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📚 कक्षा 10 विज्ञान (Science)हिंदी माध्यमसत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

पाठ 4: कार्बन एवं उसके यौगिक

Carbon and its Compounds

📅 शैक्षणिक सत्र: 2026-27•📖 RBSE/NCERT डिजिटल पासबुक•🎯 संपूर्ण प्रश्नोत्तर
भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान — सभी पाठगत (In-text) एवं अभ्यास (Exercise) प्रश्नों के सटीक एवं संपूर्ण हल।

पाठगत प्रश्न

पृष्ठ 68

**प्रश्न 1. CO2CO_{2} सूत्र वाले कार्बन डाइऑक्साइड की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना क्या होगी?**

उत्तर- CO2CO_{2} की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना निम्न प्रकार है-

[CO_2 electron dot structure]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 1

अतः O=C=OO=C=O

प्रश्न 2. सल्फर के आठ परमाणुओं से बने सल्फर के अणु की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना क्या होगी?

(संकेत : सल्फर के आठ परमाणु एक अंगूठी के रूप में आपस में जुड़े होते हैं।)

उत्तर- सल्फर का परमाणु क्रमांक 16 होता है।

अतः सल्फर के कोशों में भरे हुए इलेक्ट्रॉनों की संख्या निम्न प्रकार होगी-

कोश का प्रतीक

कोश में भरे हुए इलेक्ट्रॉनों की संख्या

1. K

2

2. L

8

3. M

6

सल्फर के बाहरी कोश M में 6 इलेक्ट्रॉन हैं। अतः इसे अष्टक पूर्ण करने के लिए 2 इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। इसलिए प्रत्येक सल्फर परमाणु दो इलेक्ट्रॉनों की सहभागिता करेगा।

[Sulfur ring structure and electron dot structure]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 2

चित्र-सल्फर के आठ परमाणुओं के लिए इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना

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पृष्ठ 76

प्रश्न 1. पेन्टेन के लिए आप कितने संरचनात्मक समावयवों का चित्रण कर सकते हैं?

उत्तर- पेन्टेन का अणुसूत्र C5H12C_{5}H_{12} होता है। इसके तीन संरचनात्मक समावयवों का चित्रण किया जा सकता है-

(i) H−C−C−C−C−C−HH-C-C-C-C-C-H या CH3−CH2−CH2−CH2−CH3CH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{3} (n-पेन्टेन (नॉर्मल पेन्टेन))

(ii) CH3−CH−CH2−CH3CH_{3}-CH-CH_{2}-CH_{3} (आइसोपेन्टेन (2-मेथिल ब्यूटेन))

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CH3CH_{3}

(iii) CH3−C−CH3CH_{3}-C-CH_{3} (नियोपेन्टेन (2,2-डाइमेथिल प्रोपेन))

∣|

CH3CH_{3}

प्रश्न 2. कार्बन के दो गुणधर्म कौनसे हैं, जिनके कारण हमारे चारों ओर कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या दिखाई देती है?

उत्तर- कार्बन के निम्नलिखित दो गुणों के कारण ही कार्बन यौगिकों की संख्या अत्यधिक होती है-

(1) श्रृंखलन (Catenation)- कार्बन में कार्बन के ही अन्य परमाणुओं के साथ बन्ध बनाकर लम्बी-लम्बी श्रृंखलाएँ बनाने की क्षमता होती है। इस गुण को 'श्रृंखलन' कहते हैं। कार्बन के परमाणु एक, द्वि या त्रि आबंध के द्वारा आपस में जुड़ सकते हैं।

(2) चतु:संयोजकता- कार्बन की संयोजकता चार होती है। अतः इसमें कार्बन के चार अन्य परमाणुओं अथवा कुछ अन्य एक संयोजक तत्वों के परमाणुओं के साथ आबंधन की क्षमता होती है। ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, क्लोरीन तथा अनेक तत्वों के साथ कार्बन के अनेक स्थायी यौगिक बनते हैं।

प्रश्न 3. साइक्लोपेन्टेन का सूत्र तथा इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना क्या होंगे?

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

उत्तर- साइक्लोपेन्टेन का अणुसूत्र C5H10C_{5}H_{10} होता है। इसका संरचना सूत्र तथा इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना निम्न प्रकार है-

[साइक्लोपेन्टेन संरचना और इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 3

इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना

प्रश्न 4. निम्न यौगिकों की संरचनाएँ चित्रित कीजिए- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

(i) एथेनॉइक अम्ल (ii) ब्रोमोपेन्टेन* (iii) ब्यूटेनॉन (iv) हेक्सेनैल।

*क्या ब्रोमोपेन्टेन के संरचनात्मक समावयव सम्भव हैं?

उत्तर-

(i) एथेनॉइक अम्ल- CH3COOHCH_{3}COOH

[संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 4

(ii) ब्रोमोपेन्टेन- C5H11BrC_{5}H_{11}Br

[संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 5

(iii) ब्यूटेनॉन (Butanone)- CH3CH2COCH3CH_{3}CH_{2}COCH_{3}

[संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 6

(iv) हेक्सेनैल- C5H11CHOC_{5}H_{11}CHO ( C6H12OC_{6}H_{12}O )

[संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 7

हाँ, ब्रोमोपेन्टेन के संरचनात्मक समावयवी सम्भव हैं जिनकी संख्या चार होती है।

कार्बन के साथ ब्रोमीन ( Br2Br_{2} ) का स्थान बदलने के साथ ब्रोमोपेन्टेन निम्न संरचनात्मक समावयवी बनाता है-

(1) CH3−CH2−CH2−CH2−BrCH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{2}-Br (ब्रोमोपेन्टेन)

(2) CH3−CH2−CH(Br)−CH3CH_{3}-CH_{2}-CH(Br)-CH_{3} (2-ब्रोमो पेन्टेन)

(3) CH3−CH(CH3)−CH2−BrCH_{3}-CH(CH_{3})-CH_{2}-Br (1-ब्रोमो-2-मेथिल प्रोपेन)

(4) CH3−C(CH3)(Br)−CH3CH_{3}-C(CH_{3})(Br)-CH_{3} (2-ब्रोमो-2-मेथिल प्रोपेन)

प्रश्न 5. निम्न यौगिकों के नामकरण कैसे करेंगे?

[संरचना सूत्र (i), (ii), (iii)]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 8

उत्तर- उपरोक्त यौगिकों का नामकरण निम्न प्रकार है-

(i) CH3−CH2−BrCH_{3}-CH_{2}-Br को एथेन के एक हाइड्रोजन परमाणु को ब्रोमीन ( Br2Br_{2} ) से विस्थापित कर प्राप्त किया जाता है।

CH3−CH2−H→Br2CH3−CH2−Br+HBrCH_{3}-CH_{2}-H \rightarrow Br_{2}CH_{3}-CH_{2}-Br+HBr

इस प्रकार बने यौगिकों को 'हेलो एल्केन' कहा जाता है। इनके नामकरण में हेलो शब्द पूर्वलग्न (शब्द के पहले) के रूप में लगाकर संबंधित एल्केन ( C2H6C_{2}H_{6} /एथेन) का नाम लिख देते हैं।

Br=ब्रोमोBr=\text{ब्रोमो} (पूर्वलग्न), संबंधित एल्केन = C2H6C_{2}H_{6} (एथेन)

अतः इसका नाम निम्न प्रकार होगा- ब्रोमो + एथेन = ब्रोमोएथेन

(ii) H−C=OH-C=O यौगिक ऐल्डिहाइड वर्ग समूह से संबंधित है क्योंकि इसमें −CHO-CHO प्रकार्यात्मक समूह उपस्थित है। इसके नामकरण में संबंधित ऐल्केन का नाम लिखकर अंत में अनुलग्न (शब्द के अंत में) alal जोड़ देते हैं।

अतः इसका नाम निम्न होगा-

मेथेन + ऐल = मेथेनल। इसे फॉर्मेल्डिहाइड भी कहते हैं।

(iii) दिए गए यौगिक में 66 कार्बन परमाणु हैं तथा प्रथम एवं द्वितीय कार्बन के मध्य त्रिबंध उपस्थित है अतः यह असंतृप्त यौगिक ऐल्काइन है। इसमें त्रिबंध की स्थिति को अंक (Locant) द्वारा लिखकर हाइफन ()() चिह्न लगाकर संबंधित ऐल्काइन का नाम लिख देंगे। ऐल्काइन में अनुलग्न yneyne लगता है।

अतः इसका नाम निम्न होगा-

1+(−)+हेक्स+yne⇒1−हेक्साइन(हेक्साइन)1+(-)+\text{हेक्स}+yne⇒1-\text{हेक्साइन} (\text{हेक्साइन})

पृष्ठ 79

प्रश्न 1. एथेनॉल से एथेनॉइक अम्ल में परिवर्तन को ऑक्सीकरण अभिक्रिया क्यों कहते हैं?

उत्तर- एथेनॉल से एथेनॉइक अम्ल में परिवर्तन ऑक्सीकरण अभिक्रिया है क्योंकि इस परिवर्तन में ऑक्सीजन परमाणुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है तथा यह ऑक्सीकारक क्षारीय KMnO4KMnO_{4} या अम्लीकृत K2Cr2O7K_{2}Cr_{2}O_{7} द्वारा सम्पन्न होती है तथा एथेनॉल में हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या में कमी (ह्रास) हो रही है।

CH3CH2OH→याअम्लीकृतK2Cr2O7+ऊष्माक्षारीयKMnO4+ऊष्माCH3COOHCH_{3}CH_{2}OH \rightarrow \text{या} \text{अम्लीकृत} K_{2}Cr_{2}O_{7}+\text{ऊष्मा}\text{क्षारीय} KMnO_{4}+\text{ऊष्मा}CH_{3}COOH

प्रश्न 2. ऑक्सीजन तथा एथाइन के मिश्रण का दहन वेल्डिंग के लिए किया जाता है। क्या आप बता सकते हैं कि एथाइन तथा वायु के मिश्रण का उपयोग क्यों नहीं किया जाता?

उत्तर- एथाइन (C2H2)(C_{2}H_{2}) में कार्बन की प्रतिशत मात्रा अधिक होती है तथा वायु में केवल 2020% ऑक्सीजन होती है। शेष नाइट्रोजन (मुख्यतः) तथा अन्य गैसें होती हैं। अतः इसमें एथाइन के पूर्ण दहन के लिए ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा नहीं है तथा वेल्डिंग के लिए उच्च ताप की आवश्यकता होती है जो एथाइन और वायु को साथ जलाने पर वेल्डिंग हेतु पर्याप्त नहीं होता है। परन्तु ऑक्सीजन व एथाइन के मिश्रण को जलाने पर पूर्ण दहन होता है जिससे वेल्डिंग हेतु पर्याप्त ऊष्मा का उत्पादन होता है।

पृष्ठ 83

प्रश्न 1. प्रयोग द्वारा आप ऐल्कोहॉल एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल में कैसे अन्तर कर सकते हैं?

उत्तर- प्रयोगशाला में निम्न परीक्षणों द्वारा ऐल्कोहॉल (जैसे C2H5OHC_{2}H_{5}OH ) एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल (जैसे CH3COOHCH_{3}COOH ) में अन्तर किया जा सकता है-

(1) ऐल्कोहॉल में स्प्रिट के समान गंध आती है जबकि कार्बोक्सिलिक अम्ल में तीक्ष्ण गंध आती है।

(2) ऐल्कोहॉल, नीले तथा लाल लिटमस पत्र पर कोई प्रभाव नहीं डालता जबकि कार्बोक्सिलिक अम्ल, नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है।

(3) ऐल्कोहॉल, NaHCO3NaHCO_{3} से क्रिया नहीं करता जबकि कार्बोक्सिलिक अम्ल NaHCO3NaHCO_{3} से क्रिया करके CO2CO_{2} गैस उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दूधिया कर देती है।

CH3COOH+NaHCO3→CH3COO−Na++H2O+CO2CH_{3}COOH+NaHCO_{3} \rightarrow CH_{3}COO^{-}Na^{+}+H_{2}O+CO_{2}

Ca(OH)2(aq)+CO2(g)→CaCO3(s)+H2O(l)Ca(OH)_{2}(aq)+CO_{2}(g) \rightarrow CaCO_{3}(s)+H_{2}O(l)

(चूने का पानी) (श्वेत अवक्षेप)

प्रश्न 2. ऑक्सीकारक क्या है?

उत्तर- वे पदार्थ जिनमें अन्य पदार्थों को ऑक्सीजन देने की क्षमता होती है, ऑक्सीकारक कहलाते हैं। जैसे क्षारीय KMnO4KMnO_{4} (पोटैशियम परमैंगनेट) तथा अम्लीकृत K2Cr2O7K_{2}Cr_{2}O_{7} (पोटैशियम डाइक्रोमेट) ऑक्सीकारक पदार्थ हैं, जो ऑक्सीकरण के लिए ऑक्सीजन प्रदान करते हैं।

पृष्ठ 85

प्रश्न 1. क्या आप डिटर्जेंट का उपयोग कर बता सकते हैं कि कोई जल कठोर है अथवा नहीं?

उत्तर-डिटर्जेंट के उपयोग से यह ज्ञात नहीं कर सकते कि जल कठोर है अथवा नहीं क्योंकि डिटर्जेंट कठोर जल के साथ भी झाग उत्पन्न करता है तथा कोई अवक्षेप भी नहीं देता है।

प्रश्न 2. लोग विभिन्न प्रकार से कपड़े धोते हैं। सामान्यतः साबुन लगाने के बाद लोग कपड़े को पत्थर पर पटकते हैं, डंडे से पीटते हैं, ब्रश से रगड़ते हैं या वाशिंग मशीन में कपड़े रगड़े जाते हैं। कपड़ा साफ करने के लिए उसे रगड़ने की क्यों आवश्यकता होती है?

उत्तर- साबुन से कपड़ा साफ करने के लिए उसे रगड़ने की आवश्यकता इसलिए पड़ती है ताकि साबुन के अणु तेल के धब्बों, मैल के कण आदि को हटाने के लिए मिसेल बना सकें। मिसेल गंदे मैल या तेल के धब्बों को हटाने में सहायक होता है। अतः विभिन्न प्रकार से कपड़ों को रगड़ने से कपड़े पर से गंदगी के कणों को निकालने में सहायता मिलती है।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1. एथेन का आण्विक सूत्र C2H6C_{2}H_{6} है। इसमें-

(a) 6 सहसंयोजक आबंध हैं
(b) 7 सहसंयोजक आबंध हैं
(c) 8 सहसंयोजक आबंध हैं
(d) 9 सहसंयोजक आबंध हैं

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26, 2024-25)

अथवा

एथेन ( C2H6C_{2}H_{6} ) में सहसंयोजन आबंध है-

(a) 6
(b) 7
(c) 8
(d) 9 (प्रश्न बैंक)

उत्तर-(b) 7 सहसंयोजक आबंध हैं।

प्रश्न 2. ब्यूटोनॉन चतु:-कार्बन यौगिक है जिसका प्रकार्यात्मक समूह है-

(a) कार्बोक्सिलिक अम्ल
(b) ऐल्डिहाइड
(c) कीटोन
(d) ऐल्कोहॉल

उत्तर-(c) कीटोन।

प्रश्न 3. खाना बनाते समय यदि बर्तन की तली बाहर से काली हो रही है तो इसका मतलब है कि

(a) भोजन पूरी तरह नहीं पका है।
(b) ईंधन पूरी तरह से नहीं जल रहा है।
(c) ईंधन आर्द्र है।
(d) ईंधन पूरी तरह से जल रहा है।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

उत्तर-(b) ईंधन पूरी तरह से नहीं जल रहा है।

प्रश्न 4. CH3ClCH_{3}Cl में आबंध निर्माण का उपयोग कर सहसंयोजक आबंध की प्रकृति समझाइए।

उत्तर- कार्बन के सबसे बाहरी कोश में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं इसलिए इसे उत्कृष्ट गैस विन्यास को प्राप्त करने के लिए चार इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने या खोने की आवश्यकता होती है। परन्तु ऐसा करना कार्बन परमाणु के लिए अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता के कारण संभव नहीं है। इसलिए कार्बन अपने अन्य परमाणुओं अथवा अन्य तत्वों के परमाणुओं के साथ संयोजक इलेक्ट्रॉन की साझेदारी करके इस समस्या को सुलझा लेता है। इसलिए CH3ClCH_{3}Cl में सहसंयोजी आबंध पाए जाते हैं। कार्बन को अपना अष्टक पूर्ण करने के लिए 4 इलेक्ट्रॉनों की जबकि हाइड्रोजन को उत्कृष्ट गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए एक इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। साथ ही क्लोरीन को भी एक इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। इसीलिए ये सभी इलेक्ट्रॉनों का साझा करते हैं जिससे कार्बन हाइड्रोजन के साथ तीन व क्लोरीन के साथ एक आबंध निम्न प्रकार से बनाता है-

[CH_3Cl की संरचना और इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 9

CH3ClCH_{3}Cl में आबंध संरचना एकल सहसंयोजक प्रकार की है।

प्रश्न 5. इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना बनाइए-

(a) एथेनॉइक अम्ल
(b) H2SH_{2}S
(c) प्रोपेनॉन
(d) F2F_{2}

उत्तर-उपरोक्त यौगिकों की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना निम्न प्रकार से है-

(a) एथेनॉइक अम्ल- CH3COOHCH_{3}COOH ; H−C(=O)−O−HH-C(=O)-O-H (संरचना सूत्र)

[एथेनॉइक अम्ल संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 10

[एथेनॉइक अम्ल इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 11

एथेनॉइक अम्ल की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना

(b) H2SH_{2}S H−S−HH-S-H (संरचना सूत्र) H⋅⋅S⋅⋅HH··S··H (इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना)

(c) प्रोपेनॉन- CH3COCH3CH_{3}COCH_{3} या CH3−C(=O)−CH3CH_{3}-C(=O)-CH_{3} (सामान्य सूत्र)

[प्रोपेनॉन संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 12

[प्रोपेनॉन इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 13

इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना

(d) F2F_{2} F−FF-F (संरचना सूत्र) ⋅⋅F⋅⋅F⋅⋅··F··F·· (इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना)

प्रश्न 6. समजातीय श्रेणी क्या है? उदाहरण के साथ समझाइए।

अथवा

समजातीय श्रेणी किसे कहते हैं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

अथवा

समजातीय श्रेणी को उदाहरण सहित समझाइए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर-समजातीय श्रेणी- कार्बनिक यौगिकों की ऐसी श्रेणी जिसमें कार्बन श्रृंखला में स्थित हाइड्रोजन को एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह प्रतिस्थापित करता है, उसे समजातीय श्रेणी कहते हैं।

इस श्रेणी के सभी सदस्यों के रासायनिक गुण समान होते हैं क्योंकि क्रियात्मक समूह समान होता है और रासायनिक गुण क्रियात्मक समूह पर निर्भर करते हैं।

उदाहरण के लिए, ऐल्केन (संतृप्त हाइड्रोकार्बन) समजातीय श्रेणी का सामान्य सूत्र CnH2n+2C_{n}H_{2n+2} होता है। इस श्रेणी के सदस्य मिथेन CH4CH_{4} , एथेन C2H6C_{2}H_{6} , प्रोपेन C3H8C_{3}H_{8} , ब्यूटेन C4H10C_{4}H_{10} , पेंटेन C5H12C_{5}H_{12} , हैक्सेन C6H14C_{6}H_{14} आदि हैं।

प्रश्न 7. भौतिक एवं रासायनिक गुणों के आधार पर एथेनॉल एवं एथेनॉइक अम्ल में आप कैसे अन्तर करेंगे?

**उत्तर-एथेनॉल ( C2H5OHC_{2}H_{5}OH एथिल ऐल्कोहॉल) तथा एथेनॉइक अम्ल ( CH3COOHCH_{3}COOH एसिटिक अम्ल) में अन्तर-**

(a) भौतिक गुणों के आधार पर-(i) एथेनॉल में स्प्रिट के समान गंध आती है जबकि एथेनॉइक अम्ल में तीक्ष्ण गंध आती है।

(ii) एथेनॉल का गलनांक व क्वथनांक क्रमशः 156K156 K व 351K351 K है जबकि शुद्ध एथेनॉइक अम्ल का गलनांक व क्वथनांक 290K290 K तथा 391K391 K है।

(b) रासायनिक गुणों के आधार पर-(i) एथेनॉल द्वारा नीले एवं लाल लिटमस पत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है जबकि एथेनॉइक अम्ल, नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है।

(ii) एथेनॉल, Na2CO3Na_{2}CO_{3} तथा NaHCO3NaHCO_{3} से कोई क्रिया नहीं करता जबकि एथेनॉइक अम्ल इनसे क्रिया करके लवण, CO2CO_{2} एवं H2OH_{2}O बनाता है।

2CH3COOH+Na2CO3→2CH3COO−Na++H2O+CO22CH_{3}COOH+Na_{2}CO_{3} \rightarrow 2CH_{3}COO^{-}Na^{+}+H_{2}O+CO_{2}

(सोडियम एसीटेट)

CH3COOH+NaHCO3→CH3COO−Na++H2O+CO2CH_{3}COOH+NaHCO_{3} \rightarrow CH_{3}COO^{-}Na^{+}+H_{2}O+CO_{2}

(iii) एथेनॉल, NaNa से क्रिया करके सोडियम एथॉक्साइड बनाता है एवं हाइड्रोजन गैस बुदबुदाहट के साथ निकलती है। जबकि एथेनॉइक अम्ल NaNa से क्रिया करके सोडियम एसीटेट (सोडियम एथेनाइट) बनाता है एवं इसमें H2H_{2} गैस बुदबुदाहट के साथ नहीं निकलती।

2C2H5OH+2Na→2CH3−CH2O−Na++H22C_{2}H_{5}OH+2Na \rightarrow 2CH_{3}-CH_{2}O^{-}Na^{+}+H_{2}

(सोडियम एथॉक्साइड)

2CH3COOH+2Na→2CH3COO−Na++H22CH_{3}COOH+2Na \rightarrow 2CH_{3}COO^{-}Na^{+}+H_{2}

(सोडियम एसीटेट)

प्रश्न 8. जब साबुन को जल में डाला जाता है तो मिसेल का निर्माण क्यों होता है? क्या एथेनॉल जैसे दूसरे विलायकों में भी मिसेल का निर्माण होगा?

उत्तर- जब साबुन को जल में डाला जाता है, तो उसके अणु के दो सिरे दो भिन्न गुणधर्मों को प्रदर्शित करते हैं। जल में विलयशील हाइड्रोफिलिक (जलरागी) और हाइड्रोकार्बन में विलयशील हाइड्रोफोबिक (जल विरागी) यह जल में घुलनशील नहीं होते। पानी में डालने पर साबुन का आयनिक सिरा जल के अन्दर होता है जबकि हाइड्रोकार्बन पूंछ (दूसरा सिरा) जल के बाहर होता है।

जल के अन्दर इन अणुओं की एक विशेष व्यवस्था होती है, जिससे इसका हाइड्रोकार्बन सिरा जल के बाहर बना होता है। ऐसा अणुओं का बड़ा गुच्छा बनने के कारण होता है; जिसमें हाइड्रोफोबिक पूंछ गुच्छे के आंतरिक हिस्से में होती है जबकि उसका आयनिक सिरा गुच्छे की सतह पर होता है। इस संरचना को मिसेल कहते हैं। मिसेल के रूप में साबुन स्वच्छ करने में सक्षम होता है क्योंकि तैलीय मैल मिसेल के केन्द्र में एकत्र हो जाते हैं।

साबुन एथेनॉल जैसे दूसरे विलायकों में घुल जाता है, इसलिए मिसेल का निर्माण नहीं करता है।

प्रश्न 9. कार्बन एवं उसके यौगिकों का उपयोग अधिकतर अनुप्रयोगों में ईंधन के रूप में क्यों किया जाता है?

उत्तर- कार्बन एवं उसके यौगिकों का उपयोग ईंधन के रूप में करने के निम्नलिखित कारण हैं-

(i) जब कार्बन एवं उसके यौगिकों को अधिक वायु या ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलाया जाता है, तो बहुत अधिक मात्रा में ऊष्मीय ऊर्जा और प्रकाश की उत्पत्ति होती है।

(ii) इन्हें एक बार जला दिए जाने के बाद ये निरन्तर जलते रहते हैं। इन्हें अधिक ऊष्मीय ऊर्जा प्रदान करने की आवश्यकता नहीं होती।

(iii) इनका कैलोरी मान उच्च होता है।

(iv) इनको जलाने पर हानिकारक गैसें उत्पन्न नहीं होती हैं।

प्रश्न 10. कठोर जल को साबुन से उपचारित करने पर झाग के निर्माण को समझाइए।

उत्तर- कठोर जल को साबुन से उपचारित करने पर झाग मुश्किल से बनते हैं क्योंकि साबुन कठोर जल में उपस्थित कैल्शियम एवं मैग्नीशियम लवणों से अभिक्रिया करके अविलेय लवण बनाता है। इस अविलेय लवण को स्कम (Scum) कहते हैं। इस स्थिति में झाग उत्पन्न करने के लिए अधिक मात्रा में साबुन का उपयोग करना पड़ता है।

प्रश्न 11. यदि आप लिटमस पत्र (लाल एवं नीला) से साबुन की जाँच करें तो आपका प्रेक्षण क्या होगा?

उत्तर- साबुन का विलयन क्षारीय होता है क्योंकि यह दुर्बल अम्ल एवं प्रबल क्षार का लवण है। अतः यह लाल लिटमस को नीला कर देगा। नीले लिटमस पत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

C17H35COO−Na++H2O→C17H35COOH+NaOHC_{17}H_{35}COO^{-}Na^{+}+H_{2}O \rightarrow C_{17}H_{35}COOH+NaOH

सोडियम स्टियरेट (साबुन) | स्टियरिक अम्ल (दुर्बल अम्ल) | सोडियम हाइड्रॉक्साइड (प्रबल क्षार)

प्रश्न 12. हाइड्रोजनीकरण क्या है? इसका औद्योगिक अनुप्रयोग क्या है?

उत्तर- हाइड्रोजनीकरण (Hydrogenation)-पैलेडियम ( PdPd ) या निकल ( NiNi ) उत्प्रेरक की उपस्थिति में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में हाइड्रोजन जोड़ने पर संतृप्त हाइड्रोकार्बन बनता है। इस अभिक्रिया को हाइड्रोजनीकरण कहते हैं।

R2C=CR2→+H2Niउत्प्रेरकR2CH−CHR2R_{2}C=CR_{2} \rightarrow +H_{2}Ni \text{उत्प्रेरक}R_{2}CH-CHR_{2}

असंतृप्त हाइड्रोकार्बन | संतृप्त हाइड्रोकार्बन

औद्योगिक अनुप्रयोग- इस प्रक्रिया से वनस्पति तेलों को वनस्पति घी में बदला जाता है। वनस्पति तेलों में कार्बन-कार्बन के मध्य द्विआबन्ध ( C=CC=C ) होते हैं। जब निकल उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन गैस को 473K473 K पर उनसे गुजारा जाता है, तो वे वनस्पति घी में बदल जाते हैं।

वनस्पतितेल+H2→473KNiउत्प्रेरकवनस्पतिघी(डालडा)\text{वनस्पति} \text{तेल}+H_{2} \rightarrow 473 KNi \text{उत्प्रेरक}\text{वनस्पति} \text{घी} (\text{डालडा})

**प्रश्न 13. दिए गए हाइड्रोकार्बन C2H6,C3H8,C3H6,C2H2C_{2}H_{6},C_{3}H_{8},C_{3}H_{6},C_{2}H_{2} एवं CH4CH_{4} में किसमें संकलन अभिक्रिया होती है?**

अथवा

C2H6,C3H8,C3H6,CH4,C2H2C_{2}H_{6},C_{3}H_{8},C_{3}H_{6},CH_{4},C_{2}H_{2} में किसमें संकलन अभिक्रिया होती है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर- हाइड्रोकार्बन C3H6C_{3}H_{6} तथा C2H2C_{2}H_{2} में संकलन अभिक्रिया होती है क्योंकि ये असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं तथा संकलन अभिक्रिया असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (द्वि एवं त्रि-आबन्ध युक्त) का लक्षण है।

( C3H6C_{3}H_{6} ) CH3−CH=CH2+H2→Ni,ΔCH3−CH2−CH3CH_{3}-CH=CH_{2}+H_{2} \rightarrow Ni, \Delta CH_{3}-CH_{2}-CH_{3}

( C2H2C_{2}H_{2} ) HC≡CH+H2→Ni,ΔCH2=CH2→Niउत्प्रेरक,H2CH3−CH3HC≡CH+H_{2} \rightarrow Ni, \Delta CH_{2}=CH_{2} \rightarrow Ni \text{उत्प्रेरक},H_{2}CH_{3}-CH_{3}

प्रश्न 14. संतृप्त एवं असंतृप्त कार्बन के बीच रासायनिक अन्तर समझने के लिए एक परीक्षण बताइए।

उत्तर- मक्खन में संतृप्त वसा अम्ल होते हैं जबकि खाना बनाने वाले तेल में असंतृप्त वसा अम्ल होते हैं। ब्रोमीन विलयन द्वारा कार्बनिक यौगिकों में असंतृप्तता का परीक्षण किया जा सकता है। एक परखनली में 22 मिली. तेल तथा दूसरी परखनली में 22 मिली. पिघला हुआ मक्खन लेते हैं। अब दोनों परखनलियों में कुछ बूँदें ब्रोमीन जल की मिलाते हैं तो ब्रोमीन विलयन का नारंगी रंग, तेल द्वारा गायब (रंगहीन) हो जाता है जबकि मक्खन द्वारा नहीं होगा। इससे दोनों में अन्तर किया जा सकता है।

प्रश्न 15. साबुन की सफाई प्रक्रिया की क्रियाविधि समझाइए।

अथवा

मिसेल के निर्माण की प्रक्रिया को चित्र सहित समझाइए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

उत्तर- साबुन द्वारा सफाई प्रक्रिया की क्रियाविधि-साबुन सफाई करने की विशेष प्रणाली पर आधारित होते हैं। इसके अणु ऐसे होते हैं, जिनके दोनों सिरों के विभिन्न गुणधर्म होते हैं। जल में विलेय एक सिरे को जलरागी (हाइड्रोफिलिक) कहते हैं। हाइड्रोकार्बन में विलयशील सिरे को जलविरागी (हाइड्रोफोबिक) कहते हैं। जब साबुन जल की सतह पर होता है तब इसके अणु अपने को इस प्रकार व्यवस्थित कर लेते हैं कि इसका आयनिक सिरा जल के अन्दर होता है जबकि हाइड्रोकार्बन पूंछ (दूसरा सिरा) जल के बाहर होती है।

जल के अन्दर इन अणुओं की एक विशेष व्यवस्था होती है, जिससे इसका हाइड्रोकार्बन सिरा जल के बाहर होता है। ऐसा अणुओं का बड़ा समूह (कलस्टर) या गुच्छा बनने के कारण होता है, जिसमें जलविरागी पूंछ समूह के आंतरिक हिस्से में होती है, जबकि उसका आयनिक सिरा गुच्छे की सतह पर होता है। इस संरचना को 'मिसेल' कहते हैं। मिसेल के रूप में साबुन सफाई करने में सक्षम होता है क्योंकि तैलीय मैल मिसेल के केन्द्र में एकत्र हो जाते हैं। मिसेल विलयन में कोलाइड के रूप में बने रहते हैं तथा आयन-आयन विकर्षण (प्रतिकर्षण) के कारण वे अवक्षेपित नहीं होते। इस प्रकार मिसेल में तैरते मैल आसानी से हटाए जा सकते हैं।

[साबुन के मिसेल निर्माण की प्रक्रिया और संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 14

भाग 2 — नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: पाठ सार (Key Concepts & Summary)

महत्वपूर्ण परिभाषाएं, रासायनिक समीकरण, नियम, सूत्र एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।

पाठ सार

(1) कार्बन एक महत्त्वपूर्ण अधात्विक तत्व है जो सभी जीवों एवं हमारे उपयोग में आने वाली वस्तुओं का आधार है।

(2) भूपर्पटी तथा वायुमंडल में अत्यंत अल्प मात्रा में कार्बन उपस्थित है। यह क्रमशः 0.020.02% व 0.030.03% है।

(3) कार्बन का परमाणु क्रमांक 66 होता है। इसके सबसे बाहरी संयोजी कोश में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं अतः कार्बन परमाणु चतुःसंयोजी होता है तथा इसकी श्रृंखलन की प्रवृत्ति होती है, इसी कारण यह बहुत से यौगिक बनाता है।

(4) अपने बाहरी संयोजी कोशों को पूर्ण रूप से भरने के लिए परमाणु सहसंयोजी बन्ध बनाते हैं।

(5) दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन युग्मों की साझेदारी से बने बन्ध को सहसंयोजी बन्ध कहते हैं। ये बन्ध केवल अधातुओं के मध्य बनते हैं। उदाहरण- H2H_{2} , Cl2Cl_{2} , O2O_{2} , H2OH_{2}O , N2N_{2} , CH4CH_{4} आदि।

(6) कार्बन, अन्य कार्बन या अन्य तत्वों जैसे-हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, सल्फर, नाइट्रोजन एवं क्लोरीन के साथ सहसंयोजी बन्ध बनाता है। कार्बन परमाणुओं के मध्य बन्ध अत्यधिक प्रबल होता है।

(7) सहसंयोजी आबंध वाले अणुओं में भीतर तो प्रबल आबंध होता है, लेकिन इनका अंतराअणुक बल दुर्बल होता है इसलिए इन यौगिकों के क्वथनांक एवं गलनांक कम होते हैं।

(8) अपररूप-किसी तत्व के वे भिन्न-भिन्न रूप जिनके रासायनिक गुणधर्म एक समान होते हैं परन्तु भौतिक गुणधर्म भिन्न होते हैं अपररूप कहलाते हैं। उदाहरण-कार्बन के मुख्यतः तीन अपररूप होते हैं, जैसे-हीरा, ग्रेफाइट तथा फुलेरीन ( C−60C-60 )।

(9) हीरा अत्यधिक कठोर, ताप एवं विद्युत का कुचालक होता है जबकि ग्रेफाइट नर्म, चिकना तथा विद्युत एवं ताप का सुचालक होता है।

(10) फुलेरीन में कार्बन के परमाणु फुटबॉल के रूप में व्यवस्थित होते हैं।

(11) हाइड्रोकार्बन-कार्बन तथा हाइड्रोजन से बने यौगिकों को हाइड्रोकार्बन कहते हैं। ये हाइड्रोकार्बन दो प्रकार के होते हैं-

(A) संतृप्त हाइड्रोकार्बन-यदि कार्बन परमाणुओं के मध्य केवल एक सहसंयोजी बन्ध उपस्थित हो। उदाहरण-ऐल्केन।
(B) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन-यदि कार्बन परमाणुओं के मध्य द्वि या त्रि सहसंयोजी बन्ध उपस्थित हों। उदाहरण-ऐल्कीन, ऐल्काइन।

(12) हाइड्रोकार्बन में कार्बन परमाणुओं की श्रृंखला सीधी, शाखायुक्त या वलय के रूप में भी होती है।

(13) कार्बन-कार्बन एकल बन्धयुक्त यौगिक ऐल्केन कहलाते हैं। इनका सामान्य सूत्र CnH2n+2C_{n}H_{2n+2} होता है। nn का मान 1,2,3…1,2,3… होता है। उदाहरण- CH4CH_{4} , C2H6C_{2}H_{6} , C3H8C_{3}H_{8} , C4H10C_{4}H_{10} , C5H12C_{5}H_{12} आदि।

(14) कार्बन-कार्बन द्विबन्ध यौगिक ऐल्कीन कहलाते हैं। इनका सामान्य सूत्र CnH2nC_{n}H_{2n} है। nn का मान 2,3,4…2,3,4… होता है। उदाहरण- C2H4C_{2}H_{4} , C3H6C_{3}H_{6} , C4H8C_{4}H_{8} आदि।

(15) कार्बन-कार्बन त्रिबन्ध युक्त यौगिक ऐल्काइन कहलाते हैं। इनका सामान्य सूत्र CnH2n−2C_{n}H_{2n-2} होता है। nn का मान 2,3,4…2,3,4… होता है। उदाहरण- C2H2C_{2}H_{2} , C3H4C_{3}H_{4} आदि।

(16) श्रृंखलन-कार्बन परमाणु अन्य कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजी आबंध द्वारा जुड़कर लम्बी-लम्बी श्रृंखलाएँ बनाता है। कार्बन के इस गुण को श्रृंखलन (Catenation) कहते हैं।

(17) समजातीय श्रेणी-कार्बनिक यौगिकों की ऐसी श्रृंखला, जिसमें कार्बन श्रृंखला में स्थित हाइड्रोजन को एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह प्रतिस्थापित करता है, समजातीय श्रेणी कहलाती है। इस श्रेणी के उत्तरोत्तर यौगिकों के सूत्रों के मध्य एक −CH2−-CH_{2}- इकाई का अंतर होता है।

उदाहरण-(i) CH3OHCH_{3}OH , C2H5OHC_{2}H_{5}OH , C3H7OHC_{3}H_{7}OH तथा C4H9OHC_{4}H_{9}OH (ii) CH4CH_{4} , C2H6C_{2}H_{6} , C3H8C_{3}H_{8} , C4H10C_{4}H_{10} ।

(18) क्रियात्मक समूह या प्रकार्यात्मक समूह- हाइड्रोकार्बन यौगिकों के हाइड्रोजन को प्रतिस्थापित कर उसके स्थान पर जुड़ने वाला समूह जो इसे विशिष्ट गुण प्रदान करता है तथा ये गुण कार्बन श्रृंखला की लंबाई और प्रकृति पर निर्भर नहीं होते हैं क्रियात्मक या प्रकार्यात्मक समूह कहलाता है।

उदाहरण- −OH-OH , −CHO-CHO , >C=O>C=O , −Cl-Cl , −Br-Br , −COOH-COOH आदि।

(19) कार्बनिक यौगिकों के नामकरण में क्रियात्मक समूह की प्रकृति के अनुसार पूर्वलग्न या अनुलग्न का प्रयोग करते हैं।

(20) क्रियात्मक समूहों के अनुलग्न निम्न प्रकार होते हैं-

(i) ऐल्कोहॉल ( −OH-OH ) : olol (ऑल)

(ii) ऐल्डिहाइड ( −CHO-CHO ) : alal (अल)

(iii) कीटोन ( >C=O>C=O ) : oneone (ओन)

(iv) कार्बोक्सिलिक अम्ल −C−OH∣∣O\frac{-C-OH}{\frac{||}{O}} : oicacidoic acid (ओइक अम्ल)

(v) द्विआबन्ध (ऐल्कीन) : eneene (ईन)

(vi) त्रिआबन्ध (ऐल्काइन) : yneyne (आइन)

(21) कार्बन तथा उसके यौगिक हमारे ईंधन के प्रमुख स्रोत हैं। इनके दहन से CO2CO_{2} तथा H2OH_{2}O बनती है तथा ऊष्मा एवं प्रकाश प्राप्त होता है।

(22) संतृप्त हाइड्रोकार्बन के दहन से सामान्यतः स्वच्छ नीली ज्वाला निकलती है जबकि असंतृप्त कार्बन यौगिकों से अत्यधिक काले धुएँ वाली पीली ज्वाला निकलती है।

(23) ऑक्सीकारक- कुछ पदार्थों में अन्य पदार्थों को ऑक्सीजन देने की क्षमता होती है। ऐसे पदार्थों को ऑक्सीकारक कहते हैं। उदाहरण- क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट ( KMnO4KMnO_{4} ), अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट ( K2Cr2O7K_{2}Cr_{2}O_{7} ) आदि।

(24) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में संकलन अभिक्रियाएँ तथा संतृप्त हाइड्रोकार्बन में प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ मुख्यतः होती हैं।

संकलन अभिक्रिया- RR>C=C<RR→उत्प्रेरकNi,+H2R−CH−CH−RRR\frac{R}{\frac{R>C=C<R}{\frac{R \rightarrow \text{उत्प्रेरक}Ni,+H_{2}R-CH-CH-R}{RR}}}

प्रतिस्थापन अभिक्रिया- CH4+Cl2→सूर्यकाप्रकाशCH3Cl+HClCH_{4}+Cl_{2} \rightarrow \text{सूर्य} \text{का} \text{प्रकाश}CH_{3}Cl+HCl

(25) उत्प्रेरक- वे पदार्थ जो अभिक्रिया की दर को बढ़ा या घटा देते हैं परन्तु स्वयं अप्रभावित रहते हैं उत्प्रेरक कहलाते हैं। उदाहरण- Ni,Pd,Pt,MoNi, Pd, Pt, Mo आदि।

(26) सामान्यतः एथेनॉल को ऐल्कोहॉल कहा जाता है और यह कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में होता है। एथेनॉल सोडियम से क्रिया करके H2H_{2} गैस उत्सर्जित करता है जबकि गर्म व सान्द्र H2SO4H_{2}SO_{4} से क्रिया कराने पर एथीन ( CH2=CH2CH_{2}=CH_{2} ) बनाता है।

2Na+2CH3CH2OH→2CH3CH2ONa+H22Na+2CH_{3}CH_{2}OH \rightarrow 2CH_{3}CH_{2}ONa+H_{2} (सोडियम एथॉक्साइड)

CH3−CH2−OH→H2SO4गर्मएवंसान्द्रCH2=CH2+H2OCH_{3}-CH_{2}-OH \rightarrow H_{2}SO_{4}\text{गर्म} \text{एवं} \text{सान्द्र}CH_{2}=CH_{2}+H_{2}O (एथीन)

(27) शुद्ध एथेनॉइक अम्ल (एसिटिक अम्ल) को ग्लैशियल ऐसीटिक अम्ल कहते हैं क्योंकि इसका गलनांक 290K290 K होता है अतः यह ठण्डी जलवायु में शीत के दिनों में जमकर बर्फ के समान हो जाता है।

(28) कार्बोक्सिलिक अम्लों की क्रिया, अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में ऐल्कोहॉल से कराने पर एस्टर बनते हैं। इस क्रिया को एस्टरीकरण कहते हैं।

CH3COOH+C2H5OH→अम्लCH3−C−O−C2H5+H2OCH_{3}COOH+C_{2}H_{5}OH \rightarrow \text{अम्ल}CH_{3}-C-O-C_{2}H_{5}+H_{2}O

(एथेनॉइकअम्ल)(एथेनॉल)(एस्टर)(\text{एथेनॉइक} \text{अम्ल}) (\text{एथेनॉल})(\text{एस्टर})

(29) एस्टर की क्रिया जलीय क्षार से कराने पर संगत अम्ल का लवण बनता है। इस क्रिया से साबुन बनाया जाता है अतः इसे साबुनीकरण कहते हैं।

CH3COOC2H5→NaOHCH3COO−Na++C2H5OHCH_{3}COOC_{2}H_{5} \rightarrow NaOHCH_{3}COO^{-}Na^{+}+C_{2}H_{5}OH

(साबुन)(\text{साबुन})

(30) एसिटिक अम्ल NaOHNaOH , Na2CO3Na_{2}CO_{3} तथा NaHCO3NaHCO_{3} से क्रिया करके लवण बनाता है।

(31) साबुन के अणु लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम एवं पोटैशियम लवण होते हैं।

(32) अपमार्जक सामान्यतः लंबी कार्बन श्रृंखला वाले सल्फोनिक लवण अथवा लंबी कार्बन श्रृंखला वाले अमोनियम लवण होते हैं जो क्लोराइड या ब्रोमाइड आयनों के साथ बनते हैं।

(33) साबुन तथा अपमार्जक तैलीय मैल का पायस (इमल्सन) बनाकर उसे पृथक् कर देता है।

(34) साबुन कठोर जल में कार्य नहीं करता जबकि अपमार्जक कठोर जल में भी कार्य करता है।

(35) साबुन एवं अपमार्जक की क्रिया अणुओं में जलरागी (जलस्नेही) तथा जल विरागी (जल विरोधी) समूहों की उपस्थिति पर आधारित होती है।

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Q&A)

⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions)

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न-

प्रश्न 1. कार्बोक्सिलिक अम्ल में उपस्थित प्रकार्यात्मक समूह है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

(अ) −C(=O)OH-C(=O)OH
(ब) −C=O-C=O
(स) −CHO-CHO
(द) −OH-OH

प्रश्न 2. हाइड्रोजन की परमाणु संख्या है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

(अ) 11
(ब) 22
(स) 44
(द) 66

प्रश्न 3. बेन्जीन की संरचना है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

[बेन्जीन और अन्य हाइड्रोकार्बन संरचनाएँ]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 15

(अ)

H−C=C−HH-C=C-H (वलय संरचना)

(ब)

C6H6C_{6}H_{6} (चक्रीय वलय संरचना)

(स) ब्यूटेन संरचना

(द) पेन्टेन संरचना

प्रश्न [4]. कार्बन के जिस अपरूप में मुक्त (स्वतंत्र) इलेक्ट्रॉन पाए जाते हैं, वह है-

(अ) हीरा
(ब) कोयला
(स) ग्रेफाइट
(द) कोक

प्रश्न [5]. एथिलीन (एथीन) में उपस्थित कुल सहसंयोजक बन्धों की संख्या है-

(अ) 5
(ब) 6
(स) 4
(द) 7

प्रश्न [6]. एथीन के जलयोजन (Hydration) से बना यौगिक है-

(अ) C2H6C_{2}H_{6}
(ब) C2H5OHC_{2}H_{5}OH
(स) C2H2C_{2}H_{2}
(द) CH3−CHOCH_{3}-CHO

प्रश्न [7]. एथेनॉल से एसिटिक अम्ल बनना है-

(अ) अपचयन
(ब) ऑक्सीकरण
(स) संकलन
(द) प्रतिस्थापन

प्रश्न [8]. ब्यूटेन का उच्च समजात है-

(अ) प्रोपेन
(ब) पेन्टेन
(स) पेन्टीन
(द) एथाइन

प्रश्न [9]. ऐसीटोन ( CH3COCH3CH_{3}COCH_{3} ) का IUPAC नाम है-

(अ) एथैनल
(ब) प्रोपेनॉन
(स) एथेनॉल
(द) एथेनॉइक अम्ल

प्रश्न [10]. CH3CH2COOHCH_{3}CH_{2}COOH का IUPAC नाम है-

(अ) मेथेनॉइक अम्ल
(ब) प्रोपेनॉल
(स) प्रोपेनॉइक अम्ल
(द) प्रोपेनैल

प्रश्न [11]. अपमार्जकों का सामान्य रासायनिक सूत्र है-

(अ) RCOO⊖Na⊕RCOO^{⊖}Na^{⊕}
(ब) ROHROH
(स) R−O−SO3⊖Na⊕R-O-SO_{3}^{⊖}Na^{⊕} या ROSO3⊖Na⊕ROSO_{3}^{⊖}Na^{⊕}
(द) RCOORRCOOR

प्रश्न [12]. कार्बन के अपरूप कौनसे यौगिक हैं? (प्रश्न बैंक)

(अ) हीरा
(ब) ग्रेफाइट
(स) फुलेरीन
(द) उपर्युक्त सभी

प्रश्न [13]. बायोगैस का मुख्य घटक होता है-

(अ) ऐथेन
(ब) ऐथीन
(स) मेथेन
(द) प्रोपेन

प्रश्न [14]. कार्बन की संयोजकता होती है-

(अ) 1
(ब) 2
(स) 3
(द) 4

प्रश्न [15]. संतृप्त हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं-

(अ) ऐल्केन
(ब) ऐल्कीन
(स) ऐल्काइन
(द) ऐल्कोहॉल

प्रश्न [16]. किस उत्प्रेरक का उपयोग साधारणतः वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण में किया जाता है-

(अ) आयरन
(ब) मैग्नीशियम
(स) क्रोमियम
(द) निकैल

प्रश्न [17]. अचार में परिरक्षक के रूप में प्रयुक्त होता है-

(अ) एथेनॉल
(ब) ऐसीटिक अम्ल
(स) मेथेनॉल
(द) उपर्युक्त सभी

प्रश्न [18]. वे पदार्थ, जो अभिक्रिया की दर में परिवर्तन कर देते हैं, लेकिन स्वयं अपरिवर्तित रहते हैं, क्या कहलाते हैं?

(अ) अभिकारक
(ब) परिरक्षक
(स) उत्प्रेरक
(द) अपमार्जक

प्रश्न [19]. कठोर जल में उपस्थित होते हैं-

(अ) सोडियम आयन
(ब) पोटैशियम आयन
(स) लिथियम आयन
(द) मैग्नीशियम आयन

प्रश्न [20]. कठोर जल में प्रभावी होता है-

(अ) साबुन
(ब) अपमार्जक
(स) दोनों
(द) कोई नहीं

प्रश्न [21]. ऐल्काइनों का सामान्य सूत्र है-

(अ) CnH2nC_{n}H_{2n}
(ब) CnH2n+2C_{n}H_{2n+2}
(स) CnH2n−2C_{n}H_{2n-2}
(द) CnHnC_{n}H_{n}

प्रश्न [22]. एथेनॉल का दुरूपयोग रोकने के लिए उसमें कौनसा जहरीला पदार्थ मिलाया जाता है?

(अ) मिथेनॉल
(ब) मिथेनॉइक अम्ल
(स) एथेनॉइक अम्ल
(द) प्रोपेनॉन

प्रश्न [23]. बेंजीन का अणुसूत्र क्या है- (प्रश्न बैंक)

(अ) C6H12C_{6}H_{12}
(ब) C6H6C_{6}H_{6}
(स) C6H14C_{6}H_{14}
(द) C6H10C_{6}H_{10}

प्रश्न [24]. निम्न में से कौनसा असंतृप्त हाइड्रोकार्बन का रासायनिक सूत्र है-

(अ) CH4CH_{4}
(ब) C3H8C_{3}H_{8}
(स) C2H6C_{2}H_{6}
(द) C2H4C_{2}H_{4}

प्रश्न [25]. कार्बन का अपररूप जो विद्युत का सुचालक होता है-

(अ) हीरा
(ब) ग्रेफाइट
(स) फुलेरीन
(द) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न [26]. कार्बन से बना शुद्धतम तथा सबसे कठोर पदार्थ होता है-

(अ) हीरा
(ब) ग्रेफाइट
(स) फुलेरीन
(द) कोयला

प्रश्न [27]. CH3COOH+CH3−CH2OH→अम्ल[A]+H2OCH_{3}COOH+CH_{3}-CH_{2}OH \rightarrow \text{अम्ल}[A]+H_{2}O उपरोक्त अभिक्रिया में यौगिक (A)(A) हैं- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

(अ) CH3−CH2−O−CH2−CH3CH_{3}-CH_{2}-O-CH_{2}-CH_{3}
(ब) CH3−CH2−COOCH3CH_{3}-CH_{2}-COOCH_{3}
(स) H−C(=O)−O−CH2−CH2−CH3H-C(=O)-O-CH_{2}-CH_{2}-CH_{3}
(द) CH3−C(=O)−O−CH2−CH3CH_{3}-C(=O)-O-CH_{2}-CH_{3}

प्रश्न [28]. 2CH3COOH+Na2CO3→………A………+H2O+CO22CH_{3}COOH+Na_{2}CO_{3} \rightarrow ………A………+H_{2}O+CO_{2} उपरोक्त अभिक्रिया में यौगिक (A)(A) है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

(अ) CH3COOCH_{3}COO
(ब) 2CH3COONa2CH_{3}COONa
(स) C2H5OHC_{2}H_{5}OH
(द) CaCO3CaCO_{3}

प्रश्न [29]. कीटोन में उपस्थित प्रकार्यात्मक समूह है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

(अ) −OH-OH
(ब) −C(=O)−-C(=O)-
(स) −C(=O)H-C(=O)H
(द) −C(=O)OH-C(=O)OH

प्रश्न [30]. मेथेन ( CH4CH_{4} ) में उपस्थित सहसंयोजक आबंधों की संख्या है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

(अ) 44
(ब) 77
(स) 1010
(द) 1313

प्रश्न [31]. संतृप्त हाइड्रोकार्बन है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

(अ) C2H2C_{2}H_{2}
(ब) C2H4C_{2}H_{4}
(स) C2H6C_{2}H_{6}
(द) C6H6C_{6}H_{6}

प्रश्न [32]. ग्लैशियल एसिटिक अम्ल का गलनांक होता है- (प्रश्न बैंक)

(अ) 240K240 K
(ब) 290K290 K
(स) 390K390 K
(द) 190K190 K

प्रश्न [33]. कार्बन परमाणु में पाए जाने वाली मुख्य विशेषताएँ है जो उसे पृथ्वी पर एक सर्वतोमुखी तत्व बनाती है? (प्रश्न बैंक)

(अ) चतु:संयोजकता

(ब) श्रृंखलन

(स)

(अ) व

(ब) दोनों

(द) मजबूत आयनिक बंधन

उत्तर-तालिका

1.(अ)

2.(अ)

3.(ब)

4.(स)

5.(ब)

6.(ब)

7.(ब)

8.(ब)

9.(ब)

10.(स)

11.(स)

12.(द)

13.(स)

14.(द)

15.(अ)

16.(द)

17.(ब)

18.(स)

19.(द)

20.(ब)

21.(स)

22.(अ)

23.(ब)

24.(द)

25.(ब)

26.(अ)

27.(द)

28.(ब)

29.(ब)

30.(अ)

31.(स)

32.(ब)

33.(स)

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. कार्बन-कार्बन एकल बन्धयुक्त यौगिक ............. कहलाते हैं। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

2. ............. बायोगैस एवं संपीडित प्राकृतिक गैस ( CNGCNG ) का प्रमुख घटक है।

3. कार्बन परमाणु द्वारा अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ लंबी श्रृंखला बनाने के गुण को ............. कहते हैं।

4. वसीय अम्लों के एस्टरों का सोडियम हाइड्रोक्साइड से क्षारीय अपघटन ............. कहलाता है।

5. एसिटिक अम्ल के 3−43-4% विलयन को ............. कहा जाता है।

--- | ---

6. विकृत ऐल्कोहॉल की पहचान करने के लिए इसमें ............... मिलाकर इसका रंग नीला बना दिया जाता है।

7. कुछ पदार्थों में अन्य पदार्थों को ऑक्सीजन देने की क्षमता होती है। इन पदार्थों को ............. कहा जाता है।

8. केवल ................. पदार्थों के जलने पर ही ज्वाला उत्पन्न होती है।

9. C3H8C_{3}H_{8} अणु में उपस्थित सहसंयोजक आबंधों की संख्या ................. है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

10. हाइड्रोकार्बन यौगिकों में हाइड्रोजन को प्रतिस्थापित करने वाले तत्वों को ................. कहते हैं। (प्रश्न बैंक)

11. प्रोपेनोन में उपस्थित क्रियात्मक समूह ................. है। (प्रश्न बैंक)

12. प्रोपेनैल में उपस्थित क्रियात्मक समूह ................. है। (प्रश्न बैंक)

13. CH3−CH2OH+O→K2Cr2O7/H2SO4CH3COOHCH_{3}-CH_{2}OH+O \rightarrow K_{2}Cr_{2}O_{7}/H_{2}SO_{4}CH_{3}COOH यह ................. अभिक्रिया है। (प्रश्न बैंक)

14. वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण में ................. उत्प्रेरक का उपयोग करके संतृप्त यौगिक प्राप्त करते हैं। (प्रश्न बैंक)

15. ब्यूटेनॉन में उपस्थित क्रियात्मक समूह ................. है। (प्रश्न बैंक)

16. एल्केन का सामान्य सूत्र ................. है। (प्रश्न बैंक)

17. एल्कीन का सामान्य सूत्र ................. है। (प्रश्न बैंक)

18. एल्काइन का सामान्य सूत्र ................. है। (प्रश्न बैंक)

19. ब्यूटेनोइक अम्ल में उपस्थित क्रियात्मक समूह ................. है। (प्रश्न बैंक)

उत्तर - 1. एल्केन, 2. मिथेन, 3. श्रृंखलन, 4. साबुनीकरण, 5. सिरका, 6. रंजक, 7. ऑक्सीकारक, 8. गैसीय, 9. 10, 10. विषम परमाणु, 11. कीटोन, 12. ऐल्डिहाइड, 13. ऑक्सीकरण, 14. निकिल, 15. कीटोन, 16. CnH2n+2C_{n}H_{2n+2} , 17. CnH2nC_{n}H_{2n} , 18. CnH2n−2C_{n}H_{2n-2} , 19. कार्बोक्सिलिक अम्ल।

सुमेलन संबंधी प्रश्न-

प्रश्न 1. निम्न को सुमेलित कीजिए-

कार्बनिक यौगिक का नाम

कार्बनिक यौगिक का सूत्र

A. प्रोपेन

(i) C2H4C_{2}H_{4}

B. ऐथीन

(ii) C3H8C_{3}H_{8}

C. साइक्लोहेक्सेन

(iii) C6H6C_{6}H_{6}

D. बेन्जीन

(iv) C6H12C_{6}H_{12}

उत्तर - A-(ii), B-(i), C-(iv), D-(iii)

प्रश्न 2. निम्न को सुमेलित कीजिए-

कार्बनिक यौगिक का प्रकार

प्रकार्यात्मक समूह का फॉर्मूला

A. ऐल्कोहॉल

(i) −C=O−OH-C=O-OH

B. ऐल्डिहाइड

(ii) −C=O−-C=O-

C. कीटोन

(iii) −OH-OH

D. कार्बोक्सिलिक अम्ल

(iv) −C=O−H-C=O-H

उत्तर - A-(iii), B-(iv), C-(ii), D-(i)

प्रश्न 3. मिलान करो-

यौगिक

श्रेणी

(1) एथेन

(A) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (एरोमेटिक यौगिक)

(2) बेन्जीन

(B) लंबी श्रृंखला वाले संतृप्त हाइड्रोकार्बन

(3) प्रोपाइन | (C) संतृप्त हाइड्रोकार्बन (4) हेक्सेन | (D) विषम परमाणु युक्त हाइड्रोकार्बन (5) मेथिल एल्कोहॉल | (E) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन

उत्तर-(1)-(C), (2)-(A), (3)-(E), (4)-(B), (5)-(D)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. मेथेन के दहन का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।

उत्तर- मेथेन के दहन का संतुलित समीकरण-

CH4+2O2→CO2+2H2OCH_{4}+2O_{2} \rightarrow CO_{2}+2H_{2}O

मेथेन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, जल

प्रश्न 2. एल्कीनों का सामान्य रासायनिक सूत्र क्या है?

उत्तर- एल्कीनों का सामान्य सूत्र CnH2nC_{n}H_{2n} है।

प्रश्न 3. 'फुलेरीन' क्या है?

उत्तर- फुलेरीन कार्बन का अपररूप है, जिसमें कार्बन के परमाणु फुटबॉल के रूप में व्यवस्थित होते हैं।

प्रश्न 4. मेथेन ( CH4CH_{4} ) की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना बनाइए।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23; प्रश्न बैंक)

अथवा

मीथेन की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना को चित्रित कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

उत्तर-

[मेथेन (CH_4) की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 16

**मेथेन/मीथेन ( CH4CH_{4} ) की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना**

प्रश्न 5. सिरके में उपस्थित कार्बनिक अम्ल का नाम व रासायनिक सूत्र लिखिए।

उत्तर- सिरके में उपस्थित कार्बनिक अम्ल ऐसीटिक अम्ल है, जिसका रासायनिक सूत्र CH3COOHCH_{3}COOH होता है।

प्रश्न 6. एथेनॉइक अम्ल के दो उपयोग लिखिए।

उत्तर-

(i) एस्टर, सिरका बनाने में। (ii) साबुन तैयार करने में।

प्रश्न 7. निम्न यौगिकों का नामकरण कीजिए-

(i) CH3−CH=CH2CH_{3}-CH=CH_{2} (ii) CH3−C=OCH_{3}-C=O (नीचे HH )

(प्रश्न बैंक)

उत्तर-

(i) CH3−CH=CH2→CH_{3}-CH=CH_{2} \rightarrow प्रोपीन

(ii) CH3−C=OCH_{3}-C=O (नीचे HH ) →\rightarrow ऐथेनैल (ऐसीटेल्डिहाइड)

प्रश्न 8. यौगिक CH3COOHCH_{3}COOH का नाम लिखिए तथा इसका प्रकार्यात्मक समूह पहचानिए।

उत्तर- यौगिक CH3COOHCH_{3}COOH ऐसीटिक अम्ल (एथेनॉइक अम्ल) है तथा इसका प्रकार्यात्मक समूह −COOH-COOH (कार्बोक्सिलिक समूह) होता है।

प्रश्न 9. निम्नलिखित यौगिकों के नाम दीजिए-

(a) एथेन से उत्पन्न एक एल्कोहॉल।
(b) ब्यूटेन से व्युत्पन्न एक कीटोन।
(c) मेथेन से व्युत्पन्न एक कार्बोक्सिलिक अम्ल।

उत्तर-(a) एथेनॉल (b) ब्यूटेनोन (c) मेथेनोइक अम्ल।

प्रश्न 10. एक कार्बनिक यौगिक कज्जली (काली) ज्वाला के साथ जलता है। यह संतृप्त यौगिक है या असंतृप्त?

उत्तर- असंतृप्त।

प्रश्न 11. प्रकार्यात्मक समूह −COOH-COOH का नाम लिखिए।

उत्तर- कार्बोक्सिलिक समूह।

प्रश्न 12. ब्यूटेनोन की संरचना चित्रित कीजिए।

उत्तर- CH3−CH2−C−CH3CH_{3}-CH_{2}-C-CH_{3} या

[Structural formula of Butanone]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 17

प्रश्न 13. भोजन पकाने के लिए किन तेलों का उपयोग करना चाहिए?

उत्तर- असंतृप्त वसा अम्लों से युक्त तेलों का।

प्रश्न 14. CNGCNG का पूरा नाम लिखिए।

उत्तर- CNGCNG का पूरा नाम 'संपीडित प्राकृतिक गैस' (Compressed Natural Gas) है।

प्रश्न 15. कोयले तथा पेट्रोलियम को जीवाश्मी ईंधन क्यों कहते हैं?

उत्तर- कोयले तथा पेट्रोलियम का निर्माण जैवमात्रा से हुआ है इसलिए इन्हें जीवाश्मी ईंधन कहते हैं।

प्रश्न 16. एस्टर की उपयोगिता बताइए।

उत्तर- सामान्यतया एस्टर की गंध मृदु होती है इसलिए इसका उपयोग इत्र बनाने एवं स्वाद उत्पन्न करने वाले कारक के रूप में किया जाता है।

प्रश्न 17. कार्बन परमाणु की ज्यामिति कैसी होती है?

उत्तर- कार्बन परमाणु की ज्यामिति चतुष्फलकीय होती है।

प्रश्न 18. एल्काइन श्रेणी का सामान्य सूत्र क्या है?

उत्तर- एल्काइन श्रेणी का सामान्य सूत्र CnH2n−2C_{n}H_{2n-2} होता है।

प्रश्न 19. अपमार्जक सामान्यतः किस प्रकार के लवण होते हैं?

उत्तर- अपमार्जक लम्बी कार्बोक्सिलिक अम्ल श्रृंखला के अमोनियम एवं सल्फोनेट लवण होते हैं।

प्रश्न 20. IUPACIUPAC का पूरा नाम लिखिए।

उत्तर- IUPAC=InternationalUnionofPureandAppliedChemistryIUPAC=International Union of Pure and Applied Chemistry (अन्तर्राष्ट्रीय विशुद्ध और अनुप्रयुक्त रसायन संघ)।

प्रश्न 21. साबुन क्या होते हैं?

उत्तर- साबुन लम्बी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम ( RCOO−Na+RCOO^{-}Na^{+} ) या पोटैशियम ( RCOO−K+RCOO^{-}K^{+} ) लवण होते हैं।

प्रश्न 22. सहसंयोजी आबंध किसे कहते हैं?

उत्तर- दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन युग्म की साझेदारी से बने बन्ध को सहसंयोजी आबंध कहते हैं। यह एक प्रबल आबंध है।

प्रश्न 23. ऐल्केन श्रेणी के प्रारम्भिक 66 सदस्यों के नाम लिखिए।

उत्तर- ऐल्केन श्रेणी में मेथेन ( CH4CH_{4} ), एथेन ( C2H6C_{2}H_{6} ), प्रोपेन ( C3H8C_{3}H_{8} ), ब्यूटेन ( C4H10C_{4}H_{10} ), पेन्टेन ( C5H12C_{5}H_{12} ) तथा हेक्सेन ( C6H14C_{6}H_{14} ) प्रारम्भिक 66 सदस्य हैं।

प्रश्न 24. विषम परमाणु (Hetero atom) किसे कहते हैं?

उत्तर- हाइड्रोकार्बन श्रृंखला में वह तत्व जो एक या अधिक हाइड्रोजन परमाणुओं को प्रतिस्थापित करते हैं उन्हें विषम परमाणु कहते हैं। जैसे-हेलोजन ( F,Cl,Br,IF, Cl, Br, I ), ऑक्सीजन, नाइट्रोजन तथा सल्फर।

प्रश्न 25. क्रियात्मक समूह कीटोन का अनुलग्न क्या होता है?

उत्तर- कीटोन ( >C=O>C=O ) का अनुलग्न ओन (one) होता है।

प्रश्न 26. ऑक्सीकारक किसे कहते हैं?

उत्तर- वे पदार्थ, जो दूसरे पदार्थ को ऑक्सीजन देने की क्षमता रखते हैं, अर्थात् जो दूसरे पदार्थ का ऑक्सीकरण करते हैं, उन्हें ऑक्सीकारक कहते हैं।

प्रश्न 27. उत्प्रेरक किसे कहते हैं?

उत्तर- वे पदार्थ, जो अभिक्रिया की दर (वेग) में परिवर्तन कर देते हैं लेकिन स्वयं उसमें भाग नहीं लेते, उन्हें उत्प्रेरक कहते हैं।

प्रश्न 28. ऐल्कोहॉल कौनसे यौगिक को कहा जाता है?

उत्तर- सामान्यतः एथेनॉल ( C2H5OHC_{2}H_{5}OH ) को ऐल्कोहॉल कहा जाता है। यह सभी ऐल्कोहॉली पेय पदार्थों का महत्वपूर्ण अवयव होता है।

प्रश्न 29. कार्बन की संयोजकता कितनी होती है?

उत्तर- कार्बन 'चतुःसंयोजक' होता है क्योंकि इसमें चार संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं।

प्रश्न 30. कार्बन अत्यंत मैत्रीपूर्ण तत्व क्यों कहलाता है?

उत्तर- कार्बन अन्य कार्बन परमाणु के साथ-साथ हाइड्रोजन, हैलोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन तथा सल्फर के साथ आसानी से सहसंयोजी आबंध बनाता है इसलिए अत्यंत मैत्रीपूर्ण तत्व कहलाता है।

प्रश्न 31. घरों में उपयोग में लाई जाने वाली गैस/केरोसीन के स्टोव में छिद्र क्यों होते हैं?

उत्तर- घरों में प्रयुक्त गैस/केरोसीन के स्टोव में वायु के प्रवेश के लिए छिद्र होते हैं जिनसे पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन-समृद्ध मिश्रण जलकर नीली ज्वाला दे सके।

प्रश्न 32. यदि संतृप्त हाइड्रोकार्बन का दहन सीमित वायु में किया जाए तो क्या होगा?

उत्तर- वायु की आपूर्ति को सीमित कर देने से अपूर्ण दहन होने पर संतृप्त हाइड्रोकार्बनों से भी कज्जली ज्वाला निकलेगी।

प्रश्न 33. एथेनॉल के मुख्य उपयोग क्या हैं?

उत्तर- एथेनॉल एक अच्छा विलायक है अतः इसका उपयोग टिंचर, आयोडीन, कफ सीरप, टॉनिक आदि जैसी औषधियों में होता है।

प्रश्न 34. ऐसिटिक अम्ल की NaOHNaOH के साथ अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।

उत्तर- CH3COOH+NaOH→CH3COO−Na++H2OCH_{3}COOH+NaOH \rightarrow CH_{3}COO^{-}Na^{+}+H_{2}O

(ऐसिटिक अम्ल) (सोडियम एसीटेट/एथेनोएट)

प्रश्न 35. C4H9OHC_{4}H_{9}OH का IUPAC नाम क्या है?

उत्तर- C4H9OHC_{4}H_{9}OH का IUPAC नाम ब्यूटेनॉल है।

प्रश्न 36. शुद्ध एथेनॉइक अम्ल (ऐसिटिक अम्ल) को ग्लैशल ऐसिटिक अम्ल क्यों कहते हैं?

उत्तर- शुद्ध एथेनॉइक अम्ल का गलनांक 290K290 K होता है, इसलिए यह ठण्डी जलवायु में शीत के दिनों में जम जाता है। इसलिए इसे ग्लैशल ऐसिटिक अम्ल कहते हैं।

प्रश्न 37. हाइड्रोकार्बन किसे कहते हैं?

उत्तर- वे कार्बनिक यौगिक जिनमें केवल कार्बन तथा हाइड्रोजन होते हैं, उन्हें हाइड्रोकार्बन कहते हैं।

प्रश्न 38. कार्बन श्रृंखलाएँ कितने प्रकार की होती हैं?

उत्तर- कार्बनिक यौगिकों में कार्बन श्रृंखलाएँ सीधी, शाखित या वलय के रूप में भी होती हैं। ये सभी यौगिक संतृप्त अथवा असंतृप्त हो सकते हैं।

प्रश्न 39. सर्वप्रथम अमोनियम सायनेट से यूरिया का निर्माण कब एवं किसने किया था?

उत्तर- 18281828 में 'फ्रेडरिक वोहलर' ने अमोनियम सायनेट से यूरिया का निर्माण किया था।

प्रश्न 40. ऐल्केन, ऐल्कीन तथा ऐल्काइन किसे कहते हैं?

उत्तर- संतृप्त हाइड्रोकार्बन को ऐल्केन ( C−CC-C ) तथा ( C=CC=C ) द्विआबन्ध युक्त असंतृप्त हाइड्रोकार्बन को ऐल्कीन एवं ( C≡CC≡C ) त्रिआबन्ध युक्त असंतृप्त हाइड्रोकार्बन को ऐल्काइन कहते हैं।

प्रश्न 41. सहसंयोजक यौगिक विद्युत के कुचालक होते हैं तथा इनका गलनांक एवं क्वथनांक कम होता है। क्यों?

उत्तर- सहसंयोजक यौगिक विद्युत के कुचालक होते हैं क्योंकि सहसंयोजक यौगिकों में आयन नहीं होते तथा इनमें अणुओं के मध्य दुर्बल अंतराण्विक आकर्षण बल पाया जाता है।

प्रश्न 42. मिथेन ( CH4CH_{4} ) का एक उपयोग लिखिए।

--- | ---

उत्तर— CH4CH_{4} ईंधन के रूप में प्रयुक्त होता है तथा यह बायो गैस एवं संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) का प्रमुख घटक है।

प्रश्न 43. 'संरचनात्मक समावयव' किसे कहते हैं?

उत्तर—समान आणविक सूत्र लेकिन विभिन्न संरचनाओं वाले यौगिक संरचनात्मक समावयव कहलाते हैं।

प्रश्न 44. हाइड्रोकार्बन के दहन से निकलने वाली ज्वाला की प्रकृति किस पर निर्भर करती है?

उत्तर—दहन किया जाने वाला हाइड्रोकार्बन यदि संतृप्त हाइड्रोकार्बन है तो स्वच्छ नीली ज्वाला निकलेगी जबकि असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होने पर अत्यधिक काले धुएँ वाली पीली ज्वाला निकलेगी।

प्रश्न 45. किसकी उपस्थिति के कारण कठोर जल में साबुन प्रभावी नहीं होता है?

उत्तर—कठोर जल में उपस्थित कैल्शियम एवं मैग्नीशियम लवणों के कारण।

प्रश्न 46. कार्बन के दो अपरूपों के नाम लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

उत्तर—कार्बन के दो अपरूपों के नाम निम्न हैं-(i) ग्रेफाइट, (ii) हीरा।

प्रश्न 47. मिसेल की संरचना का चित्र बनाइये। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

अथवा

साबुन की मिसेल संरचना को चित्रित कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

उत्तर—मिसेल की संरचना का चित्र—

[साबुन की मिसेल संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 18

चित्र- साबुन की मिसेल संरचना

प्रश्न 48. दो जीवाश्मी ईंधनों के नाम लिखिए।

उत्तर—दो जीवाश्मी ईंधनों के नाम निम्न हैं-(i) कोयला, (ii) पेट्रोलियम पदार्थ।

प्रश्न 49. आजकल पेट्रोल में ऐल्कोहॉल डालकर प्रयोग किया जाने लगा है, क्यों?

उत्तर—पेट्रोल में ऐल्कोहॉल डालकर ईंधन के रूप में प्रयोग करते हैं क्योंकि ऐल्कोहॉल बिना किसी प्रदूषण के जलता है।

प्रश्न 50. हीरा विद्युत का चालन नहीं करता है। क्यों? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

उत्तर—हीरे में कार्बन परमाणु सहसंयोजी आबंध से आबंधित होकर दृढ़ त्रिआयामी संरचना बनाते हैं इसलिए हीरा विद्युत का चालन नहीं करता है।

प्रश्न 51. कार्बन का परमाणु क्रमांक कितना होता है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

उत्तर— 66

प्रश्न 52. CH3−C≡CHCH_{3}-C≡CH का नाम लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

उत्तर—प्रोपाइन

प्रश्न 53. कार्बोक्सिलिक अम्ल में उपस्थित प्रकार्यात्मक समूह का सूत्र लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर—

OO

∥∥

−C−OH-C-OH

( प्रश्न बैंक )

प्रश्न 54. निम्नलिखित में से संतृप्त एवं असंतृप्त हाइड्रोकार्बन छाँटिए—

प्रोपेन, ब्युटीन, साइक्लो हेक्सेन, एथाइन।

उत्तर— संतृप्त हाइड्रोकार्बन—प्रोपेन

असंतृप्त हाइड्रोकार्बन—ब्युटीन, साइक्लो हेक्सेन, एथाइन।

लघूत्तरात्मक प्रश्न—

प्रश्न 1. नाइट्रोजन अणु की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना को चित्रित कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

उत्तर—

[नाइट्रोजन अणु की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 19

चित्र : N2N_{2} की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना

N≡NN≡N

प्रश्न 2. ब्युटेन के लिए आप कितने संरचनात्मक समावयवों का चित्रण कर सकते हैं?

उत्तर— ब्युटेन ( C4H10C_{4}H_{10} ) के दो समावयवी होते हैं—

(i) n-ब्युटेन (नॉर्मल ब्युटेन)

CH3−CH2−CH2−CH3CH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{3} या

H−C−C−C−C−HH-C-C-C-C-H (with H atoms attached)

(ii) आइसोब्युटेन (2-मेथिल प्रोपेन)

CH3−CH−CH3CH_{3}-CH-CH_{3} (with CH3CH_{3} branch) या

H−C−C−C−HH-C-C-C-H (with H atoms and CH3CH_{3} branch)

प्रश्न 3. एसिटिक अम्ल तथा एथिल अल्कोहल के सूत्र तथा प्रकार्यात्मक समूह लिखिए।

उत्तर— (i) एसिटिक अम्ल—

सूत्र = CH3COOHCH_{3}COOH या H−C−C−O−HH-C-C-O-H (with OO double bond)

प्रकार्यात्मक समूह = कार्बोक्सिलिक समूह ( −COOH-COOH )

(ii) एथिल अल्कोहल—

सूत्र = C2H5OHC_{2}H_{5}OH या H−C−C−OHH-C-C-OH (with H atoms)

प्रकार्यात्मक समूह = हाइड्रॉक्सिल समूह ( −OH-OH )

प्रश्न 4. कार्बन का क्या महत्त्व है? समझाइए।

उत्तर— कार्बन का तत्व तथा संयुक्त अवस्था दोनों में ही बहुत महत्त्व होता है। कार्बन सर्वतोमुखी (Versatile) तत्व है। भोजन, कपड़े, दवाएँ, पुस्तकें आदि अनेक वस्तुएँ कार्बन पर आधारित होती हैं। इनके अतिरिक्त, सभी सजीव (मनुष्य आदि) संरचनाएँ भी कार्बन पर आधारित होती हैं। भूपर्पटी तथा वायुमण्डल में अल्प मात्रा में कार्बन उपस्थित है। भूपर्पटी में

खनिजों [जैसे कार्बोनेट ( CO32−CO_{3}^{2-} ), हाइड्रोजनकार्बोनेट, कोयला एवं पेट्रोलियम] के रूप में केवल 0.020.02% कार्बन उपस्थित है तथा वायुमण्डल में 0.030.03% कार्बन डाइऑक्साइड उपस्थित है। प्रकृति में इतनी अल्पमात्रा में कार्बन उपस्थित होने के बावजूद कार्बन का अत्यधिक महत्त्व है।

प्रश्न 5. कार्बन के यौगिकों में सहसंयोजी बन्ध होता है, आयनिक क्यों नहीं? समझाइए।

उत्तर- कार्बन का परमाणु क्रमांक 66 है (2)(2) । इसके बाह्यतम कोश में 44 इलेक्ट्रॉन होते हैं। बन्ध बनाते समय परमाणु में उत्कृष्ट गैस विन्यास प्राप्त करने की प्रवृत्ति होती है।

आयनिक बन्ध बनाने में बाहरी कोश के इलेक्ट्रॉन का त्याग किया जाता है या इलेक्ट्रॉन प्राप्त किए जाते हैं। कार्बन के बाहरी कोश में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं तथा उत्कृष्ट गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए इसको चार इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने या खोने की आवश्यकता होती है। यदि इसे इलेक्ट्रॉनों को प्राप्त करना या खोना है तो

(i) यह चार इलेक्ट्रॉन प्राप्त कर C4−C^{4-} ऋणायन बना सकता है। लेकिन छ: प्रोटॉन वाले नाभिक के लिए दस इलेक्ट्रॉन धारण करना मुश्किल है।

(ii) यह चार इलेक्ट्रॉन खोकर C4+C^{4+} धनायन बना सकता है। लेकिन चार इलेक्ट्रॉनों को खोकर छ: प्रोटॉन वाले नाभिक में केवल दो इलेक्ट्रॉनों का धनायन बनाने के लिए अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

अतः कार्बन के यौगिक आयनिक नहीं होते तथा बन्ध बनाते समय कार्बन अन्य कार्बन परमाणु तथा अन्य तत्वों से संयोजकता इलेक्ट्रॉनों का साझा करके सहसंयोजी बन्ध बनाता है। इससे दोनों परमाणुओं में उत्कृष्ट गैस विन्यास प्राप्त हो जाता है।

प्रश्न 6. क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट व अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट 'ऑक्सीकारक' क्यों कहलाते हैं? समझाइए।

उत्तर- क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट व अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट ऐल्कोहॉलों को अम्लों में ऑक्सीकृत कर देते हैं अर्थात् ये आरम्भिक पदार्थ में ऑक्सीजन जोड़ देते हैं इसलिए इनको ऑक्सीकारक कहते हैं।

CH3−CH2−OH→याअम्लीकृतK2Cr2O7+ऊष्माक्षारीयKMnO4+ऊष्माCH3COOHCH_{3}-CH_{2}-OH \rightarrow \text{या} \text{अम्लीकृत} K_{2}Cr_{2}O_{7}+\text{ऊष्मा}\text{क्षारीय} KMnO_{4}+\text{ऊष्मा}CH_{3}COOH

(ऐथेनॉल) (ऐसिटिक अम्ल)

प्रश्न 7. 'विषम परमाणु' किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।

उत्तर- कार्बन अन्य तत्वों, जैसे-हैलोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन तथा सल्फर के साथ सहसंयोजी आबंध बनाता है। हाइड्रोकार्बन श्रृंखला में ये तत्व एक या अधिक हाइड्रोजन को इस प्रकार प्रतिस्थापित करते हैं कि कार्बन की संयोजकता संतुष्ट रहती है। ऐसे यौगिकों में हाइड्रोजन को प्रतिस्थापित करने वाले तत्वों को विषम परमाणु कहते हैं। उदाहरण-

CH4+Cl2→सूर्यकाप्रकाशCH3Cl+HClCH_{4}+Cl_{2} \rightarrow \text{सूर्य} \text{का} \text{प्रकाश}CH_{3}Cl+HCl

प्रश्न 8. प्रकार्यात्मक समूह किसे कहते हैं? उदाहरण द्वारा समझाइए।

उत्तर- प्रकार्यात्मक समूह (Functional Group)-वह विषम परमाणु अथवा परमाणुओं का समूह, जो कार्बन यौगिकों को विशिष्ट गुण प्रदान करता है तथा क्रियाओं को सुनिश्चित करता है, प्रकार्यात्मक समूह कहलाता है।

कार्बन यौगिकों में कुछ प्रकार्यात्मक समूह निम्न प्रकार से हैं-

विषम परमाणु

यौगिकों का प्रकार

प्रकार्यात्मक समूह का सूत्र

Cl/BrCl/Br

1. हैलो-(क्लोरो/ब्रोमो)

−Cl,−Br-Cl,-Br (हाइड्रोजन परमाणु के प्रतिस्थापी)

ऑक्सीजन

2. ऐल्कोहॉल

−OH-OH

 

3. ऐल्डिहाइड

−C=O/H-C=O/H

 

4. कीटोन

−C=O-C=O

 

5. कार्बोक्सिलिक अम्ल

−C=O/OH-C=O/OH

इनमें एकल रेखाओं द्वारा समूह की मुक्त संयोजकता दर्शाई गई है जिसके द्वारा यह हाइड्रोकार्बन से जुड़ता है।

प्रश्न 9. कुछ विज्ञापनों में यह क्यों कहा जाता है कि वनस्पति तेल 'स्वास्थ्यवर्धक' होते हैं?

उत्तर- साधारणतः जंतु वसा में संतृप्त वसा अम्ल होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाते हैं। जबकि वनस्पति तेलों में साधारणतः लंबी असंतृप्त कार्बन श्रृंखलाएँ होती हैं इसलिए इन्हें स्वास्थ्यवर्धक कहा जाता है।

प्रश्न 10. समजातीय श्रेणी में भौतिक गुणों में क्रमबद्धता होती है, क्यों?

उत्तर- किसी समजातीय श्रेणी में कार्बन बढ़ने पर आणविक द्रव्यमान बढ़ता है तो भौतिक गुणों में क्रमबद्धता दिखाई देती है क्योंकि आणविक द्रव्यमान बढ़ने पर गलनांक और क्वथनांक में वृद्धि होती है। चूँकि भौतिक गुण आणविक द्रव्यमान पर निर्भर करते हैं, इसलिए भौतिक गुणधर्मों में भी क्रमबद्धता दिखाई देती है।

प्रश्न 11. अँगीठी में जलने वाला कोयला लाल रंग के समान उज्ज्वल होता है तथा बिना ज्वाला के ऊष्मा देता है। ऐसा क्यों होता है?

उत्तर- ऐसा इसलिए होता है क्योंकि केवल गैसीय पदार्थों के जलने पर ही ज्वाला उत्पन्न होती है। लकड़ी को जलाने पर उपस्थित वाष्पशील पदार्थ वाष्पीकृत हो जाते हैं जिससे कोयले में ऐसे पदार्थों की कमी हो जाती है और वे बिना ज्वाला के ऊष्मा देने लगते हैं।

**प्रश्न 12. (a) दो ऐल्कीनों में कार्बन परमाणुओं की संख्या क्रमशः 44 व 66 है तो कमरे के ताप पर इनकी भौतिक अवस्था क्या होगी?**

**(b) CnH2n−2C_{n}H_{2n-2} सामान्य सूत्र वाली सजातीय श्रेणी के तीसरे तथा पाँचवें सदस्य का सूत्र तथा नाम लिखिए।**

उत्तर- (a) 44 कार्बन का ऐल्कीन ब्यूटीन होता है जो कि कमरे के ताप पर गैस होता है जबकि 66 कार्बन का ऐल्कीन हेक्सीन है जो कमरे के ताप पर द्रव है।

(b) CnH2n−2C_{n}H_{2n-2} सामान्य सूत्र ऐल्काइन श्रेणी का है, इसमें nn का मान 22 से प्रारम्भ होता है। ( n=2,3,4…n=2,3,4… )

अतः इस श्रेणी के तीसरे सदस्य के लिए n=4n=4 एवं पाँचवें सदस्य के लिए n=6n=6 होगा। अतः तीसरा सदस्य ब्यूटाइन ( C4H6C_{4}H_{6} ) तथा पाँचवाँ सदस्य हेक्साइन ( C6H10C_{6}H_{10} ) होगा।

**प्रश्न 13. एक कार्बनिक यौगिक AA जिसका अणुसूत्र C2H6OC_{2}H_{6}O है ऑक्सीकरण करने पर अम्ल BB देता है, जिसमें कार्बन परमाणुओं की संख्या AA के समान है। यौगिक AA डॉक्टरों द्वारा त्वचा के निर्जीवाणुकरण में प्रयुक्त किया जाता है तो यौगिक AA तथा BB का नाम क्या है तथा AA से BB के बनने की अभिक्रिया भी लिखिए।**

उत्तर- A(C2H6O)→ऑक्सीकरणअम्ल(B)A(C_{2}H_{6}O) \rightarrow \text{ऑक्सीकरण}\text{अम्ल} (B)

अतः BB कार्बनिक अम्ल है जिसमें दो कार्बन हैं तथा BB में −COOH-COOH समूह भी होगा। अतः B,CH3COOHB,CH_{3}COOH होगा। एक कार्बोक्सिलिक अम्ल ऐल्कोहॉल के ऑक्सीकरण से प्राप्त हो जाता है तथा ऐल्कोहॉल को त्वचा के निर्जीवाणुकरण (Sterilisation) में प्रयुक्त किया जाता है अतः यौगिक AA एथिल ऐल्कोहॉल या ऐथेनॉल ( C2H5OHC_{2}H_{5}OH ) है तथा रासायनिक समीकरण निम्न प्रकार से है-

C2H5OH+O2→ऑक्सीकरणCH3COOH+H2OC_{2}H_{5}OH+O_{2} \rightarrow \text{ऑक्सीकरण}CH_{3}COOH+H_{2}O

(ऐथेनॉल) (ऐथेनोइक अम्ल)

प्रश्न 14. 'विकृत ऐल्कोहॉल' किसे कहते हैं?

अथवा

ऐल्कोहॉल के विकृतिकरण से आप क्या समझते हैं?

उत्तर- औद्योगिक उपयोग के लिए तैयार ऐथेनॉल का दुरुपयोग रोकने के लिए इसमें मेथेनॉल जैसा जहरीला पदार्थ मिला दिया जाता है जिससे यह पीने योग्य न रह जाए। ऐसे ऐल्कोहॉल की पहचान के लिए इसमें रंजक मिलाकर इसका रंग नीला बना दिया जाता है। ऐसे ऐल्कोहॉल को विकृत ऐल्कोहॉल कहते हैं।

**प्रश्न 15. तीन संतृप्त हाइड्रोकार्बन A,BA,B तथा CC के क्वथनांक क्रमशः −162∘C,−42.2∘C-162^{∘}C,-42.2^{∘}C तथा −0.5∘C-0.5^{∘}C हैं। निम्न में से किस हाइड्रोकार्बन में कार्बन परमाणुओं की संख्या सबसे अधिक होगी?**

उत्तर- यौगिक CC में कार्बन परमाणुओं की संख्या सबसे अधिक होगी, क्योंकि इसका क्वथनांक सबसे अधिक है तथा हम जानते हैं कि कार्बन परमाणुओं की संख्या बढ़ने पर अणुभार बढ़ता है, जिससे अणुओं के मध्य अन्तराणुक आकर्षण बल बढ़ता है। परिणामस्वरूप क्वथनांक तथा गलनांक में वृद्धि हो जाती है।

**प्रश्न 16. CH3COOHCH_{3}COOH (एसिटिक अम्ल) के अम्लीय गुण को दर्शाने वाले दो परीक्षण लिखिए।**

उत्तर- एसिटिक अम्ल के अम्लीय गुण को दर्शाने के लिए निम्नलिखित दो परीक्षण किए जाते हैं-

(1) लिटमस परीक्षण- नीले लिटमस पत्र पर एसिटिक अम्ल की कुछ बूँदें डालने पर वह लाल हो जाता है, इससे इसके अम्लीय गुण की पुष्टि होती है।

(2) सोडियम बाइकार्बोनेट परीक्षण- एसिटिक अम्ल में सोडियम बाइकार्बोनेट का विलयन डालने पर CO2CO_{2} गैस बुदबुदाहट के साथ निकलती है। इससे पुनः एसिटिक अम्ल के अम्लीय गुण की पुष्टि होती है।

CH3COOH+NaHCO3→CH3COO⊖Na⊕+H2O+CO2↑CH_{3}COOH+NaHCO_{3} \rightarrow CH_{3}COO⊖Na⊕+H_{2}O+CO_{2} \uparrow

प्रश्न 17. (a) निम्न सूत्र वाले यौगिक किस सजातीय श्रेणी के हैं?

(i) C2H5−−−NH2C_{2}H_{5}---NH_{2} (ii) CH3COCH3CH_{3}COCH_{3}

(b) ऐल्डिहाइड तथा कीटोन के अणुओं में संरचनात्मक भिन्नता क्या है?

उत्तर- (a) (i) यौगिक एमीन श्रेणी का है जिसका क्रियात्मक समूह −NH2-NH_{2} है।

(ii) यौगिक कीटोन श्रेणी का है, जिसका क्रियात्मक समूह −C∥O−-C∥O- है।

(b) ऐल्डिहाइड के अणु में क्रियात्मक समूह −CHO-CHO होता है जबकि कीटोन में क्रियात्मक समूह >C=O>C=O होता है। ऐल्डिहाइड में कार्बोनिल समूह ( >C=O>C=O ) की मुक्त संयोजकताएँ एक HH तथा एक ऐल्किल समूह द्वारा संतुष्ट होती हैं जबकि कीटोन में >C=O>C=O समूह की दोनों संयोजकताएँ ऐल्किल समूह द्वारा संतुष्ट होती हैं।

प्रश्न 18. (a) एथेनॉल जल में विलेय है या नहीं?

**(b) एथेनॉल की गर्म व सान्द्र H2SO4H_{2}SO_{4} से क्रिया कराने पर क्या होगा?**

उत्तर- (a) एथेनॉल कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में होता है। यह जल में विलेय होता है। एथेनॉल को किसी भी अनुपात में जल में मिलाया जा सकता है।

(b) एथेनॉल की क्रिया गर्म व सान्द्र H2SO4H_{2}SO_{4} से कराने पर इसका निर्जलीकरण होकर एथीन बनती है।

CH3−CH2−OH→Δसान्द्रH2SO4(आधिक्य)/443KCH2=CH2एथीन+H2OCH_{3}-CH_{2}-OH \rightarrow \Delta \text{सान्द्र} H_{2}SO_{4} (\text{आधिक्य})/443KCH_{2}=CH_{2}\text{एथीन}+H_{2}O

इस अभिक्रिया में सान्द्र H2SO4H_{2}SO_{4} निर्जलीकारक का कार्य करता है जो एथेनॉल से जल को पृथक् कर देता है।

प्रश्न 19. 'एस्टरीकरण' किसे कहते हैं? समझाइए।

उत्तर- एस्टर मुख्य रूप से अम्ल एवं ऐल्कोहॉल की अभिक्रिया से निर्मित होते हैं। एथेनॉइक अम्ल किसी अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में परिशुद्ध एथेनॉल से अभिक्रिया करके एस्टर बनाते हैं। इसे एस्टरीकरण कहते हैं।

CH3−COOH(एथेनॉइकअम्ल)+C2H5−OH(एथेनॉल)→अम्लCH3−C−O−CH2−CH3(एस्टर)∥O+H2OCH_{3}-COOH(\text{एथेनॉइक} \text{अम्ल})+C_{2}H_{5}-OH(\text{एथेनॉल}) \rightarrow \text{अम्ल}CH_{3}-C-O-CH_{2}-CH_{3}(\text{एस्टर})∥O+H_{2}O

प्रश्न 20. 'साबुनीकरण' किसे कहते हैं? इसकी क्या उपयोगिता है?

उत्तर- जब एस्टर की अभिक्रिया सोडियम हाइड्रॉक्साइड (क्षार) से करवायी जाती है तो ऐल्कोहॉल एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल का सोडियम लवण बनता है। इस अभिक्रिया को साबुनीकरण कहते हैं।

CH3COOC2H5→NaOHC2H5OH+CH3COO⊖Na⊕CH_{3}COOC_{2}H_{5} \rightarrow NaOHC_{2}H_{5}OH+CH_{3}COO⊖Na⊕

इस अभिक्रिया का उपयोग साबुन तैयार करने में किया जाता है क्योंकि साबुन दीर्घ श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम अथवा पोटैशियम लवण होते हैं।

प्रश्न 21. सजीव प्राणियों पर एथेनॉल तथा मेथेनॉल का क्या प्रभाव पड़ता है? समझाइए।

उत्तर- **सजीव प्राणियों पर एथेनॉल ( C2H5OHC_{2}H_{5}OH ) तथा मेथेनॉल ( CH3OHCH_{3}OH ) का प्रभाव-** जब अधिक मात्रा में एथेनॉल का सेवन किया जाता है तो इससे उपापचयी क्रिया धीमी हो जाती है तथा केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र कमजोर हो जाता है। इसके

कारण समन्वय की कमी, मानसिक दुविधा, नींद आना, सामान्य बोध का कम हो जाना एवं भावशून्यता आती है। यद्यपि व्यक्ति राहत महसूस करता है लेकिन उसे पता नहीं चलता कि उसके सोचने, समझने की क्षमता तथा मांसपेशी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। एथेनॉल के विपरीत मेथेनॉल की थोड़ी-सी मात्रा लेने से मृत्यु हो सकती है।

यकृत में मेथेनॉल ऑक्सीकृत होकर मेथेनैल बन जाता है। मेथेनैल यकृत की कोशिकाओं के घटकों के साथ शीघ्र अभिक्रिया करने लगता है। इससे प्रोटोप्लाज्म स्कंदित हो जाता है। मेथेनैल नेत्र की तंत्रिका को भी प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति अंधा हो सकता है।

प्रश्न 22. ईंधन के रूप में ऐल्कोहॉल का उपयोग बताइए।

उत्तर— ईंधन के रूप में ऐल्कोहॉल का उपयोग—गन्ना सूर्य के प्रकाश को रासायनिक ऊर्जा में बदलने में सक्षम होता है। गन्ने का रस मोलेसेस (शीरा) बनाने के उपयोग में लाया जाता है, जिसका किण्वन करके ऐल्कोहॉल (एथेनॉल) तैयार किया जाता है। कुछ देशों में ऐल्कोहॉल में पेट्रोल मिलाकर उसे स्वच्छ ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह ईंधन पर्याप्त ऑक्सीजन होने पर केवल कार्बन डाइऑक्साइड एवं जल उत्पन्न करता है।

प्रश्न 23. अपमार्जक का प्रयोग कठोर जल में भी किया जा सकता है। क्यों?

उत्तर— अपमार्जक (detergent) लम्बी कार्बोक्सिलिक अम्ल श्रृंखला के अमोनियम एवं सल्फोनेट लवण होते हैं। इन यौगिकों के आवेशित सिरे कठोर जल में उपस्थित कैल्शियम एवं मैग्नीशियम आयनों के साथ अघुलनशील पदार्थ नहीं बनाते हैं। इस प्रकार ये कठोर जल में भी सफाई में प्रयुक्त हो सकते हैं। अपमार्जक का उपयोग सामान्यतः शैम्पू तथा कपड़े धोने के उत्पाद बनाने में किया जाता है।

प्रश्न 24. निम्नलिखित अभिकर्मकों के साथ एथेनॉल की रासायनिक अभिक्रियाओं के संतुलित समीकरण लिखिए- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

(i) NaNa (ii) 443K443K तापमान पर सांद्र H2SO4H_{2}SO_{4}

उत्तर— एथेनॉल की रासायनिक अभिक्रियाएँ-

(i) सोडियम ( NaNa ) के साथ अभिक्रिया-

2Na+2CH3CH2OH→2CH3CH2O−Na++H2↑2Na+2CH_{3}CH_{2}OH \rightarrow 2CH_{3}CH_{2}O^{-}Na^{+}+H_{2} \uparrow

(सोडियम एथॉक्साइड)

(ii) 443K443K तापमान पर सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल ( H2SO4H_{2}SO_{4} ) के साथ अभिक्रिया-

CH3−CH2OH→H2SO4गर्मसांद्रCH2=CH2+H2OCH_{3}-CH_{2}OH \rightarrow H_{2}SO_{4}\text{गर्म} \text{सांद्र}CH_{2}=CH_{2}+H_{2}O

(एथीन)

प्रश्न 25. मेथेनॉल की थोड़ी-सी मात्रा का सेवन भी घातक हो सकता है। टिप्पणी लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

उत्तर— यकृत में मेथेनॉल ऑक्सीकृत होकर मेथेनैल बन जाता है। मेथेनैल यकृत की कोशिकाओं के घटकों के साथ शीघ्र अभिक्रिया करने लगता है। इससे प्रोटोप्लाज्म स्कंदित हो जाता है। मेथेनैल नेत्र की तंत्रिका को भी प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति अंधा हो सकता है।

प्रश्न 26. चार प्रकार्यात्मक समूहों के नाम बताइए- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

उत्तर—

(i) −C=O-C=O (कीटोन) (ii) −C=O−OH-C=O-OH (कार्बोक्सिलिक अम्ल) (iii) −C=O−H-C=O-H (ऐल्डिहाइड) (iv) −OH-OH (ऐल्कोहॉल)

प्रश्न 27. जल की उपस्थिति में मैले कपड़े पर साबुन लगाने पर कपड़ा साफ क्यों हो जाता है? कारण लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

उत्तर— साबुन का आयनिक भाग जल से जबकि कार्बन श्रृंखला तेल से पारस्परिक क्रिया करती है। इस प्रकार साबुन के अणु मिसेली संरचना तैयार करते हैं, जहाँ अणु का एक सिरा तेल कण की ओर तथा आयनिक सिरा बाहर की ओर होता।

है। इससे जल में इमल्शन बनता है। इस प्रकार साबुन का मिसेल मैल को जल से बाहर निकलने में मदद करता है और कपड़े साफ हो जाते हैं।

प्रश्न 28. एथीन अणु की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना को चित्रित कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

उत्तर—

[एथीन की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 20

चित्र-एथीन की संरचना

प्रश्न 29. IUPAC का पूरा नाम बताइए। निम्नलिखित यौगिकों के IUPAC नाम लिखिए। (प्रश्न बैंक)

(i) CH3CH2OHCH_{3}CH_{2}OH (ii) CH3−C(=O)−CH2CH3CH_{3}-C(=O)-CH_{2}CH_{3} (iii) C4H9OHC_{4}H_{9}OH

उत्तर— IUPAC का पूरा नाम—International Union of Pure and Applied Chemistry (अन्तर्राष्ट्रीय विशुद्ध और अनुप्रयुक्त रसायन संघ)

(i) CH3CH2OHCH_{3}CH_{2}OH का IUPAC नाम—एथेनॉल

(ii) CH3−C(=O)−CH2CH3CH_{3}-C(=O)-CH_{2}CH_{3} का IUPAC नाम—ब्यूटेन-2-ओन

(iii) C4H9OHC_{4}H_{9}OH का IUPAC नाम—1-ब्यूटेनॉल

प्रश्न 30. संतृप्त तथा असंतृप्त कार्बनिक यौगिक में अन्तर लिखिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— वे कार्बनिक यौगिक जिनमें कार्बन-कार्बन के मध्य एकल सहसंयोजक आबन्ध पाया जाता है, संतृप्त कार्बनिक यौगिक कहलाते हैं तथा वे कार्बनिक यौगिक जिनमें कार्बन परमाणुओं के मध्य द्वि या त्रि-आबन्ध पाये जाते हैं, असंतृप्त कार्बनिक यौगिक कहलाते हैं।

प्रश्न 31. अपमार्जक साबुन से बेहतर है। कैसे? समझाइए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— साबुन कठोर जल में उपस्थित कैल्शियम एवं मैग्नीशियम लवणों से अभिक्रिया कर अघुलनशील पदार्थ बनाता है जबकि अपमार्जक सामान्यतः लम्बी कार्बन श्रृंखला वाले सल्फोनिक लवण अथवा लम्बी कार्बन श्रृंखला वाले अमोनियम लवण होते हैं, जो क्लोराइड या ब्रोमाइड आयनों के साथ बनते हैं। इन यौगिकों का आवेशित सिरा कठोर जल में उपस्थित कैल्शियम एवं मैग्नीशियम आयनों के साथ अघुलनशील पदार्थ नहीं बनाते हैं। इससे वह कठोर जल में भी प्रभावी बने रहते हैं। इसलिए अपमार्जक साबुन से बेहतर है।

दीर्घउत्तरीय प्रश्न-

प्रश्न 1. (i) कार्बन परमाणु में कौन-सा परिवर्तन होने पर C4−C^{4-} ऋणायन बनेगा? समझाइए।

(ii) निम्नलिखित यौगिकों के नाम लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

(अ) CH3−CH2−CH2−ClCH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-Cl (संरचनात्मक रूप में)
(ब) CH3−C(=O)−CH3CH_{3}-C(=O)-CH_{3} (संरचनात्मक रूप में)

उत्तर—

(i) कार्बन परमाणु चार इलेक्ट्रॉन प्राप्त कर C4−C^{4-} ऋणायन बना सकता है। (ii) (अ) क्लोरो प्रोपेन (ब) प्रोपेनोन

प्रश्न 2. क्या होता है जबकि — (केवल रासायनिक समीकरण लिखिए।)

(अ) एथेनॉइक अम्ल, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करता है?
(ब) एथनॉल को अम्लीकृत K2Cr2O7K_{2}Cr_{2}O_{7} द्वारा ऑक्सीकृत किया जाता है?
(स) एथेनॉइक अम्ल को सोडियम हाइड्रोक्साइड के साथ क्रिया करवाते हैं?

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

उत्तर :

(अ) CH3COOH+NaHCO3→CH3COONa+H2O+CO2CH_{3}COOH+NaHCO_{3} \rightarrow CH_{3}COONa+H_{2}O+CO_{2}
(ब) CH3CH2OH→अम्लीकृतK2Cr2O7+ऊष्माCH3COOHCH_{3}CH_{2}OH \rightarrow \text{अम्लीकृत} K_{2}Cr_{2}O_{7}+\text{ऊष्मा}CH_{3}COOH
(स) NaOH+CH3COOH→CH3COONa+H2ONaOH+CH_{3}COOH \rightarrow CH_{3}COONa+H_{2}O

प्रश्न 3. (a) संकलन अभिक्रिया किसे कहते हैं? अभिक्रिया लिखिए।

(b) ऑक्सीकारक किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

उत्तर :

(a) संकलन अभिक्रिया—पैलेडियम अथवा निकल जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन देते हैं। निकल उत्प्रेरक का उपयोग करके साधारणतः वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण में इस अभिक्रिया का उपयोग होता है। वनस्पति तेलों में साधारणतः लंबी असंतृप्त कार्बन श्रृंखलाएँ होती हैं जबकि जंतु वसा में संतृप्त कार्बन श्रृंखलाएँ होती हैं।

उदाहरण—

R2C=CR2→उत्प्रेरकH2,NiR−CH−CH−RR_{2}C=CR_{2} \rightarrow \text{उत्प्रेरक}H_{2},NiR-CH-CH-R

[Chemical reaction showing addition of H2 to alkene]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 21

(b) ऑक्सीकारक—कुछ पदार्थों में अन्य पदार्थों को ऑक्सीजन देने की क्षमता होती है। ऐसे पदार्थों को ऑक्सीकारक कहते हैं। उदाहरण—क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट ( KMnO4KMnO_{4} ), अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट ( K2Cr2O7K_{2}Cr_{2}O_{7} ) आदि।

प्रश्न 4. कार्बन अत्यधिक यौगिकों की रचना किस प्रकार से करता है?

अथवा

कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति के कारणों को समझाइए।

उत्तर : कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति के प्रमुख कारण निम्न हैं—

(1) कार्बन की चतुःसंयोजकता—कार्बन की संयोजकता चार होती है, अतः इसमें कार्बन के चार अन्य परमाणुओं अथवा कुछ अन्य एक संयोजक तत्वों के परमाणुओं के साथ आबंधन की क्षमता होती है। ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, सल्फर, क्लोरीन तथा अनेक अन्य तत्वों के साथ कार्बन के यौगिक बनते हैं, फलस्वरूप ऐसे विशेष गुण वाले यौगिक बनते हैं जो अणु में कार्बन के अतिरिक्त उपस्थित तत्व पर निर्भर करते हैं।

(2) अधिकतर अन्य तत्वों के साथ कार्बन द्वारा बनाए गए आबंध अत्यंत प्रबल होते हैं जिनके फलस्वरूप ये यौगिक अतिशय रूप में स्थायी होते हैं।

(3) कार्बन का छोटा आकार—कार्बन द्वारा प्रबल आबंधों के निर्माण का एक कारण इसका छोटा आकार भी है। इसके कारण इलेक्ट्रॉन के सहभागी युग्मों को नाभिक मजबूती से पकड़े रहता है।

(4) श्रृंखलन—कार्बन में कार्बन के ही अन्य परमाणुओं के साथ आबंध बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है जिससे बड़ी संख्या में अणु बनते हैं। इस गुण को श्रृंखलन (Catenation) कहते हैं।

प्रश्न 5. एल्काइन क्या हैं? इनका सामान्य रासायनिक सूत्र लिखिए। सबसे सरल एल्काइन का नाम तथा इलेक्ट्रॉनिक संरचना लिखिए।

उत्तर :

(i) एल्काइन—कार्बन एवं हाइड्रोजन के संयोग से बने ऐसे असंतृप्त कार्बनिक यौगिक (हाइड्रोकार्बन), जिनमें कार्बन एवं कार्बन के मध्य एक या अधिक त्रिबंध होते हैं, एल्काइन कहलाते हैं।

(ii) इनका सामान्य रासायनिक सूत्र CnH2n−2C_{n}H_{2n-2} होता है।

(iii) इसका प्रथम सदस्य एथाइन है। इसमें कार्बन परमाणुओं के मध्य त्रिआबंध उपस्थित होता है। इसकी संरचना अग्र प्रकार से है—

[Lewis dot structure of Ethyne C_2H_2]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 22

H−C≡C−HH-C≡C-H (एथाइन C2H2C_{2}H_{2} )

**प्रश्न 6. H2H_{2} तथा Cl2Cl_{2} अणु में सहसंयोजी बन्ध किस प्रकार बनता है? समझाइए।**

**उत्तर—(1) H2H_{2} —** हाइड्रोजन की परमाणु संख्या 11 है। अतः इसके KK कोश में एक इलेक्ट्रॉन ( e−e^{-} ) है तथा KK कोश को भरने के लिए इसको एक इलेक्ट्रॉन ( e−e^{-} ) की आवश्यकता होती है। इसलिए हाइड्रोजन के दो परमाणु अपने इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करके हाइड्रोजन का अणु, H2H_{2} बनाते हैं। परिणामस्वरूप हाइड्रोजन का प्रत्येक अणु अपने निकटतम उत्कृष्ट गैस, हीलियम के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को प्राप्त कर लेता है। इलेक्ट्रॉनों के एक सहभागी युग्म के कारण हाइड्रोजन के दो परमाणुओं के बीच एक आबंध बनता है।

[Lewis dot structure of Hydrogen molecule formation]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 23

चित्र-हाइड्रोजन के दो परमाणुओं के बीच एकल बंध

**(2) Cl2Cl_{2} —** H2H_{2} की तरह Cl2Cl_{2} में भी एकल बंध होता है क्योंकि ClCl का परमाणु क्रमांक 1717 ( 2,8,72,8,7 ) है तथा एक इलेक्ट्रॉन की साझेदारी से बाह्यतम कोश में 88 इलेक्ट्रॉन हो जाते हैं। ( ArAr के समान विन्यास)

[Lewis dot structure of Chlorine molecule formation]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 24

चित्र-क्लोरीन के दो परमाणुओं के मध्य एकल बंध

**प्रश्न 7. O2O_{2} तथा N2N_{2} अणु में सहसंयोजी बन्ध किस प्रकार बनता है? समझाइए।**

उत्तर— ऑक्सीजन की परमाणु संख्या 88 आता है। अतः इसके परमाणु के LL कोश में 66 इलेक्ट्रॉन होते हैं तथा इसे अष्टक पूरा करने के लिए दो अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत नाइट्रोजन की परमाणु संख्या 77 है। अतः इसे अष्टक पूरा करने के लिए तीन अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है।

इस प्रकार O2O_{2} में दो ऑक्सीजन परमाणुओं के मध्य दो-दो इलेक्ट्रॉनों का साझा होता है तथा N2N_{2} में दो नाइट्रोजन परमाणुओं के मध्य तीन-तीन इलेक्ट्रॉनों का साझा होकर क्रमशः द्विबन्ध एवं त्रिबन्ध बनकर उत्कृष्ट गैस के समान विन्यास प्राप्त होता है।

[Lewis dot structure of Oxygen molecule formation]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 25

चित्र-ऑक्सीजन के दो परमाणुओं के बीच द्विबन्ध

[नाइट्रोजन के दो परमाणुओं के बीच त्रिआबन्ध (Triple bond in nitrogen molecule)]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 26

चित्र-नाइट्रोजन के दो परमाणुओं के बीच त्रिआबन्ध

**प्रश्न 8. CH4CH_{4} , NH3NH_{3} तथा H2OH_{2}O में परमाणुओं का उत्कृष्ट गैस विन्यास किस प्रकार प्राप्त होता है? इसे इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना द्वारा दर्शाइए।**

**उत्तर—(1) मेथेन ( CH4CH_{4} )**

[मेथेन (CH_4) की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 27

C(2,8)C(2,8) , H(2)H(2)

**(2) NH3NH_{3} (अमोनिया)**

[अमोनिया (NH_3) की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 28

N(2,8)N(2,8) , H(2)H(2)

**(3) H2OH_{2}O (जल)**

[जल (H_2O) की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 29

O=(2,8)H(2)O=(2,8) H(2)

इन अणुओं के बनने में CC , NN तथा OO , NeNe के समान विन्यास (2)(2) प्राप्त करते हैं तथा हाइड्रोजन (H)(H) , HeHe के समान विन्यास (2)(2) प्राप्त करता है।

प्रश्न 9. सूत्रों तथा आणविक द्रव्यमानों में अन्तर की गणना कीजिए-

**(a) (i) CH3OHCH_{3}OH तथा C2H5OHC_{2}H_{5}OH (ii) C2H5OHC_{2}H_{5}OH तथा C3H7OHC_{3}H_{7}OH एवं (iii) C3H7OHC_{3}H_{7}OH तथा C4H9OHC_{4}H_{9}OH

(b) क्या इन तीनों में कोई समानता है?

(c) एक परिवार तैयार करने के लिए इन ऐल्कोहॉलों को कार्बन परमाणुओं के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए। क्या इनको एक समजातीय श्रेणी का परिवार कहा जा सकता है?

उत्तर—(a) इनके सूत्रों में −CH2−-CH_{2}- इकाई का अन्तर है अतः उत्तरोत्तर यौगिकों के आणविक द्रव्यमान में 1414 का अन्तर होगा।

(b) तीनों समूह एक ही समजातीय श्रेणी के हैं क्योंकि इनमें एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह ()() कार्बन श्रृंखला में स्थित हाइड्रोजन को प्रतिस्थापित करता है।

(c) CH3OH<C2H5OH<C3H7OH<C4H9OHCH_{3}OH<C_{2}H_{5}OH<C_{3}H_{7}OH<C_{4}H_{9}OH

(मेथेनॉल) (एथेनॉल) (प्रोपेनॉल) (ब्यूटेनॉल)

(कार्बन का बढ़ता क्रम)

ये एक ही समजातीय श्रेणी (परिवार) के सदस्य हैं जो ऐल्कोहॉल श्रेणी है।

प्रश्न 10. ऐल्केन, ऐल्कीन तथा ऐल्काइन को परिभाषित करते हुए इनके रासायनिक सूत्र लिखिए।

उत्तर—(i) ऐल्केन—कार्बन तथा हाइड्रोजन से बने कार्बनिक यौगिक, जिनमें कार्बन परमाणुओं के मध्य एकल आबंध पाया जाता है, संतृप्त हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं। यह संतृप्त हाइड्रोकार्बन ही 'ऐल्केन' कहलाते हैं।

ऐल्केन का सामान्य रासायनिक सूत्र =CnH2n+2=C_{n}H_{2n+2}

n=1,2,3,4.....n=1,2,3,4.....

(ii) ऐल्कीन- कार्बन एवं हाइड्रोजन के संयोग से बने ऐसे असंतृप्त हाइड्रोकार्बन, जिनमें कार्बन परमाणुओं के मध्य एक या अधिक दोहरे आबंध होते हैं, ऐल्कीन कहलाते हैं।

ऐल्कीनों का सामान्य रासायनिक सूत्र = CnH2nC_{n}H_{2n}

( n=2,3,4.....n=2,3,4..... )

(iii) ऐल्काइन- कार्बन एवं हाइड्रोजन के संयोग से बने ऐसे असंतृप्त हाइड्रोकार्बन जिनमें कार्बन परमाणुओं के मध्य बने एक या अधिक त्रि-आबंध होते हैं ऐल्काइन कहलाते हैं।

ऐल्काइनों का सामान्य रासायनिक सूत्र = CnH2n−2C_{n}H_{2n-2}

( n=2,3,4.....n=2,3,4..... )

प्रश्न 11. एक उदासीन कार्बनिक यौगिक A, जिसका अणुसूत्र C2H6OC_{2}H_{6}O है, का पोटैशियम डाइक्रोमेट तथा सल्फ्यूरिक अम्ल द्वारा ऑक्सीकरण करने पर अम्लीय यौगिक B बनता है। B की क्रिया पुनः A से गर्म व सान्द्र H2SO4H_{2}SO_{4} की उपस्थिति में करवाने पर मीठा गंध युक्त यौगिक बनता है। A, B तथा C को पहचानिए तथा क्रिया का समीकरण लिखिए।

उत्तर-

A(C2H6O)→K2Cr2O7+H2SO4B(अम्लीय)→Δ+A,सान्द्रH2SO4C(मीठागंधयुक्तयौगिक)A(C_{2}H_{6}O) \rightarrow K_{2}Cr_{2}O_{7}+H_{2}SO_{4}B(\text{अम्लीय}) \rightarrow \Delta +A, \text{सान्द्र} H_{2}SO_{4}C(\text{मीठा} \text{गंधयुक्त} \text{यौगिक})

B एक अम्लीय यौगिक है जो कि A के साथ मीठा गंध युक्त यौगिक C बनाता है अतः C एक एस्टर होना चाहिए तथा A एक ऐल्कोहॉल होगा। अतः:

A=C2H5OHA=C_{2}H_{5}OH (एथेनॉल)

B=CH3COOHB=CH_{3}COOH (एथेनॉइक अम्ल)

C=CH3COOC2H5C=CH_{3}COOC_{2}H_{5} (एथिल एथेनॉएट)

अभिक्रियाएँ निम्न प्रकार से होंगी-

C2H5OH+O2→K2Cr2O7+H2SO4CH3COOHC_{2}H_{5}OH+O_{2} \rightarrow K_{2}Cr_{2}O_{7}+H_{2}SO_{4}CH_{3}COOH

(A) (B)

CH3COOH+C2H5OH→H2SO4गर्मवसान्द्रCH3COOC2H5+H2OCH_{3}COOH+C_{2}H_{5}OH \rightarrow H_{2}SO_{4}\text{गर्म} \text{व} \text{सान्द्र}CH_{3}COOC_{2}H_{5}+H_{2}O

(B)

(A)

(C) (एस्टर)

प्रश्न 12. कोई यौगिक 'X' आधिक्य सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ 443K443 K पर गर्म करने पर कोई असंतृप्त यौगिक 'Y' बनाता है। यौगिक 'X' सोडियम धातु से भी अभिक्रिया करता है जिसमें कोई रंगहीन गैस 'Z' निकलती है। 'X', 'Y' तथा 'Z' को पहचानिए। 'Y' उत्पन्न होने की रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण भी लिखिए तथा इसमें सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल की भूमिका का उल्लेख भी कीजिए।

उत्तर-

X→443Kसान्द्रसल्फ्यूरिकअम्लYX \rightarrow 443K\text{सान्द्र} \text{सल्फ्यूरिक} \text{अम्ल}Y

अतः: CH3CH2OH→443Kसान्द्रसल्फ्यूरिकअम्लCH2=CH2+H2OCH_{3}CH_{2}OH \rightarrow 443K\text{सान्द्र} \text{सल्फ्यूरिक} \text{अम्ल}CH_{2}=CH_{2}+H_{2}O

(एथेनॉल) (ऐथीन)

X=CH3CH2OHX=CH_{3}CH_{2}OH तथा Y=CH2=CH2(C2H4)Y=CH_{2}=CH_{2}(C_{2}H_{4}) होगा।

X अर्थात CH3CH2OHCH_{3}CH_{2}OH की क्रिया सोडियम धातु से निम्न प्रकार होती है:

2CH3CH2OH+2Na→2CH3CH2O−Na++H22CH_{3}CH_{2}OH+2Na \rightarrow 2CH_{3}CH_{2}O^{-}Na^{+}+H_{2}

(सोडियम एथॉक्साइड) (हाइड्रोजन गैस)

अतः: Z हाइड्रोजन गैस ( H2H_{2} ) होगी। Z=H2Z=H_{2}

इस अभिक्रिया में सल्फ्यूरिक अम्ल निर्जलीकारक के रूप में काम आता है, जो एथेनॉल से जल को अलग करता है।

प्रश्न 13. कार्बनिक व अकार्बनिक यौगिकों के गुणों में अन्तर लिखिए।

उत्तर-

अन्तर बिन्दु

अकार्बनिक यौगिक

कार्बनिक यौगिक

1. बंध का प्रकार

विद्युत संयोजी/आयनिक बंध

सहसंयोजक बंध

2. विलेयता

  

(i) कार्बनिक विलायक में

कम विलेय या अविलेय

अत्यधिक विलेयशील

(ii) जल में

अत्यधिक विलेयशील

अविलेय

3. अभिक्रिया की गति

तीव्र

मंद (धीमी)

4. समावयवता

ये समावयवता प्रदर्शित नहीं करते हैं।

ये समावयवता प्रदर्शित करते हैं।

5. गलनांक एवं क्वथनांक

उच्च

निम्न

6. वायु में ज्वलनशीलता

अज्वलनशील

ज्वलनशील

7. आयनीकरण

विलयन में यौगिक आयनों में विभक्त हो जायेगा।

ये विलयन में आयनीकृत नहीं होंगे।

प्रश्न 14. साबुन और अपमार्जकों में अन्तर लिखिए।

उत्तर- साबुन तथा अपमार्जक में अन्तर-

साबुन

अपमार्जक

1. साबुन लम्बी श्रृंखला युक्त वसीय अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण होते हैं।

1. अपमार्जक लम्बी श्रृंखला वाले सल्फोनिक लवण या लम्बी कार्बन श्रृंखला वाले अमोनियम लवण होते हैं।

2. साबुन को वनस्पति तेल या जन्तु वसा से बनाया जाता है।

2. अपमार्जकों का निर्माण कोयलों तथा पेट्रोलियम के हाइड्रोकार्बनों से होता है।

3. साबुन केवल मृदु (मीठे) जल के साथ झाग बनाते हैं।

3. अपमार्जक मृदु (मीठे) तथा कठोर दोनों जलों में झाग उत्पन्न करते हैं।

4. ये सस्ते होते हैं।

4. ये महँगे होते हैं।

5. ये जल प्रदूषण नहीं फैलाते हैं।

5. ये जल प्रदूषण फैलाते हैं।

प्रश्न 15. जब आप एक परखनली में ऐसीटिक अम्ल लेकर उसमें सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट मिलाते हैं, तब तुरन्त ही तीव्र बुदबुदाहट के साथ कोई गैस निकलती है। इस गैस का नाम लिखिए। इस गैस के परीक्षण की विधि का वर्णन कीजिए।

उत्तर- ऐसीटिक अम्ल NaHCO3NaHCO_{3} से निम्न प्रकार अभिक्रिया करेगा-

CH3COOH+NaHCO3→CH3COO−Na++H2O+CO2↑CH_{3}COOH+NaHCO_{3} \rightarrow CH_{3}COO^{-}Na^{+}+H_{2}O+CO_{2} \uparrow

(ऐसीटिक अम्ल) (सोडियम बाइकार्बोनेट) (सोडियम ऐसीटेट) (कार्बन डाइऑक्साइड)

इस अभिक्रिया में तीव्र बुदबुदाहट के साथ रंगहीन तथा गंधहीन गैस CO2CO_{2} निकलती है। जब CO2CO_{2} गैस को चूने के पानी के विलयन से गुजारा जाता है तो चूने का पानी दूधिया हो जाता है।

Ca(OH)2+CO2→CaCO3↓+H2OCa(OH)_{2}+CO_{2} \rightarrow CaCO_{3} \downarrow +H_{2}O

(चूने का पानी) (कैल्शियम कार्बोनेट) (दूधिया)

प्रश्न 16. औद्योगिक उपयोग के लिए तैयार एथेनॉल का दुरुपयोग रोकने के लिए उसमें क्या पदार्थ मिलाते हैं? इस पदार्थ के सेवन का मानव स्वास्थ्य पर क्या दुष्प्रभाव हो सकता है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर—औद्योगिक उपयोग के लिए तैयार एथेनॉल का दुरुपयोग रोकने के लिए इसमें मेथेनॉल जैसा जहरीला पदार्थ मिला दिया जाता है, जिससे यह पीने योग्य न रह जाए। मेथेनॉल की थोड़ी-सी भी मात्रा लेने से व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है। यकृत में मेथेनॉल ऑक्सीकृत होकर मेथेनैल बन जाता है। मेथेनैल यकृत की कोशिकाओं के घटकों के साथ शीघ्र अभिक्रिया करने लगता है। इससे प्रोटोप्लाज्म स्कंदित हो जाता है। मेथेनैल चाक्षुक तंत्रिका को भी प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति अंधा हो सकता है।

प्रश्न 17. प्रतिस्थापन अभिक्रिया को उदाहरण सहित समझाइए। ( प्रश्न बैंक )

उत्तर— संतृप्त हाइड्रोकार्बन अत्यधिक अनभिक्रिय होते हैं तथा अधिकांश अभिकर्मकों की उपस्थिति में अक्रिय होते हैं। परन्तु सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में अति तीव्र अभिक्रिया में क्लोरीन का हाइड्रोकार्बन में संकलन होता है। क्लोरीन एक-एक करके हाइड्रोजन के परमाणुओं का प्रतिस्थापन करती है। इसलिए इसे प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहते हैं। साधारणतः उच्च समजातीय ऐल्केन के साथ अनेक उत्पादों का निर्माण होता है।

CH4+Cl2→सूर्यकेप्रकाशकीउपस्थितिमेंCH3Cl+HClCH_{4}+Cl_{2} \rightarrow \text{सूर्य} \text{के} \text{प्रकाश} \text{की} \text{उपस्थिति} \text{में}CH_{3}Cl+HCl

प्रश्न 18. हाइड्रोकार्बन यौगिकों में उपस्थित प्रमुख क्रियात्मक समूहों के नाम तथा उनके उदाहरण व सूत्र लिखिए— ( प्रश्न बैंक )

उत्तर—

क्रियात्मक समूह का प्रकार

उदाहरण

रासायनिक सूत्र

1. हैलो प्रकार्यात्मक समूह

1. क्लोरोप्रोपेन

CH3−CH2−ClCH_{3}-CH_{2}-Cl

 

2. ब्रोमोप्रोपेन

CH3−CH2−BrCH_{3}-CH_{2}-Br

2. एल्कोहॉल

प्रोपेनोल

CH3−CH2−CH2−OHCH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-OH

3. एल्डिहाइड

प्रोपेनेल

CH3−CH2−C(=O)HCH_{3}-CH_{2}-C(=O)H

4. कीटोन

प्रोपेनोन

CH3−C(=O)−CH3CH_{3}-C(=O)-CH_{3}

5. कार्बोक्सिलिक अम्ल

प्रोपेनोइक अम्ल

CH3−CH2−C(=O)−OHCH_{3}-CH_{2}-C(=O)-OH

**प्रश्न 19. सहसंयोजी आबंध किसे कहते हैं? CO2CO_{2} में सहसंयोजी बंध की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना बनाइए।** ( प्रश्न बैंक )

उत्तर— दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन के एक युग्म की साझेदारी के द्वारा बनने वाले आबंध सहसंयोजी आबंध कहलाते हैं।

CO2CO_{2} में सहसंयोजी बंध की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना—

[Electron dot structure of CO2 showing double bonds between C and O atoms]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 30

O=C=OO=C=O

निबन्धात्मक प्रश्न—

प्रश्न 1. ( अ ) बेन्जीन का अणुसूत्र लिखिए।

( ब ) बेन्जीन का संरचना सूत्र बनाइए तथा इसमें उपस्थित त्रिबन्धों की संख्या लिखिए।

( स ) निम्नलिखित में से एथीन कौनसी है? इसमें उपस्थित सहसंयोजक बन्धों की संख्या लिखिए—

**(i) C2H2C_{2}H_{2} (ii) C2H4C_{2}H_{4} (iii) C2H6C_{2}H_{6}

**उत्तर—( अ ) बेन्जीन का अणुसूत्र— C6H6C_{6}H_{6} होता है।**

( ब ) बेन्जीन का संरचना सूत्र-

[बेन्जीन संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 31

( बेन्जीन−C6H6\text{बेन्जीन}-C_{6}H_{6} )

बेन्जीन में उपस्थित त्रिबन्धों की संख्या शून्य होती है।

(स) C2H6C_{2}H_{6} (एथेन)

[एथेन संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 32

एथेन में सहसंयोजक बन्धों की संख्या 77 होती है।

प्रश्न 2. (अ) साइक्लोहेक्सेन का अणुसूत्र लिखिए।

(ब) साइक्लोहेक्सेन का संरचना सूत्र बनाइए तथा इसमें उपस्थित सहसंयोजक बन्धों की संख्या लिखिए।

(स) निम्नलिखित में ऐथीन कौनसी है? इसमें उपस्थित द्विबन्ध की संख्या लिखिए-

(i) C2H2C_{2}H_{2} (ii) C2H4C_{2}H_{4} (iii) C2H6C_{2}H_{6}

उत्तर- (अ) साइक्लोहेक्सेन का अणुसूत्र C6H12C_{6}H_{12} होता है।

(ब) साइक्लोहेक्सेन का संरचना सूत्र-

[साइक्लोहेक्सेन संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 33

( साइक्लोहेक्सेन−C6H12\text{साइक्लोहेक्सेन}-C_{6}H_{12} )

साइक्लोहेक्सेन में 1818 एकल सहसंयोजक बन्ध उपस्थित हैं।

(स) C2H4C_{2}H_{4} (ऐथीन)-

[ऐथीन संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 34

ऐथीन में उपस्थित द्विबन्धों की संख्या एक होती है।

प्रश्न 3. (अ) ऐल्केन, ऐल्कीन, ऐल्काइन को परिभाषित कीजिए।

(ब) प्रत्येक श्रेणी के सामान्य सूत्र लिखिए।

(स) प्रत्येक श्रेणी के चार सदस्यों का नाम एवं सूत्र दीजिए।

उत्तर- (अ) कार्बन परमाणुओं के बीच केवल एक आबंध से जुड़े हाइड्रोकार्बन के यौगिक 'ऐल्केन' कहलाते हैं। ऐसे हाइड्रोकार्बन जिनमें कार्बन-कार्बन के मध्य एक या अधिक दोहरे आबंध होते हैं, 'ऐल्कीन' कहलाते हैं। जबकि एक या अधिक त्रि-आबंध वाले हाइड्रोकार्बन ऐल्काइन कहलाते हैं।

(ब) सामान्य रासायनिक सूत्र-

ऐल्केन = CnH2n+2C_{n}H_{2n+2} ; n=1,2,3,…………n=1,2,3,…………

ऐल्कीन = CnH2nC_{n}H_{2n} ; n=2,3,4…………n=2,3,4…………

ऐल्काइन = CnH2n−2C_{n}H_{2n-2} ; n=2,3,4…………n=2,3,4…………

(स) ऐल्केन श्रेणी के सदस्य-

(i) एथेन = C2H6C_{2}H_{6} (ii) प्रोपेन = C3H8C_{3}H_{8} (iii) ब्यूटेन = C4H10C_{4}H_{10} (iv) पेन्टेन = C5H12C_{5}H_{12}

ऐल्कीन श्रेणी के सदस्य-

(i) ऐथीन = C2H4C_{2}H_{4} (ii) प्रोपीन = C3H6C_{3}H_{6} (iii) ब्यूटीन = C4H8C_{4}H_{8} (iv) पेन्टीन = C5H10C_{5}H_{10}

ऐल्काइन श्रेणी के सदस्य-

(i) ऐथाइन = C2H2C_{2}H_{2} (ii) प्रोपाइन = C3H4C_{3}H_{4} (iii) ब्यूटाइन = C4H6C_{4}H_{6} (iv) पेन्टाइन = C5H8C_{5}H_{8}

प्रश्न 4. निम्न कार्बनिक यौगिकों का संरचना सूत्र दीजिए एवं इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना बनाइए।

(अ) मेथेन व एथेन।
(ब) ऐथीन व प्रोपीन।
(स) ऐथाइन व प्रोपाइन।

अथवा

ऐथीन एवं एथाइन की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना बनाइए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर-

(अ) मेथेन- रासायनिक सूत्र = CH4CH_{4}

संरचना सूत्र:

H−C(H)−HH-C(H)-H (ऊपर और नीचे भी HH )

[मेथेन संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 35

इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना-

[मेथेन इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 36

एथेन- रासायनिक सूत्र = C2H6C_{2}H_{6}

संरचना सूत्र:

H−C−C−HH-C-C-H (प्रत्येक CC पर दो HH )

[एथेन संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 37

इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना-

[एथेन इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 38

(ब) ऐथीन- रासायनिक सूत्र = C2H4C_{2}H_{4}

संरचना सूत्र:

H2C=CH2H_{2}C=CH_{2}

[ऐथीन संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 39

इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना-

[ऐथीन इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 40

विज्ञान कक्षा-X 129

प्रोपीन-

रासायनिक सूत्र = C3H6C_{3}H_{6}

[प्रोपीन संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 41

(संरचना सूत्र)

इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना-

[प्रोपीन इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 42

(स) ऐथाइन-

रासायनिक सूत्र = C2H2C_{2}H_{2}

H−C≡C−HH-C≡C-H (संरचना सूत्र)

इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना-

[ऐथाइन इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 43

प्रोपाइन-

रासायनिक सूत्र = C3H4C_{3}H_{4}

[प्रोपाइन संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 44

(संरचना सूत्र)

इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना-

[प्रोपाइन इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 45

प्रश्न 5. कार्बन के विभिन्न अपररूप कौनसे होते हैं? इनके गुण, संरचना तथा उपयोग क्या हैं?

उत्तर- प्रकृति में कार्बन तत्व विभिन्न भौतिक गुणों के साथ विभिन्न रूपों में पाया जाता है। कार्बन के परमाणुओं के परस्पर आबंधन के तरीकों में इनमें अन्तर होता है।

कार्बन के विभिन्न अपररूप निम्न प्रकार से हैं-

(i) हीरा- हीरे में कार्बन का प्रत्येक परमाणु कार्बन के चार अन्य परमाणुओं के साथ आबंधित होता है, जिससे एक दृढ़ त्रिआयामी संरचना बनती है। हीरा अब तक ज्ञात सर्वाधिक कठोर पदार्थ है। हीरा विद्युत का कुचालक होता है। शुद्ध कार्बन को अत्यधिक उच्च दाब एवं ताप पर उपचारित करके हीरे को संश्लेषित किया जा सकता है। ये संश्लिष्ट हीरे आकार में छोटे होते हैं, लेकिन ये प्राकृतिक हीरों से अभेदनीय होते हैं।

हीरे के उपयोग-

(a) बहुत अधिक चमक होने के कारण हीरे को जवाहरात (ज्वैलरी) के रूप में उपयोग किया जाता है।
(b) हीरा ऊष्मीय किरणों के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील होता है, इसलिए अतिशुद्ध थर्मामीटर बनाने में इसका उपयोग किया जाता है।
(c) काले हीरे का उपयोग काँच काटने, दूसरे हीरे को काटने, हीरे पर पॉलिश करने तथा चट्टानों में छेद करने के लिए किया जाता है।

(ii) ग्रेफाइट- इसमें कार्बन के प्रत्येक परमाणु का आबंध कार्बन के तीन अन्य परमाणुओं के साथ एक ही तल पर होता है, जिससे षट्कोणीय संरचना बनती है। इनमें से एक आबंध द्विआबंधी होता है, जिसके कारण कार्बन की संयोजकता पूर्ण होती है। ग्रेफाइट की संरचना में षट्कोणीय तल एक-दूसरे के ऊपर व्यवस्थित होते हैं।

षट्कोणीय संरचना के कारण इसमें कार्बन परमाणुओं के बीच की दूरी अधिक होती है। परतों के मध्य इस दूरी के कारण विपरीत परतों में स्थित कार्बन परमाणुओं के बीच सहसंयोजक बन्धों के बनने की सम्भावना समाप्त हो जाती है और चौथा संयोजक इलेक्ट्रॉन स्वतन्त्र छूट जाता है। इस कारण ग्रेफाइट में इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह आसानी से हो जाता है और ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक बन जाता है। ग्रेफाइट चिकना तथा फिसलनशील भी होता है।

ग्रेफाइट के उपयोग-

(a) ग्रेफाइट का उपयोग पेन्सिल की लीड तथा घड़ियों की कमानी बनाने में होता है।
(b) उच्च ताप पर चलने वाली मशीनों में इसको तेल या पानी के साथ मिलाकर स्नेहक के रूप में प्रयोग किया जाता है।
(c) इसका पाउडर पॉलिश करने के काम में आता है।
(d) न्यूक्लियर रिएक्टर में मोडरेटर के रूप में इसका उपयोग किया जाता है।

[(a) ग्रेफाइट की संरचना (b) हीरे की संरचना (c) C_60 बकमिंसटरफुलरीन की संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 46

(iii) फुलरीन- यह कार्बन अपररूप का अन्य वर्ग है। सबसे पहले C60C_{60} की पहचान की गई जिसमें कार्बन के परमाणु फुटबॉल के रूप में व्यवस्थित होते हैं।

फुलरीन के उपयोग-

(a) अतिचालक, अर्द्धचालक, स्नेहक, उत्प्रेरक, विद्युत तार के निर्माण में।
(b) एड्स की रोकथाम में सहायक।

प्रश्न 6. संतृप्त हाइड्रोकार्बन किसे कहते हैं? इस श्रेणी का विशेष नाम बताइए तथा इस श्रेणी के प्रथम छ: सदस्यों की संरचना लिखिए।

उत्तर- संतृप्त हाइड्रोकार्बन- कार्बन तथा हाइड्रोजन से बने कार्बनिक यौगिक, जिनमें कार्बन परमाणुओं के मध्य एकल आबन्ध ( C−CC-C ) पाया जाता है, उन्हें संतृप्त हाइड्रोकार्बन कहते हैं।

ऐसे संतृप्त हाइड्रोकार्बन ऐल्केन कहलाते हैं। इनका सामान्य रासायनिक सूत्र CnH2n+2C_{n}H_{2n+2} होता है, जहाँ n=1,2,3,4.....n=1,2,3,4..... है। इनमें बन्ध प्रबल होता है अतः इनकी क्रियाशीलता बहुत कम होती है।

ऐल्केन श्रेणी के प्रथम छ: सदस्य मेथेन, एथेन, प्रोपेन, ब्यूटेन, पेन्टेन तथा हेक्सेन हैं, जिनकी संरचना अग्र प्रकार है-

नाम

सूत्र

संरचना

(1) मेथेन

CH4CH_{4}

H−C(H)−HH-C(H)-H (with H above and below C)

(2) एथेन

C2H6C_{2}H_{6}

H−C(H)(H)−C(H)(H)−HH-C(H)(H)-C(H)(H)-H

(3) प्रोपेन

C3H8C_{3}H_{8}

H−C(H)(H)−C(H)(H)−C(H)(H)−HH-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-H

(4) ब्यूटेन

C4H10C_{4}H_{10}

H−C(H)(H)−C(H)(H)−C(H)(H)−C(H)(H)−HH-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-H

(5) पेन्टेन

C5H12C_{5}H_{12}

H−C(H)(H)−C(H)(H)−C(H)(H)−C(H)(H)−C(H)(H)−HH-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-H

(6) हेक्सेन

C6H14C_{6}H_{14}

H−C(H)(H)−C(H)(H)−C(H)(H)−C(H)(H)−C(H)(H)−C(H)(H)−HH-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-H

[Table of Alkanes with structural formulas]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 47

प्रश्न 7. समावयवता किसे कहते हैं? उदाहरण द्वारा समझाइए।

उत्तर-समावयवता- वे यौगिक, जिनके अणुसूत्र समान हों, लेकिन उनके भौतिक तथा रासायनिक गुणों तथा संरचना सूत्रों में भिन्नता होती है, तो उन्हें एक-दूसरे के समावयवी कहते हैं तथा उनका यह गुण समावयवता कहलाता है।

समान आणविक सूत्र लेकिन विभिन्न संरचनाओं वाले यौगिक संरचनात्मक समावयवन कहलाते हैं। उदाहरण के लिए यदि हम चार कार्बन परमाणुओं से कार्बन संरचनाएँ बनाएँ तो ये दो प्रकार से बन सकती हैं-

C−C−C−CC-C-C-C एवं C−C(C)−CC-C(C)-C

शेष संयोजकता की जगह हाइड्रोजन भरने से प्राप्त संरचनाएँ निम्न प्रकार की होती हैं-

[Structural isomers of Butane]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 48

इस प्रकार दोनों संरचनाओं में एक ही सूत्र C4H10C_{4}H_{10} है, जो कि ब्यूटेन का है। अतः समान आणविक सूत्र लेकिन विभिन्न संरचनाओं वाले इस प्रकार के यौगिक संरचनात्मक समावयवन कहलाते हैं।

प्रश्न 8. कार्बनिक यौगिकों के नामकरण की विधि को समझाइए।

उत्तर- किसी समजातीय श्रेणी के यौगिकों के नामों का आधार बेसिक कार्बन की उन मूल श्रृंखलाओं पर आधारित होता है, जिनको प्रकार्यात्मक समूह की प्रकृति के अनुसार 'पूर्वलग्न', 'उपसर्ग' या 'अनुलग्न', 'प्रत्यय' के द्वारा संशोधित किया गया हो।

कार्बन की संख्या के आधार पर निम्न नाम दिए गए हैं-

एक कार्बन = मेथ, चार कार्बन = ब्यूट

दो कार्बन = एथ, पाँच कार्बन = पेन्ट

तीन कार्बन = प्रोप, छ: कार्बन = हेक्स आदि।

निम्न नियमों के द्वारा किसी कार्बनिक यौगिक का नामकरण किया जा सकता है-

(1) यौगिक में कार्बन परमाणुओं की संख्या ज्ञात करते हैं। तीन कार्बन परमाणु वाले यौगिक का नाम प्रोपेन तथा चार कार्बन वाले का ब्यूटेन होगा।

(2) प्रकार्यात्मक समूह की उपस्थिति में इसको पूर्वलग्न अथवा अनुलग्न के साथ यौगिक के नाम में दर्शाया जाता है (सारणी के अनुसार)।

(3) जब प्रकार्यात्मक समूह का नाम पूर्वलग्न के आधार पर दिया जाता है तथा यदि प्रकार्यात्मक समूह के अनुलग्न नाम स्वर a, e, i, o, u से प्रारम्भ होता हो तो कार्बन श्रृंखला के नाम से अंत का 'e' हटाकर, उसमें अनुलग्न लगाकर परिवर्तित करते हैं। जैसे- कीटोन समूह की तीन कार्बन वाली श्रृंखला को निम्न विधि से नाम देंगे-

Propane−′e′=propan+′one′=propanonePropane-'e'=propan+'one'=propanone (प्रोपेनोन)

(4) असंतृप्त कार्बन श्रृंखला में कार्बन श्रृंखला के नाम में दिए गए अंतिम 'ane' को C=CC=C या C≡CC≡C के अनुसार 'ene' या 'yne' से प्रतिस्थापित करते हैं। जैसे, द्वि-आबंध वाली तीन कार्बन की श्रृंखला प्रोपीन होगी तथा त्रि-आबंध होने पर यह प्रोपाइन ( propynepropyne ) कहलाएगी।

कार्बनिक यौगिकों की नामपद्धति

यौगिकों का प्रकार

पूर्वलग्न/अनुलग्न

उदाहरण

1. हैलोजन

पूर्वलग्न, फ्लुओरो, क्लोरो, ब्रोमो, आयोडो आदि

CH3−CH2−CH2−ClCH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-Cl क्लोरोप्रोपेन, CH3−CH2−CH2−BrCH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-Br ब्रोमोप्रोपेन

2. ऐल्कोहॉल

अनुलग्न - olol

CH3−CH2−CH2−OHCH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-OH प्रोपेनॉल

3. ऐल्डिहाइड

अनुलग्न - alal

CH3−CH2−CHOCH_{3}-CH_{2}-CHO प्रोपेनैल

4. कीटोन

अनुलग्न - oneone

CH3−C(=O)−CH3CH_{3}-C(=O)-CH_{3} प्रोपेनोन

5. कार्बोक्सिलिक अम्ल

अनुलग्न - oicacidoic acid

CH3−CH2−COOHCH_{3}-CH_{2}-COOH प्रोपेनॉइक अम्ल

6. द्वि-आबंध (ऐल्कीन)

अनुलग्न - eneene

CH3−CH=CH2CH_{3}-CH=CH_{2} प्रोपीन

7. त्रि-आबंध (ऐल्काइन)

अनुलग्न - yneyne

CH3−C≡CHCH_{3}-C≡CH प्रोपाइन

प्रश्न 9. एथेनॉइक अम्ल के गुणधर्म बताइए तथा इसकी निम्न अभिक्रियाओं को समझाइए-

(a) एस्टरीकरण
(b) क्षारक के साथ अभिक्रिया
(c) सोडियम कार्बोनेट एवं सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया।

अथवा

निहित रासायनिक समीकरण देकर एथेनॉइक अम्ल की निम्नलिखित अभिक्रियाओं का विश्लेषण कीजिए-

(i) एस्टरीकरण (ii) क्षारक के साथ अभिक्रिया। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर- एथेनॉइक अम्ल के गुणधर्म-

(1) एथेनॉइक अम्ल को ऐसीटिक अम्ल भी कहते हैं तथा यह कार्बोक्सिलिक अम्ल समूह से सम्बन्धित है।

(2) ऐसीटिक अम्ल के 3−43-4% विलयन को सिरका कहा जाता है एवं इसे अचार में परिरक्षक के रूप में प्रयोग किया जाता है।

(3) शुद्ध एथेनॉइक अम्ल का गलनांक 290K290 K होता है इसलिए यह ठण्डी जलवायु में सर्दी के दिनों में जम जाता है। इस कारण इसे ग्लैशियल ऐसीटिक अम्ल भी कहते हैं।

(4) एथेनॉइक अम्ल अम्लीय होता है लेकिन अकार्बनिक खनिज अम्लों जैसे HClHCl आदि की तुलना में बहुत ही दुर्बल अम्ल है।

ऐसिटिक अम्ल की अभिक्रियाएँ-

(a) एस्टरीकरण अभिक्रिया- एस्टर मुख्यतः अम्ल एवं ऐल्कोहॉल की अभिक्रिया से बनते हैं। अतः ऐल्कोहॉल तथा कार्बोक्सिलिक अम्ल की परस्पर अभिक्रिया के फलस्वरूप जल के अतिरिक्त जो यौगिक बनता है, उसे एस्टर कहते हैं तथा यह अभिक्रिया एस्टरीकरण कहलाती है। एस्टरों की मधुर गंध होती है।

CH3COOH+CH3CH2OH→अम्लCH3COOCH2CH3+H2OCH_{3}COOH+CH_{3}CH_{2}OH \rightarrow \text{अम्ल}CH_{3}COOCH_{2}CH_{3}+H_{2}O

(एथेनॉइक अम्ल) (एथेनॉल) (एस्टर) (एथिल ऐसीटेट)

(b) क्षारक के साथ अभिक्रिया- एथेनॉइक अम्ल सोडियम हाइड्रोक्साइड जैसे क्षारक से अभिक्रिया करके लवण (सोडियम एथेनोएट या सोडियम ऐसीटेट) तथा जल बनाता है।

NaOH+CH3COOH→CH3COONa+H2ONaOH+CH_{3}COOH \rightarrow CH_{3}COONa+H_{2}O

(c) सोडियम कार्बोनेट एवं सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया- एथेनॉइक अम्ल सोडियम कार्बोनेट एवं सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके लवण, कार्बन डाइऑक्साइड एवं जल बनाता है। इस अभिक्रिया में सोडियम ऐसीटेट (सोडियम एथेनोएट) लवण बनता है।

2CH3COOH+Na2CO3→2CH3COONa+H2O+CO22CH_{3}COOH+Na_{2}CO_{3} \rightarrow 2CH_{3}COONa+H_{2}O+CO_{2}

(सोडियम कार्बोनेट)

CH3COOH+NaHCO3→CH3COONa+H2O+CO2CH_{3}COOH+NaHCO_{3} \rightarrow CH_{3}COONa+H_{2}O+CO_{2}

(सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) (सोडियम ऐसीटेट)

प्रश्न 10. कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुणधर्म लिखिए।

उत्तर- कार्बन यौगिकों के प्रमुख रासायनिक गुणधर्म निम्न प्रकार से हैं-

(i) दहन- कार्बन अपने सभी अपरूपों में ऑक्सीजन की उपस्थिति में दहन करता है और ऊष्मा तथा प्रकाश के साथ CO2CO_{2} उत्पन्न करता है। उदाहरण के लिए-

C+O2→CO2+ऊष्माएवंप्रकाशC+O_{2} \rightarrow CO_{2}+\text{ऊष्मा} \text{एवं} \text{प्रकाश}

C2H5OH+O2→2CO2+3H2O+ऊष्माएवंप्रकाशC_{2}H_{5}OH+O_{2} \rightarrow 2CO_{2}+3H_{2}O+\text{ऊष्मा} \text{एवं} \text{प्रकाश}

संतृप्त हाइड्रोकार्बन स्वच्छ ज्वाला के साथ जलते हैं जबकि असंतृप्त कार्बन यौगिक काले धुएँ वाली पीली ज्वाला उत्पन्न करते हैं।

(ii) ऑक्सीकरण- कार्बन यौगिकों को दहन के द्वारा सरलता से ऑक्सीकृत किया जा सकता है। पूर्ण ऑक्सीकरण के अतिरिक्त ऐसी अभिक्रियाएँ भी होती हैं, जिनमें ऐल्कोहॉल को कार्बोक्सिलिक अम्ल में बदला जा सकता है। जैसे-

C2H5OH→याअम्लीकृतK2Cr2O7+ऊष्माक्षारीयKMnO4+ऊष्माCH3COOHC_{2}H_{5}OH \rightarrow \text{या} \text{अम्लीकृत} K_{2}Cr_{2}O_{7}+\text{ऊष्मा}\text{क्षारीय} KMnO_{4}+\text{ऊष्मा}CH_{3}COOH

कुछ पदार्थों में अन्य पदार्थों को ऑक्सीजन देने की क्षमता होती है। इन पदार्थों को ऑक्सीकारक कहा जाता है। उदाहरण- क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट तथा अम्लीकृत पोटैशियम डाइ क्रोमेट।

ये ऑक्सीकारक पदार्थ अन्य पदार्थों में ऑक्सीजन जोड़कर उनका ऑक्सीकरण कर देते हैं।

(iii) संकलन अभिक्रिया- इस अभिक्रिया में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में हाइड्रोजन को पैलेडियम अथवा निकिल जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में जोड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन बनाते हैं। निकिल उत्प्रेरक का उपयोग करके साधारणतः वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण में इस अभिक्रिया का उपयोग होता है।

[Addition reaction of alkene to alkane]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 49

(iv) प्रतिस्थापन अभिक्रिया - संतृप्त हाइड्रोकार्बन अत्यधिक अनभिक्रिय होते हैं तथा अधिकांश अभिकर्मकों की उपस्थिति में अक्रिय होते हैं। परन्तु सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में क्लोरीन का हाइड्रोकार्बन में संकलन होता है। क्लोरीन एक-एक करके हाइड्रोजन के परमाणुओं का प्रतिस्थापन करती है। इसको प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहते हैं क्योंकि एक प्रकार का परमाणु अथवा परमाणुओं के समूह दूसरे का स्थान लेते हैं। साधारणतः उच्च समजातीय ऐल्केन के साथ अनेक उत्पादों का निर्माण होता है-

CH4+Cl2→सूर्यकाप्रकाशCH3Cl+HClCH_{4}+Cl_{2} \rightarrow \text{सूर्य} \text{का} \text{प्रकाश}CH_{3}Cl+HCl

CH3Cl+Cl2→सूर्यकाप्रकाशCH2Cl2+HClCH_{3}Cl+Cl_{2} \rightarrow \text{सूर्य} \text{का} \text{प्रकाश}CH_{2}Cl_{2}+HCl

CH2Cl2+Cl2→सूर्यकाप्रकाशCHCl3+HClCH_{2}Cl_{2}+Cl_{2} \rightarrow \text{सूर्य} \text{का} \text{प्रकाश}CHCl_{3}+HCl

CHCl3+Cl2→सूर्यकाप्रकाशCCl4+HClCHCl_{3}+Cl_{2} \rightarrow \text{सूर्य} \text{का} \text{प्रकाश}CCl_{4}+HCl

प्रश्न 11. एथनॉल के गुणधर्म लिखिए। इसकी निम्न के साथ अभिक्रियाओं को समझाइए-

(i) सोडियम (ii) सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल (iii) पोटैशियम परमैंगनेट।

उत्तर- एथनॉल के भौतिक गुण निम्न प्रकार से हैं-

(i) यह कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में होता है। इसके गलनांक तथा क्वथनांक क्रमशः 156K156 K और 351K351 K होते हैं।

(ii) सामान्यतः एथनॉल ( C2H5OHC_{2}H_{5}OH ) को ऐल्कोहॉल कहा जाता है तथा यह सभी ऐल्कोहॉली पेय पदार्थों का महत्त्वपूर्ण अवयव होता है।

(iii) यह एक अच्छा विलायक है, इसलिए इसका उपयोग टिंचर आयोडीन, कफ सीरप, टॉनिक आदि जैसी औषधियों में होता है।

(iv) इसे किसी भी अनुपात में जल में मिलाया जा सकता है।

(v) तनु एथनॉल की थोड़ी-सी भी मात्रा लेने पर नशा आ जाता है।

एथनॉल के रासायनिक गुण-

(i) सोडियम के साथ अभिक्रिया - एथनॉल सोडियम से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस एवं सोडियम एथॉक्साइड बनाता है।

2Na+2C2H5OH→2C2H5O−Na++H2↑2Na+2C_{2}H_{5}OH \rightarrow 2C_{2}H_{5}O^{-}Na^{+}+H_{2} \uparrow

(सोडियम एथॉक्साइड)

(ii) सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया - 443K443 K तापमान पर एथनॉल को आधिक्य सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ गर्म करने पर एथनॉल का निर्जलीकरण होकर एथीन बनता है।

C2H5OH→H2SO4गर्मसान्द्रCH2=CH2+H2OC_{2}H_{5}OH \rightarrow H_{2}SO_{4}\text{गर्म} \text{सान्द्र}CH_{2}=CH_{2}+H_{2}O

(एथीन)

इस अभिक्रिया में सल्फ्यूरिक अम्ल निर्जलीकारक के रूप में काम करता है, जो एथनॉल से जल को अलग कर देता है।

(iii) पोटैशियम परमैंगनेट के साथ अभिक्रिया - क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट ( KMnO4KMnO_{4} ) एथनॉल को एथनॉइक अम्ल में ऑक्सीकृत कर देता है।

C2H5OH→ऊष्माक्षारीयKMnO4CH3COOHC_{2}H_{5}OH \rightarrow \text{ऊष्मा}\text{क्षारीय} KMnO_{4}CH_{3}COOH

(एथनॉल) (एथनॉइक अम्ल)

विज्ञान कक्षा-X 135

प्रश्न 12. निम्न यौगिकों में एकल, द्वि एवं त्रि-आबंधों की संख्या की गणना कीजिए-

(अ) बेन्जीन
(ब) प्रोपेनॉइक अम्ल
(स) प्रोपाइन
(द) एथनॉल।

उत्तर-

(अ) बेन्जीन-( C6H6C_{6}H_{6} )

[बेन्जीन की संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 50

एकल आबंध = 9

द्वि आबंध = 3

त्रि आबंध = 0

(ब) प्रोपेनॉइक अम्ल-( CH3CH2COOHCH_{3}CH_{2}COOH )

[प्रोपेनॉइक अम्ल की संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 51

एकल आबंध = 9

द्वि आबंध = 1

त्रि आबंध = 0

(स) प्रोपाइन-( C3H4C_{3}H_{4} )

[प्रोपाइन की संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 52

एकल आबंध = 5

द्वि आबंध = 0

त्रि आबंध = 1

(द) एथनॉल-( CH3CH2OHCH_{3}CH_{2}OH )

[एथनॉल की संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 53

एकल आबंध = 8

द्वि आबंध = 0

त्रि आबंध = 0

प्रश्न 13. (अ) एथनॉल के निर्जलीकरण का समीकरण लिखिए तथा निर्जलीकारक का नाम लिखिए।

(ब) निम्न यौगिकों की सही श्रेणी पहचानिए-

यौगिक

श्रेणी

(i) एथेन

(a) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन

(ii) बेन्जीन

(b) लम्बी श्रृंखला वाले संतृप्त हाइड्रोकार्बन

(iii) हेक्सेन

(c) विषम परमाणु युक्त हाइड्रोकार्बन

(iv) मेथिल ऐल्कोहॉल

(d) संतृप्त हाइड्रोकार्बन

(प्रश्न बैंक)

उत्तर-(अ) एथनॉल के निर्जलीकरण का समीकरण-

CH3−CH2OH→H2SO4गर्मसान्द्रCH2=CH2+H2OCH_{3}-CH_{2}OH \rightarrow H_{2}SO_{4}\text{गर्म} \text{सान्द्र}CH_{2}=CH_{2}+H_{2}O

(एथनॉल) (एथीन)

यहाँ सल्फ्यूरिक अम्ल निर्जलीकारक का कार्य करता है।

(ब)

(i) एथेन (d) (ii) बेन्जीन (a) (iii) हेक्सेन (b) (iv) मेथिल ऐल्कोहॉल (c)

प्रश्न 14. मिसेल की संरचना देते हुए साबुन और अपमार्जक की सफाई क्रिया का विश्लेषण कीजिए।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर—मिसेल की संरचना—(नोट—पाठ्यपुस्तक के अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नों में अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न संख्या-47 का अवलोकन करें)

साबुन की सफाई क्रिया—(पाठ्यपुस्तक के प्रश्न संख्या-15 का अवलोकन करें।)

अपमार्जक की सफाई क्रिया—अपमार्जक सामान्यतः लम्बी कार्बन श्रृंखला वाले सल्फोनिक लवण अथवा लम्बी कार्बन श्रृंखला वाले अमोनियम लवण होते हैं, जो क्लोराइड या ब्रोमाइड आयनों के साथ बनते हैं। अपमार्जकों की सफाई क्रिया साबुन के समान ही होती है परन्तु इन यौगिकों का आवेशित सिरा कठोर जल में उपस्थित कैल्शियम व मैग्नीशियम आयनों के साथ अघुलनशील पदार्थ नहीं बनाते हैं इसलिए कठोर जल में भी प्रभावी बने रहते हैं।

प्रश्न 15. निम्नलिखित के IUPAC नामकरण कीजिए- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

(i) CH3CH=CH2CH_{3}CH=CH_{2} (ii) CH3CH2−OHCH_{3}CH_{2}-OH (iii) CH3CH2−CH2−CH2ClCH_{3}CH_{2}-CH_{2}-CH_{2}Cl (iv) CH3CH2CH2CHOCH_{3}CH_{2}CH_{2}CHO

उत्तर—

(i) CH3CH=CH2CH_{3}CH=CH_{2} : इस यौगिक में तीन कार्बन परमाणु हैं तथा प्रथम व द्वितीय कार्बन के मध्य द्विबंध उपस्थित है अतः यह असंतृप्त यौगिक ऐल्कीन है। इसके नामकरण से संबंधित तीन कार्बन परमाणु वाले ऐल्केन-प्रोपेन (Propane) का नाम में 'ane' को 'ene' से प्रतिस्थापित करते हैं जिससे इस यौगिक का नाम 'प्रोपीन' होगा। इसमें द्विबंध की स्थिति को अंक द्वारा लिखकर हाइफन (-) चिह्न लगाकर संबंधित ऐल्कीन का नाम लिख देंगे। अतः इस यौगिक का IUPAC नाम होगा- '1-प्रोपीन'।

(ii) CH3CH2−OHCH_{3}CH_{2}-OH : यह यौगिक अल्कोहल वर्ग समूह से संबंधित है क्योंकि इसमें −OH-OH प्रकार्यात्मक समूह उपस्थित है। इसमें दो कार्बन परमाणु हैं इसलिए इससे संबंधित ऐल्केन 'एथेन' है जिसमें अनुलग्न -ol जोड़ देते हैं। अतः इसका नाम होगा-

एथेन + ऑल →\rightarrow एथेनॉल

(iii) CH3CH2−CH2−CH2ClCH_{3}CH_{2}-CH_{2}-CH_{2}Cl : इस यौगिक में चार कार्बन परमाणु हैं इसलिए इससे संबंधित ऐल्केन 'ब्यूटेन' है। इसमें ब्यूटेन के एक हाइड्रोजन को क्लोरीन ( Cl2Cl_{2} ) से विस्थापित कर प्राप्त किया जाता है। इस प्रकार बना यौगिक 'हेलो ऐल्केन' कहलाता है। इसके नामकरण में 'हेलो' शब्द पूर्वलग्न के रूप में लगाकर संबंधित ऐल्केन का नाम लिख देते हैं-

Cl=Cl= क्लोरो (पूर्वलग्न) संबंधित ऐल्केन = ब्यूटेन

अतः इसका नाम होगा-

क्लोरो + ब्यूटेन = क्लोरोब्यूटेन

(iv) CH3CH2CH2CHOCH_{3}CH_{2}CH_{2}CHO : इस यौगिक में चार कार्बन परमाणु हैं इसलिए इससे संबंधित ऐल्केन का नाम 'ब्यूटेन' होगा। यह यौगिक ऐल्डिहाइड वर्ग समूह से संबंधित है क्योंकि इसमें CHOCHO प्रकार्यात्मक समूह उपस्थित है। इसके नामकरण में संबंधित ऐल्केन का नाम लिखकर अंत में अनुलग्न -al जोड़ देते हैं। अतः इस यौगिक का नाम होगा-

ब्यूटेन + ऐल →\rightarrow ब्यूटेनैल