Chapter 12 विद्युत तथा परिपथ

पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –

  1. एक युक्ति जो परिपथ को तोड़ने के लिए उपयोग की जाती है, ………….. कहलाती है।
  2. एक विद्युत सेल में ………….. टर्मिनल होते हैं।

उत्तर:

  1. स्विच।
  2. दो।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित कथनों पर ‘सही’ या ‘गलत’ का चिह्न लगाइए

  1. विद्युत् धारा धातुओं से होकर प्रवाहित हो सकती है।
  2. विद्युत् परिपथ बनाने के लिए धातु के तारों के स्थान पर जूट की डोरी प्रयुक्त की जा सकती है।
  3. विद्युत् धारा थर्मोकोल की शीट से होकर प्रवाहित हो सकती है।

उत्तर:

  1. सही।
  2. गलत।
  3. गलत।

प्रश्न 3.
व्याख्या कीजिए कि संलग्न चित्र में दर्शाई गई व्यवस्था में बल्ब क्यों नहीं दीप्तिमान होता है?
उत्तर:
परिपथ में एक टर्मिनल प्लास्टिक से जुड़ा हुआ है। प्लास्टिक विद्युत् का कुचालक है। परिपथ में कुचालक लगे होने कारण धारा नही बह रही है। अत: बल्ब दीप्तिमान नहीं हो रहा है।

प्रश्न 4.
संलग्न चित्र में दर्शाए गए आरेख को पूरा कीजिए ओर बताइए कि बल्ब को दीप्तिमान करने के लिए तारों के स्वतन्त्र सिरों को किस प्रकार जोड़ना चाहिए?


उत्तर:
संलग्न चित्र में विद्युत परिपथ पूर्ण नहीं है। अतः बल्ब को दीप्तिमान करने के लिए तार के एक स्वतन्त्र सिरे को बल्ब से तथा दूसरे स्वतन्त्र सिरे को सेल के धनात्मक सिरे से जोड़ना चाहिए।

प्रश्न 5.
विद्युत् स्विच को उपयोग करने का क्या प्रयोजन है? कुछ विद्युत्-साधित्रों के नाम बताइए जिनमे स्विच उनके अन्दर ही निर्मित होते हैं।
उत्तर:
विद्युत्-स्विच एक ऐसी सरल युक्ति है, जिसे परिपथ में विद्युत् धारा को रोकने या प्रारम्भ करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है। यह परिपथ को पूरा करता है अथवा तोड़ता है। विद्युत् साधित्र जिनमें स्विच अन्दर होते हैं – टेबल फेन, विद्युत् लैम्प, वाशिंग मशीन, जूसर, टी.वी., रेडियो इत्यादि।

प्रश्न 6.
चित्र 12.2 में सुरक्षा पिन की जगह यदि रबड़ लगा दें तो क्या बल्ब दीप्तिमान होगा?
उत्तर:
सुरक्षा पिन की जगह रबड़ लगाने से बल्ब दीप्तिमान नहीं होगा। रबड़ विद्युत् रोधक है इसके लगाने से विद्युत् परिपथ पूर्ण नहीं होगा।

प्रश्न 7.
क्या संलग्न चित्र में दिखाए गए परिपथ में बल्ब दीप्तिमान होगा?


उत्तर:
चित्र में दिखाए गए परिपथ में विद्युत् बल्ब दीप्तिमान होगा, क्योंकि विद्युत् परिपथ पूर्ण है।

प्रश्न 8.
किसी वस्तु के साथ ‘चालक-परीक्षित्र’ का उपयोग करके यह देखा गया कि बल्ब दीप्तिमान होता है। क्या इस वस्तु का पदार्थ विद्युत् चालक है या विद्युत् रोधक? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
हाँ, इस वस्तु का पदार्थ विद्युत् चालक है। चालक परीक्षित्र का बल्ब तभी दीप्तिमान होगा जबकि वस्तु विद्युत् चालक होगी। वस्तु चालक होने से विद्युत् परिपथ पूरा हो जाता है।

प्रश्न 9.
आपके घर में स्विच की मरम्मत करते समय विद्युत् मिस्तरी रबड़ के दस्ताने क्यों पहनता है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
विद्युत् स्विच एक वैद्युत उपकरण है। इसके आन्तरिक भाग में विद्युत् धारा प्रवाहित होती है। जब हम इसके आन्तरिक भाग को छूते हैं तो हमें विद्युत् आघात लगता है। इसलिए इसे हाथ में रबड़ के दस्ताने पहनकर छूना चाहिए। रबड़ के दस्तानों में विद्युत् प्रवाहित नहीं होती है। अतः विद्युत् मिस्तरी, स्विच अथवा विद्युत् के अन्य उपकरणों को छूने से पहले रबड़ के दस्ताने पहनते हैं।

प्रश्न 10.
विद्युत् मिस्तरी द्वारा उपयोग किए जाने वाले औजार, जैसे-पेचकस और प्लायर्स के हत्थों पर प्रायः प्लास्टिक या रबड़ के आवरण चढ़े होते हैं, क्या आप इसका कारण समझा सकते हैं?
उत्तर:
रबड़ और प्लास्टिक विद्युत्-रोधक हैं, ये विद्यत को अपने अन्दर से प्रवाहित नहीं होने देते हैं। अतः विद्युत मिस्तरी द्वारा उपयोग किए जाने वाले औजार, जैसे-पेचकस ओर प्लायर्स के हत्थों पर प्लास्टिक अथवा रबड़ के आवरण चढ़ा देते हैं। इससे ये उन्हें विद्युत् आघात से बचाते हैं।

Chapter 12 विद्युत तथा परिपथ