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Poem 10 A Slumber did My Spirit Seal

Textbook Questions and Answers

Thinking About the Poem : 

Question 1. 
‘A slumber did my spirit seal’, says the poet. That is, a deep sleep “closed off” his soul (or mind). How does the poet react to his loved one’s death? Does he’ feel bitter grief? Or does he feel a great peace?
‘नींद जिसने मेरे मनोभाव बंद कर दिये’, कवि कहता है। अर्थात्, गहरी नींद ने उसके मन को बन्द कर दिया है। कवि अपनी प्रियजन की मृत्यु पर क्या प्रतिक्रिया करता है? क्या उसे शोक हो रहा है? या उसे बड़ी शान्ति प्राप्त हो रही है?
Answer:
The poet reacts by saying that he has no human fears because a slumber has sealed his spirit. She seems a thing that cannot feel the touch of earthly years. Before slumber he may have been in grief but after slumber he doesn’t appear so. He appears to feel a great peace; first, he falls asleep and second, he mentions earth’s diurnal course (means routine life).

कवि यह कहते हुए प्रतिक्रिया देता है कि उसे अब कोई मानवीय भय नहीं है क्योंकि नींद ने उसके मनोभाव को बन्द कर दिया है। वह अब ऐसी वस्तु बन गई लगती है जिस पर पृथ्वीय वर्षों का प्रभाव नहीं पड़ता है। नींद से पूर्व वह दुःखी हो सकता है किन्तु नींद के बाद वह दुःख में दिखाई नहीं देता है। वह अत्यधिक शान्ति में दिखाई पड़ता है; प्रथम, उसे नींद आ जाती है और द्वितीय, वह पृथ्वी की दैनिक गति का जिक्र करता है (अर्थात् नित्य जीवन की चर्चा करता है।)

Question 2.
The passing of time will no longer affect her, says the poet. Which lines of the poem say this?
कवि कहता है कि अब उसकी मित्र पर समय के बीतने का कोई प्रभाव न पड़ेगा। कविता की कौनसी पंक्तियों में ऐसा कहा गया है? 
Answer:
The following lines say that passing of time will no longer affect her :
She seemed a thing that could not feel
The touch of earthly years. 

निम्न पंक्तियाँ बताती हैं कि समय के बीतने का उस पर कोई प्रभाव नहीं होगा :
‘वह एक ऐसी वस्तु बन गई लगती है जिस पर
पृथ्वीय वर्षों का कोई प्रभाव नहीं पड़ सकेगा।’ 

Question 3. 
How does the poet imagine her to be, after death? Does he think of her as a person living in a very happy state (a ‘heaven’) ? Or does he see her now as a part of Nature? In which lines of the poem do you find your answer?
कवि उसकी मृत्यु के पश्चात् उसके बारे में क्या कल्पना करता है। क्या वह सोचता है कि वह स्वर्ग में प्रसन्न है? या यह कि वह अब प्रकृति का भाग बन चुकी है। आपको अपना उत्तर कौनसी पंक्तियों में मिलता है? 
Answer:
The poet thinks that she is now a part of Nature. The following lines express this idea :
Rolled round in earth’s diurnal course
With rocks and stones and trees.

कवि सोचता है कि अब वह प्रकृति का हिस्सा बन चुकी है। निम्न पंक्तियाँ इस भाव को व्यक्त कर रही हैं
‘चट्टानों व पत्थरों व वृक्षों के साथ
वह अब पृथ्वी की दैनिक गति के साथ चक्कर काट रही है।’

Important Questions and Answers

Question 1. 
Write a short note on the message/theme/central idea of the poem. 
कविता के सन्देश/सार/केन्द्रीय भाव पर एक संक्षिप्त लेख लिखें।
Answer:
The message/theme/central idea is that we can draw comforts from nature even when we have lost our loved one. After death, our loved ones become the part of nature which remains in action round the clock.

सन्देश/सार/केन्द्रीय भाव यह है कि हम प्रकृति से सान्त्वना प्राप्त कर सकते हैं चाहे हमने अपने प्रिय को ही क्यों न खो दिया हो। मृत्योपरान्त, हमारे प्रिय प्रकृति का भाग बन जाते हैं जो हमेशा कार्यरत 

Question 2. 
Wordsworth is a poet of nature. Substantiate.
वर्ड्सवर्थ प्रकृतिवादी कवि है। पुष्टि करें।
Answer:
The poet says that his loved one is now beyond earthly years. Only nature is eternal. Then, he says that she rolls round with earth’s diurnal course which is too a part of nature. He mentions rocks, stones and trees.

कवि कहता है कि उसकी प्रिय अब पृथ्वीय वर्षों से परे है। केवल प्रकृति ही शाश्वत है। फिर, वह कहता है कि वह पृथ्वी की दैनिक गति के साथ गति करती है तो वह भी प्रकृति का एक भाग ही है। वह चट्टानों, पत्थरों व वृक्षों का जिक्र करता है। 

Explanations with Reference to the Context
(सन्दर्भ सहित व्याख्याएँ)

Stanza 1.

A slumber did my spirit seal
I had no human fears. 
She seemed a thing that could not feel
The touch of earthly years. 

Reference : These lines have been taken from the poem “A Slumber Did My Spirit Seal’ written by famous poet William Wordsworth.

Context : This poem is about the death of poet’s beloved. What does he think about her. In his imagination he thinks how his beloved is after death.

Explanation : The poet is in deep grief due to the death of his beloved. He tells that a slumber (death) has sealed all his spirits. How he is completely fearless. She (his beloved) has become a thing that there is not any effect of earthly movements. She is completely out of fears. The poet says that there is no effect of earthly matters after death.

सन्दर्भ : प्रस्तुत पंक्तियाँ ‘A Slumber Did My Spirit Seal’ नामक कविता से ली गई हैं जिनके लेखक प्रसिद्ध कवि विलियम वर्ड्सवर्थ हैं।

प्रसंग : यह कविता कवि की प्रेमिका की मृत्यु के बारे में है। वह अपनी प्रेमिका के बारे में क्या सोचता है। अपनी कल्पना में वह सोचता है कि मृत्यु के बाद उसकी प्रेमिका किस स्थिति में है। 

व्याख्या : कवि अपनी प्रेमिका की मृत्यु के कारण गहरे दुःख में है। वह कहता है कि एक नींद (मृत्यु) ने उसके सारे मनोभावों को बंद कर दिया है। अब वह पूर्णतया निर्भय है। उसकी प्रेमिका एक ऐसी वस्तु बन गई है जिस पर पृथ्वी की गतिविधियों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। वह अब सम्पूर्ण भय से मुक्त है। कवि कहता है कि मृत्यु के बाद मानवीय कार्यकलापों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

Stanza 2.

No motion has she now, no force
She neither hears nor sees, 
Rolled round in earth’s diurnal course
With rocks and stones and trees. 

Reference : These lines have been extracted from the poem ‘A Slumber Did My Spirit Seal composed by the famous poet William Wordsworth.

Context : The poem is about the death of poet’s beloved. The poet says that no effect of fear remains after death. His beloved is now out of fear.

Explanation : The poet tells that now neither motion-nor force is in her beloved. She neither hears nor sees. Now she has become a part of this earth and she moves with it. There is an intense effect of his beloved’s death on the poet. He says that she has become a part of the earth. There is a beautiful controversy here. Poet’s beloved is physically motionless but spiritually in movement. He wants to establish that body is mortal but soul is in motion.

सन्दर्भ : ये पंक्तियाँ ‘A Slumber Did My Spirit Seal’ नामक कविता से उद्धृत हैं जिसे प्रसिद्ध कवि विलियम वर्ड्सवर्थ द्वारा रचा गया है।

प्रसंग : यह कविता कवि की प्रेमिका की मृत्यु के बारे में है। कवि कहता है कि मृत्योपरांत कोई भय शेष नहीं रहता है। उसकी प्रेमिका अब भय से मुक्त है।

व्याख्या : कवि कहता है कि उसकी प्रेमिका में अब न तो गति है और न ही शक्ति है । वह न तो सुन सकती है और न ही देख सकती है। अब वह पृथ्वी का एक हिस्सा बन गई है और उसके साथ घूमती है। कवि पर उसकी प्रेमिका की मृत्यु का गहन प्रभाव है। वह कहता है कि वह पृथ्वी (मिट्टी) का एक हिस्सा बन गई है। यहाँ एक सुन्दर विरोधाभास है। कवि की प्रेमिका शारीरिक रूप से गतिहीन है पर आत्मिक रूप से गतिशील अवस्था में है। कवि यहाँ यह स्थापित करने का प्रयास करता है कि शरीर नाशवान है और आत्मा गतिशील है। 

Read and Enjoy :

Fear No More 
Fear no more the heat o’ the sun, 
Nor the furious winter’s rages; 
Thou thy worldly task hast done,
Home art gone, and ta’en thy wages: 
Golden lads and girls all must, 
As chimney-sweepers, come to dust. 
Fear no more the frown o’ the great,
Thou art past the tyrant’s stroke;
Care no more to clothe and eat; 
To thee the reed is as the oak; 
The sceptre, learning, physic, 

must All follow this, and come to dust.
Fear no more the lightning-flash, 
Nor the all-dreaded thunder-stone;
Fear not slander, censure rash; 
Thou hast finished joy and moan; 
All lovers young, all lovers must 
Consign to thee, and come to dust. — William Shakespeare 

Theresa Kane says that she likes this poem… because it is so exhilarating. It sweeps me along in the splendid, stormy words, then there is the quiet, peaceful lagoon of the last two lines of each verse. It is a wonderful poem, as hard, proud and fierce as a rock in a storm.

[from I Like This Poem, ed., Kaye Webb,
1979, (International Year of the Child),
Puffin Books, p. 154, 14-year-old]


हिन्दी अनुवाद — कवि मनुष्य को आह्वान करता है कि धूप की गर्मी से तेज शीत ऋतु के गुस्से से मत डरो। आप अपना सांसारिक कार्य कर चुके हो। संसार में घर भी छिन जाता है और आपका वेतन (धन-दौलत) भी लिया जाता है-अच्छे लड़के तथा सभी लड़कियाँ धुएं की चिमनी की सफाई करने वाली की भाँति चले जाते हैं और धूल में समा जाते हैं।

आप तो आतंकी के सहलाने को भी पार कर चुके हों। अतः कपड़ों और भोजन की परवाह मत करो। आपके लिये तो नरकट ही बलूत के पेड़ की तरह है; सभी राजाधिकार, ज्ञान, बुद्धिमता, विज्ञान सभी को इसका अनुसरण करना है और धूल में मिल जाना है।

तेज चमकती हुई बिजली से मत डरो और न ही भयानक गर्जने वाले व डरावने (पत्थरों) से। अपवाद तथा गुस्से की निन्दा करो। आपने आनन्द एवं कराहट समाप्त कर ली है; सभी नौजवान प्रेमी आपमें ही समर्पित हैं और धूल में ही मिल जायेंगे। — विलियम शेक्सपीयर

थेरेसा केनं कहती है कि वह इस कविता को पसन्द करती है. क्योंकि यह बहुत आह्लादकारी है। यह मुझे भव्य व तूफानी शब्दों में विचरण कराती है, जबकि इसके प्रत्येक पद की अंतिम दो पंक्तियाँ खामोश व शांत खारे पानी की झील में विचरण कराती हैं। यह एक आश्चर्यजनक कविता है इतनी सख्त, गर्वीली और भयानक जैसे कि एक तूफान में एक चट्टान रहती है।

[‘मुझे यह कविता पसंद है’ से (ली गई है), केयी वेब 1979 
(अन्तर्राष्ट्रीय बाल वर्ष) पफिन बुक्स, पेज 154
14 वर्ष पुराना]

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