Chapter 4 प्रायोगिक ज्यामिती Ex 4.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित चतुर्भुजों की रचना कीजिए –
(i) चतुर्भुज LIFT जिसमें –

(ii) चतुर्भुज GOLD जिसमें –

(iii) समलम्ब BEND जिसमें –

हल:
(i) रचना के चरण –

  1. सर्वप्रथम रेखाखण्ड LI = 4 cm बनाया।
  2. L व I को केन्द्र मानकर क्रमशः LF = 4.5 cm तथा IF = 3 cm त्रिज्याएँ लेकर चाप लगाए जो परस्पर F बिन्दु पर काटते हैं।
  3. पुनः L व I को केन्द्र मानकर क्रमशः LT = 3 cm तथा IT = 4 cm त्रिज्याएँ लेकर चाप लगाए जो परस्पर T बिन्दु पर काटते हैं।
  4. LF, IF, LT, TF तथा IT को मिलाया। इस प्रकार बनी आकृति LIFT अभीष्ट चतुर्भुज है।

(ii) रचना के चरण –

  1. सर्वप्रथम रेखाखण्ड OL = 7.5 cm बनाया
  2. L व 0 को केन्द्र मानकर क्रमशः LD = 5 cm तथा OD = 10 cm त्रिज्याएँ लेकर चाप लगाए जो परस्पर D बिन्दु पर काटते हैं।
  3. पुनः एव D को केन्द्र मानकर तथा GL = GD = 6 cm त्रिज्या लेकर चाप लगाए जो परस्पर G बिन्दु पर काटते हैं।
  4. GO, OD, LG, DL व GD को मिलाया।
  5. इस प्रकार बनी आकृति अभीष्ट चतुर्भुज GOLD है।

(iii) रचना के चरण –

  1. सर्वप्रथम रेखाखण्ड BN = 5.6 cm बनाया।
  2. BN का लम्ब समद्विभाजक XY खींचा, जो BN को 0 पर काटता है।
  3. अब o को केन्द्र मानकर OE = OD = = (6.5) cm = 3.25 cm XY में से काट लिया।
  4. BE, EN, ND तथा DB को मिलाया। इस प्रकार बनी आकृति BEND अभीष्ट समचतुर्भुज है।

पाठ्य-पुस्तक पृष्ठ संख्या # 69

सोचिए, चर्चा कीजिए और लिखिए (क्रमांक 4.4)

प्रश्न 1.
यदि हमें M पर 75° माप के स्थान पर 100° की माप दी हुई हो तो क्या आप ऊपर बताए गए चतुर्भुज MIST की रचना कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम M पर 75° माप के स्थान पर 100°C माप लेकर चतुर्भुज MIST की रचना कर सकते हैं।

प्रश्न 2.
क्या आप एक चतुर्भुज PLAN की रचना कर सकते हैं, यदि PL = 6 cm, LA = 9.5 cm, ∠P = 75°, ∠L = 150° और ∠A = 140° है।
संकेत:
कोण-योगफल गुण को स्मरण कीजिए।
हल:
∴ ∠P = 75°, ∠L = 150° और ∠A = 140°
∴ ∠P + ∠L + ∠A = 75° + 150° +140° = 365°
चूँकि तीन कोणों की माप का योग 360° से अधिक है। इसलिए चतुर्भुज PLAN की रचना नहीं कर सकते हैं।

प्रश्न 3.
एक समान्तर चतुर्भुज में दो आसन्न भुजाओं की लम्बाइयाँ दी हुई हैं। क्या हमें रचना करने के लिए अभी भी कोणों की मापों की आवश्यकता हैं जैसा कि उदाहरण 3 में दिया है?
उत्तर:
समान्तर चतुर्भुज में दो आसन्न भुजाओं की लम्बाई ज्ञात होने पर भी हमें उसकी रचना करने के लिए उनके बीच के कोण के माप की आवश्यकता होगी।

0:00
0:00