Chapter 11 बल तथा दाब

पाठ के अन्तर्गत के प्रश्नोत्तर

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 127

प्रश्न 1.
हम यह कैसे निश्चित करते हैं कि कोई वस्तु दूसरी वस्तु से अधिक तेजी से गतिशील है?
उत्तर:
दोनों वस्तुओं की चाल से।

प्रश्न 2.
किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में चली गई दूरी क्या सूचित करती है?
उत्तर:
किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में चली गई दूरी उसकी चाल कहलाती है।

प्रश्न 3.
क्या आपने कभी सोचा है कि गतिशील वस्तु धीमी या तेज कैसे हो जाती है, आपका अपनी जाति को दिशा कैसे बदल लेती है?
उत्तर:
बल वह एक कारक है जिससे गतिशील वस्तु धीमी या तेज हो जाती है अथवा गति की दिशा बदल लेती है।

प्रश्न 4.
किसी फुटबॉल को गतिशील करने के लिए क्या करते हैं?
उत्तर:
फुटबॉल को आगे गतिशील करने के लिए किक मारते हैं। किक मारने से फुटबॉल पर बल लगता है।

प्रश्न 5.
किसी गतिशील गेंद को और अधिक तेजी से चलाने के लिए आप क्या करते हैं?
उत्तर:
किसी गतिशील गेंद को और अधिक तेजी से चलाने के लिए गेंद को और अधिक बल से धकेलते हैं।

प्रश्न 6.
एक गोली (गोलरक्षक) गेंद को किस प्रकार रोकता है?
उत्तर:
गोलरक्षक गेंद पर बल लगाकर गेंद को गोल में आने से रोकता है।

प्रश्न 7.
क्षेत्ररक्षक, बल्लेबाज द्वारा हिट की गई गेंद को कैसे रोकते हैं?
उत्तर:
क्षेत्ररक्षक, बल्लेबाज द्वारा हिट की गई गेंद को बल लगाकर रोकने का प्रयास करते हैं।

प्रश्न 8.
बल क्या है?
उत्तर:
कार्य करने के लिए धक्का या खिंचाव लगाया जाता है, उसे बल कहते हैं।

प्रश्न 9.
जिन वस्तुओं पर यह लगाया जाता है उन पर यह क्या प्रभाव डालता है?
उत्तर:
जिन वस्तुओं पर यह लगाया जाता है उससे वस्तु गतिशील हो सकती, अपनी ओर खिंच सकती है, गतिशील वस्तु रुक सकती है, उछल सकती है, अपनी दिशा में परिवर्तन कर सकती है, आदि।

बल-अपकर्षण या अभिकर्षण

प्रश्न 1.
क्या इन शब्दों की जगह एक या अधिक अन्य शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, इन शब्दों की जगह धक्का या खिंचाव का प्रयोग कर सकते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 128

क्रियाकलाप 11.1

प्रश्न 1.
सारणी में गति की सुपरिचित स्थितियों के कुछ उदाहरण दिए गए हैं। आप इनमें से कुछ ऐसी ही और अधिक स्थितियों को जोड़ सकते हो अथवा इन उदाहरणों में से कुछ को बदल सकते हो। प्रत्येक दशा में कार्य को धक्का देना अथवा/या खींचना के रूप में पहचानिए तथा सारणी में लिखिए। आपकी सहायता के लिए एक उदाहरण दिया गया है।
उत्तर:

प्रश्न 2.
क्या आपने ध्यान दिया कि इनमें से प्रत्येक कार्य को अभिकर्षण (खींचना) या अपकर्षण (धक्का देना) अथवा दोनों के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। क्या हम इससे यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि किसी वस्तु को गति में जाने के लिए उसे धक्का देना (अपकर्षित करना) या खींचना (अभिकर्षित करना) पड़ता है?
उत्तर:
हाँ, प्रत्येक कार्य को धक्का देना या खींचने के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। यहाँ से हम यह निष्कर्ष निकालते हैं
कि किसी वस्तु को गति में लाने के लिए धक्का देना, या खींचना और कभी-कभी दोनों ही आवश्यक हैं।

प्रश्न 3.
वस्तुओं पर बल कब लगता है?
उत्तर:
किसी वस्तु पर बल उस समय लगता है जब हम वस्तु को धक्का देते हैं, खींचते हैं, उस पर प्रहार करते हैं, उसको उछालते हैं, उसमें ठोकर मारते हैं, इत्यादि।

प्रश्न 4.
मैंने कक्षा VI में पढ़ा है कि चुम्बक एक लोहे के टुकड़े को अपनी ओर आकर्षित करता है। क्या आकर्षण भी एक खिंचाव (अभिकर्षण) है। किसी चुम्बक के दो समान ध्रुवों के बीच प्रतिकर्षण के बारे में आप क्या सोचते हैं? यह खिंचाव (अभिकर्षण) है या धक्का (अपकर्षण)?
उत्तर:
हाँ, आकर्षण भी एक खिंचाव ‘अभिकर्षण’ है, क्योंकि एक चुम्बक, दूसरी चुम्बक अथवा चुम्बकीय पदार्थ को आकर्षित करती है। प्रतिकर्षण धक्का देना (अपकर्षण) है क्योंकि चुम्बकों के समान ध्रुव एक-दूसरे को दूर हटाते हैं।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 129

बल अन्योन्य क्रिया के कारण लगते हैं

प्रश्न 1.
मान लीजिए कोई आदमी स्थिर कार के पीछे खड़ा है। क्या उसकी उपस्थिति के कारण कार गति में आएगी?
उत्तर:
नहीं, उसकी उपस्थिति के कारण कार में कोई गति नहीं आएगी।

प्रश्न 2.
निम्नांकित चित्र तीन स्थितियाँ दर्शाता है। क्या आप बता सकते हैं कि इन स्थितियों में कौन खींच रहा है और कौन धक्का दे रहा है? चित्र
(i) में दोनों लड़कियाँ एक-दूसरे को धक्का देती हुई प्रतीत होती हैं जबकि चित्र?
(ii) में लड़कियों का एक युग्म एक-दूसरे को खींचने का प्रयत्न कर रहा है। इसी प्रकार चित्र?
(iii) में गाय तथा आदमी एक-दूसरे को खींचते हुए प्रतीत होते हैं। यहाँ पर दर्शायी गई दोनों स्थितियों में लड़कियाँ एक-दूसरे पर बल लगा रही हैं। क्या यह बात आदमी तथा गाय पर भी लागू होती हैं?

उत्तर:
हाँ, यह बात आदमी तथा गाय पर भी लागू होती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 130

क्रियाकलाप 11.2

प्रश्न 1.
क्या आप इसे खिसका पाते हैं?
उत्तर:
नहीं, हम इसे नहीं खिसका पाते।

प्रश्न 2.
क्या अब इसको खिसकाना आसान है? क्या आप बता सकते हैं कि ऐसा क्यों हुआ?

उत्तर:
हाँ, इसको खिसकाना आसान है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हम दोनों के द्वारा लगाया गया बल जुड़कर पहले लगाये गए बल से अधिक है। अब वस्तु अधिक बल के कारण खिसक जाएगी।

प्रश्न 3.
अपने मित्र से कहिए कि वह इसे विपरीत दिशा से धकेले। क्या वस्तु गतिमान होती है?

यदि वह गति में आती है तो इसकी गति की दिशा को नोट कीजिए। क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि आप में से कौन अधिक बल लगा रहा है?
उत्तर:
हाँ, वह वस्तु गतिमान होगी। इस स्थिति में नेट बल दोनों के द्वारा लगाए गए बलों के अन्तर के बराबर होगा। अतः वस्तु पर लगने वाले बल का परिमाण जिस दिशा में अधिक होगा वस्तु उसी ओर गति करेगी।

बलों की खोजबीन

प्रश्न 1.
क्या आपने कभी रस्साकसी का खेल देखा है?
उत्तर:
हाँ, हमने रस्साकसी का खेल देखा है।

प्रश्न 2.
क्या यह चित्र 11.2 (प्रश्न 3) चित्र में दर्शायी गई स्थिति के समान नहीं है?
उत्तर:
हाँ, यह चित्र 11.2 (प्रश्न 3) चित्र में दर्शायी गई स्थिति के समान ही है।

प्रश्न 3.
क्रियाकलाप 11.2 में जब आप दोनों भारी सन्दूक को,विपरीत दिशा में धकेल रहे थे तो आपने क्या देखा था?
उत्तर:
हमने देखा था कि वस्तु पर जिस दिशा में बल का परिमाण अधिक लगता है वस्तु उसी ओर गति करती है।

प्रश्न 4.
क्या इसका अर्थ यह है कि यदि किसी वस्तु पर विपरीत दिशाओं में लगने वाले बल बराबर हैं तो उस पर लगने वाला नेट बल शून्य होगा?
उत्तर:
हाँ, इसका अर्थ यह है कि यदि किसी वस्तु पर विपरीत दिशाओं में लगने वाले बल बराबर हैं तो उस पर लगने वाला नेट बल शून्य होगा।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 131

क्रियाकलाप 11.3

प्रश्न 1.
गेंद को धीरे से समतल पर धक्का दीजिए, क्या गेंद गति में आ जाती है?
उत्तर:
हाँ, गेंद गति में आ जाती है।

प्रश्न 2.
गतिशील गेंद को फिर से धक्का दीजिए। क्या इसकी चाल में कुछ परिवर्तन होता है? यह बढ़ती है या घटती है?
उत्तर:
हाँ, इसकी चाल में परिवर्तन होता है। इसकी चाल बढ़ जाती है।

प्रश्न 3.
क्या आपकी हथेली गेंद पर कोई बल लगाती है? गेंद की चाल पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है? क्या यह बढ़ती है या घटती है।
उत्तर:
हाँ, हमारी हथेली गेंद पर बल लगाती है। इससे गेंद की चाल धीमी हो जाती है। गेंद की चाल घट जाती है।

प्रश्न 4.
यदि आप गतिशील गेंद को अपनी हथेली से रोक लें तो क्या होगा?
उत्तर:
यदि गतिशील गेंद को हथेली पर रोक लें तो गेंद रुक जाएगी और इसकी गति शून्य होगी।

बल वस्तु की गति की अवस्था में परिवर्तन कर सकता है

प्रश्न 1.
मैंने बच्चों को एक-दूसरे से रबड़ के टायर या किसी घेरे की धकेल कर तेल चलाने की होड़ लगाते देखा है। अब मैं समझ गया कि धक्का देने पर टायर की चाल क्यों बढ़े जाती है?

उत्तर:
जब चलते हुए टायर में उसकी गति की दिशा में बल लगाया जाता है तो उसकी चाल बढ़ जाती है।

क्रियाकलाप 11.4

प्रश्न 1.
क्या पैमाने से टकराने के पश्चात् गेंद उसी दिशा में गति करती रहती है?
उत्तर:
नहीं, पैमाने से टकराने के बाद गेंद उसी दिशा में गति नहीं करेगी। उसकी गति की दिशा बदल जाएगी। वह उस दिशा में गति करेगी जिस दिशा से वह आ रही थी।

प्रश्न 2.
उस क्रियाकलाप को दोहराइए तथा प्रत्येक बार पैमाने को इस प्रकार रखिए कि ये गतिशील गेंद के पथ से पहले से भिन्न कोण बनाए। प्रत्येक स्थिति में पैमाने से टकराने के पश्चात् गेंद की गति की दिशा के बारे में अपने प्रेक्षणों को नोट करिए।
उत्तर:
इस स्थिति में गेंद नहीं रुकेगी लेकिन गतिशील गेंद की दिशा एवं चाल बदल जाएगी। वह धीमी चाल से गति करेगी।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 132

प्रश्न 1.
पहेली यह जानने के लिए उत्सुक है कि क्या बल लगाने से केवल वस्तु की चाल ही परिवर्तित होती है?
उत्तर:
नहीं, बल लगाने से वस्तु की केवल चाल ही परिवर्तित नहीं होती, गतिशील वस्तु की दिशा भी बदल सकती

प्रश्न 2.
क्या आप इस प्रकार के कुछ और उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, फुटबॉल, बॉलीबॉल और बैंडमिण्टन की स्थिति में दिशा एवं चाल दोनों ही बदल जाते हैं।

प्रश्न 3.
क्या इसका यह अर्थ है कि बल लगाने पर सदैव ही किसी वस्तु की गति की अवस्था में परिवर्तन होगा?
उत्तर:
नहीं, इसका अर्थ यह नहीं है कि किसी वस्तु पर बल लगाने पर सदैव ही उसकी गति की अवस्था में परिवर्तन होगा। परिवर्तन का होना बल पर निर्भर करता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 133

क्रियाकलाप 11.5

प्रश्न 1.
जितनी स्थितियों में सम्भव हो बल का प्रभाव देखने का प्रयत्न कीजिए। आप अपने पर्यावरण में उपलब्ध सामग्री का उपयोग करके इसी प्रकार की कुछ अन्य स्थितियों को भी यहाँ पर जोड़ सकते हैं। अपने प्रेक्षणों को सारणी के स्तम्भ 4 तथा 5 में नोट कीजिए।
उत्तर:

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 134

प्रश्न 1.
उपरोक्त सारणी के प्रेक्षणों से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उत्तर:
बल लगाने पर प्रथम तीन स्थितियों में आकृति में परिवर्तन होता है। अन्तिम स्थिति में आकृति में परिवर्तन नहीं होता।

प्रश्न 2.
जब आप हथेलियों के बीच एक फूले हुए गुब्बारे को रखकर दबाते हैं तो क्या होता है? जब गुंथे आटे की लोई को बेलकर चपाती बनाते हैं तो उसकी आकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है? जब आप मेज पर रखी किसी गेंद को दबाते हैं तो क्या होता है?
उत्तर:
तीनों ही स्थितियों में हाथ से बल लगाया जा रहा है। अतः इनकी आकृति में परिवर्तन होगा। गुब्बारे तथा गेंद की आकृति में अस्थायी रूप से परिवर्तन होगा जबकि आटे की लोई की आकृति में स्थायी परिवर्तन होगा।

सम्पर्क बल

पेशीय बल

प्रश्न 1.
क्या आप मेज पर रखी पुस्तक को बगैर छुए धकेल या उठा सकते हैं?
उत्तर:
नहीं, हम मेज पर रखी पुस्तक को बगैर छुए हुए न तो धकेल सकते हैं और न ही उठा सकते हैं।

प्रश्न 2.
क्या बगैर पकड़े पानी की किसी बाल्टी को उठा सकते हैं?
उत्तर:
नहीं, बगैर पकड़े पानी की किसी बाल्टी को हम नहीं उठा सकते।

प्रश्न 3.
क्या इस प्रक्रिया को पेशीय बल करता है?
उत्तर:
हाँ, इस प्रक्रिया को पेशीय बल करता है।

प्रश्न 4.
श्वसन प्रक्रिया को सम्भव बनाने के लिए ये पेशियाँ कहाँ स्थित हैं?
उत्तर:
ये पेशियाँ फेफड़ों में स्थित हैं।

प्रश्न 5.
हमारे शरीर में पेशियों द्वारा बल लगाने के क्या कुछ और उदाहरण आप बतला सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, ये उदाहरण हैं –

  1. हाथ-पैरों की गति।
  2. हृदय में स्पन्दन होना।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 135

घर्षण

प्रश्न 1.
क्या आप इस प्रकार के कुछ अन्य अनुभवों को इसमें जोड़ सकते हैं?
उत्तर:
हाँ,

  1. फर्श पर लुढ़कता हुआ सिक्का रुक जाता है।
  2. बच्चों की रेलगाड़ी खिलौना बल लगाने से चलने के कुछ समय बाद रुक जाती है।

प्रश्न 2.
इनकी गति की अवस्था में परिवर्तन किस कारण होता है? क्या इन पर कोई बल लग रहा होता है? क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि प्रत्येक दिशा में बल किस दिशा में लग रहा होगा?
उत्तर:
वस्तुओं में लगने वाला यह घर्षण बल है जो वस्तु की गति की अवस्था में परिवर्तन कर देता है। जिस दिशा में घर्षण बल लगता है उसके विपरीत वस्तु की गति होती है।

असम्पर्क बल

चुम्बकीय बल

क्रियाकलाप 11.6

प्रश्न 1.
देखिए क्या होता है, अब चुम्बक के दूसरे सिरे को बेलनों पर रखे चुम्बक के उसी सिरे के समीप लाइए चित्र प्रत्येक बार नोट कीजिए कि क्या होता है जब दूसरे चुम्बक को बेलनों पर रखे चुम्बक के समीप लाया जाता है।

उत्तर:
जब चुम्बक के एक सिरे को पेन्सिलों के ऊपर रखे चुम्बक के एक सिरे के समीप लाते हैं तो प्रतिकर्षण होता है [चित्र. 11.5(i)]। जब चुम्बक के उसी सिरे को पेन्सिलों के ऊपर रखे चुम्बक के दूसरे सिरे के समीप लाते हैं तो आकर्षण होता है। चित्र [(11.5(ii)]।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 136

प्रश्न 1.
क्या बेलनों पर रखा चुम्बक, दूसरे चुम्बक को समीप लाने पर गति करने लगता है? क्या वह सदैव समीप आने वाले चुम्बक की दिशा में गति करता है?
उत्तर:
हाँ, बेलनों पर रखा चुम्बक, दूसरे चुम्बक को समीप लाने पर गति करने लगता है। नहीं, वह सदैव समीप आने वाले चुम्बक की दिशा में गति नहीं करता। यदि दोनों चुम्बकों के विपरीत ध्रुव एक-दूसरे के समीप होंगे तो बेलनों पर रखा चुम्बक समीप आने वाले चुम्बक की दिशा में गति करता है तथा समान ध्रुव होने पर यह विपरीत दिशा में गति करेगा।

प्रश्न 2.
ये प्रेक्षण क्या सुझाते हैं? क्या इसका अर्थ यह है कि चुम्बकों के बीच कोई बल अवश्य ही कार्य कर रहा है?
उत्तर:
ये प्रेक्षण सुझाते हैं कि –

  1. दो चुम्बकों के समान ध्रुव (समान बल) होने पर प्रतिकर्षण बल कार्य करता है।
  2. दो चुम्बकों के असमान ध्रुव (असमान बल) होने पर आकर्षण बल कार्य करता है। हाँ, इसका अर्थ यह है कि चुम्बकों के बीच कोई बल अवश्य ही कार्य करता है।

प्रश्न 3.
क्या चुम्बकों के बीच लगने वाले बल को देखने के लिए आपको उन्हें सम्पर्क में लाना पड़ता है?
उत्तर:
नहीं, चुम्बकों के बीच लगने वाले बल को देखने के लिए हमें इन्हें सम्पर्क में नहीं लाना पड़ता।

स्थिर वैद्युत बल

क्रियाकलाप 11.7

प्रश्न 1.
आप क्या देखते हैं?
उत्तर:
हम देखते हैं कि लटका हुआ स्ट्रॉ हाथ वाले स्ट्रॉ की ओर आकर्षित होता है।

प्रश्न 2.
अब आप क्या देखते हैं?
उत्तर:
इस स्थिति में दोनों स्ट्रॉ के बीच प्रतिकर्षण होता है।

गुरुत्वाकर्षण बल

प्रश्न 1.
पेड़ से अलग होने के पश्चात् पत्तियाँ या फल भी धरती की ओर ही गिरते हैं। क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है?
उत्तर:
हाँ, यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण होता है।

प्रश्न 2.
क्या इस पर बिना बल लगे ऐसा हो सकता है? यह बल कौन-सा है?
उत्तर:
नहीं, इस पर बिना बल लगे ऐसा नहीं हो सकता। यह बल गुरुत्व बल है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 137

दाब

प्रश्न 1.
क्या दाब तथा बल में कोई सम्बन्ध है?
उत्तर:
हाँ, एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल को दाब कहते हैं।

प्रश्न 2.
किसी लकड़ी के तख्ते में एक कील को इसके शीर्ष से ठोंकने का प्रयत्न कीजिए। क्या आप सफल हो पाते हैं?
उत्तर:
नहीं।

प्रश्न 3.
अब कील को नुकीले सिरे से ठोंकने का प्रयत्न कीजिए। क्या आप इस बार सफल हो पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, नुकीले सिरे से ठोंकने पर कील लकड़ी के तख्ने में ठुक जाती है।

प्रश्न 4.
सब्जियों को किसी कुंठित (blunt) तथा एक तीखे चाकू से काटने का प्रयास कीजिए। किसमें आसानी है?
उत्तर:
सब्जियों को कुंठित चाकू से काटने की अपेक्षा तीखे चाकू से काटने में आसानी है।

प्रश्न 5.
क्या आपको ऐसा लगता है कि जिस क्षेत्रफल पर बल लगाया जाता है (उदाहरण के लिए कील के नुकीले सिरे पर) वह इन कार्यों को आसान बनाने में एक भूमिका निभाता है?
उत्तर:
हाँ, यह सत्य है कि जिस क्षेत्रफल पर बल लगाया जाता है वह इन कार्यों को आसान बनाने में एक भूमिका निभाता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 138

प्रश्न 1.
क्या अब आप बता सकते हैं कि कंधे पर लटकाने वाले थैलों में चौड़ी पट्टी क्यों लगाई जाती है? इन थैलों में बारीक पट्टी क्यों नहीं लगायी जाती? और काटने तथा सुराख करने वाले औजारों के किनारे सदैव तीक्ष्ण क्यों होते हैं?
उत्तर:
हाँ, थैलों में चौड़ी पट्टी लगाने से भार का सम्पर्क क्षेत्रफल बढ़ जाता है। इससे कंधों पर दाब कम हो जाता है। अतः कंधों पर दाब कम करने के लिए थैलों में बारीक पट्टी नहीं लगाई जाती। बारीक पट्टी लगाने से सम्पर्क क्षेत्रफल कम होगा, इससे कंधे पर दाब अधिक पड़ेगा। इसी प्रकार काटने और सुराख करने वाले औजारों के तीक्ष्ण किनारे होने से क्षेत्रफल कम हो जाता है, इससे दाब बढ़ जाता है। इसलिए वस्तुओं को काटना आसान हो जाता है।

प्रश्न 2.
क्या द्रवों तथा गैसों द्वारा भी दाब लगता है? क्या यह भी उस क्षेत्रफल पर निर्भर होता है जिस पर बल कार्य करता है?
उत्तर:
हाँ, द्रव और गैसें भी दाब लगाते हैं। लेकिन ये बर्तनों की दीवारों पर दाब लगाते हैं। द्रवों और गैसों द्वारा लगाया गया दाब बर्तन के आधार पर निर्भर नहीं करता। यह उस बर्तन में, द्रव या गैस के स्तम्भ की ऊँचाई पर निर्भर करता है जिसमें ये रखे जाते हैं।

द्रवों तथा गैसों द्वारा लगाया गया बल

क्रियाकलाप 11.8

प्रश्न 1.
क्या रबड़ की शीट बाहर की ओर फल जाती है?
उत्तर:
हाँ, जब पाइप में पानी का स्तम्भ बढ़ता है, तो रबड़ की शीट बाहर की ओर फूल जाती है।

प्रश्न 2.
क्या आप रबड़ शीट के फुलाव तथा पाइप में पानी के स्तम्भ की ऊँचाई में कुछ सम्बन्ध देख पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, रबड़ शीट का फुलाव बर्तन में पानी के स्तम्भ की ऊँचाई के समानुपाती होता है।

क्रियाकलाप 11.9

प्रश्न 1.
आप क्या देखते हैं? इस बार काँच की नली के मुँह पर लगाई गई रबड़ की शीट क्यों फूल जाती है? बोतल में कुछ पानी और डालिए, क्या रबड़ की शीट के फुलाव में कुछ अन्तर आता है?
उत्तर:
हम देखते हैं कि काँच की नली के मुंह पर लगाई गई रबड़ की शीट फूल जाती है। इसका कारण है कि बोतल में भरा पानी का दाब है। यदि बोतल में कुछ पानी और डाल देते हैं तो जल की दाब बढ़ जाता है और रबड़ शीट और फूल जाती है।

प्रश्न 2.
क्या रबड़ शीट का फूलना यह दर्शाता है कि पानी बर्तन की दीवारों पर भी दाब डालता है?
उत्तर:
हाँ, रबड़ शीट का फूलना यह दर्शाता है कि पानी बर्तन की दीवारों पर भी दाब डालता है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 139

क्रियाकलाप 11.10

प्रश्न 1.
आप क्या देखते हैं? क्या सुराखों से निकला पानी बोतल से बराबर की दूरी पर गिरता है? यह क्या दर्शाता है?
उत्तर:
हम देखते हैं कि पानी सभी सुराखों से बाहर निकलता है। हाँ सुराखों से निकला पानी बोतल से बराबर की दूरी पर गिरता है। यह दर्शाता है कि पानी बराबर ऊँचाई पर, समान दाब डालता है।

दीवारों पर दाब डालते हैं?

प्रश्न 1.
क्या गैसें भी दाब डालती हैं? क्या वे भी जिस बर्तन में रखी जाती हैं, उसकी दीवारों पर दाब डालती हैं?
उत्तर:
हाँ, गैसें भी दाब डालती हैं। हाँ, गैसें जिस बर्तन में रखी जाती हैं उसकी दीवारों पर दाब डालती हैं।

प्रश्न 2.
जल संभरण के लिए प्रयोग किए जाने वाले पाइपों के लीक करते हुए जोड़ों या सुराखों से मैंने पानी के फुब्बारों को बाहर आते देखा है। क्या यह पानी द्वारा पाइप की दीवारों पर लगाए जाने वाले दाब के कारण नहीं है?
उत्तर:
हाँ, यह पानी द्वारा पाइप की दीवारों पर लगाए जाने वाले दाब के कारण है।

प्रश्न 3.
जब आप किसी गुब्बारे को फुलाते हैं तो उसके मुँह को क्यों बन्द करना पड़ता है?
उत्तर:
उसके मुँह को इसलिए बन्द करना पड़ता है जिससे कि गैस बाहर न निकले।

प्रश्न 4.
यदि किसी फुलाए हुए गुब्बारे के मुँह को खोल दें तो क्या होता है?
उत्तर:
यदि किसी फुलाए हुए गुब्बारे के मुँह को खोल दें तो गुब्बारे से गैस तेजी से बाहर निकलती है जिसको गुब्बारे के मुँह पर हाथ रखकर अनुभव किया जा सकता है।

प्रश्न 5.
मान लीजिए कि आपके पास एक ऐसा गुब्बारा है जिसमें सुराख है। क्या आप इसे फुला पायेंगे? यदि नहीं तो क्यों?
उत्तर:
नहीं, हम ऐसे गुब्बारे को नहीं फुला पायेंगे जिसमें छेद है क्योंकि गुब्बारे में हवा भरने पर वह सुराख में होकर निकल जाएगी।

प्रश्न 6.
क्या हम कह सकते हैं कि वायु प्रत्येक दिशा में दाब लगाती है?
उत्तर:
हाँ, हम कह सकते हैं कि वायु प्रत्येक दिशा में दाब डालती है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 140

प्रश्न 1.
स्मरण कीजिए कि यदि साइकिल की ट्यूब में पंक्चर हो तो इसके अन्दर की हवा का क्या होता है? क्या ये प्रेक्षण दर्शाते हैं कि वायु किसी फुलाए हुए गुब्बारे या साइकिल की ट्यूब की अन्दर की दीवारों पर दाब डालती है?
उत्तर:
यदि साइकिल की ट्यूब में पंक्चर हो तो इसके अन्दर की हवा पंक्चर हुए सुराख से धीमे-धीमे बाहर आती है। हाँ, ये प्रेक्षण दर्शाते हैं कि वायु किसी फुलाए हुए गुब्बारे या साइकिल के ट्यूब की अन्दर की दीवारों पर दाब डालती है।

वायुमण्डलीय दाब

प्रश्न 1.
वायुमण्डल दाब है कितना?
उत्तर:
वायुमण्डलीय दाब बहुत अधिक है।

क्रियाकलाप 11.11

प्रश्न 1.
क्या यह पृष्ठ से चिपक जाता है? इसको खींचकर पृष्ठ से उठाने का प्रयास कीजिए। क्या आप सफल हो पाते हैं?
उत्तर:
हाँ, यह पृष्ठ से अच्छी तरह चिपक जाता है। नहीं, इसको उठाने में हम सफल नहीं हो पाते। इसको उठाने में हमें काफी अधिक बल लगाना पड़ेगा।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 141

प्रश्न 1.
क्या इससे आप अनुमान लगा सकते हैं कि वायुमण्डलीय दाब कितना अधिक होता है?
उत्तर:
हाँ,इससे हम अनुमान लगा सकते हैं कि वायुमण्डलीय दाब बहुत अधिक होता है।

प्रश्न 2.
यदि मेरे सिर का क्षेत्रफल 15 cm × 15 cm हों तो मैं अपने सिर पर कितना भार वहन कर रहा हूँ?
उत्तर:
सिर का क्षेत्रफल = 15 cm × 15 cm = 225 cm2
225 cm2 क्षेत्रफल तथा वायुमण्डल की ऊँचाई के स्तम्भ में वायु का भार लगभग 225 kg द्रव्यमान के किसी पिण्ड के भार 2250 N के बराबर होता है। अतः मैं अपने सिर पर 2250 N के बराबर भार वहन कर रहा हूँ।

प्रश्न 3.
इस भार के नीचे हम दबकर पिचक क्यों नहीं जाते?
उत्तर:
इसका कारण है कि हमारे शरीर के अन्दर का दाब वायुमण्डल दाब के बराबर है जो बाहरी दाब को निरस्त कर देता है।

पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
धक्के या खिंचाव के द्वारा वस्तुओं की गति की अवस्था में परिवर्तन के दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
धक्के के कारण गति की अवस्था में परिवर्तन।

उदाहरण:

  1. हॉकी के खिलाड़ी द्वारा गेंद पर प्रहार करना।
  2. किसी बच्चे द्वारा टायर चलाते हुए गति बढ़ाने के लिए टायर पर लकड़ी से प्रहार करना।

खिंचाव के करण गति की अवस्था में परिवर्तन:
उदाहरण:

  1. किसी धनुर्धर द्वारा तीर चलाना।
  2. कुएँ से रस्सी द्वारा पानी की बाल्टी ऊपर खींचना।

प्रश्न 2.
ऐसे दो उदाहरण दीजिए जिनमें लगाए गए बल द्वारा वस्तु की आकृति में परिवर्तन हो जाए।
उत्तर:

  1. रबड़ की गेंद को दोनों हाथों से दबाना।
  2. रबड़ बैंड खींचना।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित कथनों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. कुएँ से पानी निकालते समय हमें रस्सी को ……. पड़ता है।
  2. एक आवेशित वस्तु अनावेशित वस्तु को ………… करती है।
  3. सामान से लदी ट्रॉली को चलाने के लिए हमें उसको ………. पड़ता है।
  4. किसी चुम्बक का उत्तरी ध्रुव दूसरे चुम्बक के उत्तरी ध्रुव को ……….. करता है।

उत्तर:

  1. खींचना (अभिकर्षण)।
  2. आकर्षित।
  3. धक्का देना (अपकर्षण)।
  4. प्रतिकर्षित।

प्रश्न 4.
एक धनुर्धर लक्ष्य पर निशाना साधते हुए अपने धनुष को खींचती है। तब वह तीर को छोड़ती है जो लक्ष्य की ओर बढ़ने लगता है। इस सूचना के आधार पर निम्नलिखित प्राक्कथनों में दिए गए शब्दों का उपयोग करके रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
प्रेशीय/सम्पर्क/असम्पर्क/गुरुत्व/घर्षण/आकृति/आकर्षण –

  1. धनुष को खींचने के लिए धनुर्धर एक बल लगाती है, जिसके कारण इसकी ……….. में परिवर्तन होता है।
  2. धनुष को खींचने के लिए धनुर्धर द्वारा लगाया गया बल ……. बल का उदाहरण है।
  3. तीर की गति की अवस्था में परिवर्तन के लिए उत्तरदायी बल का प्रकार ….. बल का उदाहरण है।
  4. जब तीर लक्ष्य की ओर गति करता है तो इस पर लगने वाले बल ……… तथा वायु के ………. के कारण होते हैं।

उत्तर:

  1. आकृति।
  2. पेशीय।
  3. सम्पर्क।
  4. गुरुत्व, घर्षण।

प्रश्न 5.
निम्न स्थितियों में बल लगाने वाले कारक तथा जिस वस्तु पर बल लग रहा है, उनको पहचानिए। प्रत्येक स्थिति में जिस रूप में बल का प्रभाव दिखाई दे रहा है उसे भी बताइए।
(क) रस निकालने के लिए नींबू के टुकड़ों को अंगुलियों से दबाना।
(ख) दन्त मंजन की ट्यूब से पेस्ट बाहर निकालना।
(ग) दीवार में लगे हुए हुक से लटकी कमानी के दूसरे सिरे पर लटका एक भार।
(घ) ऊँची कूद करते समय एक खिलाड़ी द्वारा एक निश्चित ऊँचाई की छड़ (बाधा) को पार करना।
उत्तर:

प्रश्न 6.
एक औजार बनाते समय कोई लोहार लोहे के टुकड़े को हथौड़े से पीटता है। पीटने के कारण लगने वाला बल लोहे के टुकड़े को किस प्रकार प्रभावित करता है।
उत्तर:
औजार बनाते समय लोहार लोहे के गरम टुकड़े को हथौड़े से पीटता है। पीटने से पेशीय बल जो एक सम्पर्क बल है, लोहे के टुकड़े को फैला देता है जिससे उसकी आकृति में परिवर्तन हो जाता है।

प्रश्न 7.
एक फुलाए हुए गुब्बारे को संश्लिष्ट कपड़े के टुकड़े के रगड़कर एक दीवार पर दबाया गया। यह देखा गया कि गुब्बारा दीवार से चिपक जाता है। दीवार तथा गुब्बारे के बीच आकर्षण के लिए उत्तरदायी बल का नाम बताइए।
उत्तर:
दीवार तथा गुब्बारे के बीच आकर्षण के लिए उत्तरदायी बल स्थिर वैद्यत बल है।

प्रश्न 8.
आप अपने हाथ से पानी से भरी एक प्लास्टिक की बाल्टी लटकाए हुए हैं। बाल्टी पर लगने वाले बलों के नाम बताइए। विचार-विमर्श कीजिए कि बाल्टी पर लगने वाले बलों द्वारा इसकी गति की अवस्था में परिवर्तन क्यों नहीं होता?
उत्तर:
यदि हम अपने हाथ से पानी से भरी बाल्टी लटकाए हुए हैं, तो बाल्टी पर लगने वाले बल-पृथ्वी द्वारा गुरुत्व बल
एवं बाल्टी में भरे पानी का दाब जो बाल्टी के आधार एवं उसकी दीवारों पर पड़ता है। बाल्टी पर लगने वाले बलों द्वारा उसकी गति को अवस्था में परिवर्तन इसलिए नहीं होता क्योंकि बाल्टी पर लगने वाला कुल (नेट) बल शून्य है।

प्रश्न 9.
किसी उपग्रह को इसकी कक्षा में प्रमोचित करने के लिए किसी रॉकेट को ऊपर की ओर प्रक्षेपित किया गया। मंच को छोड़ने के तुरन्त बाद रॉकेट पर लगने वाले दो बलों के नाम बताइए।
उत्तर:
प्रमोचन मंच को तुरन्त छोड़ने के बाद रॉकेट पर लगने वाले दो बल हैं –

  1. पृथ्वी का गुरुत्वीय बल जो नीचे की ओर कार्य करता है।
  2. वायु के कणों द्वारा उत्पन्न घर्षण बल।

प्रश्न 10.
जब किसी ड्रॉपर के चंचु (नोजल) को पानी में रखकर उसके बल्ब को दबाते हैं तो ड्रॉपर की वायु बुलबुलों के रूप में बाहर निकलती हुई दिखलाई देती है। बल्ब पर से दाब हटा लेने पर ड्रॉपर में पानी भर जाता है। ड्रॉपर में पानी के चढ़ने का कारण है –

  1. पानी का दाब
  2. पृथ्वी का गुरुत्व
  3. रबड़ के बल्ब की आकृति
  4. वायुमण्डलीय दाब।

उत्तर:
वायुमण्डलीय दाब।

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