Chapter 1 रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ

Text Book Questions and Answers

अभ्यास के प्रश्न एवं उनके उत्तर

प्रश्न 1.1
निम्नलिखित के लिए आणविक/मोलर द्रव्यमान का परिकलन कीजिए –

  1. H2O
  2. CO2
  3. CH4

उत्तर:
1. H2O का आणविक द्रव्यमान = 2 × (हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान) + ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान
= 2(1.008u) + (16.00u)
= 2.016u+16.00u
= 18.16u
= 18.2u

2. CO2 का आणविक द्रव्यमान
= 1 × कार्बन का परमाणु द्रव्यमान + 2 (ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान)
= 12.011u + 2(16.00u)
= 12.011u + 32.00u = 44.011u

3. CH4 आणविक द्रव्यमान
= 12.011u + 4(1.008u)
= 12.011u + 4.032u
=16.043u

प्रश्न 1.2
सोडियम सल्फेट (Na2SO4) में उपस्थित विभिन्न तत्त्वों के द्रव्यमान प्रतिशत का परिकलन कीजिए।
उत्तर:
Na2SO4 का परमाणु द्रव्यमान
= 2 (सोडियम का परमाणु द्रव्यमान) + 5 का परमाणु द्रव्यमान + 4 (ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान)
= 2 × 23 + 32 + 4 × 16
= 142u

Na की प्रतिशतता


= 46142 × 100 = 32.39%

s की प्रतिशता

= 32146 × 100 = 22.54%

O की प्रतिशतता

= 64142 × 100 = 45.07

प्रश्न 1.3
आयरन के उस ऑक्साइड का मूलानुपाती सूत्र ज्ञात कीजिए, जिसमें द्रव्यमान द्वारा 69.9% आयरन और 30.1% आक्सीजन है।
उत्तर:

∴ मूलानुपाती सूत्र Fe2O3

प्रश्न 1.4
प्राप्त कार्बन डाइ-ऑक्साइड की मात्रा का परिकलन कीजिए, जब

  1. 1 मोल कार्बन को हवा में जलाया जाता है और
  2. 1 मोल कार्बन को 16g ऑक्सीजन में जलाया जाता है।

उत्तर:
1. हवा में कार्बन को जलाने पर निम्नलिखित रासायनिक समीकरण प्राप्त होता है –

जब 1 मोल कार्बन को हवा में जलाया जाता है, तो उत्पन्न कार्बन डाइ-ऑक्साइड = 1मोल = 44g

2. जब 1 मोल कार्बन को 16g ऑक्सीजन में जलाया जाता है तो 1 मोल कार्बन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन = 1मोल = 32g

प्रश्न 1.5
सोडियम ऐसीटेट (CH3COONa) का 500 ml, 0.375 मोलर जलीय विलयन बनाने के लिए उसके कितने द्रव्यमान की आवश्यकता होगी? सोडियम ऐसीटेट का मोलर द्रव्यमान 82.0245g mol-1 है।
उत्तर:
प्रश्नानुसार, CH3 COONa का मोलर द्रव्यमान = 82.0245g mol-1
विलयन का आयतन = 500ml = 0.5L
विलयन की मोलरता = 0.375M = 0.375mol L-1
हम जानते हैं कि विलयन की मोलरता

∴ द्रव्यमान = 0.375 × 0.5 × 82.0245
= 15.376g

प्रश्न 1.6
सान्द्र नाइट्रिक अम्ल के उस प्रतिदर्श का मोल प्रतिलीटर में सान्द्रता का परिकलन कीजिए जिसमें उसका द्रव्यमान प्रतिशत 69% हो और जिसका घनत्व 1.41gmL-1 है।
उत्तर:
प्रश्नानुसार,
विलयन का घनत्व = 1.41g mL-1
तथा द्रव्यमान = 100g

= 1001.41 = 70.92 ml
= 70.92/1000L
मोल प्रति लीटर में सान्द्रता से तात्पर्य मोलरता से है।

प्रश्न 1.7
100g कॉपर सल्फेट (CusO4) से कितना कॉपर प्राप्त किया जा सकता है?
उत्तर:
कॉपर सल्फेट का आणविक द्रव्यमान
= 63.6 + 32 + 4 × 16
= 159.6u
CuSO4 का ग्राम आणविक द्रव्यमान = 159.6g
∵ 159.6g CuSO4 देगा = 63.6g Cu
∴ 100g CuSO4 देगा = 63.6/159.6 × 100
= 59.85g

प्रश्न 1.8
आयरन के ऑक्साइड का आण्विक सूत्र ज्ञात कीजिए जिसमें आयरन तथा ऑक्सीजन का द्रव्यमान प्रतिशत क्रमशः 69.9g तथा 30.1g है।
उत्तर:
अभ्यास प्रश्न संख्या:
1.3 की भाँति हल करने पर,

मूलानुपाती सूत्र = Fe2O3
आण्विक सूत्रा = Fe2O2 (चूँकि कोई सरल गुणक नहीं है)

प्रश्न 1.9
निम्नलिखित आँकड़ों के आधार पर क्लोरीन के औसत परमाणु द्रव्यमान का परिकलन कीजिए –

उत्तर:
क्लोरीन का औसत परमाणु द्रव्यमान
= (0.757 × 34,9689)g + (24.23 × 36.9659)g
= (26.49 + 8.96)g
= 35.45 g

प्रश्न 1.10
एथेन (C2H6) के तीन मोलों में निम्नलिखित का परिकलन कीजिए –

  1. कार्बन परमाणुओं के मोलों की संख्या
  2. हाइड्रोजन परमाणुओं के मोलों की संख्या
  3. एथेन के अणुओं की संख्या।

उत्तर:
1. ∵ एथेन (C2H6) के 1 मोल में कार्बन परमाणुओं के मोलों की संख्या = 2 × 3 = 6 मोल

2. ∵ C2H6 के 1 मोल में हाइड्रोजन परमाणुओं की मोल संख्या = 6
∴ C2H6 के तीन मोलों में हाइड्रोजन परमाणुओं की मोल संख्या = 3 × 6 = 18 मोल

3. ∵ 1 मोल C2H6 में अणुओं की संख्या = 6.022 × 1023
∴ 3 मोल C2H6 में अणुओं की संख्या = 3 × 6.022 × 1023
= 1.81 × 1024 अणु

प्रश्न 1.11
यदि 20g चीनी (C12H22O11) को जल की पर्याप्त मात्रा में घोलने पर उस का आयतन 2L हो जाये, तो चीनी के इस विलयन की सान्द्रता क्या होगी।
उत्तर:
चीनी (C12H22O11) का मोलर द्रव्यमान
= 12 × 12 + 22 × 1 + 11 × 16
= 324u
mol L-1 में विलयन की सान्द्रता

= 2032×2 = 0.03mol L-1

प्रश्न 1.12
यदि मेथेनॉल का घनत्व 0.793kg L-1 हो, तो इसके 0.25 M के 2.5 L विलयन को बनाने के लिए कितने आयतन की आवश्यकता होगी?
उत्तर:
मेथेनॉल (CH3OH) का मोलर द्रव्यमान
= 12 + 4 × 1 + 16 × 1
= 32g mol-1
प्रश्नानुसार,
विलयन का आयतन = 25 L
विलयन की मोलरता = 0.25M = 0.25mol L-1
∵ विलयन की मोलरता

या 0.25 mol L-1

या CH3 OH का द्रव्यमान
= 0.25mol L-1 × 32g mol-1 × 2.5L
= 20g
∵ CH3 OH का द्रव्यमान = 20g = 0.02kg
तथा घनत्व = 0.793kg L-1

= 0.025 L

प्रश्न 1.13
दाब को प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाले बल के रूप में परिभाषित किया जाता है। दाब का SI मात्रक पास्कल नीचे दिया गया है –
1Pa = 1Nm-2
यदि समुद्र तल पर हवा का द्रव्यमान 1034gcm-2 हो, तो पास्कल में दाब का परिकलन कीजिए।
उत्तर:
प्रश्नानुसार.
द्रव्यमान (m) = 1034g = 1.034kg
∵ बल = द्रव्यमान × त्वरण
= m × a
= 1.034 × 934 = 10.13N
तथा क्षेत्रफल = 1cm2

प्रश्न 1.14
द्रव्यमान का SI मात्रक क्या है? इसे किस प्रकार परिभाषित किया जाता है?
उत्तर:
द्रव्यमान का SI मात्रक किलोग्राम है।

परिभाषा:
सेवरेस (पेरिस के निकट) में 0°C पर रखे Pt – Ir (प्लैटिनम-इरीडियम) मिश्र धातु की एक विशेष छड़ का द्रव्यमान 1 मानक किलोग्राम माना गया है।

प्रश्न 1.15
निम्नलिखित पूर्व-लग्नों को उनके गुणांकों के साथ मिलाइए –

उत्तर:

प्रश्न 1.16
सार्थक अंकों से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
सार्थक अंक-ऐसे अंकों की संख्या जिनसे किसी राशि को निश्चित रूप से व्यक्त किया जाये, सार्थक अंक कहलाते हैं।

प्रश्न 1.17
पेयजल के नमूने में क्लोरोफार्म, जो कैन्सरजन्य है, से अत्यधिक संदूषित पाया गया। संदूषण का स्तर 15 ppm (द्रव्यमान के रूप में) था।

  1. इसे द्रव्यमान प्रतिशतता में दर्शाइए।
  2. जल के नमूने में क्लोरोफार्म की मोललता ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
1. ∵ संदूषण का स्तर = 1.5 ppm
∴ 15g क्लोरोफार्म (CHCl3) उपस्थित है = नमूने के 106g में –

= 15 × 10-4

2. CHCl3 का मोलर द्रव्यमान = 12 + 1 + 3 × 35.5
= 119.5g mol-1
क्लोरोफार्म की मोललता क्लोरोफार्म का द्रव्यमान/

प्रश्न 1.18
निम्नलिखित को वैज्ञानिक संकेतन में लिखिए –

  1. 0.0048
  2. 234,000
  3. 8008
  4. 500.0
  5. 6.0012

उत्तर:

  1. 4.8 × 103
  2. 2.34 × 105
  3. 8.008 × 103
  4. 5.000 × 102
  5. 6.0012 × 100

प्रश्न 1.19
निम्नलिखित में सार्थक अंकों की संख्या बताइए –

  1. 0.0025
  2. 208
  3. 5005
  4. 126,000
  5. 500.00
  6. 2.0034

उत्तर:

  1. 2
  2. 3
  3. 4
  4. 3
  5. 6
  6. 5

प्रश्न 1.20
निम्नलिखित को तीन सार्थक अंकों तक निकटित कीजिए –

  1. 34.216
  2. 10.4107
  3. 0.04597
  4. 2808

उत्तर:

  1. 34.2
  2. 10.4
  3. 0.046
  4. 2810

प्रश्न 1.21
(क) जब डाइनाइट्रोजन और डाइ – ऑक्सजीन अभिक्रिया द्वारा भिन्न यौगिक बनाती हैं, तो निम्नलिखित आँकड़े प्राप्त होते हैं –

ये प्रायोगिक आँकड़े रासायनिक संयोजन के किस नियम के अनुरूप हैं? बताइए।

(ख) निम्नलिखित में रिक्त स्थान को भरिए –

हल:
(क) डाइनाइट्रोजन के 14 भाग को स्थिर करने पर ऑक्सीजन के ऑक्साइडों में क्रमशः द्रव्यमान 16, 32, 16, 40 है जो कि परस्पर एक सरल अनुपात 2 : 4 : 2 : 5 है। अतः ये ऑकड़े गुणित अनुपात के अनुरूप हैं।

(ख)

प्रश्न 1.22
यदि प्रकाश का वेग 3.00×108 ms-1 हो, तो 2.00 ns में प्रकाश कितनी दूरी तय करेगा?
उत्तर:
∵ 1 सेकण्ड = 10-9 ns
∴ प्रकाश 1ns दूरी करता है = 3.00 × 108 × 10-9 m
= 3 × 10-1
∴ प्रकाश 2ns में दूरी तय करेगा = 3 × 10-1 × 2m
= 6 × 10-1m
= 0.6m

प्रश्न 1.23.
किसी अभिक्रिया A + B2 → AB2, में निम्नलिखित अभिक्रिया मिश्रणों में सीमांत अभिकर्मक (यदि कोई हो, तो) ज्ञात कीजिए –

  1. A के 300 परमाणु + B के 200 अणु
  2. 2 मोल A + 3 मोल B
  3. A के 100 परमाणु + B के 100 अणु
  4. A के 5 मोल + B के 2.5 मोल
  5. A के 2.5 मोल + B के 5 मोल

उत्तर:
1.

∵ A का 1 परमाणु, B के 1 अणु 1 से क्रिया करता है
∴ A के 300 परामणु, B के 300 अणुओं से क्रिया करेंगे।
किन्तु अभिक्रिया में उपलब्ध B2 के अणुओं की संख्या = 200 अणु
अत: B2 सीमान्त अभिकर्मक है।

2. ∵ A का 1 मोल, B के 2 मोल से क्रिया करता है।
∴ A का 1.5 मोल, B के 3 मोल से क्रिया करेगा।
किन्तु अभिक्रिया में वास्तविक उपलब्ध A के मोलों की संख्या = 2
अत: A सीमान्त अभिकर्मक है।

3. ∵ A के 100 परमाणु, B के 100 परमाणुओं से क्रिया करते हैं। अतः यह कोई सीमान्त अभिकर्मक नहीं है।

4. ∵ A का 1 मोल, B के 2 मोल से क्रिया करता है।
∴ A के 5 मोल, B के 10 मोल से क्रिया करेंगे।
किन्तु B के वास्तविक उपलब्ध मोलों की संख्या = 2.5
अत: B सीमान्त अभिकर्मक है।

5. ∵ A का 1 मोल, B के 2 मोलों से क्रिया करता है
∴ A के 2.5 मोल B के 5 मोलों से किया करेंगे।
अतः यहाँ कोई सीमान्त अभिकर्मक नहीं है।

प्रश्न 1.24.
डाइनाइट्रोजन और डाइहाइड्रोजन निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अमोनिया बनाती हैं –
N2 (g) + 3H2 (g) → 2NH3 (g)

  1. यदि 2.00 × 103g डाइनाइट्रोजन 1.00 × 103g डाइहाइड्रोजन के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो प्राप्त अमोनिया के द्रव्यमान का परिकलन कीजिए।
  2. क्या दोनों में से कोई अभिक्रियक शेष बचेगा?
  3. यदि हाँ, तो कौन-सा? उसका द्रव्यमान क्या होगा?

उत्तर:
दी गई रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण –

1. ∵ 28gN2, 6gH2 की अभिक्रिया से प्राप्त NH3(g) = 34g
∴ 2.00 × 103g N2, 1.00 × 103gH2 की अभिक्रिया से NH3 (g) प्राप्त होगी
= 34/28 × 2.0 × 103
= 2428.5g NH3

2. हाँ, हाइड्रोजन शेष बचेगी।

3. ∵ 28 gN2, 6g H2 से क्रिया से NH3, बनती है = 34g
∴ 2.00 × 103g N2, 1.00 × 103g H2 से क्रिया NH3 बनेगी।

उपलब्ध H2 का द्रव्यमान = 1.00 × 103 g
अत: शेष H2 का द्रव्यमान = 1000 – 428.5
= 571.5g

प्रश्न 1.25.
0.5 mol Na2CO3, और 0.50M Na2CO3, में क्या अन्तर है?
उत्तर:
0.50 ml Na2CO3 सान्द्रता mol में व्यक्त होता है तथा 0.50M Na2CO3., सान्द्रता mol e/L में व्यक्त होता है।

प्रश्न 1.26
यदि डाइ-हाइड्रोजन गैस के 10 आयतन डाइ-ऑक्सीजन गैस के 5 आयतनों के साथ अभिक्रिया करें तो जलवाष्य के कितने आयतन प्राप्त होंगे?
उत्तर:
रासायनिक समीकरण निम्नलिखित हैं –

∴ 10 आयतन डाइ-हाइड्रोजन गैस के 5 आयतन डाइ-ऑक्सीजन से अभिक्रिया के 10 आयतन जलवाष्प के प्राप्त होंगे।
16g ऑक्सीजन का उपलब्ध द्रव्यमान = 1/2 मोल
अत: उत्पन्न CO2 का द्रव्यमान = 1/2 मोल
= 1/2 × 44 = 22g

प्रश्न 1.27
निम्नलिखित को मूल मात्रकों में परिवर्तित कीजिए –

  1. 28.7 pm
  2. 15.15 pm
  3. 25365 mg

उत्तर:

प्रश्न 1.28
निम्नलिखित में से किसमें परमाणुओं की संख्या सबसे अधिक होगी?

  1. 1gAu(s)
  2. 1gNa (s)
  3. 1gLi(s)
  4. 1gCl2(g)

4. ∵ 71g Cl2 में परमाणुओं की संख्या
= 6.022 × 1023

= 1.7 × 1021 परमाणु

प्रश्न 1.29
ऐथनॉल के ऐसे जलीय विलयन की मोलरता ज्ञात कीजिए, जिसमें ऐथनॉल का मोल-अंश 0.040 है। (मान लें कि जल का घनत्व 1 है।)
उत्तर:
यदि n A तथा n B क्रमशः जल और ऐथनॉल के मोलों की संख्या हो, तो –

अतः ऐथनॉल के जलीय विलयन की मोललता
= 2.31m

प्रश्न 1.30
एक 12C कार्बन परमाणु का ग्राम (g) में द्रव्यमान क्या होगा?
उत्तर:
कार्बन का मोलर द्रव्यमान = 12.011g mol-1
∵ 1mol में कार्बन परमाणुओं की संख्या = 6.022 × 1023 mol-1
∴ एक 12C कार्बन परमाणु का द्रव्यमान

प्रश्न 1.31
निम्नलिखित परिकलनों के उत्तर में कितने सार्थक अंक होने चाहिए –

  1. 5 × 5.364
  2. 0.0125 + 0.7864 + 0.0215

उत्तर:

  1. 3
  2. 4
  3. 4

अतः 1gLi में परमाणु की संख्या सबसे अधिक होगी।

प्रश्न 1.32
प्रकृति में उपलब्ध आर्गन के मोलर द्रव्यमान की गणना के लिए निम्नलिखित तालिका में दिये गए आँकड़ों का उपयोग कीजिए –

उत्तर:
आर्गन का मोलर द्रव्यमान औसत मोलर द्रव्यमान होगा जिसकी गणना निम्न प्रकार की जा सकती है –

प्रश्न 1.33
निम्नलिखित में से प्रत्येक में परमाणुओं की संख्या ज्ञात कीजिए –

  1. 52 मोल Ar
  2. 52u He
  3. 52g He

उत्तर:
1. ∵ 1mol He में परमाणुओं की संख्या
= 6.022 × 1023
∴ 52mol He में परमाणुओं की संख्या
= 6.022 × 1023 × 52
= 3.13 × 1025 परमाणु

2. ∵ 4u द्रव्यमान He में परमाणु संख्या = 1
∴ 52u द्रव्यमान He में परमाणु संख्या = 4/52
= 13 परमाणु

प्रश्न 1.34
एक वेल्डिंग ईंधन गैस में केवल कार्बन और हाइड्रोजन उपस्थित हैं। इसके नमूने की कुछ मात्रा ऑक्सीजन से जलाने पर 3.38 ग्राम कार्बन डाइ-ऑक्साइड, 0.690 ग्राम जल के अतिरिक्त और कोई उत्पाद नहीं बनाती। इस गैस के 10.0L(STP पर मापित) आयतन का भार 11.69 ग्राम पाया गया। इसके –

  1. मूलानुपाती सूत्र
  2. अणु, द्रव्यमान
  3. अणुसूत्र की गणना कीजिए

उत्तर:
ईंधन गैस में कार्बन तथा हाइड्रोजन के द्रव्यमान की गणना निम्न प्रकार से की जा सकती है –

1. ईंधन गैस के मूलानुपाती सूत्र की गणना –

ईंधन गैस का मूलानुपाती सूत्र = CH

2. गैस के आणविक द्रव्यमान की गणना –
∵ 10.0L गैस का S.T.P. पर आणविक द्रव्यमान
= 11.69g

∴ 22.4L गैस का S.T.P. पर आणविक द्रव्यमान
11.69/10.0 × 22.4
अतः ईंधन गैस का आणविक द्रव्यमान = 26.18g = 26u

3. गैस के आण्विक सूत्र की गणना –
मूलानुपाती सूत्र-द्रव्यमान = 12 + 1 = 13u
आण्विक द्रव्यमान = 26u
रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ

= 26/13 = 2
अत: ईंधन का आण्विक सूत्र C2H2 तथा नाम ऐसीटिलीन है।

प्रश्न 1.35
CaCO3, जलीय HCI के साथ निम्नलिखित अभिक्रिया कर CaCl2, और CO2, बनाता है –
CaCO3(s) + 2HCI(g) → CaCl2(aq) + CO2(g) + H2O(l)
0.75 MHCI के 25 mL के साथ पूर्णतः अभिक्रिया करने के लिए CaCO3 की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी
उत्तर:
HC1 विलयन की मोलरता = 0.75M = 0.75 mol L-1
तथा HCl का आयतन = 25 mL = 25/1000 = 0.025L
HCl विलयन की मोलरता

या HCl का द्रव्यमान = 0.75 × 36.5 × 0.025
= 0.684g

अभिक्रिया

∵ 73g HCI आवश्यक है = 100g CaCO3 के लिए
∴ 0.648g HCl आवश्यक होगा = 100g/73g × 0.684g
= 0.94g
अतः पूर्णत: अभिक्रिया के लिए आवश्यक CaCO3
= 0.94g

प्रश्न 1.36
प्रयोगशाला में क्लोरीन का विरचन मैंगनीज डाइऑक्साइड (MnO2) को जलीय HCI विलयन के साथ अभिक्रिया द्वारा निम्नलिखित समीकरण के अनुसार किया जाता है –
HCI (aq) + MnO2(s) → 2H2O(l) + MnCl2(aq) + Cl2(g)
5.0g मैगनीज डाइऑक्साइड के साथ HCI के कितने ग्राम अभिक्रिया करेंगे?
उत्तर:
अभिक्रिया की रासायनिक समीकरण निम्नवत् है –

87g MnO2 अभिक्रिया करता है = 146g HCl से
5.0g MnO2 अभिक्रिया करेगा = 146/87 × 5
= 8.39 g HCl

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