनालिका | (E) मध्य में चुम्बकीय क्षेत्र शून्य |
(vi) चुम्बकीय बल की दिशा | (F) विद्युत धारा का अधिकतम मान |
उत्तर-(i) B (ii) F (iii) C (iv) D (v) E (vi) A
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401
2. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए–
कॉलम (P) | कॉलम (Q) |
(i) विद्युत चुम्बक में | (A) बंद वक्र |
(ii) चुम्बकीय क्षेत्र में | (B) आकर्षण |
(iii) परिनालिका के भीतर होता है | (C) प्रतिकर्षण |
(iv) सजातीय ध्रुवों में होता है | (D) समान चुम्बकीय क्षेत्र |
(v) विजातीय ध्रुवों में होता है | (E) परिमाण और दिशा दोनों होते हैं। |
(vi) चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ होती हैं | (F) नर्म लौह क्रोड होता है। |
उत्तर– (i) F, (ii) E, (iii) D, (iv) C, (v) B, (vi) A
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न–
प्रश्न 1. विद्युत चुम्बक क्या है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
उत्तर– विद्युत धारावाही परिनालिका के भीतर किसी चुम्बकीय पदार्थ को रखकर बनाए गए चुम्बक को विद्युत चुम्बक कहते हैं।
प्रश्न 2. विद्युत परिपथों में फ्यूज का क्या कार्य है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
उत्तर– विद्युत परिपथों में फ्यूज का उपयोग विद्युत परिपथ तथा विद्युत साधित्रों को अवांछनीय उच्च विद्युत धारा के प्रवाह को समाप्त करके, संभावित क्षति से बचाना है।
प्रश्न 3. विद्युत परिपथ एवं साधित्रों में सामान्यतः उपयोग होने वाले एक सुरक्षा उपाय का नाम लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
उत्तर– विद्युत परिपथ एवं साधित्रों में सामान्यतः विद्युत फ्यूज सुरक्षा उपाय के लिए उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 4. MRI का पूरा नाम लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
उत्तर– MRI का पूरा नाम चुंबकीय अनुनाद प्रतिबिंबन (Magnetic Resonance Imaging) होता है।
प्रश्न 5. चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता का मात्रक क्या है?
उत्तर– चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता का मात्रक 'ऑर्स्टैंड' है।
प्रश्न 6. 'चुम्बकीय क्षेत्र' किसे कहते हैं?
उत्तर– किसी चुम्बक के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें उसके बल का संसूचन किया जा सकता है, उस चुम्बक का चुम्बकीय क्षेत्र कहलाता है।
प्रश्न 7. चुम्बकीय क्षेत्र/बल रेखाएँ क्या होती हैं?
उत्तर– वे रेखाएँ जो किसी चुंबक के चुंबकीय क्षेत्र का निरूपण करती हैं चुंबकीय क्षेत्र/बल रेखाएँ कहलाती हैं।
प्रश्न 8. किसी चुंबक के भीतर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा क्या होती है?
उत्तर– चुंबक के भीतर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा उसके दक्षिण ध्रुव से उत्तर ध्रुव की ओर होती है।
प्रश्न 9. किसी क्षैतिज शक्ति संचरण लाइन (पावर लाइन) में पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर विधुतधारा प्रवाहित हो रही है। इसके ठीक नीचे के किसी बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा क्या होगी?
उत्तर– उत्तर से दक्षिण ध्रुव की ओर।
प्रश्न 10. एक ही सॉकेट से एक ही समय बहुत से विद्युत साधित्रों को संयोजित करने से क्या होता है?
उत्तर– एक ही सॉकेट से बहुत से विद्युत साधित्रों को संयोजित करने से परिपथ में अतिभारण हो जाता है।
प्रश्न 11. किसी चुम्बक द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा किसी बिन्दु पर किस तरह से ज्ञात करते हैं?
उत्तर– चुम्बकीय क्षेत्र के उस बिन्दु पर दिक्ૂसूचक सुई को रखते हैं। इस सुई के उत्तरी ध्रुव की दिशा चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा को दर्शाती है।
प्रश्न 12. चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा क्या होती है?
उत्तर– चुम्बक के चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चुम्बक के उत्तरी ध्रुव से दक्षिण ध्रुव की ओर बन्द वक्र के समान होती है।
प्रश्न 13. यदि किसी धारावाही चालक में धारा की दिशा को विपरीत कर दिया जाये, तो क्या होगा?
402
उत्तर—इस स्थिति में दिक्सूचक सुई की भुजाओं में विक्षेपण की दिशा उल्टी हो जाएगी।
प्रश्न 14. यदि सीधे तार में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा को उत्क्रमित कर दिया जाये तो क्या चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा भी उत्क्रमित हो जाएगी?
उत्तर—हाँ, चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा भी उत्क्रमित हो जाएगी।
प्रश्न 15. संकेन्द्रीय वृत्ताकार रेखाएँ क्या निरूपित करती हैं?
उत्तर—ये चुंबकीय क्षेत्र की रेखाओं को दर्शाती हैं।
प्रश्न 16. वृत्ताकार धारावाही चालक के दो विपरीत बिन्दुओं पर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की प्रकृति में अन्तर लिखिए।
उत्तर—दोनों ही बिन्दुओं पर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा विपरीत होती है। इन दोनों बिन्दुओं पर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ संकेन्द्रीय वृत्ताकार होती हैं।
प्रश्न 17. वृत्ताकार धारावाही चालक द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र का मान सबसे अधिक कहाँ पर होता है?
उत्तर—चुंबकीय क्षेत्र का मान केन्द्र पर अधिक होता है।
प्रश्न 18. जब किसी धारावाही चालक को चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है तो क्या होता है?
उत्तर—जब चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक को रखते हैं, तो उस पर एक बल आरोपित होता है।
प्रश्न 19. उस नियम का नाम लिखिए जिसकी मदद से धारावाही चालक पर चुंबकीय क्षेत्र में लगने वाले बल की दिशा ज्ञात करते हैं।
उत्तर—फ्लेमिंग का वामहस्त नियम।
प्रश्न 20. वह कौन-कौनसे कारक हैं जिन पर चालक पर आरोपित बल का मान निर्भर करता है?
उत्तर—(i) चुंबकीय क्षेत्र का मान (ii) चालक की लम्बाई (iii) चालक में प्रवाहित धारा का मान।
प्रश्न 21. विद्युत चुम्बक में क्रोड सामान्यतया किसका बना होता है?
उत्तर—कच्चे लोहे का।
प्रश्न 22. फ्यूज तार का अनुमतांक (Rating) है। इस कथन का क्या अर्थ है?
उत्तर—इसका अर्थ यह है कि इस परिपथ में अधिक से अधिक की धारा प्रवाहित हो सकती है। यदि परिपथ में धारा से बढ़ जाती है तब फ्यूज पिघल जाएगा तथा परिपथ स्वयं बन्द हो जाएगा।
प्रश्न 23. किसी परिपथ में धारा प्रवाह है या नहीं तथा किस दिशा में है, जानने के लिए हम किस विद्युत उपकरण का उपयोग करते हैं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
उत्तर—गैल्वेनोमीटर।
प्रश्न 24. किसी विद्युत धारावाही सीधी लंबी परिनालिका के भीतर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र किस प्रकार का है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)
उत्तर—परिनालिका के भीतर एक समान चुंबकीय क्षेत्र होता है।
प्रश्न 25. फ्लेमिंग के वामहस्त नियम में अंगूठा किसकी दिशा को दर्शाता है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)
उत्तर—अंगूठा चालक की गति की दिशा अथवा चालक पर आरोपित बल की दिशा की ओर संकेत करता है।
प्रश्न 26. चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने का दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)
उत्तर—दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम—यह किसी विद्युत धारावाही चालक के संबद्ध चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने का नियम है। इसके अनुसार यदि दाहिना हाथ विद्युत धारावाही चालक को इस प्रकार पकड़े हुए है कि अंगूठा विद्युत धारा की दिशा की ओर संकेत करता है, तो अंगुलियाँ चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा में लिपटी होंगी।
प्रश्न 27. दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद क्यों नहीं करतीं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
उत्तर—दो क्षेत्र रेखाएँ कहीं भी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करतीं। यदि वे ऐसा करें तो इसका यह अर्थ होगा कि प्रतिच्छेद बिन्दु पर दिक्सूचक को रखने पर उसकी सुई दो दिशाओं की ओर संकेत करेगी, जो सम्भव नहीं हो सकता।
प्रश्न 28. किसी विद्युत धारावाही परिनालिका के भीतर एवं उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं को प्रदर्शित करने के लिए चित्र बनाइए।
विज्ञान कक्षा-X
403
अथवा
परिनालिका के चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं का चित्र बनाइए। (प्रश्न बैंक)
अथवा
किसी विद्युत धारावाही परिनालिका के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की क्षेत्र रेखाओं को दर्शाइये। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
उत्तर-किसी विद्युत धारावाही परिनालिका के भीतर एवं उसके चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र की क्षेत्र रेखाएँ-
[किसी विद्युत धारावाही परिनालिका के भीतर और उसके चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र की क्षेत्र रेखाएँ]

चित्र-किसी विद्युत धारावाही परिनालिका के भीतर और उसके चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र की क्षेत्र रेखाएँ
प्रश्न 29. फ्लेमिंग का वामहस्त (बायाँ हाथ) नियम लिखिए।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25; माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
उत्तर-इस नियम के अनुसार, अपने बाएँ हाथ की तर्जनी, मध्यमा तथा अंगूठे को इस प्रकार फैलाइए कि ये तीनों एक-दूसरे के परस्पर लम्बवत् हों। यदि तर्जनी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा चालक में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा की ओर संकेत करती है तो अंगूठा चालक की गति की दिशा अथवा चालक पर आरोपित बल की दिशा की ओर संकेत करेगा।
प्रश्न 30. चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं का निरूपण कौनसी रेखायें करती हैं?
उत्तर-वह रेखाएँ जिनके अनुदिश लौह चूर्ण संरेखित होता है।
प्रश्न 31. किसी चालक से प्रवाहित की गई विद्युत धारा के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र चालक से दूर जाने पर क्या प्रभाव पड़ता है।
उत्तर-चुम्बकीय क्षेत्र घटता जाता है।
प्रश्न 32. विद्युत धारावाही चालक तथा चुम्बकीय क्षेत्रों में उपयोग होने वाली युक्तियों का नाम लिखिए।
उत्तर-विद्युत मोटर, विद्युत जनित्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र, माइक्रोफोन तथा विद्युत मापक यंत्र ऐसी ही युक्तियाँ हैं।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. घरेलू विद्युत परिपथों में सामान्यतः विद्युत साधित्रों (उपकरणों) को किस क्रम में जोड़ते हैं और क्यों? समझाइए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
उत्तर-घरेलू विद्युत परिपथों में सामान्यतः विद्युत उपकरणों को समान्तर क्रम में जोड़ा जाता है जिससे सभी साधित्रों को समान वोल्टता मिलती है। प्रत्येक उपकरण को अलग स्विच से नियंत्रित किया जा सकता है ताकि इच्छानुसार उनमें विद्युत धारा प्रवाहित कराई जा सके।
प्रश्न 2. वैज्ञानिक हैंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड ने वैद्युत चुम्बकत्व को समझने में क्या भूमिका निभाई?
उत्तर-इनके द्वारा यह खोजा गया था कि किसी धातु के तार में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर पास में रखी दिक्सूची में विक्षेप उत्पन्न होता है। इन्होंने अपने प्रेक्षणों के आधार पर यह प्रमाणित किया कि विद्युत तथा चुम्बकत्व परस्पर सम्बन्धित परिघटनाएँ हैं। इनकी खोजों ने आगे जाकर नई-नई प्रौद्योगिकियों, जैसे-रेडियो, टेलीविज़न, तंतु प्रकाशिकी आदि का सृजन किया। इन्हीं के सम्मान में चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता का मात्रक ऑर्स्टेड रखा गया है।
404
प्रश्न 3. चुम्बकीय क्षेत्र की रेखाएँ एक छड़ चुम्बक के इर्द-गिर्द चित्र में दिखाई गई हैं। एक छात्र का कथन है कि चुम्बकीय क्षेत्र पर शक्तिशाली है और पर कमजोर है। बताइए कि कथन सत्य है या असत्य। व्याख्या भी कीजिए।
उत्तर- कथन सत्य है, क्योंकि चुम्बकीय क्षेत्र उस जगह शक्तिशाली होता है, जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की रेखायें आपस में नजदीक होती हैं और जहाँ पर ये रेखायें दूर-दूर होती हैं, वहाँ पर चुम्बकीय क्षेत्र कमजोर होता है।
[Bar magnet with magnetic field lines labeled A and B]

प्रश्न 4. दो चुम्बकों की चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ चित्र (a) तथा (b) में दिखाई गई हैं। इन चित्रों में से कौन-सा चित्र इन रेखाओं को ठीक पैटर्न में दिखाता है? चुम्बकों के उन ध्रुवों के नाम लिखिए जो एक-दूसरे के सामने हैं।
[Magnetic field lines pattern between two magnets (a) and (b)]

उत्तर- दो क्षेत्र रेखाएँ कहीं भी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करती हैं। अतः चित्र (b) चुम्बकीय क्षेत्र की रेखाओं का ठीक पैटर्न दर्शाता है। चित्र में दोनों चुम्बकों के सिरों पर उत्तरी ध्रुव है जो एक-दूसरे के सामने है, क्योंकि चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ उत्तरी ध्रुव से बाहर आती हैं।
प्रश्न 5. यदि विद्युत धारावाही तार से बनी कुंडली में फेरों की संख्या बढ़ा दे तो उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा? समझाइए।
उत्तर- किसी विद्युत धारावाही तार के कारण किसी दिए गए बिंदु पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र प्रवाहित विद्युत धारा पर प्रत्यक्षतः निर्भर करता है। इसलिए यदि फेरों की कोई कुंडली हो तो उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र परिमाण में एकल फेरे द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की तुलना में गुना अधिक प्रबल होगा। इसका कारण यह है कि प्रत्येक फेरे में विद्युत धारा के प्रवाह की दिशा समान है, अतः व्यष्टिगत फेरों के चुंबकीय क्षेत्र संयोजित हो जाते हैं।
प्रश्न 6. एक बिजली के तार में विद्युत धारा के कारण पैदा चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा किसी ऐसे बिन्दु पर जो तार से ऊपर स्थित है और ऐसे बिन्दु पर जो तार से नीचे स्थित है, क्या होगी?
उत्तर-
[Magnetic field direction around a current-carrying wire with compass rose N-S-E-W]

दक्षिण हस्त अंगूठे के नियम के अनुसार (i) चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा, तार से ऊपर स्थित बिन्दु पर दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर। (ii) चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा, तार से नीचे स्थित बिन्दु पर उत्तर दिशा से दक्षिण दिशा की ओर।
विज्ञान कक्षा-X 405
प्रश्न 7. चुम्बकीय क्षेत्र में रखा हुआ एक विद्युत धारावाहक चालक बल का आभास क्यों करता है? चालक पर लगे बल की दिशा क्या होती है?
उत्तर- धारावाहक चालक में ऋणात्मक आवेशित कण (यानी इलेक्ट्रॉन) गति में होते हैं। चुम्बकीय क्षेत्र में इन सब इलेक्ट्रॉनों पर बल लगता है। इलेक्ट्रॉनों पर लगा हुआ बल ही चालक पर लगता है। इस कारण चुम्बकीय क्षेत्र में रखा विद्युत धारावाहक चालक को बल का आभास होता है।
इस बल की दिशा दोनों चुम्बकीय क्षेत्र तथा चालक में धारा की दिशा से लम्बवत् दिशा में होती है।
प्रश्न 8. एक प्रोटोन, चुम्बकीय क्षेत्र में कोण पर प्रवेश करता है। प्रोटोन पर लगे बल की दिशा क्या होगी?
उत्तर- फ्लेमिंग वामहस्त नियम से, एक धारावाहक चालक को चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत् रखा है, पर लगा बल धारा की दिशा (जिस दिशा में धनात्मक आवेश गति करता है) और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा से लम्बवत् होता है। इसलिए प्रोटोन पर लगे बल की दिशा कागज़ की सतह के लम्बवत् और ऊपर की ओर होती है।
[चुम्बकीय क्षेत्र में प्रोटोन का प्रवेश दिखाने वाला रेखाचित्र]

प्रश्न 9. दो वृत्ताकार कुण्डलियाँ तथा को परस्पर नजदीक रखा है। यदि कुण्डली में विद्युत् धारा की मात्रा में बदलाव हो, तो क्या कुण्डली में प्रेरित धारा बहेगी? व्याख्या कीजिए।
[दो वृत्ताकार कुण्डलियाँ A तथा B एवं गैल्वेनोमीटर का परिपथ]

उत्तर- जब कुण्डली में विद्युत् धारा की मात्रा में बदलाव हो, तो कुण्डली के चारों ओर स्थित चुम्बकीय क्षेत्र में भी परिवर्तन होता है। इस क्षेत्र की बल रेखाएँ कुण्डली से गुजरते समय बल रेखाओं की संख्या में परिवर्तन हो जाता है, जिस कारण कुण्डली में प्रेरित धारा उत्पन्न हो जाती है।
प्रश्न 10. गैल्वेनोमीटर क्या है? इसकी उपयोगिता बताइए।
उत्तर- गैल्वेनोमीटर एक ऐसा उपकरण है जो किसी परिपथ में विद्युत् धारा की उपस्थिति संसूचित करता है। यदि इससे प्रवाहित विद्युत् धारा शून्य है तो इसका संकेतक शून्य (पैमाने के मध्य में) पर रहता है। यह अपने शून्य चिह्न के या तो बाईं ओर अथवा दाईं ओर विक्षेपित हो सकता है, यह विशेष विद्युत् धारा की दिशा पर निर्भर करता है।
प्रश्न 11. धारा अनुमतांक का क्या अर्थ है?
उत्तर- धारा अनुमतांक का अर्थ है अधिकतम धारा का प्रमाण जो फ्यूज से प्रवाहित हो सकता है तथा फ्यूज न पिघले। यदि धारा अनुमतांक है तब इसका अर्थ है कि जब धारा से थोड़ी-सी अधिक प्रवाहित होगी तब फ्यूज पिघल जायेगा।
प्रश्न 12. शॉर्ट-सर्किट क्या होता है? इससे क्या हानियाँ हो सकती हैं?
उत्तर- शॉर्ट-सर्किट-किसी विद्युत् यंत्र में विद्युन्मय एवं उदासीन तारों के सीधे सम्पर्क में आने के कारण विद्युत्धारा के कम प्रतिरोध से होकर प्रवाहित होना, शॉर्ट-सर्किट कहलाता है।
हानियाँ- (i) प्रतिरोध कम होने के कारण तारें अधिक गर्म हो जाती हैं, जिस कारण उनके ऊपर चढ़ा विद्युत्दर्शी पदार्थ जल जाता है।
(ii) ऊपरी आवरण के हट जाने पर तारें नंगी हो जाती हैं, जिस कारण विद्युत् शॉक लग सकता है।
406 संजीब बुक्स
प्रश्न 13. परिनालिका क्या है? परिनालिका से विद्युत चुम्बक कैसे प्राप्त करते हैं?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022; प्रश्न बैंक)
उत्तर—परिनालिका-पास-पास लिपटे विद्युतरोधी ताँबे के तार की बेलन की आकृति की अनेक फेरों वाली कुंडली को परिनालिका कहते हैं।
विद्युत चुम्बक-परिनालिका के भीतर उत्पन्न प्रबल चुम्बकीय क्षेत्र का उपयोग किसी चुम्बकीय पदार्थ जैसे-नर्म लोहे को परिनालिका के भीतर रखकर चुम्बक बनाने में किया जा सकता है। इस प्रकार बने चुम्बक को विद्युत चुम्बक कहते हैं।
प्रश्न 14. किसी क्षैतिज शक्ति संचरण लाइन (पावर लाइन) में पूर्व से पश्चिम की ओर विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। इसके ठीक नीचे के किसी बिन्दु पर तथा इसके ठीक ऊपर के किसी बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा क्या है?
उत्तर—विद्युत धारा पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित हो रही है। दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम को लागू करने पर पूर्वी सिरे से अवलोकन करने पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा (तार के ऊपर या नीचे किसी भी बिन्दु पर) तार के लम्बवत् तल में दक्षिणावर्त होगी। इसी प्रकार से तार के पश्चिमी सिरे से अवलोकन करने पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा वामावर्त होगी।
प्रश्न 15. चित्र में दर्शाए अनुसार कोई इलेक्ट्रॉन किसी चुम्बकीय क्षेत्र में क्षेत्र के लम्बवत् प्रवेश करता है। इलेक्ट्रॉन पर आरोपित बल की दिशा क्या है?
[Magnetic field pointing right and electron moving perpendicular]

उत्तर—सही विकल्प (द) सही है।
फ्लेमिंग के वामहस्त नियम के अनुसार, आरोपित बल की दिशा चुम्बकीय क्षेत्र तथा विद्युत धारा दोनों की दिशाओं के लम्बवत् होती है। हम जानते हैं कि विद्युत धारा की दिशा इलेक्ट्रॉनों की गति की दिशा के विपरीत होती है। अतः आरोपित बल की दिशा कागज़ में भीतर की ओर जाते हुए है।
प्रश्न 16. लघुपथन से आप क्या समझते हैं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
उत्तर—जब विद्यুতमय तथा उदासीन तार आपस में सम्पर्क में आ जाते हैं तो ऐसी स्थिति में परिपथ का प्रतिरोध शून्य हो जाता है और उनमें से अत्यधिक धारा प्रवाहित होने लगती है तो इसे लघुपथन कहते हैं। अत्यधिक विद्युत धारा प्रवाहित होने पर विद्युत उपकरण बहुत गर्म हो जाते हैं, उनमें आग लग सकती है या पूरे परिपथ में आग लग सकती है, जो कि भयंकर दुर्घटना का रूप ले सकती है।
प्रश्न 17. घरेलू विद्युत परिपथों में विद्युत फ्यूज का उपयोग क्यों किया जाता है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
अथवा
फ्यूज तार का कार्य लिखिए। (प्रश्न बैंक)
उत्तर—विद्युत फ्यूज का उपयोग विद्युत परिपथ तथा विद्युत सादित्र को अवांछनीय उच्च विद्युत धारा के प्रवाह को समाप्त करके, सम्भावित क्षति से बचाने के किया जाता है। फ्यूज में होने वाला जूल तापन फ्यूज को पिघला देता है, जिससे विद्युत परिपथ टूट जाता है।
प्रश्न 18. एक धारावाही वृत्ताकार कुंडली के एक बिन्दु पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र में किस प्रकार का परिवर्तन होगा- (प्रश्न बैंक)
उत्तर— (1) यदि हम कुंडली के माध्यम से बहने वाली धारा के परिमाण में वृद्धि होती है तो किसी दिए गए बिन्दु पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र के परिमाण में भी वृद्धि हो जाती है।
(2) यदि कुंडली में बहने वाली धारा की दिशा को विपरीत कर दे तो किसी दिए गए बिन्दु पर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण वही रहेगा, लेकिन उसकी दिशा उत्क्रमित हो जाएगी।
विज्ञान कक्षा-X
407
दीर्घउत्तरीय प्रश्न-
प्रश्न 1. चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ क्या होती हैं? किसी बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा कैसे निर्धारित की जाती है?
उत्तर- चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ- किसी चुम्बक के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें उसके बल का संसूचन किया जा सकता है, उस चुम्बक का चुम्बकीय क्षेत्र कहलाता है। वह रेखाएँ जिनके अनुदिश लोह-चूर्ण स्वयं संरेखित होता है, चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं का निरूपण करती है। चुम्बकीय क्षेत्र में परिमाण एवं दिशा दोनों होते हैं। किसी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा वह मानी जाती है, जिसके अनुदिश दिक्सूची का उत्तर ध्रुव उस क्षेत्र के भीतर गमन करता है। इसलिए चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ चुम्बक के उत्तर ध्रुव से प्रकट होती हैं तथा दक्षिण ध्रुव पर विलीन हो जाती हैं।
चुम्बक के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा उसके दक्षिण ध्रुव से उत्तर ध्रुव की ओर होती है। अतः चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक बंद वक्र होती हैं।
किसी बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चुम्बकीय सुई की सहायता से निर्धारित की जाती है। जिस दिशा में उत्तरी ध्रुव का निर्देश प्राप्त होता है, वही चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा होती है।
प्रश्न 2. "चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक बंद वक्र होती हैं।" समझाइए।
उत्तर- किसी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा वह मानी जाती है जिसके अनुदिश दिक्सूची का उत्तर ध्रुव उस क्षेत्र के भीतर गमन करता है। इसलिए परिपाटी के अनुसार चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ चुम्बक के उत्तर ध्रुव से प्रकट होती हैं तथा दक्षिण ध्रुव पर विलीन हो जाती हैं। लेकिन चुम्बक के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा उसके दक्षिण ध्रुव से उत्तर ध्रुव की ओर होती है। इसलिए चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक बंद वक्र होती हैं।
[Bar magnet showing magnetic field lines forming closed loops from North to South pole outside and South to North inside]

प्रश्न 3. एक धारावाहकु बन्द कुण्डली (Coil) को हवा में लटकाया गया है, जैसा चित्र में दिखाया गया है। जब कुण्डली को ऊपर से देखें तो उसमें धारा वामावर्त दिशा में बहती दिखती है, लेकिन जब नीचे की ओर देखें, तो धारा दक्षिणावर्त दिशा में बहती दिखती है।
उत्तर-(i) चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ नीचे चित्र में दर्शाई गई हैं।
[Circular coil viewed from top with directional arrows]

[Magnetic field lines passing through a current-carrying circular loop]

(ii) कुण्डली की ऊपरी सतह उत्तरी ध्रुव की तरह व्यवहार करती है और निचली सतह दक्षिण ध्रुव की तरह व्यवहार करती है।
प्रश्न 4. अतिभारण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर-अतिभारण/अतिभार-किसी परिपथ में अनुमानित मात्रा से अधिक मात्रा में धारा प्रवाह होना अतिभारण (Overloading) कहलाता है। यह घटना उस समय घटती है जब अधिक शक्ति के विद्युत उपकरण जैसे गीजर, हीटर, रेफ्रिजरेटर, मोटर आदि एक साथ चला दिए जाएं। इससे परिपथ में धारा प्रवाह अधिक मात्रा में होता है। इस अतिभारण से परिपथ में आग लग जाती है। अतिभारण को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि एक परिपथ में अधिक उपकरणों को संयोजित नहीं करना चाहिए।
प्रश्न 5. विद्युत चुंबक किसे कहते हैं? इसके निर्माण को चित्र द्वारा दर्शाइए। विद्युत चुंबक में उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र किन-किन राशियों पर निर्भर करता है?
उत्तर-परिनालिका के भीतर उत्पन्न प्रबल चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग किसी चुंबकीय पदार्थ (जैसे-नर्म लोहा) को परिनालिका के भीतर रखकर चुंबक बनाने में किया जाता है। इस प्रकार बने चुंबक को विद्युत चुंबक कहते हैं।
[विद्युत धारावाही परिनालिका का उपयोग उसके भीतर रखी स्टील की छड़ को चुंबकित करने में किया जाता है - एक विद्युत चुंबक]

चित्र-किसी विद्युत धारावाही परिनालिका का उपयोग उसके भीतर रखी स्टील की छड़ को चुंबकित करने में किया जाता है-एक विद्युत चुंबक
विद्युत चुंबक की निर्भरता-विद्युत चुंबक की शक्ति धारा के मान तार के घेरों की संख्या एवं धातु जिस पर कुण्डली लपेटी गई है, पर निर्भर करती है।
प्रश्न 6. विद्युत चुंबक द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की शक्ति किन-किन बातों पर निर्भर करती है?
उत्तर-विद्युत चुंबक द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की शक्ति उसमें में प्रवाहित विद्युत धारा के मान, तार के घेरों की संख्या तथा क्रोड की धातु पर निर्भर करती है। जितनी अधिक शक्ति की विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, उतना ही प्रबल चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। यदि प्रवाहित धारा का मान समान रहे, तो चुंबकीय क्षेत्र की शक्ति क्रोड पर तार के घेरों की संख्या पर निर्भर करती है। घेरों की संख्या जितनी अधिक होगी, चुंबकीय क्षेत्र उतना ही अधिक प्रबल होगा।
यदि उपर्युक्त दोनों ही स्थितियाँ समान रहें, तब चुंबकीय क्षेत्र की शक्ति क्रोड को बदलकर भी बढ़ाई जा सकती है। नर्म लोहे के क्रोड की शक्ति स्टील क्रोड की अपेक्षा अधिक होती है।
प्रश्न 7. चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर बल क्या है? वर्णन करके बताएँ।
उत्तर-जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो विद्युत धारा चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है जो चालक के निकट रखे चुंबक पर बल आरोपित करता है। इसी आधार पर आंद्रे मैरी ऐम्पियर ने यह विचार प्रस्तुत किया कि चुंबक को भी विद्युत धारावाही चालक पर परिमाण में समान परन्तु दिशा में विपरीत बल आरोपित करना चाहिए। विद्युत धारा की दिशा, चुंबकीय क्षेत्र की दिशा तथा चालक पर आरोपित बल की दिशा की व्याख्या फ्लेमिंग के वामहस्ट (बायाँ हाथ) नियम द्वारा की जा सकती है।
प्रश्न 8. धारावाही चालक छड़ को चुंबकीय क्षेत्र में लंबवत् रखने पर उस पर लगने वाले बल की दिशा की व्याख्या के लिए फ्लेमिंग के बायें हाथ का नियम लिखिए व आवश्यक चित्र बनाइये।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
उत्तर-फ्लेमिंग के बायें हाथ का नियम-इस नियम के अनुसार अपने बांये हाथ की तर्जनी, मध्यम तथा अँगूठे को इस प्रकार फैलाइए कि ये तीनों एक-दूसरे के परस्पर लम्बवत् हों, देखिये आगे चित्र में। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा चालक में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा की ओर संकेत करती है तो अँगूठा चालक की गति की दिशा अथवा चालक पर आरोपित बल की दिशा की ओर संकेत करेगा।
विज्ञान कक्षा-X
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[फ्लेमिंग का बाएं हाथ का नियम]

चित्र : फ्लेमिंग का बाएं हाथ का नियम
प्रश्न 9. फ्लेमिंग का वाम हस्त नियम लिखिए। किसी चुम्बकीय क्षेत्र में रखे विद्युत धारावाही चालक पर चित्र द्वारा उत्पन्न बल को समझाइये। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)
उत्तर- फ्लेमिंग का वामहस्त नियम- इस नियम के अनुसार, यदि बाएँ हाथ की तर्जनी, मध्यमा तथा अँगूठे को इस प्रकार फैलाएँ कि ये तीनों एक-दूसरे के परस्पर लम्बवत् हो तो, यदि तर्जनी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा चालक में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा की ओर संकेत करती है तो अँगूठा चालक की गति की दिशा अथवा चालक पर आरोपित बल की दिशा की ओर संकेत करेगा।
किसी चुम्बकीय क्षेत्र में रखे विद्युत धारावाही चालक पर उत्पन्न बल-
जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो विद्युत धारा चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है जो चालक के निकट रखे चुम्बक पर बल आरोपित करता है। इसी प्रकार चुम्बक को भी विद्युत धारावाही चालक पर परिमाण में समान परन्तु बल में विपरीत बल आरोपित करना चाहिए। चित्रानुसार ऐलुमिनियम की विद्युत धारावाही छड़ को चुम्बकीय क्षेत्र में रखते हैं तो छड़ पर एक बल आरोपित होता है। चालक में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा उत्क्रमित (B से A की ओर) करने पर बल की दिशा भी उत्क्रमित हो जाती है। चुम्बक के ध्रुवों को परस्पर बदलकर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा बदलने पर छड़ पर आरोपित बल की दिशा उत्क्रमित हो जाती है। इससे यह प्रदर्शित होता है कि चालक पर आरोपित बल की दिशा विद्युत धारा की दिशा और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा दोनों पर निर्भर करती है।
[विद्युत धारावाही छड़ पर चुम्बकीय बल का प्रयोग]

निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. निम्न घटनाओं को आरेख चित्र द्वारा दर्शाइये-
उत्तर-(a)
[धातु के चालक से विद्युत धारा प्रवाहित कराने पर दिक् सूचक में विक्षेपण]

चित्र-धातु के चालक से विद्युत धारा प्रवाहित कराने पर दिक् सूचक सुई विक्षepित होती है।
[किसी विद्युत धारावाही सीधे चालक तार के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र की क्षेत्र रेखाओं को निरूपित करता सकेन्द्रीय वृत्तों का पैटर्न (a) तथा प्राप्त पैटर्न का समीप दृश्य (b)]

चित्र-(a) किसी विद्युत धारावाही सीधे चालक तार के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र की क्षेत्र रेखाओं को निरूपित करता सकेन्द्रीय वृत्तों का पैटर्न। वृत्त पर अंकित तीर क्षेत्र रेखाओं की दिशाओं को दर्शाते हैं
(b) प्राप्त पैटर्न का समीप दृश्य
चित्र-विद्युत धारावाही पाश के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ
प्रश्न 2. घरेलू विद्युत परिपथ का व्यवस्था आरेख खींचकर उसकी संयोजन व्यवस्था को समझाइए। विद्युत प्रयोग में रखी जाने वाली सावधानियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर— घरेलू विद्युत परिपथ— हम अपने घरों में विद्युत शक्ति की आपूर्ति मुख्य तारों, जिसे मेन्स भी कहते हैं, से प्राप्त करते हैं। इन मुख्य तारों में से एक तार को जिस पर प्रायः लाल विद्युतरोधी आवरण होता है, विद्युन्मय तार (अथवा धनात्मक तार) कहते हैं। अन्य तार को जिस पर काला आवरण होता है, उदासीन तार (ऋणात्मक तार) कहते हैं। हमारे देश में इन दोनों तारों के बीच का विभवांतर होता है।
घर में लगे मीटर बोर्ड में ये तार मुख्य फ्यूज से होते हुए एक विद्युत मीटर में प्रवेश करते हैं। इन्हें मुख्य स्विच से होते हुए घर के लाइन तारों से जोड़ते हैं। ये तार घर के पृथक्-पृथक् परिपथों में विद्युत आपूर्ति करते हैं। प्रायः घरों में दो पृथक् परिपथ होते हैं, एक विद्युत धारा अनुमतांक के लिए, जिसका उपयोग उच्च शक्ति वाले विद्युत साधित्रों जैसे-गीजर, वायु शीतित्र/कूलर आदि के लिए किया जाता है। दूसरा विद्युत परिपथ विद्युत धारा अनुमतांक के लिए होता है, जिससे बल्ब, पंखे आदि चलाए जाते हैं।
आगे चित्र में सामान्य घरेलू विद्युत परिपथों में से किसी एक परिपथ का व्यवस्था आरेख चित्र दिखाया गया है। प्रत्येक पृथक् विद्युत परिपथ में विद्युन्मय तथा उदासीन तारों के बीच विभिन्न विद्युत साधित्रों को संयोजित किया जा सकता है। प्रत्येक साधित्र का अपना पृथक् 'ऑन/ऑफ' स्विच होता है, ताकि इच्छानुसार उनमें विद्युत धारा प्रवाहित कराई जा सके। सभी साधित्रों को समान वोल्टता मिल सके, इसके लिए उन्हें परस्पर पार्श्वक्रम में संयोजित किया जाता है।
विज्ञान कक्षा-X
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विद्युत फ्यूज सभी घरेलू परिपथों का एक महत्त्वपूर्ण अवयव होता है। विद्युत परिपथ में लगा फ्यूज परिपथ तथा साधिित्र को अतिभारण के कारण होने वाली क्षति से बचाता है।
[सामान्य घरेलू विद्युत परिपथों में से एक परिपथ का व्यवस्था आरेख]

चित्र-सामान्य घरेलू विद्युत परिपथों में से एक परिपथ का व्यवस्था आरेख
विद्युत प्रयोग में रखी जाने वाली सावधानियाँ–
विद्युत उपयोग में रखी जाने वाली सावधानियाँ निम्नलिखित हैं–
(1) विद्युतीय या फेज (Phase) तार को हमेशा स्विच के नियंत्रण में ही होना चाहिए। नमी आदि होने पर स्विच का उपयोग नहीं करें तथा उसके सूखने का इन्तजार करें।
(2) विद्युत उपकरण के संयोजन में तीनों तार होने चाहिए। मुख्य रूप से प्रेस, गीजर, रेफ्रिजरेटर आदि को टू-पिन या दो तारों द्वारा संचालित नहीं किया जाना चाहिए।
(3) जब तक आपको विद्युत उपकरण सम्बन्धित जानकारी नहीं हो विद्युतीय युक्तियों को खोलना या तारों को हाथ नहीं लगाना चाहिए।
(4) स्विचों, प्लगों, सॉकिटों तथा जोड़ों पर सभी संबंध कसे हुए होने चाहिए, तार पर विद्युतरोधी पदार्थ अच्छा होना चाहिए। खराब स्विचों को बदल दें तथा जोड़ों पर विद्युतरोधी टेप लगानी चाहिए।
(5) फ्यूज उपयुक्त क्षमता एवं पदार्थ का होना चाहिए। सामान्य संयोजन तारों को फ्यूज के रूप में उपयोग न करें, इससे लघुपथन या अतिभारण परिपथ में हो सकता है।
(6) परिपथ में यदि कोई कार्य करना है तो मुख्य स्विच को बन्द कर दें। सुरक्षा के लिए रबर के दस्ताने तथा जूते पहनने चाहिए। टेस्टर, पेचकस आदि औजारों पर विद्युतरोधी आवरण होना चाहिए।
(7) भू-संपर्कित तार अच्छा होना चाहिए।
प्रश्न 3. निम्न को समझाइए–
(a) दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम
(b) मैक्सवेल का कॉर्कस्क्रू नियम
(c) फ्लेमिंग का वामहस्त (बायाँ हाथ) नियम
उत्तर–(a) दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम– यह किसी विद्युत धारावाही चालक से संबद्ध चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने का नियम है–इसके अनुसार "यदि दाहिना हाथ विद्युत धारावाही चालक को इस प्रकार पकड़े हुए है कि अंगूठा विद्युत धारा की दिशा की ओर संकेत करता है, तो अँगुलियाँ चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा में लिपटी होंगी।"
[दाहिने हाथ के अंगूठे का नियम (Right-hand thumb rule) दर्शाते हुए हाथ और चुंबकीय क्षेत्र की रेखाओं का चित्र]

चित्र-दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम
(b) मैक्सवेल का कॉर्कस्क्रू नियम–इसके अनुसार–''यदि किसी कॉर्कस्क्रू को विद्युत धारा की दिशा में आगे बढ़ाते हैं तो कॉर्कस्क्रू के घूर्णन की दिशा चुंबकीय क्षेत्र की दिशा होती है।''
(c) फ्लेमिंग का वामहस्त (बायाँ हाथ) नियम–इस नियम के अनुसार–''यदि बाएँ हाथ की तर्जनी, मध्यमा तथा अँगूठे को इस प्रकार फैलाएँ कि ये तीनों एक-दूसरे के परस्पर लंबवत् हों। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा चालक में प्रवाहित विद्युत धारा की ओर संकेत करती है तो अँगूठा चालक की गति की दिशा अथवा चालक पर आरोपित बल की दिशा की ओर संकेत करेगा।''
[फ्लेमिंग का वामहस्त नियम (Fleming's left-hand rule) को दर्शाते हुए हाथ की उँगलियों का चित्र]

चित्र-फ्लेमिंग का वामहस्त नियम
प्रश्न 4. घरेलू विद्युत परिपथ में अतिभारण व लघुपथन के कारणों को समझाइए। इनसे होने वाले नुकसान को बताते हुए इनसे बचने के उपाय सुझाइए।
उत्तर–जब विद्युन्मय तार तथा उदासीन तार दोनों सीधे संपर्क में आते हैं तो अतिभारण हो सकता है। यह तब होता है जब तारों का विद्युतरोधन क्षतिग्रस्त हो जाता है अथवा साधिपत्र में कोई दोष होता है। ऐसी परिस्थितियों में किसी परिपथ में विद्युत धारा अकस्मात् बहुत अधिक हो जाती है। इसे लघुपथन कहते हैं।
आपूर्ति वोल्टता में दुर्घटनावश होने वाली वृद्धि से भी कभी-कभी अतिभारण हो सकता है। कभी-कभी एक सॉकेट से बहुत से विद्युत साधिपत्रों को संयोजित करने से भी अतिभारण हो जाता है।
अतिभारण व लघुपथन से हानि-
(i) प्रतिरोध कम होने के कारण तारें अधिक गर्म हो जाती हैं, जिस कारण उनके ऊपर चढ़ा विद्युतरोधी पदार्थ जल जाता है।
(ii) ऊपरी आवरण के हट जाने पर तारें नंगी हो जाती हैं, जिस कारण विद्युत शॉक लग सकता है।
बचाव के उपाय- विद्युत परिपथ में लगा फ्यूज परिपथ तथा साधिपत्र को अतिभारण के कारण होने वाली क्षति से बचाता है। फ्यूजों में होने वाला जूल तापन फ्यूज को पिघला देता है जिससे विद्युत परिपथ टूट जाता है।
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प्रश्न 5. चुम्बकीय क्षेत्र से आप क्या समझते हैं? चुम्बकीय बल रेखाओं की विशेषताएँ लिखिए। किसी धारावाही वृत्ताकार कुण्डली द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक चित्र बनाइए।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
अथवा
छड़ चुम्बक द्वारा संरक्षित चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की कोई 4 विशेषताएँ लिखिए। ( प्रश्न बैंक )
अथवा
किसी धारावाही वृत्ताकार कुण्डली द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक चित्र बनाइए। ( प्रश्न बैंक )
उत्तर—चुम्बकीय क्षेत्र—किसी चुम्बक के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें उसके बल का संसूचन किया जा सकता है, उसे चुम्बक का चुम्बकीय क्षेत्र कहते हैं।
चुम्बकीय बल रेखाओं की विशेषताएँ—
(i) चुम्बकीय बल रेखाएँ काल्पनिक बन्द वक्र होती हैं।
(ii) चुम्बक के बाहर बल रेखाओं की दिशा उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की ओर तथा चुम्बक के अन्दर दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर इंगित होती है।
(iii) बन्द वक्र के किसी बिन्दु पर खींची गई स्पर्श रेखा उस बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा इंगित करती है।
(iv) ये परस्पर एक-दूसरे को विच्छेदित नहीं करतीं।
धारावाही वृत्ताकार कुण्डली द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र का चित्र—
[धारावाही वृत्ताकार कुण्डली द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र का चित्र]

चित्र-धारावाही वृत्ताकार कुण्डली द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र