8 Silk Road [रेशम मार्ग]

—Nick Middleton

TEXTBOOK QUESTIONS

Understanding the Text :

I. Give reasons for the following statements :

Q. 1. The article has been titled ‘Silk Road’.

इस आलेख का शीर्षक रेशम मार्ग रखा गया है।

Ans. The silk road connected China with Europe and West Asia in ancient times, India was also connected with it. While travelling from Lhasa to Kailash Mount the writer follows this ancient track. He, therefore, gives the title Silk Road to this article

रेशम मार्ग प्राचीन समय में चीन को यूरोप तथा पश्चिमी एशिया से जोड़ता था। भारत भी इससे जुड़ा हुआ था। ल्हासा से कैलाश पर्वत की यात्रा करते समय लेखक भी इसी प्राचीन मार्ग से चलता है। इसलिए उसने इस लेख का शीर्षक ‘रेशम मार्ग’ दिया है।

Q. 2. Tibetan mastiffs were popular in China’s imperial courts.

तिब्बत के मस्टिफ कुत्ते चीन के शाही दरबारों में लोकप्रिय हो गये थे।

Ans. Travelling along the Silk Road the writer finds that the Tibetan mastiffs are fearless frightening dogs. They attack the writer’s car with the speed of a bullet fired from a gun. They rush at the car straight. Such dogs were naturally popular for their guarding and hunting skills in the royal courts of China.

रेशम मार्ग से यात्रा करते हुए लेखक यह अनुभव करता है कि तिब्बती कुत्ते निर्भीक और भयानक हैं। वे लेखक की कार पर बन्दूक की गोली की रफ्तार से आक्रमण करते हैं। वे गोली की तरह सीधे कार पर झपटते हैं। ऐसे कुत्ते अपनी पहरेदारी और शिकारी क्षमताओं के कारण सहज रूप से ही चीन के बादशाही दरबारों में विशेष लोकप्रिय हो गये थे।

Q. 3. The author’s experience at Hor was in stark contrast to earlier accounts of the place.

होर कस्बे में लेखक के अनुभव पहले वाले यात्री विवरणों से काफी भिन्न रहे।

Ans. Hor is a town situated at the Mansarovar shore. Mansarovar is the most scared and holy lake in Tibet. Earlier a Japanese monk and a Swede Mr. Sven Hedin were so much overwhelmed by the holiness of this place that tears began to flow from their eyes when they visited this place. But the writer finds it a dirty, grim and miserable place. There was no vegetation whatsoever in Hor. It was just full of dust and rocks. There were heaps of rubbish everywhere. The writer was disappointed to see this town.

होर मानसरोवर के किनारे बसा हुआ एक कस्बा है। मानसरोवर तिब्बत की सबसे पवित्र झील है। इसके पहले एक जापानी संन्यासी और एक स्वीडन यात्री स्वेन हेडिन जब होर आये थे तो इस स्थान की पवित्रता से इतने अभिभूत हो गये थे कि उनकी आँखों से अश्रु बहने लगे। लेकिन लेखक ने इस स्थान को गंदा, नीरस और कष्टकारक पाया। होर में कोई वनस्पति नहीं थी। यह धूल और चट्टानों से भरा था। सब जगह कचरे के ढेर थे। लेखक इस कस्बे को देख कर निराश हुआ।

Q. 4. The author was disappointed with Darchen.

लेखक डार्सन को देख कर निराश हुआ।

Ans. The writer knew that Darchen was a place from where the pilgrimage began. He had heard that during the season of Kailash Kora the town was full of pilgrims. Many people were said to bring their own tents. When the writer came to Darchan he found no pilgrims there. He was in need of companions. He did not know the route to Kailash. He was not sure whether the way was blocked by snow. He could do nothing but

wait all alone.

लेखक जानता था कि डार्सन वह स्थान है जहाँ से यात्रा शुरू होती है। उसने सुना था कि कैलाश यात्रा ‘कोरा’ के मौसम में पूरा कस्बा यात्रियों से भर जाता है। बहुत से लोग तो अपने तंबू खुद लाते थे। जब लेखक डार्सन आया तो उसे यहाँ कोई यात्री नहीं मिला। उसे यात्रा के लिए साथियों की जरूरत थी। वह कैलाश पर्वत के मार्ग से भी परिचित नहीं था। उसे यह भी पता नहीं था कि रास्ता बर्फ से रुका पड़ा है या नहीं। वह अकेले इन्तजार करने के अलावा कुछ नहीं कर सकता था। माया

Q. 5. The author thought that his positive thinking strategy worked well after all.

लेखक यह सोचता था कि उसके सकारात्मक चिन्तन का सिद्धान्त सफल हो रहा है।

Ans. Positive thinking means always having hope for the good and never to be disappointed. It also means optimism and strong determination. When the writer reached Darchen he found no pilgrim there. He was all alone. He was not familiar with the track to Kailash. He could do nothing but wait. In such a state Norbu comes to him for the pilgrimage. This, according to the writer is the victory of hope.

– सकारात्मक चिन्तन का अर्थ है हमेशा अच्छे की उम्मीद रखना और कभी निराश न होना। इसका अर्थ आशावाद और दृढ़ निश्चय है। जब लेखक डार्सन पहुँचता है तो उसे वहाँ कोई यात्री नहीं मिलता है। वह पूरी तरह अकेला था। वह कैलाश जाने वाले मार्ग से भी परिचित नहीं था। वह इन्तजार के अलावा कुछ नहीं कर सकता था। ऐसी हालत में नोरबू कैलाश यात्रा के लिए उसके पास आता है। लेखक के अनुसार यह आशा की विजय है।

II. Briefly comment on (संक्षिप्त वर्णन कीजिए-)

Q. 1. The purpose of the author’s journey to Mount Kailash.

लेखक का कैलाश यात्रा पर जाने का उद्देश्य।

Ans. The writer wanted to go on Kora i.e pilgrimage to Kailash. He was not going there for any religious purpose. He loved adventure and main purpose was academic.

लेखक कैलाश यात्रा अर्थात् ‘कोरा’ करना चाहता था। वह वहाँ किसी धार्मिक उद्देश्य से नहीं जा रहा था। वह साहसपूर्ण यात्राओं का शौकीन था और बौद्धिक उद्देश्य से ही यात्रा पर जा रहा था।

Q. 2. The author’s physical condition in Darchen.

डार्सन में लेखक की शारीरिक स्थिति।

Ans. The author reached Darchen tired and hungry. He had caught cold. One of his nostrils was blocked. He tried to breathe through his mouth but he could not sleep. He felt better only when he sat up. He feared that he would die if he slept. Thus he kept sitting all night. Next day he consulted a Tibetan doctor.

लेखक डार्सन पहुँचते समय थका हुआ और भूखा था। उसे सर्दी लग गई थी। उसका एक नथुना बन्द था। वह मुँह से सांस लेने की कोशिश कर रहा था लेकिन फिर भी वह सो नहीं सका। बैठने पर वह अच्छा महसूस करता था। उसे डर था कि अगर वह सो गया तो उसकी मृत्यु हो जाएगी। इस तरह वह रात-भर बैठा रहा। अगले दिन उसने एक तिब्बती डॉक्टर को दिखाया।

Q. 3. The author’s meeting with Norbu.

लेखक और नोरबू की मीटिंग।

Ans. The author was sitting in a cafe one afternoon. He was worried that there was no pilgrim to accompany him and nobody knew English to tell him about the trail. Suddenly a man came into the cafe and sat before him. He started talking. He said that his name was Norbu and he was a Tibetan. Also that he was going to Kailash Kora. He was working in the Chinese Academy of Social Sciences at Beijing. He had been writing about Kailash Kora and its importance in papers. He was also having only academic interest in the pilgrimage. The author was very happy to meet him.

एक अपरान्ह को लेखक कैफे में बैठा था। वह इस बात से चिन्तित था कि उसके साथ चलने के लिए कोई सहयात्री नहीं है और न ही कोई अंग्रेजी जानता है ताकि उसे रास्ता बता सके । अचानक एक व्यक्ति कैफे में आया और उसके सामने बैठ गया। उसने बातचीत शुरू कर दी। उसने कहा कि उसका नाम नोरबू है और वह एक तिब्बती है। वह भी कैलाश यात्रा पर ही जा रहा है। वह बीजिंग में चाइनीज अकादमी ऑफ सोशल साइंसेज में काम कर रहा था। कैलाश यात्रा और इसके महत्त्व पर वह कई लेख भी लिख चुका था। उसे भी इस यात्रा में केवल शैक्षणिक रुचि ही थी। लेखक उससे मिल कर बहुत प्रसन्न हुआ।

Q. 4. Tsetan’s support to the author during the journey.

जेतन द्वारा लेखक को यात्रा के दौरान दी गई सहायता।

Ans. Tsetan drove the car and took the author from Lhasa to Darchen. He made every effort to make the journey safe and comfortable for the author. It was a difficult track often clogged with snow but Tsetan reached Darchen with the author. When the author was not feeling.well and could not sleep all night because of blockage in his breathing passage Tsetan took him to a Tibetan doctor. He returned to Lhasa only after he saw that the author was quite well.

जेतन कार द्वारा लेखक को ल्हासा से डार्सन तक लाया। उसने लेखक के लिए इस यात्रा को आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए पूरे प्रयास किये। यह एक कठिन रास्ता था जो अक्सर बर्फ से रुका रहता था लेकिन जेतन लेखक को लेकर डार्सन पहुँच ही गया। जब लेखक श्वास नली में सर्दी के कारण रुकावट आ जाने के कारण रातभर नहीं सो सका तो जेतन उसे एक तिब्बती डॉक्टर के पास ले गया। जेतन ल्हासा तब ही लौटा जब उसने देख लिया कि लेखक काफी ठीक है।

Q. 5. “As a Buddhist, he told me, he knew that it didn’t really matter if I passed away, but he thought it would be bad for business.”

“एक बौद्ध होने के नाते, उसने कहा कि, वह जानता है कि मेरी मृत्यु हो जाना महत्त्वपूर्ण नहीं है लेकिन उसने सोचा कि धंधे के लिए यह बुरा होगा।”

Ans. On reaching Darchen the author fell ill. His nasal passage was blocked. He could not breathe well. He could not sleep all night. Next day Tsetan took him to a doctor. The author became well after taking his medicines. Then Tsetan told him that as a Buddhist he accepts life and death both equally well but the author’s death would be bad for his business. It appears it was only a joke.

डार्सन पहुँचने पर लेखक बीमार हो गया। उसकी श्वास नलिकाएँ सर्दी से बन्द हो गई थीं। वह ठीक तरह से सांस नहीं ले पाता था और रात-भर सो भी नहीं पाया। अगले दिन जेतन उसे एक डॉक्टर के पास ले गया। उसकी दवाइयाँ लेने के बाद लेखक ठीक हो गया। फिर जेतन ने उससे कहा कि एक बौद्ध होने के नाते वह जीवन और मृत्यु दोनों को एकसमान स्वीकार करता है लेकिन लेखक की मृत्यु उसके धन्धे को नुकसान पहुँचा सकती थी। ऐसा लगता है कि यह बात मजाक में कही गई थी।

ADDITIONAL QUESTIONS

Short Answer Type Questions (Word Limit: 10-15 Words)

Q. 1. What gift did Lhamo give to the author?

ल्हामो ने लेखक को क्या भेट दी थी?

Ans. When Lhamo came to know that the author was going to Kailash pilgrimage she gave a sheepskin coat to the author as a parting gift.

जब ल्हामो को पता चला कि लेखक कैलाश यात्रा पर जा रहा है तो उसने भेंट के रूप में लेखक को एक भेड़ की खाल का कोट दिया था।

Q. 2. What was the weather like when the writer left Ravu?

जब लेखक रावू से चला तो मौसम कैसा था?

Ans. It was a clear bright sky. The half moon floated in blue sky. There were pieces of cloud with a rosy tint.

आसमान साफ और चमकीला था। अर्ध-चन्द्र नीले आसमान में तैर रहा था। बादलों के टुकड़े गुलाबी आभा लिये हुए थे।

Q. 3. What did the author see when he reached the top of the pass?

दर्रे की चोटी पर पहुँचने पर लेखक ने क्या देखा?

Ans. The height of the pass was marked by heaps of rocks. The rocks were decorated with white silk scarves and ragged prayer flags.

दरे की ऊँचाई को चट्टानों के ढेर द्वारा अंकित किया गया था। इन चट्टानों को सफेद रेशमी दुपट्टों और प्रार्थना पताकाओं से सजाया गया था।

Q. 4. What disappointed the author in the town of Hor? लेखक होर कस्बे को देख कर किस कारण निराश हुआ?

Ans. Hor was marked by heaps of dirt, filth etc. There were no plants or trees. Instead, it was full of dust and rocks.

होर कस्बे में गंदगी और कूड़े-कचरे के ढेर लगे थे। वहाँ कोई वृक्ष अथवा पेड़-पौधे नहीं थे। इसके बजाय यह धूल और चट्टानों से भरा पड़ा था।

Q. 5. How do Buddhist and Hindu books describe the lake of Mansarovar?

मानसरोवर के बारे में प्राचीन हिन्दू और बौद्ध पुस्तकें क्या बताती हैं?

Ans. They tell us that Mansarovar was the source of four Indian rivers—The Indus, the Ganges, the Sutlej and the Brahmaputa.

वे हमें बताती हैं कि मानसरोवर से भारत की चार नदियाँ निकलती हैं—सिंधु, गंगा, सतलुज और ब्रह्मपुत्र।

Q. 6. What medicines were given to the author by the Tibetan doctor?

तिब्बती डॉक्टर द्वारा लेखक को क्या औषधियाँ दी गईं?

Ans. There was brown powder to be taken with hot water. In other packets there were small round tablets. They looked like sheep dung.

एक भूरा-सा पाउडर था जो गर्म पानी से लेना था। दूसरी पुड़ियाओं में छोटी-छोटी गोलियाँ थीं जो भेड़ की मेंगनी जैसी दिखती थीं।

Q. 7. What type of dogs did the ‘drokbas’ have?

तिब्बती गडरिये किस प्रकार के कुत्ते रखते थे?

Ans. Huge black dogs, Tibetan mastiff, looked like black monsters. They were ferocious. They rushed like bullets fired from guns.

विशाल काले कुत्ते, तिब्बती मास्टिफ, काले दैत्यों जैसे दिखते थे। ये बड़े भयानक थे। ये बन्दूक से निकली गोली की तरह झपटते थे।

Q. 8. How did their car pass over the snow on the track?

उस संकरे मार्ग पर जमी बर्फ को उनकी कार ने कैसे पार किया?

Ans. All the three of them covered the patch of snow with soil. Tsetan alone was in the car. Slowly the car crossed the dust covered snow.

तीनों ने बर्फ के टुकड़े को मिट्टी से ढका। कार में जेतन अकेला था। कार ने धीरे से मिट्टी ढकी हुई बर्फ को पार किया।

Q.9. What was the height at the top of the pass?

दर की चोटी की क्या ऊँचाई थी?

Ans. The top of the pass was at the height of 5515 metres from the sea-level. दरे की चोटी की ऊँचाई समुद्रतल से 5515 मीटर थी।

Q. 10. Why are dry salt lakes found on the Himalayas?

हिमालय पर नमक की सूखी झीलें क्यों पाई जाती हैं?

Ans. These dry salt lakes are vestiges of the Tethys Ocean which disappeared after the continental collision.

ये सूखी नमक की झीलें टेथिस समुद्र के अवशेष हैं जो महाद्वीपीय टक्कर के बाद गायब हो गया था।

Q. 11. Which river does really flow from Mansarovar?

वास्तव में कौनसी नदी मानसरोवर से निकलती है?

Ans. Only the Sutlej flows from the lake Mansarovar. Other three rivers rise from areas near Kailash.

केवल सतलज नदी मानसरोवर झील से निकलती है। अन्य तीन नदियाँ कैलाश के पास के क्षेत्रों से निकलती हैं।

Q. 12. Who were the earlier travellers to Mansarovar?

मानसरोवर के पूर्ववर्ती यात्री कौन थे?

Ans. Ekai Kavaguchi, a Japanese monk and Sven Hedin, Swedish explorer were the earlier travellers.

एकाई कावागुची, एक जापानी भिक्षु और स्वेन हेडिन, एक स्वीडन का खोजी यात्री पूर्ववर्ती यात्री थे।

Q. 13. What, according to the Tibetan doctor was the disease the writer suffered from?

तिब्बती डॉक्टर के अनुसार लेखक किस बीमारी से पीड़ित था?

Ans. The Tibetan doctor said that the writer suffered from cold and the effects of high altitude.

तिब्बती डॉक्टर ने कहा कि लेखक सर्दी-जुकाम और ऊँचाई के दुष्प्रभावों से पीड़ित था।

Q. 14. Why were there no pilgrims going to Kailash at the town of Darchen?

डार्सन कस्बे में कैलाश जाने वाले यात्री क्यों नहीं थे?

Ans. The writer had arrived at Darchen at the beginning of the pilgrimage season. It was too early

लेखक डार्सन में यात्रा के मौसम के प्रारम्भ में ही पहुँच गया था अर्थात् वह समय के पहले आ गया था। Q. 15. Was Norbu a religious man or a practising Buddhist?

क्या नोरबू एक धार्मिक आस्था वाला अथवा बौद्ध धर्म का पालन करने वाला आदमी था?

Ans. No, he was neither. His interest in Kailash Kora’ was only acadmeic.

नहीं, वह धार्मिक आस्थावान या बौद्ध धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति नहीं था। कैलाश यात्रा उसकी केवल शैक्षणिक रुचि थी।

Talking about the Text :

Discuss in group of four.

[Note : Do it yourself.]

Thinking about Language :

1. Notice the kind of English Tsetan uses while talking to the author. How do you think he picked it up?

Ans. Tsetan does not speak grammatically correct language. He does not speak complete sentences.

Mostly he speaks one-word sentences which are nouns only. He does not use verbs.

For example :

“drokba sir”

“Ah, yes”

“But no problem sir”

“if there is no snow”

“kyang”

“not good, sir”

“May be sir”

Tsetan picked up his English from foreign tourists.

2. What do the following utterances indicate?

(1) “I told her, through Daniel….”

(ii) “It’s a cold”, he said finally through Tsetan.

Ans. These utterances indicate that the speaker and the listener are talking through a mediator.

3. Guess the meaning of the following words :

kora drokba kyang

In which language are these words found?

Ans. (i) kora – religious journey, pilgrimage

(ii) drokba – nomads, shepherds who wander from place to place in Tibet.

(iii) kyang – herd of wild asses

These are Tibetan words.

Working with Words :

1. The narrative has many phrases to describe the scenic beauty of the mountainside like :

A flawless half-moon floated in a perfect blue sky. Scan the text to locate other such picturesque phrases.

Ans. The text is full of pictorial words, phrases and sentences such as

(1) Extended banks of cloud like long French loaves glowed pink as the sun emerged

to splash the distant mountain tops with a rose-tinted blush.

(2) Plumes of dust billowed into the crisp, clean air.

(3) The trail hugged its banks twisting with the meanders………..

(4) Beneath the rocks, hunks of snow clung on in the near permanent shade.

2. Explain the use of the adjectives in the following phrases :

(i) shaggy monsters (ii) brackish lakes (iii) rickety table (iv) hairpin bend (v) rudimentary general stores.

Ans. (i) shaggy-shaggy means rough or coarse. Shag means coarse tobacco.

(ii) brackish—area full of bushes, grass, plants.

(iii) rickety-weak or thin, likely to break and collapse, rickets is a disease of soft, weak bones.

(iv) hairpin bend—sharp bend on a steep road so that the road doubles back like a hair pin.

(v) rudimentary general store-undeveloped or imperfect form. Rudiment means the first stage.