📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान — सभी पाठगत (In-text) एवं अभ्यास (Exercise) प्रश्नों के सटीक एवं संपूर्ण हल।
अध्याय 2 - अम्ल, क्षारक एवं लवण (Acids, Bases and Salts)
SECTION_SOLUTIONS_START: 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
पाठगत प्रश्न
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प्रश्न 1. आपको तीन परखनलीयाँ दी गई हैं। इनमें से एक में आसवित जल एवं शेष दो में से एक में अम्लीय विलयन तथा दूसरे में क्षारीय विलयन है। यदि आपको केवल लाल लिटमस पत्र दिया जाता है तो आप प्रत्येक परखनली में रखे गए पदार्थों की पहचान कैसे करेंगे?
उत्तर : तीनों परखनलियों में स्थित विलयन की क्रिया लाल लिटमस पत्र से करवाते हैं। जिस विलयन द्वारा यह लिटमस पत्र नीला हो जाएगा, वह विलयन क्षारीय होगा। अब इस नीले लिटमस पत्र की क्रिया शेष दोनों विलयनों से करवाते हैं। जिस विलयन द्वारा यह लिटमस पत्र पुनः लाल हो जाएगा, वह विलयन अम्लीय होगा तथा तीसरी परखनली में स्थित विलयन आसवित जल है। चूँकि आसवित जल उदासीन होता है अतः यह किसी भी लिटमस पत्र से कोई क्रिया नहीं करता। इस कारण यह उदासीन प्रकृति का होगा।
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प्रश्न 1. पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए?
उत्तर- दही एवं खट्टे पदार्थ अम्लीय होते हैं। यदि पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ रखे जायेंगे, तो वे अम्लों की उपस्थिति के कारण पीतल एवं ताँबा धातु की सतह से क्रिया कर विषैले यौगिकों/लवणों का निर्माण करेंगे, जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक होंगे। इसलिए पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही तथा खट्टे पदार्थों को नहीं रखना चाहिए।
प्रश्न 2. धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यतः कौन-सी गैस निकलती है? एक उदाहरण के द्वारा समझाइए। इस गैस की उपस्थिति की जाँच आप कैसे करेंगे?
उत्तर- धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यतः हाइड्रोजन गैस निकलती है, जैसे- दानेदार जिंक पर तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से जिंक सल्फेट तथा हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
(जिंक धातु) (सल्फ्यूरिक अम्ल) (जिंक सल्फेट) (लवण)
हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति की जाँच करने के लिए इसको साबुन के विलयन में प्रवाहित करते हैं जिससे बुलबुले बनते हैं तथा इसके पास जलती हुई मोमबत्ती ले जाने पर यह गैस नीली ज्वाला के साथ फट-फट की आवाज (Popping sound) के साथ जलती है।
प्रश्न 3. कोई धातु यौगिक 'A' तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है। इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। यदि उत्पन्न यौगिकों में से एक कैल्शियम क्लोराइड है तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
अथवा
(1) कोई धातु यौगिक 'A' तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है और पॉप की ध्वनि के साथ उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। धातु यौगिक 'A' क्या है?
(2) यदि उत्पन्न यौगिकों में से एक कैल्शियम क्लोराइड है, तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित समीकरण लिखिए। (प्रश्न बैंक)
अथवा
कोई धातु यौगिक 'A' तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है तथा इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। धातु यौगिक 'A' एवं उत्पन्न होने वाली गैस का नाम बताते हुए पूर्ण अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
उत्तर- धातु यौगिक 'A' कैल्शियम कार्बोनेट ( ) होगा। अभिक्रिया में उत्पन्न एक यौगिक कैल्शियम क्लोराइड है अतः यौगिक कैल्शियम युक्त होगा तथा उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है जो कि कार्बन डाइऑक्साइड ( ) होती है अतः यौगिक 'A' की क्रिया तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से इस प्रकार होगी-
(कैल्शियम क्लोराइड)
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प्रश्न 1. , आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज जैसे यौगिकों के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित होते हैं?
अथवा
जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण प्रदर्शित करते हैं जबकि ऐल्कोहॉल के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण प्रदर्शित नहीं होते हैं। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
उत्तर- , आदि जलीय विलयन में आयनित होकर या (हाइड्रोनियम आयन) आयन तथा ऋणायन एवं देते हैं अतः ये अम्लीय गुण दर्शाते हैं क्योंकि अम्ल वे होते हैं जो जलीय विलयन में या आयन देते हैं। लेकिन ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज के जलीय विलयन में या आयन नहीं बनते क्योंकि इनमें सहसंयोजी गुण होता है अतः ये अम्लीयता प्रदर्शित नहीं करते।
प्रश्न 2. अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत का चालन करता है?
उत्तर- अम्ल के जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयन या उत्पन्न होते हैं, जो विद्युत धारा के प्रवाह में सहायक होते हैं।
प्रश्न 3. शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र के रंग को क्यों नहीं बदलती है?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
उत्तर- शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस का आयनन नहीं होगा अतः यह या नहीं देगी अर्थात् अम्लीय गुण प्रदर्शित नहीं होगा। अतः या आयनों की अनुपस्थिति अर्थात् अम्लीय गुण की अनुपस्थिति के कारण शुष्क गैस द्वारा लिटमस पत्र के रंग में परिवर्तन नहीं होगा।
प्रश्न 4. अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए, न कि जल को अम्ल में?
उत्तर- अम्ल को तनुकृत करते समय अम्ल को जल में मिलाना चाहिए, न कि जल को अम्ल में; क्योंकि जल में अम्ल या क्षारक के घुलने की प्रक्रिया अत्यंत ऊष्माक्षेपी होती है। इसलिए जल में किसी सान्द्र अम्ल को सावधानीपूर्वक मिलाना चाहिए। अम्ल को हमेशा धीरे-धीरे तथा जल को लगातार हिलाते हुए जल में मिलाना चाहिए।
इसके विपरीत सान्द्र अम्ल में जल मिलाने पर उत्पन्न ऊष्मा के कारण मिश्रण आस्फलित होकर बाहर आ सकता है। इससे समीप व्यक्ति को हानि भी पहुँच सकती है। इससे स्थानीय ताप भी बढ़ जाता है, जिसके कारण उपयोग किया जाने वाला काँच का पात्र टूट भी सकता है।
**प्रश्न 5. अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन ( ) की सान्द्रता कैसे प्रभावित हो जाती है?**
उत्तर- अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय अर्थात् जल मिलाने पर आयन की सान्द्रता में प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है क्योंकि अम्ल में उपस्थित अनआयनित जल की मात्रा तो बढ़ती है परन्तु की मात्रा वही रहती है। परिणामस्वरूप की सान्द्रता लगातार घटती जाती है।
**प्रश्न 6. जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलाते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन ( ) की सान्द्रता कैसे प्रभावित होती है?**
उत्तर- जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलाते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन ( ) की सान्द्रता प्रति इकाई आयतन में बढ़ जाती है, क्योंकि मिलाए गए क्षारक से प्राप्त आयन, सान्द्रता में वृद्धि कर देते हैं।
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**प्रश्न 1. आपके पास दो विलयन 'A' एवं 'B' हैं। विलयन 'A' के का मान 6 है एवं विलयन 'B' के का मान 8 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता अधिक है? इनमें से कौन अम्लीय है तथा कौन क्षारीय?**
उत्तर- विलयन 'A' अम्लीय है ( का मान 6) क्योंकि का मान 7 से कम होने पर विलयन अम्लीय होता है।
विलयन 'B' क्षारीय है ( का मान 8) क्योंकि का मान 7 से अधिक होने पर विलयन क्षारीय होता है।
विलयन 'A' में हाइड्रोजन आयन सान्द्रता अधिक है क्योंकि हाइड्रोजन आयन सान्द्रता बढ़ने पर के मान में कमी होती है।
**प्रश्न 2. आयन की सान्द्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है?**
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
उत्तर- आयन की सान्द्रता बढ़ने पर विलयन अधिक अम्लीय हो जाता है तथा आयन की सान्द्रता घटने पर विलयन कम अम्लीय होता अर्थात् क्षारीय गुण बढ़ता जाता है।
**प्रश्न 3. क्या क्षारीय विलयन में आयन होते हैं? अगर हाँ, तो यह क्षारीय क्यों होते हैं?**
उत्तर- हाँ, क्षारीय विलयन में आयन होते हैं लेकिन क्षारीय विलयन में स्वतंत्र अवस्था में नहीं होते। क्षारीय विलयन में की तुलना में आयन अधिक मात्रा में होते हैं। अतः विलयन क्षारीय होता है।
प्रश्न 4. कोई किसान खेत की मृदा की किस परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्सियम कार्बोनेट) का उपयोग करेगा?
उत्तर : किसान अपने खेत की मिट्टी को बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्सियम कार्बोनेट) से उस समय उपचारित करेगा, जब मिट्टी में अम्लों की मात्रा आवश्यक मात्रा से अधिक हो जायेगी, क्योंकि ये सभी पदार्थ क्षारकीय प्रकृति के हैं, जो मिट्टी की अम्लीयता को उदासीन कर देंगे।
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प्रश्न 1. यौगिक का प्रचलित नाम क्या है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
उत्तर : का प्रचलित नाम विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) है।
प्रश्न 2. उस पदार्थ का नाम बताइए जो क्लोरीन से क्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाता है।
उत्तर : कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड जिसे बुझा हुआ चूना भी कहते हैं, की शुष्क अवस्था में गैस से क्रिया कराने पर विरंजक चूर्ण का निर्माण होता है।
प्रश्न 3. कठोर जल को मृदु करने के लिए किस सोडियम यौगिक का उपयोग किया जाता है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)
उत्तर : कठोर जल को मृदु करने के लिए सोडियम कार्बोनेट ( ) (धोने का सोडा) का उपयोग किया जाता है। इससे जल की स्थायी कठोरता को हटाया जाता है।
प्रश्न 4. सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर क्या होगा? इस अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए।
उत्तर : सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर , तथा गैस प्राप्त होते हैं।
अभिक्रिया का समीकरण-
(सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) (सोडियम कार्बोनेट)
प्रश्न 5. प्लास्टर ऑफ पेरिस की जल के साथ अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए।
उत्तर : प्लास्टर ऑफ पेरिस एक सफेद चूर्ण है जो जल मिलाने पर जिप्सम बनकर कठोर ठोस पदार्थ बना देता है।
(प्लास्टर ऑफ पेरिस) (जिप्सम)
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1. कोई विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है, इसका संभवतः क्या होगा?
उत्तर : (b)
प्रश्न 3. का विलयन, के विलयन से पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम के उसी विलयन का लें तो इसे उदासीन करने के लिए के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?
प्रश्न 13. प्लास्टर ऑफ पेरिस को आर्द्र-रोधी बर्तन में क्यों रखा जाना चाहिए? इसकी व्याख्या कीजिए।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
उत्तर- प्लास्टर ऑफ पेरिस नमी के सम्पर्क में आकर के अणुओं से क्रिया करके शीघ्रता से कठोर ठोस पदार्थ जिप्सम में बदल जाता है। इस कारण इसे आर्द्ररोधी बर्तन में रखा जाना चाहिए।
प्लास्टर ऑफ पेरिस जिप्सम
प्रश्न 14. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर- उदासीनीकरण अभिक्रिया- जब अम्ल किसी क्षार से अभिक्रिया करता है, तब लवण और जल बनते हैं। इसे ही 'उदासीनीकरण अभिक्रिया' कहते हैं।
इस अभिक्रिया में अम्ल द्वारा क्षारक का प्रभाव तथा क्षारक द्वारा अम्ल का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
उदाहरण-
(1)
(2)
प्रश्न 15. धोने का सोडा एवं बेकिंग सोडा के दो-दो प्रमुख उपयोग बताइए।
उत्तर-
धोने के सोडे के उपयोग-
(1) धोने का सोडा (सोडियम कार्बोनेट) बोरेक्स बनाने में प्रयुक्त होता है।
(2) सोडियम कार्बोनेट का उपयोग काँच, साबुन एवं कागज उद्योगों में होता है। इससे घरों की सफाई भी करते हैं।
बेकिंग सोडे का उपयोग-
(1) बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) का उपयोग सोडा अम्ल अग्निशामक में किया जाता है।
(2) यह ऐन्टैसिड होता है क्योंकि क्षारीय होने के कारण पेट में अम्ल की अधिकता को उदासीन करके राहत देता है।
SECTION_NOTES_START: 2. नोट्स: पाठ सार (Key Concepts & Summary)
पाठ सार
(1) अम्ल (Acid) - वे पदार्थ जो स्वाद में खट्टे होते हैं तथा नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं। अम्ल जलीय विलयन में या आयन उत्पन्न करते हैं। उदाहरण - , , , , , आदि।
(2) क्षारक (Base) - वे पदार्थ जिनका स्वाद कड़वा होता है तथा ये लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं। यदि क्षारक जलीय विलयन में आयन उत्पन्न करते हैं तो इन्हें क्षार कहते हैं।
उदाहरण - , , , , , आदि।
(3) सूचक (Indicators) - ऐसे पदार्थ जो विलयन (जलीय) में उपस्थित अम्ल या क्षार की उपस्थिति को रंग परिवर्तन या गंध परिवर्तन द्वारा सूचित करते हैं, सूचक कहलाते हैं। सूचकों के निम्न प्रकार हैं -
(4) अम्ल-क्षारक सूचक रंजकों के मिश्रण होते हैं जिन्हें अम्ल एवं क्षारक की उपस्थिति को सूचित करने के लिए उपयोग में लिया जाता है।
(5) लिटमस विलयन बैंगनी रंग का रंजक होता है जो थैलोफाइटा समूह के लिचेन/लाइकेन (Lichen) पौधे से निकाला जाता है।
(6) किसी अम्ल की धातु के साथ अभिक्रिया से हाइड्रोजन गैस उत्सर्जित होती है तथा संगत लवण बनता है।
उदाहरण :
(दानेदार जिंक + तनु सल्फ्यूरिक अम्ल जिंक सल्फेट + हाइड्रोजन गैस (फट-फट की ध्वनि के साथ दहन होता है))
(7) जब क्षारक किसी धातु से अभिक्रिया करता है तो हाइड्रोजन गैस का उत्सर्जन होता है तथा एक लवण बनता है किन्तु ऐसी अभिक्रियाएं सभी धातुओं के साथ संभव नहीं हैं।
(सोडियम जिंकट)
(8) अम्लों की क्रिया किसी धातु कार्बोनेट या धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट से कराने पर संगत लवण, तथा (जल) बनता है। जैसे -
(9) प्रत्येक रासायनिक अभिक्रिया दो विपरीत प्रकृति के पदार्थों/विलयनों के मध्य होती है। अम्ल की क्रिया क्षार से तथा क्षार की क्रिया अम्ल से होगी। अम्ल अन्य अम्ल से तथा क्षार अन्य क्षार से क्रिया नहीं करेगा।
(10) उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralisation reaction) - अम्ल और क्षारक परस्पर मिलकर लवण एवं जल बनाते हैं और इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं। यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
(11) धातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय होते हैं अतः ये अम्लों से क्रिया करके लवण व जल बनाते हैं।
(क्षारीय)
उदाहरण :
(12) अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं अतः ये क्षारकों से क्रिया करके लवण व जल का निर्माण करते हैं।
(अम्ल)
उदाहरण :
(13) अम्ल, क्षारक तथा लवण के जलीय विलयन विद्युत का चालन करते हैं क्योंकि इनके विलयन में मुक्त आयन होते हैं, जिनके कारण विद्युत का चालन होता है।
(14) क्षार-जल में घुलनशील क्षारकों को क्षार कहते हैं। ये संक्षारक (Corrosive) प्रकृति के होते हैं।
(15) अम्लीय या क्षारीय विलयन में जल मिलाने पर ( ) आयनों की सान्द्रता में प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है। इस प्रक्रिया को तनुकरण कहते हैं।
(16) जल में अम्ल या क्षारक के घुलने की प्रक्रिया अत्यंत ऊष्माक्षेपी होती है।
(17) अम्लों या क्षारकों की प्रबलता की जाँच स्केल (0-14) के उपयोग से करते हैं जो कि विलयन में उपस्थित या आयनों की सान्द्रता का माप होती है। इस में सूचक है 'पुसांस' (Potenz) जो एक जर्मन शब्द है, का अर्थ होता है 'शक्ति'।
(18) उदासीन विलयन के का मान 7 होता है। अम्लीय विलयन के का मान 7 से कम तथा क्षारीय विलयन के का मान 7 से अधिक होता है।
(19) अम्ल दो प्रकार के होते हैं-प्रबल अम्ल तथा दुर्बल अम्ल। विलयन में अधिक संख्या में या आयन देने वाले अम्ल, प्रबल अम्ल तथा आयन उत्पन्न करने वाले अम्ल, दुर्बल अम्ल कहलाते हैं।
प्रबल अम्ल के उदाहरण- आदि।
दुर्बल अम्ल के उदाहरण- आदि।
(20) अम्लों के समान ही क्षारक भी प्रबल क्षारक एवं दुर्बल क्षारक होते हैं जो विलयन में क्रमशः अधिक तथा कम आयन उत्पन्न करते हैं।
प्रबल क्षार के उदाहरण- आदि।
दुर्बल क्षार के उदाहरण- आदि।
(21) जीवों में उपापचय की क्रिया की एक अनुकूलतम सीमा में ही होती है।
(22) अम्लीय वर्षा-वर्षा के जल का मान जब 5.6 से कम हो जाता है तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। ऐसे जल में जीवों का जीवित रहना बहुत मुश्किल हो जाता है।
(23) मुँह के का मान 5.5 से कम होने पर दाँतों का क्षय होने लगता है।
(24) लवण (Salts)-जब अम्ल व क्षार के मध्य अभिक्रिया होती है तो लवण व जल का निर्माण होता है। यह एक ऊष्माक्षेपी तथा उदासीनीकरण प्रक्रिया है।
लवण मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं-
प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार लवण + जल
उदाहरण- , , , ,
2. दाँत साफ करने के लिए प्रयुक्त टूथपेस्ट की प्रकृति किस प्रकार की होती है?
4. शुद्ध जल का मान है-
अथवा
आसुत जल के का मान होता है- (प्रश्न बैंक)
6. अधातुओं के ऑक्साइड की प्रकृति होती है-
8. बेकिंग सोडा को गर्म करने पर बना यौगिक है-
10. ताजे दूध का मान 6 होता है। जब दूध दही में बदलता है, तो का मान होगा-
12. चींटी के डंक में पाया जाने वाला अम्ल है-
14. मधुमक्खी के डंक का इलाज किससे किया जा सकता है-
15. एक पौधे की किस्म 6.0 से 6.5 मान वाली मिट्टी में सबसे अच्छे रूप से विकसित होती है। यदि किसी खेत की मिट्टी का मान 4.5 है, पौधे को उगाने के लिए मिट्टी में किस पदार्थ को मिलाना चाहिए-
17. निम्न में से कौन अपच की दवा है?
18. अधिक खाने से अपच के कारण होने वाली बेचैनी क्या लेने से ठीक हो सकती है-
प्रश्न 20. रक्त (खून) का मान होता है-
प्रश्न 22. स्केल में 'P' सूचक है 'पुसांस' (Potenz) जो एक जर्मन शब्द है का अर्थ होता है-
प्रश्न 24. प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड मॉडल पेपर 2022-23)
अथवा
दाँतों के इनेमल का क्षय प्रारम्भ हो जाता है मुँह का मान-
प्रश्न 27. जिंक और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के मध्य अभिक्रिया से उत्पन्न गैस है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)
प्रश्न 29. जिप्सम को कितने ताप पर गर्म करने से प्लास्टर ऑफ पेरिस बनता है- (प्रश्न बैंक)
प्रश्न 31. धावन सोडा (सोडियम कार्बोनेट) में क्रिस्टलन जल के कितने अणु होते हैं? (प्रश्न बैंक)
उत्तर-
प्रश्न 2. जिंक की सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया पर गैस बनती है-
अथवा
जिंक की सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया पर कौनसी गैस बनती है? आप इसकी पहचान कैसे करेंगे?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)
उत्तर-
(i) गैस का नाम हाइड्रोजन ( ) गैस है।
(ii) क्रिया का समीकरण- ( )
(iii) गैस की पहचान-जलती हुई मोमबत्ती को गैस की परखनली के पास ले जाने पर यह फटफट की ध्वनि के साथ जलती है।
प्रश्न 3. (अ) सोडियम हाइड्रोक्साइड की जिंक धातु से होने वाली क्रिया से निकलने वाली गैस का नाम लिखिए। अभिक्रिया का समीकरण भी लिखिए।
(सोडियम जिंकेट)
प्रश्न 5. (i) निम्न को मान के बढ़ते क्रम (आरोही क्रम) में व्यवस्थित कीजिए- जठर रस, नींबू का रस, शुद्ध जल, रक्त, मिल्क ऑफ मैग्नीशिया, सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन।
(ii) प्रबलतम अम्ल तथा प्रबलतम क्षार के मान लिखिए।
(iii) प्रबल क्षार एवं दुर्बल अम्ल आपस में क्रिया कर लवण व जल बनाते हैं जिसे उदासीनीकरण अभिक्रिया के रूप में जाना जाता है परन्तु क्रिया के फलस्वरूप उत्पन्न ऊर्जा का मान कम होता है क्यों?
उत्तर-
उत्तर- (a) विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र निम्न है-
उपयोग-विरंजक चूर्ण का उपयोग पेयजल को शुद्ध करने में किया जाता है।
क्र.सं. | अम्ल (Acid) | क्षार (Base) |
1. | अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं। | जबकि क्षार स्वाद में कड़वे होते हैं। |
2. | ये नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं। | जबकि क्षार लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं। |
प्रश्न 8. (a) निम्नलिखित को सुमेलित करो-
A. संतरा (i) टार्टरिक अम्ल
B. आँवला (ii) एस्कॉर्बिक अम्ल
C. नेटल का डंक (iii) सिट्रिक अम्ल
D. इमली (iv) मेथेनॉइक अम्ल
उपयोग-(i) जल की स्थायी कठोरता को हटाने के लिए धावन सोडा का उपयोग किया जाता है।
(ii) इसका उपयोग बोरेक्स जैसे सोडियम यौगिक के उत्पादन में होता है।
प्रश्न 9. (i) गंधीय सूचक का कोई एक उदाहरण लिखिए।
(ii) चूने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित करने पर यौगिक [A] का श्वेत अवक्षेप बनता है, यदि इसमें अत्यधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित किया जाए तो एक जल में विलेयशील पदार्थ [B] बनता है। [A] व [B] के रासायनिक सूत्र तथा निहित रासायनिक अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
उत्तर- (i) गंधीय सूचक-कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं, जिनकी गंध अम्लीय या क्षारकीय माध्यम में भिन्न हो जाती है। इन्हें गंधीय (Olfactory) सूचक कहते हैं।
उदाहरण-वैनिला एसेंस, लौंग तेल, प्याज आदि।
(ii) चूने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित करने पर कैल्शियम कार्बोनेट का श्वेत अवक्षेप बनता है।
(चूने का पानी) (कार्बन डाइऑक्साइड) (कैल्शियम कार्बोनेट) (जल)
(श्वेत अवक्षेप)
यदि चूने के पानी में अत्यधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित करने पर विलेयशील पदार्थ कैल्शियम बाइकार्बोनेट बनता है।
(कैल्शियम कार्बोनेट) (जल) (कार्बन डाइऑक्साइड) (कैल्शियम बाइकार्बोनेट)
(जल में विलेयशील)
अतः पदार्थों [A] व [B] के रासायनिक सूत्र निम्न हैं-
[A] = ; [B] =
प्रश्न 10. (i) शुद्ध जल का मान लिखिए।
(ii) सोडियम कार्बोनेट के साथ हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की अभिक्रिया से यौगिक [A] बनता है। [A] को साधारण नमक भी कहते हैं। [A] के जलीय विलयन में विद्युत प्रवाहित करने पर सोडियम हाइड्रोक्साइड बनता है। [A] का रासायनिक नाम तथा निहित रासायनिक अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)
उत्तर- (i) शुद्ध जल का मान होता है।
(ii) सोडियम कार्बोनेट की तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से अभिक्रिया करवाने पर सोडियम क्लोराइड, जल तथा कार्बन डाइऑक्साइड बनते हैं।
विज्ञान कक्षा-X 63
सोडियम कार्बोनेट (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) (सोडियम क्लोराइड) (जल) (कार्बन डाइऑक्साइड)
(लवण)
सोडियम क्लोराइड को साधारण नमक भी कहते हैं।
सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन (लवण जल) से विद्युत प्रवाहित करने पर यह वियोजित होकर सोडियम हाइड्रॉक्साइड उत्पन्न करता है। इस प्रक्रिया को क्लोर-क्षार प्रक्रिया कहते हैं, क्योंकि इससे निर्मित उत्पाद क्लोरीन (क्लोर) एवं सोडियम हाइड्रॉक्साइड (क्षार) होते हैं।
सोडियम क्लोराइड सोडियम हाइड्रॉक्साइड क्लोरीन
(साधारण नमक)
क्लोरीन गैस ऐनोड पर एवं हाइड्रोजन गैस कैथोड पर मुक्त होती है। कैथोड पर सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन का निर्माण भी होता है।
अतः यौगिक [A] का रासायनिक नाम निम्न है-
[A] = = सोडियम क्लोराइड
प्रश्न 11. (i) अम्ल किसे कहते हैं?
(ii) क्या होता है, जब कोई अम्ल धातु के साथ अभिक्रिया करता है। समझाइए।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
उत्तर—(i) अम्ल-वे पदार्थ जो स्वाद में खट्टे होते हैं तथा नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं, अम्ल कहलाते हैं।
(ii) जब कोई अम्ल धातु के साथ अभिक्रिया करता है तो धातु अम्लों से हाइड्रोजन परमाणुओं को हाइड्रोजन गैस के रूप में विस्थापन करती है और एक यौगिक बनाता है, जिसे 'लवण' कहते हैं। अम्ल के साथ धातु की अभिक्रिया को इस प्रकार व्यक्त कर सकते हैं-
अम्ल + धातु लवण + हाइड्रोजन गैस
उदाहरण-जिंक पर सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से जिंक सल्फेट तथा हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
जिंक धातु सल्फ्यूरिक अम्ल जिंक सल्फेट
(लवण)
प्रश्न 12. (i) अधात्विक ऑक्साइड की प्रकृति कैसी होती है?
(ii) विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र लिखते हुए कोई तीन उपयोग लिखिए।
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)
उत्तर—(i) अधात्विक ऑक्साइड 'अम्लीय' प्रकृति के होते हैं।
(ii) विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र-
विरंजक चूर्ण का उपयोग-
प्रश्न 13. प्लास्टर ऑफ पेरिस के साथ
(अ) जल मिलाने के प्रभाव को समझाइए।
(ब) जल की अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
उत्तर—(अ) प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र है। इसमें जल मिलाने पर यह एक कठोर ठोस पदार्थ प्रदान करता है जिसे जिप्सम कहते हैं।
(ब) जल की अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण-
(प्लास्टर ऑफ पेरिस) (जिप्सम)
प्रश्न 14. (i) जलीय कॉपर सल्फेट और धोने का सोडा के क्रिस्टलीय अणुओं में उपस्थित क्रिस्टलन के जल के आधार पर विभेद कीजिए।
(ii) क्रिस्टलीय कॉपर सल्फेट को गर्म करने से उसके निम्नलिखित गुणों पर पड़ने वाले प्रभाव को समझाइए।
प्रश्न 15. (i) एक ग्वाला ताजे दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है, बेकिंग सोडा का सूत्र लिखिए व बताइए कि ताजा दूध के के मान को से बदलकर थोड़ा क्षारीय क्यों बना देता है?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
उत्तर : (i), (ii) के उत्तर के लिए पृष्ठ 41 पर प्रश्न 12 का अवलोकन करें।
(iii) धोने का सोडा का रासायनिक सूत्र होता है। इसका उपयोग बोरेक्स बनाने में होता है।
प्रश्न 16. (i) निम्न में उपस्थित अम्ल का नाम लिखिए।
(अ) सिरका (ब) संतरा (स) इमली (द) टमाटर
(ii) अम्लीय वर्षा किसे कहते हैं? समझाइए।
(iii) कोई किसान खेत की मृदा में किस परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्शियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्शियम कार्बोनेट) का उपयोग करेगा?
(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
उत्तर : (i)
प्राकृतिक स्रोत | प्राप्त अम्ल |
(अ) सिरका | ऐसीटिक अम्ल |
(ब) संतरा | सिट्रिक अम्ल |
(स) इमली | टार्टरिक अम्ल |
(द) टमाटर | ऑक्सैलिक अम्ल |
(ii) वर्षा के जल का मान जब से कम हो जाता है तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। ऐसे जल में जीवों का जीवित रहना बहुत मुश्किल हो जाता है।
(iii) उत्तर के लिए पृष्ठ 38 पर प्रश्न संख्या 4 का अवलोकन करें।
📝 2. नोट्स: पाठ सार (Key Concepts & Summary)
महत्वपूर्ण परिभाषाएं, रासायनिक समीकरण, नियम, सूत्र एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।
⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions)
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।