Chapter 3 Constitutional Design

प्रश्न अभ्यास

पाठ्यपुस्तक से

प्रश्न 1. नीचे कुछ गलत वाक्य दिए गए हैं। हर एक में की गई गलती पहचानें और इस अध्याय के आधार पर उसको ठीक करके लिखें।

(क) स्वतंत्रता के बाद देश लोकतांत्रिक हो या नहीं, इस विषय पर स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं ने| अपना दिमाग खुला रखा था।
(ख) भारतीय संविधान सभा के सभी सदस्य संविधान में कही गई हरेक बात पर सहमत थे।
(ग) जिन देशों में संविधान है वहाँ लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था ही होगी।
(घ) संविधान देश का सर्वोच्च कानून होता है इसलिए इसमें बदलाव ही होगी।

उत्तर :

(क) स्वतंत्रता के बाद देश लोकतांत्रिक हो, इस विषय पर स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं ने अपना दिमाग खुला रखा था।
(ख) संविधान सभा के अलग-अलग सदस्यों के विभिन्न मुद्दों पर अलग-अलग विचार थे, किन्तु उन्होंने अपने मतभेद सुलझा लिए और संविधान के मूलभूत सिद्धांतों पर उन्होंने एक समान राय रखी।
(ग) जिस देश में लोकतंत्र हैं उसमें संविधान होना ही चाहिए।
(घ) यदि संविधान में संशोधन करना पड़े तो उस के लिए संसद के दो तिहाई सदस्यों का बहुमत होना अनिवार्य है।

प्रश्न 2. दक्षिण अफ्रीका का लोकतांत्रिक संविधान बनाने में, इनमें से कौन-सा टकराव सबसे महत्त्वपूर्ण था :

(क) दक्षिण अफ्रीका और उसके पड़ोसी देशों का
(ख) स्त्रियों और पुरुषों का
(ग) गोरे अल्पसंख्सक और अश्वेत बहुसंख्यकों का
(घ) रंगीन चमड़ी वाले बहुसंख्यकों और अश्वेत अल्पसंख्यकों का

उत्तर : (घ) रंगीन चमड़ी वाले बहुसंख्यकों और अश्वेत अल्पसंख्यकों का

प्रश्न 3. लोकतांत्रिक संविधान में इनमें से कौन-सा प्रावधान नहीं रहता?

(क) शासन प्रमुख के अधिकार
(ख) शासन प्रमुख का नाम
(ग) विधायिका क अधिकार
(घ) देश का नाम

उत्तर : (घ) शासन प्रमुख का नाम

प्रश्न 4. संविधान निर्माण में इन नेताओं और उनकी भूमिका में मेल बैठाएँ।

(क) मोतीलाल नेहरू
(ख) बी.आर. अंबेडकर
(ग) राजेंद्र प्रसाद
(घ) सरोजनी नायडू

(i) संविधान सभा के अध्यक्ष
(ii) संविधान सभा के सदस्य
(iii) प्रारूप कमेटी के अध्यक्ष
(iv) 1928 में भारत का संविधान बनाया

उत्तर :

(क) (iv)
(ख) (iii)
(ग) (i)
(घ) (ii)

प्रश्न 5. जवाहर लाल नेहरू के नियति के साथ साक्षात्कार वाले भाषण के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों का जवाब दें :

(क) नेहरू ने क्यों कहा कि भारत का भविष्य सुस्ताने और आराम करने का नहीं है?
(ख) नए भारत के सपने किस तरह विश्व से जुड़े हैं ? (ग) वे संविधान निर्माताओं से क्या शपथ चाहते थे ?
(घ) “हमारी पीढ़ी के सबसे महान व्यक्ति की कामना हर आँख से आँसू पोंछने की हैं। वे इस कथन में किसका जिक्र कर रहे थे?

उत्तर :

(क) नेहरू ने ये शब्द प्रयोग किए ‘पूरी तरह या पूरे तरीके से नहीं क्योंकि उनके अनुसार उन्होंने जो काम पूरा करने का बीड़ा उठाया था वह अभी पूरा नहीं हुआ था और शपथ एक दम से | पूरी नहीं हो सकती थी, किन्तु ये धीरे-धीरे पूरी होंगी।
(ख) जो शपथ वे भारत के संविधान निर्माताओं से लेना चाहते थे वह यह थी कि वे अपना जीवन भारत, भारतीय लोगों और व्यापक स्तर पर मानवता की सेवा को अर्पित कर दें।
(ग) वे महात्मा गांधी का जिक्र कर रहे थे।

प्रश्न 6. हमारे संविधान को दिशा देने वाले ये कुछ मूल्य और उनके अर्थ हैं। इन्हें आपस में मिलाकार दोबारा लिखिए।

(क) संप्रभुता
(ख) गणतंत्र
(ग) बंधुत्व
(घ) धर्मनिरपेक्ष

(i) सरकार किसी धर्म के निर्देशों के अनुसार कार्य नहीं करेंगी।
(ii) फैसले लेने का सर्वोच्च अधिकार लोगों के पास है।
(iii) शासन प्रमुख एक चुना हुआ व्यक्ति है।
(iv) लोगों को आपस में परिवार की तरह रहना चाहिए।

उत्तर :

(क) (ii)
(ख) (iii)
(ग) (iv)
(घ) (i)

प्रश्न 7. कुछ दिन पहले नेपाल से आपके एक मित्र ने वहाँ की राजनैतिक स्थिति के बारे में आपको पत्र लिखा था। वहाँ अनेक राजनैतिक पार्टियाँ राजा के शासन का विरोध कर रही थी। उनमें से कुछ का कहना था कि राजा द्वारा दिए गए मौजूदा संविधान में ही संशोधन करके चुने हुए प्रतिनिधियों को ज़्यादा अधिकार दिए जा सकते हैं। अन्य पार्टियाँ नया गणतांत्रिक संविधान बनाने के लिए नई संविधान सभा गठित करने की मांग कर रही थीं। इस विषय में अपनी राय बताते हुए अपने मित्र को पत्र लिखें।
उत्तर : निम्नलिखित बिंदुओं से सहायता लेते हुए अपना उत्तर लिखें : निर्वाचित प्रतिनिधियों को और अधिक शक्तियाँ देने के लिए संविधान में संशोधन की मांग, गणतंत्रात्मक संविधान लिखने के लिए एक नई संविधान सभा और राजा के शासन का विरोध यह दर्शाते हैं कि लोग लोकतंत्र के पक्ष में हैं और राजतंत्रात्मक शासन को अपने देश से उखाड़ फेंकना चाहते हैं।

प्रश्न 8. भारत के लोकतंत्र के स्वरूप के विकास के प्रमुख कारणों के बारे में कुछ अलग-अलग विचार इस . प्रकार हैं। आप इनमें से हर कथन को भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए कितना महत्त्वपूर्ण कारण मानते हैं ?

(क) अंग्रेज़ शासकों ने भारत को उपहार के रूप में लोकतांत्रिक व्यवस्था दी। हमने ब्रिटिश हुकूमत के समय बनी प्रांतीय असेंबलियों के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में काम करने का प्रशिक्षण पाया।

(ख)
 हमारे स्वतंत्रता संग्राम ने औपनिवेशिक शोषण और भारतीय लोगों को तरह-तरह की आजादी न दिए जाने का विरोध किया। ऐसे में स्वतंत्र भारत को लोकतांत्रिक होना ही था।

(ग) हमारे राष्ट्रवादी नेताओं की आस्था लोकतंत्र में थी। अनेक नव स्वतंत्र राष्ट्रों में लोकतंत्र का न आना हमारे नेताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।

उत्तर : मैं ऊपर दिए गए बिंदुओं को समान महत्व दूंगा। पहला बिंदु दर्शाता है कि ब्रिटिश शासन ने हमें लोकतंत्र के लिए आदर्श एवं प्रेरणा उपलब्ध कराई। दूसरे बिंदु ने आत्मविश्वास के साथ पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधा। तीसरा बिंदु दर्शाता है कि हमारे नेताओं ने लोकतंत्र का निर्माण ऐसे तरीके से किया कि यह पूरे देश के लिए एक आदर्श बन गया।

प्रश्न 9.1912 में प्रकाशित ‘विवाहित महिलाओं के लिए आचरण’ पुस्तक के निम्नलिखित अंश को पढ़े : “ईश्वर ने औरत जाति को शारीरिक और भावनात्मक, दोनों ही तरह से ज़्यादा नाजुक बनाया है। उन्हें आत्म रक्षा के भी योग्य नहीं बनाया है। इसलिए ईश्वर ने ही उन्हें जीवन भर पुरूषों के संरक्षण में रहने का भाग्य दिया है-कभी पिता के, कमी पति के और कभी पुत्र के। इसलिए महिलाओं को निराश होने की जगह इस बात से अनुगृहीत होना चाहिए कि वे अपने आपको पुरूषों की सेवा में समर्पित कर सकती है। क्या इस अनुच्छेद में व्यक्त मूल्य संविधान के दर्शन से
मेल खाते हैं या वे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ हैं?
उत्तर : दिया गया पैरा आंशिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है। यह लिंगभेद के विचार को बढावा देता है। यह संविधान द्वारा प्रचारित समानता की भावना के विपरीत है।

प्रश्न 10. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। क्या आप उनसे सहमत हैं? अपने कारण भी बताइए।

(क) संविधान के नियमों की हैसियत किसी भी अन्य कानून के बराबर है।
(ख) संविधान बताता है कि शासन व्यवस्था के विविध अंगों का गठन किस तरह होगा।
(ग) नागरिकों के अधिकार और सरकार की सत्ता की सीमाओं का उल्लेख भी संविधान में स्पष्ट रूप में है।
(घ) संविधान संस्थाओं की चर्चा करता है, उसका मूल्यों से कुछ लेना-देना नहीं है।

उत्तर :

(क) सत्य

कारण : संविधान किसी देश का सर्वोच्च कानून है। यह किसी लोकतांत्रिक देश की नींव है। संविधान में वर्णित किए गए कानूनों पर अन्य सभी कानूनों का निर्माण किया जाता है ।अतः, इसका अर्थ यह है कि संवैधानिक कानूनों को भी वही या उससे भी अधिक हैसीयत प्राप्त है जो देश के अन्य कानूनों की है।

(ख) सत्य

कारण : संविधान सरकार निर्माण का ढांचा निर्धारित करता है। यह सरकार के विभिन्न अंगों कार्यपालिका, न्यायपालिका एवं विधायिका के गठन एवं इनके कार्यों को विस्तार सहित परिभाषित करता है।

(ग) सत्य

कारण : संविधान ने देश के सभी नागरिकों के लिए मौलिक अधिकार निर्धारित किए हैं। इन अधिकारों की न्यायालय में मांग की जा सकती है। सरकार के विभिन्न अंगों का ढांचा बनाने एवं उन्हें उनके कार्यक्षेत्र में स्वतंत्र बनाते हुए, फिर भी प्रत्येक अंग को अन्य अंगों के नियंत्रण में रखते हुए, संविधान यह सुनिश्चित करता है कि सरकार द्वारा प्रयोग की जा रही शक्तियाँ पूरी तरह सीमाओं में हैं।

(घ) असत्य

कारण : संविधान सरकार की विभिन्न संस्थाओं के गठन एवं कार्यों को निर्धारित करता है ताकि इन संस्थाओं को चलाने के लिए ढांचा एवं नियम उपलब्ध हो सकें। यद्यपि ऐसे कानून एवं ढांचे को उपलब्ध कराते समय लोकतांत्रिक सिद्धांत एवं मूल्य इसका मार्गदर्शन करते हैं। इसलिए एक संविधान मूल्यों के बारे में भी चर्चा करता है क्योंकि यह मूल्यों पर आधारित संस्थाओं के बारे में हैं।