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RBSE Class 10 Science Chapter 4 Solutions in Hindi — कार्बन एवं उसके यौगिक | पासबुक हल, नोट्स

📅 अंतिम अपडेट: 2026-09-10📖 RBSE/NCERT Solutions
भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान — सभी पाठगत (In-text) एवं अभ्यास (Exercise) प्रश्नों के सटीक एवं संपूर्ण हल।

अध्याय 4 - कार्बन एवं उसके यौगिक (Carbon and its Compounds)

SECTION_SOLUTIONS_START: 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

पाठगत प्रश्न

पृष्ठ 68

**प्रश्न 1. CO2CO_{2} सूत्र वाले कार्बन डाइऑक्साइड की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना क्या होगी?**

उत्तर- CO2CO_{2} की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना निम्न प्रकार है-

[CO_2 electron dot structure]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 1

अतः O=C=OO=C=O

प्रश्न 2. सल्फर के आठ परमाणुओं से बने सल्फर के अणु की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना क्या होगी?

(संकेत : सल्फर के आठ परमाणु एक अंगूठी के रूप में आपस में जुड़े होते हैं।)

उत्तर- सल्फर का परमाणु क्रमांक 16 होता है।

अतः सल्फर के कोशों में भरे हुए इलेक्ट्रॉनों की संख्या निम्न प्रकार होगी-

कोश का प्रतीक

कोश में भरे हुए इलेक्ट्रॉनों की संख्या

1. K

2

2. L

8

3. M

6

सल्फर के बाहरी कोश M में 6 इलेक्ट्रॉन हैं। अतः इसे अष्टक पूर्ण करने के लिए 2 इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। इसलिए प्रत्येक सल्फर परमाणु दो इलेक्ट्रॉनों की सहभागिता करेगा।

[Sulfur ring structure and electron dot structure]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 2

चित्र-सल्फर के आठ परमाणुओं के लिए इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना

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पृष्ठ 76

प्रश्न 1. पेन्टेन के लिए आप कितने संरचनात्मक समावयवों का चित्रण कर सकते हैं?

उत्तर- पेन्टेन का अणुसूत्र C5H12C_{5}H_{12} होता है। इसके तीन संरचनात्मक समावयवों का चित्रण किया जा सकता है-

(i) HCCCCCHH-C-C-C-C-C-H या CH3CH2CH2CH2CH3CH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{3} (n-पेन्टेन (नॉर्मल पेन्टेन))

(ii) CH3CHCH2CH3CH_{3}-CH-CH_{2}-CH_{3} (आइसोपेन्टेन (2-मेथिल ब्यूटेन))

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CH3CH_{3}

(iii) CH3CCH3CH_{3}-C-CH_{3} (नियोपेन्टेन (2,2-डाइमेथिल प्रोपेन))

|

CH3CH_{3}

प्रश्न 2. कार्बन के दो गुणधर्म कौनसे हैं, जिनके कारण हमारे चारों ओर कार्बन यौगिकों की विशाल संख्या दिखाई देती है?

उत्तर- कार्बन के निम्नलिखित दो गुणों के कारण ही कार्बन यौगिकों की संख्या अत्यधिक होती है-

(1) श्रृंखलन (Catenation)- कार्बन में कार्बन के ही अन्य परमाणुओं के साथ बन्ध बनाकर लम्बी-लम्बी श्रृंखलाएँ बनाने की क्षमता होती है। इस गुण को 'श्रृंखलन' कहते हैं। कार्बन के परमाणु एक, द्वि या त्रि आबंध के द्वारा आपस में जुड़ सकते हैं।

(2) चतु:संयोजकता- कार्बन की संयोजकता चार होती है। अतः इसमें कार्बन के चार अन्य परमाणुओं अथवा कुछ अन्य एक संयोजक तत्वों के परमाणुओं के साथ आबंधन की क्षमता होती है। ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, क्लोरीन तथा अनेक तत्वों के साथ कार्बन के अनेक स्थायी यौगिक बनते हैं।

प्रश्न 3. साइक्लोपेन्टेन का सूत्र तथा इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना क्या होंगे?

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

उत्तर- साइक्लोपेन्टेन का अणुसूत्र C5H10C_{5}H_{10} होता है। इसका संरचना सूत्र तथा इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना निम्न प्रकार है-

[साइक्लोपेन्टेन संरचना और इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 3

इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना

प्रश्न 4. निम्न यौगिकों की संरचनाएँ चित्रित कीजिए- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

(i) एथेनॉइक अम्ल (ii) ब्रोमोपेन्टेन* (iii) ब्यूटेनॉन (iv) हेक्सेनैल। (i) एथेनॉइक अम्ल- CH3COOHCH_{3}COOH

[संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 4

(ii) ब्रोमोपेन्टेन- C5H11BrC_{5}H_{11}Br (iii) ब्यूटेनॉन (Butanone)- CH3CH2COCH3CH_{3}CH_{2}COCH_{3}

[संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 6

(iv) हेक्सेनैल- C5H11CHOC_{5}H_{11}CHO ( C6H12OC_{6}H_{12}O )

[संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 7

हाँ, ब्रोमोपेन्टेन के संरचनात्मक समावयवी सम्भव हैं जिनकी संख्या चार होती है।

कार्बन के साथ ब्रोमीन ( Br2Br_{2} ) का स्थान बदलने के साथ ब्रोमोपेन्टेन निम्न संरचनात्मक समावयवी बनाता है-

(1) CH3CH2CH2CH2BrCH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{2}-Br (ब्रोमोपेन्टेन)

(2) CH3CH2CH(Br)CH3CH_{3}-CH_{2}-CH(Br)-CH_{3} (2-ब्रोमो पेन्टेन)

(3) CH3CH(CH3)CH2BrCH_{3}-CH(CH_{3})-CH_{2}-Br (1-ब्रोमो-2-मेथिल प्रोपेन)

(4) CH3C(CH3)(Br)CH3CH_{3}-C(CH_{3})(Br)-CH_{3} (2-ब्रोमो-2-मेथिल प्रोपेन)

प्रश्न 5. निम्न यौगिकों के नामकरण कैसे करेंगे?

[संरचना सूत्र (i), (ii), (iii)]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 8

उत्तर- उपरोक्त यौगिकों का नामकरण निम्न प्रकार है-

(i) CH3CH2BrCH_{3}-CH_{2}-Br को एथेन के एक हाइड्रोजन परमाणु को ब्रोमीन ( Br2Br_{2} ) से विस्थापित कर प्राप्त किया जाता है।

CH3CH2HBr2CH3CH2Br+HBrCH_{3}-CH_{2}-H \rightarrow Br_{2}CH_{3}-CH_{2}-Br+HBr

इस प्रकार बने यौगिकों को 'हेलो एल्केन' कहा जाता है। इनके नामकरण में हेलो शब्द पूर्वलग्न (शब्द के पहले) के रूप में लगाकर संबंधित एल्केन ( C2H6C_{2}H_{6} /एथेन) का नाम लिख देते हैं।

Br=ब्रोमोBr=\text{ब्रोमो} (पूर्वलग्न), संबंधित एल्केन = C2H6C_{2}H_{6} (एथेन)

अतः इसका नाम निम्न प्रकार होगा- ब्रोमो + एथेन = ब्रोमोएथेन

(ii) HC=OH-C=O यौगिक ऐल्डिहाइड वर्ग समूह से संबंधित है क्योंकि इसमें CHO-CHO प्रकार्यात्मक समूह उपस्थित है। इसके नामकरण में संबंधित ऐल्केन का नाम लिखकर अंत में अनुलग्न (शब्द के अंत में) alal जोड़ देते हैं।

अतः इसका नाम निम्न होगा-

मेथेन + ऐल = मेथेनल। इसे फॉर्मेल्डिहाइड भी कहते हैं।

(iii) दिए गए यौगिक में 66 कार्बन परमाणु हैं तथा प्रथम एवं द्वितीय कार्बन के मध्य त्रिबंध उपस्थित है अतः यह असंतृप्त यौगिक ऐल्काइन है। इसमें त्रिबंध की स्थिति को अंक (Locant) द्वारा लिखकर हाइफन ()() चिह्न लगाकर संबंधित ऐल्काइन का नाम लिख देंगे। ऐल्काइन में अनुलग्न yneyne लगता है।

अतः इसका नाम निम्न होगा-

1+()+हेक्स+yne1हेक्साइन(हेक्साइन)1+(-)+\text{हेक्स}+yne⇒1-\text{हेक्साइन} (\text{हेक्साइन})

पृष्ठ 79

प्रश्न 1. एथेनॉल से एथेनॉइक अम्ल में परिवर्तन को ऑक्सीकरण अभिक्रिया क्यों कहते हैं?

उत्तर- एथेनॉल से एथेनॉइक अम्ल में परिवर्तन ऑक्सीकरण अभिक्रिया है क्योंकि इस परिवर्तन में ऑक्सीजन परमाणुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है तथा यह ऑक्सीकारक क्षारीय KMnO4KMnO_{4} या अम्लीकृत K2Cr2O7K_{2}Cr_{2}O_{7} द्वारा सम्पन्न होती है तथा एथेनॉल में हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या में कमी (ह्रास) हो रही है।

CH3CH2OHयाअम्लीकृतK2Cr2O7+ऊष्माक्षारीयKMnO4+ऊष्माCH3COOHCH_{3}CH_{2}OH \rightarrow \text{या} \text{अम्लीकृत} K_{2}Cr_{2}O_{7}+\text{ऊष्मा}\text{क्षारीय} KMnO_{4}+\text{ऊष्मा}CH_{3}COOH

प्रश्न 2. ऑक्सीजन तथा एथाइन के मिश्रण का दहन वेल्डिंग के लिए किया जाता है। क्या आप बता सकते हैं कि एथाइन तथा वायु के मिश्रण का उपयोग क्यों नहीं किया जाता?

उत्तर- एथाइन (C2H2)(C_{2}H_{2}) में कार्बन की प्रतिशत मात्रा अधिक होती है तथा वायु में केवल 2020% ऑक्सीजन होती है। शेष नाइट्रोजन (मुख्यतः) तथा अन्य गैसें होती हैं। अतः इसमें एथाइन के पूर्ण दहन के लिए ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा नहीं है तथा वेल्डिंग के लिए उच्च ताप की आवश्यकता होती है जो एथाइन और वायु को साथ जलाने पर वेल्डिंग हेतु पर्याप्त नहीं होता है। परन्तु ऑक्सीजन व एथाइन के मिश्रण को जलाने पर पूर्ण दहन होता है जिससे वेल्डिंग हेतु पर्याप्त ऊष्मा का उत्पादन होता है।

पृष्ठ 83

प्रश्न 1. प्रयोग द्वारा आप ऐल्कोहॉल एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल में कैसे अन्तर कर सकते हैं?

उत्तर- प्रयोगशाला में निम्न परीक्षणों द्वारा ऐल्कोहॉल (जैसे C2H5OHC_{2}H_{5}OH ) एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल (जैसे CH3COOHCH_{3}COOH ) में अन्तर किया जा सकता है-

(1) ऐल्कोहॉल में स्प्रिट के समान गंध आती है जबकि कार्बोक्सिलिक अम्ल में तीक्ष्ण गंध आती है।

(2) ऐल्कोहॉल, नीले तथा लाल लिटमस पत्र पर कोई प्रभाव नहीं डालता जबकि कार्बोक्सिलिक अम्ल, नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है।

(3) ऐल्कोहॉल, NaHCO3NaHCO_{3} से क्रिया नहीं करता जबकि कार्बोक्सिलिक अम्ल NaHCO3NaHCO_{3} से क्रिया करके CO2CO_{2} गैस उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दूधिया कर देती है।

CH3COOH+NaHCO3CH3COONa++H2O+CO2CH_{3}COOH+NaHCO_{3} \rightarrow CH_{3}COO^{-}Na^{+}+H_{2}O+CO_{2}

Ca(OH)2(aq)+CO2(g)CaCO3(s)+H2O(l)Ca(OH)_{2}(aq)+CO_{2}(g) \rightarrow CaCO_{3}(s)+H_{2}O(l)

(चूने का पानी) (श्वेत अवक्षेप)

प्रश्न 2. ऑक्सीकारक क्या है?

उत्तर- वे पदार्थ जिनमें अन्य पदार्थों को ऑक्सीजन देने की क्षमता होती है, ऑक्सीकारक कहलाते हैं। जैसे क्षारीय KMnO4KMnO_{4} (पोटैशियम परमैंगनेट) तथा अम्लीकृत K2Cr2O7K_{2}Cr_{2}O_{7} (पोटैशियम डाइक्रोमेट) ऑक्सीकारक पदार्थ हैं, जो ऑक्सीकरण के लिए ऑक्सीजन प्रदान करते हैं।

पृष्ठ 85

प्रश्न 1. क्या आप डिटर्जेंट का उपयोग कर बता सकते हैं कि कोई जल कठोर है अथवा नहीं?

उत्तर-डिटर्जेंट के उपयोग से यह ज्ञात नहीं कर सकते कि जल कठोर है अथवा नहीं क्योंकि डिटर्जेंट कठोर जल के साथ भी झाग उत्पन्न करता है तथा कोई अवक्षेप भी नहीं देता है।

प्रश्न 2. लोग विभिन्न प्रकार से कपड़े धोते हैं। सामान्यतः साबुन लगाने के बाद लोग कपड़े को पत्थर पर पटकते हैं, डंडे से पीटते हैं, ब्रश से रगड़ते हैं या वाशिंग मशीन में कपड़े रगड़े जाते हैं। कपड़ा साफ करने के लिए उसे रगड़ने की क्यों आवश्यकता होती है?

उत्तर- साबुन से कपड़ा साफ करने के लिए उसे रगड़ने की आवश्यकता इसलिए पड़ती है ताकि साबुन के अणु तेल के धब्बों, मैल के कण आदि को हटाने के लिए मिसेल बना सकें। मिसेल गंदे मैल या तेल के धब्बों को हटाने में सहायक होता है। अतः विभिन्न प्रकार से कपड़ों को रगड़ने से कपड़े पर से गंदगी के कणों को निकालने में सहायता मिलती है।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1. एथेन का आण्विक सूत्र C2H6C_{2}H_{6} है। इसमें-

(a) 6 सहसंयोजक आबंध हैं
(b) 7 सहसंयोजक आबंध हैं
(c) 8 सहसंयोजक आबंध हैं
(d) 9 सहसंयोजक आबंध हैं

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26, 2024-25)

अथवा

एथेन ( C2H6C_{2}H_{6} ) में सहसंयोजन आबंध है-

(a) 6 (b) 7 (c) 8 (d) 9 (प्रश्न बैंक)
(a) कार्बोक्सिलिक अम्ल (b) ऐल्डिहाइड (c) कीटोन (d) ऐल्कोहॉल

उत्तर-(c) कीटोन।

प्रश्न 3. खाना बनाते समय यदि बर्तन की तली बाहर से काली हो रही है तो इसका मतलब है कि

(a) भोजन पूरी तरह नहीं पका है। (b) ईंधन पूरी तरह से नहीं जल रहा है।
(c) ईंधन आर्द्र है। (d) ईंधन पूरी तरह से जल रहा है।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

उत्तर-(b) ईंधन पूरी तरह से नहीं जल रहा है।

प्रश्न 4. CH3ClCH_{3}Cl में आबंध निर्माण का उपयोग कर सहसंयोजक आबंध की प्रकृति समझाइए।

उत्तर- कार्बन के सबसे बाहरी कोश में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं इसलिए इसे उत्कृष्ट गैस विन्यास को प्राप्त करने के लिए चार इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने या खोने की आवश्यकता होती है। परन्तु ऐसा करना कार्बन परमाणु के लिए अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता के कारण संभव नहीं है। इसलिए कार्बन अपने अन्य परमाणुओं अथवा अन्य तत्वों के परमाणुओं के साथ संयोजक इलेक्ट्रॉन की साझेदारी करके इस समस्या को सुलझा लेता है। इसलिए CH3ClCH_{3}Cl में सहसंयोजी आबंध पाए जाते हैं। कार्बन को अपना अष्टक पूर्ण करने के लिए 4 इलेक्ट्रॉनों की जबकि हाइड्रोजन को उत्कृष्ट गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए एक इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। साथ ही क्लोरीन को भी एक इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। इसीलिए ये सभी इलेक्ट्रॉनों का साझा करते हैं जिससे कार्बन हाइड्रोजन के साथ तीन व क्लोरीन के साथ एक आबंध निम्न प्रकार से बनाता है-

[CH_3Cl की संरचना और इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 9

CH3ClCH_{3}Cl में आबंध संरचना एकल सहसंयोजक प्रकार की है।

प्रश्न 5. इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना बनाइए-

(a) एथेनॉइक अम्ल (b) H2SH_{2}S (c) प्रोपेनॉन (d) F2F_{2}
(a) एथेनॉइक अम्ल- CH3COOHCH_{3}COOH ; HC(=O)OHH-C(=O)-O-H (संरचना सूत्र)

[एथेनॉइक अम्ल संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 10

[एथेनॉइक अम्ल इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 11

एथेनॉइक अम्ल की इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना

(b) H2SH_{2}S HSHH-S-H (संरचना सूत्र) HSHH··S··H (इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना)
(c) प्रोपेनॉन- CH3COCH3CH_{3}COCH_{3} या CH3C(=O)CH3CH_{3}-C(=O)-CH_{3} (सामान्य सूत्र)

[प्रोपेनॉन संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 12

[प्रोपेनॉन इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 13

इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना

(d) F2F_{2} FFF-F (संरचना सूत्र) FF··F··F·· (इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना)
(a) भौतिक गुणों के आधार पर-(i) एथेनॉल में स्प्रिट के समान गंध आती है जबकि एथेनॉइक अम्ल में तीक्ष्ण गंध आती है।

(ii) एथेनॉल का गलनांक व क्वथनांक क्रमशः 156K156 K351K351 K है जबकि शुद्ध एथेनॉइक अम्ल का गलनांक व क्वथनांक 290K290 K तथा 391K391 K है।

(b) रासायनिक गुणों के आधार पर-(i) एथेनॉल द्वारा नीले एवं लाल लिटमस पत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है जबकि एथेनॉइक अम्ल, नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है।
(A) संतृप्त हाइड्रोकार्बन-यदि कार्बन परमाणुओं के मध्य केवल एक सहसंयोजी बन्ध उपस्थित हो। उदाहरण-ऐल्केन।
(B) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन-यदि कार्बन परमाणुओं के मध्य द्वि या त्रि सहसंयोजी बन्ध उपस्थित हों। उदाहरण-ऐल्कीन, ऐल्काइन।

(12) हाइड्रोकार्बन में कार्बन परमाणुओं की श्रृंखला सीधी, शाखायुक्त या वलय के रूप में भी होती है।

(13) कार्बन-कार्बन एकल बन्धयुक्त यौगिक ऐल्केन कहलाते हैं। इनका सामान्य सूत्र CnH2n+2C_{n}H_{2n+2} होता है। nn का मान 1,2,31,2,3… होता है। उदाहरण- CH4CH_{4} , C2H6C_{2}H_{6} , C3H8C_{3}H_{8} , C4H10C_{4}H_{10} , C5H12C_{5}H_{12} आदि।

(14) कार्बन-कार्बन द्विबन्ध यौगिक ऐल्कीन कहलाते हैं। इनका सामान्य सूत्र CnH2nC_{n}H_{2n} है। nn का मान 2,3,42,3,4… होता है। उदाहरण- C2H4C_{2}H_{4} , C3H6C_{3}H_{6} , C4H8C_{4}H_{8} आदि।

(15) कार्बन-कार्बन त्रिबन्ध युक्त यौगिक ऐल्काइन कहलाते हैं। इनका सामान्य सूत्र CnH2n2C_{n}H_{2n-2} होता है। nn का मान 2,3,42,3,4… होता है। उदाहरण- C2H2C_{2}H_{2} , C3H4C_{3}H_{4} आदि।

(16) श्रृंखलन-कार्बन परमाणु अन्य कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजी आबंध द्वारा जुड़कर लम्बी-लम्बी श्रृंखलाएँ बनाता है। कार्बन के इस गुण को श्रृंखलन (Catenation) कहते हैं।

(17) समजातीय श्रेणी-कार्बनिक यौगिकों की ऐसी श्रृंखला, जिसमें कार्बन श्रृंखला में स्थित हाइड्रोजन को एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह प्रतिस्थापित करता है, समजातीय श्रेणी कहलाती है। इस श्रेणी के उत्तरोत्तर यौगिकों के सूत्रों के मध्य एक CH2-CH_{2}- इकाई का अंतर होता है।

उदाहरण-(i) CH3OHCH_{3}OH , C2H5OHC_{2}H_{5}OH , C3H7OHC_{3}H_{7}OH तथा C4H9OHC_{4}H_{9}OH (ii) CH4CH_{4} , C2H6C_{2}H_{6} , C3H8C_{3}H_{8} , C4H10C_{4}H_{10}

(18) क्रियात्मक समूह या प्रकार्यात्मक समूह- हाइड्रोकार्बन यौगिकों के हाइड्रोजन को प्रतिस्थापित कर उसके स्थान पर जुड़ने वाला समूह जो इसे विशिष्ट गुण प्रदान करता है तथा ये गुण कार्बन श्रृंखला की लंबाई और प्रकृति पर निर्भर नहीं होते हैं क्रियात्मक या प्रकार्यात्मक समूह कहलाता है।

उदाहरण- OH-OH , CHO-CHO , >C=O>C=O , Cl-Cl , Br-Br , COOH-COOH आदि।

(19) कार्बनिक यौगिकों के नामकरण में क्रियात्मक समूह की प्रकृति के अनुसार पूर्वलग्न या अनुलग्न का प्रयोग करते हैं।

(20) क्रियात्मक समूहों के अनुलग्न निम्न प्रकार होते हैं-

(i) ऐल्कोहॉल ( OH-OH ) : olol (ऑल)

(ii) ऐल्डिहाइड ( CHO-CHO ) : alal (अल)

(iii) कीटोन ( >C=O>C=O ) : oneone (ओन)

(iv) कार्बोक्सिलिक अम्ल COHO\frac{-C-OH}{\frac{||}{O}} : oicacidoic acid (ओइक अम्ल)

(v) द्विआबन्ध (ऐल्कीन) : eneene (ईन)

(vi) त्रिआबन्ध (ऐल्काइन) : yneyne (आइन)

(21) कार्बन तथा उसके यौगिक हमारे ईंधन के प्रमुख स्रोत हैं। इनके दहन से CO2CO_{2} तथा H2OH_{2}O बनती है तथा ऊष्मा एवं प्रकाश प्राप्त होता है।

(22) संतृप्त हाइड्रोकार्बन के दहन से सामान्यतः स्वच्छ नीली ज्वाला निकलती है जबकि असंतृप्त कार्बन यौगिकों से अत्यधिक काले धुएँ वाली पीली ज्वाला निकलती है।

(23) ऑक्सीकारक- कुछ पदार्थों में अन्य पदार्थों को ऑक्सीजन देने की क्षमता होती है। ऐसे पदार्थों को ऑक्सीकारक कहते हैं। उदाहरण- क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट ( KMnO4KMnO_{4} ), अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट ( K2Cr2O7K_{2}Cr_{2}O_{7} ) आदि।

(24) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में संकलन अभिक्रियाएँ तथा संतृप्त हाइड्रोकार्बन में प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ मुख्यतः होती हैं।

संकलन अभिक्रिया- RR>C=C<RRउत्प्रेरकNi,+H2RCHCHRRR\frac{R}{\frac{R>C=C<R}{\frac{R \rightarrow \text{उत्प्रेरक}Ni,+H_{2}R-CH-CH-R}{RR}}}

प्रतिस्थापन अभिक्रिया- CH4+Cl2सूर्यकाप्रकाशCH3Cl+HClCH_{4}+Cl_{2} \rightarrow \text{सूर्य} \text{का} \text{प्रकाश}CH_{3}Cl+HCl

(25) उत्प्रेरक- वे पदार्थ जो अभिक्रिया की दर को बढ़ा या घटा देते हैं परन्तु स्वयं अप्रभावित रहते हैं उत्प्रेरक कहलाते हैं। उदाहरण- Ni,Pd,Pt,MoNi, Pd, Pt, Mo आदि।

(26) सामान्यतः एथेनॉल को ऐल्कोहॉल कहा जाता है और यह कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में होता है। एथेनॉल सोडियम से क्रिया करके H2H_{2} गैस उत्सर्जित करता है जबकि गर्म व सान्द्र H2SO4H_{2}SO_{4} से क्रिया कराने पर एथीन ( CH2=CH2CH_{2}=CH_{2} ) बनाता है।

2Na+2CH3CH2OH2CH3CH2ONa+H22Na+2CH_{3}CH_{2}OH \rightarrow 2CH_{3}CH_{2}ONa+H_{2} (सोडियम एथॉक्साइड)

CH3CH2OHH2SO4गर्मएवंसान्द्रCH2=CH2+H2OCH_{3}-CH_{2}-OH \rightarrow H_{2}SO_{4}\text{गर्म} \text{एवं} \text{सान्द्र}CH_{2}=CH_{2}+H_{2}O (एथीन)

(27) शुद्ध एथेनॉइक अम्ल (एसिटिक अम्ल) को ग्लैशियल ऐसीटिक अम्ल कहते हैं क्योंकि इसका गलनांक 290K290 K होता है अतः यह ठण्डी जलवायु में शीत के दिनों में जमकर बर्फ के समान हो जाता है।

(28) कार्बोक्सिलिक अम्लों की क्रिया, अम्ल उत्प्रेरक की उपस्थिति में ऐल्कोहॉल से कराने पर एस्टर बनते हैं। इस क्रिया को एस्टरीकरण कहते हैं।

CH3COOH+C2H5OHअम्लCH3COC2H5+H2OCH_{3}COOH+C_{2}H_{5}OH \rightarrow \text{अम्ल}CH_{3}-C-O-C_{2}H_{5}+H_{2}O

(एथेनॉइकअम्ल)(एथेनॉल)(एस्टर)(\text{एथेनॉइक} \text{अम्ल}) (\text{एथेनॉल})(\text{एस्टर})

(29) एस्टर की क्रिया जलीय क्षार से कराने पर संगत अम्ल का लवण बनता है। इस क्रिया से साबुन बनाया जाता है अतः इसे साबुनीकरण कहते हैं।

CH3COOC2H5NaOHCH3COONa++C2H5OHCH_{3}COOC_{2}H_{5} \rightarrow NaOHCH_{3}COO^{-}Na^{+}+C_{2}H_{5}OH

(साबुन)(\text{साबुन})

(30) एसिटिक अम्ल NaOHNaOH , Na2CO3Na_{2}CO_{3} तथा NaHCO3NaHCO_{3} से क्रिया करके लवण बनाता है।

(31) साबुन के अणु लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम एवं पोटैशियम लवण होते हैं।

(32) अपमार्जक सामान्यतः लंबी कार्बन श्रृंखला वाले सल्फोनिक लवण अथवा लंबी कार्बन श्रृंखला वाले अमोनियम लवण होते हैं जो क्लोराइड या ब्रोमाइड आयनों के साथ बनते हैं।

(33) साबुन तथा अपमार्जक तैलीय मैल का पायस (इमल्सन) बनाकर उसे पृथक् कर देता है।

(34) साबुन कठोर जल में कार्य नहीं करता जबकि अपमार्जक कठोर जल में भी कार्य करता है।

(35) साबुन एवं अपमार्जक की क्रिया अणुओं में जलरागी (जलस्नेही) तथा जल विरागी (जल विरोधी) समूहों की उपस्थिति पर आधारित होती है।

SECTION_IMPORTANT_START: 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Q&A)

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न-

प्रश्न 1. कार्बोक्सिलिक अम्ल में उपस्थित प्रकार्यात्मक समूह है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

(अ) C(=O)OH-C(=O)OH
(ब) C=O-C=O
(स) CHO-CHO
(द) OH-OH

प्रश्न 2. हाइड्रोजन की परमाणु संख्या है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

(अ) 11
(ब) 22
(स) 44
(द) 66

प्रश्न 3. बेन्जीन की संरचना है— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

[बेन्जीन और अन्य हाइड्रोकार्बन संरचनाएँ]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 15

(अ)
(ब)

C6H6C_{6}H_{6} (चक्रीय वलय संरचना)

(स) ब्यूटेन संरचना
(द) पेन्टेन संरचना

प्रश्न [4]. कार्बन के जिस अपरूप में मुक्त (स्वतंत्र) इलेक्ट्रॉन पाए जाते हैं, वह है-

(अ) हीरा (ब) कोयला (स) ग्रेफाइट (द) कोक
(अ) 5 (ब) 6 (स) 4 (द) 7

प्रश्न [6]. एथीन के जलयोजन (Hydration) से बना यौगिक है-

(अ) C2H6C_{2}H_{6} (ब) C2H5OHC_{2}H_{5}OH (स) C2H2C_{2}H_{2} (द) CH3CHOCH_{3}-CHO
(अ) अपचयन (ब) ऑक्सीकरण (स) संकलन (द) प्रतिस्थापन

प्रश्न [8]. ब्यूटेन का उच्च समजात है-

(अ) प्रोपेन (ब) पेन्टेन (स) पेन्टीन (द) एथाइन
(अ) एथैनल (ब) प्रोपेनॉन (स) एथेनॉल (द) एथेनॉइक अम्ल

प्रश्न [10]. CH3CH2COOHCH_{3}CH_{2}COOH का IUPAC नाम है-

(अ) मेथेनॉइक अम्ल (ब) प्रोपेनॉल (स) प्रोपेनॉइक अम्ल (द) प्रोपेनैल
(अ) RCOONaRCOO^{⊖}Na^{⊕} (ब) ROHROH
(स) ROSO3NaR-O-SO_{3}^{⊖}Na^{⊕} या ROSO3NaROSO_{3}^{⊖}Na^{⊕} (द) RCOORRCOOR

प्रश्न [12]. कार्बन के अपरूप कौनसे यौगिक हैं? (प्रश्न बैंक)

(अ) हीरा (ब) ग्रेफाइट (स) फुलेरीन (द) उपर्युक्त सभी
(अ) ऐथेन (ब) ऐथीन (स) मेथेन (द) प्रोपेन

प्रश्न [14]. कार्बन की संयोजकता होती है-

(अ) 1 (ब) 2 (स) 3 (द) 4
(अ) ऐल्केन (ब) ऐल्कीन (स) ऐल्काइन (द) ऐल्कोहॉल

प्रश्न [16]. किस उत्प्रेरक का उपयोग साधारणतः वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण में किया जाता है-

(अ) आयरन (ब) मैग्नीशियम (स) क्रोमियम (द) निकैल
(अ) एथेनॉल (ब) ऐसीटिक अम्ल (स) मेथेनॉल (द) उपर्युक्त सभी

प्रश्न [18]. वे पदार्थ, जो अभिक्रिया की दर में परिवर्तन कर देते हैं, लेकिन स्वयं अपरिवर्तित रहते हैं, क्या कहलाते हैं?

(अ) अभिकारक (ब) परिरक्षक (स) उत्प्रेरक (द) अपमार्जक
(अ) सोडियम आयन (ब) पोटैशियम आयन (स) लिथियम आयन (द) मैग्नीशियम आयन

प्रश्न [20]. कठोर जल में प्रभावी होता है-

(अ) साबुन (ब) अपमार्जक (स) दोनों (द) कोई नहीं
(अ) CnH2nC_{n}H_{2n} (ब) CnH2n+2C_{n}H_{2n+2} (स) CnH2n2C_{n}H_{2n-2} (द) CnHnC_{n}H_{n}

प्रश्न [22]. एथेनॉल का दुरूपयोग रोकने के लिए उसमें कौनसा जहरीला पदार्थ मिलाया जाता है?

(अ) मिथेनॉल (ब) मिथेनॉइक अम्ल (स) एथेनॉइक अम्ल (द) प्रोपेनॉन
(अ) C6H12C_{6}H_{12} (ब) C6H6C_{6}H_{6} (स) C6H14C_{6}H_{14} (द) C6H10C_{6}H_{10}

प्रश्न [24]. निम्न में से कौनसा असंतृप्त हाइड्रोकार्बन का रासायनिक सूत्र है-

(अ) CH4CH_{4}
(ब) C3H8C_{3}H_{8}
(स) C2H6C_{2}H_{6}
(द) C2H4C_{2}H_{4}

प्रश्न [25]. कार्बन का अपररूप जो विद्युत का सुचालक होता है-

(अ) हीरा
(ब) ग्रेफाइट
(स) फुलेरीन
(द) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न [26]. कार्बन से बना शुद्धतम तथा सबसे कठोर पदार्थ होता है-

(अ) हीरा
(ब) ग्रेफाइट
(स) फुलेरीन
(द) कोयला

प्रश्न [27]. CH3COOH+CH3CH2OHअम्ल[A]+H2OCH_{3}COOH+CH_{3}-CH_{2}OH \rightarrow \text{अम्ल}[A]+H_{2}O उपरोक्त अभिक्रिया में यौगिक (A)(A) हैं- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

(अ) CH3CH2OCH2CH3CH_{3}-CH_{2}-O-CH_{2}-CH_{3}
(ब) CH3CH2COOCH3CH_{3}-CH_{2}-COOCH_{3}
(स) HC(=O)OCH2CH2CH3H-C(=O)-O-CH_{2}-CH_{2}-CH_{3}
(द) CH3C(=O)OCH2CH3CH_{3}-C(=O)-O-CH_{2}-CH_{3}

प्रश्न [28]. 2CH3COOH+Na2CO3A+H2O+CO22CH_{3}COOH+Na_{2}CO_{3} \rightarrow ………A………+H_{2}O+CO_{2} उपरोक्त अभिक्रिया में यौगिक (A)(A) है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

(अ) CH3COOCH_{3}COO
(ब) 2CH3COONa2CH_{3}COONa
(स) C2H5OHC_{2}H_{5}OH
(द) CaCO3CaCO_{3}

प्रश्न [29]. कीटोन में उपस्थित प्रकार्यात्मक समूह है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

(अ) OH-OH
(ब) C(=O)-C(=O)-
(स) C(=O)H-C(=O)H
(द) C(=O)OH-C(=O)OH

प्रश्न [30]. मेथेन ( CH4CH_{4} ) में उपस्थित सहसंयोजक आबंधों की संख्या है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

(अ) 44
(ब) 77
(स) 1010
(द) 1313

प्रश्न [31]. संतृप्त हाइड्रोकार्बन है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

(अ) C2H2C_{2}H_{2}
(ब) C2H4C_{2}H_{4}
(स) C2H6C_{2}H_{6}
(द) C6H6C_{6}H_{6}

प्रश्न [32]. ग्लैशियल एसिटिक अम्ल का गलनांक होता है- (प्रश्न बैंक)

(अ) 240K240 K
(ब) 290K290 K
(स) 390K390 K
(द) 190K190 K

प्रश्न [33]. कार्बन परमाणु में पाए जाने वाली मुख्य विशेषताएँ है जो उसे पृथ्वी पर एक सर्वतोमुखी तत्व बनाती है? (प्रश्न बैंक)

(अ) चतु:संयोजकता
(ब) श्रृंखलन
(स) (अ) व (ब) दोनों
(द) मजबूत आयनिक बंधन

उत्तर-तालिका

1.(अ)

2.(अ)

3.(ब)

4.(स)

5.(ब)

6.(ब)

7.(ब)

8.(ब)

9.(ब)

10.(स)

11.(स)

12.(द)

13.(स)

14.(द)

15.(अ)

16.(द)

17.(ब)

18.(स)

19.(द)

20.(ब)

21.(स)

22.(अ)

23.(ब)

24.(द)

25.(ब)

26.(अ)

27.(द)

28.(ब)

29.(ब)

30.(अ)

31.(स)

32.(ब)

33.(स)

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. कार्बन-कार्बन एकल बन्धयुक्त यौगिक ............. कहलाते हैं। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

2. ............. बायोगैस एवं संपीडित प्राकृतिक गैस ( CNGCNG ) का प्रमुख घटक है।

3. कार्बन परमाणु द्वारा अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ लंबी श्रृंखला बनाने के गुण को ............. कहते हैं।

4. वसीय अम्लों के एस्टरों का सोडियम हाइड्रोक्साइड से क्षारीय अपघटन ............. कहलाता है।

5. एसिटिक अम्ल के 343-4% विलयन को ............. कहा जाता है।

--- | ---

6. विकृत ऐल्कोहॉल की पहचान करने के लिए इसमें ............... मिलाकर इसका रंग नीला बना दिया जाता है।

7. कुछ पदार्थों में अन्य पदार्थों को ऑक्सीजन देने की क्षमता होती है। इन पदार्थों को ............. कहा जाता है।

8. केवल ................. पदार्थों के जलने पर ही ज्वाला उत्पन्न होती है।

9. C3H8C_{3}H_{8} अणु में उपस्थित सहसंयोजक आबंधों की संख्या ................. है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

10. हाइड्रोकार्बन यौगिकों में हाइड्रोजन को प्रतिस्थापित करने वाले तत्वों को ................. कहते हैं। (प्रश्न बैंक)

11. प्रोपेनोन में उपस्थित क्रियात्मक समूह ................. है। (प्रश्न बैंक)

12. प्रोपेनैल में उपस्थित क्रियात्मक समूह ................. है। (प्रश्न बैंक)

13. CH3CH2OH+OK2Cr2O7/H2SO4CH3COOHCH_{3}-CH_{2}OH+O \rightarrow K_{2}Cr_{2}O_{7}/H_{2}SO_{4}CH_{3}COOH यह ................. अभिक्रिया है। (प्रश्न बैंक)

14. वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण में ................. उत्प्रेरक का उपयोग करके संतृप्त यौगिक प्राप्त करते हैं। (प्रश्न बैंक)

15. ब्यूटेनॉन में उपस्थित क्रियात्मक समूह ................. है। (प्रश्न बैंक)

16. एल्केन का सामान्य सूत्र ................. है। (प्रश्न बैंक)

17. एल्कीन का सामान्य सूत्र ................. है। (प्रश्न बैंक)

18. एल्काइन का सामान्य सूत्र ................. है। (प्रश्न बैंक)

19. ब्यूटेनोइक अम्ल में उपस्थित क्रियात्मक समूह ................. है। (प्रश्न बैंक)

उत्तर - 1. एल्केन, 2. मिथेन, 3. श्रृंखलन, 4. साबुनीकरण, 5. सिरका, 6. रंजक, 7. ऑक्सीकारक, 8. गैसीय, 9. 10, 10. विषम परमाणु, 11. कीटोन, 12. ऐल्डिहाइड, 13. ऑक्सीकरण, 14. निकिल, 15. कीटोन, 16. CnH2n+2C_{n}H_{2n+2} , 17. CnH2nC_{n}H_{2n} , 18. CnH2n2C_{n}H_{2n-2} , 19. कार्बोक्सिलिक अम्ल।

सुमेलन संबंधी प्रश्न-

प्रश्न 1. निम्न को सुमेलित कीजिए-

कार्बनिक यौगिक का नाम

कार्बनिक यौगिक का सूत्र

A. प्रोपेन

(i) C2H4C_{2}H_{4} (ii) C3H8C_{3}H_{8} (iii) C6H6C_{6}H_{6} (iv) C6H12C_{6}H_{12} (i) C=OOH-C=O-OH (ii) C=O-C=O- (iii) OH-OH (iv) C=OH-C=O-H (1) एथेन (i) n-ब्युटेन (नॉर्मल ब्युटेन)

CH3CH2CH2CH3CH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{3} या

HCCCCHH-C-C-C-C-H (with H atoms attached)

(ii) आइसोब्युटेन (2-मेथिल प्रोपेन) (ii) एथिल अल्कोहल—

सूत्र = C2H5OHC_{2}H_{5}OH या HCCOHH-C-C-OH (with H atoms)

प्रकार्यात्मक समूह = हाइड्रॉक्सिल समूह ( OH-OH )

प्रश्न 4. कार्बन का क्या महत्त्व है? समझाइए।

उत्तर— कार्बन का तत्व तथा संयुक्त अवस्था दोनों में ही बहुत महत्त्व होता है। कार्बन सर्वतोमुखी (Versatile) तत्व है। भोजन, कपड़े, दवाएँ, पुस्तकें आदि अनेक वस्तुएँ कार्बन पर आधारित होती हैं। इनके अतिरिक्त, सभी सजीव (मनुष्य आदि) संरचनाएँ भी कार्बन पर आधारित होती हैं। भूपर्पटी तथा वायुमण्डल में अल्प मात्रा में कार्बन उपस्थित है। भूपर्पटी में

खनिजों [जैसे कार्बोनेट ( CO32CO_{3}^{2-} ), हाइड्रोजनकार्बोनेट, कोयला एवं पेट्रोलियम] के रूप में केवल 0.020.02% कार्बन उपस्थित है तथा वायुमण्डल में 0.030.03% कार्बन डाइऑक्साइड उपस्थित है। प्रकृति में इतनी अल्पमात्रा में कार्बन उपस्थित होने के बावजूद कार्बन का अत्यधिक महत्त्व है।

प्रश्न 5. कार्बन के यौगिकों में सहसंयोजी बन्ध होता है, आयनिक क्यों नहीं? समझाइए।

उत्तर- कार्बन का परमाणु क्रमांक 66 है (2)(2) । इसके बाह्यतम कोश में 44 इलेक्ट्रॉन होते हैं। बन्ध बनाते समय परमाणु में उत्कृष्ट गैस विन्यास प्राप्त करने की प्रवृत्ति होती है।

आयनिक बन्ध बनाने में बाहरी कोश के इलेक्ट्रॉन का त्याग किया जाता है या इलेक्ट्रॉन प्राप्त किए जाते हैं। कार्बन के बाहरी कोश में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं तथा उत्कृष्ट गैस विन्यास प्राप्त करने के लिए इसको चार इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने या खोने की आवश्यकता होती है। यदि इसे इलेक्ट्रॉनों को प्राप्त करना या खोना है तो

(i) यह चार इलेक्ट्रॉन प्राप्त कर C4C^{4-} ऋणायन बना सकता है। लेकिन छ: प्रोटॉन वाले नाभिक के लिए दस इलेक्ट्रॉन धारण करना मुश्किल है।

(ii) यह चार इलेक्ट्रॉन खोकर C4+C^{4+} धनायन बना सकता है। लेकिन चार इलेक्ट्रॉनों को खोकर छ: प्रोटॉन वाले नाभिक में केवल दो इलेक्ट्रॉनों का धनायन बनाने के लिए अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

अतः कार्बन के यौगिक आयनिक नहीं होते तथा बन्ध बनाते समय कार्बन अन्य कार्बन परमाणु तथा अन्य तत्वों से संयोजकता इलेक्ट्रॉनों का साझा करके सहसंयोजी बन्ध बनाता है। इससे दोनों परमाणुओं में उत्कृष्ट गैस विन्यास प्राप्त हो जाता है।

प्रश्न 6. क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट व अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट 'ऑक्सीकारक' क्यों कहलाते हैं? समझाइए।

उत्तर- क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट व अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट ऐल्कोहॉलों को अम्लों में ऑक्सीकृत कर देते हैं अर्थात् ये आरम्भिक पदार्थ में ऑक्सीजन जोड़ देते हैं इसलिए इनको ऑक्सीकारक कहते हैं।

CH3CH2OHयाअम्लीकृतK2Cr2O7+ऊष्माक्षारीयKMnO4+ऊष्माCH3COOHCH_{3}-CH_{2}-OH \rightarrow \text{या} \text{अम्लीकृत} K_{2}Cr_{2}O_{7}+\text{ऊष्मा}\text{क्षारीय} KMnO_{4}+\text{ऊष्मा}CH_{3}COOH

(ऐथेनॉल) (ऐसिटिक अम्ल)

प्रश्न 7. 'विषम परमाणु' किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।

उत्तर- कार्बन अन्य तत्वों, जैसे-हैलोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन तथा सल्फर के साथ सहसंयोजी आबंध बनाता है। हाइड्रोकार्बन श्रृंखला में ये तत्व एक या अधिक हाइड्रोजन को इस प्रकार प्रतिस्थापित करते हैं कि कार्बन की संयोजकता संतुष्ट रहती है। ऐसे यौगिकों में हाइड्रोजन को प्रतिस्थापित करने वाले तत्वों को विषम परमाणु कहते हैं। उदाहरण-

CH4+Cl2सूर्यकाप्रकाशCH3Cl+HClCH_{4}+Cl_{2} \rightarrow \text{सूर्य} \text{का} \text{प्रकाश}CH_{3}Cl+HCl

प्रश्न 8. प्रकार्यात्मक समूह किसे कहते हैं? उदाहरण द्वारा समझाइए।

उत्तर- प्रकार्यात्मक समूह (Functional Group)-वह विषम परमाणु अथवा परमाणुओं का समूह, जो कार्बन यौगिकों को विशिष्ट गुण प्रदान करता है तथा क्रियाओं को सुनिश्चित करता है, प्रकार्यात्मक समूह कहलाता है।

कार्बन यौगिकों में कुछ प्रकार्यात्मक समूह निम्न प्रकार से हैं-

विषम परमाणु

यौगिकों का प्रकार

प्रकार्यात्मक समूह का सूत्र

Cl/BrCl/Br

1. हैलो-(क्लोरो/ब्रोमो)

Cl,Br-Cl,-Br (हाइड्रोजन परमाणु के प्रतिस्थापी)

ऑक्सीजन

2. ऐल्कोहॉल

OH-OH

 

3. ऐल्डिहाइड

C=O/H-C=O/H

 

4. कीटोन

C=O-C=O

 

5. कार्बोक्सिलिक अम्ल

C=O/OH-C=O/OH

इनमें एकल रेखाओं द्वारा समूह की मुक्त संयोजकता दर्शाई गई है जिसके द्वारा यह हाइड्रोकार्बन से जुड़ता है।

प्रश्न 9. कुछ विज्ञापनों में यह क्यों कहा जाता है कि वनस्पति तेल 'स्वास्थ्यवर्धक' होते हैं?

उत्तर- साधारणतः जंतु वसा में संतृप्त वसा अम्ल होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाते हैं। जबकि वनस्पति तेलों में साधारणतः लंबी असंतृप्त कार्बन श्रृंखलाएँ होती हैं इसलिए इन्हें स्वास्थ्यवर्धक कहा जाता है।

प्रश्न 10. समजातीय श्रेणी में भौतिक गुणों में क्रमबद्धता होती है, क्यों?

उत्तर- किसी समजातीय श्रेणी में कार्बन बढ़ने पर आणविक द्रव्यमान बढ़ता है तो भौतिक गुणों में क्रमबद्धता दिखाई देती है क्योंकि आणविक द्रव्यमान बढ़ने पर गलनांक और क्वथनांक में वृद्धि होती है। चूँकि भौतिक गुण आणविक द्रव्यमान पर निर्भर करते हैं, इसलिए भौतिक गुणधर्मों में भी क्रमबद्धता दिखाई देती है।

प्रश्न 11. अँगीठी में जलने वाला कोयला लाल रंग के समान उज्ज्वल होता है तथा बिना ज्वाला के ऊष्मा देता है। ऐसा क्यों होता है?

उत्तर- ऐसा इसलिए होता है क्योंकि केवल गैसीय पदार्थों के जलने पर ही ज्वाला उत्पन्न होती है। लकड़ी को जलाने पर उपस्थित वाष्पशील पदार्थ वाष्पीकृत हो जाते हैं जिससे कोयले में ऐसे पदार्थों की कमी हो जाती है और वे बिना ज्वाला के ऊष्मा देने लगते हैं।

**प्रश्न 12. (a) दो ऐल्कीनों में कार्बन परमाणुओं की संख्या क्रमशः 44 66 है तो कमरे के ताप पर इनकी भौतिक अवस्था क्या होगी?**

**(b) CnH2n2C_{n}H_{2n-2} सामान्य सूत्र वाली सजातीय श्रेणी के तीसरे तथा पाँचवें सदस्य का सूत्र तथा नाम लिखिए।**

उत्तर- (a) 44 कार्बन का ऐल्कीन ब्यूटीन होता है जो कि कमरे के ताप पर गैस होता है जबकि 66 कार्बन का ऐल्कीन हेक्सीन है जो कमरे के ताप पर द्रव है।

(b) CnH2n2C_{n}H_{2n-2} सामान्य सूत्र ऐल्काइन श्रेणी का है, इसमें nn का मान 22 से प्रारम्भ होता है। ( n=2,3,4n=2,3,4… )
(b) ऐल्डिहाइड के अणु में क्रियात्मक समूह CHO-CHO होता है जबकि कीटोन में क्रियात्मक समूह >C=O>C=O होता है। ऐल्डिहाइड में कार्बोनिल समूह ( >C=O>C=O ) की मुक्त संयोजकताएँ एक HH तथा एक ऐल्किल समूह द्वारा संतुष्ट होती हैं जबकि कीटोन में >C=O>C=O समूह की दोनों संयोजकताएँ ऐल्किल समूह द्वारा संतुष्ट होती हैं।

प्रश्न 18. (a) एथेनॉल जल में विलेय है या नहीं?

**(b) एथेनॉल की गर्म व सान्द्र H2SO4H_{2}SO_{4} से क्रिया कराने पर क्या होगा?**

उत्तर- (a) एथेनॉल कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में होता है। यह जल में विलेय होता है। एथेनॉल को किसी भी अनुपात में जल में मिलाया जा सकता है।

(b) एथेनॉल की क्रिया गर्म व सान्द्र H2SO4H_{2}SO_{4} से कराने पर इसका निर्जलीकरण होकर एथीन बनती है।
(अ) CH3CH2CH2ClCH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-Cl (संरचनात्मक रूप में)
(ब) CH3C(=O)CH3CH_{3}-C(=O)-CH_{3} (संरचनात्मक रूप में)

उत्तर—

(i) कार्बन परमाणु चार इलेक्ट्रॉन प्राप्त कर C4C^{4-} ऋणायन बना सकता है। (ii) (अ) क्लोरो प्रोपेन (ब) प्रोपेनोन

प्रश्न 2. क्या होता है जबकि — (केवल रासायनिक समीकरण लिखिए।)

(अ) एथेनॉइक अम्ल, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करता है?
(ब) एथनॉल को अम्लीकृत K2Cr2O7K_{2}Cr_{2}O_{7} द्वारा ऑक्सीकृत किया जाता है?
(स) एथेनॉइक अम्ल को सोडियम हाइड्रोक्साइड के साथ क्रिया करवाते हैं?

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

उत्तर :

(अ) CH3COOH+NaHCO3CH3COONa+H2O+CO2CH_{3}COOH+NaHCO_{3} \rightarrow CH_{3}COONa+H_{2}O+CO_{2}
(ब) CH3CH2OHअम्लीकृतK2Cr2O7+ऊष्माCH3COOHCH_{3}CH_{2}OH \rightarrow \text{अम्लीकृत} K_{2}Cr_{2}O_{7}+\text{ऊष्मा}CH_{3}COOH
(स) NaOH+CH3COOHCH3COONa+H2ONaOH+CH_{3}COOH \rightarrow CH_{3}COONa+H_{2}O

प्रश्न 3. (a) संकलन अभिक्रिया किसे कहते हैं? अभिक्रिया लिखिए।

(b) ऑक्सीकारक किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)
(a) संकलन अभिक्रिया—पैलेडियम अथवा निकल जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन देते हैं। निकल उत्प्रेरक का उपयोग करके साधारणतः वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण में इस अभिक्रिया का उपयोग होता है। वनस्पति तेलों में साधारणतः लंबी असंतृप्त कार्बन श्रृंखलाएँ होती हैं जबकि जंतु वसा में संतृप्त कार्बन श्रृंखलाएँ होती हैं।

उदाहरण—

R2C=CR2उत्प्रेरकH2,NiRCHCHRR_{2}C=CR_{2} \rightarrow \text{उत्प्रेरक}H_{2},NiR-CH-CH-R

[Chemical reaction showing addition of H2 to alkene]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 21

(b) ऑक्सीकारक—कुछ पदार्थों में अन्य पदार्थों को ऑक्सीजन देने की क्षमता होती है। ऐसे पदार्थों को ऑक्सीकारक कहते हैं। उदाहरण—क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट ( KMnO4KMnO_{4} ), अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट ( K2Cr2O7K_{2}Cr_{2}O_{7} ) आदि।
(A) (B)

CH3COOH+C2H5OHH2SO4गर्मवसान्द्रCH3COOC2H5+H2OCH_{3}COOH+C_{2}H_{5}OH \rightarrow H_{2}SO_{4}\text{गर्म} \text{व} \text{सान्द्र}CH_{3}COOC_{2}H_{5}+H_{2}O

(B) (A) (C) (एस्टर)
(स) C2H6C_{2}H_{6} (एथेन)

[एथेन संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 32

एथेन में सहसंयोजक बन्धों की संख्या 77 होती है।

प्रश्न 2. (अ) साइक्लोहेक्सेन का अणुसूत्र लिखिए।

(ब) साइक्लोहेक्सेन का संरचना सूत्र बनाइए तथा इसमें उपस्थित सहसंयोजक बन्धों की संख्या लिखिए।
(स) निम्नलिखित में ऐथीन कौनसी है? इसमें उपस्थित द्विबन्ध की संख्या लिखिए-

(i) C2H2C_{2}H_{2} (ii) C2H4C_{2}H_{4} (iii) C2H6C_{2}H_{6}

उत्तर- (अ) साइक्लोहेक्सेन का अणुसूत्र C6H12C_{6}H_{12} होता है।

(ब) साइक्लोहेक्सेन का संरचना सूत्र-
(स) C2H4C_{2}H_{4} (ऐथीन)-

[ऐथीन संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 34

ऐथीन में उपस्थित द्विबन्धों की संख्या एक होती है।

प्रश्न 3. (अ) ऐल्केन, ऐल्कीन, ऐल्काइन को परिभाषित कीजिए।

(ब) प्रत्येक श्रेणी के सामान्य सूत्र लिखिए।
(स) प्रत्येक श्रेणी के चार सदस्यों का नाम एवं सूत्र दीजिए।

उत्तर- (अ) कार्बन परमाणुओं के बीच केवल एक आबंध से जुड़े हाइड्रोकार्बन के यौगिक 'ऐल्केन' कहलाते हैं। ऐसे हाइड्रोकार्बन जिनमें कार्बन-कार्बन के मध्य एक या अधिक दोहरे आबंध होते हैं, 'ऐल्कीन' कहलाते हैं। जबकि एक या अधिक त्रि-आबंध वाले हाइड्रोकार्बन ऐल्काइन कहलाते हैं।

(ब) सामान्य रासायनिक सूत्र-
(स) ऐल्केन श्रेणी के सदस्य-

(i) एथेन = C2H6C_{2}H_{6}

(ii) प्रोपेन = C3H8C_{3}H_{8}

(iii) ब्यूटेन = C4H10C_{4}H_{10}

(iv) पेन्टेन = C5H12C_{5}H_{12}

ऐल्कीन श्रेणी के सदस्य-

(i) ऐथीन = C2H4C_{2}H_{4} (ii) प्रोपीन = C3H6C_{3}H_{6} (iii) ब्यूटीन = C4H8C_{4}H_{8} (iv) पेन्टीन = C5H10C_{5}H_{10}

ऐल्काइन श्रेणी के सदस्य-

(i) ऐथाइन = C2H2C_{2}H_{2} (ii) प्रोपाइन = C3H4C_{3}H_{4} (iii) ब्यूटाइन = C4H6C_{4}H_{6} (iv) पेन्टाइन = C5H8C_{5}H_{8}

प्रश्न 4. निम्न कार्बनिक यौगिकों का संरचना सूत्र दीजिए एवं इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना बनाइए।

(अ) मेथेन व एथेन। (ब) ऐथीन व प्रोपीन। (स) ऐथाइन व प्रोपाइन।
(अ) मेथेन- रासायनिक सूत्र = CH4CH_{4}

संरचना सूत्र:

HC(H)HH-C(H)-H (ऊपर और नीचे भी HH )

[मेथेन संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 35

इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना-

[मेथेन इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 36

एथेन- रासायनिक सूत्र = C2H6C_{2}H_{6}

संरचना सूत्र:

HCCHH-C-C-H (प्रत्येक CC पर दो HH )

[एथेन संरचना सूत्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 37

इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना-

[एथेन इलेक्ट्रॉन बिन्दु संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 38

(ब) ऐथीन- रासायनिक सूत्र = C2H4C_{2}H_{4}
(a) बहुत अधिक चमक होने के कारण हीरे को जवाहरात (ज्वैलरी) के रूप में उपयोग किया जाता है।
(b) हीरा ऊष्मीय किरणों के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील होता है, इसलिए अतिशुद्ध थर्मामीटर बनाने में इसका उपयोग किया जाता है।
(c) काले हीरे का उपयोग काँच काटने, दूसरे हीरे को काटने, हीरे पर पॉलिश करने तथा चट्टानों में छेद करने के लिए किया जाता है।

(ii) ग्रेफाइट- इसमें कार्बन के प्रत्येक परमाणु का आबंध कार्बन के तीन अन्य परमाणुओं के साथ एक ही तल पर होता है, जिससे षट्कोणीय संरचना बनती है। इनमें से एक आबंध द्विआबंधी होता है, जिसके कारण कार्बन की संयोजकता पूर्ण होती है। ग्रेफाइट की संरचना में षट्कोणीय तल एक-दूसरे के ऊपर व्यवस्थित होते हैं।

षट्कोणीय संरचना के कारण इसमें कार्बन परमाणुओं के बीच की दूरी अधिक होती है। परतों के मध्य इस दूरी के कारण विपरीत परतों में स्थित कार्बन परमाणुओं के बीच सहसंयोजक बन्धों के बनने की सम्भावना समाप्त हो जाती है और चौथा संयोजक इलेक्ट्रॉन स्वतन्त्र छूट जाता है। इस कारण ग्रेफाइट में इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह आसानी से हो जाता है और ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक बन जाता है। ग्रेफाइट चिकना तथा फिसलनशील भी होता है।

ग्रेफाइट के उपयोग-

(a) ग्रेफाइट का उपयोग पेन्सिल की लीड तथा घड़ियों की कमानी बनाने में होता है।
(b) उच्च ताप पर चलने वाली मशीनों में इसको तेल या पानी के साथ मिलाकर स्नेहक के रूप में प्रयोग किया जाता है।
(c) इसका पाउडर पॉलिश करने के काम में आता है।
(d) न्यूक्लियर रिएक्टर में मोडरेटर के रूप में इसका उपयोग किया जाता है।

[(a) ग्रेफाइट की संरचना (b) हीरे की संरचना (c) C_60 बकमिंसटरफुलरीन की संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 46

(iii) फुलरीन- यह कार्बन अपररूप का अन्य वर्ग है। सबसे पहले C60C_{60} की पहचान की गई जिसमें कार्बन के परमाणु फुटबॉल के रूप में व्यवस्थित होते हैं।

फुलरीन के उपयोग-

(a) अतिचालक, अर्द्धचालक, स्नेहक, उत्प्रेरक, विद्युत तार के निर्माण में।
(b) एड्स की रोकथाम में सहायक।

प्रश्न 6. संतृप्त हाइड्रोकार्बन किसे कहते हैं? इस श्रेणी का विशेष नाम बताइए तथा इस श्रेणी के प्रथम छ: सदस्यों की संरचना लिखिए।

उत्तर- संतृप्त हाइड्रोकार्बन- कार्बन तथा हाइड्रोजन से बने कार्बनिक यौगिक, जिनमें कार्बन परमाणुओं के मध्य एकल आबन्ध ( CCC-C ) पाया जाता है, उन्हें संतृप्त हाइड्रोकार्बन कहते हैं।

ऐसे संतृप्त हाइड्रोकार्बन ऐल्केन कहलाते हैं। इनका सामान्य रासायनिक सूत्र CnH2n+2C_{n}H_{2n+2} होता है, जहाँ n=1,2,3,4.....n=1,2,3,4..... है। इनमें बन्ध प्रबल होता है अतः इनकी क्रियाशीलता बहुत कम होती है।

ऐल्केन श्रेणी के प्रथम छ: सदस्य मेथेन, एथेन, प्रोपेन, ब्यूटेन, पेन्टेन तथा हेक्सेन हैं, जिनकी संरचना अग्र प्रकार है-

नाम

सूत्र

संरचना

(1) मेथेन

CH4CH_{4}

HC(H)HH-C(H)-H (with H above and below C)

(2) एथेन

C2H6C_{2}H_{6}

HC(H)(H)C(H)(H)HH-C(H)(H)-C(H)(H)-H

(3) प्रोपेन

C3H8C_{3}H_{8}

HC(H)(H)C(H)(H)C(H)(H)HH-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-H

(4) ब्यूटेन

C4H10C_{4}H_{10}

HC(H)(H)C(H)(H)C(H)(H)C(H)(H)HH-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-H

(5) पेन्टेन

C5H12C_{5}H_{12}

HC(H)(H)C(H)(H)C(H)(H)C(H)(H)C(H)(H)HH-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-H

(6) हेक्सेन

C6H14C_{6}H_{14}

HC(H)(H)C(H)(H)C(H)(H)C(H)(H)C(H)(H)C(H)(H)HH-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-C(H)(H)-H

[Table of Alkanes with structural formulas]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 47

प्रश्न 7. समावयवता किसे कहते हैं? उदाहरण द्वारा समझाइए।

उत्तर-समावयवता- वे यौगिक, जिनके अणुसूत्र समान हों, लेकिन उनके भौतिक तथा रासायनिक गुणों तथा संरचना सूत्रों में भिन्नता होती है, तो उन्हें एक-दूसरे के समावयवी कहते हैं तथा उनका यह गुण समावयवता कहलाता है।

समान आणविक सूत्र लेकिन विभिन्न संरचनाओं वाले यौगिक संरचनात्मक समावयवन कहलाते हैं। उदाहरण के लिए यदि हम चार कार्बन परमाणुओं से कार्बन संरचनाएँ बनाएँ तो ये दो प्रकार से बन सकती हैं-

CCCCC-C-C-C एवं CC(C)CC-C(C)-C

शेष संयोजकता की जगह हाइड्रोजन भरने से प्राप्त संरचनाएँ निम्न प्रकार की होती हैं-

[Structural isomers of Butane]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 48

इस प्रकार दोनों संरचनाओं में एक ही सूत्र C4H10C_{4}H_{10} है, जो कि ब्यूटेन का है। अतः समान आणविक सूत्र लेकिन विभिन्न संरचनाओं वाले इस प्रकार के यौगिक संरचनात्मक समावयवन कहलाते हैं।

प्रश्न 8. कार्बनिक यौगिकों के नामकरण की विधि को समझाइए।

उत्तर- किसी समजातीय श्रेणी के यौगिकों के नामों का आधार बेसिक कार्बन की उन मूल श्रृंखलाओं पर आधारित होता है, जिनको प्रकार्यात्मक समूह की प्रकृति के अनुसार 'पूर्वलग्न', 'उपसर्ग' या 'अनुलग्न', 'प्रत्यय' के द्वारा संशोधित किया गया हो।

कार्बन की संख्या के आधार पर निम्न नाम दिए गए हैं-

एक कार्बन = मेथ, चार कार्बन = ब्यूट

दो कार्बन = एथ, पाँच कार्बन = पेन्ट

तीन कार्बन = प्रोप, छ: कार्बन = हेक्स आदि।

निम्न नियमों के द्वारा किसी कार्बनिक यौगिक का नामकरण किया जा सकता है-

(1) यौगिक में कार्बन परमाणुओं की संख्या ज्ञात करते हैं। तीन कार्बन परमाणु वाले यौगिक का नाम प्रोपेन तथा चार कार्बन वाले का ब्यूटेन होगा।

(2) प्रकार्यात्मक समूह की उपस्थिति में इसको पूर्वलग्न अथवा अनुलग्न के साथ यौगिक के नाम में दर्शाया जाता है (सारणी के अनुसार)।

(3) जब प्रकार्यात्मक समूह का नाम पूर्वलग्न के आधार पर दिया जाता है तथा यदि प्रकार्यात्मक समूह के अनुलग्न नाम स्वर a, e, i, o, u से प्रारम्भ होता हो तो कार्बन श्रृंखला के नाम से अंत का 'e' हटाकर, उसमें अनुलग्न लगाकर परिवर्तित करते हैं। जैसे- कीटोन समूह की तीन कार्बन वाली श्रृंखला को निम्न विधि से नाम देंगे-

Propanee=propan+one=propanonePropane-'e'=propan+'one'=propanone (प्रोपेनोन)

(4) असंतृप्त कार्बन श्रृंखला में कार्बन श्रृंखला के नाम में दिए गए अंतिम 'ane' को C=CC=C या CCC≡C के अनुसार 'ene' या 'yne' से प्रतिस्थापित करते हैं। जैसे, द्वि-आबंध वाली तीन कार्बन की श्रृंखला प्रोपीन होगी तथा त्रि-आबंध होने पर यह प्रोपाइन ( propynepropyne ) कहलाएगी।

कार्बनिक यौगिकों की नामपद्धति

यौगिकों का प्रकार

पूर्वलग्न/अनुलग्न

उदाहरण

1. हैलोजन

पूर्वलग्न, फ्लुओरो, क्लोरो, ब्रोमो, आयोडो आदि

CH3CH2CH2ClCH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-Cl क्लोरोप्रोपेन, CH3CH2CH2BrCH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-Br ब्रोमोप्रोपेन

2. ऐल्कोहॉल

अनुलग्न - olol

CH3CH2CH2OHCH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-OH प्रोपेनॉल

3. ऐल्डिहाइड

अनुलग्न - alal

CH3CH2CHOCH_{3}-CH_{2}-CHO प्रोपेनैल

4. कीटोन

अनुलग्न - oneone

CH3C(=O)CH3CH_{3}-C(=O)-CH_{3} प्रोपेनोन

5. कार्बोक्सिलिक अम्ल

अनुलग्न - oicacidoic acid

CH3CH2COOHCH_{3}-CH_{2}-COOH प्रोपेनॉइक अम्ल

6. द्वि-आबंध (ऐल्कीन)

अनुलग्न - eneene

CH3CH=CH2CH_{3}-CH=CH_{2} प्रोपीन

7. त्रि-आबंध (ऐल्काइन)

अनुलग्न - yneyne

CH3CCHCH_{3}-C≡CH प्रोपाइन

प्रश्न 9. एथेनॉइक अम्ल के गुणधर्म बताइए तथा इसकी निम्न अभिक्रियाओं को समझाइए-

(a) एस्टरीकरण (b) क्षारक के साथ अभिक्रिया (c) सोडियम कार्बोनेट एवं सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ अभिक्रिया।
(a) एस्टरीकरण अभिक्रिया- एस्टर मुख्यतः अम्ल एवं ऐल्कोहॉल की अभिक्रिया से बनते हैं। अतः ऐल्कोहॉल तथा कार्बोक्सिलिक अम्ल की परस्पर अभिक्रिया के फलस्वरूप जल के अतिरिक्त जो यौगिक बनता है, उसे एस्टर कहते हैं तथा यह अभिक्रिया एस्टरीकरण कहलाती है। एस्टरों की मधुर गंध होती है।

CH3COOH+CH3CH2OHअम्लCH3COOCH2CH3+H2OCH_{3}COOH+CH_{3}CH_{2}OH \rightarrow \text{अम्ल}CH_{3}COOCH_{2}CH_{3}+H_{2}O

(एथेनॉइक अम्ल) (एथेनॉल) (एस्टर) (एथिल ऐसीटेट)

(b) क्षारक के साथ अभिक्रिया- एथेनॉइक अम्ल सोडियम हाइड्रोक्साइड जैसे क्षारक से अभिक्रिया करके लवण (सोडियम एथेनोएट या सोडियम ऐसीटेट) तथा जल बनाता है।
(c) सोडियम कार्बोनेट एवं सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया- एथेनॉइक अम्ल सोडियम कार्बोनेट एवं सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके लवण, कार्बन डाइऑक्साइड एवं जल बनाता है। इस अभिक्रिया में सोडियम ऐसीटेट (सोडियम एथेनोएट) लवण बनता है।

2CH3COOH+Na2CO32CH3COONa+H2O+CO22CH_{3}COOH+Na_{2}CO_{3} \rightarrow 2CH_{3}COONa+H_{2}O+CO_{2}

(सोडियम कार्बोनेट)

CH3COOH+NaHCO3CH3COONa+H2O+CO2CH_{3}COOH+NaHCO_{3} \rightarrow CH_{3}COONa+H_{2}O+CO_{2}

(सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) (सोडियम ऐसीटेट)

प्रश्न 10. कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुणधर्म लिखिए।

उत्तर- कार्बन यौगिकों के प्रमुख रासायनिक गुणधर्म निम्न प्रकार से हैं-

(i) दहन- कार्बन अपने सभी अपरूपों में ऑक्सीजन की उपस्थिति में दहन करता है और ऊष्मा तथा प्रकाश के साथ CO2CO_{2} उत्पन्न करता है। उदाहरण के लिए-

C+O2CO2+ऊष्माएवंप्रकाशC+O_{2} \rightarrow CO_{2}+\text{ऊष्मा} \text{एवं} \text{प्रकाश}

C2H5OH+O22CO2+3H2O+ऊष्माएवंप्रकाशC_{2}H_{5}OH+O_{2} \rightarrow 2CO_{2}+3H_{2}O+\text{ऊष्मा} \text{एवं} \text{प्रकाश}

संतृप्त हाइड्रोकार्बन स्वच्छ ज्वाला के साथ जलते हैं जबकि असंतृप्त कार्बन यौगिक काले धुएँ वाली पीली ज्वाला उत्पन्न करते हैं।

(ii) ऑक्सीकरण- कार्बन यौगिकों को दहन के द्वारा सरलता से ऑक्सीकृत किया जा सकता है। पूर्ण ऑक्सीकरण के अतिरिक्त ऐसी अभिक्रियाएँ भी होती हैं, जिनमें ऐल्कोहॉल को कार्बोक्सिलिक अम्ल में बदला जा सकता है। जैसे-

C2H5OHयाअम्लीकृतK2Cr2O7+ऊष्माक्षारीयKMnO4+ऊष्माCH3COOHC_{2}H_{5}OH \rightarrow \text{या} \text{अम्लीकृत} K_{2}Cr_{2}O_{7}+\text{ऊष्मा}\text{क्षारीय} KMnO_{4}+\text{ऊष्मा}CH_{3}COOH

कुछ पदार्थों में अन्य पदार्थों को ऑक्सीजन देने की क्षमता होती है। इन पदार्थों को ऑक्सीकारक कहा जाता है। उदाहरण- क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट तथा अम्लीकृत पोटैशियम डाइ क्रोमेट।

ये ऑक्सीकारक पदार्थ अन्य पदार्थों में ऑक्सीजन जोड़कर उनका ऑक्सीकरण कर देते हैं।

(iii) संकलन अभिक्रिया- इस अभिक्रिया में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में हाइड्रोजन को पैलेडियम अथवा निकिल जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में जोड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन बनाते हैं। निकिल उत्प्रेरक का उपयोग करके साधारणतः वनस्पति तेलों के हाइड्रोजनीकरण में इस अभिक्रिया का उपयोग होता है।

[Addition reaction of alkene to alkane]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 49

(iv) प्रतिस्थापन अभिक्रिया - संतृप्त हाइड्रोकार्बन अत्यधिक अनभिक्रिय होते हैं तथा अधिकांश अभिकर्मकों की उपस्थिति में अक्रिय होते हैं। परन्तु सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में क्लोरीन का हाइड्रोकार्बन में संकलन होता है। क्लोरीन एक-एक करके हाइड्रोजन के परमाणुओं का प्रतिस्थापन करती है। इसको प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहते हैं क्योंकि एक प्रकार का परमाणु अथवा परमाणुओं के समूह दूसरे का स्थान लेते हैं। साधारणतः उच्च समजातीय ऐल्केन के साथ अनेक उत्पादों का निर्माण होता है-

CH4+Cl2सूर्यकाप्रकाशCH3Cl+HClCH_{4}+Cl_{2} \rightarrow \text{सूर्य} \text{का} \text{प्रकाश}CH_{3}Cl+HCl

CH3Cl+Cl2सूर्यकाप्रकाशCH2Cl2+HClCH_{3}Cl+Cl_{2} \rightarrow \text{सूर्य} \text{का} \text{प्रकाश}CH_{2}Cl_{2}+HCl

CH2Cl2+Cl2सूर्यकाप्रकाशCHCl3+HClCH_{2}Cl_{2}+Cl_{2} \rightarrow \text{सूर्य} \text{का} \text{प्रकाश}CHCl_{3}+HCl

CHCl3+Cl2सूर्यकाप्रकाशCCl4+HClCHCl_{3}+Cl_{2} \rightarrow \text{सूर्य} \text{का} \text{प्रकाश}CCl_{4}+HCl

प्रश्न 11. एथनॉल के गुणधर्म लिखिए। इसकी निम्न के साथ अभिक्रियाओं को समझाइए-

(i) सोडियम (ii) सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल (iii) पोटैशियम परमैंगनेट।

उत्तर- एथनॉल के भौतिक गुण निम्न प्रकार से हैं-

(i) यह कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में होता है। इसके गलनांक तथा क्वथनांक क्रमशः 156K156 K और 351K351 K होते हैं।

(ii) सामान्यतः एथनॉल ( C2H5OHC_{2}H_{5}OH ) को ऐल्कोहॉल कहा जाता है तथा यह सभी ऐल्कोहॉली पेय पदार्थों का महत्त्वपूर्ण अवयव होता है।

(iii) यह एक अच्छा विलायक है, इसलिए इसका उपयोग टिंचर आयोडीन, कफ सीरप, टॉनिक आदि जैसी औषधियों में होता है।

(iv) इसे किसी भी अनुपात में जल में मिलाया जा सकता है।

(v) तनु एथनॉल की थोड़ी-सी भी मात्रा लेने पर नशा आ जाता है।

एथनॉल के रासायनिक गुण-

(i) सोडियम के साथ अभिक्रिया - एथनॉल सोडियम से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस एवं सोडियम एथॉक्साइड बनाता है।

2Na+2C2H5OH2C2H5ONa++H22Na+2C_{2}H_{5}OH \rightarrow 2C_{2}H_{5}O^{-}Na^{+}+H_{2} \uparrow

(सोडियम एथॉक्साइड)

(ii) सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया - 443K443 K तापमान पर एथनॉल को आधिक्य सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ गर्म करने पर एथनॉल का निर्जलीकरण होकर एथीन बनता है।

C2H5OHH2SO4गर्मसान्द्रCH2=CH2+H2OC_{2}H_{5}OH \rightarrow H_{2}SO_{4}\text{गर्म} \text{सान्द्र}CH_{2}=CH_{2}+H_{2}O

(एथीन)

इस अभिक्रिया में सल्फ्यूरिक अम्ल निर्जलीकारक के रूप में काम करता है, जो एथनॉल से जल को अलग कर देता है।

(iii) पोटैशियम परमैंगनेट के साथ अभिक्रिया - क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट ( KMnO4KMnO_{4} ) एथनॉल को एथनॉइक अम्ल में ऑक्सीकृत कर देता है।

C2H5OHऊष्माक्षारीयKMnO4CH3COOHC_{2}H_{5}OH \rightarrow \text{ऊष्मा}\text{क्षारीय} KMnO_{4}CH_{3}COOH

(एथनॉल) (एथनॉइक अम्ल)

विज्ञान कक्षा-X 135

प्रश्न 12. निम्न यौगिकों में एकल, द्वि एवं त्रि-आबंधों की संख्या की गणना कीजिए-

(अ) बेन्जीन (ब) प्रोपेनॉइक अम्ल (स) प्रोपाइन (द) एथनॉल।
(अ) बेन्जीन-( C6H6C_{6}H_{6} )

[बेन्जीन की संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 50

एकल आबंध = 9

द्वि आबंध = 3

त्रि आबंध = 0

(ब) प्रोपेनॉइक अम्ल-( CH3CH2COOHCH_{3}CH_{2}COOH )
(स) प्रोपाइन-( C3H4C_{3}H_{4} )

[प्रोपाइन की संरचना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 4 कार्बन एवं उसके यौगिक चित्र 52

एकल आबंध = 5

द्वि आबंध = 0

त्रि आबंध = 1

(द) एथनॉल-( CH3CH2OHCH_{3}CH_{2}OH )
(ब) निम्न यौगिकों की सही श्रेणी पहचानिए-

यौगिक

श्रेणी

(i) एथेन

(a) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन
(b) लम्बी श्रृंखला वाले संतृप्त हाइड्रोकार्बन
(c) विषम परमाणु युक्त हाइड्रोकार्बन
(d) संतृप्त हाइड्रोकार्बन
(ब)

(i) एथेन (d)

(ii) बेन्जीन (a)

(iii) हेक्सेन (b)

(iv) मेथिल ऐल्कोहॉल (c)

प्रश्न 14. मिसेल की संरचना देते हुए साबुन और अपमार्जक की सफाई क्रिया का विश्लेषण कीजिए।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर—मिसेल की संरचना—(नोट—पाठ्यपुस्तक के अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नों में अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न संख्या-47 का अवलोकन करें)

साबुन की सफाई क्रिया—(पाठ्यपुस्तक के प्रश्न संख्या-15 का अवलोकन करें।)

अपमार्जक की सफाई क्रिया—अपमार्जक सामान्यतः लम्बी कार्बन श्रृंखला वाले सल्फोनिक लवण अथवा लम्बी कार्बन श्रृंखला वाले अमोनियम लवण होते हैं, जो क्लोराइड या ब्रोमाइड आयनों के साथ बनते हैं। अपमार्जकों की सफाई क्रिया साबुन के समान ही होती है परन्तु इन यौगिकों का आवेशित सिरा कठोर जल में उपस्थित कैल्शियम व मैग्नीशियम आयनों के साथ अघुलनशील पदार्थ नहीं बनाते हैं इसलिए कठोर जल में भी प्रभावी बने रहते हैं।

प्रश्न 15. निम्नलिखित के IUPAC नामकरण कीजिए- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

(i) CH3CH=CH2CH_{3}CH=CH_{2} (ii) CH3CH2OHCH_{3}CH_{2}-OH (iii) CH3CH2CH2CH2ClCH_{3}CH_{2}-CH_{2}-CH_{2}Cl (iv) CH3CH2CH2CHOCH_{3}CH_{2}CH_{2}CHO

उत्तर—

(i) CH3CH=CH2CH_{3}CH=CH_{2} : इस यौगिक में तीन कार्बन परमाणु हैं तथा प्रथम व द्वितीय कार्बन के मध्य द्विबंध उपस्थित है अतः यह असंतृप्त यौगिक ऐल्कीन है। इसके नामकरण से संबंधित तीन कार्बन परमाणु वाले ऐल्केन-प्रोपेन (Propane) का नाम में 'ane' को 'ene' से प्रतिस्थापित करते हैं जिससे इस यौगिक का नाम 'प्रोपीन' होगा। इसमें द्विबंध की स्थिति को अंक द्वारा लिखकर हाइफन (-) चिह्न लगाकर संबंधित ऐल्कीन का नाम लिख देंगे। अतः इस यौगिक का IUPAC नाम होगा- '1-प्रोपीन'।

(ii) CH3CH2OHCH_{3}CH_{2}-OH : यह यौगिक अल्कोहल वर्ग समूह से संबंधित है क्योंकि इसमें OH-OH प्रकार्यात्मक समूह उपस्थित है। इसमें दो कार्बन परमाणु हैं इसलिए इससे संबंधित ऐल्केन 'एथेन' है जिसमें अनुलग्न -ol जोड़ देते हैं। अतः इसका नाम होगा-

एथेन + ऑल \rightarrow एथेनॉल

(iii) CH3CH2CH2CH2ClCH_{3}CH_{2}-CH_{2}-CH_{2}Cl : इस यौगिक में चार कार्बन परमाणु हैं इसलिए इससे संबंधित ऐल्केन 'ब्यूटेन' है। इसमें ब्यूटेन के एक हाइड्रोजन को क्लोरीन ( Cl2Cl_{2} ) से विस्थापित कर प्राप्त किया जाता है। इस प्रकार बना यौगिक 'हेलो ऐल्केन' कहलाता है। इसके नामकरण में 'हेलो' शब्द पूर्वलग्न के रूप में लगाकर संबंधित ऐल्केन का नाम लिख देते हैं-

Cl=Cl= क्लोरो (पूर्वलग्न) संबंधित ऐल्केन = ब्यूटेन

अतः इसका नाम होगा-

क्लोरो + ब्यूटेन = क्लोरोब्यूटेन

(iv) CH3CH2CH2CHOCH_{3}CH_{2}CH_{2}CHO : इस यौगिक में चार कार्बन परमाणु हैं इसलिए इससे संबंधित ऐल्केन का नाम 'ब्यूटेन' होगा। यह यौगिक ऐल्डिहाइड वर्ग समूह से संबंधित है क्योंकि इसमें CHOCHO प्रकार्यात्मक समूह उपस्थित है। इसके नामकरण में संबंधित ऐल्केन का नाम लिखकर अंत में अनुलग्न -al जोड़ देते हैं। अतः इस यौगिक का नाम होगा-

ब्यूटेन + ऐल \rightarrow ब्यूटेनैल

भाग 2 — नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: पाठ सार (Key Concepts & Summary)

महत्वपूर्ण परिभाषाएं, रासायनिक समीकरण, नियम, सूत्र एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Q&A)

3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions)

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।