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📚 कक्षा 10 विज्ञान (Science)हिंदी माध्यमसत्र 2026-27 सम्पूर्ण हल

पाठ 9: प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन

Light - Reflection and Refraction

📅 शैक्षणिक सत्र: 2026-27•📖 RBSE/NCERT डिजिटल पासबुक•🎯 संपूर्ण प्रश्नोत्तर
भाग 1 — समाधान (Solutions)

📖 1. समाधान: पाठगत एवं पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

राजस्थान बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान — सभी पाठगत (In-text) एवं अभ्यास (Exercise) प्रश्नों के सटीक एवं संपूर्ण हल।

पाठगत प्रश्न

#### पृष्ठ 157

प्रश्न 1. अवतल दर्पण के मुख्य फोकस की परिभाषा लिखिए।

उत्तर- अवतल दर्पण के मुख्य अक्ष पर स्थित ऐसा बिन्दु जहाँ पर दर्पण के मुख्य अक्ष के समान्तर आने वाली प्रकाश किरणें, परावर्तन के पश्चात् मिलती हैं, अवतल दर्पण का मुख्य फोकस कहलाता है। इसे FF से प्रदर्शित करते हैं।

[अवतल दर्पण का मुख्य फोकस और किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 1

प्रश्न 2. एक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 20cm20 cm है। इसकी फोकस दूरी क्या होगी?

उत्तर- दिया गया है - वक्रता त्रिज्या R=20cmR=20 cm

∵R=2f∵R=2f होता है

∴फोकसदूरीf=R2=202=10cm∴ \text{फोकस} \text{दूरी} f=\frac{R}{2}=\frac{20}{2}=10 cm

प्रश्न 3. उस दर्पण का नाम बताइये जो बिंब का सीधा तथा आवर्धित प्रतिबिम्ब बना सके?

उत्तर- अवतल दर्पण।

प्रश्न 4. हम वाहनों में उत्तल दर्पण को पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में वरीयता क्यों देते हैं?

विज्ञान कक्षा-X

265

अथवा

वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में उत्तल दर्पण का उपयोग क्यों किया जाता है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— हम वाहनों में उत्तल दर्पण को पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में वरीयता देते हैं, इसके निम्न कारण हैं-

(i) यह सदैव वस्तु का सीधा प्रतिबिम्ब बनाता है। यद्यपि वह छोटा होता है।

(ii) इनका दृष्टि क्षेत्र भी बहुत अधिक होता है क्योंकि ये बाहर की ओर वक्रित होते हैं। इसलिए ड्राइवर को अपने पीछे के बहुत बड़े क्षेत्र को देखने में समर्थ बनाते हैं।

पृष्ठ 160

प्रश्न 1. उस उत्तल दर्पण की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी वक्रता-त्रिज्या 32cm32 cm है।

उत्तर— उत्तल दर्पण की वक्रता त्रिज्या R=+32cmR=+32 cm ।

अतः फोकस दूरी f=R2=+322=+16cmf=\frac{R}{2}=\frac{+32}{2}=+16 cm ।

अतः उत्तल दर्पण की फोकस दूरी =+16सेमी.=+16 \text{सेमी}. है।

प्रश्न 2. कोई अवतल दर्पण आमने-सामने 10cm10 cm दूरी पर रखे किसी बिंब का तीन गुना आवर्धित (बड़ा) वास्तविक प्रतिबिम्ब बनाता है। प्रतिबिम्ब दर्पण से कितनी दूरी पर है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— गोलीय दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन ( mm )

m=प्रतिबिंबकीऊँचाईबिंबकीऊँचाई=−प्रतिबिंबकीदूरीvबिंबकीदूरीum=\frac{\text{प्रतिबिंब} \text{की} \text{ऊँचाई}}{\text{बिंब} \text{की} \text{ऊँचाई}}=-\frac{\text{प्रतिबिंब} \text{की} \text{दूरी} v}{\text{बिंब} \text{की} \text{दूरी} u}

m=h′h=−vum=\frac{h^{′}}{h}=-\frac{v}{u}

दिया हुआ है बिंब का तीन गुणा आवर्धित वास्तविक प्रतिबिंब बनता है अतः

h′=−3hh^{′}=-3h (वास्तविक प्रतिबिम्ब के लिए ऋणात्मक चिह्न)

मान रखने पर-

−3hh=−vu∴vu=3\frac{-3h}{h}=\frac{-v}{u}∴\frac{v}{u}=3

बिंब की दूरी ( uu ) =−10cm=-10 cm

अतः:

v−10=3\frac{v}{-10}=3

v=3×(−10)=−30cmv=3 \times (-10)=-30 cm

अतः प्रतिबिम्ब दर्पण से 30cm30 cm की दूरी पर उसके सामने बनेगा।

पृष्ठ 165

प्रश्न 1. वायु में गमन करती प्रकाश की एक किरण जल में तिरछी प्रवेश करती है। क्या प्रकाश किरण अभिलंब की ओर झुकेगी अथवा अभिलंब से दूर हटेगी? बताइए क्यों?

उत्तर— प्रकाश की किरण अभिलंब की तरफ झुकेगी क्योंकि जल, वायु की तुलना में सघन है। इसलिए जब प्रकाश की किरण वायु से (विरल माध्यम से) पानी में (सघन माध्यम) प्रवेश करती है तब प्रकाश की गति कम हो जाती है और वह अभिलम्ब की तरफ झुक जाती है।

प्रश्न 2. प्रकाश वायु से 1.501.50 अपवर्तनांक की काँच की प्लेट में प्रवेश करता है। काँच में प्रकाश की चाल कितनी है? निर्वात में प्रकाश की चाल 3×108m/s3 \times 10^{8} m/s है।

उत्तर— दिया गया है –

काँच का अपवर्तनांक ( nmn_{m} ) =1.50=1.50

निर्वात में प्रकाश की चाल ( cc ) =3×108m/s=3 \times 10^{8} m/s

∵nm=cvहोताहै∵n_{m}=\frac{c}{v} \text{होता} \text{है}

∴v=cnm∴v=\frac{c}{n_{m}}

अतः काँच में प्रकाश की चाल v=3×1081.50=2×108v=\frac{3 \times 10^{8}}{1.50}=2 \times 10^{8}

अतः v=2×108m/sv=2 \times 10^{8} m/s

प्रश्न 3. सारणी 9.3 (पाठ्यपुस्तक में देखें) से अधिकतम प्रकाशिक घनत्व के माध्यम को ज्ञात कीजिए। न्यूनतम प्रकाशिक घनत्व के माध्यम को भी ज्ञात कीजिए।

उत्तर— अधिकतम प्रकाशिक घनत्व का माध्यम हीरा है, चूँकि हीरे का निरपेक्ष अपवर्तनांक का मान ( 2.422.42 ) अधिकतम है।

इसी तरह से न्यूनतम प्रकाशिक घनत्व का माध्यम वायु है, चूँकि वायु का निरपेक्ष अपवर्तनांक का मान सबसे कम ( 1.00031.0003 ) है।

प्रश्न 4. आपको किरोसिन, तारपीन का तेल तथा जल दिए गए हैं। इनमें से किसमें प्रकाश सबसे अधिक तीव्र गति से चलता है? सारणी 9.3 (पाठ्यपुस्तक में देखें) में दिए गए आँकड़ों का उपयोग कीजिए।

उत्तर— जल का अपवर्तनांक 1.331.33 , मिट्टी के तेल का अपवर्तनांक 1.441.44 तथा तारपीन तेल का अपवर्तनांक 1.471.47 होता है। स्पष्ट है कि जल का अपवर्तनांक सबसे कम है। अतः जल में प्रकाश का वेग मिट्टी के तेल तथा तारपीन के तेल से अधिक होगा।

प्रश्न 5. हीरे का अपवर्तनांक 2.422.42 है। इस कथन का क्या अभिप्राय है?

उत्तर— इसका अभिप्राय यह है कि हीरे में प्रकाश की चाल, निर्वात में प्रकाश की चाल की 12.42\frac{1}{2.42} गुनी होगी।

पृष्ठ 174

प्रश्न 1. किसी लेंस की 11 डाइऑप्टर क्षमता को परिभाषित कीजिए।

उत्तर— 11 डाइऑप्टर उस लेंस की क्षमता है, जिसकी फोकस दूरी 11 मीटर हो ( 1D=1m−11D=1m^{-1} )। अतः:

1डाइऑप्टर=1f(1मीटर)1 \text{डाइऑप्टर}=\frac{1}{f(1 \text{मीटर})}

प्रश्न 2. कोई उत्तल लेंस किसी सुई का वास्तविक तथा उल्टा प्रतिबिम्ब उस लेंस से 50cm50 cm दूर बनाता है। यह सुई, उत्तल लेंस के सामने कहाँ रखी है, यदि इसका प्रतिबिम्ब उसी साइज का बन रहा है जिस साइज का बिंब है। लेंस की क्षमता भी ज्ञात कीजिये।

उत्तर— दिया गया है –

v=+50cmv=+50 cm

तथा प्रतिबिम्बकीलम्बाई(h′)=वस्तुकीलम्बाई(h)\text{प्रतिबिम्ब} \text{की} \text{लम्बाई} (h^{′})=\text{वस्तु} \text{की} \text{लम्बाई} (h)

∴आवर्धनm=h′h=−1(∵प्रतिबिम्बवास्तविकवउल्टाहै)∴\text{आवर्धन} m=\frac{h^{′}}{h}=-1(∵\text{प्रतिबिम्ब} \text{वास्तविक} \text{व} \text{उल्टा} \text{है})

परन्तु लेंस के लिए

m=vu∴vu=−1m=\frac{v}{u}∴\frac{v}{u}=-1

अतः u=−v=−50cmu=-v=-50 cm

अतः सुई उत्तल लेंस के सामने उससे 50cm50 cm दूरी पर रखी है।

लेंस के सूत्र से 1v−1u=1f\frac{1}{v}-\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

अतः 1f=150−1−50\frac{1}{f}=\frac{1}{50}-\frac{1}{-50}

1f=150+150=250=125\frac{1}{f}=\frac{1}{50}+\frac{1}{50}=\frac{2}{50}=\frac{1}{25}

∴f=25cmया0.25m∴f=25 cm \text{या} 0.25 m

विज्ञान कक्षा-X

267

∴लेंसकीक्षमताP=1f(मी.में)∴\text{लेंस} \text{की} \text{क्षमता} P=\frac{1}{f(\text{मी}. \text{में})}

P=10.25=+4DP=\frac{1}{0.25}=+4D

वैकल्पिक विधि-दी गयी स्थिति (प्रतिबिम्ब की) वास्तविक, उल्टा व समान आकार [यह सम्भव 2F12F_{1} पर है]

किरण चित्र से-

[उत्तल लेंस द्वारा वास्तविक, उल्टा व समान आकार का प्रतिबिंब बनने का किरण आरेख जब बिंब 2F_1 पर हो]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 2

चिन्ह परिपाटी से v=+50cmv=+50 cm

सीधे चित्र से FF का मान 2F2F का आधा होगा

∴f=v2=502=25cm=25100m∴f=\frac{v}{2}=\frac{50}{2}=25 cm=\frac{25}{100} m

लेंसक्षमता=P=1f=10.25=+4D\text{लेंस} \text{क्षमता} =P=\frac{1}{f}=\frac{1}{0.25}=+4D

प्रश्न 3. 2m2 m फोकस दूरी वाले किसी अवतल लेंस की क्षमता ज्ञात कीजिये।

उत्तर- दिया है- f=−2मीटरf=-2 \text{मीटर}

∴क्षमताP=1f(मीटर)=1−2=−0.5D∴\text{क्षमता} P=\frac{1}{f(\text{मीटर})}=\frac{1}{-2}=-0.5 D

P=−0.5डायॉप्टरP=-0.5 \text{डायॉप्टर}

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

प्रश्न 1. निम्न में से कौन-सा पदार्थ लेंस बनाने के लिए प्रयुक्त नहीं किया जा सकता?

(a) जल
(b) काँच
(c) प्लास्टिक
(d) मिट्टी

उत्तर-(d) मिट्टी।

प्रश्न 2. किसी बिंब का अवतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब आभासी, सीधा तथा बिंब से बड़ा पाया गया। वस्तु की स्थिति कहाँ होनी चाहिए?

(a) मुख्य फोकस तथा वक्रता केंद्र के बीच
(b) वक्रता केंद्र पर
(c) वक्रता केंद्र से परे
(d) दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच

उत्तर-(d) दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच।

प्रश्न 3. किसी बिंब का वास्तविक तथा समान साइज का प्रतिबिंब प्राप्त करने के लिए बिंब को उत्तर लेंस के सामने कहाँ रखें?

(a) लेंस के मुख्य फोकस पर
(b) फोकस दूरी की दुगुनी दूरी पर
(c) अनंत पर
(d) लेंस के प्रकाशिक केंद्र तथा मुख्य फोकस के बीच

उत्तर-(b) फोकस दूरी की दुगुनी दूरी पर।

प्रश्न 4. किसी गोलीय दर्पण तथा किसी पतले गोलीय लेंस दोनों की फोकस दूरियाँ −15cm-15 cm हैं। दर्पण तथा लेंस संभवतः हैं-

(a) दोनों अवतल
(b) दोनों उत्तल
(c) दर्पण अवतल तथा लेंस उत्तल
(d) दर्पण उत्तल तथा लेंस अवतल

उत्तर-(a) दोनों अवतल।

प्रश्न 5. किसी दर्पण से आप चाहे कितनी ही दूरी पर खड़े हों, आपका प्रतिबिंब सदैव सीधा प्रतीत होता है। संभवतः दर्पण है-

(a) केवल समतल
(b) केवल अवतल
(c) केवल उत्तल
(d) या तो समतल अथवा उत्तल

उत्तर-(d) या तो समतल अथवा उत्तल।

प्रश्न 6. किसी शब्दकोश (Dictionary) में पाए गए छोटे अक्षरों को पढ़ते समय आप निम्न में से कौन-सा लेंस पसंद करेंगे? (प्रश्न बैंक)

(a) 50cm50 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
(b) 50cm50 cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस
(c) 5cm5 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस
(d) 5cm5 cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस

उत्तर-(c) 5cm5 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस।

प्रश्न 7. 15cm15 cm फोकस दूरी के एक अवतल दर्पण का उपयोग करके हम किसी बिंब का सीधा प्रतिबिंब बनाना चाहते हैं। बिंब का दर्पण से दूरी का परिसर (range) क्या होना चाहिए? प्रतिबिंब की प्रकृति कैसी है? प्रतिबिंब बिंब से बड़ा है अथवा छोटा? इस स्थिति में प्रतिबिंब बनने का एक किरण आरेख बनाइए।

अथवा

15cm15 cm फोकस दूरी के एक अवतल दर्पण का उपयोग करके हम किसी बिंब का सीधा प्रतिबिंब बनाना चाहते हैं। बिंब का दर्पण से दूरी का परिसर क्या होना चाहिए। प्रतिबिंब की प्रकृति व आकार पर टिप्पणी लिखिए। इस स्थिति में प्रतिबिंब बनने का किरण चित्र बनाइए। एक दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन +1+1 है। इसका क्या अर्थ है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)

उत्तर-(i) यदि वस्तु को अवतल दर्पण के ध्रुव तथा फोकस के मध्य स्थिर किया जाये तब वस्तु का सीधा प्रतिबिंब बनता है। अतः वस्तु की अवतल दर्पण के ध्रुव से दूरी 15cm.15 cm. से कुछ कम हो सकती है।

(ii) प्राप्त प्रतिबिंब कल्पित एवं सीधा होगा। (iii) प्रतिबिंब का आकार बिंब से बड़ा होगा। (iv) चित्र में किरण आरेख को प्रदर्शित किया गया है- (v) उत्पन्न आवर्धन m=+1m=+1

∴m=h′h=1∴m=\frac{h^{′}}{h}=1

या

h′=hh^{′}=h

इसका अर्थ है कि समतल दर्पण में बने प्रतिबिंब का आकार वस्तु के बराबर है। mm का धन चिह्न यह दर्शाता है कि प्रतिबिंब आभासी तथा दर्पण के पीछे की ओर बन रहा है।

प्रश्न 8. निम्न स्थितियों में प्रयुक्त दर्पण का प्रकार बताइए- (प्रश्न बैंक)

(a) किसी कार का अग्र-दीप (हैड-लाइट)
(b) किसी वाहन का पार्श्व/पश्च-दृश्य दर्पण
(c) सौर भट्टी

अपने उत्तर की कारण सहित पुष्टि कीजिए।

उत्तर-(a) कार की हैडलाइटों में अवतल दर्पण प्रयुक्त होता है। बल्ब दर्पण के मुख्य फोकस पर स्थित होता है तथा बल्ब से निकलने वाली किरणें परावर्तन के पश्चात् दर्पण से समानान्तर होकर सड़क पर पड़ती हैं, जिससे वाहन के सामने का पथ प्रकाशित हो जाता है।

(b) उत्तल दर्पण; क्योंकि उत्तल दर्पण सदैव वस्तु का सीधा तथा छोटा प्रतिबिंब बनाता है। इसका दृष्टि क्षेत्र बड़ा होता है, जिससे चालक को अपने पीछे के बहुत बड़े क्षेत्र का प्रतिबिम्ब प्राप्त होता रहता है।

(c) सौर भट्टी में अवतल दर्पण का प्रयोग होता है। इसमें गर्म किए जाने वाले बर्तन को दर्पण के फोकस पर रखते हैं। अवतल दर्पण सूर्य की समान्तर किरणों के रूप में आती ऊर्जा को दर्पण से परावर्तन के उपरान्त फोकस पर रखे बर्तन पर केन्द्रित कर देता है। अतः सौर भट्टियों में सूर्य के प्रकाश को केन्द्रित करने के लिए अवतल दर्पणों का उपयोग किया जाता है।

विज्ञान कक्षा-X

269

प्रश्न 9. किसी उत्तल लेंस का आधा भाग काले कागज से ढक दिया गया है। क्या यह लेंस किसी बिंब का पूरा प्रतिबिम्ब बना पाएगा? अपने उत्तर की प्रयोग द्वारा जाँच कीजिए। अपने प्रेक्षणों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर—यह लेंस वस्तु का पूर्ण प्रतिबिम्ब बनायेगा, जैसा नीचे चित्र में दिखाया गया है-

[उत्तल लेंस द्वारा आधे भाग को ढकने पर प्रतिबिम्ब बनना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 3

प्रायोगिक सत्यापन—सर्वप्रथम एक प्रकाशित बैंच के स्टैण्ड पर उत्तल लेंस लगाते हैं, लेंस की फोकस दूरी से कुछ अधिक दूरी पर, स्टैण्ड में एक जलती मोमबत्ती लगाकर दूसरी ओर से मोमबत्ती को देखते हैं।

अब लेंस के आधे भाग को काले कागज से ढककर लेंस के दूसरी ओर से मोमबत्ती को देखते हैं।

व्याख्या—लेंस आधा काला कर देने पर भी उस बिन्दु पर किरणें आती हैं तथा मोमबत्ती का पूरा प्रतिबिम्ब प्राप्त होता है परन्तु किरणों की संख्या कम होने के कारण प्रतिबिम्ब की तीव्रता घट जाती है।

प्रश्न 10. 5cm5 cm लंबा कोई बिंब 10cm10 cm फोकस दूरी के किसी अभिसारी लेंस से 25cm25 cm दूरी पर रखा जाता है। प्रकाश किरण-आरेख खींचकर बनने वाले प्रतिबिम्ब की स्थिति, साइज तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए।

उत्तर—प्रश्नुसार दिया गया है—

बिंब की दूरी u=−25cmu=-25 cm

फोकस दूरी f=+10cmf=+10 cm

बिम्ब की ऊँचाई h=5cmh=5 cm

तो प्रतिबिम्ब की दूरी v=?v=?

प्रतिबिम्ब की ऊँचाई h′=?h^{′}=?

[अभिसारी लेंस द्वारा निर्मित प्रतिबिम्ब का किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 4

लेंस सूत्र से

1v−1u=1f\frac{1}{v}-\frac{1}{u}=\frac{1}{f} से

या

1v=1f+1u\frac{1}{v}=\frac{1}{f}+\frac{1}{u}

मान रखने पर—

1v=110+1−25=110−125\frac{1}{v}=\frac{1}{10}+\frac{1}{-25}=\frac{1}{10}-\frac{1}{25}

=5−250=\frac{5-2}{50}

या

1v=350∴v=503=16.66cm\frac{1}{v}=\frac{3}{50}∴v=\frac{50}{3}=16.66 cm

अतः प्रतिबिम्ब लेंस के दूसरी ओर 16.66cm16.66 cm दूरी पर बनेगा।

पुनः बिम्ब की लम्बाई h=5cmh=5 cm

माना प्रतिबिम्ब की लम्बाई h′h^{′} है, तो

आवर्धन m=vu=h′hm=\frac{v}{u}=\frac{h^{′}}{h} से

प्रतिबिम्ब की लम्बाई h′=hvuh^{′}=h\frac{v}{u}

=5503−25=5\frac{\frac{50}{3}}{-25}

या h′=5×50−25×3h^{′}=\frac{5 \times 50}{-25 \times 3}

∴h′=−103=−3.3cm∴h^{′}=-\frac{10}{3}=-3.3 cm (प्रतिबिम्ब नीचे की ओर बनता है)

अत: प्रतिबिम्ब की स्थिति 16.66cm16.66 cm दूर, प्रतिबिम्ब का साइज −3.3cm-3.3 cm तथा प्रकृति वास्तविक होगी।

प्रश्न 11. 15cm15 cm फोकस दूरी का कोई अवतल लेंस किसी बिंब का प्रतिबिंब लेंस से 10cm10 cm दूरी पर बनाता है। बिंब लेंस से कितनी दूरी पर स्थित है? किरण आरेख खींचिए।

उत्तर -

प्रश्नुसार दिया गया है -

f=−15cmf=-15 cm

v=−10cmv=-10 cm

u=?u=?

[Concave lens ray diagram showing object AB and virtual image A'B']

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 5

लेंस सूत्र से

1v−1u=1f\frac{1}{v}-\frac{1}{u}=\frac{1}{f} से

1u=1v−1f\frac{1}{u}=\frac{1}{v}-\frac{1}{f}

मान रखने पर -

1u=−110−−115\frac{1}{u}=-\frac{1}{10}--\frac{1}{15}

1u=−110+115=−3+230\frac{1}{u}=-\frac{1}{10}+\frac{1}{15}=\frac{-3+2}{30}

या 1u=−130\frac{1}{u}=-\frac{1}{30}

∴u=−30cm∴u=-30 cm

अतः वस्तु लेंस से 30cm30 cm की दूरी पर रखी जाये। किरण आरेख चित्र में प्रदर्शित है।

प्रश्न 12. 15cm15 cm फोकस दूरी के किसी उत्तल दर्पण से कोई बिंब 10cm10 cm दूरी पर रखा है। प्रतिबिंब की स्थिति तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए।

उत्तर - प्रश्नानुसार दिया गया है -

u=−10cmu=-10 cm , f=+15cmf=+15 cm , v=?v=?

दर्पण सूत्र से 1u+1v=1f\frac{1}{u}+\frac{1}{v}=\frac{1}{f}

या 1v=1f−1u\frac{1}{v}=\frac{1}{f}-\frac{1}{u}

मान रखने पर 1v=115−−110=115+110\frac{1}{v}=\frac{1}{15}--\frac{1}{10}=\frac{1}{15}+\frac{1}{10}

या 1v=2+330=530=16\frac{1}{v}=\frac{2+3}{30}=\frac{5}{30}=\frac{1}{6}

∴v=6cm∴v=6 cm

अतः प्रतिबिंब दर्पण के पीछे 6cm6 cm की दूरी पर आभासी, सीधा तथा छोटा होगा।

प्रश्न 13. एक समतल दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन +1+1 है। इसका क्या अर्थ है?

अथवा

समतल दर्पण द्वारा उत्पन्न +1+1 है। समझाइए। ( प्रश्न बैंक )

उत्तर - उत्पन्न आवर्धन m=1m=1

∴m=h′h=1∴m=\frac{h^{′}}{h}=1

विज्ञान कक्षा-X

271

या h′=hh^{′}=h

इसका अर्थ है कि समतल दर्पण में बने प्रतिबिम्ब का आकार वस्तु के बराबर है। mm का धन चिन्ह यह दर्शाता है कि प्रतिबिम्ब आभासी तथा दर्पण के पीछे की ओर बन रहा है।

प्रश्न 14. 5.0cm5.0 cm लंबाई का कोई बिंब 30cm30 cm वक्रता त्रिज्या के किसी उत्तल दर्पण के सामने 20cm20 cm दूरी पर रखा गया है। प्रतिबिम्ब की स्थिति, प्रकृति तथा साइज ज्ञात कीजिए।

उत्तर - प्रश्นานुसार दिया गया है -

  • वस्तु की दर्पण से दूरी u=−20cmu=-20 cm
  • दर्पण की वक्रता त्रिज्या R=30cmR=30 cm
  • वस्तु की लम्बाई h=5.0cmh=5.0 cm

तब दर्पण की फोकस दूरी -

∴f=R2=302=15cm∴f=\frac{R}{2}=\frac{30}{2}=15 cm , v=?v=?

दर्पण सूत्र से

(i) 1u+1v=1f\frac{1}{u}+\frac{1}{v}=\frac{1}{f}

या 1v=1f−1u\frac{1}{v}=\frac{1}{f}-\frac{1}{u}

मान रखने पर - 1v=115−−120\frac{1}{v}=\frac{1}{15}--\frac{1}{20}

या 1v=115+120=4+360=760\frac{1}{v}=\frac{1}{15}+\frac{1}{20}=\frac{4+3}{60}=\frac{7}{60}

∴v=607=8.57cm∴v=\frac{60}{7}=8.57 cm

अतः प्रतिबिम्ब की स्थिति दर्पण के पीछे 8.57cm8.57 cm की दूरी पर है।

(ii) यदि प्रतिबिम्ब की ऊँचाई h′h^{′} हो, तब

m=−vu=h′hm=-\frac{v}{u}=\frac{h^{′}}{h} से

h′=−hvu=−5×(60)−20h^{′}=-h\frac{v}{u}=-5 \times \frac{(60)}{-20}

=5×607×20=5×37=\frac{5 \times 60}{7 \times 20}=\frac{5 \times 3}{7}

h′=157cmh^{′}=\frac{15}{7} cm या 2.14cm2.14 cm

अतः वस्तु का प्रतिबिम्ब 2.14cm2.14 cm ऊँचा, सीधा तथा आभासी होगा तथा दर्पण से 8.57cm8.57 cm की दूरी पर बनेगा।

प्रश्न 15. 7.0cm7.0 cm साइज का कोई बिंब 18cm18 cm फोकस दूरी के किसी अवतल दर्पण के सामने 27cm27 cm दूरी पर रखा गया है। दर्पण से कितनी दूरी पर किसी पर्दे को रखें कि उस पर वस्तु का स्पष्ट फोकसित प्रतिबिम्ब प्राप्त किया जा सके? प्रतिबिम्ब का साइज तथा प्रकृति ज्ञात कीजिए।

उत्तर - प्रश्นานुसार

  • बिम्ब का आकार h=+7.0cmh=+7.0 cm
  • दर्पण की बिम्ब से दूरी u=−27cmu=-27 cm
  • फोकस दूरी f=−18cmf=-18 cm
  • प्रतिबिम्ब की दर्पण से दूरी v=?v=?

(i) दर्पण सूत्र से

1u+1v=1f\frac{1}{u}+\frac{1}{v}=\frac{1}{f}

272

या\text{या} 1v=1f−1u\frac{1}{v}=\frac{1}{f}-\frac{1}{u}

मानरखनेपर−\text{मान} \text{रखने} \text{पर}- 1v=−118−−127=−118+127\frac{1}{v}=-\frac{1}{18}--\frac{1}{27}=-\frac{1}{18}+\frac{1}{27}

या\text{या} 1v=−3+254=−154\frac{1}{v}=\frac{-3+2}{54}=\frac{-1}{54}

∴v=−54cm∴v=-54 cm

अतःपर्दाअवतलदर्पणकेसम्मुखउससे54cmकीदूरीपररखनाचाहिये।\text{अतः} \text{पर्दा} \text{अवतल} \text{दर्पण} \text{के} \text{सम्मुख} \text{उससे} 54 cm \text{की} \text{दूरी} \text{पर} \text{रखना} \text{चाहिये।}

(ii) आवर्धन m=−vu=h′hm=-\frac{v}{u}=\frac{h^{′}}{h}

या\text{या} h′=−vu×hh^{′}=-\frac{v}{u} \times h

मानरखनेपर−\text{मान} \text{रखने} \text{पर}- h′=−−54−27×7h^{′}=-\frac{-54}{-27} \times 7

h′=−14cmh^{′}=-14 cm

चूँकियहाँपरh′कामानऋणात्मकहैअतःप्रतिबिम्बवास्तविकएवंउल्टाहोगातथाप्रतिबिम्बकीसाइज14cm\text{चूँकि} \text{यहाँ} \text{पर} h^{′} \text{का} \text{मान} \text{ऋणात्मक} \text{है} \text{अतः} \text{प्रतिबिम्ब} \text{वास्तविक} \text{एवं} \text{उल्टा} \text{होगा} \text{तथा} \text{प्रतिबिम्ब} \text{की} \text{साइज} 14 cm होगी।

प्रश्न 16. उस लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी क्षमता −2.0D-2.0 D है। यह किस प्रकार का लेंस है?

अथवा

यदि किसी लेंस की क्षमता −2D-2 D है तो लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए तथा लेंस सम्भवतया कौनसा होगा? ( प्रश्न बैंक )

उत्तर-सूत्र लेंस की क्षमता P=1f(मीटरमें)P=\frac{1}{f (\text{मीटर} \text{में})}

∴f=1P=1−2=−0.5m∴f=\frac{1}{P}=\frac{1}{-2}=-0.5 m

=−0.5×100=−50cm=-0.5 \times 100=-50 cm

चूँकि फोकस दूरी ऋणात्मक है अतः यह अवतल लेंस (concave lens) है।

प्रश्न 17. कोई डॉक्टर +1.5D+1.5 D क्षमता का संशोधक लेंस निर्धारित करता है। लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए। क्या निर्धारित लेंस अभिसारी है अथवा अपसारी?

उत्तर - लेंस की क्षमता P=+1.5DP=+1.5 D

लेंस की फोकस दूरी P=1fP=\frac{1}{f} से

फोकस दूरी f=1P=11.5=0.67m=+67cmf=\frac{1}{P}=\frac{1}{1.5}=0.67 m=+67 cm

चूँकि यहाँ पर फोकस दूरी धनात्मक है अतः लेंस अभिसारी है।

भाग 2 — नोट्स (Notes & Summary)

📝 2. नोट्स: पाठ सार (Key Concepts & Summary)

महत्वपूर्ण परिभाषाएं, रासायनिक समीकरण, नियम, सूत्र एवं सम्पूर्ण अध्याय का सारांश।

पाठ सार

(1) प्रकाश सरल रेखाओं में गमन करता प्रतीत होता है। प्रकाश के इस सरल रेखीय पथ को प्रकाश किरण कहते हैं।

(2) प्रकाश का विवर्तन-यदि प्रकाश के पथ में रखी अपारदर्शी वस्तु अत्यन्त छोटी हो तो प्रकाश सरल रेखा में चलने के बजाय इसके किनारों पर मुड़ने की प्रवृत्ति दर्शाता है-इस प्रभाव को प्रकाश का विवर्तन कहते हैं।

(3) विवर्तन जैसी परिघटनाओं की व्याख्या करने के लिए प्रकाश को तरंग के रूप में माना जाता है तो प्रकाश की द्रव्य के साथ अन्योन्य क्रिया के विवेचन में प्रकाश को कण रूप में माना जाता है।

(4) प्रकाश के आधुनिक क्वांटम सिद्धान्त में प्रकाश को न तो 'तरंग' माना गया न ही 'कण'। इस सिद्धान्त ने प्रकाश के कण संबंधी गुणों तथा तरंग प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित किया।

(5) दर्पण तथा लेंस वस्तुओं के प्रतिबिंब बनाते हैं। बिंब की स्थिति के अनुसार प्रतिबिंब वास्तविक अथवा आभासी हो सकते हैं।

(6) सभी प्रकार के परावर्ती पृष्ठ परावर्तन के नियमों का पालन करते हैं। अपवर्ती पृष्ठ अपवर्तन के नियमों का पालन करते हैं।

(7) प्रकाश का परावर्तन-जब कोई प्रकाश की किरण एक माध्यम से चलकर दूसरे माध्यम की सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौट आती है तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।

(8) परावर्तन के नियम-(i) आपतन कोण व परावर्तन कोण बराबर होते हैं। ∠i=∠r∠i=∠r

(ii) आपतित किरण, परावर्तित किरण एवं दर्पण के आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब तीनों एक ही तल में होते हैं।

(iii) परावर्तित किरण की आवृत्ति एवं चाल अपरिवर्तित रहती है।

(9) जब किसी काँच की पट्टिका की किसी एक सतह पर परावर्तक पदार्थ की पॉलिश कर दी जाती है तो दर्पण बन जाता है। यह मुख्यतः दो प्रकार का होता है-

(i) समतल दर्पण-समतल दर्पण से प्राप्त प्रतिबिम्ब सदैव आभासी व सीधा होता है और दर्पण से वस्तु जितनी आगे होगी, प्रतिबिम्ब दर्पण से उतनी ही दूरी पर पीछे बनेगा और वस्तु के आकार के बराबर ही होगा। प्रतिबिम्ब पार्श्व परिवर्तित होता है तथा प्रतिबिम्ब व बिम्ब दोनों एक ही चाल से गति करते हैं।

(ii) गोलीय दर्पण-ऐसे दर्पण जिनका परावर्तक पृष्ठ गोलीय है, गोलीय दर्पण कहलाते हैं। गोलीय दर्पण दो प्रकार के होते हैं-

(अ) अवतल दर्पण
(ब) उत्तल दर्पण।

अवतल दर्पण-वह गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ अन्दर की ओर अर्थात् गोले के केन्द्र की ओर वक्रित है, अवतल दर्पण कहलाता है।

उत्तल दर्पण-वह गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ बाहर की ओर वक्रित है, उत्तल दर्पण कहलाता है।

(10) दर्पण का ध्रुव-गोलीय दर्पण के परावर्तक पृष्ठ के केन्द्र को दर्पण का ध्रुव कहते हैं। यह दर्पण के पृष्ठ पर स्थित होता है, इसे प्रायः PP अक्षर से निरूपित करते हैं।

(11) वक्रता केन्द्र और वक्रता त्रिज्या-गोलीय दर्पण का परावर्तक पृष्ठ एक गोले का भाग है। इस गोले का केन्द्र गोलीय दर्पण का वक्रता केन्द्र कहलाता है। यह अक्षर CC से निरूपित किया जाता है। इसकी त्रिज्या दर्पण की वक्रता त्रिज्या कहलाती है। इसे अक्षर RR से निरूपित करते हैं। ध्रुव ( PP ) व वक्रता केन्द्र ( CC ) की दूरी वक्रता त्रिज्या के बराबर होती है।

(12) मुख्य अक्ष-गोलीय दर्पण के ध्रुव तथा वक्रता त्रिज्या से गुजरने वाली एक सीधी काल्पनिक रेखा को दर्पण का मुख्य अक्ष कहते हैं। मुख्य अक्ष दर्पण के ध्रुव पर अभिलम्ब है।

विज्ञान कक्षा-X

261

(13) मुख्य फोकस—मुख्य अक्ष पर स्थित वह बिन्दु है, जहाँ पर मुख्य अक्ष के समान्तर चलने वाला किरण पुंज दर्पण से परावर्तन के उपरान्त मिलता है या मिलता हुआ प्रतीत होता है, उसे मुख्य फोकस कहते हैं। इसे FF के द्वारा निरूपित किया जाता है।

(14) फोकस दूरी—गोलीय दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच की दूरी फोकस दूरी कहलाती है। इसे अक्षर ff द्वारा निरूपित करते हैं। छोटे द्वारक के गोलीय दर्पणों के लिए वक्रता त्रिज्या फोकस दूरी से दुगुनी होती है, अर्थात् R=2fR=2f

(15) द्वारक (aperture)—गोलीय दर्पण के परावर्तक पृष्ठ की वृत्ताकार सीमारेखा का व्यास, दर्पण का द्वारक कहलाता है। यहाँ पर हम केवल उन्हीं गोलीय दर्पणों पर विचार करेंगे जिनका द्वारक इनकी वक्रता त्रिज्या से बहुत छोटा है।

(16) अवतल दर्पण में बिम्ब की भिन्न-भिन्न स्थितियों के लिये प्रतिबिम्ब की स्थिति, उसकी प्रकृति तथा आमाप को निम्न सारणी में दिया गया है-

क्र.सं.

वस्तु की स्थिति

प्रतिबिम्ब की स्थिति

प्रतिबिम्ब की प्रकृति तथा आमाप

1.

अनन्त ( ∞∞ ) पर

फोकस बिन्दु ( FF ) पर

वास्तविक व उल्टा, बिन्दुवत् आकार, अत्यधिक छोटा

2.

अनन्त ( ∞∞ ) तथा वक्रता केन्द्र ( CC ) के बीच

वक्रता केन्द्र ( CC ) तथा फोकस ( FF ) के बीच

वास्तविक, उल्टा तथा छोटा

3.

वक्रता केन्द्र ( CC ) पर

वक्रता केन्द्र ( CC ) पर

वास्तविक, उल्टा तथा वस्तु के बराबर

4.

वक्रता केन्द्र ( CC ) तथा फोकस ( FF ) के बीच

वक्रता केन्द्र ( CC ) तथा अनन्त ( ∞∞ ) के बीच

वास्तविक, उल्टा तथा वस्तु से बड़ा

5.

फोकस बिन्दु ( FF ) पर

अनन्त ( ∞∞ ) पर

वास्तविक, उल्टा तथा वस्तु से अत्यधिक बड़ा

6.

फोकस बिन्दु ( FF ) तथा ध्रुव ( PP ) के बीच

दर्पण के पीछे

आभासी, सीधा तथा वस्तु से बड़ा

7.

ठीक ध्रुव ( PP ) पर

दर्पण के पीछे ठीक ध्रुव ( PP ) पर

आभासी, सीधा तथा बराबर

(17) अवतल दर्पणों का उपयोग—चेहरे को बड़ा देखने के लिए (शेविंग मिरर के रूप में), दंत विशेषज्ञ, मरीजों के दाँतों को बड़ा देखने के साथ ही टर्च, सर्चलाइट व वाहनों के अग्रदीपों ( HeadlightsHeadlights ) में भी प्रकाश का शक्तिशाली समान्तर किरण पुंज प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

(18) उत्तल दर्पण में बने प्रतिबिम्ब की स्थिति-

क्र.सं.

वस्तु की स्थिति

प्रतिबिम्ब की स्थिति

प्रतिबिम्ब की प्रकृति तथा आमाप

1.

अनन्त पर

फोकस FF पर दर्पण के पीछे

आभासी, सीधा तथा बिन्दुवत् आकार, अत्यधिक छोटा

2.

अनन्त तथा दर्पण के ध्रुव PP के बीच

PP तथा FF के बीच दर्पण के पीछे

आभासी, सीधा और छोटा

(19) उत्तल दर्पणों का उपयोग—उत्तल दर्पणों का उपयोग सामान्यतः वाहनों के पश्य-दृश्य ( wingwing ) दर्पणों के रूप में किया जाता है। ये दर्पण वाहन के पार्श्व ( sideside ) में लगे होते हैं तथा इनमें ड्राइवर अपने पीछे के वाहनों को देख सकते हैं। यह सदैव सीधा प्रतिबिम्ब बनाते हैं।

(20) गोलीय दर्पणों द्वारा परावर्तन के लिये चिन्ह परिपाटी—परावर्तन की घटना के समय, बिम्ब, प्रतिबिम्ब व फोकस दूरी में सम्बन्धों के लिए, दर्पण के ध्रुव PP को मूल बिन्दु मानते हैं। मूल बिन्दु PP से बायीं ओर सभी दूरियाँ ऋणात्मक ( −ve-ve ) एवं मूल बिन्दु PP से दायीं ओर सभी दूरियाँ धनात्मक ( +ve+ve ) मानी गयी हैं। यह नयी कार्तिय चिन्ह परिपाटी है।

(21) दर्पण सूत्र-

बिंब दूरी ( uu ) = गोलीय दर्पण में ध्रुव से बिंब की दूरी

प्रतिबिंब दूरी ( vv ) = दर्पण के ध्रुव से प्रतिबिंब की दूरी

फोकस दूरी ( ff ) = ध्रुव से मुख्य फोकस की दूरी

1v+1u=1f\frac{1}{v}+\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

(22) आवर्धन- गोलीय दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन

m=प्रतिबिंबकीऊँचाई(h′)बिम्बकीऊँचाई(h)=h′hm=\frac{\text{प्रतिबिंब} \text{की} \text{ऊँचाई} (h^{′})}{\text{बिम्ब} \text{की} \text{ऊँचाई} (h)}=\frac{h^{′}}{h}

आवर्धन के मान में ऋणात्मक चिन्ह से ज्ञात होता है कि प्रतिबिंब वास्तविक है और धनात्मक चिन्ह बताता है कि प्रतिबिंब आभासी है। आवर्धन का बिंब दूरी ( uu ) तथा प्रतिबिंब दूरी ( vv ) से सम्बन्ध-

आवर्धन ( mm ) = h′h=−vu\frac{h^{′}}{h}=-\frac{v}{u}

(23) अपवर्तन- जब प्रकाश की किरण एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है तो दोनों माध्यमों के सीमा पृष्ठ पर वह अपनी दिशा से विचलित हो जाती है। इस विचलन को अपवर्तन कहते हैं।

(24) अपवर्तन के नियम- प्रकाश का अपवर्तन निश्चित नियमों के आधार पर होता है।

(i) आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा दोनों माध्यमों को पृथक् करने वाले पृष्ठ के आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब सभी एक ही तल में होते हैं।

(ii) "प्रकाश के किसी निश्चित रंग तथा निश्चित माध्यमों के युग्म के लिए आपतन कोण की ज्या ( sinesine ) तथा अपवर्तन की ज्या ( sinesine ) का अनुपात स्थिर होता है।" इसे स्नेल का अपवर्तन का नियम भी कहते हैं। यदि आपतन कोण ii और अपवर्तन कोण rr हो तब

sinisinr=स्थिरांक\frac{sini}{sinr}=\text{स्थिरांक}

स्नेल का अपवर्तन नियम आपतन कोण ( ii ) के 0∘0^{∘} से 90∘90^{∘} के बीच के मान के लिए ही सत्य है।

इस स्थिरांक के मान को दूसरे माध्यम का पहले माध्यम के सापेक्ष अपवर्तनांक (refractive index) कहते हैं।

(25) निरपेक्ष या परम अपवर्तनांक (Absolute Refractive Index)- जब किसी माध्यम का अपवर्तनांक निर्वात के सापेक्ष ज्ञात किया जाता है तो इसे निरपेक्ष या परम अपवर्तनांक कहते हैं।

यदि वायु में प्रकाश की चाल cc तथा माध्यम में प्रकाश की चाल vv हो तो माध्यम का अपवर्तनांक

nm=वायुमेंप्रकाशकीचालमाध्यममेंप्रकाशकीचाल=cvn_{m}=\frac{\text{वायु} \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}{\text{माध्यम} \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}=\frac{c}{v}

कुछ माध्यम व उनके निरपेक्ष अपवर्तनांक-

माध्यम

 

अपवर्तनांक

माध्यम

 

अपवर्तनांक

वायु

-

1.0031.003

हीरा

-

2.422.42

जल

-

1.331.33

बर्फ

-

1.311.31

क्वार्ट्ज

-

1.41.4

केरोसिन

-

1.441.44

(26) विरल माध्यम में प्रकाश की चाल सघन माध्यम की अपेक्षा अधिक होती है। अतः विरल माध्यम से सघन माध्यम में गमन करने वाली प्रकाश की किरण धीमी हो जाती है तथा अभिलंब की ओर झुक जाती है। जब ये सघन माध्यम से विरल माध्यम में गमन करती है तो इसकी चाल बढ़ जाती है तथा यह अभिलंब से दूर हट जाती है।

(27) माध्यम का अपवर्तनांक (Refractive Index of Medium)- प्रकाश का हवा में वेग तथा प्रकाश के किसी माध्यम में वेग के अनुपात को उस माध्यम का अपवर्तनांक कहते हैं। इसका कोई मात्रक (इकाई) नहीं होता है। यदि प्रकाश का वेग हवा में v1v_{1} और पानी में v2v_{2} हो तो हवा के सापेक्ष पानी का अपवर्तनांक

n21=v1v2n_{21}=\frac{v_{1}}{v_{2}}

विज्ञान कक्षा-X

263

अपवर्तनांक का मान माध्यम की प्रकृति, प्रकाश के रंग तथा माध्यम के घनत्व पर निर्भर करता है। अनेक स्थानों पर n21n_{21} को μμ से भी लिखा जाता है।

कुछ पदार्थों के अपवर्तनांक-निम्न हैं-

(i) बेंजीन = 1.501.50 (ii) पानी = 1.331.33 (iii) तारपीन का तेल = 1.471.47 (iv) हीरा = 2.422.42 (v) कार्बन डाइसल्फाईड = 2.642.64 ।

(28) गोलीय लेंसों द्वारा अपवर्तन-

(i) लेंस-दो पृष्ठों से घिरा हुआ कोई पारदर्शी माध्यम, जिसका एक या दोनों पृष्ठ गोलीय हों, लेंस कहलाता है।

(ii) द्विउत्तल लेंस-ऐसा लेंस जिसमें बाहर की ओर उभरे हुये दो गोलीय पृष्ठ हों, ऐसे लेंस को द्विउत्तल लेंस कहते हैं। द्विउत्तल लेंस को उत्तल लेंस भी कहते हैं।

(iii) अवतल लेंस-ऐसा लेंस जो अंदर की ओर वक्रित दो गोलीय पृष्ठों से घिरा हो, अवतल लेंस कहलाता है।

(iv) उत्तल लेंसों को अभिसारी और अवतल लेंसों को अपसारी लेंस कहते हैं।

(29) वक्रता केन्द्र-किसी लेंस में, चाहे वह उत्तल हो अथवा अवतल, दो गोलीय पृष्ठ होते हैं। इनमें से प्रत्येक पृष्ठ एक गोले का भाग होता है। इन गोलों के केन्द्र लेंस के वक्रता केन्द्र कहलाते हैं।

(30) मुख्य अक्ष-

(i) किसी लेंस के दोनों वक्रता केन्द्रों से गुजरने वाली एक काल्पनिक सीधी रेखा लेंस का मुख्य अक्ष कहलाती है।

(ii) प्रकाशिक केन्द्र-लेंस का केन्द्रीय बिन्दु जो मुख्य अक्ष पर स्थित है, प्रकाशिक केन्द्र कहलाता है। बिम्ब व प्रतिबिम्ब की दूरी ( uu एवं vv ) नापने के लिए यह मूल बिन्दु है।

(31) लेंसों द्वारा प्रतिबिम्ब बनना-

(i) प्रतिबिम्ब की विभिन्न स्थितियों के लिये उत्तल लेंस द्वारा बनाये गये प्रतिबिम्ब की प्रकृति, स्थिति तथा आपेक्षिक साइज का विवरण नीचे सारणी में दिया गया है-

बिम्ब की स्थिति

प्रतिबिम्ब की स्थिति

प्रतिबिम्ब का आपेक्षिक साइज

प्रतिबिम्ब की प्रकृति

अनंत पर

फोकस F2F_{2} पर

अत्यधिक छोटा, बिन्दु आकार

वास्तविक तथा उल्टा

2F12F_{1} से परे

F2F_{2} तथा 2F22F_{2} के बीच

छोटा

वास्तविक तथा उल्टा

2F12F_{1} पर

2F22F_{2} पर

समान साइज

वास्तविक तथा उल्टा

F1F_{1} तथा 2F12F_{1} के बीच

2F22F_{2} से परे

बड़ा (वर्धित)

वास्तविक तथा उल्टा

फोकस F1F_{1} पर

अनंत पर

असीमसित रूप से बड़ा अथवा अत्यधिक वर्धित

वास्तविक तथा उल्टा

फोकस F1F_{1} तथा प्रकाशिक केन्द्र OO के बीच

जिस ओर बिम्ब है लेंस के उसी ओर

बड़ा (वर्धित)

आभासी तथा सीधा

(ii) प्रतिबिम्ब की विभिन्न स्थितियों के लिये अवतल लेंस द्वारा बने प्रतिबिम्ब की प्रकृति, स्थिति तथा आपेक्षिक साइज को नीचे सारणी में बताया गया है-

बिम्ब की स्थिति

प्रतिबिम्ब की स्थिति

प्रतिबिम्ब का आपेक्षिक साइज

प्रतिबिम्ब की प्रकृति

अनंत पर

फोकस F1F_{1} पर

अत्यधिक छोटा, बिन्दु आकार

आभासी तथा सीधा

अनन्त तथा लेंस के प्रकाशिक केन्द्र OO के बीच

फोकस F1F_{1} तथा प्रकाशिक केन्द्र OO के बीच

छोटा

आभासी तथा सीधा

(32) लेंस सूत्र तथा आवर्धन-यह बिम्ब की दूरी ( uu ), प्रतिबिम्ब दूरी ( vv ) तथा फोकस दूरी ff के बीच संबंध प्रदान करता है। लेंस सूत्र को अग्र से व्यक्त करते हैं-

264

1v−1u=1f\frac{1}{v}-\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

(33) गोलीय लेंसों के लिए चिन्ह परिपाटी- इसकी परिपाटी गोलीय दर्पणों जैसी ही होती है। लेंस में सभी माप उनके प्रकाशिक केन्द्र से लिये जाते हैं। परिपाटी के अनुसार उत्तल लेंस की फोकस दूरी धनात्मक होती है जबकि अवतल लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है।

(34) आवर्धन- यदि बिंब की ऊँचाई hh हो तथा लेंस द्वारा बनाये गये प्रतिबिम्ब की ऊँचाई h′h^{′} हो तब लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन

m=प्रतिबिम्बकीऊँचाईबिंबकीऊँचाई=h′hm=\frac{\text{प्रतिबिम्ब} \text{की} \text{ऊँचाई}}{\text{बिंब} \text{की} \text{ऊँचाई}}=\frac{h^{′}}{h}

लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन बिम्ब दूरी uu तथा प्रतिबिम्ब दूरी vv से भी सम्बन्धित है। इस सम्बन्ध को व्यक्त करते हैं-

आवर्धन(m)=h′h=vuप्रतिबिम्बदूरीबिंबदूरी\text{आवर्धन} (m)=\frac{h^{′}}{h}=\frac{v}{u}\frac{\text{प्रतिबिम्ब} \text{दूरी}}{\text{बिंब} \text{दूरी}}

(35) लेंस की क्षमता- किसी लेंस द्वारा प्रकाश किरणों को अभिसरण या अपसरण करने की मात्रा को उसकी क्षमता के रूप में व्यक्त किया जाता है। इसे अक्षर PP द्वारा निरूपित करते हैं। किसी ff फोकस दूरी के लेंस की क्षमता

P=1fP=\frac{1}{f}

लेंस की क्षमता का SI मात्रक डाइऑप्टर है। इसे अक्षर DD द्वारा दर्शाया जाता है।

**(36) 11 डाइऑप्टर** उस लेंस की क्षमता है, जिसकी फोकस दूरी 11 मीटर हो। 1D=1m−11D=1 m^{-1}

उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक तथा अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है।

परस्पर संपर्क में रखे लेंसों की कुल क्षमता (P)(P) उन लेंसों की पृथक्-पृथक् क्षमताओं ( P1,P2,P3………P_{1},P_{2},P_{3}……… आदि) का, बीजगणितीय योग होती है।

P=P1+P2+P3+………P=P_{1}+P_{2}+P_{3}+………

भाग 3 — परीक्षा उपयोगी प्रश्न (Important Q&A)

⭐ 3. अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions)

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs), अतिलघूत्तरात्मक, लघूत्तरात्मक एवं निबंधात्मक परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न–

1. प्रकाश का वेग सर्वाधिक कहाँ होता है? ( प्रश्न बैंक )

(अ) वायु
(ब) जल
(स) निर्वात
(द) कोई नहीं

2. प्रकाश के अपवर्तन की घटना में किस भौतिक राशि में परिवर्तन नहीं होता है– ( प्रश्न बैंक )

(अ) चाल
(ब) दिशा
(स) आवृत्ति
(द) प्रकाशिक घनत्व

3. किसी समतल दर्पण पर प्रकाश की किरण अभिलम्बवत् आपतित होती है तो परावर्तन कोण का मान होता है–

(अ) 90∘90^{∘}
(ब) 180∘180^{∘}
(स) 0∘0^{∘}
(द) 45∘45^{∘}

4. अवतल लेंस के सामने रखी वस्तु का प्रतिबिम्ब सदैव होता है–

विज्ञान कक्षा-X

273

(अ) आभासी व सीधा
(ब) वास्तविक एवं सीधा
(स) काल्पनिक एवं उल्टा
(द) वास्तविक एवं उल्टा

प्रश्न [5]. डायप्टर मात्रक है-

(अ) फोकस दूरी का
(ब) आवर्धन का
(स) लेंस की शक्ति का
(द) विभेदन क्षमता का

प्रश्न [6]. टॉर्च, सर्चलाइट और वाहनों के अग्रदीपों में बल्ब लगाये जाते हैं-

(अ) परावर्तक के ध्रुव एवं फोकस के बीच
(ब) परावर्तक के फोकस के बहुत निकट
(स) परावर्तक के फोकस एवं वक्रता केन्द्र के बीच
(द) परावर्तक के वक्रता केन्द्र पर

प्रश्न [7]. धुएँ के आर-पार किसी दूर स्थित प्रकाश स्रोत को देखने पर उसके झिलमिल करते हुए दिखाई देने का कारण है-

(अ) परावर्तन
(ब) अपवर्तन
(स) विवर्तन
(द) वर्ण विक्षेपण

प्रश्न [8]. पतले लेंसों में से आपतित किरण अपने मार्ग से विचलित हुये बिना सीधे उसी दिशा में निकल जाती है। मुख्य अक्ष पर ऐसे बिन्दु को कहते हैं-

(अ) फोकस
(ब) प्रकाश केन्द्र
(स) प्रतिबिम्ब
(द) वक्रता केन्द्र

प्रश्न [9]. प्रकाश का अपने पथ में रखी छोटी अपदर्शी वस्तु के किनारों पर मुड़ने की प्रवृत्ति कहलाती है-

(अ) परावर्तन
(ब) अपवर्तन
(स) विवर्तन
(द) विक्षेपण

प्रश्न [10]. समतल दर्पण का आवर्धन होता है-

(अ) +1+1
(ब) −1-1
(स) शून्य
(द) अनन्त

प्रश्न [11]. गोलीय दर्पण के परावर्तक पृष्ठ के केन्द्र को कहते हैं-

(अ) ध्रुव
(ब) वक्रता केन्द्र
(स) मुख्य अक्ष
(द) मुख्य फोकस

प्रश्न [12]. गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या RR तथा फोकस दूरी ff के मध्य सम्बन्ध है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

(अ) R=fR=f
(ब) R=2fR=2f
(स) R=f2R=\frac{f}{2}
(द) f=2Rf=2R

प्रश्न [13]. दंत विशेषज्ञ मरीजों के दाँतों का बड़ा प्रतिबिम्ब देखने के लिए प्रयुक्त करते हैं-

(अ) उत्तल दर्पण
(ब) उत्तल लेंस
(स) अवतल दर्पण
(द) अवतल लेंस

प्रश्न [14]. निर्वात में प्रकाश की चाल होती है-

(अ) 2×108MS−12 \times 10^{8}MS^{-1}
(ब) 3×108MS−13 \times 10^{8}MS^{-1}
(स) 3×108CMS−13 \times 10^{8}CMS^{-1}
(द) 3×1011MS−13 \times 10^{11}MS^{-1}

प्रश्न [15]. लेंस की क्षमता व फोकस की दूरी होती है- (प्रश्न बैंक)

(अ) P=1fP=\frac{1}{f}
(ब) P=2fP=2f
(स) P=f2P=\frac{f}{2}
(द) कोई नहीं

प्रश्न [16]. जल का अपवर्तनांक है-

अथवा

जल का निरपेक्ष अपवर्तनांक है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

(अ) 1.311.31
(ब) 1.331.33
(स) 1.361.36
(द) 2.422.42

प्रश्न [17]. उत्तल लेंस के फोकस तथा प्रकाशिक केन्द्र के बीच रखे बिम्ब का प्रतिबिम्ब होगा-

(अ) वास्तविक व सीधा
(ब) वास्तविक व उल्टा
(स) आभासी तथा सीधा
(द) आभासी व उल्टा

प्रश्न [18]. लेंस सूत्र है-

(अ) 1v+1u=1f\frac{1}{v}+\frac{1}{u}=\frac{1}{f}
(ब) 1v−1u=1f\frac{1}{v}-\frac{1}{u}=\frac{1}{f}
(स) 1u−1v=1f\frac{1}{u}-\frac{1}{v}=\frac{1}{f}
(द) 1u+1v=1f\frac{1}{u}+\frac{1}{v}=\frac{1}{f}

प्रश्न [19]. 11 डायोप्टर उस लेंस की क्षमता है, जिसकी फोकस दूरी है-

(अ) 11 सेमी.
(ब) 1010 सेमी.
(स) 11 मी.
(द) 1010 मी.

प्रश्न [20]. प्रकाश के परावर्तन के लिए असत्य है-

(अ) आपतित किरण, परावर्तित किरण एक ही तल में होती है।
(ब) परावर्तित किरण की आवृत्ति परिवर्तित एवं चाल अपरिवर्तित रहती है।
(स) आपतन कोण व परावर्तन कोण बराबर होते हैं।
(द) परावर्तित किरण की आवृत्ति एवं चाल अपरिवर्तित रहती है।

प्रश्न 21. उत्तल लेंस के लिए वह बिन्दु जिस पर आपतित किरण बिना मुड़े सीधी निकल जाती है, उस बिन्दु को कहते हैं- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)

(अ) फोकस बिन्दु
(ब) द्वारक
(स) प्रकाश केन्द्र
(द) वक्रता केन्द्र

प्रश्न 22. प्रकाश के परावर्तन की घटना में आपतन कोण ( ii ) तथा परावर्तन कोण ( rr ) में सही सम्बन्ध होता है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)

(अ) i=ri=r
(ब) i>ri>r
(स) i<ri<r
(द) i≠ri \ne r

प्रश्न 23. परावर्तन के नियम लागू होते हैं- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)

(अ) केवल समतल दर्पण के लिए।
(ब) केवल उत्तल दर्पण के लिए।
(स) केवल अवतल दर्पण के लिए।
(द) उपरोक्त सभी के लिए।

प्रश्न 24. पानी का अपवर्तनांक 1.331.33 है। पानी में प्रकाश की चाल होगी- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)

(अ) 1.33×108m/s1.33 \times 10^{8} m/s
(ब) 3×108m/s3 \times 10^{8} m/s
(स) 2.26×108m/s2.26 \times 10^{8} m/s
(द) 2.56×108m/s2.56 \times 10^{8} m/s

प्रश्न 25. किस प्रकाशीय घटना के कारण पानी में रखी छड़ मुड़ी दिखाई देती है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

(अ) परावर्तन
(ब) प्रकीर्णन
(स) विक्षेपण
(द) अपवर्तन

प्रश्न 26. पानी से भरे किसी टैंक की तली बाहर से देखने पर उभरी हुई प्रतीत किस घटना के कारण होती है?

(अ) अपवर्तन
(ब) परावर्तन
(स) ध्रुवण
(द) विक्षेपण

प्रश्न 27. चित्र में θθ का मान होगा-

(अ) 30∘30^{∘}
(ब) 45∘45^{∘}
(स) 90∘90^{∘}
(द) 60∘60^{∘}

[Ray diagram showing angle reflection with 30 degree and theta]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 6

प्रश्न 28. समतल दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब का प्रकार है-

(अ) वास्तविक
(ब) विवर्धित
(स) छोटा
(द) पाश्विंक परिवर्तित

प्रश्न 29. किसी समतल दर्पण में बिम्ब व प्रतिबिम्ब के बीच की दूरी 10cm10 cm है तो दर्पण से प्रतिबिम्ब की दूरी होगी-

(अ) 10cm10 cm
(ब) 20cm20 cm
(स) 5cm5 cm
(द) ज्ञात नहीं किया जा सकता

प्रश्न 30. परावर्तन कोण चित्र में होगा-

(अ) 25∘25^{∘}
(ब) 50∘50^{∘}
(स) 75∘75^{∘}
(द) 65∘65^{∘}

[Reflection diagram with 25 degree angle]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 7

प्रश्न 31. दिए गए चित्र में, कोण ( xx ) का मान होगा- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

[Reflection ray diagram showing normal, incident ray, reflected ray, and angle x and 30 degree]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 8

(अ) 60∘60^{∘}
(ब) 90∘90^{∘}
(स) 45∘45^{∘}
(द) 30∘30^{∘}

प्रश्न 32. आपतन कोण ( ii ) का मान होता है- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

(अ) परावर्तन कोण से ज्यादा
(ब) परावर्तन कोण के समान
(स) परावर्तन कोण से कम
(द) उपरोक्त सभी

प्रश्न 33. एक व्यक्ति समतल दर्पण से 33 मीटर दूर खड़ा है। व्यक्ति तथा उसके प्रतिबिम्ब के बीच दूरी मीटर में होगी- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

विज्ञान कक्षा-X

275

(अ) 1.51.5
(ब) 66
(स) 33
(द) 99

34. प्रकाश अपवर्तन की घटना में यदि sini=asini=a और sinr=bsinr=b हैं, तो अपवर्तनांक ( μμ ) होगा— (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

(अ) μ=abμ=ab
(ब) μ=baμ=\frac{b}{a}
(स) μ=abμ=\frac{a}{b}
(द) μ=abμ=\sqrt{ab}

35. गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या फोकस दूरी की होती है- ( प्रश्न बैंक )

(अ) आधी
(ब) चौथाई
(स) दुगुनी
(द) तिगुनी

36. किसी भी माध्यम का अपवर्तनांक निर्भर करता है- ( प्रश्न बैंक )

(अ) माध्यम की प्रकृति पर
(ब) माध्यम के प्रकाशिक घनत्व पर
(स) प्रकाश की तरंगदैर्ध्य पर
(द) उपर्युक्त सभी

37. प्रकाश वायु से 1.501.50 अपवर्तनांक की कांच की प्लेट में प्रवेश करती है, कांच में प्रकाश की चाल कितनी है? निर्वात में प्रकाश की चाल 3×108m/s3 \times 10^{8} m/s है- ( प्रश्न बैंक )

(अ) 2×108m/s2 \times 10^{8} m/s
(ब) 1.5×108m/s1.5 \times 10^{8} m/s
(स) 2.5×108m/s2.5 \times 10^{8} m/s
(द) 4×108m/s4 \times 10^{8} m/s

38. सौर भट्टियों में सूर्य के प्रकाश को केन्द्रित करने में उपयोग होता है- ( प्रश्न बैंक )

(अ) उत्तल दर्पण
(ब) अवतल दर्पण
(स) समतल दर्पण
(द) उपरोक्त सभी

39. एक प्रकाश किरण दर्पण पर 30∘30^{∘} पर आपतित होती है तो परावर्तन कोण का मान होगा- ( प्रश्न बैंक )

(अ) 30∘30^{∘}
(ब) 60∘60^{∘}
(स) 90∘90^{∘}
(द) 120∘120^{∘}

40. निम्न में से सर्वाधिक प्रकाशिक सघन माध्यम है- ( प्रश्न बैंक )

(अ) वायु
(ब) कैरोसीन
(स) हीरा
(द) बर्फ

उत्तर-तालिका

1. (स)

2. (स)

3. (स)

4. (अ)

5. (स)

6. (ब)

7. (ब)

8. (ब)

9. (स)

10. (अ)

11. (अ)

12. (ब)

13. (स)

14. (ब)

15. (अ)

16. (ब)

17. (स)

18. (ब)

19. (स)

20. (ब)

21. (स)

22. (अ)

23. (द)

24. (स)

25. (द)

26. (अ)

27. (द)

28. (द)

29. (स)

30. (द)

31. (द)

32. (ब)

33. (ब)

34. (स)

35. (स)

36. (द)

37. (अ)

38. (ब)

39. (अ)

40. (स)

    

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

1. अवतल लेंस की फोकस दूरी ............................................ होती है।

2. उत्तल लेंस की फोकस दूरी ............................................ होती है।

3. ............................................ की घटना के कारण पेंसिल पानी में रखने पर मुड़ी हुई प्रतीत होती है।

4. सौर भट्टियों में ............................................ दर्पण का उपयोग किया जाता है।

5. उत्तल लेंस की क्षमता ............................................ होती है।

6. किसी लेंस की क्षमता उसकी ............................................ का व्युत्क्रम होती है।

7. निर्वात में प्रकाश की चाल ............................................ होती है।

8. एक उत्तल दर्पण जिसकी वक्रता त्रिज्या 25cm25 cm है, उसकी फोकस दूरी ............................................ होगी।

9. समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव ............................................ होता है।

10. छोटे द्वारक के गोलीय दर्पणों के लिए वक्रता त्रिज्या फोकस दूरी से ............................................ होती है।

11. सौर भट्टियों में सूर्य के प्रकाश को केन्द्रित करने के लिए बड़े ............................................ का उपयोग किया जाता है।

12. गोलीय दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन m=प्रतिबिंबकीऊँचाई(h′)............................................m=\frac{\text{प्रतिबिंब} \text{की} \text{ऊँचाई} (h^{′})}{............................................}

13. यदि ii आपतन कोण तथा rr अपवर्तन कोण हो तब sinisinr=……\frac{sini}{sinr}=……

14. दर्पण के ध्रुव से प्रतिबिम्व की दूरी ………………………………………… कहलाती है।

15. मुख्य अक्ष के समानान्तर सभी दूरियाँ दर्पण के ………………………………………… से मापी जाती हैं।

16. गोलीय दर्पण में आभासी प्रतिबिम्बों के लिए बिम्ब की ऊँचाई ………………………………………… लेनी चाहिए।

17. माध्यम का अपवर्तनांक nm=वायुमेंप्रकाशकीचाल……………………n_{m}=\frac{\text{वायु} \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}{……………………}

18. किसी लेंस के मुख्य फोकस की प्रकाशिक केन्द्र से दूरी ………………………………………… कहलाती है।

19. जल का अपवर्तनांक ………………………………………… होता है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

20. प्रतिबिम्ब की ऊँचाई ( h′h^{′} ) और बिम्ब की ऊँचाई ( hh ) का अनुपात गोलीय दर्पण का ………………………………………… कहलाता है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

21. किसी पारदर्शी माध्यम में प्रकाश की निर्वात में चाल तथा प्रकाश की माध्यम में चाल के अनुपात को ………………………………………… कहते हैं। (प्रश्न बैंक)

22. लेंस की क्षमता का मात्रक ………………………………………… है। (प्रश्न बैंक)

23. लेंस के ………………………………………… से गुजरने वाली प्रकाश किरण बिना किसी विचलन के निर्गत हो जाती है। (प्रश्न बैंक)

24. किसी विरल से सघन माध्यम में प्रवेश करने पर प्रकाश की किरण की चाल ………………………………………… जाती है और वह अभिलम्ब की ………………………………………… जाती है। (प्रश्न बैंक)

उत्तरमाला - 1. ऋणात्मक 2. धनात्मक 3. अपवर्तन 4. अवतल 5. धनात्मक 6. फोकस दूरी 7. 3×1083 \times 10^{8} मी./से. 8. f=R2=252=12.5cmf=\frac{R}{2}=\frac{25}{2}=12.5 cm 9. आभासी तथा सीधा 10. दुगुनी 11. अवतल दर्पणों 12. बिम्ब की ऊँचाई ( hh ) 13. स्थिरांक 14. vv 15. ध्रुव 16. धनात्मक 17. माध्यम में प्रकाश की चाल 18. फोकस दूरी 19. 1.331.33 20. आवर्धन 21. अपवर्तनांक 22. डाइऑप्टर 23. प्रकाशिक केन्द्र 24. घट, ओर झुक।

सुमेलन सम्बन्धी प्रश्न-

1. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-

कॉलम (P)

कॉलम (Q)

(i) लेंसों के लिए

(A) 1f=1v−1u\frac{1}{f}=\frac{1}{v}-\frac{1}{u}

(ii) अवतल लेंस

(B) फोकस दूरी धनात्मक

(iii) उत्तल लेंस

(C) 1f=1u+1v\frac{1}{f}=\frac{1}{u}+\frac{1}{v}

(iv) लेंस की शक्ति

(D) डाइऑप्टर

(v) दर्पण सूत्र

(E) फोकस दूरी ऋणात्मक

उत्तर-(i) A (ii) E (iii) B (iv) D (v) C

2. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-

कॉलम (P)

कॉलम (Q)

(i) प्रतिबिम्ब समतल दर्पण

(A) R=2fR=2f

(ii) गोले के केन्द्र की ओर वक्रित

(B) 1f\frac{1}{f}

(iii) आवर्धन ( mm ) = ………………………………

(C) =h′h=\frac{h^{′}}{h}

विज्ञान कक्षा-X

277

(iv) लेंस की क्षमता ( PP ) =

(D) अवतल दर्पण

(v) वक्रता त्रिज्या ( RR ) तथा फोकस दूरी ( ff ) में सम्बन्ध

(E) समान साइज

उत्तर-(i) E (ii) D (iii) C (iv) B (v) A

3. अवतल दर्पण के लिए निम्न को सुमेलित कीजिए–

कॉलम (X)<br>बिम्ब की स्थिति

कॉलम (Y)<br>प्रतिबिम्ब की स्थिति

(i) फोकस FF पर

(अ) दर्पण के पीछे

(ii) PP व FF के मध्य

(ब) फोकस ( FF ) पर

(iii) वक्रता केन्द्र पर

(स) वक्रता केन्द्र पर

(iv) अनन्त पर

(द) अनन्त पर

उत्तर-(i) द (ii) अ (iii) स (iv) ब

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न–

प्रश्न 1. गोलीय दर्पण के वक्रता केन्द्र को परिभाषित कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

उत्तर– गोलीय दर्पण का परावर्तक पृष्ठ एक गोले का भाग है, उस गोले का केन्द्र वक्रता केन्द्र कहलाता है।

प्रश्न 2. लेंस की क्षमता को परिभाषित कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

उत्तर– किसी लेंस द्वारा प्रकाश किरणों को अभिसरण या अपसरण करने की मात्रा को लेंस की क्षमता कहते हैं।

प्रश्न 3. लेंस व दर्पण सूत्र लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

उत्तर–

लेंस सूत्र– 1v−1u=1f\frac{1}{v}-\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

दर्पण सूत्र– 1v+1u=1f\frac{1}{v}+\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

प्रश्न 4. लेंस की क्षमता को परिभाषित कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

उत्तर– किसी लेंस द्वारा प्रकाश किरणों को अभिसरण या अपसरण करने की मात्रा (Degree) को उसकी क्षमता के रूप में व्यक्त किया जाता है। इसे PP से व्यक्त करते हैं।

किसी ff फोकस दूरी के लेंस की क्षमता,

P=1f(मीटर)P=\frac{1}{f(\text{मीटर})}

प्रश्न 5. निम्नलिखित आरेख को अपनी उत्तर-पुस्तिका में खींचकर लेंस के पार किरण पथ की पूर्ति कीजिए–

[Convex lens ray diagram showing incident and refracted rays]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 9

उत्तर–

[Completed convex lens ray diagram with focus and 2F points]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 10

प्रश्न 6. फोकस दूरी को परिभाषित कीजिए।

उत्तर– किसी लेंस के मुख्य फोकस बिन्दु एवं प्रकाशीय केन्द्र के बीच की दूरी को फोकस दूरी कहते हैं।

**प्रश्न 7. एक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 30सेमी.30 \text{सेमी}. है। इसकी फोकस दूरी क्या होगी?**

उत्तर– ∵R=2f∴f=R2=302=15सेमी.∵R=2f∴f=\frac{R}{2}=\frac{30}{2}=15 \text{सेमी}.

अतः दर्पण की फोकस दूरी 15सेमी15 \text{सेमी} होगी।

प्रश्न 8. 'विवर्तन' किसे कहते हैं?

उत्तर- यदि प्रकाश के पथ में रखी अपारदर्शी वस्तु अत्यंत छोटी हो तो प्रकाश सरल रेखा में चलने की बजाय इसके किनारों पर मुड़ने की प्रवृत्ति दर्शाता है- इस प्रभाव को प्रकाश का विवर्तन कहते हैं।

प्रश्न 9. 'विवर्तन' प्रभाव की व्याख्या प्रकाश की किस प्रकृति द्वारा की जा सकती है?

उत्तर- विवर्तन प्रभाव की व्याख्या प्रकाश की तरंग प्रकृति के आधार पर की जा सकती है।

प्रश्न 10. शेविंग दर्पण में प्रयुक्त दर्पण किस प्रकार का है? इसमें कैसा प्रतिबिम्ब बनता है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर- अवतल दर्पण। इसमें आभासी, बड़ा एवं सीधा प्रतिबिम्ब बनता है।

प्रश्न 11. नीचे दिए गए आरेख को अपनी उत्तर-पुस्तिका में खींचकर लेंस किरण पथ की पूर्ति कीजिए-

[अवतल लेंस का किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 11

उत्तर-

[पूर्ण किया गया अवतल लेंस का किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 12

प्रश्न 12. यदि प्रकाश की किरण काँच की पट्टिका पर लम्बवत् आपतित होती है तो अपवर्तन कोण का मान कितना होगा?

उत्तर- अपवर्तन कोण का मान शून्य होगा।

प्रश्न 13. प्रकाश की किरणों को फैलाने वाले लेंस का नाम बताओ।

उत्तर- अवतल लेंस।

प्रश्न 14. लेंस की फोकस दूरी किन कारकों पर निर्भर करती है?

उत्तर- किसी लेंस की फोकस दूरी निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करती है-

(1) लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक पर।

(2) लेंस के दोनों वक्र पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं R1R_{1} व R2R_{2} पर।

(3) प्रकाश के वर्ण (तरंगदैर्ध्य) पर।

प्रश्न 15. किसी अवतल दर्पण की वक्रता त्रिज्या 10cm10 cm है तब उस अवतल दर्पण की फोकस दूरी कितनी होगी?

उत्तर- ∵f=R2∵f=\frac{R}{2} , ∴f=−102=−5cm∴f=\frac{-10}{2}=-5 cm

अतः फोकस दूरी 5cm5 cm होगी।

प्रश्न 16. 'अवतल दर्पण' क्या होता है?

उत्तर- वह गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ अन्दर की ओर अर्थात् गोले के केन्द्र की ओर वक्रित है अवतल दर्पण कहलाता है।

प्रश्न 17. 'दर्पण का ध्रुव' किसे कहते हैं?

उत्तर- गोलीय दर्पण के परावर्तक पृष्ठ के केन्द्र को 'दर्पण का ध्रुव' कहते हैं।

प्रश्न 18. वक्रता त्रिज्या और फोकस दूरी में क्या सम्बन्ध होता है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

अथवा

गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या ( RR ) तथा फोकस दूरी ( ff ) के बीच क्या संबंध है?

उत्तर- छोटे द्वारक के गोलीय दर्पणों के लिए वक्रता त्रिज्या फोकस दूरी से दोगुनी होती है अर्थात् R=2fR=2f

प्रश्न 19. आगरा किले की एक दीवार में किस प्रकार का दर्पण ताजमहल की ओर लगा हुआ है?

उत्तर-उत्तल दर्पण।

प्रश्न 20. बिंब दूरी तथा प्रतिबिंब दूरी से क्या तात्पर्य है?

उत्तर-ध्रुव से बिंब की दूरी को बिंब दूरी ( uu ) कहते हैं जबकि ध्रुव से प्रतिबिंब की दूरी को प्रतिबिंब दूरी ( vv ) कहते हैं।

प्रश्न 21. 'लेंस' किसे कहते है?

उत्तर-दो पृष्ठों से घिरा हुआ कोई पारदर्शी माध्यम, जिसका एक या दोनों पृष्ठ गोलीय हों, लेंस कहलाता है।

प्रश्न 22. उस दर्पण का नाम लिखिये जो वस्तु का बड़ा एवं कल्पित प्रतिबिम्ब बनाता है।

उत्तर-अवतल दर्पण।

प्रश्न 23. यदि कोई वस्तु उत्तल दर्पण के ध्रुव तथा अनन्त के मध्य रखी जाये तब उसका प्रतिबिम्ब कहाँ बनेगा?

उत्तर-दर्पण के फोकस तथा ध्रुव के मध्य तथा दर्पण के पीछे।

प्रश्न 24. उस दर्पण का क्या नाम है जिसका प्रयोग दन्त चिकित्सक अपने रोगी के दाँत देखने के लिए करता है?

अथवा

दंत चिकित्सक द्वारा मरीज के दाँत देखने में प्रयुक्त दर्पण का प्रकार बताइए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर-अवतल दर्पण।

प्रश्न 25. अवतल दर्पण के मुख्य अक्ष पर कोई वस्तु किस स्थान पर रखी जाये जिससे इस वस्तु का वास्तविक प्रतिबिम्ब प्राप्त हो सके, जिसकी माप वस्तु की लम्बाई के बराबर है?

उत्तर-वस्तु को अवतल दर्पण के वक्रता केन्द्र पर रखना चाहिये।

प्रश्न 26. दर्पण के रैखिक आवर्धन को परिभाषित कीजिये।

उत्तर-दर्पण के रैखिक आवर्धन को प्रतिबिंब की ऊँचाई तथा वस्तु की ऊँचाई के अनुपात रूप में परिभाषित किया जाता है।

आवर्धन=प्रतिबिंबकीऊँचाईवस्तुकीऊँचाई\text{आवर्धन}=\frac{\text{प्रतिबिंब} \text{की} \text{ऊँचाई}}{\text{वस्तु} \text{की} \text{ऊँचाई}}

प्रश्न 27. किसी लेंस की दोनों फोकस दूरियाँ कब बराबर होती हैं?

उत्तर-लेंस के दोनों ओर एकसमान माध्यम तथा दोनों वक्रता त्रिज्यायें समान होने पर लेंस की दोनों फोकस दूरियाँ समान होंगी।

प्रश्न 28. अपवर्तन का प्रथम नियम लिखो।

उत्तर-आपतित किरण, अपवर्तित किरण एवं अभिलम्ब तीनों एक ही तल में होते हैं। यह अपवर्तन का प्रथम नियम है।

प्रश्न 29. प्रकाश की किरणों को केन्द्रित करने के लिए कौनसा लेंस प्रयुक्त किया जाता है?

उत्तर-अभिसारी या उत्तल लेंस।

प्रश्न 30. प्रकाश की किरण का सघन से विरल माध्यम में प्रवेश करने पर उसके वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

उत्तर-प्रकाश किरण का वेग बढ़ जाता है।

प्रश्न 31. जब प्रकाश की किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाती है तब आपतन और अपवर्तन कोण में से किस कोण का मान अधिक होता है?

उत्तर-आपतन कोण का।

प्रश्न 32. सघन व विरल माध्यम में क्या अन्तर है?

उत्तर-सघन माध्यम में प्रकाश वेग, निर्वात की अपेक्षा कम जबकि विरल माध्यम में, सघन की अपेक्षा अधिक होता है।

प्रश्न 33. अपवर्तन किसे कहते हैं?

उत्तर-प्रकाश की किरण का एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करते समय पृथक्कारी तल पर इसकी दिशा में विचलन की क्रिया को अपवर्तन कहते हैं।

प्रश्न 34. एक उत्तल लेंस किसी वस्तु का वास्तविक तथा बहुत बड़ा प्रतिबिम्ब बनाता है। मुख्य अक्ष पर वस्तु की क्या स्थिति होनी चाहिये?

उत्तर-वस्तु लेंस के फोकस F1F_{1} पर स्थित होनी चाहिये।

प्रश्न 35. 'उत्तल दर्पण' किसे कहते हैं?

उत्तर-वह गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ बाहर की ओर वक्रित होता है, उत्तल दर्पण कहलाता है।

प्रश्न 36. दर्पण तथा लेंस की फोकस दूरी ( ff ) में अन्तर कीजिए।

उत्तर -

दर्पण की फोकस दूरी

लेंस की फोकस दूरी

गोलीय दर्पण के ध्रुव तथा मुख्य फोकस के बीच दूरी

लेंस के प्रकाशिक केन्द्र से मुख्य फोकस की दूरी

प्रश्न 37. आवर्धन के मान में ऋणात्मक चिह्न से क्या ज्ञात होता है?

उत्तर - आवर्धन के मान में ऋणात्मक चिह्न से ज्ञात होता है कि प्रतिबिंब वास्तविक है।

प्रश्न 38. प्रकाश का अपवर्तन क्यों होता है?

उत्तर - अपवर्तन प्रकाश के एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे में प्रवेश करने पर प्रकाश की चाल में परिवर्तन के कारण होता है।

प्रश्न 39. किसी लेंस की प्रकाश किरणों को अभिसरित अथवा अपसरित करने की क्षमता किस पर निर्भर करती है?

उत्तर - किसी लेंस की प्रकाश किरणों को अभिसरित अथवा अपसरित करने की क्षमता उसकी फोकस दूरी पर निर्भर करती है।

प्रश्न 40. लेंस के प्रकाशिक केन्द्र का क्या अभिप्राय है?

उत्तर - लेंस में स्थित वह बिन्दु जिससे होकर जाने वाली प्रकाश की किरण, बिना अपने मार्ग से विचलित हुये, लेंस से बाहर निकल जाती है।

प्रश्न 41. एक उत्तल लेंस के द्वारा कल्पित एवं बड़ा प्रतिबिंब बनता है। मुख्य अक्ष पर वस्तु की स्थिति क्या होनी चाहिये?

उत्तर - वस्तु लेंस के फोकस F1F_{1} एवं प्रकाशिक केन्द्र OO के मध्य स्थित होनी चाहिये।

प्रश्न 42. लेंस के मुख्य अक्ष के समानान्तर किरण पुंज लेंस में से अपवर्तित होने के पश्चात् मुख्य अक्ष पर स्थित एक बिन्दु पर केन्द्रित हो जाता है, उस बिन्दु को ........ कहते हैं।

उत्तर - फोकस।

प्रश्न 43. एक से अधिक लेंसों का प्रयोग किस-किस में किया जाता है?

उत्तर - एक से अधिक लेंसों का प्रयोग कैमरे की रचना, दूरदर्शी तथा सूक्ष्मदर्शी के वस्तु लेंस में किया जाता है।

प्रश्न 44. सर्चलाइट में प्रकाश का शक्तिशाली समान्तर किरण पुंज प्राप्त करने के लिए किस प्रकार के दर्पण का उपयोग किया जाता है?

उत्तर - अवतल दर्पण का।

प्रश्न 45. सूर्य के प्रकाश को एक जगह केन्द्रित कर उच्च ऊर्जा प्राप्त सौर भट्टियाँ कैसे बनाई जाती हैं?

उत्तर - बड़े अवतल दर्पणों का उपयोग कर।

प्रश्न 46. मुख्य अक्ष को परिभाषित कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24)

उत्तर - गोलीय दर्पण के ध्रुव तथा वक्रता त्रिज्या से गुजरने वाली एक सीधी रेखा को दर्पण का मुख्य अक्ष कहते हैं।

प्रश्न 47. गोलीय लेंस के लिए बिंब दूरी ( uu ), प्रतिबिंब दूरी ( vv ) एवं फोकस दूरी ( ff ) में सम्बन्ध लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

उत्तर - 1f=1v−1u\frac{1}{f}=\frac{1}{v}-\frac{1}{u}

प्रश्न 48. किसी वाहन के पश्च-दृश्य (wing) के लिए किस दर्पण का उपयोग किया जाता है? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर - उत्तल दर्पण।

प्रश्न 49. किसी गोलीय दर्पण तथा किसी पतले लेंस दोनों की फोकस दूरी −15-15 सेंटीमीटर है। दर्पण व लेंस सम्भवतया कौन सा है? (प्रश्न बैंक)

उत्तर - दोनों अवतल।

प्रश्न 50. स्नेल का नियम क्या है? (प्रश्न बैंक)

विज्ञान कक्षा-X

281

उत्तर—प्रकाश के किसी निश्चित रंग तथा निश्चित माध्यमों के युग्म के लिए आपतन कोण की ज्या (Sine) तथा अपवर्तन कोण की ज्या (Sine) का अनुपात स्थिर होता है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न—

प्रश्न 1. उत्तल दर्पण के दो उपयोग लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

उत्तर— (i) वाहनों के पश्य-दृश्य दर्पणों के रूप में। (ii) दुकानों, एटीएम और गलियारों में लगाए जाते हैं ताकि अधिक क्षेत्र को कवर किया जा सके और किसी भी गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

प्रश्न 2. लेंस की क्षमता को परिभाषित कीजिये। इसकी इकाई और सूत्र को लिखिये।

अथवा

किसी लेंस की क्षमता को परिभाषित कीजिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— लेंस की क्षमता-किसी लेंस द्वारा प्रकाश किरणों को अभिसरण या अपसरण करने की मात्रा (Degree) को उसकी क्षमता के रूप में व्यक्त किया जाता है। इसे PP से व्यक्त करते हैं।

किसी ff फोकस दूरी के लेंस की क्षमता,

P=1f(मीटर)P=\frac{1}{f(\text{मीटर})}

लेंस की क्षमता का SI मात्रक 'डाइऑप्टर' (Dioptre) है। इसे DD से व्यक्त करते हैं। यदि ff को मीटर में व्यक्त करें तो क्षमता को डाइऑप्टर में व्यक्त किया जाता है। इस प्रकार 11 डाइऑप्टर उस लेंस की क्षमता है, जिसकी फोकस दूरी 11 मीटर हो। अतः:

1D=1m−11D=1m^{-1}

उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक तथा अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है।

प्रश्न 3. समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिंब की क्या विशेषताएँ होती हैं?

उत्तर— समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव आभासी तथा सीधा होता है। प्रतिबिंब का साइज बिंब (वस्तु) के साइज के बराबर होता है। प्रतिबिंब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है, जितनी दूरी पर दर्पण के सामने बिंब रखा होता है। इसके अतिरिक्त प्रतिबिंब पार्श्व परिवर्तित होता है।

प्रश्न 4. (A) किसी एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर प्रकाश की किरण क्यों मुड़ जाती है?

(B) एक लेंस की शक्ति −4.0D-4.0D है। इस लेंस की प्रकृति क्या होगी?

उत्तर—(A) एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर प्रकाश की किरण अपवर्तन के कारण मुड़ जाती है।

(B) लेंस की क्षमता/शक्ति ऋणात्मक है। अतः इस लेंस की फोकस दूरी भी ऋणात्मक होगी, इस कारण लेंस की प्रकृति अवतल होगी।

प्रश्न 5. 1515 सेमी. फोकस दूरी वाले अवतल दर्पण से 2020 सेमी. की दूरी पर एक वस्तु रखी है। प्रतिबिंब की स्थिति एवं प्रकार बताइए।

उत्तर—

वस्तु की दर्पण से दूरी u=−20u=-20 सेमी.

दर्पण की फोकस दूरी f=−15f=-15 सेमी. ( ∵∵ दर्पण अवतल है)

प्रतिबिंब की दूरी v=?v=?

दर्पण सूत्र से—

1v+1u=1f\frac{1}{v}+\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

या

1v=1f−1u\frac{1}{v}=\frac{1}{f}-\frac{1}{u}

मान रखने पर—

1v=1−15−1−20\frac{1}{v}=\frac{1}{-15}-\frac{1}{-20}

=−115+120⇒−4+360⇒−160=-\frac{1}{15}+\frac{1}{20}⇒\frac{-4+3}{60}⇒-\frac{1}{60}

∴v=−60∴v=-60 सेमी.

∵v∵v ऋणात्मक है, अतः प्रतिबिंब दर्पण के सामने 6060 सेमी. की दूरी पर वास्तविक तथा उल्टा बनेगा।

282 संजीब बुक्स

प्रश्न 6. रेखाचित्र की सहायता से अवतल दर्पण के सम्मुख निम्नलिखित स्थितियों में रखी वस्तु के प्रतिबिम्ब की स्थिति तथा प्रकार बताइए-

( क ) जब वस्तु FF तथा CC के बीच हो।

( ख ) जब वस्तु FF तथा PP के बीच हो।

उत्तर-(क) जब वस्तु FF तथा CC के बीच हो-

[अवतल दर्पण - जब वस्तु F तथा C के बीच हो का रेखाचित्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 13

रेखाचित्र से स्पष्ट है कि वस्तु का प्रतिबिम्ब CC तथा अनन्त ( ∞∞ ) के बीच वास्तविक, उल्टा तथा बड़ा बनेगा।

(ख) जब वस्तु FF तथा PP के बीच स्थित हो-

[अवतल दर्पण - जब वस्तु F तथा P के बीच हो का रेखाचित्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 14

रेखाचित्र से स्पष्ट है कि वस्तु का प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे आभासी, सीधा एवं बड़ा बनेगा।

प्रश्न 7. प्रकाश हवा से जल में प्रवेश करता है, जिसका अपवर्तनांक 1.331.33 है। जल में प्रकाश की चाल ज्ञात कीजिए। यदि हवा में प्रकाश की चाल 3×1083 \times 10^{8} मी./से. है।

उत्तर-दिया है-

प्रकाश का हवा में वेग c=3×108c=3 \times 10^{8} मी./से.

जल का अपवर्तनांक n=1.33n=1.33

जल में प्रकाश का वेग v=?v=?

∵अपवर्तनांकn=cv∵ \text{अपवर्तनांक} n=\frac{c}{v}

∴v=cn∴v=\frac{c}{n}

मान रखने पर- v=3×1081.33⇒2.25×108v=\frac{3 \times 10^{8}}{1.33}⇒2.25 \times 10^{8}

अतः जल में प्रकाश का वेग 2.25×1082.25 \times 10^{8} मी./से. होगा।

प्रश्न 8. नीचे दिए गए आरेख को उसके आगे दी गई जगह में खींचकर उपयुक्त किरणों की सहायता से बिम्ब ABAB का प्रतिबिम्ब बनना दिखाइए।

[उत्तल लेंस द्वारा बिम्ब AB का प्रतिबिम्ब बनना]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 15

विज्ञान कक्षा-X

283

उत्तर-

[उत्तल लेंस द्वारा अपवर्तन का किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 16

प्रश्न 9. कोई वस्तु किसी अवतल दर्पण के वक्रता केन्द्र पर रखी गई है। बनने वाले प्रतिबिम्ब का किरण आरेख खींचिए।

उत्तर- अवतल दर्पण के वक्रता केन्द्र से गुजरने वाली किरण परावर्तन के बाद उसी पथ के अनुदिश वापस परावर्तित हो जाती है।

[अवतल दर्पण के वक्रता केन्द्र पर रखी वस्तु का किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 17

प्रश्न 10. एक उत्तल लेंस की फोकस दूरी 20सेमी.20 \text{सेमी}. है। लेंस की क्षमता कितनी होगी? (प्रश्न बैंक)

उत्तर- दिया गया है -

उत्तल लेंस की फोकस दूरी f=20सेमी.f=20 \text{सेमी}.

या

20100=15मी.\frac{20}{100}=\frac{1}{5} \text{मी}.

∵लेंसकीक्षमताP=1f∵ \text{लेंस} \text{की} \text{क्षमता} P=\frac{1}{f}

∵P=115मी.∵ P=\frac{1}{\frac{1}{5}} \text{मी}.

या

P=+5DP=+5D

प्रश्न 11. लेंस सूत्र क्या होता है? समझाइए।

अथवा

लेंस सूत्र लिखिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर-गोलीय लेंसों के लिए बिंब दूरी ( uu ), प्रतिबिंब दूरी ( vv ) तथा फोकस दूरी ( ff ) के बीच संबंध को एक सूत्र द्वारा व्यक्त किया जा सकता है, जिसे लेंस सूत्र कहते हैं।

1v−1u=1f\frac{1}{v}-\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

उपरोक्त लेंस सूत्र व्यापक है तथा किसी भी गोलीय लेंस के लिए, सभी स्थितियों में मान्य है।

प्रश्न 12. गोलीय दर्पण द्वारा परावर्तन के नियमों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर- गोलीय दर्पण द्वारा परावर्तन के नियम-

(i) मुख्य अक्ष के समान्तर कोई भी प्रकाश किरण गोलीय दर्पण पर आपतित होती है तो परावर्तन के पश्चात् मुख्य फोकस से जाती है या जाती हुई प्रतीत होती है।

(ii) गोलीय दर्पण पर कोई किरण वक्रता केन्द्र से गुजरती हुई आपतित होती है तो परावर्तन के बाद अपने ही मार्ग में लौट आती है।

(iii) गोलीय दर्पण में फोकस में से होती हुई कोई किरण आपतित होती है तो परावर्तन के पश्चात् वह मुख्य अक्ष के समान्तर हो जाती है।

इन नियमों के आधार पर किरणें खींच कर दर्पण द्वारा किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब बनाया जाता है।

प्रश्न 13. अभिसारी लेंस व अपसारी लेंस में अन्तर कीजिए।

उत्तर -

क्र.सं.

अभिसारी लेंस

अपसारी लेंस

1.

यह प्रकाश किरणों को अभिसरित करता है।

यह प्रकाश किरणों को अपसरित करता है।

2.

इसमें बाहर की ओर उभरे दो गोलीय पृष्ठ हो सकते हैं।

इसमें अंदर की ओर वक्रित दो गोलीय पृष्ठ हो सकते हैं।

3.

यह किनारों की अपेक्षा बीच से मोटा होता है।

यह बीच की अपेक्षा किनारों से मोटा होता है।

4.

दूर दृष्टि दोष को दूर करने में प्रयुक्त।

निकट दृष्टि दोष को दूर करने में प्रयुक्त।

प्रश्न 14. वास्तविक तथा कल्पित (आभासी) प्रतिबिम्ब में क्या अन्तर है? ( प्रश्न बैंक )

अथवा

वास्तविक तथा आभासी प्रतिबिम्ब में दो अन्तर लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

उत्तर -

क्र.सं.

वास्तविक प्रतिबिम्ब

कल्पित (आभासी) प्रतिबिम्ब

1.

प्रकाश की किरणें परावर्तन के बाद जब किसी बिन्दु पर मिलती हैं तब वास्तविक प्रतिबिम्ब बनता है।

प्रकाश की किरणें यदि परावर्तन के बाद किसी बिन्दु पर नहीं मिलतीं परन्तु उस बिन्दु पर मिलती हुई दिखाई देती हैं तब कल्पित प्रतिबिम्ब बनता है।

2.

वास्तविक प्रतिबिम्ब को पर्दे पर उतारा जा सकता है।

कल्पित प्रतिबिम्ब को पर्दे पर नहीं उतारा जा सकता।

3.

वास्तविक प्रतिबिम्ब दर्पण के सम्मुख बनते हैं।

कल्पित प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे बनते हैं।

4.

वास्तविक प्रतिबिम्ब सदैव उल्टे बनते हैं।

कल्पित प्रतिबिम्ब सदैव सीधे बनते हैं।

प्रश्न 15. गोलीय दर्पणों से संबंधित निम्न को परिभाषित कीजये–

(i) ध्रुव (ii) मुख्य अक्ष (iii) मुख्य फोकस (iv) फोकस दूरी।

उत्तर–(i) ध्रुव–गोलीय दर्पण के परावर्तक तल का मध्य बिन्दु गोलीय दर्पण का ध्रुव (Pole) कहलाता है।

(ii) मुख्य अक्ष–गोलीय दर्पण के वक्रता केन्द्र CC तथा ध्रुव PP को मिलाने वाली रेखा, मुख्य अक्ष कहलाती है।

(iii) मुख्य फोकस–मुख्य अक्ष पर स्थित वह बिन्दु जहाँ पर मुख्य अक्ष के समान्तर चलने वाला किरण पुंज दर्पण से परावर्तन के उपरान्त मिलता है या मिलता हुआ प्रतीत होता है, उसे मुख्य फोकस कहते हैं। इसे FF के द्वारा निरूपित किया जाता है।

(iv) फोकस दूरी–किसी गोलीय दर्पण के ध्रुव PP तथा फोकस FF के बीच की दूरी दर्पण की फोकस दूरी कहलाती है। इसे ff से निरूपित करते हैं।

प्रश्न 16. किसी गोलीय दर्पण की वक्रता केन्द्र और वक्रता त्रिज्या तथा द्वारक को परिभाषित कीजिये।

उत्तर–वक्रता केन्द्र–गोलीय दर्पण का परावर्तक पृष्ठ एक गोले का भाग है, इस गोले का केन्द्र गोलीय दर्पण का वक्रता केन्द्र कहलाता है। इसको CC से निरूपित किया जाता है। वक्रता केन्द्र दर्पण का भाग नहीं होता है। यह तो परावर्तक पृष्ठ के बाहर स्थित होता है। अवतल दर्पण का वक्रता केन्द्र परावर्तक पृष्ठ के सामने स्थित होता है जबकि उत्तल दर्पण की स्थिति में यह परावर्तक पृष्ठ के पीछे स्थित होता है।

वक्रता त्रिज्या–गोलीय दर्पण का परावर्तक पृष्ठ जिस गोले का भाग है उसकी त्रिज्या दर्पण की वक्रता त्रिज्या कहलाती है। इसे अक्षर RR से प्रदर्शित करते हैं।

द्वारक–गोलीय दर्पण का परावर्तक पृष्ठ अधिकांशतः गोलीय ही होता है। इस पृष्ठ की एक वृत्ताकार सीमा रेखा होती है। गोलीय दर्पण के परावर्तक पृष्ठ की इस वृत्ताकार सीमा रेखा का व्यास दर्पण का द्वारक कहलाता है।

विज्ञान कक्षा-X

285

प्रश्न 17. किसी उत्तल लेंस द्वारा सूर्य के प्रकाश को कागज की शीट पर फोकसित करने पर कागज जलने क्यों लगता है?

उत्तर - सूर्य से आने वाली प्रकाश की किरणें समान्तर होती हैं। उत्तल लेंस द्वारा यह किरणें एक तीक्ष्ण चमकदार बिंदु के रूप में कागज पर अभिकेन्द्रित कर दी जाती हैं। वास्तव में, कागज की शीट पर यह चमकदार बिंदु सूर्य का प्रतिबिंब है। एक बिंदु पर सूर्य के प्रकाश का संकेंद्रण ऊष्मा उत्पन्न करता है। इसके कारण कागज जलने लगता है।

प्रश्न 18. गोलीय दर्पणों तथा गोलीय लेंसों के लिए चिह्न परिपाटी में क्या अंतर है?

उत्तर -

क्र.सं.

गोलीय दर्पण चिह्न परिपाटी

गोलीय लेंस चिह्न परिपाटी

1.

इस परिपाटी में दर्पण के ध्रुव ( PP ) को मूल बिन्दु मानते हैं।

इस परिपाटी में लेंस के प्रकाशिक केन्द्र ( OO ) को मूल बिन्दु मानते हैं।

2.

दर्पणों में सभी दूरियाँ उनके ध्रुवों से मापी जाती हैं।

लेंसों में सभी माप उनके प्रकाशिक केन्द्रों से लिए जाते हैं।

3.

मूल बिन्दु के दाईं ओर मापी गई सभी दूरियाँ धनात्मक तथा बाईं ओर मापी गई दूरियाँ ऋणात्मक मानी जाती हैं।

इस परिपाटी के अनुसार उत्तल लेंस की फोकस दूरी धनात्मक जबकि अवतल लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है।

प्रश्न 19. किसी अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब का किरण आरेख खींचिये जबकि वस्तु फोकस FF पर स्थित हो।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23; माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023; प्रश्न बैंक)

उत्तर -

[अवतल दर्पण के सामने फोकस पर रखी वस्तु का किरण आरेख जिसमें प्रतिबिंब अनंत पर बनता है]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 18

प्रश्न 20. अवतल दर्पण के दो उपयोग लिखिये। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

उत्तर - (1) इनका उपयोग सामान्यतः टॉर्च, सर्चलाइट तथा वाहनों के अग्रदीपों ( HeadlightsHeadlights ) में प्रकाश का शक्तिशाली समान्तर किरण पुंज प्राप्त करने के लिये किया जाता है।

(2) दंत विशेषज्ञ इनका उपयोग मरीजों के दाँतों का बड़ा प्रतिबिंब देखने के लिये करते हैं।

(3) सौर भट्टियों में इनका उपयोग सूर्य के प्रकाश को केन्द्रित करने में किया जाता है।

(4) चेहरे का बड़ा प्रतिबिंब देखने के लिये शेविंग दर्पणों के रूप में भी इनका उपयोग करते हैं।

प्रश्न 21. प्रकाश की किरण AMAM गोलीय दर्पण पर पड़ती है, जैसा चित्र में दिखाया गया है। इस चित्र को दोबारा बनायें और परावर्तित किरण दिखायें। आपतन कोण और परावर्तित कोण भी चिन्हित करें।

[गोलीय दर्पण पर आपतित किरण AM का किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 19

उत्तर - किरण AMAM मुख्य अक्ष के समान्तर है, अतः यह किरण परावर्तन के पश्चात् दर्पण के फोकस बिन्दु से गुजरेगी, जैसा चित्र में दिखाया गया है।

286

[अवतल दर्पण द्वारा परावर्तन किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 20

चित्र में-(क) आपतन कोण = ∠AMC∠AMC (ख) परावर्तन कोण = ∠NMC∠NMC

प्रश्न 22. समांतर प्रकाश किरणों द्वारा अवतल दर्पण एवं उत्तल दर्पण के मुख्य फोकस ( FF ) को निर्धारित करने के लिए किरण आरेख बनाइए।

उत्तर -

[(अ) अवतल दर्पण तथा (ब) उत्तल दर्पण के मुख्य फोकस को निर्धारित करने के किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 21

प्रश्न 23. नीचे दी गई सारणी में कुछ माध्यमों के अपवर्तनांक दिये गये हैं-

क्र.सं.

1

2

3

4

5

6

माध्यम

बर्फ

जल

मिट्टी का तेल

शीशा

रूबी

हीरा

अपवर्तनांक

1.311.31

1.331.33

1.441.44

1.661.66

1.711.71

2.422.42

उस माध्यम का नाम बताइये जिसका प्रकाशिक घनत्व अधिकतम है तथा उस माध्यम का नाम बताइये जिसका प्रकाशिक घनत्व न्यूनतम है।

उत्तर - माध्यम का प्रकाशिक घनत्व उसके अपवर्तनांक के अनुक्रमानुपाती होता है। अतः हीरे का प्रकाशिक घनत्व अधिकतम तथा बर्फ का प्रकाशिक घनत्व न्यूनतम है।

प्रश्न 24. माध्यम A,B,CA,B,C तथा DD के अपवर्तनांक नीचे दिये हुये हैं-

माध्यम

अपवर्तनांक

AA

1.331.33

BB

1.441.44

CC

1.521.52

DD

1.651.65

उपरोक्त दिये गये चार माध्यमों में से किस माध्यम में प्रकाश की चाल (i) अधिकतम है, (ii) न्यूनतम है?

उत्तर - माध्यम में प्रकाश की चाल =1माध्यमकाअपवर्तनांक=\frac{1}{\text{माध्यम} \text{का} \text{अपवर्तनांक}}

माध्यम AA का अपवर्तनांक सबसे कम है। इसलिये माध्यम AA में प्रकाश की चाल अधिकतम है तथा माध्यम DD का अपवर्तनांक बाकी माध्यमों से ज्यादा है। इसलिए माध्यम DD में प्रकाश की चाल न्यूनतम होगी।

प्रश्न 25. हीरे का अपवर्तनांक 2.4172.417 है। इस कथन का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

उत्तर - हीरे में प्रकाश का वेग निर्वात में प्रकाश के वेग से कम है अर्थात् निर्वात में प्रकाश का वेग, हीरे की अपेक्षा 2.4172.417 गुना अधिक है।

प्रश्न 26. किसी अवतल दर्पण के सामने, अनन्त से फोकस की तरफ एक वस्तु को ले जाने पर निम्न में से कौनसा ग्राफ uu एवं vv के उचित सम्बन्ध को दर्शायेगा। जहाँ uu वस्तु की दर्पण के ध्रुव से दूरी व vv प्रतिबिम्ब की दूरी है। कारण भी बताइए।

विज्ञान कक्षा-X

287

(अ) (ब) (स) (द)

[Graphs showing variation of object distance u and image distance v for a spherical mirror]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 22

उत्तर-(स)

स्पष्टीकरण-जब अवतल दर्पण के फोकस पर कोई वस्तु स्थित है तो उसका प्रतिबिम्ब अनन्त दूरी पर बनेगा। समान रूप से जब वस्तु अनन्त पर है तो वस्तु का प्रतिबिम्ब फोकस पर बनेगा। इस स्थिति को केवल (स) ग्राफ संतुष्ट कर रहा है।

प्रश्न 27. उस द्रव का अपवर्तनांक ज्ञात कीजिये यदि प्रकाश की किरण का आपतन कोण 45∘45^{∘} तथा द्रव अपवर्तन कोण 30∘30^{∘} है।

उत्तर-प्रश्नानुसार, किरण का आपतन कोण ( ii ) =45∘=45^{∘}

द्रव अपवर्तन कोण ( rr ) =30∘=30^{∘}

सूत्र

n=sinisinrn=\frac{sini}{sinr} से,

n=sin45∘sin30∘=1212=22n=\frac{sin45^{∘}}{sin30^{∘}}=\frac{\frac{1}{\sqrt{2}}}{\frac{1}{2}}=\frac{2}{\sqrt{2}}

n=2=1.414n=\sqrt{2}=1.414

अतः द्रव का अपवर्तनांक =1.414=1.414

प्रश्न 28. वस्तु की निम्न स्थितियों के लिये अवतल लेंस द्वारा बने प्रतिबिम्ब की प्रकृति, स्थिति तथा आपेक्षिक आकार को बताइये-

(i) वस्तु अनन्त पर स्थित हो। (ii) वस्तु अनन्त तथा लेंस के प्रकाशिक केन्द्र OO के बीच स्थित हो।

उत्तर-दी गई स्थितियों के लिये अवतल लेंस द्वारा बने प्रतिबिम्ब की प्रकृति, स्थिति तथा आपेक्षिक आकार निम्न प्रकार है-

वस्तु की स्थिति

प्रतिबिम्ब की स्थिति

प्रतिबिम्ब का आपेक्षिक आकार

प्रतिबिम्ब की प्रकृति

अनन्त पर

फोकस F1F_{1} पर

अत्यधिक छोटा, बिंदु आकार

आभासी तथा सीधा

अनन्त तथा लेंस के प्रकाशिक केन्द्र OO के बीच

फोकस F1F_{1} तथा प्रकाशिक केन्द्र OO के बीच

छोटा

आभासी तथा सीधा

उपर्युक्त सारणी से स्पष्ट है कि अवतल लेंस सदैव एक आभासी, सीधा तथा छोटा प्रतिबिम्ब बनायेगा, चाहे वस्तु की स्थिति कहीं पर भी स्थित हो।

प्रश्न 29. आपको एक 20सेमी.20 \text{सेमी}. फोकस दूरी का उत्तल लेंस दिया हुआ है। आप वस्तु को कहाँ रखेंगे जिससे उसका वास्तविक, उल्टा और बहुत बड़ा प्रतिबिम्ब बने? चित्र खींचिये।

उत्तर-वस्तु का प्रतिबिम्ब वास्तविक, उल्टा और बहुत बड़ा बनता है यदि वस्तु को उत्तल लेंस के फोकस पर रखें।

अतः वस्तु को लेंस के सामने 20सेमी.20 \text{सेमी}. दूरी पर रखा जायेगा।

[Ray diagram of a convex lens showing object at focus forming an image at infinity]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 23

बहुत बड़ा प्रतिबिम्ब अनन्त दूरी पर बनेगा

प्रश्न 30. एक उत्तल लेंस को एक अवतल लेंस के साथ मिलाकर रखा जाता है और इस संयुक्त लेंस की क्षमता धनात्मक है तो बताइये कि संयुक्त लेंस किस लेंस की तरह कार्य करेगा?

उत्तर-चूँकि PP (क्षमता) =P1=P_{1} (उत्तल) +P2+P_{2} (अवतल) तथा उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक एवं अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है। संयुक्त लेंस की क्षमता PP धनात्मक तभी सम्भव है जबकि P1P_{1} (उत्तल लेंस की क्षमता) का धनात्मक मान, P2P_{2} के ऋणात्मक मान से अधिक हो। अतः यह उत्तल लेंस की तरह से कार्य करेगा।

प्रश्न 31. यदि एक उत्तल लेंस को एक अवतल लेंस के साथ मिलाकर रखा जाये तथा इस संयुक्त लेंस की क्षमता ऋणात्मक हो, तब संयुक्त लेंस किस लेंस की तरह कार्य करेगा?

उत्तर-चूँकि संयुक्त लेंस की क्षमता का मान ऋणात्मक है, अतः संयुक्त लेंस की फोकस दूरी का मान ऋणात्मक होगा। इस कारण से संयुक्त लेंस अवतल लेंस की तरह कार्य करेगा।

प्रश्न 32. प्रकाश के अपवर्तन के नियम लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022; मॉडल पेपर, 2021-22)

उत्तर-अपवर्तन के नियम-(i) आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा दोनों माध्यमों को पृथक् करने वाले पृष्ठ के आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब सभी एक ही तल में होते हैं।

(ii) प्रकाश के किसी निश्चित रंग तथा निश्चित माध्यमों के युग्म के लिए आपतन कोण की ज्या ( sinesine ) तथा अपवर्तन कोण की ज्या ( sinesine ) का अनुपात स्थिर होता है।

sinisinr=स्थिरांक,यहाँiवrक्रमशःआपतनकोणवअपवर्तनकोणहैं।\frac{sini}{sinr}=\text{स्थिरांक},\text{यहाँ} i \text{व} r \text{क्रमशः} \text{आपतन} \text{कोण} \text{व} \text{अपवर्तन} \text{कोण} \text{हैं।}

प्रश्न 33. लेंस की क्षमता का सूत्र और मात्रक लिखो। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

अथवा

लेंस क्षमता का S.I. मात्रक लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024-25)

उत्तर-लेंस की क्षमता का सूत्र

P=1f(मीटरमें)P=\frac{1}{f (\text{मीटर} \text{में})}

लेंस की क्षमता का SI मात्रक डाइऑप्टर ( DioptreDioptre ) है।

प्रश्न 34. (i) लेंस के आवर्धन की परिभाषा दीजिए।

(ii) वाहनों के पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में प्रयुक्त गोलीय दर्पण का नाम लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

उत्तर-(i) किसी लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन ( mm ), प्रतिबिम्ब की ऊँचाई ( h′h^{′} ) तथा बिम्ब की ऊँचाई ( hh ) के अनुपात रूप में परिभाषित किया जाता है।

आवर्धन(m)=प्रतिबिम्बकीऊँचाईबिम्बकीऊँचाई=h′h\text{आवर्धन} (m)=\frac{\text{प्रतिबिम्ब} \text{की} \text{ऊँचाई}}{\text{बिम्ब} \text{की} \text{ऊँचाई}}=\frac{h^{′}}{h}

(ii) उत्तल दर्पण

प्रश्न 35. यदि एक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 14cm14 cm है तो इसकी फोकस दूरी ज्ञात कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

हल-गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या और उसकी फोकस दूरी में सम्बन्ध का सूत्र

R=2fR=2f

∴f=12R∴f=\frac{1}{2}R

=12×14cm=\frac{1}{2} \times 14 cm

विज्ञान कक्षा-X

289

f=7cmf=7 cm ।

अतः गोलीय दर्पण की फोकस दूरी =7cm=7 cm होगी।

प्रश्न 36. यदि एक लेंस की क्षमता +2.5D+2.5 D है, तो उसकी फोकस दूरी ज्ञात कीजिए।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2023)

हल - दिया है-लेंस की क्षमता +2.5D+2.5 D है। इसका अर्थ है कि निर्धारित लेंस उत्तल है।

सूत्र -

P=1f(मीटरमें)P=\frac{1}{f (\text{मीटर} \text{में})}

या

f=1P=12.5मीटरf=\frac{1}{P}=\frac{1}{2.5} \text{मीटर}

या

f=12.5×100सेमी.f=\frac{1}{2.5} \times 100 \text{सेमी}.

=100025=40सेमी.=\frac{1000}{25}=40 \text{सेमी}.

अतः उत्तल लेंस की फोकस दूरी 40सेमी40 \text{सेमी} है।

प्रश्न 37. अवतल लेंस द्वारा बने प्रतिबिम्ब की प्रकृति, स्थिति तथा आपेक्षिक साइज लिखिए जबकि बिम्ब की स्थिति अनन्त पर स्थित हो। किरण आरेख भी खींचिए।

उत्तर - प्रतिबिम्ब फोकस F1F_{1} पर बनेगा। प्रतिबिम्ब का आपेक्षिक साइज अत्यधिक छोटा, बिन्दु आकार का होगा और इसकी प्रकृति आभासी तथा सीधी होगी।

किरण आरेख-

[अवतल लेंस द्वारा बने प्रतिबिम्ब की प्रकृति, स्थिति तथा साइज का किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 24

चित्र-अवतल लेंस द्वारा बने प्रतिबिम्ब की प्रकृति, स्थिति तथा साइज

प्रश्न 38. जब प्रकाश की किरणें तिरछी आपतन के साथ प्रवेश करती हैं तो उनका मार्ग दर्शाते हुए एक किरण आरेख बनाइए।

हवा से पानी में। ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24 )

उत्तर - जब आपतित किरण हवा से पानी में प्रवेश करती है। तब उसका मार्ग निम्न प्रकार होता है-

[हवा से पानी में प्रकाश की किरण का अपवर्तन किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 25

290

प्रश्न 39. अपवर्तनांक किसे कहते हैं? इसका सूत्र लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर— प्रकाश का हवा में वेग तथा प्रकाश के किसी माध्यम में वेग के अनुपात को उस माध्यम का अपवर्तनांक कहते हैं।

अपवर्तनांक का सूत्र =n21=माध्यम1मेंप्रकाशकीचालमाध्यम2मेंप्रकाशकीचाल=v1v2=n_{21}=\frac{\text{माध्यम} 1 \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}{\text{माध्यम} 2 \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}=\frac{v_{1}}{v_{2}}

प्रश्न 40. पानी में आधी डूबी हुई पेंसिल का डूबा हुआ हिस्सा तिरछा दिखाई क्यों देता है? कारण स्पष्ट कीजिए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— पानी में आधी डूबी हुई पेंसिल का डूबा हुआ हिस्सा तिरछा दिखाई देता है क्योंकि पेंसिल के पानी में डूबे भाग से हमारे पास पहुँचने वाला प्रकाश, पेंसिल के पानी से बाहर के भाग की तुलना में अपवर्तन के कारण भिन्न दिशा से आता हुआ प्रतीत होता है। इसी कारण पेंसिल मुड़ी हुई प्रतीत होती है।

प्रश्न 41. काँच के बर्तन में रखे नींबू को पार्श्व से देखने पर बड़े क्यों प्रतीत होते हैं? (प्रश्न बैंक)

उत्तर— काँच के बर्तन में रखे नींबू को पार्श्व से देखने पर वे बड़े प्रतीत होते हैं क्योंकि जब प्रकाश की किरणें काँच से हवा अर्थात् सघन माध्यम से विरल माध्यम की ओर चलती है, तो अपवर्तन के कारण वे अभिलम्ब से दूर चली जाती हैं जिससे नींबू बड़े प्रतीत होते हैं।

दीर्घउत्तरीय प्रश्न—

प्रश्न 1. (A) प्रकाश के परावर्तन से क्या तात्पर्य है?

(B) प्रकाश के परावर्तन के नियम चित्र की सहायता से लिखिए।

उत्तर—(A) प्रकाश का परावर्तन— जब कोई प्रकाश की किरण एक माध्यम से चलकर दूसरे माध्यम की सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौट जाती है, तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।

(B) प्रकाश के परावर्तन के नियम निम्न प्रकार से हैं—

(i) आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा दर्पण के आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब एक ही तल में होते हैं।

(ii) आपतन कोण ∠i∠i , परावर्तन कोण ∠r∠r के बराबर होता है।

(iii) परावर्तित किरण की आवृत्ति एवं चाल अपरिवर्तित रहती है।

[समतल दर्पण पर प्रकाश के परावर्तन का किरण आरेख (आपतन कोण, परावर्तन कोण, अभिलम्ब, आपतित और परावर्तित किरणें)]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 26

प्रश्न 2. कोई 4.00सेमी.4.00 \text{सेमी}. आकार का बिम्ब किसी 15.0सेमी.15.0 \text{सेमी}. फोकस दूरी के अवतल दर्पण से 30सेमी.30 \text{सेमी}. की दूरी पर रखा है। दर्पण से कितनी दूरी पर किसी पर्दे को रखा जाए कि स्पष्ट प्रतिबिम्ब प्राप्त हो? प्रतिबिम्ब की प्रकृति तथा आकार ज्ञात कीजिए।

उत्तर—

बिम्ब का आकार h=4सेमी.h=4 \text{सेमी}.

फोकस दूरी f=−15सेमी.f=-15 \text{सेमी}.

दर्पण से बिम्ब की दूरी u=−30सेमी.u=-30 \text{सेमी}.

दर्पण से प्रतिबिम्ब की दूरी v=?v=?

दर्पण का सूत्र—

1v+1u=1f\frac{1}{v}+\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

विज्ञान कक्षा-X

291

या 1v=1f−1u\frac{1}{v}=\frac{1}{f}-\frac{1}{u}

या 1v=1−15−1−30⇒−2+130⇒1−30\frac{1}{v}=\frac{1}{-15}-\frac{1}{-30}⇒\frac{-2+1}{30}⇒\frac{1}{-30} सेमी.

∴∴ v=−30v=-30 सेमी.

अतः पर्दे को दर्पण से 3030 सेमी. दूर रखना चाहिए।

दर्पण में उत्पन्न आवर्धन

m=h′h=−vum=\frac{h^{′}}{h}=-\frac{v}{u}

या h′=−vu×hh^{′}=-\frac{v}{u} \times h

या h′=−−30−30×4h^{′}=-\frac{-30}{-30} \times 4

=−12030⇒−4=-\frac{120}{30}⇒-4 सेमी.

अतः प्रतिबिम्ब की ऊँचाई h′=−4h^{′}=-4 सेमी.

अतः प्रतिबिम्ब वास्तविक, उल्टा तथा आवर्धित बनेगा।

प्रश्न 3. दर्पण व लेंस में अन्तर कीजिए।

उत्तर–दर्पण व लेंस के अन्तर–

क्र.सं.

दर्पण

लेंस

1.

किसी काँच की पट्टिका के किसी एक ओर परावर्तक पदार्थ की पॉलिश करने पर दर्पण बनता है।

यह पूर्ण रूप से पारदर्शी माध्यम होता है जो दो पृष्ठों से घिरा होता है।

2.

यह दो प्रकार के होते हैं– (i) समतल दर्पण (ii) गोलीय दर्पण

यह भी दो प्रकार के होते हैं– (i) उत्तल लेंस (ii) अवतल लेंस

3.

इसमें एक ही गोलीय पृष्ठ पाया जाता है।

इसमें दो गोलीय पृष्ठ पाये जाते हैं।

4.

उपयोग–टॉर्च, सर्चलाइट वाहनों के अग्रदीपों में, शेविंग दर्पणों में, सौर भट्टियों में, वाहनों के पश्च-दृश्य दर्पणों में।

उपयोग–कैमरा, सूक्ष्मदर्शी एवं दूरदर्शी में।

प्रश्न 4. निम्न की परिभाषाएं लिखिए–

(i) समतल दर्पण

(ii) गोलीय दर्पण।

उत्तर–(i) समतल दर्पण– जब समतल काँच की प्लेट के किसी एक पृष्ठ पर परावर्तक पॉलिश कर देते हैं तो उसे समतल दर्पण कहते हैं।

(ii) गोलीय दर्पण– ऐसे दर्पण जिनका परावर्तक पृष्ठ गोलीय होता है, गोलीय दर्पण कहलाते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं– (क) उत्तल दर्पण (ख) अवतल दर्पण।

(क) उत्तल दर्पण– वह गोलीय दर्पण, जिसका परावर्तक पृष्ठ बाहर की ओर वक्रित होता है, उत्तल दर्पण कहलाता है।

(ख) अवतल दर्पण– वह गोलीय दर्पण, जिसका परावर्तक पृष्ठ अंदर की ओर अर्थात् गोले के केन्द्र की ओर वक्रित होता है, अवतल दर्पण कहलाता है।

[Ray diagrams of Plane mirror, Convex mirror, and Concave mirror]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 27

(i) समतल दर्पण (ii) उत्तल दर्पण (iii) अवतल दर्पण

चित्र

प्रश्न 5. किसी अवतल दर्पण द्वारा वस्तु की विभिन्न स्थितियों के लिये बने हुये प्रतिबिम्ब की जानकारी दीजिये।

उत्तर— किसी अवतल दर्पण द्वारा बिम्ब की विभिन्न स्थितियों के लिए बने प्रतिबिम्ब-

क्र.सं.

वस्तु की स्थिति

प्रतिबिम्ब की स्थिति

प्रतिबिम्ब का आकार

प्रतिबिम्ब की प्रकृति

1.

अनंत पर स्थित हो

फोकस FF पर

अत्यधिक छोटा, बिंदु साइज

वास्तविक एवं उल्टा

2.

CC से दूर हो

FF तथा CC के बीच

छोटा

वास्तविक एवं उल्टा

3.

CC पर स्थित हो

CC पर

समान साइज

वास्तविक एवं उल्टा

4.

CC तथा FF के बीच स्थित हो

CC से परे

विवर्धित (बड़ा)

वास्तविक एवं उल्टा

5.

FF पर स्थित हो

अनंत पर

अत्यधिक विवर्धित

वास्तविक एवं उल्टा

6.

PP तथा FF के बीच स्थित हो

दर्पण के पीछे

विवर्धित (बड़ा)

आभासी तथा सीधा

प्रश्न 6. किसी अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब का किरण आरेख खींचिये जबकि वस्तु की स्थिति निम्न पर स्थित हो-

(i) अनंत पर (ii) वक्रता केन्द्र से दूर।

उत्तर—(i)

[अवतल दर्पण द्वारा वस्तु अनंत पर होने पर किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 28

वस्तु अनंत पर स्थित है

[अवतल दर्पण द्वारा वस्तु वक्रता केन्द्र से दूर होने पर किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 29

(ii) वस्तु वक्रता केन्द्र से दूर स्थित है

प्रश्न 7. दर्पण सूत्र तथा आवर्धन (अथवा रैखिक आवर्धन) से आप क्या समझते हैं?

उत्तर—दर्पण सूत्र— गोलीय दर्पण में ध्रुव से वस्तु की दूरी, बिम्ब दूरी ( uu ) कहलाती है। दर्पण के ध्रुव से प्रतिबिम्ब की दूरी, प्रतिबिम्ब दूरी ( vv ) कहलाती है तथा ध्रुव से मुख्य फोकस की दूरी, फोकस दूरी ( ff ) कहलाती है। इन तीनों राशियों के बीच एक सम्बन्ध होता है जिसे दर्पण सूत्र कहते हैं। इस सूत्र को निम्न प्रकार से व्यक्त करते हैं-

1v+1u=1f\frac{1}{v}+\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

आवर्धन (अथवा रैखिक आवर्धन)— गोलीय दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन वह आपेक्षिक विस्तार है, जिससे ज्ञात होता है कि कोई प्रतिबिम्ब बिम्ब की अपेक्षा कितना गुना आवर्धित है। इसे प्रतिबिम्ब की ऊँचाई तथा बिम्ब की ऊँचाई के अनुपात के रूप में व्यक्त किया जाता है।

यदि hh बिम्ब की ऊँचाई एवं h′h^{′} प्रतिबिम्ब की ऊँचाई हो तो गोलीय दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन ( mm ) होगा—

विज्ञान कक्षा-X

293

आवर्धन m=प्रतिबिंबकीऊँचाई(h′)वस्तुकीऊँचाई(h)m=\frac{\text{प्रतिबिंब} \text{की} \text{ऊँचाई} (h^{′})}{\text{वस्तु} \text{की} \text{ऊँचाई} (h)}

m=h′hm=\frac{h^{′}}{h}

आवर्धन mm वस्तु की दूरी ( uu ) तथा प्रतिबिम्ब दूरी ( vv ) से भी संबंधित है। इसे निम्न प्रकार व्यक्त किया जाता है -

आवर्धन m=h′h=−vum=\frac{h^{′}}{h}=-\frac{v}{u}

रैखिक आवर्धन की कोई इकाई नहीं होती है। आवर्धन के मान में धनात्मक चिन्ह आभासी प्रतिबिम्ब को एवं ऋणात्मक चिन्ह वास्तविक प्रतिबिम्ब को बताता है।

प्रश्न 8. चश्मा बनाने वालों के लिए, लेंसों की फोकस दूरी के स्थान पर क्षमताओं का उपयोग करना अधिक सुविधाजनक क्यों है? समझाएिए।

उत्तर : अनेक प्रकाशिक यंत्रों में कई लेंस लगे होते हैं। उन्हें प्रतिबिंब को अधिक आवर्धित तथा सुस्पष्ट बनाने के लिए संयोजित किया जाता है (जैसे नेत्र का लेंस तथा चश्मे का लेंस)। इस प्रकार संपर्क में रखे लेंसों की कुल क्षमता ( PP ) उन लेंसों की पृथक्-पृथक् क्षमताओं ( P1,P2,P3+………P_{1},P_{2},P_{3}+……… आदि) का बीजगणितीय योग होती है। जैसे −P=P1+P2+P3+………-P=P_{1}+P_{2}+P_{3}+………

आँखें टैस्ट करते समय चश्मा बनाने वाला ज्ञात क्षमता वाले संशोधी लेंसों के अनेक अलग-अलग संयोजनों को संपर्क में रखकर चश्मों को टेस्ट करने वाले फ्रेम के अंदर रखता है। चश्मा बनाने वाला आवश्यक लेंस की क्षमता की गणना सरल बीजगणितीय योग के द्वारा कर लेता है। उदाहरण के लिए +1.5D+1.5D तथा +0.5D+0.5D क्षमता वाले दो लेंसों का संयोजन +2.0D+2.0D क्षमता के एकल लेंस के तुल्य है। इसलिए चश्मा बनाने वालों के लिए, लेंसों की फोकस दूरी के स्थान पर क्षमताओं का उपयोग करना सुविधाजनक होता है।

प्रश्न 9. लेंस किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर : लेंस-दो पृष्ठों से घिरा हुआ कोई पारदर्शी माध्यम, जिसका एक या दोनों पृष्ठ गोलीय है, लेंस कहलाता है। इसका अर्थ यह है कि लेंस का कम-से-कम एक पृष्ठ गोलीय होता है, ऐसे लेंसों में दूसरा पृष्ठ समतल हो सकता है।

लेंसों के प्रकार-लेंस निम्न दो प्रकार के होते हैं -

(1) उत्तल लेंस अथवा अभिसारी लेंस-वह लेंस जिसके दोनों तल गोलीय तल हों अथवा एक तल समतल तथा दूसरा तल गोलीय हो तथा जो किनारों पर पतला तथा मध्य से मोटा हो, उसे उत्तल लेंस कहते हैं। उत्तल लेंस आवर्धन लेंस के रूप में कार्य करता है।

(2) अवतल लेंस अथवा अपसारी लेंस-वह लेंस जिसके दो पृष्ठ गोलीय हों अथवा एक पृष्ठ गोलीय तथा दूसरा पृष्ठ समतल हो तथा जो किनारे से मोटा तथा मध्य में पतला हो उसे अवतल लेंस कहते हैं।

नीचे दिये गये चित्रों में उत्तल लेंस प्रकाश किरणों को अभिसरित और अवतल लेंस प्रकाश किरणों को अपसरित करता है।

[उत्तल और अवतल लेंस द्वारा प्रकाश किरणों का अभिसरण और अपसरण दर्शाते हुए किरण आरेख (a) उत्तल लेंस (b) अवतल लेंस]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 30

प्रश्न 10. लेंस से संबंधित निम्न को परिभाषित कीजिये-

(i) लेंस का वक्रता केन्द्र (ii) वक्रता त्रिज्या (iii) मुख्य अक्ष (iv) मुख्य फोकस (v) फोकस दूरी।

उत्तर-(i) लेंस का वक्रता केन्द्र- किसी लेंस में चाहे वह उत्तल हो अथवा अवतल, दो गोलीय पृष्ठ होते हैं। इनमें से प्रत्येक पृष्ठ एक गोले का भाग होता है। इन गोलों के केन्द्र लेंस के वक्रता केन्द्र कहलाते हैं। इसे प्रायः ‘C’ से दर्शाते हैं। चूँकि लेंस के दो वक्रता केन्द्र होते हैं, इसलिए इन्हें C1C_{1} व C2C_{2} द्वारा निरूपित किया जाता है।

(ii) वक्रता त्रिज्या- लेंस के वक्र पृष्ठों की त्रिज्याओं को लेंस की वक्रता त्रिज्या कहते हैं। जिस पृष्ठ से प्रकाश लेंस के भीतर प्रवेश करता है उसे प्रथम पृष्ठ एवं जिस पृष्ठ से वह लेंस के बाहर निकलता है, उसे द्वितीय पृष्ठ कहते हैं।

(iii) मुख्य अक्ष- किसी लेंस के दोनों वक्रता केन्द्रों C1C_{1} एवं C2C_{2} को मिलाने वाली काल्पनिक सीधी रेखा को लेंस की मुख्य अक्ष कहते हैं।

(iv) मुख्य फोकस- मुख्य अक्ष के समान्तर प्रकाश की किरणें लेंस पर आपतित होती हैं तो अपवर्तन के पश्चात् जिस बिन्दु पर जाकर मिलती हैं या मिलती हुई प्रतीत होती हैं, उसे मुख्य फोकस कहते हैं। मुख्य फोकस F लेंस के दोनों ओर मुख्य अक्ष पर होता है।

(v) फोकस दूरी- प्रकाश केन्द्र व मुख्य फोकस बिन्दु के मध्य की दूरी को फोकस दूरी कहते हैं। इसे ff से व्यक्त करते हैं।

प्रश्न 11. एक सूक्ष्मदर्शी में +0.5D+0.5 D , +1.0D+1.0 D , +2.0D+2.0 D तथा +2.5D+2.5 D क्षमता के चार लेंसों का संयोजन किया गया है। सूक्ष्मदर्शी की संयुक्त क्षमता ज्ञात कीजिए।

उत्तर- किसी प्रकाशिक यंत्र में संपर्क में रखे लेंसों की कुल क्षमता (P) उन लेंसों की पृथक्-पृथक् क्षमताओं ( P1,P2,……P_{1},P_{2},…… ) का बीजगणितीय योग होती है-

P=P1+P2+P3+………P=P_{1}+P_{2}+P_{3}+………

अतः यहाँ दिया हुआ है-

P1=+0.5DP_{1}=+0.5 D

P2=+1.0DP_{2}=+1.0 D

P3=+2.0DP_{3}=+2.0 D

P4=+2.5DP_{4}=+2.5 D

अतः सूक्ष्मदर्शी की संयुक्त क्षमता सूत्र से-

P=(+0.5)+(+1.0)+(+2.0)+(+2.5)P=(+0.5)+(+1.0)+(+2.0)+(+2.5)

P=+6DP=+6D

प्रश्न 12. गोलीय लेंस में कार्तीय चिन्ह परिपाटी क्या है?

उत्तर-गोलीय लेंस में चिन्ह परिपाटी- जब हम लेंसों की सहायता से प्रतिबिम्ब की रचना का अध्ययन करते हैं, तब हम कुछ कार्तीय चिन्ह परिपाटी का प्रयोग करते हैं, जो कि निम्न हैं-

(1) समस्त दूरियाँ लेंस के प्रकाशिक केन्द्र से मापी जाती हैं।

(2) आपतित किरण की दिशा में मापी गयी दूरियाँ धनात्मक मानी जाती हैं तथा जो दूरियाँ आपतित किरण की विपरीत दिशा में मापी जाती हैं, वे दूरियाँ ऋणात्मक दूरियाँ मानी जाती हैं।

(3) मुख्य अक्ष से ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर मापी जाने वाली दूरी धनात्मक मानी जाती है, जबकि मुख्य अक्ष के ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर मापी गई दूरियाँ ऋणात्मक मानी जाती हैं।

यह चिन्ह परिपाटी नीचे दिये गये चित्र से स्पष्ट है-

[गोलीय लेंस में कार्तीय चिन्ह परिपाटी को दर्शाता हुआ किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 31

विज्ञान कक्षा-X

295

प्रश्न 13. दो लेंसों की संयुक्त क्षमता एवं फोकस दूरी को समझाइये।

उत्तर- माना दो लेंसों की फोकस दूरी क्रमशः f1f_{1} तथा f2f_{2} है। जब इन लेंसों को आपस में जोड़ कर रखा जाता है तब यह संयोजन एक लेंस के रूप में कार्य करने लगता है जिसकी फोकस दूरी FF है। इस फोकस दूरी (F)(F) को तुल्य फोकस दूरी कहते हैं, जो निम्नलिखित है-

1F=1f1+1f2\frac{1}{F}=\frac{1}{f_{1}}+\frac{1}{f_{2}}

चूँकि 1f=P\frac{1}{f}=P जबकि PP लेंस की क्षमता है। अतः दो लेंसों की संयोजन क्षमता निम्नवत् है-

P=P1+P2P=P_{1}+P_{2}

जबकि P=1F,P1=1f1P=\frac{1}{F},P_{1}=\frac{1}{f_{1}} तथा P2=1f2P_{2}=\frac{1}{f_{2}}

यदि P1,P2,P3,P4……P_{1},P_{2},P_{3},P_{4}…… क्षमताओं के लेंसों को एक-दूसरे से मिलाकर रख दिया जाये तब संयुक्त लेंस की क्षमता निम्नवत् होगी-

P=P1+P2+P3+P4+……P=P_{1}+P_{2}+P_{3}+P_{4}+……

यहाँ कुल क्षमता, (P),P1P2P3……(P),P_{1}P_{2}P_{3}…… का बीजगणितीय योग होती है।

प्रश्न 14. (a) उत्तल लेंस द्वारा बनने वाले प्रतिबिम्ब का किरण चित्र बनाओ जबकि बिम्ब की स्थिति 'अनन्त' पर हो।

(b) दर्पण व लेंस में दो अन्तर लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2022-23)

उत्तर-(a) उत्तल लेंस द्वारा बनने वाले प्रतिबिम्ब का किरण चित्र जबकि बिम्ब की स्थिति अनन्त पर हो-

[उत्तल लेंस द्वारा अनन्त पर स्थित बिम्ब का किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 32

(b) दर्पण व लेंस में अन्तर-

क्र.सं.

दर्पण

लेंस

1.

किसी काँच की पट्टिका के किसी एक ओर परावर्तक पदार्थ की पॉलिश करने पर दर्पण बनता है।

यह पूर्ण रूप से पारदर्शी माध्यम होता है जो दो पृष्ठों से घिरा होता है।

2.

इसमें एक ही गोलीय पृष्ठ पाया जाता है।

इसमें दो गोलीय पृष्ठ पाये जाते हैं।

प्रश्न 15. उत्तल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्बों की स्थिति क्या होती है? ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2023-24 )

उत्तर— उत्तल दर्पण में बने प्रतिबिम्ब की स्थिति-

क्र.सं.

वस्तु की स्थिति

प्रतिबिम्ब की स्थिति

1

अनन्त पर

फोकस FF पर दर्पण के पीछे

2

अनन्त तथा दर्पण के ध्रुव PP के बीच

PP तथा FF के बीच दर्पण के पीछे

प्रश्न 16. 15cm15 cm फोकस दूरी के अवतल दर्पण से 25cm25 cm दूरी पर एक वस्तु रखी गई है। दर्पण से कितनी दूरी पर किसी पर्दे को रखा जाए कि पर्दे पर स्पष्ट प्रतिबिंब प्राप्त हो। ( माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25 )

उत्तर—अवतल दर्पण के लिए दिया गया है—

фокус दूरी, f=−15cmf=-15 cm

बिंब दूरी, u=−25cmu=-25 cm

प्रतिबिम्ब दूरी, v=?v=?

दर्पण सूत्र से—

1v+1u=1f\frac{1}{v}+\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

या

1v=1f−1u\frac{1}{v}=\frac{1}{f}-\frac{1}{u}

=1−15−125=\frac{1}{-15}-\frac{1}{25}

=−115+125=-\frac{1}{15}+\frac{1}{25}

=−5+375=\frac{-5+3}{75}

1v=−275\frac{1}{v}=\frac{-2}{75}

v=−752=−37.5cmv=-\frac{75}{2}=-37.5 cm

अतः पर्दे को दर्पण से −37.5cm-37.5 cm की दूरी पर रखने से स्पष्ट प्रतिबिम्ब प्राप्त होगा।

प्रश्न 17. एक अवतल दर्पण की फोकस दूरी 30सेमी.30 \text{सेमी}. है। यदि 20सेमी.20 \text{सेमी}. दूरी पर बिम्ब रखा गया है तो प्रतिबिम्बि की स्थिति ज्ञात करो। (प्रश्न बैंक)

उत्तर— वस्तु की दर्पण से दूरी u=−20सेमी.u=-20 \text{सेमी}.

दर्पण की फोकस दूरी f=−30सेमी.f=-30 \text{सेमी}. ( ∵∵ दर्पण अवतल है)

प्रतिबिम्ब की दूरी v=?v=?

दर्पण सूत्र से—

1v+1u=1f\frac{1}{v}+\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

या

1v=1f−1u\frac{1}{v}=\frac{1}{f}-\frac{1}{u}

मान रखने पर—

1v=1−30−1−20\frac{1}{v}=\frac{1}{-30}-\frac{1}{-20}

=−130+120⇒−2+360⇒160=-\frac{1}{30}+\frac{1}{20}⇒\frac{-2+3}{60}⇒\frac{1}{60}

∴∴ v=60सेमी.v=60 \text{सेमी}.

∵∵ vv धनात्मक है, अतः प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे बनेगा।

प्रश्न 18. किसी बिम्ब को 16सेमी16 \text{सेमी} फोकस दूरी के अवतल दर्पण से 24सेमी24 \text{सेमी} की दूरी पर रखा है। दर्पण से कितनी दूरी पर पर्दे को रखा जाए कि स्पष्ट प्रतिबिम्ब प्राप्त हो? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर— वस्तु की दर्पण से दूरी u=−24सेमी.u=-24 \text{सेमी}.

दर्पण की फोकस दूरी f=−16सेमी.f=-16 \text{सेमी}. ( ∵∵ दर्पण अवतल है)

विज्ञान कक्षा-X

297

प्रतिबिम्ब की दूरी

v=?v=?

दर्पण सूत्र से—

1v+1u=1f\frac{1}{v}+\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

या

1v=1f−1u\frac{1}{v}=\frac{1}{f}-\frac{1}{u}

मान रखने पर—

1v=1−16−1−24\frac{1}{v}=\frac{1}{-16}-\frac{1}{-24}

=−116+124⇒−3+248⇒−148=-\frac{1}{16}+\frac{1}{24}⇒\frac{-3+2}{48}⇒-\frac{1}{48}

v=−48सेमी.v=-48 \text{सेमी}.

अतः पर्दे को दर्पण के सामने 48सेमी.48 \text{सेमी}. दूरी पर रखना चाहिए।

निबन्धात्मक प्रश्न-

प्रश्न 1. विभिन्न किरणों के आधार पर गोलीय दर्पणों द्वारा बने प्रतिबिम्बों के स्थान का निर्धारण किरण आरेख बनाकर कीजिए।

उत्तर— गोलीय दर्पणों द्वारा किसी बिंब के बने प्रतिबिम्ब के स्थान निर्धारण के लिए बिंब के किसी बिंदु से निकलने वाली किरणों की विशाल संख्या में से सुविधाजनक कुछ को चुना जा सकता है। तथापि किरण आरेख की स्पष्टता के लिए दो किरणों पर विचार करना अधिक सुविधाजनक है। प्रतिबिम्ब के स्थान निर्धारण के लिए निम्न में से किन्हीं भी दो किरणों पर विचार किया जा सकता है-

(i) दर्पण के मुख्य अक्ष के समांतर प्रकाश किरण, परावर्तन के पश्चात् अवतल दर्पण के मुख्य फोकस से गुजरेगी अथवा उत्तल दर्पण के मुख्य फोकस से अपसरित होती प्रतीत होगी।

[अवतल एवं उत्तल दर्पणों में मुख्य अक्ष के समांतर आने वाली प्रकाश किरणों का परावर्तन किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 33

(ii) अवतल दर्पण के मुख्य फोकस से गुजरने वाली किरण अथवा उत्तल दर्पण के मुख्य फोकस की ओर निर्देशित किरण परावर्तन के पश्चात् मुख्य अक्ष के समांतर निकलेगी।

[अवतल एवं उत्तल दर्पणों में फोकस से गुजरने वाली किरणों का परावर्तन किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 34

(iii) अवतल दर्पण के वक्रता केन्द्र से गुजरने वाली किरण अथवा उत्तल दर्पण के वक्रता केन्द्र की ओर निर्देशित किरण, परावर्तन के पश्चात् उसी पथ के अनुदिश वापस परावर्तित हो जाती है।

[अवतल एवं उत्तल दर्पण में तिरछी दिशा में आपतित किरण का परावर्तन ray diagrams]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 35

प्रश्न 2. (अ) किसी गोलीय दर्पण के लिए आवर्धन का सूत्र लिखिए।

( ब ) उस दर्पण का नाम लिखिए, जो बिम्ब का सीधा तथा आवर्धित प्रतिबिम्ब बना सके।

( स ) उत्तल दर्पण के मुख्य फोकस की परिभाषा लिखिए।

उत्तर—(अ) गोलीय दर्पण का आवर्धन सूत्र-यदि hh बिम्ब की ऊँचाई हो तथा h′h^{′} प्रतिबिम्ब की ऊँचाई हो तो गोलीय दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन ( mm ) प्राप्त होगा।

m=प्रतिबिम्बकीऊँचाई(h′)बिम्बकीऊँचाई(h)m=\frac{\text{प्रतिबिम्ब} \text{की} \text{ऊँचाई} (h^{′})}{\text{बिम्ब} \text{की} \text{ऊँचाई} (h)}

m=h′hm=\frac{h^{′}}{h}

आवर्धन mm बिम्ब की दूरी ( uu ) तथा प्रतिबिम्ब की दूरी ( vv ) से भी सम्बन्धित है। इसे निम्न प्रकार व्यक्त करते हैं-

आवर्धनm=h′h=−vu\text{आवर्धन} m=\frac{h^{′}}{h}=-\frac{v}{u}

( ब ) अवतल दर्पण बिम्ब का सीधा तथा आवर्धित प्रतिबिम्ब बना सकता है।

( स ) उत्तल लेंस पर मुख्य अक्ष के समान्तर प्रकाश की बहुत सी किरणें आपतित होती हैं तो ये किरणें लेंस से अपवर्तन के पश्चात् मुख्य अक्ष पर एक बिन्दु पर अभिसारित हो जाती हैं। मुख्य अक्ष पर यह बिन्दु उत्तल लेंस का मुख्य फोकस कहलाता है।

प्रश्न 3. किसी उत्तल दर्पण द्वारा वस्तु की निम्न स्थितियों के लिये बने हुए प्रतिबिम्बों की जानकारी दीजिये और प्रतिबिम्बों के किरण आरेखों को बनाइये-

(i) जब वस्तु अनन्त पर स्थित हो। (ii) जब वस्तु अनन्त तथा दर्पण के ध्रुव PP के बीच में स्थित हो।

उत्तर—नीचे दी गयी सारणी में उत्तल दर्पण द्वारा बने हुए प्रतिबिम्ब की प्रकृति, स्थिति तथा उसका आपेक्षिक आकार के बारे में समझाया गया है।

वस्तु की स्थिति

प्रतिबिम्ब की स्थिति

प्रतिबिम्ब का आपेक्षिक आकार

प्रतिबिम्ब की प्रकृति

अनन्त पर

फोकस FF पर दर्पण के पीछे

अत्यधिक छोटा, बिंदु के आकार का

आभासी तथा सीधा

अनन्त तथा दर्पण के ध्रुव PP के बीच

PP तथा FF के बीच दर्पण के पीछे

छोटा

आभासी तथा सीधा

विज्ञान कक्षा-X

299

किरण आरेख-

(i) जब वस्तु की स्थिति अनन्त पर हो

(ii) जब वस्तु की स्थिति अनन्त तथा दर्पण के ध्रुव P के बीच में हो

प्रश्न 4. गोलीय दर्पणों के लिये नयी कार्तीय चिन्ह परिपाटी से आप क्या समझते हैं? चित्र बनाकर इसको विस्तार से समझाइये।

उत्तर—गोलीय दर्पणों के द्वारा प्रकाश के परावर्तन के समय हम एक निश्चित चिन्ह परिपाटी का पालन करते हैं, जिसे नयी कार्तीय चिन्ह परिपाटी कहते हैं। इसमें दर्पण के ध्रुव PP को मूलबिन्दु लेते हैं। दर्पण के मुख्य अक्ष को निर्देशांक पद्धति का XX -अक्ष ( XX′XX^{′} ) लिया जाता है। परिपाटी निम्न प्रकार है—

(i) वस्तु को दर्पण के बायीं ओर रखा जाता है। इसका अर्थ है कि दर्पण पर वस्तु से प्रकाश बायीं ओर से आपसित होता है।

(ii) मुख्य अक्ष के समान्तर सभी दूरियाँ दर्पण के ध्रुव से मापी जाती हैं।

(iii) मूलबिन्दु के दायीं ओर ( +X+X -अक्ष के अनुदिश) की दूरियाँ धनात्मक और बायीं ओर ( −X-X -अक्ष के अनुदिश) की दूरियाँ ऋणात्मक लेते हैं।

(iv) मुख्य अक्ष के लम्बवत् तथा ऊपर की ओर ( +Y+Y -अक्ष के अनुदिश) मापी जाने वाली दूरियाँ धनात्मक मानी जाती हैं।

(v) मुख्य अक्ष के लम्बवत् तथा नीचे की ओर ( −Y-Y -अक्ष के अनुदिश) मापी जाने वाली दूरियाँ ऋणात्मक मानी जाती हैं।

नयी कार्तीय चिन्ह परिपाटी को चित्र में दर्शाया गया है।

प्रश्न 5. प्रकाश का अपवर्तन क्या है? अपवर्तन का कारण क्या है? किरण चित्र की सहायता से अपवर्तन के नियम समझाइये।

अथवा

अपवर्तन से आप क्या समझते हैं? काँच की प्लेट से अपवर्तन दर्शाते हुए चित्र बनाइए। (प्रश्न बैंक)

उत्तर—अपवर्तन—जब प्रकाश किरण एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है तो दोनों माध्यमों को पृथक् करने वाले धरातल पर वह अपने मार्ग से विचलित हो जाती है। प्रकाश की इस क्रिया को अपवर्तन कहते हैं। अपवर्तन प्रकाश के एक माध्यम से दूसरे में प्रवेश करने पर प्रकाश की चाल में परिवर्तन के कारण होता है।

अपवर्तन का कारण—दोनों माध्यमों में प्रकाश का वेग अलग-अलग होने के कारण ही प्रकाश का अपवर्तन होता है।

अपवर्तन के नियम—(1) प्रथम नियम—आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा दोनों माध्यमों को पृथक् करने वाले पृष्ठ के आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब तीनों एक ही तल में होते हैं।

(2) द्वितीय नियम (स्नेल का अपवर्तन नियम) - प्रकाश के किसी निश्चित रंग तथा निश्चित माध्यमों के युग्म के लिए आपतन कोण की ज्या ( sinisini ) एवं अपवर्तन कोण की ज्या ( sinrsinr ) का अनुपात निश्चित रहता है। अतः:

μ=sinisinrμ=\frac{sini}{sinr}

μμ एक स्थिरांक है। इस स्थिरांक के मान को दूसरे माध्यम का पहले माध्यम के सापेक्ष अपवर्तनांक (refractive index) कहते हैं।

अपवर्तन के नियमों का सत्यापन–

[काँच की आयताकार सिल्ली से प्रकाश का अपवर्तन]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 36

अपवर्तन के प्रथम नियम की पुष्टि के लिये चित्रानुसार काँच की एक आयताकार सिल्ली ABCDABCD लेते हैं। सिल्ली को सफेद कागज पर रखते हैं।

PQPQ प्रकाश की एक किरण है जो सिल्ली के एक फलक ABAB पर (कागज के तल को स्पर्श करती हुई) आपतित है। जब बिन्दु QQ पर यह काँच में प्रवेश करती है तब अपनी मूल दिशा से विचलित होकर QRQR दिशा में अपवर्तित हो जाती है, तदुपरान्त RSRS दिशा में सिल्ली से बाहर निकल जाती है। QRQR और RSRS को क्रमशः अपवर्तित एवं निर्गत किरण कहते हैं। हम देखते हैं कि आपतित किरण PQPQ , अपवर्तित किरण QRQR तथा अभिलम्ब QNQN तीनों विभिन्न तल में न होकर कागज के एक तल में ही हैं। अर्थात् आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा अभिलम्ब तीनों एक ही तल में होते हैं। यही अपवर्तन का पहला नियम है।

QQ को RR से मिलाने पर अपवर्तित किरण QRQR प्राप्त होती है। अब सिल्ली की सतह पर QQ बिन्दु से अभिलम्ब खींचकर आपतन कोण ii और अपवर्तन कोण rr का मान ज्ञात करते हैं। सिल्ली पर प्रकाश की किरण अलग-अलग कोण पर आपतित करते हुए ii और rr के विभिन्न मान ज्ञात करते हैं। गणना करने पर हम देखते हैं कि sinisinr\frac{sini}{sinr} का मान सदैव निश्चित रहता है। इसे स्थिरांक μμ लिखते हैं। यही अपवर्तन का दूसरा नियम है। अतः 1μ21μ_{2} या μ12sinisinr=एकनियतांकμ_{12}\frac{sini}{sinr}=\text{एक} \text{नियतांक} ।

प्रश्न 6. प्रकाश के सघन माध्यम से विरल माध्यम में अपवर्तन का किरण आरेख बनाइए।

उत्तर–

[प्रकाश किरण का सघन से विरल माध्यम में अपवर्तन]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 37

चित्र-प्रकाश किरण का सघन से विरल माध्यम में अपवर्तन

विज्ञान कक्षा-X

301

प्रश्न 7. माध्यम के अपवर्तनांक को परिभाषित कीजिये। इसको प्रभावित करने वाले तीन कारक लिखिये।

उत्तर— जब प्रकाश की किरण तिरछी गमन करती हुई एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे में प्रवेश करती है तो यह दूसरे माध्यम में अपनी दिशा परिवर्तित कर लेती है। किन्हीं दिये हुए माध्यमों के युग्म के लिये होने वाले दिशा परिवर्तन के विस्तार को अपवर्तनांक के रूप में व्यक्त किया जाता है।

चित्रानुसार प्रकाश की एक किरण माध्यम 1 से माध्यम 2 में प्रवेश कर रही है। माना प्रकाश की चाल माध्यम 1 में v1v_{1} तथा माध्यम 2 में v2v_{2} है। माध्यम 2 का माध्यम 1 के सापेक्ष अपवर्तनांक, माध्यम 1 में प्रकाश की चाल तथा माध्यम 2 में प्रकाश की चाल के अनुपात द्वारा व्यक्त करते हैं। इसे प्रायः संकेत n21n_{21} से निरूपित करते हैं। अतः:

n21=माध्यम1मेंप्रकाशकीचालमाध्यम2मेंप्रकाशकीचाल=v1v2n_{21}=\frac{\text{माध्यम} 1 \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}{\text{माध्यम} 2 \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}=\frac{v_{1}}{v_{2}}

[प्रकाश का अपवर्तनांक दर्शाने वाला किरण आरेख (माध्यम 1 वायु से माध्यम 2 काँच में)]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 38

इसी तर्क से, माध्यम 1 का माध्यम 2 के सापेक्ष अपवर्तनांक n12n_{12} से निरूपित करते हैं। इसे निम्न प्रकार व्यक्त किया जाता है-

n12=माध्यम1मेंप्रकाशकीचालमाध्यम2मेंप्रकाशकीचाल=v1v2n_{12}=\frac{\text{माध्यम} 1 \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}{\text{माध्यम} 2 \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}=\frac{v_{1}}{v_{2}}

यदि माध्यम 1 निर्वात या वायु है, तब माध्यम 2 का अपवर्तनांक निर्वात के सापेक्ष माना जाता है। यह माध्यम का निरपेक्ष अपवर्तनांक कहलाता है। यह केवल n2n_{2} से निरूपित किया जाता है। यदि वायु में प्रकाश की चाल cc तथा माध्यम में प्रकाश की चाल vv है तब माध्यम का अपवर्तनांक nmn_{m} होगा-

nm=वायुमेंप्रकाशकीचालमाध्यममेंप्रकाशकीचाल=cvn_{m}=\frac{\text{वायु} \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}{\text{माध्यम} \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}=\frac{c}{v}

माध्यम का निरपेक्ष अपवर्तनांक केवल अपवर्तनांक कहलाता है। अपवर्तनांक को प्रभावित करने वाले कारक निम्न हैं-

(i) माध्यम की प्रकृति, (ii) घनत्व तथा (iii) प्रकाश का रंग।

प्रश्न 8. विभिन्न किरणों के आधार पर लेंसों द्वारा बने प्रतिबिंबों के स्थान का निर्धारण किरण आरेख बनाकर कीजिए।

उत्तर— लेंसों में किरण आरेख बनाने के लिए निम्न में से किन्हीं दो किरणों पर विचार कर सकते हैं-

(i) बिंब से मुख्य अक्ष के समांतर आने वाली कोई प्रकाश किरण उत्तल लेंस से अपवर्तन के पश्चात् लेंस के दूसरी ओर मुख्य फोकस से गुजरेगी जबकि अवतल लेंस की स्थिति में लेंस के उसी ओर स्थित मुख्य फोकस से अपसरित होती प्रतीत होती है।

[उत्तल और अवतल लेंसों के लिए अपवर्तन के किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 39

(अ) (उत्तल लेंस)
(ब) (अवतल लेंस)

(ii) मुख्य फोकस से गुजरने वाली प्रकाश किरण, उत्तल लेंस से अपवर्तन के पश्चात् मुख्य अक्ष के समांतर निर्गत होगी। अवतल लेंस के मुख्य फोकस पर मिलती प्रतीत होने वाली प्रकाश किरण, अपवर्तन के पश्चात् मुख्य अक्ष के समांतर निर्गत होगी।

302

[लेंसों में प्रकाश किरणों का अपवर्तन - (a) उत्तल लेंस, (b) अवतल लेंस]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 40

(a) (उत्तल लेंस)
(b) (अवतल लेंस)

(iii) लेंस के प्रकाशिक केन्द्र से गुजरने वाली प्रकाश किरण अपवर्तन के पश्चात् बिना किसी विचलन के निर्गत होती है।

[प्रकाशिक केन्द्र से गुजरने वाली किरण का अपवर्तन]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 41

(a) (उत्तल लेंस)
(b) (अवतल लेंस)

प्रश्न 9. विभिन्न स्थितियों में रखी वस्तु का उत्तल लेंस से प्रतिबिम्ब का बनना आरेखित कीजिये-

(i) अनन्त पर

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

(ii) 2F12F_{1} से परे (iii) 2F12F_{1} पर (iv) F1F_{1} तथा 2F12F_{1} के बीच

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025; 2023; माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

(v) फोकस F1F_{1} पर (vi) फोकस F1F_{1} तथा प्रकाशिक केन्द्र OO के बीच।

अथवा

एक उत्तल लेंस के लिए बिम्ब की निम्न स्थितियों में प्रतिबिम्ब की स्थिति, प्रकृति, आकार बताते हुए किरण आरेख चित्र बनाइए।

(प्रश्न बैंक)

(1) 2F12F_{1} से परे (2) 2F12F_{1} पर (3) F1F_{1} व 2F12F_{1} के बीच (4) फोकस F1F_{1} व प्रकाशिक केन्द्र के बीच।

उत्तर-वस्तु की विभिन्न स्थितियों के लिये उत्तल लेंस द्वारा बने प्रतिबिम्ब की प्रकृति, स्थिति तथा आपेक्षिक आकार के बारे में नीचे दी गयी सारणी में बताया गया है-

वस्तु की स्थिति

प्रतिबिम्ब की स्थिति

प्रतिबिम्ब का आपेक्षिक आकार

प्रतिबिम्ब की प्रकृति

(1) अनंत पर

फोकस F2F_{2} पर

अत्यधिक छोटा, बिंदु आकार

वास्तविक तथा उल्टा

(2) 2F12F_{1} से परे

F2F_{2} तथा 2F22F_{2} के बीच

छोटा

वास्तविक तथा उल्टा

(3) 2F12F_{1} पर

2F22F_{2} पर

बड़ा (विवर्धित)

वास्तविक तथा उल्टा

(4) F1F_{1} तथा 2F12F_{1} के बीच

2F12F_{1} से परे

बड़ा (विवर्धित)

वास्तविक तथा उल्टा

(5) फोकस F1F_{1} पर

अनंत पर

असीमंत रूप से बड़ा अथवा अत्यधिक विवर्धित

वास्तविक तथा उल्टा

(6) फोकस F1F_{1} तथा प्रकाशिक केन्द्र OO के बीच

जिस ओर बिंब हैं लेंस के उसी ओर

बड़ा (विवर्धित)

आभासी तथा सीधा

विज्ञान कक्षा-X 303

आगे दिये गये चित्रों में उत्तल लेंस द्वारा किसी वस्तु की विभिन्न स्थितियों में प्रतिबिम्ब बनने को किरण आरेखों द्वारा दर्शाया गया है-

[उत्तल लेंस द्वारा विभिन्न स्थितियों में प्रतिबिम्ब निर्माण के किरण आरेख (1) अनन्त पर, (2) 2F_1 से परे, (3) 2F_1 पर, (4) F_1 तथा 2F_1 के बीच, (5) फोकस F_1 पर, (6) फोकस F_1 तथा प्रकाशीक केन्द्र O के बीच]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 42

चित्र-उत्तल लेंस द्वारा बिम्ब की विभिन्न स्थितियों के लिए प्रतिबिम्ब की स्थिति, आकार एवं प्रकृति

प्रश्न 10. प्रकाश के लिए 'सघन माध्यम' एवं 'विरल माध्यम' से क्या तात्पर्य है? समझाइए।

उत्तर : किसी माध्यम की प्रकाश को अपवर्तित करने की क्षमता को इसके प्रकाशीक घनत्व के द्वारा भी व्यक्त किया जा सकता है। प्रकाशीक घनत्व का एक निश्चित संपृक्तार्थ होता है। यह द्रव्यमान घनत्व के समान नहीं है। इसलिए सघन माध्यम एवं विरल माध्यम से अर्थ 'प्रकाषिक सघन माध्यम' तथा 'प्रकाषिक विरल माध्यम' है।

दो माध्यमों की तुलना करते समय, अधिक अपवर्तनांक वाला माध्यम दूसरे की अपेक्षा प्रकाषिक सघन है। दूसरा कम अपवर्तनांक वाला माध्यम प्रकाषिक विरल माध्यम है। विरल माध्यम में प्रकाश की चाल सघन माध्यम की अपेक्षा अधिक होती है। अतः विरल माध्यम से सघन माध्यम में गमन करने वाली प्रकाश की किरण धीमी हो जाती है तथा अभिलंब की ओर झुक जाती है। जब ये सघन माध्यम से विरल माध्यम में गमन करती है तो इसकी चाल बढ़ जाती है तथा यह अभिलंब से दूर हट जाती है।

प्रश्न 11. निम्न लेंसों के प्रकाषिक केन्द्र से 2f12f_{1} तथा f1f_{1} दूरी के मध्य स्थित किसी बिन्दु पर स्थित बिम्ब का प्रतिबिम्ब बनाने के लिए किरण चित्र बनाइए तथा प्रतिबिम्बों की प्रकृति लिखिए-

(अ) उत्तल लेंस
(ब) अवतल लेंस

यहाँ f1f_{1} दिए गए लेंस की फोकस दूरी है।

उत्तर :-उत्तल लेंस के प्रकाशीक केन्द्र 2F12F_{1} तथा F1F_{1} दूरी के मध्य स्थित किसी बिन्दु पर स्थित बिम्ब का प्रतिबिम्ब-

[उत्तल लेंस द्वारा प्रतिबिम्ब निर्माण (जब बिम्ब 2F_1 और F_1 के बीच हो)]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 43

यह प्रतिबिम्ब वास्तविक, उल्टा तथा बड़ा बनता है।

अवतल लेंस के प्रकाशिक केन्द्र 2F12F_{1} तथा F1F_{1} दूरी के मध्य स्थित किसी बिन्दु का प्रतिबिम्ब-

[अवतल लेंस द्वारा प्रतिबिम्ब निर्माण]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 44

यह प्रतिबिम्ब आभासी, सीधा तथा छोटा बनेगा।

प्रश्न 12. (a) सौर भट्टी में उपयोग में लाए जाने वाले दर्पण का नाम लिखिए एवं उसका किरण आरेख बनाइए।

(b) दर्पण सूत्र लिखिए क्या यह उत्तल व अवतल दर्पण दोनों के लिए समान रूप से उपयोगी है?

उत्तर-(a) सौर भट्टियों में सूर्य के प्रकाश को केन्द्रित करने के लिए बड़े अवतल दर्पणों का उपयोग करते हैं।

[सौर भट्टी में अवतल दर्पण का किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 45

(b) दर्पण सूत्र 1f=1u+1v\frac{1}{f}=\frac{1}{u}+\frac{1}{v}

जहाँ ff – फोकस दूरी

uu – दर्पण के ध्रुव से बिम्ब की दूरी

vv – दर्पण के ध्रुव से प्रतिबिम्ब की दूरी

यह सूत्र दोनों प्रकार के दर्पणों के लिए समान रूप से उपयोगी है।

प्रश्न 13. (a) वाहनों के पश्च दृश्य दर्पण के रूप में लाए जाने वाले गोलीय दर्पण का नाम लिखिए, किरण आरेख भी बनाइए।

(b) दिए गए उत्तल दर्पण के लिए बिम्ब व प्रतिबिम्ब की दूरी का अनुपात 5:35:3 है। उसी दर्पण के लिए प्रतिबिम्ब एवं फोकस दूरी के अनुपात की गणना कीजिए।

उत्तर-(a) वाहनों में पश्च दृश्य दर्पण के रूप में उत्तल दर्पण का उपयोग किया जाता है।

[उत्तल दर्पण द्वारा पश्च दृश्य किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 46

विज्ञान कक्षा-X

305

(b) दिया हुआ- u:v=5:3u:v=5:3

⇒uv=−53…(1)⇒\frac{u}{v}=\frac{-5}{3}…(1) [ −- ऋण चिन्ह, चिन्ह परिपाटी से]

हम जानते हैं कि दर्पण सूत्र से 1f=1u+1v\frac{1}{f}=\frac{1}{u}+\frac{1}{v}

दोनों पक्षों में vv से गुणा करने पर

vf=vu+vv\frac{v}{f}=\frac{v}{u}+\frac{v}{v}

vf=−35+1\frac{v}{f}=\frac{-3}{5}+1

∵uv=−53अतःvu=−35∵\frac{u}{v}=\frac{-5}{3} \text{अतः} \frac{v}{u}=\frac{-3}{5}

vf=25⇒v:f=2:5\frac{v}{f}=\frac{2}{5}⇒v:f=2:5 उत्तर

प्रतिबिम्ब की दूरी : फोकस दूरी =2:5=2:5

प्रश्न 14. (i) गोलीय दर्पण किसे कहते हैं?

(ii) गोलीय दर्पण के ध्रुव को परिभाषित कीजिए। (iii) यदि एक लेंस की क्षमता +4.0D+4.0 D है, तो इसकी फोकस दूरी ज्ञात कीजिए।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

उत्तर-(i) गोलीय दर्पण—ऐसे दर्पण जिनका परावर्तक पृष्ठ गोलीय होता है, गोलीय दर्पण कहलाते हैं।

(ii) गोलीय दर्पण का ध्रुव—गोलीय दर्पण के परावर्तक तल का मध्य बिन्दु गोलीय दर्पण का ध्रुव (Pole) कहलाता है।

(iii) दिया गया है—लेंस की क्षमता +4.0D+4.0 D है। इसका अर्थ है कि निर्धारित लेंस उत्तल है।

सूत्र—

P=1f(मीटरमें)P=\frac{1}{f (\text{मीटर} \text{में})}

या f=1P=14f=\frac{1}{P}=\frac{1}{4} मीटर

या f=14×100सेमी.f=\frac{1}{4} \times 100 \text{सेमी}.

f=1004=25सेमी.f=\frac{100}{4}=25 \text{सेमी}.

अतः उत्तल लेंस की फोकस दूरी 25सेमी.25 \text{सेमी}. है।

प्रश्न 15. (i) लेंस का आवर्धन किसे कहते हैं?

(ii) लेंस के मुख्य अक्ष को परिभाषित कीजिए।

(iii) यदि गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 14cm14 cm है, तो इसकी फोकस दूरी ज्ञात कीजिए।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2024)

उत्तर-(i) किसी लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन ( mm ) प्रतिबिम्ब की ऊँचाई ( h′h^{′} ) तथा बिम्ब की ऊँचाई ( hh ) के अनुपात रूप में परिभाषित किया जाता है।

(ii) मुख्य अक्ष—किसी लेंस के दोनों वक्रता केन्द्रों C1C_{1} एवं C2C_{2} को मिलाने वाली काल्पनिक सीधी रेखा को लेंस की मुख्य अक्ष कहते हैं।

(iii) दिया गया है—गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या =14cm=14 cm .

गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या और उसकी फोकस दूरी में सम्बन्ध का सूत्र

R=2fR=2f

∴f=12R∴f=\frac{1}{2}R

=12×14cm=\frac{1}{2} \times 14 cm

f=7cmf=7 cm .

अतः गोलीय दर्पण की फोकस दूरी 7cm7cm होगी।

प्रश्न 16. प्रकाश के अपवर्तन से आप क्या समझते हैं? उत्तल लेंस की सहायता से प्रतिबिंब प्राप्त करने का किरण चित्र बनाइये जबकि- (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25)

(i) प्रतिबिंब (वस्तु) अनन्त पर स्थित हो।

(ii) प्रतिबिंब (वस्तु) 2F12F_{1} व F1F_{1} के मध्य स्थित हो। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उपरोक्त दोनों स्थितियों में प्राप्त प्रतिबिंब का आकार व प्रकृति भी लिखिए।

उत्तर—प्रकाश का अपवर्तन- जब प्रकाश किरण एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है तो दोनों माध्यमों को पृथक करने वाले धरातल पर वह अपने मार्ग से विचलित हो जाती है, इस क्रिया को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।

उत्तल लेंस की सहायता से प्रतिबिंब प्राप्त करने का किरण चित्र जब-

(i) बिंब (वस्तु) अनन्त पर स्थित हो-

[उत्तल लेंस द्वारा अनंत पर स्थित बिंब का किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 47

(अनन्त पर)

(ii) बिंब वस्तु 2F12F_{1} व F1F_{1} के मध्य स्थित हो-

[उत्तल लेंस द्वारा 2F_1 व F_1 के मध्य स्थित बिंब का किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 48

( F1F_{1} तथा 2F12F_{1} के बीच)

प्राप्त प्रतिबिंब का आकार व प्रकृति-

(a) जब बिंब (वस्तु) उत्तल लेंस के अनन्त पर स्थित हो तो प्रतिबिंब अत्यधिक छोटा, बिंदु आकार का, वास्तविक व उल्टा बनता है।
(b) जब बिंब (वस्तु) उत्तल लेंस के 2F12F_{1} व F1F_{1} के मध्य स्थित होता है तो प्रतिबिंब बड़ा (विवर्धित), वास्तविक व उल्टा बनता है।

प्रश्न 17. प्रकाश के परावर्तन से आप क्या समझते हैं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25) एक अवतल दर्पण के लिए बिंब की निम्न स्थितियों में प्रतिबिंब की स्थिति, प्रकृति, आकार बताते हुए किरण आरेख चित्र बनाइए।

(1) जब बिंब वक्रता केन्द्र पर हो। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25) (2) जब बिंब फोकस पर हो। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2024-25) (3) जब बिंब फोकस व ध्रुव के मध्य हो। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर—प्रकाश का परावर्तन- जब कोई प्रकाश की किरण एक माध्यम से चलकर दूसरे माध्यम की सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौट जाती है, तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।

अवतल दर्पण की सहायता से प्रतिबिंब प्राप्त करने का किरण चित्र जब-

विज्ञान कक्षा-X

307

(i) बिंब (वस्तु) वक्रता केन्द्र ( CC ) पर स्थित हो-

प्रतिबिम्ब की स्थिति- वक्रता केन्द्र ( CC ) पर

प्रतिबिम्ब की प्रकृति- वास्तविक तथा उल्टा

प्रतिबिम्ब का आकार- समान आकार

(ii) बिंब (वस्तु) फोकस ( ff ) पर स्थित हो-

प्रतिबिम्ब की स्थिति- अनन्त पर

प्रतिबिम्ब की प्रकृति- वास्तविक तथा उल्टा

प्रतिबिम्ब का आकार- अत्यधिक विवर्धित

(iii) बिम्ब (वस्तु) फोकस व ध्रुव के मध्य हो-

प्रतिबिम्ब की स्थिति- दर्पण के पीछे

प्रतिबिम्ब की प्रकृति- आभासी तथा सीधा

प्रतिबिम्ब का आकार- विवर्धित (बड़ा)

[अवतल दर्पण द्वारा विभिन्न स्थितियों में प्रतिबिंब बनने के किरण चित्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 49

प्रश्न 18. (i) लेंस के आवर्धन को परिभाषित कीजिए।

(ii) प्रकाश के परावर्तन के दोनों नियमों को लिखिए।

(iii) एक उत्तल दर्पण से प्रतिबिंब का बनना दर्शाने का किरण चित्र बनाइए जबकि बिंब अनन्त पर स्थित हो।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

उत्तर-(i) लेंस का आवर्धन—किसी लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन प्रतिबिंब की ऊँचाई ( h′h^{′} ) तथा बिम्ब की ऊँचाई ( hh ) के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।

लेंस आवर्धन m=प्रतिबिंबकीऊँचाई(h′)बिम्बकीऊँचाई(h)m=\frac{\text{प्रतिबिंब} \text{की} \text{ऊँचाई} (h^{′})}{\text{बिम्ब} \text{की} \text{ऊँचाई} (h)}

(ii) प्रकाश के परावर्तन के नियम—1. आपतन कोण, परावर्तन कोण के बराबर होता है, तथा

2. आपतित किरण, दर्पण के आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब तथा परावर्तित किरण सभी एक ही तल में होते हैं।

(iii) उत्तल दर्पण से प्रतिबिंब का बनना जबकि बिंब अनन्त पर स्थित हो—

[उत्तल दर्पण द्वारा अनंत पर स्थित बिंब का किरण चित्र]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 50

प्रश्न 19. (i) लेंस सूत्र लिखिए।

(ii) स्नेल का अपवर्तन नियम लिखिए।

(iii) एक उत्तल लेंस से प्रतिबिंब का बनना दर्शाने का किरण चित्र बनाइए जबकि बिंब अनन्त पर स्थित हो।

(माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2026)

उत्तर-(i) लेंस सूत्र— 1v−1u=1f\frac{1}{v}-\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

(ii) स्नेल का अपवर्तन नियम—प्रकाश की किसी निश्चित रंग तथा निश्चित माध्यमों के युग्म के लिए आपतन कोण की ज्या ( sinesine ) तथा अपवर्तन कोण की ज्या ( sinesine ) का अनुपात स्थिर रहता है। (यह कोण 0∘<i<90∘0^{∘}<i<90^{∘} के लिए सत्य है।) यदि ii आपतन कोण हो तथा rr अपवर्तन कोण हो तब sinisinr=स्थिरांक\frac{sini}{sinr}=\text{स्थिरांक}

308 संजय बुक्स

(iii) उत्तल लेंस से प्रतिबिम्ब बनना जबकि बिंब अनन्त पर स्थित हो-

[उत्तल लेंस से प्रतिबिम्ब का बनना जब बिंब अनन्त पर हो (Ray diagram for convex lens when object is at infinity)]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 51

(1) (अनन्त पर)

प्रश्न 20. (i) काँच की आयताकार स्लैब से प्रकाश का अपवर्तन समझाइये।

(ii) प्रकाश का अपवर्तन के नियम लिखिए। (iii) अपवर्तनांक किसे कहते हैं? (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

उत्तर-(i) उत्तर हेतु निबंधात्मक प्रश्न नं. 5 का अवलोकन करें।

(ii) उत्तर हेतु निबंधात्मक प्रश्न नं. 5 का अवलोकन करें।

(iii) प्रकाश का हवा में वेग तथा प्रकाश के किसी माध्यम में वेग के अनुपात को उस माध्यम का अपवर्तनांक कहते हैं।

अपवर्तनांक का सूत्र n21=माध्यम1मेंप्रकाशकीचालमाध्यम2मेंप्रकाशकीचाल=v1v2n_{21}=\frac{\text{माध्यम} 1 \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}{\text{माध्यम} 2 \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}=\frac{v_{1}}{v_{2}}

प्रश्न 21. (i) गोलीय दर्पण किसे कहते हैं? इनके प्रकार समझाइये।

(ii) अवतल दर्पण के उपयोग लिखिए।

(iii) आवर्धन किसे कहते हैं? गोलीय दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन का सूत्र लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2025-26)

उत्तर-(i) उत्तर के लिए पृष्ठ 291 पर प्रश्न संख्या 4 का अवलोकन करें।

(ii) उत्तर के लिए पृष्ठ 285 पर प्रश्न 20 का अवलोकन करें।

(iii) गोलीय दर्पण के आवर्धन को प्रतिबिम्ब की ऊँचाई तथा वस्तु की ऊँचाई के अनुपात रूप में परिभाषित किया जाता है।

गोलीय दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन m=प्रतिबिम्बकीऊँचाई(h′)बिम्बकीऊँचाई(h)=h′hm=\frac{\text{प्रतिबिम्ब} \text{की} \text{ऊँचाई} (h^{′})}{\text{बिम्ब} \text{की} \text{ऊँचाई} (h)}=\frac{h^{′}}{h}

आंकीक प्रश्न-

प्रश्न 1. एक अवतल लेंस की फोकस दूरी 40सेमी40 \text{सेमी} है। इसकी क्षमता क्या होगी?

उत्तर– लेंस की क्षमता P=1fमीटरP=\frac{1}{f \text{मीटर}}

यहाँ f=−40सेमीf=-40 \text{सेमी}

P=−10040=−2.5DP=-\frac{100}{40}=-2.5 D

प्रश्न 2. किसी ऑटोमोबाइल में पीछे का दृश्य देखने के लिये उपयोग होने वाले उत्तल दर्पण की वक्रता त्रिज्या 3.00m3.00 m है। यदि एक बस इस दर्पण से 5.00m5.00 m की दूरी पर स्थित है, तो प्रतिबिम्ब की स्थिति, प्रकृति तथा साइज ज्ञात कीजिये।

उत्तर– दिया गया है-

उत्तल दर्पण की वक्रता त्रिज्या R=+3.00mR=+3.00 m

(वस्तु की दूरी) बिंब की दूरी u=−5.00mu=-5.00 m (चिन्ह परिपाटी से)

प्रतिबिम्ब की दूरी v=?v=?

विज्ञान कक्षा-X

309

प्रतिबिंब की ऊँचाई h′=?h^{′}=?

हम जानते हैं फोकस दूरी

f=R2f=\frac{R}{2}

f=+3.002=+1.50mf=\frac{+3.00}{2}=+1.50 m

दर्पण सूत्र

1v+1u=1f\frac{1}{v}+\frac{1}{u}=\frac{1}{f} से

∴1v=1f−1u∴\frac{1}{v}=\frac{1}{f}-\frac{1}{u}

मान रखने पर-

1v=11.50−−15.00\frac{1}{v}=\frac{1}{1.50}--\frac{1}{5.00}

1v=11.50+15=100150+15\frac{1}{v}=\frac{1}{1.50}+\frac{1}{5}=\frac{100}{150}+\frac{1}{5}

1v=23+15=10+315=1315\frac{1}{v}=\frac{2}{3}+\frac{1}{5}=\frac{10+3}{15}=\frac{13}{15}

∴v=1513=1.15m∴v=\frac{15}{13}=1.15 m

अतः: प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे 1.15m1.15 m की दूरी पर स्थित है।

आवर्धन ( mm ) = h′h=−vu\frac{h^{′}}{h}=-\frac{v}{u}

मान रखने पर-

m=−1.15m−5.00m=115500=+0.23m=-\frac{1.15 m}{-5.00 m}=\frac{115}{500}=+0.23

यहाँ पर आवर्धन का मान धनात्मक चिन्ह का है। अतः प्रतिबिम्ब आभासी, सीधा तथा साइज में बिंब से छोटा ( 0.230.23 गुना) है।

प्रश्न 3. यदि कोई नेत्र चिकित्सक +2.5D+2.5 D तथा −4.0D-4.0 D क्षमता के संशोधक लेंस निर्धारित करता है तो लेंस की प्रकृति व फोकस दूरी ज्ञात कीजिए।

उत्तर - लेंस क्षमता P=1fP=\frac{1}{f} मीटर

(i) जहाँ P=+2.5DP=+2.5 D

तो 2.5=1f2.5=\frac{1}{f}

∴f=12.5मीटर=1002.5सेमी.=+40सेमी.∴f=\frac{1}{2.5} \text{मीटर}=\frac{100}{2.5} \text{सेमी}.=+40 \text{सेमी}.

अतः: धनात्मक चिह्न दर्शाता है कि लेंस उत्तल लेंस होगा जिसकी फोकस दूरी 4040 सेमी है।

(ii) जब P=−4.0DP=-4.0 D

तो −4.0=1f-4.0=\frac{1}{f}

∴f=1−4.0मीटर=−1004सेमी.=−25सेमी.∴f=\frac{1}{-4.0} \text{मीटर}=-\frac{100}{4} \text{सेमी}.=-25 \text{सेमी}.

अतः: ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि लेंस अवतल लेंस होगा जिसकी फोकस दूरी 2525 सेमी है।

प्रश्न 4. 12cm12 cm फोकस दूरी के एक अवतल दर्पण के सामने 4cm4 cm लम्बाई की एक वस्तु (Object) उससे 6cm6 cm की दूरी पर रखी गयी है। प्राप्त प्रतिबिम्ब की स्थिति, प्रकृति तथा उसका आकार ज्ञात कीजिये।

उत्तर-दिया गया है-

u=−6cmu=-6 cm (चिन्ह परिपाटी)

f=−12cmf=-12 cm (चिन्ह परिपाटी)

वस्तु का आकार h=4cmh=4 cm

दर्पण सूत्र से

1u+1v=1f\frac{1}{u}+\frac{1}{v}=\frac{1}{f}

मान रखने पर—

−16+1v=−112-\frac{1}{6}+\frac{1}{v}=-\frac{1}{12}

या

1v=−112+16=−1+212\frac{1}{v}=-\frac{1}{12}+\frac{1}{6}=\frac{-1+2}{12}

या

1v=112\frac{1}{v}=\frac{1}{12}

या

v=12cmv=12 cm

अतः प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे, उससे 12cm12 cm की दूरी पर बना है। यहाँ पर vv का मान धनात्मक है। अतः प्रतिबिम्ब आभासी प्रकृति का है।

आवर्धन क्षमता सूत्र

m=h′h=−vum=\frac{h^{′}}{h}=-\frac{v}{u}

∴h′h=−vu∴\frac{h^{′}}{h}=-\frac{v}{u}

या

h′=−vu×hh^{′}=-\frac{v}{u} \times h

मान रखने पर—

=−12−6×4=8cm=-\frac{12}{-6} \times 4=8 cm

अतः प्रतिबिम्ब की लम्बाई 8cm8 cm है। यहाँ पर चिन्ह धनात्मक है। अतः प्रतिबिम्ब सीधा है।

प्रश्न 5. किसी गतिमान वाहन में प्रयुक्त उत्तल दर्पण की वक्रता त्रिज्या 2.0m2.0 m है। इस वाहन के पीछे 3.5m3.5 m की दूरी पर एक ट्रक आ रहा है। ज्ञात कीजिये (i) प्रतिबिम्ब की स्थिति (ii) ट्रक के सापेक्ष उसके प्रतिबिम्ब का आकार/प्रतिबिम्ब की प्रकृति (Nature) क्या होगी?

उत्तर—प्रश्नानुसार

वक्रता त्रिज्या R=2.0mR=2.0 m

∵R=2f∵R=2f

∴f=R2=2.02=1m∴f=\frac{R}{2}=\frac{2.0}{2}=1 m

u=−3.5mu=-3.5 m (चिन्ह परिपाटी से)

दर्पण सूत्र

1u+1v=1fसे\frac{1}{u}+\frac{1}{v}=\frac{1}{f} \text{से}

1v=1f−1u\frac{1}{v}=\frac{1}{f}-\frac{1}{u}

=11−−13.5=1+13.5=\frac{1}{1}--\frac{1}{3.5}=1+\frac{1}{3.5}

=1+1035=1+27=7+27=97=1+\frac{10}{35}=1+\frac{2}{7}=\frac{7+2}{7}=\frac{9}{7}

∴v=79=0.78m∴v=\frac{7}{9}=0.78 m

अतः उत्तल दर्पण में ट्रक 0.78m0.78 m की दूरी पर दिखाई देगा।

प्रतिबिम्ब का आकार और प्रकृति का मान निम्न सूत्र से ज्ञात करते हैं—

m=−vum=-\frac{v}{u}

विज्ञान कक्षा-X

311

=−79−3.5=79×13.5=29=-\frac{7}{\frac{9}{-3.5}}=\frac{7}{9} \times \frac{1}{3.5}=\frac{2}{9}

अतः ट्रक के प्रतिबिम्ब का आकार उसके आकार का 29\frac{2}{9} गुना है। यहाँ पर mm का मान धनात्मक है। अतः प्रतिबिम्ब कल्पित एवं सीधा है।

प्रश्न 6. एक अवतल दर्पण के सामने 15सेमी.15 \text{सेमी}. की दूरी पर कोई वस्तु रखी है। दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब की प्रकृति, स्थिति व आवर्धन ज्ञात करो। दर्पण की फोकस दूरी 10सेमी.10 \text{सेमी}. है।

उत्तर - दर्पण सूत्र 1f=1v+1u\frac{1}{f}=\frac{1}{v}+\frac{1}{u}

यहाँ u=−15सेमी.u=-15 \text{सेमी}.

f=−10सेमी.f=-10 \text{सेमी}.

v=?v=?

1−10=1v+1−15\frac{1}{-10}=\frac{1}{v}+\frac{1}{-15}

1v=115−110\frac{1}{v}=\frac{1}{15}-\frac{1}{10}

=−130=-\frac{1}{30}

v=−30सेमी.v=-30 \text{सेमी}.

अर्थात् प्रतिबिम्ब दर्पण की बायीं ओर बनेगा तथा वास्तविक एवं उल्टा होगा।

प्रश्न 7. प्रकाश वायु से काँच में प्रवेश करता है, जिसका अपवर्तनांक 1.51.5 है। 50सेमी.50 \text{सेमी}. मोटे काँच के गुटके को पार करने में प्रकाश का लगा समय ज्ञात करो।

उत्तर-दिया गया है -

प्रकाश का वायु में वेग c=3×108m/sc=3 \times 10^{8} m/s

काँच का अपवर्तनांक n=1.5n=1.5

चूँकि अपवर्तनांक n=cvn=\frac{c}{v}

∴v=cn∴v=\frac{c}{n}

मान रखने पर v=3×1081.5=2×108m/sv=\frac{3 \times 10^{8}}{1.5}=2 \times 10^{8} m/s

अतः प्रकाश का काँच में वेग =2×108m/s=2 \times 10^{8} m/s

∴लियागयासमय=दूरीवेग=0.5m2×108∴\text{लिया} \text{गया} \text{समय}=\frac{\text{दूरी}}{\text{वेग}}=\frac{0.5 m}{2 \times 10^{8}}

=2.5×10−9से.=2.5 \times 10^{-9} \text{से}.

प्रश्न 8. गोलीय लेंसों के लिए चिह्न की परिपाटी को समझाइये। किसी अवतल लेंस की फोकस दूरी 15cm15 cm है। किसी बिम्ब को लेंस से कितनी दूरी पर रखें कि इसका प्रतिबिम्ब लेंस से 10cm10 cm दूरी पर बने। लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन भी ज्ञात कीजिए। उत्तल लेंस द्वारा बनने वाले प्रतिबिम्ब के लिए किरण चित्र बनाइये जबकि बिम्ब को 2F12F_{1} व F1F_{1} के बीच रखा जाता है। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2021-22)

उत्तर-गोलीय लेंसों के लिए चिह्न की परिपाटी - जब हम लेंसों की सहायता से प्रतिबिम्ब की रचना का अध्ययन करते हैं, तब हम कुछ कार्तीय चिह्न परिपाटी का प्रयोग करते हैं, जो कि निम्न हैं—

(1) समस्त दूरियाँ लेंस के प्रकाशिक केन्द्र से मापी जाती हैं।

(2) आपतित किरण की दिशा में मापी गयी दूरियाँ धनात्मक मानी जाती हैं तथा जो दूरियाँ आपतित किरण की विपरीत दिशा में मापी जाती हैं, वे दूरियाँ ऋणात्मक दूरियाँ मानी जाती हैं।

(3) मुख्य अक्ष से ऊर्ध्वाधरता ऊपर की ओर मापी जाने वाली दूरी धनात्मक मानी जाती है, जबकि मुख्य अक्ष के ऊर्ध्वाधरता नीचे की ओर मापी गई दूरियाँ ऋणात्मक मानी जाती हैं।

अवतल लेंस द्वारा सदैव ही आभासी, सीधा प्रतिबिंब उसी ओर बनता है जिस ओर बिंब रखा हुआ होता है।

प्रतिबिंब-दूरी v=−10cmv=-10 cm

फोकस दूरी f=−15cmf=-15 cm

बिंब-दूरी u=?u=?

क्योंकि 1v−1u=1f\frac{1}{v}-\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

या 1u=1v−1f\frac{1}{u}=\frac{1}{v}-\frac{1}{f}

मान रखने पर- 1u=1−10−1()=−110+115\frac{1}{u}=\frac{1}{-10}-\frac{1}{()}=\frac{-1}{10}+\frac{1}{15}

या 1u=−3+230=1−30\frac{1}{u}=\frac{-3+2}{30}=\frac{1}{-30}

या u=−30cmu=-30 cm

इसी प्रकार बिंब की दूरी 30cm30 cm है।

आवर्धन, m=vum=\frac{v}{u}

m=−10cm−30cm=13≃+0.33m=\frac{-10 cm}{-30 cm}=\frac{1}{3}≃+0.33

यहाँ पर धनात्मक चिह्न यह दर्शाता है कि प्रतिबिंब सीधा तथा आभासी है। प्रतिबिंब का आकार बिंब के आकार का एक-तिहाई है।

उत्तल लेंस द्वारा बनने वाले प्रतिबिंब का चित्र

[उत्तल लेंस द्वारा बनने वाले प्रतिबिंब का किरण आरेख (Ray diagram for image formation by convex lens)]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 52

प्रश्न 9. कोई 2.0cm2.0 cm लंबा बिंब 10cm10 cm फोकस दूरी के किसी उत्तल लेंस के मुख्य अक्ष के लंबवत रखा है। बिंब की लेंस से दूरी 15cm15 cm है। प्रतिबिंब की प्रकृति, स्थिति तथा साइज ज्ञात कीजिए। इसका आवर्धन भी ज्ञात कीजिए।

( प्रश्न बैंक )

उत्तर -

बिंब की ऊँचाई h=+2.0cmh=+2.0 cm

फोकस दूरी f=+10cmf=+10 cm

बिंब-दूरी u=−15cmu=-15 cm

प्रतिबिंब-दूरी v=?v=?

प्रतिबिंब की ऊँचाई h′=?h^{′}=?

विज्ञान कक्षा-X

313

लेंस के सूत्र से 1v−1u=1f\frac{1}{v}-\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

या 1v=1u+1f\frac{1}{v}=\frac{1}{u}+\frac{1}{f}

मान रखने पर 1v=−115++110=−115+110\frac{1}{v}=-\frac{1}{15}++\frac{1}{10}=\frac{-1}{15}+\frac{1}{10}

या 1v=−2+330=130\frac{1}{v}=\frac{-2+3}{30}=\frac{1}{30}

या v=+30cmv=+30 cm

vv का धनात्मक मान यह बताता है कि प्रतिबिम्ब लेंस के प्रकाशिक केन्द्र के दायीं ओर 30cm30 cm दूरी पर बनता है। अतः प्रतिबिम्ब वास्तविक तथा उल्टा है।

आवर्धन, m=h′h=vum=\frac{h^{′}}{h}=\frac{v}{u}

अथवा h′=vu×hh^{′}=\frac{v}{u} \times h

मान रखने पर h′=+30−15×2.0h^{′}=\frac{+30}{-15} \times 2.0

h′=−4.0cmh^{′}=-4.0 cm

प्रतिबिम्ब की ऊँचाई h′=−4.0cmh^{′}=-4.0 cm

आवर्धन, m=+30cm−15cm=−2m=\frac{+30 cm}{-15 cm}=-2

mm तथा h′h^{′} के ऋणात्मक चिन्ह यह बताते हैं कि प्रतिबिम्ब उल्टा तथा वास्तविक है। यह मुख्य अक्ष के नीचे बनता है। इस प्रकार एक वास्तविक, उल्टा तथा 4.0cm4.0 cm लम्बा प्रतिबिम्ब लेंस के दायीं ओर लेंस से 30cm30 cm दूरी पर बनता है। यह प्रतिबिम्ब दोगुना विवर्धित है।

प्रश्न 10. 5D5 D क्षमता के अभिसारी लेंस को 3D3 D क्षमता के अपसारी लेंस से सटाकर रखा गया है। संयुक्त लेंस की फोकस दूरी का मान ज्ञात कीजिये।

उत्तर- अभिसारी लेंस या उत्तल लेंस की क्षमता P1=5DP_{1}=5 D

अपसारी लेंस (अवतल लेंस) की क्षमता P2=−3DP_{2}=-3 D

संयुक्त लेंस की क्षमता P=P1+P2P=P_{1}+P_{2} से =5D−3D=2D=5 D-3 D=2 D

∵P=1f(मीटरमें)∵P=\frac{1}{f (\text{मीटर} \text{में})}

या f=1P=12f=\frac{1}{P}=\frac{1}{2}

या f=12m=50cmf=\frac{1}{2} m=50 cm

संयुक्त लेंस उत्तल लेंस की तरह से कार्य करेगा।

प्रश्न 11. वायु के सापेक्ष काँच का अपवर्तनांक 32\frac{3}{2} है तथा वायु के सापेक्ष जल का अपवर्तनांक 43\frac{4}{3} है। यदि वायु में प्रकाश की चाल 3×108m/s3 \times 10^{8} m/s है, तो (a) काँच में (b) जल में, प्रकाश की चाल ज्ञात कीजिए।

उत्तर—दिया हुआ है −ng=32-n_{g}=\frac{3}{2} तथा nw=43n_{w}=\frac{4}{3} व ( cc ) वायु में प्रकाश की चाल =3×108m/s=3 \times 10^{8} m/s है।

हम जानते हैं कि ng=वायुमेंप्रकाशकीचालकाँचमेंप्रकाशकीचाल=cvn_{g}=\frac{\text{वायु} \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}{\text{काँच} \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}=\frac{c}{v}

अतः: vv (काँच में प्रकाश की चाल) =cng=\frac{c}{n_{g}}

=3×10832=\frac{3 \times 10^{8}}{\frac{3}{2}}

=3×108×23=\frac{3 \times 10^{8} \times 2}{3}

=2×108m/sउत्तर=2 \times 10^{8} m/s \text{उत्तर}

पुनः: nw=वायुमेंप्रकाशकीचालजलमेंप्रकाशकीचाल=cvn_{w}=\frac{\text{वायु} \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}{\text{जल} \text{में} \text{प्रकाश} \text{की} \text{चाल}}=\frac{c}{v}

अतः: vv (जल में प्रकाश की चाल) =cnw=\frac{c}{n_{w}}

=3×108×34=\frac{3 \times 10^{8} \times 3}{4}

=94×108=\frac{9}{4} \times 10^{8}

=2.25×108m/sउत्तर=2.25 \times 10^{8} m/s \text{उत्तर}

प्रश्न 12. अवतल दर्पण के मुख्य फोकस की परिभाषा लिखिए।

एक 4.0cm4.0 cm साइज का बिंब, किसी 12.0cm12.0 cm फोकस दूरी के अवतल दर्पण से 18cm18 cm दूरी पर रखा है। दर्पण से कितनी दूरी पर किसी परदे को रखा जाए कि स्पष्ट प्रतिबिम्ब प्राप्त हो? प्रतिबिम्ब की प्रकृति एवं साइज लिखिए। अवतल दर्पण के सामने मुख्य फोकस FF तथा वक्रता केन्द्र CC के मध्य स्थित बिम्ब का प्रतिबिम्ब बनना दर्शाने के लिए किरण आरेख बनाइये। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)

उत्तर— अवतल दर्पण का मुख्य फोकस—अवतल दर्पण की मुख्य अक्ष के समान्तर चलने वाली प्रकाश किरण दर्पण से परावर्तन के पश्चात् मुख्य अक्ष को जिस बिन्दु पर काटती (प्रतिच्छेद्) है, उसे अवतल दर्पण का मुख्य फोकस कहते हैं।

अवतल दर्पण के लिए दिया गया है—

बिंब-साइज, h=4.0cmh=4.0 cm

बिंब-दूरी, u=−18cmu=-18 cm

फोकस दूरी, f=−12cmf=-12 cm

प्रतिबिम्ब दूरी v=?v=?

प्रतिबिम्ब साइज h′=?h^{′}=?

दर्पण सूत्र से— 1v+1u=1f\frac{1}{v}+\frac{1}{u}=\frac{1}{f}

या 1v=1f−1u\frac{1}{v}=\frac{1}{f}-\frac{1}{u}

=1−12−1−18=\frac{1}{-12}-\frac{1}{-18}

=−112+118=-\frac{1}{12}+\frac{1}{18}

=−3+236=\frac{-3+2}{36}

विज्ञान कक्षा-X

315

1v=−136\frac{1}{v}=-\frac{1}{36}

या, v=−36.0cmv=-36.0 cm

पर्दे को दर्पण के सामने 36cm36 cm दूरी पर रखना चाहिए।

प्रतिबिम्ब वास्तविक है।

इसी प्रकार, आवर्धन, m=h′h=−vum=\frac{h^{′}}{h}=-\frac{v}{u}

या, h′=−vhu=−(−36cm)(+4.0cm)()h^{′}=-\frac{vh}{u}=-\frac{(-36 cm)(+4.0 cm)}{()}

प्रतिबिम्ब की ऊँचाई, h′=−8.0cmh^{′}=-8.0 cm

प्रतिबिम्ब उल्टा तथा बिम्ब से दुगुना (आवर्धित) है।

अवतल दर्पण के सामने मुख्य फोकस FF तथा वक्रता केन्द्र CC के मध्य स्थित बिम्ब का प्रतिबिम्ब बनना दर्शाने के लिए किरण आरेख-

[अवतल दर्पण के सामने मुख्य फोकस F तथा वक्रता केन्द्र C के मध्य स्थित बिम्ब का किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 53

प्रश्न 13. लेंस की क्षमता से आपका क्या आशय है? एक डॉक्टर +2.0D+2.0D क्षमता का संशोधक लेंस निर्धारित करता है। लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए। यह किस प्रकार का लेंस है? एक अवतल लेंस द्वारा प्रतिबिम्ब का बन्ना दर्शाने के लिए कोई भी एक किरण चित्र बनाइये। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2022)

अथवा

एक डॉक्टर +2.0D+2.0D क्षमता का संशोधक लेंस निर्धारित करता है। लेंस की फोकस दूरी एवं प्रकृति ज्ञात कीजिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2025)

उत्तर—लेंस क्षमता—किसी लेंस द्वारा प्रकाश किरणों को अभिसरण या अपसरण करने की मात्रा को उसकी क्षमता के रूप में व्यक्त किया जाता है। किसी ff फोकस दूरी के लेंस की क्षमता P=1f(मीटरमें)P=\frac{1}{f (\text{मीटर} \text{में})}

लेंस की फोकस दूरी—

लेंस क्षमता P=1fमीटरP=\frac{1}{f} \text{मीटर}

दिया गया है −P=+2.0D-P=+2.0D

तो +2=1f+2=\frac{1}{f}

∴f=1+2मीटर=100+2सेमी.=+50सेमी.∴f=\frac{1}{+2} \text{मीटर}=\frac{100}{+2} \text{सेमी}.=+50 \text{सेमी}.

अतः लेंस की फोकस दूरी 50सेमी.50 \text{सेमी}. है तथा धनात्मक चिन्ह बताता है कि यह एक 'उत्तल लेंस' है।

अवतल लेंस द्वारा प्रतिबिम्ब के बनने के लिए किरण आरेख—

[अवतल लेंस द्वारा प्रतिबिम्ब का किरण आरेख]

कक्षा 10 विज्ञान पाठ 9 प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन चित्र 54

316