📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान — सभी पाठगत (In-text) एवं अभ्यास (Exercise) प्रश्नों के सटीक एवं संपूर्ण हल।
पाठगत प्रश्न
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प्रश्न 1. चुंबक के निकट लाने पर दिक्सूची की सुई विक्षेपित क्यों हो जाती है?
उत्तर—वास्तव में दिक्सूची की सुई एक छोटी छड़ चुंबक होती है। इसलिए चुंबक के समीप लाए जाने पर, चुंबक के चुम्बकीय क्षेत्र के कारण दिक्सूची सुई पर एक बल्युग्म कार्य करने लगता है, जो सुई को विक्षेपित कर देता है।
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प्रश्न 1. किसी छड़ चुम्बक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ खींचिए।
अथवा
छड़ चुम्बक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं का चित्र बनाओ।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23; प्रश्न बैंक)
अथवा
एक छड़ चुम्बक के लिए चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं का चित्र बनाइए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
उत्तर—छड़ चुम्बक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ-
[छड़ चुम्बक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ]

चित्र-किसी छड़ चुम्बक के चारों ओर क्षेत्र रेखाएँ
प्रश्न 2. चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुणों की सूची बनाइए।
अथवा
चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण क्या हैं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
अथवा
चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं के कोई दो गुण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
उत्तर-चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं के गुणों की सूची निम्न है-
(i) चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ परस्पर आपस में प्रतिच्छेद नहीं करती हैं।
(ii) ये काल्पनिक रेखाएँ चुम्बक के उत्तरी ध्रुवों से निकलती हैं एवं दक्षिणी ध्रुव पर जाकर समाप्त हो जाती हैं।
(iii) चुंबक के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा उसके दक्षिण ध्रुव से उत्तर ध्रुव की ओर होती है।
(iv) इन रेखाओं के किसी बिन्दु पर खींची गई स्पर्श रेखा की दिशा चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा को निरूपित करती है।
(v) चुम्बकीय बल रेखाएँ उस स्थान पर अधिक सघन (अर्थात् परस्पर निकट) होती हैं जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता अधिक होती है तथा उस स्थान, जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता कम होती है, वहाँ चुम्बकीय बल रेखाएँ परस्पर दूर स्थित होती हैं।
(vi) चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक बंद वक्र होती हैं।
प्रश्न 3. दो चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद क्यों नहीं करतीं?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26; प्रश्न बैंक)
अथवा
क्या कारण है कि चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करतीं?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
उत्तर-दो चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ कहीं भी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करतीं। यदि वे ऐसा करें तो इसका यह अर्थ होगा कि प्रतिच्छेद बिन्दु पर दिक्सूची को रखने पर उसकी सुई दो दिशाओं की ओर संकेत करेगी जो सम्भव नहीं हो सकता।
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प्रश्न 1. मेज के तल में पड़े तार के वृत्ताकार पाश पर विचार कीजिए। मान लीजिए इस पाश में दक्षिणावर्त विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम को लागू करके पाश के भीतर तथा बाहर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात कीजिए।
उत्तर-यदि दाहिने हाथ की अंगुलियाँ तार के ऊपर इस प्रकार लपेटी जाएँ कि अंगूठा तार में प्रवाहित धारा की दिशा में हो, तब अंगुलियों के मुड़ने की दिशा चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा को प्रदर्शित करेगी।
[विद्युत धारावाही पाश के कारण उत्पन्न क्षेत्र रेखाएँ]

चित्र-विद्युत धारावाही पाश के कारण उत्पन्न क्षेत्र रेखाएँ
अतः पाश के अन्दर चुम्बकीय क्षेत्र मेज के तल के लम्बवत् तथा ऊर्ध्वाधर: नीचे की दिशा में है जबकि पाश के बाहर चुम्बकीय क्षेत्र मेज के लम्बवत् तथा ऊर्ध्वाधरतः ऊपर की ओर क्रियाशील होगा।
प्रश्न 2. किसी दिए गए क्षेत्र में चुम्बकीय क्षेत्र एकसमान है। इसे निरूपित करने के लिए आरेख खींचिए।
उत्तर-एक समान चुम्बकीय क्षेत्र परस्पर समान्तर बल रेखाओं द्वारा प्रदर्शित किया जायेगा जैसा कि निम्न चित्र में प्रदर्शित किया गया है-
[एक समान चुम्बकीय क्षेत्र के लिए आरेख]

चित्र-एक समान चुम्बकीय क्षेत्र के लिए आरेख
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प्रश्न 3. सही विकल्प चुनिए-
किसी विद्युत धारावाही सीधी लंबी परनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र-
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
उत्तर-(d) सभी बिंदुओं पर समान होता है।
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प्रश्न 1. किसी प्रोटॉन का निम्नलिखित में से कौन-सा गुण किसी चुंबकीय क्षेत्र में मुक्त गति करते समय परिवर्तित हो जाता है? (यहाँ एक से अधिक सही उत्तर हो सकते हैं।)
उत्तर—(a) सही।
(b) गलत, विद्युन्मय तार के ऊपर लाल रंग का प्रतिरोधी प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 4. चुंबकीय क्षेत्र को उत्पन्न करने के दो तरीकों की सूची बनाइए। ( प्रश्न बैंक )
उत्तर—(i) स्थायी चुंबक के चारों तरफ चुंबकीय क्षेत्र होता है।
(ii) एक धारावाही सीधा चालक के चारों तरफ चुंबकीय क्षेत्र होता है।
प्रश्न 5. किसी चुंबकीय क्षेत्र में स्थित विद्युत धारावाही चालक पर आरोपित बल कब अधिकतम होता है?
उत्तर—किसी चुंबकीय क्षेत्र में स्थित विद्युत धारावाही चालक पर आरोपित बल तब अधिकतम होता है जब विद्युत धारा की दिशा चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के लंबवत् होती है।
प्रश्न 6. मान लीजिए आप किसी चैंबर में अपनी पीठ को किसी एक दीवार से लगाकर बैठे हैं। कोई इलेक्ट्रॉन पुंज आपके पीछे की दीवार से सामने वाली दीवार की ओर क्षैतिज गमन करते हुए किसी प्रबल चुंबकीय क्षेत्र द्वारा आपके दाईं ओर विक्षेपित हो जाता है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या है?
उत्तर—चुंबकीय क्षेत्र की दिशा फ्लेमिंग के वामहस्त (बायाँ हाथ) नियम से ज्ञात की जा सकती है। इसके अनुसार चुंबकीय क्षेत्र की दिशा विद्युत धारा की दिशा, तथा चालक की गति की दिशा (अथवा विक्षेपण) तीनों एक-दूसरे के परस्पर
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लंबवत् होते हैं। इलेक्ट्रॉन पुंज की पीठ पीछे की दीवार से सामने की दीवार की ओर गति, धारा के सामने की दीवार से पीठ पीछे की ओर की दीवार की ओर गति के तुल्य है। पुंज के विक्षेपण का अर्थ है कि बल हमारे दाहिने पक्ष की ओर क्रियाशील है। अतः फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम के अनुसार चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ऊर्ध्वाधरतः नीचे की ओर होगी।
प्रश्न 7. निम्नलिखित की दिशा को निर्धारित करने वाला नियम लिखिए-
(i) किसी विद्युत धारावाही सीधे चालक के चारों ओर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र,
(ii) किसी चुम्बकीय क्षेत्र में, क्षेत्र के लंबवत् स्थित, विद्युत धारावाही सीधे चालक पर आरोपित बल।
उत्तर— (i) किसी धारावाही चालक के चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा मैक्सवेल के दक्षिण-हस्त नियम से ज्ञात किया जा सकता है। इस नियम के अनुसार, "यदि दायें हाथ की अंगुलियों को धारावाही चालक के चारों ओर मोड़कर, अंगूठे को धारावाही चालक में प्रवाहित धारा के अनुदिश रखें तो मुड़ी हुई अंगुलियाँ चुम्बकीय बल रेखाओं की दिशा को प्रदर्शित करेंगी।"
(ii) चुम्बकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर बल की दिशा फ्लेमिंग के वामहस्त नियम से ज्ञात की जाती है। इस नियम के अनुसार, "यदि हम बाएँ हाथ के अंगूठे तथा पहली दो अंगुलियों को इस प्रकार फैलाएँ कि तीनों परस्पर लम्बवत् रहें तब यदि तर्जनी अंगुली चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा, मध्यमा चालक में प्रवाहित धारा की दिशा को प्रदर्शित करे तो अंगूठा चालक पर लगने वाले बल की दिशा को प्रदर्शित करेगा।"
प्रश्न 8. किसी विद्युत परिपथ में लघुपथन कब होता है?
उत्तर— जब विद्युनमय तार तथा उदासीन तार परस्पर सम्पर्क में आते हैं तो परिपथ लघुपथित हो जाता है। इस स्थिति में परिपथ का प्रतिरोध अचानक शून्य हो जाता है तथा धारा का मान बहुत अधिक बढ़ जाता है।
प्रश्न 9. भू संपर्क तार का क्या कार्य है? धातु के आवरण वाले विद्युत साधिथ्रों को भू संपर्कित करना क्यों आवश्यक है? (प्रश्न बैंक)
उत्तर—(i) भू संपर्क तार—यह हरे रंग के विध्वरोधी आवरण से ढके रहने वाला एक सुरक्षा तार होता है, जो घर के निकट भूमि के भीतर बहुत गहराई पर स्थित धातु की प्लेट से संयोजित होता है। यह तार विद्युत धारा के लिए अल्प प्रतिरोध का चालन पथ प्रस्तुत करता है। इससे साधिथ्र के धात्विक आवरण में विद्युत धारा का कोई क्षरण होने पर उस साधिथ्र का विभव भूमि के विभव के बराबर हो जाएगा। फलस्वरूप इस साधिथ्र को उपयोग करने वाला व्यक्ति तीव्र विद्युत आघात से सुरक्षित बचा रहता है।
इस तार का उपयोग विशेषकर विद्युत इस्त्री, टोस्टर, मेज का पंखा, रेफ्रिजरेटर आदि धातु के आवरण वाले विद्युत साधिथ्रों में सुरक्षा के उपाय के रूप में किया जाता है।
(ii) धातु के आवरण वाले विद्युत साधिथ्रों को भू-संपर्कित करना आवश्यक होता है। इससे साधिथ्रों तथा उनका प्रयोग करने वालों की सुरक्षा हो जाती है। धातु के आवरणों से संयोजित भू-सम्पर्क तार विद्युत धारा के लिए अल्प प्रतिरोध का चालन पथ प्रस्तुत कर देता है। धात्विक साधिथ्रों का भूमि से सम्पर्क हो जाने के कारण क्षरण के समय धारा उन साधिथ्रों का उपयोग करने वालों के शरीर से नहीं गुजरती, जिससे वे गम्भीर झटके से बच जाते हैं।
📝 2. नोट्स: पाठ सार (Key Concepts & Summary)
महत्वपूर्ण परिभाषाएं, रासायनिक समीकरण, नियम, सूत्र एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
पाठ सार
(1) विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव - वैज्ञानिक ऑरेस्टेड के अनुसार जब किसी विद्युत परिपथ में या किसी चालक कुंडली में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो उसके चारों तरफ एक चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है। यह विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव कहलाता है।
(2) किसी चुम्बक के चारों ओर एक चुम्बकीय क्षेत्र होता है, जिसमें उस चुम्बक के बल का संसूचन किया जा सकता है।
(3) उत्तरी ध्रुव - चुम्बक का वह सिरा जो पृथ्वी के उत्तर की ओर होता है, उसे चुम्बक उत्तरमुखी ध्रुव (North Seeking Pole) अथवा उत्तरी ध्रुव कहते हैं।
(4) दक्षिणी ध्रुव - चुम्बक का वह सिरा जो पृथ्वी के दक्षिण की ओर होता है, उसे चुम्बक का दक्षिणमुखी ध्रुव (South Seeking Pole) अथवा दक्षिणी ध्रुव कहते हैं।
(5) समान ध्रुव परस्पर प्रतिकर्षित होते हैं, विपरीत ध्रुव परस्पर आकर्षित होते हैं।
(6) दिक् सूची एक छोटा चुम्बक होता है। इसका एक सिरा उत्तर की ओर तथा दूसरा सिरा दक्षिण की ओर संकेत करता है।
(7) किसी चुम्बकीय क्षेत्र के निरूपण के लिए चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं का उपयोग किया जाता है।
(8) चुम्बक के चारों ओर का वह क्षेत्र जहाँ तक चुम्बकीय दिक्सूचक की सुई विक्षेपित हो जाती है, चुम्बकीय क्षेत्र कहलाता है।
(9) चुम्बकीय क्षेत्र एक ऐसी राशि है जिसमें 'परिमाण' तथा 'दिशा' दोनों होते हैं।
(10) वह रेखाएँ जिनके अनुदिश लौहचूर्ण स्वयं सरेखित होता है, चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं का निरूपण करती हैं।
(11) चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ चुम्बक के उत्तर ध्रुव से प्रकट होती हैं तथा दक्षिण ध्रुव पर विलीन होती हैं। चुम्बक के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा उसके दक्षिण ध्रुव से उत्तर ध्रुव की ओर होती है। अतः चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक बंद वक्र होती हैं।
(12) चुम्बकीय क्षेत्र में रेखाएँ कहीं भी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करती हैं।
(13) जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र प्रबल होता है, वहाँ क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे के निकट दिखाई देती हैं।
(14) किसी विद्युत धारावाही धातु के तार से एक चुम्बकीय क्षेत्र संबद्ध होता है। तार के चारों ओर क्षेत्र रेखाएँ अनेक संकेंन्द्री वृत्तों के रूप में होती हैं जिनकी दिशा दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम द्वारा ज्ञात की जाती है।
(15) विद्युत चुम्बक में नर्म लौह-क्रोड होता है जिसके चारों ओर विद्युतरोधी ताँबे के तार की कुंडली लिपटी रहती है।
(16) किसी विद्युत धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र उससे दूरी के व्युत्क्रम पर निर्भर करता है। इसी प्रकार किसी विद्युत धारावाही पाश के प्रत्येक बिन्दु पर उसके चारों ओर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र को निरूपित करने वाले संकेंन्द्री वृत्तों का साइज तार से दूर जाने पर निरन्तर बड़ा होता जाता है।
(17) दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम को लागू करके इस बात की आसानी से जाँच की जा सकती है कि तार का प्रत्येक भाग चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं में योगदान देता है तथा पाश के भीतर सभी चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक ही दिशा में होती हैं।
(18) पास-पास लिपटे विद्युतरोधी ताँबे के तार की बेलन की आकृति की अनेक फेरों वाली कुंडली को परिनालिका कहते हैं। किसी परिनालिका के भीतर सभी बिन्दुओं पर चुम्बकीय क्षेत्र समान होता है अर्थात् परिनालिका के भीतर एक समान चुम्बकीय क्षेत्र होता है। जब इसमें धारा प्रवाहित की जाती है, तो वह एक चुम्बक की तरह व्यवहार करने लगती है।
विद्युत चुम्बकत्व का उपयोग विद्युत घण्टी, टेलीग्राम, चिकित्सा, क्रेन आदि अन्य उपयोगी युक्तियों में किया जाता है।
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(19) जब विद्युत धारावाही चालक को चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाता है तो वह बल का अनुभव करता है। यदि चुम्बकीय क्षेत्र तथा विद्युत धारा की दिशायें परस्पर एक-دوسरे के लम्बवत् हैं तब चालक पर आरोपित बल की दिशा इन दोनों दिशाओं के लम्बवत् होती है, जिसे फ्लेमिंग के वामहस्त नियम द्वारा प्राप्त किया जाता है।
(20) फ्लेमिंग का वामहस्त नियम - इस नियम के अनुसार अपने बाएँ हाथ की तर्जनी, मध्यमा तथा अंगूठे को इस प्रकार फैलाइए कि ये तीनों एक-दूसरे के परस्पर लम्बवत् हों। यदि तर्जनी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा चालक में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा की ओर संकेत करती है तो अँगूठा चालक की गति की दिशा अथवा चालक पर आरोपित बल की दिशा की ओर संकेत करेगा।
(21) हम अपने घरों में प्रत्यावर्ती विद्युत शक्ति पर प्राप्त करते हैं, जिसकी आवृत्ति है। आपूर्ति का एक तार लाल विद्युतरोधन युक्त होता है, जिसे विद्युन्मय तार कहते हैं। दूसरे पर काला विद्युतरोधन होता है, जिसे उदासीन तार कहते हैं। इन दोनों तारों के बीच का विभवांतर होता है। तीसरा तार भूसंपर्क तार होता है जिस पर हरा विद्युतरोधन होता है। यह तार भूमि में गहराई पर दबी धातु की प्लेट से संयोजित होता है। भूसंपर्कण एक सुरक्षा उपाय है, जो यह सुनिश्चित करता है कि साधित्र के धात्विक आवरण में यदि विद्युत धारा का कोई भी क्षरण होता है तो उस साधित्र का उपयोग करने वाले व्यक्ति को गंभीर झटका न लगे।
(22) विद्युत परिपथों की लघुपथन अथवा अतिभारण के कारण होने वाली हानि से सुरक्षा की सबसे महत्त्वपूर्ण युक्ति फ्यूज है।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions)
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
#### बहुविकल्पीय प्रश्न-
1. छड़ चुंबक के भीतर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा होती है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
2. "फ्लेमिंग के वाम हस्त नियम" के लिए सही है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
3. चित्रानुसार कोई इलेक्ट्रॉन किसी चुंबकीय क्षेत्र में क्षेत्र के लम्बवत् प्रवेश करता है। इलेक्ट्रॉन पर आरोपित बल की दिशा क्या है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
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[चुंबकीय क्षेत्र और इलेक्ट्रॉन का आरेख]

चुम्बकीय क्षेत्र
इलेक्ट्रॉन
प्रश्न 4. एक चालक तार में धारा प्रवाहित करने से उत्पन्न चुम्बकीय बल रेखाओं की दिशा होती है, चालक के-
प्रश्न 5. चुम्बकीय बल रेखाएँ अथवा चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं से निश्चित होता है-
प्रश्न 6. विद्युत् तथा चुम्बकत्व के मध्य सम्बन्ध की खोज किसने की? (प्रश्न बैंक)
प्रश्न 7. घरेलू विद्युत् परिपथ में विद्युन्मय (live wire) तथा उदासीन तार के मध्य विभवान्तर होता है-
प्रश्न 8. दो भिन्न चुम्बकीय ध्रुवों के मध्य आकर्षण बल है। यदि इन चुम्बकीय ध्रुवों के बीच की दूरी दुगुनी हो जाये तब उनके मध्य आकर्षण बल का परिमाण होगा-
प्रश्न 9. विद्युत् फ्यूज विद्युत् धारा के किस सिद्धान्त पर कार्य करता है?
प्रश्न 10. विद्युन्मय तार किस रंग का होता है?
प्रश्न 11. चुम्बकीय क्षेत्र में रखे किसी धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा किसके द्वारा दी जाती है? (प्रश्न बैंक)
प्रश्न 12. विद्युत् परिपथों की लघुपथन तथा अतिभारण के कारण होने वाली हानि से सुरक्षा की सबसे महत्वपूर्ण युक्ति है-
प्रश्न 13. चुम्बकीय क्षेत्र एक ऐसी राशि है जिसमें होते हैं-
प्रश्न 14. वह युक्ति जो परिपथ में विद्युत् धारा के प्रवाह को उत्क्रमित कर देती है, कहलाती है-
प्रश्न 15. किसी विद्युत् धारावाही चालक से सम्बद्ध चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात की जा सकती है-
प्रश्न 16. घरों में विद्युत् शक्ति की आपूर्ति जिन तारों से की जाती है, वे कहलाते हैं-
प्रश्न 17. चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ होती हैं-
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प्रश्न 18. किसी विद्युत धारावाही चालक से सम्बद्ध चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा कौनसे हस्त अंगुष्ठ नियम से जानी जाती है?
प्रश्न 19. ऐसा कौनसा उपकरण है जिसके द्वारा परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति संसूचित की जाती है?
प्रश्न 20. फ्यूज के तार का गलनांक-
प्रश्न 21. स्थायी चुम्बक बनाये जाते हैं-
प्रश्न 22. परिनलिका द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय बल क्षेत्र निर्भर करता है-
प्रश्न 23. विद्युत धारावाही तार किसकी तरह व्यवहार करती है?
प्रश्न 24. प्रेरित धारा की दिशा निम्न में से किससे प्राप्त होती है?
प्रश्न 25. विद्युत उपकरणों को भूसम्पर्कित किया जाता है ताकि-
प्रश्न 26. विद्युत चुंबक बनाया जाता है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
प्रश्न 27. विद्युत उपकरणों में भूसंपर्क तार (अर्थ) का उपयोग किया जाता है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)
प्रश्न 28. धारावाही चालक के लिए "दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम" में अँगूठा दर्शाता है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025; 2024)
प्रश्न 29. चित्रानुसार चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत रखे चालक में विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। चालक पर आरोपित बल की दिशा है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
[चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत रखे चालक में विद्युत धारा और बल की दिशा दर्शाने वाला आरेख]

धारा
चुम्बकीय क्षेत्र
प्रश्न 30. चुम्बक के सजातीय ध्रुवों में परस्पर होता है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
400
सजीव बुक्स
प्रश्न 31. विद्युत धारा उत्पन्न करने की युक्ति को कहते हैं-
प्रश्न 32. किसी विद्युत धारावाही सीधे चालक के चारों ओर उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा किसके द्वारा ज्ञात की जाती है?
#### उत्तर-तालिका
1. (ब) | 2. (द) | 3. (द) | 4. (द) | 5. (द) | 6. (स) | 7. (द) | 8. (स) | 9. (अ) | 10. (ब) | 11. (ब) |
12. (द) | 13. (स) | 14. (द) | 15. (अ) | 16. (द) | 17. (स) | 18. (ब) | 19. (स) | 20. (ब) | 21. (अ) | 22. (द) |
23. (ब) | 24. (अ) | 25. (अ) | 26. (ब) | 27. (ब) | 28. (स) | 29. (द) | 30. (ब) | 31. (अ) | 32. (ब) |
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
प्रश्न 1. विद्युत जनित्र यांत्रिक ऊर्जा को .............................. में बदलती है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)
प्रश्न 2. चुम्बक के सजातीय ध्रुवों में परस्पर .............................. होता है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
प्रश्न 3. किसी विद्युत धारावाही चालक से सम्बन्ध चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा .............................. हस्त अंगुष्ठ नियम से जानी जा सकती है।
प्रश्न 4. चुम्बक के विजातीय ध्रुवों में परस्पर .............................. होता है।
प्रश्न 5. घरेलू परिपथ में, .............................. के साथ लगाया जाता है।
प्रश्न 6. पास-पास लिपटे विधुतरोधी ताँबे के तार की अनेक फेरों वाली बेलनाकार कुण्डली को .............................. कहते हैं। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
प्रश्न 7. धारावाही वृत्ताकार चालक के आसपास .............................. उत्पन्न होता है।
प्रश्न 8. लघुपथन के समय, परिपथ में विद्युत धारा का मान .............................. जाता है।
प्रश्न 9. विद्युत धारावाही वृत्ताकार पाश के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र की प्रबलता, फेरों की संख्या में वृद्धि करने से .............................. । (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
उत्तरमाला- 1. विद्युत ऊर्जा 2. प्रतिकर्षर्ण 3. दक्षिण 4. आकर्षण 5. विद्युन्मय तार 6. परिनालिका 7. चुम्बकीय क्षेत्र 8. बहुत अधिक बढ़ 9. बढ़ती है।
सुमेलन सम्बन्धी प्रश्न-
प्रश्न 1. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-
कॉलम (P) | कॉलम (Q) |
(i) उदासीन तार | (A) फ्लेमिंग का वामहस्त नियम
(B) हरा या काला
(C) दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम
(D) फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम
(A) बंद वक्र
(B) आकर्षण
(C) प्रतिकर्षण
(D) समान चुम्बकीय क्षेत्र
(अ) दाईं ओर
(ब) बाईं ओर
(स) कागज़ से बाहर की ओर आते हुए
(द) कागज़ में भीतर की ओर जाते हुए
(a) धातु के चालक से विद्युत धारा प्रवाहित कराने पर दिक् सूचक में विक्षेपण
(b) सीधे चालक से विद्युत धारा प्रवाहित होने के कारण चुम्बकीय क्षेत्र
(c) विद्युत धारावाही पाश के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ
उत्तर-(a) [धातु के चालक से विद्युत धारा प्रवाहित कराने पर दिक् सूचक में विक्षेपण]
चित्र-धातु के चालक से विद्युत धारा प्रवाहित कराने पर दिक् सूचक सुई विक्षepित होती है। [किसी विद्युत धारावाही सीधे चालक तार के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र की क्षेत्र रेखाओं को निरूपित करता सकेन्द्रीय वृत्तों का पैटर्न (a) तथा प्राप्त पैटर्न का समीप दृश्य (b)]
चित्र-(a) किसी विद्युत धारावाही सीधे चालक तार के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र की क्षेत्र रेखाओं को निरूपित करता सकेन्द्रीय वृत्तों का पैटर्न। वृत्त पर अंकित तीर क्षेत्र रेखाओं की दिशाओं को दर्शाते हैं (b) प्राप्त पैटर्न का समीप दृश्य
(b) मैक्सवेल का कॉर्कस्क्रू नियम–इसके अनुसार–''यदि किसी कॉर्कस्क्रू को विद्युत धारा की दिशा में आगे बढ़ाते हैं तो कॉर्कस्क्रू के घूर्णन की दिशा चुंबकीय क्षेत्र की दिशा होती है।''
(c) फ्लेमिंग का वामहस्त (बायाँ हाथ) नियम–इस नियम के अनुसार–''यदि बाएँ हाथ की तर्जनी, मध्यमा तथा अँगूठे को इस प्रकार फैलाएँ कि ये तीनों एक-दूसरे के परस्पर लंबवत् हों। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा चालक में प्रवाहित विद्युत धारा की ओर संकेत करती है तो अँगूठा चालक की गति की दिशा अथवा चालक पर आरोपित बल की दिशा की ओर संकेत करेगा।''
[फ्लेमिंग का वामहस्त नियम (Fleming's left-hand rule) को दर्शाते हुए हाथ की उँगलियों का चित्र]
चित्र-फ्लेमिंग का वामहस्त नियम प्रश्न 4. घरेलू विद्युत परिपथ में अतिभारण व लघुपथन के कारणों को समझाइए। इनसे होने वाले नुकसान को बताते हुए इनसे बचने के उपाय सुझाइए। उत्तर–जब विद्युन्मय तार तथा उदासीन तार दोनों सीधे संपर्क में आते हैं तो अतिभारण हो सकता है। यह तब होता है जब तारों का विद्युतरोधन क्षतिग्रस्त हो जाता है अथवा साधिपत्र में कोई दोष होता है। ऐसी परिस्थितियों में किसी परिपथ में विद्युत धारा अकस्मात् बहुत अधिक हो जाती है। इसे लघुपथन कहते हैं। आपूर्ति वोल्टता में दुर्घटनावश होने वाली वृद्धि से भी कभी-कभी अतिभारण हो सकता है। कभी-कभी एक सॉकेट से बहुत से विद्युत साधिपत्रों को संयोजित करने से भी अतिभारण हो जाता है। अतिभारण व लघुपथन से हानि- (i) प्रतिरोध कम होने के कारण तारें अधिक गर्म हो जाती हैं, जिस कारण उनके ऊपर चढ़ा विद्युतरोधी पदार्थ जल जाता है। (ii) ऊपरी आवरण के हट जाने पर तारें नंगी हो जाती हैं, जिस कारण विद्युत शॉक लग सकता है। बचाव के उपाय- विद्युत परिपथ में लगा फ्यूज परिपथ तथा साधिपत्र को अतिभारण के कारण होने वाली क्षति से बचाता है। फ्यूजों में होने वाला जूल तापन फ्यूज को पिघला देता है जिससे विद्युत परिपथ टूट जाता है। विज्ञान कक्षा-X 413 प्रश्न 5. चुम्बकीय क्षेत्र से आप क्या समझते हैं? चुम्बकीय बल रेखाओं की विशेषताएँ लिखिए। किसी धारावाही वृत्ताकार कुण्डली द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक चित्र बनाइए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22) अथवा छड़ चुम्बक द्वारा संरक्षित चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की कोई 4 विशेषताएँ लिखिए। ( प्रश्न बैंक ) अथवा किसी धारावाही वृत्ताकार कुण्डली द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक चित्र बनाइए। ( प्रश्न बैंक ) उत्तर—चुम्बकीय क्षेत्र—किसी चुम्बक के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें उसके बल का संसूचन किया जा सकता है, उसे चुम्बक का चुम्बकीय क्षेत्र कहते हैं। चुम्बकीय बल रेखाओं की विशेषताएँ— (i) चुम्बकीय बल रेखाएँ काल्पनिक बन्द वक्र होती हैं। (ii) चुम्बक के बाहर बल रेखाओं की दिशा उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की ओर तथा चुम्बक के अन्दर दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर इंगित होती है। (iii) बन्द वक्र के किसी बिन्दु पर खींची गई स्पर्श रेखा उस बिन्दु पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा इंगित करती है। (iv) ये परस्पर एक-दूसरे को विच्छेदित नहीं करतीं। धारावाही वृत्ताकार कुण्डली द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र का चित्र— [धारावाही वृत्ताकार कुण्डली द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र का चित्र]
चित्र-धारावाही वृत्ताकार कुण्डली द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र और अध्याय देखें / Explore More ChaptersScience रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरणपढ़ें रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण Scienceअम्ल, क्षारक एवं लवणपढ़ें अम्ल, क्षारक एवं लवण Scienceधातु एवं अधातुपढ़ें धातु एवं अधातु Scienceकार्बन एवं उसके यौगिकपढ़ें कार्बन एवं उसके यौगिक Scienceजैव प्रक्रमपढ़ें जैव प्रक्रम Scienceनियंत्रण एवं समन्वयपढ़ें नियंत्रण एवं समन्वय Scienceजीव जनन कैसे करते हैंपढ़ें जीव जनन कैसे करते हैं Scienceआनुवंशिकतापढ़ें आनुवंशिकता |



