Chapter 3 रेशों से वस्त्र तकग

पाठान्त अभ्यास के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
सम्भवतः आपने नर्सरी कक्षा में निम्नलिखित पंक्तियाँ पढ़ी होंगी:
(क) ‘बा बा ब्लेक शीप हेव यू एनी वूल’।
(ख) ‘मेरी हेड ए लिट्ल लैम्ब, हूज फ्लीस वास व्हाइट एस स्नो’।
ऊपर लिखी पंक्तियों के आधार पर यह बताइए कि:

  1. ब्लेक शीप (काली भेड़) के किन भागों में ऊन होती है?
  2. मेमने (लैम्ब) के सफेद रोमों का क्या तात्पर्य है?

उत्तर:

  1. ब्लेक शीप (काली भेड़) के दाढ़ी एवं त्वचा की पतली परत पर ऊन होती है।
  2. मेमने (लैम्ब) के सफेद रोमों से तात्पर्य मुलायम सफेद बाल (फर) से है।

प्रश्न 2.
रेशम कीट (अ) कैटरपिलर, (ब) लार्वा है। सही विकल्प चुनिए –
(क) केवल (अ)।
(ख) केवल (ब)।
(ग) (अ) और (ब)।
(घ) न ही (अ) और न (ब)।
उत्तर:
(ग) (अ) और (ब)

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से किससे ऊन प्राप्त नहीं होती?

  1. याक।
  2. ऊँट।
  3. बकरी।
  4. घने बालों वाला कुत्ता।

उत्तर:
घने बालों वाला कुत्ता।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों का क्या अर्थ है?

  1. पालन।
  2. ऊन कटाई।
  3. रेशमकीट पालन।

उत्तर:

  1. पालन: जन्तुओं से ऊन प्राप्त करने के लिए जन्तुओं का पालना जन्तु पालन कहलाता है।
  2. ऊन कटाई: भेड़ के बालों को त्वचा की पतली परत के साथ शरीर से उतारना ऊन की कटाई कहलाती है।
  3. रेशम कीट पालना: रेशम प्राप्त करने के लिए रेशम के कीटों को पालना रेशमकीट पालन (सेरीकल्चर) कहलाता है।

प्रश्न 5.
ऊन के संसाधन के विभिन्न चरणों के क्रम में कुछ चरण नीचे दिए गए हैं। शेष चरणों को उनके क्रम में लिखिए।
ऊन कटाई, ….. , छंटाई ….., …..।
उत्तर:
अभिमार्जन, सुखाना, रीलिंग।

प्रश्न 6.
रेशमकीट के जीवन चक्र की उन दो अवस्थाओं के चित्र बनाइए जो प्रत्यक्ष रूप से रेशम के उत्पादन से संम्बन्धित हैं।
उत्तर:
रेशम के उत्पादन से सम्बन्धित रेशम कीट के जीवन चक्र की दो अवस्थाएँ:

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में से कौन से दो शब्द रेशम उत्पादन से सम्बन्धित हैं? रेशम कीट पालन, पुष्प कृषि, शहतूत कृषि, मधुमक्खी पालन, वनवर्धन।
उत्तर:

  1. रेशम कीट पालन।
  2. शहतूत कृषि।

प्रश्न 8.
कॉलम A में दिए गए शब्दों का कॉलम B में दिए गए वाक्यों से मिलाइए:

उत्तर:
(क) → (v)
(ख) → (iii)
(ग) → (ii)
(घ) → (i)

प्रश्न 9.
इस पाठ पर आधारित एक वर्ग पहेली दी गई है। रिक्त स्थानों की उन अक्षरों से भरने के लिए संकेतों का उपयोग करिए, जो अक्षर को पूरा करते हैं –
सीधे:
2. कार्तित ऊन को अच्छी तरह से धोने का प्रक्रम।
3. एक प्रकार का जांतव रेशा।
6. लम्बी धागे जैसी संरचना जिससे बुनकर वस्त्र बनाते हैं।

ऊपर से नीचे:
1. इससे बुने वस्त्र शरीर को गर्म रखते हैं।
4. इसकी पत्तियों को रेशम कीट खाते हैं।
5. रेशम कीट के अण्डे से निकलते हैं।


उत्तर:

Chapter 3 रेशों से वस्त्र तकग