षष्ठःपाठः सूक्ति सुधा

( 1 ) संस्कृतभाषाया प्रश्नोत्तराणि लिखत ।

( क ) सर्वत्र कीदृशं नीरम् अस्ति ?

उत्तर – सर्वत्र नीरजराजितम् नीरम् अस्ति ।

( ख ) मरालस्य मानसं कं विना न रमते ?

उत्तर – मरालस्य मानसं मानसं ( मानसरोवर ) विना न रमते ।

( ग ) विद्वान् कम् अपेक्षते ?

उत्तर – विद्वान् दैष्टिकतां अपेक्षते ।

( घ ) सत्कवि: कौ द्वौ अपेक्षते ?

उत्तर – सत्कविः शब्दार्थो द्वौ अपेक्षते ।

(ङ) यः यस्य प्रियः सः तस्य कृते किं भवति ?

उत्तर – यः यस्य प्रियः सः तस्य कृते जना: भवति ।

( च ) सहसा किम् न विदधीत् ?

उत्तर – सहसा क्रियाम् न विदधीत् ।

( छ ) विधात्रा किं विनिर्मितम् ?

उत्तर – विधात्रा धादनमज्ञताया: विनिर्मितम् ।

( ज ) अपण्डितानां विभूषणं किम् ?

उत्तर – अपण्डितानां विभूषणं मौनम् ।

( झ) महात्मानां प्रकृतिसिद्धं किं भवति ?

उत्तर – विपत्तिधैर्यम् , अभअभ्युदये क्षमा, सदसि वाक्पटुता, युद्धिविक्रम:, यशसि अभिरुचि, व्यर्सनम् श्रुतो इदं महात्मानाम् प्रकृतिसिद्धम् भवति।

( ञ) पायात् कः निवारयति ?

उत्तर – पायात् सन्मित्रलक्षणं निवारयति ।

( ट ) सन्तः कान पर्वतीकुविन्ति ?

उत्तर – सन्तः परगुणपरमाणून पवतीकुर्वन्ति ।

(ठ) कीदृशं भूषणं न क्षीयते ?

उत्तर – वाग्भूषणम् भूषणं न क्षीयते । 

( ड ) कूपरवननं कदा न उचितम् ?

उत्तर – कूपरवननं भवने प्रदीप्ते न उचितम् ।

(2) अधोलिखितपद्यांशानां सप्रसङ्गं हिन्दीभाषाया व्याख्या विधेया ।

( क ) वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धा: स्वयमेव सम्पदः ।

व्याख्या – प्रस्तुत पंक्ति हमारी संस्कृत पाठ्य पुस्तक शाश्वती भाग दो के षष्ठ पाठ सूक्ति सुधा – से श्लोक संख्या छ: महाकवि भारवि द्वारा रचित किरातार्जुनीयमहाकाव्यम् से लिया गया है। सूक्ति का अर्थ सुन्दर वचन और सुधा का अर्थ है अमृत यानि सूक्तिसुधा का अर्थ सुन्दर वचन रूपी अमृत ।

      पद्य के अनुसार अर्थ यह यह स्पस्ट होता है कि निश्चय ही गुणों की लोभी सम्पत्ति पर विचार विमर्श करने वाले मनुष्यों को अपने आप चुन लेती है जो व्यक्ति सहजता से सोच समझकर विचार करके अपना काम करते है लक्ष्मी स्वयं ही उनका चुनाव कर लेती है।

( ख ) क्षीयन्ते खलु भूषणानि सततं वाग्भूषणं भूषणम् ।

व्याख्या – प्रस्तुत पंक्ति हमारी पाठ्य पुस्तक शाश्वती भाग दो के षष्ठ पाठ सुक्तिसुधा से श्लोक संख्या ग्यारह के रचयिता महकवि भर्तृहरि द्वारा लिया गया है । सूक्तिसुधा का अर्थ है अमृत रूपी वचन ।

     पद्य के अनुसार अर्थ यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि किसी भी पुरष को आभूषण शोभा नहीं देता है । एक मात्र वाणी ही जो पुरुष को सुशोभित करता है । वाणी संस्कारों से धारण की जा सकती है। बाकी जो आभूषण सारी नस्ट होने वाले होते है । पुरुष के लिए एक मात्र वाणी रुपी आभूषण ही सदा बना रहता है।

( ग ) प्रोदीप्ते भवने च कूपरवननं प्रत्युद्यम: कीदृशः ?

व्याख्या – प्रस्तुत पंक्ति हमारी पाठ्य पुस्तक शाश्वती भाग दो के षष्ठ पाठ सूक्तिसुधा से श्लोक संख्या बारह के रचयिता महाकवि भर्त्तृहरि द्वारा लिया गया है। सूक्तिसुधा का अर्थ है सुन्दर वचन रूपी अमृत ।

    पद्य के अनुसार अर्थ यह स्पष्ट होता है कि विद्वान को आत्म कल्याण के लिए महान प्रयत्न करना चाहिए । क्योंकि भवन में आग लगने पर कुंए खोदने का परिश्रम व्यर्थक होता है। इसलिए किसी भी व्यक्ति को समय रहते ही कार्य कर लेना आवश्यक होता है।

( 3 ) रिक्तस्थानपूर्तिः करणीया ।

क . सत्कविरिव विद्वान् शब्दार्थो द्वय अपेक्षते ।

ख . सन्तः सन्मित्रलक्षणम् प्रवदन्ति ।

( 4 ) निम्नलिखित श्लोकयो: अन्वयं लिखत ।

क . नीरक्षीरविवेके हंसालस्यं त्वमेव तनुषे चेत् ।

    विश्वस्मिन्नधुनान्यः कुलव्रतं पालयिष्यति कः । ।

अन्वय: – नीरक्षीरविवेके त्वमेव चेत् हंसालस्य तनुषे विश्वस्मिन्नधुनान्यः कः कुलव्रतं पालयिष्यति ।

ख .विपदि धैर्यमथाभ्युदये क्षमा सदसि वाक्पटुता युधि विक्रमः ।

यशसि चाभिरुचिर्व्यसनं श्रुतौ प्रकृतिसिद्धमिदं हि महात्मनाम्। ।

अन्वयः – विपति धैर्यम् अथ अभ्युदये क्षमा सदसि वाक्पटुता युधि विक्रमः यशसि च अभिरुचि र्व्यसनम् श्रुतौ हि प्रकृतिसिद्धम् महात्मानाम् ।

( 5 ) निम्नलिखितशब्दानां अर्थं लिखित्वा वाक्य प्रयोगं कुरुत ।

नीरजम् – ( कमल ) सर्वत्रा नीरं नीरज – राजितम् ।

रसालः – (आम का पेड़ ) वनान्तरे रसालः समुल्लसति ।

पौरुषः – ( पुरुषार्थ के भरोसे ) पौरुषे निषीदति ।

विमृश्यकारिण: – ( विचार विमर्श करने वाले ) सः विमृश्यकारिणं अस्ति ।

जरा – ( बुढ़ापा ) 

(6) निम्नलिखितशब्दानां सार्थकं मेलनं क्रियताम् ।

  क . मरालस्य——– IV . हंसस्य

  ख . अवलम्बते—— i . आश्रयते

   ग . अधुना———- V . साम्प्रतम्

   घ . विधात्रा——– i i . व्राह्मण

   ङ . पर्वतीकृत्य—– i i i . विशदीकृत्य

   च . नीरजं———– V i i i कमलम्

    छ . रसालः——— V i आम्रः

    ज . सम्पदः——– Vi i विभूतयः

    झ . यशसि——— i x कीर्त्तौ

( 7 ) अधों लिखितशब्दानां पठात् विलोमपदं चित्वा लिखत ।

क . मूर्खः———- विद्वान

ख . अप्रियः——- प्रियः

 ग. पुण्यात्——– पापात्

 घ . यौवनम्——- जराः

  ङ . उपेक्षते——– अपेक्षते

(8) सन्धिविच्छेद: क्रियताम् ।

  ( क ) नालम्बते – न + अवलम्बते

 ( ख) विश्वस्मिन्नधुनान्यः – विश्वस्मिन् + अधुना + अन्यः

  ( ग ) कोऽपि – कः + अपि

  ( घ ) चाभिरुचिर्व्यसनं – च + अभिरुचि + व्यसनम्

  ( ङ) चन्द्रोज्ज्वला: – चन्द्र + उज्ज्वलाः

( 9 ) अ . – अधोलिखितशब्दानां समास विग्रहः कार्यः ।

   क . अलिमाल: – अलिनां माला यस्मिन सः – बहुब्रीहि समास

   ख . वाक्पटुता – वाचि पटुता – सप्तमी तत्पुरुष समास

   ग . चन्द्रोज्ज्वला – चन्द्र इव उज्ज्वला: ये ते – बहुब्रीहि समास

   घ . अप्रतिहता – न प्रतिहता – नञ् तत्पुरुष समास

   ङ . वाग्भूषणम् – वाग् एव भूषणं – कर्मधारय समास

( आ ) अधोलिखित – विग्रहपदानां समस्तपदानि रचयत् ।

   कुलस्य व्रतं – कुलव्रतम्

क . वनस्य अन्तरे – वनान्तरे

ख . गुणानां लुब्धा – गुणलुब्धा:

ग . प्रकृत्या सिद्धम् – प्रकृतिसिद्ध

घ . उपकारस्य श्रेणिभिः – उपकारश्रेणिभि:,

ङ . आत्मनः श्रेयसि – आत्मश्रेयसि

( 10 ) अधोलिखितशब्देषु प्रकृतिप्रत्ययानां विभागः करणीयः ।

यथा – राजितम् – राज +क्त

क . दैस्टिकतां – दैस्टिक + तल्

ख . कुर्वाणः _ कृ + शानच्

ग . पटुता – पटु + तल्

घ . सिद्धम् – सिध् + क्त

ङ . विमृश्य – वि + मृश + ल्यप्

( 11 ) अधोलिखितश्लोकेषु छन्दो निदिश्यताम् ।

यथा – अस्ति यद्यपि …………. I l अनुष्टुप छन्दः

क . तावत कोकिल ……. समुल्लसति – आर्या छन्दः ।

ख . स्वायत्तमेकान्त …… मौनमपण्डितानाम् – उपजाति छन्दः ।

ग . विपदि धैर्यमथा …… महात्मनाम् –

घ. पापान्निवारयति …..प्रवदन्ति सन्तः – वसन्ततिलका छन्दः ।

ङ . केयूराणि न ……. भूषणम् – शाईलविक्रीडितं छन्दः । 

( 12 ) अधोलिखितपङ्क्तिषु कोऽलङ्कार: लिख्यताम् ।

क . शब्दार्थो सत्कविरिव द्वयं विद्वानपेक्षते – उपमा

ख . वाग्भूषणं भूषणम् – रुपक

ग . निजहृदि विकसन्त: सन्ति: कियन्त: – अनुप्रास

घ . रमते न मरालस्य मानसं मानसं विना – यमक

ङ . यावन्मिलदलिमाल: कोऽपि रसालः समुल्लसति – अनुप्रास

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

0:00
0:00

sahabet-matadorbet-sweet bonanza-deneme bonusu veren siteler 2026-radissonbet-kaçak iddaa-aviator-trwin-superbahis-matadorbet-matadorbet-superbet-deneme bonusu veren yeni siteler-slotday-xslot-bahibom-anadoluslot-slotday-radissonbet-casibom-casinofast-cratosroyalbet-asyabahis-asyabahis-betboo-betboo-youwin-youwin-superbahis-oleybet-1xbet-betmatik-artemisbet-bets10-deneme bonusu veren siteler 2026-tarafbet-baywin-superbahis-mersobahis-slotella-yeni slot siteleri-ritzbet-slot siteleri-canlı bahis siteleri-hitbet-celtabet-pusulabet-betano-betano-1xbet-mariobet-betmatik-betmatik-betenerji-misty-misty-güvenilir casino siteleri-misli-bahis siteleri-dedebet-bahsegel-bahsegel-meritking-holiganbet-holiganbet-bets10-ramadabet-bets10-casibom-casibom-ngsbahis-jojobet-marbahis-marbahis-asyabahis-tarafbet-yeni slot siteleri-superbahis-superbahis-oleybet-oleybet-misli-1xbet-artemisbet-slot siteleri-limanbet-limanbet-piabellacasino-baywin-mersobahis-almanbahis-pincocasino-pincocasino-savoycasino-exonbet-anadoluslot-betano-betano-madridbet-mariobet-mariobet-goldenbahis-betmatik-betenerji-misty-misty-betmatik-mostbet-bettilt-maxwin-meritking-venombet-holiganbet-betturkey-matadorbet-goldenbahis-cratosroyalbet-grandpashabet-casibom-jojobet-jojobet-bahibom-venombet-sahabet-aviator-bahis siteleri-superbet-grandpashabet-casino siteleri-betkom-palacebet-dedebet-deneme bonusu-spinco-deneme bonusu veren siteler-kaçak bahis-deneme bonusu veren siteler 2026-deneme bonusu veren siteler 2026-betkom-deneme bonusu veren yeni siteler-deneme bonusu veren yeni siteler-casinofast-tipobet-casibom-maxwin-spinco-betwild-güvenilir bahis siteleri-sweet bonanza-sweet bonanza-misli-betsin-stake-sweet bonanza-asyabahis-ramadabet-betboo-xslot-superbahis-deneme bonusu veren siteler-oleybet-kaçak iddaa-misli-deneme bonusu veren yeni siteler-damabet-artemisbet-limanbet-1xbet-betewin-betsin-betturkey-tokyobet-meritbet-pincocasino-gates of olympus-royalbet-deneme bonusu-pusulabet-pusulabet-betenerji-misty-misty-mostbet-mostbet-bettilt-bahsegel-nerobet-meritking-meritking-trwin-matadorbet-kaçak bahis-betwild-sahabet-aviator-marsbahis-palacebet-mariobet-damabet-exonbet-deneme bonusu veren yeni siteler-sweet bonanza-güvenilir casino siteleri-casino siteleri-deneme bonusu veren yeni siteler-kralbet-güvenilir bahis siteleri-slotella-royalbet-aviator-betturkey-canlı casino siteleri-sweet bonanza-slot siteleri-kaçak iddaa-kaçak iddaa-kaçak bahis-güvenilir casino siteleri-güvenilir casino siteleri-güvenilir bahis siteleri-gates of olympus-gates of olympus-deneme bonusu veren yeni siteler-deneme bonusu veren siteler 2026-casino siteleri-canlı casino siteleri-bahis siteleri-matadorbet-matadorbet-matadorbet-matadorbet-matadorbet-matadorbet-kralbet-ritzbet-