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विज्ञान (Science)हिंदी माध्यम2026-27

RBSE Class 10 Science Chapter 2 Solutions in Hindi — अम्ल, क्षारक एवं लवण | पासबुक हल, नोट्स

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-10📖 RBSE/NCERT Solutions
भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान — सभी पाठगत (In-text) एवं अभ्यास (Exercise) प्रश्नों के सटीक एवं संपूर्ण हल।

अध्याय 2 - अम्ल, क्षारक एवं लवण (Acids, Bases and Salts)

SECTION_SOLUTIONS_START: 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

पाठगत प्रश्न

पृष्ठ 20

प्रश्न 1. आपको तीन परखनलीयाँ दी गई हैं। इनमें से एक में आसवित जल एवं शेष दो में से एक में अम्लीय विलयन तथा दूसरे में क्षारीय विलयन है। यदि आपको केवल लाल लिटमस पत्र दिया जाता है तो आप प्रत्येक परखनली में रखे गए पदार्थों की पहचान कैसे करेंगे?

उत्तर : तीनों परखनलियों में स्थित विलयन की क्रिया लाल लिटमस पत्र से करवाते हैं। जिस विलयन द्वारा यह लिटमस पत्र नीला हो जाएगा, वह विलयन क्षारीय होगा। अब इस नीले लिटमस पत्र की क्रिया शेष दोनों विलयनों से करवाते हैं। जिस विलयन द्वारा यह लिटमस पत्र पुनः लाल हो जाएगा, वह विलयन अम्लीय होगा तथा तीसरी परखनली में स्थित विलयन आसवित जल है। चूँकि आसवित जल उदासीन होता है अतः यह किसी भी लिटमस पत्र से कोई क्रिया नहीं करता। इस कारण यह उदासीन प्रकृति का होगा।

पृष्ठ 24

प्रश्न 1. पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए?

उत्तर- दही एवं खट्टे पदार्थ अम्लीय होते हैं। यदि पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ रखे जायेंगे, तो वे अम्लों की उपस्थिति के कारण पीतल एवं ताँबा धातु की सतह से क्रिया कर विषैले यौगिकों/लवणों का निर्माण करेंगे, जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक होंगे। इसलिए पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही तथा खट्टे पदार्थों को नहीं रखना चाहिए।

प्रश्न 2. धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यतः कौन-सी गैस निकलती है? एक उदाहरण के द्वारा समझाइए। इस गैस की उपस्थिति की जाँच आप कैसे करेंगे?

उत्तर- धातु के साथ अम्ल की अभिक्रिया होने पर सामान्यतः हाइड्रोजन गैस निकलती है, जैसे- दानेदार जिंक पर तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से जिंक सल्फेट तथा हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।

Zn(s)+H2SO4(aq)ZnSO4(aq)+H2(g)Zn_{(s)}+H_{2}SO_{4}(aq) \rightarrow ZnSO_{4}(aq)+H_{2}(g) \uparrow

(जिंक धातु) (सल्फ्यूरिक अम्ल) (जिंक सल्फेट) (लवण)

हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति की जाँच करने के लिए इसको साबुन के विलयन में प्रवाहित करते हैं जिससे बुलबुले बनते हैं तथा इसके पास जलती हुई मोमबत्ती ले जाने पर यह गैस नीली ज्वाला के साथ फट-फट की आवाज (Popping sound) के साथ जलती है।

प्रश्न 3. कोई धातु यौगिक 'A' तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है। इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। यदि उत्पन्न यौगिकों में से एक कैल्शियम क्लोराइड है तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।

अथवा

(1) कोई धातु यौगिक 'A' तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है और पॉप की ध्वनि के साथ उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। धातु यौगिक 'A' क्या है?

(2) यदि उत्पन्न यौगिकों में से एक कैल्शियम क्लोराइड है, तो इस अभिक्रिया के लिए संतुलित समीकरण लिखिए। (प्रश्न बैंक)

अथवा

कोई धातु यौगिक 'A' तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है तो बुदबुदाहट उत्पन्न होती है तथा इससे उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है। धातु यौगिक 'A' एवं उत्पन्न होने वाली गैस का नाम बताते हुए पूर्ण अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)

उत्तर- धातु यौगिक 'A' कैल्शियम कार्बोनेट ( CaCO3CaCO_{3} ) होगा। अभिक्रिया में उत्पन्न एक यौगिक कैल्शियम क्लोराइड है अतः यौगिक कैल्शियम युक्त होगा तथा उत्पन्न गैस जलती मोमबत्ती को बुझा देती है जो कि कार्बन डाइऑक्साइड ( CO2CO_{2} ) होती है अतः यौगिक 'A' CaCO3CaCO_{3} की क्रिया तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से इस प्रकार होगी-

CaCO3(s)+2HCl(aq)CaCl2(aq)+H2O(l)+CO2(g)CaCO_{3}(s)+2HCl(aq) \rightarrow CaCl_{2}(aq)+H_{2}O(l)+CO_{2}(g) \uparrow

(कैल्शियम क्लोराइड)

पृष्ठ 27

प्रश्न 1. HClHCl , HNO3HNO_{3} आदि जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण क्यों प्रदर्शित करते हैं, जबकि ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज जैसे यौगिकों के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण नहीं प्रदर्शित होते हैं?

अथवा

HClHCl जलीय विलयन में अम्लीय अभिलक्षण प्रदर्शित करते हैं जबकि ऐल्कोहॉल के विलयनों में अम्लीयता के अभिलक्षण प्रदर्शित नहीं होते हैं। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

उत्तर- HClHCl , HNO3HNO_{3} आदि जलीय विलयन में आयनित होकर H+(aq)H^{+}(aq) या H3O+H_{3}O^{+} (हाइड्रोनियम आयन) आयन तथा ऋणायन Cl(aq)Cl^{-}(aq) एवं NO3(aq)NO_{3}^{-}(aq) देते हैं अतः ये अम्लीय गुण दर्शाते हैं क्योंकि अम्ल वे होते हैं जो जलीय विलयन में H+(aq)H^{+}(aq) या H3O+H_{3}O^{+} आयन देते हैं। लेकिन ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज के जलीय विलयन में H+(aq)H^{+}(aq) या H3O+H_{3}O^{+} आयन नहीं बनते क्योंकि इनमें सहसंयोजी गुण होता है अतः ये अम्लीयता प्रदर्शित नहीं करते।

प्रश्न 2. अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत का चालन करता है?

उत्तर- अम्ल के जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयन H+(aq)H^{+}(aq) या H3O+H_{3}O^{+} उत्पन्न होते हैं, जो विद्युत धारा के प्रवाह में सहायक होते हैं।

प्रश्न 3. शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र के रंग को क्यों नहीं बदलती है?

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

उत्तर- शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस का आयनन नहीं होगा अतः यह H+(aq)H^{+}(aq) या H3O+H_{3}O^{+} नहीं देगी अर्थात् अम्लीय गुण प्रदर्शित नहीं होगा। अतः H+(aq)H^{+}(aq) या H3O+H_{3}O^{+} आयनों की अनुपस्थिति अर्थात् अम्लीय गुण की अनुपस्थिति के कारण शुष्क HClHCl गैस द्वारा लिटमस पत्र के रंग में परिवर्तन नहीं होगा।

प्रश्न 4. अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए, न कि जल को अम्ल में?

उत्तर- अम्ल को तनुकृत करते समय अम्ल को जल में मिलाना चाहिए, न कि जल को अम्ल में; क्योंकि जल में अम्ल या क्षारक के घुलने की प्रक्रिया अत्यंत ऊष्माक्षेपी होती है। इसलिए जल में किसी सान्द्र अम्ल को सावधानीपूर्वक मिलाना चाहिए। अम्ल को हमेशा धीरे-धीरे तथा जल को लगातार हिलाते हुए जल में मिलाना चाहिए।

इसके विपरीत सान्द्र अम्ल में जल मिलाने पर उत्पन्न ऊष्मा के कारण मिश्रण आस्फलित होकर बाहर आ सकता है। इससे समीप व्यक्ति को हानि भी पहुँच सकती है। इससे स्थानीय ताप भी बढ़ जाता है, जिसके कारण उपयोग किया जाने वाला काँच का पात्र टूट भी सकता है।

**प्रश्न 5. अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन ( H3O+H_{3}O^{+} ) की सान्द्रता कैसे प्रभावित हो जाती है?**

उत्तर- अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय अर्थात् जल मिलाने पर H3O+H_{3}O^{+} आयन की सान्द्रता में प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है क्योंकि अम्ल में उपस्थित अनआयनित जल की मात्रा तो बढ़ती है परन्तु H3O+H_{3}O^{+} की मात्रा वही रहती है। परिणामस्वरूप H3O+H_{3}O^{+} की सान्द्रता लगातार घटती जाती है।

**प्रश्न 6. जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलाते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन ( OHOH^{-} ) की सान्द्रता कैसे प्रभावित होती है?**

उत्तर- जब सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आधिक्य क्षारक मिलाते हैं तो हाइड्रॉक्साइड आयन ( OHOH^{-} ) की सान्द्रता प्रति इकाई आयतन में बढ़ जाती है, क्योंकि मिलाए गए क्षारक से प्राप्त OHOH^{-} आयन, सान्द्रता में वृद्धि कर देते हैं।

पृष्ठ 31

**प्रश्न 1. आपके पास दो विलयन 'A' एवं 'B' हैं। विलयन 'A' के pHpH का मान 6 है एवं विलयन 'B' के pHpH का मान 8 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता अधिक है? इनमें से कौन अम्लीय है तथा कौन क्षारीय?**

उत्तर- विलयन 'A' अम्लीय है ( pHpH का मान 6) क्योंकि pHpH का मान 7 से कम होने पर विलयन अम्लीय होता है।

विलयन 'B' क्षारीय है ( pHpH का मान 8) क्योंकि pHpH का मान 7 से अधिक होने पर विलयन क्षारीय होता है।

विलयन 'A' में हाइड्रोजन आयन सान्द्रता अधिक है क्योंकि हाइड्रोजन आयन सान्द्रता बढ़ने पर pHpH के मान में कमी होती है।

**प्रश्न 2. H+(aq)H^{+}(aq) आयन की सान्द्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है?**

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

उत्तर- H+(aq)H^{+}(aq) आयन की सान्द्रता बढ़ने पर विलयन अधिक अम्लीय हो जाता है तथा H+(aq)H^{+}(aq) आयन की सान्द्रता घटने पर विलयन कम अम्लीय होता अर्थात् क्षारीय गुण बढ़ता जाता है।

अम्लीयगुणH+(aq)आयनकीसान्द्रता\text{अम्लीय} \text{गुण}∝H^{+}(aq) \text{आयन} \text{की} \text{सान्द्रता}

**प्रश्न 3. क्या क्षारीय विलयन में H+(aq)H^{+}(aq) आयन होते हैं? अगर हाँ, तो यह क्षारीय क्यों होते हैं?**

उत्तर- हाँ, क्षारीय विलयन में H+(aq)H^{+}(aq) आयन होते हैं लेकिन क्षारीय विलयन में H+(aq)H^{+}(aq) स्वतंत्र अवस्था में नहीं होते। क्षारीय विलयन में H+(aq)H^{+}(aq) की तुलना में OH(aq)OH^{-}(aq) आयन अधिक मात्रा में होते हैं। अतः विलयन क्षारीय होता है।

प्रश्न 4. कोई किसान खेत की मृदा की किस परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्सियम कार्बोनेट) का उपयोग करेगा?

उत्तर : किसान अपने खेत की मिट्टी को बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्सियम कार्बोनेट) से उस समय उपचारित करेगा, जब मिट्टी में अम्लों की मात्रा आवश्यक मात्रा से अधिक हो जायेगी, क्योंकि ये सभी पदार्थ क्षारकीय प्रकृति के हैं, जो मिट्टी की अम्लीयता को उदासीन कर देंगे।

पृष्ठ 36

प्रश्न 1. CaOCl2CaOCl_{2} यौगिक का प्रचलित नाम क्या है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)

उत्तर : CaOCl2CaOCl_{2} का प्रचलित नाम विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) है।

प्रश्न 2. उस पदार्थ का नाम बताइए जो क्लोरीन से क्रिया करके विरंजक चूर्ण बनाता है।

उत्तर : Ca(OH)2Ca(OH)_{2} कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड जिसे बुझा हुआ चूना भी कहते हैं, की शुष्क अवस्था में Cl2Cl_{2} गैस से क्रिया कराने पर विरंजक चूर्ण का निर्माण होता है।

Ca(OH)2+Cl2CaOCl2+H2OCa(OH)_{2}+Cl_{2} \rightarrow CaOCl_{2}+H_{2}O

प्रश्न 3. कठोर जल को मृदु करने के लिए किस सोडियम यौगिक का उपयोग किया जाता है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)

उत्तर : कठोर जल को मृदु करने के लिए सोडियम कार्बोनेट ( Na2CO310H2ONa_{2}CO_{3}·10H_{2}O ) (धोने का सोडा) का उपयोग किया जाता है। इससे जल की स्थायी कठोरता को हटाया जाता है।

प्रश्न 4. सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर क्या होगा? इस अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए।

उत्तर : सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट के विलयन को गर्म करने पर Na2CO3Na_{2}CO_{3} , H2OH_{2}O तथा CO2CO_{2} गैस प्राप्त होते हैं।

अभिक्रिया का समीकरण-

2NaHCO3गर्मNa2CO3+H2O+CO22NaHCO_{3} \rightarrow \text{गर्म}Na_{2}CO_{3}+H_{2}O+CO_{2} \uparrow

(सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) (सोडियम कार्बोनेट)

प्रश्न 5. प्लास्टर ऑफ पेरिस की जल के साथ अभिक्रिया के लिए समीकरण लिखिए।

उत्तर : प्लास्टर ऑफ पेरिस एक सफेद चूर्ण है जो जल मिलाने पर जिप्सम बनकर कठोर ठोस पदार्थ बना देता है।

CaSO412H2O+112H2OCaSO42H2OCaSO_{4}·\frac{1}{2}H_{2}O+1\frac{1}{2}H_{2}O \rightarrow CaSO_{4}·2H_{2}O

(प्लास्टर ऑफ पेरिस) (जिप्सम)

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1. कोई विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है, इसका pHpH संभवतः क्या होगा?

(a) 1 (b) 4 (c) 5 (d) 10
(a) NaClNaCl (b) HClHCl (c) LiClLiCl (d) KClKCl

उत्तर : (b) HClHCl

प्रश्न 3. NaOHNaOH का 10mL10 mL विलयन, HClHCl के 8mL8 mL विलयन से पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम NaOHNaOH के उसी विलयन का 20mL20 mL लें तो इसे उदासीन करने के लिए HClHCl के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?

(a) 4mL4 mL (b) 8mL8 mL (c) 12mL12 mL (d) 16mL16 mL
(a) एंटीबायोटिक (प्रतिजैविक)
(b) ऐनलजेसिक (पीड़ाहारी)
(c) ऐन्टैसिड
(d) एंटीसेप्टिक (प्रतिरोधी)
(a) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल दानेदार जिंक के साथ अभिक्रिया करता है।
(b) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मैग्नीशियम पट्टी के साथ अभिक्रिया करता है।
(c) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल ऐलुमिनियम चूर्ण के साथ अभिक्रिया करता है।
(d) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लौह के रेतन के साथ अभिक्रिया करता है।
(a) जिंक + तनु सल्फ्यूरिक अम्ल \rightarrow जिंक सल्फेट + हाइड्रोजन गैस

Zn(s)+H2SO4(aq)ZnSO4(aq)+H2(g)Zn_{(s)}+H_{2}SO_{4}(aq) \rightarrow ZnSO_{4}(aq)+H_{2}(g) \uparrow

(b) मैग्नीशियम + तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल \rightarrow मैग्नीशियम क्लोराइड + हाइड्रोजन गैस
(c) ऐलुमिनियम + तनु सल्फ्यूरिक अम्ल \rightarrow ऐलुमिनियम सल्फेट + हाइड्रोजन गैस

2Al(s)+3H2SO4(aq)Al2(SO4)3(aq)+3H2(g)2Al_{(s)}+3H_{2}SO_{4}(aq) \rightarrow Al_{2}(SO_{4})_{3}(aq)+3H_{2}(g) \uparrow

(d) लोहा + तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल \rightarrow आयरन क्लोराइड + हाइड्रोजन गैस
(a) उदासीन है?
(b) प्रबल क्षारीय है?
(c) प्रबल अम्लीय है?
(d) दुर्बल अम्लीय है?
(a) उदासीन - pH7pH 7 वाला विलयन D उदासीन है।
(b) प्रबल क्षारीय - pH11pH 11 वाला विलयन C प्रबल क्षारीय है।
(c) प्रबल अम्लीय - pH1pH 1 वाला विलयन B प्रबल अम्लीय है।
(d) दुर्बल अम्लीय - pH4pH 4 वाला विलयन A दुर्बल अम्लीय है।
(a) ताजा दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाने पर दूध का pHpH मान 66 से बदलकर थोड़ा क्षारीय हो जाता है अर्थात् pHpH का मान बढ़ जाता है क्योंकि बेकिंग सोडा ( NaHCO3NaHCO_{3} ) जिसे सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट कहते हैं, क्षारीय होता है। यह दुर्बल अम्ल तथा प्रबल क्षार का लवण है अतः विलयन क्षारीय हो जाएगा। इससे दूध के परिरक्षण में बनने वाला लैक्टिक अम्ल उदासीन हो जाता है, जिससे दूध जल्दी खराब नहीं होगा।
(b) बेकिंग सोडा युक्त दूध को दही बनने में अधिक समय लगता है क्योंकि दूध से दही बनना किण्वन की प्रक्रिया है, जो कि एक निश्चित pHpH मान पर ही होती है, जो कि लगभग 77 अर्थात् उदासीन माध्यम होना चाहिए जबकि NaHCO3NaHCO_{3} (बेकिंग सोडा) मिलाने पर विलयन की pHpH बढ़ जाती है। इससे दूध से दही बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है अर्थात् दूध को क्षारीय से अम्लीय होने में अधिक समय लगता है, इसलिए इस दूध को दही बनने में अधिक समय लगता है।

प्रश्न 13. प्लास्टर ऑफ पेरिस को आर्द्र-रोधी बर्तन में क्यों रखा जाना चाहिए? इसकी व्याख्या कीजिए।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

उत्तर- प्लास्टर ऑफ पेरिस नमी के सम्पर्क में आकर H2OH_{2}O के अणुओं से क्रिया करके शीघ्रता से कठोर ठोस पदार्थ जिप्सम में बदल जाता है। इस कारण इसे आर्द्ररोधी बर्तन में रखा जाना चाहिए।

CaSO412H2O+112H2OCaSO42H2OCaSO_{4}·\frac{1}{2}H_{2}O+1\frac{1}{2}H_{2}O \rightarrow CaSO_{4}·2H_{2}O

प्लास्टर ऑफ पेरिस जिप्सम

प्रश्न 14. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर- उदासीनीकरण अभिक्रिया- जब अम्ल किसी क्षार से अभिक्रिया करता है, तब लवण और जल बनते हैं। इसे ही 'उदासीनीकरण अभिक्रिया' कहते हैं।

क्षारक+अम्ललवण+जल\text{क्षारक}+\text{अम्ल} \rightarrow \text{लवण}+\text{जल}

इस अभिक्रिया में अम्ल द्वारा क्षारक का प्रभाव तथा क्षारक द्वारा अम्ल का प्रभाव समाप्त हो जाता है।

उदाहरण-

(1) NaOH(aq)+HCl(aq)NaCl(aq)+H2O(l)NaOH(aq)+HCl(aq) \rightarrow NaCl(aq)+H_{2}O(l)

क्षारअम्ललवणजल\text{क्षार}\text{अम्ल}\text{लवण}\text{जल}

(2) KOH(aq)+HNO3(aq)KNO3(aq)+H2O(l)KOH(aq)+HNO_{3}(aq) \rightarrow KNO_{3}(aq)+H_{2}O(l)

क्षारअम्ललवणजल\text{क्षार}\text{अम्ल}\text{लवण}\text{जल}

प्रश्न 15. धोने का सोडा एवं बेकिंग सोडा के दो-दो प्रमुख उपयोग बताइए।

उत्तर-

धोने के सोडे के उपयोग-

(1) धोने का सोडा (सोडियम कार्बोनेट) बोरेक्स बनाने में प्रयुक्त होता है।

(2) सोडियम कार्बोनेट का उपयोग काँच, साबुन एवं कागज उद्योगों में होता है। इससे घरों की सफाई भी करते हैं।

बेकिंग सोडे का उपयोग-

(1) बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) का उपयोग सोडा अम्ल अग्निशामक में किया जाता है।

(2) यह ऐन्टैसिड होता है क्योंकि क्षारीय होने के कारण पेट में अम्ल की अधिकता को उदासीन करके राहत देता है।

SECTION_NOTES_START: 2. नोट्स: पाठ सार (Key Concepts & Summary)

पाठ सार

(1) अम्ल (Acid) - वे पदार्थ जो स्वाद में खट्टे होते हैं तथा नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं। अम्ल जलीय विलयन में H(aq)+H_{(aq)}^{+} या H3O+H_{3}O^{+} आयन उत्पन्न करते हैं। उदाहरण - HClHCl , HNO3HNO_{3} , H2SO4H_{2}SO_{4} , H2SH_{2}S , CH3COOHCH_{3}COOH , HIHI आदि।

(2) क्षारक (Base) - वे पदार्थ जिनका स्वाद कड़वा होता है तथा ये लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं। यदि क्षारक जलीय विलयन में OH(aq)OH_{(aq)}^{-} आयन उत्पन्न करते हैं तो इन्हें क्षार कहते हैं।

उदाहरण - NaOHNaOH , KOHKOH , Al(OH)3Al(OH)_{3} , NH4OHNH_{4}OH , Ca(OH)2Ca(OH)_{2} , Mg(OH)2Mg(OH)_{2} आदि।

(3) सूचक (Indicators) - ऐसे पदार्थ जो विलयन (जलीय) में उपस्थित अम्ल या क्षार की उपस्थिति को रंग परिवर्तन या गंध परिवर्तन द्वारा सूचित करते हैं, सूचक कहलाते हैं। सूचकों के निम्न प्रकार हैं -

(A) रंग सूचक - ये रंग परिवर्तन द्वारा सूचित करते हैं। ये मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं -
(B) गंध सूचक/गंधीय सूचक - ऐसे सूचक जिनकी गंध अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है, गंधीय सूचक कहलाते हैं। उदाहरण - प्याज, वैनिला एसेंस, लौंग तेल आदि।
(C) सार्वत्रिक सूचक - यह अनेक सूचकों का मिश्रण होता है जो किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन की विभिन्न सान्द्रताओं पर विभिन्न रंगों को प्रदर्शित करता है।

(4) अम्ल-क्षारक सूचक रंजकों के मिश्रण होते हैं जिन्हें अम्ल एवं क्षारक की उपस्थिति को सूचित करने के लिए उपयोग में लिया जाता है।

(5) लिटमस विलयन बैंगनी रंग का रंजक होता है जो थैलोफाइटा समूह के लिचेन/लाइकेन (Lichen) पौधे से निकाला जाता है।

(6) किसी अम्ल की धातु के साथ अभिक्रिया से हाइड्रोजन गैस उत्सर्जित होती है तथा संगत लवण बनता है।

धातु+तनुअम्लधातुलवण+हाइड्रोजनगैस\text{धातु}+\text{तनु} \text{अम्ल} \rightarrow \text{धातु} \text{लवण}+\text{हाइड्रोजन} \text{गैस}

उदाहरण : Zn(s)+H2SO4(dil)ZnSO4(aq)+H2(g)Zn_{(s)}+H_{2}SO_{4(dil)} \rightarrow ZnSO_{4(aq)}+H_{2(g)}

(दानेदार जिंक + तनु सल्फ्यूरिक अम्ल \rightarrow जिंक सल्फेट + हाइड्रोजन गैस (फट-फट की ध्वनि के साथ दहन होता है))

(7) जब क्षारक किसी धातु से अभिक्रिया करता है तो हाइड्रोजन गैस का उत्सर्जन होता है तथा एक लवण बनता है किन्तु ऐसी अभिक्रियाएं सभी धातुओं के साथ संभव नहीं हैं।

Zn(s)+2NaOH(aq)Na2ZnO2(s)+H2(g)Zn_{(s)}+2NaOH_{(aq)} \rightarrow Na_{2}ZnO_{2(s)}+H_{2(g)}

(सोडियम जिंकट)

(8) अम्लों की क्रिया किसी धातु कार्बोनेट या धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट से कराने पर संगत लवण, CO2CO_{2} तथा H2OH_{2}O (जल) बनता है। जैसे -

Na2CO3(s)+2HCl(aq)2NaCl(aq)+H2O(l)+CO2(g)Na_{2}CO_{3(s)}+2HCl_{(aq)} \rightarrow 2NaCl_{(aq)}+H_{2}O_{(l)}+CO_{2(g)}

NaHCO3(s)+HCl(aq)NaCl(aq)+H2O(l)+CO2(g)NaHCO_{3(s)}+HCl_{(aq)} \rightarrow NaCl_{(aq)}+H_{2}O_{(l)}+CO_{2(g)}

(9) प्रत्येक रासायनिक अभिक्रिया दो विपरीत प्रकृति के पदार्थों/विलयनों के मध्य होती है। अम्ल की क्रिया क्षार से तथा क्षार की क्रिया अम्ल से होगी। अम्ल अन्य अम्ल से तथा क्षार अन्य क्षार से क्रिया नहीं करेगा।

(10) उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralisation reaction) - अम्ल और क्षारक परस्पर मिलकर लवण एवं जल बनाते हैं और इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं। यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।

NaOH(aq)+HCl(aq)NaCl(aq)+H2O(l)NaOH_{(aq)}+HCl_{(aq)} \rightarrow NaCl_{(aq)}+H_{2}O_{(l)}

(11) धातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय होते हैं अतः ये अम्लों से क्रिया करके लवण व जल बनाते हैं।

धातुऑक्साइड+अम्ललवण+जल\text{धातु} \text{ऑक्साइड}+\text{अम्ल} \rightarrow \text{लवण}+\text{जल}

(क्षारीय)

उदाहरण : CaO+2HClCaCl2+H2OCaO+2HCl \rightarrow CaCl_{2}+H_{2}O

कैल्शियमहाइड्रोक्लोरिककैल्शियमजल\text{कैल्शियम}\text{हाइड्रोक्लोरिक}\text{कैल्शियम}\text{जल}

ऑक्साइडअम्लक्लोराइड\text{ऑक्साइड}\text{अम्ल}\text{क्लोराइड}

(12) अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं अतः ये क्षारकों से क्रिया करके लवण व जल का निर्माण करते हैं।

अधात्विकऑक्साइड+क्षारकलवण+जल\text{अधात्विक} \text{ऑक्साइड}+\text{क्षारक} \rightarrow \text{लवण}+\text{जल}

(अम्ल)

उदाहरण : 2NaOH+CO2Na2CO3+H2O2NaOH+CO_{2} \rightarrow Na_{2}CO_{3}+H_{2}O

सोडियमकार्बनडाईसोडियमजल\text{सोडियम}\text{कार्बन} \text{डाई}\text{सोडियम}\text{जल}

हाइड्रॉक्साइडऑक्साइडकार्बोनेट\text{हाइड्रॉक्साइड}\text{ऑक्साइड}\text{कार्बोनेट}

(13) अम्ल, क्षारक तथा लवण के जलीय विलयन विद्युत का चालन करते हैं क्योंकि इनके विलयन में मुक्त आयन होते हैं, जिनके कारण विद्युत का चालन होता है।

(14) क्षार-जल में घुलनशील क्षारकों को क्षार कहते हैं। ये संक्षारक (Corrosive) प्रकृति के होते हैं।

(15) अम्लीय या क्षारीय विलयन में जल मिलाने पर ( H3O+/OHH_{3}O^{+}/OH^{-} ) आयनों की सान्द्रता में प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है। इस प्रक्रिया को तनुकरण कहते हैं।

(16) जल में अम्ल या क्षारक के घुलने की प्रक्रिया अत्यंत ऊष्माक्षेपी होती है।

(17) अम्लों या क्षारकों की प्रबलता की जाँच pHpH स्केल (0-14) के उपयोग से करते हैं जो कि विलयन में उपस्थित H(aq)H^{⊕}(aq) या H3OH_{3}O^{⊕} आयनों की सान्द्रता का माप होती है। इस pHpH में PP सूचक है 'पुसांस' (Potenz) जो एक जर्मन शब्द है, का अर्थ होता है 'शक्ति'।

(18) उदासीन विलयन के pHpH का मान 7 होता है। अम्लीय विलयन के pHpH का मान 7 से कम तथा क्षारीय विलयन के pHpH का मान 7 से अधिक होता है।

(19) अम्ल दो प्रकार के होते हैं-प्रबल अम्ल तथा दुर्बल अम्ल। विलयन में अधिक संख्या में H(aq)H^{⊕}(aq) या H3OH_{3}O^{⊕} आयन देने वाले अम्ल, प्रबल अम्ल तथा H+H^{+} आयन उत्पन्न करने वाले अम्ल, दुर्बल अम्ल कहलाते हैं।

प्रबल अम्ल के उदाहरण- HCl,HI,HNO3,H2SO4HCl, HI, HNO_{3},H_{2}SO_{4} आदि।

दुर्बल अम्ल के उदाहरण- CH3COOH,HCOOH,H2SCH_{3}COOH, HCOOH, H_{2}S आदि।

(20) अम्लों के समान ही क्षारक भी प्रबल क्षारक एवं दुर्बल क्षारक होते हैं जो विलयन में क्रमशः अधिक तथा कम OH(aq)OH^{-}(aq) आयन उत्पन्न करते हैं।

प्रबल क्षार के उदाहरण- NaOH,KOH,Ca(OH)2NaOH, KOH, Ca(OH)_{2} आदि।

दुर्बल क्षार के उदाहरण- NH4OH,Na2CO3,NaHCO3NH_{4}OH, Na_{2}CO_{3},NaHCO_{3} आदि।

(21) जीवों में उपापचय की क्रिया pHpH की एक अनुकूलतम सीमा में ही होती है।

(22) अम्लीय वर्षा-वर्षा के जल का pHpH मान जब 5.6 से कम हो जाता है तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। ऐसे जल में जीवों का जीवित रहना बहुत मुश्किल हो जाता है।

(23) मुँह के pHpH का मान 5.5 से कम होने पर दाँतों का क्षय होने लगता है।

(24) लवण (Salts)-जब अम्ल व क्षार के मध्य अभिक्रिया होती है तो लवण व जल का निर्माण होता है। यह एक ऊष्माक्षेपी तथा उदासीनीकरण प्रक्रिया है।

अम्ल+क्षारकलवण+जल\text{अम्ल}+\text{क्षारक} \rightarrow \text{लवण}+\text{जल}

लवण मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं-

(A) उदासीन या सामान्य लवण-जब प्रबल अम्ल व प्रबल क्षार आपस में क्रिया करते है तो ये एक-दूसरे को पूर्ण रूप से उदासीन कर देते है। इस कारण इन लवणों के जलीय विलयन का pHpH मान 7 होता है।
(B) अम्लीय लवण-जब प्रबल अम्ल तथा दुर्बल क्षार आपस में क्रिया कर लवण व जल बनाते हैं या इस लवण में विस्थापन योग्य H+H^{+} आयन उपस्थित होते हैं। इनकी प्रकृति अम्लीय होगी। अतः pHpH मान 77 से कम होगा।

प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार \rightarrow लवण + जल

उदाहरण- NaHSO4NaHSO_{4} , NaHCO3NaHCO_{3} , NH4ClNH_{4}Cl , MgCl2MgCl_{2} , Al(NO3)3Al(NO_{3})_{3}

(C) क्षारीय लवण-जब प्रबल क्षार तथा दुर्बल अम्ल आपस में क्रिया कर लवण व जल बनाते हैं या इस लवण में विस्थापन योग्य OHOH^{-} आयन होते हैं। तो इनकी प्रकृति क्षारीय होगी। अतः pHpH मान 77 से ज्यादा होगा।
(अ) H2SO4H_{2}SO_{4} (ब) HNO3HNO_{3} (स) NaOHNaOH (द) HClHCl

2. दाँत साफ करने के लिए प्रयुक्त टूथपेस्ट की प्रकृति किस प्रकार की होती है?

(अ) क्षारीय (ब) अम्लीय (स) उदासीन (द) संक्षारकीय
(अ) बेकिंग सोडा (ब) विरंजक चूर्ण (स) धोने का सोडा (द) उपरोक्त में से कोई नहीं

4. शुद्ध जल का pHpH मान है-

अथवा

आसुत जल के pHpH का मान होता है- (प्रश्न बैंक)

(अ) 2 (ब) 6 (स) 7 (द) 10
(अ) अम्लीय (ब) क्षारीय (स) उदासीन (द) कुछ अम्लीय व कुछ क्षारीय

6. अधातुओं के ऑक्साइड की प्रकृति होती है-

(अ) क्षारीय (ब) अम्लीय (स) उदासीन (द) अक्रिय
(अ) ऊष्मा अवशोषित होती है। (ब) ऊष्मा उत्सर्जित होती है।
(स) कोई परिवर्तन नहीं होता। (द) विलयन गाढ़ा हो जाता है।

8. बेकिंग सोडा को गर्म करने पर बना यौगिक है-

(अ) NaNO3NaNO_{3} (ब) Na2CO3Na_{2}CO_{3} (स) NH4ClNH_{4}Cl (द) CaOCl2CaOCl_{2}
(अ) ZnZn (ब) MgMg (स) FeFe (द) उपरोक्त सभी

10. ताजे दूध का pHpH मान 6 होता है। जब दूध दही में बदलता है, तो pHpH का मान होगा-

(अ) 7 (ब) 6 से कम (स) 7 से अधिक (द) अपरिवर्तित रहेगा
(अ) सोडियम क्लोराइड (ब) सोडियम कार्बोनेट (स) कैल्सियम कार्बोनेट (द) कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड

12. चींटी के डंक में पाया जाने वाला अम्ल है-

(अ) मेथेनोइक अम्ल (ब) एसिटिक अम्ल (स) साइट्रिक अम्ल (द) ऑक्सेलिक अम्ल
(अ) इनका स्वाद खट्टा होता है (ब) ये साबुन की तरह होते हैं
(स) ये नीले लिटमस को लाल कर देते हैं (द) इनका pHpH मान सात से कम होता है

14. मधुमक्खी के डंक का इलाज किससे किया जा सकता है-

(अ) सिरका (ब) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (बेकिंग सोडा)
(स) सल्फ्यूरिक अम्ल (द) नींबू का रस

15. एक पौधे की किस्म 6.0 से 6.5 pHpH मान वाली मिट्टी में सबसे अच्छे रूप से विकसित होती है। यदि किसी खेत की मिट्टी का pHpH मान 4.5 है, पौधे को उगाने के लिए मिट्टी में किस पदार्थ को मिलाना चाहिए-

(अ) स्टार्च (ब) चूना (स) रेत (द) ग्लूकोज
(अ) कैल्सियम क्लोराइड (ब) कैल्सियम ऑक्सीजन क्लोराइड
(स) ब्लीचिंग पाउडर (द) बेकिंग पाउडर

17. निम्न में से कौन अपच की दवा है?

(अ) सोडियम हाइड्रॉक्साइड (ब) मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
(स) मैंगनीज हाइड्रॉक्साइड (द) पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड

18. अधिक खाने से अपच के कारण होने वाली बेचैनी क्या लेने से ठीक हो सकती है-

(अ) सिरका (ब) नींबू का रस (स) बेकिंग सोडा (द) कास्टिक सोडा
(अ) धोने का सोडा (ब) जिप्सम (स) बेकिंग सोडा (द) प्लास्टर ऑफ पेरिस

प्रश्न 20. रक्त (खून) का pHpH मान होता है-

(अ) 1.21.2 (ब) 2.22.2 (स) 7.47.4 (द) 1010
(अ) लाल और नीला (ब) लाल तथा हरा (स) हरा और लाल (द) नारंगी तथा हरा

प्रश्न 22. pHpH स्केल में 'P' सूचक है 'पुसांस' (Potenz) जो एक जर्मन शब्द है का अर्थ होता है-

(अ) रंग (ब) शक्ति (स) कार्य (द) ऊर्जा
(अ) अम्लीय (ब) क्षारीय (स) उदासीन (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

प्रश्न 24. प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड मॉडल पेपर 2022-23)

(अ) CaSO42H2OCaSO_{4}·2H_{2}O (ब) CaSO412H2OCaSO_{4}·\frac{1}{2}H_{2}O (स) Na2CO310H2ONa_{2}CO_{3}·10H_{2}O (द) Na2CO3Na_{2}CO_{3}
(अ) 5.55.5 से कम होने पर (ब) 6.56.5 से कम होने पर (स) 7.57.5 से कम होने पर (द) 8.58.5 से कम होने पर

अथवा

दाँतों के इनेमल का क्षय प्रारम्भ हो जाता है मुँह का pHpH मान-

(अ) 5.55.5 से कम (ब) 66 से कम (स) 6.56.5 से कम (द) 77
(अ) ऑक्सेलिक अम्ल (ब) टार्टरिक अम्ल (स) मेथेनॉइक अम्ल (द) लैक्टिक अम्ल

प्रश्न 27. जिंक और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के मध्य अभिक्रिया से उत्पन्न गैस है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

(अ) H2H_{2} (ब) O2O_{2} (स) CO2CO_{2} (द) SO2SO_{2}
(अ) 1.21.2 (ब) 77 (स) 7.47.4 (द) 1010

प्रश्न 29. जिप्सम को कितने ताप पर गर्म करने से प्लास्टर ऑफ पेरिस बनता है- (प्रश्न बैंक)

(अ) 373K373 K (ब) 473K473 K (स) 573K573 K (द) 273K273 K
(अ) CaOCaO (ब) Ca(OH)2Ca(OH)_{2} (स) CaCl2CaCl_{2} (द) कोई नहीं

प्रश्न 31. धावन सोडा (सोडियम कार्बोनेट) में क्रिस्टलन जल के कितने अणु होते हैं? (प्रश्न बैंक)

(अ) 55 (ब) 88 (स) 77 (द) 1010
(A) प्रबल अम्ल
(B) दुर्बल क्षार
(C) फार्मिक अम्ल
(D) दुर्बल अम्ल
(A) सिरका
(B) नींबू, संतरा
(C) टमाटर
(D) दही
(अ) ऐसिटिक अम्ल अथवा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
(ब) सोडियम हाइड्रोक्साइड अथवा अमोनियम हाइड्रोक्साइड।

उत्तर-

(अ) प्रबल अम्ल-हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ( HClHCl )
(ब) प्रबल क्षार-सोडियम हाइड्रोक्साइड ( NaOHNaOH )

प्रश्न 2. जिंक की सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया पर गैस XX बनती है-

(i) गैस XX का नाम दीजिए। (ii) अभिक्रिया का समीकरण लिखिए। (iii) गैस XX की पहचान कैसे करेंगे?

अथवा

जिंक की सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया पर कौनसी गैस बनती है? आप इसकी पहचान कैसे करेंगे?

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

उत्तर-

(i) गैस XX का नाम हाइड्रोजन ( H2H_{2} ) गैस है।

(ii) क्रिया का समीकरण- Zn+H2SO4ZnSO4+H2Zn+H_{2}SO_{4} \rightarrow ZnSO_{4}+H_{2} \uparrow ( XX )

(iii) गैस XX की पहचान-जलती हुई मोमबत्ती को गैस की परखनली के पास ले जाने पर यह फटफट की ध्वनि के साथ जलती है।

प्रश्न 3. (अ) सोडियम हाइड्रोक्साइड की जिंक धातु से होने वाली क्रिया से निकलने वाली गैस का नाम लिखिए। अभिक्रिया का समीकरण भी लिखिए।

(ब) निम्न में किसका उपयोग किया जाता है?
(अ) सोडियम हाइड्रोक्साइड की जिंक धातु से क्रिया होने पर हाइड्रोजन ( H2H_{2} ) गैस निकलती है।

2NaOH(aq)+Zn(s)Na2ZnO2(s)+H2(g)2NaOH_{(aq)}+Zn_{(s)} \rightarrow Na_{2}ZnO_{2(s)}+H_{2(g)} \uparrow (सोडियम जिंकेट)

(ब)
(A) ऐसिटिक अम्ल ( CH3COOHCH_{3}COOH )
(B) सोडियम हाइड्रॉक्साइड ( NaOHNaOH )
(B) कपड़े का टुकड़ा + तनु NaOHNaOH का विलयन \rightarrow प्याज की गंध नहीं आयेगी तथा इसका लाल रंग बदलकर हरा हो जायेगा।

प्रश्न 5. (i) निम्न को pHpH मान के बढ़ते क्रम (आरोही क्रम) में व्यवस्थित कीजिए- जठर रस, नींबू का रस, शुद्ध जल, रक्त, मिल्क ऑफ मैग्नीशिया, सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन।

(ii) प्रबलतम अम्ल तथा प्रबलतम क्षार के pHpH मान लिखिए।

(iii) प्रबल क्षार एवं दुर्बल अम्ल आपस में क्रिया कर लवण व जल बनाते हैं जिसे उदासीनीकरण अभिक्रिया के रूप में जाना जाता है परन्तु क्रिया के फलस्वरूप उत्पन्न ऊर्जा का मान कम होता है क्यों?

उत्तर-

(i) pHpH मान का बढ़ता क्रम (आरोही क्रम): (ii) (A) प्रबलतम अम्ल के pHpH का मान शून्य होता है।
(B) प्रबलतम क्षार के pHpH का मान 1414 होता है।
(a) विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र व कोई एक उपयोग लिखो।
(b) बेकिंग सोडा का रासायनिक सूत्र व कोई एक उपयोग लिखो।
(c) अम्ल तथा क्षार में कोई दो अन्तर लिखो। *(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)*

उत्तर- (a) विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र निम्न है- CaOCl2CaOCl_{2}

उपयोग-विरंजक चूर्ण का उपयोग पेयजल को शुद्ध करने में किया जाता है।

(b) बेकिंग सोडा का रासायनिक सूत्र निम्न है- NaHCO3NaHCO_{3}
(c) अम्ल तथा क्षार में अंतर

क्र.सं.

अम्ल (Acid)

क्षार (Base)

1.

अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं।

जबकि क्षार स्वाद में कड़वे होते हैं।

2.

ये नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं।

जबकि क्षार लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं।

प्रश्न 8. (a) निम्नलिखित को सुमेलित करो-

A. संतरा (i) टार्टरिक अम्ल

B. आँवला (ii) एस्कॉर्बिक अम्ल

C. नेटल का डंक (iii) सिट्रिक अम्ल

D. इमली (iv) मेथेनॉइक अम्ल

(b) धावन सोडा का रासायनिक सूत्र व दो उपयोग लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)
(b) धावन सोडा का रासायनिक सूत्र निम्न है- Na2CO310H2ONa_{2}CO_{3}·10H_{2}O

उपयोग-(i) जल की स्थायी कठोरता को हटाने के लिए धावन सोडा का उपयोग किया जाता है।

(ii) इसका उपयोग बोरेक्स जैसे सोडियम यौगिक के उत्पादन में होता है।

प्रश्न 9. (i) गंधीय सूचक का कोई एक उदाहरण लिखिए।

(ii) चूने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित करने पर यौगिक [A] का श्वेत अवक्षेप बनता है, यदि इसमें अत्यधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित किया जाए तो एक जल में विलेयशील पदार्थ [B] बनता है। [A] व [B] के रासायनिक सूत्र तथा निहित रासायनिक अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

उत्तर- (i) गंधीय सूचक-कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं, जिनकी गंध अम्लीय या क्षारकीय माध्यम में भिन्न हो जाती है। इन्हें गंधीय (Olfactory) सूचक कहते हैं।

उदाहरण-वैनिला एसेंस, लौंग तेल, प्याज आदि।

(ii) चूने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित करने पर कैल्शियम कार्बोनेट का श्वेत अवक्षेप बनता है।

Ca(OH)2(aq)+CO2(g)CaCO3(s)+H2O(l)Ca(OH)_{2}(aq)+CO_{2}(g) \rightarrow CaCO_{3}(s)+H_{2}O(l)

(चूने का पानी) (कार्बन डाइऑक्साइड) (कैल्शियम कार्बोनेट) (जल)

(श्वेत अवक्षेप)

यदि चूने के पानी में अत्यधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस को प्रवाहित करने पर विलेयशील पदार्थ कैल्शियम बाइकार्बोनेट बनता है।

CaCO3(s)+H2O(l)+CO2(g)Ca(HCO3)2(aq)CaCO_{3}(s)+H_{2}O(l)+CO_{2}(g) \rightarrow Ca(HCO_{3})_{2}(aq)

(कैल्शियम कार्बोनेट) (जल) (कार्बन डाइऑक्साइड) (कैल्शियम बाइकार्बोनेट)

(जल में विलेयशील)

अतः पदार्थों [A] व [B] के रासायनिक सूत्र निम्न हैं-

[A] = CaCO3CaCO_{3} ; [B] = Ca(HCO3)2Ca(HCO_{3})_{2}

प्रश्न 10. (i) शुद्ध जल का pHpH मान लिखिए।

(ii) सोडियम कार्बोनेट के साथ हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की अभिक्रिया से यौगिक [A] बनता है। [A] को साधारण नमक भी कहते हैं। [A] के जलीय विलयन में विद्युत प्रवाहित करने पर सोडियम हाइड्रोक्साइड बनता है। [A] का रासायनिक नाम तथा निहित रासायनिक अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

उत्तर- (i) शुद्ध जल का pHpH मान 7.07.0 होता है।

(ii) सोडियम कार्बोनेट की तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से अभिक्रिया करवाने पर सोडियम क्लोराइड, जल तथा कार्बन डाइऑक्साइड बनते हैं।

विज्ञान कक्षा-X 63

Na2CO3(s)+2HCl(aq)2NaCl(aq)+H2O(l)+CO2(g)Na_{2}CO_{3(s)}+2HCl_{(aq)} \rightarrow 2NaCl_{(aq)}+H_{2}O_{(l)}+CO_{2(g)}

सोडियम कार्बोनेट (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) (सोडियम क्लोराइड) (जल) (कार्बन डाइऑक्साइड)

(लवण)

सोडियम क्लोराइड को साधारण नमक भी कहते हैं।

सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन (लवण जल) से विद्युत प्रवाहित करने पर यह वियोजित होकर सोडियम हाइड्रॉक्साइड उत्पन्न करता है। इस प्रक्रिया को क्लोर-क्षार प्रक्रिया कहते हैं, क्योंकि इससे निर्मित उत्पाद क्लोरीन (क्लोर) एवं सोडियम हाइड्रॉक्साइड (क्षार) होते हैं।

2NaCl(aq)+2H2O(l)2NaOH(aq)+Cl2(g)+H2(g)2NaCl_{(aq)}+2H_{2}O_{(l)} \rightarrow 2NaOH_{(aq)}+Cl_{2(g)}+H_{2(g)}

सोडियम क्लोराइड सोडियम हाइड्रॉक्साइड क्लोरीन

(साधारण नमक)

क्लोरीन गैस ऐनोड पर एवं हाइड्रोजन गैस कैथोड पर मुक्त होती है। कैथोड पर सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन का निर्माण भी होता है।

अतः यौगिक [A] का रासायनिक नाम निम्न है-

[A] = NaClNaCl = सोडियम क्लोराइड

प्रश्न 11. (i) अम्ल किसे कहते हैं?

(ii) क्या होता है, जब कोई अम्ल धातु के साथ अभिक्रिया करता है। समझाइए।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

उत्तर—(i) अम्ल-वे पदार्थ जो स्वाद में खट्टे होते हैं तथा नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं, अम्ल कहलाते हैं।

(ii) जब कोई अम्ल धातु के साथ अभिक्रिया करता है तो धातु अम्लों से हाइड्रोजन परमाणुओं को हाइड्रोजन गैस के रूप में विस्थापन करती है और एक यौगिक बनाता है, जिसे 'लवण' कहते हैं। अम्ल के साथ धातु की अभिक्रिया को इस प्रकार व्यक्त कर सकते हैं-

अम्ल + धातु \rightarrow लवण + हाइड्रोजन गैस

उदाहरण-जिंक पर सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से जिंक सल्फेट तथा हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।

Zn(s)+H2SO4(aq)ZnSO4(aq)+H2(g)Zn_{(s)}+H_{2}SO_{4}(aq) \rightarrow ZnSO_{4}(aq)+H_{2(g)} \uparrow

जिंक धातु सल्फ्यूरिक अम्ल जिंक सल्फेट

(लवण)

प्रश्न 12. (i) अधात्विक ऑक्साइड की प्रकृति कैसी होती है?

(ii) विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र लिखते हुए कोई तीन उपयोग लिखिए।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

उत्तर—(i) अधात्विक ऑक्साइड 'अम्लीय' प्रकृति के होते हैं।

(ii) विरंजक चूर्ण का रासायनिक सूत्र- CaOCl2CaOCl_{2}

विरंजक चूर्ण का उपयोग-

(a) वस्त्र उद्योग में सूती एवं लिनन के विरंजन में, कागज की फैक्ट्री में लकड़ी के मज्जा एवं लॉन्ड्री में साफ कपड़ों के विरंजन के लिए।
(b) कई रासायनिक उद्योगों में एक उपचायक के रूप में।
(c) पीने वाले जल को जीवाणुमुक्त करने के लिए रोगाणुनाशक के रूप में।

प्रश्न 13. प्लास्टर ऑफ पेरिस के साथ

(अ) जल मिलाने के प्रभाव को समझाइए।

(ब) जल की अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

उत्तर—(अ) प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र CaSO412H2OCaSO_{4}·\frac{1}{2}H_{2}O है। इसमें जल मिलाने पर यह एक कठोर ठोस पदार्थ प्रदान करता है जिसे जिप्सम कहते हैं।

(ब) जल की अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण-

CaSO412H2O+112H2OCaSO42H2OCaSO_{4}·\frac{1}{2}H_{2}O+1\frac{1}{2}H_{2}O \rightarrow CaSO_{4}·2H_{2}O

(प्लास्टर ऑफ पेरिस) (जिप्सम)

प्रश्न 14. (i) जलीय कॉपर सल्फेट और धोने का सोडा के क्रिस्टलीय अणुओं में उपस्थित क्रिस्टलन के जल के आधार पर विभेद कीजिए।

(ii) क्रिस्टलीय कॉपर सल्फेट को गर्म करने से उसके निम्नलिखित गुणों पर पड़ने वाले प्रभाव को समझाइए।

(अ) क्रिस्टलन का जल (ब) क्रिस्टल का रंग (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)
(ब) क्रिस्टलीय कॉपर सल्फेट को गर्म करने पर क्रिस्टल का रंग श्वेत हो जाता है।

प्रश्न 15. (i) एक ग्वाला ताजे दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है, बेकिंग सोडा का सूत्र लिखिए व बताइए कि ताजा दूध के pHpH के मान को 66 से बदलकर थोड़ा क्षारीय क्यों बना देता है?

(ii) इस दूध को दही बनने में अधिक समय क्यों लगता है? (iii) धोने का सोडा का रासायनिक सूत्र लिखकर एक प्रमुख उपयोग लिखिए।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

उत्तर : (i), (ii) के उत्तर के लिए पृष्ठ 41 पर प्रश्न 12 का अवलोकन करें।

(iii) धोने का सोडा का रासायनिक सूत्र Na2CO310H2ONa_{2}CO_{3}·10H_{2}O होता है। इसका उपयोग बोरेक्स बनाने में होता है।

प्रश्न 16. (i) निम्न में उपस्थित अम्ल का नाम लिखिए।

(अ) सिरका (ब) संतरा (स) इमली (द) टमाटर

(ii) अम्लीय वर्षा किसे कहते हैं? समझाइए।

(iii) कोई किसान खेत की मृदा में किस परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्शियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्शियम कार्बोनेट) का उपयोग करेगा?

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

उत्तर : (i)

प्राकृतिक स्रोत

प्राप्त अम्ल

(अ) सिरका

ऐसीटिक अम्ल

(ब) संतरा

सिट्रिक अम्ल

(स) इमली

टार्टरिक अम्ल

(द) टमाटर

ऑक्सैलिक अम्ल

(ii) वर्षा के जल का pHpH मान जब 5.65.6 से कम हो जाता है तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। ऐसे जल में जीवों का जीवित रहना बहुत मुश्किल हो जाता है।

(iii) उत्तर के लिए पृष्ठ 38 पर प्रश्न संख्या 4 का अवलोकन करें।

भाग 2 — नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: पाठ सार (Key Concepts & Summary)

महत्वपूर्ण परिभाषाएं, रासायनिक समीकरण, नियम, सूत्र एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Q&A)

3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions)

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।