अव्यय-प्रकरणम्

पाठ्यक्रम में निम्न अव्यय पदों का समावेश है-
1. अलम्
2. अन्तः
3. बहिः
4. अधः
5. उपरि
6. उच्चैः
7. नीचैः
8. कदापि
9. पुनः।

इनके अतिरिक्त पाठों में न, च, यदा, कदा, कुत्र, अपि, एव, तथा, हि, किम्, अद्य, ह्यः, श्वः यदि, तथैव, सह, उभयतः, परितः, सर्वतः, नमः आदि का भी प्रयोग हो सकता है। अतः इन सभी अव्ययों का संक्षेप में ज्ञान अत्यावश्यक है। प्रश्नवाचक अव्ययों में कदा, कुत्र, क्व, किम्, का प्रयोग होता है। उपपद विभक्तियों में उभयतः, परितः, उपरि, अधः, सर्वतः, नमः, सह आदि का प्रयोग पहले भी दिखाया जा चुका है। चतुर्थी में स्वस्ति, स्वाहा का भी उपयोग होता है। ये प्रत्यय छठी कक्षा के व्याकरण भाग में आप पढ़ चुके हैं-यत्र, तत्र, कुत्र, अत्र, सर्वत्र, अन्यत्र, यदा, तदा, एकदा, सदा, सर्वदा, च अपि, अद्य, श्वः, ह्यः, प्रातः, सायम्, अहर्निशम्, अधुना एवं कुल।

1. अलम् – निषेध तथा पर्याप्त दो अर्थों में प्रयुक्त होता है।
(क) निषेध अर्थ में तृतीया तथा पर्याप्त अर्थ में चतुर्थी का प्रयोग होता है। शोर मत करो। झगड़ा मत करो। हँसो मत। क्रोध मत करो। इत्यादि वाक्यों में अलम् का प्रयोग तृतीया विभक्ति के साथ होता है यथा अलं कोलाहलेन। अलं विवादेन। अलं हसितेन। अलं क्रोधेन।
(ख) ‘पर्याप्त’ अर्थ में यह पहलवान उस पहलवान के लिए पर्याप्त है-मल्लः मल्लाय अलम्। दूध पीने के लिए पर्याप्त है-दुग्धं पानाय अलम्। अथवा अलं पातुं दुग्धम्।

2. अन्तः / बहिः – अन्दर तथा बाहर के लिए क्रमशः अन्तः तथा बहिः अव्ययों का प्रयोग होता है। अन्त के योग में षष्ठी तथा बहिः के योग में पञ्चमी होती है।
(i) सः गृहस्य अन्तः प्रविशति।
(ii) सः गृहात् बहिः गच्छति।
(iii) देवदत्तः भवनस्य अन्तः विद्यते।
(iv) नटः रंगमञ्चात् बहिः निष्क्रामति।

3. उपरि / अधः – इसी तरह ऊपर तथा नीचे अर्थों को बताने के लिए उपरि तथा अधः का प्रयोग होता है। इनमें षष्ठी विभक्ति का प्रयोग होता है। वृक्ष के ऊपर पक्षी बैठा है। वृक्ष के नीचे पक्षी बैठा है।
(i) वृक्षस्य उपरि खगः तिष्ठति।
(ii) वृक्षस्य अधः खगः तिष्ठति।

4. उच्चैः / नीचैः – ऊँचा और नीचा बताने के लिए क्रमशः उच्चैः, नीचैः शब्दों का प्रयोग होता है।
(i) वह ऊँचा बोलता है। सः उच्चैः वदति।
(ii) पानी नीचे बहता है। जलम् नीचैः वहति। इत्यादि।

5. कदापि / पुनः – कदापि का अर्थ है कभी-कभी। इसके विपरीत पुनः का अर्थ है बार-बार। वह मेरे घर कभी नहीं आता। वह मेरे घर बार-बार आता है।
(i) सः कदापि मम गृहं न आगच्छति।
(ii) सः पुनः पुनः मम गृहम् आयाति।
उसने एक गीत गाया। पुनः दूसरा गीत गाया।
सः एकं गीतम् अगायत्, पुनः अपरं गीतम् अगायत्।
उसने कभी झूठ नहीं बोला।
सः कदापि असत्यं न अवदत्।

अधोलिखित वाक्यों में मञ्जूषा से उचित पद चुनकर रिक्त स्थानों में भरो-

Class 8 Sanskrit Grammar Book Solutions अव्यय-प्रकरणम्
(i) नीचैः गच्छति __________ च दशा चक्रनेमिक्रमेणे।
(ii) वायुना पत्राणि __________ पतन्ति।
(iii) गीतम् __________ गायत।
(iv) एकवारं __________ कथां कथय।
(v) __________ रोदनेन।
(vi) मम पुत्रः एकाकी शास्त्रार्थे सर्वेभ्यः __________
(vii) __________ व्यथा अतीव कष्टकरी भवति।
(viii) त्वं __________ गत्वा पश्य।
(ix) सः __________ न आयास्यति।
(x) गृहात् __________ मा गच्छ।

कालबोधक अव्यय होते हैं-
यदा = जब।
एकदा = एक बार।
अद्य = आज।
श्व = कल (आने वाला)
तदा = तब।
सदा = सदा।
सम्प्रति = अब।
ह्यः = कल (बीता हुआ)
कदा = कब।
सर्वदा = सदा।
सदा = नित्य।
प्रातः = सुबह।
सायम् = शाम।
अहर्निशम् = दिनरात।

कुछ स्थानबोधक अव्यय होते हैं, जैसे-
अत्र = यहाँ।
कुतः = कहाँ से।
अन्यत्र = दूसरी जगह।
यत्र = जहाँ।
तत्र = वहाँ।
इह = इस लोक में।
कुत्र = कहाँ।
अमुत्र, परत्र = पर लोक में

कुछ विस्मयादिबोधक अव्यय होते हैं, जैसे- हे, अहो, अहा इत्यादि। कुछ मिश्रित अव्यय होते हैं, जैसे-
एव = ही
नाना = अनेकविध
इव = के समान
समीपम् = पास
किम् = क्या
दूरम् = दूर
अपि = भी
अतीव = अत्यधिक
किमपि = कुछ
उच्चैः = ऊँचे, ऊपर
किंञ्चित् = कुछ
नीचैः = नीचे
शीघ्रम् = जल्दी
उपरि = ऊपर
वामतः = बाईं तरफ
अधः = नीचे
बहुधा = बहुत बार
अतः = इसलिए
वारम्वारम् = बार-बार
अपरम् = और
भृशम् = अधिक
परम् = और
अथ = आरम्भबोधक
परन्तु = किन्तु
न = नहीं
विना = बिना
इत्थम् = इस प्रकार
इति = समाप्तिबोधक
इतः = यहाँ से
ततः = उस के बाद

पाठ्यक्रम के अनुसार अधोलिखित अव्यय ही निर्धारित हैं।
1. अलम् (समाप्ति अर्थ में) – अलं कोलाहलेन।
समर्थ अर्थ में – मल्लः मल्लाय अलम्।
2. अन्तः (अन्दर) – रामः गृहस्य अन्तः अस्ति।
3. बहिः (बाहर) – रामः गृहात् बहिः अगच्छत्।
4. अधः (नीचे) – शिशुः खट्वायाः अधः तिष्ठति।
5. उपरि (ऊपर) – कमला छदस्य उपरि तिष्ठति।
6. उच्चैः (ऊँचे स्वर में) – सः कक्षायाम् उच्चैः वदति।
7. नीचैः (नीचे) – जलं नीचैः वहति।
8. कदापि (कभी) – त्वं कदापि मम गृहं न आगच्छः।

अव्ययों का वाक्यों में प्रयोग
1. वह नहीं आया। = सः न आगतः।
2. क्या वह हँसता है? = किं सः हसति?\
3. यहाँ आओ। = अत्र आगच्छ।
4. यहाँ कुशल है। = अत्र कुशलम्।
5. वहाँ (कुशल) होवे। = तत्र (कुशलम्) अस्तु।
6. अधिक न बोलो। = अधिकं न वद।
7. वह झूठ बोलता है। = सः मृषा वदति।
8. वह कुछ बोला। सः किञ्चित अवदत्।
9. ऐसा ही है। = इदम् एव अस्ति।
10. शीघ्र आओ। = शीघ्रम् आगच्छ।
11. यह भी सत्य है। इदम् अपि सत्यम् अस्ति।
12. सदा सत्य बोलो। = सदा सत्यं वद।
13. क्रोध न करो। = क्रोधं मा कुरु।
14. आज सोमवार है। = अद्य सोमवारः अस्ति।
15. कल क्या था? = ह्यः किम् आसीत्?
16. कल क्या होगा? = श्वः किं भविष्यति?

बहुविकल्पीय प्रश्नाः

निम्नलिखितेषु वाक्येषु उचित अव्ययपदैः रिक्तपूर्तिः क्रियन्ताम्-

प्रश्न 1.
पिपीलिकाः __________ चलति।
(क) शनैः शनैः
(ख) वृथा
(ग) विना
(घ) उच्चैः
उत्तराणि:
(क) शनैः शनैः

प्रश्न 2.
__________ कोलाहलेन।
(क) बहिः
(ख) अलम्
(ग) कदापि
(घ) पुनः
उत्तराणि:
(ख) अलम्

प्रश्न 3.
कक्षायाः __________ मा गच्छ।
(क) उच्चैः
(ख) विना
(ग) बहिः
(घ) पुनः
उत्तराणि:
(ग) बहिः

प्रश्न 4.
विद्यालयस्य __________ क्रीडाक्षेत्रं अपि विद्यते।
(क) बहिः
(ख) अलम्
(ग) पुनः
(घ) अन्तः
उत्तराणि:
(घ) अन्तः

प्रश्न 5.
वृक्षस्य __________ सिंह: गर्जति।
(क) उपरि
(ख) अधः
(ग) अलम्
(घ) बहिः
उत्तराणि:
(ख) अधः

प्रश्न 6.
गृहे शिशुः __________ क्रन्दति।
(क) बहिः
(ख) अलम्
(ग) उच्चैः
(घ) पुनः
उत्तराणि:
(ग) उच्चैः

प्रश्न 7.
असत्यं __________ न ब्रूयात्।
(क) अलम्
(ख) पुनः
(ग) उच्चैः
(घ) कदापि
उत्तराणि:
(घ) कदापि

प्रश्न 8.
अयं संसारः __________ जायते विलीयते च।
(क) पुनः पुनः
(ख) अलम्
(ग) कदापि
(घ) बहिः
उत्तराणि:
(क) पुनः पुनः

प्रश्न 9.
नगरात् __________ गहनं वनं अस्ति।
(क) पुनः
(ख) बहिः
(ग) उच्चैः
(घ) नीचैः
उत्तराणि:
(ख) बहिः

प्रश्न 10.
__________ विवादेन।
(क) अधः
(ख) उच्चैः
(ग) अलम्
(घ) नीचैः
उत्तराणि:
(ग) अलम्

0:00
0:00

tipobet-onwin-güvenilir casino siteleri-güvenilir casino siteleri-slot siteleri-yeni slot siteleri-sahabet-matadorbet-sweet bonanza-aviator-güvenilir casino siteleri-deneme bonusu veren siteler-deneme bonusu veren siteler 2026-deneme bonusu veren yeni siteler-deneme bonusu-bahis siteleri-güvenilir bahis siteleri-aviator-slot siteleri-casino siteleri-deneme bonusu veren yeni siteler-deneme bonusu veren siteler-yeni slot siteleri-matadorbet-sahabet-yeni slot siteleri-deneme bonusu veren siteler 2026-matadorbet-bahis siteleri-tipobet-sahabet-deneme bonusu-deneme bonusu veren yeni siteler-güvenilir bahis siteleri-onwin-onwin-tipobet-casino siteleri-sweet bonanza-slot siteleri-güvenilir bahis siteleri-sweet bonanza-aviator-casino siteleri-bahis siteleri-deneme bonusu veren siteler 2026-