Chapter 3 सरल रेखा में गति
Chapter 3 सरल रेखा में गति Text Book Questions and Answers अभ्यास के प्रश्न एवं उनके उत्तर प्रश्न 3.1 नीचे दिए गए गति के कौन-से उदाहरणों में वस्तु को लगभग बिंदु वस्तु माना जा सकता है: दो स्टेशनों के बीच बिना किसी झटके के चल रही कोई रेलगाड़ी। किसी वृत्तीय पथ पर साइकिल चला रहे […]
Chapter 2 मात्रक एवं मापन
Chapter 2 मात्रक एवं मापन Text Book Questions and Answers अभ्यास के प्रश्न एवं उनके उत्तर प्रश्न 2.1 रिक्त स्थान भरिए – (a) किसी 1 cm भुजा वाले घन का आयतन ………… m3 के बराबर है। (b) किसी 2 cm त्रिज्या व 10 cm ऊँचाई वाले सिलिंडर का पृष्ठ क्षेत्रफल ……… (mm)2 के बराबर है। […]
Chapter 1 भौतिक जगत
Chapter 1 भौतिक जगत Text Book Questions and Answers अभ्यास के प्रश्न एवं उनके उत्तर प्रश्न 1.1 विज्ञान की प्रकृति से संबंधित कुछ अत्यंत पारंगत प्रकथन आज तक के महानतम वैज्ञानिकों में से एक अल्बर्ट आइंस्टाइन द्वारा प्रदान किए गए हैं। आपके विचार से आइंस्टाइन का उस समय क्या तात्पर्य था, जब उन्होंने कहा था […]
Chapter 5 सौवर्णशकटिका Summary and Translation in Hindi
Chapter 5 सौवर्णशकटिका Summary and Translation in Hindi नाट्यांशों का सप्रसङ्ग हिन्दी-अनुवाद/व्याख्या एवं सप्रसङ्ग संस्कृत-व्याख्या – (ततः प्रविशति दारकं गृहीत्वा रदनिका) 1. रदनिका-एहि वत्स! ………………………………………………. आर्ये! प्रणमामि॥ कठिन-शब्दार्थ : एहि = आओ। शकटिकया = गाड़ी के द्वारा। मृत्तिका शकटिकया = मिट्टी की गाड़ी से। सनिर्वेदम् = दुःख के साथ। निःश्वस्य = ठण्डी आह भरकर। सुवर्ण […]
Chapter 5 सौवर्णशकटिका Questions and Answers
Chapter 5 सौवर्णशकटिका Textbook Questions and Answers प्रश्न: 1. संस्कृतेन उत्तरं दीयताम् – (क) ‘मृच्छकटिकम्’ इति नाटकस्य रचयिता कः? उत्तरम : ‘मच्छकटिकम’ इति नाटकस्य रचयिता शद्रकः अस्ति। (ख) दारकः (रोहसेनः) रदनिकां किमयाचत? उत्तरम् : दारकः (रोहसेनः) रदनिकां सौवर्णशकटिकां अयाचत। (ग) वसन्तसेना दारकस्य विषये किं पृच्छति? उत्तरम् : वसन्तसेना दारकस्य विषये अपृच्छत् यत् एषः किं निमित्तम् रोदिषि। (घ) रदनिका किमुक्त्वा दारकं तोषितवती? उत्तरम् : तातस्य ऋद्ध्या […]
Chapter 4 मानो हि महतां धनम् Summary and Translation in Hindi
मानो हि महतां धनम् Summary and Translation in Hindi पद्यांशों का अन्वय, सप्रसङ्ग हिन्दी-अनुवाद/व्याख्या एवं सप्रसङ्ग संस्कृत-व्याख्या कुन्ती उवाच – 1. क्षात्रधर्मरता …………………………………… बहश्रुता॥1॥ अन्वयः – क्षात्रधर्मरता, दीर्घदर्शिनी, राज संसत्सु विश्रुता श्रुतवाक्या, बहुश्रुता विदुरा धन्या॥ कठिन-शब्दार्थ : क्षात्रधर्मरता = क्षत्रिय धर्म में लीन। दीर्घदर्शिनी = भविष्य का चिन्तन करने वाली। विश्रुता = प्रसिद्ध। राजसंसत्सु = […]
Chapter 4 मानो हि महतां धनम् Questions and Answers
Chapter 4 मानो हि महतां धनम् Textbook Questions and Answers प्रश्न: 1. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तरं संस्कृतेन देयम् (क) ‘मानो हि महतां धनम्’ इत्ययं पाठः कस्मात् ग्रन्थात् संकलितः ? उत्तरम् : ‘मानो हि महतां धनम्’ इत्ययं पाठः महाभारत ग्रन्थात् संकलितः। (ख) विदुरा कुत्र विश्रुता आसी?उत्तरम् : विदुरा राजसंसत्सु विश्रुता आसीत्। (ग) विदुरायाः पुत्रः केन पराजितः अभवत् ? उत्तरम् : विदुरायाः पुत्रः सिन्धुराजेन […]
Chapter 3 परोपकाराय सतां विभूतयः Summary and Translation in Hindi
परोपकाराय सतां विभूतयः Summary and Translation in Hindi गद्यांशों/पद्यांशों का सप्रसङ्ग हिन्दी-अनुवाद व्याख्या एवं सप्रसङ्ग संस्कृत-व्याख्या – 1. बोधिसत्वः किल ……………………………………………… चकार॥ कठिन-शब्दार्थ : नातिमहति = बहुत बड़े नहीं। कुवलय = नील कमल। हंसचक्रवाकादि शोभिते = हंस चक्रवाक आदि पक्षियों से सुशोभित। मत्स्याधिपतिः = मछलियों के स्वामी के रूप में। तत्रस्थः अपि = वहाँ, उस […]
Chapter 3 परोपकाराय सतां विभूतयः Textbook Questions and Answers
Chapter 3 परोपकाराय सतां विभूतयः Textbook Questions and Answers प्रश्न: 1. संस्कृतभाषया उत्तरत – (क) जातकमालायाः लेखकः कः? उत्तरम् :जातकमालायाः लेखकः आर्यशूरः वर्तते। (ख) कथायां वर्णिते जन्मनि बोधिसत्त्वः कः बभूव? उत्तरम् : कथायां वर्णिते जन्मनि बोधिसत्त्वः मत्स्याधिपतिः बभूव। (ग) महासत्त्वः मीनानाम् कैः परमनुग्रहम् अकरोत्?उत्तरम् : महासत्त्वः मीनानाम् स्वकीय सत्य तपोबलेन परमनुग्रहम् अकरोत्। (घ) सरः लघुपल्वलमिव कथमभवत्? उत्तरम् : उपगते निदाघकाले दिनकरकिरणैः अभितप्तया धरित्र्या, […]
Chapter 2 ऋतुचित्रणम् Summary and Translation in Hindi
Chapter 2 ऋतुचित्रणम् Summary and Translation in Hindi पाठ के श्लोकों का अन्वय, सप्रसंग हिन्दी-अनुवाद/व्याख्या एवं सप्रसङ्ग संस्कृत-व्याख्या – 1. सुखानिलोऽयं…………………………………………………जातपुष्यफलद्रुमः॥1॥ अन्वयः – सौमित्रे! सुखानिलः गन्धवान् जातपुष्पफलद्रुमः प्रचुरमन्मथः अयं कालः सुरभिः मासः॥1॥ कठिन-शब्दार्थ : सौमित्रे! = सुमित्रा के पुत्र हे लक्ष्मण ! सुखानिलः = सुख देने वाली हवा। गन्धवान् = सुगन्ध से युक्त। जातपुष्प फलद्रुमः = […]